WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 3 नीड़ का निर्माण फिर-फिर

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WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 3 Question Answer – नीड़ का निर्माण फिर-फिर

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1 : ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता का मूल भाव अपने शब्दों में लिखें।
अथवा
प्रश्न 2 : ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ पाठ की सार्थकता स्पष्ट करते हुए सृष्टि के प्रति कवि की भाव्यनाओं को स्पए कीजिए।
अथवा
प्रश्न 3 : ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता के माध्यम से कवि ने क्या संदेश देना चाहा है?
अथवा
प्रश्न 4 : ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता के आधार पर कवि के जीवन-दर्शन को लिखें।
अथवा
प्रश्न 5 : ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता के उदेश्य को लिखें।
अथवा
प्रश्न 6: ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर :
हरिवश राय बच्चन की सम्पूर्ण कविता की रीढ़ उनकी जीवनी-शक्ति है। जीवन के संघर्षों, दु:खों, तथा निराशा का मात देनेवाली है। सर्वथा अजेय, अपराजित तथा अद्भुत होते हुए भी जमीन से जुड़ी हैं, न कि कल्पना से। बच्चन की कववताएँ सघर्षों से जूझते, निराशा के काले बादलों के बीच घिर आए व्यक्ति में प्राण का संचार करती है, उसे जीवन जीन के लिए प्रोत्साहित करती है। यही कारण है कि बच्चन को ‘मस्ती का कवि’ भी कहा जाता है।

काव प्रकृति के माध्यम से कहते है कि एक दिन अचानक आँधी आने से आकाश में अंधेरा छा गया । पूरी धरती धूल सं अट गई : दिन में ही रात का आभास होने लगा । फिर काली रात्रि भी आई और ऐसा लगने लगा मानों अब कभी सवेरा न होगा । टर असल कविता की इन पंक्तियों में कवि ने अपनी पत्नी श्यामा की असमय मृत्यु से जीवन में अचानक घिर आई निराशा का चित्रण किया है।

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रात्रि में होंन वाले उत्पात की कल्पना करके ही लोग भय से सिहर उठे, प्रकृति का कण-कण डर गया। तभी पूरब से ऊषा का मोहिनी मुस्कान से लोगों का भय दूर हो गया उनके दिल खिल उठे। कवि ने यह अनुभव किया कि जिस प्रकार ग्रकृति में हमेशा दिन या रात नहीं होती ठीक वैसे ही हमेशा सुख या दुख नहीं रहता है। इनके आने-जाने का क्रम तो लगा हो रहना है ! अगर एक बार नीड़ उजड़ भी गया तो क्या, हमें स्नेह और प्रेम का सहारा लेकर उसका निर्माण फिर से करने मे जुट जाना चाहिए।

कवि कहते हैं कि अचानक बहने वाली बयार के तेज झोंके से भौम की तरह शरीर धारण करने वाले विशालकाय ग्ड़ भी जड़ से उखड़ कर गिर पड़े। जब बड़े-बड़े वृक्षों का यह हाल हुआ तो न जाने तिनके से बने घोंसलों पर क्या न बीती होगी । इंट और पत्थर के महल भी डगमगाने लगे जब बयार के साथ कंकड़ों की बौछार उन पर होने लगी। कहने का भाव यह है कि जोवन में ऐसे भी क्षण आते हैं जब विभिन्न प्रकार के संघातों, चोटों को सहन करना पड़ता है तथा आशारूपी बंड -बड़े महल भी हिल जाते हैं। लेकिन हमेशा ये स्थिति रहनेवाली नहीं है और अच्छे दिन भी आएंगे।

अभ्य जीवन में चारों ओर निराशा के बादल छाए हुए थे तब न जाने यह आशारूपी पक्षी कहाँ छिपा हुआ था। यही वह पक्षी है जां आकाश की ऊँचाइयों पर गर्व से अपना सीना ताने इस विषम परिस्थिति में खड़ा रहता है। यह आशारूपी पक्षी हौ है जो हमें यह संदेश देता है कि विषम परिस्थितियों से न घबड़ा कर हमें पुन: जीवन को संवारने में लग जाना चाहिए। विषम परिस्थितियों में भी वह आशा ही है जो हमें जोने का संदेश देती है। अगर ऐसा नहीं होता तो क्या कोधित त्राकाश के वज दानों के बीच ऊषा मुस्कुराती ? क्या बादलों के भयंकर गर्जनों के बीच चिड़ियों के कंठ से संगीत फूटने?

इस संसार में जीवन जीने में आशा और आत्मबल की बहुत बड़ी भूमिका है। आशा और आत्मबल के सहारे एक छोटी-सी चिड़िया विनाश के बाद भी चोंच में तिनका दबाकर फिर से नौड़ के निर्माण में लग ज्ञाती है। उराके साहस और उसकी आशा के सामने शक्तिशाली पवन भी नहीं उहर पाता । चिड़िया उसे भी नीचा दिखाती है।

कविता के अंतिम अंश में कवि बच्चन ने हमें यह संदेश देना चाहा है कि नाश में निर्माण के बीज किपे होते हैं इसालिए हमें प्रकृति की विनाश-लीला से घबराना नहीं चाहिए। नाश के दुःख से कभी भी निर्मांग का काम नहीं रूकता। जब विनाश-लीला से प्रकृति स्तब्ध रह जाती है – कहीं कोई आवाज नहीं सुनाई देती – सय अंर निस्तब्यता छा जातो है तो सृष्टि का संगीत प्रारंभ होता है। इस प्रकार हम यह कह सकते हैं कि बच्चन की कविता ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ प्राणदायिनी कविता है जो निराशा में डूबे व्यक्ति के लिए सजीवनी के समान है।

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
चिड़िया चोंच में क्या लिए हुई थी ?
उत्तर :
चिड़िया चोंच में तिनका लिए हुई थी।

प्रश्न 2.
पेड़ दूटकर गिरने का क्या कारण था ?
उत्तर :
भयंकर तूफान ही पेड़ के टूटकर गिरने का कारण था।

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प्रश्न 3.
सहसा अंधेरा क्यों छा गया ?
उत्तर :
तेज आँधी के आ जाने से सहसा अंधेरा छा गया।

प्रश्न 4.
चिड़िया चोंच में तिनका लेकर क्या सिद्ध करना चाहती है?
उत्तर :
चिड़िया चोंच में तिनका लेकर यह सिद्ध करना चाहती है कि नाश के दुःख को छोड़कर हमें पुन निर्माण के कार्य में लग जाना चाहिए।

प्रश्न 5.
जब दिन में रात की तरह अँघेरा छा गया तब क्या लग रहा था?
उत्तर :
दिन में रात की तरह अँधेरा छा जाने से ऐसा लग रहा था मानो अब कभी दिन नहीं होगा।

प्रश्न 6.
लोग किसके कारण भयभीत हो गए?
उत्तर :
लोगों को लग रहा था कि अब इस निशा का अंत नहीं होने वाला है तथा रात्रि के अंधेरे में बुरी ताकतों का जो उत्पात होगा, उसकी कल्पना करके ही लोग भयभीत हो गए।

प्रश्न 7.
प्राची (पूरब) से किसकी मोहिनी मुस्कान दिखाई पड़ी?
उत्तर :
प्राची से ऊषा की मोहिनी मुस्कान दिखाई पड़ी।

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प्रश्न 8.
कवि किसका आह्वान बार-बार करना चाहते हैं?
उत्तर :
कवि नेह का आह्लान बार-बार करना चाहते हैं।

प्रश्न 9.
भीम के समान कायावान किसे कहा गया है?
उत्तर :
भीम के समान कायावान बड़े-बड़े वृक्षों को कहा गया है।

प्रश्न 10.
‘भूधर’ किसे कहा गया है?
उत्तर :
भूधर बड़े-बड़े वृक्षों को कहा गया है ।

प्रश्न 11.
आशा को किसके समान बताया गया है?
उत्तर :
आशा को पक्षी के समान बताया गया है।

प्रश्न 12.
कौन अपना सीना गर्व से ऊँचा उठाता?
उत्तर :
आशारूपी पक्षी अपना सीना गर्व से ऊँचा उठाता।

प्रश्न 13.
‘किस जगह पर तू छिपा था’ – तू किसके लिए आया है?
उत्तर :
‘तू’ आशारूपी पक्षी के लिए आया है।

प्रश्न 14.
ऊषा कहाँ मुस्कुराती है?
उत्तर :
कुद्ध नभ के वजदन्तों के बीच ऊषा मुस्कुराती है।

प्रश्न 15.
कौन पवन को नीचा दिखाती है?
उत्तर :
एक छोटी चिड़िया पवन को नीचा दिखाती है।

प्रश्न 16.
किसके दु:ख से निर्माण का सुख कभी नहीं दबता?
उत्तर :
नाश के दुःख से निर्माण का सुख कभी नहीं दबता।

प्रश्न 17.
कवि ने कौन-सा नवगान फिर-फिर गाने को कहा है?
उत्तर :
कवि ने सुष्टि का नवगान फिर-फिर गाने को कहा है।

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प्रश्न 18.
आँधी से किस-किस को नुकसान हुआ?
उत्तर :
आँधी से बड़े-बड़े वृक्षों, इमारतों तथा घोंसलों को नुकसान हुआ।

प्रश्न 19.
क्रुद्ध नभ के दाँत कैसे बताए गए हैं?
उत्तर :
कुद्ध नभ के दाँतों को वज्ञ (बिजली) के समान बताया गया है।

प्रश्न 20.
हवा के झोंकों से कौन काँपने लगे?
उत्तर :
हवा के झोंकों से बड़े-बड़े पेड़ काँपने लगे।

प्रश्न 21.
दिन में रात का-सा दृश्य उपस्थित होने पर लोग क्या सोचने लगे?
उत्तर :
दिन में रात का-सा दृश्य उपस्थित होने पर लोग यह सोचने लगे कि अब यह रात्रि कभी खत्म नहीं होने वाली है।

प्रश्न 22.
कवि किससे छिपने की बात पूछते हैं?
उत्तर :
कवि आशारूपी विहंगम से छिपने की बात पूछते हैं।

प्रश्न 23.
किसकी मोहिनी मुस्कान बार-बार नीड़ का निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित करती है?
उत्तर :
ऊषा की मोहिनी मुस्कान बार-बार नीड़ का निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

प्रश्न 24.
चिड़िया की चोंच में दबा तिनका किसका प्रतीक है?
उत्तर :
चिड़िया की चोंच में दबा तिनका पुरन्नर्माण का प्रतीक है।

प्रश्न 25.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता का संदेश क्या है?
उत्तर :
इस कविता का संदेश है कि हमें विनाश से निराश न होकर फिर से जीवन के निर्माण में लग जाना चाहिए।

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प्रश्न 26.
दुःख के समय मनुष्य क्या सोचता है?
उत्तर :
दु:ख के समय मनुष्य यह सोचता है कि इस दुःख का उसके जीवन से कभी अंत होने वाला नहीं है।

प्रश्न 27.
प्रलय की निस्तब्धता में बार-बार किसका संगीत गूंजता है?
उत्तर :
प्रलय की निस्तब्धता में बार-बार सृष्टि का संगीत (नवगान) गूंजता है।

प्रश्न 28.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता किस काव्य-संकलन से ली गई है?
उत्तर :
‘सतरंगिनी’ नामक काव्य-संकलन से ली गई है।

प्रश्न  29.
‘वज्र दन्तों’ किसे कहा गया है?
उत्तर :
आकाश में चमकने वाली बिजली को ‘वजदन्तो’ कहा गया है।

प्रश्न 30.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता का संदेश क्या है?
उत्तर :
जीवन से निराशा को दूर कर जीवन को नए सिरे से जीने का प्रयत्न करना ही इस कविता का संदेश है।

प्रश्न 31.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ के कवि कौन हैं?
उत्तर :
हरिवंश राय बच्चन।

प्रश्न 32.
‘नीड़ का निर्माण’ का प्रतीकार्थ अथवा संदेश क्या है?
उत्तर :
‘नीड़ का निर्माण’ का प्रतीकार्थ यह है कि हमें जीवन की आपदाओं से निराश न होकर पुन: जीवन जीने के लिए रचनात्मक कार्य में लग जाना चाहिए।

प्रश्न 33.
‘पवन उनचास’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर :
आंधी।

प्रश्न 34.
‘भीम कायावान घूसर’ किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विशाल वृक्षों को।

प्रश्न 35.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है ?
उत्तर :
नाश के भय से निर्माण का कार्य नहीं रोकना चाहिए।

प्रश्न 36.
कवि किसका आह्वान बार-बार करना चाहते हैं ?
उत्तर :
कवि नेह (प्यास) का आह्नान बार-बार करना चाहते हैं।

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प्रश्न 37.
चिड़िया की चोंच में दबा तिनका किसका प्रतीक है?
उत्तर :
चिड़िया की चोंच में दबा तिनका साहस तथा निर्माण का प्रतीक है।

प्रश्न 38.
संघर्ष और निर्माण की क्रियाओं की उपमा कवि ने किससे दी है ?
उत्तर :
नीड़ के निर्माण से उपमा दी है।

प्रश्न 39.
नाश के दु:ख से किस प्रकार का सुख नहीं दबता है ?
उत्तर :
नाश के दु:ख से निर्माण का सुख नहीं दबता है।

प्रश्न 40.
तूफान आने से बड़े-बड़े महलों की क्या दशा हो गई थी ?
उत्तर :
तूफान से बड़े-बड़े महल धराशायी हो गये थे।

प्रश्न 41.
‘वज्ञ दंतों’ किसे कहा गया है ?
उत्तर :
आकाश मे चमकनेवाली बिजली को ‘वज्ज दतों’ कहा गयाहै।

प्रश्न 42.
बादलों के घिरने का भूमि पर क्या असर पड़ा ?
उत्तर :
बादलों के घिरने पर भूमि पर दिन में ही रात की तरह अँधेरा छा गया।

प्रश्न 43.
‘सृष्टि का नवगान फिर-फिर’ का आशय स्पष्ट करें।
उत्तर :
विनाश के बाद सृष्टि अर्थात् निर्माण के कार्य में लग जाना ही जीवन है।

प्रश्न 44.
‘भूधर’ किसे कहा गया है ?
उत्तर :
पेड़ों को भूधर कहा गया है।

प्रश्न 45.
प्राची से किसकी मोहिनी मुस्कान दिखायी पड़ी ?
उत्तर :
प्राची (पूरब) से उषा की मोहिनी मुस्कान दिखायी पड़ी।

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प्रश्न 46.
कुद्ध नभ के वज्ञ-दंतों में कौन मुस्काराती है ?
उत्तर :
उषा मुस्कराती है।

प्रश्न 47.
कौन पवन को नीचा दिखाती है ?
उत्तर :
चोंच में तिनका दबाए चिड़िया पवन को नीचा दिखाती है।

प्रश्न 48.
दिन रात की तरह कैसे हो गया?
उत्तर :
धूल भरी आँधी ने पृथ्वी को पूरी तरह ढक लिया, सूर्य का प्रकाश जमीन तक नहीं पहुँच पा रही थी। इसीलिए दिन रात की तरह हो गया।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
भंयकर झंझावत और तूफान में भी कौन अडिग रहा है?
(क) बड़े-बड़े वृक्ष
(ख) आशा के बिहंगम
(ग) पथिक
(घ) नीड़
उत्तर :
(ख) आशा के बिहंगम

प्रश्न 2.
आँधी आने से क्या परिवर्तन हुआ ?
(क) सभी दूर भाग गए
(ख) उजाला छा गया
(ग) अँधेरा छा गया
(घ) सूर्य दिखाई देने लगा
उत्तर :
(ग) अंधेरा छा गया

प्रश्न 3.
प्रकृति हमें क्या संदेश देती है ?
(क) विपरीत परिस्थितियों में हताश हो जाओ
(ख) दूसरों की अनुकम्पा प्राप्त करने की कोशिश करो
(ग) भय से कातर क्रंदन करो
(घ) जीवन में हताश एवं निराश न हो
उत्तर :
(घ) जीवन में हताश एवं निराश न हो

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प्रश्न 4.
बच्चन जी भारत सरकार के किस विभाग में हिन्दी विशेषज्ञ थे?
(क) कला एवं संस्कृति विभाग
(ख) राजभाषा विभाग
(ग) विदेश मंत्रालय
(घ) निर्वाचन विभाग
उत्तर :
(ग) विदेश मंत्रालय।

प्रश्न 5.
‘सोवियत लैंड पुरस्कार किस साहित्यकार को मिला हैं?
(क) दिनकर
(ख) बच्चन
(ग) कीर्ति चौधरी
(घ) रघुवीर सहाय
उत्तर :
(ख) बच्चन।

प्रश्न 6.
बच्चन जी का जन्म कब हुआ था?
(क) 26 नवम्बर 1906
(ख) 27 नवम्बर 1907
(ग) 28 नवम्बर 1908
(घ) 29 नवम्बर 1909
उत्तर :
(ख) 27 नवम्बर 1907

प्रश्न 7.
बच्चन जी का जन्म कहाँ हुआ था?
(क) इलाहाबाद
(ख) बनारस
(ग) छत्तीसगढ़
(घ) उत्तराखंड
उत्तर :
(क) इलाहाबाद।

प्रश्न 8.
बच्चन जी के पिता का नाम क्या था?
(क) प्रतापचन्द्र
(ख) प्रताप बच्चन
(ग) प्रताप नारायण श्रीवास्तव
(घ) बच्चन श्रीवास्तव
उत्तर :
(ग) प्रताप नारायण श्रीवास्तव।

प्रश्न 9.
बाल्यकाल में बच्चन जी को किस नाम से पुकारा जाता था?
(क) संतान
(ख) बच्चन
(ग) श्रीवास्तव
(घ) बच्चा
उत्तर :
(ख) बच्चन।

प्रश्न 10.
बच्चन जी का देहांत कब हुआ?
(क) 18 जनवरी 2003
(ख) 19 जनवरी 2004
(ग) 20 जनवरी 2005
(घ) 21 जनवरी 2006
उत्तर :
(क) 18 जनवरी 2003

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प्रश्न 11.
बच्चन जी को ‘दो चद्टानें’ कृति पर कौन-सा पुरस्कार मिला?
(क) नोबेल पुरस्कार
(ख) मंगला प्रसाद पारितोषिक
(ग) सरस्वती पुरस्कार
(घ) साहित्य अकादमी पुरस्कार
उत्तर :
(घ) साहित्य अकादमी पुरस्कार।

प्रश्न 12.
‘नीड़ का पुननिर्माण’ किसकी रचना है?
(क) राजेश जोशी
(ख) हरिवंश राय बच्चन
(ग) अनामिका
(घ) ॠतुराज
उत्तर :
(ख) हरिवंश राय बच्चन।

प्रश्न 13.
निम्न में से कौन ‘प्रेम और मस्ती का काव्य’ की काव्यधारा का कवि नहीं है?
(क) प्रसाद
(ख) बच्चन
(ग) अंचल
(घ) नेरन्द्र शर्मा
उत्तर :
(क) प्रसाद।

प्रश्न 14.
किस कवि को हिन्दी का ‘बायरन’ माना जाता है?
(क) रघुवीर सहाय
(ख) पंत
(ग) बच्चन
(घ) कैलाश गौतम
उत्तर :
(ग) बच्चन।

प्रश्न 15.
‘मघुशाला’ के रचनाकार कौन हैं?
(क) बच्चन
(ख) रामनरेश त्रिपाठी
(ग) कीर्ति चौधरी
(घ) अनामिका
उत्तर :
(क) बच्चन।

प्रश्न 16.
‘मधुशाला’ का प्रकाशन-वर्ष क्या है?
(क) 1932 ई०
(ख) 1935 ई०
(ग) 1930 ई०
(घ) 1945 ई०
उत्तर :
(ख) 1935 ई०

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प्रश्न 17.
‘मधुशाला’ किस विधा की रचना है?
(क) काव्य
(ख) कहानी
(ग) नाटक
(घ) उपन्यास
उत्तर :
(क) काव्य।

प्रश्न 18.
‘मिलनयामिनी’ किसकी रचना है?
(क) अंबल
(ख) शकुंतला माथुर
(ग) बच्चन
(घ) दिनकर
उत्तर :
(ग) बच्चन।

प्रश्न 19.
‘निशा-निमंत्रण’ के रचनाकार कौन हैं?
(क) बच्चन
(ख) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(ग) कीर्ति चौधरी
(घ) कन्हैयालाल नंदन
उत्तर :
(क) बच्चन।

प्रश्न 20.
‘गर्जनमय’ में कौन-सा समास है?
(क) तत्पुरूष
(ख) कर्मधारय
(ग) बहुबीहि
(घ) द्विगु
उत्तर :
(क) तत्पुरूष।

प्रश्न 21.
‘मधुकलश’ के रचनाकार कौन हैं?
(क) अनामिका
(ख) ॠतुराज
(ग) बच्चन
(घ) कीर्ति चौधरी
उत्तर :
(ग) बच्यन।

प्रश्न 22.
‘एकांत संगीत’ किसकी रचना है?
(क) रघुवीर सहाय
(ख) राजेश जोशी
(ग) दिनकर
(घ) बच्चन
उत्तर :
(घ) बच्चन।

प्रश्न 23.
‘सतरंगिनी’ के रचनाकार कौन हैं?
(क) यतीन्द्र मिश्र
(ख) दिनकर
(ग) बच्चन
(घ) राम कुमार वर्मां
उत्तर :
(ग) बच्चन।

प्रश्न 24.
‘आरती और अंगारे’ के कवि कौन हैं?
(क) बच्चन
(ख) दिनकर
(ग) अनामिका
(घ) कीर्ति चौधरी
उत्तर :
(ग) बच्चन।

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प्रश्न 25.
‘नीड़’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
(क) पानी
(ख) मकान
(ग) छोटा
(घ) घोंसला
उत्तर :
(घ) घोंसला।

प्रश्न 26.
‘प्राची’ का शाष्दिक अर्थ क्या है?
(क) उत्तर
(ख) दक्षिण
(ग) पूरब
(घ) पश्चिम
उत्तर :
(ग) पूरब।

प्रश्न 27.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कब रची गई थी?
(क) सुख के दिनों में
(ख) दु:ख के दिनों में
(ग) पहली पत्नी श्यामा की मृत्यु के पहले
(घ) तेजी सूरी से विवाह के पश्चात्
उत्तर :
(घ) तेजी सूरी से विवाह के पश्चात्

प्रश्न 28.
बच्चन बार-बार किसका आह्वान करते हैं?
(क) नीड का
(ख) रात्रि का
(ग) भौत जन का
(घ) नेह का
उत्तर :
(घ) नेह का।

प्रश्न 29.
गर्व से निजा वक्ष बार-बार कौन उठाता है?
(क) कवि
(ख) घोंसला
(ग) आशारूपी पक्षी
(घ) दु:ख
उत्तर :
(ग) आशारूपी पक्षी।

प्रश्न 30.
किसके कारण प्रकृति में निस्तब्धता छा गई?
(क) कवि के कारण
(ख) रात्रि के कारण
(ग) कुद्ध नभ के कारण
(घ) प्रलय के कारण
उत्तर :
(घ) प्रलय के कारण।

प्रश्न 31.
किसके कंठ में चिड़िया गाती है?
(क) कवि के
(ख) महल के
(ग) गगन के
(घ) सृष्टि के
उत्तर :
(ग) गगन के।

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प्रश्न 32.
भूमि को किसने घेरा ?
(क) काल
(ख) दु:ख
(ग) रात्रि
(घ) धूलि-धूसर बादल
उत्तर :
(घ) धूलि-धूसर बादल।

प्रश्न 33.
दिन किसके समान हो गया ?
(क) रात
(ख) पहाड़
(ग) राई
(घ) नेह
उत्तर :
(क) रात।

प्रश्न 34.
‘प्राची’ का अर्थ है ?
(क) पुराना
(ख) प्राचीन
(ग) पूरब
(घ) पश्चिम
उत्तर :
(ग) पूरब।

प्रश्न 35.
किसका अह्वान कवि बार-बार करते हैं ?
(क) ईश्वर
(ख) नेह
(ग) सुख
(घ) निराशा
उत्तर :
(ख) नेह।

प्रश्न 36.
आशा को किसके समान बताया गया है ?
(क) विहंगम
(ख) पर्वत
(ग) रात्रि
(घ) गगन
उत्तर :
(कं) विहंगम।

प्रश्न 37.
खग पंक्ति कहाँ गाती है ?
(क) वज दन्तो के बीच
(ख) गगन के बीच
(ग) गगन के कठ में
(घ) नीड़ में
उत्तर :
(ग) गगन के कंठ में।

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प्रश्न 38.
गर्व से निज वक्ष बार-बार कौन उठाता है?
(क) कवि
(ख) घोंसला
(ग) आशारूपी पक्षी
(घ) दु:ख
उत्तर :
(ग) आशारूपी पक्षी।

प्रश्न 39.
नाश के दु;ख से क्या नहीं दबता ?
(क) निर्माण का सुख
(ख) अपराधियों का मनोबल
(ग) कवि के बोल
(घ) धरती
उत्तर :
(क) निर्माण का सुख।

प्रश्न 40.
चोंच में तिनका लिए जा रही चिड़िया किसे नीचा दिखाती है ?
(क) पवन उनतालीस को
(ख) पवन उनसठ को
(ग) पवन उन्नौस को
(घ) पवन उनचास को
उत्तर :
(घ) पवन उनचास को।

प्रश्न 41.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ किस प्रकार की कविता है ?
(क) आशावादी
(ख) निराशावादी
(ग) भाग्यवादी
(घ) भक्ति
उत्तर :
(क) आशावादी।

प्रश्न 42.
पवन उनचास को कौन नीचा दिखा रहा है ?
(क) वायु
(ख) मनुष्य
(ग) चिड़िया
(घ) तिनका
उत्तर :
(ग) चिड़िया।

प्रश्न 43.
निम्न में से कौन-सा शब्द ‘मही’ का अर्थ नहीं है ?
(क) धरती
(ख) पृथ्वी
(ग) पर्वत
(घ) भू
उत्तर :
(ग) पर्वत।

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प्रश्न 44.
‘नीड़ के निर्माण फिर-फिर’ कविता के कवि क्या हैं ?
(क) निराशावादी
(ख) आशावादी
(ग) भाग्यवादी
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) आशावादी।

प्रश्न 45.
‘नीड़’ शब्द का अर्थ है ?
(क) मकान
(ख) झाड़ी
(ग) घोंसला
(घ) झोपड़ी
उत्तर :
(ग) घोंसला।

प्रश्न 46.
किसके कंठ में चिड़िया गाती है ?
(क) गगन के
(ख) कवि के
(ग) महल के
(घ) पेड़ के
उत्तर :
(क) गगन के।

प्रश्न 47.
‘फिर-फिर’ में कौन-सा समास है?
(क) द्वन्द्व
(ख) अव्ययी भाव
(ग) कर्मधारय
(घ) द्विगु
उत्तर :
(क) दून्द्व।

प्रश्न 48.
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता किस संग्रह से ली गई हैं ?
(क) पंच रंगिनी
(ख) मधुशाला
(ग) सतरंगिनी
(घ) नीड़ का पुर्ननिर्माण
उत्तर :
(घ) नीड़ का पुर्ननिर्माण।

प्रश्न 49.
‘उखड़-पुखड़’ सामासिक पद में कौन-सा समास है?
(क) अव्ययी भाव
(ख) कर्मधारय
(ग) बहुबीहि
(घ) दून्द
उत्तर :
(घ) द्वन्द्द।

प्रश्न 50.
‘धूलि-धूसर’ में कौन-सा समास है?
(क) तत्पुरूष
(ख) कर्मधारय
(ग) द्विगु
(घ) दूंद
उत्तर :
(क) तत्पुरूष।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 3 नीड़ का निर्माण फिर-फिर

प्रश्न 51.
‘भूधर’ में कौन-सा समास है?
(क) द्वंद
(ख) द्विगु
(ग) तत्पुरूष
(घ) कर्मधारय
उत्तर :
(ग) तत्पुरूष।

प्रश्न 52.
‘ईंट-पत्थर’ में कौन-सा समास है?
(क) द्विगु
(ख) द्वंद
(ग) तत्पुरूष
(घ) बहुबोहि
उत्तर :
(ख) द्वंद।

प्रश्न 53.
‘नवगान’ में कौन-सा समास है?
(क) तत्पुरूष
(ख) कर्मधारय
(ग) द्विगु
(घ) द्वंद
उत्तर :
(ख) कर्मधारय।

WBBSE Class 10 Hindi नीड़ का निर्माण फिर-फिर Summary

कवि परिचय 

हरिवंश राय बच्चन का जन्म 27 नवंबर सन् 1907 को इलाहाबाद के निकट प्रतापगढ़ जिले के एक गाँव बाबूपद्टी के एक कायस्थ परिवार में हुआ था । पिता का नाम प्रताप नारायण श्रीवास्तव तथा माता का नाम सरस्वती देवी था। प्रारंभिक शिक्षा कायस्थ पाठशाला में उर्दू-माध्यम से हुई। इन्होंने आगे चलकर म्रयाग विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहिल्य में एम०ए० तथा फिर कैम्बिज विश्वविद्यालय से अंग्रेजी कवि डब्लू० बी० यीद्स की कविताओं पर शोध-कार्य कर पी-एच० डी० की उपाधि प्राप्त की।
WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 3 नीड़ का निर्माण फिर-फिर 1
पहली पत्नी श्यामा के असमय निधन के बाद सन् 1941 में रंगमंच तथा गायन-क्षेत्र से जुड़ी तेजी सूरी से विवाह किया । यही वह समय है जब उन्होंने ‘नीड़ का निर्माण’ जैसी कविताओं की रचना की । दो पुत्र अमिताभ तथा अजिताभ में से अमिताभ बच्चन फिल्मी दुनिया के प्रसिद्ध अभिनेता हैं।

बच्चन जी ने कुछ समय तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्यापन का भी कार्य किया । ये भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में हिन्दी विशेषज्ञ भी रहे और फिर राज्य सभा के मनोनीत सदस्य भी रहे। बच्चन छायावाद के लोकप्रिय कवियों में से एक हैं।

बच्चन जी का निघन 18 जनवरी 2003 को मुम्बई में हुआ ।
बच्चन को मस्ती और अल्हड़पन का कवि कहा जाता है । इनकी कविताओं ने हिन्दी कविता का एक नया रूपसंस्कार किया । भाषा सरल, मुहावरेदार के साथ-साथ व्यक्तिगत वेदना से भी युक्त है ।

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बच्चन जी के प्रमुख काव्य-संग्रह निम्नांकित हैं –
मधुशाला, मधुवाला, मधुकलश, सतरंगिणी, मिलन-यामिनी, निशा-निमंत्रण, एकान्त संगीत, प्रणय-पत्रिका, बुद्ध का नाचघर, आरती और अंगारे, आकुल अंतर आदि

सम्मान –

  • काव्य-संग्रह : ‘दो चट्टानें’ के लिए सन् 1968 में साहित्य अकादमी पुरस्कार।
  • सोवियतलैंड नेहरू पुरस्कार।
  • एफो एशियाई सम्मेलन में ‘कमल पुरस्कार’।
  • बिड़ला फाउण्डेशन द्वारा आत्मकथा के लिए ‘सरस्वती सम्मान’।
  • सन् 1963 में साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में अवदान के लिए ‘पद्म भूषण पुरस्कार’।

वस्तुनिष्ठ सह व्याख्यामूलक प्रश्नोत्तर

1. नीड़ का निर्माण फिर-फिर
नेह का आह्बान फिर-फिर
बह उठी आँधी की नभ में
छा गया सहसा अँधेरा
धूलि-थूसर बादलों ने
भूमि को इस भाँति घेरा
रात-सा दिन हो गया, फिर
रात आयी और काली
लरा रहा था अव न होगा
इस निशा का फिर सवेरा

शब्दार्थ :

  • नीड़ = घोंसला
  • नेह = प्रेम
  • आह्वान = पुकार ।
  • नभ = आकाश ।
  • सहसा = अचानक
  • धूलि-धूसर = धूल से भरा हुआ ।
  • निशा = राiरि ।
  • सवेरा = सुबह ।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत अंश किस पाठ का है ? इसके रचनाकार कौन है ?
उत्तर :
प्रस्तुत अंश ‘नौड़ का निर्माण फिर-फिर’ नामक पाठ का है । इसके रचनाकार हरिवंश राय बच्चन हैं।

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प्रश्न 2.
भूमि को किसने घेरा ?
उत्तर :
भूमि को धूल से भरा हुआ बादलों ने घेरा।

प्रश्न 3.
प्रस्तुत पद्यांश की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर :
‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ का रचनाकाल वह काल है जब कवि की पल्नी की असामयिक मृत्यु हो चुकी थी। जीवन में चारों और निराशा घिर आई थी । ऐसे समय में बच्चन के जीवन में तेजी सूरी का प्रवेश हुआ जो स्वय भी बहुमुखी प्रतिभा की धनी थी । तेजी के आने से कवि को यह स्वोकारना पड़ा कि जीवन में ध्वंश और निर्माण की प्रक्रिया तो चलती ही रहती है। इससे न घबड़ा कर सृजन में लगे रहना चाहिए।

कवि प्रकृति के माध्यम से कहते हैं कि एक दिन अचानक आँधी आने से आकाश में अंधेरा छा गया ।पूरी धरती धूल से अट गई । दिन में ही रात का आभास होने लगा। फिर काली रात्रि भी आई और ऐसा लगने लगा मानों अब की सवेरा न होगा । दरअसल कविता की इन पंक्तियों में कवि ने पत्नी श्यामा की असमय मृत्यु से जीवन में अचानक धिर आई निराशा का चिन्रण किया है।

विशेष :

1. प्रस्तुत अंश में प्रकृति के माध्यम से कवि ने अपने जीवन में घिर आई निराशा का चित्रण किया है ।
2. आँधी, अँधेरा, धूलि-धूसर बादल और निशा जीवन में घिर आई निराशा के प्रतीक हैं।
3. ‘आँधी अंधेरा’, ‘धूलि-धूसर’ में अनुप्रास अलंकार है ।
4. ‘फिर-फिर’ में छेकानुप्रास अलंकार है ।
5. कविता प्रतीकात्मक है ।
6. भाषा सहज-सरल है ।

2. रात के उत्पात-भय से
भीत जन-जन, भीत कणा-कण,
किन्तु प्राची से उषा की
मोहिनी मुस्कान फिर-फिर
नीड़ का निर्माण फिर-फिर
नेह का आद्वान फिर-फिर

शब्दार्थ :

  • उत्पात-भय = शैतानी के भय से ।
  • भौत = डरे हुए ।
  • प्राची = पूरब ।
  • उषा = वह समय जब रात्रि तथा प्रात:काल का मिलन होता है ।
  • मोहिनी = मन को मोहने वाली ।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत अंश किस कविता से उद्धुत है ?
उत्तर :
प्रस्तुत अंश ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता से उद्धत है।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत अंश का भावार्थ लिखें।
उत्तर :
कविता के इस अंश में कवि कहते हैं कि रात्रि में होने वाले उत्पात की कल्पना करके ही लोग भय से सिहर उठे, प्रकृति का कण-कण डर गया। तभी पूरब से ऊषा की मोहिनी मुस्कान से लोगों का भय दूर हो गया, उनके दिल खिल उठे। कवि ने यह अनुभव किया कि जिस प्रकार प्रकृति में हमेशा दिन या रात नहीं होती ठीक वैसे ही हमेशा सुख या दुख नहीं रहता है। इनके आने-जाने का क्रम तो लगा ही रहता है। अगर एक बार नीड़ उजड़ भी गया तो क्या, हमें स्नेह और प्रेम का सहारा लेकर उसका निर्माण फिर से करने में जुट जाना चाहिए।

विशेष :

1. प्रस्तुत अंश में प्रकृति के माध्यम से कवि ने अपने जीवन में घिर आई निराशा का चित्रण किया है ।
2. ‘रात’ जीवन के निराशा भरे क्षण को प्रतिबिंबित करती है।
3. ‘ऊषा’ कवि के जीवन में आयी आशा का सूचक है।
4. ‘मोहिनी मुस्कान’ में अनुप्रास तथा ‘फिर-फिर’ में छेकानुप्रास अलंकार है।
5. कविता प्रतीकात्मक है।
6. भाषा सहज-सरल है ।

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3. बह चले झोंके कि काँपे
भीम कायावान भूथर,
जड़ समेत उखड़-पुखड़ कर,
गिर पड़े, टूटे विटप वर,
हाय तिनकों से विनिर्मित
घोंसलों पर क्या न बीती,
डगमगाये जबकि कंकड़
ईंट-पत्थर के महल पर

शब्दार्थ :

  • भीम कायावान = भीम की तरह शरीर वाला, सुदृढ़।
  • भूधर = भू (धरती) को धारण करने वाला।
  • विटप = पेड़।
  • विनिर्मित = अच्छी तरह बने हुए।

प्रश्न 1.
रचना तथा रचनाकर का नाम लिखें।
उत्तर :
रचना ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ तथा रचनाकार हरिवंश राय बच्चन हैं।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत अंश का भावार्थ लिखें।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में कवि कहते हैं कि अचानक बहने वाली बयार के तेज झोंके से भीम की तरह शरीर धारण करने वाले विशालकाय पेड़ भी जड़ से उखड़ कर गिर पड़े। जब बड़े-बड़े वृक्षों का यह हाल हुआ तो न जाने तिनके से बने घोंसलों पर क्या न बीती होगी।

इंट और पत्थर के महल भी डगमगाने लगे जब बयार के साथ कंकड़ों की बौछार उन पर होने लगी। कहने का भाव यह है कि जीवन में ऐसे भी क्षण आते हैं जब विभिन्न प्रकार के संघातों, चोटो को सहन करना पड़ता है तथा आशारूपी बड़े-बड़े महल भी हिल जाते हैं। लेकिन हमेशा ये स्थिति रहनेवाली नहीं है और अच्छे दिन भी आएंगे। क्योंकि इस संसार में सुख और दुख का आना-जाना तो लगा ही रहता है।

विशेष :

1. प्रस्तुत अंश में प्रकृति के माध्यम से कवि ने अपने जीवन में घिर आई निराशा का चित्रण किया है ।
2. प्रकृति की विनाशलीला तथा घोंसले मानव जीवन में आने वाली विपदाओं के प्रतीक हैं।
3. ‘विटप वर’ में अनुप्रास अलंकार है।
4. कविता प्रतीकात्मक है।
5. भाषा सहज-सरल है।

4. बोल, आशा के विहंगम
किस जगह पर तू छिपा था,
जो गगन पर चढ़ उठाता
गर्व से निज वक्ष फिर-फिर।

शब्दार्थ :

  • डगमगाए = हिल गए।
  • विहंगम = पक्षी ।
  • गगन = आकाश।
  • निज = अपना।
  • वक्ष = छाती।

प्रश्न 1.
रचनाकार का नाम लिखें।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश के रचनाकार श्री हरिवंश राय बच्चन हैं।

प्रश्न 2:
पद्यांश का भावार्थ स्पष्ट करें।
उत्तर :
कविता के प्रस्तुत अंश में कवि कहते हैं जब जीवन में चारों ओर निराशा के बादल छाए हुए थे तब न जाने यह आशारूपी पक्षी कहाँ छिपा हुआ था। यही वह पक्षी है जो आकाश की ऊँचाइयों पर गर्व से अपना सीना ताने इस विषम परिस्थिति में खड़ा रहता है। यह आशारूपी पक्षी ही है जो हमें यह संदेश देता है कि विषम परिस्थितियों से न घबड़ा कर हमें पुन: जीवन को संवारने में लग जाना चाहिए और इस जीवनरूपी नीड़ का निर्माण केवल और केवल स्नेह के तिनके से ही किया जा सकता है।

विशेष :

1. प्रस्तुत अंश में प्रकृति के माध्यम से कवि ने अपने जीवन में घिर आई निराशा का चित्रण किया है ।
2. आशा को विहंगम बताया गया है अत: रूपक अलंकार है।
3. ‘फिर-फिर’ में अनुप्रास अलंकार है।
4. वह आशारूपी पक्षी ही है जो जीवन की विषम परिस्थितियों में भी नए उत्साह का संचार करता है।
5. कविता प्रतीकात्मक है ।
6. भाषा सहज-सरल है।

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5. नीड़ का निर्माण फिर-फिर
नेह का आह्वान फिर-फिर
क्रुद्ध नभ के वज्ञ दन्तों
में उषा है मुस्कराती,
घोर गर्जनमय गगन के
कंठ में खग पंक्ति गाती।

शब्दार्थ :

  • कुद्ध = गुस्से में।
  • वज दन्तों = पत्थर के समान दाँत।
  • गर्जनमय = गर्जन (बादलों का शोर) से भरा हुआ।
  • खग = पक्षी।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पद्यांश कहाँ से लिया गया है?
उत्तर :
प्रस्तुत पद्यांश हरिवंश राय बच्चन की कविता ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ कविता से लिया गया है।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत अंश का भाव स्पष्ट करें।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में कवि हरिवंश राय बच्चन प्रकृति के माध्यम से हमें यह संदेश देना चाहते हैं कि विषम परिस्थितियों में भी वह आशा ही है जो हमें जीने का संदेश देती है। अगर ऐसा नहीं होता तो क्या क्रोधित आकाश के वज दाँतों के बीच ऊषा मुस्कुराती ? क्या बादलों के भयंकर गर्जनों के बीच चिड़ियों के कंठ से संगीत फूटते?

विशेष :

1. प्रस्तुत अंश में क्रकृति के माध्यम से कवि ने अपने जीवन में घिर आई निराशा का चित्रण किया है ।
2. प्रकृति का मानवीकरण किया गया है।
3. उषा और खग आशा के प्रतीक हैं।
4. ‘गर्जनमय गगन’ में अनुप्रास अलंकार है।
5. कविता प्रतीकात्मक है।
6. भाषा सहज-सरल है ।

6. एक चिड़िया चोंच में तिनका लिये जो जा रही है,
वह सहज में ही पवन
उनचास को नीचा दिखाती !

शब्दार्थ :

  • सहज = स्वभाविक रूप में।
  • पवन = वायु।
  • उनचास = प्रचंड वेग से चलने वाला वायु।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत अंश के कवि का नाम लिखें।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश के कवि श्री हरिवंश राय बच्चन हैं।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत अंश में निहित भावों को स्पष्ट करें।
उत्तर :
कविता के इस अंश में बच्चन जी ने हमें यह संदेश देना चाहा है कि इस संसार में जीवन जीने में आशा और आत्मबल की बहुत बड़ी भूमिका है। आशा और आत्मबल के सहारे एक छोटी-सी चिड़िया विनाश के बाद भी चोंच में तिनका दबाकर फिर से नीड़ के निर्माण में लग जाती है। उसके साहस और उसकी आशा के सामने शक्तिशाली पवन भी नहीं ठहर पाता। चिड़िया उसे भी नीचा दिखाती है।

विशेष :

1. प्रस्तुत अंश में प्रकृति के माध्यम से कवि ने अपने जीवन में घिर आई निराशा का चित्रण किया है।
2. चिड़िया बलवती इच्छा का प्रतिरूप है।
3. ‘चिड़िया चोंच’ तथा ‘जो जा’ में अनुप्रास अलंकार है।
4. चिड़िया के माध्यम से कवि ने सृजन का संदेश देना चाहा है।
5. कविता प्रतीकात्मक है।
6. भाषा सहज-सरल है।

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7. नाश के दु:ख से कभी
दबता नहीं निर्माण का सुख
प्रलय की निस्तब्धता से
सूष्टि का नवगान फिर-फिर!
नीड़ का निर्माण फिर-फिर
नेह का आहान फिर-फिर

शब्दार्थ :

  • प्रलय = विनाश।
  • निस्तक्षता = शांत वातावरण।
  • सृष्टि = प्रकृति ।
  • नवगान = नए गीत।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पंक्तियाँ किस कविता से अवतरित हैं?
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्तियाँ ‘नीड़ का निर्माण फिर-फिर’ से अवतरित है।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पंक्तियों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
कविता के इस अंतिम अंश में कवि बच्चन ने हमें यह संदेश देना चाहा है कि नाश में निर्माण के बीज छिपे होते है, इसलिए हमें प्रकृति को विनाश-लीला से घबराना नहीं चाहिए। नाश के दुःख से कभी भी निर्माण का काम नहीं रूकता। जब विनाश-लीला से प्रकृति स्तब्ध रह जाती है – कहीं कोई आवाज नहीं सुनाई देती – सब ओर निस्तब्धता छा जाती है तो सृष्टि का संगीत प्रारंभ होता है। इसलिए हमें प्रकृति से सीख लेकर नवनिर्माण में लग जाना चाहिए और प्रेम के आह्धान को दुहराते रहना चाहिए।

विशेष :

1. प्रस्तुत अंश में प्रकृति के माध्यम से कवि ने अपने जीवन में घिर आई निराशा का चित्रण किया है ।
2. विनाश में ही सृष्टि के बीज छिपे होते हैं।
3. ‘फिर-फिर’ में छेकानुप्रास अलंकार है।
4. कविता प्रतीकात्मक है ।
5. भाषा सहज-सरल है।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 2 आत्मत्राण

Students should regularly practice West Bengal Board Class 10 Hindi Book Solutions Poem 2 आत्मत्राण to reinforce their learning.

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 2 Question Answer – आत्मत्राण

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1 : ‘आत्मत्राण’ कविता का भावार्थ अपने शब्दों में लिखें।
अथवा
प्रश्न 2 : ‘आत्मत्राण’ कविता का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
अथवा
प्रश्न 3 : ‘आत्मत्राण’ कविता का मूल भाव अपने शब्दों में लिखें।
अथवा
प्रश्न 4 : ‘आत्मत्राण’ कविता के उद्देश्य को स्पष्ट कीजिए।
अथवा
प्रश्न 5 : ‘आत्मत्राण’ कविता का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
अथवा
प्रश्न 6 : ‘आत्मत्राण’ के कवि ईश्वर से क्या प्रार्थना करते हैं?
अथवा
प्रश्न 7 : ‘आत्मत्राण’ कविता में निहित कवि के विचारों को लिखें।
उत्तर :
कविगुरू रवीन्द्रनाथ ठाकुर में बौद्धिक प्रतिभा के साथ-साथ आध्यात्मिक विचारों की एक गहरी धारा उनके भीतर प्रवाहित हो रही थी। उन्हें यह प्रकाश की धारा किस प्रकार मिली उसके बारे में उन्होंने लिखा है –
”सूर्य देवता सामने के वृक्षों से झाँक रहे थे। वृक्षों पर सूर्य की किरणें पड़ रही थीं। इस अपूर्व दृश्य का वर्णन मानवी शक्ति के परे है। सूर्य की किरणें हर्ष और सौंन्दर्य से उत्फुल्ल प्रतीत होने लगीं। इस समय एकाएक दिव्य प्रकाश मिल गया।”

कविगुरू ईश्वर से यह निवेदन करते हैं कि उन्हें विपदाओं (मुसीबतों) से न बचाएं। वे उसपर इतनी कृपा करें कि जीवन में जब कभी भी विपदा आए तो उन्हें भय न हो।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 2 आत्मत्राण

यदि आप मेरे दुख-ताप से भरे ह्द्यय को ढाढ़स न भी दें तो कोई बात नहीं, लेकिन इतनी करुणा अवश्य करें कि मैं अपने दु:खों पर विजय प्राप्त कर सकूँ। यदि दु:ख के दिनों में मुझे कोई सहायता करने वाला न भी मिले तो भी मेरा आत्मबल कम न हो। अपने आत्मबल के सहारे ही मैं अपने दुःख-ताप को पार कर जाऊँगा क्योंकि इस संसार में आत्मबल ही सबसे बड़ा बल है।

हो सकता है कि इस संसार में मुझे हानि ही उठानी पड़े, लाभ मेरे लिए मात्र एक धोखा हो। फिर भी मैं इसे अपनी हानि नहीं मानू। इन सारी चीजों से तुम मुझे प्रतिदिन मुक्ति दो – मैं ऐसा भी नहीं चाहता। मैं तुमसे त्राण पाने की प्रार्थना नहीं करता। तुम तो मेरे ऊपर केवल इतनी कृपा करो कि मुझमें इन मुसीबतों से त्राण पाने की स्वस्थ शक्ति हो।

अगर आप मेरे भार को कम न कर सकें, मुझे मुसीबत के दिनों में ढाढ़स भी न बंधा सकें तो भी मेरे ऊपर इतनी कृपा रखेंगे कि मैं अपने दु:ख को निर्भय होकर सहन कर सकूँ। अपने सुख के दिनों में भी मैं नत सिर होकर प्रत्येक क्षण आपको स्मरण कर सकूँ।

कवि कहते हैं कि जब दु:खरूपी रात्रि में यह सारा संसार भी मुझे धोखा दे तब आपकी मेरे ऊपर कुछ ऐसी कृपा हो कि मैं आप पर संदेह न कर सकूँ। कहने का भाव यह है कि जब मेरा विश्वास इस दुनिया से उठ जाये तो भी मेरा विश्वास आपके ऊपर टिका रहे।

प्रस्तुत कविता की सबसे बड़ी विशेषता इस उद्देश्य में निहित है कि उन्होंने मानवतावाद को ईश्वरवाद के साथ जोड़कर देखा है। मनुष्य की सत्ता ईश्वर से अलग नहीं है। इसीलिए तो वे कहते हैं-

सुन हे मानुष भाई
सवार ऊपरे मानुष सत्य
ताहार ऊपरे नाई।

प्रश्न 8 : पठित पाठ के आधार पर रवीन्द्रनाथ ठाकुर की भक्ति-भावना पर प्रकाश डालें।
अथवा
प्रश्न 9 : संकलित पाठ के आधार पर बताएं कि रवीन्द्रनाथ ईश्वरवादी के साथ ही साथ मानवतावादी भी थे।
अथवा
प्रश्न 10 : पठित पाठ के आधार पर रवीन्द्रनाथ ठाकुर की आस्थावादी विचार पर प्रकाश डालें। अथवा
प्रश्न 11 : ‘आत्मत्राण’ कविता के आधार पर रवीन्द्रनाथ ठाकुर की काव्यगत विशेषताओं पर प्रकाश डालें।
अथवा
प्रश्न 12 : ‘आत्मत्राण’ कविता में निहित संदेश को अपने शब्दों में लिखें।
उत्तर :
रवीन्द्रनाथ की प्रतिभा में अनेक विशेषताओं का समावेश है। यही कारण है कि उनकी कविताओं में एक ही साथ वेदान्त, वैष्णववाद, बौद्धदर्शन, सूफी मत, बाऊल सम्पदाय, ईसाई धर्म सभी का समन्वय मिलता है। रवीन्द्रनाथ की भक्ति-भावना की विशेषता है कि उन्होंने मानव को ईश्वर का अंश माना है। मानव और ईश्वर दोनों में एक अनंत सेतु है। और वह सेतु है – प्रेम का सेतु।

यह बात सही है कि हमारे जीवन में ईश्वर की कृपा का होना आवश्यक है। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं कि हम कर्म करना ही छोड़ दें। हमारे जीवन की सार्थकता कर्म करने में ही है।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 2 आत्मत्राण

संसार का तुच्छ से तुच्छ प्राणी भी अपने कर्म में लगा रहता है। वृक्ष अपने बल-बूते सारी आपदाओं को झेलते हुए संसार को हरियाली, फल-फूल और प्राणवायु भी देते रहते हैं। केवल प्राणी ही क्यों, सूर्य, चंद्रमा, सागर, नदी, वायु और पृथ्वी सभी अपने-अपने कर्म में लगे रहते हैं। नदी का कर्म है – रास्ते में आने वाले स्थानों को सींचते, हरियाली बाँटते हुए निरंतर बहते रहना। जीवन और प्रकृति के इन रूपों, नियमों और रहस्यों को समझ कर ही कवि ने यह संदेश चाहा है कि हमें भी ईश्वर में आस्था रखते हुए, आपदाओं को झेलते हुए अपने कर्म में लगे रहना चाहिए-

दु:ख – ताप से व्यथित चित्त को न दो सांत्वना नहीं सही
पर इतना होवे करूणामय
दुख को मैं कर सकूँ सदा जय।
कोई कहीं सहायक न मिले
तो अपना बल पौरूष न हिले।

दु:ख और सुख तो मानव-जीवन के आरंभ से ही लगा हुआ है, आगे भी लगा रहेगा। यह जीवन की निश्चित सच्चाई है, परीक्षित सत्य है। सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा लक्ष्य को हासिल करने की गहरी इच्छा-शक्ति से आती है।

रवीन्द्रनाथ ने अपने आध्यात्मिक विचारों को अपने सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ “The Religion of Man’ में विस्तारपूर्वक लिखा है। उन्होंने इसमें माना है कि मनुष्य ईश्वर का विरोध करके नहीं, उसमें आस्था व्यक्त करके ही जीवन में सफल हो सकता है। प्रस्तुत कविता का मूल संदेश भी यही है।

अति लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
कवि विपदा के समय प्रभु से क्या चाहते हैं?
उत्तर :
कवि विपदा के समय प्रभु से यह चाहता है कि वह भय नहीं पाए।

प्रश्न 2.
हमें ईश्वर को कहाँ खोजना चाहिए ?
उत्तर :
अपने हदय में खोजना चाहिए ।

प्रश्न 3.
दु:ख पर विजय पाने के लिए कौन प्रार्थना करता है ?
उत्तर :
कवि रवीन्द्र नाथ टैगोर ।

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प्रश्न 4.
कवि कब ईश्वर पर संशय न होने की प्रार्थना करता है ?
उत्तर :
जब पूरा संसार दु:ख के दिनों में उसकी उपेक्षा कर दे तब कवि यह कामना करता है।

प्रश्न 5.
दुख के समय किसी सहायक के न मिलने की स्थिति में कवि ईश्वर से क्या कामना करते हैं?
उत्तर :
दुख के समय किसी सहायक के न मिलने की स्थिति में कवि ईश्वर से यह कामना करते हैं कि उनका बलपौरूष न हिले।

प्रश्न 6.
कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ‘सुख के दिन’ में परमात्मा के प्रति कैसा भाव रखते हैं ?
उत्तर :
कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ‘सुख के दिन’ में परमात्मा को याद रखने का भाव रखते हैं क्योंकि अक्सर लोग सुख के दिनों में परमात्मा को भूल जाते हैं।

प्रश्न 7.
कवि रवीन्द्रनाथ ईश्वर से सहायता क्यों नहीं लेना चाहते हैं ?
उत्तर :
कवि अन्य लोगों के तरह संसार के दुःखों और कष्टों का अनुभव करना चाहता है इसलिए यह नहीं चाहता कि प्रभु उसे संकट से बचा ले । वह तो वस इन कष्टों को सहन करने की शक्ति चाहता है ।

प्रश्न 8.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर के माता-पिता का नाम लिखें।
उत्तर :
रवीन्द्रनाथ ठाकुर के पिता का नाम श्री देवेन्द्रनाथ ठाकुर तथा माता का नाम शारदा देवी था।

प्रश्न 9.
लंदन विश्वविद्यालय में रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने किसके अधीन शिक्षा प्राप्त की?
उत्तर :
प्रो० हेनरी मोर्ले के अधीन।

प्रश्न 10.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की मृत्यु कब हुई?
उत्तर :
सन् 1941 ई० में।

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प्रश्न 11.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताओं पर किसका प्रभाव दिखाई देता है?
उत्तर :
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की कविताओं पर एक ही साथ वेदान्त, वैष्णववाद, वौद्धदर्शन, सूफी मत, ईसाई धर्म तथा बाऊल सम्पदाय का प्रभाव दिखाई देता है।

प्रश्न 12.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने कितनी कविताएँ तथा गीत लिखे हैं?
उत्तर :
रवीन्द्रनाध ठाकुर ने लगभग एक हजार कविताएँ तथा दो हजार गीत लिखे हैं।

प्रश्न 13.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर को उनकी किस कृति के लिए नोबेल पुरस्कार मिला?
उत्तर :
‘गौताजंलि’।

प्रश्न 14.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्रमुख कहानी का नाम लिखें।
उत्तर :
काबुलीवाला।

प्रश्न 15.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्रमुख काव्य कृत्तियों के नाम लिखें।
उत्तर :
नैवेद्य, पूरबी, बलाका, क्षणिका, चित्र तथा सांध्यगीत।

प्रश्न 16.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित उपन्यासों के नाम लिखें।
उत्तर :
गोरा, घरे-बाइरे।

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प्रश्न 17.
‘आत्पत्राण’ मूल कविता किस भाषा में लिखी गयी?
उत्तर :
बंगला भाषा में।

प्रश्न 18.
‘आत्मत्राण’ कविता का हिन्दी अनुवाद किसने किया?
उत्तर :
हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार श्रदेड आचार्य हजारी प्रसाद्व द्विवेदी ने।

प्रश्न 19.
‘आत्मत्राण’ कविता किस कोटि की कविता है?
उत्तर :
प्रार्थना गीत।

प्रश्न 20.
‘आत्मत्राण’ कविता में कवि का क्या मानना है?
उत्तर :
‘आत्मश्राण’ कविता में कवि का यह मानना है कि प्रभु में सबकुछ कर देने का सामर्थ्य है, फिर भी वे यह नहीं चाहते हैं कि वही सबकुछ कर दें।

प्रश्न 21.
‘आत्मत्राण’ कविता के कवि की कामना क्या है?
उत्तर :
‘आत्मग्राण’ कविता के कवि की कामना यह है कि किसी भी आपद-विपद में, किसी भी द्वंद्ध में सफल होने के लिए संघर्ष वह स्वयं करें, प्रभु को कुछ न करना पड़े।

प्रश्न 22.
‘आत्मत्राण’ कविता में कवि अपने प्रभु से क्या चाहता है?
उत्तर :
‘आत्मप्राण’ कविता में कवि अपने प्रभु से यह चाहते है कि वे उसे दु:ख के क्षणों में आत्मबल प्रदान करें ताकि वे दु:ख को पार कर सके।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 2 आत्मत्राण

प्रश्न 23.
कवि प्रभु से क्या प्रार्थना नहीं करते हैं।
उत्तर :
कवि प्रभु से यह प्रार्थना नहीं करता है कि वे उसे विपदाओं से बचाएँ।

प्रश्न 25.
कवि कब ईश्वर पर संशय न होने की प्रार्थना करता है?
उत्तर :
जब पूरा संसार दुःख के दिनों में उसकी उपेक्षा कर दे तब कवि यह कामना करता है।

प्रश्न 26.
किस कवि को ‘कविगुरू’ की उपाधि दी गई है?
उत्तर :
रवीन्द्रनाथ ठाकुर को ‘कविगुरू’ की उपाधि दी गई है।

प्रश्न 27.
‘आत्मत्राण’ कविता में कौन, किससे प्रार्थना करता है?
उत्तर :
आत्मत्राण कविता में कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।

प्रश्न 28.
कवि किस बात का क्षय (हानि) अपने मन में नहीं मानने की प्रार्थना ईश्वर से करता है?
उत्तर :
अगर कवि को इस संसार में हानि उठानी पड़े, उसे धोखा मिले फिर भी वह इस बात का क्षय अपने मन में नहीं मानने की प्रार्थना ईश्वर से करते हैं।

प्रश्न 29.
‘आत्मत्राण’ कविता के कवि कौन हैं?
उत्तर :
रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 30.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर :
कलकत्ता (कोलकाता) के जोड़ासाँको स्थित ‘प्रासादोपम भवन’ में हुआ था।

प्रश्न 31.
कवि ईश्वर से दु:ख के समय सांत्वना के स्थान पर क्या चाहता है ?
उत्तर :
दु:ख पर विजय करना चाहता है।

प्रश्न 32.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म कब हुआ था?
उत्तर :
7 मई, सन् 1861 ई० को।

प्रश्न 33.
कवि रवीन्द्र दुःख भरी रात की संभाव्यता पर ईश्वर से क्या प्रार्थना करते हैं ?
उत्तर :
वे ईश्वर पर संशय (संदेह) न करें।

प्रश्न 34.
कवि किससे बचने की प्रार्थना नहीं करता ?
उत्तर :
कवि विपदाओं से बचने की प्रार्थना नहीं करता।

प्रश्न 35.
‘आत्मत्राण’ कविता में कविता किस पर विजय करने के लिए कहता है?
उत्तर :
विपदाओं पर विजय करने के लिए कहता है।

प्रश्न 36.
‘तुम पर करुं नहीं कुछ संशय’ – पद्यांश के माध्यम से कवि क्या प्रार्थना करते हैं ?
उत्तर :
दुःख रूपी रात्रि में भी वे ईश्वर पर संशय न करें।

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प्रश्न 37.
कवि किससे और क्यों प्रार्थना कर रहा है ?
उत्तर :
कवि ईश्वर से दु:ख पर विजय पाने की प्रार्थना कर रहा है।

प्रश्न 38.
‘तो भी मन में न मानू क्षय’ – आशय स्पष्ट करें।
उत्तर :
अगर कवि को इस संसार में हानि उठानी पड़े, धोखा मिले तो भी वह इस बात के लिए दु:ख न माने कि ईश्वर ने उसकी सहायता नहीं की।

प्रश्न 39.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्राथमिक शिक्षा कहाँ हुई थी?
उत्तर :
रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्राथमिक शिक्षा घर पर ही हुई थी।

प्रश्न 40.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर बैरिस्ट्री पढ़ने के लिए कहाँ गए थे?
उत्तर :
लंदन।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
करुणामय से किस ओर संकेत हो रहा है ?
(क) देवता
(ख) दानव
(ग) ईश्वर
(घ) मानव
उत्तर :
(ग) ईश्वर

प्रश्न 2.
‘आत्मत्राण’ किस विधा की रचना है ?
(क) कहानी
(ख) कविता
(ग) उपन्यास
(घ) निबंध
उत्तर :
(ख) कविता

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प्रश्न 3.
‘आत्मत्राण’ कविता का हिन्दी अनुवाद किसने किया?
(क) राजेश जोशी
(ख) दिनकर
(ग) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
(घ) हरिवंश राय बच्चन
उत्तर :
(ग) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी।

प्रश्न 4.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म कब हुआ था?
(क) 7 मई 1861
(ख) 7 मई 1862
(ग) 8 मई 1863
(घ) 9 मई 1864
उत्तर :
(क) 7 मई 1861

प्रश्न 5.
‘नोबेल पुरस्कार’ पाने वाले पहले भारतीय कौन हैं?
(क) सत्येन्द्र सत्यार्थी
(ख) अमर्र्य सेन
(ग) डॉ० हरगोविंद खुराना
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
उत्तर :
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 6.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म कहाँ हुआ था?
(क) महिषादल
(ख) जोड़ासाँकू
(ग) रवीन्द्र सदन
(घ) रवीन्द्र सरणी
उत्तर :
(ख) जोड़ासाँकू

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प्रश्न 7.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर के नाम से संगीत की कौन-सी धारा प्रावाहित हुई?
(क) लोक संगीत
(ख) रवीन्द्र संगीत
(ग) सुगम संगीत
(घ) बंगला संगीत
उत्तर :
(ख) रवीन्द्र संगीत।

प्रश्न 8.
रवीन्द्रनाथ की रचनाओं में किसका स्वर प्रमुख रूप से मुखरित होता है?
(क) बंगला साहित्य
(ख) इतिहास
(ग) विश्व-संस्कृति
(घ) लोक-संस्कृति
उत्तर :
(घ) लोक-संस्कृति।

प्रश्न 9.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने कितनी कविताएँ लिखी हैं?
(क) लगभग दो हजार
(ख) लगभग एक हजार
(ग) लगभग तीन हजार
(घ) लगभग पाँच सौ।
उत्तर :
(ख) लगभग एक हजार ।

प्रश्न 10.
रवीन्द्रनाय ठाकुर ने किस संस्था की स्थापना की?
(क) शांति निकेतन
(ख) संगीत निकेतन
(ग) नृत्य निकेतन
(घ) बाऊल निकेतन
उत्तर :
(क) शांति निकेतन ।

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प्रश्न 11.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने कितने गीत लिखे हैं?
(क) लगभग दो हजार
(ख) लगभग डेढ़ हजार
(ग) लगभग पाँच सौ
(घ) लगभग एक हजार
उत्तर :
(क) लगभग दो हजार।

प्रश्न 12.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर को उनकी किस रचना के लिए नोबेल पुरस्कार मिला?
(क) गोरा
(ख) घरे-बाइरे
(ग) गीतांजलि
(घ) सांध्यगीत
उत्तर :
(ग) गीतांजलि।

प्रश्न 13.
निम्नलिखित में से कौन-सा उपन्यास रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित है?
(क) गोरा
(ख) मैला आँचल
(ग) वाणभद्ट की आत्मकथा
(घ) वीरांगना
उत्तर :
(क) गोरा।

प्रश्न 14.
निम्नलिखित में से कौन-सा काव्य-संग्रह रवीन्द्रनाथ ठाकुर का नहीं है?
(क) पल्लव
(ख) नैवेद्य
(ग) पूरबी
(घ) बलाका
उत्तर :
(क) पल्लव।

प्रश्न 15.
निम्नलिखित में से कौन-सा काव्य-संग्रह रवीन्द्रनाथ ठाकुर का नहीं है?
(क) क्षणिका
(ख) चिन्न
(ग) सांध्यगीत
(घ) मिलन
उत्तर :
(घ) मिलन ।

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प्रश्न 16.
निम्नलिखित में से कौन-सी कहानी रवीन्द्रनाथ ठाकुर की है?
(क) काबुलीवाला
(ख) नमक
(ग) उसने कहा था
(घ) सहपाठी
उत्तर :
(क) काबुलीवाला।

प्रश्न 17.
‘घरे-बाइरे’ के रचनाकार कौन हैं?
(क) चन्द्रधर शर्मा गुलेरी
(ख) सत्यजित राय
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(घ) शिवमूर्ति
उत्तर :
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 18.
‘पोस्टमास्टर’ के रचनाकार कौन हैं ?
(क) गुलेरी
(ख) प्रसाद
(ग) प्रेमचंद
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
उत्तर :
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 19.
‘मुन्ने की वापसी’ के लेखक कौन हैं ?
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(ख) प्रसाद
(ग) पंत
(घ) निराला
उत्तर :
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

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प्रश्न 20.
‘मालादान’ के कहानीकार कौन हैं?
(क) प्रेमचद
(ख) प्रसाद
(ग) निराला
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
उत्तर :
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 21.
‘दृष्टिदान’ किसकी रचना है ?
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(ख) मोहन राकेश
(ग) ममता कालिया
(घ) रेणु
उत्तर :
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 22.
‘देशभक्त’ के रचनाकार कौन हैं ?
(क) प्रसाद
(ख) प्रेमचंद्
(ग) महादेवी वर्मा
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
उत्तर :
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 23.
‘दुराशा’ के रचनाकार कौन हैं ?
(क) रवीन्द्रनाध ठाकुर
(ख) संजीव
(ग) कृष्णा सोबती
(घ) शिवमूर्त्रि
उत्तर :
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 24
‘श्रद्धांजलि’ किसकी रचना है ?
(क) शिवमूर्ति
(ख) ग्रेजिया डेलेडा
(ग) संजीव
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
उत्तर :
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 25.
‘कंचन’ किसकी रचना है ?
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(ख) सत्यजित राय
(ग) संजीव
(घ) प्रेमचद
उत्तर :
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

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प्रश्न 26.
‘धन का मोह’ के लेखक कौन हैं ?
(क) गुलेरी
(ख) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(ग) अनामिका
(घ) कैलाश गौतम
उत्तर :
(ख) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 27.
‘मण्राह’ के रचनाकार कौन हैं ?
(क) केलाश गौतम
(ख) रघुवीर सहाय
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(घ) कन्हैया लाल नंदन
उत्तर :
(ग) रवीन्द्रनाध ठाकुर।

प्रश्न28.
‘अनाथ की दीदी’ कहानी किसने लिखा ?
(क) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(ख) प्रेमचंद
(ग) ॠतुराज
(घ) यतीन्द्र मिश्र
उत्तर :
(क) रवीन्द्रनाध ठाकुर।

प्रश्न 29.
‘सुभाषिणी’ किसकी रचना है ?
(क) प्रेमचद
(ख) प्रसाद
(ग) अनामिका
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
उत्तर :
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 30.
‘वंशज-दान’ कहानी किसने लिखा।
(क) यतौनछू मिध्र
(ख) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(ग) राम दरश मिथ्र
(घ) यतोन्द्र मिश्र
उत्तर :
(ख) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 31.
‘नए ज़माने की हवा’ किसकी रचना है ?
(क) प्रेमचंद
(ख) गुलेरी
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(घ) यतीन्द्र मिश्र
उत्तर :
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

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प्रश्न 32.
‘छुद्यियें’ का इंतजार’ के रचनाकार कौन हैं ?
(क) राजेश जोशी
(ख) रवीन्द्र कालिया
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(घ) प्रेमचट
उत्तर :
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 33.
‘हेमू’ कहानी के कहानीकार कौन हैं ?
(क) निराला
(ख) प्रसाद
(ग) प्रेमचंद
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
उत्तर :
(घ) रवीन्द्रनाथ ठाकुर।

प्रश्न 34.
‘आत्मत्राण’ मूल कविता किस भाषा में लिखी गई?
(क) हिन्दी
(ख) बंगला
(ग) संस्कृत
(घ) मराठो
उत्तर :
(ख) बंगला।

प्रश्न 35.
‘आत्मत्राण’ में किससे प्रार्थना की गई है?
(क) स्वयं से
(ख) कवि से
(ग) इश्वर से
(घ) राजा से
उत्तर :
(ग) ईश्वर से ।

प्रश्न 36.
कवि किस पर जय पाने की कामना करते हैं?
(क) शत्रु पर
(ख) स्वयं पर
(ग) दुःख पर
(घ) सुख पर
उत्तर :
(ग) दु:ख पर।

प्रश्न 37.
कविगुरू की प्रार्थना है कि –
(क) प्रभु कुछ भी कर सकते हैं
(ख) प्रभु सबकुछ कर दे
(ग) प्रभु अपनी कृपा बनाए रखें
(घ) प्रभु कवि के लिए संघर्ई करे
उत्तर :
(ग) प्रभु अपनी कृपा बनाए रखें।

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प्रश्न 38.
रवीन्द्रनाथ ठाकुर अपने प्रभु से क्या चाहते हैं?
(क) उनपर ईश्वर की कृपा बनी रहे
(ख) प्रभु उनके लिए सबकुछ कर दे
(ग) प्रभु उनके लिए कुछ न करें
(घ) प्रभु उन्हे लाभ पहुँचायें
उत्तर :
(क) उनपर ईश्वर की कृपा बनी रहे ।

प्रश्न 39.
कवि किस पर संशय न करने की प्रार्थना करते हैं?
(क) स्वयं पर
(ख) दुख पर
(ग) ईश्वर पर
(घ) निखिल मही पर
उत्तर :
(ग) ईश्वर पर ।

प्रश्न 40.
कवि किसके त्राण की बात करते हैं?
(क) स्वयं की
(ख) विश्व की
(ग) दु:ख की
(घ) रात्रिकी
उत्तर :
(घ) स्वयं की।

प्रश्न 41.
‘आत्मत्राण’ कविता में दु:ख की तुलना किससे की गई है?
(क) दिन से
(ख) रात्रि से
(ग) वंचना से
(घ) लाभ से
उत्तर :
(ख) रात्रि से।

प्रश्न 42.
‘आत्मत्राण’ कविता में कवि किस पर जय करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं ?
(क) निखिल मही पर
(ख) भार पर
(ग) दुखरूपी रात्रि पर
(घ) अपने-आप पर
उत्तर :
(ग) दुखरूपी रात्रि पर।

प्रश्न 43.
कवि किससे बचाने की प्रार्थना करते हैं ?
(क) विपदा
(ख) आपदा
(ग) भय
(घ) लोभ
उत्तर :
(क) विपदा।

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प्रश्न 44.
कवि किसे जय करने की ज्ञात करते हैं ?
(क) सहायक
(ख) बल
(ग) पौरुष
(घ) दु:ख
उत्तर :
(घ) दु:ख।

प्रश्न 45.
कवि ने दु:ख की तुलना किससे की है ?
(क) पर्वत
(ख) त्राण
(ग) रात्रि
(घ) वंचना
उत्तर :
(ग) रात्रि।

प्रश्न 46.
‘आत्मत्राण’ शीर्षक कविता मूलतः किस भाषा में रचित है?
(क) भोजपुरी
(ख) अवधी
(ग) ब्रजभाषा
(घ) बंग्ला
उत्तर :
(घ) बंग्ला।

प्रश्न 47.
‘आत्मत्राण’ कविता में कवि किससे कभी भय नहीं पाना चाहता है ?
(क) कोध से
(ख) लोभ से
(ग) छल से
(घ) विपदा से
उत्तर :
(घ) विपदा से।

प्रश्न 48.
‘आत्मत्राण’ कविता के कवि कौन हैं?
(क) कबीर
(ख) पंत
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर
(घ) रघुवीर सहाय
उत्तर :
(ग) रवीन्द्रनाथ ठाकुर ।

WBBSE Class 10 Hindi आत्मत्राण Summary

कवि परिचय 

यदि हम कविगुरु रवीन्द्रनाथ ठाकुर को भारतीय संस्कृति के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि के रूप में स्थान दे तो अतिशयोकित न होगी। 7 मई, 1861 ई०, दिन सोमवार को महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर के जोड़ासाँको (कलकत्ता) के ‘प्रासादोपम’ भवन में उनके कनिष्ठ (छोटे) पुत्र रवीन्द्रनाथ का जन्म हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई।
WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 2 आत्मत्राण 1
इन्हे बैरिस्ट्री की पढ़ाई के लिए 17 वर्ष की उस में लंदन भेजा गया लेकिन पढ़ाई पूरी किए लिना ही लौट आए। रवीन्द्रनाथ ने 7 वर्ष की उम्म से ही कविता लिखना प्रारंभ किया। इनकी अनुपम काव्यकृति ‘गीताजंलि’ के लिए इन्हें विश्व का सबसे बड़ा पुरस्कार नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। रवीन्द्रनाथ ठाकुर की रचनाओं में मानवतावाद को सबसे ऊपर स्थान दिया गया है ‘

‘सुन हे मानुष भाई
सबार ऊपरे मानुष सत्य
ताहार ऊपरे नाई।”

उनका हद्य मन्दिर, मस्जिद, मूर्ति और बाह्याडम्बर से दूर था। इन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना बोलपुर (पं बंगाल) में की जो आज ‘विश्वभारती’ के नाम से जाना जाता है। चित्रकला, संगीत तथा भावनृत्य के प्रति इनका विशेष अनुराग (प्रेम) था। इनकी संगीत-शैली तो आज विश्वभर में ‘रवीन्द्र संगीत’ के नाम से प्रसिद्ध है।

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सन् 1941 में यह ‘भारत-रवि’ अस्त हो गया। रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्रमुख कृतियाँ इस प्रकार हैं –
नोबेल पुरस्कार प्राप्त काव्य – गीताजलि।
नैवेध, पूरबी, बलाका, क्षणिका, चित्र, संध्यगीत।
कहानियाँ – काबुलीवाला, पोस्टमास्टर, मुत्ने की वापसी, मालादान, दृष्टिदान, देशभक्त, दुराशा, श्रद्धांजलि, कंचन, धन का मोह, मणिहार, अनाथ की दीदी, सुभाषिणी, वंशाज-दान, नए जमाने की हवा, छुट्टियों का इंतजार, हेमु आदि।
उपन्यास – गोरा, घरे-बाइरे ।
निबंध – रवीन्द्र के निबंध, रिलीजन ऑफ मैन ।

वस्तुनिष्ठ सह व्याख्यामूलक प्रश्नोत्तर 

1. विपदाओं से मुझे बचाओ, यह मेरी प्रार्थना नहीं
केवल इतना हो करूणामय
कभी न विपदा में पाऊँ भय।

शब्दार्थ :

  • विपदाओं = विपत्तियों, आपदाओं।
  • करूणामय = करूणा करने वाले, दया करने वाले, ईश्वर।

प्रश्न 1.
रचना का नाम लिखें।
उत्तर :
रचना का नाम ‘आत्मत्राण’ है।

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प्रश्न 2.
प्रस्तुत पंक्तियों का भावार्थ लिखें।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में कविगुरू ईश्वर से यह निवेदन करते हैं कि उन्हें विपदाओं (मुसीबतों) से न बचाएं। वे उसपर इतनी कृपा करें कि जीवन में जब कभी भी विपदा आए तो उन्हें भय न हो। वे जीवन की विपदाओं का सामना विना भय के सहज भाव से कर सकें।

काव्यगत सौंदर्य :-

1. प्रस्तुत अंश में कविगुरू की यह भावना दिखाई देती है कि मानव और ईश्वर दोनों के बीच एक अनंत सेतु है।
2. ईश्वर और मानव का संबंध रवीन्न्र-काव्य में एक अपूर्व रूप ले लेता है।
3. जीवन की विपदाओं को कविगुरू अपने बल पर झेलना चाहते हैं।
4. रस शांत है।
5. भाषा की सहजता में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की अनुवाद-प्रतिभा के दर्शन होते हैं।

2. दुःख – ताप से व्यथित चित्त को न दो सांत्वना नहीं सही
पर इतना होवे करूणामय
दुख को मैं कर सकूँ सदा जय।
कोई कहीं सहायक न मिले
तो अपना बल पौरूष न हिले।

शब्दार्थ :

  • ताप =व्यथा, कष्ट।
  • व्यथित = दुखी।
  • चित्त = हृदय।
  • सांत्वना = सहानुभूति।
  • जय = विजय।
  • सहायक = सहायता करने वाला।
  • बल = शक्ति।
  • पौरूष = पुरूषार्थ।

प्रश्न 1.
कवि का नाम लिखें।
उत्तर :
कवि बंगला के प्रख्यात कवि रवीद्रनाथ ठाकुर हैं।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत अंश का आशय स्पष्ट करें।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में कविगुरू रवीन्द्रनाथ ठाकुर कहते हैं कि हे ईश्वर, यदि आप मेरे दुख-ताप से भरे दददय को ढाढ़स न भी दें तो कोई बात नहीं, लेकिन इतनी करूणा अवश्य करें कि मैं अपने दु:खों पर विजय प्राप्त कर सकूँ। यदि दुःख के दिनों में मुझे कोई सहायता करने वाला न भी मिले तो भी मेरा आत्मबल कम न हो। अपने आत्मबल के सहारे ही मैं अपने दु:ख-ताप को पार कर जाऊँगा क्योंकि इस संसार में आत्मबल ही सबसे बड़ा बल है।

काव्यगत सौंदर्य :-

1. प्रस्तुत अंश में कविगुरू की यह भावना दिखाई देती है कि मानव और ईश्वर दोनों के बीच एक अनंत सेतु है।
2. ईश्वर और मानव का संबंध रवीन्द्र-काव्य में एक अपूर्व रूप ले लेता है।
3. जीवन की विपदाओं को कविगुरू अपने बल पर झेलना चाहते हैं।
4. रस शांत है।
5. भाषा की सहजता में आवार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की अनुवाद-प्रतिभा के दर्शन होते हैं।

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3. हानि उठानी पड़े जगत् में लाभ अगर वंचना रही
तो भी मन में ना मानू क्षय।
मेरा त्राण करो अनुदिन तुम यह मेरी प्रार्थना
बस इतना होवे करूणामय
तरने की हो शक्ति अनामय।

शब्दार्थ :

  • हानि = नुकसान।
  • जगत्= दुनिया।
  • वंचना = धोखा।
  • क्षय = नुकसान।
  • त्राण = रक्षा, मुक्ति।
  • अनुदिन = प्रत्येक दिन तरने = पार होने, निकल जाने।
  • अनामय = स्वस्थ्य।

प्रश्न 1.
रचना तथा रचनाकार का नाम लिखें। ‘वंचना’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर :
रचना ‘आत्मत्राण’ है तथा रचनाकार रवीन्द्रनाथ ठाकुर हैं। ‘वंचना’ का अर्थ धोखा।

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प्रश्न 2.
प्रस्तुत अंश का भावार्थ लिखें।
उत्तर :
कविता के इस अंश में कविगुरू रवीन्द्रनाथ ठाकुर कहते हैं कि हो सकता है इस संसार में मुझे हानि ही उठानी पड़े, लाभ मेरे लिए मात्र एक धोखा हो। फिर भी मैं इसे अपनी हानि नहीं मानूं। इन सारी चीजों से तुम मुझे प्रतिदिन मुक्ति दो – मैं ऐसा भी नहीं चाहता। मैं तुमसे त्राण पाने कीप्रार्थना नहीं करता। तुम तो मेरे ऊपर केवल इतनी कृपा करो कि मुझमें इन मुसीबतों से त्राण पाने की स्वस्थ शक्ति हो।

काव्यगत सौंदर्य :-

1. प्रस्तुत अंश में कविगुरू की यह भावना दिखाई देती है कि मानव और ईश्वर दोनों के बीच एक अनंत सेतु है।
2. ईश्वर और मानव का संबंध रवीन्द्र-काव्य में एक अपूर्व रूप ले लेता है।
3. जीवन की विपदाओं को कविगुरू अपने बल पर झेलना चाहते हैं।
4. रस शांत है।
5. भाषा की सहजता में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की अनुवाद-प्रतिभा के दर्शन होते हैं।

4. मेरा भार अगर लघु करके न दो सांत्वना नहीं सही।
केवल इतना रखना अनुनय –
वहन कर सकूँ इसको निर्भय।
नत सिर होकर सुख के दिन में
तब मुख पहचानूँ छिन-छिन में।

शब्दार्थ :

  • भार = बोझ।
  • लघु = छोटा ।
  • सांत्वना = ढाढ़स ।
  • अनुनय = विनती, प्रार्थना।
  • नत = झुका हुआ।
  • छिन-छिन = क्षण-क्षण।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत अंश किस कविता से लिया गया है?
उत्तर :
प्रस्तुत अंश ‘आत्मत्राण’ कविता से लिया गया है।

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प्रश्न 2.
प्रस्तुत अंश का भावार्थ लिखें।
उत्तर :
कविता के इस अंश में कविगुरू रवीन्द्रनाथ ठाकुर कहते हैं कि हे ईश्वर अगर आप मेरे भार को कम न कर सकें, मुझे मुसीबत के दिनों में ढाढ़स भी न बंधा सके तो भी मेरे ऊपर इतनी कृपा रखेंगे कि मैं अपने दुःख को निर्भय होकर सहन कर सकू। अपने सुख के दिनों में भी मैं नत सिर होकर प्रत्येक क्षण आपको स्मरण कर सकूँ। कहने का भाव यह है कि सुख या दु:ख, दोनों ही दशा में कवि अपने साथ ईश्वर का केवल सानिध्य चाहते हैं।

काव्यगत सौंदर्य :-

1. प्रस्तुत अंश में कविगुरू की यह भावना दिखाई देती है कि मानव और ईश्वर दोनों के बीच एक अनंत सेतु है।
2. ईश्वर और मानव का संबंध रवीन्द्र-काव्य में एक अपूर्व रूप ले लेता है।
3. जीवन की विपदाओं को कविगुरू अपने बल पर झेलना चाहते हैं।
4. रस शांत है।
5. भाषा की सहजता में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की अनुवाद-प्रतिभा के दर्शन होते हैं।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद

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WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 Question Answer – रैदास के पद

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न – 1 : पाठचक्रम में संकलित पद के आधार पर संत रैदास की भक्ति-भावना का परिचय दें ।
प्रश्न – 2 : रैदास किस प्रकार की भक्ति करते थे ? पाठ के आथार पर स्पप्प कीजिए ।
प्रश्न – 3 : पठित पाठ के आधार पर ‘रैदास के पद’ का सारांश लिखें ।
प्रश्न – 4 : ‘रैदास के पद’ में निहित संदेश को लिखें ।
प्रश्न – 5 : भक्त कवि के रूप में संत रैदास का परिचय दें।
उत्तर :
संत रैदास उस जाति तथा समाज में पले-बढ़े थे जो हिन्दू होते हुए भी हिंदुओं द्वारा आदर न पाता था। वह कुल-परंपरा से विद्या प्राप्त करने के अयोग्य माना जाता था। शास्व-ज्ञान प्राप्त करने का दरवाजा उसके लिए बंद हो गया था। ये गरीबी में जनमते थे, गरीबी में ही पलते थे और उसी में मर जाया करते थे। ऐसे समाज तथा वातावरण में पैदा हुए व्यक्ति के लिए धर्म के आडंबर पर चोट करना जीवन-मरण का प्रश्न था । संत रैदास इसी समाज के रल थे । कबीर की तरह संत रैदास की भाषा सीधे चोट नहीं करती, वह तो मीठी छूरी की तरह वार करती है ।

जहाँ तक संत रैदास की भकित-भावना की बात है उनकी भक्ति दास्य भाव की है । रैदास ईश्वर के प्रति अपनी भावना प्रकट करते हुए कहते हैं कि आप चंदन की तरह सुगंध-युक्त हैं तथा मैं पानी की तरह हूँ जिसमें कोई सुगध नहीं होती। आपकी सुंगध मेरे अंग-अंग में समायी हुई है। आप मेरे लिए वैसे ही हैं जैसे चकोर के लिए चंद्रमा । प्रभु आप तो दीपक तथा मैं बाती के समान हूँ।

वे कहते हैं कि मेरी बुद्धि चंचल है और इस चंचल बुद्धि से आपकी भवित भला कैसे की जा सकती है । ईश्वर का वास तो प्रत्येक के हूदय में है लेकिन मैं अज्ञानतावश उसे नहीं देख पाया । आपके गुण तो अपार हैं और मैं गुणहीन हूँ। आपने जो उपकार मेरे ऊपर किए हैं मैने उसे भी नहीं माना, भुला दिया । में अपनी-पराये के भेद्भाव में पड़ा रहा और इससे भला में कैसे मोक्ष पा सकता हूँ।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद

अविगत ईश्वर के चरण पाताल में तथा सिर आसमान को छूते हैं – भला जिनका विस्तार इतना विशाल है, जिसे शिव, सनक आदि भी न जान सके, जिसे खोजते-खोजते स्वय व्रहा ने भी अपने जन्म को गंवा दिया – वे भला मंदिर में कैसे समा सकते हैं। जिनके पैरों के नख से गंगा प्रवाहित होती हो, जिनकी रोमावली से ही अठ्ठारह पुराणों का जन्म हुआ हो तथा चारों वेद जिनकी साँसों में बसा हो – उस असीम, निर्गुण, निराकार ईश्वर की उपासना ही रैदास करते हैं।

काम, क्रोध, मोह, मद और माया ये पाँचों मिलकर मनुष्य को लूट लेते हैं। अर्धात् ईश्वर से विभुख कर देते हैं। पढ़लिखकर भी मनुष्य को तब तक सच्चे ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती जब तक कि वह अनासक्त भाव से ईश्वर की भक्ति न करे । ठीक वैसे ही जैसे बिना पारस के स्पर्श के लोहा सोने में नहीं बदल सकता।

जो मित्र, शब्तु तथा जाति-अजाति के बंधन से मुक्त हैं, जिनके हुदय में सबके लिए हित की भावना हो – वही तीनों लोकों में यश की प्राप्ति कर पाते है – इसे वे लोग कहाँ जान पाते हैं जिनके हुदय में ईश्वर-भवित नहीं हैं। हे कृष्ण, आपने ही घड़ियाल के मुख से गज की रक्षा की तथा अजामिल एवं गणिका जैसे तुच्छ प्राणियों को मोक्ष प्रदान किया । जब आपने ऐसों-ऐसों का उद्धार किया तो फिर रैदास का उद्धार क्यों नहीं करते ?

इस प्रकार संत रैदास ने अपने पदों के द्वारा यह संदेश देना चाहा है कि श्रेष्ठ वही है जो धर्म, संप्रदाय, जाति, कुल और शास्ब्र की रूढ़ियों से नहीं बंधा हुआ है । धर्म के नाम पर दिखावा करना तथा संस्कारों की विचारहीन गुलामी रैदास को पसंद् नहीं थी तथा इन्हीं बेड़ियों को तोड़ने का संदेश उनके पदों में छिपा है । रैदास के लिए ईश्वर-प्रेम ही सबकुछ है । यह प्रेम, धर्म तथा समाज की बनाई रूढ़ियों से बहुत ऊपर है –

मित्र सत्रु अजाति सबते, अंतरि लावै हेत रे ।
लोग बाकी कहा जानैं, तीनि लोक पवित रे ।

वस्तुनिष्ठ सह व्याख्यामूलक प्रश्नोत्तर

1. प्रभु जी तुम चंदन हम पानी जाकी अंग-अंग बास समानी 
प्रभु ती तुम घन बन हम मोरा। जैसे चितवत घंद चकोरा ||

प्रश्न – 1.
प्रस्तुत अंश के कवि का नाम लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश के कवि संत रैदास हैं।

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प्रश्न – 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में रैदास ईश्वर की आराधना करते हुए कहते हैं कि आप चंदन की तरह सुंगधयुक्त हैं और मैं पानी की तरह गंधरहित हूँ । आपकी सुगंध मेरे अंग में समायी हुई है । आप तो उस काले बादल के समान है जिसे देखकर मेरा मनरूपी मयूर नाच उठता है ।

2. प्रभु जी तुम दीपक हम बाती । जाकी जोति बरे दिन राती ।
प्रयु जी तुम मोती हम धागा । जैसे सोनहि मिलत सोहागा ।
प्रभु जी तुम स्वामी हम दासा । ऐसी भक्ति करे रैदासा ।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पद्यांश किस कविता से उद्धुत है ?
उत्तर :
प्रस्तुत पद्यांश ‘रैदास के पद्’ से उद्दृत है ।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पद्यांश में संत रैदास ईश्वर के प्रति अपनी भक्ति-भावना प्रकट करते हुए कहते हैं कि आप मेरे लिए वैसे ही हैं जैसे चाँद के लिए चकोर। आप दीपक तथा मैं बाती हूँ। आपके बिना मैं अधूरा हूँ। आपका ही प्रकाश इस संसार में फैला हुआ है । प्रभु, आप मोती तथा मैं धागा हूँ । मैने अपने-आपको आपकी भक्ति में वैसे ही विलीन कर दिया है जैसे सोने में सुहागा विलीन हो जाता है । हे प्रभु, आप मेरे स्वामी हैं तथा मैं आपका सेवक हूँ । इसी सेवक के भाव से मै आपकी भक्ति करता हूँ।

3. नहररिचंचल मति मोरी
कैसे भगति करों मैं तोरी ||

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पंक्तियों के रचनाकार का नाम लिखिए।
उत्तर :
रचनाकार संत कवि रैदास हैं।

प्रश्न 2.
अंश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए ।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में संत रैदास अपने मन की स्थिति का वर्णन करते हुए ईश्वर से कहते हैं कि मेरी मति तो चंचल है और इस चंचल मति के सहारे भला आपकी भक्ति कैसे की जा सकती है। कहने का भाव यह है कि जब तक मन एकाग्र नहीं होता तब तक उसे प्रभु-भक्ति में नहीं लगाया जा सकता ।

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4. तू योहि देख, हाँ तोहि देख पीति परस्पर होई ।
तू मोहि देख, हैं तोहि न देखे, इहि मति सक किष खोई

प्रश्न 1.
प्रस्तुत अंश किस कविता से लिया गया है ?
उत्तर :
प्रस्तुत अंश ‘रैदास के पद’ से लिया गया है ।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
संत रैदास कहते हैं कि हे ईश्वर जब तक हम एक-दूसरे को परस्पर नहीं देखते हैं तो भला प्रेम कैसे हो सकता है। आप तो मुझे देखते हैं पर मैं आपको नहीं देखता । अपनी इसी बुद्धि के कारण मैं अपनी सुध खो बैठा हूँ।

5. सब घट अंतरि रमसि निरतंरि, मे देखत हैं जहीं जाना ।
गुन सब तोर मोर सब औरुन, कित उपकार न माना ।

प्रश्न 1.
रचना के कवि का नाम लिखें ।
उत्तर :
इस रचना के कवि संत रैदास हैं।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में संत रैदास कहते हैं कि ईश्वर का वास तो प्रत्येक व्यक्ति के हूदय में है लेकिन मैं अज्ञानतावश आपको नहीं देख पाया । आप तो गुणों की खान हैं और मैं गुणहीन हूँ, इसलिए मैंने आपके द्वारा किए गए उपकार को नहीं माना ।

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6. मे तैं तोरि योरि असमझ सों, केसे करि निसतारा ।
कहे ‘रैदास’ कृस्न करुणां में, जे जे जगत अधारा

प्रश्न 1.
कविता का नाम लिखें ।
उत्तर :
कविता का नाम ‘रैदास के पद’ है ।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत अंश में संत रैदास कहते हैं कि मैं इस संसार में अपने-पराये के भेद-भाव में पड़ा रहा । इस बुद्धि के रहते भला मुझे मोक्ष की प्राप्ति कैसे हो सकती है । मेरे कृष्ण तो करूणामयी हैं, वही इस जगत के आधार हैं। ऐसे करूणामयी कृष्ण की मैं जय-जयकार करता हूँ।

प्रश्न 3.
प्रस्तुत पंक्ति का प्रसंग सहित आश स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर :
प्रस्तुत पद में रैदास ने राम-नाम की महत्ता का गुणगान करते हुए कहते हैं कि बिना राम (ईश्वर) का नाम लिए मनुष्य संशय से नहीं छूट सकता है। काम, क्रोध, मोह, मद और माया ये पाँचों मिलकर मनुष्य को लूट लेते हैं। अर्थात् ईश्वर-नाम से विमुख कर देते हैं।

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12. हम बड़ कवि कुलीन हम पंडित, हम जोगी संन्यासी |
र्दांनी गुनीं सूर हम दाता, बहु मति कदे न नासी ||

प्रश्न 1.
रचनाकार का नाम लिखें ।
उत्तर :
रचनाकार भक्तिकालीन संत कवि रैदास हैं।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पद्यांश में संत रैदास कहते हैं कि मन का यह भाव कि मैं बड़ा कवि हूँ, कुलीन हूँ, पंडित हूँ, योगीसन्यासी हूँ. गुणी-ज्ञानी तथा दाता हूँ – कभी नष्ट नहीं होता । जब तक मन का यह भाव नष्ट नहीं होता तब तक भला ईश्वर की भक्ति कैसे की जा सकती है।

13. पढ़ें गुनें कहु समझि न परई, जौ लौ अनभै भाव न दरसै ।
लोहा हर न होड हूं कैसे, जो पारस नहीं परसे ||

प्रश्न 1.
रचनाकार तथा रचना का नाम लिखें ।
उत्तर :
रचनाकार भक्तिकाल के संत कवि रैदास हैं तथा रचना का नाम ‘रैदास के पद’ है।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पंक्तियों का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्तियों में संत रैदास कहते हैं कि इस संसार में केवल पढ़ने-लिखने से ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती, सच्चा ज्ञान तो अनुभव से ही प्राप्त किया जा सकता है। अनुभव के बिना मनुष्य ज्ञानी नहीं बन सकता है ठीक वैसे ही जैसे पारस के स्पर्श के बिना लोहा सोने में नहीं बदल सकता।

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14. कहै रैदास और असमझसि, भूमि परे क्रम भोरे ।
एक अधार नाम नरहरि कौ, जीवनि प्रान घन मोरे।

प्रश्न 1.
रचना का नाम लिखें ।
उत्तर :
रचना का नाम ‘रैदास के पद’ है ।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पद्यांश में संत रैदास कहते हैं कि मनुष्य अज्ञानतावश भ्रम के बंधन में पड़ा रहता है । इस संसार में एकमात्र आधार राम-नाम ही है और वही राम-नाम मेरा प्राणरूपी धन है ।

15. दे चित चेति कहि अचेत काहे, बालमीकाहै देख ?
जाति थैं कोई पदि न पहुच्या, राम भगाति बिसेषरे ||

प्रश्न 1.
रचनाकार का नाम लिखें
उत्तर :
रचनाकार भक्तिकाल के संत कवि रैदास हैं।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर : रैदास कहते हैं कि मेरे मन तू चेतता क्यों नहीं है ? सावधान क्यों नहीं हो जाता । उदाहरण के लिए वाल्मीकि को देखो । वे जाति के कारण विशेष पद को प्राप्त नहीं कर सके । ईश्वर की भक्ति से ही वे विशेष पद को पा सके । इसलिए चेतकर अपना सारा ध्यान ईश्वर-भक्ति में लगा।

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16. बटकम सहित जे विप्र होते, हरि भगति चित द्रिढ़ जांहि रे।
हरिकथा सुहाय नांहीं, सुपच तुले तांहि रे ||

प्रश्न 1.
इस रचना के कवि कौन हैं?
उत्तर :
इस रचना के कवि रैदास हैं।

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पंक्ति का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
संत रैदास कहते हैं कि कोई ब्राह्मण छ: कर्मों से युक्त होकर भी अपने हुदय को दृढ़त्तूपर्वक ईश्वर-भक्ति में नहीं लगाता है तथा उसे हरिकथा नहीं सुहाती है तो उसके जैसा अधम कोई नहीं है ।

17. मिश्र सत्रु अजानि सब के, अंतर लावै हैतर ।
लोरि बाकी कहा जानें, तीनि लॉक पवित है ||

प्रश्न – 1.
कवि का नाम लिखें ।
उत्तर : कवि का नाम रैदास है ।

प्रश्न 2.
पंक्ति में निहित भाव स्पष्ट करें।
उत्तर :
संत रैदास कहते हैं कि जो मित्र-शत्रु, जाति-अजाति सबके लिए अपने हृदय में हित की भावना रखता है वही तीनों लोकों में यश पाता है । यह बाकी लोग कहाँ जान पाते हैं जिनके हृदय में यह भावना नहीं है।

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18. अजामिल गज गनिका तरी, काटी कुजर की पासि रे।
से दुखति मुकती किये, तो क्येँ तिर्दैस ? ।

प्रश्न 1.
रचना का नाम लिखें ।
उत्तर :
रचना का नाम ‘रैदास के पद’ है ।

प्रश्न 2.
पंक्ति का भाव स्पष्ट करें
उत्तर :
संत रैदास कहते हैं कि हे ईश्वर, आपने अजामिल गज, तथा गणिका को मोक्ष दिया। संकट में पड़े गज के बंधन को काटा । जब आप ऐसे दुरमतिवालों को मोक्ष देते हैं तो भला रैदास को मोक्ष की प्राप्ति क्यों नहीं हो सकती ? केवल आपकी कृपा-दृष्टि चाहिए।

अति लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रैदास का जन्म कब हुआ था ?
उत्तर :
सन् 1388 में ।

प्रश्न 2.
रैदास का जन्म कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
काशी में ।

प्रश्न 3.
रैदास के पिता का नाम क्या था ?
उत्तर :
रघु ।

प्रश्न4.
रैदास की माता का नाम क्या था ?
उत्तर :
घुरविनिया।

प्रश्न 5.
रैदास किस जाति के थे ?
उत्तर :
चर्मकार।

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प्रश्न 6.
रैदास का पैतृक व्यवसाय क्या था ?
उत्तर :
जूते बनाना ।

प्रश्न 7.
रैदास किसके समकालीन थे ?
उत्तर :
कबीर के ।

प्रश्न 8.
रैदास के गुरु कौन थे ?
उत्तर :
रामानंद।

प्रश्न 9.
रैदास के गुरुभाई का नाम लिखें ।
उत्तर :
कबीर ।

प्रश्न 10.
रैदास किसकी शिष्य मण्डली के महत्वपूर्ण सदस्य थे ?
उत्तर :
रामानंद।

प्रश्न 11.
रैदास के स्वभाव की क्या विशेषताएँ थी ?
उत्तर :
परोपकारी, द्यालु तथा दूसरों की सहायता करना।

प्रश्न 12.
रैदास के माता-पिता उनसे क्यों नाराज़ रहते थे ?
उत्तर :
उनकी दानशीलता तथा परोपकारिता के कारण।

प्रश्न 13.
रैदास ने व्यावहारिक ज्ञान किससे प्राप्त किया था ?
उत्तर :
साधु-संतों की संगति से ।

प्रश्न 14.
रैदास किस काल के कवि थे ?
उत्तर :
भक्तिकाल के।

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प्रश्न 15.
रैदास किस धारा के कवि थे ?
उत्तर :
ज्ञानाश्रयी शाखा के ।

प्रश्न 16.
रैदास ने किसे सारहीन तथा निरर्थक बताया है ?
उत्तर :
ऊँब-नीच की भावना तथा ईश्वर-भक्ति के नाम पर किए जानेवाले विवाद को ।

प्रश्न 17.
रैदास के समय में कौन काशी के सबसे प्रसिद्ध प्रतिष्ठित संत थे ?
उत्तर :
रामानंद ।

प्रश्न 18.
रैदास की भक्ति किस भाव की है ?
उत्तर :
दास्यभाव की।

प्रश्न 19.
रैदास के अनुसार ईश्वर का वास कहाँ है ?
उत्तर :
हुदय में ।

प्रश्न 20.
रैदास ने जगत का आधार किसे बताया है ?
उत्तर :
ईश्वर को ।

प्रश्न 21.
रैदास ने किसकी मति को चंचल बताया है ?
उत्तर :
अपनी मति को ।

प्रश्न 22.
किसके चरण पाताल तथा सिर आसमान को छूते हैं ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार ईश्वर के

प्रश्न 23.
कौन निर्गुण-निराकार ईश्वर का अंत (रहस्य) न पा सके ?
उत्तर :
शिव और सनक आदि ।

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प्रश्न 24.
ब्रहा ने किसकी खोज में अपना जन्म गंवा दिया ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार ईश्वर की खोज में ।

प्रश्न 25.
किसके नाखून के पसीने से गंगा प्रवाहित हुई है ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार ईश्वर के ।

प्रश्न 26.
किसकी रोमावली से अठ्ठारह पुराणों का जन्म हुआ है ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार ईश्वर की रोमावली से ।

प्रश्न 27.
चारों वेद किसकी सांसों में बसा है ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार ईश्वर की सांसों में ।

प्रश्न 28.
किसके बिना संशय की गांठ नहीं छूट सकती है ?
उत्तर :
राम (ईश्वर) की भक्ति।

प्रश्न 29.
‘इन पंचन’ से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
काम, क्रोध, मोह, मद तथा माया।

प्रश्न 30.
‘घटकम’ कौन-कौन से हैं ?
उत्तर :
अध्ययन, अध्यापन, यजन, याजन, दान तथा प्रतिग्रह ।

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प्रश्न 31.
‘ऐसे दुरमति’ का प्रयोग किसके लिए किया गया है ?
उत्तर :
अजामिल तथा गणिका के लिए।

प्रश्न 32.
रैदास ने जीवन का आधार किसे माना है ?
उत्तर :
ईश्वर के नाम-स्मरण को ।

प्रश्न 33.
रैदास ने अपना जीवन-प्राण किसे माना है ?
उत्तर :
नरहरि को ।

प्रश्न 34.
कोई मनुष्य उच्च पद को कैसे प्राप्त करता है ?
उत्तर :
ईश्वर-भक्ति के द्वारा।

प्रश्न 35.
‘तुम चंदन हम पानी’ में चंदन और पानी कौन है ?
उत्तर :
घंदन ईश्वर हैं तथा पानी रैदास ।

प्रश्न 36.
‘घन’ और ‘मोर’ से किसे संकेतित किया गया है ?
उत्तर :
घन से ‘ईश्वर’ को तथा ‘मोर’ से रैदास ने अपने-आप को संकेतित किया है ।

प्रश्न 37.
किसकी ज्योति दिन-रात जलती रहती है ?
उत्तर :
ईश्वररूपी दीपक की।

प्रश्न 38.
‘मोती’ और ‘धागे’ से कौन संकेतित हैं ?
उत्तर :
ईश्वर तथा रैदास ।

प्रश्न 39.
‘स्वामी’ और ‘दासा’ कौन हैं ?
उत्तर :
‘स्वामी’ ईश्वर तथा ‘दासा’ रैदास हैं।

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प्रश्न 40.
रैदास के राम कौन हैं ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार बह्म।

प्रश्न 41.
रैदास ईश्वर से क्या इच्छा प्रकट करते हैं ?
उत्तर :
वे उन्हें भी मोक्ष प्रदान करें ।

प्रश्न 42.
किसका सिर आसमान को छूता है ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार बह्न के ।

प्रश्न 43.
रैदास की भाषा क्या है ?
उत्तर :
ब्रजभाषा।

प्रश्न 44.
रैदास ने किसे सहर्ष अपनाया ?
उत्तर :
अपने पैतृक व्यवसाय को।

प्रश्न 45.
रैदास के अनुसार भक्ति-मार्ग की सबसे बड़ी बाथा क्या है ?
उत्तर :
अज्ञानता तथा अहंकार।

प्रश्न 46.
लोहा किसके स्पर्श से सोने में बदल जाता है ?
उत्तर :
पारस के स्पर्श से ।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
रैदास जी ने भक्ति मार्ग को सबसे बड़ी बाधा किसे माना है?
उत्तर :
रैदास जी ने मन की चंचलता को भक्ति-मार्ग की सबसे बड़ी बाधा माना है ।

प्रश्न 2.
पाँच विकार कौन-कौन हैं ?
उत्तर :
पाँच विकार इस प्रकार हैं – काम, क्रोध, मोह, मद, माया।

प्रश्न 3.
ईश्वर का निवास स्थान कहाँ है ?
उत्तर :
संत रैदास जी के अनुसार ईश्वर का निवास-प्रत्येक घट अर्थात् शरीर है। कण-कण में भी है।

प्रश्न 4.
रैदास के प्रभु के चरण और शीश कहाँ तक हैं ?
उत्तर :
रैदास के प्रभु के चरण पाताल तक और शीश आसमान तक हैं।

प्रश्न 5.
रैदास के अनुसार ईश्वर का वास कहाँ है ?
उत्तर :
हद्दय में ।

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प्रश्न 6.
रैदास ने किसे सारहीन तथा निरर्थक बताया है ?
उत्तर :
ऊँच-नीच की भावना तथा ईश्वर-भक्ति के नाम पर किए जानेवाले विवाद को।

प्रश्न 7.
मानव को कौन पाँच मिलकर लूटते हैं ?
उत्तर :
मानव को काम, क्रोध, मोह, मद तथा माया – ये पाँच मिलकर लूटते हैं।

प्रश्न 8.
रैदास के अनुसार सच्चे ज्ञान की प्राप्ति कैसे हो सकती है ?
उत्तर :
रैदास के अनुसार अनुभव से ही सच्चे ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है ।

प्रश्न 9.
ईश्वर की कृपा से कौन-कौन तर गए/मोक्ष पा गए ?
उत्तर :
ईश्वर की कृपा से अजामिल, गज तथा गणिका मोक्ष पा गए।

प्रश्न 10.
रैदास ईश्वर से क्या विनती करते हैं ?
उत्तर :
रेदास ईश्वर से यह विनती करते हैं कि उन्होंने अजामिल, गज तथा गणिका जैसे अधम को मोक्ष प्रदान किया तो उन्हे क्यों नहीं मोक्ष देते हैं।

प्रश्न 11.
रैदास के अनुसार किसे हरिकथा नहीं सुहाती है ?
उत्तर :
रैदास के अनुसार उन्हें हरिकथा नहीं सुहाती है जो जीविका हेतु षटकर्म तो करते हैं लेकिन हदयय में ईश्वर के प्रति दृढ़ भक्ति नहीं हैं।

प्रश्न 12.
अजामिल कौन था ?
उत्तर :
अजामिल कन्नौज का व्वाह्मण था। एक वेश्या के प्रेम में पड़कर उसने पल्नी का त्याग कर दिया तथा उसे घर ले आया। वेश्या के चक्कर में उसने अपना सब कुछ गंवा दिया। वेश्या से उत्पन्न सबसे छोटे बेटे का नाम उसने नारायण रखा। मृत्यु के समय नारायण का नाम लेने पर यमदूत भाग खड़े हुए तथा ईश्वर के दूत आकर उसे स्वर्ग ले गए।

प्रश्न 13.
‘रैदास के पद’ में उल्लिखित गज-कथा को संक्षेप में लिखें ।
उत्तर :
‘भागवत पुराण’ की कथा के अनुसार दक्षिण का पांड्यवंशी राजा अगस्य मुनि के शाप से हाथी की योनि में जन्म लिया। एक दिन य्यास बुझाने सरोवर में गया तो एक ग्राह ने उसे पकड़ लिया । ग्राह से मुक्ति के लिए उसने विष्यु से पार्थना की। विष्णु ने ग्राह से गज को मुक्त कराया।

प्रश्न 14.
‘रैदास के पद’ में उल्लेखित गणिका से संबंधित कथा को संक्षेप में लिखें ।
उत्तर :
जोवंती नामक वेश्या अपने तोते को बहुत प्यार करती थी। एक दिन भिक्षा माँगने आए एक साधु ने उसे तोते को राम नाम पढ़ाने को कहा । तोते को सिखाने के क्रम में उसकी जीभ इतनी अभ्यस्त हो गई कि मृत्यु के समय भी अनायस उसके मुख से राम-राम निकला और उसे मोक्ष प्राप्त हो गया।

प्रश्न 15.
कौन-सी मति कभी नष्ट नहीं होती है ?
उत्तर :
यह मति कि हम बड़े कवि हैं, पंडित हैं, योगी-सन्यासी हैं, दानी हैं – कभी नष्ट नहीं होती है।

प्रश्न16.
वाल्मीकि कैसे ऊँचे पद को प्राप्त हुए ?
उत्तर :
संस्कृत भाषा के आदि कवि और आदि काव्य ‘रामायण’ के रचयिता के रूप में वाल्मीकि की प्रसिद्धि है। तमसा नदी के तट पर व्याध द्वारा क्रोंच पक्षी के जोड़े में से एक को मार डालने पर वाल्मीकि के मुंह से व्याध के लिए शाप के जो उद्गार निकले वे लौकिक छंद के एक श्लोक के रूप में थे। इसी छंद में उन्होंने नारद से सुनी राम-कथा के आधार पर रामायण की रचना की और वे ऊँचे पद को प्राप्त हुए।

प्रश्न 17.
रैदास चित्त को किसे देखने को कहते हैं?
उत्तर :
ईश्वर (कृष्णा) को देखने को कहते हैं।

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प्रश्न 18.
भक्ति के मार्ग को सबसे बड़ी बाधा क्या है ?
उत्तर :
भक्ति के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा मानव का चंचल चित्त है ।

प्रश्न 19.
रैदास जी कबीर के गुरू भाई कैसे थे ?
उत्तर :
दोनों एक ही गुरू रामानंद के शिष्य होने के कारण गुरूभाई थे।

प्रश्न 20.
‘अविगत नाथ’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर :
अविगत नाय का अर्थ है – वह ईश्वर जिसे आज तक कोई समम्र रूप में नहीं जान सका।

प्रश्न 21.
रैदास ने किसकी मति को चंचल बताया है।
उत्तर :
रैदास ने अपनी मति को चंचल बताया है।

प्रश्न 22.
रैदास के ईश्वर का स्वरूप कैसा है ?
उत्तर :
रैदास के ईश्वर निर्गुण, निराकार, असीम, अविगत तथा अविनासी है ।

प्रश्न 23.
रैदास ने किसे सारहीन तथा निरर्थक बताया है ?
उत्तर :
रैदास ने अहंकार के भाव को सारहीन तथा निरर्थक बताया है।

प्रश्न 24.
राम के बिना संसै की गाँठ क्यों नहीं खुलती है ?
उत्तर :
राम की कृपा के बिना ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती और न ही मनुष्य काम, कोध, मोह, मद, माया के बंधन से नहीं छूट सकता है – इसलिए संसै की गाँठ नहीं खुलती है।

प्रश्न 25.
संत कवि रैदास को अपने तरने का दृढ़ विश्वास क्यों है ?
उत्तर :
रैदास के कृष्ण ने अजामिल, गज, गणिका, कुजर जैसो को तारा इसलिए उन्हें अपने तरने का दृढ़ विश्वास है।

प्रश्न 26.
आदिकवि किसे कहा गया है ?
उत्तर :
वाल्मीकि को आदिकवि कहा गया है।

प्रश्न 27.
रैदास क्या थे ?
उत्तर :
रैदास संतकवि थे।

प्रश्न 28.
किसके चरण पाताल, सिर आसमान को छूते हैं ?
उत्तर :
निर्गुण-निराकार ईश्वर के चरण पाताल तथा सिर आसमान को छूते हैं।

प्रश्न 29.
रैदास के ईश्वर का स्वरूप कैसा है ?
उत्तर :
रैदास के ईश्वर का स्वरूप निर्गुण॰निराकार है।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद

प्रश्न 30.
संत रैदास ने किसे मोती और किसे धागा कहा है ?
उत्तर :
संत रैदास ने ईश्वर को मोती और स्वंय को धागा कहा है।

प्रश्न 31.
पंच विकार क्या करते हैं?
उत्तर :
पंच विकार मिल कर मनुष्य का सर्वस्त लूट लेते हैं।

प्रश्न 32.
रैदास ने अपने-आप को किस-किस के समान बताया है ?
उत्तर :
रैदास ने अपने आपको पानी, मोर, बाती, चकोर, धागा तथा दास के समान बताया है।

प्रश्न 33.
रैदास की भक्ति किस प्रकार की है ?
उत्तर :
रैदास की भक्ति दास्य भाव की है जिसमें भक्त ईश्वर को स्वामी तथा अपने को दास के समान मानता है।

प्रश्न 34.
‘गुन अब तोर मोर सब सौगुन, क्रित उपकार न माना’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति का अर्थ है कि सारे गुण आपके हैं तथा सारे अवगुण मेरे हैं क्योंकि मैंने आपके किए हुए उपकार को नहीं माना ।

प्रश्न 35.
रैदास ने ईश्वर की तुलना किस-किस से की है ?
उत्तर :
रैदास ने ईश्वर की तुलना चंदन, घन, दीपक, चंद्रमा, मोती तथा स्वामी से की है।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
‘रोमावली अठारह’ का क्या अर्थ है?
(क) अट्नारह रोमावती
(ख) अद्ठारह भक्त
(ग) अद्ठारह गुण
(घ) अट्ठारह पुराण
उत्तर :
(घ) अद्ठारह पुराण

प्रश्न 2.
मोर किसे देखकर नाचता है ?
(क) सूर्य
(ख) चन्द्रमा
(ग) बादल
(घ) व्यक्ति
उत्तर :
(ग) बादल

प्रश्न 3.
रैदासजी के अनुसार ईश्वर का निवास है ?
(क) घर में
(ख) मस्जिद में
(ग) घट-घट में
(घ) मंदिर में
उत्तर :
(ग) घट-घट में ।

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प्रश्न 4.
रैदास के पिता का नाम क्या था ?
(क) रघुवीर दास
(ख) रग्यु
(ग) जग्गू
(घ) रामदास
उत्तर :
(ख) रग्यु ।

प्रश्न 5.
रैदास की माता का नाम क्या था ?
(क) हुलसी
(ख) तुलसी
(ग) मीरा
(घ) घुरविनिया
उत्तर :
(घ) घुरविनिया।

प्रश्न 6.
रैदास का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1388 में
(ख) सन् 1288 में
(ग) सन् 1188 में
(ब) सन् 1488 में
उत्तर :
(क) सन् 1388 में।

प्रश्न 7.
रैदास किसके शिष्य थे ?
(क) रामानंद के
(ख) रामानुजाचार्य के
(ग) भगवान राम के
(घ) मीरा के
उत्तर :
(क) रामानंद के।

प्रश्न 8.
रैदास की साहत्यिक भाषा क्या है ?
(क) खड़ी बोली
(ख) अरबी
(ग) अवधी
(घ) ब्रजभाषा
उत्तर :
(घ) ब्रजभाषा ।

प्रश्न 9.
रैदास का पैतृक व्यवसाय क्या था ?
(क) बढ़ईगिरी
(ख) चर्मकार
(ग) लुहार का
(घ) कृषि
उत्तर :
(ख) चर्मकार (जूते बनाना)।

प्रश्न 10.
रैदास किसके भक्त थे ?
(क) कृष्ण के
(ख) मीरा के
(ग) राम के
(घ) हनुमान के
उत्तर :
(क) कृष्ण के ।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित में से कौन वेद नहीं है ?
(क) ॠ्वेद
(ख) सामवेद
(ग) अथर्ववेद
(घ) रामायण
उत्तर :
(घ) रामायण

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प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से कौन वेद नहीं है?
(क) मग्वेद
(ख) अथर्ववेद
(ग) यजुर्वेद
(घ) महाभारत
उत्तर :
(घ) महाभारत ।

प्रश्न 13.
रैदास किस शाखा के कवि थे ?
(क) प्रेमाश्रयी
(ख) ज्ञानात्रयी
(ग) रीतिबद्ध
(घ) रीतिसिद्ध
उत्तर :
(ख) ज्ञानाश्रयी ।

प्रश्न 14.
रैदास समर्थक थे –
(क) मूर्तिपूजा के
(ख) मंदिर जाने के
(ग) इस्लाम के
(घ) निर्गुण-निराकार ब्रह्म के
उत्तर :
(घ) निर्गुण-निराकार ब्रह्म के ।

प्रश्न 15.
रैदास से कौन अप्रसन्न रहते थे ?
(क) माता-पिता
(ख) कबीर
(ग) रामानंद
(घ) लोग
उत्तर :
(क) माता-पिता ।

प्रश्न 16.
रैदास किस काल के कवि थे ?
(क) रीतिकाल
(ख) आदिकाल
(ग) भक्तिकाल
(घ) आधुनिककाल
उत्तर :
(ग) भक्तिकाल ।

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प्रश्न 17.
रैदास की भाषा क्या है ?
(क) ब्रजभाषा
(ख) अवधी
(ग) सधुक्कड़ी
(घ) खड़ी बोली
उत्तर :
(क) ब्रजभाषा।

प्रश्न 18.
रैदास जी का अधिकार समय व्यतीत होता था ?
(क) चित्रकारी में
(ख) पर्यटन में
(ग) ईश्वर भजन एवं सत्संग में
(घ) लेखन में
उत्तर :
(ग) ईश्वर भजन एवं सत्संग में।

प्रश्न 19.
निम्नलिखित में से रैदास ने ईश्वर को किसके समान नहीं बताया है ?
(क) मोती
(ख) सागर
(ग) चंदन
(घ) दीपक
उत्तर :
(ख) सागर ।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित में से रैदास ने किसके समान अपने को नहीं बताया है ?
(क) धागा
(ख) सोहागा
(ग) बाती
(घ) चंदन
उत्तर :
(घ) चंदन ।

प्रश्न 21.
रैदास किसकी भक्ति करना चाहते हैं ?
(क) राम की
(ख) कृष्ष की
(ग) विष्णु की
(घ) गणेश की
उत्तर :
(क) राम की।

प्रश्न 22.
प्रत्येक व्यक्ति के अंदर किसका निवास है ?
(क) ईश्वर का
(ख) कृष्ण का
(ग) रैदास का
(घ) तुलसीदास का
उत्तर :
(क) ईश्वर का।

प्रश्न 23.
रैदास ने किसे ‘करुणामैं’ कहा है ?
(क) स्वयं को
(ख) कृष्ण को
(ग) राम को
(घ) ईश्वर को
उत्तर :
(ख) कृष्ण को ।

प्रश्न 24.
‘अविगत’ कौन है ?
(क) रैदास
(ख) कृष्ण
(ग) ईश्वर
(घ) आत्मा
उत्तर :
(ग) ईश्वर ।

प्रश्न 25.
रैदास ने इस जगत का आधार किसे बताया है ?
(क) कृष्ण को
(ख) राम को
(ग) शेष नाग को
(घ) विष्यु को
उत्तर :
(क) कृष्ण को।

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प्रश्न 26.
रैदास ने हरि-सेवा का कौन-सा मार्ग बताया है ?
(क) ज्ञान
(ख) प्रेम
(ग) सहज समाधि
(घ) बाह्याडंबर
उत्तर :
(ग) सहज समाधि ।

प्रश्न 27.
‘सुरसरि’ का अर्थ है ?
(क) नदी
(ख) गंगा
(ग) सागर
(घ) सुरसा
उत्तर :
(ख) गंगा ।

प्रश्न 28.
किसके बिना संशय की गांठ नहीं छूटती ?
(क) राम
(ख) ज्ञान
(ग) प्रेम
(घ) भक्ति
उत्तर :
(क) राम ।

प्रश्न 29.
किसके नाखून के पसीने से गंगा प्रवाहित हुई है ?
(क) राम
(ख) कृष्ण
(ग) ईश्वर
(घ) रैदास
उत्तर :
(ग) ईश्वर ।

प्रश्न 30.
शिव, सनक मुनि आदि किसका अंत नहीं पा सके ?
(क) निर्गुण-निराकार ईश्वर
(ख) राम
(ग) कृष्ण
(घ) पृथ्वी
उत्तर :
(क) निर्गुण-निराकार ईश्वर।

प्रश्न 31.
चारों वेद किसका गुणगान करते हैं ?
(क) राम का
(ख) कृष्ण का
(ग) रैदास का
(घ) निर्गुण, निराकार ईश्वर का
उत्तर :
(घ) निर्गुण, निराकार ईश्वर का ।

प्रश्न 32.
‘अनभैभाव’ का अर्थ है –
(क) अनुभवहीन
(ख) अनुभव का भाव
(ग) अनगढ़
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) अनुभव का भाव ।

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प्रश्न 33.
लोहा किसके स्पर्श से सोने में बदल जाता है ?
(क) पारा
(ख) तांबा
(ग) पारस
(घ) संगमरमर
उत्तर :
(ग) पारस ।

प्रश्न 34.
रैदास ने ‘प्राणधन’ किसे कहा है ?
(क) राम को
(ख) कृष्ण को
(ग) ईश्वर के नाम को
(घ) साँस को
उत्तर :
(ग) ईश्वर के नाम को।

प्रश्न 35.
निम्नलिखित में से कृष्ण ने किसका उद्धार नहीं किया ?
(क) रावण का
(ख) अजामिल का
(ग) गज का
(घ) गणिका का
उत्तर :
(क) रावण का ।

प्रश्न 36.
रैदास ने ईश्वर और अपनी तुलना निम्न में से किससे नहीं की है ?
(क) फूल-काँटा
(ख) चंदन-पानी
(ग) दीपक-बाती
(घ) मोती-धागा
उत्तर :
(क) फूल-काँटा।

प्रश्न 37.
किसने ईश्वर को खोजते-खोजते अपना जन्म गंवा दिया ?
(क) शिव
(ख) सनक
(ग) अजामिल
(घ) बह्या
उत्तर :
(घ) बह्या।

प्रश्न 38.
वेदों की संख्या कितनी है ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर :
(ग) चार।

प्रश्न 39.
रैदास किसे चेत जाने को कहते हैं ?
(क) कवियों को
(ख) भक्तों को
(ग) मन को
(घ) प्राणियों को
उत्तर :
(ग) मन को ।

प्रश्न 40.
‘घटक्रम’ का अर्थ है।
(क) छ: क्रमांक
(ख) छ: क्रम
(ग) छ: का
(घ) छ: कर्म
उत्तर :
(घ) छ: कर्म ।

प्रश्न 41.
‘सुरसरि’ का अर्थ है ?
(क) यमुना
(ख) गंगा
(ग) सरस्वती
(घ) नर्मदा
उत्तर :
(ख) गंगा।

प्रश्न 42.
रैदास के राम कौन हैं ?
(क) दशरथ के पुत्र
(ख) अयोध्या के राजा
(ग) निर्गुण-निराकार ईश्वर
(घ) वनवासी राम
उत्तर :
(ग) निर्गुण-निराकार ईश्वर ।

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प्रश्न 43.
पुराणों की संख्या कितनी है ?
(क) पंद्रह
(ख) सोलह
(ग) सव्रह
(घ) अठारह
उत्तर :
(घ) अठारह ।

प्रश्न 44.
रैदास ने प्रभु को किसके समान बताया है ?
(क) धागा
(ख) दास
(ग) घन
(घ) मोर
उत्तर :
(ग) घन।

प्रश्न 45.
रैदास ने प्रभु को निम्न में से किसके समान बताया है ?
(क) धागा
(ख) सोना
(ग) मोर
(घ) घन
उत्तर :
(घ) घन।

प्रश्न 46.
‘तुम मोती हम धागा’ में मोती कौन है ?
(क) चंदन
(ख) मोर
(ग) चकोर
(घ) प्रभु
उत्तर :
(घ) प्रभु।

प्रश्न 47.
किसकी बास अंग-अंग में समा जाती है?
(क) चंदन
(ख) प्रभु
(ग) सोहागा
(घ) सोना
उत्तर :
(क) चंदन।

प्रश्न 48.
किसकी मति चंचल है ?
(क) प्रभु
(ख) रैदास
(ग) नरहरि
(घ) चकोर
उत्तर :
(ख) रैदास।

प्रश्न 49.
प्रत्येक घट के अंदर किसका वास है ?
(क) पानी
(ख) प्रभु
(ग) रैदास
(घ) सोना
उत्तर :
(ख) प्रभु।

प्रश्न 50.
गुन सब तोर – में ‘तोर’ किसके लिए आया है?
(क) प्रभु
(ख) रैदास
(ग) घट
(घ) प्रीति
उत्तर :
(क) प्रभु।

प्रश्न 51.
‘अविगत’ से क्या तात्पर्य है ?
(क) जो विगत नहीं है
(ख) ईश्वर
(ग) रैदास
(घ) भक्ति
उत्तर :
(ख) ईश्वर।

प्रश्न 52.
रैदास के लिए एकमात्र आधार क्या है ?
(क) पृथ्वी
(ख) आकाश
(ग) भक्ति
(घ) नरहरि
उत्तर :
(घ) नरहारि।

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प्रश्न 53.
प्रभु ने निम्न में से किसको मोक्ष नहीं दिया ?
(क) अजामिल
(ख) गज
(ग) रैदास
(घ) गणिका
उत्तर :
(ग) रैदास।

प्रश्न 54.
रैदास कैसी भक्ति करते हैं ?
(क) गुरू-शिष्य की
(ख) स्र्री-पुरुष की
(ग) स्वामी-दास की
(घ) नर-नारी की
उत्तर :
(ग) स्वामी-दास की।

प्रश्न 55.
कवि रैदास ने प्रभुजी को चंदन एवं अपने को माना है?
(क) हवा
(ख) पानी
(ग) पर्वत
(घ) बर्फ
उत्तर :
(ख) पानी।

प्रश्न 56.
‘प्रभुजी तुम चंदन हम पानी’ में पानी किसे कहा गया है ?
(क) सेवक
(ख) भक्त
(ग) ईश्वर
(घ) दीया
उत्तर :
(ख) भक्त।

प्रश्न 57.
रैदास किसकी भक्ति करना चाहते हैं ?
(क) राम
(ख) कृष्ण
(ग) विष्यु
(घ) गणेश
उत्तर :
(ख) कृष्ण।

प्रश्न 58.
रैदास ने अपने-आपको किसके समान बताया है ?
(क) पानी
(ख) चंदन
(ग) दीपक
(घ) सोहागा
उत्तर :
(क) पानी।

प्रश्न 59.
रैदास किसके गुरुभाई थे ?
(क) रहीम के
(ख) कबीर के
(ग) बिहारी के
(घ) वृंद के
उत्तर :
(ख) कबीर के।

WBBSE Class 10 Hindi रैदास के पद Summary

कवि परिचय 

संत कवि रैदास का जन्म सन् 1388 में काशी (वाराणसी) में हुआ था । पिता का नाम रघु तथा माता का नाम घुरविनिया था। रैदास भक्तिकाल के उन कवियों में से हैं जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से साभाजिक कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया । इनकी लोकवाणी आज भी जनजन के हृदय में गुंजती है । हलांकि ये ज्ञानाश्रयी शाखा के कवि थे फिर भी इनका काव्य ज्ञानाश्रयी तथा प्रेमाश्रयी शाखा के बीच सेतु (पुल) का काम करता है । रैदास संत कबीरदास के गुरूभाई थे क्योंकि इनके गुरु भी स्वामी रामानंद ही थे ।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद 1

संत रैदास जाति से चर्मकार थे तथा इनका पैतृक व्यवसाय जूते बनाना था। उन्होंने भी इस व्यवसाय को ही अपनाया। प्राय: जरूरतमंदों तथा गरीबों को ये बिना मूल्य लिए ही जूते भेंट कर दिया करते थे । इसी से उनके परोपकारी तथा दयालु स्वभाव का पता चलता है। उनकी इस दानशीलता तथा परोपकारिता के कारण माता-पिता अप्रसन्न रहते थे ।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद

रैदास ने कबीर की ही तरह ईश्वर-भक्ति के नाम पर बाह्याडबर को बुरा बताया तथा लोगों को आपस में प्रेमपूर्वक मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया। उनका ऐसा मानना था कि सदाचार, परहित की भावना तथा सद्व्यवहार से ही ईश्वर को पाया जा सकता है । उल्लेखनीय है कि भक्तिकाल की सुपसिद्ध कवयित्री मीराबाई ने भी रैदास को ही अपना गुरु बनाया था ।

संत रैदास की भाषा सरल, सहज, मर्मस्पर्शी तथा व्यावहारिक ब्रज़ाषा है। इनकी भाषा में अवधी, राजस्थानी, खड़ी बोली तथा अरबी-फारसी के शब्दों का भी प्रयोग मिलता है ।

भावार्थ

पद सं० -1

प्रभु जी तुम चंदन हम पानी ।
जाकी अंग-अंग बास समानी ।
प्रभु जी तुम घन बन हुम मोरा।
जैसे धितवत चंद चकोरा |
म्रभु जी तुम दीपक हम बाती ।
जाकी जोति बरे दिन राती ।
प्रभु जी तुम मोती हम धागा ।
जैसे सोनहि मिलत सोहागा ।
प्रभु जी तुम स्वामी हम दासा ।
ऐसी भक्ति करे रैदासा

शब्दार्थ :

  • जाकी = जिसकी
  • बास = सुग्ध ।
  • समानी = समावा हुआ ।
  • घन = बादल ।
  • मोरा = मयूर ।
  • चितवत = उदय में बसा हुआ ।
  • चकोरा = बकोर (पथीं)
  • जोति = ज्योति ।
  • बरे = जलता है।
  • दिन राती = दिन – रात ।
  • सोनहिं = सौना ।
  • सोहागा = एक म्रकार का रसायन ।
  • दासा = दास ।

प्रश्न 1.
प्रसुत काव्यांश किस पाठ से उड्यात है ?
उत्तर :
घस्तुत काव्यांश ‘रैदास के पद’ से उद्दुत है।

प्रश्न 2.
इस पध्यांश के रचनाकार का नाम लिखें।
उत्तर :
इस पद्यांश के र्वनाकार भाकाकाल के संत काव रैदास है।

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प्रश्न 3.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्ष लिखें।
उत्तर :
प्रसुत्र पद में रैदास ईंश्वर के पाति अपनी भावना प्रकट करते तुए कहते है कि आप बंदन की तरह सुग्षयुक्त हैं तथा मे पानी की तरह हूं जिसमें कोई सुग्य नहीं होती। आपकी युगध मेरे आग-अंग में समायी हुई है। आप तो उस काले बादस के समान है जिसे देधकर मेरा मनरूपी मवूर नाब उठता है । आप मेरे लिए वैसे ही है जैसे बकोर के लिए चंद्रमा। प्रपु आप तो दोपक तथा में बाती के समान हूं। आपके बिना में अभूरा है तथा आपका ही एकाश दिन-रात कैला रहता है। प्यु, आण मोती तथा मै थागे के समान हैं । मेंने अपने-आपको आपकी माक्त में बैसे ही बिलीन कर दिया

काव्यगत सौदर्य :

1. मस्तुत पद में रैदास की ईश्वर के पति दार्य-भावना प्रकट हुई है।
2. प्रस्तुत्त पद के ‘चितबन, चद, बकोरा’, ‘जाकी जोति’ में अनुपास तथा ‘अंग-अंग’ में चेकानुमास अलंकार है ।
3. रैदास ने ईश्वर को सर्वगुण संपन्न तथा अपने को गुणरहित बताया है ।
4. रस शांत है ।
5. भाषा सरल बजभाषा है।

पद सं० 2.

नरहरि चंथल मति मोरी
कैसे भगति करौं मैं तोरी ।
तू मोहि देखी, हाँ तोहि देखी, प्रीति परस्पर होई ।
वृ मोहि देखे, हों तोहि न देखं, इहि मति सब बुधि खोई |
सब घट अंतरि रमसि निरतारि, मैं देखत हैँ नहीं जाना ।
गुन सब तोर मोर सब औगुन, क्रित उपकार न माना ।
मैं तैं तोरि मोरि असमझ सों, वैसे करि निसतारा ।
कहै ‘रैदास’ वृस्न करुणां मैं, जै जै जगत अधारा

शब्दार्थ :

  • नरहरि = ईश्वर ।
  • चंचल = अस्थिर ।
  • मति = बुद्धि ।
  • मोरी = मेरी ।
  • भर्गति = भक्ति ।
  • तोरी = तुम्हारी ।
  • मोहि = मुझे ।
  • तोहि = तुझे ।
  • इहि = इसी ।
  • बुधि = बुद्धि
  • खोई = खो दिया ।
  • घट = शरीर ।
  • अंतरि = अंदर ।
  • रमसि = रमा रहता है ।
  • निरतंरि = लगातार ।
  • गुन = गुण ।
  • तोर मोर = तुम्हारा – मेरा ।
  • औगुन = अवगुण ।
  • क्रित = किए गए।
  • उपकार = भलाई ।
  • असमझ = अविवेक।
  • सों = से ।
  • कैसे करि = कैसे किया जाय ।
  • निसतारा = समाधान ।
  • कृस्न = कृष्ण।
  • करूणांमें = करूणामय ।
  • जै जै = जय-जय ।
  • अधारा = आधार ।

प्रश्न – 1.
प्रस्तुत काव्यांश किस पाठ से उद्धुत है ?
उत्तर :
प्रस्तुत काव्यांश ‘रैदास के पद’ से उद्दृत है ।

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प्रश्न – 2.
इस पद्यांश के रचनाकार का नाम लिखें ।
उत्तर :
इस पद्यांश के रबनाकार भक्तिकाल के संत कवि रैदास हैं।

प्रश्न – 3.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पद में रैदास ने अपनी भक्ति के मार्ग में आनेवाली बाधाओं का उल्लेख किया है। वे कहते हैं कि मेरी बुद्धि चंचल है और इस चंचल बुद्धि से आपकी भक्ति भला कैसे की जा सकती है। जब तक हम दोनों एक-दूसरे को देख नहीं पाएंगे तो फिर पेम कैसे उपजेगा । न आप मुझे देखते हैं और न मैं आपको । मैं अपनी सुध-बुध खो बैठा हूँ।

ईश्वर का वास तो प्रत्येक के ब़दय में है लेकिन में अज्ञानतावश उसे नहीं देख पाया। आपके गुण तो अपार हैं और मैं गुणहीन हूँ । आपने जो उपकार मेरे ऊपर किए हैं मैने उसे भी नहीं माना, भुला दिया। मैं अपनी-पराये के भेदभाव में पड़ा रहा और इससे भला मैं कैसे मोक्ष पा सकता हूँ। कृष्ण तो करूणामयी हैं, वही इस संपूर्ण जगत के आधार हैं। ऐसे करूणामयी कृष्ण की मैं जय-जयकार करता हूँ ।

काव्यगत सौंदर्य :

1. पस्तुत पद में रैदास ने कृष्ण के पति अपनी भक्ति-भावना प्रकट की है ।
2. रैदास अपनी अज्ञानता तथा अवगुणों को ही ईश्वर-प्राप्ति के मार्ग में बाधक मानते हैं।
3. प्रस्तुत पद के ‘मति मोरी’, ‘प्रीति परस्पर’, ‘कैसे करि’ तथा ‘कृस्न करूणां में में अनुपास अलंकार है ।
4. ‘जे-जै’ में छेकानुपास अलंकार है।
5. रस शांत है ।
6. भाषा सरल ब्रजभाषा है।

पद सं० – 3

अविगत नाथ निरंजन देवा ।
मैं का जानूं तुम्हरि सेवा ||

बांधू न बंधन छांऊँ न छाया, तुमही सेऊँ निरंजन राया ।
चरन पताल सीस असमाना, सो ठाकुर कैसे संपटि समाना ॥

सिव सनकादिक अंत न पाया, खोजत ब्रह्वा जनम गंवाया ।
तोड्डू न पाती पूर्जौं न देवा, सहज समाधि करौं हरि सेवा ||

नख प्रसेद जाके सुरसुरी धारा, रोमावली अठारह धारा ।
चारि बेद जाकै सुमृत सासा, भगति हेत गावै रैदासा ।।

शब्दार्थ :

  • अविगत = जिसे जाना न जा सके ।
  • नाथ = स्वामी ।
  • निरंजन = ईश्वर ।
  • देवा = देवता
  • का = क्या।
  • छाऊँ = छवाना ।
  • तुमही = तुम्हें ही ।
  • सेऊँ = सेवा करूँ ।
  • राया = । चरन = वरण ।
  • पताल = पाताल ।
  • सीस = सिर ।
  • असमाना = आसमान ।
  • सो = वह ।
  • ठाकुर = ईश्वर ।
  • संपटि = नेत्र, आँख ।
  • समाना = समा सकता है ।
  • सिव = शिव ।
  • सनकादिक = सनक मुनि आदि
  • गंवाया = बिता दिया, खो दिया।
  • पाती = परंपरा ।
  • पूजौं = पूजा करूँ ।
  • सहज = आसानी ।
  • प्रसेद = पसीना ।
  • जाके = जिसकी ।
  • सुरसरि = गंगा ।
  • चारि बेद = चारों वेद ।
  • सुमृत = । सासा = ।
  • भगति = भक्ति ।
  • हेत = के लिए ।
  • गावे = गाते हैं ।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत काव्यांश किस पाठ से उद्धुत है ?
उत्तर :
प्रस्तुत काव्यांश ‘रैदास के पद’ से उद्धृत है ।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद

प्रश्न 2.
इस पद्यांश के रचनाकार का नाम लिखें ।
उत्तर :
इस पद्यांश के रचनाकार भक्तिकाल के संत कवि रैदास हैं।

प्रश्न 3.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पद में रैदास कहते हैं कि ईश्वर तो अविगत हैं और उनको किस सेवा के द्वारा प्रसन्न किया जाय-यह मैं नहीं जानता । उस अविगत ईश्वर के चरण पाताल में तथा सिर आसमान को छूते हैं- भला जिनका विस्तार इतना विशाल है, जिसे शिव, सनक आदि भी न जान सके, जिसे खोजते-खोजते स्वय बहा ने भी अपने जन्म को गंवा दिया वे भला मंदिर में कैसे समा सकते हैं ।

न तो में उन पर पूजन-सामग्री चढ़ाता हूँ, न अन्य लोगों की तरह उनकी पूजा ही करता हूँ । मैं तो अपनी सहज समाधि के द्वारा ही उनकी अराधना करता हूँ । जिनके पैरों के नख से गंगा प्रवाहित होती हो, जिनकी रोमावली से ही अठ्ठारह पुराणों का जन्म हुआ हो तथा चारों वेद जिनकी सांसों में बसा हो – उस असीम, निर्गुण, निराकार ईश्वर की उपासना ही रैदास करते हैं।

काव्यगत सौंदर्य :

1. यहाँ रैदास ने कबोर की ही भांति निर्गुण-निराकार ब्रह्म की उपासना की है।
2. इस ईश्वर को केवल सहज समाधि के द्वारा ही पाया जा सकता है, किसी बाह्याडंबर से नहीं।
3. प्रस्तुत पद के ‘नाथ निरंजन’, ‘संपटि समाना’, ‘सिवन सनकादिक’, ‘पाती पूजाँ’, ‘सहज समाधि’ तथा ‘सुमृत सासा’ में अनुभास अलंकार है ।
4. रस शांत है ।
5. भाषा सहज-सरल ब्रजभाषा है।

पद सं० – 4

राम बिन संसै गाँठि न छूटै ।
काम क्रोध मोह मद माया, इन पंचन मिलि लूटै ।।
हम बड़ कवि कुलीन हम पंडित, हम जोगी संन्यासी।
ग्यांनी गुनीं सूर हम दाता, यहु मति कदे न नासी ||
पढ़ें गुनें कछु समझ़ न परई, जौ लौ अनभै भाव न दरसै ।
लोहा हर न होइ धाँ वैदसें, जो पारस नही परसै ||
कहै रैदास और असमझासि, भूमि परै खम भोरे ।
एक अधार नाम नरहारि कौ, जीवनि प्रान धन मोरै ||

शब्दार्थ :

  • बिन = बिना ।
  • संसै = संशय ।
  • गाँठि = गाँठ, बंधन (जन्म और मृत्यु का बंधन) ।
  • काम = इच्छा ।
  • मोह = लालच
  • मद = मिलकर ।
  • लूटै = लूटते हैं।
  • बड़ = बड़े ।
  • कुलीन = बड़े कुल (खानदान, वंश) का ।
  • जोगी = योगी।
  • ग्यांनी = ज्ञानी ।
  • गुनीं = गुणवान, गुणी ।
  • दाता = देने वाला।
  • यहु = यह ।
  • मति = बुद्धि ।
  • कदे न = कभी नहीं ।
  • नासी = नाश होता है ।
  • पढ़े-गुनें = पढ़ना और समझना ।
  • कछु = कुछ भी ।
  • समझि न परई = समझ में नहीं आता है ।
  • जौ लौ = जब तक ।
  • दरसै = दिखायी देता है ।
  • हर = हीरा ।
  • न होइ = नहीं हो सकता है ।
  • पारस = एक प्रकार का पत्थर जिसके
  • सर्श से लोहा सोने में बदल जाता है।
  • परसै = स्पर्श ।
  • असमझ़ास = असमझ्श के कारण ।
  • भूाल परं = भूल में पड़कर ।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत काव्यांश किस पाठ से उद्दृत है ?
उत्तर:
पस्तुत काव्यांश रैदास के पद’ से उद्धृत है ।

प्रश्न 2.
इस पद्यांश के रचनाकार का नाम लिखें ।
उत्तर :
इस पद्यांश के रचनाकार भक्तिकाल के संत कवि रैदास हैं ।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद

प्रश्न 3.
पंच विकार क्या करते हैं?
उत्तर :
पंच विकार मनुष्य का सबकुछ लूट लेते हैं अर्थात् उसे ईश्वर-नाम से विमुख कर टेते हैं, ईश्वर की भवित से दूर कर देते हैं।

प्रश्न 4.
प्रस्तुत पंक्ति का प्रसंग सहित आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
प्रस्तुत पद में रैदास ने राम-नाम की महत्ता का गुणगान करते हुए कहते हैं कि बिना राम (ईश्वर) का नाम लिए मनुष्य संशय से नहीं छूट सकता है। काम, क्रोध, मोह, मद और माया ये पाँचों मिलकर मनुष्य को लूट लेते हैं। अर्थात् ईश्वर-नाम से विमुख कर देते हैं। मनुष्य का यह भाव कि हम बड़े कवि हैं, हम कुलीन हैं, हम पंडित हैं, हम योगीसन्यासी हैं, ज्ञानी-गुनी और महान दाता है|

नष्ट नहीं हो पाता पदी-लिखकर भी मनुष्य को तब तक सच्चे ज्ञान को प्राप्ति नहीं होती जब तक कि वह अनासक्त भाव से ईश्वर की भक्ति न करे। ठीक वैसे ही जैसे बिना पारस के स्पर्श के लोहा सोने में नहीं बदल सकता । मनुष्य अपनी असमझ तथा भम के कारण ही ईश्वर से विमुख हो जाता है । रैदास कहते हैं कि उनके जोवन का प्राणधन तथा एकमात्र आधार तो ईश्वर का नाम-स्मरण ही है ।

काव्यगत सौंदर्य :

1. प्रस्तुत पद में रैदास ने ज्ञान तथा अनुभव के द्वारा ईश्वर को जानने-पाने की बात कही है ।
2. काम, क्रोध, मोह, मद और माया से बचकर ही ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है।
3. सच्चा ज्ञान पुस्तकों से नहीं, अनुभव से ही पाया जा सकता है।
4. अनासक्त भाव के बिना ईश्वर की प्राप्ति वैसे ही नहीं हो सकती जैसे बिना पारस के स्यर्श के लोहा सोने में नहीं बढल सकता ।
5. प्रस्तुत पद के ‘काम क्रोध’, ‘मोह मद माया’, ‘कवि कुलोन’, ‘ज्ञानी-गुनी’, भ्रम भोरे’ में अनुप्रास अलंकार है।
6. रस शांत है ।
7. भाषा सहज ब्रज भाषा है ।

पद सं० – 5

रे चित चेति कहिं अचेत काहे, बालमीकहिं देखि रे ।
ज्ञाति थैं कोई पदि न पहुच्या, राम भगति बिसेषरे ||
षटक्कम सहित जे विप्र होते, हरि भगति चित द्रिद्ध नांहि रे 
हरिकथा सुहाया नांहीं, सुपच तुलै तांहि रे ||
मित्र सत्रु अजाति सब ते, अंतरि लावे हेत रे ।
लोग बाखी कहा जानें, तीनि लोक पवित रे
अजामिल गज गनिका तारी, काटी कुंजर की पासि रे ।
ऐसे दुरमति मुकती किये, तो क्यूँ न तिरै रैदासरे ।

शब्दार्थ :

  • चित = चित्त, हुदय ।
  • चेति = चेत जाओ, सावधान हो जाओ ।
  • अचेत = बिना चंतना के ।
  • बालमीकहिं = वाल्मीकि (मुनि) को ।
  • देखि रे = देखो रे ।
  • थैं = से ।
  • पदि = पद ।
  • पहुच्या = पहुँचा ।
  • बिसेषरे = विशेष है ।
  • घटक्रम = छ: कर्म ।
  • विप्र = गरीब ।
  • द्रिढ़ = दृढ़ ।
  • सुहाय = सुहाना, अच्छा लगना ।
  • तांहि = उसे ।
  • सत्रु = शत्रु ।
  • अंतरि = हददय से ।
  • हेत = हित ।
  • कहा = कहाँ ।
  • तीनि = तीनों ।
  • पवित = पवित्र ।
  • गज = हाथी ।
  • गनिका = वेश्या ।
  • तारी = तार दिया, मोक्ष दिया ।
  • कुंजर = हाथी
  • पासि = बंधन ।
  • दुरमति = बुरी मति, बुरी बुद्धि ।
  • मुकती = मुक्त, मोक्ष ।
  • तिरै = तर जाते हैं, मोक्ष पा जाते हैं।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत काव्यांश किस पाठ से उद्धुत है ?
उत्तर :
प्रस्तुत काव्यांश ‘रैदास के पद’ से उद्धृत है ।

WBBSE Class 10 Hindi Solutions Poem 1 रैदास के पद

प्रश्न 2.
इस पद्यांश के रचनाकार का नाम लिखें ।
उत्तर :
इस पद्यांश के रचनाकार भक्तिकाल के संत कवि रैदास हैं।

प्रश्न – 3.
प्रस्तुत पद्यांश का भावार्थ लिखें ।
उत्तर :
पद की इन पंक्तियों में भक्त कवि रैदास ने ईश्वर-भक्ति की महत्ता को दर्शाया है। वे कहते हैं कि हे मन, अब भी चेत जा । ऐ मन, वाल्मीकि को उदाहरण के रूप में देखो। उन्होंने जाति के आधार पर इतना ऊँचा पद नहीं प्राप्त किया बल्कि राम की भक्ति से प्राप्त किया । जिस ब्राह्मण को ईश्वर की कथा में कोई रूचि नहीं है, वह अपने छ: कर्मों – अध्ययन, अध्यापन, यजन (यज्ञ करना), याजन (यज्ञ कराना), दान और प्रतिग्रह के होते हुए भी उनका मन चंचल रहता है।

जो मित्र, शत्रु तथा जाति-अजाति के बंधन से मुक्त हैं, जिनके हादय में सबके लिए हित की भावना हो – वही तीनों लोकों में यश की प्राप्ति कर पाते हैं – इसे वे लोग कहाँ जान पाते हैं जिनके हुदय में ईश्वर-भक्ति नहीं हैं । हे कृष्ण, आपने ही घड़ियाल के मुख से गज की रक्षा की तथा अजामिल एवं गणिका जैसे तुच्छ प्राणियों को मोक्ष प्रदान किया । जब आपने ऐसों-ऐसों का उद्धार किया तो फिर रैदास का उद्धार क्यों नहीं करते ?

काव्यगत सौदर्य:

1. प्रस्तुत पद में रैदास ने कहना चाहा है ईश्वर की अनन्य भक्ति से ही मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है।
2. ईश्वर-भक्ति से बड़े से बड़े अधम को भी मोक्ष की प्राप्ति हुई।
3. ईश्वर को कृपालु बताने के लिए पौराणिक कथा को उद्दुत किया गया है ।
4. पस्तुत पद के ‘चित चेति’, ‘षटक्रम सहित’, ‘गज गनिका’, ‘काटी कुंजर’ में अनुप्रास अलंकार है ।
5. रस शांत है ।
6. भाषा बजभाषा है ।

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

Students should regularly practice West Bengal Board Class 9 Hindi Book Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण to reinforce their learning.

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 Question Answer – पर्यावरण संरक्षण

ससंदर्भ आलोचनात्मक व्याख्या

प्रश्न 1.
वास्तव में पर्यावरण बड़ा व्यापक शब्द है ।
– पाठ तथा लेखक का नाम लिखें । पंक्ति का आशय स्पप्ट करें ।
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ और लेखक का नाम शुकंतेव प्रसाद है
साधारणत: हम पर्यावरण का अर्थ अपने आसपास के वातावरण से लेते हैं । लंकिन इसका अर्थ यहीं नक सांन नहीं है । पर्यावरण का अर्थ इस पृथ्वी की उस प्राकृतिक व्यवस्था से है, जिसमें सजीव जन्म लेते है, बढ़ते-पनपते है और अपने स्वाभाविक गुणों का विकास करते हैं।

प्रश्न 2.
पर्यावरण की बिगड़ती दशा आज समूचे सभ्य संसार के लिए चर्चा का विषय है ।
– प्रस्तुत पंक्ति किस पाठ से ली गई है । पंक्ति में निहित भाव स्पष्ट करें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति ‘पर्यावरण-संरक्षण’ पाठ से ली गई है ।
पहले पर्यावरण के बारे में प्रत्येक देश अपने स्तर से सोच रहा था । आगे चलकर यह अनुभव किया गया कि बदलते हुए पर्यावरण के लिए कोई एक राष्ट्र उत्तरदायी नहीं है । सबसे अधिक उत्तरदायी वे देश है, जो उद्योगों में सबसे आगे हैं । इसका असर उन देशों पर भी पड़ रहा है, जो विकासशील हैं। इसलिए पर्यावरण की बिगड़ती दशा, आज हर देश के लिए चर्चा का विषय है।

प्रश्न 3.
भंडार सीमित हैं और कुछ वर्षों में समाप्त हो जाएँगे ।
– पाठ का नाम लिखें । यहाँ किसके भंडार के बारे में क्या कहा जा रहा है ?
उत्तर :
पाठ का नाम पर्यावरण-संरक्षण है ।
यहाँ फॉसिल (जीवाश्म) ईंधन के बारे में यह कहा जा रहा है, कि इनके भंडार सीमित हैं। यदि इन्हें हम यूँ ही अपव्यय करते रहे, तो एक दिन सारे संसार में ऊर्जा का संकट पैदा हो जाएगा। हालॉंकि, फॉसिल ईधन का विकल्प ढूँढने की पूरी कोशिश हो रही है । लेकिन अभी इस ऊर्जा का कोई विकल्प नहीं ढूँढ़ा जा सका है, जो इतनी अधिक मात्रा में उपलब्ध हो सके।

प्रश्न 4.
दोषी हम हैं और इसी नाते परिणाम भी हमें ही भुगतना होगा ।
– लेखक कौन हैं ? किस दोष का परिणाम हमें भुगतना पड़ेगा ?
उत्तर :
लँखक श्री शुकदेव प्रसाद हैं।
सृष्टि के प्रारंभ से ही जितनी भी सभ्यताएं हुई, सब में प्रकृति का काफी दोहन हुआ है। प्राधीन सभ्यना आं न एक स्थान के प्राकृतिक उपादान के समाप्त हो जाने पर लोग स्थान बदल लेते थे । उस सभय भी पर्यावरण-प्रदूषण के कारण जलप्रलय तथा महामारी की घटनाएँ घटी और कई सभ्यताएँ नष्ट हो गई । आज फिर हम उसी गलती को दुहरा रहे हैं, तो इसका परिणाम भी हमें ही भुगतना पड़ेगा।

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

प्रश्न 5.
मानव सभ्य हो या बर्बर, प्रकृति की संतान हैं उसका स्वामी नहीं ।
अथवा
प्रश्न 6.
हम प्रकृति की संतान हैं, स्वामी नहीं ।
– पाठ तथा लेखक का नाम लिखें । पंक्ति का आशय स्पष्ट करें ।
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ तथा लेखक का नाम श्री शुकदेव प्रसाद है ।

हमने अपने लाभ के लिए केवल प्रकृति से लिया । उसके संरक्षण की बात कभी सोची नहीं । हमारे मन में हमेशा यह बात रही कि प्रकृति पर हमारा अधिकार है । हमें याद रखना चाहिए कि प्रकृति के सामने हमारी शक्ति कुछ भी नहीं है। यदि हमें प्रकृति से लाभ लेना है, तो हमें प्रकृति के नियम के अनुसार ही बलना होगा, वरना प्रकृति हमें नष्ट कर देगी। हमें कह याद रखना चाहिए कि हम प्रकृति की संतान हैं, स्वामी नहीं।

प्रश्न 7.
हमने उसे मात्र भोग्बा समझा, उस पर अपना प्रभुत्व जमाना चाहा ।
अशवा
प्रश्न 8.
यही हमने भूल की ।
– पाठ का नाम लिखें । पंक्ति में लेखक क्या कहना चाहते हैं ?
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यांवरण-संरक्षण’ है ।
प्रकृति के बारे में हमारी भावना सकुचित थी । हमने यह सोचा, कि वह केवल हमारे भोग के लिए बनी है । उसके संरक्षण की बात हमने कभी सोची ही नहीं । हमने सोचा कि प्रकृति हमेशा अपना वैभव हम पर लुटाती रहेगी। इसी भ्रम के कारण हमने प्रकृति को सही तरीके से नहीं समझा और अव उसका दुष्पभाव हमारे सामने है। यदि हमें प्रकृति पर प्रभुत्व जमाना है, तो हमें प्रकृति के नियमो को भी समझना होगा, उसका अनुसरण करना होगा।

प्रश्न 9.
वह जहाँ से भी गुजरा है, वहीं भूमि मरुस्थल हो गई है ।
अथवा
प्रश्न 10.
इस कथन में कुछ अतिशयोक्ति हो सकती है, लेकिन यह बेबुनियाद नहीं है ।
– ससंद्र्भ-पंक्ति का आशय स्पष्ट करें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है।
किसी पर्यावरण-चिंतक ने मानव इतिहास के बारे में कहा है कि मनुष्य पृथ्वी के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँच गया है लेकिन वह जहाँ-जहाँ से गुजरा है उसने वहाँ की भूमि को मरस्थल बना दिया। बात कुछ बढ़ा-चढ़ा कर कही गई मालूम होती है लेकिन इसमें सच्चाई है । यदि ऐसा नहीं हुआ होता तो अनेक सभ्यताओं का पतन नहीं होता। प्रत्येक सभ्यता के पतन के पीछे असंतुलित पर्यावरण ही प्रमुख कारण रहा है ।

प्रश्न 11.
उर्जा हमारे जीवन का पर्याय है ।
– पाठ और लेखक का नाम लिखें । उर्जा को हमारे जीवन का पर्याय क्यों कहा गया है ?
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ है तथा इसके लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
आज के दौर में हम ऊर्जा के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं कर सकते । हमारे आवागमन, स्वास्थ्य, इंटरनेट, टी. वी. शिक्षा सबके साथ किनी न किसी रूप में उर्जा जुड़ी है । यदि हम जीवन से उर्जा को निकाल दें तो हमारी हालत आदि मानव से भी बुरी हो जाएगी। आदि मानव के जीवन का संबल तो वन था लेकिन हमारे पास वह भी नहीं है ।

प्रश्न 12.
पूर्वकाल की सभ्यताओं के साथ बात उल्टी थी ।
– लेखक का नाम लिखें । पूर्वकाल की सभ्यताओं के साथ कौन-सी बात उल्टी थी ?
उत्तर :
लेखक शुकदेव प्रसाद हैं ।
प्राचीन सभ्यता में लोग पर्यावरण को देवता के समान पूजते थे । वृक्षों, पर्वतों, नदियों आदि के पूजन की परपरा वहीं से चली है । वे प्रकृति का सम्मान करना जानते थे लेकिन आज हम पर्यावरण का सम्मान करना भूल गए हैं। हम उपभोक्तावादी संस्कृति को महत्व देते हैं लेकिन प्राचीन सभ्यता के साथ यह बात उल्टी थी ।

प्रश्न 13.
भ्रम परेशानी का कारण बन गया ।
– पंक्ति के लेखक कौन हैं ? कौन-सा भ्रम परेशानी का कारण बन गया ?
उत्तर :
पंक्ति के लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
मनुष्य की पर्यावरण-संबंधी परेशानी तब शुरु हुई जब उसने यह भ्रम पाल लिया कि उसका प्रकृति पर स्थायी अधिकार है । उसने प्रकृति के नियमों के बारे में बिना जाने-समझे ही अपने-आपको मालिक समझ लिया ।

प्रश्न 14.
थोड़ी सी मुद्ठीभर विकसित राष्ट्रों ने अपने स्वार्थ साधने के लिए सारी दुनिया के लिए संकट उत्पन्न कर दिया है।
– ससंदर्भ आशय स्पष्ट करें ।
उत्तर:
म्स्तुत पंक्ति शुकदेव प्रसाद के चितनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से ली गई है ।
जो सामाज्यवादी तथा पूँजीवादी देश हैं, उनमें उद्योगों की होड़ लगी है । उद्योग तथा व्यापार के द्वारा उन्होंने पूरी दुनिया पर अपना शासन करना चाहा। इस होड़ में वे पर्यावरण की बात भूल गए और अब उसी का परिणाम पूरी दुनिया को भुगतना पड़ रहा है।

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

प्रश्न 15.
किसी एक की कुचेष्टा दूसरे के लिए कष्ट का कारण कभी भी बन सकती है ।
– इस पंक्ति के लेखक कौन हैं ? यहाँ किस कुचेष्टा के बारे में कहा गया है ?
उत्तर :
इस पंक्ति के लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
आज देशों की समृद्धि का मापदंड उद्योग बन चुका है। इस दौड़ में आगे निकलने के क्रम में ऐसे राप्रों ने पर्यावरणसंबंधी नियम को ताक पर रख दिया । उन्हीं की इस कुघेशस से दूसरे देश भी प्रभावित हो रहे हैं जो उद्योगों की दौड़ में नहीं हैं । सच ही है कि जब पड़ोस में आग लगेगी तो हम भी उससे सुरक्षित नहीं रह पाएँगे।

प्रश्न 16.
वस्तुत: आज उद्योग हमारी समृद्धि के मापदंड बन गए हैं।
– पाठ और लेखक का नाम लिखें । पंक्ति का भाव स्पप्प करें ।
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ है । इसके लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
औद्योगिक क्रांति से उद्योगों की जो दौड़ शुरू हुई, वह आज भी रुकने का नाम नहीं ले रही है। उद्योग-धंधे ही आज किसी भी राष्ट्र की समृद्धि के मापदंड बन गए हैं। यदि हमने अपनी इस मानसिकता को नहीं बदला तो इसके भयंकर परिणाम भुगतने के लिए हमें तैयार रहना होगा ।

प्रश्न 17.
असंतुलन में कमी आए, फिलहाल ऐसा नहीं लगता ।
– पाठ का नाम लिखें । यहाँ किस असंतुलन की बात कही जा रही है ?
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ है।
लेखक का ऐसा अनुमान है कि औद्योगीकरण की प्रवृत्ति पर कोई रोक नहीं लगा रहा है बल्कि यह दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है । जबतक उपभोगवादी वियारधारा को हम नहीं बदलेंगे और प्रत्येक राष्टृ अपनी इस जिम्मेवारी को गंभीरतापूर्वक नहीं निभाएगा तब तक पर्यावरण में असतुलन बना ही रहेगा और हाल-फिलहाल इस पर्यावरण-असंतुलन में कमी आने की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं दिखाई देती।

प्रश्न 18.
इस बेतहाशा वृद्धि का प्रभाव हमारे सामाजिक मूल्यों पर पड़े बिना नहीं रहेगा ।
– पंक्ति के लेखक कौन हैं ? पंक्ति का भाव स्पष्ट करें ।
उत्तर :
पंक्ति के लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
पर्यावरण के बिगड़ने का एक प्रमुख कारण संसार की जनसंख्या का दिन-पतिदिन बढ़ते ही जाना है । सन् 1830 तक पूरी दुनिया की जितनी आवादी थी आज उतनी आबादी केवल भारत की है। इसी से हम जनसंख्या-वृद्धि का अंदाजा लगा सकते हैं । अगर दुनिया की जनसंख्या ऐसे ही बढ़ती रही तो वह दिन दूर नहीं जब इसका प्रभाव हमारे सामाजिक मूल्यों को भी प्रभाषित करेगा ।

प्रश्न 19.
आश्चर्य नहीं कि आने वाले 2-3 दशकों के बाद बच्चे अत्यंत कम सुनने की क्षमता वाले हों अथवा बहरे ही पैदा हों ।
– पाठ का नाम लिखें । पंक्ति का भाव स्पष्ट करें ।
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ है ।
जैसे-जैसे आबादी बढ़ रही है उसी अनुपात में कल-कारखाने, मोटरगाड़ियाँ आदि भी बढ़ रहे हैं। इनके कारण पर्यावरण में शोर भी बढ़ता जा रहा है । यदि इस ध्वान-प्रदूषण पर रोक नहीं लगाया गया तो इतना निश्चित है कि आनेवाले दो-तीन दशकों के बाद जो बच्चे पैदा होंगे, उनके सुनने की क्षमता कम होगी । यह भी असंभव नहीं कि वे बहरे ही पैदा हों।

प्रश्न 20.
इस अभिशाप से हम मुक्त भी हो सकेंगे, यह कहना असंभव है ।
– इसके लेखक का नाम लिखें । यहाँ किस अभिशाप के बारे में कहा गया है ?
उत्तर :
लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
जब औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई थी तो लोगों ने इसे बहुत बड़ा वरदान माना था। लेकिन ये उद्योग ही आज हमारे लिए अभिशाप बन गये हैं। जीवन का, पर्यावरण का कोई भी क्षेत्र पदूषण से मुक्त नहीं है । ये प्रदूषण हवा में घुले ज़हर की तरह हैं जिसका शिकार चाहे-अनचाहे सबको होना पड़ रहा है । इस अभिशाप से मुक्ति पाने की भी कोई उम्मीद नज़र नहीं आती ।

प्रश्न 21.
ये सारी परिस्थितियाँ प्रदूषणजन्य हैं ।
– ससंदर्भ्भ कथन का आशय स्पष्ट करें ।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से ली गयी है।
स्वीडेन के प्राणी विज्ञानी कारकुरी लिंड्टल अपने शोध के द्वारा इस सच्चाई को हमारे सामने रखा है कि इस धरती की 30 से अधिक प्राणियों की जातियाँ तथा उपजातियाँ लुप्त हो चुकी हैं। इतना ही नहीं हरेक वर्ष कहीं न कहीं प्राणी की किसी एक जाति का लोप हो रहा है । यह विपरीत परिस्थिति पर्यावरण-प्रदूषण के कारण हो पैदा हुई है।

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

प्रश्न 22.
जरूरत है प्रदूषण-रहित टेक्नालॉजी की ।
अथवा
प्रश्न 23.
उद्योगों का विकल्प भला क्या होगा ?
– ससंदर्भ कथन का मूल भाव प्रकट करें।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से ली गयी है ।
आज की सभ्यता उद्योगों तथा टेक्नालॉजी के कारण दूसरे ग्रह तक पहुँच गई है । ऐसे में पींछे मुड़कर देखना हमारे लिए संभव नहीं है । इन उद्योगों का कोई विकल्प भौ हमारे सामने नही है । ऐसे में बस एक ही विकल्प हमारे सामने बच जाता है कि हम उन टेकनोलॉजी को विकसित करें जिससे प्रदूषण न हो ।

प्रश्न 24.
वन हमारे रक्षक हैं ।
– पाठ और लेखक का नाम लिखें । वन किस प्रकार हमारे रक्षक हैं ।
उत्तर :
पाठ ‘पर्यावरण-संरक्षण’ है । इसके लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
सृष्टि के प्रारंभ से लेकर आजतक वनों ने हमारी रक्षा की है । आदि मानव का जीवन तो वनो से ही शुरु हुआ। इतना ही नहीं, आज भी जो आदिम जातियाँ हैं वे जगलों में निवास करती हैं । उनके जीवन की सारी आवश्यकताएँ वनों से ही पूरी होती हैं। आधुनिक सभ्यता के विकसित होने में भी वनो का महत्वपूर्ण योगदान है। वनो से हमें ईधन, फल, फूल, औषधियाँ, लकड़ियाँ आदि बहुत कुछ प्राप्त होते हैं । इसलिए अगर हम यह कहें कि वन हमारे रक्षक हैं तो अतिशयोक्ति न होगी ।

प्रश्न 25.
ऐसे आंदोलन बहुत उपयोगी हैं ।
– पाठ का नाम लिखें । कैसे आंदोलन हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं ?
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ है।
उत्तर भारत में वनों को काटने से बचाने के लिए सुंदरलाल बहुगुणा ने लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया कि अगर कोई वृक्ष काटने आए तो वे पेड़ों से चिपक जाएं । उनका यह नुस्खा काफी कारगर साबित हुआ । यह आंदोलन ही ‘चिपको आंदोलन’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। अगर हमें अपने पर्यावरण की रक्षा करनी है तो ऐसे आंदोलन हमारे लिए काफी उपयोगी हो सकते हैं ।

प्रश्न 26.
पर्यावरण सुरक्षा के लिए विश्व-नीति जरूरी है ।
– पाठ और लेखक का नाम लिखें । पर्यावरण-सुरक्षा के लिए विश्व-नीति क्यों आवश्यक है ?
उत्तर :
पाठ का नाम ‘पर्यावरण-संरक्षण’ है तथा इसके लेखक शुकदेव प्रसाद हैं।
आज की बिगड़ते पर्यावरण के लिए यह आवश्यक है कि इसके लिए विश्व स्तर पर नौति बनाएँ जायं। अगर ऐसा नहीं होगा तो एक राष्प की कुचेश्रा का फल दूसरे देश को भोगना पड़ेगा । खैर, इस दिशा में पहल की जा रही है तथा आई सी यू. एन के माध्यम से विश्व-नीति का निर्माण किया जा रहा है तथा सारे देशों को इसके लिए सहमत किया जा रहा है कि वे इन नीतियो का पालन करें ।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न – 1 : ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध का सारांश अपने शब्दों में लिखें।
प्रश्न – 2: ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध का मूल भाव लिखें।
प्रश्न – 3 : ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध के माध्यम से लेखक के विचारों पर प्रकाश डालें।
प्रश्न – 4 : ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध के उद्देश्य पर विचार करें।
प्रश्न – 5: ‘पर्यावरण केवल विकासशील राष्ट्रों की ही नहीं, समूचे विश्व की समस्या है’ – ‘पर्यावरणसंरक्षण’ निबंध के आधार पर विचार व्यक्त करें।
प्रश्न – 6 : ‘हम प्रकृति की संतान हैं, स्वामी नहीं – ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध के आधार पर स्पष्ट करें।
प्रश्न – 7: ‘मानव सभ्य हो या बर्बर, प्रकृति की संतान है, उसका स्वामी नहीं’- के आधार पर ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध की समीक्षा करें।
प्रश्न – 8: ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध में वर्णित पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर विचार करते हुए उससे बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डालें।
प्रश्न – 9: ‘पर्यावरण-संरक्षण’ निबंध के आधार पर पर्यावरण पर औद्योगीकरण के दुष्रभावों का वर्णन करें।
उत्तर :
हमारे चारों ओर का वातावरण, जिसमें हम, अन्य जीवधारी तथा प्राकृतिक उपादान (नदी, पहाड़, जंगल आदि) के मिलने से ही हमारे पर्यावरण का निर्माण हुआ है। हाल के वर्षों में विकासशील राष्ट्रों के बीच औद्योगीकरण की होड़ होने के कारण हमारे प्राकृतिक भंडार (लकड़ी, तेल, प्राकृतिक गैस आदि) भी कुछ वर्षो में समाप्त हो जाएंगे। इस तरह ईधनों के अपव्यय से हमारे सामने दो समस्याएँ पैदा हो जाएगी –

(क) उर्जा की कमी तथा
(ख) वातावरण में कार्बन डाइ-आक्साइड की वृद्धि।

वनों के अंधाधुंध कटाई से भी पहले की अपेक्षा भू-क्षरण तथा भू-स्खलन काफी बढ़ गया है। जिन स्थानो में पहले लोग वर्षा के लिए तरसते थे – वहाँ आज बाढ़ का प्रकोप हो रहा है। इन सबके लिए हम ही दोषी हैं क्योंकि हम यह भूल गए कि-
‘हम प्रकृति की संतान हैं, स्वामी नहीं।’
मानव ने पर्यावरण को कितना नुकसान पहुँचाया है इसका अंदाजा इसी वाक्य से लगाया जा सकता है कि-
“सभ्य मानव पृथ्वी के एक छोर से चलकर दूसरे छोर तक पहुँच गया है और वह जहाँ से भी गुजरा है, वहीं भूमि मरूस्थल हो गई है।”
हमारे पूर्वज प्रकृति को देवी के रूप में पूजते थे लेकिन आज की सभ्यता केवल उपभोग में विश्वास करती है।
लगातार बढ़ते उद्योग तथा बढ़ती जनसंख्या ने हमारे पर्यांवरण को बहुत नुकसान पहुँचाया है। अगर यही हाल रहा, शोर बढ़ता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब बच्चे बहुत ही कम सुननेवाले पैदा होंगे या फिर बहरें भी हो सकते हैं।

बढ़ते हुए पर्यावरण प्रदूषण के कारण वायुमंडल के ओजोन को भी नुकसान पहुंचा है तथा इससे त्वचा कैसर होने का खतरा बढ़ रहा है। लेखक ने इस पर्यावरण-प्रदूषण से बचाव के लिए कुछ उपाय भी सुझाए हैं-

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

(क) वन-काटने पर रोक लगाने तथा नए पेड़ लगाने से भू-क्षरण तथा भू-स्खलन रोका जा सकता है।
(ख) फैक्ट्रियों तथा प्रयोगशालाओं के आसपास वृक्ष लगाने से शोर प्रदूषण कम हो सकता है।
(ग) ‘चिपको आंदोलन’ जैसे आंदोलनों को बढ़ावा दें।
(घ) पर्यावरण की सुरक्षा के लिए विश्व-नीति बनाए जायं।

धीरे – धीरे सारे राष्ट्र इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं तथा संयुक्त राष्ट्रसंघ की मदद से प्रकृति के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ स्थापित किया गया है। संयुक्त राष्ट्रसंघ के ही ‘मानव पर्यावरण का कांफेंस’ के द्वारा सारे राष्ट्रों ने पर्यावरण संबंधी कानून बनाए हैं। पर्यावरण की संरक्षण के लिए स्वीडन, कनाडा, जापान तथा अन्य बहुत से राष्ट्रों में पर्यावरण संबंधी नई-नई संस्थाएँ भी बनाई गई हैं।

अति लघूत्तरीय/लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
पर्यावरण किसकी समस्या है ?
उत्तर :
पर्यावरण समूचे विश्व की समस्या है।

प्रश्न 2.
पर्यावरण किसे कहते हैं ?
उत्तर :
पर्यावरण का तात्पर्य उस वातावरण से है जिसमें सजीव जन्म लेते, बढ़ते-पनपते तथा अपने स्वाभाविक गुणों का विकास करते हैं।

प्रश्न 3.
विकासशील देशों के बीच आज किसकी होड़ है ?
उत्तर :
औद्योगीकरण की।

प्रश्न 4.
किस चीज के भंडार सीमित हैं ?
उत्तर :
प्राकृतिक तेल तथा गैस के भंडार सीमित है।

प्रश्न 5.
प्राकृतिक ईंधनों का विकास हमारे लिए कितने प्रकार से घातक है ?
उत्तर :
दो प्रकार से –
(क) उर्जा की कमी
(ख) पर्यावरण में कार्बन डाइ आक्साइड की वृद्धिं।

प्रश्न 6.
वनों की अंधायुंध कटाई क्यों की जा रही है ?
उत्तर :
कोयला बनाने, खेती तथा बस्तियों, शहरों का विस्तार करने के लिए वनों की अंधायुंध कटाई की जा रही है।

प्रश्न 7.
वन-विनाश से पहाड़ी क्षेत्रों में क्या दुष्पभाव होता है ?
उत्तर :
वन-विनाश से पहाड़ी क्षेतों में भू-क्षारण तथा भू-स्खलन होता है। इसके साथ ही मैदानी इलाकों में बाढ़ का तांडव होता है।

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प्रश्न 8.
मनुप्य तथा प्रकृति के बीच क्या संबंध है ?
उत्तर :
मनुष्य प्रकृति की संतान है तथा वह हमारा पालन-पोषण तथा रक्षा करती है।

प्रश्न 9.
‘स्माल इज ब्यूटीफुल’ किसकी रचना है ?
उत्तर :
प्रो. शूमाखर की।

प्रश्न 10.
‘टाप स्वाएल एंड सिविलाइजेशन’ किसकी कृति है ?
उत्तर :
टाम डेल तथा वर्नन गिल कार्टन की।

प्रश्न 11.
“मानव सभ्य हो या बर्बर, प्रकृति की संतान है, उसका स्वामी नहीं” – यह किसका कथन है ?
उत्तर :
टाम डेल तथा वर्नन गिल कार्टन का।

प्रश्न 12.
किसी ने क्या कहकर इतिहास की संक्षिप्त रूपरेखा बनाई है ?
उत्तर :
“सभ्य मानव पृथ्वी के एक छोर से चलकर दूसरे छोर तक पहुँच गया है और वह जहाँ से भी गुजरा है, वहीं भूमि मरूस्थल हो गई है।”

प्रश्न 13.
हमारे जीवन का पर्बाय क्या है ?
उत्तर :
ऊर्जा ही हमारे जीवन का पर्याय है।

प्रश्न 14.
औद्योगिक विकास का मूलाधार क्या है ?
उत्तर :
औद्योगिक विकास का मूलाधार ऊर्जा है।

प्रश्न 15.
पूर्वकाल की सभ्यता प्रकृति के दर्शन किस रूप में करती थी ?
उत्तर :
पूर्वकाल की सभ्यता प्रकृति के दर्शन देवी के रूप में करती थी।

प्रश्न 16.
आधुनिक सभ्यता किस संस्कृति की कायल है ?
उत्तर :
उपभोगवादी संस्कृति की कायल है।

प्रश्न 17.
किसकी कुचेष्टा दूसरे के लिए कभी भी कष्ट का कारण बन सकती है ?
उत्तर :
किसी भो राष्ट्र के द्वारा पर्यावरण के बारे में उठाया गया गलत कदम दूसरे के लिए कष्ट का कारण बन सकती है।

प्रश्न 18.
आज हमारी समृद्धि के मापदंड क्या हैं ?
उत्तर :
उद्योग ही आज हमारी समृद्धि के मापदंड हैं।

प्रश्न 19.
एक अमेरिकी नागरिक एक भारतीय की तुलना में कितनी अधिक उर्जा खर्च करता है ?
उत्तर :
एक अमेरिको नागरिक एक भारतीय की तुलना में चालीस गुना उर्जा अधिक खर्च करता है।

प्रश्न 20.
पर्यावरण में गैसीय असंतुलन के लिए कौन जिम्मेवार है ?
उत्तर :
औद्योगिक संस्कृति ही पर्यावरण में गैसौय असंतुलन के लिए जिम्मेवार है।

प्रश्न 21.
सन् 1830 तक दुनिया की आबादी कितनी थी ?
उत्तरी :
सन् 1830 तक दुनिया की आबादी केवल एक अरब थी।

प्रश्न 22.
आने वाले दो-तीन दशकों के बाद कैसे बच्चे पैदा होंगे ?
उत्तर :
आने वाले दो-तीन दशकों के बाद ऐसे बच्चे पैदा होंगे जिनके सुनने की क्षमता अत्यंत कम या नहीं होगी।

प्रश्न 23.
किसने हमारे जीवन मे जहर घोल दिया है ?
उत्तर :
उद्योगों ने वायु, जल और हमारे रोजमर्रों के जीवन में जहर घोल दिया है।

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प्रश्न 24.
बिगड़े हुए पर्यावरण से मनुष्यों के अलावा और कौन आंतकित है ?
उत्तर :
बिगड़े हुए पर्यावरण से मनुष्यों के अलावे वे जीवधारी भी आतंकित हैं, जिनकी सहन शक्ति हमसे कम है।

प्रश्न 25.
किसी प्रजाति के जीवों के विलुप्त होने के पीछे मुख्य कारण क्या है ?
उत्तर :
पर्यावरण-प्रदूषण ही किसी प्रजाति के जीवों के विलुप्त होने के पीछे मुख्य कारण है।

प्रश्न 26.
हमारे वातावरण में किस गैस की मात्रा बढ़ रही है?
उत्तर :
कार्बन डाइ आक्साइड की मात्रा।

प्रश्न 27.
‘ओजोन’ या ‘ओजोन परत’ क्या है ?
उत्तर :
ओजोन गैस हमारे वातावरण में कुछ ऊँचाई पर एक परत है, जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है।

प्रश्न28.
अगर ओजोन न हो तो उसका क्या असर होगा ?
उत्तर :
औजोन न होने से सभी प्राणधारी धूप ताप्रता(Sunbum) और त्वाचा-कैसंस से पीड़ित हो जाते।

प्रश्न 29.
पर्यावरण-प्रदूषण से कैसे बचाव किया जा सकता है ?
उत्तर :
उद्योगों मे प्रदूषण-रहित टेक्नालाजी को अपनाने से पर्यावरण-प्रदूषण से बचाव किया जा सकता है।

प्रश्न 30.
फैक्टरियों तथा प्रयोगशालाओं के आस-पास वृक्ष लगाने की सलाह क्यों दी जाती है ?
उत्तर :
ध्वनि-प्रदूपण को रोकने के लिए फैक्टरियों तथा प्रयोगशालाओ के आस-पास वृक्ष लगाने की सलाह दी जाती है।

प्रश्न 31.
‘चिपको आंदोलन’ के प्रणेता कौन हैं ?
उत्तर :
श्री सुंरलाल बहुगुणा ‘चिपको आंदोलन’ के प्रणेता हैं।

प्रश्न 32.
न्यूजीलैंड से कौन भारत में चिपको आंदोलनकारियों को बधाई देने आए ?
उत्तर :
डॉॅ रिचर्ड संट बर्वे बेकर ।

प्रश्न 33.
न्यूजीलैंड के डॉ. रिचर्ड सेंट बर्वे बेकर को किस नाम से जाना-जाता है ?
उत्तर :
वृक्ष-मानव (मैन आफ दि ट्रीज्ञ)।

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प्रश्न 34.
‘वृक्ष-मानव’ तथा ‘हरित धरती के बच्चे’ संस्था के संस्थापक कौन हैं ?
उत्तर :
डॉ. रिचर्ड सेंट बर्वें बेकर।

प्रश्न 35.
पर्यावरण सुरक्षा के लिए क्या बनाना जरूरी है ?
उत्तर :
विश्व-पर्यावरण-नीति।

प्रश्न 36.
प्रकृति के संरक्षण का अंतर्राष्ट्रीय संघ (ICUN) कब और कहाँ स्थापित किया गया ?
उत्तर :
सन् 1948 में फ्रांस के फौतेनब्ला नगर में।

प्रश्न 37.
”मानव पर्यावरण कांफ्रेंस’ कब और कहाँ आयोजित किया गया ?
उत्तर :
सन् 1972 में स्टाकहोम में।

प्रश्न 38.
सभी राष्ट्रों ने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए क्या किए हैं ?
उत्तर :
पर्यावरण संबंधी कानून बनाए हैं।

प्रश्न 39.
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए किन-किन देशों में संस्थाएँ बनाई गई हैं ?
उत्तर :
स्वीडन, कनाडा, जापान, भारत आदि देशों में।

प्रश्न 40.
किसकी बिगड़ती दशा आज समूचे सभ्य संसार के लिए चर्चा का विषय है ?
उत्तर :
पर्यावरण की बिगड़ती दशा आज समूचे सभ्य संसार के लिए चर्चा का विषय है।

प्रश्न 41.
आज दुनिया किस संकट के दौर से गुजर रही है ?
उत्तर :
उर्जा संकट के दौर से ।

प्रश्न 42.
आज सारी दुनिया में किसके नए स्तोत खोजे जा रहे हैं ?
उत्तर :
उर्जा के नए सोत।

प्रश्न 43.
जंगल के पेड़-पौधे कार्बन डाई आक्साइड का उपयोग किसमें करते हैं ?
उत्तर :
अपना खाद्य बनाने में।

प्रश्न 44.
पर्यावरण के प्रति हमने क्या भूल की ?
उत्तर :
पर्यांवरण के प्रति हमने बड़ी भूल यह की कि उसे मात्र भोग्य समझा, उसपर अपना प्रभुत्व जमाना चाहा।

प्रश्न 45.
मानव और प्रकृति के बीच उत्पन्न खाई का मुख्य कारण क्या है ?
उत्तर :
मानव और प्रकृति के बीच उत्पन्न खाई का मुख्य कारण यह है कि मानव ने प्रकृति का स्वामी बनना चाहा।

प्रश्न 46.
पर्यावरण पर प्रभुत्व बनाए रखने के लिए क्या आवश्यक है ?
उत्तर :
पर्यावरण पर प्रभुत्व बनाए रखने के लिए प्राकृतिक नियमों के अनुसार चलना आवश्यक है।

प्रश्न 47.
सभ्यता का पतन कैसे होता है ?
उत्तर :
जब कोई सभ्यता पर्यावरण को तेजी से बिगाड़ती है तो उसका पतन होने लगता है।

प्रश्न 48.
प्राचीन प्रदेशों की सभ्यताओं के पतन का मुख्य कारण क्या रहा है ?
उत्तर :
जितनी भी सभ्यताएँ जो प्राचीन प्रदेशों की थी उसके लुप्त होने का प्रमुख कारण पर्यावरण का असंतुलन रहा है।

प्रश्न 49.
कौन-सा भ्रम हमारे लिए परेशानी का कारण बन गया ?
उत्तर :
यह भ्रम कि प्राकृतिक संसाधनों का हम जैसे चाहें- प्रयोग कर सकते हैं – हमारी परेशानी का कारण बन गया।

प्रश्न 50.
मानव का इस पृथ्वी पर प्रादुर्भाव (आगमान) कब हुआ था ?
उत्तर :
करीब 20-30 लाख वर्ष पूर्व मानव का इस पृथ्वी पर प्रादुर्भाव हुआ था।

प्रश्न 51.
यदि वातावरण में कार्बन-डाइ-आक्साइड की मात्रा बढ़ती रही तो उसका परिणाम क्या होगा?
उत्तर :
यदि वातारवरण में कार्बन-डाइ-आक्साइड की मात्रा बढ़ती रही तो तापमान में 5° तक की वृद्धि हो सकती है तथा ग्लेशियर के पिघलने से जल-प्लावन हो सकता है।

प्रश्न 52.
ओजोन परत किस चीज से हमारी रक्षा करती है ?
उत्तर :
ओजोन परत सूर्य की पराबैगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है।

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प्रश्न 53.
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कौन-से कदम उठाए जा सकते हैं ?
उत्तर :
पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वृक्षापरोपण को सामाजिक वानिकी का महत्वपूर्ण अंग मानना चाहिए तथा वनरोपण को राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम के रूप में अपनाया जाना चाहिए।

प्रश्न 54.
पर्यावरण-संरक्षण के लिए किस प्रकार के आंदोलन बहुत उपयोगी हैं ?
उत्तर :
पर्यावरण-संरक्षण के लिए ‘चिपको आंदोलन’ जैसे आंदोलन बहुत उपयोगी हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
पर्यावरण किसकी समस्या है ?
(कं) अपने देश की
(ख) विकासशील राष्ट्रों की
(ग) समूचे विश्व की
(घ) इनमें से किसी की नहीं
उत्तर :
(ग) समूचे विश्व की।

प्रश्न 2.
पर्यावरण का अर्थ है ?
(क) आस-पास
(ख) हमारे चारों और का वातावरण
(ग) पहाड़ का वातावरण
(घ) घर का वातावरण
उत्तर :
(ख) हमारे चारों ओर का वातावरण।

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प्रश्न 3.
पर्यावरण की बिगड़ती दशा किसके लिए चर्चा का विषय है ?
(क) लोगों के लिए
(ख) सरकारी कार्यालयों के लिए
(ग) विकासशील देश के लिए
(घ) समूचे विश्व के लिए
उत्तर :
(घ) समेचे विश्व के लिए।

प्रश्न 4.
फॉसिल ईधनों के विनाश से होता है ?
(क) ऑक्सीजन की वृद्धि
(ख) फसल की बर्बादी
(ग) कार्बन-डाइ-आक्साइड की वृद्धि
(घ) बाढ़ का प्रकोप
उत्तर :
(ग) कार्बन-डाइ-आक्साइड की वृद्धि।

प्रश्न 5.
विकासशील देशों के बीच किसकी होड़ है ?
(क) औद्योगीकरण की
(ख) हधियारों की
(ग) उर्जा खपत करने की
(घ) फैशन की
उत्तर :
(क) औद्योगीकरण की।

प्रश्न 6.
फॉसिल ईंधनों से किसकी कमी होगी ?
(क) पानी की
(ख) वायु की
(ग) उर्जा की
(घ) खाने की
उत्तर :
(ग) उर्जा की।

प्रश्न 7.
वन-विनाश से पहाड़ी क्षेत्रों में होता है ?
(क) भू-क्षरण
(ख) भूकंप
(ग) तूफान
(घ) गर्मी
उत्तर :
(क) भू-क्षरण

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प्रश्न 8.
कोयला बनाने के लिए किसका विनाश किया जा रहा है ?
(क) खानों का
(ख) पहाड़ों का
(ग) वनों का
(घ) फसलों का
उत्तर :
(ग) वनों का।

प्रश्न 9.
मैदानी क्षेत्रों में प्रति वर्ष बाढ़ आने के मूल में है ?
(क) वन-विनाश
(ख) धन-विनाश
(ग) उद्योगों का विकास
(घ) उर्जा की खपत
उत्तर :
(क) वन-विनाश।

प्रश्न 10.
पहाड़ी क्षेत्रों में भू-स्खलन का मुख्य कारण है –
(क) वर्षा
(ख) गर्मी
(ग) सदीं
(घ) वन-विनाश
उत्तर :
(घ) वन-विनाश।

प्रश्न 11.
वास्तव में हम किसकी संतान हैं ?
(क) माँ-बाप
(ख) राष्ट्र
(ग) प्रकृति
(घ) ईश्वर
उस्तर :
(ग) प्रकृति।

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प्रश्न 12.
हमारी पोषक-रक्षक कौन हैं ?
(क) पुलिस
(ख) सरकार
(ग) माता-पिता
(घ) प्रकृति
उत्तर :
(घ) प्रकृति।

प्रश्न 13.
‘स्माल इज ब्यूटीफुल’ किसकी कृति है ?
(क) टाम डेल
(ख) प्रो. शूमाखर
(ग) वर्नन गिल कार्टन
(घ) शुकदेव प्रसाद
उत्तर :
(ख) प्रो. शूमाखर।

प्रश्न 14.
मानव सभ्य हो या बर्बर, प्रकृति की संतान है, न कि उसका –
(क) स्वामी
(ख) उद्योगपति
(ग) विनाशक
(घ) उपभोक्ता
उत्तर :
(क) स्वामी।

प्रश्न 15.
सभ्यता के पतन का मुख्य कारण है –
(क) वैज्ञानिक प्रगति
(ख) पर्यावरण प्रदूषण
(ग) बाढ़
(घ) नैतिक पतन
उत्तर :
(ख) पर्यावरणण-प्रदूषण।

प्रश्न 16.
भूमि को मरूभूमि में बदलने वाला है –
(क) वन्य पशु
(ख) रेत
(ग) सथ्य मानव
(घ) वनमानुष
उत्तर :
(ग) सभ्य मानव ।

प्रश्न 17.
हमारे जीवन का पर्याय है –
(क) दवा
(ख) आक्सीजन
(ग) उर्जा
(घ) उद्योग
उत्तर :
(ग) उर्जा।

प्रश्न 18.
पूर्वकाल की सभ्यता प्रकृति को मानती थी –
(क) खजाना
(ख) संसाधन
(ग) धरोहर
(घ) देवी-स्वरूप
उत्तर :
(घ) देवी-स्वरूप।

प्रश्न 19.
टेक्नालॉजी से उद्भूत सभ्यता कायल है –
(क) फैशन की
(ख) रुपये की
(ग) उपभोग की
(घ) बचत की
उत्तर :
(ग) उपभोग की ।

प्रश्न 20.
आज उद्योग मापदंड बन गए हैं –
(क) समृद्धि के
(ख) फैशन के
(ग) पर्यावरण के
(घ) आधुनिकता के
उत्तर :
(क) समृद्धि के।

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प्रश्न 21.
संयुक्त राज्य अमेरिका की जनसंख्या संपूर्ण विश्व की केवल है –
(क) 6 प्रतिशत
(ख) 7 प्रतिशत
(ग) 8 प्रतिशत
(घ) 9 प्रतिशत
उत्तर :
(ख) 7 प्रतिशत।

प्रश्न 22.
संयुक्त राज्य अमेरिका समस्त उर्जा का कितना प्रतिशत उपयोग करता है?
(क) 30%
(ख) 32 %
(ग) 34 %
(घ) 36 %
उत्तर :
(ख) 32 %

प्रश्न 23.
भारत संपूर्ण ऊर्जा का कितना प्रतिशत इस्तेमाल करता है ?
(क) 1%
(ख) 2 %
(ग) 3%
(घ) 4%
उत्तर :
(क) 1%

प्रश्न 24.
मानव का . दुर्भाव इस धरती पर कब हुआ था ?
(क) 5-10 लाख वर्ष प्र्व
(ख) 10-20 लाख वर्ष पूर्व
(ग) 20-30 लाख वर्ष पूर्व
(घ) 35-40 लख वर्षपूर्व
उत्तर :
(ग) 20-30 लाख वर्ष पूर्व।

प्रश्न 25.
सन् 1830 तक दुनिया की कुल आबादी कितनी थी?
(क) एक अरब
(ख) दो अरब
(ग) तीन अरब
(घ) चार अरब
उत्तर :
(क) एक अरब।

प्रश्न 26.
आने वाले समय में मनुष्य की कौन-सी शक्ति कमजोर होगी ?
(क) प्रजनन-शाक्ति
(ख) पाचन-शक्ति
(ग) श्रवण-शक्ति
(घ) शारीरिक शक्ति
उत्तर :
(ग) श्रवण-शक्ति।

प्रश्न 27.
उद्योगों ने हमारे रोजमर्रा के जीवन में क्या घोल दिया है?
(क) जहर
(ख) रंग
(ग) चीनी
(घ) नमक
उत्तर :
(क) जहर।

प्रश्न 28.
इस थरती की कितनी जातियाँ तथा उपजातियाँ लुप्त हो चुकी हैं ?
(क) 10 से अधिक
(ख) 20 से अधिक
(ग) 30 से अधिक
(घ) 40 से अधिक
उत्तर :
(ग) 30 से अधिक।

प्रश्न 29.
वातावरण में किसकी मात्रा बढ़ रही है ?
(क) ऑक्सीजन की
(ख) कार्बन-डाइ-ऑक्साइड की
(ग) कार्यन-मोनो-ऑक्साइड की
(घ) नाइट्रोजन की
उत्तर :
(ख) कार्बन-डाइ-ऑक्साइड की।

प्रश्न 30.
जीवधारियों के विलुप्तीकरण का सीधा संबंध किससे है ?
(क) वन से
(ख) शहर से
(ग) पर्यावरण से
(घ) शोर से
उत्तर :
(ग) पर्यावरण से।

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प्रश्न 31.
प्राण-वायु किसे कहा गया है ?
(क) ऑवसीजन को
(ख) कार्बन-डाइ-आक्साइड को
(ग) कार्बन-मोनो- ऑक्साइड को
(घ) नाइट्रोजन को
उत्तर :
(क) ऑक्सीजन को।

प्रश्न 32.
ताप बढ़ने से निम्नलिखित में से क्या नहीं हो सकता हैं ?
(क) रेगिस्तान का बनना
(ख) ग्लेशियर का पिघलना
(ग) जलप्लावन होना
(घ) महंगाई का बढ़ना
उत्तर :
(घ) महगाई का बढ़ना।

प्रश्न 33.
ओजोन वास्तव में क्या हैं ?
(क) O2
(ख) H2
(ग) N
(घ) O3
उत्तर :
(घ) O3

प्रश्न 34.
ओजोन के अभाव में कौन-सी बीमारी होती है ?
(क) त्वचा कैंसर
(ख) मलेरिया
(ग) टायफाइड
(घ) टी. बी.
उत्तर :
(क) त्वचा कैसर ।

प्रश्न 35.
आज उद्योगों को किसकी जरूरत है ?
(क) वायु-प्रदूष्पण की
(ख) ध्वनि प्रदूषण की
(ग) प्रदूपण रहित टेक्नोलॉजी की
(घ) प्रदूषण सहित टेक्नालॉजी की
उत्तर :
(ग) प्रदूषण रहित टेक्नोलॉजी की।

प्रश्न 36.
वन हमारे हैं –
(क) रक्षक
(ख) भक्षक
(ग) जन्मदाता
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) रक्षक।

प्रश्न 37.
वनों से क्या रूकता है ?
(क) भू-क्षरण
(ख) महंगाई
(ग) युद्ध
(घ) शांति
उत्तर :
(क) भू-क्षरण।

प्रश्न 38.
‘चिपको आंदोलन’ के प्रणेता है –
(क) नरेन्द्र मोंदी
(ख) सुंदरलाल बहुगुणा
(ग) अमिताभ बच्चन
(घ) अरविंद केजरीवाल
उत्तर :
(ख) सुंदरलाल बहुगुणा।

प्रश्न 39.
‘मैन आफ द ट्रीज’ के नाम से जाना जाता है –
(क) शेक्सीपयर को
(ख) डॉ० रिचर्ड सेंट बर्वे बेकर को
(ग) बराक औबामा को
(घ) डॉ० भीमराव अम्बेडकर को
उत्तर :
(ख) डॉ॰ रिचर्ड सेंट बवैवें बेकर को।

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प्रश्न 40.
‘हरित धरती के बच्चे’ के संस्थापक हैं ?
(क) शेक्सपियर
(ख) डॉ० रिचर्ड सेट बर्वे बेकर
(ग) बराक ओबामा
(घ) डॉ० भीमराव अम्बेडकर
उत्तर :
(ख) डॉ॰ रिचर्ड सेंट बवें बेकर।

प्रश्न 41.
कर्मयोगी बाबा के नाम से कौन जाने जाते हैं ?
(क) शेक्सीपयर
(ख) डॉ० रिचर्ड सेंट बर्वे बेकर
(ग) बराक ओबामा
(घ) डॉ० भीमराव अम्बेडकर
उत्तर :
(ख) डॉ० रिचर्ड सेंट बर्वे बेकर ।

प्रश्न 42.
‘वृक्ष मानव’ नाम संस्था की स्थापना कब की गई ?
(क) 1920 में
(ख) 1921 में
(ग) 1922 में
(घ) 1923 में
उत्तर :
(ग) 1922 में।

प्रश्न 43.
पर्यावरण सुरक्षा के लिए क्या जरूरी है ?
(क) विश्व-व्यापार
(ख) विश्व-शांति
(ग) विश्व-युद्ध
(घ) विश्व-नीति
उत्तर :
(घ) विश्व-नीति।

प्रश्न 44.
ICUN की स्थापना कब की गई ?
(क) 1948 में
(ख) 1950 में
(ग) 1952 में
(घ) 1954 में
उत्तर :
(क) 1948 में।

प्रश्न 45.
ICUN की स्थापना कहाँ की गई ?
(क) भारत के अहमदाबाद में
(ख) जापान के टोकिया में
(ग) फ्रास के फौतेनल्ला में
(घ) नेपाल के काठमांड में
उत्तर :
(ग) फ्रांस के फौतेनब्ला में।

प्रश्न 46.
जीव मंडल कांफ्रेंस कब और कहाँ आयोजित हुआ था ?
(क) 1965 में अमेरिका में
(ख) 1968 में पेरिस में
(ग) 1970 में कोरिया में
(घ) 1972 में आस्ट्रेलिया में
उत्तर :
(ख) 1968 में पेरिस में ।

प्रश्न 47.
सारे राष्ट्रों ने किससे संबंधित कानून बनाया है?
(क) धन संबंधी
(ख) साहित्य संबंधी
(ग) जल संबंधी
(घ) पर्यावरण संबंधी
उत्तर :
(घ) पर्यावरण संबंधी।

प्रश्न 48.
सन् 1971 में कहाँ की सरकार ने प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा का मंत्रालय खोला ?
(क) कनाडा
(ख) फ्रांस
(ग) स्वीडेन
(घ) जापान
उत्तर :
(ख) फ्रांस ।

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प्रश्न 49.
पर्यावरण की सुरक्षा पर किस देश की सरकार ने श्वेत-पत्र जारी किया ?
(क) हॉलैंड
(ख) पोलैंड
(ग) इंग्लैंड
(घ) स्वीदजरलैंड
उत्तर :
(क) हॉलैंड ।

प्रश्न 50.
पर्यावरण-संरक्षण किस कोटि का निबंध है ?
(क) साहित्यिक
(ख) चिंतन परक
(ग) राजनीतिक
(घ) सांस्कृतिक
उत्तर :
(ख) चिंतन परक।

टिप्पणियाँ

1. पर्यावरण :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है। समधारण अर्थ में पर्यावरण का अर्थ है – हमारे चारों ओर का वातावरण । इसमें पेड़-पौधे, नदी-नाले, पर्वत, वायुमंडल, कल-कारखाने सब कुछ चले आते हैं । पेड़-पौधे हमारे पर्यावरण के सबसे बड़े संरक्षक हैं।

2. भू-क्षरण/भू-स्खलन :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यांवरण-संरक्षण’ से लिया गया है। वनों को अंधाधुंध काटने से आज भू-क्षरण तथा भू-स्वलन की समस्या पैदा हो गयी है। पेड़ की जड़ें मिट्टी को कसकर पकड़कर रखती है तथा उन्हें वर्षा, बाढ़ आदि में बहने से रोकती है । वृक्षों के कट जाने से ही भू- क्षरण तथा भूस्खलन जैसी समस्याएँ पैदा हो गयी हैं।

3. जनसंख्या वृद्धि :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है।
जनसंख्या-वृद्धि हमारे पर्यावरण-प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक है । जनसंख्या के लगातार बढ़ने से कलकारखाने, उद्योग, आवागमन के साधन भी बढ़ते जा रहे हैं । इनसे प्रदूषण की मात्रा बढ़ी है । जनसंख्या वृद्धि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सन् 1830 तक पूरी दुनिया की जो आबादी थी उससे अधिक आबादी आज केवल भारत की है ।

4. ओजोन :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है।
हमारे वायुमंडल में सबसे ऊपर ओजोन (O2) की एक परत है जो सूर्य की पराबेंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है । यदि ओजोन नहीं होता तो धरती पर रहनेवाले प्राणी सन-बर्न तथा स्किन-कैंसर से पीड़ित हो जाते । पर्यावरण के बिगड़ने से ओजोन की परत में भी छिद्र हो गया है तथा इसका दुष्पभाव भी दिखने लगा है ।

5. उर्जा-संकट :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है ।
उर्जा-संकट आज की सबसे ज्वलंत समस्या है । हमारे फॉसिल ईंधन की मात्रा सीमित है तथा इसका खर्च असीमित होता जा रहा है । कुछ वर्षो के बाद जब उर्जा का यह सोत समाप्त हो जाएगा तो पूरी मानव-सभ्यता के लिए संकट पैदा हो जाएगा । विकल्प के तौर पर किसी उर्जा की खोज नहीं की जा सकी है जो इसका स्थान ले सके।

6. चिपको-आंदोलन/सुंदरलाल बहुगुणा :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरणसंरक्षण’ से लिया गया है ।
‘चिपको आंदोलन’ के प्रणेता श्री सुंदरलाल बहुगुणा हैं । उन्होंने अपना सारा जीवन वन-संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया है । चिपको आंदोलन की सफलता का श्रेय उत्तर भारत के हिमालय की तलहटी में बसनेवाली महिलाओं को विशेष रूप से जाता है । भारत सरकार ने पर्यावरण की रक्षा के लिए श्री बहुगुणा को पद्यश्री पुरस्कार से सम्मानित किया है ।

7. मानव पर्यावरण कांफ्रेंस :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है ।
‘मानव पर्यावरण-कांफेंस’ सन् 1972 में स्टाकहोम में आयोजित किया गया । इसमें दुनिया भर के राष्ट्रों के राजनीतिजों ने भाग लिया । इस कांफेंस में सबने इस बात की आवश्यकता महसूस की कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए विश्व-स्तर पर प्रयास किया जाना चाहिए तथा इसके लिए विश्व-नीति भी बनाई जानी चाहिए।

8. डॉ० रिचर्ड सेंट बर्वे बेकर (मैन आफ दि ट्रीज) :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है। न्यूजीलैण्ड के डॉ० रिचर्ड बर्वे बेकर पर्यावरण के संरक्षण के लिए आदोलन चलाने वालों में से हैं। पर्यांवरण की रक्षा के लिए उन्होंने ‘वृक्ष-मानव’ तथा ‘हरित धरती के बच्चे’ जैसी संस्थाओं की स्थापना की है ।

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

9. वृक्ष-मानव/हरित धरती के बच्चे :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यावरण-संरक्षण’ से लिया गया है ।
‘वृक्ष मानव’/’हरित धरती के बच्चे’ के संस्थापक डॉ० रिचर्ड सेंट बर्वे बेकर हैं, जो न्यूजीलैण्ड के हैं । इन संस्थाओं का कार्य पर्यावरण-संरक्षण करना है। डॉ० रिचर्ड के इस कार्य से लोग इतने प्रभावित हैं कि उन्हें ‘मैन आफ दि ट्रीज’ (वृक्ष-मानव) नाम से पुकारते हैं।

10. जीवमंडल कांफ्रेंस :- प्रस्तुत शब्द शुकदेव प्रसाद के चिंतनपरक निबंध ‘पर्यांवरण-संरक्षण’ से लिया गया है। संयुक्त राष्ट्संघ तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन आदि के सहयोग से सन 1968 में पेरिस में ‘जीवमंडल कांफ्रेस’ आयोजित किया गया था । इस कांफेंस के बाद से ही सभी राष्ट्रों में विश्व-पर्यावरण के बारे में चेतना जगी।

पाठ्याधारित व्याकरण

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WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण 1
WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण 2
WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण 3

WBBSE Class 9 Hindi पर्यावरण संरक्षण Summary

लेखक परिचय

श्री शुकदेव प्रसाद जाने-माने पर्यावरणविद् हैं। यों तो अंग्रेजी में पर्यावरण संबंधी लेखन से जुड़े हुए बहुत सारे लेखक हैं, मगर हिंदी में इस विषय पर लिखनेवाले लेखकों की कमी ही नजर आती है। श्री शुकदेव प्रसादजी इस कमी कों पूरा करनवाले लेखक हैं। प्रदूषण जैसे विश्वव्यापी जटिल खतरे के कारण एवं इसके निवारण के उपाय को ये इतने सरल एवं सुबोध ढंग से प्रकट करते हैं कि पाठकगण इससे व्यावहारिक रूप से प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते। ‘पर्यावरण-संरक्षण’ शीर्षक चिंतनपरक निबंध के माध्यम से इन्होंने मानव-सभ्यता के वक्कास-क्रम के संदर्भ में प्रदूषण के कारणों पर ही प्रभावी ढंग से प्रकाश नहीं डाला है, बल्कि इससे बचने के असरदार उपाय भी सुझाए हैं ।

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

शब्दार्थ

पृष्ठ सं० – 75

  • पर्यावरण = हमारे चारों ओर का वातावरण।
  • विकासशील = विकास करने वाला।
  • विश्व = दुनिया।
  • संपूर्ण = पूरा।
  • जोवधारी = सजीव।
  • व्यापक = बड़ा, विस्तृत।
  • तात्पर्य = आशय।
  • प्रवृत्तियों = गुणों।
  • संघटकों = वस्तुओं।
  • भरसक = शक्तिभर ।
  • चेष्टा = कोशिश।
  • दखलंदाजी = हस्तक्षेप, बीच में दखल देना।
  • होड़ = प्रतियोगिता।
  • अपव्यय = व्यर्थ खर्च।
  • भाँपण = भयंकर।
  • फॉसिल = जीवाश्म।
  • घातक = नुकसानदेह।
  • अंधाधुंध = आँखें बंद करके।
  • भू-क्षरण = मिट्टी का बहना !
  • भू. स्खलन = मिट्टी-पत्थर आदि का टूटकर बिखरना।
  • दोहन = शोषण, दुहना।
  • पोषक = पालने वाला ।
  • रक्षक = रक्षा करनेवाला।
  • प्रभुत्व = अधिकार ।
  • लालसा = इच्छा।

पृष्ठ सं० – 76

  • बर्बर = कठोर ।
  • कतिपय = कुछ।
  • उल्लंघन = अवहेलना।
  • मरूस्थल = रेगिस्तान।
  • प्रगामी = आगे चलने वाली।
  • अतिशयोक्ति = बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना।
  • बेबुनियाद = बिना आधार के ।
  • मूलाधार = मुख्य आधार।
  • भरपाई = पूरा करना ।
  • दुष्मभावों = बुरे प्रभावों।
  • उद्भूत = निकली ।
  • साधने = पूरा करना ।
  • कुचेष्टा = बुरी चेष्टा, प्रयास ।
  • मापदंड = मापने का साधन।

पृष्ठ सं० – 77

  • व्यय = खर्च ।
  • छिन्न-भिन्न = तितर-बितर ।
  • आबादी = जनसंख्या।

पृष्ठ सं० – 78

  • श्रवण- शक्ति = सुनने की शक्ति
  • वय = उम्र।
  • मुक्त = आजाद।
  • भूमंडल = धरती ।
  • प्रदूषणजन्य = प्रदूषण से जन्मा हुआ।
  • अनावश्यक = जो आवश्यक नहीं है।
  • जल-प्लावन = बाढ़।
  • दोषमुक्त = स्वच्छ।
  • क्षति = नुकसान।

WBBSE Class 9 Hindi Solutions Chapter 7 पर्यावरण संरक्षण

पृष्ठ सं० – 79

  • कोरी = खाली ।
  • कमोवेश = कम या अधिक ।
  • जेहाद = क्रांति।
  • अनुकरणीय = अनुकरण करने योग्य।
  • अभिनंदन = स्वागत ।
  • आजीवन = जीवन भर ।
  • विशेषजों = किसी विषय की विशेष जानकारी रखनेवाले।
  • बहुलता = अधिकता।
  • संबल = सहयोग।

पृष्ठ सं० – 80

  • प्रयास = कोशिश।
  • उक्त = उस ।
  • सिफारिशें = सलाह।
  • मंजूर = स्वीकार ।
  • निष्कर्षो = परिणामों
  • गुनगंउन = फिर से गठन।

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निबंध

कहानी

एकांकी

सहायक पाठ

Sahitya Sanchayan Class 10 Hindi Solutions व्याकरण

West Bengal Board Class 10 Hindi Book Solutions रचना

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बहुविकल्पीय प्रश्न अति लघुत्तरीय प्रश्न संक्षिप्त एवं व्याख्या-मूलक प्रश्न दीर्घ उत्तरीय प्रश्न कुल योग
कविता 2 3 3 7 15
निबंध 2 3 5 10
कहानी 2 3 3 7 15
एकांकी 5 5
सहायक पाठ (कथा- संचयन) 3 2 5 10
व्याकरण 8 7 15
रचना निबंध – 10
अनुवाद – 5
संवाद लेखन
या प्रतिवेदन
– 5
20
कुल योग 90

 

10 नम्बर के प्रश्न अनधिक 300 शब्दों में
7 नम्बर के प्रश्न अनधिक 200 शब्दों में
5 नम्बर के प्रश्न अनधिक 150 शब्दों में
3 नम्बर के प्रश्न अनधिक 60 शब्दों में
1 नम्बर के प्रश्न अधिक 20 शब्दों में

WBBSE Class 9 History MCQ Questions Chapter 3 19वीं सदी का यूरोप राजतांत्रिक एवं राष्ट्रवादी विचारधारा में संघर्ष

Well structured WBBSE 9 History MCQ Questions Chapter 3 19वीं सदी का यूरोप राजतांत्रिक एवं राष्ट्रवादी विचारधारा में संघर्ष can serve as a valuable review tool before exams.

19वीं सदी का यूरोप राजतांत्रिक एवं राष्ट्रवादी विचारधारा में संघर्ष Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
मैटरनिख किस देश का निवासी था –
(a) अस्ट्रिया
(b) आस्ट्रेलिया
(c) फ्रांस
(d) इंग्लैण्ड
उत्तर :
(a) अस्ट्रिया

WBBSE Class 9 History MCQ Questions Chapter 3 19वीं सदी का यूरोप राजतांत्रिक एवं राष्ट्रवादी विचारधारा में संघर्ष

प्रश्न 2.
बिस्मार्क का जन्म कब हुआ था –
(a) 1815 ई०
(b) 1820 ईं
(c) 1810 ई०
(d) 1825 ई०
उत्तर :
(a) 1815 ई०

प्रश्न 3.
वियना सम्मेलन का आयोजन कब किया गया था?
(a) 1815 ई०
(b) 1817 ई०
(c) 1830 ई०
(d) 1848 ई०
उत्तर :
(a) 1815 ई०

प्रश्न 4.
वियना सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की थी?
(a) ब्रिटेन के प्रधानमंत्री लॉयड जार्ज
(b) ऑस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिख
(c) फ्रांसीसी राजनीतिज्ञ तिलेराँ
(d) इटली के प्रधानमंत्री और लैण्डो
उत्तर :
(b) ऑस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिख

प्रश्न 5.
वियना सम्मेलन आयोजित हुआ था –
(a) 1789 ई० में
(b) 1804 ई० में
(c) 1812 ई० में
(d) 1815 ई० में
उत्तर :
(d) 1815 ई० में।

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प्रश्न 6.
मेटरनिख किस व्यवस्था को मानता था ?
(a) राष्ट्रवादी
(b) उदारवाद
(c) राजतंत्रवाद
(d) पुरातनवाद
उत्तर :
(d) पुरातनवाद

प्रश्न 7.
जौल्वरिन संघ की स्थापना कब हुई –
(a) 1834 ई०
(b) 1830 ई०
(c) 1840 ई०
(d) 1832 ई०
उत्तर :
(a) 1834 ई०

प्रश्न 8.
चार्ल्स दशम् राजगद्दी पर कब बैठा –
(a) 1824
(b) 1860
(c) 1850
(d) 1840
उत्तर :
(a) 1824

प्रश्न 9.
मेटरनिख का युग कहा जाता है –
(a) 1815-1820
(b) 1815-1830
(c) 1815-1848
(d) 1815-1870
उत्तर :
(c) 1815-1848

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प्रश्न 10.
लुई फिलिप गद्दी पर कब बैठा?
(a) 1815 ई०
(b) 1830 ई०
(c) 1848 ई०
(d) 1890 ई०
उत्तर :
(b) 1830 ई०

प्रश्न 11.
सेडोवा का युद्ध कब हुआ था?
(a) 1848 ई०
(b) 1864 ई०
(c) 1866 ई०
(d) 1870 ई०
उत्तर :
(c) 1866 ई०

प्रश्न 12.
यूरोपीय कन्सर्ट किसने बुलाया था ?
(a) रूस
(b) फ्रांस
(c) बिंटेन
(d) प्रशा
उत्तर :
(d) प्रशा

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प्रश्न 13.
जुलाई कान्ति किस देश में पहले हुई।
(a) रूस
(b) ब्रिटेन
(c) फ्रांस
(d) इटली
उत्तर :
(c) फ्रांस

प्रश्न 14.
विएना कांग्रेस द्वारा हालैण्ड में किस देश को मिलाया गया –
(a) फ्रांस
(b) बेल्जियम
(c) इंग्लैण्ड
(d) प्रशा
उत्तर :
(b) बेल्जियम

प्रश्न 15.
विएना कांग्रेस में इंग्लैण्ड का प्रतिनिधि था –
(a) कैसलर
(b) कैनिंग
(c) डिजरेली
(d) ग्लैडस्टन
उत्तर :
(a) कैसलर

प्रश्न 16.
सेडान का युद्ध किसके बीच हुआ था?
(a) ऑंस्ट्रिया-हगरी
(b) फ्रांस-प्रशिया
(c) जर्मनी-इटली
(d) फ्रांस-डेनमार्क
उत्तर :
(b) फ्रांस-प्रशिया

प्रश्न 17.
क्रीमिया के युद्ध का अंत किस संधि के बाद हुआ था ?
(a) वियना की संधि
(b) पेरिस की संधि
(c) वेस्टफेलिया की संधि
(d) वार्साय की संधि
उत्तर :
(b) पेरिस की संधि

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प्रश्न 18.
लिपजिंग का युद्ध कब हुआ था ?
(a) 1805 ई०
(b) 18107 ई०
(c) 1813 ई०
(d) 1815 ई०
उत्तर :
(c) 1813 ई०

प्रश्न 19.
इंग्लैण्ड में दास प्रथा का अंत कब हुआ ?
(a) 1805 ई०
(b) 1807 ई०
(c) 1810 ई०
(d) 1814 ई०
उत्तर :
(b) 1807 ई०

प्रश्न 20.
वियना सम्मेलन में फ्रांस के प्रतिनिधि थे –
(a) नेपोलियन
(b) लुई अठारहवाँ
(c) तालिरँ
(d) चार्ल्स दशम
उत्तर :
(c) तालिरँ।

प्रश्न 21.
मेटरनिख का जन्म हुआ था –
(a) 15 मई 1773 ई०
(b) 16 मार्च 1770
(c) 15 फरवरी 1772 ई०
(d) 14 जुलाई 1750 ई०
उत्तर :
(a) 15 मई 17733 ई०

प्रश्न 22.
मैटरनिख को आस्ट्रिया का प्रथानमंत्री (चांसलर) कब नियुक्त किया गया –
(a) 1809 ई०
(b) 1810 ई०
(c) 1815 ई०
(d) 1816 ई०
उत्तर :
(a) 1809 ई०

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प्रश्न 23.
चार्ल्स दशम् ने सेण्ट क्लाउड का अध्यादेश कब जारी किया –
(a) 1830 ई०
(b) 1835 ई०
(c) 1833 ई०
(d) 1840 ई०
उत्तर :
(a) 1830 ई०

प्रश्न 24.
चार्ल्स दशम की मृत्यु कब हुई –
(a) 1836 ई०
(b) 1843 ई0
(c) 1846 ई。
(d) 1845 ई०
उत्तर :
(a) 1836 ई०

प्रश्न 25.
विस्मार्क के समय फ्रांस का सम्राट कौन था ?
(a) लुई XVI
(b) लुई XVIII
(c) नेपोलियन
(d) नेपोलियन III
उत्तर :
(d) नेपोलियन III

प्रश्न 26.
रूस की क्रान्ति कब हुई थी?
(a) 1815 ई०
(b) 1830 ई०
(c) 1848 ई०
(d) 1917 ई。
उत्तर :
(d) 1917 ई०

प्रश्न 27.
मेटरनिक कहाँ का चांसलर था?
(a) जर्मनी
(b) इटली
(c) ऑंस्ट्रिया
(d) फ्रांस
उत्तर :
(c) ऑस्ट्रियां

प्रश्न 28.
नेपिल्स के राजा का क्या नाम था –
(a) फडिनेन्ड
(b) मेजिनी
(c) रूसो
(d) वाल्टेयर
उत्तर :
(a) फर्डिनेन्ड

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प्रश्न 29.
परमा, मोडेना और पोर के राज्य में विद्रोह कब हुए –
(a) 1830 ई०
(b) 1835 ई०
(c) 1833 ई०
(d) 1840 ई0
उत्तर :
(a) 1830 ई०

प्रश्न 30.
मेटरनिख व्यवस्था का पतन किस क्रांति के द्वारा हुआ ?
(a) 1815 ई०की क्रान्ति
(b) 1830 ई० की क्रांति
(c) 1848 ई० की क्रान्ति
(d) 1789 ई० की क्रान्ति
उत्तर :
(c) 1848 ई० की क्रान्ति

प्रश्न 31.
किसने ‘रक्त एवं लौह नीति’ ग्रहण की थी ?
(a) मेजिनी
(b) विस्मार्क
(c) कैमूर
(d) गैरीबाल्डी
उत्तर :
(b) विस्मार्क।

प्रश्न 32.
यंग इटली की स्थापना कब हुई –
(a) 1831 ई०
(b) 1840 ई०
(c) 1829 ई०
(d) 1836 ई०
उत्तर :
(a) 1831 ई०

प्रश्न 33.
यंग इटली का संस्थापक कौन था ?
(a) काबूर
(b) गैरीवाल्डी
(c) मेजिनी.
(d) विक्टर इमानुएल
उत्तर :
(c) मेजिनी

प्रश्न 34.
विलियम प्रथम प्रशा की गद्दी पर कब बैठा –
(a) 1861 ई०
(b) 1864 ई०
(c) 1863 ई०
(c) 1865 ई。
उत्तर :
(a) 1861 ई०

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प्रश्न 35.
तुर्की साप्राज्य की स्थापना किसने की –
(a) सलजुक तुर्को ने
(b) बिस्मार्क ने
(c) मेजिनी ने
(d) नेपोलियन ने
उत्तर :
(a) सलजुक तुर्को ने

प्रश्न 36.
मेटरनिक ने कब ऑस्ट्रिया छोड़ दिया?
(a) 1815 ई०
(b) 1830 ई०
(c) 1848 ई०
(d) 1871 ई०
उत्तर :
(b) 1830 ई०

प्रश्न 37.
‘यंग इटली’ संस्था की स्थापना किसने की?
(a) मेजिनी
(b) गैरीबाल्डी
(c) कैबूर
(d) विक्टर एमेनुअल
उत्तर :
(a) मेजिनी

प्रश्न 38.
यदि राजा भाग गया है, तो कोई बात नहीं। फ्रेंच राष्ट्र तो विद्यमान है। किस देश के नागरिक ने यह बात कही थी?
(a) फ्रांस
(b) जर्मनी
(c) इटली
(d) रूस
उत्तर :
(a) फ्रांस

प्रश्न 39.
जुलाई 1830 कान्ति के बाद फ्रांस की गद्दी पर कौन राजा बैठा?
(a) लुई IXV
(b) लुई X V
(c) लुई XVI
(d) लुई XVIII
उत्तर :
(d) लुई XVIII

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प्रश्न 40.
गौरवपूर्ण क्रान्ति कहाँ हुई थी?
(a) फ्रांस
(b) बिटेन
(c) जर्मनी
(d) रूस
उत्तर :
(b) बिंटेन

प्रश्न 41.
शक्ति-संगठन के कुल कितने अधिवेशन हुए थे –
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5
उत्तर :
(d) 5

प्रश्न 42.
कार्ल्सवाड डिक्री घोषित हुआ था –
(a) 1815 ई० में
(b) 1819 ई० में
(c) 1824 ई० में
(d) 1830 ई० में
उत्तर :
(b) 1819 ई० में।

प्रश्न 43.
ट्रेपो की बैठक हुई थी –
(a) 1809 ई० में
(b) 1815 ई० में
(c) 1820 ई० में
(d) 1830 ई० में
उत्तर :
(c) 1820 ई० में।

प्रश्न 44.
जुलाई आर्डिनेन्स में दमनमूलक नीतियों की संख्या थी –
(a) 4
(b) 5
(c) 6
(d) 7
उत्तर :
(a) 4

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प्रश्न 45.
कौन-सी क्रांति ‘तीन गौरवमय दिन की क्रांति’ नाम से जानी जाती है ?
(a) फ्रांसीसी क्रांति
(b) जुलाई क्रांति
(c) फरवरी क्रांति
(d) नवम्बर क्रान्ति
उत्तर :
(b) जुलाई क्रांति।

प्रश्न 46.
जुलाई क्रांति के समय फ्रांस का राजा था –
(a) चार्ल्स दशम
(b) लुई अठारहवाँ
(c) लुई फिलिप
(d) लुई नेपोलियन
उत्तर :
(a) चार्ल्स दशम।

प्रश्न 47.
फ्रांस का अन्तिम वुर्वो राजा था –
(a) लुई सोलहवाँ
(b) लुई अठारहवाँ
(c) चार्ल्स दशम
(d) लुई फिलिप
उत्तर :
(b) लुई अठारहवाँ।

प्रश्न 48.
जुलाई राजतन्त्र की समाप्ति हुई –
(a) 1824 ई० में
(b) 1830 ई० में
(c) 1848 ई० में
(d) 1852 ई० में
उत्तर :
(c) 1848 ई० में।

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प्रश्न 49.
फरवरी क्रांति के समय फ्रांस का राजा था –
(a) नेपोलियन तृतीय
(b) लुई फिलिप
(c) चार्ल्स दशम
(d) लुई नेपोलियन
उत्तर :
(b) लुई फिलिप

प्रश्न 50.
लुई फिलीप ने सिंहासन कब छोड़ा –
(a) 21 फरवरी को
(b) 22 फरवरी को
(c) 23 फरवरी को
(d) 24 फरवरी को
उत्तर :
(d) 24 फरवरी को।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. यूरोप में राष्ट्रवादी विचारों का सबसे अधिक प्रसार _________प्रभाव से हुआ।
उत्तर : फ्रांसीसी क्रांति के।

2. राष्ट्रवाद से प्रभावित होकर यूरोप की छोटी जातियों ने _________की मांग की।
उत्तर : आत्मनियंत्रण।

3. _________वियना सम्मेलन के सबसे लोकप्रिय व्यक्ति थे।
उत्तर : मेटरनिख।

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4. न्याय अधिकार नीति द्वारा _________वंश हालैण्ड के सिंहासन पर बैठा।
उत्तर : ऊरेंज।

5. क्षर्तिपूर्ण नीति द्वारा पार्मा, मडेना एवं टास्कनी में वंश _________का शासन प्रतिष्ठित हुआ।
उत्तर : हैप्सवर्ग।

6. वियना सम्मेलन में फ्रांस के ऊपर _________फ्रैंक की क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाया गया।
उत्तर : 70 करोड़।

7. शक्तिसाम्ब नीति द्वारा _________को हालैण्ड के साथ युक्त किया गया।
उत्तर : बेल्जियम।

8. _________जर्मनबुंडया राष्ट्र-समिति का सभापति था।
उत्तर : ऑंस्ट्रिया।

9. मेटरनिख द्वारा आक्रामक नीति संचालन के लिये _________शहर में प्रधान कार्यालय खोला गया।
उत्तर : मेन्ज! यूरोप के प्रधानमंत्री के नाम से परिचित था।

10. _________यूरोप के प्रधानमंत्री के नाम से परिचित था।
उत्तर : मेटरनिख।

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11. वुरसेनसाफटेन जर्मनी का एक_________था।
उत्तर : छात्र-संगठन।

12. चार्ल्स दशम _________का भाई था।
उत्तर : लुई अठारहवाँ।

13. चार्ल्स दशम ने_________ के परामर्श से विधान परिषद को भंग कर दिया।
उत्तर : पोलिग्नेक।

14. जुलाई आर्डिनेन्स_________द्वारा लागू किया गया।
उत्तर : चार्ल्स दशम।

15. लुई फिलिप का पतन _________क्रांति के कारण हुआ।
उत्तर : फरवरी।

16. ‘आर्गनाईजेशन ऑफ लेबर’ पुस्तक की रचना_________ ने की।
उत्तर : लुई ब्लाँ।

17. _________क्रांति वर्ष के नाम से परिचित है।
उत्तर : 1848 ई०।

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18. फरवरी क्रांति के दबाव से मेटरनिख _________भाग गया।
उत्तर : इंग्लैण्ड।

19. फरवरी क्रांति के बाद फ्रांस में_________गठित हुआ।
उत्तर : राष्ट्रीय कर्मशाला।

20. एकीकरण होने के पहले दक्षिण इटली के नेपल्स एवं सिसिली में_________ वंश का शासन कायम था।
उत्तर : वुर्वों।

21. मेटरनिख ने कहा था, इटली है ‘एक _________संज्ञामात्र’।
उत्तर : भौगोलिक।

22. इटली की एकीकरण आन्दोलन में सबसे प्रसिद्ध गुप्त समिति थी _________
उत्तर : कार्वोनारी।

23. जनरल पेष_________ के विद्रोही आन्दोलन का नेता था।
उत्तर : नेपल्स।

24. ‘रिसर्जीमेण्टो’ पत्रिका का सम्पादक _________था।
उत्तर : काबूर।

25. मेजिनी का लक्ष्य इटली को एक करके _________की प्रतिष्ठा करना था।
उत्तर : प्रजातन्त्र।

26. 1848 ई० में _________के नेतृत्व में रोम एवं टास्कनी में प्रजातन्त्र प्रतिष्ठित हुआं।
उत्तर : मेजिनी।

27. काबूर ऐक्यबद्ध इटली में _________की प्रतिष्ठा करना चाहता था।
उत्तर : नियमतान्रिक राजतन्न।

28. पिडमेण्ट के साथ लम्बार्डी युक्त हुआ_________सन्धि के द्वारा।
उत्तर : ज्यूरिख।

29. इटली ने _________संधि के द्वारा सेवाय एवं निस प्राप्त किया।
उत्तर : ज्यूरिख।

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30. _________ने मध्य इटली के संयुक्त होने के बदले इटली से सेवाय एवं निस प्राप्त किया।
उत्तर : फ्रांस।

31. 1861 ई० में _________ राष्ट्रीय संसद का प्रथम अधिवेशन हुआ।
उत्तर : इटली की।

32. इटली का एकीकरण सम्पूर्ण _________संयुक्ति के माध्यम से हुआ।
उत्तर : रोम।

33. फ्रांसीसी क्रांति के समय जर्मनी प्राय: _________राज्यों में विभक्त था।
उत्तर : 300

34. ‘कन्फेडरेशन ऑफ द राईन’ का गठन _________ने किया था।
उत्तर : नेपोलियन।

35. वियना संधि के माध्यम से जर्मनबुंड का सभापति _________हुआ।
उत्तर : औंस्ट्रिया।

36. जर्मनी के एकीकरण आन्दोलन का नेतृत्व_________ ने किया था।
उत्तर : पर्शिया।

37. वुरसेनसाफ्टेन एक जर्मन _________थी।
उत्तर : गुप्त समिति।

38. जोलवेरिन की प्रतिष्ठा में _________ने नेतुत्व दिया था।
उत्तर : पर्शिया।

39. जर्मनी को एक करने के लिये विस्मार्क का प्रथम युद्ध _________के विरुद्ध था।
उत्तर : डेनमार्क।

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40. जर्मनी के एकीकरण के लिये विस्मार्क का अन्तिम युद्ध _________के विरुद्ध था।
उत्तर : फ्रांस।

41. प्रथम लिओपोल्ड _________का राजा था।
उत्तर : वेल्जियम।

42. पर्शिया से पराजित होकर डेनमार्क समझौते द्वारा श्लेसवीन एवं हलस्टिन के ऊपर अपनी माँग को त्याग दिया।
उत्तर : वियना।

43. सेडोवा युद्ध के बाद _________के नेतृत्व में उत्तर जर्मन राष्ट्रसंघ गठित हुआ।
उत्तर : पर्शिया।

44. _________का युद्ध ‘सात हप्तों का युद्ध’ के नाम से परिचित है।
उत्तर : सेडोवा।

45. इटली _________को दिये जाने की शर्त पर पर्शिया को फैंको-प्रासीय युद्ध में इटली से मद्द मिली।
उत्तर : रोम।

46. _________संधि के द्वारा सेडान का युद्ध समाप्त हुआ।
उत्तर : फ्रैंकफर्ट।

47. सेडान के युद्ध के बाद._________ का पतन हुआ।
उत्तर : तृतीय नेपोलियन।

48. फ्रांस में स्थायी रूप से प्रजातन्त्र की प्रतिष्ठा _________ में हुई।
उत्तर : 1871 ई०।

49. तुरस्क की अधीनता त्याग कर 1829 ई० में _________ने स्वाधीनता प्राप्त की।
उत्तर : ग्रीस।

50. तुरस्क की अथीनता त्याग कर 1842 ई० में _________ने स्वाधीनता प्राप्त की।
उत्तर : मिस।

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51. तुरस्क 1821 ई० में मिग्र के शासक _________की सहायता से ग्रीकवासियों के विद्रोह का दमन किया।
उत्तर : मुहम्मद अली।

52. ग्रोटो के गिरजा पर एकाधिपत्य का अधिकार ही _________के युद्ध का प्रत्यक्ष कारण था।
उत्तर : क्रीमिया।

53. पेरिस-संधि द्वारा_________युद्ध की समाप्ति हुई।
उत्तर : क्रीमिया।

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. फ्रांसीसी क्रांति ने राष्ट्रवादी प्रसार में बाधा पैदा की।
उत्तर : False

2. 19 वीं सदी के यूरोष में स्वेच्छाचारी राजतन्त्र एवं उदीयमान राष्ट्रवाद के बीच संघर्ष दिखाई दिया।
उत्तर : True

3. निरकुश राजतन्त्र एवं राष्ट्रीयतावाद की चरम लड़ाई में गणतन्त्र विजयी हुआ।
उत्तर : True

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4. डेविड टमसन ने 1815 से 1849 ई० के बीच के समय को ‘शान्ति युग’ कहा है।
उत्तर : False

5. क्षतिपूर्ति नीति द्वारा पर्शिया ने लम्बर्डी, विनिशा, पोलैण्ड के कुछ हिस्से, टारइल, इलिरिया आदि प्राप्त किया।
उत्तर : False

6. न्याय अधिकार नीति द्वारा मध्य इटली में ऑस्ट्रिया का शासन लागू हुआ।
उत्तर : False

7. वियना सम्मेलन के नेतागण गणतन्त एवं राष्ट्रीयतावाद के समर्थक थे।
उत्तर : False

8. 1815 से 1848 ई० तक का समय मेटरनिख युग कहा जाता है।
उत्तर : True

9. पुरातनतन्त्र को बहाल रखने के लिये मेटरनिख के प्रयास से यूरोपीय शक्ति-समिति गठित हुई।
उत्तर : True

10. यूरोपीय शक्ति-समिति के ट्रपो के घोषणापत्र में कहा गया है कि प्रजा को सरकार परिवर्तन करने का कोई अधिकार नहीं है। किसी भी देश में क्रांति होने से शक्ति-समिति हस्तक्षेप करेगी।
उत्तर : True

11. लुई सोलहवें की मृत्यु के बाद उग्र राजतन्त्री दल के नेता काउण्ट ऑफ आर्टेस चार्ल्स दशम नाम से फ्रांस के सिंहासन पर बैठा।
उत्तर : False

12. जुलाई क्रांति के बाद क्रांतिकारी अलिर्यन्स वशीय लुई फिलिप को फांस का राजा बनाया गया।
उत्तर : True

13. जुलाई क्रांति के फलस्वरूप प्रतिष्ठित राजतन्त्र ‘जुलाई राजतंत्र’ के नाम से परिचित है।
उत्तर : True

14. प्रधानमंत्री पोलिग्नेक के निवास-भवन के सामने अंगरक्षकों की गोली से 23 लोग मारे गये।
उत्तर : False

15. लुई नेपोलियन ने 1852 ई० में द्वितीय गणतन्त्र को समाप्त कर फ्रांस में द्वितीय साम्राज्य की स्थापना की।
उत्तर : True

16. लुई फिलीप तृतीय नेपोलियन के नाम से (1852 ई०) अपने को ‘फ्रांसीसीयों का सम्राट’ कहकर घोषणा की।
उत्तर : False

17. वियना संधि के द्वारा इटली को 8 राज्यों में विभक्त किया गया।
उत्तर : True

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18. कार्वोनारी समिति का उद्देश्य था शान्तिपूर्ण तरीके से विदेशियों की गुलामी से इटली को मुक्त करके वहाँ पर प्रजातन्त्र की स्थापना।
उत्तर : False

19. मेजिनी का आदर्श था विदेशी सहायता के बिना युवकों को आत्मत्याग के बल पर इटली को एक करना।
उत्तर : True

20. यंग इटली दल के झंडे में एक ओर ‘गणतन्र, समानता एवं असमानता’ तथा दूसरी ओर ‘स्वाधीनता एवं एकता’ लिखा हुआ था।
उत्तर : True

21. 1859 ई० में ऑस्ट्रिया एवं पिडमेण्ट-सार्डिनिया के बीच ज्यूरिख की सन्धि हुई।
उत्तर : True

22. काबूर फांसीसी सम्माट लुई नेपोलियन के संग प्लेमवियर्स ने समझौता किया।
उत्तर : True

23. विक्टर इमानुयल द्वारा नेपल्स एवं सिसिली की माँग करने पर गैरीबाल्ड़ी उनके विरुद्ध युद्ध करने को आगे बढ़े।
उत्तर : False

24. इटली के एकीकरण आन्दोलन के आरंभ में सर्व-जर्मनवाद एवं जोलवेरिन की महत्वपूर्ण भूमिका थी
उत्तर : False

25. विस्मार्क पर्शिया के राजतन्त्र के नेतृत्व में जर्मनी के एकीकरण की परिकल्पना (Planning) की।
उत्तर : True

26. 1864 ई० के पहले श्लेषविग एवं हलस्टाइन नामक दो स्थान डेनमार्क के अधीन थे।
उत्तर : False

27. लंदन प्रोटोकॉल ( 1852 ई०) द्वारा निश्चय हुआ कि श्लेषविग एवं हलस्टाइन दोनों डेनमार्क के अधीन रहेगा लेकिन वे स्वायत्तशासित होंगे।
उत्तर : True

28. वियारित्स के गुप्त समझौता द्वारा निश्चय हुआ कि होनेवाली आस्ट्रिया-पर्शिया युद्ध में फ्रांस निरपेक्ष रहेगा और उसके बदले वह जर्मनी का कुछ भूखण्ड पायेगा।
उत्तर : True

29. पर्शिया के राजवंश का कोई स्पेन के सिंहासन पर नहीं बैठे इसलिये इस विषय पर चर्चा करने के उद्देश्य से फ़्रांसीसी सम्माट तृतीय नेपोलियन ने एमस नामक जगह पर पर्शिया के राजा के साथ मुलाकात की।
उत्तर : False

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30. सेडान के युद्ध के बाद फ्रांस के द्वितीय साम्माज्य का पतन हो गया एवं तृतीय प्रजातन्त्र की स्थापना हुई।
उत्तर : True

31. तुर्की भाषा में ‘बाल्कन’ शब्द का अर्थ नदी होता है।
उत्तर : False

32. ‘कुचुक काइनराजी की सन्धि’ एवं जारिस समझौता रूस एवं पर्शिया के बीच हुई।
उत्तर : False

33. रूस द्वारा ग्रीस के स्वाधीनता युद्ध में मदद करने की इच्छा रहते हुए भी मेटरनिख के दबाव से वह नहीं कर सका।
उत्तर : True

34. विस्मार्क के सभापतित्व में बर्लिन समझौता ( 1878 ई०) द्वारा बाल्कन समस्या के समाधान की चेष्टा हुई।
उत्तर : True

35. रूस के मुक्त भूमिदास बिना क्षतिपूर्ति के अपने मालिकों की जमीन का अर्द्धाश प्राप्त किया।
उत्तर : False

स्तम्भ ‘क’ को स्तम्भ ‘ख’ से सुमेलित कीजिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. प्रथम फ्रांसिस 1. पिडमेंट का राजा
B. प्रथम अलेक्जेण्डर 2. प्रश्शिया का राजा
C. प्रथम विलियम 3. रूस का जार
D. विक्टर इमानुएल 4. ओस्ट्रिया का राजा

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. प्रथम फ्रांसिस 1. पिडमेंट का राजा
B. प्रथम अलेक्जेण्डर 2. प्रश्शिया का राजा
C. प्रथम विलियम 3. रूस का जार
D. विक्टर इमानुएल 4. ओस्ट्रिया का राजा

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प्रश्न 2.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. मेटरनिख 1. पिडमेंट का प्रधानमंत्री
B. काबूर 2. आस्ट्रिया का प्रधानमंत्री
C. बिस्मार्क 3. प्रश्शिया का प्रधानमंत्री
D. कैसलर 4. इंग्लैण्ड का विदेशमंत्री

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. मेटरनिख 2. आस्ट्रिया का प्रधानमंत्री
B. काबूर 1. पिडमेंट का प्रधानमंत्री
C. बिस्मार्क 3. प्रश्शिया का प्रधानमंत्री
D. कैसलर 4. इंग्लैण्ड का विदेशमंत्री

प्रश्न 3.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. वुर्वो 1. हालैण्ड
B. ऑरेझ 2. पिडमांट
C. सेवाय 3. फ्रांस
D. हैप्सवर्ग 4. आंस्ट्रया

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. वुर्वो 3. फ्रांस
B. ऑरेझ 1. हालैण्ड
C. सेवाय 2. पिडमांट
D. हैप्सवर्ग 4. आंस्ट्रया

प्रश्न 4.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1815 ई० 1. वियना सम्मेलन
B. 1819 ई० 2. ग्रीस का स्वाधीनता युद्ध
C. 1820 ई० 3. कार्ल्सबड डिक्री
D. 1821-1832 ई० 4. ट्रपो का घोषणापत्र

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1815 ई० 1. वियना सम्मेलन
B. 1819 ई० 3. कार्ल्सबड डिक्री
C. 1820 ई० 4. ट्रपो का घोषणापत्र
D. 1821-1832 ई० 2. ग्रीस का स्वाधीनता युद्ध

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प्रश्न 5.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1830 ई० 1. मध्य इटली का एकीकरण
B. 1861 ई० 2. रूस के भूमिदासों की मुक्ति
C. 1848 ई० 3. जुलाई क्रांति
D. 1860 ई० 4. फरवरी क्रांति

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1830 ई० 3. जुलाई क्रांति
B. 1861 ई० 2. रूस के भूमिदासों की मुक्ति
C. 1848 ई० 4. फरवरी क्रांति
D. 1860 ई० 1. मध्य इटली का एकीकरण

प्रश्न 6.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1848 ई० 1. लंडन प्रोटोकॉल
B. 1852 ई० 2. प्लोमवियर्स का समझौता
C. 1858 ई० 3. गैस्टिन का समझौता
D. 1865 ई० 4. जुलाई राजतन्त्र की समाप्ति

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1848 ई० 4. जुलाई राजतन्त्र की समाप्ति
B. 1852 ई० 1. लंडन प्रोटोकॉल
C. 1858 ई० 2. प्लोमवियर्स का समझौता
D. 1865 ई० 3. गैस्टिन का समझौता

प्रश्न 7.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1830 ई० 1. फ्रांस में द्वितीय प्रजातंत्र की प्रतिष्ठा
B. 1848 ई० 2. रोम का संयुक्तीकरण
C. 1866 ई० 3. जुलाई राजतन्त्र की प्रतिष्ठा
D. 1870 ई० 4. विनिशा का संयुंक्तीकरण

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1830 ई० 3. जुलाई राजतन्त्र की प्रतिष्ठा
B. 1848 ई० 1. फ्रांस में द्वितीय प्रजातंत्र की प्रतिष्ठा
C. 1866 ई० 4. विनिशा का संयुंक्तीकरण
D. 1870 ई० 2. रोम का संयुक्तीकरण

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प्रश्न 8.

 स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1848 ई० 1. सेडोवा का युद्ध
B. 1854 ई० 2. सेडान का युद्ध
C. 1866 ई० 3. क्रीमिया का युद्ध
D. 1870 ई० 4. क्रांति का वर्ष

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. 1848 ई० 4. क्रांति का वर्ष
B. 1854 ई० 3. क्रीमिया का युद्ध
C. 1866 ई० 1. सेडोवा का युद्ध
D. 1870 ई० 2. सेडान का युद्ध

प्रश्न 9.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. गैस्टिन समझौता 1. पर्शिया एवं ऑस्ट्रिया
B. प्लोमवियर्स समझौता 2. इटली एवं पर्शिया
C. विल्ला फ्रान्का समझौता 3. ऑस्ट्रिया एवं फ्रांस
D. प्राग समझौता 4. इटली एवं फ्रांस

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. गैस्टिन समझौता 1. पर्शिया एवं ऑस्ट्रिया
B. प्लोमवियर्स समझौता 4. इटली एवं फ्रांस
C. विल्ला फ्रान्का समझौता 3. ऑस्ट्रिया एवं फ्रांस
D. प्राग समझौता 2. इटली एवं पर्शिया

प्रश्न 10.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. पोलिग्नेक 1. चार्ल्स दशम का प्रधानमंत्री
B. काबूर 2. लुई फिलिप का प्रधानमंत्री
C. गिजो 3. पिडमेंट-सार्डिनिया का प्रधानमंत्री
D. विस्मार्क 4. पर्शिया का प्रधानमंत्री

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. पोलिग्नेक 1. चार्ल्स दशम का प्रधानमंत्री
B. काबूर 3. पिडमेंट-सार्डिनिया का प्रधानमंत्री
C. गिजो 2. लुई फिलिप का प्रधानमंत्री
D. विस्मार्क 4. पर्शिया का प्रधानमंत्री

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प्रश्न 11.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. चार्ल्स दशम 1. सोसाइटी ऑफ फैमिलीज
B. अगस्त बलंकी 2. तृतीय नेपोलियन
C. लुई बलाँ 3. लुई अठाहरवें के अग्रज
D. लुई नेपोलियन 4. आर्गनाइजेशन ऑफ लेबर

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. चार्ल्स दशम 3. लुई अठाहरवें के अग्रज
B. अगस्त बलंकी 1. सोसाइटी ऑफ फैमिलीज
C. लुई बलाँ 4. आर्गनाइजेशन ऑफ लेबर
D. लुई नेपोलियन 2. तृतीय नेपोलियन

प्रश्न 12.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. विक्टर इमानुयल 1. फ्रांस का राजा
B. चतुर्थ फ्रेडरिक विलियम 2. पर्शिया का राजा
C. तृतीय नेपोलियन 3. इटली का राजा
D. नवम क्रिश्चियन 4. डेनमार्क का राजा

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. विक्टर इमानुयल 3. इटली का राजा
B. चतुर्थ फ्रेडरिक विलियम 2. पर्शिया का राजा
C. तृतीय नेपोलियन 1. फ्रांस का राजा
D. नवम क्रिश्चियन 4. डेनमार्क का राजा

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प्रश्न 13.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. मेजिनी 1. जोलवेरिन
B. काबूर 2. यंग इटली
C. गैरीबाल्डी 3. लाल कुर्ता
D. मैजेन 4. एसोसिएसन आग्रारिया

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. मेजिनी 2. यंग इटली
B. काबूर 4. एसोसिएसन आग्रारिया
C. गैरीबाल्डी 3. लाल कुर्ता
D. मैजेन 1. जोलवेरिन

प्रश्न 14.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. विस्मार्क 1. मुक्तिदाता
B. लुई कसूथ 2. हेटाइरिया फिलिके
C. द्वितीय अंलेक्जेण्डर 3. रक्त एवं लौह नीति
D. स्कूफास 4. हंगरी का नेता

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. विस्मार्क 3. रक्त एवं लौह नीति
B. लुई कसूथ 4. हंगरी का नेता
C. द्वितीय अंलेक्जेण्डर 1. मुक्तिदाता
D. स्कूफास 2. हेटाइरिया फिलिके

प्रश्न 15.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. रिसर्जीवेण्टो 1. राष्ट्र-समिति
B. कन्फेडरेशन ऑफ राईन 2. शुल्क संघ
C. जोलवेरि॰इन 3. पुनर्जागरण
D. कार्वोनारी 4. गुप्त समिति

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. रिसर्जीवेण्टो 3. पुनर्जागरण
B. कन्फेडरेशन ऑफ राईन 1. राष्ट्र-समिति
C. जोलवेरि॰इन 2. शुल्क संघ
D. कार्वोनारी 4. गुप्त समिति

प्रश्न 16.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. कार्वोनारी 1. ग्रीस
B. जोलवेरिन 2. इंटली
C. यूरोप के मरीज 3. जर्मनी
D. हेटाइरिया फिलिके 4. तुरस्क

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
A. कार्वोनारी 2. इंटली
B. जोलवेरिन 3. जर्मनी
C. यूरोप के मरीज 4. तुरस्क
D. हेटाइरिया फिलिके 1. ग्रीस

 

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Physical Science Book Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.5 Question Answer – धातुकर्म

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
उच्च तापक्रम पर मैग्नीशियम धातु के साथ नाइट्रोजन की रासायनिक क्रिया से उत्पन्न यौगिक का नाम लिखिए ।
उत्तर:
मैग्नेशियम नाइट्राइट ।

प्रश्न 2.
लोहा के प्रमुख अयस्क का नाम लिखें जिससे लोहा का निष्कर्षण किया जाता है ?
उत्तर :
लोहा का प्रमुख अयस्क लाल हेमेटाइट (Fe2O3) और मैग्नेटाइट (Fe3O4) है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म

प्रश्न 3.
ताँबा के मुख्य अयस्क का नाम और सूत्र लिखें ।
उत्तर :
ताँबा का मुख्य अयस्क कापर पाइराइट (CuFeS) है।

प्रश्न 4.
निष्क्रिय आयरन (Passive iron) क्या है ?
उत्तर :
ठण्डा एवं सान्द्र नाइट्रिक अम्ल या सधूम नाइट्रिक अम्ल जब लोहे के सम्पर्क में आता है, तो निष्क्रिय आयरन प्राप्त होता है।

प्रश्न 5.
अमलगम (Amalgam) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जिस मिश्र धातु में एक धातु पारा होता है, उस मिश्र धातु को अमलगम कहते हैं। जैसे : सोडियम अमलगम् Na / Hg)

प्रश्न 6.
एक धातु का नाम लिखिए जो अम्ल एवं क्षार दोनों से प्रतिक्रिया करता है।
उत्तर :
अल्यूमिनियम धातु अम्ल और क्षार दोनों से प्रतिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन उत्पन्न करता है ।

प्रश्न 7.
स्टेनलेस स्टील में कौन-कौन से अवयवी तत्व रहते हैं ?
उत्तर :
लोहा (Fe), क्रोमियम (Cr), निकेल (Ni) तथा कार्बन (C)

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प्रश्न 8.
पीतल और ब्रोंज दोनों मिश्र धातुओं में कौन-सी धातु मौजूद है ?
उत्तर :
पीतल और ब्रोंज दोनों मिश्र धातुओं में ताँबा धातु मौजूद है।

प्रश्न 9.
पीतल में कौन – सा उपादान सर्वाधिक है ?
उत्तर :
पीतल में ताँबा (Cu) की मात्रा सर्वाधिक (60-80%) है।

प्रश्न 10.
अल्युमिनियम के दो मिश्र धातुओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
अल्युमिनियम की दो मिश्र धातुएँ :

  • मैग्नेलियम (Mg + Al) और
  • ड्यूरालूमिन (Al + Cu + Mg + Mn) है।

प्रश्न 11.
गैल्वेनाइजेशन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
किसी धातु पर जिंक की परत चढ़ाने की क्रिया को गैल्वेनाइजेशन कहते हैं।

प्रश्न 12.
खनिज (Minerals) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
प्रकृति में पाये जाने वाले धातुओं के वे यौगिक जिनमें अशुद्धियाँ भी मिली होती हैं, उन्हें खनिज कहते हैं ।

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प्रश्न 13.
अयस्क (Ores) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जिंस खनिज से किसी धातु को सरलतापूर्वक तथा अधिक मात्रा में निष्कर्षण (Extraction) किया जाता है उस खनिज को उस धातु का अयस्क कहते हैं। जैसे : बाक्साइट, अल्युमिनियम का अयस्क है।

प्रश्न 14.
धातुकर्म (Metallurgy) से क्या समझते हो ?
उत्तर :
अयस्क से विभिन्न सरल पद्धतियों द्वारा धातु निष्कर्षण करने की विधि को धातुकर्म (Metallurgy) कहते हैं।

प्रश्न 15.
मिश्र धातु किसे कहते हैं ?
उत्तर :
दो या दो से अधिक धातुओं के साथ अधातुओं का समांग या असमांग मिश्रण मिश्रधातु (Alloy ) कहलाता है। जैसे : पीतल, ताँबा और जस्ता का मिश्रधातु है ।

प्रश्न 16.
वायुमान का ढाँचा तैयार करने में किस मिश्रधातु का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
वायुमान का ढाँचा तैयार करने में ड्यूरालूमिन मिश्रधातु का उपयोग होता है।

प्रश्न 17.
शक्तिशाली तथा स्थायी चुम्बक बनाने में किस मिश्रधातु का उपयोग होता है ?
उत्तर :
एलनिको का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 18.
वैज्ञानिक उपकरण तथा एयर क्राफ्ट बनाने में किस मिश्रधातु का उपयोग होता है ?
उत्तर:
मैग्नेलियम का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 19.
जंग क्या है ?
उत्तर :
जंग आर्द्र फेरिक ऑक्साइड (Fe2O3.3H2O) है। लोहे के साथ वायु की ऑक्सीजन और जलवाष्प की पारस्परिक प्रतिक्रिया से जंग का निर्माण होता है।

प्रश्न 20.
ताँबा और जस्ता की एक मिश्रधातु का नाम लिखें।
उत्तर :
पीतल ।

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प्रश्न 21.
एक धातु का नाम बताइए जिसका क्षार से कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है।
उत्तर :
लोहा ।

प्रश्न 22.
एक धातु का नाम लिखें जो सामान्य तापक्रम पर तनु गन्धकाम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं करती है।
उत्तर :
ताँबा (Copper)।

प्रश्न 23.
एक मिश्र धातु का नाम लिखें जिसकी चमक शुद्ध धातुओं की अपेक्षा अधिक होती है।
उत्तर :
पीतल, ताँबा एवं जस्ता की एक मिश्र धातु है, जिसकी चमक इन दोनों धातुओं से अधिक होती है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
जिंक ब्लेण्ड को जिंक का खनिज एवं अयस्क दोनों कहा जाता है, क्यों ?
उत्तर :
जिंक ब्लेड (ZnS) खनिज द्वारा सरलतापूर्वक और कम खर्च में अधिक परिमाण में जस्ता (Zn) का निष्कर्षण किया जा सकता है। इसलिए जिंक ब्लेण्ड (ZnS) खनिज तथा जस्ता का अयस्क दोनों कहा जाता है।

प्रश्न 2.
लोहे में जंग से सुरक्षा के दो उपाय लिखिए ।
उत्तर :
लोहे पर मोर्चा (जंग) से बचाने के निम्नलिखित उपाय हैं :

  • धातुओं के बाहरी सतह पर पेंट, रंग, अलकतरा आदि लगाकर
  • धातुओं का परत चढ़ाकर
  • स्टेनलेस स्टील बनाकर
  • धातुओं का विद्युत लेपन द्वारा ।

प्रश्न 3.
ताँबा एवं एल्युमिनियम प्रत्येक का उपयोग लिखिए ।
उत्तर :
ताँबा का उपयोग : घरेलु बर्तन, विद्युत तार तथा विद्युत उपकरण बनाने में ताँबा का उपयोग किया जाता है। एल्युमिनियम का उपयोग : विभिन्न प्रकार के मिश्रधातु बनाने में इसका उपयोग होता है। यह घरेलु उपयोग में आनेवाले बर्तन एवं विद्युत उपकरण बनाने के लिए काम में लाया जाता है।

प्रश्न 4.
ताँबा का उपयोग विद्युत तार में तथा अल्युमिनियम का उपयोग खाना बनाने के बर्तन में किया जाता है – क्यों ?
उत्तर :
ताँबा विद्युत का उत्तम चालक है, इसीलिए इसका उपयोग विद्युत के तारों में होता है तथा अल्युमिनियम उष्मा का सुचालक है, इसीलिए इसका उपयोग खाना बनाने के बर्तन में किया जाता है।

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प्रश्न 5.
जिंक के पात्र में सान्द्र NaOH को रखना क्यों उचित नहीं होता है ?
उत्तर :
जस्ता (जिंक) सोडियम हाइड्रॉक्साइड के गर्म घोल से प्रतिक्रिया कर घुलनशील सोडियम जिंकेट बनाता है तथा इससे हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
Zn + 2NaOH = Na2 ZnO2 + H2
अतः जिंक का पात्र सान्द्र NaOH को रखने के लिए उचित नहीं होता है।

प्रश्न 6.
कास्टिक सोडा के उबलते घोल में अल्युमिनियम का चूर्ण डालने पर क्या होता है ?
उत्तर :
कॉस्टिक सोडा के उबलते घोल में अल्युमिनियम का चूर्ण डालने पर सोडियम अल्युमिनेट बनता है तथा हाइड्रोजन गैस निकलती है।
2AI + 2NaOH + 2H2O = 2NaAIO, + 3H2

प्रश्न 7.
कॉपर सल्फेट को ताँबा के बर्तन में क्यों नहीं रखा जाता है ? संतुलित समीकरणों को लिखें।
उत्तर :
जस्ता, ताँबा से अधिक Electropositive है । अत: कॉपर सल्फेट के साथ प्रतिक्रिया करके कॉपर प्रदान करता है।
CuSO4 + Zn = ZnSO4 + Cu.

प्रश्न 8.
जिंक और कॉपर के एक-एक मिश्र धातु का नाम और संरचना लिखो ।
उत्तर :
जिंक का एक मिश्र धातु पीतल Cu 70% और Zn – 30%
कापर का एक मिश्र धातु काँसा Cu 75% और Sn – 25%

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प्रश्न 9.
“सभी अयस्क खनिज होते हैं लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते हैं।” तर्क सहित उत्तर लिखिए ।
उत्तर :
सभी खनिजों से धातुओं को प्राप्त नहीं किया जा सकता है। केवल कुछ ही खनिज ऐसे होते हैं जिनमें पर्याप्त मात्रा में धातुएँ उपलब्ध होती है तथा उन खनिजों से धातुओं को सरलापूर्वक और अधिक मात्रा में निष्कर्षण किया जाता है, उन खनिजों को अयस्क कहते हैं। अत: हम कह सकते हैं कि सभी अयस्क खनिज होते हैं लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते हैं।

प्रश्न 10.
स्टेनलेस स्टील का मुख्य अवयव (घटक) कौन है ? इसका उपयोग लिखिये ।
उत्तर :
स्टेनलेस स्टील का मुख्य अवयव : Fe = 85%, Cr = 14%, Ni = 0.7%, C = 0.3% है।
स्टेनलेस स्टील का उपयोग घरेलू बर्तन, सर्जरी के समान तथा मशीनों के पुर्जे बनाने में होता है।

प्रश्न 11.
अयस्क (Ore) किसे कहते हैं ? लोहा और मैग्नेशियम के एक-एक अयस्क का नाम सूत्र सहित लिखिये ।
उत्तर :
अयस्क : जिस खनिज से किसी धातु का सरलतापूर्वक तथा अधिक मात्रा में निष्कर्षण किया जाता है उस खनिज को उस धातु का अयस्क कहते हैं। लोहा का मुख्य अयस्क हेमेटाइट (Fe2O8) है। मैग्नेशियम का मुख्य अयस्क मैग्नेसाइट (MgCO3) है।

प्रश्न 12.
जब अल्युमिनियम के पात्र में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का घोल डाला जाता है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
जब अल्युमिनियम के पात्र में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (dil HCI) डाला जाता है, तो वह घुलने लगता है जिसके फलस्वरूप H, गैस उत्पन्न होती है ।
2AI + 6HCI = 2AICI3 + 3H2I

प्रश्न 13.
एल्यूमिनियम और जिंक के बर्तन में अम्लीय खाद्य पदार्थों को क्यों नहीं रखना चाहिए ?
उत्तर :
एल्यूमिनियम और जिंक जब अम्लीय पदार्थों के सम्पर्क में आते हैं तो रासायनिक प्रतिक्रिया के फलस्वरूप धातुओं के घुलनशील यौगिक उत्पन्न करते हैं। यही कारण है कि अम्लीय खाद्य पदार्थों को एल्यूमीनियम और जिंक के बर्तन में न तो रखना चाहिए और न तो पकाना चाहिए क्योंकि खाद्य पदार्थ विषाक्त हो जाते हैं ।

प्रश्न 14.
जब जिंक धातु के एक टुकड़े को कॉपर सल्फेट (CuSO ) के घोल में डाला जाता है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
जब जस्ता के एक टुकड़े को कॉपर सल्फेट के जलीय घोल में डाला जाता है तब कॉपर सल्फेट का नीला रंग धीरे-धीरे गायब होने लगता है और ताँबा धातु की लाल परत जस्ता धातु पर जम जाती है । जस्ता धातु अधिक क्रियाशील होने के कारण घोल से ताँबा धातु को विस्थापित कर देती है। इससे सिद्ध होता है कि जस्ता, ताँबा से अधिक क्रियाशील है।

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प्रश्न 15.
कॉपर सल्फेट के घोल को लोहे के पात्र में क्यों नहीं रखना चाहिए ?
उत्तर :
कॉपर सल्फेट (CuSO) का घोल लोहा से प्रतिक्रिया करता है जिससे लोहे के पात्र में छिद्र हो जाता है।
CuSO4 + Fe = FeSO4 + Cu

प्रश्न 16.
एक ऐसे धातु का नाम लिखो जो अम्ल और भस्म दोनों से प्रतिक्रिया करके हाइड्रोजन मुक्त करता है ।
उत्तर :
जस्ता (zn) एक ऐसा धातु है जो अम्ल और भस्म दोनों से प्रतिक्रिया करके हाइड्रोजन मुक्त करता है।

  • अम्ल से प्रतिक्रिया : Zn+H2SO4 = ZnSO4+H2
  • भस्म से प्रतिक्रिया : Zn + 2NaOH = Na2znO2 + H2

प्रश्न 17.
Philosophers wool किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जब जिंक को वायु की उपस्थिति में गर्म किया जाता है, तो यह हरी सफेद लौ के साथ जलता है तथा जिंक आक्साइड सफेद धुँआ प्राप्त होता है जिसे ठंडा करने पर सफेद ऊन की तरह जमा हो जाता है । इसे Philosopher’s wool कहते हैं। 2zn + O2 = ZnO

प्रश्न 18.
थर्माइट प्रतिक्रिया (Thermite reaction) किसे कहते हैं? इसकी क्या उपयोगिता है?
उत्तर :
वह प्रतिक्रिया जिसमें अधिक क्रियाशील धातु को अवकारक दूत (Reducing agent) के रूप में उपयोग करके कम क्रियाशील धातु को विस्थापित किया जाता है, तो उसे थर्माइट प्रतिक्रिया कहते हैं। इस प्रतिक्रिया में उष्मा बहुत अधिक मात्रा में निकलती है। इसलिए इस प्रतिक्रिया में जो धातु प्राप्त होता है वह गलित (Molten) अवस्था में रहता है। इसका उपयोग रेलवे की पटरियों को जोड़ने तथा मशीन में आयी दरार को ठीक करने के काम में होता है। Fe2O3 + 2Al→ 2Fe + Al2O3 + Heat

प्रश्न 19.
धातु का क्षय (Corrosion) किसे कहते हैं? इससे क्या हानि होती है?
उत्तर :
धातु की सतह पर वायु, जलवाष्प, अम्ल वर्षा आदि की क्रिया के फलस्वरूप धातु नष्ट होने लगता है तथा उसकी चमक कम हो जाती है। इस क्रिया को धातु का क्षय (Corrosion) कहते हैं। अधिकतर धातु में क्षय क्रिया होती है जो खुले वातावरण में रहते हैं। जो धातु अधिक सक्रिय होते हैं उसमें क्षय क्रिया भी अधिक तेजी से होती है। कुछ धातु क्षय क्रिया कारण पूर्ण रूप से नष्ट हो जाते हैं तथा कुछ धातुओं की चमक कम हो जाती है।

प्रश्न 20.
शुद्ध धातु की अपेक्षा मिश्रधातु का उपयोग करने से क्या लाभ है ? उदाहरण सहित वर्णन करें।
उत्तर :
मिश्रधातु के उपयोग से लाभ :

  • धातुओं की कठोरता के लिए किया जाता है। जैसे: सोना, चाँदी कम कठोर धातु है लेकिन इसमें ताँबा मिलाने से इसकी कठोरता बढ़ जाती है।
  • क्षय निरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। जैसे- लोहा पर जंग लगता है लेकिन लोहा और क्रोमियम से बने मिश्रधातु स्टील पर जंग नहीं लगता है।
  • धातु की क्रियाशीलता घटाने में होता है। जैसे : सोडियम जल के साथ तीव्रता से क्रिया करता है परन्तु सोडियम अमलगम जल के साथ धीरे-धीरे क्रिया करता है ।

प्रश्न 21.
एल्युमीनियम और जस्ता के एक-एक अयस्क का नाम और सूत्र लिखो ।
उत्तर :
एल्युमीनियम का एक अयस्क बाक्साइडट और सूत्र Al2O3 .2H2O है।
जस्ता का एक अयस्क जिंक ब्लेंड और सूत्र zns है।

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प्रश्न 22.
ताँबा के बर्तन को कुछ दिनों तक खुली हवा में छोड़ देने पर क्या होता है ?
उत्तर :
ताँबा के बर्तन को कुछ दिनों तक खुली हवा में छोड़ देने पर उसकी सतह पर हरे रंग के धब्बे उत्पन्न हो जाते हैं क्योंकि हवा में उपस्थित अम्ल एवं अन्य पदार्थों द्वारा ताँबा आक्सीकृत हो जाता हैं। वास्तव में भास्मिक कॉपर कार्बोनेट CuSO3Cu(OH)2 बनने के कारण इसकी सतह पर हरापन आ जाता है।

प्रश्न 23.
लोहा और जस्ता का उपयोग लिखें। भौतिक विज्ञान
उत्तर :
लोहा का मुख्य उपयोग इस्पात के निर्माण में रेल की पटरी और इंजन बनाने में होता है । जस्ता का मुख्य उपयोग रंग बनाने में, हाइड्रोजन गैस तैयार करने में, सोना और चाँदी के निष्कर्षण में तथा गैलवेनाइजेशन (Galvanisation) की क्रिया में होता है।

प्रश्न 24.
ड्यूरालूमिन (Duralumin) क्या है ? इसका मुख्य उपयोग लिखें ।
उत्तर :
ड्यूरालूमिन, अल्युमिनियम का एक मिश्र धातु है । इसमें विभिन्न धातुओं का उपादान (Composition) निम्न प्रकार से है। AI = 95%, Cu = 4%, Mg = 0.5%, Mn = 0.5% इसका उपयोग विमान, रॉकेट, रेस की कार, प्रेशर कुकर आदि बनाने में होता है।

प्रश्न 25.
अल्युमिनियम के पतले पत्तर में लपेटी गई आचार को क्यों नहीं खाना चाहिए।
उत्तर :
आँचार में कार्बनिक अम्ल विद्यमान रहता है जिसके कारण अल्युमिनियम का आवरण प्रभावित होता है और आँचार दूषित हो जाता है। अतः अल्युमिनियम के पतले पतर द्वारा लपेटी गई आँचार का व्यवहार उचित नहीं है।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
मिश्र धातु और अमलगम में अंतर लिखो ।
उत्तर :
मिश्र धातु (Alloy ) :- दो या दो से अधिक धातुओं के साथ अधातुओं को पिघली हुई गर्म अवस्था में मिलाने से जो समांग या असमांग मिश्रण प्राप्त होता है, उसे मिश्र धातु (Alloy ) कहते हैं।
जैसे : 70% Cu तथा 30% Zn को मिलाने पर पीतल (Brass) मिश्र धातु उत्पन्न होती है।
अमलगम (Amalgum) :- जिस मिश्र धातु में एक धातु पारा होता है, ऐसे मिश्र धातु को अमलगम (Amalgum) कहते हैं । जैसे- सोडियम अमलगम (Na+Hg), जिंक अमलगम (Zn+Hg).

प्रश्न 2.
निम्नलिखित धातुओं के मिश्रधातु का नाम लिखो और उनका उपयोग लिखो ।
(i) ताँबा
(ii) जस्ता
उत्तर :
(i) ताँबा का मिश्रधातु पीतल और काँसा (Bronze) हैं।

  • पीतल में 70% ताँबा तथा 30% जस्ता होता है। इसका उपयोग घरेलू बर्तन, मूर्तियाँ, मशीन के पुर्जे तथा फूलदान इत्यादि बनाने में होता है।
  • काँसा में 80% ताँबा, 18% टीन और 2% जस्ता रहता है। इसका उपयोग बर्तन, मूर्ति, मेडल, घंटी आदि बनाने में होता है।

(ii) जस्ता का मिश्रधातु जर्मन सिल्वर और गन मेटल है।

  • जर्मन सिल्वर में 30% जस्ता, 50% ताँबा और 20% निकेल होता है। इसका उपयोग सजावट के सामान, मेडल, फूलदान आदि बनाने में होता है।
  • गन मेटल में 1% जस्ता, 88% ताँबा, 10% टीन और 1% लेड होता है। इसका उपयोग तोप, बन्दू आदि बनाने में होता है ।
    की नली

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प्रश्न 3.
अयस्क से धातुओं का पृथक्करण कार्बन अवकरण विधि द्वारा कैसे किया जाता है ?
उत्तर :
आक्साइड युक्त धातु के अयस्क को कार्बन या कोक के साथ मिश्रित करके एक भट्ठी में गर्म किया जाता है, कार्बन के अपूर्ण दहन के फलस्वरूप प्राप्त कार्बन मोनो आक्साइड और कार्बन धातु के आक्साइड को अवकृत करके धातु में परिणत कर देते हैं ।
WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म 1
लोहा, जिंक, लेड तथा धातुओं का निष्कर्षण इस विधि द्वारा किया जाता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.4 प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Physical Science Book Solutions Chapter 8.4 प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.4 Question Answer – प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
नेसलर अभिकर्मक के साथ अमोनिया की क्रिया से कौन रंग उत्पन्न होता है ?
उत्तर :
भूरा।

प्रश्न 2.
सिल्वर नाइट्रेट के जलीय घोल में H2S गैस प्रवाहित करने से जो अवक्षेप बनता है उसका सूत्र लिखें।
उत्तर :
सिल्वर सल्फाइड।

प्रश्न 3.
द्रव अमोनिया का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
द्रव अमोनिया का उपयोग बर्फ बनाने के कारखाने में शीतलीकारक (refrigerant) के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 4.
एलुमिनियम क्लोराइड के जलीय घोल के साथ अमोनिया का जलीय घोल मिलाने पर उत्पन्न अवक्षेप का सूत्र लिखिए।
उत्तर :
एलुमिनियम क्लोराइड के जलीय घोल के साथ अमोनिया का जलीय घोल मिलाने पर उत्पन्न अवक्षेप का सूत्र Al(OH)3 है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.4 प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन

प्रश्न 5.
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन बनाते समय अमोनियम क्लोराइड के जलीय घोल के साथ किस यौगिक का जलीय घोल मिश्रित करके गर्म किया जाता है ?
उत्तर :
सोडियम नाइट्रइड (NaNO2) !

प्रश्न 6.
यूरिया उत्पादन में दो पदार्थों का उपयोग होता है। एक अमोनिया है, दूसरा क्या है ?
उत्तर :
दूसरा कार्बन डाई आक्साइड (CO2) है।

प्रश्न 7.
अमोनिया गैस को सुखाने के लिए किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
अनबुझा चूना (CaO) ।

प्रश्न 8.
लेड नाइट्रेट के जलीय घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने पर उत्पन्न काले अवक्षेप का सूत्र लिखिए।
उत्तर :
लेड नाइट्रेट के जलीय घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने पर लेड सल्फाइड (Pbs) का काला अवक्षेप प्राप्त होगा।

Pb(NO3)2 + H2S → Pbs + 2 HNO3

प्रश्न 9.
अमोनिया (NH3) का जलीय घोल अम्लीय होता है या भास्मिक, लिखिए।
उत्तर :
अमोनिया (NH3) का जलीय घोल भास्मिक (basic) होता है।

प्रश्न 10.
द्रव या तरल अमोनिया क्या है ?
उत्तर :
उच्चदाब एवं निम्न तापमान पर अमोनिया द्रव में परिवर्तित हो जाती है, जिसे द्रव (तरल) अमोनिया कहते हैं।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.4 प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन

प्रश्न 11.
अलग-अलग गैस जार में रखी हुई अमोनिया एवं नाइट्रोजन गैस को किस भौतिक गुण के आधार पर पहचानेंगे ?
उत्तर :
अमोनिया में तीक्ष्ण गंध पायी जाती है जबकि नाइट्रोजन एक गन्धहीन गैस है। अत: गन्ध के आधार पर दोनों गैसों की पहचान करेंगे।

प्रश्न 12.
अमोनिया के घोल में एक शीशे (काँच) की छड़ को डूबोकर हाइड्रोजन क्लोराइड से भरे गैस जार के मुँह पर ले जाने पर क्या होता है ?
उत्तर :
अमोनिया के घोल में एक शीशे की छड़ को डूबोकर हाइड्रोजन क्लारोइड से भरे गैस जार के मुँह पर ले जाने पर अमोनिया क्लोराइड (NH4 Cl) का सफेद अवक्षेप प्राप्त होता है।

प्रश्न 13.
नेसलर अभिकर्मक (Nesseker’s Reagent) किसे कहते हैं?
उत्तर :
पोटैशियम मरक्यूरिक आयोडाइड (K2 Hgl4) को नेसलर अभिकर्मक (Nesseler’s Reagent) कहते हैं।

प्रश्न 14.
लिकर अमोनिया (Liquor Ammonia) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
अमोनिया का गाढ़ा संतृत्प घोल लिकर अमोनिया (Liquor Ammonia) कहलाता है। आँख में पड़ने पर यह स्थाई अन्धापन उत्पन्न कर सकता है।

प्रश्न 15.
रंगहीन नेसलर अभिकर्मक में अमोनिया की थोड़ी सी मात्रा मिलाने पर कौन सा रंग उत्पन्न होता है ?
उत्तर :
भूरा रंग।

प्रश्न 16.
अमोनिया का एक औद्योगिक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
यूरिया खाद बनाने में।

प्रश्न 17.
अमोनिया से बनने वाले दो उर्वरकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
यूरिया और अमोनियम सल्फेट।

प्रश्न 18.
H2S को कैसे पहचानते हैं ?
उत्तर :
इसके सड़े अंडे जैसी गंध से। यह लेड एसीटेट घोल से भींगे हुए कागज को काला कर देती है।

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प्रश्न 19.
H2S गैस की प्रकृति कैसी है ?
उत्तर :
अम्लीय।

प्रश्न 20.
H2S गैस को सुखाने में HNO3 प्रयोग क्यों नहीं करते ?
उत्तर :
HNO3 अम्ल H2S के साथ प्रतिक्रिया करके उसे गंधक में ऑक्सीकृत कर देता है।

प्रश्न 21.
नाइट्रोजन को कैसे शुष्क किया जाता है ?
उत्तर :
सान्द्र H2 SO4 से प्रवाहित करके।

प्रश्न 22.
संस्पर्श विधि में SO2 कैसे प्राप्त की जाती है ?
उत्तर :
गंधक या आयरन पायराइट को हवा के ऑक्सीजन में जलाकर।

प्रश्न 23.
किस गैस के सम्पर्क में आने पर चाँदी के गहनों का रंग काला पड़ जाता है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन सल्फाइड [Hydrogen Sulphide (H2S)] गैस के सम्पर्क में आने पर चाँदी के गहनों का रंग काला पड़ जाता है।

प्रश्न 24.
किस भौतिक गुण के आधार पर विभिन्न गैस जारों में रखी गयी हाइड्रोजन सल्फाइड एवं ऑक्सीजन गैसों की पहचान की जा सकती है ?
उत्तर :
गंध द्वारा H2S और O2 की पहचान सम्भव है। ऑक्सीजन गंधहीन गैस है जबकि H2 S में सड़े अण्डों जैसी गंध होती है।

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प्रश्न 25.
ठंडे या गर्म किस जल में H2 S घुलनशील है ?
उत्तर :
ठण्डे जल में H2S घुलनशील है।

प्रश्न 26.
प्रयोगशाला में H2S गैस बनाने के लिए प्रयुक्त खनिज अम्ल का नाम बताएँ।
उत्तर :
प्रयोगशाला में H2S गैस बनाने के लिए प्रयुक्त खनिज अम्ल का नाम तनु गन्धकाम्ल (dil H2SO4) है।

प्रश्न 27.
H2S गैस का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
H2S गैस प्रयोगशाला में प्रति कारक के रूप में प्रयुक्त होती है।

प्रश्न 28.
H2S गैस को क्लोरीन जल में प्रवाहित करने पर क्या होता है ?
उत्तर :
H2S गैस को क्लोरीन जल में प्रवाहित करने पर पीले रंग का सल्फर अवक्षेपित होता है।

प्रश्न 29.
H2S गैस को शुष्क करने के लिए किस पदार्थ का उपयोग करते हैं?
उत्तर :
H2S गैस को शुष्क करने के लिए फास्फोरस पेंटाआक्साइड (P2 O5) का उपयोग करते हैं।

प्रश्न 30.
जब O2 की अधिकता में H2S को जलाया जाता है तो क्या होता है ?
उत्तर :
H2S नीली लौ के साथ जलकर SO2 और जलवाष्प उत्पन्न करती है जिससे यह प्रमाणित होता है कि H2 S स्वयं जलती है।

प्रश्न 31.
अमोनिया के जलीय घोल में एक बूँद फेनाल्फथैलीन डाल देने से घोल का रंग क्या हो जायेगा ?
उत्तर :
अमोनिया के जलीय घोल में एक बूँद फेनाल्फथैलीन डाल देने से घोल का रंग गुलाबी हो जायेगा।

प्रश्न 32.
पोटैशियम डाइक्रोमेट के अम्लीय जलीय घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने से रंग में क्या परिवर्तन होता है ?
उत्तर :
पोटैशियम डाइ क्रोमेट (K2 Cr2 O7) के घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने पर हरे रंग का क्रोमेक सल्फेट [Cr2(SO4)3] बन जाता है।

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प्रश्न 33.
नाइट्रोलिम किसे कहते हैं ?
उत्तर :
नाइट्रोजन उच्च तापक्रम पर कैल्शियम कार्बाइड (CaC2) से प्रतिक्रिया करके कैल्सियम साइनामाइड और कार्बन उत्पन्न करती है। इसी मिश्रण को नाइट्रोलिम कहते हैं।

CaC2 + N2 = CaCN2 + C

प्रश्न 34.
नाइट्रोजन के एक निर्जली कारक पदार्थ का नाम लिखिए।
उत्तर :
नाइट्रोजन के एक निर्जली कारक पदार्थ का नाम सान्द्र गन्धकाम्ल (Com.H2 SO4) है।

प्रश्न 35.
वायु में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा कितनी होती है ?
उत्तर :
वायु में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा 78 % होती है।

प्रश्न 36.
नाइट्रोजन का एक औद्योगिक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
इसका उपयोग अमोनियम सल्फेट [(NH4)2 SO4] के व्यापारिक उत्पादन में होता है।

प्रश्न 37.
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस किस तापमान पर उत्पत्र होती है।
उत्तर :
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस 700° C तापमान पर उत्पन्न होती है।

प्रश्न 38.
क्या नाइट्रोजन गैस से वायु प्रदूषित होती है ?
उत्तर :
नहीं, नाइट्रोजन गैस से वायु प्रदूषित नहीं होती है।

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प्रश्न 39.
क्या होता है जब नाइट्रोजन गैस को लाल तप्त मैग्नेशियम के ऊपर से प्रवाहित किया जाता है ?
उत्तर :
जब नाइट्रोजन गैस को लाल तप्त मैग्नेशियम के ऊपर से प्रवाहित किया जाता है तो मैग्नेशियम नाइट्राइड (Mg3 N2) नामक पदार्थ की उत्पत्ति होती है।

प्रश्न 40.
वायु में उपस्थित नाइट्रोजन के एक महत्व का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
वायु में उपस्थित नाइट्रोजन के कारण पौधों एवं जन्तुओं की कोशिकाओं, उत्तकों एवं अन्य भागों का निर्माण संभव होता है।

प्रश्न 41.
उच्च तापमापं में प्रयुक्त होने वाली एक गैस का नाम लिखिए।
उत्तर :
उच्च तापमापी में प्रयुक्त होने वाली एक गैस का नाम नाइट्रोजन है।

प्रश्न 42.
लेड एसीटेट से भींगा ब्लाटिंग पेपर H2S गैस जार में काला क्यों हो जाता है ?
उत्तर :
लेड सल्फाइड (PbS) बनने के कारण काला हो जाता है।

प्रश्न 43.
लड नाइट्रेट के घोल में H2S को प्रवाहित करने पर अवक्षेप का रंग कैसा होता है ?
उत्तर :
काला।

प्रश्न 44.
एक कार्बनिक खाद का नाम लिखें जिसमें नाइट्रोजन पाया जाता है।
उत्तर :
नाइट्रोजन पाया जान वाला कार्बनिक खाद का नाम यूरिया है।

प्रश्न 45.
म्यूरेटिक अम्ल किसे कहते हैं ? उसका सूत्र लिखो।
उत्तर :
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को म्यूरेटिक अम्ल भी कहते हैं। इसका सूत्र HCl है।

प्रश्न 46.
सोनार के Workshop से वायु को प्रदूषित करने वाली कौन-सी गैस उत्पन्न होती है ?
उत्तर :
सोनार के Workshop से सल्फर डाई-आक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन डाई-आक्साइड (NO2) उत्पन्न होती है जो वायु को प्रदूषित करती है।

प्रश्न 47.
एक्वाफोर्टिस का रासायनिक नाम और सूत्र लिखो।
उत्तर :
एक्वाफोर्टिस (Acquaforties) का रासायनिक नाम नाइट्रिक अम्ल तथा सूत्र HNO3 है।

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प्रश्न 48.
सधूम सल्फ्यूरिक अम्ल या ओलियम किसे कहते हैं? इसका सूत्र लिखो।
उत्तर :
सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल सल्फर-ट्राइ-आक्साइड (SO3) गैस को घुलाकर पाइरोसल्फ्यूरिक अम्ल बनाता है। इसे सधूम सल्फ्यूरिक अम्ल (Fuming Sulphuric Acid) या ओलियम कहते हैं। इसका सूत्र H2 S2 O7 है।

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प्रश्न 49.
Oil of Vitriol तथा King of Chemical किसे कहते हैं?
उत्तर :
सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) को Oil of Vitriol तथा King of Chemical कहते हैं।

प्रश्न 50.
किस अम्ल की जल अवशोषक क्षमता सबसे अधिक होती है?
उत्तर :
सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) की जल अवशोषक क्षमता सबसे अधिक होती है।

प्रश्न 51.
दो गैसों के नाम लिखो जो अम्ल वर्षा के लिए उत्तरदायी हैं।
उत्तर :
सल्फर डाइ-आक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन डाइ-आक्साइड (NO2) दो गैसें हैं जो अम्ल वर्षा के लिए उत्तरदायी हैं।

प्रश्न 52.
प्रयोगशाला में सोडियम नाइट्रेट से नाइट्रिक अम्ल तैयार करने के लिए किस अम्ल का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
प्रयोगशाला में सोडियम नाइट्रेट से नाइट्रिक अम्ल तैयार करने के लिए सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc.H2SO4) का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 53.
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में AgNO3 का घोल मिलाने से उत्पन्न अवक्षेप किस विलायक (Solvent) में द्रवीभूत होता है ?
उत्तर :
अमोनिया के तनु घोल में

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प्रश्न 54.
चीनी में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने पर उत्पन्न होने वाले काले पदार्थ का नाम क्या है?
उत्तर :
चीनी में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने पर उत्पन्न होने वाले काले पदार्थ का नाम शर्करा चारकोल (कार्बन) है।

प्रश्न 55.
हाइड्रोजन क्लोराइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में क्या अन्तर है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन क्लोराइड एक गैस है जबकि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक द्रव है। वास्तव में हाइड्रोजन क्लोराइड के जलीय घोल को ही हाइड्रोक्लोरिक अम्ल कहते हैं।

प्रश्न 56.
कौन-सा अम्ल अमोनिया गैस के सम्पर्क में आने पर सफेद धुआँ देता है ?
उत्तर :
सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Conc. HCl )।

प्रश्न 57.
उस अम्ल का नाम बताइए जो ताँबे के चूर्ण के साथ भूरे रंग का नाइट्रोजन डाई-आक्साइड गैस उत्पन्न करता है।
उत्तर :
नाइट्रिक अम्ल (HNO3) !

प्रश्न 58.
HCl, H2 SO4 और HNO3 में किसका क्वथनांक (Boiling point) सबसे अधिक और किसका क्वथनांक सबसे कम होता है ?
उत्तर :
सल्प्यूरिक अम्ल (H2SO4) का क्वथनांक सबसे अधिक और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का क्वथनांक सबसे कम होता है।

प्रश्न 59.
बेरियम सल्फेट (BaSO4) द्वारा कौन-सा अम्ल पहचाना जाता है ?
उत्तर :
बेरियम सल्फेट द्वारा सल्फ्यूरिक अंम्ल (H2SO4) की पहचान होती है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
कॉपर सल्फेट के जलीय घोल में H2S गैस प्रवाहित करने से क्या होता है, संतुलित रासायनिक समीकरण सहित उत्तर दीजिए।
उत्तर :
जब कॉपर सल्फेट के जलीय घोल में H2S गैस प्रवाहित की जाती है, तो एक काले रंग का क्यूपरिक सल्फाइड अवक्षेपित होता है तथा सल्फ्यूरिक अम्ल उत्पन्न होता है।

CuSO4 + H2S → CuS ↓ + H2SO4

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प्रश्न 2.
किप्स उपकरण (Kipp’s apparatus) से तैयार होनेवाली गैस का नाम लिखें, गैस निर्माण के लिए रासायनिक क्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर :
किप्स उपकरण से तैयार होनेवाली एक गैस हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) है।
संतुलित रासायनिक समीकरण : FeS + H2SO4 = FeSO4 + H2S ↑

प्रश्न 3.
जब फेरिक क्लोराइड के घोल में अमोनियम हाइड्राक्साइड मिलाया जाता है तो क्या होता है ?
उत्तर :
पीले रंग के फेरिक क्लोराड के घोल में अमोनियम हाइड्राक्साइड (NH4 OH) मिलने से बादामी रंग का फेरिक हाइड्राक्साइड का अवक्षेप प्राप्त होता है।

FeCl2 + 3 NH4 OH → Fe(OH)3 + 3 NH4 Cl

प्रश्न 4.
जब अमोनिया क्षारीय धातुएँ जैसे सोडियम से प्रतिक्रिया करती है तो क्या होता है ?
उत्तर :
400° C तापक्रम पर सोडियम धातु पर अमोनिया गैस (NH3) प्रवाहित करने पर एमाइड लवण प्राप्त होता है जिसे सोडामाइड कहते हैं तथा हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है।

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प्रश्न 5.
अमोनिया के एक अवकारक गुण का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
साधारणत: अमोनिया में अवकारक गुण नहीं होता है, लेकिन अधिक तापक्रम पर यह अवकारक का कार्य करती है। अधिक गर्म काले रंग के क्यूपरिक ऑक्साइड (CuO) पर अमोनिया गैस प्रवाहित करने पर क्यूपरिक ऑक्साइड अवकृत होकर लाल रंग के ताँबा धातु में बदल जाती है तथा अमोनिया (NH3) स्वयं नाइट्रोजन में आक्सीकृत हो जाती है।

3 CuO + 2 NH3 = 3 Cu + 3 H2O + N2

प्रश्न 6.
एक रासायनिक प्रतिक्रिया का उदाहरण दीजिए जिसमें दो गैस परस्पर प्रतिक्रिया करके एक ठोस उत्पन्न करती है।
उत्तर :
अमोनिया गैस और हाइड्रोजन क्लोराइड गैस परस्पर प्रतिकिया करके अमोनियम क्लोराइड का घना धुआँ उत्पन्न करता है, जो NH4 Cl का ठोस कण है।

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प्रश्न 7.
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) गैस के अम्लीय गुण का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) में अम्लीय गुण होने के कारण इसका जलीय घोल नीले लिटमस पेपर को लाल कर देता है तथा यह क्षारों से प्रतिक्रिया करके लवण और जल उत्पन्न करता है।

H2S + 2 NaOH → Na2S + 2 H2O (सोडियम सल्फाइड)

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प्रश्न 8.
जब चाँदी का सिक्का H2S गैस के सम्पर्क में आता है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
जब चाँदी का सिक्का H2S गैस के सम्पर्क में आता है, तो सिक्का काला हो जाता है। इसका कारण यह है कि चाँदी H2 S गैस के साथ प्रतिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड (Ag2S) बनाता है जिसका रंग काला होता है।

2 Ag + H2S = Ag2S + H2

प्रश्न 9.
H2S गैस को शुष्क करने के लिए P2O5 का ही उपयोग क्यों किया जाता है ?
उत्तर :
H2 S गैस को शुष्क करने के लिए P2O5 का उपयोग किया जाता है क्योंकि दोनों ही अम्लीय प्रकृति का होता है। अत: दोनों आपस में रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करता है केवल नमी को अवशोषित कर लेता है।

प्रश्न 10.
नाइट्रोलिम क्या है ? इसका एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
नाइट्रोजन 800° C से 1000° C तापक्रम पर कैल्शियम कार्बाइड (CaC2) से प्रतिक्रिया करके कैल्शियम साइनामाइड बनाता है। यह काले भूरे रंग का मिश्रण है जो व्यापारिक रूप से नाइट्रोलिम (Nitrolim) कहलाता है।

इसका उपयोग खाद के रूप में होता है !

CaC2 + N2 = CaCN2 + C

प्रश्न 11.
एक काँच की छड़ को हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डुबाकर एक गैसजार में रखी गैस में ले जाते हैं तो सफेद रंग का धुआँ उत्पत्न होता है। जार में रखे गैस की पहचान कीजिए एवं वह कौन-सा यौगिक बना है जो सफेद धुआँ उत्पत्र करता है ?
उत्तर :
जब एक काँच की छड़ को हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डुबाकर एक गैस जार में रखे गैस जार में ले जाते हैं, तो सफेद धुआँ उत्पन्न होता है। ऐसी अवस्था में गैस जार में रखी गैस अमोनिया होगी तथा सफेद धुआँ उत्पन्न करने वाले यौगिक अमोनियम क्लोराइड (NH4 Cl) होगा क्योंकि अमोनिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करके अमोनियम क्लोराइड का सफेद धुआँ उत्पन्न करती है।
NH3 + HCl = NH4 Cl (अमोनियम क्लोराइड)

प्रश्न 12.
यदि नीला लिटमस पेपर और लाल लिटमस पेपर को अमोनिया के जलीय घोल में डाला जायेगा तो किसके रंग में क्या परिवर्तन होगा ?
उत्तर :
जल में अमोनिया गैस प्रवाहित करने से अमोनियम हाइड्राक्साइड बनता है जो एक क्षार है। जब इस घोल में लाल लिटमस पेपर ले जाते हैं, तो वह नीला हो जाता है लेकिन जब इस घोल में नीला लिटमस पेपर ले जाते हैं तो लिटमस पेपर के रंग में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

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प्रश्न 13.
प्रयोगशाला में अमोनिया गैस कैसे तैयार की जाती है ? रासायनिक समीकरण सहित लिखो।
उत्तर :
प्रयोगशाला में अमोनिया गैस, अमोनियम क्लोराइड और बुझे हुए चूने के मिश्रण को गर्म करके तैयारकी जाती है।

2 NH4 Cl + Ca(OH)2 = CaCl2 + 2 H2O + 2 NH3

प्रश्न 14.
प्रयोगशाला में हाइड्रोजन सल्फाइड (H2 S) कैसे तैयार किया जाता है? प्रतिक्रिया की शर्त क्या है ?
उत्तर :
प्रयोगशाला में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल और फेरस सल्फाइड (FeS) की रासायनिक प्रतिक्रिया द्वारा H2 S गैस प्राप्त होती है। FeS + H2 SO4 = Fe SO4 + H2S
प्रतिक्रिया की शर्त : साधारण तापक्रम पर सम्पर्क विधि द्वारा प्रतिक्रिया होती है।

प्रश्न 15.
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) बनाने के लिए सान्द्र नाइट्रिक अम्ल या सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) बनाने के लिए सान्द्र नाइट्रिक अम्ल या सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसका कारण यह है कि दोनों तीव्र ऑक्सीकारक पदार्थ हैं जो उत्पन्न H2S को सल्फर (S) में ऑक्सीकृत कर देते हैं।

H2S + 2 HNO2 = S + 2 NO2 + 2 H2O
H2S + H2SO4 = S + SO2 + 2 H2O

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प्रश्न 16.
बहुत पुराने तेल चित्र (Oil Paintings) हवा में उपस्थित H2 S के सम्पर्क में आकर काला हो जाता है क्यों ?
उत्तर :
बहुत पुराने तेल चित्र (Oil Paintings) H2S के सम्पर्क में आकर काले हो जाते हैं क्योंकि Oil Paint में लेड के यौगिक मौजूद रहते हैं जो वायु में उपस्थित H2S से प्रतिक्रिया करके लेड सल्फाइड (Pbs) बनाते हैं जो काला होता है। फलत: Oil Paintings काली पड़ जाती है।

Pb + H2S = Pbs + H2
लेड सल्फाइड (काला रंग)

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
यूरिया के औद्योगिक उत्पादन में प्रयुक्त रासायनिक पदार्थों के नाम एवं संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर :
द्रव CO2 को अधिक अंगोनिया से क्रिया कराकर मिश्रण को उच्च दाब (35 वायुमण्डल) और उच्च तापमान (130° 150° C) पर आटोक्लेव में गर्म करके यूरिया प्राप्त किया जाता है।

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प्रश्न 2.
लीकर अमोनिया (Liquor Arnmonia) किसे कहते हैं ? इसकी बोतल को खोलने के पहले ठण्डा क्यों किया जाता है ?
उत्तर :
अमोनिया का गाढ़ा संतृप्त घोल लीकर अमोनिया कहलाता है। इसका आपेक्षिक घनत्व 0.88 होता है। इसमें 35 % NH3 द्रवीभूत रहती है। इसे गर्म करके अमोनिया गैस प्राप्त की जा सकती है।
लीकर अमोनिया की बोतल के ढक्कन को खोलने के पहले ठण्डा किया जाता है क्योंकि बोतल के भीतर अमोनिया का दबाव वायुमण्डलीय दबाव से बहुत अधिक होता है। इसलिए बोतल को बिना ठण्डा किए खोलने से छिटक कर आँख में पड़ने का डर रहता है। यह आँख के लिए अत्यन्त हानिकारक है। आँख में पड़ने से स्थाई अन्धापन हो सकता है।

प्रश्न 3.
आप किस प्रकार सिद्ध कीजिएगा कि अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन उपस्थित है।
उत्तर :
जब अधिक गर्म काले रंग के क्यूपरिक आक्साइड (cuo) पर अमोनिया गैस प्रवाहित की जाती है, तो क्यूपरिक आक्साइड अवकृत होकर लाल रंग के कॉपर धातु में बदल जाती है। अमोनिया (NH3) स्वयं नाइट्रोजन के रूप में आक्सीकृत हो जाता है। इससे सिद्ध होता है कि अमोनिया गैस में नाइट्रोजन है।

3 CuO + 2 NH3 = 3 Cu + 3 H2O + N2

गर्म सोडियम धातु के ऊपर अमोनिया गैस प्रवाहित करने पर सोडियम एमाइड बनता है तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है। इससे सिद्ध होता है कि अमोनिया गैस में हाइड्रेजन उपस्थित है।

2 Na + 2 NH3 = 2 NaNH2 + H2

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प्रश्न 4.
अमोनिया गैस को सुखाने के लिए सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc. H2 SO4 ), फास्फोरस पेन्टाऑक्साइड (P2 O5) और निर्जल कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) का उपयोग क्यों नहीं करते हैं जबकि अनबुझा चूना (CaO) का उपयोग करते हैं?
उत्तर :
अमोनिया गैस को सुखाने के लिए सान्द्र सफ्ल्यूरिक अम्ल (Conc. H2 SO4 ), फास्फोरस पेन्टाऑक्साइड (P2 O5) और निर्जल कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) का उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि ये तीनों पदार्थ अमोनिया से रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं।
(i) अमोनिया भास्मिक गैस है। अत: Conc. H2 SO4 से प्रतिक्रिया करके अमोनियम सल्फेट बनाती है।

2 NH3+H2 SO4=(NH4)2 SO4

(ii) अमोनिया गैस, फास्फोरस पेन्टाआक्साइड (P2 O5) के साथ प्रतिक्रिया करके अमोनियम फास्फेट बनाती है।

P2 O5 + 6 NH3 + 3 H2 O = 2(NH4)3 PO4

(iii) अमोनिया गैस निर्जल कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) द्वारा अवशोषित हो जाती है।

CaCl2 + 8 NH3 = CaCl2 .8 NH3

अनबुझा चूना और अमोनिया दोनों भास्मिक पदार्थ हैं। अनबुझा चूना (CaO) का अमोनिया के साथ कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है। यह केवल जलवाष्प को अवशोषित करता है। फलत: अमोनिया को सूखाने के लिए अनबुझा चूना (CaO) का ही उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 5.
सिद्ध करो कि अमोनिया जल में अति घुलनशील है तथा इसका गुण क्षारीय है।
उत्तर :
अमोनिया गैस जल में अति घुलनशील है तथा इसका जलीय घोल क्षारीय प्रकृति का है। इसे फब्बारे का प्रयोग (Fountain experiment) के द्वारा सिद्ध किया जा सकता है।

प्रयोग : एक फ्लास्क में शुष्क अमोनिया गैस भरकर एवं एक छिंद्र वाले कार्क से बन्द्रकर देते हैं। इस छिद्र में एक लम्बी काँच की नली लगी रहती है जो फ्लास्क के अन्दर जेट आकार की होती है। फ्लास्क को एक स्टैंड पर उलट कर रख देते हैं। इसके नीचे एक पात्र में लाल लिटमस का घोल लेते हैं। इस घोल में फ्लास्क में लगी नली का बाहरी सिरा डूबा रहता है।

अब फ्लास्क को ईथर या बर्फ से ठण्डा करते हैं जिसके फलस्वरूप फ्लास्क में भरी हुई अमोनिया गैस ठण्डी होने पर सिकुड़ती है जिससे फ्लास्क में आंशिक शून्यता उत्पन्न होती है। इसके कारण लिटमस का लाल घोल फब्बारे के रूप में नली से होकर फ्लास्क में पहुँचने लगता है, इसका रंग अमोनिया के क्षारीय प्रकृति के कारण नीला हो जाता है तथा इस घोल में अमोनिया गैस तुरन्त घुल जाती है। इससे सिद्ध होता है कि अमोनिया जल में अति घुलनशील है तथा क्षारीय प्रकृति की है।

प्रश्न 6.
अमोनिया का औद्योगिक उपयोग लिखिए।
उत्तर :

  1. शुष्क बर्फ (Dry ice) बनाने में
  2. प्लास्टिक, नाइलन, कृत्रिम रेशम, रेयान, कृत्रिम रबर आदि के निर्माण में।
  3. यूरिया खाद, अमोनिया सल्फेट, अमोनिया नाइट्रेट, अमनोयिम फास्फेट आदि खादों के निर्माण में।
  4. प्रयागशाला में प्रतिकारक के रूप में।
  5. विक्स इन्हेलर (Viscks Inhaler), अमृतांजन आदि दवाओं के निर्माण में।
  6. सुगन्धित सेंट में।
  7. HNO3 तथा Na2 CO3 आदि को बड़े पैमाने पर उत्पन्न करने में।

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प्रश्न 7.
H2S गैस को शुष्क करने के लिए सान्द्र H2SO4 या शुष्क CaCl2 का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर :
H2 S गैस को शुष्क करने के लिए सान्द्र H2SO4 का प्रयोग नहीं किया जाता है क्योंकि H2SO4 एक आक्सीकारक है जो H2S को आक्सीकृत कर सल्फर (S) उत्पन्न करता है तथा स्वयं SO2 में अवकृत हो जाता है।

H2SO4 + H2S = S + SO2 + 2 H2O

H2S गैस को शुष्क करने के लिए CaCl2 का प्रयोग नहीं किया जाता है क्योंकि यह H2 S से प्रतिक्रिया कर कैल्शियम सल्फाइड (Cas) उत्पन्न करता है।

CaCl2 + H2S = Cas + 2 HCl

प्रश्न 8.
उदाहरण देकर दिखाओ कि हाइड्रोजन सल्फाइड (H2 S) एक अवकारक है।
उत्तर :
H2 S एक प्रबल अवकारक है क्योंकि –
(i) यह हैलोजन को हैलोजन अम्लों में अवकृत कर देती है तथा स्वयं सल्फर में आक्सीकृत हो जाती है।

Cl2 + H2S = 2 HCl + S
Br2 + H2S = 2 HBr + S

(ii) H2 S गैस फेरिक क्लोराइड को फेरस क्लोराइड में अवकृत कर देती है।

2 FeCl3 + H2S = 2 FeCl2 + 2 HCl + S

प्रश्न 9.
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस कैसे बनायी जाती है ? नाइट्रोजन गैस का क्या उपयोग है?
उत्तर :
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस अमोनियम क्लोराइड (NH4 Cl) तथा सोडियम नाइट्राइड (NaNO2) के सान्द्र जलीय घोल को धीरे-धीरे गर्म करके प्राप्त की जाती है।

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नाइट्रोजन के निम्नलिखित उपयोग हैं :

  1. नाइट्रोजन का मुख्य उपयोग अमोनिया, नाइट्रिक अम्ल और नाइट्रोजन युक्त खाद (उर्वरक) बनाने में होता है।
  2. इसका उपयोग धातुओं के निष्कर्षण में होता है।
  3. इसका उपयोग बल्ब तथा उच्च तापक्रम वाले गैस थर्मामीटर में होता है।
  4. तरल नाइट्रोजन का उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान तथा अस्पतालों में निम्न तापक्रम उत्पन्न करने में किया जाता है।

प्रश्न 10.
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) बनाने के व्यावसायिक विधि का वर्णन करें।
उत्तर :
अधिक परिमाण में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल संश्लेषण विधि द्वारा तैयार किया जाता है। इस विधि में हाइड्रोजन तथा क्लोरिन को सीधे संयोग करा करके HCl उत्पन्न किया जाता है।

H2 + Cl2 = 2 HCl

प्रायः समान आयतन में हाइड्रोजन तथा क्लोरिन को दो नली द्वारा सिलिका से तैयार Burning Chamber में जलाने पर HCl गैस उत्पन्न होती है। इस उत्पन्न HCl गैस को कुलींग टॉवर से प्रवाहित करके ठण्डा किया जाता है जिसे एक अन्य टॉवर में प्रवाहित किया जाता है जहाँ ऊपर से जलाधार गिरता रहता है, जो HCl गैस को द्रवीभूत कर HCl अम्ल में बदल देता है। इसे निकास नली द्वारा बाहर निकाल लेते हैं।

प्रश्न 11.
नाइट्रिक अम्ल के औद्योगिक उत्पादन विधि का वर्णन करें।
उत्तर :
नाइट्रिक अम्ल का औद्योगिक उत्पादन की ऑस्टवाल्ड विधि (Ostwald Process) है। इस विधि में अमोनिया से नाइट्रिक अम्ल बनाया जाता है।
सर्वप्रथम अमोनिया और वायु के मिश्रण को 800° C पर गर्म करके प्लेटिनम की जाली के ऊपर प्रवाहित करते हैं। वायु की ऑक्सीजन, अमोनिया को ऑक्सीकृत कर देती है और नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) उत्पन्न होता है।

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यह नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) ऑक्सीजन से ऑक्सीकृत होकर नाइट्रोजन डाइ-ऑक्साइड (NO2) में बदल जाता है।

2 NO + O2 = 2 NO2

इस नाइट्रोजन डाइ-ऑक्साइड (NO2) गैस को ठण्डा जल में प्रवाहित करके नाइट्रिक अम्ल प्राप्त करते हैं और NO मुक्त होता है जो पुन: O2 से संयोग कर HNO3 के उत्पादन में सहायता करता है।

3 NO2 + H2 O = 2 HNO3 + NO ↑

प्रश्न 12.
दो रंगहीन गैसों की प्रतिक्रिया से एक तीक्षण गंध वाली गैस उत्पन्न होती है। उत्पन्न गैस के सर्म्पक में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से भींगी काँच की छड़ ले जाते हैं, तो सफेद धुआँ निकलता है। तीनों गैसों को पहचानिए।
उत्तर :
प्राम्भिक दो रंगहीन गैसे हाइड्रोजन (H2) और नाइट्रोजन (N2) है जो आपस में रासायनिक प्रतिक्रिया करके तीक्ष्ण गंध वाली अमोनिया गैस (NH3) उत्पन्न करती है।

N2 + 3 H2 = 2 NH3 + 22.4 k.cal.

अमोनिया से भरे गैस जार में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से भींगी काँच की छड़ ले जाते हैं तो अमोनियम क्लोराइड का सफेद धुआँ उत्पन्न होता है।

NH3 + HCl = NH4 Cl

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प्रश्न 13.
सम्पर्क विधि द्वारा सल्फ्यूरिक अम्ल तैयार करने के सिद्धान्त का आवश्यक समीकरण के साथ वर्णन करो।
उत्तर :
(i) सम्पर्क विधि द्वारा बड़े पैमाने पर सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने के लिए वायु की उपस्थिति में सल्फर से सल्फर डाइआक्साइड (SO2) उत्पन्न की जाती है।

S + O2 = SO2

(ii) वेनेडियम पेन्टाआक्साइड (V2 O5) उत्रेरक की उपस्थिति में 450° C-500° C तापक्रम पर सल्फर डाइ-आक्साइड आक्सीजन से संयुक्त होकर सल्फर ट्राई-आक्साइड में बदल जाती है।

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(iii) इस प्रकार प्राप्त सल्फर ट्राइ -आक्साइड को 98 % शक्ति वाले सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा अवशोषित कराके ओलियम (H2 S2 O7) प्राप्त किया जाता है।

SO3 + H2SO4 = H2 S2 O7

(iv) इस ओलियम में जल की उचित मात्रा मिलाकर इच्छित सांद्रता की सल्फ्यूरिक अम्ल प्राप्त कर ली जाती है।

H2 S2 O7 + H2O = 2 H2SO4

प्रश्न 14.
क्रिप्स उपकरण के कार्य सिद्धान्त का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर :
क्रिप्स उकरण का कार्य सिद्धान्त (Working principles of Kripp’s apparatus) : रसायन प्रयोगशाला में विश्लेषण सम्बन्धी प्रयोग करते समय बार-बार H2S गैस की अल्पमात्रा की जरूरत पड़ती है। इसके लिए यहां जरूरी है कि H2S गैस का बनना लगातार जारी रहे। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए क्रिप्स उपकरण की सहायता से H2S गैस तैयार की जाती है।

जब गैस का प्रयोग होता है, इसमें लगे हुए स्टॉप कार्क को खोल कर गैस प्राप्त कर लेते हैं। इस अवस्था में FeS और H2SO4 दोनों मध्यवाले गोले में एक दूसरे के सम्पर्क में बने रहते हैं किन्तु स्टॉप कार्क की बन्द कर देने पर कुछ समय पश्चात ही इसके मध्य वाले गोले में अधिक मात्रा में गैस के उत्पन्न होने पर गैस द्वारा डाले गए दबाव से अम्ल के नीचे की ओर ठेल दिया जाता है और प्रतिक्रिया स्वत: बन्द हो जाती है। इस प्रकार क्रीप-उपकरण से बनने वाली H2S गैस के उत्पादन को नियंत्रित कर पाना और आवश्यकता पड़ने पर गैस को प्राप्त कर पाना सम्भव है। इसीलिये इसका प्रयोग अधिकतर प्रयोगशाला में किया जाता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

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WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.3 Question Answer – विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
विद्युत विश्लेषण में किस प्रकार की विद्युत का प्रयोग होता है ?
उत्तर :
दिष्ट धारा।

प्रश्न 2.
प्लेटिनम इलेक्ट्रोड का व्यवहार करके अम्लीय जल के विद्युत विश्लेषण में कैथोड पर होनेवाली क्रिया लिखिए।
उत्तर :
कैथोड पर होने वाली क्रिया – H+ + e = H ; H + H = H2

प्रश्न 3.
पीतल के ऊपर सोने का विद्युत्लेपन करने के लिए किस विद्युत विश्लेष्य का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
पोटेशियम – आरो-सायनाइड K[Au(CN)2]

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

प्रश्न 4.
शुद्ध जल में अल्प मात्रा में सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने से उत्पन्र घोल की विद्युत चालकता शुद्ध जल से अधिक होती है। क्यों ?
उत्तर :
शुद्ध जल एक सह संयोजी यौगिक (Covalent Compound) है। अत: यह विद्युत का कुचालक है। जब शुद्ध जल में अल्प मात्रा में सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाया जाता है तब यह H+ और OH आयन्स में दूट जाता है और विद्युत का सुचालक बन जाता है।

प्रश्न 5.
किसी विद्युत विच्छेद (Electrolyte) में विद्युत विश्लेषण (Electrolysis) के समय द्रव में विद्युत धारा का वाहक कौन है ?
उत्तर :
किसी विद्युत विच्छेद के जलीय घोल में विद्युत धारा के वाहक आयन्स (ions) होते हैं।

प्रश्न 6.
Cu इलेक्ट्रोड्स उपयोग करके CuSO4 के जलीय घोल का विद्युत विश्लेषण करते समय कौन आयन कैथोड की तरफ जाता है ?
उत्तर :
Cu इलेक्ट्रोड्स उपयोग करके CuSO4 के जलीय घोल का विद्युत विश्लेषण करते समय Cu++ आयन कैथोड की तरफ जाते हैं।

प्रश्न 7.
विद्युत विच्छेदन की क्रिया में आयनों की गति की दिशा क्या होती है?
उत्तर :
धनायन कैथोड की ओर तथा ऋणायन एनोड की ओर प्रवाहित होते हैं।

प्रश्न 8.
विद्युत विच्छेदन के समय विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) पदार्थ किस अवस्था में होता है ?
उत्तर :
विद्युत विच्छेदन के समय विद्युत विच्छेद्ध पदार्थ पिघंली हुई (Molten State) अवस्था में होता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

प्रश्न 9.
एक प्रबल (तीव्र) और एक दुर्बल (मृदु) विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) का नाम लिखें।
उत्तर :
H2SO4 एक प्रबल विद्युत विच्छेद्य है जबकि NH4 OH एक दुर्बल विद्युत विच्छेद्य है।

प्रश्न 10.
कौन यौगिक विद्युत विच्छेद्य और कौन यौगिक विद्युत अविच्छेद्य होते हैं ?
उत्तर :
साधारणत: विद्युत संयोजक यौगिक (Electro valent compound) विद्युत विच्छेघ्य होते हैं तथा सहसंयोजक यौगिक (Co-valent compound) विद्युत अविच्छेद्य होते हैं।

प्रश्न 11.
जिंक से लेपन किये हुए बर्तन में खाद्य सामग्री नहीं रखने का कारण क्या है?
उत्तर :
नम हवा में जिंक प्रभावित होता है और उस पर भास्मिक कार्बोनेट की एक तह जम जाती है जिसे खाने की चीजें दूषित हो जाती हैं। अतः जिंक से लेपन किये हुए बर्तन में खाने की चीजें नहीं रखनी चाहिए।

प्रश्न 12.
लोहे की बनी वस्तु पर जिंक के प्रलेप का क्या उद्देश्य है ?
उत्तर :
लोहे की बनी वस्तु को मोर्चा से बचाने के लिए उस पर जिंक का प्रलेप किया जाता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

प्रश्न 13.
पारा इलेक्ट्रोलाइट है या नहीं ?
उत्तर :
पारा इलेक्ट्रोलाइट (विद्युत अपघट्य) नहीं है।

प्रश्न 14.
विद्युत विश्लेषण में कैथोड पर ऑक्सीकरण होता है या अवकरण ?
उत्तर :
अवकरण।

प्रश्न 15.
किसी विद्युत विश्लेष्य घोल की विद्युतीय प्रकृति क्या होती है ?
उत्तर :
उदासीन।

प्रश्न 16.
एक पीतल के चम्मच पर निकेल का लेपन करने के लिए एनोड, कैथोड और विद्युत विश्लेष्य पदार्थ क्या होंगे ?
उत्तर :
एनोड – शुद्ध निकेल, कैथोड – पीतल का चम्मच, विद्युत विश्लेष्य पदार्थ – निकेल सल्फेट, अमोनियम सल्फेट और थोड़ा बोरिक अम्ल।

प्रश्न 17.
ताँबा के चम्मच पर सोने की पर्त चढ़ाने के लिये एनोड, कैथोड और विद्युत विश्लेष्य पदार्थ क्या होंगे ?
उत्तर :
ताँबा के चम्मच पर सोने की पर्त चढ़ाने के लिए एनोड के रूप में शुद्ध सोने की छड़, कैथोड के रूप में ताँबा का चम्मच और Eloctrolyte के रूप में पौटेशियम अयरो साइनाइड K[Au(CN)2] के जलीय घोल का उपयोग करते हैं।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

प्रश्न 18.
एक अधातु का उदाहरण दीजिए जो विद्युत प्रवाहित करता है ?
उत्तर :
ग्रेफाइट (C)।

प्रश्न 19.
चाँदी का विद्युल लेपन करने के लिए किस विद्युत विश्लेष्य पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
उत्तर :
चाँदी का विद्युत लेपन के करने लिए पोटैशियम अर्जेन्टोसाइनाइड K[Ag(CN)2] विद्युत विश्लेष्य पदार्थ का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 20.
एक धातु पर दूसरी धातु की पतली परत चढ़ाने की क्रिया को क्या कहते हैं?
उत्तर :
विद्युत लेपन (ELectroplating)

प्रश्न 21.
जिस पात्र में विद्युत विच्छेदन की क्रिया होती है, उस पात्र को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
वोल्टामीटर (Voltameter)।

प्रश्न 22.
विद्युत विश्लेषण में किस प्रकार की विद्युत धारा का उपयोग होता है ?
उत्तर :
अपरिवर्तित धारा (Direct Current or D.C.)।

प्रश्न 23.
सिल्वर नाइट्रेट का विद्युत विच्छेदन करने पर कैथोड पर क्या जमा होता है ?
उत्तर :
कैथोड पर चाँदी जमा होती है।

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प्रश्न 24.
जल का विद्युत विच्छेदन करने पर कैथोड पर कौन सी गैस जमा होती है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन गैस।

प्रश्न 25.
विद्युत विश्लेषण में किस इलेक्ट्रोड को कैथोड कहा जाता है ?
उत्तर :
विद्युत विश्लेषण में जो इलेक्ट्रोड बैटरी के ऋण धुव (Negative pole) से जुड़ा होता है तथा जिनसे होकर विद्युत धारा विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) से बाहर निकलती है, उसे ऋणोद (Cathode) कहते हैं।

प्रश्न 26.
धनोद (Anode) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
वह विद्युतोद (Electrode) जो बैटरी के धन ध्रुव (positive pole) से जुड़ा होता है तथा जिनसे होकर विद्युत धारा विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) में प्रवेश करती है। उसे धनोद (Anode) कहते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
MSO4(M = धातु ) के जलीय घोल का विद्युत विश्लेषण करने पर कैथोड पर होनेवाली क्रिया को लिखिए। तर्क सहित लिखिए कि यह आक्सीकरण या अवकरण क्रिया है।
उत्तर :
WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ 1

जलीय घोल में MSO4 के विद्युत विच्छेदन से धनात्मक आयन M++ और ॠणात्मक आयन \(\mathrm{SO}_4^{–}\) उत्पन्न होते हैं। कैथोड पर प्रतिक्रिया : M++ + 2 e → M (धातु) यहाँ पर धातु का आयन दो इलेक्ट्रोन ग्रहण कर अवकृत (Reduce) हो जाते हैं। जल के विद्युत विच्छेदन के फलस्वरूप हाइड्रोजन आयन उत्पन्न होता है। दो हाइड्रोजन आयन इलक्ट्रान को ग्रहण कर हाइड्रोजन गैस में अवकृत हो जाते हैं।

H++ e → H ; H + H → H2

यदि धातु M Electrochemical Series में हाइड्रोजन के ऊपर होगा तो कैथोड पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होगी अन्यथा धातु M कैथोड पर जमा होगा।

प्रश्न 2.
विद्युतोद या विद्युत द्वार (Electrode) किसे कहते हैं ? यह कितने प्रकार का होता है ? प्रत्येक की परिभाषा लिखो।
उत्तर :
विद्युत द्वार (Electrodes) : धातु या कार्बन के बने हुए वे छड़ रूप साधन जिनसे होकर विद्युत धारा विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) में प्रविष्ट करती है या विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) से बाहर निकलती है, उन्हें विद्युतोद (Electrolytes) कहते हैं।
ये दो प्रकार के होते हैं।
(i) धनोद (Anode) : वह विद्युतोद (Electrodes) जिनसे होकर विद्युत धारा Electrolyte में प्रविष्ट करती है तथा जिनका सम्बन्ध बैटरी के धन धुव से जुड़ा होता है।
(ii) ऋणोद (Cathode) : वह विद्युतोद (Electrode) जिनसे होकर विद्युत धारा Electrolyte से बाहर निकलती है तथा जिनका सम्बन्ध बैटरी के ॠण धुव से जुड़ा होता है।

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प्रश्न 3.
वोल्टामीटर (Voltameter) किसे कहते हैं ? शुद्ध जल दुर्बल विद्युत विच्छेद्य है, क्यों ?
उत्तर :
जिस पात्र में विद्युत विच्छेदन की क्रिया सम्पन्न होती है, उसे वोल्टामीटर कहते हैं। शुद्ध जल एक दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) है क्योंकि यह विद्युत का कुचालक है तथा अति अल्प मात्रा में आयन में बदलता है।

प्रश्न 4.
विद्युत विच्छेद्य क्या है ? विद्युत विच्छेदन का एक उपयोग लिखो।
उत्तर :
विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) :- किसी यौगिक का वह जलीय घोल या पिघली हुई अवस्था जिसमें विद्युत धारा प्रवाहित करने के फलस्वरूप रासायनिक परिवर्तन होकर नए पदार्थ का निर्माण होता है, उसे विद्युत विच्छेद्य(Electrolyte) कहते हैं।
विद्युत विच्छेदन का उपयोग :-विद्युत लेपन (Electroplating) में।

प्रश्न 5.
विद्युत अविच्छेद्य (Non-electrolyte) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विद्युत अविच्छेद्य : वे सभी यौगिक पदार्थ जिनकी पिघली हुई अवस्था या जलीय घोल से होकर विद्युत धारा प्रवाहित न हो सके तथा वे अपने आयनों में विभाजित न हो सके, उन्हें विद्युत अविच्छेद्य कहते हैं। जैसे : चीनी, यूरिया, पोट्रोल आदि यौगिक पदार्थ विद्युत अविच्छेद्य हैं।

प्रश्न 6.
विद्युत विच्छेदन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विद्युत विच्छेदन (Electrolysis) : जब किसी विद्युत विच्छेद्य (Electrolytes) से होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो वह अपने आयनों में विभक्त हो जाती है। इस क्रिया को विद्युत-विच्छेदन(Electrolysis) कहते हैं।

प्रश्न 7.
विद्युत लेपन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विद्युत लेपन (Electroplating) :- विद्युत विच्छेदन विधि द्वारा किसी धातु पर किसी अन्य धातु की परत चढ़ाने की क्रिया को विद्युत लेपन (Electroplating) कहते हैं।

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प्रश्न 8.
लोहे की बनी वस्तुओं पर जिंक का लेपन करने के पीछे क्या उद्देश्य होता है ?
उत्तर :
लोहे की बनी वस्तुओं को जंग (Rust) से बचाने के लिए लोहे पर जस्ते (जिंक) का लेपन किया जाता है।

प्रश्न 9.
विद्युत लेपन पद्धति में लोहे पर ताँबे के लेपन हेतु एनोड, कैयोड और विद्युत अपघटय (विच्छेद्य) के रूप में क्या प्रयुक्त होता है ?
उत्तर :
लोहे की बनी किसी वस्तु पर ताँबे का विद्युत लेपन करने के लिए शुद्ध ताँबे की एक प्लेट को एनोड के रूप में तथा लोहे की बनी वस्तु जिस पर लेप चढ़ानी है, कैथोड के रूप में लेते हैं तथा विद्युत विच्छेद्य के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) का जलीय घोल प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 10.
अशुद्ध कॉपर रॉड (छड़) से शुद्ध कापर की प्रस्तुति हेतु, कैथोड, एनोड और विद्युत अपघटय (विच्छेद्य) के रूप में क्या-क्या प्रयुक्त होता है ?
उत्तर :
अशुद्ध कापर छड़ से शुद्ध कापर प्राप्त करने के लिए शुद्ध ताँबे की प्लेट कैथोड के रूप में, अशुद्ध ताँबे की छड़ को एनोड के रूप में तथा विद्युत विच्छेद्य के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) के जलीय घोल का प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 11.
विद्युत लेपन विधि में एक धातु पर अन्य धातु की परत चढ़ाने के लिए कैथोड, एनोड और विद्युत विच्छेद्य के रूप में किन पदार्थों का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
जिस वस्तु पर विद्युत लेपन करना होता है उसको अच्छी तरफ साफ करके उसका कैथोड बनाते हैं तथा जिस धातु का लेपन करना होता है उसका एनोड बनाया जाता है। एनोड जिस धातु का बना होता है, उसी धातु पर उपयुक्त लवण का घोल विद्युत विच्छेद्य (Electrolytes) के रूप में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 12.
लोहे के चम्मच पर निकेल के लेपन हेतु विद्युत लेपन विधि में कैथोड और एनोड के रूप में किसका उपयोग किया जाता है? इलेक्ट्रोलाइट के रूप में क्या लिया जाता है ?
उत्तर :
लोहे के चम्मच पर निकेल के लेपन हेतु विद्युत विच्छेदन विधि में लोहे के चम्मच को कैथोड बनाते हैं तथा शुद्ध निकेल की छड़ को एनोड बनाते हैं। निकेल सल्फेट (NiSO4) का घोल जिसमें थोड़ा बोरिक अम्ल रहता है इलेक्ट्रोलाइट के रूप में प्रयुक्त होता है।

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प्रश्न 13.
चाँदी पर सोना के लेपन हेतु विद्युत लेपन विधि में कैथोड, एनोड और विद्युत विच्छेद्य के रूप में किसका उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
चाँदी पर सोना के लेपन हेतु विद्युत लेपन विधि में चाँदी का कैथोड तथा शुद्ध सोने की छड़ को एनोड बनाते हैं एवं पोटैशियम आइरोसायनायड [KAu(CN)2] विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) के रूप में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 14.
जल का विद्युत विच्छेदन करते समय अल्प मात्रा में अम्ल या नमक क्यों मिला दिया जाता है ?
उत्तर :
जल विद्युत का कुचालक है तथा बहुत कम मात्रा में आयनीकृत (lonise) होता है। लेकिन जब इसमें अल्प मात्रा में अम्ल या नमक मिला दिया जाता है तब यह सुचालक हो जाता है एवं पूर्ण रूप से आयनीकृत हो जाता है। यही कारण है कि विद्युत विच्छेदन के समय जल में थोड़ा अम्ल या नमक मिला दिया जाता है।

प्रश्न 15.
जल का विद्युत विच्छेदन करते समय प्लेटिनम प्लेट धनोद (Anode) के स्थान पर कॉपर धनोद का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर :
जल का विद्युत विच्छेदन करते समय प्लेटिनम प्लेट के एनोड के स्थान पर कॉपर एनोड का उपयोग करने पर आयनीकरण के कारण उत्पन्न आक्सीजन कॉपर से प्रतिक्रिया करके इसे Cu में आक्सीकृत कर देता है, जिससे प्रतिक्रिया बन्द हो जाती है। अतः एनोड प्लेटिनम का ही होना आवश्यक है।

प्रश्न 16.
ताँबे के अयस्क से ताँबा का शुद्धीकरण किस प्रकार किया जाता है ?
उत्तर :
अशुद्ध ताँबा से शुद्ध ताँबा प्राप्त करने के लिए ताँबा का शुद्धीकरण वोल्टामीटर में किया जाता है। इसमें कैथोड के स्थान पर शुद्ध ताँबा का प्लेट तथा एनोड के स्थान पर अशुद्ध ताँबे की छड़ तथा विद्युत विच्छेद के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) का अम्लीय घोल लेते हैं।
जब विद्युतविच्छेद (Electrolyte) में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो कॉपर सल्फेट के घोल से कॉपर आयन (Cu+2) कैथोड की ओर आकर्षित होता है तथा शुद्ध ताँबे की बनी प्लेट पर निक्षेपित हो जाता है।
अशुद्ध कॉपर इलेक्ट्रॉन का त्याग करके कॉपर आयन (Cu+2) बनाता है जो कैथॉड की ओर बढ़ता है तथा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके उदासीन परमाणु के रूप में शुद्ध ताँबा कैथोड पर जमा हो जाता है तथा अशुद्धियाँ एनोड प्लेट के नीचे अवक्षेप के रूप में जमा होती रहती हैं।

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प्रश्न 17.
तीव्र विद्युत विच्छेद्य (Strong Electrolyte) और दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
तीव्र विद्युत विच्छेद्य (Strong Electrolyte) : वे विद्युत विच्छेद्य जिनका जलीय घोल पूर्ण रूप से विद्युत विच्छेदित होकर अधिक आयन (ion) उत्पन्न करते हैं उन्हें तीव विद्युत विच्छेद्य कहते हैं। जैसे – HCl2 H2 SO4, KOH आदि। दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) : वे विद्युत विच्छेद्य जिनका जलीय घोल आंशिक रूप से विद्युत विच्छेदित होकर कम ion उत्पन्न करते हैं उन्हें दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) कहते हैं। जैसे : NH4 OH, CH3 COOH आदि।

प्रश्न 18.
विद्युत विश्लेषण की सहायता से एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए जिस गलित मिश्रण का विद्युत विश्लेषण किया जाता है उसमें शुद्ध एलुमिना के अतिरिक्त और क्या-क्या रहता है ? इस विद्युत विश्लेषण में कैथोड और एनोड के रूप में किसका प्रयोग होता है ?
उत्तर :
विद्युत विश्लेषण की सहायता से एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए जिस गलित मिश्रण का विद्युत विश्लेषण किया जाता है उसमें शुद्ध एलुमिना के साथ क्रायोलाइट (AlF3, 3 NaF) और फ्लोरस्पर (CaF2) मिश्रित रहते हैं। इस विद्युत विश्लेषण में ग्रेफाइट कैथोड तथा एनोड दोनों के रूप में प्रयोग में लाया जाता है।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
किसी धातुई तार में प्रवाहित विद्युत धारा और विद्युत विश्लेषण में प्रवाहित विद्युत धारा में दो अन्तर लिखो। ताँबा धातु के विद्युत निष्कर्षण में किस इलेक्ट्रोड के रूप में अशुद्ध ताँबे की छड़ प्रयुक्त की जाती है।
उत्तर :
अशुद्ध कापर छड़ से शुद्ध कापर प्राप्त करने के लिए शुद्ध ताँबे की प्लेट कैथोड के रूप में, अशुद्ध ताँबे की छड़ को एनोड के रूप में तथा विद्युत विच्छेद्य के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) के जलीय घोल का प्रयोग करते हैं।
ताँबा धातु के विद्युत निष्कर्षण में अशुद्ध ताँबे का प्रयोग एनोड (Anode) के रूप में होता है।

प्रश्न 2.
आयन किसे कहते हैं ? यह कितने प्रकार का होता है, प्रत्येक की परिभाषा लिखें।
उत्तर :
आयन : परमाणु या परमाणुओं का समूह जिस पर विद्युतीय आवेश होता है उसे आयन कहते हैं। जैसे : H+, Cl , \(\mathrm{SO}_4^{–}\)आदि।
आयन दो प्रकार के होते हैं।
(i) धनायन (Cation) : वे आयन जो धन विद्युत आवेशित होते हैं, उन्हें धनायन (Cation) कहते हैं। ये विद्युतोद के कैथोड की ओर आकर्षित होते हैं। जैसे : H+, Na+, Cu++आदि।
(ii) ऋणायन (Anion) : वे आयन जो ऋण विद्युत आवेशित होते हैं, उन्हें ऋणायन (Anion) कहते हैं। ये विद्युतोद के एनोड की ओर आकार्षित होते हैं। जैसे : Cl, OH, \(\mathrm{SO}_4^{–}\) आदि।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ 2

प्रश्न 3.
जल के विद्युत विच्छेदन विधि का वर्णन करो।
उत्तर :
जल विद्युत का कुचालक है तथा बहुत कम मात्रा में आयनीकृत(ionise) होता है। लेकिन जब जल में अम्ल (H2 SO4 या HCl) की कुछ बूँदें मिश्रित कर देते हैं तब यह सुचालक हो जाता है एवं विद्युत परिवहन की क्षमता काफी बढ़ जाती है।

अम्लीय जल का विद्युत विच्छेदन जल वोल्टामीटर में करते हैं। जिसमें प्लेटिनम के दो विद्युतोद (Electrode) लगे रहते हैं जब इसमें विद्युत धारा प्रवाहित करते हैं तो जल का विद्युत विच्छेदन होता है और एनोड पर ऑक्सीजन तथा कैथोड पर हाइड्रोजन गैस एकत्रित होती है। इनके आयतन का अनुपात 2 : 1 तथा भार का अनुपात 1 : 8 होता है।

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प्रश्न 4.
विद्युत विश्लेषण के कुछ महत्वपूर्ण उपयोग लिखिए।
उत्तर :
विद्युत विश्लेषण का उपयोग (Application of electrolysis) :

  1. धातुओं के निष्कर्षण में तीव्र विद्युत धनात्मक धातु, जैसे -Na, K, Ca, Mg, Al का निष्कर्षण विद्युत विच्छेदन द्वारा किया जाता है।
  2. धातुओं के शुद्धीकरण करने में जैसे Cu, Ag, Zn, Al आदि।
  3. तत्व तथा यौगिकों के औद्योगिक उत्पादन में जैसे Cl, H, O, NaOH, H2O2 आदि।
  4. विद्युत लेपन (Electroplating) करने में।
  5. विद्युत – टाइपिंग (Electro typing) करने में।

प्रश्न 5.
सोडियम क्लोराइड घोल के विद्युत विच्छेदन को प्रमुख रासायनिक प्रतिक्रियाओं द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सोडियम क्लोराइड (NaCl) घोल का विद्युत विच्छेदन : जब सोडियम क्लोराइड को जल में घोला जाता है तो यह Na<sup+और Cl<sup- आयन में विभक्त हो जाता है। इस घोल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर एनोड पर क्लोरीन गैस मक्त होती है और कैथोड पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है तथा सोडियम हाइड्राक्साइड बनता है।

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प्रश्न 6.
विद्युत विश्लेषण के समय कौन सी ऊर्जा किस ऊर्जा में रूपान्तरित होती है ? कॉपर इलेक्ट्रोड से कॉपर का शुद्धीकरण करते समय कौन सा विद्युत विश्लेष्य पदार्थ प्रयुक्त होता है ? उपर्युक्त स्थिति में शुद्ध एवं अशुद्ध कॉपर की छड़ में से कौन एनोड के रूप में प्रयुक्त होती है ? एक धातु का नाम बताइए जिसका निष्कर्षण विद्युत विश्लेषण के द्वारा होता है ?
उत्तर :

  1. विद्युत विश्लेषण के समय विद्युत ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा में रूपान्तरित होती है।
  2. कॉपर सल्फेट (CuSO4) का घोल
  3. एनोड के रूप में अशुद्ध ताँबा (कॉपर) की छड़ ली जाती है।
  4. विद्युत विश्लेषण के द्वारा एल्यूमीनियम धातु का निष्कर्षण किया जाता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Physical Science Book Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.6 Question Answer – कार्बनिक रसायन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
मिथेन अणु में H-C-H बंधन में कोण का मान कितना होता है ?
उत्तर :
109°.5° बंधन कोण ।

प्रश्न 2.
CH3 CH2 COOH का IUPAC नाम लिखिए ।
उत्तर :
प्रोपानिक अम्ल ।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन

प्रश्न 3.
CNG का औद्योगिक स्रोत क्या है ?
उत्तर :
प्राकृतिक गैस ।,

प्रश्न 4.
CH4 CH2 CH2 OH का IUPAC नाम लिखिए।
उत्तर :
CH4 CH2 CH2 OH का IUPAC नाम प्रोपानॉल (Propanol) है।

प्रश्न 5.
CH3 CH2 CH2 OH के एक समावयव के गठन का सूत्र लिखिए ।
उत्तर :
CH3 CH2 OH के एक समावयव के गठन का सूत्र CH3 O – CH3 (डाई मिथाइल इथर) है।

प्रश्न 6.
पाली टेट्राफ्लोरोथिलिन का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
पाली टेट्राफ्लोरोथिलिन नानस्टीक बरतनों में कोटिंग के काम आता है।

प्रश्न 7.
P.V.C. का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर :
P.V.C. का पूरा नाम = पॉली विनायल क्लोराइड है।

प्रश्न 8.
PVC के एक मोनोमर का नाम लिखो ।
उत्तर :
विनाइल क्लोराइड (CH2= CHCI)

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन

प्रश्न 9.
इथीलीन का एक उपयोग लिखिए ।
उत्तर :
इथीलीन का उपयोग धातुओं को काटने और जोड़ने में किया जाता है।

प्रश्न 10.
एक अकार्बनिक घोलक और एक कार्बनिक घोलक का नाम लिखो ।
उत्तर :
एक अकार्बनिक घोलक जल (H2O) है तथा एक कार्बनिक घोलक बेन्जिन (C6H6) है।

प्रश्न 11.
बायो- मालिकुल्स का एक उदाहरण दीजिए ।
उत्तर :
बायो-मालिकुल्स का एक उदाहरण ग्लूकोज है।

प्रश्न 12.
सरलतम एल्केन का नाम लिखो ।
उत्तर :
Methane (मिथेन) [CH4]

प्रश्न 13.
एक कार्बनिक उर्वरक का नाम और सूत्र लिखो ।
उत्तर :
एक कार्बनिक उर्वरक का नाम यूरिया है जिसका सूत्र CO (NH2)2 है।

प्रश्न 14.
कृत्रिम रूप से फल पकाने के लिए किस गैस का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
इथिलिन (C2H2) और एसीटिलिन (C2H2) गैसें फल पकाने के काम आती हैं।

प्रश्न 15.
किस गैस को मार्श गैस कहते हैं और क्यों ?
उत्तर :
मिथेन (CH4) गैस को मार्श गैस भी कहते हैं। मार्श (Marsh) का अर्थ दलदल होता है। अत: दलदली जमीन में पाये जाने के कारण ही मिथेन को मार्श गैस कहते हैं।

प्रश्न 16.
एक त्रिबन्ध युक्त हाइड्रोकार्बन का नाम तथा उसका रचनात्मक सूत्र लिखो ।
उत्तर :
एक त्रिबन्ध युक्त हाइड्रोकार्बन एसीटिलीन है।
इसका रचनात्मक सूत्र : H – C ≡ C – H है।

प्रश्न 17.
एक तीन कार्बन परमाणु विशिष्ट एल्काइन का आणविक सूत्र लिखिए ।
उत्तर :
तीन कार्बन परमाणु विशिष्ट एल्काइन का आणविक सूत्र C3H4 है।

प्रश्न 18.
कार्बाइड लैम्प में कौन-सी गैस जलती है ?
उत्तर :
कार्बाइड लैम्प में एसिटीलीन (C2H2) गैस जलती है।

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प्रश्न 19.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम और सूत्र लिखें जो बेहोश करने के काम में आते हैं ?
उत्तर :
क्लोरोफार्म (CHCl3) बेहोश करने के काम में आता है।

प्रश्न 20.
पैराफिन किसे कहते हैं? उदाहरण सहित सामान्य सूत्र लिखें।
उत्तर :
संतृप्त हाइड्रोकार्बन एल्केन को साधारणत: पैराफिन (Paraffin ) कहते हैं। जैसे – मिथेन (CH4), इथेन (C2H6) आदि। इसका समान्य सूत्र CnH2n+2 है।

प्रश्न 21.
ओलिफिन (Olefines) किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित सामान्य सूत्र लिखें ।
उत्तर :
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन एल्किन (Alkene) को ओलिफिन कहते है। इसमें कार्बन परमाणु द्वि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं। जैसे – इथिलिन (C2H4) । इसका सामान्य सूत्र CnH2n है।

प्रश्न 22.
एल्काइन का सामान्य सूत्र लिखिए ।
उत्तर :
एल्काइन का सामान्य सूत्र Cn H2n-2 है|

प्रश्न 23.
तीन कार्बन परमाणु वाले एल्केन में हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कितनी होती है ?
उत्तर :
आठ

प्रश्न 24.
जैव अणु का एक उदाहरण दीजिए ।
उत्तर :
प्रोटीन

प्रश्न 25.
एक हाइड्रोकार्बन का नाम लिखिए जो एक हरित गैस है।
उत्तर :
मिथेन (CH4)

प्रश्न 26.
एक कार्यकारी समूह (Functional Group) का नाम लिखिए जिसमें कार्बन नहीं होता है।
उत्तर :
हाइड्रॉक्सिल (- OH)

प्रश्न 27.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम बताइए जो विषैला नहीं है ।
उत्तर :
ग्लूकोज ।

प्रश्न 28.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम लिखिए जिसमें दो कार्बोक्सिल ग्रुप होते हैं।
उत्तर :
ऑक्जैलिक अम्ल (COOH)2

प्रश्न 29.
एक प्राकृतिक बहुलक का नाम लिखिए ।
उत्तर :
रबर एक प्राकृतिक बहुलक है।

प्रश्न 30.
कार्बन परमाणु के किस गुण के कारण कार्बनिक यौगिकों में लम्बी शृंखला का निर्माण होता है ?
उत्तर :
कैटेनेशन (Catenation) गुण के कारण कार्बनिक यौगिकों में लम्बी श्रृंखला का निर्माण होता है।

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प्रश्न 31.
ग्लूकोज का एक उपयोग लिखिए ।
उत्तर :
ग्लूकोज का उपयोग बच्चों तथा कमजोर व्यक्तियों के लिए भोजन के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 32.
किस कार्बनिक यौगिक को ग्रेप शुगर (Grape Sugar) कहते हैं और क्यों ?
उत्तर :
ग्लूकोज (C2H12O6) को ग्रेप शुगर कहते हैं क्योंकि यह अंगूर के रस से प्राप्त होता है।

प्रश्न 33.
मिथेनॉल की प्रकृति क्या है ?
उत्तर :
यह एक रंगहीन, विषैला द्रव पदार्थ है ।

प्रश्न 34.
इथाइल अल्कोहल की प्रकृति क्या है ?
उत्तर :
यह एक उदासीन, रंगहीन, सुहावनी गंध वाली तथा तीक्ष्ण स्वाद वाला द्रव है जो जल में हर परिमाण में घुलनशील है।

प्रश्न 35.
हिमोग्लोबिन में कौन-से धातु का तत्व होता है ?
उत्तर :
हिमोग्लोबिन में लोहा पाया जाता है।

प्रश्न 36.
कार्बनिक अम्ल के कार्यकारी मूलक का क्या नाम है ?
उत्तर :
कार्बनिक अम्ल के कार्यकारी मूलक का नाम – COOH है।

प्रश्न 37.
पॉलीथीन का एकलक क्या है ?
उत्तर :
पॉलीथीन एक बहुलक है जिसका एकलक एथीलीन (C2H4) है।

प्रश्न 38.
दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले एक पॉलीमर का उदाहरण दीजिए ।
उत्तर :
दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले एक पॉलीमर का उदाहरण पॉलिथीन है।

प्रश्न 39.
प्रयोगशाला में सर्वप्रथम कौन सा कार्बनिक यौगिक तैयार किया गया था ?
उत्तर : यूरिया ।

प्रश्न 40.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम लिखें जिसका उपयोग वेल्डिंग करने के समय किया जाता है।
उत्तर :
एसिटीलीन (C2H2)।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
मिथेन को आक्सीजन में जलाने से क्या उत्पन्न होता है ? रासायनिक समीकरण सहित लिखिए ।
उत्तर :
मिथेन को आक्सीजन में जलाने से कार्बन मोनो आक्साइड तथा जल उत्पन्न होता है।
2 CH4+3O2 = CO + 4H2O + Heat

प्रश्न 2.
एसीटिक एसिड एवं इथाइल अल्कोहल में प्रत्येक का एक उपयोग उल्लेख करें ।
उत्तर :
एसीटिक एसिड का प्रमुख उपयोग : सेलुलोज एसीटेट बनाने में, जिसका उपयोग कृत्रिम सिल्क बनाने में होता है। ऐस्प्रीन (Aspirin), फेनासेटीन आदि दवा बनाने में एसीटिक एसिड का उपयोग होता है। इथाइल अल्कोहल का प्रमुख उपयोग : पेंट, वार्निश, ईथर, क्लोरोफॉम, एसीटिक एसिड बनाने में इथाइल अल्कोहल का उपयोग होता है।

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प्रश्न 3.
मिथेन और क्लोरिन की प्रतिस्थापन प्रतिक्रिया की शर्त क्या है ? प्रतिक्रिया के पहले चरण का संतुलित समीकरण प्रदान कीजिए।
उत्तर :
मिथेन और क्लोरिन की प्रतिस्थापन प्रतिक्रिया :- मिथेन और क्लोरिन के मिश्रण को सूर्य के प्रकाश में रखने पर मिथेन क्लोरिन से प्रतिक्रिया करता है। इसमें Methane के चारों हाइड्रोजन परमाणु एक-एक करके क्लोरिन परमाणु द्वारा विस्थापित हो जाते हैं। ऐसी अभिक्रिया प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
CH4 + Cl2 → CH3Cl + HCl

प्रश्न 4.
मार्स गैस क्या है ? इथीलीन का एक प्रयोग लिखो ।
उत्तर :
मार्स गैस (Marsh gas) :- मिथेन गैस को मार्स गैस भी कहते हैं क्योंकि यह दलदली भूमि, जहाँ पेड़-पौधे सड़ते रहते हैं वहाँ के बैक्टेरिया के अपघटन से बनती है ।
इथिलीन का उपयोग

(Use of Ethylene) :-

  • इसका उपयोग कच्चे फलों को पकाने में किया जाता है।
  • कृत्रिम रबर तथा मस्टर्ड गैस (Mustard gas) बनाने में होता है।
  • पालीथिन (Polythene) नामक प्लास्टिक बनाने में होता है।
    निश्चेतक के रूप में होता है, तथा
  •  धातुओं को काटने तथा जोड़ने में Oxy-ethylene के रूप में होता है।

प्रश्न 5.
पॉलिएथिलीन का उत्पादन कैसे किया जाता है ? इसका एकलक (Monomer) क्या है ? इसका उपयोग लिखिए।
उत्तर :
इथिलीन (C2H4) को उच्च दबाव (500 से 3000 वायुमण्डलीय दबाव) पर उत्प्रेरक की उपस्थिति में तप्त करने पर पॉलिएथिलीन (पॉलीथीन) बनता है। पॉलिएथिलीन का एकलक (Monomer) इथिलीन है। उपयोग : इससे बाल्टी, बोतल, खिलौने, पाइप, बैग आदि अनेक प्रकार की वस्तुएं बनाई जाती हैं।

प्रश्न 6.
टेफ्लॉन का उत्पादन कैसे होता है ?
उत्तर :
एथिलीन के चारों हाइड्रोजन परमाणुओं को फ्लोरिन द्वारा प्रतिस्थापित करने पर टेट्राफ्लोरो – इथिलीन (C2F4) बनता है जिसके बहुत से अणु पॉलिमराइज्ड (Polymerized) होकर टेफ्लॉन नामक प्लास्टिक का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 7.
बहुलकीकरण (Polymerisation) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कुछ विशेष अवस्थाओं तथा उत्प्रेरक की उपस्थिति में कार्बनिक यौगिक के एक से अधिक अणु आपस में संयोग करके एक नये वृहत्तम अणु की रचना करते हैं। इसे बहुलकीकरण कहते हैं तथा इस क्रिया से उत्पन्न पदार्थ को बहुलक कहते हैं।

प्रश्न 8.
सजातीय श्रेणी (Homologus Series) किसे कहते हैं? इसका उदाहरण दो ।
उत्तर :
कार्बनिक यौगिकों की वह श्रेणी जिसके सभी सदस्य एक सामान्य सूत्र द्वारा दर्शाये जाते हैं तथा जिनके दो लगातार सदस्यों के अणुसूत्र में एक निश्चित अन्तर पाया जाता है, ऐसे श्रेणी को सजातीय श्रेणी कहते हैं तथा इस श्रेणी के सदस्यों को सजात कहते हैं। जैसे पैराफिन्स के सदस्यों को Cn H2n+2 कहा जाता है । यदि n = 1, 2, 3 ….. आदि लिखा जाय तो क्रमश: CH4, C2H4, C3H8…. आदि मिलेंगे।

प्रश्न 9.
कार्यकारी समूह से तुम क्या समझते हो ?
उत्तर :
कार्यकारी समूह :- किसी कार्बनिक यौगिक में उपस्थित वह समूह जिस पर उस कार्बनिक यौगिक का रासायनिक गुण निर्भर करता है, उसे कार्यकारी समूह कहते हैं ।

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प्रश्न 10.
एसिटिक एसिड और एसिटाल्डीहाइड के कार्यात्मक समूह का सूत्र लिखो ।
उत्तर :
(a) Acetic acid =- COOH
(b) Acetaldehyde CHO

प्रश्न 11.
एक जैव अणु का नाम और उसका प्रयोग लिखो ।
उत्तर :
जैव अणु (Biomolecle) → कार्बोहाइड्रेड एवं न्युक्लिक एसिड ।
कार्बोहाइड्रेड का उपयोग :- यह शरीर को ऊर्जा तथा उष्मा प्रदान करता है।

प्रश्न 12.
(i) श्रृंखला – समावयवता की एक उदाहरण दो।
(ii) दो प्राकृतिक और दो कृत्रिम पालीमार का नाम लिखो ।
उत्तर :
(i) श्रृंखला समावयवता का उदाहरण :- n butane, Iso butane
(ii) प्राकृतिक पालीमर : सेल्युलोज (Cellulose), प्रोटीन (Protein)
कृत्रिम पालीमर : रेयॉन (Rayon), नाईलॉन (Nylon)।

प्रश्न 13.
एल्केन और एल्कीन का सामान्य सूत्र लिखो ।
उत्तर :
(i) एल्केन का सामान्य सूत्र : Cn H2n+2
(ii) एल्कीन का सामान्य सूत्र : CnH2n

प्रश्न 14.
विनायल क्लोराइड के पालीमर का नाम क्या है ? इस पालीमर का एक उपयोग लिखो ।
उत्तर :
विनायल क्लोराइड के पालीमर का नाम पाली विनायल क्लोराइड है। पाली विनायल क्लोराइड का उपयोग बैग, जूता, चप्पल आदि बनाने में होता है।

प्रश्न 15.
PVC का पूरा नाम लिखो। इसके मोनोमर के नाम और सूत्र लिखो ।
उत्तर :
PVC का पूरा नाम Poly Vinayal Chloride (पाली विनायल क्लोराइड) है। इसका मोनोमर विनायल क्लोराइड (CH2 = CH – CI) है।

प्रश्न 16.
संरचनात्मक समावयवता का उदाहरण सहित परिभाषा लिखें।
उत्तर :
संरचनात्मक समावयवता (Structural Isomerism) : कार्बनिक यौगिकों की संरचना में अन्तर होने के कारण संरचनात्मक समावयवता की घटना पायी जाती है। यह घटना यौगिक के अणु में उपस्थित परमाणुओं एवं मूलकों के आपस में विभिन्न प्रकार से जुड़े रहने के कारण उत्पन्न होता है। जैसे अणुसूत्र C4H10 द्वारा दो Isomers व्यक्त किये जाते हैं।
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प्रश्न 17.
PVC क्या है ? इसका क्या उपयोग होता है ?
उत्तर :
पॉलिविनायल क्लोराइड (PVC) एक विशेष प्रकार का कृत्रिम रबर है। इसे विनाइल क्लोराइड के पॉलिमराइजेशन से बनाया जाता है।
इसका उपयोग खिलौना, फर्श के टाइल, पाइप आदि बनाने में होता है।

प्रश्न 18.
कृत्रिम बहुलक का एक उदाहरण दीजिए। इसका एकलक (Monomer) क्या है ? इसके उपयोग से क्या हानि होती है ?
उत्तर :
कृत्रिम बहुलक का एक उदाहरण पॉलीथीन है ।
पॉलीथीन का एकलक (Monomor) इथिलीन (C2H4) है। कृत्रिम बहुलक (पालीथीन ) के उपयोग से मिट्टी, जल और वायु प्रदूषित होते हैं तथा यह हमारे स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालती है।

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प्रश्न 19.
इथाल अल्कोहल ( इथेनॉल) के सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की प्रतिक्रिया होती है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
इथाइल अल्कोहल (इथेनॉल) को सान्द्र HSO की अधिक मात्रा के साथ 160° से 170° के बीच गर्म करने से इथिलीन (C2H4) बनता है यह प्रतिक्रिया दो चरणों में होती है :
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प्रश्न 20.
इथेनॉल का हानिकारक प्रभाव क्या है ?
उत्तर :
इथेनॉल एक पेय पदार्थ है लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने पर नशा होता है। केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र पर इसका प्रभाव उत्तेजक होता है तथा अवसाद (Depration ) और बेहोशी का प्रभाव उत्पन्न करता है।

प्रश्न 21.
कैटेनेशन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कार्बन परमाणु में एक विशेष प्रकार का गुण पाया जाता है, जिसके कारण कार्बन परमाणु अन्य कार्बन के परमाणु या परमाणुओं से सह-संयोजक बन्धन द्वारा संयुक्त होकर कार्बन की श्रृंखला (Chain) की रचना करते हैं। यह गुण अन्य तत्वों के परमाणुओं में नहीं पाया जाता है। अतः, इसी गुण को कैटेनेशन कहते हैं ।

प्रश्न 22.
क्या सभी कार्बन के यौगिक कार्बनिक यौगिक होते हैं? व्याख्या करो ।
उत्तर :
कार्बनिक पदार्थों का मुख्य स्रोत पेड़-पौधे एवं जीव-जन्तु हैं। सभी कार्बनिक यौगिक सह-संयोजक (Co- valent) होते हैं। इसमें कैटेनेशन तथा समावयता के गुण पाये जाते हैं, परन्तु सभी यौगिक जिनमें कार्बन मौजूद हों उन्हें कार्बनिक यौगिक नहीं कहा जा सकता है। जैसे – CO2, Na2CO3, NaHCO3 आदि में कार्बन है, परन्तु ये कार्बनिक यौगिक नहीं हैं क्योंकि इनका स्रोत निर्जीव पदार्थ है तथा इनमें कैटेनेशन और समावयता (Isomerism) के गुण भी नहीं पाये जाते हैं । अतः ये सभी अकार्बनिक यौगिक हैं।

प्रश्न 23.
मिथेन को ग्रीन हाउस गैस क्यों कहते हैं ?
उत्तर :
CO2 के समान मिथेन को भी ग्रीन हाउस गैस कहते हैं क्योंकि यह हवा के सम्पर्क में आकर जलने लगती है तथा उष्मा उत्पन्न होती है। इसके लगातार स्वत: दहन से अत्यधिक मात्रा में उष्मा उत्पन्न होती है जिससे वायुमण्डल का तापक्रम बढ़ जाता है। अतः इसे ग्रीन हाउस गैस कहते हैं ।

प्रश्न 24.
कार्बाइड लैम्प में कौन-सी गैस जलती है ? इसका दूसरा उपयोग क्या है ?
उत्तर :
कार्बाइड लैम्प में एसिटीलिन (C2H2) गैस जलती है। इसका दूसरा उपयोग ऑक्सी एसिटीलिन ज्वाला उत्पन्न करने में होता है जो धातुओं को काटने और जोड़ने के काम आता है।

प्रश्न 25.
ऐलिया (Aleya) किसे कहते हैं ? क्या यह कोई भूत-प्रेत की घटना है – स्पष्ट करो।
उत्तर :
मार्स गैस के साथ फास्फीन (PH3) तथा फास्फोरस डाई – हाइड्राइड (P2H4) मिला रहता है। फास्फोरस डाइ- हाइड्राइड हवा के सम्पर्क में आकर जलने लगती है जिससे PH3 तथा मिथेन (CH4) गैस भी जलने लगती है। इस घटना को एलिया या Will-o-the-wisp कहते हैं। यह कोई भूत-प्रेत की घटना नहीं है बल्कि एक प्राकृतिक रासायनिक घटना है।

प्रश्न 26.
एसीटिलीन का हाइड्रोजन के साथ संयोजन प्रतिक्रिया लिखो ।
अथवा,
इसे कैसे रूपान्तरित करोगे ?
CH = CH → CH3CH3
उत्तर :
निकेल के महीन चूर्ण (उत्प्रेरक) की उपस्थिति में एसीटिलीन (C2H2) हाइड्रोजन के साथ 140°C पर संयोग करके पहले एथिलीन और बाद में इथेन बनाती है ।
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संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
(A) और (B) प्रत्येक दो कार्बन परमाणुयुक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं । ब्रोमीन के साथ क्रिया करने पर, (A) में प्रति अणु 1 ब्रोमीन अणु एवं (B) में प्रति अणु दो ब्रोमीन अणु युक्त होता है। (A) एवं (B) का रचनात्मक सूत्र लिखें। ब्रोमीन के साथ (B) की क्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए ।
उत्तर :
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प्रश्न 2.
एसीटिक एसिड एवं सोडियम हाइड्राक्साइड की प्रतिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखों । जूट एवं पालिथीन में से पैकिंग करने के लिए कौन-सा पर्यावरण मित्र है और क्यों ?
उत्तर :
एसीटिक एसिड एवं सोडियम हाइड्राक्साइड के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एसीटेट बनाती है।WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन 5
पैकिंग करने के लिए जूट का व्यवहार करना चाहिए । जूट पर्यावरण मित्र है । इसके निम्नलिखित कारण है

  • जूट एक जैव निम्नकरणीय पदार्थ है ।
  • इसको जलाने से निकले धुएँ से प्लास्टिक के जलने पर उत्पन्न धुएँ से कम प्रदूषक गैस निकलती है ।

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प्रश्न 3.
कार्बनिक और अकार्बनिक यौगिकों में अन्तर स्पष्ट करो ।
उत्तर :
कार्बनिक और अकार्बनिक यौगिकों में अन्तर :

कार्बनिक यौगिक अकार्बनिक यौगिक
1. ये प्राय: सह-संयोजक (Covalent ) यौगिक होते हैं। 1. ये प्राय: विद्युत संयोजक (Electrovalent) यौगिक होते हैं।
2. इनका आयनीकरण प्रायः नहीं होता है। 2. इनका आयनीकरण होता है ।
3. ये प्रायः ज्वलनशील होते हैं। 3. ये प्रायः ज्वलनशील नहीं होते हैं।
4. सभी कार्बनिक यौगिकों में कार्बन रहता है। 4. इनमें कार्बन परमाणु का होना जरूरी नहीं है।

प्रश्न 4.
हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? प्रत्येक की उदाहरण सहित परिभाषा लिखो ।
उत्तर :
हाइड्रोकार्बन : वे कार्बनिक यौगिक जो सिर्फ कार्बन और हाइड्रोजन परमाणुओं से बने होते हैं, उन्हें हाइड्रोकार्बन कहते हैं। हाइड्रोकार्बन दो प्रकार के होते हैं –

  • संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbon)
  • असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbon)

संतृप्त हाइड्रोकार्बन : वे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन के परमाणु परस्पर एक सह-संयोजी बन्धन से जुड़े रहते हैं तथा जिसमें कार्बन की चारों संयोजकता हाइड्रोजन परमाणुओं द्वारा संतृप्त रहती हैं, उन्हें संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं । इसे एल्केन (Alkane) या पैराफिन्स भी कहते हैं, जैसे मिथेन (CH4), इथेन (C2H6) आदि ।

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन : वे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन के परमाणु द्वि-सह संयोजी बन्धन या त्रि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं, अर्थात् कार्बन की चारों संयोजकता संतृप्त नहीं रहती हैं, उन्हें असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं। ये भी निम्न दो प्रकार के होते हैं-

(i) एल्कीन (Aikene) : जिन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन परमाणु द्वि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं, उन्हें एल्कीन कहते हैं। इन्हें लिफिन भी कहते हैं, जैसे – इथिलिन (C2H2)
WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन 6
(ii) एल्काइन (Alkyne) : जिन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन के परमाणु आपस में त्रि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं, उन्हें एल्काइन कहते हैं। जैसे: एसिटिलिन (C2H2)
H – C ≡ C – H

प्रश्न 5.
मोनोमर और पालीमर की उदाहरण सहित परिभाषा लिखो ।
उत्तर :
मोनोमर (Monomer) : वह कार्बनिक अणु जो अपने समान अणुओं से संयोग कर वृहत्तम कार्बनिक अणु की रचना करते हैं, उन्हें मोनोमर कहते हैं। जैसे : इथिलीन मोनोमर है जिसके अणु आपस में संयुक्त होकर बड़े अणु पॉलिएथिलीन या पॉलीथीन का निर्माण करते हैं।

पॉलीमर (Polymer) : वह रासायनिक प्रतिक्रिया जिसमें किसी कार्बनिक यौगिक के दो या दो से अधिक अणु मिलकर एक अणु का निर्माण करते हैं, उन्हें बहुलीकरण कहते हैं तथा इस क्रिया से उत्पन्न नये कार्बनिक यौगिक को बहुलक कहते हैं। जैसे : एसिटिलिन का पॉलीमर बेंजीन तथा इथिलीन का पॉलीमर पॉलीथीन है।

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प्रश्न 6.
एक कृत्रिम पालीमर का उदाहरण दो । कृत्रिम पालीमर की एक हानि लिखो ।
उत्तर :
कृत्रिम पालीमर का उदाहरण Polyethylene है।
हानि: यह बाजारों में आमतौर से पॉलिथीन के नाम से बिकता है। प्लास्टिक के आविष्कार ने हमारे जीवन को सस्ता तथा सुलभ बना दिया है। लेकिन यह प्रदूषण का एक कारक होता है। इसे जहाँ-तहाँ फेंक देने से खेतों की उर्वरता नष्ट हो जाती है तथा शहरों की जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे बिना जलाये नष्ट नहीं किया जा सकता है। लेकिन जलाने पर भी इससे जहरीली गैस उत्पन्न होती है जो ओजोन की परत में छिद्र करती है। इस छिद्र से पारा बैंगनी किरणें (Ultra violet rays) वायुमण्डल में प्रवेश कर जीव जगत् को भारी नुकसान पहुँचा सकती है।

प्रश्न 7.
इथेन और इथिलिन में कौन संतृप्त हाइड्रो कार्बन और कौन अंसतृप्त हाइड्रोजन कार्बन है ? कारण सहित उत्तर लिखें। एसीटीलीन के साथ ब्रोमीन प्रतिक्रिया करे तो क्या होगा ? समीकरण सहित लिखिए ।
उत्तर :
इथेन (C2H6) में कार्बन के सभी परमाणु परस्पर एक सह-संयोजी बन्धन से जुड़े रहते हैं तथा कार्बन की चारों संयोजकता हाइड्रोजन परमाणु द्वारा संतृप्त रहती है। अत: इथेन (C2H6) एक संतृप्त हाइड्रो कार्बन है जिसका रचनात्मक सूत्र निम्नलिखित है।
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इथिलिन (C2H4) में कर्बन के परमाणु परस्पर द्वि-सह-संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं।
अर्थात कार्बन की चारों संयोजकता संतृप्त हीं रहती है। अतः इथिलिन (C2H4) एक असंतृप्त हाइड्रो कार्बन है जिसका रचनात्मक सूत्र निम्नलिखित है ।
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ऐसीटिलीन जब ब्रोमीन से प्रतिक्रिया करता है, तो पहले एसीटिलीन डाई- ब्रोमाइड और बाद में ऐसीटिलीन टेट्रा – ब्रोमाइड बनाता है।
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प्रश्न 8.
C.N.G. क्या है ? इसमें मुख्य रूप से कौन-सी गैस होती है ? इसके उपयोग का वर्णन करें।
उत्तर :
C.N.G. (Compressed Natural Gas)
C.N.G. में मुख्य रूप से मिथेन गैस होती है। मिथेन गैस को कोयले के बारीक चूर्ण के साथ हाइड्रोजन गैस तथा उप्रेरक की उपस्थिति में उच्च दबाव पर गर्म करने से C. N. G. गैस प्राप्त होती है। C. N. G. पर्यावरण के लिए हानिकारक ईंधन नहीं है, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण नहीं होता है।

उपयोग :
(i) इसका उपयोग वाहनों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
(ii) इसका उपयोग रबर और टायर उद्योग में होता है।

प्रश्न 9.
एल. पी. जी. क्या है ? इसके मुख्य घटकों का उल्लेख करते हुए इसका उपयोग लिखिए।
उत्तर :
द्रवीभूत पेट्रोलियम गैस – एल. पी. जी (Liquified Petroleum Gas – L.P.G.) : पेट्रोलियम गैस आंशिक दबाव पर द्रव (liquid) में बदल जाती है। इसे ही LPG कहते हैं। यह मुख्य रूप से ब्यूटेन (C4H10) गैस होती है जिसमें मिथेन (CH4) तथा इथेन (C2H6) गैसें अल्प मात्रा में मिश्रित रहती हैं। इसे घरेलू ईंधन के रूप में व्यवहार हेतु लोहे के सिलिंडर (cylinder) में भरा जाता है। एक सिलिंडर में 14 kg LPG होती है। सिलिंडर में भरते समय एक दुर्गन्धपूर्ण कार्बनिक यौगिक इथाइल मरकेप्टान C2H5SH (Ethyl Mercaptan ) मिश्रित कर दिया जाता है जिससे इस गैस के रिसाव (leakage) की जानकारी हो सके।

उपयोग : घरेलू ईंधन (domestic fuel) के रूप में मुख्य रूप से भोजन पकाने हेतु उपयोग में लायी जाती है । यह अत्यन्त वाष्पशील (Volatile) पदार्थ है जो सिलिंडर से गैस के रूप में बाहर निकलती है तथा नीली लौ (flame) के साथ जलती है और प्रचण्ड उष्मा उत्पन्न करती है।

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प्रश्न 10.
अल्कोहल, एल्डीहाइड, किटोन, इथर, एमीनों एवं कार्बोक्सिल के कार्यकारी समूह (Functional group) लिखें तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दें।
उत्तर :
(i) अल्कोहल का कार्यकारी समूह – OH हैं। इसका एक उदाहरण मिथाइल अल्कोहल (CH3OH) है।
(ii) एल्डीहाइड का कार्यकारी समूह – CHO है। इसका एक उदाहरण फर्मेल्डीहाइड (HCHO) है।
(iii) किटोन या कार्बोनिक का कार्यकारी समूह > C = O है। इसका उदाहरण एसीटोन (CH3COCH) है।
(iv) ईथर का कार्यकारी समूह – O – है । इसका उदाहरण डाइ मिथाइल ईथर (CH3 – O – CH3) है।
(v) एमीनो का कार्यकारी समूह – NH2 है । इसका उदाहरण मिथाइल एमिन CH3NH2 है |
(vi) कार्बोक्सिल का कार्यकारी समूह – COOH है। इसका उदाहरण फार्मिक एसिड (HCOOH) है।

प्रश्न 11.
समावयवता (Isomerism) और समावयवी (Isomers) किसे कहते हैं ।
उत्तर :
समावयवता (Isomerism) :- कार्बनिक यौगिकों का वह विशेष गुण जिसके कारण विभिन्न गुण वाले दो या दो से अधिक यौग़िकों को समान अणु सूत्र द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, उस गुण को समावयवता (Isomerism) कहते हैं ।
जैसे:- C2H6Oअणु सूत्र को C2 H5OH तथा CH3OCH3 द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।
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समावयवी (Isomers) :- वे कार्बनिक यौगिक जिसका अणु सूत्र समान होते हुए भी रचनात्मक सूत्र भिन्न-भिन्न होता है तथा रासायनिक गुण भी भिन्न-भिन्न हो तो उसे समावयवी (Isomers) कहते हैं ।

प्रश्न 12.
स्थान समावयवता को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर :
स्थान- समावयवता (Position Isomerism) : जब यौगिक के कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला (Chain) से जुड़े क्रियाशील मूलक या परमाणु का स्थान में परिवर्तन होने के कारण एक ही अणुसूत्र से विभिन्न यौगिकों का बोध होत है तो इस घटना को स्थान- समावयवता कहते हैं। जैसे- अणुसूत्र C3H8O से दो विभिन्न यौगिक-न -नारमल प्रोपाइल एल्कोहल और आइसोप्रोपाइल एल्कोहल का बोध होता है। नारमल प्रोपाइल एल्कोहल में क्रियाशील मूलक – OH का स्थान C पर आइसो प्रोपाइल एल्कोहल में – OH का स्थान C2 पर है।
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प्रश्न 13.
इथाइल एल्कोहल के उपयोग एवं गुणों का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर :
(a) इथाइल एल्कोहल का मुख्य उपयोग (Uses of ethyle alcohol) :

  • यह मेथिलेटेडे स्पिरिट बनाने के काम आता है।
  • यह पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप मे व्यवहार किया जाता है।
  • यह क्लोरोफार्म बनाने के काम में आता है।
  • यह कीटाणुनाशक के रूप में प्रयोग होता है।

(b) इथाइल एल्कोहल के गुण (Properties of ethyl alcohol) :

  • इसमें एक विशेष प्रकार की मीठी सुगंध आती है।
  • यह जल में घुलनशील है।
  • यह सोडियम से अभिक्रिया कर सोडियम एथिक्साइड तथा हाइड्रोज गैस उत्पन्न करती है।
    2C2H5OH + 2Na → 2C2H5ONa + H2
  • इथाइल एल्कोहल के साथ सान्द्र H2SO4 मिलाकर मिश्रण को 160°C -170°C तापमान पर गर्म करने पर इथाइल एल्कोहल का निर्जलीकरण होकर इथीलीन (C2H4) गैस प्राप्त होती है।
    C2H2OH + H2SO4 = C2H4 + H2O + H2SO4

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प्रश्न 14.
विकृत स्पिरिट क्या है ? मिथेनॉल एवं एथेनॉल के दुष्प्रभाव का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर :
इथाइल अल्कोहल का अधिकांश उपयोग पेय (Beverages) के लिये होता है । औद्योगिक उद्देश्य के लिए जहरीले पदार्थ जैसे मिथाइल अल्कोहल, पीरीडिन या खनिज नेप्था मिला दिया जाता है। अब विषैला होने कारण यह पीने के लिए व्यवाहर नहीं किया जा सकता है। इस अल्कोहल को ही Methylated Spirit या विकृत स्पिरिट (Denatured Spirit) कहते हैं।

एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील होता है। इसे पीने से शरीर में उत्तेजना होती है, इसलिए इसे मादक द्रव (शराब) के रूप में उपयोग किया जाता है। मिथेनॉल एक विषैला द्रव है एवं इसकी गंध शराब की तरह होती है। इसे पी लेने से व्यक्ति अंधा हो जाता है एवं अधिक मात्रा में पीने से मृत्यु तक हो जाती है। इसे एथेनॉल के साथ मिलाकर पीने के योग्य बनाया जाता है। देश के विभिन्न भागों में शराब पीने वालों की अधिकांश मृत्यु मिथेनॉल के ही कारण हुई है।