WBBSE Class 7 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 1 गुलिवर की यात्राएँ

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WBBSE Class 7 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 1 Question Answer – गुलिवर की यात्राएँ

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

प्रश्न : 1
गुलिवर का ‘एण्टीलोप’ नामक जहाज पर यात्रा के दौरान उत्पन्न हालात का विवरण दें।
उत्तर :
गुलिवर की ‘एण्टीलोप’ नामक जहाज पर यात्रा बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण रही। आरंभ में दिन बड़े आराम से बीते। कुछ दिनों के बाद जहाज एक तूफान में फँस गया। लोग रास्ता भूल गए। कई दिनों तक इधर-उधर भटकते रहे । भोजन सामग्री भी समाप्त हो गई, लोग भूखे रहने लगे। भूख और कठिन मेहनत के कारण बारह आदमी मर गए।

फिर जहाज एक चट्टान से टकरा गया। लेकिन जहाज के दूट कर दो टुकड़े होंने से पहले गुलिवर अपने बचे हुए छः साथियों के साथ एक छोटी सी नाव में निकल भागा। अचानक फिर तूफान आया और यह छोटी सी नाव उलट गई। सभी साथी डूब गए। केवल गुलिवर बच सका। तैरते-तैरते थक गया पर किसी तरह किनारे लगा। इस प्रकार गुलिवखकी ‘एण्टीलोप’ की दुखद यात्रा समाप्त हुई।

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प्रश्न 2
गुलिवर को यात्रा के दौरान किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा? संक्षेप में लिखो।
उत्तर :
गुलिवर को यात्रा के दौरान अनेक विषम, भयंकर, खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। आरंभ में जहाज एक तूफान में फँस गया। एक चट्टान से टकरा कर जहाज के दो दुकड़े हो गए एक छोटी नाव द्वारा गुलिवर ने प्राण बचाया। नाव के उलट जाने पर तैरते हुए लिलिपुट द्वीप के किनारे पहुंचा गया। यहाँ के बौने लोगों ने उसे बंदी बना लिया। गुलिवर ने ब्लेफुस्कू के साथ युद्ध में लिलिपुट के राजा की सहायता की।

दरबारियों के षड़यंत्र से छुट कारा पाने के लिए वह ब्लेफुस्कू पहुँचा। वहाँ के राजा ने उसका आदर सत्कार किया और घर लौटने में उसकी सहायता की। दो महीने तक घर पर रहने के बाद गुलिवर एडवेंचर जहाज पर दूसरी यात्रा आरंभ की। इस यात्रा में भी उसका जहाज तूफान में फँस गया। किसी प्रकार जहाज दानवों के देश के तट पर पहुँचा। यहाँ के लोग विशाल आकार-प्रकार वाले दैत्याकार थे।

यहाँ एक किसान के घर वह कुछ दिन आराम से रहा, पर लोभी किसान धन कमाने की लालसा से खेल-तमाशा दिखाने में उसका उपयोग करने लगा.। वह बिल्कुल कमजोर हो गया। अन्त में राजदरबार में पहुँचा। वहाँ राजा तथा रानी ने उसका खूब सत्कार किया। अन्त में समुद्र के किनारे की हवा खाने के बहाने वह समुद्र तट से अनेक विषम परिस्थिति के बावजूद स्वदेश वापस लौटने में सफल हो गया।

प्रश्न 3.
लिलिपुट के महाराज ने गुलिवर के साथ कैसा व्यवहार किय्य? संक्षेप में लिखो।
उत्तर :
लिलिपुट के महाराज ने शुरू में गुलिवर के साथ अच्छा व्यवहार किया। महाराज की आज्ञा से खाने-पीने सोने के लिए बिस्तरे तथा सुरक्षा की उचित व्यवस्था की गई। भोजन सामग्री के लिए राजा अपने जेब से खर्च देता था। उस देश की भाषा पढ़ाने के लिए छ: बड़े पंडितों को आदेश दिया। कुछ शर्तों को मान लेने के बाद उसकी जंजोरें खोल दी गई और उसे रिहा कर दिया गया।

ब्लेफुस्कू से युद्ध के दौरान गुलिवर ने महाराज की मदद कर विजय दिलाई शत्रु के जहाजों को खींचकर लिलिपुट के किनारे लाया। राजा ने प्रसन्न हो कर उसका स्वागत किया। सभी लोग उसकी प्रशंसा करने लगे। किन्तु दरबार में कुछ लोग उसके खिलाफ षड़यंत्र करने लंग । उसे देशद्रोह का अपराधी मानकर सजा देने का निश्यय कर लिए। इस प्रकार राजा का व्यवहार गुलिवर के प्रति विल्कुल विपरीत हो गया।

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प्रश्न 4.
ब्लेफुस्कू द्वीप में गुलिवर के साथ कैसा व्यवहार हुआ? संक्षेप में लिखो।
उत्तर :
गुलिवर के ब्लेफुस्कू द्वीप पहुँचने पर राजा और उसके दरबारी अपने घोड़ों से उतर कर उसका स्वागत और उसके प्रति सम्मान व्यक्त किए। बेगम और नौकर चाकर भी स्वागत के लिए साथ में रहे । इस प्रकार राजा अपेनदरबारियों के साथ गुलिवर का शानदार स्वागत किया। उसे शहर घुमाने के लिए दो आदमी दिए। उसके ठहरने खाने-पीने तथा सोने की अच्छी व्यवस्था की गई। समुद्र के जल में एक उलटी हुई नाव को देखकर गुलिवर ने उसे किनारे लाने के लिए राजा से मदद माँगी।

राजा ने इसके लिए बीस बड़े जहाज और तीन हजार आदमी दे दिए। लिलिपुट के राजा ने गुलिवर को वापस भेजने की प्रार्थना की किन्तु उसे यहाँ के राजा ने अस्वीकार कर दिया। ब्लेफूस्कू के राजा की अनुकंपा से ही गुलिवर प्रसन्नता पूर्वक स्वदेश रवाना हुआ। राजा ने उसका सम्मान करते हुए रुपयों से भरी पचास थैलियाँ और अपना एक बड़ा सा चित्र भी दिया।

प्रश्न 5.
गुलिवर के साथ दोनों द्वीपों के महाराजाओं के व्यवहार में किसका व्यवहार आपको अच्छा लगा तथा क्यों?
उत्तर :
गुलिवर के साथ दोनों द्वीपों के महाराजाओं के व्यवहार में लिलिपुट के महाराजा की अपेक्षा ब्लेफुस्कू के महाराज का व्यवहार अच्छा था। लिलिपुट के राजा और जनता ने उसके पैरों में जंजीरें बाँधी थी।उस पर तीर बरसाए गए। कुछ दरबारी चाहते थे कि उसके चेहरे पर जहरीला तीर चला कर हत्या कर दी जाए। उसकी तलाशी ली गई।

पाकेट की सारी वस्तुएँ ले ली गई। उसे कभी सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा गया। कुछ दरबारी सदा उसके खिलाफ षड़यंत्र करते रहे। उसे देशद्रोह के लिए अपराधी माना गया। उसकी आँखें फोड़ देने की सजा का फरमान हुआ। ब्लेफुस्कू के राजा और दरबारियों ने गुलिवर का शानदार स्वागत किया। शहर में घुमाने के लिए दो आदमी रखे गए। एक नाव की मरम्मत करा कर उसे स्वदेश भेजने में मदद की। इस प्रकार ब्लेफुस्कू के राजा का व्यवहार तुलना में अधिक अच्छा और प्रशंसनीय रहा।

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प्रश्न 6.
गुलिवर ने लिलिपुट के लोगों के साथ जो व्यवहार किया उससे आपको क्या शिक्षा मिली? संक्षेप में लिखो।
उत्तर :
गुलिवर ने लिलिपुट के लोगों के साथ प्रेम, सद्भाव तथा मानवीय सहानुभूति का व्यवहार किया। लिलिपुट के लोगों ने उस पर तीर की वर्षा की और जंजीरों से बाँध दिया, उसे देशद्रोही अपराधी मानकर आँख फोड़ने का निश्चय किया। गुलिवर ने उसके साथ बदले की भावना न दिखाई। यदि वह चाहता तो उन सभी की हत्या कर देता।

पूरे द्वीप में कोई आदमी न बचता। सारे द्वीप का विनाश कर सकता था। पर अपनी शक्ति का प्रयोग उनका अहित करने में न किया। धैर्य पूर्वक कष्ट सहकर उनके आदेश का पालन करता रहा। राजा का भी सदा सम्मान किया। अत: गुलिवर के व्यवहार से यह शिक्षा मिलती है कि बदले की भावना से किसी का नुकसान नहीं करना चाहिए। अपनी शक्ति का प्रयोग किसी का अहित करने में नहीं करना चाहिए। जैसे को तैसा व्यवहार न कर क्षमाशील होना चाहिए।

प्रश्न 7.
‘दानवों के देश में’ कहानी का सारांश अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर :
गुलिवर एडवेंचर जहाज से हिन्दुस्तान के लिए रवाना हुआ। ‘गुडहोप’ अन्तरीप के पास पहुँचने पर पीने के लिए पानी भरने, जहाज में हुए छेद की मरम्मत करने तथा बीमार कप्तान के स्वस्थ होने के लिए कुछ दिन रुकना पड़ा। यात्रा आरंभ करने पर कुछ दूर जाते ही जहाज एक बड़े तूफान में फँस गया। फिर भटकता हुआ जहाज समुद्र के किनारे लगा। वह बड़ी अजीब जगह थी। इस प्रकार गुलिवर दानवों के देश में पहुँच गया।

यहाँ के मनुष्य विशाल डील डौल के दैत्याकार थे। भागता हुआ गुलिवर जौ के खेत में पहुँच गया। वहाँ से एक मजदूर उसे अपने मालिक किसान के पास ले गया। किसान समझ गया कि यह एक भला प्राणी है अत: उसे नुकसान न पहुँचाया। दोपहर को उसे खाना खिलाया। किसान के घर में उसने विशालकाय बिल्ली तथा चूहे देखे। किसान के घर उसे रहने, खाने, सोने की व्यवस्था हो गई। मालिक किसान की छोटी लड़की ग्लम गुलिवर के प्रति दयालु थी।

सुख सुविधा का सदा ध्यान रखती थी। अब गुलिवर के रूप में छोटे प्राणी को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आने लगे। किसान पैसा कमाने के लिए उसे तमाशा बनाकर दूरदूर गाँवों तथा बाजारों में ले जाने लगा। दिनभर तमाशा दिखाने के कारण वह बेहद कमजोर हो गया। एक दिन तमाशा देखने के लिए महारानी ने उसे बुला भेजा। महारानी ने उसके व्यवहार से प्रसन्न होकर किसान की बेटी समेत उसे किसान से खरीद लिया।

महाराज ने भी उसकी हिफाजत और आराम के लिए निर्देश दिया। एक दिन गुलिवर ने समुद्र के किनारे की हवा खाने की इच्छा प्रकट की। उसे घुमाने के लिए एक नौकर एक डिब्बे में बंद कर समुद्र के किनारे गया। अचानक एक विशालकाय बाज डिब्बे को लेकर आकाश में उड़ने लगा। दूसरे बाजों की छीना-झपटी में डिब्बा समुद्र में गिर गया। सौभाग्य से गुलिवर के देश के एक जहाज के नाविकों ने बहते हुए डिब्बे को देखा। उन लोगों ने डिब्बे को खींच कर गुलिवर को बचा लिया। इस प्रकार गुलिवर दैत्यों के देश से स्वदेश अपने बाल-बच्चों के पास पहुँच गया। अब उसने जीवन में लम्बी यात्रा न करने का निश्चय किया।

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प्रश्न 8.
एडवेंचर नामक जहाज पर गुलिवर की यात्रा कैस रही? अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर :
गुलिवर ने ‘एडवेंचर’ नामक जहाज पर हिन्दुस्तान के लिए यात्रा आरंभ की। कुछ दिनों तक यात्रा बड़ी सुखद रही। कुछ दिनों में वह अफ्रीका के दक्षिण सिरे पर ‘गुडहोप’ अन्तरीप के पास पहुँचा। यहाँ पीने का पानी खत्म हो गया और जहाज में एक छेद हो गया। मरम्मत के लिए सारा सामान किनारे उतार दिया गया। जब जहाज की मरम्मत हो गई। परंतु यात्रा के आरंभ के समय ही अचानक कप्तान की तबीयत खराब हो गई।

कुछ दिन बाद यात्रा आरंभ हुई। मैडागास्कर जलडमरुमध्य तक यात्रा बड़ी आराम से हुई। उस द्वीप के उत्तर की ओर बढ़ते ही एक बड़े तूफान में फँस गए। पहले तो हवा उत्तर से पश्चिम की ओर बहती रही। बीस दिन के बाद हवा पूर्व की ओर बहने लगी। हवा के विरुद्ध जाना संभव नहीं था। तूफानी हवा के सहारे भटकता हुआ जहाज न मालूम कहाँ पहुँच गया। जहाज के सबसे ऊँचे मस्तूल पर बैठे आदमी को अचानक एक दिन जमीन दिखाई दी। कप्तान ने जहाज को किनारे लगा दिया। वह बड़ी अजीब जगह थी।

प्रश्न 9.
‘दानवों के देश में’ कहानी में दानव किसान का व्यवहार गुलिवर के साथ कैसा था? अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर :
‘दानवों के देश में’ कहानी के आरंभ में किसान का व्यवहार गुलिवर के प्रति प्रीति पूर्ण था। वह उसे भला प्राणी समझ कर उसे नुकसान पहुँचाना नहीं चाहता था। उसके खाने-पीने और सुरक्षा की उचित व्यवस्था कर दी। किसान के लायक सादा भोजन देता था। उसे तंग किए जाने पर किसान ने अपने बेटे को भी फटकार लगाई।

किसान उसे अधिक से अधिक आराम देना चाहता था। पर किसान लोभ के कारण गुलिवर को तमाशा का साधन बना लिया। एक दिन में कई बार तमाशा दिखाने पर वह थक कर चूर हो जाता था। मुनाफा कमाने के लालच में उसे बड़े-बड़े शहरों में ले जाने लगा। रोज उसे इतनी मेहनत करनी पड़ती थी कि वह अत्यंत दुबला और कमजोर हो गया। स्थिति ऐसी हो गई कि वह मरने के करीब पहुँच गया। किसान उसके आराम और खाने-पींने का बिल्कुल ख्याल नहीं रखता था।

प्रश्न 10.
‘दानवों के देश में’ गुलिवर का राजमहल में बिताए गए समय का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
उत्तर :
राजमहल में बिताया गया समय गुलिवर की दुखद यात्राओं का सब से अच्छा समय था। किसान के शोषण से उसे मुक्ति मिल गई। गुलिवर ने आदर सहित रानी के प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी कुशलता तथा बुद्धिमत्ता से महारानी तथा महाराज को प्रभावित कर लिया। राजा ने कहा कि इसकी खूब हिफाजत होनी चाहिए और इसके आराम का पूरा इन्तजाम होना चाहिए। महारानी ने उसके साथ हमदर्दी प्रकट की। उसके खाने-पीने, की अच्छी व्यवस्था हुई। सोने तथा सुरक्षा का इन्तजाम किया गया। महारानी तो इतनी खुश थी कि उसके बिना खाना नहीं खाती थी। गुलिवर वहाँ के रोतिरिवाज, व्यवहार सब सीख गया।

राजा तो इतना सम्मान करता था कि एक सम्मानित अतिथि की तरह मिलता था। राजमहल के सभी लोग उसके प्रति स्नेह और आदर का भाव रखते थे। राजमहल में महारानी के एक बौना नौकर से गुलिवर परेशान था। बौना उसे चिढ़ाने की कोशिश करता था। एक दिन तो उसने गुलिवर को दूध में डुबों दिया पर ग्लम के आकार की मक्खियों से परेशान रहता था, लेकिन तलवार से उन्हें मार कर लोगों से प्रशंसा पाता था। मुझे मक्खियों से डरते देख लोग बड़े खुश होते थे। इस प्रकार ‘दानवों के देश में’ राजमहल में गुलिवर का समय आनंदमय था।

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प्रश्न 11.
‘दानवों के देश में’ कहानी में दानव किसान की बेटी का गुलिवर के साथ कैसा व्यवहार था? अपने शब्दों में लिखो।
उत्तर :
कहानी में दानव किसान की बेटी ग्लम नौ साल की कोमल मति बालिका थी। वह अच्छे स्वभाव की लड़की थी। वह दिनभर गुलिवर से खेला करती थी। उसे अपनी भाषा सिखाती थी। वह गुलिवर का बहुत ख्याल रखती थी। इसके कारण ही घर या बाहर का कोई उसे छेड़ नहीं पाता था। दोनों में बड़ी दोस्ती हो गई थी। उसका पिता ने जब गुलिवर को खेल दिखाने के लिए ले जाने का निश्चय किया तो वह रोने लगी।

किसान ने जब उसे तमाशा दिखाने के लिए बाजार ले जाने लगा तो वह भी साथ चलती रही। वहाँ भी गुलिवर के सुख-दुख तथा खान-पान के लिए सचेष्ट रहती थी। गुलिवर के कहने पर उसे डिब्बे से बाहर निकाल कर हवा में घुमाती थी। वास्तव में पवित्र दिल की बालिका बिना स्वार्थ के गुलिवर के प्रति हमदर्दी रखती तथा उसके सुख के प्रयत्न करती। गुलिवर के प्रस्ताव को मानकर रानी ने ग्लम को भी रख लिया।

इस प्रकार गुलिवर के प्रति स्नेह तथा आत्मीयता के कारण ही बिना किसी लाभ और लोभ के वह लड़की अपना घर परिवार छोड़कर गुलिवर के साथ रहने को राजी हो गई। समुद्र की हवा खाने के लिए जाते समय भावी वियोग की आशंका सं ग्लम की आँखों में आँसू आ गए। वह गुलिवर के राजमहल से स्वदेश जाने की गुप्त योजना को जानते हुए भी मौन रही, किसी को नहीं बतलाया। इस प्रकार गुलिवर के साथ किसान की बेटी का व्यवहार अत्यंत आत्मीयता पूर्ण था।

WBBSE Class 7 Hindi गुलिवर की यात्राएँ Summary

पाठ का सारांश :

अंग्रेजी साहित्य के सुप्रसिद्ध रचनाकार जोनाथन स्विफ्ट रचित गुलिवर की यात्राएँ (गुलिवर ट्रवेल्स) अंग्रेजी साहित्य की प्रसिद्ध रचना है। यह एक काल्पनिक कथा पर आधारित है। गुलिवर द्वारा एक जहाज पर यात्रा से कथा का आरंभ होता है। पूरी कथा अत्यंत रोचक, रोमांचक तथा आश्चर्यजनक है।

गुलिवर ने ‘एण्टीलोप’ नामक जहाज पर अन्य यात्रियों के साथ यात्रा शुरू की। आरंभ में दिन बड़े मजे में बीतें। एक बार दक्षिण सागर से आगे बढ़ने पर जहाज एक चद्टान से टकरा गया। जहाज के दो टुकड़े हो जाने से पहले ही गुलिवर अपने छ: साथियों के साथ एक छोटी सी नाव में निकल भागा। पुन: तूफान से नाव उलट गई, परंतु वह तैरते-तैरते किनारे पहुँच गया। थकान के कारण वह लेट गया। नींद खुली तो सबेरा हो गया था।

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अनचाहे ही वह लिलिपुट द्वीप में अजीबोगरीब बौने लोगों के बीच था। बहुत सारे बौने मिलकर गुलिवर को कैद कर लिए। लिलिपुट के बादशाह को खबर मिली तो वह उसे राजधानी में लाने की आज्ञा दी। समझदार बादशाह ने गुलिवर के खान-पान की अच्छी व्यवस्था की। राजा की व्यवस्था से गुलिवर ने थोड़ी-थोड़ी उनकी भाषा भी सीख ली। फिर राजा ने अपने वजीर तथा कप्तान से स्वीकृति लेकर गुलिवर को जंजीरे खोल रिहा कर दिया गया।

लिलिपुट के उत्तर पूर्व में ब्लेफुस्कू साम्राज्य स्थित था दोनों देशों के बीच छिड़े युद्ध में गुलिवर ने लिलिपुट के राजा की सहायता की। फलस्वरूप वह राजा का विश्चास पात्र बन गया। लेकिन कुछ दरबारी दरबार में मेरे खिलाफ षड़यंत्र रचने लगे। ब्लेफुस्कू के राजा के निमंत्रण पर गुलिवर वहाँ के राजा के दरबार में पहुँचा राजा तथा दरबारियों ने गुलिवर का खूब स्वागत किया। राजा ने मुझे अपने देश जाने की इजाजत भी दे दी। राजा और वहाँ के निवासियों के सहयोग से एक नाव तैयार करने में मैं सफल हो गया। एक दिन सबेरे ही गुलिवर अपने देश के लिए रवाना हुआ। अपने देश जा रहे एक जहाज के कप्तान ने मेरी नाव को समुद्र में थपेड़े खाते देख अपने जहाज पर चढ़ा लिया। कई दिनों की यात्रा के बाद हमारा जहाज इंग्लैंड के किनारे लगा। इस प्रकार लिलिपुट की रोमांचक यात्रा समाप्त हुई।

दो महीने बाद गुलिवर को ‘एडवेंचर’ नामक जहाज में काम मिल गया। जहाज हिन्दुस्तान के लिए रवाना हुआ। लेकिन जहाज एक बड़े तूफान में फँस गया बड़ी मुश्किल से जहाज एक बड़ी अजीब जगह किनारे पर लगा। पानी की तलाश में गुलिवर कुछ दूर तक भटकता रहा। फिर लौट कर समुद्र के किनारे आया तो देखा कि उसके साथी नाव में बैठ कर तेजी से जहाज को बढ़ा रहे हैं। उसने देखा कि एक बहुत बड़ा आदमी पैदल ही उसका पीछा कर रहा है।

अब गुलिवर अकेला रह गया और जान बचाने के लिए उल्टे पैरों भागा। वह एक ऊँची पहाड़ी पर चढ़ कर देख़ा कि वहां विशाल आकारप्रकार के दैत्याकार थे अन्त में वह एक किसान के हाथ लगा। किसान देखकर समझ गया कि यह कोई भला प्राणी है इसलिए इसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए। अपने घर किसान ने गुलिवर के खाने-पीने तथा सुरक्षा की उचित व्यवस्था की। किसान की बेटी ग्लम उससे काफी स्नेह रखती थी। किसान उसे अधिक से अधिक आराम देना चाहता था। किसान की लड़की उसे अपनी भाषा भी सिखाती थी। उसे कोई तकलीफ नहीं होने देती थी।

गुलिवर भी उसका आदर करता था कुछ दिन के बाद किसान ने पड़ोसी की राय से बाजार में ले जाकर उसे तमाशा के रुप में दिखा कर पैसे कमाने लगा। उसे लेकर शहरों का चक्कर लगाने लगा। तमाशा दिखाते-दिखाते वह थक कर चूर हो जाता था। वह बेहद् कमजोर हो गया एक दिन महारानी ने खेल देखने के लिए बुला भेजा। गुलिवर अपने व्यवहार से रानी को खुश कर दिया। अन्त में रानी ने एक हजार सोने की मोहरें देकर किसान से उसकी बेटी के साथ गुलिवर को खरीद लिया। राजा ने उसकी खूब हिफाजत तथा आराम की व्यवस्था के लिए सहेजा। रानी तो उसके बिना खाना नहीं खाती थी। ग्लम उसे राजमहल में घुमाती रहती थी। अब उसके दिन बड़े आनंद से बीतने लगे राजा भी उसका बड़ा सम्मान करता था।

गुलिवर उनके रीतिरिवाज व्यवहार, बोलचाल दरबारो संस्कृति सब सीख लिया। राजा और रानी अपने राज्य का दौरा करते समय समुद्र के किनारे अपने एक महल में पहुँचे। गुलिवर और ग्लम दोनों साथ थे। गुलिवर ने समुद्र के किनारे की हवा खाने की इच्छा प्रकट की। एक नौकर मुझे डिब्बे में लेकर गया और समुद्र के किनारे रखकर स्वयं खेलने लगा। एक बड़े-आकार का बाज डिब्बे को लेकर उड़ने लगा। दूसरे बाजों के छिना झपटी में डिब्बा पानी पर गिर गया।

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इंग्लैंड का एक जहाज वहाँ से आगे बढ़ रहा था । जहाज के मल्लाहों ने डिब्बे को तथा उसमें बंद गुलिवर को देख लिया। उसे बचाकर अपनी जहाज में बैठा लिया। जहाज के कप्तान ने मेरी सारी दास्तान सुनकर मेरा सत्कार किया। इस प्रकार गुलिवर दैत्यों के देश से अपने घर वापस पहुँचा। उसने ईश्चर को धन्यवाद दिया। भविष्य में अब लम्बी यात्रा के लिए न जाने का निश्चय किया।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 पापा खो गए

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WBBSE Class 7 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 Question Answer – पापा खो गए

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए-

प्रश्न 1.
खंभा अपनी तबीयत को किसका बना कहता है?
(क) लकड़ी का
(ख) लोहे का
(ग) पीतल का
(घ) अल्यूमिनियम का
उत्तर :
(ख) लोहे का

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प्रश्न 2.
लाल ताऊ किसे कहा गया है?
(क) पेड़ को
(ख) खंभे को
(ग) लेटर बाक्स को
(घ) कौआ को
उत्तर :
(ग) लेटर बाक्स को

प्रश्न 3.
सभी वस्तुएँ छोटी लड़की को क्या करती है?
(क) निरीक्षण
(ख) संरक्षण
(ग) आरक्षण
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर :
(ख) संरक्षण

प्रश्न 4.
“पापा खो गए'” किसकी रचना है ?
(क) इरफान हबीब
(ख) विजय तेंदुलकर
(ग) लक्ष्मीनारायण लाल
(घ) विष्यु प्रभाकर
उत्तर :
(ख) विजय तेंदुलकर

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प्रश्न 5.
‘पापा खो गए” ‘ किस विधा की रचना है ?
(क) कहानी
(ख) नाटक
(ग) एकांकी
(घ) उपन्यास
उत्तर :
(ग) एकांकी

प्रश्न 6.
विजय तेंदुलकर का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1925 में
(ख) सन् 1926 में
(ग) सन् 1927 में
(घ) सन्. 1928 में
उत्तर :
(घ) सन् 1928 में

प्रश्न 7.
खंभे ने पेड़ को अभिवादन कैसे किया ?
(क) राम राम राम!
(ख) नमस्कार
(ग) नमस्ते
(घ) जय श्री राम
उत्तर :
(क) राम राम राम!

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प्रश्न 8.
पेड़ के अनुसार आजकल रात कैसी होती है ?
(क) आंददायक
(ख) शांत
(ग) बोरियत से भरी
(घ) उत्तेजक
उत्तर :
(ग) बोरियत से भरी

प्रश्न 9.
यहाँ पर सबसे पुराना कौन है ?
(क) पेड़
(ख) खंभा
(ग) लेटरबाक्स
(घ) कौआ
उत्तर :
(क) पेड़

प्रश्न 10.
दोहा कौन गुनगुनाता रहता है ?
(क) पेड़
(ख) खंभा
(ग) लेटरबाक्स
(घ) कौआ
उत्तर :
(ग) लेटरबक्स

प्रश्न 11.
आदमी कौन है ?
(क) राहगीर
(ख) बच्चा उठानेवाला
(ग) पुलिस
(घ) डॉक्टर
उत्तर :
(ख) बच्चा उठानेवाला

प्रश्न 12.
कौआ को कौन जगाता है ?
(क) पेड़
(ख) लेटरबाक्स
(ग) राहगीर
(घ) खंभा
उत्तर :
(क) पेड़

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प्रश्न 13.
कौन झुक पाने में असमर्थ है ?
(क) पेड़
(ख) लेटरबाक्स
(ग) कौआ
(घ) खंभा
उत्तर :
(घ) खंभा

प्रश्न 14.
बार-बार कौन नाचता है ?
(क) कौआ
(ख) लेटरबाक्स
(ग) खंभा
(घ) पोस्टर पर बनी नृत्यांगना
उत्तर :
(घ) पोस्टर पर बनी नृत्यांगना

प्रश्न 15.
किसने कहा मुझे डर लग रहा है ?
(क) लेटरबाक्स
(ख) लड़की
(ग) पेड़
(ग) खंभा
उत्तर :
(ख) लड़की

प्रश्न 16.
कौन भजन की एक लाइन गाता है ?
(क) लेटरबाक्स
(ख) लड़की
(ग) कौआ
(घ) पेड़
उत्तर :
(क) लेटरबाक्स

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प्रश्न 17.
किससे बिलकुल बैठा नहीं जाता ?
(क) लड़की
(ख) पेड़
(ग) खंभा
(घ) लेटरबाक्स
उत्तर :
(ग) खंभा

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

प्रश्न 1.
पेड़ किसका कोट पहनता है?
उत्तर :
पेड़ अपने पत्तों का कोट पहनता है।

प्रश्न 2.
पेड़ को रात में बोरियत क्यों होती है?
उत्तर :
पेड़ को रात में बोरियत होती है, क्योंकि रातें जल्दी बीतने में ही नहीं आती। कभी-कभी आसमान से बिजली भी गिरती है। बारिश में वह भयभीत होकर रातें बिताता है।

प्रश्न 3.
परीक्षित लड़के को क्या अच्छा लगता है?
उत्तर :
कक्षा की पढ़ाई में परीक्षित का ध्यान बिल्कुल नहीं रहता। उसे कक्षा से गायब रहकर खेलना ज्यादा अच्छा लगता है।

प्रश्न 4.
घुँघरुओं की आवाज कब होती है?
उत्तर :
पोस्टर पर बनी नाचने वाली का संतुलन जब बिगड़ जाता है तब घुँचरुओं की आवाज होती है।

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प्रश्न 5.
नाटक में सभी पात्रों ने लड़की को दुष्ट आदमी से कैसे बचाया?
उत्तर :
नाटक में सम नाटक के सभी पात्र सरकते-सरकते उस दुष्ट आदमी के रास्ते में आकर लड़की की रक्षा करने लगते हैं। लड़की दुष्ट आदमी के हाथ नहीं लगती। तभी कौआ, खंभा, पेड़, लेटर बाक्स सभी भूत-भूत चिल्लाने लगते हैं। वह आदमी घबराकर भाग जाता है। इस प्रकार सभी पात्रों लड़की को बचाया।

प्रश्न 6.
लेटरबाक्स चिट्ठियाँ क्यों पढ़ता है ?
उत्तर :
लेटरबाक्स अपनी बोरियत दूर करने के लिए दूसरों की चिट्वियाँ पढ़ता है।

प्रश्न 7.
आदमी किसे लेकर आया है ?
उत्तर :
आदमी एक छोटी सी लड़की को उठाकर (अपहरण करके) लाया है।

प्रश्न 8.
आदमी थोड़ी देर के लिए लड़की को रखकर कहाँ चला जाता है ?
उत्तर :
आदमी को बहुत जोर की भूख लगी है, इसी कारण वह भोजन की तलाश में जाता है।

प्रश्न 9.
दिन कैसे बीत जाता है ?
उत्तर :
दिन जैसे-तैसे हड़बड़ी में बीत जाता है।

प्रश्न 10.
लड़की आदमी से घबड़ाकर कहाँ छिप जाती है ?
उत्तर :
लड़की आदमी से घबड़ाकर पेड़ के पीछे छिप जाती है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 पापा खो गए

प्रश्न 11.
लेटरबाक्स के अनुसार छोटी लड़की को क्या मालूम नहीं है ?
उत्तर :
उसे अपने घर का पता-ठिकाना ही नहीं मालूम, अपनी गली का नाम तक नहीं बता सकती । उस बेचारी को अपने पापा का नाम भी नहीं मालूम।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

प्रश्न 1.
पेड़ और खंभे में किस प्रकार की दोस्ती हुई?
उत्तर :
एक दिन आँधी-पानी में खंभा पेड़ के ऊपर गिरा, पर पेड़ खड़ा था। इसलिए कुछ संभल गया। पेड़ ने खंभे को ऊपर ही ऊपर झेल लिया। यद्यापि पेड़ भी जखी हो गया। इस प्रकार खंभे का घमंड खत्म हो गया और दोनों में दोस्ती हो गई।

प्रश्न 2.
लेटर बाक्स हेडमास्टर होने की इच्छा क्यों प्रकट करता है?
उत्तर :
लेटर बाक्स हेडमास्टर के पत्र को पढ़कर सोचने लगता है कि कितनी मेहनत करके पापा लोग फीस देते हैं। पर बच्चे कक्षा में गायब रहकर बंटे खेलते हैं, यह बिल्कुल अनुचित है। अतः परीक्षित जैसे लड़कों के होश ठिकाने लगाने के लिए लेटर बाक्स हेडमास्टर होने की इच्छा प्रकट करता है।

प्रश्न 3.
नाटक में आप किसे सबसे अधिक बुद्धिमान पात्र समझते हैं और क्यों?
उत्तर :
नाटक में सबसे अधिक बुद्धिमान पात्र कौआ को समझा जा सकता है। कौआ सबसे अधिक समझदार है। वह सभी पात्रों को संकेत से उचित निर्देश देता है। लड़की को बचाने और दुष्ट आदमी को भगाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कौआ ही पेड़ तथा खंभे को निर्देश देता है कि पेड़ लड़की पर घनी छाया करता रहे, खंभा टेढ़ा होकर खड़ा रहे। पुलिस दुर्घटना समझकर आएगी और लड़की के घर का पता लगाएगी। लेटर बाक्स को भी वह पापा खो गए हैं, लिखवाता है और घोषणा कराता है कि जिसे बच्ची के पापा मिल जाए यहाँ ले आए। इस प्रकार कौए की बुद्धिमानी से बच्ची बच सकी।

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प्रश्न 4.
लड़की के पापा का पता लगाने के लिए सभी पात्रों ने क्या किया?
उत्तर :
कौआ की योजना के अनुसार पेड़ ने लड़की पर घनी छाया की। खंभा टेढ़ा होकर खड़ा हो गया। पुलिस इसे दुर्घटना समझकर आएगी और लड़की के घर का पता लगाकर उसके घर पहुँचा देगी। कौआ काँव-काँव करता रहेगा। पुलिस के आने पर योजना के अनुसार लेटर बाक्स सिनेमा के पोस्टर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा- पापा खो गए हैं। लेटर बाक्स बोलने लगा कि यदि किसी को इस बच्ची के पापा मिल जाएँ तो उन्हें तुरंत यहाँ ले आइए।

यथानिर्देश उत्तर दीजिए।

(क) ‘अंग थर-थर काँपने लगते हैं।’

प्रश्न 1.
यह किसने किससे कहा?
उत्तर :
यह पेड़ ने खंभा से कहा।

प्रश्न 2.
वक्ता के अंग क्यों थर-थर काँपने लगते हैं?
उत्तर :
एक रात आसमान से वक्ता पेड़ पर बिजली आकर पड़ी थी। बिजली जहाँ गिरी थी वहाँ गहरा गड्डा पड़ गया। जब कभी बारिश होती है तो उसे उस रात की याद आती है। याद आते ही उसका दिल धक-धक करने लगता है और अंग थर-थर काँपने लगते हैं।

(ख) ‘इसीलिए तो मुझे अपना बहुत महत्व लगता है।’

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्धत है? इसके लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
यह पंक्ति ‘पापा खो गए’ पाठ से उद्धृत है। इसके लेखक का नाम विजय तेंदुलकर है।

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प्रश्न 2.
किसे अपना महत्व लगता है और क्यों?
उत्तर :
लेटर बाक्स को अपना महत्व लगता है। वह किसी की चिट्ठी अपने पास नहीं रंखता। जिसकी होती है उसे मिल जाती है। किसी की गुप्त बातें बाहर नहीं निकलने देता है। वह उसी तक रहती है। इसी कारण उसे अपना महत्व लगता है।

भाषा-बोध

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग एवं मूल शब्द पृथक कीजिए।

  • बेहोशी – बे + होशी
  • निर्जीव – नि:(निर) + जीव
  • संरक्षण – सम् + रक्षण

2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक कीजिए।

  • बहाव – बह + आव
  • अकेलापन – अकेला + पन
  • नाचनेवाली – नाचने + वाली
  • भनभनाहट – भनभन + आहट
  • पढ़ाई – पढ़ + आई

3. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

  • समुद्र – सागर, जलधि, रत्नाकार
  • बिजली – चंचला, चपला, विद्युत
  • औरत – स्त्री, नारी, महिला
  • हवा – वायु, पवन, समीर
  • रात – निशा, रजनी, रात्रि
  • आसमान – नभ, गगन, आकाश

4. निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए :

  • गुप्त – प्रकट
  • जल्दी – देरी
  • बुरा – भला
  • दुष्ट – सज्जन
  • स्वीकृति – अस्वीकृति

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5. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • तबीयत – बरसात में भींगने से तबीयत खराब हो जाती है।
  • तकलीफ – किसी अपाहिज को देखकर तकलीफ होती है।
  • संतुलन – कभी-कभी नाचने वाली का संतुलन बिगड़ जाता है।
  • हैरान – उसकी बेढंगी बातें सुनकर मैं हैरान रह गया।

WBBSE Class 7 Hindi पापा खो गए Summary

जीवन-परिचय 

श्री तेंदुलकर का जन्म 1928 ई॰ में महाराष्ट्र प्रदेश के कोल्हापुर जनपद में हुआ था। इनकी प्रमुख रचनाएँ घासीराम कोतवाल, निशांत, मंथन, सिंहासन, अर्धसत्य, माझी बहिन आदि हैं। सन् 1984 ई० में उन्हें ‘पदभूषण’ से सम्मनित किया गया। सन् 2008 ई० में इनका देहावसान हो गया।

एकांकी का सारांश

रात के समय समुद्र के आगे लड़की के सामने फुटपाथ पर एक बिजली का खंभा, एक पेड़ तथा एक लेटर बाक्स हैं। दूसरी ओर धीमे प्रकाश में एक सिनेमा के पोस्टर पर नाचनेवाली एक औरत की आकृति दिखाई पड़ती है। खंभा और पेड़ आपस में बातचीत करते है। खंभा बरसात की रातों में तकलीफ का वर्णन करता है।

पेड़ भी एक रात में बिजली के गिरने की आफत का जिक्र करता है। लोहे के होने के कारण खंभा कभी बीमार नहीं पड़ता। पेड़ पत्तों का कोट पहनकर सरदी, बारिश, धूप में तकलीफ से बचता है। पेड़ बतलाता है कि उसका जन्म तब हुआ था, जब वहाँ सड़क, ऊँचे घर, सिनेमा का पोस्टर कुछ नहीं था। एक दिन आँधी पानी में खंभा पेड़ के ऊपर आ पड़ा। पेड़ ने उसे अपने ऊपर झेल लिया।

उसी दिन से दोनो में दोस्ती हो गई। लेटर बाक्स मीठी आवाज में कुछ गाता है। वह किसी की चिट्ठी पढ़ने लगता है। किसी हेडमास्टर ने एक अभिभावक को उसके लड़के परीक्षित की पढ़ाई में कमजोरी का और कक्षा से गायब रहने की शिकायती पत्र लिखा था। खंभा और पेड़ दोनों किसी का पत्र पढ़ना उचित नहीं समझते। पर लेटर बाक्स मन बहलाने के लिए चिट्ठियाँ पढ़ लेता है। किसी की गुप्त बातें वह अपने मन में ही रखता है।

उसी समय एक बच्चा चोर दुष्ट आदमी कहीं से एक लड़की को चुराकर लाता है और वहीं सुला देता है। फिर वह कहीं से कुछ खाना लाने के लिए चला जाता है। खंभा, पेड़, लेटर बाक्स तथा कौआ सभी आपस में इसकी चर्चा करते हैं। प्यारी सी बच्ची बेहोशी की दवा के कारण सोती रही। वे सोच रहे थे कि अभी वह दुष्ट आदमी आ जाएगा तो इस बच्ची का क्या होगा। बच्ची अब कुछ जग गई। पेड़, खंभा, लेटर बाक्स और कौआ एक दूसरे से बातें करने लगे। वे बच्चे चुराने वाले के काम की निंदा करते हैं। लड़की इनकी बातें सुनकर इनके पास जाकर खड़ी हो जाती है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 पापा खो गए

सभी एकदम चुप हो जाते हैं। लड़की को लगा कि वह सपना देख रही थी। वह अपने पापा, मम्मी को खोजती है और डरने लगती है। लैटर बाक्स उससे बात करने लगता है। लड़की बतलाती है कि उसका घर एक सड़क पर एक गली में है, पर उसे सड़क या गली का नाम नहीं मालूम। उसके पूछने पर भी लड़की अपना पता नहीं बता पाती।

लेटर बाक्स ने बतलाया कि हम सभी अकेले में बातें करते हैं। पर व्यक्ति सोचता है कि भूत सब करते हैं। लड़की को मजा आने लगा, वह हँसने लगती है। लड़की सभी को बैठने के लिए कहती है। बड़े यत्न से खंभा भी बैठ पाता है। पोस्टर पर नाचने वाली लड़की को देखकर यह लड़की भी नाचने लगती है।

खंभा और पेड़ ने स्पष्ट किया कि अभी वह दुष्ट आदमी आ जाएग। इस लड़की को अभी ले जाएगा। इसलिए हम लोगों को कोई उपाय करना है। तभी वह दुष्ट आदमी आ जाता है। लड़की पेड़ के पीछे छिप जाती है। वह आदमी लड़की को खोजने लगाता है। वह लपक कर लड़की को ढूँढने लगता है। लड़की बचने का प्रयत्म करती है।

सभी वस्तुएँ उसके रास्ते में आकर लड़की का संरक्षण करने लगती हैं। लड़की उस दुष्ट आदमी के हाथ नहीं लगती। तभी कौआ चिल्लाता है। पेड़, खंभा, लेटर बाक्स नाचते हुए चिल्लाने लगते हैं। कौआ, खंभा, भूत की आवाज लगाते हैं। तीनों जोर से चिल्लाते हैं। इसी बीच भूत-भूत करता हुआ वह दुष्ट आदमी घबराकर भाग जाता है।

इसी बीच सभी लड़की को ढूँढने लगते हैं। सोचते हैं कि कहीं वह दुष्ट आदमी उसे ले तो नहीं गया। तभी नाचनेवाली के पीछे से लड़की धीरे से झाँकती है। सभी उसे पकड़ने को दौड़ते हैं। आखिर कौआं उसे पकड़ता है। थकी हुई लड़की सो जाती है। वे सभी सोचते हैं कि जागने पर लड़की कहाँ जाएगी। उसे अपना पता-ठिकाना मालूम नहीं। पापा का नाम भी नहीं बता पांती। कौआ बोला कि हम सब मिलकर इसको पापा से मिलवा सकते हैं।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 पापा खो गए

कौआ तरकीब बतलाई कि सुबह पेड़ उस पर अपनी घनी छाया करे, खंभा थोड़ा टेढ़ा होकर खड़ा रहे, पुलिस इसे दुर्घटना समझकर इसके घर का पता लगाएगी। कौआ काँव-काँव कर लोगों का ध्यान इधर खींचेगा। सुबह होता है। खंभा अपनी जगह पर टेढ़ा होकर खड़ा है। पेड़ उस लड़की पर छाया किए हुए है। कौए की काँव-काँव की आवाज सुनाई दे रही है। सिनेमा के पोस्टर पर बड़ेबड़े अक्षरों में लिखा है, पापा खो गए हैं। लेटर बाक्स धीरे-धीरे सरकता हुआ प्रेक्षकों की ओर आता है। लेटर बाक्स ने यह घोषणा की कि मैं लाल ताऊ बोल रहा हूँ। आप में से किसी को अगर हमारी प्यारी सी बच्ची के पापा मिल जाएँ तो उन्हें तुरंत यहाँ ले आइएगा।

शब्दार्थ :

  • हड़बडी – उतावलापन
  • बोरियत – मनहूसी
  • गरूर – गर्व, घमंड
  • कर्कश – कठोर, कदु
  • नासपीटा – दुष्ट, नीच
  • भंगिमा – टेढ़ापन
  • शोक ग्रस्त – दुःखी, पीड़ित
  • प्रेक्षक-दर्शक, देखने वाला
  • एक्सीडेंट – दुर्घटना
  • संतुलन – मानसिक शांति
  • निस्तब्ध – निश्चेष्ट
  • आकृति – आकार
  • आफत – मुसीबत
  • फोकट – मुफ्त
  • मुमकिन – संभव
  • निर्जीव – बेजान
  • संरक्षण- रक्षा करना, बचाव
  • स्वीकृति – सहमति
  • आड़ा – तिरछा, टेढ़ा
  • व्याकुल – बेचैन
  • नाक काटना – बेइज्जत होना
  • गण् – इधर-उधर की बातें

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 8 कामचोर to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 Question Answer – कामचोर

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए।

प्रश्न 1.
वाद-विवाद के बाद तय हुआ कि :
(क) नौकरों को आराम करने दिया जाय
(ख) नौकरों को निकाल दिया जाय
(ग) नौकरों को बहाल किया जाय
(घ) नौकरों का वेतन रोक दिया जाय
उत्तर :
(ख) नौकरों को निकाल दिया जाय।

प्रश्न 2.
तूफान गुजरने के बाद पता चला कि:
(क) प्याले टूट गए
(ख) प्याले भरे हुए हैं
(ग) प्याले खाली हैं
(घ) प्याले गायब हैं
उत्तर :
(ग) प्याले खाली हैं

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

प्रश्न 3.
भैंस के पिछले दो पैर कहाँ बाँधे गए।
(क) खूँट से
(ख) पेड़ के तने से
(ग) बिजली के खंभे से
(घ) चाचा जी की चारपाई के पायों से
उत्तर :
(घ) चाचा जी की चारपाई के पायों से।

प्रश्न 4.
इस्मत चुगताई का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1905
(ख) सन् 1915
(ग) सन् 1925
(घ) सन् 1935
उत्तर :
(ख) सन् 1915

प्रश्न 5.
बगल के बंगले से बुलाये गये नौकरों ने बच्चों को नहलाने के लिए कितने पैसे लिए ?
(क) एक आना प्रति बच्चा
(ख) दो आना प्रति बच्चा
(ग) तीन आना प्रति बच्चा
(घ) चार आना प्रति बच्चा
उत्तर :
(घ) चार आना प्रति बच्चा

प्रश्न 6.
सफाई और पेड़ों की देखभाल से हारकर बच्चों ने कौन-सा काम शुरू किया ?
(क) भैंसों को दूध दूहने का काम
(ख) मुर्गियों को बंद करने का काम
(ग) भेड़ों को दाना खिलाने का काम
(घ) पढ़ाई करने का काम
उत्तर :
(ख) मुर्गियों को बंद करने का काम

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

प्रश्न 7.
अब्बा ने अंत में बच्चों के साथ क्या करने का फैसला किया ?
(क) उनका विद्यालय में दाखिला कराने का
(ख) उनका कोर्ट मार्शल करने का
(ग) उनको घर में बंद करने का
(घ) उन्हें घर से बाहर कर देने का
उत्तर :
(ख) उनका कोर्ट मार्शल करने का

प्रश्न 8.
किसने सिर पीट लिया ?
(क) अब्बा ने
(ख) अम्मा ने
(ग) नौकर ने
(घ) बुजुर्ग ने
उत्तर :
(ख) अम्मा ने

प्रश्न 9.
तख्त पर क्या फैला हुआ था ?
(क) साड़ी
(ख) शर्ट
(ग) दुपट्टा
(घ) धोती
उत्तर :
(ग) दुपट्टा

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

प्रश्न 10.
कौन पलंग पर दुपट्टे से मुहँ ढांके सो रही थी ?
(क) हज्जन माँ
(ख) बानी दीदी
(ग) चंपा
(घ) मल्मा
उत्तर :
(क) हज्जन माँ

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
किन्हें कामचोर कहा गया है?
उत्तर :
घर के नौकरों को कामचोर कहा गया है।

प्रश्न 2.
बच्चों को क्या धमकी मिली?
उत्तर :
बच्चों को यह धमकी मिली कि यदि वे काम नहीं करते तो उन्हें रात का खाना नहीं मिलेगा।

प्रश्न 3.
शाही फरमान जारी होने का क्या अर्थ है?
उत्तर :
शाही फरमान जारी होने का अर्थ है ऐसा आदेश जिसका पालन करना जरूरी है। ऐसे फरमान की अनदेखी नहीं हो सकती।

प्रश्न 4.
‘फौज मैदान में हथियार फेंक कर पीठ दिखा गई’ – इस पंक्ति में पीठ दिखाने का क्या अर्थ है?
उत्तर :
पीठ दिखाने का अर्थ है – अपनी हार मान लेना। यहाँ घर के बच्चों की हार के विषय में कहा गया है। बच्चे जल पर घमासान करने लगे, पर घर के बड़े लोगों के पहुँचने पर चल दिए।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

प्रश्न 5.
नानी अम्मा के सफेद दूध जैसी चादर पर कैसी छाप पड़ी।
उत्तर :
नानी अम्मा के सफेद चादर पर कत्थे-चूने में लुथड़े हुए पंजे लेकर एक मुर्गी के उस पर कूदने से छाप पड़ी।

प्रश्न 6.
किन्हें कामचोर कहा गया है ?
उत्तर :
नौकरों को कामचोर कहा गया है।

प्रश्न 7.
बच्चों में सबसे पहला घमासान युद्ध कहाँ हुआ ?
उत्तर :
बच्चों में सबसे पहला घमासान युद्ध पानी के मटकों के पास हुआ।

प्रश्न 8.
दरी को झाड़ने और पीटने पर घर की स्थिति कैसी हो गई ?
उत्तर :
दरी को झाड़ने-पीटने के बाद सारा घर धूल से पट गया।

प्रश्न 9.
भेड़ को चोट क्यों नहीं लगती है ?
उत्तर :
भेड़ के शरीर के त्वचा के ऊपर रूई की तह एक मोटा आवरण है, जिसके कारण उसे चोट नहीं लगती है।

प्रश्न 10.
अब्बा ने आखिर में बच्चों के साथ क्या किया ?
उत्तर :
अब्बा ने आखिर में बच्चों को एक कतार में खड़ा करके सबका कोर्ट मार्शल कर दिया।

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प्रश्न 11.
अंत में बच्चों ने क्या निर्णय लिया ?
उत्तर :
अंत में बच्चों ने निर्णय लिया कि वे घर का कोई काम नहीं करेंगे, यहाँ तक कि हिलकर पानी भी नहीं पिएँगे।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
आरिए में मोटे किस काम के हैं। किनके बारे में कहा गया है और क्यों?
उत्तर :
यह उक्ति घर के नौकरों के बारे में कही गई है, क्योंकि वे कामचोर है। हिलकर पानी नहीं पीते। इनहें अपना काम खुद करने की आदत होनी चाहिए।

प्रश्न 2.
अम्मा आगरा जाने के लिए सामान क्यों बाँधने लगी ?
उत्तर :
अब्बा ने घर के बच्चों को काम करने के लिए कह दिया। बच्चे काम करने के साथ उत्पात मचाने लगे। घर में तूफान उठ खड़ा हो गया। इस बच्या राज से घर की इस अव्यवस्था को देखकर अम्मा आगरा जाने के लिए सामान बाँधने लगी।

प्रश्न 3.
बच्चों ने घर की क्या दुर्दशा की ?
उत्तर :
बच्चों ने सर्वपथम सफाई के लिए झाडु के सींके अलग कर दिया। पानी छिड़क कर धूल को कीचड़ बना दिया। नल पर आपस में मारपीट भी करने लगे। मुर्गियों को हाँकने लगे तो मुर्गियाँ दौड़-दौड़ कर उत्पात मचाने लगी। घर को गंदा करने लगी। भेड़े भी दौड़-दौड़कर अव्यवस्था फैला दी। भैंसे भी भागने लगी। घर में तूफान खड़ा हो गया। सारे घर में मुर्गियाँ, भेड़े, दूटे हुए तसले, बालटियाँ, लोटे तथा बच्चे ही नजर आ रहे थे। इस प्रकार बच्चों ने घर की दुर्दशा कर डाली।

प्रश्न 4.
कामचोर कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
कामचोर कहानी में लेखिका ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के उत्पाती होने की वजह है बच्चों के उचित शिक्षादीक्षा तथा दिशा निर्देश का अभाव। बच्चों के उत्पाती होने से घर-परिवार अव्यवस्थित हो जाता है। माता-पिता को भौ कष्ट होता है। अत: घर के अभिभावक को बच्चों के मनोविज्ञान को समझकर उचित दिशा-निर्देश देना चाहिए। बिना सोचे-समझे बच्चो पर आदेश नहीं थोपना चाहिए।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

प्रश्न 5.
‘अब चाहे कुछ भी हो जाए, हिलकर पानी भी नहीं पीयेंगे।’ बच्चों के इस निर्णय से आप सहमत हैं या असहमत। अपना विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर :
बच्चों के इस निर्णय से सहमत होने का प्रश्न नहीं उठता। बच्चों को सदा बड़ों की, माता-पिता की आज्ञा तथा दिशा-निर्देश का पालन करना चाहिए। उन्हे बिल्कुल आलसी तथा काहिल भी नहीं होना चाहिए।

निर्देशानुसार उत्तर दीजिये।

(क) ‘ऐे हे खुदा के लिए नहीं। घर में बाढ़ आ जाएगी।’

प्रश्न 1.
यह किसका कथन है? और कब कहा गया है?
उत्तर :
यह अम्मा का कथन है। यह कथन उस समय कहा गया जब अब्या ने बच्चों को काम करने के लिए कहा।

प्रश्न 2.
वक्ता के ऐसा कहने का कारण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
वक्ता इसलिए कहा है कि यदि सभी बच्चे मिलकर फर्श की धुलाई तथा पेड़ों की सिंचाई करेंगे तो घर में बाढ़ आ जाएगी, अर्थात् सब जगह बिना व्यवस्था के पानी ही हो जाएगा।

(ख) हमलोगों को तुरंत आंगन में निकाला गया ।

प्रश्न 1.
इस पंक्ति के लेखक और पाठ का नाम लिखिए।
उत्तर :
इस पंक्ति की लेखिका इस्मत चुगताई हैं। इस पाठ का नाम कामचोर है।

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प्रश्न 2.
बच्चों को आँगन में क्यों निकाला गया?
उत्तर :
बच्चे फर्श पर बिछी दरी को झाड़ने-पीटने लगे। सारा घर धूल से भर गया। खांसते-खांसते सब बेदम हो गए। सब के सिरों, नाकों तथा आँखों में धूल घुस गई। सब का बुरा हाल हो गया। इस कारण बच्चों को आँगन में निकाला गया।

(ग) ‘या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।’

प्रश्न 1.
यह किसका कथन है?
उत्तर :
यह कथन अम्मा का है।

प्रश्न 2.
वक्ता के ऐसा कहने का क्या परिणाम हुआ?
उत्तर :
वक्ता के ऐसा कहने का परिणाम यह हुआ कि अब्बा ने सभी बच्चों को कतार में खड़ा कर उन्हें सख्त आदेश दिया कि यदि किसी बच्चे ने घर की किसी चीज को हाथ लगाया तो बस रात का खाना बंद हो जाएगा।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग एवं मूल शब्द पृथक कीजिए :

  • बेदम – बे + दम
  • बेनकेल – बे + नकेल
  • लापरवाह – ला + परवाह
  • बेधुली – बे + धुली

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • सुराहियाँ – सुराही + याँ (इयाँ)
  • बालटियाँ – बालटी + याँ (इयाँ)
  • दमदार – दम + दार
  • फड़फड़ाती – फड़फड़ + ती
  • लुढ़कती-लुढ़क + ती

3. पर्यायवायी शब्द लिखिए :

  • पलंग-सेज, शय्या, बिस्तर
  • गंध-महक, वास, खुशबू,
  • तीर – बाण, शर, शायक
  • मातम – शोक, विषाद, विपत्ति
  • पानी – जल, नीर, तोय

4. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • घमासान – विभिन्न दलों में घमासान मधा हुआ है।
  • आँगन – बच्चे आँगन में खेल रहे हैं।
  • तनख्वाह – मजदूरों को हर महीने तनख्वाह मिलती है।
  • सेना – भारत की सेना हर प्रकार से समर्थ है
  • व्याकुल – भिखारी की पीड़ा देखकर मैं व्याकुल हो उठा।

5. विलोम शब्द लिखिए :

  • असली – नकली
  • शांति – अशांति
  • खाली – भरी
  • भला – बुरा
  • मोटा – दुबला, पतला
  • वाद – प्रतिवाद

WBBSE Class 7 Hindi कामचोर Summary

जीवन्मिच्यि

इस्मात चुगताई का जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूँ में 1915 ई० में हुआ था। सन् 1991 ई० में इनका निधन हो गया। इस्मत चुगताई रूढ़ियों को तोड़ने वाली प्रगतिशील विचार की प्रबुद्ध लेखिका थीं। उनकी रचनाओं पर इन्हें अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

कहानी का सरांश – बड़ी देर के वाद-विवाद के बाद सभी कामचोर आलसी नौकरों को निकाल देने का निश्चय हुआ। फिर सारे दिन ऊधम मचाने वाले बच्चों को काम करने और उन्हें वेतन देने का प्रस्ताव रखा गया। फिर तो पानी के मटकों के पास ही घमासान से सुराहियाँ लुढ़क गई। मटके इधर-उधर हो गए। कपड़े भीग गए। बच्चों की इस घमासान को देखकर अम्मा ने निश्चय किया कैसे काम कर सकते है। अब्बा मियाँ ने आदेश दिया कि जो काम नहीं करेगा उसे रात का खाना नहीं मिलेगा। अब्बा ने बताया कि उन्हें मैली दरी को साफ करना है। आँगन से कूड़ा दूर करना है। पेड़ों में पानी देना है। वेतन की बात सुनकर बच्चे काम में लग गए।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 8 कामचोर

सर्वपथम बच्चे फर्श पर बिछी दरी को झटकने लगे। सारी धूल सिर, नाकों आँखों में घुस गई। सब का बुरा हाल हो गया। फिर बच्चे झाडू के सींके हाथ में लेकर हाथ मारने लगे। यह देख अम्मा ने सिर पीट लिया। फिर बच्चे दरी पर पानी छिड़क दिए जिससे सारी धूल कीचड़ बन गई। फिर सब आँगन से निकाले गए। फिर पेड़ों को पानी देने के लिए घर की बालटियाँ, लोटे, तसले, भगोने, पतलियाँ, कटोरे, गिलास लेकर नल पर टूट पड़े। कीचड़ में बच्चे लथपथ हो गए। फिर वर्तमान में नौकरों तथा पास के बंगलों से नौकरों को बुलाकर बच्चों को नहलाया गया। फिर बच्चों ने सोचा कि सफाई का काम और पेड़ों की देखभाल का काम उनसे संभव नहीं है। अब वे लोग बाँस, छड़ी लेकर मुर्गियाँ हाँकने लगे। मुर्गियाँ इधर-उधर कूदने लगीं।

याले की खीर दीदी के दुपट्टे तथा सिर पर लग गई। एक मुर्गा अम्मा के पानदान में कूद पड़ा। कत्थे चुने में लिपटे पंजों से अम्मा के सफेद चादर पर छापे मारता निकल गया। एक मुर्गी दाल की पतीली में छपाक भर कर भागी और मोरी में इस प्रकार फिसली की कीचड़ मौसी जी के मुँह पर पड़ा। फिर लोगों ने भेड़ों को दाना खिलने का निश्चय किया। दिन भर की भूखी भेड़े दाने का सूप देखकर उस पर झपट पड़ी। सबको रौदतती हुई मेंगनों का छिड़काव करती हुई दौड़ गई। भेड़े शिकारी कुत्तों की तरह सूप की गंध सूँघती हुई निकल गई। भेंड़ फिर सूप को भूलकर तरकारी वाली टोकरी पर टूट पड़ीं।

भेड़ें तरकारी को छिलकें सेमत चट कर गई । बच्चे भी लापरवाह नहीं थे। वे चार भैसों का दूध दुहने पर जुट गए। भैसे बालटी को लात मार कर दूर जा खड़ी हुई। फिर उनके पैरों को बाँधकर दुहने की बात सोच ने पर भैंसें भागने लगी। तत्काल बछड़ा भी खोल दिया गया। अब भैंसे खड़ी हो गई। दुहने वाले गिलास कटोरे लेकर दुहने की चेष्टा करने लगे। कुछ दूध जमीन पर गिरा, कुछ कपड़ों पर। दो चार धारें गिलास-कटोरे पर भी पड़ीं।

घर में तूफान खड़ा हो गया। ऐसा लगता था जैसे सारे घर में मुर्गियाँ, भेड़ें, टूटे हुए तसले बाल्टियाँ, लोटे-कटोरे और बच्चे थे। बच्चे बाहर किए गए। मुर्गियाँ बाग में हँकाई गई। तरकारी वाली को सन्त्व दी गई। अम्मा आगरा जाने के लिए सामान बाँधने लगी। अम्मा ने कहा कि बच्चा राज कायम होने पर वे यहाँ नहीं रह सकती। अब्बा ने सभी बच्चों को सख्त आदेश दिया कि वे घर की किसी चीज को हाथ न लगाएं। बच्चों ने भी निश्चय किया कि अब वे हिलकर पानी भी नहीं पीएँगे।

शब्दार्थ –

  • कामचोर – आलसी
  • फरमान – आज्ञा, आदेश
  • तनख्वाह – वेतन
  • हवाला – उदाहरण, दृष्टांत
  • कुमक-सेना की टुकड़ी
  • लथपथ-सना हुआ
  • मोरी – नाली
  • दालान – बरामदा, बैठक
  • बटालियन – पलटन, सेना
  • हरगिज-बिल्कुल
  • दबैल – दब्बू, डरने वाला
  • घमासान – गहरी लड़ाई, घोर
  • फर्शी – फर्श पर बिछाने की दरी
  • धुआँधार – बड़े जोर से
  • धींगा-मुश्ती – लड़ाई
  • दड़ा-मुर्गियों के रहने की जगह
  • बेनकेल – बिना नकेल के
  • मातम – शोक मनाना
  • कोर्ट मार्शल – सैनिक अदालत में सुनवाई
  • विरुद्ध-खिलाफ

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

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WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 Question Answer – वारिस

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए ।

प्रश्न 1.
मास्टरजी बच्चों को कितने बजे पढ़ाने पहुँचते थे?
(क) चार बजे
(ख) पाँच बजे
(ग) तीन बजे
(घ) एक बजे
उत्तर :
(ग) तीन बजे

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

प्रश्न 2.
मैं घड़ी की ओर किस प्रकार देखता?
(क) ऊबकर
(ख) खीझकर
(ग) चौंककर
(घ) उदास होकर
उत्तर :
(क) ऊबकर

प्रश्न 3.
मास्टर जी चार सप्ताह किस बीमारी में पड़े रहे?
(क) टायफाइड
(ख) मलेरिया
(ग) पीलिया
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) टायफाइड

प्रश्न 4.
मोहन राकेश का वास्तविक नाम क्या है ?
(क) मोहन राकेश
(ख) मदन मोहन
(ग) मदन मोहन गुगलानी
(घ) मदनमोहन मीरचंदानी
उत्तर :
(ग) मदन मोहन गुगलानी।

प्रश्न 5.
मोहन राकेश का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1920 में
(ख) सन् 1925 में
(ग) सन् 1927 में
(घ) सन् 1926 में
उत्तर :
(ख) सन् 1925 में।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

प्रश्न 6.
‘लहरों के राजंहस’ के रचनाकार कौन हैं ?
(क) जैनेन्द्र
(ख) मोहन राकेश
(ग) निराला
(घ) अज्ञेय
उत्तर :
(ख) मोहन राकेश।

प्रश्न 7.
‘वारिस’ कहानी-संग्रह किसका है ?
(क) दुष्यंत कुमार
(ख) निराला
(ग) मोहन राकेश
(घ) भगवती चरण वर्मा
उत्तर :
(ग) मोहन राकेश।

प्रश्न 8.
वारिस किस विधा की रचना है ?
(क) कहानी
(ख) नाटक
(ग) उपन्यास
(घ) निबंध
उत्तर :
(क) कहानी

प्रश्न 9.
मास्टरजी बच्चों को कहाँ पढ़ाते थे ?
(क) शयन कक्ष में
(ख) विद्यालय में
(ग) बरामदे में
(घ) वैठकखाने में
उत्तर :
(घ) बैठकखाने में

प्रश्न 10.
मास्टरजी को कौन-सी बीमारी हुई थी ?
(क) टायफायड
(ख) मलेरिया
(ग) कालाज्वर
(घ) जुखाम
उत्तर :
(क) टायफायड

प्रश्न 11.
मैं (लेखक) घड़ी की ओर किस प्रकार देखता ?
(क) ऊबकर
(ख) खीझकर
(ग) चौंककर
(घ) उदास होकर
उत्तर :
(क) ऊबकर

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

प्रश्न 12.
मास्टरजी ने लेखक (लड़के) को अंत में क्या दिया ?
(क) कलम
(ख) कॉपी
(ग) किताब
(घ) घड़ी
उत्तर :
(क) कलम

प्रश्न 13.
मास्टरजी ने काँपते हाथों में क्या देखा ?
(क) परचा
(ख) अखबार
(ग) किताब
(घ) पेन्सिल
उत्तर :
(क) परचा

प्रश्न 14.
मास्टरजी ने कौन-से रंग की पेन बच्चे को दी ?
(क) लाल
(ख) भूरा
(ग) काला
(घ) नीला
उत्तर :
(ख) भूरा

प्रश्न 15.
कुछ दिन बाद लड़के से क्या टूट गया ?
(क) निब
(ख) कुर्सी
(ग) पेन्सिल
(घ) पंखा
उत्तर :
(क) निब

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रश्न 1.
मास्टर जी के आने पर सीढ़ियों पर क्या होती थी?
उत्तर :
मास्टर जी के आने पर सीढ़ियों पर खट-खट की अवाज होती थी।

प्रश्न 2.
मास्टरजी बच्चों को कहाँ पढ़ाते थे।
उत्तर :
मास्टरजी बच्चों को बैठकखाने में पढ़ाते थे।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

प्रश्न 3.
बच्चों को किस कक्षा की परीक्षा देनी थी?
उत्तर :
बच्चों को मैट्रिक की परीक्षा देनी थी।

प्रश्न 4.
मास्टर जी कहाँ रहते थे?
उत्तर :
मास्टरजी बच्चों के घर से थोड़ी दूर एक गन्दी-सी गली में चार रुपये महीने की किराये पर एक कोठरी में रहते थे।

प्रश्न 5.
मास्टरजी की देखभाल के लिए किसकी ड्यूटी लगाई गई थी?
उत्तर :
मास्टरजी की देखभाल के लिए लड़की के भाई की ड्यूटी लगाई गई थी।

प्रश्न 6.
लेखक पतंग उड़ाते समय कौन-सा नारा लगाता था ?
उत्तर :
लेखक पतंग उड़ाते समय ‘आबो काटा काटा ई बो’ का नारा लगाता था।

प्रश्न 7.
मास्टरजी उत्साह के साथ क्या पढ़ाते थे ?
उत्तर :
मास्टरजी उत्साह के साथ कविता पढ़ाते थे।

प्रश्न 8.
मास्टरजी ने बच्चों को अंग्रेजी के अलावा क्या पढ़ाने का निश्चय किया था ?
उत्तर :
मास्टरजी ने बच्चों को अंग्रेजी के अलावा बंगला भाषा पढ़ाने का निश्चय किया था।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

प्रश्न 9.
कुछ दिन बाद लड़के (लेखक) से पेन का क्या हुआ ?
उत्तर :
कुछ दिन बाद लेखक से निब टूट गई और फिर वह पेन जाने कहाँ खो गई।

प्रश्न 10.
बच्चे मास्टरजी के साथ कहाँ तक आये ?
उत्तर :
बच्चे उनके साथ-साथ ड्योढ़ी तक आये।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मास्टरजी ने बच्चों को बंगला पढ़ाना क्यों छोड़ दिया?
उत्तर :
बच्चों की प्रगति से मास्टर जी बहुत निराश हुए। इसलिए उन्होंने बंगला पढ़ाना छोड़ दिया।

प्रश्न 2.
मास्टरजी का गला क्यों भर्रा गया?
उत्तर :
बच्चों के पिता ने उन्हें यह सूचित कर देने के लिए कहा कि जिस दिन अंग्रेजी ‘बी’ की परीक्षा हो जाएगी, उसके बाद मास्टरजी पढ़ाने नहीं आएँगे। बच्चों द्वारा यह खबर सुनकर मास्टजी का गला भर्रा गया।

प्रश्न 3.
मास्टरजी ने कलम देते हुए क्या कहा?
उत्तर :
मास्टरजी ने कलम देते हुए बच्चे से कहा कि मुझे तो अब इसकी जरूरत नहीं है। तुम इसे अपने पास रखना या फेंक देना।

प्रश्न 4.
मास्टरजी की आँखें क्यों भर आई?
उत्तर :
मास्टरजी बच्चों से अत्यधिक स्नेह करते थे। इसलिए जब वे बच्चे को अपनी पुरानी सी कलम देकर वहाँ से विदा होने लगे तो स्नेह के कारण उनका हददय करुणा से भर उठा। फलस्वरूप दिल की पीड़ा अंसुओं के रूप में उमड़ पड़ी।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

प्रश्न 5.
मास्टरजी की चारित्रिक विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
मास्टरजी में र्नेह और त्याग की भावना भरी हुई थी। वे बड़े ही स्वाभिमानी व्यक्ति थे। अभाव में भी किसी के सामने हाथ नहीं पसार सकते थे। पास में पैसे न होने पर भी खैरात में किसी से कुछ लेना नहीं चाहते, परिश्रम करके ही अपना अभाव मिटाते थे। अपनी तंगी के कारण ही वे दोनों बच्चों को पढ़ाने लगे। वे बड़ी मेहनत से पढ़ाते थे।

विषय का भी उन्हें बोध था। वे धन संग्रह करना नहीं चाहते थे। इसलिए और कोई ट्यूशन उन्होंने स्वीकार नहीं किया। उनका खान-पान, रहन-सहन अत्यंत साधारण था। उनमें संग्रह तथा प्रदर्शन की भावना नहीं थी। संसार से निसृह थे पर बच्चों के प्रति उनमें स्नेह और ममत्व का भाव था।

यथानिर्देश उत्तर दीजिए

(क) ‘मैं आँखों ही आँखों से उसकी खुमद कर लेता’

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक कौन हैं? यह पंक्ति किस पाठ से उद्धुत है।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक श्री मोहन राकेश हैं। यह पंक्ति वारिस पाठ से उद्धृत है।

प्रश्न 2.
खुशामद का क्या अर्थ है?
उत्तर :
खुशामद का अर्थ किसी की चापलूसी करना या चाहुकारिता है।

प्रश्न 3.
कौन किसकी खुशामद करता है और क्यों?
उत्तर :
भाई बहन की खुशामद करता था। मास्टरजी पाँच बजे तक पढ़ाते रहते तो भाई ऊबकर जम्हाइयाँ लेता और घड़ी की तरफ देखता पर बहन आँख के इशारो से उसे यह सब करने से मना करती। वह इशारे से धमकी भी देती कि मास्टरजी से उसकी शिकायत कर देगी। इसी कारण भाई आँखों ही आँखों से उसकी खुशामद करता है।

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(ख) ‘उनकी आँखें भर आई थी।’

प्रश्न 1.
‘उनकी’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
उत्तर :
‘उनकी’ शब्द का प्रयोग मास्टरजी के लिए किया गया है।

प्रश्न 2.
संकेतित व्यक्ति की आँखें क्यों भर आई थीं?
उत्तर :
मास्टरजी के मन में बच्चों के प्रति स्नेह तथा ममत्व की भावना थी। इसलिए जब वे उनसे विदा होने लगे तो उनका दिल दर्द से भर उठा, इसलिए उनकी आँखें भर आई थी।

भाषा-बोध

1. उपसर्ग एवं मूल शब्द अलग कीजिए :

  • अनिश्चित – अ + निश्चित
  • दुर्गन्ध – दु:(दुर) + गंब

2. प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • सीढ़ियों – सीढ़ी + यों (ओ)
  • किताबें – किताब + एँ
  • खुशी – खुश + ई
  • उत्सुकता – उत्सुक + ता

3. विलोम शब्द लिखिए :

  • निश्चित – अनिश्चित
  • निराशा – आशा

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

4. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:

  • आँखों ही आँखों से खुशामद करना – बिना बोले संकेत से वापलूसी करना।
    भाई आँखों ही आँखों से खुशामद करने लगा।
  • डरी हुई नजर से देखना – भयभीत होकर देखना।
    बालिका डरी हुई नजर से कुत्ते को देखने लगी।
  • दिल उछलना – प्रसन्न होना।
    पुरस्कार पाकर उसका दिल उछलने लगा।
  • आँख लगना – ध्यान से विचारना।
    मालिक सब ओर आँख लगाए रहते हैं।
  • सिर पर हाथ फेरना – प्यार से पुचकारना
    मास्टरजी बच्चे के सिर पर हाथ फेरने लगे
  • दिमाग फटना – असुविधा महसूस करना
    दुर्गन्ध के कारण वहाँ दिमाग फटने लगता है
  • दमसाधना – आराम करना
    दिन भर परिश्रम के बाद शाम को मजदूर दम साधने लगते हैं।

5. अंग्रेजी शब्दों का अर्थ लिखिए :

  • वण्डरफुल – अद्भुत
  • मास्टर – शिक्षक
  • मैट्रिक- दसवीं की परीक्षा
  • टायफाइड – मियादी बुखार
  • डेट शीट – दिनांक सूची
  • पेपर – कागज
  • पेन – कलम

WBBSE Class 7 Hindi वारिस Summary

मोहन राकेश का जन्म सन् 1925 ई० में पंजाब के अमृतसर में हुआ था।1972 ई० में दिल्ली में इनका निधन हो गया। मोहन राकेश बहुमुखी प्रतिभा के साहित्यकार थे। हिन्दी के प्रमुख कथाकारों तथा नाटककारों में इनकीगणना होती है। इनकी प्रमुख रचनाएँ – अँघेरे बंद कमरे, आनेवाला कल, वारिस, क्वाईए, पहचान, अषाढ़ का एक दिन, लहरों का राजहंस, आधे अधूरे आदि हैं। वैयक्तिक तथा सामजिक समस्याओं पर इन्होंने ध्यान केन्द्रित किया है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

पाठ का सारांश –

प्रस्तुत कहानी ‘वारिस’ में लेखक ने एक अध्यापक के सेह, त्याग तथा बच्चों के मनोविज्ञान का मार्मिक चित्रण किया है। मास्टर जी एक भाई और बहन को पढ़ाने आते थे। भाई को मैट्रिक की परीक्षा देनी थी। मास्टर जी उसे अंग्रेजी पढ़ाने आते थे। बहन उससे एक साल बड़ी थी। वह उसी साल से अंग्रेजी का अक्षर ज्ञान सीखी थी। मास्टरजी ठीक तीन बजे निश्चित समय पर ही आते थे। पर जाने का समय अनिश्चित था।

कभी डेढ़ कभी दो घंटा पढ़ाते थे। पाँच बज जाने पर भाई ऊबकर जम्हाइयाँ लेने लगता था। मास्टरजी के जाते ही लड़का पतंग और डोर लेकर कोठे पर पहुँच जाता था। मास्टरजी के बारे में लड़के को कुछ पता नहीं था। एक दिन वे अचानक ही पिताजी के पास आए और बोले कि बहुत तंगी में हैं। पर वे खैरात किसी से कुछ लेना नहीं चाहते। पिताजी ने उसी समय अपने लड़के और लड़की को पढ़ाने के लिए रख लिया। वे दूसरी जगह कोई द्यूशन नहीं करना चाहते थे। वे लड़के के घर से थोड़ी दूर तक गन्दी सी गली में चार रुपये महीने की एक कोठरी में रहते थे।

एक दिन मास्टरजी आए तो वे पसीने से भीगा हुआ उनका शरीर तेज ज्वर से काँप रहा था। तबीयत ठीक न होने के कारण बहन न पढ़ने की बात कही। पूरे चार सप्ताह मास्टरजी टाइफाइड में पड़े रहे। लड़का उनकी सेवा शुश्रूषा में लगा रहा। वैद्य जी के पास जाकर दवाई भी उसे लाना पड़ता था। उसका काफी समय उनकी कोठरी में बीतता। कोठरी के बाहर गली में कूड़े और गंदगी का अंबार लगा रहता है।

मास्टरजी के पास ज्यादा सामान नहीं था। थोड़ी देर के लिए मास्टरजी की आँख लग गई तो लड़के ने कोठरी के सारे सामान की जाँच कर डाली। कपड़े वही थे जो वे पहना करते थे। डंडे और कमंडल के अतिरिक्त कुछ फटी हुई पुस्तकेे थी। भववद् गीता ही लड़का पढ़ सका। शेष पुस्तकें बंगला में थी। अच्छे होकर मास्टरजी पढ़ाने आने लगे। परीक्षा के जब थोड़े दिन रह गए तो उसके पिताजी ने सूचित करा दिया कि परीक्षा तक मास्टरजी को पढ़ाना है। यह सुनकर मास्टरजी का गला भर्रा गया। दो घूँट पानी पीकर फिर पढ़ाने लगे। अगले दिन मास्टरजी आए तो बोले कि जिस दिन उसका अंग्रेजी का ‘बी’ पेपर होगा, उसी दिन वे वहाँ से चले जाएंगे।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 वारिस

जिस दिन पेपर हो गया, मास्टरजी आए और परचा देखकर सवालों के जवाब पूछे । संतुष्ट होकर लड़के की पीठ थपथपाई। फिर चले गए। शाम को फिर एक बार बच्चों से मिलने आए। सिर पर हाथ केरकर चल दिये। दोनों भाई-बहन उनके साथ ड्योढ़ी तक आए। वहाँ रुककर उन्होंने काँपते हुए हाथों से अपना भूरा सा पेन निकाला और बच्चे के हाथ में दे दिया, क्योंकि उन्हें अब इसकी जरूरत नहीं थी। उनकी आँखें भर आई। बच्चे का कन्धा थपथपाकर चले गए। कुछ दिन बाद कलम की निब टृट गई और कलम भी जाने कहाँ खो गई।

शब्दार्थ :

  • हिज्जे – उच्चारण
  • खुशामद – चापलूसी
  • सबक-शिक्षा
  • खैरात-मुफ्त दान
  • दुर्गन्ध – खराब गंध
  • त्यौरियाँ – दृष्टि
  • फर्क-अन्तर, भेद
  • वंडरफुल – आश्चर्यजनक
  • टायफाइड – मियादी बुखार
  • स्पर्धा – आगे बढ़ने की इच्छा
  • हैरानी – परेशानी
  • निराश – हतोत्साह

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 Question Answer – क्यों-क्यों लड़की

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए

प्रश्न 1.
पोइना किसका पीछा कर रही थी?
(क) बकरी का
(ख) लोमड़ी का
(ग) साँप का
(घ) बिल्ली का
उत्तर :
(ग) साँप का

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 2.
मोइना कैसी लड़की है?
(क) शांत
(ख) डरपोक
(ग) जिद्दी
(घ) बंचल
उत्तर :
(ग) जिद्दी

प्रश्न 3.
मोइना के पिता काम की तलाश में किस शहर में गये हुए थे?
(क) पटना
(ख) जमशेदपुर
(ग) राँची
(घ) कोलकाता
उत्तर :
(ख) जमशेद्पुर

प्रश्न 4.
मोइना की उग्र कितनी थी?
(क) दस साल
(ख) बारह साल
(ग) आठ साल
(घ) पंद्रह साल
उत्तर :
(क) दस साल

प्रश्न 5.
मोइना की माँ क्या बुन रही थी ?
(क) चटाई
(ख) टोकरी
(ग) स्वेटर
(घ) साड़ी
उत्तर :
(ख) टोकरी

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 6.
महाश्वेता देवी का जन्म कहाँ हुआ था ?
(क) कलकत्ता
(ख) ढाका
(ग) मालदा
(घ) इस्लामाबाद
उत्तर :
(ख) ढाका

प्रश्न 7.
मोइना कौन है ?
(क) लेखिका
(ख) आदिवासी लड़की
(ग) शहरी लड़की
(घ) ग्रामीण लड़की
उत्तर :
(ख) आदिवासी लड़की

प्रश्न 8.
मोइना को ‘क्यों-क्यों लड़की’ नाम किसने दिया ?
(क) लेखिका ने
(ख) मोइना की माँ ने
(ग) पोस्टमास्टर ने
(घ) मुखिया ने
उत्तर :
(ग) पोस्टमास्टर ने

प्रश्न 9.
समिति की शिक्षिका का क्या नाम था ?
(क) मालती बोस
(ख) मालती बोनाल
(ग) मालिनी बोस
(घ) मालिनी बोनाल
उत्तर :
(ख) मालती बोनाल

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 10.
मोइना किस जाति की थी ?
(क) शबर
(ख) मुण्डा
(ग) कोल
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) शबर

प्रश्न 11.
लेखिका किस माह समिति के साथ पूरे महीने रूकी ?
(क) सितम्बर
(ख) अक्टूबर
(ग) नवम्बर
(घ) दिसम्बर
उवर :
(ख) अक्टूबर

प्रश्न 12.
दूसरे बच्चें भी अब क्या पुछना सीख रहे हैं ?
(क) पढ़ाई
(ख) व्यों
(ग) कहानी
(घ) हाथ धोना
उत्तर :
(ख) क्यों

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

लघूतरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
लेखिका ने किसे साँप का पीछा करते देखा?
उत्तर :
लेखका ने मोइना को साँप का पीछा करते हुए देखा।

प्रश्न 2.
खीरी कौन थी?
उत्तर :
खीरी मोइना की माँ थी।

प्रश्न 3.
मोइना के भाई का क्या नाम था?
उत्तर :
मोइना के भाई का नाम गोरा था।

प्रश्न 4.
मोइना क्या लेकर समिति वाली झोपड़ी में रहने के लिए गई?
उत्तर :
मोइना एक जोड़ी कपड़े और एक नेवले का बच्चा लेकर समिति वाली झोपड़ी में रहने के लिए गई।

प्रश्न 5.
गाँव में प्राइमरी स्कूल खुलने पर सबसे पहले किसने दाखिला लिया?
उत्तर :
गाँव में प्राइमरी स्कूल खुलने पर सबसे पहले मोइना ने दाखिला लिया।

प्रश्न 6.
शबर लोग कैसे होते थे ?
उत्तर :
शाबर लोग गरीब और भूमिहीन थे।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 7.
मोइना क्या काम करती है ?
उत्तर :
मोइना गाँव के बाबूओं की बकरीयाँ वराने का काम करती है।

प्रश्न 8.
मोइना अपने साथ नेवला क्यों रखती है ?
उत्तर :
मोइना अपने साध नेवला रखती है, क्योंकि वह थोड़ा-सा खाता है और जहरीले साँपों को दूर भगा देता है।

प्रश्न 9.
मोइना क्यों पढ़ना चाहती है ?
उत्तर :
अपने सभी सवालों के जवाब जानने के लिए मोइना पढ़ना चाहती है।

प्रश्न 10.
मोइना किस बात पर मालती मैडम से उलझी थी ?
उत्तर :
मोइना कक्षा के समय परिवर्तन को लेकर मालती मैडम से उलझी थी।

प्रश्न 11.
मोइना ने पाँव पटक कर क्या कहा ?
उत्तर :
मोइना ने पाँव पटक कर कहा ‘तुम समय बदल क्यों नहीं सकती’।

प्रश्न 12.
मोड़ना अपनी छोटी बहन और भाई को क्या बता रही थी ?
उत्तर :
मोइना अपनी छोटी भाई-बहन को बता रही थी –
(क) एक पेड़ काटो तो दो पेड़ लगाओ।
(ख) खाने से पहले हाथ धो लो, जानते हो क्यों पेट में दर्द हो जायेगा।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मोइना क्या-क्या काम करती थी?
उत्तर :
मोइना यकरियाँ चराती, लकड़ी लाती, पानी लाती, चिड़िया पकड़ने का फन्दा लगाती थी। बानू की गोशाला भी धोती थी।

प्रश्न 2.
मोइना किस जाति की लड़की थी।
उत्तर :
मोइना शबर जाति की आदिवासी लड़की थी।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 3.
मोइना को ‘क्यों-क्यों लड़की’ नाम किसने दिया था और क्यों?
उत्तर :
मोइना को ‘क्यों-क्यों लड़की’ नाम गाॅव के पोस्टमास्टर ने दिया, क्योंकि वह हर बात में क्यों-क्यों कहती रहती थी।

प्रश्न 4.
मोइना अन्य लड़कियों से किस प्रकार भिन्न थी?
उत्तर :
शबर जाति की अन्य लड़कियों को काम नहीं करना पड़ता था, पर मोइना को काम करना पड़ता था।

प्रश्न 5.
मोइना को पढ़ने की प्रेरणा कैसे मिली?
उत्तर :
लेखिका ने बतलाया कि किताबों में उसके क्यों-क्यों के उत्तर मिल जाते हैं। इसलिए वे किताबें पढ़ती है। लेखिका की इन बातों से मोइना को पढ़ने की पेरणा मिली। उसने निश्चय किया कि वहु पढ़ना सीखेगी और सारे सवालों के जाबब दूँढ़ निकालेगी।

प्रश्न 6.
आदिवासी लोगों की जीवन शैली का परिचय दीजिए।
उत्तर :
आदिवासी लोग गरीब और भूमिहीन हैं। उन्हें नदी से पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता है। वे पत्तों की झोपड़ी में रहते हैं। वे बकरियाँ पालते हैं। वे हरे पत्ते, चावल, केकड़े और मिर्ची वाला भोजन शाम को बड़े प्रेम से खाते हैं।

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए :

(क) इतनी जिद्दी है कि एक बात पकड़ ले तो उससे हटती ही नहीं।

प्रश्न 1.
यह किसने किससे कहा?
उत्तर :
यह लेखिका से मोइना की माँ ने कहा।

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प्रश्न 2.
संकेतित पात्र की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
संकेतित पात्र कृतज्ञ है। बह सदा कोई न कोई काम करती रहती है।

(ख) ‘आलस मत करो। सवाल पूछो।’

प्रश्न 1.
यह किस पाठ की पंक्ति है? इसके लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
यह ‘क्यों-वयों लड़की’ पाठ की पंक्ति है। इसकी लेखिका महाश्वेता देवी हैं।

प्रश्न 2.
इस पंक्ति की व्यख्या कीजिए।
उत्तर :
इस पंक्ति में मोइना कह रही है कि शिक्षिका को आलस्य नहीं करना चाहिए, आलस्य को छोड़कर कर्त्तव्य परायण बनना चाहिए। उससे पढ़े हुए विषय पर प्रश्न पूछ्छना चाहिए।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • चोटियाँ – चोटी + इयाँ
  • हजारों – हजार + ओं
  • हिलाती – हिला + ती
  • बाबुओं – बाबू + ओं
  • बुदबुदाती – बुदबुदा + ती
  • मछलियाँ – मछली + इयाँ

2. पर्यायवाची शब्द लिखिए :

  • चिड़ियाँ – खग, विहग, पक्षी
  • जंगल – वन, अरण्य, कान्तर
  • सूरज-सूर्य, रवि, दिनकर
  • साँप – सर्ष, नाग, विषधर
  • पृथ्वी – धरा, धरती, भू
  • पेड़ – वृक्ष, तरु, विटप

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

3. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • धुवतारा – धुवतारा सदा उत्तर दिशा में दिखाई पड़ता है,
  • कहानी – रक्षा बंधन भाई बहन के प्रेम की कहानी है।
  • समिति – समिति ने यह फैसला लिया।
  • कक्षा- कक्षा में बच्चे पढ़ रहे हैं।
  • भूमिहीन- आदिवासी भूमिहीन हैं।

WBBSE Class 7 Hindi क्यों-क्यों लड़की Summary

जीवक्र फरिच्य

महाश्वेता देवी का जन्म सन् 1926 ई० में ढाका में हुआ था। उनके मन में बचपन से ही साहित्य के प्रति लगाव था। महाश्वेता देवी ने अपनी रचनाओं में आदिवासियों के जीवन संघर्ष, उनकी पीड़ा, वेदना, अभावग्रस्त जीवन की मार्मिक झाँकी प्रस्तुत की हैं। आदिवासियों के प्रति इनके मन में गहरी हमदर्दी है। इनकी प्रमुखरचनाएँ- झाँसी की रानी, अरण्ये अधिकार, हजार चौरासी की माँ, अग्निगर्भ, अक्लांत कौरव, सूरज गहराई तथा मास्टरसाब आदि हैं। उन्हें साहित्य अकादमी, ज्ञानपीठ, मैगसेसे आदि पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

कहानी का सारांश 

प्रस्तुत कहानी में लेखिका ने कहानी की प्रमुख पात्र मोइना के माध्यम से आदिवासियों के जीवन पर प्रकाश डाला है। एक दिन लेखिका ने दस वर्ष की बालिका मोइना को एक साँप का पीछा करते हुए देखा। मोइना के क्यों का उत्तर देते हुए लेखिका ने बतलाया कि यह सधारण धामन (साँप) नहीं नाग साँप है। लेखिका उसे घसीट कर उसकी माँ खीरी के पास ले आई और थोड़ा आराम करने के लिए कहा। मोइना ने उसे बतलाया कि अभी उसे बाबू की बकरियाँ घर लानी है। लकड़ी लाना, पानी लाना, चिड़िया पकड़ने का फन्दा लगाना ये सब काम करना है।

चावल के कारण बाबू को धन्यवाद देने के लिए कहने पर वह माँ से स्पष्ट कह देती है। वह उनकी गोशाला धोती है, हजारों काम करती हैं, फिर धन्यवाद क्यों दूँ। माँ उसके क्यों पर कहती है कि पोस्टमास्टर ने तो ‘ क्यों-क्यों’ लड़की उसका नाम ही रख दिया है। लेखिका ने उसकी प्रशंसा की। मोइना आदिवासी जाति की लड़की थी, शबर जाति की थी।

उसने कहा कि उसे मीलों चलकर क्यों पानी लाना पड़ता है। वह झोपड़ियों में क्यों रहती है। वह बाबुओं की बकरियाँ क्यों चराती थी पर अपने को दीनहीन नहीं समझती थी। उनका बचा-खुचा खाना न खाकर शाम को स्वयं बनाकर घरवालों के साथ बैठकर खाना चाहती थी। मोइना को लाचारी के कारण काम करना पड़ता था। उसकी माँ खीरी एक पैर से पंगुली, पिता काम की तलाश में गए थे। भाई गोरो जलाऊ लकड़ी लाने के लिए जंगल जाता था।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

लेखिका अक्टूबर में समिति के साथ एक माह रुकी। मोइना एक जोड़ी पड़े और नेवले का बच्चा लिए समिति में पहुँची। समिति की शिक्षिका मालती बोनाल ने लेखिका को बतलाया कि इसकी ‘क्यों-क्यों’ से वे तंग आ जाएँगी। मोइना प्रश्नों की झड़ी लगा देती थी। उसे बाबू की बकरियाँ क्यों चरानी पड़ती है। मछलियाँ क्यों नहीं बोलती। सूरज से बड़े तारे क्यों छोटा नजर आते हैं। सोने के पहले आप किताबें क्यों पढ़ती हैं। मोइना ने सारा काम-काज निपटा कर कहा कि वह पढ़ना सीखकर सारे सवालों के जवाब ढूँढेगी । जो कुछ वह सीखती, बकरियाँ चराते समय दूसरे बच्चों को बताया करती थी।

उसने मालती से पूछा कि स्कूल क्यों बंद है। मालती ने उत्तर दिया कि नौ से ग्यारह बजे तक ही कक्षाएँ चलती हैं। मोइना ने समय बदलने के लिए कहा जिससे गाय तथा बकरियाँ चराने वाले बच्चे भी आ सकें। शाम को मोइना अपनी छोटी बहन और भाई को बता रही थी एक पेड़ काटो तो दो पेड़ लगाओ। खाने के पहले हाथ धो लेना चाहिए। समिति की कक्षा में जाने से ही सब बात मालूम पड़ती है। मोइना अब अठारह साल की हो गई। समिति के स्कूल में पढ़ती है। उसकी बेचैन आवाज आस-पास सुनाई पड़ती है। वह प्रश्न पूछने के लिए भी हठ करती। मोइना को पता नहीं कि लेखिका मोइना की कहानी लिख रही है। अगर उसे बताए जाते तो कहेगी क्यों मेरे बारे में क्यों?

शब्दार्थ :

  • धामन – साँप की एक जाति
  • धन्यवाद – कृतज्ञता, साधुवाद, प्रशंसा
  • तलाश – खोज, ढूँढना
  • बुदबुदाना – बड़बड़ाना
  • गोशाला – गायों के रहने का स्थान
  • अहसान – उपकार
  • तंग – परेशान
  • मिमियाती – बकरी की अवाज।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 Question Answer – अजन्ता की चित्रकला

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए

प्रश्न 1.
अजंता की गुफाएँ किस प्रदेश में हैं ?
(क) महाराष्ट्र
(ख) असम
(ग) गुजरात
(घ) मध्य प्रदेश
उत्तर :
(क) महाराष्ट्र।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 2.
अजंता के प्राकृतिक सौन्दर्य का विकास कब से कब तक होता है?
(क) जनवरी से मार्च तक
(ख) अवृ्टूर से दिसम्बर तक
(ग) जुलाई से सितम्बर तक
(घ) मार्च से जून तक।
उत्तर :
(ख) अक्टूबर से दिसम्बर तक

प्रश्न 3.
अजंता की कुल कितनी गुफाएँ हैं ?
(क) तीस
(ख) बत्तीस
(ग) उनतीस
(घ) चौबीस
उत्तर :
(ग) उनतीस

प्रश्न 4.
अजंता की सबसे बड़ी स्तूप गुफा है।
(क) सत्रहवीं गुफा
(ख) उन्नीसवीं गुफा
(ग) बाहरवीं गुफा
(घ) पाँचवीं गुफा
उत्तर :
(ख) उन्नीसवीं गुफा

प्रश्न 5.
अजंता की सभी गुफाएँ किस काल की हैं?
(क) मौर्य कालीन
(ख) गुप्त कालीन
(ग) मुगल कालीन
(घ) हर्षवर्धन कालीन।
उत्तर :
(ख) गुप्त कालीन।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 6.
रायकृष्ण दास का जन्म कब हुआ ?
(क) संवत् 1982
(ख) संवत् 1925
(ग) संवत् 1935
(घ) संवत् 1945
उत्तर :
(ख) संवत् 1925

प्रश्न 7.
अजन्ता की गुफाओं तक जाने के लिए किस गाँव तक जाना होता है ?
(क) फरीदपुर
(ख) फरदापुर
(ग) सुल्तानपुर
(घ) करीमपुर
उत्तर :
(ख) फरदापुर

प्रश्न 8.
अजन्ता जाते वक्त किस नदी को पार करना पड़ता है ?
(क) बघोरा
(ख) कावेरी
(ग) नर्मदा
(घ) गंगा
उत्तर :
(क) बघोरा

प्रश्न 9.
किस युग में बुद्ध का गृह त्याग (महाभिनिष्क्कमण) चित्रित है ?
(क) पहली
(ख) दसवीं
(ग) सोलहवीं
(घ) सत्रहवीं
उत्तर :
(ग) सोलहवीं

प्रश्न 10.
‘मार-विजय’ का चित्र किस गुफा में अंकित है ?
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तौसरी
(घ) चौधी
उत्तर :
(क) पहली

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 11.
अजन्ता की गुफाओं के कितने भेद हैं ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर :
(क) दो

प्रश्न 12.
गुफा न० 1 लगभग कितनी मीटर भीतर तक काटी गई है ?
(क) तीस मीटर
(ख) दस मीटर
(ग) नौ मीटर
(घ) बारह मीटर
उत्तर :
(क) तौस मीटर

प्रश्न 13.
चम्पेय किसकी कथा है ?
(क) पंचतंत्र
(ख) जातक
(ग) हास्य
(घ) एकांकी
उत्तर :
(ख) जातक

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रश्न 1.
अजंता पहुँचने के लिए किस स्टेशन से किस ग्राम तक जाना पड़ता है?
उत्तर :
अजंता पहुँबने के लिए जलगाँव, औरंगाबाद तथा पहूर इन तीन रेलवे स्टेशनों में से किसी स्टेशन से फरदापुर ग्राम तक जाना पड़ता है।

प्रश्न 2.
अजंता जाते समय किस नदी को पार करना पड़ता है?
उत्तर :
अजंता जाते समय बघोरा नदी को पार करना पड़ता है।

प्रश्न 3.
अजंता की घाटी में किस प्रकार का वन है?
उत्तर :
अजंता की घाटी में चारों और हरसिंगार का वन है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 4.
अजंता की किस गुफा में केवल प्रार्थना या उपासना की जाती थी?
उत्तर :
स्तूप गुफा में केवल प्रार्थना या उपासना की जाती थी ।

प्रश्न 5.
अजंता की किस गुफा में केवल संध्या के समब ही सूर्य की अंतिम किरणें प्रवेश कर पाती हैं?
उत्तर :
अजंता की पहली गुफा में केवल संध्या के समय ही सूर्य की अंतिम किरणें प्रवेश कर पाती हैं।

प्रश्न 6.
राय कृष्णदास का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
राय कृष्णादास का जन्म संवत् 1925 में काशी के एक संपन्न परिवार में हुआं था।

प्रश्न 7.
पहली गुफा के दालान की समूची दीवार पर कैसा चित्र अंकित है ?
उत्तर :
पहल : पहली गुफा के दालान की समूची दीवार पर लगभग साढ़े तीन मीटर ऊँचा और ढ़ाई मीटर चौड़ा मार-विजय का चित्र अंकित है।

प्रश्न 8.
सोलहवीं गुफा के कौन-कौन से दो चित्र उल्लेखनीय है ?
उत्तर :
(क) गहरी रात में भगवान बुद्ध गृह-त्याग कर रहे हैं।
(ख) यशोधरा और उनके संग भिक्षुक राहुल सोया हुआ है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 9.
अजन्ता की सत्रहवीं गुफा के चित्र को देखकर कैसा जान पड़ता है ?
उत्तर :
अजन्ता की सत्रहवीं गुफा के चित्रों को देखकर ऐसा जान पड़ता है कि सबसे चतुर चितेरों ने इसी में अपनी कला दिखाई है।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

(क) अजंता के प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से अजंता बेजोड़ है। नीचे नदी बहती है जिसमें बड़े-बड़े शिलाखंड हैं। उनसे टकराता हुआ पानी गुफाओं के ठीक नीचे एक कुड में इकट्ठा होता है। घाटी में चारों और हरासिगार के बन है। साथ ही और अनेक प्रकार के पुष्ष और फल यहाँ उत्पन्न होते हैं। चित्र विचित्र पक्षियों का एक मेला सा लगा रहता है।

(ख) अजंता के चित्र निर्माण की विधि का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
अजंता के वित्र निर्माण की विधि इस प्रकार थी – दीवार में जहाँ चिच्रण करना होता था, वहाँ का पत्थर तोड़कर खुरदरा बना दिया जाता था। जिस पर गोबर, पत्थर का चूना या धान की भूसी मिले गारे का लेवा चढ़ाया जाता था, यह लेवा चूने के पतले पलस्तर से ढका जाता था और इस पर जमीन बाँधकर लाल रंग की रेखाओं से बित्र टीपे जाते थे जिसमें बाद में रंग भरा जाता था। यथोचित्त हल्का साया लगाकर घित्रों के अवयवों में गोलाई, उभार और गहराई दिखाई गई है। हाय की मुद्राओं से, आँख की चितवनों से और अंगों की लोच आदि से बहुत से भाव व्यक्त हो जाते हैं।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

(ग) अजन्ता की सोलहवीं गुफा के दो चित्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
सोलहवीं गुफा के दो चित्र उल्लेखनौय हैं – ‘गहरी रात में धगवान बुद्ध गृह त्याग कर रहे हैं। यशोधरा और शिशु राहुल सोया हुआ है। पास की परिचारिकाएँ भी निद्रा मे डूबी थीं। इस दृश्य पर निगाह डालते हुए बुद्धदेव अंकित किए गए हैं। उस दृष्टि में मोह-ममता नहीं, बल्कि उनका अंतिम त्याग अंकित है। एक स्थान पर एक मरती हुई राजकुमारी का वित्र है। मरने की अवस्था और आस-पास वालों की विकलता दर्शकों को द्रवित कर देती है।

(घ) अजन्ता की सत्रहवीं गुफा के माता-पुत्र के चित्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
इस चित्र में एक माता अपने पुत्र को किसी के सामने साग्रह उपस्थित कर रही है और पुत्र भी अंजलि पसार कर उस व्यक्ति के सामने उपस्थित है। चिर्रों के सामने एक विशाल महापुरुष स्थित है। जिसके हाथ में भिक्षा पात्र है। बुदत्व प्राप्त करने के बाद जब भगवान बुद्ध पुन: कपिलवस्तु में आए तो उन्हें यशोधरा राहुल से बढ़कर और कौन-सी भिक्षा दे सकती थी। इस चिच्र में आत्म-समर्पण की पराकाष्ठा बेजोड़ है।

(ङ) जिन जातक कथाओं पर अजन्ता की चित्रकला आधारित है, उनका संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :
चम्पेय जातक की कथा में बोधिसत्व ने किसी समय नागराज के रूप जन्म लिया था। चित्र में नागराज आसन पर विराजमान काशिराज को उपदेश दे रहे हैं। छुद्दं जातक की कथा में बोधिसत्व एक जन्म में छह दौँतों वाले श्वेत वर्ण गजराज थे। इस चित्र में गजराज ने राजकुमारी को क्षमा का उपदेश दिया। सारी चिर्रावली सजीव प्रतीत होती है। एक अन्य जातक दृश्य में तीन सौ चेहरे गिने जा सकते हैं। एक स्थान पर आकाशचारी दिख्य गायकों के समुदाय का रमणीय चित्र है।

निर्देशांनुसार उत्तर दीजिए :

(क) कला की अभिव्यक्ति के लिए जिन लोगों ने ऐसे अपूर्व स्थान को चुना उनके चरणों में शत्शत् प्रणाम है।

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्ध्त है?
उत्तर :
यह पंक्ति ‘अजंता की चिक्रकला’ पाठ से उद्धृत है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 2.
इस पंक्ति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
अजंता की मूर्तिकला, चिच्रकला और वास्तुकला को देखकर लेखक मुग्ध हो जाते हैं। लेखक अजंता की इस कला की कलात्मकता को व्यक्त करने वाले कलाकारों के पति श्रद्धा का भाव प्रकट करता है । उसका कथन है कि जिन लोगों ने कला को मूर्त रूप देने के लिए इस अनुपम स्थान का चयन किया वे वन्दनीय हैं। लेखक उनके वरणों में प्रणाम करता है।

(ख) ‘उनके लिए चारों ओर कुछ है ही नहीं या हो ही नहीं रहा है।’

प्रश्न 1.
‘उनके लिए’ किसे संकेतित किया गया है?
उत्तर :
यहाँ ‘उनके लिए’ भगवान बुद्ध को संकेतित किया गया है।

प्रश्न 2.
इस पंक्ति का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
‘काम’ की सेना भगवान बुद्ध को घेर कर उन्हें विचलित करने की चेष्टा कर रही है। भयंकर मूर्तियाँ तथा कामिनियाँ अपने-अपने उपाय से उन्हें साधना से विचलित करना चाहती हैं। पर भगवान अपनी चेतना में लीन हैं, उन पर इन चेष्टाओं का कोई असर नहीं, उनके लिए वहाँ कुछ भी नहीं है। वे अपनी साधना में अडिग बने हुए हैं।

(ग) ‘प्रत्येक भारतीय को अपने उन अज्ञात पूर्वजों पर गर्व है।’

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक का नाम राय कृष्णदास हैं।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 2.
प्रत्येक भारतीय को किन पर गर्व है और क्यों?
उत्तर :
प्रत्येक भारतीय को उन पूर्वजों पर गर्व है क्योंकि उनके पूर्वज कलाकारों ने अजन्ता के आलौकिक चित्रों का निर्माण किया। इस महान कार्य को करने के बाद किसी ने अपना नाम तक नहीं छोड़ा। मानव हुदय के उदात्त भावों के सजीव चित्रण में उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग एवं मूलशब्द पृथक् कीजिए :

  • अपूर्व – अ + पूर्व
  • सुसंबद्ध – सु + संबद्ध
  • अद्वितीय – अ + द्वितीय
  • यथोचित – यथा + उचित
  • प्रवृत्त – प्र + वृत्त

2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • गुफाएँ – गुफा + एँ
  • पहाड़ियाँ – पहाड़ + इयाँ
  • गहराई – गहरा + ई
  • आन्दोलित – आन्दोलन + इत

3. पर्यायवाची शब्द लिखिए :

  • प्रेम – स्नेह, अनुराग, प्रीति।
  • धैर्य-धीरज, सब्र, धीरता।
  • पक्षी – खग, विहग, चिड़िया।
  • घोड़ा – तुरंग, अश्व, घोटक।
  • हाथी – गज, कुंजर, करी, हस्ती।
  • माता – माँ, जननी, अम्ब, महतारी।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

4. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • वर्तुलाकार – वहाँ के कुछ चित्र वर्तुलाकार हैं।
  • हस्त-कौशल – इन चित्रों का हस्त-कौशल दर्शनीय है।
  • चित्ताकर्षक-उपवन की शोभा चित्ताकर्षक है।
  • रमणीय – बाग में एक रमणीय सरोवर है।

WBBSE Class 7 Hindi अजन्ता की चित्रकला Summary

जीवन रिचय

राय कृष्णदास का जन्म सन् 1925 ई॰ में काशी में एक सम्पन्न अग्रवाल परिवार में हुआ था। भारतीय पुरातत्व तथा प्राचीन इतिहास के ये ख्याति प्राप्त विद्वान तथा शोधकर्ता थे। हिन्दी, संस्कृत, बंगला तथा इतिहास का इन्होंने गहन अध्ययन किया। इनकी भाषा अत्यंत सहज, सरल, प्रवाहपूर्ण तथा बोधगम्य है। कठिन से कठिन विषय को इन्होंने अपनी सहज भाषा शैली से बोधगम्य बना दिया है। इनकी प्रमुख रचनाएँ- भावुक, ब्रज-रज, साधना, छायापथ, अनास्था, आँखों की चाह, सुधांशु आदि हैं।

पाठ का सारांश 

प्रस्तुत पाठ में लेखक ने अजन्ता की गुफाओं में बने चित्रों का अत्यंत सुन्दर ढंग से वर्णन किया है। अजन्ता की गुफाएँ महाराष्ट्र प्रदेश में हैं। फरदापुर ग्राम से छ: किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ययों में बघोरा नदी बहती है। नदी का अन्तिम घुमाव समाप्त होते ही एक ऊँचा टीला दिखाई पड़ता है। इसके बीचोबीज बारह दरियों की एक कतार दिखाई पड़ती है। ये ही अजंता की गुफाएँ हैं। प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम छोर तक भक्ति, उपासना, धैर्य, प्रेम, लगन एवं हस्त कौशल का विश्व में अनुपम उदहारण है।

प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से अजंता बेजोड़ है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य अक्टूबर से दिसम्बर तक रहता है। अजंता की छोटी-बड़ी कुल उनतीस गुफाएँ हैं। इनके दो भेद हैं –
1 . स्तूप गुफा- इसमें प्रार्थना, उपासना की जाती थी। अंतिम छोर पर बने स्तूप के चारों ओर प्रदक्षिणा करने का स्थान होता है, अजंता की उन्नीसवीं गुफा सबसे बड़ी स्तूप गुफा है। उसका द्वार बड़ा ही भव्य हैं।

2. विहार गुफा – यह भिक्षुओं के रहने और अध्ययन के लिए होती थी। दोनों प्रकार की गुफाओं का सारा मूर्ति शिल्प एक ही शैली में गढ़ा हुआ है। गुफा नं० 11 जो लगभग छत्तीस मीटर तक भीतर काटी गई है, इसका कौशल आश्चर्यजनक है। ये सभी गुफाएँ गुप्त कालीन हैं। कुछ गुफाओं के चित्रों के अंश बचे हैं और कुछ गुफाओं के चित्र खंडित हो गए हैं। अजंता के चित्र निर्माण की विधि तथा रंगों की योजना बेजोड़ रही है। चित्रों के अवयवों में गोलाई, उभार और गहराई दिखाई गई है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

पहली गुफा के दालान की समूची दीवार पर विजय का चित्र अंकित है। सभी मूर्तियाँ भगवान को विचलित करने में प्रवृत्त हैं, पर उन पर कोई असर नहीं पड़ता। इस गुफा में केवल संध्या समय सूर्य की किरणें प्रवेश करती हैं। चम्पेय जातक कथा के अनुसार बोधिसत्व कभी नागराज के रूप में जन्म लिया था। काशीराज तथा नागराज का चित्र भी गुफा में है। चित्र के प्रत्येक व्यक्ति का भाव और मुद्रा सफलता से अंकित है। अविलोकितेश्वर का विशाल चित्र है। दाएँ हाथ में नील कमल धारण किए भगवान तात्विक विचार में लीन हैं। विश्व करुणा से ओत-प्रोत हैं। पत्नी यशोधरा पर उनके भावों का प्रभाव कुशलता से दिखाया गया है।

सोलहवीं गुफा में दो चित्र प्रसिद्ध हैं। गहरी रात में भगवान बुद्ध गृह त्याग कर रहे हैं। यशोधरा और शिशु राहुल सोया हुआ है। भगवान की दृष्टि में मोह-ममता नहीं, बल्कि उनका अंतिम त्याग अंकित है। एक स्थान पर मरती हुई राजकुमारी का चित्र है। आस-पास उसे बचाने वालों की विफलता द्रवित कर देती है। सत्रहवों गुफा के सभी चित्र एक से बढ़कर एक हैं। एक माता-पुत्र का प्रसिद्ध चित्र है। ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान कपिलवस्तु में आए तो उन्हें यशोधरा अपने पुत्र राहुल को भिक्षा के रूप में दे रही है। यह चित्र आत्म सर्मण की पराकाष्ठा का अनूठा उदाहरण है।

छछांत जातक की चित्रावली भी बड़ी सुन्दर है। बोधिसत्व एक जन्म में छह दाँतों वाले श्वेतवर्ण गजराज थे। यह समूची चित्रावली सजीव है। एक बड़े चित्र में लगभग तीन सौ चेहरे आज भी गिने जा सकते हैं। एक अन्य स्थान पर आकाशचारी दिव्य गायकों के समुदाय का बड़ा ही स्मरणीय आलेखन है। इन गुफाओं के अलौकिक चित्रों को देखकर मन आनंदित होकर उन महान चित्रकारों की श्रद्धा और साधना के आगे नतमस्तक हो जाता है। किसी भी चित्रकार ने अपना नाम तक नहीं छोड़।। प्रत्येक भारतीय को अपने उन अज्ञात पूर्वजों पर गर्व है।

शब्दार्थ –

  • वर्तुलाकार – गोल आकार का
  • सर्पाकार – टेढ़ा, वक्र
  • वास्तुकला – गृहनिर्माण कला
  • ठेठ अंत – अंतिम छोर
  • अचंभा – आश्चर्य
  • शिलाखंड-पत्थर का टुकड़ा
  • मुमूर्ष – मरने को इच्छुक
  • विकलता – बेचैनी
  • प्रदक्षिणा – परिक्रमा, फेरी
  • टीपना – चित्र बनाना
  • क्षुब्ध – अशान्त
  • आत्मानुरत – अपनी चेतना में लीन
  • परिचारिका – सेविका
  • आलेखन – चित्रांकन
  • स्तूप – ऊँचा टीला
  • अर्द्धागिनी – पत्नी

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 4 संस्कृति to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 Question Answer – संस्कृति

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर :

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए ।

प्रश्न 1.
लेखक अपने तरीके से क्या समझाने की बात करता है ?
(क) धर्म-अधर्म को
(ख) न्याय-अन्याय को
(ग) संस्कृति और सम्यवा को
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) संस्कृति और सभ्यता को

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 2.
मोती भरा थाल का क्या अभिप्राय है ?
(क) धाल में भरा हुआ मोती
(ख) आकाश में जगमगाते तारे
(ग) घास पर झिलामिलती ओस की बूँदें
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर :
(ख) आकाश में जगमगाते तारे

प्रश्न 3.
मानव संस्कृति है –
(क) एक विभाज्य वस्तु
(ख) एक अविभाज्य वस्तु
(ग) अकल्याणकारी वस्तु
(घ) अस्थायी वस्तु
उत्तर :
(ख) एक अविभाज्य वस्तु

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 4.
भदंत आंनंद कौसल्यायन का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1900
(ख) सन् 1905
(ग) सन् 1910
(घ) सन् 1915
उत्तर :
(ख) सन् 1905

प्रश्न 5.
भदंत आंनद कौसल्यायन के बचपन का क्या नाम था ?
(क) हरिदास
(ख) नामधारौ दास
(ग) हरनाम दास
(घ) नागदास
उत्तर :
(ग) हरनाम दास

प्रश्न 6.
लेखक के अनुसार ऐसे दो शब्द जो कम समझ में आते हैं –
(क) देश-विदेश
(ख) सभ्यता-संस्कृति
(ग) धर्म-अधर्म
(घ) न्याय-अन्याय
उत्तर :
(ख) सभ्यता-संस्कृति

प्रश्न 7.
जो चीज अपने या दूसरे के लिए आविष्कृत की गई है उसे कहते हैं ?
(क) सभ्यता
(ख) संस्कृति
(ग) धर्म
(घ) कर्म
उत्तर :
(क) सभ्यता

प्रश्न 8.
गुरुत्वाकर्षण की खोज किसने की ?
(क) न्यूटन
(ख) आइंस्टाइन
(ग) मैडम क्यूरी
(घ) एडिसन
उत्तर :
(क) न्यूटन

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 9.
लेखक ने रूस का भाग्यविधाता किसे कहा है ?
(क) रूस के जार को
(ख) लेनिन को
(ग) ब्लादिमीर पूतिन को
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) लेनिन को

प्रश्न 10.
मजदूरों को सुखी करने का स्वप्न किसने देखा ?
(क) हिटलर ने
(ख) मुसोलिनी ने
(ग) नेपोलियन ने
(घ) कार्ल मार्क्स ने
उत्तर :
(घ) कार्ल मार्क्स ने

प्रश्न 11.
लेखक के अनुसार संस्कृति का परिणाम क्या है ?
(क) धर्म
(ख) सभ्यता
(ग) अपसंस्कृति
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) सभ्यता

प्रश्न 12.
किसने मजदूरों को सुखी देखने का स्वपन देखते-देखते सारा जीवन दुःख में बिता दिया ?
(क) कार्ल मार्क्स
(ख) लेखक
(ग) वैज्ञानिक
(घ) न्यूटन
उत्तर :
(क) कार्ल मार्क्स

प्रश्न 13.
लेनिन कहाँ रहता था ?
(क) अमेरिका
(ख) रूस
(ग) जापान
(घ) चीन
उत्तर :
(ख) रूस

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 14.
मानव संस्कृति एक …………… वस्तु है।
(क) अनायस
(ख) अविभाज्य
(ग) भौतिक
(घ) संस्कृति
उत्तर :
(ख) अविभाज्य

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

प्रश्न 1.
संस्कृति क्या है?
उत्तर :
जिस योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा के बल से व्यक्ति आविष्कार करता है उसे, उस व्यक्ति की संस्कृति कहते हैं, संस्कृति का शाद्धिक अर्थ है – संस्कार या परिष्कार।

प्रश्न 2.
सभ्यता का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
संस्कृति का परिणाम ही सभ्यता है। हमारे खाने-पीने के तरीके, हमारे पहनने के तरीके, हमारे गमना-गमन के साधन, हमंरे परस्पर कट मरने के तरीके सब हमारी सभ्यता है।

प्रश्न 3.
संस्कृति पाठ के लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
‘संस्कृति’ पाठ के लेखक का नाम भदंत आनंद कौसल्यायन है।

प्रश्न 4.
मनीषी का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
वुद्धिमान, मेधावी विचारशील व्यक्ति को मनीषी कहते हैं।

प्रश्न 5.
भदंत आनंद कौसल्यायन का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
भंतंत आंद कौसल्यायन का जन्म सन् 1905 में पंजाब के अम्बाला जिला के सोहाना नामक गाँव में हुआ था।

प्रश्न 6.
लेखक के अनुसार कौन निठल्ला नहीं बैठ सकता ?
उत्तर :
लेखक के अनुसार जो वास्तव में संस्कृत व्यक्ति है, वह तमाम सुख-सुविधाओं से युक्त होने पर भी निठल्ला नहीं बैठ सकता।

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प्रश्न 7.
लेखक के अनुसार संस्कृति के कारक क्या हैं ?
उत्तर :
लेखक के अनुसार ज्ञानेप्सा, भौतिक प्रेरणा और कल्याणकारी भावना संस्कृति के कारक हैं।

प्रश्न 8.
संस्कृति कैसे असंस्कृति बन जाती है ?
उत्तर :
संस्कृति से कल्याणकारी तत्व को निकाल देने पर वह असंस्कृति बन जाती है।

प्रश्न 9.
संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता टूट जाये तो क्या होगा ?
उत्तर :
संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता दूट जायेगा तो वह असंस्कृति होकर ही रहेगी।

प्रश्न 10.
मानव संस्कृति क्या है ?
उत्तर :
मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

प्रश्न 1.
आग की खोज किन कारणों से हुई?
उत्तर :
आग की खोज में पेट की ज्वाला की प्रेरणा एक कारण रही। जब आग का आविष्कार नहीं हुआ उस समय स्वयं जिस मनुष्य ने पहले आग का आविष्कार किया होगा वह महान आविष्कर्ता होगा। उसे भी पेट की ज्वाला से ही प्रेरणा मिली होगी।

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प्रश्न 2.
न्यूटन कौन थे? उन्होंने किस सिद्धांत की स्थापना की?
उत्तर :
न्यूटन एक महान वैज्ञानिक थे। वे संस्कृत मानव थे। उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की स्थापना थी।

प्रश्न 3.
संस्कृत व्यक्ति किसे कहा जाता है?
उत्तर :
जिस व्यक्ति ने अपनी बुद्धि अथवा विवेक से मानव के कल्याण के लिए किसी नये तथ्य की खोज की, उसे संस्कृत व्यक्ति कहते हैं।

प्रश्न 4.
सिद्धार्थ ने अपना घर क्यों त्याग दिया?
उत्तर :
सिद्धार्थ ने अपना घर इसलिए त्याग दिया कि किसी तरह तृष्णा के वशीभूत लड़ती-कटती मानवता सुख से रह सके।

प्रश्न 5.
संस्कृति और सभ्यता में मौलिक अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सभ्यता संस्कृति का परिणाम है। जिस योग्यता, प्रवृत्ति और प्रेरणा से कोई आविष्कार होता है, उसे सभ्यता कहते हैं।

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए-

(क) जिस व्यक्ति में पहली चीज, जितनी अधिक व जैसी परिष्कृत मात्रा में होगी, वह व्यक्ति उतना ही अधिक एवं वैसा ही परिष्कृत आविष्कर्ता होगा।

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्दुत है ? पहली चीज का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
यह पंक्ति ‘संस्कृति’ पाठ से उद्धुत है। पहली चीज है किसी व्यक्ति विशेष की आग का आविष्कार करने की शक्ति। पहले व्यक्ति के मन में इसकी प्रेरणा उत्पन्न हुई होगी। फिर आविष्कार हुआं होगा।

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प्रश्न 2.
प्रस्तुत पंक्ति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
लेखक ने स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति में योग्यता होगी, तभी प्रेरणा होने पर वह आविष्कार करता है । योग्यता और प्रेरणा जितनी सुरुचिपूर्ण होगी वह उतनी ही अधिक सुन्दर खोज कर सकेगा।

(ख) ‘संस्कृति’ का यदि मानव कल्याण से नाता टूट जाएगा तो वह असंस्कृति होकर रहेगी और ऐसी संस्कृति का अवश्यंभावी परिणाम असभ्यता के अतिरिक्त दूसरा क्या होगा?

प्रश्न 1.
असंस्कृति और असभ्यता का तात्पर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
मानव की जो योग्यता उससे आत्म विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है उसे असंस्कृति कहते हैं। जिन साधनों के बल पर वह दिन-रात आत्म विनाश में जुटा रहता है उसे असभ्यता कहते हैं।

प्रश्न 2.
संस्कृति का कल्याण की भावना से नाता टूटने का परिणाम क्या होगा? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता दूट जाएगा तो वह असंस्कृति होकर ही रहेगी और ऐसी संस्कृति का परिणाम निश्चित रूप से असभ्यता होगा।

भाषा-बोध

1. उपसर्ग एवं मूल शब्द अलग कीजिए :

  • उपयोग – उप + योग
  • अनेक – अन + एक
  • प्रवृत्ति – प्र + वृत्ति
  • अपरिचित – अ + परिचित
  • महानायक – महा + नायक
  • अविभाज्य – अ + विभाज्य

2. प्रत्यय पृथक कीजिए :

  • शब्द मूलशब्द प्रत्यय
  • सभ्यता – सभ्य + ता
  • योग्यता – योग्य + ता
  • पूर्वज – पूर्व + ज
  • मानवता – मानव + ता
  • रक्षणीय – रक्ष + अणीय
  • आध्यात्क्क – अध्यात्म + इक

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3. विलोम शब्द लिखिए :

  • एक – अनेक
  • बड़ा – छोटा
  • अनायास – आयास
  • अपेक्षा – उपेक्षा
  • प्रथम – अन्तिम
  • कल्याण-अकल्याण

4. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • आविष्कर्ता – आग की खोज करने वाला महान आविष्कर्ता होगा।
  • संस्कृति – भारतीय संस्कृति गौरवपूर्ण है।
  • परिष्कृत – जिसका स्वभाव परिष्कृत हो वह सबका प्रिय बन जाता है।
  • संसार – संसार में अनेक प्रकार के लोग रहते हैं।

WBBSE Class 7 Hindi संस्कृति Summary

जीवक्र फरिच्य

भदंत आनंद् कौसल्यायन का जन्म सन् 1895 ई० में पंजाब के अंबाला जनपद के सोहाना गाँव में हुआ था। कौसल्यायन बौद्ध भिक्षु थे। उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार में अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया। सन् 1988 ई० में उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया। उनकी प्रमुख प्रकाशित रचनाएँ-भिक्षु के पात्र जो भूल न सका, यदि बाबा न होते, कहाँ क्या देखा आदि प्रमुख हैं। उन्होंने सहज, सरल भाषा में जातक कथाओं का अनुवाद किया। उन्होंने देश-विदेश में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार में स्तुत्य योगदान दिया।

शब्दार्थ :-

  • भौतिक-पार्थिव
  • आध्यात्मिक – ब्रह्म और जीव संबंधी
  • साक्षात – प्रत्यक्ष
  • आविष्कार – खोज
  • आविष्कर्ता-खोज करने वाला
  • ज्ञानेप्सा – ज्ञाने पाने की इच्छा
  • प्रज्ञा – बुद्धि
  • तथ्य-सत्य, यथार्थता
  • तृष्णा – लालच
  • अविभाज्य – जिसे बाँटा न जा सके।
  • पूर्वज-पुरखा
  • अनायास – बिना प्रयत्न के
  • शीतोष्ण – ठंडा और गर्म
  • स्थूल-बड़ा
  • मनीषियों – मेधावी, ज्ञांनी, विचारशील
  • रक्षणीय – रक्षा करने योग्य
  • मैन्री – मित्रता
  • कल्याण – भलाई
  • परिष्कृत – संस्कार किया हुआ।
  • निठल्ल – बेकार

गुरुत्वाकर्षण – वह शक्ति जिसके द्वारा कोई पिंड किसी दूसरे पिंड को अपनी ओर आकृष्ट करता है अथवा उसकी ओर आकर्षित होता है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

पाठ का सारांश –

प्रस्तुत पाठ में कौसल्यायन ने सभ्यता और संस्कृति के स्वरूप पर प्रकाश डाला है। मानव संस्कृति को अंविभाज्य बतलाया है। एक समय था जब मनुष्य आग से परिचित नहीं था। आग की खोज करने वाला महान आविष्कर्ता होगा। सुई की खोज करने वाला भी महान आविष्कार्ता रहा होगा। इन उदाहरणों से स्पष्ट हो जाता है कि एक वस्तु का आविष्कार करने की शक्ति और दूसरी वस्तु है आविष्कार। जिस योग्य प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा से आग का, सुईधागे का आविष्कार हुआ वह व्यक्ति की संस्कृति है और संस्कृति द्वारा जो आविष्कार, हुआ, जो चीज उसने अपने तथा दूसरों के लिए आविष्कृत की, उसका नाम सभ्यता है।

संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है। उसकी संतान सभ्य भले हों पर वह संस्कृत नहीं कहला सकता। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी न्यूटन से अधिक सभ्य भले हो पर वे न्यूटन जैसा संस्कृत नहीं हो सकते। आग के आविष्कार में कदाचित पेट की ज्वाला की प्रेरणा एक कारण रही। सुई-धागे के आविष्कार में शायद शीतोष्ण से बचने तथा शरीर को सजाने की प्रवृत्ति रही होगी। पेट भरा और तन ढँका होने पर भी संस्कृत मानव कभी निठल्ला नहीं बैठ सकता। रात के तारों को देखकर न सो सकने वाला मनीषी आज के ज्ञान का प्रथम पुरस्कर्ता है।

भौतिक प्रेरणा, ज्ञानेप्सा ये दो ही मानव संस्कृति के माता-पिता हैं। यही कारण है कि एक व्यक्ति दूसरे के मुँह में कौर डालने के लिए अपने मुँह का कौर छोड़ देता है। रोगी बच्चे को सारी रात गोद में लिए माता बैठी रहती है। लेनिन डबल रोटी के सूखे टुकड़े स्वयं न खाकर दूसरों को खिला देते थे। संसार के मजदूरों के सुखी देखने के लिए कार्ल मार्क्स ने सारा जीवन दु:ख में बिता दिया। सिद्धार्थ ने मानवता के सुख के लिए गृह त्याग कर दिया। जो योग्यता किसी महामानव से सर्वस्व त्याग कराती है, वह भी संस्कृति है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

संस्कृति का परिणाम ही सभ्यता है। हमारे खाने-पीने के तरीके, पहनने के तरीके, गमना-गमन के साधन सब हमारी सभ्यता है। मानव की जो योग्यता उससे आत्मविनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे संस्कृति नहीं, बल्कि, असंस्कृति कह सकते हैं। संस्कृति का कल्याण की भावना से नाता टूट जाएगा तो असंस्कृत हो जाएगी। ऐसी संस्कृति का परिणाम असभ्यता ही होगा। संस्कृति के नाम पर जिसे कूड़े-करकट के ढेर का बोध होता है वह न संस्कृति है, न रक्षणीय वस्तु। मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है, उसमें जितना अंश कल्याण का है, वह अकल्याण की अपेक्षा श्रेष्ठ ही नहीं स्थायी भी है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 3 संन्यासी to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 Question Answer – संन्यासी

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए ।

प्रश्न 1.
पालू किस राज्य का निवासी था?
(क) गुजरात
(ख) राजस्थान
(ग) पंजाब
(घ) महाराष्ट्र
उत्तर :
(क) गुजरात

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 2.
‘यह न होगा’ किसका कथन है?
(क) पालू के पिता का
(ख) बालू का
(ग) पालू का
(घ) सुचालू का
उत्तर :
(ग) पालू का

प्रश्न 3.
पालू की स्त्री किस रोग का शिकार होकर मर गई?
(क) मलेरिया
(ख) हैजा
(ग) टाइफाइड
(घ) तपेदिक
उत्तर :
(ख) हैजा

प्रश्न 4.
सुदर्शन जी का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1885
(ख) सन् 1895
(ग) सन् 1905
(घ) सन् 1915
उत्तर :
(ख) सन् 1895

प्रश्न 5.
सुदर्शन जी किस युग के कथाकार हैं ?
(क) द्विवेदीयुगीन
(ख) प्रेमचंदयुगीन
(ग) प्रेमचंदोत्तर युगीन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) प्रेमचंद्युगीन

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 6.
पालू कितने भाई थे ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार
उत्तर :
(ग) तीन

प्रश्न 7.
पालू के पुत्र का क्या नाम था ?
(क) दीनदयाल
(ख) दादूदयाल
(ग) दयाराम
(घ) सुखदयाल
उत्तर :
(घ) सुखदयाल

प्रश्न 8.
पालू के गुरु कौन थे ?
(क) शंकराचार्य
(ख) वल्लभाचार्य
(ग) रामानंद
(घ) प्रकाशानंद
उत्तर :
(घ) प्रकाशानंद

प्रश्न 9.
भोलानाथ कौन था ?
(क) पालू का मित्र
(ख) पालू का भाई
(ग) पालू का गुरु
(ग) पालू का शिष्य
उत्तर :
(क) पालू का मित्र

प्रश्न 10.
पालू कितने समय बाद घर वापस लौटा ?
(क) एक वर्ष बाद
(ख) दो वर्ष बाद
(ग) तीन वर्ष बाद
(घ) चार वर्ष बाद
उत्तर :
(ख) दो वर्ष बाद

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 11.
पालू की भाभी का क्या नाम था ?
(क) सुखमति
(ख) सुखदेवी
(ग) सुखवती
(घ) सुखरानी
उत्तर :
(ख) सुखदेवी

प्रश्न 12.
पालू किस त्योहार के दिन घर वापस आया ?
(क) होली
(ख) दीवाली
(ग) दशहरा
(घ) लोहड़ी
उत्तर :
(घ) लोहड़ी

प्रश्न 13.
सुक्खू का मुख किस प्रकार चमक रहा था ?
(क) सूर्य
(ख) चंद्रमा
(ग) तारे
(घ) आग
उत्तर :
(ख) चंद्रमा

प्रश्न 14.
शांति के लिए कौन से मार्ग की अवश्यकता है ?
(क) सेवा
(ख) कठिन
(ग) युद्ध
(घ) उपदेश
उत्तर :
(क) सेवा

प्रश्न 15.
पालू के स्थान पर कौन खड़े थे ?
(क) सुखदयाल
(ख) भोलानाथ
(ग) साधु-महात्मा
(घ) सुखदेवी
उत्तर :
(ग) साधु-महात्मा

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 16.
कौन अंदर से निकला और रोता हुआ स्वामी जी से लिपट गया ?
(क) बालकराम
(ख) पालू
(ग) भोलानाथ
(घ) सुखदेवी
उत्तर :
(क) बालकराम

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

प्रश्न 1.
पालू किस गाँव का रहने वाला था?
उत्तर :
पालू लखनवाल गाँव का रहने वाला था।

प्रश्न 2.
पालू की भाभी अवाक् क्यों रह गई?
उत्तर :
पालू की भाभी को आशंका थी कि पालू संपत्ति बाँटने के लिए झगड़ा करेगा, लेकिन पालू घर-बार छोड़ जाने को तैयार हो गया और भाभी से बोला कि अब वह घर में नहीं रहेगा। इसलिए उसके बेटे को संभालो। यह सुनकर भाभी अवाक् रह गई।

प्रश्न 3.
स्वामी विद्यानंद कौन थे?
उत्तर :
पालू सन्यास ग्रहण कर ऋषिकेश में रहने लगा और अब वही पालू ही स्वामी विद्यानंद के रूप में प्रसिद्ध हो गया।

प्रश्न 4.
भोलानाथ कैसा पुरुष था?
उत्तर :
भोलानाथ हाँडा का बड़ा सज्जन पुरुष था। उसके मन में स्नेह, दया तथा परोपकार की भावना थी। पालू का वह सच्चा मित्र था। सुक्खू (सुखदयाल) के प्रति उसके मन में सच्चा स्नेह था।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 5.
लोहड़ी क्या है?
उत्तर :
लोहड़ी एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार बड़े समारोह के रूप में पंजाब में मनाया जाता है।

प्रश्न 6.
पालू अपने पुत्र को किसके आश्रय में छोड़ गया था?
उत्तर :
पालू अपने पुत्र को अपनी भाभी के आश्रय में छोड़ गया था।

प्रश्न 7.
पालू क्या करता था ?
उत्तर :
पालू एक दुकान चलाता था।

प्रश्न 8.
पालू का विवाह किससे हुआ ?
उत्तर :
पालू का विवाह चौधरी की बेटी से हुआ।

प्रश्न 9.
विद्यानंद के मन से क्या आवाज आती रहती थी ?
उत्तर :
विद्यानंद के मन से आवाज आती रहती थी कि वह अपने आदर्श से दूर जा रहा है।

प्रश्न 10.
विद्यानंद उर्फ पालू की अशांति का मूल कारण क्या था ?
उत्तर :
विद्यानंद की अशांति का मूल कारण उसके पुत्र के प्रति स्नेह था।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 11.
भोलानाथ को देखकर सुखदयाल क्या अनुभव करता था ?
उत्तर :
भोलानाथ को देखकर सुखदयाल पितृ-प्रेम का अनुभव करता था।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

(क) पालू किस बात में उस्ताद था?
उत्तर :
पालू बाँसुरी और घड़ा बजाने में उस्ताद था। हीर-राँझे का किस्सा पढ़ने तथा जोग सहती के प्रश्नोत्तर पढ़ने में भी वह बेजोड़ था।

(ख) पालू मन ही मन क्यों कुढ़ता था?
उत्तर :
गाँव के लोग पालू के व्यवहार, उत्सवों के प्रति उसकी तत्परता तथा कला को देख सुनकर मुग्ध होते और उसकी अतिशय प्रशंसा करते थे। पर उसके घर के लोग उसके गुणों की कदर न करते थे। घर में उसे ठंडी रोटियाँ माँ की गालियाँ, भाभियों के ताने मिलते थे। इसी कारण पालू मन ही मन कुढ़ता था।

(ग) पालू के जीवन में किस तरह का परिवर्तन आ गया?
उत्तर :
पालू की तैंतीस वर्ष की अवस्था में शादी हो गई। स्त्री के आते ही उसका संसार ही बदल गया। बाँसुरी, किस्से, कहानी सब को वह भूल गया। अब घर उसके लिए फूलों की वाटिका बन गया। कभी वह दिन के अधिकांश समय घर के बाहर रहता था किन्तु अब वह घर के बाहर ही नहीं निकलता। इस प्रकार विवाह के पश्चात् पालू के चरित्र और व्यवहार में बड़ा परिवर्तन आ गया।

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(घ) स्वामी प्रकाशानंद के पास स्वामी विद्यानंद क्यों गए?
उत्तर :
स्वामी विद्यानन्द की भक्ति की सर्वत्र धूम मच गई। पर उनके मन को शांति नहीं मिली। सुख की नींद नहीं आती थी। पूजा-पाठ में मन एकाग्र नहीं होता। उनके मन में ऐसी आवाज आती थी कि वे अपने आदर्श से दूर जा रहे हैं। वे चौंक उठते, पर कारण समझ में न आता। वे घबरा कर रोने लग जाते, परंतु चित्त को शांति न मिलती। इसी अशांति के समाधान के लिए वे स्वामी प्रकाशानंद के पास गए।

(ङ) सुखदयाल का कलेजा क्यों काँप गया?
उत्तर :
भोलानाथ के घर से सुखदयाल अपने घर पहुँचा। भोलानाथ के घर उसने चिमटे से ताई द्वारा मारने की जो बात कही थी, वह ताई के कानों तक पहुँच गई। ताई के क्रोध की कोई सीमा न रही। रात अधिक बीत जाने पर मुहल्ले की स्त्रियाँ अपने-अपने घर चली गई। अब अपना क्रोध उतारने के लिए ताई सुखदयाल को पकड़ कर डाँटने लगी। उसके रौद्र रूप और व्यवहार को देखकर सुखदयाल का कलेजा काँप गया।

(च) पालू के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर :
पालू अनपढ़ था, पर मूर्ख नहीं था। गुणों की खान था। बाँसुरी बजाने, किस्से-कहानी सुनाने में वह बेजोड़ था। गाँव में होली, दीपाबली तथा दशहरे में होनेवाले उत्सवों में उसी की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। उसके घर के लोग उसके गुणों की कदर नहीं करते थे। घर के बाहर वह गाँव वालों के साथ बड़ा ही व्यावहारिक था।

उसका रूप रंग सुन्दर था, शरीर भी सुडौल था। उसमें य्यार तथा सेह की भावना भरी थी। अपने नन्हें पुत्र तथा नई प्ली से वह अत्यधिक प्यार करता था। वह अपने हठ तथा सिद्धांत पर अडिग रहने वाला दृढ़ पुरुष था। उसमें कष्ट सहिष्युता भरी थी। संन्यासी बनने पर वह पर्वत पर रहता तथा पत्थरों पर सोता था। उसमें ईश्वर भक्ति तथा आत्मसयम की भावना थी। अपने गुण के पति उसमें गहरी श्रद्धा थी। वह सदाचारी था। गुरु के आदेश को स्वीकार कर ही उसने पुन: गृहस्थाश्रम को स्वीकार किया।

(छ) संन्यासी कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर :
इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि गृहस्थ के उत्तरादायित्व का निर्वाह करना ही वास्तविक संन्यास है। गृहस्थ जीवन का निर्वाह किए बिना संन्यासी बनने से मन को शांति नहीं मिलती। सेवा मार्ग वन में भटकने से श्रेष्ठ होता है। पुत्र, परिवार और अपने आश्रित जनों की सेवा करने से ही शांति मिल सकती है। कर्त्तव्य पालन ही सच्चा संन्यास है।

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यथा निर्देश उत्तर दीजिए :

(क) मनुष्य सब कुछ सह लेता है, पर अपमान नहीं सह सकता।

प्रश्न 1.
इस पंक्ति के लेखक का नाम लिखिए ।
उत्तर :
इस पंक्ति के लेखक का नाम सुदर्शन है।

प्रश्न 2.
सप्रसंग इस पंक्ति का तात्पर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
पालू अनपढ़ था, पर मूर्ख नहीं था। पिता प्रकारान्तर से उसे निर्लज्ज कहते, आलोचना करते पर वह स्वभाव से बेपरवाह था, इसलिए हैसकर टाल देता। पर भाई और भाभियाँ भी बात-बात में ताने देने और घृणा की दृष्टि से देखने लगी। पालू सब कुछ सह सकता था, पर अपना इस प्रकार का अपमान नहीं सह सकता था। इसलिए इस अपमान को देखकर उसने प्रतिकार स्वरूप पिता के पास जाकर शिकायत की।

(ख) सारे गाँव में तुम्हारी मिद्टी उड़ रही है। अब भी बताने की बात बाकी रह गई है।

प्रश्न 1.
‘तुम्हारी’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? मिट्टी उड़ने का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
यहाँ तुम्हारी’ शब्द का प्रयोग पालू के लिए किया गया है। मिद्टी उड़ने का तात्पर्य है बदनामी होना। पालू के पिता उसे बता रहे हैं कि समस्त गाँव में उसकी बदनामी हो रही है।

प्रश्न 2.
इस अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
पालू के पिता पालू से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि तुम सदा स्वी के पास ही बैठे रहते हो। तुम्हहारा अनोखा विवाह हुआ है। अपना विचार प्रकट करते हुए कहने लगे कि गाँव भर में तुम्हारी बदनामी हो रही है। सारा गाँव तुम्हारी आलोचना कर रहा है। इससे अधिक बात क्या हो सकती है। हमें कुछ बताने, कहने की जरूरत ही नहीं है।

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(ग) ‘बात साधारण थी, परन्तु हददोों में गाँठ बँध गई।’

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्धुत है ?
उत्तर :
यह पंक्ति ‘संन्यासी’ पाठ से उद्रतत है।

प्रश्न 2.
किनके हूदयों में गाँठ बँध गई और क्यों?
उत्तर :
पालू और उसके पिता के हृदयों में गाँठ बँध गई। पल्नी को उसके घर भेज देने का पिता का प्रस्ताव स्पष्ट शब्दों में पालू ने अस्वीकार कर दिया, पिता कोधित होकर उसे घर से किनारे करने के लिए कह दिया। अब पालू ने भी कड़ा मत्तर देते हुए कहा कि वह कहीं नहीं जाएगा। इसी घर में रहेगा, खाएगा। कौन उसे निकाल सकता है। इसी बात पर दोनों के हैदयों में गाँठ बँध गई।

(घ) ‘स्वामी विद्यानंद की आँखों में आँसू आ गए।’

प्रश्न 1.
स्वामी विद्यानंद कौन थे?
उत्तर :
पालू ही स्वामी विद्यानंद थे। गृहस्थ जीवन त्याग पालू ॠषिकेश जाकर स्वामी विद्यानंद के रूप में प्रसिद्ध हो गया।

प्रश्न 2.
उनकी आँखों में आँसू क्यों आ गए? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
स्वामी विद्यानंद घर के अंदर गए। उन्होंने भतीजियों को चमेली के फूल की तरह खिला हुआ देखा। पर कभी मैना के समान चहकने वाला सभी को प्यारा नटखट बालक सुखदयाल उदासीनता की मूर्ति बना था। उसका मुख कुम्हलाया हुआ था। बाल रूखे थे, वस्त्र मैल-कुचेले थे। लगता था किसी भिखारी का लड़का है। अपने उस प्यारे पुत्र की इस दशा को देखकर स्वामी विद्यानंद पालू की आँखों में आँसू आ गए।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखि शब्दों से उपसर्ग एवं मूल शब्द अलग कीजिए :

  • अभिमान – अभि + मान
  • असंभव – अ + संभव
  • निष्ठुर – निः + ठुर
  • निर्लज्ज – नि: (नि) + लज्ज
  • अनपढ़ – अ (अन) + पढ़
  • अपमान – अप + मान
  • प्रतिक्षण – प्रति + क्षण

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • झांकियों – झाँकी + यों
  • धीरता – धीर + ता
  • नमता – नम + ता
  • व्याकुलता – व्याकुल + ता
  • प्रसन्नता – प्रसन्न + ता
  • सुंदरता – सुंदर + ता

3. पर्यायवाची शब्द लिखिए :

  • विधाता – बह्ला, विरंचि, चतुरानन।
  • चिड़िया – खग, विहग, पक्षी।
  • संसार – विश्व, जगत्, दुनिया।
  • चित्र- तस्वीर, आकृति, आकार।
  • वस्थ्र – कपड़ा, अम्बर, वसन, पट।
  • वाटिका – उद्यान, बागीचा, बाग

4. विलोम शब्द लिखिए :

  • सुन्दर-असुंदर, कुरूप
  • मूख्ख-विद्वान
  • विष-अमृत
  • चंचल – शान्त, स्थिर
  • अशांति – शांति ।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

5. वाक्य प्रयोग कीजिए :

  • पिंजरा – पिंजरा में कैद पक्षी उड़ नहीं सकता।
  • गृहस्थी – गृहस्थी संभालना हर व्यक्ति का फर्ज है।
  • एकाग्र – एकाग्र चित्त होकर पढ़ना चाहिए।
  • धर्मशाला – धर्मशाला में यात्री ठहरते हैं।
  • समारोह – विवाह का समारोह धूम-धाम से मनाया जा रहा है।

WBBSE Class 7 Hindi संन्यासी Summary

जीवक्र फरिच्य

सुदर्शन का जन्म सन् 1895 ई० में अविभाजित पंजाब के स्यालकोट नगर में हुआ था। मुम्बई में 1967 ई० में इनका देहावसान हो गया। सुदर्शन उर्दू से हिन्दी कहानी लेखन की ओर उन्मुख हुए। आर्य समाजी विचारधारा से वे प्रभावित थे। आपने उपन्यास, कहानी, नाटक सभी क्षेत्रों में लेखनी चलाई। इनके प्रसिद्ध कहानी संग्रह हैं – पुष्पलता, सुपभात, सुदर्शन सुधा, सुदर्शन सुमन, पनघट और चार कहानियाँ। परिवर्तन, भागवंती और राजकुमार इनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं। अंजना, सिकदर और भाग्यचक्र इनके नाटक हैं। इनकी भाषा सीधी, सरल, सरस, प्रसाद गुण संपन्न तथा मुहावरेदार हैं। इनकी कहानियों में आदर्शवाद की झलक मिलती है।

कहानी का सारांश

कथानायक पालू गुजरात के लखनवाल का रहनेवाला था। वह गुणों का भण्डार था। उसे अशिक्षित और अकर्मण्य नहीं कह सकते। वह गाँव में होने वाली होलियों में झाँकियों का, दिवाली पर जुए का, दशहरे पर रामलीला का प्रबंध बड़े उत्साह से संपन्न करवाता था। बाँसुरी बजाने में वह उस्ताद था।

हीर-राँझे की कहानी कहने तथा जोग और सहती के प्रश्नोत्तर पढ़ने में वह बेजोड़ था। उसके घर में उसके गुणों की कदर न थी। पालू तीन भाई था। उसका एक भाई सुचालू (सुच्चालामाल) व्यायाम मास्टर था। दूसरा भाई बालू (बालकराम) दुकान चलाता था। पिता के उपदेश और भाइयों-भाभियों के निष्ठुर व्यवहार का पालू पर कोई असर नहीं पड़ता था। पालू की जीवन-दशा निराली थी। अपने घर में वह उपेक्षित तथा तिरस्कृत था, पर बाहर अपेक्षित तथा सम्मानित था।

तैंतीस वर्ष की अवस्था में पालू का विवाह हो गया। विवाह के पश्चात् पालू के चरित्र और व्यवहार में बड़ा बदलाव आ गया। पहले वह दिन में घंटों घर से बाहर रहता था, पर अब वह घर से बाहर ही नहीं निकलता। बाँसुरी और किस्से छोड़कर पत्नी के प्रेम में डूबा रहता था। घर में माता-पिता, भाई-भाभी सभी व्यंग्य करते थे। पालू ने एक दिन अपने पिता के सामने जाकर अपनी झुँझलाहट व्यक्त किया। पिता उस पर चिढ़ते थे। सारा दिन स्वी के पास बैठे रहना, पिता को भी अच्छा नहीं लगता था। पिता ने कहा कि स्त्री को मायके भेज दो। पर इस प्रस्ताव को उसने बिल्कुल स्वीकार नहीं किया। वह रात-दिन पत्नी के प्यार में डूबा रहता था। पत्नी की गोद में दो वर्ष का बालक भी खेलता था। दुर्भाग्य से पालू की स्वी हैजे से चल बसी। पालू की आनंदवाटिका उजड़ गई।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

पालू पत्नी के वियोग को सह न सका। तीन मास के अंदर ही उसके माता-पिता भी चल बसे। पालू का मन संसार से विरक्त हो उठा। वह अपने पुत्र सुखदयाल को भाभी को सौंप कर घर-बार छोड़ कर संन्यासी बनने के लिए निकल पड़ा।

पालू दो वर्ष वन में रहा। कठिन साधना और तपस्या से पूरे हरिद्वार में उसकी धूम मब गई। पर उसे वहाँ शांति न मिल सकी। उसके मन में सदा आग सुलगने लगी। अंत में वह अपने मन की पीड़ा को अपने गुरु पकाशानंद से व्यक्त किया। गुरु ने उससे उसकी सारी बाते पूछकर यह मालूम किया कि उसका चार वर्ष का बालक अनाथ की तरह घर पर है। गुरु को उसकी अशांति का कारण ज्ञात हो गया। इसलिए गुरु ने उसे तुरंत घर जाने का आदेश दिया।

पालू का मित्र भोलानाथ पालू के चले जाने पर उसके पुन्त सुखदयाल पर सेह दिखाने लगा। उसके बड़े भाई बालू की स्त्री सुखदयाल के साथ बड़ी ही निर्ममता का व्यवहार किया करती थी। यहाँ तक कि भोलानाथ के घर जाने पर भी उसे डाँटती और मारती थी। उसे रूख-सूखे भोजन और फटे-पुराने कपड़े देती थी। स्नेह के अभाव में बालक मुरझा गया था। एक दिन वह जैसे ही बेलन उठाकर मारना चाही, तभी उसकी बेटी ने पालू चाचा के आगमन की सूचना दी।

पालू संन्यासी विद्यानंद के रूप में घर आया। सुखदेवी और बालकराम दोनों ही उसे देखकर हैरान हो गए। पालू ने घर में भतीजियों को सुंदर वस्त्रों में चमेली के फूल की तरह चमकते हुए देखा। सुखदयाल जल के बिना सूखे-मुरझाए पौषे के समान था। बालक की यह स्थिति देखकर पालू की आँखों में आँसू आ गए। अब वह सब कुछ समझ गया। रात के

समय सोने के लिए वह अपने कमरे में पहुँचा। वहाँ उसकी वाटिका उजड़ चुकी थी। प्रेम का राज्य लुट चुका था। पालू सोचने लगा कि प्यार के बिना यह बालक धूल में मिल गया। रात के समय झपपकी आ जाने पर उसे अनुभव हुआ कि सुख और शांति के लिए सेवा मार्ग की आवश्यकता है। पुत्र की सेवा करने से ही मन को शांति प्राप्त हो सकती है। मन की शांति कर्त्तव्य पालन से ही मिल सकती है। उसने सुखदयाल को गले लगाया और उसके सूखे मुख को चूम लिया।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

शब्दार्थ :-

  • गुथन – समूह, भंडार
  • सुध – याद, होश
  • लीन – संलग्न, तत्पर
  • उस्ताद – गुरु, प्रवीण
  • निष्ठुर – कठोर, क्रूर
  • अपमान – निरादर
  • अनोखा – विचित्र
  • दारुण – भीषण
  • झकोरे – झोंके
  • धीरता – धैर्य
  • पददलित – पैरों से कुचले हुए
  • लोहड़ी – एक त्योहार
  • कुम्हलाया – मुरझाया
  • रौनक-चमक, शोभा
  • पितृवात्सल्य-पिता का प्यार
  • उत्तरदायित्व – जिम्मेदारी
  • प्रबंध – इंतजाम, व्यवस्था
  • गँवार- मूर्ख, अनपढ़
  • अभिमान – घमंड
  • विधाता – ईश्वर
  • अनपढ़ – अशिक्षित
  • अवाक् – मौन, आश्चर्य चकित
  • संकल्प – प्रण
  • कंदरा – गुफा
  • निमित्त – कारण
  • आघात – चोट
  • सदाचारी – अच्छे आचरण वाला
  • जागीर – संपत्ति
  • हलचल – आन्दोलन
  • व्याकुलता – बेचैनी
  • शिशिर – सर्दी
  • हृदय बेधक- दिल को दर्द देनेवाला

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

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WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 Question Answer – सरदार वल्लभभाई पटेल

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प का चयन कीजिए।

प्रश्न 1.
सरदार वल्लभ भाई पटेल पाठ के लेखक हैं :
(क) डॉ० जाकिर हुसैन
(ख) डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद
(ग) डॉ॰ राधा कृष्णन
(घ) डॉ॰ अवुल कलाम
उत्तर :
(ग) डॉ॰ राधा कृष्णन

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

प्रश्न 2.
आज चारों ओर किसकी काफी चर्चा रहती है?
(क) दुराचार की
(ख) भ्रष्टाचार की
(ग) अत्याचार की
(घ) व्यभिचार की
उत्तर :
(ख) भषष्टाचार की

प्रश्न 3.
स्वतंत्रा के दिनों में महात्मा गांधी के विश्वसनीय लेफ्टिनेंट थे :
(क) पं० जवाहरलाल नेहरू
(ख) सरदार वल्लभ भाई पटेल
(ग) मदन मोहन मालवीय
(घ) राजेन्र्र पसाद
उत्तर :
(ख) सरदार वल्लभ भाई पटेल

प्रश्न 4.
हमें अपने मतभेदों को क्या करके देश में पूर्ण संगठन और एकता लानी होगी?
(क) जगाकर
(ख) भुलाकर
(ग) फैलाकर
(घ) सुलाकर
उत्तर :
(ख) भुलाकर

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

प्रश्न 5.
‘सरदार वल्लभ भाई पटेल’ पाठ के लेखक हैं –
(क) डों० जाकिर हुसैन
(ख) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद
(ग) डॉ० राधाकृष्णन
(घ) डॉ० अकुल कलाम आजाद
उत्तर :
(ग) डॉं० राधाकृष्णन

प्रश्न 6.
डॉ० राधाकृष्णन् का जन्म कब हुआ ?
(क) 5 सितंबर 1888 ई०
(ख) 5 अक्टूबर 1888 ई०
(ग) 5 नवंबर 1888 ई०
(घ) 5 दिसंबर 1888 ई०
उत्तर :
(क) 5 सितंबर 1888 ई०

प्रश्न 7.
डॉ० राधाकृष्णान् का जन्म दिवस किस रूप में मनाया जाता है ?
(क) बाल दिवस
(ख) विद्यार्थी दिवस
(ग) शिक्षक दिवस
(घ) युवा दिवस
उत्तर :
(ग) शिक्षक दिवस

प्रश्न 8.
डॉ० राधाकृष्णन् के अनुसार पटेल के जीवन को निम्नलिखित किस रूप में नहीं देखा जा सकता ?
(क) क्रांतिकारी
(ख) राजनेता
(ग) प्रशासन
(घ) व्यवसायी
उत्तर :
(घ) व्यवसायी

प्रश्न 9.
लेखक ने पटेल को स्वाधीनता-पूर्व किस रूप में परिभाषित किया है ?
(क) राजनेता
(ख) प्रशासन
(ग) अनुशासित सिपाही
(घ) शिक्षाविद्
उत्तर :
(ग) अनुशासित सिपाही

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

प्रश्न 10.
सरदार पटेल किस परिवार से संबंध रखते थे ?
(क) मजदूर
(ख) व्यवसायी
(ग) कृषक
(घ) राज परिवार
उत्तर :
(ग) कृषक

प्रश्न 11.
लेखक ने पटेल जी के जीवन को कितने भागों में बाँटा है ?
(क) दो.
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर :
(ख) तीन

प्रश्न 12.
पटेल जी किस परिवार से थे ?
(क) राज परिवार
(ख) कृषक परिवार
(ग) गरीब परिवार
(घ) धनी परिवार
उत्तर :
(ख) कृषक परिवार

प्रश्न 13.
पूर्व में किन देशों ने सबसे अधिक प्रगति की है ?
(क) चौन-जापान
(ख) ब्रिटेन-फ्रांस
(ग) उत्तर कोरिया एवं दक्षिण कोरिया
(घ) अमेरिका-नीदरलैण्ड
उत्तर :
(क) चीन-जापान

प्रश्न 14.
राजेन्द्र बाबू कौन-सी नगरपालिका के अध्यक्ष थे ?
(क) इलाहाबाद
(ख) पटना
(ग) अहमदाबाद
(घ) बनारस
उत्तर :
(ख) पटना

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

प्रश्न 1.
सरदार वल्लभ भाई पटेल कौन थे?
उत्तर :
सरदार वल्लभ भाई पटेल स्वतंत्रता के निर्माताओं में से एक थे। भारत स्वतंत्र होने पर वे भारत के गृहमंत्री बने।

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प्रश्न 2.
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कैसे परिवार में जन्म लिया था?
उत्तर :
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कृषक परिवार में जन्म लिया था।

प्रश्न 3.
पटेल किसके आदेशों का पालन करते थे?
उत्तर :
पटेल अपने नेता महात्मा गांधी के आदेशों का पालन करते थे।

प्रश्न 4.
सबसे पहले और सबसे ऊपर हमें अपने आपको क्या मानना चाहिए।
उत्तर :
सबसे पहले और सबसे ऊपर हमें अपने आपको भारतीय मानना चाहिए।

प्रश्न 5.
पटेल के जीवन को हम कितने भागों में देख सकते हैं?
उत्तर :
पटेल के जीवन को हम तीन भागों में देख सकते हैं- एक क्रांतिकारी, एक राजनेता और एक प्रशासक।

प्रश्न 6.
पटेल के कार्यों का सबसे महत्वपूर्ण भाग किस रूप में था?
उत्तर :
पटैल के कार्यों का सबसे महत्वपूर्ण भाग राजनेता के रूप में था।

प्रश्न 7.
नेहरू जी ने पटेल जी के बारे में क्या कहा था?
उत्तर :
नेहरूजी ने पटेल जी के बारे में कहा था – पटेल भारतीय एकता के संस्थापक थे। समझाने की अपनी शक्ति, राजनयिक दक्षता और राजनैतिक चातुर्य से वह देश में प्रशासनिक एकता लाने में सफल हुए, जो सबल भारत के निर्माण के लिए आवश्यक आधार है।

प्रश्न 8.
डॉ० राधाकृष्णन् का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
डॉ० राधाकृष्णन् का जन्म 5 सितंबर 1888 ई० को तमिलनाडू के तिरुत्तणी नामक स्थान पर हुआ था।

प्रश्न 9.
पंडित नेहरू ने सरदार पटेल के विषय में क्या कहा था ?
उत्तर :
पंडित नेहरू ने सरदार पटेल को भारतीय एकता का संस्थापक कहा था।

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प्रश्न 10.
आज भी हमारे सार्वजनिक जीवन पर क्या छाए हुए है ?
उत्तर :
साम्प्रदायिक भेदभाव और जातिगत तीव्र घृणा अब भी हमारे सार्वजनिक जीवन पर छाए हुए हैं।

प्रश्न 11.
आज देश को किस बात की सबसे अधिक आवश्यकता है ?
उत्तर :
आज देश के पूर्ण एकीकरण करने की सबसे अधिक आवश्यकता है।

प्रश्न 12.
लंदन टाइम्स ने पटेल जी के बारे में क्या कहा ?
उत्तर :
“यह सरदार पटेल की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसकी तुलना अधिक नहीं तो कम से कम बिस्मार्क से की जा सकती है।”

प्रश्न 13.
हमारा देश निरंतर कैसे प्रगति करेगा ?
उत्तर :
यदि हम सरदार वल्लभ भाई पटेल के गुणों को याद रखें तो देश निरंतर प्रगति करेगा।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
राज्यों के एकीकरण के लिए पटेल ने क्या किया?
उत्तर :
राज्यों के एकीकरण के लिए पटेल स्वतंत्रता की प्राप्ति के तत्काल बाद दो वर्षो में अपनी सूझबूझ और लोगों को समझाने की शक्ति से 500 छोटे-छोटे राज्यों को भारत के संघ में मिला दिया। यह प्राशसनिक एकता भारत के निर्माण के लिए आवश्यक आधार है।

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प्रश्न 2.
एक प्रशासक के रूप में पटेल के कार्यों का परिचय दीजिए।
उत्तर :
प्रशासक रूप में जब गुजरात में बाढ़ आई, पटेलजी ने बारदौली आन्दोलन संगठित किया। उन्होंने उन सभी क्षेत्रों में जहाँ-जहाँ कार्य किया अपनी संगठन क्षमता दिखलाई। वे अहमदाबाद नगरपालिका के अध्यक्ष थे और उन्होंने उसे आधुनिक बनाया।

प्रश्न 3.
सरदार पटेल के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
सरदार पटेल ने सदा अनुशासन में कार्यं किया। राष्ट्र के हितों को अपने हितों से ऊपर रखा। वे बहुत कम बोलते थे। उनमें स्पष्टवादिता, दृढ़ता और दूरदर्शिता थी। किसानों के हित में उनकी गहरी रचि थी। वे साहसी, देशभक्त तथा कुशल प्रशासक थे। उनमें समझाने की अपनी शक्ति, राजनयिक दक्षता तथा राजनैतिक चातुर्य था। उनमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, आज्ञापालन, साहस तथा अपने प्राण उत्सर्ग करने की तत्परता थी। उनमें जनसेवा और त्याग की भावना थी।

प्रश्न 4.
एक राजनेता के रूप में पटेल के महत्त्व का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
पटेल के कार्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग राजनेता के रूप में था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होने अपनी सूझबूझ और लोगों को समझाने की शक्ति से 500 छोटे-छोटे राज्यों को भारतीय संघ में मिला दिया। वे भरतीय एकता के संस्थापक थे। वे देश में प्रशासनिक एकता लाने में सफल हुए। यह कार्य भारत के निर्माण के लिए आवश्यक था। अपनी राजनैतिक दक्षता से वे पशासनिक एकता लाने में सफल हुए। यह एकीकरण आज भी हमारा उद्देश्य है। पटेल की यह उपलब्चि ऐतिहासिक उपलब्धि है।

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प्रश्न 5.
निर्देशानुसार उत्तर दीजिए –

(क) यह वह कार्य है जो आज भी किया जाना शेष है।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
प्स्तुत पंक्ति के लेखक का नाम डा॰ राधाकृष्णन है।

प्रश्न 2.
कौन-सा कार्य किया जाना शेष है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सरदार पटेल ने महात्मा गाँधी के नेतृत्व में जो आन्दोलन चलाया वे संबंधित स्थानीय लोगों को एकत्र करने के उद्देश्य से चलाए जाते थे ताकि वे संगठित हो सके और उनका उद्देश्य एक हो सके, जिससे वे जाति और संपदाय के मतभेदों को भुलाकर एक होकर कार्य करें। यही कार्य है जो आज भी किया जाना शेष है।

(ख) ‘यह एक ऐसा एकीकरण है जो आज भी हमारा उद्देश्य है।’

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्दृत है?
उत्तर :
यह पंक्ति सरदार वल्लभ भाई पटेल पाठ से उद्धूत है।

प्रश्न 2.
एकीकरण का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
एकीकरण का तात्वर्य है भारत के सभी राज्यों को एक में मिलाकर भारतीय संघ में सम्मिलित करना। पटेल ने 500 राज्यों का एकीकरण कर उन्हें भारतीय संघ में सम्मिलित किया।

प्रश्न 3.
हमारा उद्देश्य क्या है ? उद्देश्य कैसे पूर्ण होगा?
उत्तर :
हमारा उद्देश्य है कि राज्यों का जो एकीकरण सरदार पटेल ने आरंभ क्रिया था वह तब तक जारी रहना चाहिए जब तक हम सब अनुभव न करें कि हम एक राष्ट्र हैं। सार्वजनिक जीवन में जाति या धर्म को नहीं आने देना चाहिए। देश की हित के लिए समझना चाहिए कि हम सब भारतीय हैं।

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(ग) ‘वह हमारी हार्दिक आशा है कि देश को इस प्रकार की दिशा मिले।’

प्रश्न 1.
यह किसका कथन है?
उत्तर :
यह कथन डॉ॰ राधाकृष्णन का है।

प्रश्न 2.
वक्ता देश को कैसी दिशा मिलने की आशा प्रकट करता है?
उत्तर :
भारत के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना और अपने देश के युवक-युवतियों को सही दृष्टिकोण प्रदान करना साथ ही अपने पड़ोसियों से गहरा संबंध बनाना वक्ता का उद्देश्य है और इसी प्रकार की दिशा मिलने की आशा वह प्रकट करता है।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग एवं मूल शब्द पृथक् कीजिए :

  • अनुशासित — अनु + शासित
  • सबल — स + बल
  • अपव्यय — अप + व्यय
  • सुनिश्चित — सु + निश्चित

2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक कीजिए :

  • क्रांतिकारी — क्रांति + कारी
  • साम्पदायिक — सम्पद्राय + इक
  • आध्यात्मिक — आध्यात्म + इक
  • मानसिक — मन (मानस) + इक
  • इच्छाओं — इच्छा + ओं

3. विलोम शब्द लिखिए :

  • भिन्न – अभिन्न
  • अनुकूल – प्रतिकूल
  • एकता- अनेकता
  • धर्म – अधर्म
  • उत्थान – पतन
  • नैतिक-अनैतिक

WBBSE Class 7 Hindi सरदार वल्लभभाई पटेल Summary

जीवन-परिचाय

डॉ० राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर 1888 ई० को तिरुत्तणी (तमिलनाडु) नामक स्थान में हुआ था। आप 21 वर्ष की आयु में चेन्नई के प्रेसीडेन्सी कालेज में अध्यापक नियुक्त हुए थे। आपने कलकत्ता विश्वविद्यालय में भी दर्शन साहित्य का अध्यापन किया था। आप उच्चकोटि के चिन्तक, विचारक एवं लेखक थे। ‘द हिन्दू व्यू ऑफ’, ‘कल्की,’ गौतम दी बुद्ध’, ‘पूर्वी एवं पश्चिमी विचार’ आदि आपकी प्रसिद्ध पुस्तके हैं। आप महान शिक्षाविद एवं राष्ट्र नेता थे। आपको देशरत्न की उपाधि से विभूषित किया गया। आपका निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 ई० में हुआ।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

पाठ का सारांश :

सरदार पटेल स्वतंत्रता के निर्माताओं में से एक थे। प्रस्तुत लेख में डॉ० राधा कृष्णन ने उनके व्यक्तित्त्व एवं कृतित्त्व का सटीक चित्रांकन किया है। पटेल के जीवन को हम तीन भागों में देख सकते हैं। एक क्रांतिकारी, एक राजनेता और एक प्रशासक। स्वतंत्रता से पूर्व वे एक अनुशासित सिपाही थे जो अपने नेता महात्मा गाँधी के आदेश का पालन करते थे। जो भी कार्य उन्होंने किया महात्मा गाँधी की इच्छाओं के अनुकूल किया। बोरसद, बारदोली और स्वतंग्रता की अनेक लड़ाइयों में उन्होंने अपने को सबसे आगे रखा। वे बहुत कम बोलते थे, उनमें स्पष्टवादिता, दृढ़ता और दूरदर्शिता थी, वे कृषक परिवार के थे और उन्होंने किसानों के हितों में गहरी रुचि ली।

उनके कार्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग राजनेता के रूप में था। स्वतंत्रता की प्राप्ति के तत्काल बाद दो वर्षों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और लोगों को समझाने की शक्ति से 500 छोटे-छोटे राज्यों को भारतीय संघ में मिला दिया।

जैसा कि प्रधानमंत्री नेहरू ने कहा था- पटेल भारतीय एकता के संस्थापक थे। समझाने की अपनी शक्ति, राजनयिक दक्षता और राजनैतिक चातुर्य से वह देश में प्रशासनिक एकता लाने में सफल हुए। जो सबल भारत के निर्माण के लिए आवश्यक आधार है। देश के विभिन्न भागों को देखिए – जहाँ साम्पदायिक भेदभाव और जातिगत तीव घृणा अब भी हमारे सार्वजनिक जीवन पर छाई हुई है। सबसे पहले और सबसे ऊपर हमें अपने को भारतीय मानना चाहिए।

सरदार पटेल की उपलब्धि के बारे में लंदन के एक दैनिक की टिप्पणी याद आती है- ‘.यह सरदार पटेल की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसकी तुलना अधिक नहीं तो कम से कम बिस्मार्क से की जा सकती है, जब उनकी मृत्यु हुई तो लंदन टाइम्स ने यही उनके बारे में कहा।

वे एक साहसी देशभक्त और प्रशासन में महान सूझूूझ वाले व्यक्ति थे, मुझे याद है कि उस समय हमारे तीन महान नेता तीन विभिन्न नगरपालिकाओं के एक ही समय में अध्यक्ष थे। राजेन्द्र बाबू पटना नगरपालिका के अध्यक्ष थे। हमारे प्रधानमंत्री इलाहाबाद नगरपालिका के और सरदार पटेल अहमदाबाद नगरपालिका के अध्यक्ष थे। इनका कहना था कि हमें अपने मतभेदों को भुलाकर, देश में पूर्ण संगठन और एकता लानी होगी। हमें अपने सामने मानवता के जीवन अंश के रूप में महान भारत के विचार को रखना होगा।

प्रशासक के रूप में जब गुजरात में बाढ़ आयी, उन्होंने बारदौली आंदोलन संगठित किया। उन्होंने उन सभी क्षेत्रों में जहाँ-जहाँ कार्य किया, अपनी संगठन क्षमता दिखलाई । वे अहमदाबाद नगरपालिका के अध्यक्ष थे और उन्होंने उसे आधुनिकतम बनाया। जब तक हम गरीबी के राक्षस को, जो अंतत: जातिगत और संपदायगत मतभेदों के कारण नहीं मिटाते और जब तक हम भूख, बेरोजगारी और बीमारी को नहीं कम कर पाते, तब तक अपने लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा नहीं उठा पायेंगे।

सरदार पटेल का जीवन हमें आधुनिक भारत के महान निर्माताओं के आत्मत्याग की याद दिलाता है। उनकी कर्त्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, आज्ञापालन, उनका साहस और अपने प्राण उत्सर्ग करने और कुछ उनके गुण हैं , जिनको आदर्श मानकर हमें सीखना चाहिए स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दिनों में वे महात्मा गाँधी के विश्वसनीय लेफ्टिनेंट थे। गाँधीजी का प्रत्येक शब्द उनके लिए कानून था और उनके मार्ग दर्शन में उन्होंने बोरसद और बारदौली में सिविल असहयोग आन्दोलन चलाया।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

महाराजा ग्वालियर ने जो उनके पुनर्गठन के निर्णय से प्रभावित हुए थे – स्वयं सरदार पटेल की दूरदर्शिता और कार्य की सराहना की थी। वे क्रोधित होते थे लेकिन उन्होंने शायद ही कभी अपना मानसिक संतुलन खोया हो। वे दंभी नंहीं थे। उनमें अतीत से अटूट लगाव था। जीवन को अतीत के परिवेश में समझना चाहिए और भविष्य की ओर जीना चाहिए। हमें अतीत से चिपके नहीं रहना चाहिए। राजनीति में और जीवन में भी हमें अतीत को लेकर दु:खी नहीं होना चाहिए।

आवश्यक यह है कि आदर्शों से हम जुड़े रहें और क्रांति के मूल सिद्धांतों को न छोड़ें।
अनुशासित आज्ञाकारिता के माध्यम से सरदार पटेल ने स्वतंत्रता का उदाहरण सामने रखा।
सरदार पटेल के रूप में हमारे पास एक साहसी क्रांतिकारी, विद्वान, राजनेता और आदर्श प्रशासक था। यदि हम सरदार वल्लभ भाई पटेल के इन गुणों को याद रखें तो देश निरतंतर प्रगति करेगा। मुझे आशा है कि उनके ये गुण हमें भविष्य में प्रेरणा देते रहेंगे।

शब्दार्थ :

  • उत्थान – उन्नति
  • उपलब्धि – प्राप्ति
  • प्रगति – उत्थान, विकास
  • आर्थिक – धन संबंधी
  • तबाही – बरबादी, नाश
  • धुरी – मुख्य, प्रधान
  • प्रेरणा – चेष्टा, सक्रियता
  • सामान्यत: – साधारण तौर पर
  • दृष्टिकोण – विचार, नजरिया
  • कृषक – किसान
  • दक्षता – कुशलता
  • अपनत्व – अपनापन
  • सराहना – प्रशंसा
  • निरतर – लगातार, सदा

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 1 आदर्श विद्यार्थी

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 1 आदर्श विद्यार्थी to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 1 Question Answer – आदर्श विद्यार्थी

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
लेखक किस दिन खिलौने खरीदने बाजार पहुँचा?
(क) होली
(ख) दीपावली
(ग) दशहरा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) दीपावली

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 1 आदर्श विद्यार्थी

प्रश्न 2.
लेखक को किस बात पर आश्चर्य हुआ?
(क) नवयुवक के साहस पर
(ख) बाजार में खिलौने की बड़ी-बड़ी दुकानें देखकर
(ग) नवयुवक के हाथों में साधारण आकार की डालिया देखकर
(घ) इनमें से काई नहीं
उत्तर :
(क) नवयुवक के साहस पर

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
लेखक नवयुवक को देखकर क्यों महसूस करता है कि यह साधारण व्यक्ति नहीं है।
उत्तर :
नवयुवक की आकृति तथा बातचीत से लेखक को पता चला कि यह साधारण व्यक्ति नहीं है। वह पढ़ा-लिखा तथा सूरत-शक्ल से अन्छे खानदान का जान पड़ता है। किसी असाधारण विपत्ति में पड़ने से इसे यह व्यवसाय करना पड़ा है।

प्रश्न 2.
नवयुवक ने लेखक को जो राम कहानी सुनाई उसे अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
इस प्रश्न का उत्तर कहानी के सारांश के अन्तिम अनुच्छेद में देखिए।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 1 आदर्श विद्यार्थी

प्रश्न 3.
आदर्श विद्यार्थी के किन्हीं दो चारित्रिक गुणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
आदर्श विद्यार्थी में अद्भुत साहस तथा घैर्यं था। पिता की मृत्यु एक नवयुवक के जीवन की सबसे दुःखद एवं चिन्ताकारक स्थिति होती है। नवयुवक परिवार के एकमात्र सहारे की मृत्यु हो जाने पर भी धैर्य नहीं छोड़ता है। धैर्य पूर्वक अपने खाने-पीने के लिए खिलौने बेचने का धंधा करने लगता है । ईमानदारी से धनोपार्जन करने को वह बुरा नहीं मानता। वह परिश्रमी तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए अडिग रहने वाला साहसी युवक है। परिश्रम, धैर्य, साहस व लगन से वह अपने लब्य्य सिद्धि में सफल हो जाता है। वस्तुत: वह एक आदर्श विद्यार्थी से एक आदर्श अध्यापक बन जाता है।

प्रश्न 4.
‘आदर्श विद्यार्थी’ कहानी के उद्देश्य को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
प्रस्तुत कहानी में लेखक ने सष्ट किया है कि जीवन में घेर्य, परिश्रम, साहस तथा लगन से व्यक्ति अपने किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है। एक नवयुवक के माध्यम से लेखक इसे सिद्ध किया है कि पिता की मौत हो जाने पर एवं आय के साधन समाप्त हो जाने पर भी वह निराश नहीं होता, साहस नहीं छोड़ता। वह खिलौना बेचकर कुछ अर्जित कर अपने लक्ष्य पर पहुँच जाता है। बी०ए० पास कर अध्यापक का पद पा लेता है। इस प्रकार लेखक ने यह संदेश दिया है कि ईमानदारी से धनोपार्जन में कोई शर्म नहीं है। यदि धैर्य तथा लगन हो तो व्यक्ति किसी भी मुसीबत को पार कर लक्ष्य पर पहुँचता है। यही बताना लेखक का उद्देश्य है।

व्याख्या मूलक प्रश्न

(क) मैने सोचा यह बड़ा विचित्र आदमी है।

प्रश्न 1.
किसने किसके विषय में सोचा?
उत्तर :
लेखक ने नवयुवक के विषय में सोचा।

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प्रश्न 2.
वक्ता को संकेतित व्यक्ति विचित्र क्यों प्रतीत हुआ?
उत्तर :
लेखक ने नवयुवक की आर्यिक दशा को सुधारने के लिए नौकरी करने का प्रस्ताव रखा। फिर यह भी कहा कि यदि उसे नौकरी मिलने में कठिनाई हो तो वे उसके विषय में चेष्टा कर सकते हैं। पर नवयुवक ने कहा कि अभी उसे नौकरी नहीं करनी है। जब आवश्यकता होगी तब उनसे कहेगा। लेखक ने सोचा कि नौकरी नहीं करना चाहता, इस खिलौने से इसे क्या मिलता होगा। इसी कारण लेखक को वह नवयुवक विचित्र प्रतीत हुआ।

(ख) ‘इसलिए मुझे चिन्ता हुई।’

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्धृत है? इसके लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
यह पंक्ति ‘आदर्श विद्यार्थी’ पाठ से उद्धत है। इसके लेखक का नाम श्री विश्वम्भर नाथ शर्मा ‘कौशिक’ है।

प्रश्न 2.
वक्ता को किसके लिए चिन्ता हुई?
उत्तर :
वक्ता नवयुवक ने सोचा कि वह बी०ए० अवश्य पास करेगा, चाहे इसके लिए उसे भीख ही क्यों न माँगनी पड़े। उसने चेष्टा करके अपनी फीस माफ करवा ली, परन्तु खाने-पीने के लिए कुछ मासिक आय की आवश्यकता थी। इसलिए वक्ता को चिन्ता हुई।

(ग) ‘भाई ईमानदारी से पैसा कमाने में कुछ शर्म नहीं है।’

प्रश्न 1.
यह किसने किससे कहा?
उत्तर :
यह नवयुवक ने कालेज के कुछ लड़कों से कहा।

प्रश्न 2.
इस पंक्ति का आशय अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
इस पंक्ति में यह सषष्ट किया गया है कि पैसा कमाने के लिए ईमानदारी से जो काम किया जाता है उसमें लज्जा की कोई बात नहीं है। ईमानदारी तथा परिश्रम से किया गया कोई काम बुरा नहीं होता। कोई भी काम करने से कोई छोटा नहीं हो जाता है। खिलौने बेच कर अपना मासिक खर्च चलाना न बुरा और न शर्म की बात है। यह कदम तो प्रशंसनीय है।

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1. उपसर्ग एवं मूल शब्द अलग कीजिए :

  • आसाधारण – अ + साधारण
  • विवश – वि + वश
  • सदुपयोग – सत् + उपयोग
  • सुअवसर – सु + अवसर
  • अनपढ़़ – अन + पढ़

2. प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • आवश्यकता – आवश्यक + ता
  • जीवित – जीव + इत
  • कठिनाई – कठिन + आई
  • व्यापारिक-व्यापार + इक
  • उत्सुकता-उत्सुक + ता

3. विलोम शब्द लिखिए :

  • अधीर – धीर
  • अशिक्षित – शिक्षित
  • नित्य – अनित्य
  • जीवित-मृत

4. शब्द का प्रयोग वाक्यों में करें :

  • धन्धा – हर व्यक्ति को कोई न कोई धन्धा करना चाहिए।
  • व्यवसाय- आजकल व्यवसाय की ओर लोगों का झुकाव है।
  • विचित्र – इस आदमी का व्यवहार विचित्र लगता है।
  • धनोपार्जन- ईमानदारी से धनोपार्जन करना उचित है।
  • निरुत्तर – नवयुवक की बात सुनकर लेखक निरुत्तर हो गया।

WBBSE Class 7 Hindi आदर्श विद्यार्थी Summary

जीवन्-परिचय

कौशिक का जन्म सन् 1891 ई० में अम्बाला छावनी में हुआ था। ये गौड़ ब्राह्मण थे। वे प्रेमचन्द के समकालीन थे। हिन्दी साहित्य में इनका महत्वपूर्ण स्थान है। सन् 1947 ई० में इनका देहावसान हो गया। इनकी पहली कहानी रक्षा बंधन सन् 1912 ई० में सरस्वती पत्रिका में छपी। इन्होंने व्यंग्यात्मक साहित्य की भी रचना की।

इनकी भाषा सहज, सरल तथा व्यावहारिक है। इनकी प्रमुख रचनाएँ – कहानी संग्रह, चित्रशाला, गल्पमंदिर, कल्लोल, मणिमाला, मिलन मंदिर, प्रेम प्रतिमा हैं। ‘माँ’ और ‘भिखारी’ इनके मुख्य उपन्यास हैं। इनकी व्यंग्यात्मक रचना ‘दुबे जी की चिट्ठी हैं। कौशिक जी द्विवेदी युग के यशस्वी कथाकार माने जाते हैं।

कहानी का सारांश 

दीपावली का दिन था। लेखक कुछ खिलौने खरीदकर नौकर को दे उसे घर भेज दिया। आगे बढ़कर उसने देखा कि एक नवयुवक खिलौने बेच रहा था। उसके हाथ की डालिया में पन्द्रह-बीस खिलौने थे।’बाबू जी! खिलौने लीजिए, खिलौने’ उसके इस स्वर को सुनकर लेखक ने उसे देखा। खिलौने की बड़ी-बड़ी दुकानों के बावजूद वह साहसी युवक पन्द्रह- बीस खिलौने लेकर बाजार में पहुँचा था। लेखक को खिलौने की आवश्यकता नहीं थी।

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इसलिए मुस्कराकर आगे बढ़ गया। दो-तीन दिन पश्चात् लेखक पुन: चौंक गया। उसी नवयुवक का स्वर बाबूजी खिलौने लीजिएगा – खिलौने फिर सुनाई पड़ा। लेखक ने उससे पूछा कि वह यह धन्धा क्यों करता है। नवयुवक ने अपना संक्षिप्त परिचय भी बतलाया कि वह अभी यही काम करता है। उसके पिता नहीं हैं केवल माता है। यहाँ अकेले किसी परिचित के यहाँ रहता है। उस नवयुवक की आकृति तथा बात-चीत से लेखक को पता चला कि वह साधारण व्यक्ति नहीं है। वह अच्छे खानदान का पढ़ा-लिखा व्यक्ति मालूम पड़ता है। किसी विपत्ति के कारण यह धंधा कर रहा है। लेखक ने उसे अपने मकान का पता बता कर कहा कि घर आने पर कुछ खिलौने ले लिया करूँगा।

एक सप्ताह पश्चात् वह नवयुवक लेखक के मकान पर खिलौने लिये पहुँचा। तीन-चार खिलौने खरीदकर लेखक ने उससे कहा कि इस धंधे से अच्छा है कि कोई नौकरी कर लो। मैं तुम्हारे लिए नौकरी के लिए चेष्टा कर सकता हूँ। पर उसने कहा कि जरूरत होने पर आपसे कहूँगा। लेखक को उसकी बात पर आश्चर्य हुआ कि अभी वह नौकरी क्यों नहीं करना चाहता है। इस प्रकार कभी-कभी वह खिलौने लेकर लेखक के पास आया करता था।

एक दिन वह लेखक के पास आया। उसके पास केवल तीन खिलौने थे । लेखक ने एक-एक खिलौने तीन बच्चों को दे दिए। लेखक के आग्रह करने पर भी वह इस बार खिलौनों के पैसे नहीं लिए। उसने कहा कि इन बच्चों की बदौलत उसे बहुत कुछ मिल चुका है, और मिलता रहेगा। लेखक के द्वारा नौकरी का प्रस्ताव करने पर भी उसका वही उत्तर था कि अभी नौकरी नहीं करनी है।

कुछ दिन के बाद वह एक गठरी में कागज, पेन्सिल, कलम, निब, दवात तथा होल्डर आदि लेकर आया। उसकी सोच थी कि ऐसी चीजें रखनी चाहिए जिससे ग्राहकों के पैसे का सदुपयोग हो। लेखक ने आवश्यकतानुसार सामान खरीद लिए। फिर आवश्यक किताबें भी उससे मँगाने लगे। छ: सात महीने तक यह क्रम चला। फिर उसका आना बन्द हो गया। लेखक ने सोचा कि शायद वह बीमार हो गया हो, अथवा अपने घर चला गया होगा।

जुलाई का महीना था, लेखक अपने पुत्र को स्कूल में भर्ती करने के लिए ले गया। प्रधानाध्यापक ने आवश्यक कार्यं करने के बाद भी लड़के को कक्षा में जाने के लिए कहा। लेखक लड़के को लेकर कक्षा में गए। कक्षाध्यापक ने उन्हें देखकर मुस्कराकर कहा आइए।लेखक उसी खिलौने वाले को यहाँ अध्यापक के रूप में देखकर चकित हो गए। नवयुवक ने बतलाया कि वह परसों यहाँ अध्यापक होकर आया है। आज शाम को वह उनकी सेवा में उर्पस्थित होने वाला था। शाम को लेखक के घर आकर अपनी राम कहानी सुनाई।

नवयुवक की राम कहानी – वह एक साधारण स्थिति के पिता का पुत्र था। पिता बैंक में सत्तर रुपये मासिक वेतन पर नौकर थे। उस समय वह कालेज में बी०ए० के अन्तिम वर्ष में पढ़ रहा था। उसी समय पिता की मृत्यु हो गई। पर मैने निश्चय किया कि बी०ए० अवश्य पास करूंगा। चाहे भीख ही माँगनी पड़े। फीस तो मैंने माफ करवा ली, पर खाने-पीने की चिन्ता थी। दशहरे का दिन था। उसने देखा कि कुछ खिलौने वाले कागज के खिलौने लिए मेले में जा रहे हैं। सोचा कि ये अशिक्षित लोग यही धंधा कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। मुझे भी ऐसा ही कोई काम करना चाहिए।

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उसने उसी समय एक मित्र से दस रुपये उधार लिए और बाजार से दस रुपये के खिलौने ले डलिया में रखकर सीधे मेले में पहुँच गया। शाम तक सारे खिलौने बिक गए। उसे दो रुपये मुनाफे के मिले। उसने कहा कि ईमानदारी से पैसा कमाने में कोई शर्म नहीं है। नित्य शाम को दो घंटे के लिए खिलौने लेकर निकलता था। इस प्रकार उसने बी०ए० पास किया। मेरी लगन से प्रसन्न होकर प्रिन्सिपल साहब ने खर्च देकर ट्रेनिंग कालेज भेजा। वहाँ मैने बी०एड० पास किया। अब यहाँ सौ रुपये मासिक पर अध्यापक होकर आया हूँ। यही मेरी राम कहानी है। उसकी कहानी सुनकर लेखक दंग रह गया। उसके चरण छूकर उन्हें धन्यवाद दिया। लेखक ने कहा कि आप जैसे बुद्धिमान ही ऐसा कर सकते हैं।

शब्दार्थ :

  • आश्चर्य – अचरज, विस्मय
  • पश्चात् – बाद
  • नवयुवक – नव जवान
  • धन्धा – व्यवसाय
  • धनोपार्जन – धन कामना
  • आँखें चार होना – आमना-सामना होगा
  • लालसापूर्ण – कामना से पूर्ण
  • परिचित – जान पहचान का
  • भ्रम – सन्देह
  • नित्य – हमेशा, सदा
  • ग्राहक – खरीददार
  • अकस्मात – अचानक
  • राम कहानी – दु:ख भरी कहानी
  • खानदान – वंश कुल।