WBBSE Class 9 Physical Science Solutions Chapter 1 मापन

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WBBSE Class 9 Physical Science Chapter 1 Question Answer – मापन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
इकाई विहीन एक राशि का नाम बताइए।
उत्तर :
दो सजातीय राशियों का अनुपात।

प्रश्न 2.
क्या आयतन की इकाई मौलिक इकाई है ?
उत्तर :
नहीं आयतन की इकाई व्युत्पन्न इकाई है।

प्रश्न 3.
S.I. इकाई में कुल कितनी मौलिक इकाइयों को मान्यता प्राप्त है ?
उत्तर :
सात।

प्रश्न 4.
पृथ्वी से सूर्य की दूरी मापने के लिए किस इकाई का प्रयोग करेंगे ?
उत्तर :
प्रकाश वर्ष।

प्रश्न 5.
एक व्युत्पन्न इकाई का उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
पारसेक।

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प्रश्न 6.
एक ऐसी भौतिक राशि का उदाहरण दीजिए जिसकी कोई इकाई नहीं होती है।
उत्तर :
परमाणु भार।

प्रश्न 7.
किसी द्रव पदार्थ का आयतन किस उपकरण से ज्ञात किया जा सकता है ?
उत्तर :
नपना बेलन।

प्रश्न 8.
एक प्रकाश वर्ष कितने मीटर के बराबर होता है ?
उत्तर :
9.46 × 1015 मीटर।

प्रश्न 9.
C.G.S. पद्धति में द्रव्यमान की इकाई क्या है?
उत्तर :
gm

प्रश्न 10.
दो अदैशिक भौतिक राशि के नाम लिखो।
उत्तर :
चाल, मात्रा।

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प्रश्न 11.
दो दैशिक भौतिक राशि के नाम लिखो।
उत्तर :
बल, वेग।

प्रश्न 12.
दो इकाई विहीन भौतिक राशि के नाम लिखो।
उत्तर :
(i) परमाणु भार, (ii) घुलनशीलता।

प्रश्न 13.
M.K.S. पद्धति में कितनी मौलिक इकाई है ?
उत्तर :
3

प्रश्न 14.
C.G.S. पद्धति में आयतन की इकाई क्या है ?
उत्तर :
घन से॰मी०।

प्रश्न 15.
पृथ्वी सूर्य को कितने दिन में परिक्रमा करती है ?
उत्तर :
365 \(\frac{1}{4}\) दिन।

प्रश्न 16.
साधारण तुला से कौन सी मौलिक राशि मापते हैं ?
उत्तर :
चीनी, कपड़ा, समय इत्यादि।

प्रश्न 17.
इकाई किसे कहते हैं ?
उत्तर :
इकाई (Unit) : किसी भी भौतिक राशि को मापने के लिए इकाई की आवश्यकता होती है। अतः ‘ ‘इकाई एक मानी हुई प्रामाणिक (Standard) राशि है जिसके रूप में उसी प्रकार की अन्य भौतिक राशियाँ व्यक्त की जाती हैं।”

प्रश्न 18.
इकाई कितनी प्रकार की होती है ?
उत्तर :
इकाई दो प्रकार की होतो है –
(i) मौलिक इकाइयाँ (Fundamental Units)
(ii) व्युत्पन्न इकाइयाँ (Derived Units)।

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प्रश्न 19.
विस्थापन दैशिक है या अदैशिक राशि ?
उत्तर :
सदिश राशि।

प्रश्न 20.
इकाई विहीन भौतिक राशि का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
इकाई के बिना किसी भौतिक राशि की माप को व्यक्त करना असम्भव और निरर्थक होता है।

प्रश्न 21.
बल और वेग का Dimensional सूत्र क्या है ?
उत्तर :
बल की विमा = द्रव्यमान की विमा x त्वरण की विमा = [M] × [T-2] = [MLT-2]

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प्रश्न 22.
आयतन का आयाम लिखिए।
उत्तर :
किसी पदार्थ में रखे द्रव पदार्थ का आयतन, ज़िसकी माप की जा सकती है, भौतिक राशि है।

प्रश्न 23.
S.I. पद्धति की मूल-इकाइयाँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर :
मीटर, किलोग्राम तथा सेकेण्ड S.I. पद्धति कह मूल इकाईयाँ हैं।

प्रश्न 24.
सूक्ष्म समयान्तर जानने के लिए किस प्रकार की घड़ी का प्रयोग करते हैं?
उत्तर :
विराम घड़ी का उपयोग सूक्ष्म समयान्तर जानने के लिये करते हैं।

प्रश्न 25.
द्रव्यमान, आयतन और घनत्व में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर :
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प्रश्न 26.
S.I. पद्धति में तापक्रम की इकाई क्या है?
उत्तर :
केल्विन (Kelvin) S.I. पद्धति में तापक्रम की इकाई है।

प्रश्न 27.
बल की विमा लिखिए।
उत्तर :
M’ L’ T-2

प्रश्न 28.
साधारण स्केल का अल्पतमांक क्या है?
उत्तर :
0.1 cm

प्रश्न 29.
किस उपकरण द्वारा किसी वस्तु का भार ज्ञात किया जा सकता है ?
उत्तर :
तराजू मापने का उपकरण।

प्रश्न 30.
क्या सभी भौतिक राशियों की इकाई होती है ?
उत्तर :
सभी भौतिक राशियों की इकाई नहीं होती है।

प्रश्न 31.
आयतन को किस यंत्र द्वारा मापा जाता है ?
उत्तर :
घन सेण्टीमीटर के द्वारा मापा जाता है।

प्रश्न 32.
निम्न में कौन सी राशियाँ सदिश तथा अदिश हैं :
(क) लम्बाई
(ख) वजन
(ग) कार्य
(घ) वेग
उत्तर :
(क) लम्बाई – सदिश राशि
(ख) वजन – सदिश राशि
(ग) कार्य – सदिश राशि
(घ) वेग-सदिश राशि।

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प्रश्न 33.
दी गयी राशियों की S.I. इकाई है –
(क) लम्बाई
(ख) मात्रा
(ग) समय
(घ) पदार्थ की मात्रा।
उत्तर :
भौतिक राशि।

प्रश्न 34.
वेग की विमा क्या है ?
उत्तर :
[M.MTT-1]

प्रश्न 35.
साधारण तुला में किस भौतिक राशि को मापा जाता है?
उत्तर :
मात्रा।

प्रश्न 36.
विमाविहीन भौतिक राशि का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
सापंक्षिक आर्द्रता।

प्रश्न 37.
C.G.S. पद्धति में G किस का संकेत है?
उत्तर :
gm

प्रश्न 38.
F.P.S. पद्धति में लम्बाई की इकाई क्या है?
उत्तर :
Foot

प्रश्न 39.
चेचक वायरस का आकार कितना है?
उत्तर :
1 से 2.5 Mb

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प्रश्न 40.
अणु तथा परमाणु की मांत्रा का मापन किस इकाई में किया जाता है ?
उत्तर :
A.M.U.

प्रश्न 41.
अनियमित आकार के ठोस का आयतन किससे ज्ञात किया जाता है ?
उत्तर :
नपना बेलन तथा साधारण तुला।

प्रश्न 42.
1 नैनोमीटर का मान सेन्टी मीटर में कितना होता है ?
उत्तर :
10-7 cm

प्रश्न 43.
मीटर स्केल किस मिश्र धातु का बना होता है?
उत्तर :
प्लेटिनम इरीडियम।

प्रश्न 44.
C.G.S. पद्धति में मात्रा, समय तथा लम्बाई की मौलिक इकाई क्या है?
उत्तर :
gm, sec, cm

प्रश्न 45.
तीन मौलिक इकाइयों द्वारा गठित एक व्युत्पन्न इकाई का विभाएँ लिखो।
उत्तर :
दाब (ML-1 T-2)

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
दैशिक और अदैशिक राशियों का दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
(i) दैशिक राशि (vector Quantity) : वेग, त्वरण।
(ii) अदैशिक राशि (Scalar Quanity) : मात्रा, चाल।

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प्रश्न 2.
औसत मध्यमान, सौर दिवस (Mean solar day) से क्या समझते हो?
उत्तर :
मध्यमान सौर दिवस : सौर दिवस किसी स्थान के मध्याहन से होकर सूर्य के लगातार दो बार गुजरने में जो समय लगता है, उसे सौर दिवस कहते हैं। पूरे वर्ष के सौर दिवस का औसत मध्यमान और दिवस कहलाता है।

प्रश्न 3.
दैशिक राशि किसे कहते हैं ?
उत्तर :
दैशिक राशि (Vector quantity) : वे भौतिक राशियाँ जिसमें परिमाण (mangnitude) और दिशा दोनों का बोध होता है, उन्हें दैशिक राशियाँ (Vector quantity) कहते हैं। जैसे – वेग आदि।

प्रश्न 4.
किलोग्राम की परिभाषा लिखो।
उत्तर :
किलोग्राम (Kilogram) : ‘फफ्रांस की राजधानी पेरिस के निकट सेवरेस (Sevres) में स्थित International Bureau of weights and measures में रखे गये प्लेटिनम और इरिडियम (90: 10) के मिश्र धातु से निर्मित समान ऊँचाई तथा समान व्यास के बेलन की मात्रा 1 किलोग्राम मानी गयी है।”

प्रश्न 5.
क्या सभी भौतिक राशियों की इकाई होती है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सभी भौतिक राशियों की इकाई नहीं होती : सभी भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए इकाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है। ऐसी भौतिक राशियाँ जो सजातीय राशियों का अनुपात होती हैं, उन्हें व्यक्त करने के लिए इकाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है। जैसे – आपेक्षिक घनत्व (Relative density), आपेक्षिक आर्द्रता (Relative humidity), घुलनशीलता (Solubility), अणुभार (molecular weight) इत्यादि भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता पड़ती है, किसी इकाई की नहीं। इन्हें व्यक्त करने के लिए एक संख्यात्मक मान (Numerical Value) ही उपयुक्त होता है।

प्रश्न 6.
विस्थापनाभास त्रुटि से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
विस्थापनाभास त्रुटि (Parallex error) : स्केल से पठन लेते समय यदि आँख की स्थिति पाठ्यांक से दायं या बायें हो, तो पठन सही नहीं मिलता है। इस त्रुटि को विस्थापना भास त्रुटि कहते हैं।

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प्रश्न 7.
फर्मी क्या है ? इसका क्या उपयोग है ?
उत्तर :
फर्मी (Fermi) : यह परमाणु के केन्द्रक (न्यूक्लियस) का व्यास व्यक्त करने के काम में आनेवाली छोटी इकाई है। 1 फर्मी =10^{-13} सेमी० होता है।

प्रश्न 8.
भौतिक राशि की परिभाषा दीजिए।
उत्तर :
भौतिक राशियाँ (Physical quantities) : वे राशियाँ जिनकी माप-तौल ज्ञात की जाती है उन्हें भौतिक राशियाँ (Physical quantities) कहते हैं। इन भौतिक राशियों की एक विशिष्ट इकाई होती है। लम्बाई, क्षेत्रफल, आयतन, चाल, वेग, मात्रा, भार, समय, बल, कार्य, त्वरण आदि भौतिक राशियाँ हैं।

प्रश्न 9.
व्युत्पन्न इकाइयों की परिभाषा लिखो।
उत्तर :
व्युत्पन्न (Derived units) : वे इकाइयाँ जो मूल- इकाइयों की सहायता से निकलती हैं, व्युत्पन्न इकाइयाँ कहलाती है, जैसे – क्षेत्रफल की इकाई वर्ग सेंटीमीटर, घनत्व की इकाई ग्राम/घन से॰मी॰ तथा आयतन की इकाई घन मीटर आदि व्युत्पन्न इकाई के उदाहरण हैं।

प्रश्न 10.
सौर दिवस किसे कहते हैं ?
उत्तर :
सौर दिवस (Solar day) : किसी स्थान के मध्याह्ल पर से होकर सूर्य को लगातार दो बार गुजरने में लगा समय सौर दिवस (Solar day) कहलाता है।

प्रश्न 11.
मध्याह्न क्या है ?
उत्तर :
मध्याह्न (Meridian) : जब सूर्य किसी स्थान पर सबसे अधिकतम ऊँचाई पर स्थित रहता है तो उस स्थिति को मध्याह्न (Meridian) या दोपहर कहते हैं।

प्रश्न 12.
मौलिक इकाइयाँ किसे कहते हैं ?
उत्तर :
मौलिक इकाइयाँ (Fundaments units) : वे इकाइयाँ जो परस्पर स्वतंत्र होती हैं तथा जिनका आपस में कोई सम्बन्ध नहीं होता है। उन इकाइयों को मौलिक इकाइयाँ कहते हैं। जैसे – लम्बाई (L), मात्रा (M) तथा समय (T) की इकाइयाँ एक दूसरे से पूर्ण रूप से स्वतंत्र होती हैं।

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प्रश्न 13.
प्रकाश वर्ष किसे कहते हैं ?
उत्तर :
प्रकाश वर्ष (Light year) : शून्य माध्यम में प्रकाश द्वारा 1 वर्ष में तय की गई कुल दूरी का मान एक प्रकाश वर्ष कहलाता है।
प्रकाश वर्ष लम्बाई की मौलिक इकाई है तथा इससे बह्माण्ड में स्थित नक्षत्रों के बीच की पारस्परिक दूरी को मापते हैं। 1 प्रकाश वर्ष = 9.467 × 1012 km = 9.467 × 1015 मीटर (लगभग)।

प्रश्न 14.
अल्पतमांक से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
अल्पतमांक (Leat count) : किसी मापक उपकरण की वह न्यूनतम (minimum) माप है, इसके द्वारा शुद्धतापूर्वक लिया जा सकता है।
किसी मापन उपकरण मे मापन के लिए एक अंशाकित स्केल (graduated scale) रहता है। अंशांकित स्केल के सबसे छोटे विभाग (division) के मान को उस उपकरण का अल्पतमांक कहते हैं।
उदाहरण के लिए, मीटर स्केल का अल्पतमांक 1 सेण्टीमीटर का दसवाँ भाग अर्थात् 1 मिली मीटर होता है। स्टॉप वाच (Stop watch) का अल्पतमांक 0.5 सेकेण्ड होता है, यदि 0 एवं 5 निशान के मध्य 10 विभाग हों। किसी उपकरण का अल्पतमाक जितना कम होगा, उससे ली गयी माप उतनी ही अधिक शुद्ध होगी।

प्रश्न 15.
घनत्व एबं बल की विमा लिखिए।
उत्तर :
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प्रश्न 16.
नपना बेलन द्वारा पाठ्यांक लेते समय क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए ?
उत्तर :
नपना बेलना द्वारा पाठ्यांक लेते समय सावधानियाँ (Precantions while taking reading with measuring cylinder) : नपना सिलेण्डर द्वारा किसी द्रव का आयतन ज्ञात करते समय यह ध्यान देना चाहिए कि नपना सिलेण्डर पूर्ण रूप से स्वच्छ है और इसकी दीवार से द्रव की बूँदें चियकी न हों।
विस्थापनाभाव त्रुटि (Parallex error) : नपना बेलना से पाठ्यांक लेते समय आँख की स्थिति पाठ्यांक के लम्बवत होनी चाहिए। आँख की स्थिति तिरछी होने के विस्थापनाभाव त्रुटि (Parallex error) के कारण पाठ्यांक सही नहीं होगा। यदि आँख की स्थिति पाउ्यांक के ऊपर होगी तो माप अधिक और पाठ्यांक के नीचे होगी तो माप कम होगी। इस तरह मापन अशुद्ध होगा !

प्रश्न 17.
u (या a.m.u.) से आप क्या समझते हैं? इसका उपयोग लिखिए।
उत्तर :
a.m.u. : यह एक इकाई है जिसका उपयोग परमाणु या आणविक पैमाने पर द्रव्यमान को इंगित करने के लिए किया जाता है । इसे कार्बन के परमाणु के \(\frac{1}{12}\) भाग के रूप में परिभाषित किया जाता है ।

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प्रश्न 18.
क्या सभी भौतिक राशियों की इकाई होती है ? उदाहरण दो।
उत्तर :
नहीं, सभी भौतिक राशियों की इकाई नहीं होती है, क्योंकि जिन भौतिक राशियों को सजातीय राशियों के अनुपात द्वारा व्यक्त की जाती हैं उन राशियों को कोई इकाई नहीं होती है।

प्रश्न 19.
मौलिक राशि किसे कहते हैं?
उत्तर :
लम्बाई, मात्रा एवं समय की इकाइयों को मौलिक इकाईया कहते है जैसे लम्बाई की cm मात्रा की इकाई।

प्रश्न 20.
लीटर की परिभाषा लिखो। 1 L = ……… cc = …………. ml
उत्तर :
लीटर की परिभाषा (Definition of litre) : “एक किलोग्राम शुद्ध जल का 4° c तापमान तथा 760 मिलीमीटर दबाव पर जो आयतन होता है, उसे एक लीटर कहते है।’

1 L = 1000 cc = 1000 mL

प्रश्न 21.
लीटर की परिभाषा में जल का तापक्रम का उल्लेख है, क्यों?
उत्तर :
क्योंकि 4°c तापक्रम पर शुद्ध जल का घनत्व अधिकतम होता है ।

प्रश्न 22.
विमा की परिभाषा लिखो।
उत्तर :
‘किसी भौतिक राशि की इकाई ज्ञात करने के लिए मौलिक इकाइयों पर जो घात (Power) लगाए जाते है, उन्हें भौतिक राशि की विमा (dimension) कहते हैं।’

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प्रश्न 23.
दिए गये भौतिक राशियों की विमा एवं S.I. इकाई लिखो –
(a) क्षेत्रफल
(b) आयतन
(c) घनत्व
(d) बल
(e) दाब
(f) वेग
(g) त्वरण
उत्तर :
विमा –
(a) M0 L2 T0
(b) M0 L3 T0
(c) M1 L-3 T0
(d) M L T-2
(e) M L-1 T-2
(f) M0 L T-1
(g) M0 L T-2
इकाई –
(a) m2
(b) m3
(c) Kg / m3
(d) Newton
(e) Pascal
(f) m / sec
(g) m / sec2

प्रश्न 24.
अदैशिक राशि क्या है ?
उत्तर :
अदैशिक राशि (Scalar quantity) : वे भौतिक राशियाँ जिसमें केवल परिमाण (mangnitude) का बोध होता है, दिशा (direction) का नहीं, उन्हें अदैशिक राशियाँ (Scalar quantity) कहते है। जैसे – लम्बाई, चौड़ाई, मात्रा, चाल, घनत्व, समय आदि।

प्रश्न 25.
कुछ भौतिक राशियों का उल्लेख करो जिनकी इकाई नहीं होती।
उत्तर :

  1. परमाणु भार (Atomic weight)
  2. आपेक्षिक घनत्व (Relative density)
  3. विशिष्ट उष्मा (Specific heat) की कोई इकाई नहीं होती।

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प्रश्न 26.
मीटर की आधुनिक परिभाषा बताओ।
उत्तर :
मीटर की आधुनिक परिभाषा (Modern definition of Metre) : 86 Mass number वाले क्रिप्टान (Kr) के Isotope द्वारा निकलने वाली वर्णपट्ट (Spectrum) में स्थित नारंगी रंग की एक विशिष्ट किरण की तरंग लम्बाई (wave length) की 1650763.75 गुनी लम्बाई मीटर कहलाती है।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
विस्थापनाभास त्रुटि से आप क्या समझते हैं ? इस त्रुटि से कैसे बचा जा सकता है ?
उत्तर :
विस्थापनाभास त्रुटि (Parallax error) : स्केल द्वारा किसी वस्तु की लम्बाई मापते समय आँख की स्थिति ठीक वस्तु के ऊपर लम्बवत् होनी चाहिए। यदि आँख की स्थिति वास्तविक बिन्दु से बायी या दाहिनी ओर होगी तो ठीक माप से क्रमश: कम या अधिक प्राप्त होगी। इस त्रुटि को विस्थापनाभास त्रुटि (Parallax error) कहते हैं।

विस्थापना भास त्रुटि से बचने के उपाय :
(i) स्केल से पठन लेते समय आँख की स्थिति पाठ्यांक के ऊपर लम्बवत् होनी चाहिए।
(ii) कई पठन लेकर उसका औसत मान ज्ञात कर लेना चाहिए।

प्रश्न 2.
एक साधारण तुला की बनावट तथा कार्य पद्धति का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
साधारण तुला को भौतिक तुला भी कहते हैं क्योंकि इसका उपयोग प्रयोगशाला में पदार्थ की मात्रा ज्ञात करने में करते हैं। बाजार मे दुकानदार जिस तराजू का व्यवहार करते हैं वह भौतिक तुला का सरल रूप है।
सावधानियाँ (Precautions) : साधारण तुला का प्रयोग करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ रखनी चाहिए।

  1. पलड़ों को साफ रखना चाहिए।
  2. संकेतक शून्य (0) के दोनो तरफ विस्थापित होना चाहिए।
  3. बाटों को बड़े से छोटे क्रम में चढ़ाना चाहिए।
  4. बाटों को चिमटी के महायता से चढ़ाना या उतारना चाहिए।
  5. मात्रा ज्ञात करने के पश्चात् तुला के पलड़ों को Central Lever द्वारा स्थिर कर देना चाहिए।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित राशियों में कौन-कौन सी राशियाँ दैशिक और कौन-कौन सी राशियाँ अदैशिक हैं? लम्बाई, भार, कार्य, वेग। मूल-इकाई और व्युत्पन्न इकाई से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :

  • लम्बाई – अदिश राशि
  • भार – अदैशिक राशि
  • कार्य – अदैशिक राशि
  • वेग – अदैशिक राशि

मौलिक इकाई (Fundamental unit) : ऐसी इकाइयाँ जो मूल रूप से स्वतंत्र होती हैं तथा जिन्हे व्यक्त करने के लिए अन्य इकाइयों की अवश्यकता नहीं होती, उन्हें मौलिक इकाई या मूलमात्रक कहते हैं। जैसे – लम्बाई, मात्रा एवं समय की इकाई मूल मात्रक हैं।
व्युत्पन्र इकाई (Derived Unit) : ऐसी इकाइयाँ जो मूल इकाइयों से उत्पत्र की जाती है, उन्हें व्युत्पन्न मात्रक या व्युत्पन्न इकाई कहते हैं। जैसे – क्षेत्रफल, आयतन, चाल, वेग, त्वरण, बल, संवेग, कार्य, प्रकाश वर्ष इत्यादि की इकाइयाँ।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित इकाइयों में कौन सी इकाइयाँ मौलिक हैं तथा कौन सी इकाई व्युत्पन्न है – द्रव्यमान, वेग, लम्बाई, त्वरण।
उत्तर :
द्रव्यमान – मौलिक इकाई, वेग – व्युत्पत्र इकाई, लम्बाई – मौलिक इकाई, त्वरण – व्युत्पन्न इकाई।

प्रश्न 5.
भौतिक राशि किसे कहते हैं ? अदैशिक और दैशिक राशि की उदाहरण सहित परिभाषा दो।
उत्तर :
भौतिक राशि (Physical Quantity) : किसी वस्तु के जिस गुण का परिमाण मापा जा सकता है, उसे भौतिक राशि कहने हैं। जैसे – किसी वस्तु की मात्रा उसका एक गुण है जिसे ग्राम या किलोग्राम में मापा जा सकता है। अत: मात्रा एक भौतिक राशि है। इसी तरह लम्बाई एवं समय भी भौतिक राशियाँ हैं।
किसी पात्र में रखे द्रव पदार्थ की माप की जा सकती है, लेकिन वह द्रव पदार्थ भौतिक राशि नहीं है, बल्कि द्रव पदार्थ का आयतन, जिसकी माप की जा सकती है, भौतिक राशि है। इसी प्रकार किसी आयताकार षट्फलक की लम्बाई, चौड़ाई एवं ऊँचाई मापी जा सकती है; अतः लम्बाई, चौड़ाई एव ऊँचाई भौतिक राशियाँ हैं।
दैशिक राशि : जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण की आवश्यकता पड़ती है, उन्हें दैशिक एव अदिश राशि कहते हैं। जैसे – लम्बाई, मात्रा, समय, क्षेत्रफल, दूरी, चाल, उष्मा एवं तापमान इत्यादि।
अदैशिक राशि : जिन भौतिक राशियों को व्यक्त करने के लिए परिमाण एव दिशा दोनो की आवश्यकता पड़ती है, उन्हें अदैशिक एवं सदिश राशि कहते हैं। जैसे – विस्थापन, वेग, ल्वरण, बल, भार, संवेग इत्यादि।

प्रश्न 6.
इकाई से आप क्या समझते हैं ? मौलिक एवं व्युत्पन्न इकाइयों की उदाहरण सहित परिभाषा लिखिए।
उत्तर :
इकाई (Unit) : किसी भी भौतिक राशि के मापन के बाद उसे व्यक्त करने के लिए उसी के अनुरूप एक इकाई की आवश्यकता पड़ती है। बिना इकाई के किसी भौतिक राशि को व्यक्त करना असम्भव होगा।
परिभाषा (Definition) : इकाई एक मानी गयी सर्वव्यापक प्रामाणिक (standard) राशि है, जिसके रूप में उसी प्रकार की अन्य भौतिक राशियों को व्यक्त किया जाता है।
इकाई निम्नलिखित दो प्रकार की होती है –
(i) मौलिक मात्रक या इकाई (Fundamental or Primary unit) : वे इकाइयाँ जो मूल रूप से स्वतंत्र होती हैं एवं उनका किसी अन्य इकाइयों से कोई सम्बन्ध नहीं होता, उन्हें मौलिक इकाई या मूल मात्रक कहते हैं। जैसे – लम्बाई, मात्रा एव समय की इकाई मूल मात्रक हैं।
(ii) व्युपन्न मात्रक (Derived unit) : वे मात्रक या इकाइयाँ जो मूलमात्रक से उत्पन्न होती हैं या निकाली जाती हैं, उन्हें व्युत्पन्न मात्रक कहते हैं। जैसे – क्षेत्रफल, आयतन, चाल, वेग एवं त्वरण, प्रकाश वर्ष (Light Year) के मात्रक इत्यादि।

प्रश्न 7.
किसी खास भौतिक राशि के लिए विभिन्न प्रकार की छोटी बड़ी राशियों का प्रयोग क्यों किया जाता है ?
उत्तर :
किसी विशेष राशि के मापन के लिए विभिन्न प्रकार की छोटी बड़ी इकाइयों के प्रयोग का कारण : यदि हम कलम या किताब की लम्बाई को किलोमीटर में या कलकत्ता से दिल्ली की दूरी को सेन्टीमीटर में या मीटर में व्यक्त करें, तो प्राप्त संख्या बहुत छोटी या बहुत बड़ी होगी जिसे लिखने, पढ़ने और याद करने में असुविधा होगी। इसी प्रकार यदि हम रबड़ के वजन को किलोग्राम तथा किसी व्यक्ति की उम्न को सेकेण्ड में व्यक्त करें, तो भी उसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

अत: व्यावहारिक रूप में छोटी राशियों को मापने के लिए छोटी इकाइयों तथा बड़ी राशियों को मापने के लिए बड़ी इकाइयों का प्रयोग किया जाता है।
यदि बहुत बड़ी राशि को छोटी इकाई द्वारा मापा जाय या बहुत छोटी राशि को बहुत बड़ी इकाई द्वारा मापा जाय, तो दोनों अवस्थाओं में असुविधा होगी तथा दोनों ही दिशाओं में प्राप्त पाठ्यांक व्यावहारिक रूप में अस्वाभाविक एवं असुविधाजनक होगा ।

WBBSE Class 9 Physical Science Solutions Chapter 1 मापन

प्रश्न 8.
S.I इकाई में मान्यता प्राप्त विभिन्न इकाइयों के नाम एवं उनके संकेत लिखिए।
उत्तर :
S.I. पद्धति में लम्बाई, मात्रा, समय, विद्युत धारा, तापक्रम, प्रकाश की तीव्रता तथा पदार्थ के परिमाण की इक़ाइयों को मोलिक रूप में माना गया है। इनके इकाई एवं संकेत निम्न हैं –

भौतिक राशि (Physical Quantity) इकाई (Unit) संकेत (Symbol)
लम्बाई (Length) मीटर (Metre) m
मात्रा (Mass) किलोग्राम (Kilogram) kg
समय (Time) सेकेण्ड (Second) s
विद्युत धारा (Electric current) एम्पियर (Ampere) A
तापक्रम (Temperature) केल्विन (Kelvin) K
प्रकाश तीव्रता (Luminious intensity) केण्डेला (Candela) cd
पदार्थ का परिमाण (Quantity of matter) मोल (mole) mol

प्रश्न 9.
ग्राफ कागज की सहायता से किसी अनियमित आकार वाले धातु पत्तर का क्षेत्रफल आप कैसे ज्ञात करेंगे ?
उत्तर :
ग्राफ कागज की सहायता से किसी अनियमित आकार वाली पतली चादर का क्षेत्रफल ज्ञात करना (Measurement of area of an irregular shaped lamina with the help of graph paper): किसी अनियमित आकार वाली धातु की चादर, जिसकी लम्बाई एवं चौड़ाई मापना संभव न हो, उसका क्षेत्रफल ग्राफ कागज की सहायता से ज्ञात किया जाता है। चित्र के अनुसार अनियमित आकार वाली चादर को ग्राफ कागज पर रखकर उसके चारों तरफ पेंसिल से सीमा रेखा (boundary line) खींच देते हैं।

WBBSE Class 9 Physical Science Solutions Chapter 1 मापन 4

अब उस वस्तु को ग्राफ पेपर से हटा कर सीमा रेखा की अन्दर आने वाले न्यूनतम वर्ग क्षेत्र की संख्या ज्ञात करते हैं। इन वर्ग क्षेत्रों में कुछ वर्ग क्षेत्र सीमा रेखा के अन्दर पूर्ण रूप में आएंगे एवं कुछ आंशिक रूप से। इस तरह इस आंशिक एवं पूर्ण वर्ग क्षेत्रों के क्षेत्रफल का योगफल अनियमित आकार वाली वस्त् का अभीष्ट क्षेत्रफल होगा। कुछ अनियमित आकार वाली वस्तुओं का क्षेत्रफल ग्राफ की सहायता से चित्र में प्रदर्शित किया जा रहा है।

प्रश्न 10.
नपना बेलन की सहायता से आप अनियमित आकार वाले ठोस पदार्थ का आयतन कैसे ज्ञात करेंगे ?
उत्तर :
नपना बेलन द्वारा ठोस वस्तु का आयतन ज्ञात करना : नपना बेलन द्वारा ठोस वस्तु का आयतन ज्ञात करने के लिए नपना बेलन में पर्याप्त जल लेकर जल-तल का पठन ले लेते हैं। अब वस्तु को मापक बेलन के जल में पूर्णत: ड़बा कर फिर जल-तल का पठन लेते हैं। इन दोनों पठनों के अन्तर से वस्तु का आयतन ज्ञात हो जाता है।
यदि वस्तु जल में स्वयं न डूबे तो उसे किसी भारी वस्तु के साथ धागे द्वारा बाँध कर जल में डुबाते हैं और दोनों का संयुक्त आयतन ज्ञात करते हैं। अब केवल भारी वस्तु का आयतन ज्ञात करके इसे संयुक्त आयतन से घटाकर वस्तु का आयतन प्राप्त कर लेते हैं।

प्रश्न 11.
नपना बेलन एवं विराम घड़ी की सहायता से नल से प्रवाहित होने वाले जल की दर की माप आप कैसे करेंगे?
उत्तर :
नल या टैप (Tap) के जल की प्रवाह-दर का मापन : नल या टैप के नीचे एक मापक बेलन (Measuring Cylinder) रख कर टैप को एक निश्चित समय t सेकेण्ड के लिए खोल देते हैं। समय का मापन विराम घड़ी (Stop Watch) की सहायता से करते हैं। मापक बेलन में एकत्रित जल का आयतन (V) बेलन पर अंकित निशान पढ़कर ज्ञात कर लेते हैं। इस आयतन ” V ” में समय ” t ” से भाग देने पर जल के प्रवाह की दर ज्ञात हो जाती है। C.G.S. पद्धति में इसकी इकाई घन सेन्टीमीटर प्रति सेकण्ड (c.c./s.) होती है।

WBBSE Class 9 Physical Science Solutions Chapter 1 मापन

प्रश्न 12.
धागे एवं स्केल की सहायता से आप वक्र या टेढ़ी रेखा की लम्बाई कैसे ज्ञात करेंगे ?
उत्तर :
धागे एवं स्केल की सहायता से वक्र रेखा की लम्बाई ज्ञात करना (Measurement of a
curved line with the help of thread and an ordinary ruler) : किसी वक्र या टेढ़ी रेखा की लम्बाई ज्ञात करने के लिए रेखा के ऊपर उसके एक सिरे से दूसरे सिरे तक एक धागा फैला देते हैं।

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इसके बाद उस धागे को सीधा (Straight) करके पटरी (Scale) की सहायता से उसकी लम्बाई ज्ञात कर लेते हैं। धागे की यही लम्बाई उस वक्र रेखा की अभीष्ट लम्बाई होती है। वक्र रेखा के मापन को ऊपर के चित्र में दर्शाया गया है।

प्रश्न 13.
पटरी या स्केल की सहायता से आप पतले कागज की मोटाई कैसे ज्ञात करेंगे ?०
उत्तर :
पटरी या स्केल की सहायता से पतले कागज की मोटाई ज्ञात करना : जिस कागज की मोटाई (thickness) ज्ञात करनी हो, उस तरह कई कागज एक के ऊपर एक रखकर उन्हें अच्छी तरह से इस भकार दबाया जाय कि वे आपस में पूर्ण रूप से सट जायें। अब पटरी की सहायता से इस सटे हुए कागजो की पूरी मोटाई ज्ञात कर लेते हैं। मान लिया लिए गए कागजों की संख्या n तथा सटे हुए कुल a कागजों की मोटाई स्केल से t मी० मी० ज्ञात होती है। t को a से भाग देने पर पतले कागज की मोटाई ज्ञात हो जाती है।

प्रश्न 14.
एक पृष्ठ (पेज) की मोटाई एक स्केल की सहायता से कैसे निकालेंगे ? बताओ।
उत्तर :
पुस्तक के एक पृष्ठ की मोटाई ज्ञात करना (To calculate the thickness of a page of a book) : पुस्तक के सभी पन्नों को एक साथ सटाकर उसकी मोटाई स्केल की सहायता से ज्ञात कर लेते है, फिर उस प्राप्त मान में पत्नों की संख्या से भाग देकर एक पृष्ठ की मोटाई ज्ञात कर लेते हैं।

प्रश्न 15.
बाट बक्स में बाटों का अनुपात 5: 2: 2: 1 क्यों होता है ?
उत्तर :
साधारण तुल द्वारा किसी वस्तु की मात्रा (Mass) ज्ञात की जाती है। यह साधारण तुला, प्रथम श्रेणी के लीवर के सिद्धान्त पर आधारित है।
वाट-बक्स में रखे बाट का अनुपात 5: 2: 2: 1 होने का कारण यह है कि इसकी सहायता से 1 से 9 ग्राम या मिलीग्राम तक के किसी भी मात्रा को सुगमता से मापा जा सकता है। इसके अलावा अन्य मात्रा को भी मापा जा सकता है।
जैसे – 29 ग्राम मापने के लिए 20 ग्राम, 5 ग्राम, 2 ग्राम, 2 ग्राम के वाट रखने होंगे। 39 मिलीग्राम मापने के लिए 20 मिलीग्राम, 10 मिलीग्राम, 5 मिलीग्राम, 2 मिलीग्राम, 2 मिलीग्राम के वाट रखने होंगे।

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प्रश्न 16.
विमाएं क्या हैं ? आयतन, बल एवं दबाव की विमाएं लिखो।
उत्तर :
विमाएं : ‘किसी भौतिक राशि की इकाई ज्ञात करने के लिए मौलिक इकाइयों पर जो घात (Power) लगाए जाते हैं, उन्हें भौतिक राशि की विमा (dimension) कहते हैं।”
किसी भौतिक राशि की विमा हमेशा बड़े कोष्ठक [ ] के अन्दर लिखते हैं। किसी भी भौतिक राशि की विमा यह प्रदर्शित करती है कि उसकी इकाई मौलिक इकाई पर किस प्रकार आधारित है।
विमा लिखने के लिए मौलिक इकाइयों के लिए अंग्रेजी के बड़े अक्षरों (Capital letters) का प्रयोग किया जाता है। आयतन की विमा : (ल० × चौ० × ऊँ०) की विमा
= [L] × [L] × [L] = [L3] = [M° L3 T°]

बल की विमा : द्रव्यमान की विमा x त्त्वरण की विमा
= [M] × [LT-2] = [MLT-2]

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प्रश्न 17.
लीटर की परिभाषा में 4° C तापक्रम क्यों उल्लेख किया जाता है ?
उत्तर :
लीटर की परिभाषा (Definition of litre) : “एक किलोग्राम शुद्ध जल का 4° C तापमान तथा 760 मिलीमीटर दबाव पर जो आयतन होता है, उसे एक लीटर कहते हैं।”
लीटर की परिभाषा में 4° C तापमान उल्लेख करने का कारण : तापमान परिवर्तन के साथ-साथ जल का घनत्व भी परिवर्तित होता रहता है। अलग-अलग तापमान पर जल का घनत्व भिन्न-भिन्न होता है। चूंकि आयतन = मात्रा/घनत्व। अत: जल के घनत्व में परिवर्तन के साथ-साथ उसका आयतन भी परिवर्तित होता रहता है जबकि मात्रा स्थिर रहती है।

4° C तापमान पर जल का घनत्व सबसे अधिक (1 g / C . C.. या .100 kg / M3) होता है। 4° C से अधिक या कम तापमान पर जल का घनन्व 1 g / C . C. या 1000 kg / M3 से कम हो जाता है। फलस्वरूप 1 कि०ग्रा० जल का आयतन किसी अन्य तापमान पर 1 लोटर से कम हो जाता है। इसीलिए लोटर की परिभाषा में 4° C तापमान का उल्लेख किया जाता है।

प्रश्न 18.
नपना बेलन एवं साधारण तुला का उपयोग कर, जल में अघुलनशील किसी ठोस का घनत्व किस प्रकार ज्ञात किया जा सकता है ?
उत्तर :
नपना बेलन द्वारा अनियमित आकृति के ठोस का आयतन ज्ञात करना (To measure the volume of an irregular shaped body) : अनियमित आकार के ठोस का आयतन ज्ञात करने के लिए उपयुक्त आकार का एक नपना बेलन लेते हैं। इसमें जल या ऐसा द्रव लेते हैं जिसमें ठोस अघुलनशील हो। द्रव के तल का अंक बेलन पर लगे निशान के द्वारा ज्ञात कर लेते है, माना कि यह तल V1 = 50 cM3 है। अब उस ठोस अनियमित वस्तु को मोम लगे पतले धागे से बाँधकर धीरे-धीर पूर्ण रूप से द्रव में डुबाते हैं। ठोस द्वारा हटाया गया द्रव ऊपर चढ़ता है। इस अवस्था में द्रव के तल का पाठ ले लेते हैं, माना कि यह तल V2 = 70 cM3 है।
अनियमित ठोस कां आयतन =(V2-V1) घन सेन्टीमीटर
= (70-50) घन से॰मी०
= 20 घन से॰मी०

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प्रश्न 19.
सरकारी नल से गिरते हुए पानी की प्रवाह दर कैसे ज्ञात करोगे ?
उत्तर :
नल से गिरते हुए जल की प्रवाह की दर ज्ञात करना (To measure the rate of flow of water from the tap): बड़े आकार का एक नपना बेलन लेकर नल (Tap) के मुख के नीचे रख देते हैं। एक निश्चित समय तक जल नपना बेलन में गिरने देते हैं, यह समय विराम घड़ी द्वारा ज्ञात कर लेते हैं। नपना बेलन में जल के तल का पाठ्यांक ज्ञात कर लेते हैं जो जल का आयतन हुआ। माना कि 5 सेकेण्ड मे 25 घन से०मी० जल इकट्ठा हुआ। अत: C.G.S. पद्धति में जल प्रवाह का दर = \(\frac{25}{5}\) घन से॰मी०/सेकेण्ड =5 घन से॰मी॰/सेकेण्ड।

प्रश्न 20.
भौतिक राशियों की विमा किसे कहते हैं ?
उत्तर :
भौतिक राशियों की विमा (Dimensions of Physical Quantities) : किसी भौतिक राशि की इकाई ज्ञात करने के लिए मौलिक इकाइयों पर जो घात (Power) लगाए जाते हैं, उन्हें भौतिक राशि की विमा (Dimension) कहते हैं।

किसी भौतिक राशि की विमा को हमेशा बड़े कोष्ठक [ ] के अन्दर लिखते हैं। किसी भी भौतिक राशि की विमा यह प्रदर्शित करती है कि उसकी इकाई मौलिक इकाई पर किस प्रकार आधारित है।
विमा लिखने के लिए मौलिक इकाइयों के लिए अंग्रेजी के बड़े अक्षरों (Capital letters) का प्रयोग किया जाता है।

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प्रश्न 21.
किसी वस्तु की मात्रा किस यंत्र द्वारा ज्ञात की जाती है और क्यों ?
उत्तर :
साधारण तुला (Common balance) : इसके द्वारा वस्तुओं की मात्राएँ मापी जाती हैं।
साधारण तुला द्वारा किसी वस्तु की मात्रा ज्ञात करना : सर्वप्रथम समतल पेंच के द्वारा तुला के स्तम्भ को आधार के लम्बवत् कर लिया जाता है। समतल अवस्था में साहुल स्तम्भ के नुकीले भाग की सीध में हो जाता है।
अब लीवर द्वारा धीरे-धीरे तुला की दण्डी को ऊपर उठाते हैं। यदि इस अवस्था में दण्डी से लगा संकेतक स्तम्भ पर बने स्केल के शून्य (0) के दोनों तरफ बराबर दूरी तक विस्थापित हो तो समझना चाहिए की तुला व्यवहार के योग्य है।
जिस वस्तु की मात्रा ज्ञात करनी हो उसे तुला के बाये पलड़े पर रख कर दाहिने पलड़े पर आवश्यकतानुसार बाट रखते हैं तथा दण्डी को लीवर (s) की सहायता से ऊपर उठाते हैं। यदि संकेतक ठीक शून्य पर स्थित रहे या 0 के दोनों तरफ बराबर दूरी तय करे तो समझना चाहिए कि दोनों पलड़े संतुलित (Balance) हैं। इस अवस्था में दाहिने पलड़े पर रखे गये बाटों को पढ़ लेते हैं। यही उस वस्तु की मात्रा होगी।

साधारण तुला से वस्तु की मात्रा ज्ञात की जाती है। तुला में दाहिने पलड़े पर वाट तथा बायें पलड़े पर वस्तु रखी जाती है। जब वाट और वस्तु को पृथ्वो समान बल से अपनी तरफ खींचती है तो तुला की भुजा क्षैतिज हो जाती है। इससे पता चलता है कि वस्तु की मात्रा वाट की मात्रा के बराबर है।

WBBSE Class 9 Life Science Solutions Chapter 1 जीवन एवं उसकी विविधता

Detailed explanations in West Bengal Board Class 9 Life Science Book Solutions Chapter 1 जीवन एवं उसकी विविधता offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 9 Life Science Chapter 1 Question Answer – जीवन एवं उसकी विविधता

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
झींगा (चिगड़ी) का वैज्ञानिक नाम क्या है ?
उत्तर :
मैक्रोब्रैकियम रोजेन्बर्गाई (Macrobrachium rosenbrgil)

प्रश्न 2.
किस किया द्वारा सजीव ऊर्जा प्राप्त करते हैं?
उत्तर :
श्वसन क्रिया द्वारा।

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प्रश्न 3.
कौन सा पौघा एकलिंगी कोन का निर्माण करता है ?
उत्तर :
पाइन वृष्ष (पाइनस शैक्सबर्धिआई) Pinus roxburghii), साइकस रम्फीआइ (Cycas rumphii)

प्रश्न 4.
अपचयी क्रिया सजीवों की किस क्रिया को कहा जाता है ?
उत्तर :
सजींवों के शरीर में जटिल पदार्थों के विघटन की क्रिया को अपचयी क्रिया कहा जाता है।

प्रश्न 5.
वालयुक्त त्वचा वाले प्राणियों को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
स्तनपायी।

प्रश्न 6.
उद्दीपन के गुण किसमें नहीं पाये जाते हैं ?
उत्तर :
निर्णीवों में।

प्रश्न 7.
अनेक छिद्रों वाले अचल जन्तु का नाम बताओ।
उत्तर :
स्पंज।

प्रश्न 8.
एु-आई० ओपैरिन ने किस सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था ?
उत्तर :
ए० आई० ओपैरिन ने रासायनिक विकास के सिद्धान्त को पदार्थ सिद्धान्त के नाम से प्रतिपादित किया था।

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प्रश्न 9.
किस प्रकार के पौधों में स्वपोषी पोषण होता है – क्लोरोफिल युक्त या क्लोरोफिल विहीन ?
उत्तर :
क्लोरोफिल युक्त

प्रश्न 10.
कोएसरवेद्स किसकी खोज है ?
उत्तर :
औपैरिन।

प्रश्न 11.
किस वर्ग के प्राणियों का वृषण अण्डकोष में स्थित होता है ?
उत्तर :
स्तनथारी।

प्रश्न 12.
प्रारम्भिक जीवों की उत्पत्ति कब हुई थी?
उत्तर :
4अरब वर्ष पहले हुई थी।

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प्रश्न 13.
किस वर्ग के जन्तुओं की त्वचा पर कठोर शल्कें होती हैं ?
उत्तर :
सरीसृष वर्ग।

प्रश्न 14.
हिस्टोलोजी क्या है?
उत्तर :
सुक्ष्म शरीर अंगों के भौतर ऊतको की संरबना तथा उनका विन्यास के अध्ययन को हिस्टोलोजी कहते हैं।

प्रश्न 15.
जीव वैज्ञानिक वर्गीकरण में सबसे निचला स्तर क्या है ?
उत्तर :
प्रज़ाति (Species)

प्रश्न 16.
टेक्सोनॉमकी का जनक किसे कहा जाता है?
उत्तर :
कैरोलस लिनियस को।

प्रश्न 17.
किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम “टैक्सोनोमी” शब्द का प्रयोग किया ?
उत्तर :
फ्रांसीसी वैज्ञानिक “‘डि-कैडोले (De-Cadolle) ने सन् 1813 ई० में सर्वप्रथम “टैक्सोनोमी” शब्द का प्रयोग किया था।”

प्रश्न 18.
जगत प्लांटी में किसका अध्ययन किया जाता है?
उत्तर :
सभी रंगीन, बहुकोशिकीय, प्रकाश संशलेषी पौधो का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 19.
“औषधि का जनक” किस वैक्रानिक को कहा जाता है ?
उत्तर :
“औषधि का जनक” हिप्येक्रेट्स (Hippocrates) को कहा जाता है।

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प्रश्न 20.
पृथ्वी पर सजीवों की कितनी प्रजातियाँ हैं?
उत्तर :
लगभग 80 लाख 70 हजार।

प्रश्न 21.
अनेक छिद्रों युक्त शरीर वाले अचल जन्तु का नाम क्या है ?
उत्तर :
स्पंज (Sponge)

प्रश्न 22.
‘फाइलम’ शब्द की रचना किसने की ?
उत्तर :
कुवियर ने।

प्रश्न 23.
किस जन्तु के हृदय में 3 \(\frac{1}{2}\) प्रकोष्ठ होते हैं ?
उत्तर :
मगरमच्छ में।

प्रश्न 24.
भुजा रहित सरीसुप का उदाहरण दो।
उत्तर :
साँप।

प्रश्न 25.
“सिस्टेमा नेचुरी” नामक पुस्तक के रचनाकार कौन हैं ?
उत्तर :
लिनियस।

प्रश्न 26.
वर्गीकरण की मूलभूत इकाई क्या है ?
उत्तर :
प्रजाति।

प्रश्न 27.
ट्यूबफीट किस जन्तु का प्रचलन अंग है ?
उत्तर :
तारामछली।

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प्रश्न 28.
जीव विज्ञान का पिता किसे कहते हैं ?
उत्तर :
अरस्तू (Aristotle) को

प्रश्न 29.
साइकान किस संघ का प्राणी है?
उत्तर :
पोरिफेरा।

प्रश्न 30.
समुद्री खीरा किस संघ का प्राणी है?
उत्तर :
इकाइनोडरमेटा।

प्रश्न 31.
साइकस किस वर्ग का पौधा है?
उत्तर :
जिम्नोस्पर्म।

प्रश्न 32.
प्रोटिस्टा शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था?
उत्तर :
हेकल (Haekel) ने

प्रश्न 33.
उपास्थिमय मछली का एक उदाहरण दो ।
उत्तर :
ऑस्टिया (Ostia)

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प्रश्न 34.
जन्तुओं में किस प्रकार का पोषण होता है?
उत्तर :
होलोजोइक।

प्रश्न 35.
लाइकोपोडियम किस वर्ग का पादप है?
उत्तर :
टेरिडोफाइटा वर्ग।

प्रश्न 36.
एक यूकैरियोटिक शैवाल का नाम बताओ ?
उत्तर :
स्साइरोगाइरा।

प्रश्न 37.
मटर का वैजानिक नाम क्या है ?
उत्तर :
पाइसम सैटाइवम (Pisum sativum)

प्रश्न 38.
किस संघ के जीवों का शरीर मेण्टल से ढंका रहता है ?
उत्तर :
मोलस्का।

प्रश्न 39.
किस समूह में ‘नग्नबीजी” पौधों को रखा गया है ?
उत्तर :
जिम्नोस्पर्म।

प्रश्न 40.
पृथ्वी पर सजीवों की कितनी प्रजातियाँ हैं ?
उत्तर :
लगभग 30 मिलियन

प्रश्न 41.
“द ओरीजीन ऑफ लाइफ” की रचना किसने की ?
उत्तर :
ओपैरिन ने।

प्रश्न 42.
ब्रायोफाइटा का एक उदाहरण दो।
उत्तर :
मॉस।

प्रश्न 43.
किस समूह के पौधौं का बीज फल के अन्दर स्थित होता है ?
उत्तर :
एन्जिओस्पर्म

प्रश्न 44.
उपसंघ हेमिकार्डेटा का एक उदाहरण लिखो।
उत्तर :
बैलेनोग्लॉंसिस (Balanoglosis)

प्रश्न 45.
“जेनेरा प्लेन्टेरम”‘ नामक पुस्तक किसके द्वारा लिखी गई है ?
उत्तर :
केरोलस लिनियस।

प्रश्न 46.
जल और जमीन पर रहने वाले जीवधारियों को कहते हैं।
उत्तर :
उभयचर।

प्रश्न 47.
जीवधारियों को विभिन्न भागों में विभाजन को कहते हैं।
उत्तर :
वर्गीकी।

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प्रश्न 48.
द्विनाम पद्धति के जन्मदाता हैं।
उत्तर :
स्वीडेन के वनस्पति विज्ञानी कैरोलस लिनियस।

प्रश्न 49.
सजीवों द्वारा वातावरण के प्रभाव को प्रदर्शित करना कहलाती है।
उत्तर :
उत्तेजनशीलता।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
‘कोएक्सरवेट मॉडल”‘ किसने तथा कब प्रतिपादित किया था ?
उत्तर :
A.I. Oparin ने 1920 ई० में “कोएक्सरवेट मॉडल”‘ की संरचना प्रस्तुत की।

प्रश्न 2.
जीवन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जीवन जीवधारियों की वह शक्ति है जिसके द्वारा वे स्वयं को बनाये रखते हैं तथा अपने ही समान सन्ताने उत्पन्न करते हैं।

प्रश्न 3.
वर्गीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर :
वर्गींकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एकत्रित संमंक्रो को उनकी विभिन्न विशेषताओं के आधार पर अलग-अलग समुह या वर्ग में क्रमवद्ध किया जाता है ।

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प्रश्न 4.
कार्बनिक क्रम-विकास किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कार्बनिक क्रम-विकास (Organic evolution) : क्रम-विकास का तात्पर्य एक अवस्था से दूसरी विकसित और अनुकूलित अवस्था में क्रमिक परिवर्तन है। सजीवों के लक्षणों में धीमी, क्रमिक तथा निध्चित परिवर्तन जो समय के साथ एवं संततियों में स्थानान्तरित होता है, उसे कार्बनिक क्रमविकास (Organic evolution) कहते हैं।

प्रश्न 5.
किस क्रिया द्वारा सजीवों को ऊर्जा प्राप्त होती है ?
उत्तर :
श्वसन (Respiration) की क्रिया द्वारा सजीवों को ऊर्जा प्राप्त होती है।

प्रश्न 6.
जीव-विविधता से क्या समझते हैं ?
उत्तर :
“जीव-विज्ञान की वह शाखा जिसमें विविध प्रकार के जीवधारियों की उनके गुणों की समानता तथा असमानताओं के-आधार पर अलग-अलग समूहों में बाँटा जाता है।”

प्रश्न 7.
जीन स्थानान्तरण से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
कभी-कभी किसी जीवधारी की विशेष प्रजाति के कुछ जीन लुप्त हो जाते हैं और नये जीन पुल बन जाते हैं। नये जीन पुल वाली प्रजाति जब स्थानीय प्रजाति से मिलकर संतान उत्पत्न करती है, तब नये लक्षण वाली जातियाँ उत्पन्न होती हैं। इस प्रक्रिया को जीन-स्थानान्तरण कहा जाता है। जीन स्थानान्तरण के फलस्वरूप एक नयी जाति का विकास होता है।

प्रश्न 8.
उह्दीपन से क्या समझते हो?
उत्तर :
वाह्म वातावरण में होने वाले परिवर्तन के प्रति अनुक्रिया को उद्दीपन कहते हैं। इसके घटीत होने के कारण अचानक हमारे ज्ञानेन्द्रियों में कुछ एक्सन होता है ।

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प्रश्न 9.
“क्लोनिंग” क्या हैं ?
उत्तर :
क्लोनिंग का तात्पर्य है अलैंगिक विधि से एक जीव से दूसरा जीव तैयार करना। इस विधि से उत्पादित क्लोन अपने जनक से शारीरिक और आनुवांशिक रूप में समरूप होते हैं। अर्थात् किसी जीव का प्रतिरूप तैयार करना ही क्लोनिंग है।

प्रश्न 10.
कोलाएड्स से क्या समझते हो ?
उत्तर :
विभिन्न प्रोटीन के अणुओं का आपस में मिलकर निर्माण किये गए कणों को कोलाएड्स कहते हैं।

प्रश्न 11.
कवकों को अलग जगत फंजाई में क्यों रखा गया ?
उत्तर :
ये परजीवी या मृतोपजीवी होते हैं। इनमें प्रकाश संश्लेषण नहीं होता है। इसलिए इसे अलग जगत फंजाई में रखा गया है।

प्रश्न 12.
“प्रोटिस्टा” समूह के दो लक्षण लिखिए।
उत्तर :

  • प्रचलन के लिए सीलिया (cilia) अथवा फ्लैजेला (flagella) की उपस्थिति।
  • स्वपोषी तथा विविध पोषी दोनों प्रकार के पोषण वाले प्रोटिस्टा जगत के जीव होते हैं। विविध पोषी के अन्तर्गत मृतजीवी (saprophytes) अथवा परजीवी (Parasites) आते हैं।

प्रश्न 13.
विभिन्नता किसे कहते हैं ?
उत्तर :
सजातीय सदस्यों के लक्षणों में जो असमानताएँ या अन्तर होता है, उन्हें विभिन्नता कहते हैं।

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प्रश्न 14.
पादप जगत के प्रमुख वर्गों का उल्लेख करो।
उत्तर :
1969 में आर० ह्रिटेकर (R. Whittaker) द्वारा पाँच जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification) की स्थापना की गई जिन्हें मोनेरा, पोटिस्टा, फंजाई, ए्लांटी तथा एनिमेलिया नाम दिया गया।

प्रश्न 15.
ट्यूनिक्स (Tunics) क्या है ?
उत्तर :
एसिडिएंसी वर्ग के जन्तुओं का शरीर एक आवरण से ढँका रहता है जिसे ट्यूनिक्स कहते हैं। इनका शरीर थैलीनुमा होता है।

प्रश्न 16.
दर्शरूप विभिन्नताएँ किसे क्रहते हैं ?
उत्तर :
दर्शरूप विभिन्नताएँ : जो विभिन्नताएँ जीवों के जीवन काल में वातावरणीय दशाओं की जीवन रीतियों में परिवर्तन के प्रभाव से जीव के शरीर में दिखायी देती हैं उन्हें दर्शरूप विभिन्नताएँ कहते हैं।

प्रश्न 17.
प्रोटिस्टा में किस प्रकार के जीवों को रखा गया ?
उत्तर :
शैवाल, यूग्लीना, अमीबा आंदि जीवों को रखा गया है।

प्रश्न 18.
‘शैवाल”‘ और “‘ब्बायोफाइटा”‘ में दो समानताएँ लिखिए।
उत्तर :
शैवाल और ब्रायोफाइटा में दो समानताएँ :

  • शैवाल एवं ब्रायोफाइटा दोनों में स्पोरफिटिक अवस्था पूर्णत: गैमिटोफिटिक अवस्था पर निर्भर होती है।
  • शैवाल एवं ब्रायोफाइटा दोनों में गैमिटोफिटिक पौधों में क्लोरोफिल पाया जाता है एवं लैंगिक प्रजनन जाइगोट (2n) के निर्माण द्वारा होता है।

प्रश्न 19.
थैलोफाइटा के तीन विशेषताओं का उल्लेख करो तथा उदाहरण दो।
उत्तर :

  • इस उपविभाग के पौधों का शरीर जड़, तना और पत्ती में विभक्त नहीं होते है ।
  • इनकी कोशिकाओं में लवक पाये जाते हैं ।
    इनके शरीर में उत्तक तंत्र का अभाव होता है । उदाहरंरण : साइरोगाइरा, वालवाक्स आदि।

प्रश्न 20.
जिम्नोस्पर्म तथा एन्जिओस्पर्म में दो समानताएँ बताइए।
उत्तर :
जिम्नोस्पर्म तथा एन्जिओस्पर्म में दो समानताएँ –

  • ये पुष्पीय पौधे हैं तथा इनमें बीज का निर्माण होता है।
  • स्पोसेकिटिक पौधों का शरीर जड़, तना तथा पत्ता में पूर्णरूप से विभक्त होता है।

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प्रश्न 21.
शरीर क्रिया विज्ञान (Physiology) क्या है ?
उत्तर :
जीवों में होने वाली विभिन्न जैविक क्रियाओं, जैसे – श्वसन, पावन, उत्सर्जन आदि का अध्ययन जिस विज्ञान के अन्तर्गत किया जाता है, उसे शरीर क्रिया विज्ञान कहते हैं।

प्रश्न 22.
एक बीजपत्री एवं द्विबीजपत्री में अन्तर लिखो ।
उत्तर :
एक बीजपत्री तथा द्विबीजपत्री में अन्तर :-

एक बीजपत्री द्विबीजपत्री
(i) एक बीजपत्री के बीज में एक बीजपत्र पाया जाता है (i) द्विबीजंपत्री के बीज में दो बीजपत्र पाया जाता है।
(ii) इनकी पत्तियों में समानान्तर शिरा विन्यास होता है। (ii) इनकी पत्तियों में जालिकावत शिरा विन्यास होता है।
(iii) इन पौधों में तंतुमय जड़े पायी जाती है। उदाहरण : धान, गेंहू। (iii) इन पौधों में मूसला जड़ पायी जाती है| उदाहरण : चना, मटर ।

प्रश्न 23.
घरेलू मक्खी तथा तारा मछली का वैज्ञानिक नाम लिखिए।
उत्तर :
घरेलू मक्खी का वैज्ञानिक नाम – मस्का डोमेस्टिका (Musca domestica)
तारा मछ्ली का वैज्ञानिक नाम – ऐस्टेरिआस रूबेन्स (Asterias rubens)

प्रश्न 24.
विज्ञान की शाखा पारिस्थितिकी (इकोलोजी) में क्या अध्ययन किया जाता है ?
उत्तर :
विज्ञान की शाखा पारिस्थितिकी (इकोलोजी) में जीवों तथा उनके वातावरण के विभिन्न कारकों के बीच पारस्परिक संबंधों का अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 25.
द्विपाश्र्व सममित किसे कहते हैं ? एक उदाहरण दो।
उत्तर :
द्विपाशर्व सममित : संघ प्लैटीहेल्मिन्थीज के जन्तु चिपटे फीते सदृश परजीवी कृमि होते हैं तथा इनका शरीर द्विपार्थ सममित (bilaterally symmertrical) होता है। इसका उदाहरण है – फीताकृमि, प्लेनेरिया आदि।

प्रश्न 26.
लार्वेसी वर्ग के जन्तुओं का लक्षण बताएँ।
उत्तर :
लार्वेसी वर्ग के जन्तुओं के लक्षण :-

  • ग्रसनी के साथ दो गिल स्लिट्स होते हैं।
  • आवास, निर्माण, पोषण और प्रचलन में पूँछ सहायक होती है।

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प्रश्न 27.
जैव विकास की शाखा में किस विषय का अध्ययन किया जाता है ?
उत्तर :
जैव विकास की शाखा के अन्तर्गत सृष्टि के आरम्भ से अब तक की निम्न श्रेणी के जीवों के परिवर्तनों द्वारा अधिकाधिक जटिल जीवों की उत्पत्ति के सम्बन्ध में अध्ययन किया जाता है।

प्रश्न 28.
आर्थोपोडा संघ के तीन लक्षणों का उल्लेख करो।
उत्तर :

  • इन प्राणियों का शरीर सिर, वक्ष तथा उदर में विभाजित होता है ।
  • इस संघ के प्राणियों के पाँव जुड़े हुए होते हैं।
  • इन प्राणियों में शशन ट्रैकिया तथा उत्सर्जन मालपिजियन नलिकाओं द्वारा होता है।
    उदाहरण : तिलचड्टा, घरेलू मक्खी।

प्रश्न 29.
पृथ्वी की उत्पत्ति कब हुई ?
उत्तर :
पृथ्वी की उत्पत्ति 4.5 से 5 अरब वर्ष पूर्व हुई।

प्रश्न 30.
बीज रहित पौधों को किस उपजगत में रखा गया है?
उत्तर :
अपुष्पी।

प्रश्न 31.
स्तनधारी वर्ग की विशेषतायें लिखो।
उत्तर :
इस वर्ग के जन्तु उच्चतापी एवं नयिततापी (stenothermal) होते हैं अर्थात् इनके शरीर का ताप बाहा वातावरण के तापमान परविर्तन के साथ नहीं बदलता है। इनका त्वचा बाल या रोम (hairs) से ढंका रहता है। इनकी त्वचा में स्वेद एवं तैल की ग्रन्थयाँ होती है ।

प्रश्न 32.
पृष्ठ रज्जु क्या है?
उत्तर :
पृष्ठ वंशी जन्तुओ में जीवन की किसी न किसी अवस्था में मध्य पृथक रेखा पर लचीली लम्बी छड़ नुमा संरचना, पायी जाती है जिन्हे पृष्ठ रज्जु कहते हैं।

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प्रश्न 33.
वर्गीकरण के पाँच जगत के सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने तथा कब किया? इस क्गीकरण का आधार किन लक्षणों पर निर्भर करता है ?
उत्तर :
आर० एच० ह्विटेकर (R.H. Whittaker) ने सन् 1969 में वर्गीकरण के पाँच जगत के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। इस वर्गीकरण का आधार निम्न लक्षणों पर निर्मर करता है :

  • शरीर की संरचना,
  • कोशिका की संरचना,
  • प्रजनन की विधि
  • जातिवृतीय सम्बन्ध।

प्रश्न 34.
वर्गिकी (Taxonomy) क्या है ?
उत्तर :
इस शाखा में सभी जीवों के नामकरण तथा वर्गीकरण का अध्ययन किया जाता है। ‘कैरोलस लिनियस’ को वर्गीकरण का जनक कहा जाता है।

प्रश्न 35.
क्रम विकास क्या है ?
उत्तर :
हर्बर्ट स्पेन्सर के अनुसार सरल जीवों की शारीरिक रचनाओं में विभिन्न परिवर्तनों के कारण धीर-धीरे जटिल शरीर तथा अंगों की सृष्टि हुई। जीवों के शरीर में इस प्रकार के परिवर्तनों को क्रम विकास कहते हैं।

प्रश्न 36.
एम्बायोलोजी (Embryology) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जीव विज्ञान की जिस शाखा में जीव के प्रूण गठन तथा पूर्ण विकास के सम्बन्ध में अध्ययन किया जाता है, उसे एम्बायोलोजी कहते हैं।

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प्रश्न 37.
माइक्रोबायोलोज़ी (Microbiology) क्या है ?
उत्तर :
जीव विज्ञान की जिस शाखा में वाइरस, बैक्टीरिया आदि अति सूक्ष्म जीवों के बारे में विस्तृत अध्ययन किया जाता है, उसे सूक्ष जीव विज्ञान (Microbiology) कहते हैं।

प्रश्न 38.
टैक्सन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कोई जीव या जीव समूह एक निर्दिष्ट समूह के अन्तर्गत हो, उसे टैक्सन कहते हैं। जैसे – आम के पेड़ की प्रजाति।

प्रश्न 39.
उत्तेजनशीलता क्या है ? उदाहरण दें।
उत्तर :
सभी सजीवों में बाह्म एवं आंतरिक उद्दीपनों के प्रति संवेदनशीलता प्रकट करने की क्षमता होती है, जिसे उत्तेजनशीलता कहते हैं। जैसे – छूई-मुई के पत्तों को छूते ही पत्तों का सिकुड़ जाना।

प्रश्न 40.
मोनेरा जगत का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :

  • मोनेरा जगत के जीवधारियों में एककोशिकीय प्रोकेरियोटिक कोशिका होती है।
  • इनके केन्द्रक में केन्द्रक झिल्ली नहीं पायी जाती है ।
  • ये मृतोपजीवी, स्वयं पोषी, परजीवी, सहजीवी और स्वरसायन पोषी होते है ।

प्रश्न 41.
शैवाल (Algae) तथा कवक (Fungi) में अन्तर लिखें ।
उत्तर :

शैवाल (Algae) कवक (Fungi)
(i) इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है। (i) इनमें क्लोरोफिल का अभाव होता है।
(ii) ये स्वपोषी होते हैं, अपने भोजन का निर्माण स्वयं कर लेते हैं। (ii) ये परजीवी या मृतोपजीवी होते हैं। इसमें प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं होती है।
(iii) ये जल में या मिट्टी पर उगते हैं। (iii) ये जल, मिट्टी, सजीव या मृत जीवों में मिलते हैं।

प्रश्न 42.
प्रोटोजोआ (Protozoa) तथा पोरिफेरा (Porlfera) में अन्तर लिखें ।
उत्तर :

प्रोटोजोआ (Protozoa) पोरिफेरा (Porifera)
(i) ये एक कोशिकीय प्राणी है। (i) ये सरलतम बहुकोशिकीय जीव हैं।
(ii) इनमें नाल तंत्र नहीं पाया जाता है। (ii) इनमें नालतंत्र पाया जाता है।
(iii) इनमें प्रचलन के लिए प्रचलन अंग होते हैं। उदाहरण : अमीबा । (iii) इनमें प्रचलन अंग नहीं होते हैं।
उदाहरण : साइकान।

प्रश्न 43.
उभयचर (Amphibia) तथा सरीसृप (Reptile) में अन्तर लिखें
उत्तर :

उभयचर (Amphibia) सरीसृप (Reptile)
(i) इनके हृदय में तीन कक्ष होते हैं। (i) इनके हुदय में 31/2 कक्ष होते हैं ।
(ii) इनमें गर्दन नहीं पायी जाती है (ii) इनमें गर्दन पायी जाती है।
(iii) इनकी त्वचा शल्कविहीन होती है। उदाहरण : टोड (iii) इनकी त्वचा शल्कयुक्त होती है। उदाहरण : छिपकली।

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प्रश्न 44.
एनिलिडा (Annelida) तथा आर्थोपोडा (Arthopoda) में अन्तर लिखें ।
उत्तर :

एनिलिडा (Annelida) अर्थोपोडा (Arthopoda)
(i) इसमें बन्द रक्त परिवहन तंत्र पाया जाता है (i) इसमें खुला रक्त परिवहन तंत्र पाया जाता है
(ii) इसका उत्सर्जी अंग नेफ्रिडिया है। (ii) इसका उत्सर्जी अंग ग्रीन ग्लैण्ड, कॉक्सल ग्लैण्ड तथा मालपिजियन नलिकाएँ हैं।
(iii) इसका शरीर खण्ड युक्त होता है ।
उदाहरण : केचुआँ।
(iii) इसका शरीर सिर, वक्ष और उदर तीन खण्ड होता है। उदाहरण : तिलचट्टा


संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 4 MARKS

प्रश्न 1.
टैक्सोनॉमी का अध्ययन क्यों आवश्यक है ? इसके कारणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
टैक्सोनॉमी का अध्ययन आव्रश्यक होने के कारण निम्नलिखित हैं :-

  • इससे सजीवों में समानता तथा असमानता का ज्ञान प्राप्त होता है।
  • जैव विकास के प्रमाण के लिए टैक्सोनॉमी आवश्यक है।
  • इसमें सजीव जगत की विविधताओं की सही पहचान तथा उसका वास्तविक मूल्यांकन किया जाता है।
  • संग्रहालयों में पौधों के रख-रखाव के लिए तथा अनुकूलन के लिए टैक्सोनॉमी आवश्यक है।
  • नए जीवधारियों के विकास तथा उनकी उपयोगिता का पता टैक्सोनॉमी के अध्ययन से चलता है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित पौधों के वैज्ञानिक नाम लिखिए :-
गेहूँ, धान, मक्का, सरसों, चना, मटर, जूट, कपास, मसूर, आम।
उत्तर :
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प्रश्न 3.
द्विपदीय नामकरण क्या है ? इसका नामकरण किसने किया ? द्विपदीय नामकरण के नियम को लिखिए।
उत्तर :
सजीवों की पहचान के लिए एक समान नामकरण की पद्धति विकसित की गई जिसे द्विपद पद्धति (Binomial nomenclature) के नाम से जाना जाता है। इस पद्धति का नामकरण स्वीडेन के वैज्ञानिक “लिने” ने सन्1 753 में किया था।

द्विपद नामकरण का नियम :

  • नाम का प्रथम अंश वंशीय नाम तथा बाद वाला अंश जातीय नाम होता है।
  • नाम का पहला भाग जीन्स जिसका पहला अक्षर बड़ा तथा दूसरा भाग प्रजाति जिसका सभी अक्षर छोटा में लिखना चाहिए।
  • वंशीय तथा जातीय नाम सजीवों की विशेषता, वैज्ञानिक, पर्वत, देश जैसे नामों पर आधारित हो सकती है।
  • वंशीय तथा जातीय नाम ग्रीक भाषा या इसी के तर्ज पर रखे जाते हैं।
  • इस पद्धति में पूरा नाम अंग्रेजी में झुके हुए अक्षरों में लिखा जाता है। जब इसे हाथ से लिखा जाता है या टाइप किया जाता है तो इसे अंडर लाइन कर दिया जाता है।

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प्रश्न 4.
निम्नलिखित फाइलम या समूहों की तीन विशेषताएँ एवं दो उदाहरण वैज्ञानिक नाम के साथ लिखिए – बायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, जिम्नोस्पर्म, ऐन्जिओस्पर्म, फंजाई, शैवाल, मोनेरा, प्रोटिस्टा।
उत्तर :
बायोफाइटा (Bryophyta) :
(i) ये पौधे नम तथा छायादार स्थानों पर उगते हैं।
(ii) ये उभयचर पादप या प्रथम स्थलीय पादप कहलाते हैं।
(iii) मुख्य पौधा युग्मकोद्भि (gametophyte) होता है।
उदाहरण : रिक्सिया (Riccia), मॉस (फ्यूनेरिया) आदि।

टेरिडोफाइटा (Pteridophyta) :
(i) मुख्य पौधा बीजाणु उद्भद (sporophyte) होता है। यह वास्तविक जड़, तना, और पत्ती में विभक्त होता है।
(ii) वास्तविक संवहन ऊतक (True vascular tissue) अर्थात् जाइलम तथा फ्लोएम पाया जाता है।
(iii) बीजाणुओं का निर्माण बीजाणुधानियों में होता है।
उदाहरण : लाइकोपोडियम (Lycopodium), ड्रायोप्टेरिस, टेरिस (Pteris), फर्न आदि।

जिम्नोस्पर्म (Gymnosperm) :
(i) इस समुदाय के सदस्य काष्ठीय तथा बहुवर्षीय (perennial) होते हैं।
(ii) ये मरुद्भिद् (xerophytes) होते हैं। इनकी पत्तियाँ छोटी, संकरी या सूई-सदृश्य होती हैं।
(iii) पत्तियों पर उपचर्म का मोटा आवरण होता है। उदाहरण : साइकस (Cycas), चीड़ (Pinus) आदि।

ऐन्जिओस्पर्म (Angiosperm) :
(i) यह वनस्पति जगत का प्रमुख बड़ा समूह है जिसके पौधे सभी स्थानों पर पाए जाते हैं। ये शाक, झाड़ी, वृक्ष, आरोही होते हैं।
(ii) पौधा बीजाणुद्भिद् होता है। पौधं में जड़, तना तथा पत्तियाँ स्पष्ट होती हैं।
(iii) ये एकवर्षीय, द्विवर्षीय तथा बहुवर्षीय होते हैं।
उदाहरण : गेहूँ, चावल, मक्का, गत्रा, घास, जौ आदि एकबीजपत्री पौधे हैं। मटर, चना, अरहर, सरसों, आम, शीशम, नींबू आदि द्विबीजपत्री पौधे हैं।

फंजाई :
(i) फंगल सेलुलोज और काइटिन की बनी कोशिकाभित्ति उपस्थित होती है।
(ii) लवको की अनुपस्थिति के कारण विविधपोषी के अन्तर्गत मृतोपजीवी होते हैं तथा सड़े -गले पदार्थों पर उगते हैं और वहीं से अपने लिए पोषण भी प्राप्त करते हैं।
(iii) ये विषमपोषी यूकैरियोटिक जीव परजीवी अथवा सहजीवी भी हो सकते हैं।
उदाहरण : यीस्ट, मशरूम, पेनिसीलियम आदि।

शैवाल :
(i) इनके शरीर में जड़, तना तथा पत्तियों का अभाव होता है।
(ii) शैवाल नदी, झील, तालाब तथा वृक्षों की छाल या पुरानी इमारतों की नम दीवारों पर पाये जाते हैं।
(iii) ये स्वपोषी होते हैं अर्थात् इनमें पर्णहरिम (क्लोरोफिल) उपस्थित होता है।
उदाहरण : क्लेमाइडोमोनास (Chlamydomonas), क्लोरेला (Chlorella) आदि।

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मोनेरा :
(i) इस जगत में प्राचीनतम, सरल तथा प्रोकैरियोटिको को सम्मिलित किया गया।
(ii) ये सभी जगहों पर पाये जाते हैं तथा स्वपोषी या परपोषी हो सकते हैं।
(iii) प्रतिकल परिस्थिति में भी जीवनयापन में समर्थ होते हैं।
उदाहरण : विभिन्न प्रकार के जीवाणु, नील-हरित शैवाल, माइक्रो प्लाज्मा आदि!

प्रोटिस्टा :
(i) इस जगत में जलीय, एक कोशिकीय, सरल तथा यूकैरियोटिकों को जगह दी गई हैं।
(ii) प्रचलन के लिए सीलिया (cilia) अथवा फ्लैजेला (flagella) की उपस्थिति।
(iii) स्वपोषी तथा विविध पोषी दोनों प्रकार के पोषण वाले प्रोटिस्टा जगत के जीव होते हैं। विविध पोषी के अन्तर्गत मृतजीवी (saprophytes) अथवा परजीवी (Parasites) आते हैं। उदाहरण : शैवाल, यूग्लीना, अमीबा आदि।

प्रश्न 5.
सजीव तथा निर्जीव के अन्तरों को स्पष्ट कीजिए :-
उत्तर :

सजीव निर्जीव
(i) सभी सजीवों के जीवन का मुख्य लक्षण श्वसन है। (i) निर्जीवों में श्वसन की क्रिया नहीं होती है।
(ii) सजीवों का अपना आकार होता है। (ii) निर्जीव का अपना आकार नहीं होता है।
(iii) सजीव में ऊर्जा की प्राप्ति के लिए पोषण की क्रिया होती है। (iii) निर्जीव में पोषण की क्रिया नहीं होती है।
(iv) सजीवों में गति तथा प्रचलन होता है। (iv) निर्जीव में गति तथा प्रचलन की क्रिया नहीं होती है।
(v) जीव द्रव्य के संश्लेषण हेतु सजीवों में अनक जैविक क्रियायें लगातार होती रहती है। (v) निर्जीव में ऐसी कोई क्रिया सम्भव नहीं है।
(vi) सजीव में अपने जैसी सन्तान उत्पन्न करने की क्षमता होती है। (vi) निर्जोव में प्रजनन की क्रिया नहीं होती है।
(vii) सजीवों में वृद्धि आन्तरिक होती है। (vii) निर्जीव में वृद्धि बाहरी होती है।

प्रश्न 6.
सजीवों के प्रमुख लक्षणों के नाम लिखते हुए किसी एक का वर्णन करें।
उत्तर :
सजीवों के प्रमुख लक्षणों के नाम :

  • जीवन चक्र (Life Cycle),
  • जीवद्रव्य (Protoplasm : Protos = first : plasma = form),
  • उपापचय (Metabolism)
  • श्वसन (Respiration)
  • प्रजनन (Reproduction)
  • संवेदनशीलता तथा अनुकूलनशीलता (Sensitivity and Adaptability)
  • उद्दीपन (Stimuli)
  • रासायनिक संगठन (Chemical Organisation)।

रासायनिक संगठन (Chemical Organisation) : सजीवों और निर्जीव वस्तुओं के बीच पदार्थ के रासायनिक संघठन में अत्यधिक भेद होता है, जब्बकि ‘जीव द्रव्य मुख्यतया बड़े-बड़े कार्बनिक (organic) अणुओं का बना एक जटिल संघटन होता है, समस्त निर्जीव वस्तुओं का पदार्थ सरल और छोटे मुख्यत: अकार्बनिक (Inorganic) अणुओं का असंघठित मिश्रण (mixture) होता है।”

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प्रश्न 7.
जीवन की उत्पत्ति का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर :
जीवन की उत्पत्ति :- पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति के सम्बन्ध में विभिन्न दार्शनिको तथा वैज्ञानिकों ने समय-समय पर अपने-अपने मत प्रस्तुत किए हैं। ये मत निम्न प्रकार से प्रस्तुत किये गये हैं :-

(i) स्वत: जननवाद (Theory of spontaneous generation) – इस मत के विचारकों के अनुसार जीवन की उत्पत्ति अपने आप अजीवी पदार्थों से हुई है।

(ii) विशिष्ट सृष्टिवाद (Theory of special creation) :- इस मत के अनुसार पृथ्वी पर जीवों की उत्पत्ति किसी अलौकिक शक्ति के द्वारा हुई है। पादरी स्वरेज के अनुसार सृष्टि का निर्माण ईंभर ने छ: प्राकृतिक दिनों में किया था।

(iii) कोस्मोजोइक सिद्धान्त (Cosmozoic Theory) :- अर्हिनियम, रिचटर, प्रेयर आदि वैज्ञानिकों ने कोस्मोजोइक सिद्धान्त प्रस्तुत किया था। इन वैज्ञानिकों ने जीवन उत्पत्ति सम्बन्धी दो बाते प्रस्तुत की –

  • जीव की उत्पत्ति नहीं हुई बल्कि पदार्थ की तरह यह सदा विद्यमान रहा है तथा
  • जीव की उत्पत्ति अन्य ग्रहों पर हुई और वहाँ से धरती पर स्थानान्तरित हुए।

(iv) आकस्मिक उत्पत्ति (Sudden Creation) – इस मत के अनुसार जीव का विकास अकार्बनिक वातावरण में हुआ होगा, परन्तु आधुनिक जीव-रसायन के अनुसार सरलतम जीव अर्थात् जीवाणु आदि भी जलिट प्रकृति के हैं। अत: अकार्बनिक यौगिकों द्वारा कोशिका के निर्माण की सम्भावना बहुत ही कम है।

(v) प्राकृतिकवाद का सिद्धान्त (Naturalistic Theory) :- इस सिद्धान्त के अनुसार सबसे पहले जीव की सृष्टि पृथ्वी पर जल में हुई। फिर पृथ्वी पर विभिन्न परिवर्तनों के फलस्वरूप भौगोलिक परिस्थितियाँ बदलती गयी। इसके फलस्वरूप जलवायु में परिवर्तन हुआ। इन परिवर्तनों के फलस्वरूप साधारण जीवों से जटिल जीवों की उत्पत्ति होती गई। यह परिवर्तन धीमी गति से लम्बी अवधि तक होता रहा तथा क्रमशः उच्च जीवों की उत्पत्ति होती रही।

प्रश्न 8.
आदि कोशिका की उत्पत्चि का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
आदि कोशिका की उत्पत्ति : इस अवस्था में कोसरवेट्स के अन्दर आन्तरिक सांगठनिक व्यवस्था प्रारम्भ हुई। इसमें वृद्धि, प्रजनन, उत्परिवर्तन और विकास की क्षमता उत्पश्न हो गई। अब न्यूक्लिक अम्ल प्रोटीन के साथ मिलकर न्यूक्लिओम्रोटीन का निर्माण किये होंगे। इसके चारों ओर एक झिल्ली जैसी रचना बनी। इस प्रकार विषाणु (वायरस) से मिलती-जुलती रचना बनी। इसमें उपापचय (Metabolism) की क्षमता आ गई।

इस प्रकार आदि कोशिका का निर्माण हुआ। वे प्रारम्भिक जीव मृतोपजीवी रहे होंगे। इनमें न्यूक्लियोप्रोटीन बिखरे थे। अर्थात् इनमें केन्द्रक का अभाव था। आज भी जीवाणु और नील हरित शैवालो (Blue green algae) में सष्ट केन्द्रक नही मिलता है। इसके बाद वातावरण के अन्य अणु आदि कोशिका के मध्य में एकत्र होकर एक अन्य झिल्ली का निर्माण किये। इससे केन्द्रक झिल्ली बनी। इस झिल्ली के अन्दर जीवद्रव्य का निर्माण हो गया। इस प्रकार केन्द्रक युक्त आधुनिक कोशिका बन गई। निर्जीव वस्तुओं से सजीव की उत्पत्ति में लगभग दो अरब वर्ष लग गए।

प्रश्न 9.
विभिन्नता किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विभिन्नता : सजातीय सदस्यों के लक्षणों में जो भी अन्तर या असमानताएँ (dissimilarities) होती हैं उन्हें विभिन्नताएँ कहते हैं। वे संरचनात्मक (morphological), क्रियात्मक (Physiological), मनोवैश्ञानिक (psychological) आदि सभी प्रकार के लक्षणों में हो सकती है।

संरचनात्मक विभिन्नताओं में शरीर या अंगों की आकृति, रूप-रंग, गठन आदि की, क्रियात्मक विभिन्नताओं में वृद्धि, पाचन, श्वसन, जनन, गमन, स्वास्थ्य आदि जैव-क्रियाओं की क्षमताओं के तथा मनोवैशानिक विभिन्नताओं में स्वभाव, प्यार, ममता, घृणा, क्रोध आदि की भावनाओं के लक्षण आते हैं। सजातीय सदस्यों की विभिन्नताएँ, वातावरणीय दशाओं के अनुसार, लाभदायक या हानिकारक हो सकती है।

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प्रश्न 10.
स्रोत के आधार पर विभिन्रता को कितने भागों में बाँटा गया है ? किसी एक का वर्णन करें।
उत्तर :
सजीवों में विभिन्नताओं के स्रोत (Sources of Variations in Life) :

  • कायिक या उपार्जित विभिन्नताएँ (Somatogenic Somatic or Acquired Variations)
  • जननिक या भ्रूणीय विभिन्नताएँ (Germinal or Blastogenic Variations)

जननिक या भूणीय विभिन्रताएँ (Germinal or Blastogenic Variations) : ये जीन-ढाँचे (genepattern) पर आधारित वंशागत विभिम्नताएँ होती हैं। लैंगिक जनन की प्रक्रिया ऐसी होती है कि इससे बनी सन्तानो के जीन ढाँचे समान नहीं हो सकते। इसीलिए, भाई-बहनों में परस्पर विभिन्नताएँ होती है। इनमें कुछ जैसे बालों, आँखों की पुतली आदि का रंग, तो जन्म से ही दिखायी देने लगती हैं, लेकिन कुछ जन्म के कुछ समय बाद, विभिन्न आयु में प्रकट होती हैं, जैसे कि शरीर की लम्बाई, विविध अंगों की आनुपातिक माप (proportionate size) आदि।

सजातीय सदस्यों में समान जीन्स के लक्षणों के प्रदर्शन में भी विभिन्न वातावरणीय दशाओं के प्रभाव से असमानताएँ हो सकती हैं। इसीलिए कायिक एवं जननिक विभिन्नताओं में पहचान करना कठिन होता है। यह भी सम्भव है कि कुछ स्थिर वातावरणीय दशाओं के प्रभाव से पीढ़ी-दर-पीढ़ी विकसित होते हुए कुछ लक्षण जीन्स को प्रभावित करके इनमे उपयुक्त रासायनिक परिवर्तन कर दें और जननिक बन जायें। पृथ्वी पर प्राय : 30 मिलियन प्रजातियाँ (Spacies) हैं, उपरोक्त विवरण से यह स्पष्ट होता है कि सभी प्रजातियों के जीवों में परस्पर विभिन्नताएँ व्याप्त हैं।

प्रश्न 11.
जीव विज्ञान का अध्ययन क्यों किया जाता है ?
उत्तर :
जीव विज्ञान के अध्ययन के निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य हैं –

  • प्रकृति के उन नियमों का ज्ञान प्राप्त करना जिनके आधार पर सजीवों (जन्तुओं एवं पौधों का जीवन-यापन होता है।)
  • संरचना, वासस्थान, जीवन-स्थिति, जनन एवं परिवर्द्धन की दृष्टि से जन्तुओं एवं पौधों की विविधताओं से परिचित होना।
  • लाभदायक एवं हानिकारक जीवधारियों के प्रति संचित और तर्क संगत ज्ञान प्राप्त करना और मानव एवं उसके पर्यावरण के हित में उनके प्रयोग की जानकारी करना।
  • मानव कल्याण के लिए सजीवों का उपयोग करना।
  • विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में जीव विश्रान को उपयोगी बनाना।
  • वातावरणीय प्रदूषण तथा उसके निवारण सम्बन्धी उपायों की जानकारी करना।
  • विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं जैसे – बढ़ती हुई जनसंख्या पर नियंत्रण, स्वास्थ्य सुधार की योजनाएँ, खाद्य समस्या का हल आदि के प्रति सचेष्ट रहना और उनमें सहायता करना।

प्रश्न 12.
वर्गिका (टैक्सोनॉमी) क्या है ? टैक्सोनॉमी की आवश्यकता क्यों है ?
उत्तर :
वर्गिकी (टैक्सोनॉमी) :- टैक्सोनोमी शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों क्रमशः Taxis तथा Nomous से निर्मित है जिनके अर्थ अलग-अलग समूहों में सजावट तथा अध्ययन करना है। जीवों की पहचान, नामकरण तथा वर्गीकरण को टैक्सोनॉमी कहा जाता है। कार्ल वान लिने ‘वर्गीकरण विज्ञान के जनक’ कहलाते हैं।
टैक्सोनॉमी की आवश्यकता :- नए पौधों की खोज के लिए, संग्रहालयों में पौधों के रख-रखाव के लिए, जैविक विकास के प्रमाण के लिए, अध्ययन की सुविधा के लिए तथा अनुकूलन के ज्ञान के लिए टैक्सोनॉमी आवश्यक है।

प्रश्न 13.
वर्गीकरण का जनक किसे और क्यों कहा गया है ? समझाइए।
उत्तर :
कैरोलस लिनियस (Carolus Linnaeus – 1707-1778) को वर्गीकरण का जनक कहा जाता है। लिनियस ने वर्गीकरण के सोपान की रचना की जिसके अन्तर्गत सभी जीवों को दो भागों क्रमश: – वनस्पति जगत तथा जन्तु जगत में विभक्त किया गया। वर्गीकरण की इकाई प्रजाति (Species) को माना गया। उन्होंने पादप जगत को दो विभागों में बाँटा – क्रिप्टोगैमस (Cryptogames) तथा फेनरोगैमस (Phanerogames), प्राणी जगत भी 6 वर्गों में बाँटा गया है जो क्रमशः इस प्रकार है –

  • स्तनपायी (Mammalia)
  • पक्षी (Aves)
  • उभयचर (Amphibia)
  • मत्स्य (Pisces)
  • कीट (Insects)
  • वर्मिस (Vermis)। कैरोलस लिनियस ने “सिस्टेमा नेचुरी” (System Natural) नामक पुस्तक को दस संस्करणों में प्रकाशित किया।

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प्रश्न 14.
जीव के पाँच जगत का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
सभी सजीवो को पाँच जगत में बाँटा गया है जिनकी विशेषताएं निम्न है :-
(i) मोनेरा : इस जगत में पाये जाने वाले जीव प्राचीनतम, सरल तथा प्रोकैरियोटिक हैं। ये सभी जगहों पर पाये जाते हैं। ये स्वपोषी तथा परपोषी दोनों हो सकते हैं। ये प्रतिकूल परिस्थिति में भी अपना जीवन-यापन करने में समर्थ हैं। जैसे जीवाणु, नील-रहित शैवाल आदि।

(ii) प्रोटिस्टा : इस जगत में पाये जाने वाले जीव एक कोशिकीय, सरल तथा यूकैरियोटिक होते हैं। इनमें सीलिया तथा फ्लैजिला द्वारा प्रचलन की क्रिया होती है। इनमें स्वपोषी तथा विविधपोषी दोनों प्रकार का पोषण होता है। जैसे – यूग्लिना, अमीबा, शैवाल आदि।

(iii) फंगी : इस जगत में पाये जाने वाले जीवों में क्लोरोफिल नहीं पायी जाती है । इसलिए ये अपना भोजन निर्जीव पदार्थों से प्राप्त करते हैं अर्थात् ये मृतोपजीवी होते हैं। ये सड़े-गले पदार्थों पर उगते हैं तथा वहीं से अपने पोषक तत्वों को प्राप्त करते हैं। इनमें कोशिकाभित्ति उपस्थित होती है। जैसे – पेनिसीलिया, यीस्ट, मशरूम आदि।

(iv) प्लांटो : इस जगत के जीव बहुकोशिकीय तथा यूकैरियोटिक होते हैं। ये स्वपोषी होते हैं। इनमें प्रकाश संश्लेषण की क्रिया होती है। ये जलीय तथा स्थलीय दोनों होते हैं।

(v) एनिमेलिया : इस जगत में पाये जाने वाले अधिकांश जीव बहुकोशिकीय तथा यूकैरियोटिक होते हैं। इनमें क्लोरोफिल का अभाव होता है, इसलिए ये स्वपोषी नहीं होते हैं। इनकी कोशिकाओं में कोशिकाभित्ति अनुपस्थित होती है।

प्रश्न 15.
आर्थोपोडा संघ के जन्तुओं के सामान्य लक्षण तथा इस संघ के कुछ जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
आर्थोपोडा संघ के जन्तुओं के सामान्य लक्षण :

  • ये हवा, जल तथा जमीन पर पाये जाते हैं।
  • इनके शरीर सिर, वक्ष तथा ऊदर में विभक्त हैं।
  • ये एकलिंगी होते हैं।
  • इनमें जुड़े हुए पैर पाये जाते हैं।
  • इनमे विभिन्न प्रकार के तन्त्र विकसित होते हैं।
  • इनका उत्सर्जी अंग मैलपीजियन नलिकाएँ या हरित ग्रन्थियाँ हैं।
    जैसे – तिलचट्टा, मकड़ी, झिंगा, केकडा, टिड़ा आदि।

प्रश्न 16.
उभयचर वर्ग के जन्तुओं के सामान्य लक्षण लिखिए। इस वर्ग में पाये जाने वाले कुछ जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
उभयचर वर्ग के जन्तुओं के सामान्य लक्षण :

  • इस वर्ग के जन्तु जल तथा स्थल दोनों में निवास करते हैं, इसिलए इन्हें उभयचर कहा जाता है।
  • ये शीत रक्त वाले अण्डज प्राणी होते हैं।
  • इनका शरीर सिर तथा धड़ में विभक्त होता है।
  • इनके बदय में तीन प्रकोष्ठ होते हैं जिनमें मिश्रित रक्त का परिवहन होता है।
  • इनमें श्वसन की क्रिया त्वचा, गलफड़ और फेफड़ा द्वारा होती है।
  • ये एकलिंगी होते हैं। इनमें बाह्य निषेचन होता है। जैसे – मेढ़क, टोड आदि।

प्रश्न 17.
स्तनधारी वर्ग के जन्तुओं की प्रमुख विशेषताएँ तथा इस संघ के कुछ जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
स्तनधारी वर्ग के जन्तुओं की प्रमुख विशेषताएँ :

  • इस वर्ग के जन्तु सबसे अधिक विकसित होते हैं।
  • ये उष्ण रक्त वाले जन्तु होते हैं।
  • इनकी त्वचा पर बाल के साथ-साथ स्वेद व तेल ग्रन्थि भी पायी जाती हैं।
  • इन जंतुओं के मादा में स्तन ग्रंथियाँ पायी जाती हैं। इनसे दूध स्रावित होता है।
  • ये मुख्यत: स्थलीय तथा कुछ जलीय भी होते हैं।
  • इनमें तंत्रिका तंत्र पूर्ण विकसित होता है।
  • इनका श्वसन अंग फेफड़ा है।
  • इनके हृद्य में चार प्रकोष्ठ होते है – दो आलिन्द तथा दो निलय।
    उदाहरण – मनुष्य, गाय, बिल्ली आदि।

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प्रश्न 18.
पादप जगत के वर्गीकरण की रूपरेखा प्रस्तुत करो।
उत्तर :
पादप जगत या प्लांटी का वर्गीकरण (Classification of Plant Kingdom) : पादप जगत निम्न चार लक्षणों के आधार पर पाँच उपजगतों में विभाजित किया गया है –
(i) शैवाल (Algae) :

  • इस प्रभाग के पौधों में जड़, तना और पत्तियाँ नहीं मिलती हैं, अर्थात् इनमें थैलस (Thallus) मिलता है।
  • इन पौधों में ऊतकों का विभेदीकरण नहीं होता है।
  • ये प्रायः जल में पाए जाते हैं।
  • इनमें जनन अंगों का अभाव होता है।
    जैसे – वालवाक्स, यूलोथिक्स और स्पाइरोगाइरा आदि।

(ii) ब्रायोफाइटा (Bryophyta) :

  • इस प्रभाग के पौधों में तना और पत्ती जैसी रचना मिलती हैं। परन्तु वास्तविक मूल नहीं मिलता है।
  • इनके शरीर में पदार्थों के संवहन के लिए विशिष्ट ऊतक मिलते हैं।
  • ये पौधे नम एवं छायादार स्थानों पर मिलते है। इसलिए इन्हे पादप वर्ग का उभयवर (Amphibia) कहते हैं।
  • इनके नर जन अंग एंथिरिडिया (Antheridia) और मादा जनन अंग आर्किगोनिया (Archegonia) हैं।
    जैसे – माँस (फ्यूनेरिया), रिक्सिया और मार्किन्शिया आदि।

(iii) टेरिडोफाइटा (Pteridophyta) :

  • इस वर्ग के पौधों में जड़, तना, पत्तियाँ स्पष्ट होती हैं।
  • इनके संवहन ऊतक जाइलम और फ्लोएम अल्प विकसित होते है।
  • ये जल और स्थल दोनों स्थानों पर मिलते हैं।
  • इसके नर जन अंग एथिरिडिया (Antheridia) और मादा जनन अंग आर्किगोनिया (Archegonia) हैं।
  • इनमें पुष्प, फल और बीज नहीं मिलते हैं। जैसे – फर्न, सिलेजिनैला, लाइकोपोडियम और इक्वीसाटम।

(iv) जिम्नोस्पर्म (Gymnosperm) :

  • इस प्रभाग के पौधे में बहुवर्षीय, सदाबहार वृक्ष हैं। इनमें जड़, तना और पत्तियाँ पूर्ण विकसित होती है।
  • संवहन ऊत्तक पूर्ण विकसित होते है।
  • ये केवल स्थल पर मिलते है।
  • इनमें जननांग शंकु (cone) की आकृति के होते हैं।
  • ये नग्नबीजी पौधे होते हैं अर्थात् इनमें फल नहीं मिलता हैं। जैसे – साइकस और पाइनस।

(v) एंजियोस्पर्म (Angiosperm) :

  • इस प्रभाग के पौधे एकवर्षीय, द्विवर्षोय तथा बहुवर्षीय होते हैं। इनमें जड़, तना और पत्तियाँ पूर्ण विकसित हैं।
  • इनमें संवहन ऊतक पूर्ण विकसित होते हैं।
  • ये जल और स्थल दोनों स्थानों पर मिलते हैं।
  • ये पौधे आवृतबीजी होते हैं। इनके जननांग पुमंग और जायांग है।
  • इनमें फूल, फल और बीज मिलते है। ये एक बीजपत्री (Monocotyledons) या द्विबीजपत्री (dicotyledons) दो प्रकार के होते है।

जैसे – एकबीज पत्री गेहूँ और द्विबीज पत्री – मटर।
पादप जगत को पहचान कराने वाले चार लक्षण :

  • ये वहुकोशिकीय यूकेरियोटिक और उतक तथा उतक तंत्र रखने वाले हैं।
  • परिपक्व कोशिकाओं में रसधानी और कोशिका मिश्र पायी जाती है।
  • ये स्वपोषी होते हैं अर्थात् इनमें प्रकाशंश्लेषण की क्रिया होती है।
  • इकोतंत्र में ये उत्पादन होते है ।

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प्रश्न 19.
जन्तु-जगत के उपजगत-नॉन कार्डेटा के विभिन्न संघों का लक्षण बताइए।
उत्तर :
उपजगत नॉन कार्डेटा – इसे निम्न संघों में विभाजित किया गया है –
(i) संघ पोरीफेरा (Phylum-Porifera) :

  • जन्तु बहुकोशीय और अचल होते हैं।
  • इनके शरीर पर कंटिकाएँ या स्पंजी तन्तुओं का वाह्य ककाल (Exoskleton) होता है ।
  • शरीर में आस्टिया नामक छिद्र पाये जाते है । उदाहरण : साइकान

(ii) संघ-निडेरिया (Phylum-Cnidaria) :

  • इनका शरीर दोस्तरीय (diploblastic) होता है। इसमें वाह्म स्तर को वाह्य त्वघा (Ectodermis) तथा भीतरी स्तर को गेस्ट्रोडर्मिस (gastrodermis) कहते हैं। इन दोनों स्तरों के मध्य में मीसोग्लिया नामक पदार्थ रहता है।
  • इनके शरीर के अगले सिरे पर स्पर्शकों (Tenticies) द्वारा घिरा हुआ मुँह होता है।
  • इनके शरीर में पैरागैस्ट्रक नाम की एक गुहा पायी जाती है । उदाहरण : हाइड्रा।

(iii) टेनोफोरा (Ctenophora) :

  • इस संघ के जन्तुओं का शरीर द्विअर्द्रव्यासीय सिमेट्री का होतो है ।
  • इनके शरीर पर कोलोप्लास्ट नामक चूषक रचना पायी जाती है। उदाहरण :हीनोप्लाना।
  • सिलियरीप्लेद्स की आट कतारे होती है।

(iv) संघ प्लेटीहेल्मन्थीस (Phylum-Platyhelminthes) :

  • जन्तुओं का शरीर फीते की तरह चपटा होता है।
  • शरीर एक्टोडर्म, मिजोडर्म और एण्डोडर्म अर्थात् तीन स्तरों से बना होता है, परन्तु इसमें देहगुहा नहीं होती है।
  • इनमें हूक्स (hooks) और चूषक (suckers) पाये जाते हैं । उदाहरण : टेपवर्म।

(v) संग नीमेटोडा बा एस्केहेल्मन्थीस या गोलकृमि (Phylum – Nematoda or Aschelminthes or Nemathelminthes or Round ward) :

  • इनका शरीर लम्बा, बेलनाकार, धागेनुमा, खण्डरहित और दोनों सिरों पर नुकीला होता है।
  • इन परजीवी जन्तुओं के शरीर पर चमकदार क्यूटिकिल का आवरण होता है।
  • शरीर में एक सुडोडाहा उपस्थित होती है। उदाहरण : ऐस्कोरिस ।

(vi) संघ एनिलिडा (Phylum – Annelida) :

  • जन्तु लम्बे, बेलनाकार और छल्लेदार, खण्ड युक्त शरीर वाले तथा त्रिस्तरीय होते हैं।
  • इनमें पाचन, संवहन, उत्सर्जन, जनन और तंत्रिका-तंत्र पाए जाते हैं। उदाहरण : केंचुआ।

(vii) संघ-आर्थोपोडा (Phylum – Arthropoda) :

  • इनका शरीर, सिर, वक्ष और उदार में विभाजित रहता है।
  • इनका शरीर काइटीन की बने वाह्म कंकाल (Exoskleton) से घिरा रहता है जो समय-समय पर उतरता रहता है।
  • इनमें पैर जोड़युक्त (Jointed) होती हैं । उदाहरण : तिलचट्टा ।

(viii) संघ मोलस्का (Phylum – Mollusca) :

  • जन्तुओं का शरीर कोमल और खण्ड रहित होता है। इस पर खण्ड युक्त उपांग नहीं पाये जाते हैं।
  • शरीर, सिर, पाद, पिंडक इन तीन भागों में विभक्त रहता है।
  • शरीर मैंटल (Mantle) से ढका रहता है । जैसे – पाइला।

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(ix) इकाइनोडरमेटा (Echinodermata) :

  • इनकी त्वचा कंटिका युक्त होता है ।
  • आहार नली कुंडलित होती है ।
  • उत्सर्जी अंग नहीं पाये जाते हैं । उदाहरण : तारा मछली।

(x) हेमीकार्डेटा (Hemichordata) :

  • इनका शरीर मुलायम और वाह्यकंकाल रहित होता है ।
  • प्रोवोसिसिक, कालर और धड़ नामक तीन खण्डों में शरीर विभाजित होता है ।
  • गिलस्लिट उपस्थित होती है । उदाहरण : बेलानोग्लोसस।

प्रश्न 20.
शैवाल, कवक से किस प्रकार भिन्न है ? एक-एक उदाहरण द्वारा समझाओ।
उत्तर :

शैवाल (Algae) कवक (Fungi)
(i) ये पानी में या नम मिट्टी पर उगते हैं। (i) ये पानी, मिट्टी तथा सजीव या मृत जीवों में मिलते हैं।
(ii) इनमें पर्णहरित (Chlorophyll) पाया जाता है। (ii) इनमें पर्णहरित नहीं होता है।
(iii) ये स्वपोषी होते हैं और प्रकाश संश्लेषण करते हैं। (iii) ये परजीवी या मृतोपजीवी होते हैं। इनमें प्रकाश संश्लेषण नहीं होता है।
(iii) ये स्वपोषी होते हैं और प्रकाश संश्लेषण करते हैं। (iv) इनमें कोशिका भित्ति म्यूकोपेप्टाइड और वसा की बनी होती है।
(iii) ये स्वपोषी होते हैं और प्रकाश संश्लेषण करते हैं। (v) इसमें संचित भोजन ग्लाइकोजेन या वसा के रूप में होता है। उदाहरण : यीष्ट।

प्रश्न 21.
निम्नलिखित प्राणियों के वैज्ञानिक नाम लिखिए :-
तिलचट्टा, शेर, मनुष्य, कुत्ता, बिल्ली, गाय, मेढक, मक्खी, चूहा, रोहू
उत्तर :
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प्रश्न 22.
पक्षी वर्ग की विशेषताओं को लिखो। जन्तु-जगत का सबसे बड़ा संघ कौन-सा है ?
उत्तर :
इस वर्ग के अन्तर्गत लगभग 8000 जातियाँ आती हैं। पक्षी वायवीय जीवन (aerial mode of life) के लिए अनुकूलित होते हैं। इनके मुख्य लक्षण निम्न हैं –
(i) पक्षी समतापी (warm blooded) होते हैं।
(ii) अग्रपाद (fore limbs) रूपान्तरित होकर पंख (wings) बनाते हैं। पंख कोमल परों (feathers) से बने होते हैं।
(iii) जनन छिद्र तथा गुदा (anus) पृथक-पृथक नहीं होते। ये क्लोएका छिद्र द्वारा खुलते हैं और पक्षी एकलिंगी (unisexual) तथा अण्डज (oviparous) होते हैं। उदाहरण: कबूतर (columba livia), तोता (pisttacula), कौआ (Corvus), कीवी (Apterys), शुतुरमुर्ग (Ostrich struthio), घरेलू चिड़िया (Passer domestica) आदि।

प्रश्न 23.
मानव कल्याण में जीव विज्ञान की उपयोगिता का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
मानव कल्याण में जीव विज्ञान की उपयोगिता :-

(i) कृषि के क्षेत्र में : जनसंख्या में वृद्धि के साथ-साथ पोषण के लिए खाद्यात्र का उपज बढ़ना भी आवश्यक है। अधिक उत्पादन के लिए उन्नत किस्म के बीजों द्वारा खाद्यान्न में सुधार लाया गया तथा पशु-पालन की नस्ल में भी सुधार किया गया। जिसके फलस्वरूप भोजन की समस्या से निपटने में सहायता मिली है।

(ii) स्वास्थ्य : नयी-नयी औषधियों का निर्माण करके नये-नये रोगों का उपचार किया जाता है। असाध्य रोगों तथा मानव स्वास्थ्य रक्षा के लिए औषधि पौधों तथा रसायनों की सहायता से औषधियाँ विकसित की गई।

(iii) अन्तरिक्ष विज्ञान : अत्याधुनिक तकनीकी के प्रयोग द्वारा हम अन्तरिक्ष के वातावरण के सम्बन्ध में अपनी जानकारी दिन-प्रतिदिन बढ़ा रहे हैं। इसके कारण ही चन्द्रमा पर मानव का अवतरण हो चुका है।

(iv) पेशा : जन्तु चिकित्सा, मानव चिकित्सा, कृषि कार्य, मछली-पालन, शिक्षण, आविष्कार जैसे पेशों के लिए जीव विज्ञान आधार का कार्य करता है।

(v) प्रदूषण नियंत्रण : प्रदूषण नियंत्रण में जीव विज्ञान की मुख्य भूमिका है। सड़कों के किनारे वृक्षारोपण, वनांचल विकास आदि कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।

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(vi) उद्यान-विज्ञान : फल, सज्जियाँ, फूल तथा सजावटी पौधों को उगाने का विज्ञान ही उद्यान विज्ञान कहलाता है। विभिन्न प्रकार के उद्यानों को विकसित करके हम सीधे प्रकृति के सम्पर्क में आकर प्राकृतिक दृश्यों का आनन्द उठाते हैं।

(vii) घरेलू जीव विज्ञान : घरेलू जीव विज्ञान के अन्तर्गत घरेलू पशुओं, कीड़े-मकोड़ों से मनुष्य की सुरक्षा तथा सामानों की रक्षा के उपायों का अध्ययन किया जाता है। इस प्रकार हर क्षेत्र में जीव विज्ञान की उपोयगिता है।

प्रश्न 24.
‘वर्गीकरण के सोपान’ की परिभाषा लिखो। सजीव एवं निर्जीव में पाँच अन्तर स्पष्ट करो।
उत्तर :
जीवधारियों के वर्गीकरण में जाति (Species) मूल इकाई होती है। जीवधारियों के समूह को जिसके सदस्य प्राकृतिक रूप से परस्पर लैंगिक प्रजनन करके जनन में सक्षम संतानों को उत्पन्न करते हैं, जाति कहते हैं। विभिन्न सम्बन्धित जातियों के समूह को वंश (Genus) कहते हैं। एक ही वंश की विभिन्न जातियों में अनेक समानता देखने को मिलती है।

सजीव एवं निर्जीव में अन्तर :

सजीव निर्जीव
(i) सजीव जीवधारी होते हैं। इनमें श्वसन क्रिया होती है। (i) निर्जीव प्राणहीन होते हैं। इनमें श्वसन क्रिया नहीं होती है।
(ii) सजीवों का अपना आकार होता है। (ii) निर्जीवों का अपना आकार या आयतन नहीं होता है।
(iii) सजीवों के अन्दर संवेदना होती है अत: इनमें उत्तेजन शीलता होती है। (iii) निर्जीव संवेदन विहीन होते हैं।
(iv) सजीवों में गति एवं प्रचलन होता है। (iv) निर्जीवों में गति एवं प्रचलन की क्रिया सम्भव नहीं है।
(v) सजीवों में शारीरिक वृद्धि होती है। (v) निर्जीव में कोई वृद्धि नहीं होती है।

प्रश्न 25.
संघ कार्डेटा के अन्तर्गत स्केनिया समूह के सभी उपसंघों के लक्षण लिखिए –
उत्तर :
समूह- स्क्रिनिया (Scrania) – इस समूह को निम्न तीन उपसंघों में बाँटा गया है :-
A. उपसंघ – हेमीकार्डेटा (Hemi Chordata) :- ये एकलिंगी होते हैं। इनमें अन्त: तथा बाह्या कंकाल नहीं होता है तथा ग्रसनी के बाहर की ओर ग्रसनीय क्लोम दरारे पायी जाती हैं। इनका शरीर -शुंड़, कॉलर तथा धड़ में बँटा होता है। ये समुद्र में कृमि के रूप में पाये जाते हैं। जैसे – बैलनोग्लासस।

B. उपसंघ- यूरोकार्डेटा (Urochordata) : ये द्विलिगी होते हैं। इनमे ग्रसनीय क्लोम दरारें पायी जाती हैं। नोटोकोंड शिशु अवस्था में पाया जाता है। जैसे- एसीडिया, साल्पा आदि।

C. उपसंघ – सिफैलोकार्डेटा (Cepholochordata) : ये एकलिंगी होते हैं। ग्रसनीय क्लोम दरारें स्पष्ट रूप से पायी जाती हैं। इनमें नोटोकार्ड जीवन भर पाया जाता है। ये समुद्र में स्वतंत्र रूप में रहते हैं। जैसे :- ब्रैन्किओस्टोमा, एम्फिआक्सस आदि।

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प्रश्न 26.
मोलस्का संघ के जन्तुओं के लक्षण तथा मोलस्का संघ के कुछ जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
मोलस्का संघ के जंतुओं के लक्षण :

  • इस संघ के जन्तु स्थल, मीठे पानी या समुद्र में मिलते है।
  • इनका शरीर कोमल तथा खण्ड रहित होता है।
  • ये एकलिंगी या अण्डज होते हैं। अधिकांश जंतुओं में कवच उपस्थित रहता है।
  • शरीर पतले आवरण मेण्टल से ढ़का होता है।
  • आहार नाल पूर्ण होते हैं। रक्त परिवहन तंत्र विकसित होते हैं।
  •  इनमें श्वसन की क्रिया गलफड़ों अथवा फेफड़ों द्वारा होती है। जैसे – घोंघा, सीप, सीपिया आदि।

प्रश्न 27.
सोलेण्ट्रेटा संघ के जन्तुओं का उदाहरण सहति प्रमुख लक्षण बताइए।
उत्तर :
सोलेण्ट्रेटा संघ नाइडेरिया के नाम से भी जाना जाता है।
सोलण्ट्रेटा संघ के जन्तुओं के लक्षण :

  • ये अधिकांश जन्तु समुद्री होते है, कुछ जन्तु स्वच्छ जल में भी पाये जाते हैं।
  • इस संघ के जन्तु बहुकांशिकीय होते हैं। इसके अन्दर एक गुहा पायी जाती है जिसे अन्तर गुहा कहते हैं।
  • शरीर का गठन उत्तक स्तर का होता है।
  • इस संघ के जन्तुओं में लैंगिक तथा अलैंगिक दोनों प्रकार की प्रजनन क्रिया होती है ।

उदाहरण – हाइड्रा, जैलीफिश, समुद्री एनीमेन आदि।

प्रश्न 28.
संघ इकाइनोडरमेटा के सामान्य लक्षण तथा इस संघ के कुछ जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
संघ इकइनोडरमेटा के सामान्य लक्षण :

  • इस संघ के जन्तुओं का शरीर गोलाकार, नालाकार या तारों की तरह होता है।
  • ये जन्तु समुद्री होते है तथा इनकी त्वचा पर कंटिकायें मिलती हैं।
  • इनमें लेंगिक प्रजनन की क्रिया होती हैं।
  • आहारनाल प्राय: कुण्डलित होता है।
  • इनम उत्सर्जन अंग नहीं होता है तथा तन्त्रिका तंत्र कम विकसित होता है।
  • ये एकलिंगी होते हैं, अर्थात् नर तथा मादा अलग-अलग पाये जाते हैं।

जैसे :- तारामछली, समुद्री खीरा आदि।

प्रश्न 29.
संघ-प्लैटिहेल्मिन्यीज के सामान्य लक्षण लिखिए तथा इस संघ के जन्तुओं के कुछ नाम लिखिए।
उत्तर :
संघ प्लैटिहेल्मिन्यीज के सामान्य लक्षण :

  • इस संघ के अधिकांश जन्तु परजीवी तथा कुछ स्वतंत्रंजीवी होते है।
  • इस संघ के अधिकांश जन्तु उभयलिंगी होते हैं।
  • ये चिपटे फीते सदृश परजीवी कृमि होते हैं।
  • इनमें श्वसन तंत्र, रक्त परिवहन तंत्र आदि अनुपस्थित होते हैं।

जैसे :- फीताकृमि, प्लेनेरिया आदि।

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प्रश्न 30.
आथुनिक जीव विज्ञान की विभित्र शाखाओं में उपयोग का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :

  • रेशम कृषि विज्ञान (Sericulture) : इस शाखा में रेशम कीट पालन, रेशम उत्पादन तथा रेशम संग्रह आदि का अध्ययन किया जाता है।
  • मधुमक्खी पालन विज्ञान (Apiculture) : इस शाखा में मधुमक्खी पालन, मधु उत्पादन तथा मधु संग्रह के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त होती है।
  • कृषि विज्ञान (Agriculture): इस शाखा के अन्तर्गत विभिन्न फसलों तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि के उपायों का अध्ययन किया जाता है।
  • अन्तरिक्ष जीव विज्ञान (Space Biology) : इस श्रुखा के अन्तर्गत अन्तरिक्ष एवं जीवों के बीच के सम्बन्धों का अध्ययन किया जाता है।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 7 राष्ट्रसंघ एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ

Detailed explanations in West Bengal Board Class 9 History Book Solutions Chapter 7 राष्ट्रसंघ एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 9 History Chapter 7 Question Answer – राष्ट्रसंघ एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
‘लीग ऑफ नेशन्स’ का वैधानिक रूप से जन्म कब हुआ
उत्तर :
10 जनवरी, 1920 ई० में।

प्रश्न 2.
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद विश्वशांति के लिए किस संस्था की स्थापना की गई थी ?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ की स्थापना की गई थी।

प्रश्न 3.
राष्ट्रसंघ की स्थापना किसके दिमाग की उपज थी ?
उत्तर :
अमेरिकी राष्ट्रपति विल्सन के दिमाग की उपज थी।

प्रश्न 4.
आरम्भ में राष्ट्रसंघ के कुल कितने सदस्य थे ?
उत्तर :
आरम्भ में राष्ट्रसंघ के कुल 43 सदस्य थे।

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प्रश्न 5.
राष्ट्रसंघ के अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों की कार्यावधि कितने वर्ष की होती थी ?
उत्तर :
1 वर्ष की।

प्रश्न 6.
राष्ट्र संघ का कब अन्त हो गया था ?
उत्तर :
8 अप्रैल, 1948 ई० को।

प्रश्न 7.
राष्ट्रसंघ के अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों एवं महासचिव की नियुक्ति कौन करता था ?
उत्तर :
असेम्बली और सुरक्षा परिषद।

प्रश्न 8.
राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर :
10 जनवरी, 1920 ई०

प्रश्न 9.
संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर :
24 अक्टूबर, 1945 ई०

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प्रश्न 10.
अटलांटिक चार्टर की घोषणा किस वर्ष की गई?
उत्तर :
14 अगस्त, 1941 ई० को।

प्रश्न 11.
सं० राष्ट्र संघ का मुख्यालय कहाँ है ?
उत्तर :
न्यूर्याक में ।

प्रश्न 12.
कौन-सी बड़ी शक्ति राष्ट्र संघ का सदस्य कभी नहीं बनी ?
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्र अमेरिका।

प्रश्न 13.
संयुक्त राष्ट्र चार्टर का आयोजन कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
26 अप्रैल 1945 ई० को सेनफ्रांसिस्को सम्मेलन में।

प्रश्न 14.
संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रथम बैठक क्यों हुई थी ?
उत्तर :
विश्व शान्ति की स्थापना के लिये।

प्रश्न 15.
राष्ट्र संघ की एक अन्य सहयोगी संस्था का नाम बताएं।
उत्तर :
साधारण सभा ।

प्रश्न 16.
राष्ट्र संघ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर :
विश्व को भावी युद्ध से बचाना ।

प्रश्न 17.
राष्ट्र संघ की एसम्बली की किन कार्यों के लिए उप समितियां थी?
उत्तर :
परिषद के कार्यो की जाँच के लिए ।

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प्रश्न 18.
संयुक्त राष्ट्र महासभा की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर :
बिना भेदभाव के सदस्यता दी जाती थी ।

प्रश्न 19.
राष्ट्रसंघ के अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना के क्या उद्देश्य थे ?
उत्तर :
श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाना।

प्रश्न 20.
संयुक्त राष्ट्र संघ के गठन के लिए तेहरान सम्मेलन कब आयोजित हुआ था ?
उत्तर :
1943 ई० में।

प्रश्न 21.
राष्ट्रसंघ का सबसे प्रमुख अंग कौन है?
उत्तर :
साधारण सभा ।

प्रश्न 22.
राष्ट्रसंघ का अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय किस देश और नगर में स्थित था?
उत्तर :
हालैण्ड के हेग नगर में ।

प्रश्न 23.
राष्ट्रसंघ के अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों एवं महासचिव की नियुक्ति कौन करता था?
उत्तर :
साधारण सभा और परिषद दोनों मिलकर संयुक्त बैठक द्वारा ।

प्रश्न 24.
राष्ट्रसंघ के अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों की कार्यावधि कितने वर्ष की होती थी?
उत्तर :
एक वर्ष की ।

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प्रश्न 25.
अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में जजों की संख्या कितनी है ?
उत्तर :
अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय में जजों की संख्या 15 है।

प्रश्न 26.
सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यों की संख्या कितनी है ?
उत्तर :
सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यों की संख्या 10 है।

प्रश्न 27.
महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति के लिए कितना प्रतिशत जरूरी है ?
उत्तर :
महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति का प्रतिशत $2 / 3$ होना जरूरी है।

प्रश्न 28.
निरस्त्रीकरण का पहला सम्मेलन कब हुआ था ?
उत्तर :
निरस्त्रीकरण का पहला सम्मेलन 1932 ई० में हुआ था।

प्रश्न 29.
राष्ट्रसंघ के कितने उद्देश्य थे ?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ के कुल तीन उद्देश्य थे।

प्रश्न 30.
राष्ट्रसंघ की अंतिम बैठक कब हुई ?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ की अंतिम बैठक 1949 ई० में हुई।

प्रश्न 31.
राष्ट्र संघ की व्यवस्थापिका सभा के कार्यों का उल्लेख करो।
उत्तर :
अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था, शिक्षा एवं संस्कृति के विकास तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा की व्यवस्था राष्ट्र संघ के कार्य होते हैं।

प्रश्न 32.
अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संघ के मुख्य उद्देश्यों का वर्णन करो।
उत्तर :
अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संघ के मुख्य उद्देश्य हैं श्रमिकों के कार्य करने के घंटे, मजदूरी, कल्याण तथा स्थिति में सुधार करना।

प्रश्न 33.
संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्यता का क्या प्रावधान है ?
उत्तर :
सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर महासभा द्वारा दो तिहाई बहुमत से अनुमोदन।

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प्रश्न 34.
संयुक्त राष्ट्र के सिद्धान्तों का उल्लेख करो।
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रसंघ के सिद्धान्त : सामूहिक सुरक्षा, शांति, आपसी सहयोग तथा समानता आदि।

प्रश्न 35.
निषेधाधिकार से क्या समझते हो ?
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रसंघ के स्थायी सदस्यों द्वारा किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के रोक देने को निषेधाधिकार कहा जाता है।

प्रश्न 36.
राष्ट्रसंघ की साधारण सभा के सदस्यों की संख्या कितनी होती थी ?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ के साधारण सभा के सदस्यों की संख्या 100 होती थी।

प्रश्न 37.
किस दिन UNO का गठन किया गया ?
उत्तर :
24 अक्टूबर 1945 ई० को UNO का गठन किया गया।

प्रश्न 38.
UNO के चार्टर पर कब और कहाँ हस्ताक्षर किये गये ?
उत्तर :
UNO के चार्टर पर 1945 ई० में अमेरिका के सेनफांसिस्को सम्मेलन में हस्ताक्षर किये गये।

प्रश्न 39.
कब और किस चार्टर के आधार पर UNO का गठन किया गया ?
उत्तर :
1941 ई० के अटलांटिक चार्टर के आधार पर UNO का गठन किया गया।

प्रश्न 40.
अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय कब और कहाँ स्थापित हुआ था ?
उत्तर :
अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना 1921 ई० में दि हेग में हुई थी।

प्रश्न 41.
राष्ट्रसंघ के तीन प्रधान अंगों के नाम लिखो।
उत्तर :
राष्ट्रसंघ के तीन प्रधान अंगों के नाम हैं –

  1. साधारण सभा
  2. सुरक्षा परिषद
  3. सचिवालय।

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प्रश्न 42.
राष्ट्रसंघ की सदस्यता न लेने वाले एक देश का नाम बताओ।
उत्तर :
राष्ट्रसंघ की सदस्यता न लेनेवाला एक देश अमेरिका है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थायी सदस्यों के नाम बताएँ।
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थायी सदस्यों के नाम हैं – संयुक्त अमेरिका, सोवियत रूस, ब्रिटेन, फ्रांस तथा चीन।

प्रश्न 2.
राष्ट्रमंघ के अस्थायी सदस्थों का निर्वाचन कितनी अवधि के लिए तथा कौन करता था ?
उत्तर :
राष्ट्रसघ के अस्थायी सदस्यों का निर्वाचन तीन वर्षों के लिये होता था तथा ये साधारण सभा द्वारा निर्वींचित किया जाता है।

प्रश्न 3.
राष्ट्रसंघ अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के कितने विभाग थे ?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के तीन विभाग थे –

  1. साधारण सम्मेलन
  2. प्रशासन विभाग
  3. अन्तर्राष्ट्रीय श्रम।

प्रश्न 4.
क्या राष्ट्रसंघ नि:शस्त्रीकरण को रोकने में सफल रहा ?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ नि:शस्वीकरण को रोकने में असफल रहा क्योकि इसके सदस्य राष्ट्रों ने इसके बताये नियमों को अवहेलना की थी।

प्रश्न 5.
संयुक्त राष्ट्र अधिकार पत्र किस सम्मेलन में तैयार किया गया ?
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्र अधिकार पत्र सेन फ्रांसिस्को सम्मेलन में तैयार किया गया।

प्रश्न 6.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के सिद्धान्तों में किन भावनाओं को प्रधानता दी गई ?
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रंघ के सिद्धान्त में समानता, प्रादेशिक अखंडता, परस्पर सहयोग, अन्तरिक मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं तथा विवदों का शान्तिपूर्ण समाधान की भावनाओं को प्रधानता दी गई।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 7 राष्ट्रसंघ एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ

प्रश्न 7.
संयुक्त राष्ट्र संघ के स्थायी सदस्य कितने हैं ?
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रसंघ के स्थायी सदस्य पाँच (5) हैं।

प्रश्न 8.
संयुक्त राष्ट्र संघ के अस्थायी सदस्य कितने हैं? उनका निर्वाचन कितने वर्ष के लिए होता है तथा उनका निर्वाचन कौन करता है ?
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रसंघ के सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य दस(10) हैं। उन्हें साधारण सभा 2 वर्षों के लिए निर्वाचित करती है।

प्रश्न 9.
राप्ट्रसंघ के प्रमुख उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे —

  1. अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग, शांति एवं सुरक्षा को प्रोत्साहन देना।
  2. विश्व के राष्ट्रों द्वारा युद्ध सामग्री के निर्माण को कम करना।
  3. शांतिपूर्ण उपायों द्वारा राष्ट्रों के मतभेदों को दूर करना।

इनके अर्तिरक्त अन्य उद्देश्यों में – सार्वजनिक हितों के लिये कार्य करना जैसे – जन-स्वास्थ्य की उन्नति करना, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को बढ़ावा देना, अल्पसंख्यक जाति की सुरक्षा तथा प्रगति में सहयोग देना, दास प्रथा समाप्त करना एवं नारी जाति की प्रगति करना आदि उल्लेखनीय थे।

प्रश्न 10.
वीटो से क्या समझते हो ?
अथवा
निषेधाधिकार अथवा वीटो क्या है? इसके प्रयोग का अधिकार किसे है?
उत्तर :
राष्ट्रसंघ की लीग परिषंद (League Council) के प्रत्येक सदस्य को यह अधिकार दिया गया था कि वह सभी ऐसे प्रस्तावों को पारित होने से रोक सके जिससे उसे या किसी अन्य राष्ट्र को क्षति पहुँच रही हो। परिषद द्वारा सारे प्रस्ताव आम सहमति से ही पारित हो सकते थे। UNO की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों को ही यह अधिकार प्राप्त है । इसे ही वीटो शक्ति (Veto Power) कहा जाता है।

प्रश्न 11.
संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य अंग कौन-कौन से हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य अंग –

  1. साधारण सभा
  2. सुरक्षा परिषद
  3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद
  4. न्यास परिषद
  5. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय
  6. सचिवालय है ।

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प्रश्न 12.
राष्ट्रसंघ की स्थापना कैसे हुई ?
उत्तर : प
्रथम महायुद्ध के अंत होते-होते सारे विश्व को अनुभव होने लगा कि युद्ध समस्त विश्व मानव संस्कृति के लिए घातक है। साथ ही यह धारणा भी घरकर रही थी कि कोई भी राष्ट्र अलग रहकर उन्नति नहीं कर सकता और सबका हित परस्पर संबंध बनाये रखने में ही है। अमेरिका के राष्ट्रपति विल्सन ने भी युद्ध की समाप्ति पर विश्व-शांति की स्थापना के लिए अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी योजना की रूपरेखा तैयार करने का आश्वासन दिया था। अत: राष्ट्रसंघ की स्थापना के लिए लोग प्रयत्नशील हो उठे तथा 1919 ई० के जून महीने में उसकी स्थापना की गई। 10 जनवरी, 1920 ई० को वह वैधानिक रूप में अस्तित्व में आ गया।

प्रश्न 13.
राष्ट्र संघ की स्थापना का उद्देश्य लिखें।
उत्तर :
विश्व में भावी युद्ध को रोकना तथा शान्ति स्थापित करना ।

प्रश्न 14.
संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद का वर्णन करें।
उत्तर :
सं० राष्ट्र संघ के 5 स्थायी तथा 10 अस्थायी सदस्यों से निर्मित प्रभावशाली अंग का सुरक्षा परिषद कहा जाता है। विश्व में स्थायी शान्ति की स्थापना करना इसका मुख्य कार्य हैं।

प्रश्न 15.
19 वीं सदी में राष्ट्रीयता की भावना के कुछ उदाहरण दो।
उत्तर :
19 वीं सदी का समय राष्ट्रीय भावना की प्रबलता का समय रहा है 1815 ई० से 1870 ई० की अवधि में यूरोप राष्ट्रीयता की भावना के ज्वार से उमड़ता रहा। राष्ट्रीयता की इसी ज्वार ने जर्मनी तथा इटली के एकीकरण की प्रक्रिया को जन्म दिया।

प्रश्न 16.
मास्को घोषणा का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
30 अक्टूबर 1943 ई० को अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और चीन के विदेश मंत्री मास्को में एकत्रित हुए और उन्होंने एक संयुक्त घोषणा की। इसमें विश्व-शांति और सुरक्षा के लिये एक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था की आवश्यकता पर मुख्य रूप से प्रकाश डाला गया। इस घोषणा को मास्को घोषणा कहते हैं।

प्रश्न 17.
वाशिंगटन सम्मेलन का महत्व क्या था ?
उत्तर :
संयुक्त राज्य अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में 1942 ई० के जनवरी महीने में अमेरिका, इंगलैण्ड, सोवियत रूस, चीन आदि देशों के प्रतिनिषि एक सम्मेलन में एकत्रित हुए। उस अवसर पर अटलांटिक चार्टर के प्रमुख सिद्धान्तों का अनुकरण करने के लिये एक सहमति-पत्र पर सभी ने हस्ताक्षर किये। इसे संयुक्त राष्ट्र घोषणा(United Nations Declaration) कहा जाता है।

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प्रश्न 18.
सन् 1941 का अटलांटिक चार्टर क्या था ?
उत्तर :
9 अगस्त 1941 ई० को अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट तथा इंगलैण्ड के प्रधानमंत्री चर्चिल के बीच उत्तरी अटलांटिक महासागर में एक युद्धपोत (म्रिंस ऑफ वेल्स) पर मुलाकात तथा विचार-विमर्श हुआ । युद्धकाल के पश्चात् विश्व शांति तथा प्रत्येक राष्ट्र के विचार-स्वाधीनता के अधिकार को लेकर एक घोषणा की गयी, जिसे अटलांटिक चार्टर कहा जाता है। इसमें संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना का संकेत निहित था।

प्रश्न 19.
लंदन घोषणा का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
सन् 1941 में इंगलैण्ड, कनाडा, न्यूजीलैण्ड, ऑस्ट्रेलिया तथा दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों ने लंदन की अपनी बेठक में विश्व शांति एवं सुरक्षा हेतु एक संस्था गठित करने का प्रस्ताव पारित किया। इसे ही लंदन घोषणा कहा गया।

प्रश्न 20.
राष्ट्रसंघ द्वारा हल किये गये मामलों का वर्णन करो।
उत्तर :
छोटे-छोटे विवादों को संघ ने सहज ही सुलझा दिया था, किन्तु बड़े विवादों में वह स्वयं उलझ कर रह गया था। सुलझाये गये विवादों में अपर साइबेरिया पर अधिकार का मामला था जिसमें जर्मनी और पोलैण्ड टकरा गये । संघ ने दोनों की सीमाएँ निर्धरित कर दी जिसे दोनों देशों ने मान लिया। संघ ने यूनान और इटली तथा यूनान और बुल्गारिया का विवाद सुलझाया। हंगरी-रूमानिया विवाद, बिटेन-फ्रांस विवाद आदि भी संघ ने सुलझाए।

प्रश्न 21.
राष्ट्रसंघ के अंगों के नाम लिखो।
उत्तर :
राष्ट्रसंघ के कई अंग थे जिनमें प्रमुख अंग तीन थे –

  • साधारण सभा
  • सुरक्षा परिषद
  • सचिवालय।

इनके अतिरिक्त एक स्थाई न्यायालय तथा अन्तर्राष्ट्रीय श्रमसंघ थे। सहायक अंगों के रूप में आर्थिक एवं वित्तीय संघ, संचार और यातायात संघ, स्थायी शासनादेश आयोग आदि भी थे।

प्रश्न 22.
राष्ट्रसंघ की आर्थिक आवश्यकताएँ कैसे पूरी होती थीं ?
उत्तर :
लीग ऑफ़ नेशन्स (राष्ट्रसंघ) की आर्थिक आवश्यकताएँ सदस्य राष्ट्रों के सहयोग से पूरी होती थीं। प्रत्येक सदस्य राष्ट्र अग्रनी जनसंख्या, क्षेत्रफल, राष्ट्रीय धन के अनुपात के आधार पर राष्ट्रसंघ को चंदा देते थे। चंदे की धनराशि राष्ट्रसंघ के वित्तीय कोष में जमा होती थी और समय-समय पर संघ की आर्थिक आवश्यकताओं हेतु उस कोष का उपयोग किया जाता था।

प्रश्न 23.
तेहरान घोषणा क्या थी ?
उत्तर :
1 दिसम्बर 1943 ई० को बिटेन के प्रधानमंत्री चर्चिल, अमेरिका के राष्ट्रपति रूजवेल्ट तथा सोवियत राष्ट्रपति स्टालिन तेहरान में एक सम्मेलन में मिले। उन्होंने विश्व शांति की समस्या पर काफी विचार-विमर्श कर युद्धकाल के पश्चात् स्थायी विश्वशंति की स्थापना की घोषणा की। उनमें अराजकता, दासता, अत्याचार, भष्टाच, असहिष्णुता जैसी दुर्भावनाओं को दूर करने तथा राष्ट्रों के एक विश्वपरिवार के रूप में गठित करने के बारे में चर्चा की गई। इनमें एक अन्तराष्ट्रीय संस्था के गठन का भी उल्लेख था।

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प्रश्न 24.
डम्बर्टन आक्स सम्मेलन का विवरण दो।
उत्तर :
डम्बर्टन आक्स सम्मेलन का आयोजन 1944 ई० में अगस्त से अक्टूबर तक अमेरिका के वाशिंगटन नगर के निकट डम्बर्टन आक्स नामक स्थान पर किया गया था जिसमें इंगलैण्ड, अमेरिका, रूस, चीन आदि देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उस सभा में सयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना, उसके संगठनात्मक ढाँचे तथा क्रियाकलापों की रूपरेखा तैयार की गयी थी। प्रतिनिधियों ने विश्वशांति एवं सुरक्षा को इस संस्था का प्रधान उद्देश्य माना तथा उसमें सभी शांतिप्रिय सदस्य राष्ट्रों के समान अधिकार के विचार को मान्यता दी गयी।

प्रश्न 25.
याल्टा सम्मेलन के महत्व को लिखिये।
उत्तर :
1 फरवरी 1945 ई० को अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट, सोवियत राष्ट्रपति स्टालिन तथा ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल, क्रोमिया के याल्टा नगर में मिले। उन्होंने संयुक्त राष्ट्रसंघ में सदस्यों के वीटो (Veto) अधिकार पर विचार-विमर्श किया। सबने एक मत से यह स्वीकार किया कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों को यह अधिकार दिया जाये कि उनकी सहमति न होने पर कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं होगा। वीटों के द्वारा कोई भी सदस्य किसी भी प्रस्ताव को पारित होने से रोक सकेगा।

प्रश्न 26.
सेनफ्रांसिस्को सम्मेलन का संक्षिप्त वर्णन कीजिये।
उत्तर :
सेनफ्रांसिस्को सम्मेलन का आयोजन सन् 1945 में 25 अप्रैल से 26 जून तक सेनफांसिस्को नगर में किया गया। इस सम्मेलन में 51 राष्ट्रों के प्रतिनिचियों ने संयुक्त राष्ट्रसंब के उद्देश्य, गठन, क्रियाकलाप आदि पर अंतिम बार विचार-विमर्श कर उन्हें एक सुनियोजित रूप दिया। 25 जून को चार्टर की प्रक्रिया पूरी हुई और 26 जून को 51 राष्ट्राष्यक्षों ने उस पर हस्ताक्षर किये। 24 अक्टूबर से यह चार्टर लागू कर दिया गया। अत: 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्रसंघ का स्थापना दिवस मान लिया गया।

प्रश्न 27.
UNESCO पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखो।
उत्तर :
United Nations Educational Scientific and Cultural Organisation (UNESCO) संयुक्त राष्ट्रसंघ का ही एक अंग है जिसकी स्थापना 4 नवम्बर, 1946 ई० को ही की गई किन्तु इसे 4 दिसम्बर 1946 ई० को संयुक्त राष्ट्रसंघ का अंग बनाया गया। इसका उद्देश्य विश्व की शांति-सुरक्षा में योगदान देना है। यह शिक्षा, साहित्य, विज्ञान और संस्कृति का विकास कर विश्व के राश्ट्रों के बीच मैत्री-संबंध स्थापित करता है तथा विश्व में मानवतावादी आदर्शों को सुप्रतिष्ठित करता है । यह संयुक्त राष्ट्रसंघ का अति महत्वपूर्ण संगठन है।

प्रश्न 28.
I.L.O. का वर्णन करो।
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रसंघ का एक प्रमुख अंग अर्त्तराष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organisation) है। इसका गठन 1919 ई० में गठित राष्ट्रसंघ की धारा 13 के अनुसार किया गया है। यद्यापि राष्ट्रसंघ असफल रहा तथापि यह संस्था सक्रिय एवं सफल बनी रही। इसका प्रधान कार्यालय कनाडा के माण्ट्रियल नगर में है। इसका प्रमुख कार्य श्रमिको के कल्याण हेतु योजनाएँ बनाना एवं उनका क्रियान्वयन करना है। अंतर्राष्ट्रोय सम्मेलन आयोजित कर यह श्रमिक जीवन की विभित्र समस्याओं का समाधान करता है अर्थात् वेतन, कार्यकाल, कार्य की शर्तें, मुआवजा, सामाजिक बीमा, औद्योगिक सुरक्षा आदि से सम्बन्धित समस्त समस्याओं का हल ढूँढ़ना इसका कार्य है।

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प्रश्न 29.
सुरक्षा परिषद का गठन कैसे हुआ ?
उत्तर :
सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्यपालिका के समान है। इसमें कुल 15 सदस्य होते हैं जिसमें पाँच सदस्य स्थायी – ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन हैं। इसके 10 अस्थायी सदस्यों को दो वर्षों के लिये महासभा चुनती है।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 4 MARKS

प्रश्न 1.
कौसिल के प्रमुख कार्य क्या थे ?
उत्तर :
कौंसिल के प्रमुख कार्य है – अन्तर्राष्ट्रीय झगड़ों को सुलझाना, निरस्त्रीकरण की योजना बनाना, आक्रमण के विरुद्ध पाबन्दी लनाना, युद्ध की संभावना से सदस्य को चेतावनी देना, शन्ति संधियों द्वारा अल्पसंख्यकों को जो अंधिकार मिले हैं हर राज्य में उस पर निगरानी रखना ताकि राज्य एवं बहुसंख्यक उनको पीड़ित न कर सकें । वर्साय संधि के अनुसार डाअ्डिंग एवं सार के प्रशासन का संरक्षण एवं निरीक्षण करना। एसेम्बली की सिफारिशों को लागू करना, महासचिव मनोनीत करना, संचिवालय के महत्वपूर्ण अधिकारियों को नियुक्त करना इत्यादि।

प्रश्न 2.
संयुक्त राष्ट्र चार्टर का क्या महत्व है ?
उत्तर :
याल्टा में हुए पूर्व निर्णय और कार्यक्रम के अनुसार 26 अप्रै, 1945 ई० को सानफांसिस्को में संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के संबंध में औपचारिक सम्मेलन प्रारंभ हुआ। इनमें सबसे अधिक शक्तिशाली और प्रभावशाली राष्ट्र पाँच थे अमेरिका, बिटेन, फ्रांस, सोवियत संघ और चीन गणराज्य। सम्मेलन 25 अप्रैल से 26 जून, 1945 ई० तक चलता रहा। इसी दिन 50 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी सरकारों की संपुष्टि की शर्त लगाकर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। अंतिम भाषण राष्ट्रपति ट्रूमै का हुआ, जिन्होंने अपने उद्गार प्रकट करते हुए कहा – “संयुक्त राष्ट्र संघ का चार्टर, जिस पर आप सज्जनों ने अपने हस्ताक्षर किए, एक ऐसी शक्तिशाली नींव डाल रही है जिसपर हम एक सुन्दर संसार का निर्माण करने की दिशा में कदम उठा सकते हैं। इसके लिए, इतिहास आपका सम्मान करेगा।’ 24 अक्टूबर 1945 ‘संयुक्त राष्ट्र दिवस’ (U. N. Day) के नाम से प्रसिद्ध है।

प्रश्न 3.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रमुख उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रसंघ के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं –

  1. अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाये रखना।
  2. भावी पीढ़ी को भयंकर युद्धों की विभीषिका से मुक्त रखना।
  3. समान अधिकार तथा आत्म-निर्णय के आधार पर राष्ट्रों के मैत्रीपूर्ण संबंधों को सहयोग और बढ़ावा देना।
  4. विश्व की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा अन्य मानवतावादी समस्याओं का समाधान करना।
  5. अंतर्राष्ट्रीय झगड़ों को शांतिपूर्ण वाद-विवादों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कानून और न्याय के आधार पर सुलझाना।
  6. संपूर्ण मानव जाति के अधिकारों का सम्मान करना।
  7. इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संयुक्त राष्ट्रसंघ को केन्द्र बनाना।

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प्रश्न 4.
संयुक्त राष्ट्र महासभा की क्या विशेषताएँ हैं ?
उत्तर :
महासभा संयुक्त राष्ट्र संघ का केन्द्रीय अंग है जिसका मुख्यालय न्यूयार्क में है। संघ के सभी सदस्य देश इसके सदस्य होते हैं। इसका अधिवेशन वर्ष में एक बार होता है किन्तु विशेष परिस्थितियों में इसका विशेष अधिवेशन बुलाया जा सकता है। इसे संघ के सभी कार्यों पर विचार करने, पुनर्विचार करने तथा उनका पर्यवेक्षण और समालोंचना करने का अधिकार है।

प्रश्न 5.
अन्तर्राश्ट्रीय न्यायालय का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना संयुक्त राष्ट्र की देख-रेख में हालैण्ड के हेग (अब नीदरलैण्ड) में हुई थी। अन्तर्राष्ट्रीय न्याय, कानून व्यवस्था को बनाए रखते हुए मित्र राष्ट्रों के मध्य आपसी सम्बन्ध मजबूत बनाए गए। सदस्य देश इसकी न्याय व्यवस्था को मानने के लिए बाध्य हैं परन्तु इसके खिलाफ वे सुरक्षा परिषद में अपील कर सकते हैं। इस न्याय सभा में कुल 15 सदस्य होते हैं जो सुरक्षा परिषद और साधारण सभा में से बहुमत के आधार पर नौ वर्षों के लिए चुने जाते हैं।

प्रश्न 6.
राष्ट्रसंघ की आम सभा (जेनरल असेंबली) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर :
साधारण सभा राष्ट्रसंघ की प्रमुख अंग थी। इसका मुख्य केन्द्र जेनेवा में था। साधारण सभा की सदस्य संख्या सामान्यत: 100 होती थी। इसमें विभिन्न राष्ट्रों द्वारा नियुक्त किये गये अनुभवी व्यक्ति होते थे। प्रत्येक सदस्य राष्ट्र को एक ही मत देने का अधिकार था। इसकी बैठक वर्ष में एक ब्वार होती थी। आवश्यकतावश और भी बैठके हो सकती थीं। राजनीतिक विषयों पर निर्णय लेने के लिए सबकी सम्मति आवश्यक थी। कार्य-सचालन के लिए सभापति तथा उप-सभापति होते थे। सभा के सदस्य ही उनका चुनाव करते थे । सभा के दो तिहाई मत किसी भी राष्ट्र को संघ का सद्स्य बना सकते थे।

साधारण सभा की 6 समितियाँ होती थीं –

  1. वैधानिक एवं कानूनी समिति
  2. टेक्निकल संस्थाओं से संबंधित समिति
  3. नि:शस्त्रीकरण संबंधी समिति
  4. बजट संबंधित समिति
  5. सामाजिक मामलों से संबंधित समिति
  6. राजनीतिक समिति।

प्रश्न 7.
राष्ट्रसंघ कौंसिल (परिषद) का गठन किस प्रकार होता था ?
उत्तर :
आरंभ में ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और जापान परिषद के स्थायी सदस्य और चार अस्थायी सदस्य चुने गये। अन्य स्थायी सदस्य अमेरिका सम्मिलित नहीं हुआ। अस्थायी सदस्य साधारण सभा द्वारा चुने जाते थे। परिषद् के सदस्यों की संख्या घटती-बढ़ती रहती थी। जब किसी सदस्य राज्य से संबंधित विषय पर विवाद होता था तो उसे भी बुला लिया जाता था। परिषद् संघ की कार्यकारणी समिति थी। इसकी बैठक वर्ष में तीन बार होती थी। प्रत्येक बैठक के लिए सभापति का निर्वाचन होता था। उसके प्रमुख कार्य थे – सचिवालय को कार्य-निर्देश देना, अंतर्राष्ट्रीय सभा सम्मेलन करने का प्रबंध करना, नि शस्तीकरण के लिए प्रारूप तैयार करना, अल्प संख्यकों की सुरक्षा करना, बाह्य आक्रमणों से सदस्य राष्ट्रों की सुरक्षा करना।

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प्रश्न 8.
राष्ट्रसंघ के अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के कार्यों की विवेचना कीजिए।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के उपरान्त श्रमिक आन्दोलनों ने अत्यन्त उग्र रूप धारण कर लिया था। महँगाई की वृद्धि के साथ चारों ओर निराशा एवं असंतोष का वातावरण था। मजदूर वर्ग अपनी दशा सुधारने के लिए बेचैन हो उठे थे। साम्यवादी प्रभाव बढ़ता जा रहा था। अत: जेनेवा में अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना की गयी जिसका मुख्य काम मजदूरों की दशा सुधारना था जिससे उनमें ‘लाल मजदूरो’ की बाढ़ रोकी जा सके। जर्मनी भी इस संघ का सदस्य था जबकि वह राष्ट्र संघ का सदस्य नहीं था।

प्रश्न 9.
संयुक्त राष्ट्रसंघ के गठन पर प्रकाश डालें।
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध के अन्त के बाद विश्व में शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना हुई। इसकी स्थापना मुख्यत: यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका और रूस के प्रयास से हुआ था। इन प्रयासों में कई सम्मेलन हुए, जिसमें लंदन घोषणा, अटलांटिक चर्टर, वाशिंगटन सम्मेलन, डम्बरटॉन ऑक्स सम्मेलन और अन्त में सॉन फ्रांसिस्को सम्मेलन था। संयुक्त राष्ट्र संघ छः संस्थाओं के माध्यम से कार्य करता है। वह है –

  1. साधारण सभा
  2. सुरक्षा परिषद
  3. आर्थिक और सामाजिक परिषद
  4. संरक्षण परिषद
  5. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय।

प्रश्न 10.
संयुक्त राष्ट्रसंघ की साधारण सभा (जेनरल असेम्बली) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर :
साधारण सभा : इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी सदस्य होते हैं। सभी सदस्य राष्ट्र अपने पाँच प्रतिनिधियों को इसमें भेज सकते हैं लेकिन प्रत्येक राज्य को केवल एक ही मत देने का अधिकार प्राप्त है। प्रत्येक वर्ष सितम्बर में इस सभा का एक अधिवेशन होता है, लेकिन सुरक्षा परिषद या साधारण सभा का विशेष अधिवेशन उस समय बुलाया जाता है, जब इसके सदस्य बहुमत के आधार पर ऐसा चाहते है। साधारण सभा चार्टर में उल्लेखित किसी भी मसले पर विचार-विमर्श कर सकती है लेकिन इन अधिवेशनों के विचारों को स्वीकार करने का किसी देश पर कोई दबाव नहीं है। यह सभा मुख्य रूप से एक पथ प्रदर्शक, आलोचक और विचार विमर्श के लिए मंच की भूमिका निभाती है। इसके पास कानून बनाने का कोई अधिकार नहीं है। यह विश्व के सभी स्वाधीन देशों के आपसी वाद-विवाद का मंच है और परस्पर सम्बन्धों के द्वारा जनमत के निर्माण में मदद करता है। इसके कार्य की शुरुआत 1945 ई० में 51 सदस्य देशों को लेकर हुई थी और मई 2003 तक इसके सदस्य देशों की संख्या 191 हो गई।

प्रश्न 11.
राष्ट्र संघ की असफलता के कारणों का वर्णन करें।
उत्तर :
राष्ट्र संघ बड़े राष्ट्रों के झगड़े को निपटाने में असफल रहा। राष्ट्र संघ को अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश का समर्थन नहीं मिला। जर्मनी और रूस लम्बे समय तक राष्ट्र संघ से अलग रहे। इस संघ की अपनी कोई सैन्य शक्ति नहीं थी, जिसका उपयोग कर सके। इस संघ के पास आर्थिक अभाव था। विश्व में आर्थिक मंदी ने भी राष्ट्र संघ के पतन में योगदान दिया।

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प्रश्न 12.
संयुक्त राष्ट्र संघ की आर्थिक और सामाजिक परिषद का वर्णन करें।
उत्तर :
संयुक्त राष्ट्रसंघ का मुख्य उद्देश्य मानव जाति का आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्र में विकास करना और विश्व को अधिक समृद्धिशाली, सुखी और न्यायपरक बनाने का प्रयास करना है। इस परिषद में आम सभा द्वारा निर्वाचित सदस्य होते हैं। इसके सदस्यों की कुल संख्या 54 है। इसके एक तिहाई सदस्य साधारण सभा द्वारा प्रत्येक वर्ष 3 वर्षों के लिये चुने जाते हैं। प्रत्येक वर्ष 6 सदस्यों का चुनाव होता है। प्रत्येक सदस्य की अवधि पूरी होने के बाद वे सदस्य दुबारा भी चुने जाते हैं। इसमें प्रत्येक सदस्य राष्ट्र को एक मत देने का अधिकार है।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 6 द्वितीय विश्वयुद्ध एवं उसके बाद

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WBBSE Class 9 History Chapter 6 Question Answer – द्वितीय विश्वयुद्ध एवं उसके बाद

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
प्रजातंत्र के सिद्धान्त के समर्थक कौन-से देश थे ?
उत्तर :
ब्निटेन, फ्रांस तथा अमेरिका।

प्रश्न 2.
रोम-बर्लिन-टोक्यो धुरी कब बनी थी।
उत्तर :
रोम-बर्लिन-टोक्यिो धुरी 1937 ई. में बनी थी।

प्रश्न 3.
इंग्लैण्ड और फ्रांस ने कब जर्मनी के विरूद्ध युद्ध की घोषणा की ?
उत्तर :
3 सितम्बर 1939 ई० को इंग्लैण्ड और फ्रांस ने जर्मनी के विरूद्ध युद्ध की घोषणा की थी।

प्रश्न 4.
वर्साय संधि के बाद जर्मनी में किस गणतंत्र की स्थापना हुई थी ?
उत्तर :
अधिनायकतंत्र की स्थापना हुई थी।

प्रश्न 5.
कहाँ, किसके द्वारा एवं कब एटम बम गिराया गया ?
उत्तर :
जापान के शहर हिरोशिमा पर अमेरिका द्वारा 6 अगस्त 1945 ई. को एवं नागासाकी पर 9 अगस्त 1945 ई. को एटम बम गिराया गया।

प्रश्न 6.
वर्साय की संधि कब हुई ?
उत्तर :
वर्साय की संधि जून 1919 ई. में हुई।

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प्रश्न 7.
मुसोलिनी ने जनतंत्र और अधिनायकवाद के बीच होने वाले संघर्ष के विषय क्या कहा था ?
उत्तर :
मुसोलिनी ने यह घोषणा की कि यदि इटली की शासन सत्ता हमारे हाथों में नहीं आई, तो हम रोम पर आक्रमण कर देंगे। इससे 1922 ई० में संवैधानिक गतिरोध उत्पत्न हो गया।

प्रश्न 8.
द्वितीय विश्वयुद्ध का अंत कब हुआ ?
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध का अंत 14 अगस्त 1945 ई. को हुआ।

प्रश्न 9.
जापान ने किस दिन पर्ल हार्बर पर आक्रमण किया था ?
उत्तर :
जापान ने 7 दिसम्बर 1941 ई. को पर्ल हार्बर पर आक्रमण किया था।

प्रश्न 10.
फासीवाद की उत्पत्ति किस देश में हुई थी?
उत्तर :
इटली में ।

प्रश्न 11.
हिटलर ने पोलैण्ड पर कब आक्रमण किया ?
उत्तर :
हिटलर ने 1 सितम्बर, 1939 ई. को पोलैण्ड पर आक्रमण किया।

प्रश्न 12.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किस तंत्र की विजय हुई?
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जनतंत्र की विजय हुई।

प्रश्न 13.
प्रथम विश्व युद्ध में किस तंत्र को लोगों ने नकारा था?
उत्तर :
प्रथम विश्व युद्ध में लोगों ने राजतंत्र को नकारा था।

प्रश्न 14.
द्वितीय विश्व युद्ध से किस युग का सूत्रपात हुआ ?
उत्तर :
इस विश्वयुद्ध के पश्चात् समाज दो प्रमुख विचारधाराओं में विभाजित हो गया – साम्यवादी विचारधारा तथा लोकतंत्रीय विचारधारा का युग।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 6 द्वितीय विश्वयुद्ध एवं उसके बाद

प्रश्न 15.
एकतंत्र के सिद्धान्त का समर्थन किन देशों ने किया था?
उत्तर :
इटली, जापान, जर्मनी इत्यादि।

प्रश्न 16.
हिटलर कौन था?
उत्तर :
जर्मनी का तानाशाह शासक था ।

प्रश्न 17.
द्वितीय विश्व युद्ध किनके-किनके बीच हुआ था?
उत्तर :
धुरी राष्ट्रों और मित्र राष्ट्रों के बीच ।

प्रश्न 18.
जर्मनी ने हालैण्ड पर कब आक्रमण किया?
उत्तर :
10 मई 1940 ई० को ।

प्रश्न 19.
सोवियत संघ में मजदूरों और कृषकों द्वारा स्थापित शासन को किस नाम से जाना गया?
उत्तर :
साम्यवादी शासन ।

प्रश्न 20.
Phony war किसे कहा जाता है?
उत्तर :
सूचनाओं द्वारा लड़े गये युद्ध को फोन वार कहा जाता है ।

प्रश्न 21.
फ्रांस ने जर्मनी के सामने कब आत्म समर्पण किया?
उत्तर :
14 जून, 1940 को ।

प्रश्न 22.
जर्मनी ने कब और किसके संमक्ष आत्म समर्पण किया?
उत्तर :
7 मई 1948 को मिस्र राष्ट्रों के समाने ।

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प्रश्न 23.
लेनिनग्राद का युद्ध किनके मध्य लड़ा गया?
उत्तर :
जार शाही सेना और मजदूरों के बीच लड़ा गया ।

प्रश्न 24.
रूस पर जर्मनों ने कब आक्रमण किया?
उत्तर :
22 जून, 1941 ई० को ।

प्रश्न 25.
परमाणु बम का प्रयोग सर्वप्रथम कब हुआ था?
उत्तर :
6 अगस्त 1945 ई० को अमेरिका द्वारा जापान के हिरोशिमा नगर पर किया गया था ।

प्रश्न 26.
नाटो का पूरा नाम क्या है?
उत्तर :
नार्थ अंलांटिक ट्रिटी अर्गेनाइजेसन ।

प्रश्न 27.
सीटो का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर :
दक्षिण-पूर्व एशिया संधि संगठन।

प्रश्न 28.
द्वितीय विश्व युद्ध की तत्कालीन घटना क्या थी?
उत्तर :
पोलेण्ड पर जर्मनी का आक्रमण था ।

प्रश्न 29.
जर्मनी ने कब रूस पर आक्रमण किया था?
उत्तर :
1941 ई० में ।

प्रश्न 30.
जापान ने अमेरिका पर कब आक्रमण किया था?
उत्तर :
1941 ई० में ।

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प्रश्न 31.
द्वितीय विश्व युद्ध कब से कब तक चला?
उत्तर :
1939 से 1945 ई० तक चला।

प्रश्न 32.
उग्र राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
जो देश अपने को श्रेष्ठ तथा अन्य राष्ट्रों को हीन समझते है और उनके प्रति घृणा व नफरत की भावना रखते है उसे उग्र राष्ट्रवाद कहते है ।

प्रश्न 33.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किस नये युद्ध का पारम्भ हुआ?
उत्तर :
द्वितीय विश्व गुद्ध के बाद शीत युद्ध का प्रारम्भ हुआ।

प्रश्न 34.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी कितने भागों में बाँटा था?
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी दो भागों में बाँटा था – (क) पूर्वी जर्मनी, (ख) पश्चिमी जर्मनी।

प्रश्न 35.
द्वितीय विश्व युद्ध को रोकने में कौन संघ असफल रहा?
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध को रोकने में राष्ट्रसंघ असफल रहा।

प्रश्न 36.
किस घटना को लेकर अमेरिका द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल हुआ ?
उत्तर :
जापान की सामरिक वाहिनी द्वारा 7 दिसम्बर 1941 ई० को अमरिकी नौ-अड्डा पर्ल हार्बर नष्ट किये जाने पर अमेरिका 8 दिसम्बर को जापान के विरुद्ध युद्ध की घोषणा करते हुए द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल हुआ।

प्रश्न 37.
नाजी पार्टी के जन्मदाता कौन थे?
उत्तर :
हिटलर था।

प्रश्न 38.
फासीवाद विचार के जन्मदाता कौन थे?
उत्तर :
मुसोलिनी था ।

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प्रश्न 39.
तुष्टिकरण की नीति किन देशों ने अपनाई थी?
उत्तर :
इंग्लैण्ड, फ्रांस ने ।

प्रश्न 40.
कौन-सा दिन डिन्डे या मुक्ति दिवस के रूप में परिचित है ?
उत्तर :
6, जून 1944 ई. को डिन्डे या मुक्ति दिवस के रूप में जाना जाता है।

प्रश्न 41.
कब और किन देशों ने रूस-जर्मनी ने अनाक्रमण समझौते पर हस्ताक्षर किये ?
उत्तर :
30 अगस्त, 1939 ई० को रूस के विदेश मंत्री मलोटोव एवं जर्मन विदेशमंत्री रिवेनट्राप ने रूस-जर्मनी अनाक्रमण समझौते पर हस्ताक्षर किये।

प्रश्न 42.
‘लिवेन्सराऊम’ क्या है ?
उत्तर :
जापान ने अपनी अतिरिक्त जनसंख्या के रहने के लिये द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले जो व्यवस्था की थी उसे ‘लिवेन्सराऊम’ के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 43.
अमेरिका ने किस परिस्थिति में ‘देखते ही गोली’ मारने का आदेश दिया ?
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मन पनडुब्यो द्वारा अमेरिकी जहाजों को बार-बार नष्ट किये जाने से क्षुख्ध अमेरिका ने जर्मन पनडुब्बी एवं जहाजों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया।

प्रश्न 44.
कब और किनके बीच ग्रैंड एलायंस समझौता हुआ ?
उत्तर :
1942 ई. में अमेरिका, सोवियत रूस, फ्रांस एवं इंगलैण्ड के बीच ग्रैंड एलायंस समझौता हुआ।

प्रश्न 45.
हिलटर के कुछ गुप्तचरों के नाम लिखो।
उत्तर :
हिटलर के कुछ गुप्तचरों के नाम हैं- डॉॉ० गोएबोल्स, हिमलर, गोएरिंग, रोमेल आदि।

प्रश्न 46.
स्टालिनग्राड के युद्ध में रूस एवं जर्मन सेनापति कौन-कौन थे ?
उत्तर :
स्टालिनग्राड के युद्ध में रूस के सेनापति मार्शल झुकोव एवं जर्मन सेनापति वान पाउलास थे।

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प्रश्न 47.
अमेरिका किस कानून के तहत द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी के विरुद्ध रूस को सैनिक मदद दी ?
उत्तर :
अमेरिका ने ‘लैण्ड-लीज’ कानून द्वारा द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी के विरुद्ध रूस को सैनिक सहायता दी।

प्रश्न 48.
जर्मनी किस रास्ते से रूस पर आक्रमण आरंभ किया ?
उत्तर :
जर्मनी उत्तर में लेनिनग्राड, बीच में मास्को एवं दक्षिण में स्टालिनग्राड के रास्तों से रूस पर आक्रमण आरभ किया।

प्रश्न 49.
द्वितीय विश्वयुद्ध में कौन दो देश मित्र देशों के साथ शामिल हुए ?
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध में रूस एवं अमेरिका मित्र देशों के साथ शामिल हुए।

प्रश्न 50.
‘माजिनो लाइन’ क्या है ?
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले स्विट्जरलैण्ड से बेल्जियम तक फ्रांस ने जो सुरक्षा घेरा बनाया था उसे ‘माजिनो लाइन’ कहा जाता था।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
पेरिस संधि से इटली क्यों निराश था ?
उत्तर :
पेरिस संधि से इटली निराश हुआ कारण इटली मित्र राष्ट्रों की ओर से लड़ा था, परन्तु उसे संधियों से कोई लाभ नहीं हुआ। आन्तरिक समस्याओं एवं राजनीतिक निरशा के कारण इटलीवासियों में असन्तोष बढ़ा। इटली सरकार ने असन्तोष का दमन करना चाहा, परन्तु उसे सफलता नहीं मिली।

प्रश्न 2.
मित्र-राष्ट्र से क्या समझते हो ?
उत्तर :
मित्र राष्ट्र शक्ति का तात्पर्य उन राष्ट्रों से है जिन्होंने रोम-बर्लिन-टोक्यो धुरी शक्ति के विरुद्ध परस्पर संगठित शक्ति की रचना की। इन राष्ट्रों में ब्रिटेन, फ्रांस और सोवियत यूनियन थे। मित्र राष्ट्र शक्ति को आशंका थी कि जर्मनी, जापान और इटली में किसी एक, दो या तीन की संयुक्त शक्ति द्वारा उन पर संकट पैदा किया जा सकता है, अत: अपने संकट का सामना करने के लिये वे परस्पर संगठित होकर कार्य करेंगे।

प्रश्न 3.
तुष्टीकरण की नीति को परिभाषित करें।
उत्तर :
बिटेन की इटली के प्रति तुष्टीकरण की नीति का भी एक स्वार्थपूर्ण उद्देश्य था। ब्रिटेन अपने विश्वव्यापी सामाज्य और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा के लिए भूमध्य सागर के क्षेत्र और सुदूर-पूर्व को खतरों से बचाये रखना चाहता था।

प्रश्न 4.
द्वितीय विश्व युद्ध का प्रारम्भ कब और क्यों हुआ?
उत्तर :
जर्मनी द्वारा 1 सितंबर, 1939 को पोलैंड पर आक्रमण के दो दिन बाद ब्रिटेन और फ्राँस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। इस घटना ने द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत कर दी।

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प्रश्न 5.
जर्मनी ने नार्वे पर कब अधिकार किया ?
उत्तर :
9 अप्रैल, 1940 को जर्मनी ने नार्वे पर अधिकार किया।

प्रश्न 6.
वांशिगटन सम्मेलन में किन देशों ने भाग लिया था ?
उत्तर :
वांशिगटन सम्मेलन में पाँच राष्ट्रों अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान तथा इटली ने भाग लिया था।

प्रश्न 7.
शीत युद्ध से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका व सोवियत रूस में शीत युद्ध आरम्भ हुआ था।

प्रश्न 8.
धुवी शक्ति में कौन-कौन से देश थे?
उत्तर :
जर्मनी, इटली, जापान, आस्ट्रिया एवं स्पेन देश थे।

प्रश्न 9.
मित्र शक्ति संगठन में कौन-कौन से देश थे?
उत्तर :
इंग्लैण्ड, फ्रांस, अमेरिका, रूस सहित 24 देश थे ।

प्रश्न 10.
वर्साय की संधि किसके-किसके बीच और कब हुई थी?
उत्तर :
वर्साय की संधि 1919 ई० में मित्र देशों और जर्मनी के बीच हुई थी ।

प्रश्न 11.
द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिका ने जापान के किन शहरों पर बम गिराये थे।
उत्तर :
हिरोशिमा और नागासाकी।

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प्रश्न 12.
रोम-बर्लिन-टोकियो संधि में कौन-कौन से देश शामिल थे?
उत्तर :
जर्मनी, इटली, जापान देश शामिल थे।

प्रश्न 13.
हिटलर की आत्मकथा का क्या नाम था?
उत्तर :
मेरा संघर्ष (मीन कैम्फ)।

प्रश्न 14.
पर्ल हार्बर पर हमले का क्या परिणाम हुआ?
उत्तर :
इस हमले से संयुक्त राज्य अमरीका का संपूर्ण बेड़ा, फोर्ड द्वीप स्थित नौसैनिक वायुकेंद्र एवं बंदरगाह बुरी तरह नष्ट हो गया था तथा ढाई हजार सैनिक मारे गए थे। एक हजार से अधिक घायल हुंए एवं लगभग एक हजार लापता हो गए।

प्रश्न 15.
जापान पर अमेरिका द्वारा गिराए गए अणु बम के क्या परिणाम हुए?
उत्तर :
जापान के दो नगर हिरोशिमा और नागासाकी पूरी तरहह तबाह हो गए। डेढ़ लाख से अधिक लोगों की पल भर में जान चली गई और जो बच गए वो अपंगता के शिकार हो गए। जापान को आत्मसमर्षण करना पड़ा ।

प्रश्न 16.
द्वितीय विश्वयुद्ध में लगभग कितने लोग मारे गए और कितनी मुद्रा की हानि हुई?
उत्तर :
पाँच करोड़ से अधिक लोग मारे गये तथा 11,000 खरब डालर हानि हुई ।

प्रश्न 17.
फासीवाद तथा नाजीवाद के प्रमुख उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर :
फासीवाद के प्रमुख उद्देश्य : राज्य की शक्ति एवं सत्ता में वृद्धि करना, व्यक्तिगत सम्पत्ति की सुरक्षा, साम्यवाद का विरोध, देश में कानून व्यवस्था स्थापित करना।
नाजीवाद के प्रमुख उद्देश्य : नाजीवाद राज्य के हितों की सर्वोच्चता में विश्वास करता था। नाजी दल जर्मन साम्राज्य का विस्तार करना चाहता था और विशाल जर्मनी का निर्माण करना चाहता था। नाज़ीदल यहूदियों को जर्मनी से बाहर निकाल देना चाहता था।

प्रश्न 18.
केन्द्रीय शक्तियाँ क्या हैं ?
उत्तर :
25 नवम्बर 1936 ई. को जापान और जर्मनी के बीच सोवियत रूस के विरुद्ध कमिन्टर्न विरोधी संधि हुई। उसके कुछ ही समय बाद 6 नवम्बर 1936 ई. को इटली भी उनके साथ शामिल हो गया। इस प्रकार जापात, जर्मनी और इटली को मिलाकर रोम-बर्लिन-टोक्यो धुरी का निर्माण हुआ जिसे केन्द्रीय शक्ति कहते हैं। तीनों ही धुरी राष्ट्र इस बात पर संकल्पबद्ध थे कि किसी चौथे देश द्वारा आक्रमण करने पर तीनों देश मिलकर उसका विरोध करेंगे और एक-दूसरे की मदद करेंगे।

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प्रश्न 19.
जापान द्वारा पर्ल हार्बर पर आक्रमण क्यों किया गया था ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के अंत में जापान को वर्साय की संधि में चीन के कुछ क्षेत्रों पर अधिकार मिल गया था। उसकी साम्राज्यवादी लिप्सा बढ़ती गयी और उसने 1931 ई० में मंचूरिया पर अधिकार कर लिया। 1936 ई. में उसंने हिटलर के साथ साम्यवाद विरोधी संधि की। वह रोम-बर्लिन-टोक्यो धुरी का सदस्य बन गया। 1937 ई. में उसने चीन के प्रसिद्ध बंदरगाहों पर अधिकार कर लिया। उसने शीघ्र ही फ्रेंच इण्डोचीन के सैनिक और नाविक अड्डे जीत लिये। उसी समय अमेरिका ने उसे प्रशांत महासागर की शांति भंग न करने की चेतावनी दी। उन दिनों द्वितीय विश्वयुद्ध चल रहा था। अमेरिका युद्ध में उलझना नहीं चाहता था। अत: जापान ने 7 दिसम्बर 1941 ई. को प्रशांत महासागर स्थित हवाई द्वीप समूह के पर्ल हार्बर पर हमला कर दिया जिसमें काफी अमेरिकी सैनिक और सैन्य सामग्री नष्ट हुई।

प्रश्न 20.
द्वितीय विश्व युद्ध में इटली के आत्मसमर्पण पर दो वाक्यों में अपना विचार दें ?
उत्तर :
इटली युद्ध में अंग्रेज-अमेरिकी सेना से पराजित हुआ। मित्र सेना ने इटली के सिसिली पर अधिकार कर लिया। 3 सितम्बर 1943 को इटली ने मित्र शक्तियों के सम्मुख समर्पण कर दिया।

प्रश्न 21.
जर्मनी ने द्वितीय विश्वयुद्ध में आत्म समर्पण क्यों किया ?
उत्तर :
1917 ई० में जर्मनी ने इंग्लैण्ड की घेराबन्दी कर दी और प्रत्येक जहाज को अपना निशाना बनाया। इस अभियान का अमेरिका ने विरोष किया। 1918 ई० में जर्मनी ने विजय प्राप्त करने के लिए पूरी शक्ति लगा दी लेकिन अमेरिका के युद्ध में शामिल होने से मित्रराष्ट्रों की स्थिति अत्यन्त शक्तिशाली हो गई थी। जर्मनी की स्थिति इतनी दुर्बल हो गयी थी कि वह युद्ध चलाने की स्थिति में नहीं था। अत: 11 नवम्बर को उसने आत्मसमर्पण कर दिया।

प्रश्न 22.
जापान ने किस प्रकार आत्मसमर्पण किया था ?
उत्तर :
अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 ई. को हिरोशिमा पर एटम बम गिराया जिससे उस शहर के असंख्य लोग मारे गये और 90 % इमारतें नष्ट हो गयीं। 9 अगस्त को अमेरिका ने दूसरा एटम बम नागासाकी शहर पर गिराकर उसे भी ध्वस्त कर दिया। भयभीत जापान ने 10 अगस्त को आत्मसमर्पण कर दिया।

प्रश्न 23.
द्वितीय विश्ष युद्ध के बाद कुछ नये देशों का उदय हुआ था उनके नाम लिखें।
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत, पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, हिन्द चीन, हिन्देशिया, मिस्र, लीबिया, द्यूनिसिया, कांगो आदि बहुत से राष्ट्रों ने स्वतंत्रता की श्वास ली परिणाम स्वरूप एशिया व अफ्रीका में नवजागरण हुआ।

प्रश्न 24.
प्रथम विश्व युद्ध का तत्कालिन कारण क्या था ?
उत्तर :
प्रथम विश्व युद्ध का तत्कालिन कारण आस्ट्रिया के राजकुमार फर्डिनेड का साराजेवों के आंतकवादियों द्वारा हत्या करना था ।

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प्रश्न 25.
‘मेरा संघर्ष’ पुस्तक किसने और कहाँ लिखा था ?
उत्तर :
‘मेरा संघर्ष’ पुस्तक हिटलर ने मीन कैम्फ जेल में लिखा था।

प्रश्न 26.
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद प्रजातन्त्र की असफलता के क्या कारण थे ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध कें बाद प्रजातंत्र की असफलता के मुख्य कारण थे –

  1. साम्राज्यवादी लिप्सा
  2. उपनिवेशवादी नीति
  3. राष्ट्रवादी नीति।

प्रश्न 27.
हिटलर के नेतुत्व में जर्मनी में नाजीवाद के उदय का वर्णन करो।
उत्तर :
नाजीवाद (Nazism) शब्द हिटलर द्वारा 1921 में स्थापित पार्टी नेशनू सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी के संक्षिप्त रूप नाजी से निकला है। नाजीवाद फासीवाद का ही जर्मन रूप था। वह मूल इतालवी फासीवाद से अधिक अनिष्टकर था। एडोल्फ हिटलर के नेतृत्व में नाजियों ने आधुनिक युग की सबसे बर्बर तानाशाही स्थापित की।

प्रश्न 28.
लेनिनग्राद का युद्ध किनके मध्य लड़ा गया ?
उत्तर :
जून 1941 में जर्मनी की सेना ने लेनिनग्राड पर भयंकर आक्रमण किया। रूस ने सेना के साथ कठोर मुकाबला किया।

प्रश्न 29.
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यूरोप के कुछ तानाशाहों के नाम लिखो।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद यूरोप में क्षमता दखल करने वाले कुछ तानाशाहों के नाम हैं- इटली का मुसोलिनी, जर्मनी का हिटलर, स्पेन का जनरल फ्रैंकों आदि।

प्रश्न 30.
मुसोलिनी की विदेश नीति का मुख्य लक्ष्य / उद्देश्य क्या था ?
उत्तर :
इटली के तानाशाह शासक मुसोलिनी की विदेश नीति का मुख्य लक्ष्य / उद्देश्य था-

  1. अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में युद्ध एवं आक्रमण की नीति के जरिये तानाशाही को सुरक्षित रखना,
  2. युद्ध के प्रति आकर्षण को जारी रखकर बेरोजगार युवकों को विभिन्न सामरिक कार्यों में नियुक्ति द्वारा रोजगार में वृद्धि
  3. अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में इटली की मर्यादा में वृद्धि।

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प्रश्न 31.
पेरिस के शान्ति समझौते (1919 ई.) में इटली की किन जगहों से वंचित किया गया, जिसकी इटली मांग कर रहा था ?
उत्तर :
लंदन के गुप्त समझौते के अनुसार (1915 ई.) इटली को रोड्स द्वीप एवं डडिकानिज द्वीप समूह मिलना था किन्तु प्रथम विश्वयुद्ध के बाद पेरिस शान्ति सम्मेलन (1919 ई.) में इटली को वह नहीं मिला।

प्रश्न 32.
कब और किनके बीच लुसान की संधि हुई थी ? इस संधि द्वारा इटली को कौन-कौन जगह मिली ?
उत्तर :
1923 ई. में इटली एवं ग्रीस के बीच लुसान की संधि हुई। इस संधि द्वारा ग्रीस से इटली को रोड्स द्वीप एवं डडिकानिज द्वीपसमूह मिला।

प्रश्न 33.
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद किन देशों में जनसंख्या वृद्धि की समस्या उत्पन्न हुई एवं किन देशों में नहीं ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जनसंख्या वृद्धि से प्रभावित राष्ट्र जर्मनी, जापान एवं इटली थे। दूसरी ओर इंगलैण्ड, अमेरिका, रूस और फ्रांस के पास इतनी अधिक भूमि थी कि वे अपनी जनसंख्या से अधिक लोगों को अश्रय देने एवं उनका भरण-पोषण करने में समर्थ थे।

प्रश्न 34.
अधिनायकतांत्रिक राज्य एवं लोकतांत्रिक राज्य से क्या समझते हो ?
उत्तर :
अधिनायकतांत्रिक राज्य में शासन सत्ता किसी व्यक्ति विशेष के हाथों में सीमित हो जाती है।
जनतांत्रिक राज्य में शासन सत्ता प्रजा के हाथों में रहती है तथा जन प्रतिनिधि शासन संचालित करते हैं।

प्रश्न 35.
द्वितीय विश्वयुद्ध में अधिनायकतांत्रिक एवं जनतांत्रिक देशों के नाम बताओ जिन्होंने एक-दूसरे के विरुद्ध युद्ध किया था ?
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध मुख्यतः लोकतांत्रिक एवं अधिनायकतांत्रिक शक्तियों के बीच हुआ। लोकतांत्रिक शक्तियों में मुख्यत: ब्रिटेन, फ्रांस एवं अमेरिका जैसे देश थे एवं अधिनायकतांत्रिक शक्तियों में जर्मनी, इटली एवं जापान थे।

प्रश्न 36.
जापान ने राष्ट्रसंघ को क्यों छोड़ दिया ?
उत्तर :
जापान ने विभिन्न धातुओं के स्रोत मंचुरिया को 1931 ई० में अपने अधीन कर लिया था। उसने उसका नाम मंचुकुओं कर दिया और वहाँ चिंग वंश के अंतिम उत्तराधिकारी को प्रशासक नियुक्त कर दिया। चीन ने इसके विरुद्ध राष्ट्रसंघ से अपील की। राष्ट्रसंघ ने जापान को आक्रामक देश घोषित कर उसकी जाँच के लिये लिटन आयोग की नियुक्ति की। इसी कारण जापान ने राष्ट्रसंघ से अपना संबंध विच्छेद कर लिया।

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प्रश्न 37.
स्पेन की क्रांति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
सन् 1936 में जेनरल फ्रैंको ने स्पेन के गणतंत्र के विरुद्ध विद्रोह कर दिया। इटली और जर्मनी ने फ्रैंको की मदद की। मुसोलिनी ने लगभग डेढ़ लाख सैनिक फ्रैंको की मदद के लिये भेजा, बिटेन और फ्रांस मूक दर्शक बने रहे। फ्रैंको ने स्पेन पर तानाशाही शासन स्थापित करने में सहज ही सफलता हासिल कर ली।

प्रश्न 38.
हिटलर ने राष्ट्रसंघ से अलग होने का निर्णय क्यों लिया ?
उत्तर :
सन् 1933 के निरस्त्रीकरण सम्मेलन में हिटलर ने कहा था कि वर्साय की संधि में जर्मनी की सैनिक शक्ति को कम करने का फैसला लिया जाना अनुचित है अथवा अन्य राष्ट्र भी अपनी-अपनी सैनिक शक्ति तथा अस्त्र-शस्त्र कम करे। हिंटलर के इस प्रस्ताव को नहीं माना गया। अत: हिटलर सम्मेलन छोड़कर बाहर चला गया। उसने 14 अक्टूबर 1933 ई. को राष्ट्रसंघ की सदस्यता भी छोड़ दी।

प्रश्न 39.
म्यूनिख की संधि क्या थी ?
उत्तर :
चेकोस्लोवाकिया के सुदेतन लैण्ड में जर्मनी की आबादी अधिक संख्या में थी। वहाँ के जर्मन लोगों ने विद्रोह कर दिया। जर्मनी ने उनकी रक्षा के लिये युद्ध की तैयारी की। जर्मनी के आक्रामक मनोभाव को देखकर इंगलैण्ड और फ्रांस ने मुसोलिनी की मध्यस्थता में सन् 1938 में जर्मनी के साथ म्यूनिख की संधि की।

प्रश्न 40.
अन्स्लूस क्या था ?
उत्तर :
ऑस्ट्रिया का जर्मनी में विलय होना ही ‘अन्स्लूस’ कहलाया। ओंस्ट्रिया में रहनेवाले जर्मन उस अंचल को जर्मनी के साथ मिलाने का आन्दोलन कर रहे थे। ओंस्ट्रिया का प्रधानमंत्री शुसनिंग इसके लिये तैयार नहीं था। फलतः मार्च 1938 ई. में हिटलर ने सैनिक आक्रमण कर ऑस्ट्रिया को जर्मन साम्राज्य का अंग बना लिया।

प्रश्न 41.
फासिज्म से क्या समझते हो ?
उत्तर :
फासिज्म तानाशाही की वह विचारधारा है जिसके अंतर्गत प्रशासन राष्ट्र की स्वार्थ नीति के आधार पर अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र में साम्राज्यवाद की स्थापना और विस्तार करता है। एक व्यक्ति अर्थात अधिनायक स्वेच्छाचार एवं निरकुशता की नीति अपनाकर गणतंत्र का विरोध करता है तथा. अपने राष्ट्र के सर्वागीण विकास में रुचि लेता है। यह एक प्रकार की तानाशाही प्रवृत्ति का द्योतक है। वेनिटो मुसोलिनी ने इटली के शासन की बागडोर अपने हाथों में ली और फासिज्म की स्थापना की। मुसोलिनी को फासिज्म का जन्मदाता माना जाता है।

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प्रश्न 42.
ब्लिज क्रिज का अर्थ क्या है ?
उत्तर :
ब्लिज क्रिज का अर्थ है तात्कालिक युद्ध प्रणाली। इसमें आक्रमणकारी इतनी शीघ्रता तथा इतने वेग से आक्रमण कर शत्रु पक्ष के ठिकानों को नष्ट करने लगता है कि आक्रमित देश को अपनी सुरक्षा का अवसर ही प्राप्त नहीं होता।

प्रश्न 43.
इंगलैण्ड की चेम्बरलिन सरकार ने त्यागपत्र क्यों दिया ?
उत्तर :
हिटलर द्वारा डेनमार्क तथा नार्वे को जीत लेने पर इंगलैण्ड सरकार की बदनामी हुई और चेम्बरलीन सरकार को त्याग पत्र देना पड़ा।

प्रश्न 44.
सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन का ऐतिहासिक महत्व क्या था ?
उत्तर :
सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन अप्रैल-जून 1945 ई. में हुआ। इसका उद्देश्य विश्व शान्ति एवं सुरक्षा के संदर्भ में अक्टूबर 1943 ई. में हुए मास्को सम्मेलन में तथा बाद के कुछ अन्य सम्मेलनों में लिये गये निर्णयों को अंतिम रूप देना था। इस सम्मेलन से ही संयुक्त राष्ट्रसंघ की स्थापना हुई जिसके सदस्य के रूष में 51 राष्ट्रों ने हस्ताक्षर किये।

प्रश्न 45.
यूरोप में द्वितीय विश्वयुद्ध का अंत कब और कैसे हुआ ?
उत्तर :
22 अप्रैल 1945 ई. को रूस द्वारा बर्लिन पर हमला कर दिया गया तथा 2 मई को बर्लिन का पतन हो गया। हिटलर ने आत्महत्या कर ली। 7 मई को संधि पर हस्ताक्षर हुए। 8 मई को यूरोप में युद्ध बंद हो गया।

प्रश्न 46.
रूस ने फिनलैण्ड पर आक्रमण क्यों किया ?
उत्तर :
सोवियत रूस लेनिनग्राड की सुरक्षा के लिये फिनलैण्ड में सैनिक अड्डा बनाना चाहता थां। फिनलैण्ड के साथ वार्ता में रूस ने अन्य मांगों के साथ हाँगो बन्दरगाह को पट्टे पर मांगा। फिनलैण्ड ने अन्य माँगें मान ली किन्तु हाँगों की मांग नहीं मानी। रूस ने उस मांग पर ही फिनलैण्ड पर आक्रमण कर दिया। राष्ट्रसंघ ने फिनलैण्ड की अपील पर रूस को राष्ट्रसंघ से निकाल दिया। फिर भी 12 मार्च 1939 को फिनलैण्ड को आत्मसमर्पण करना पड़ा। रूस ने फिनलैण्ड में सैनिक अड्डा बना लिया।

प्रश्न 47.
1919-1931 तक यूरोप में किनके बीच संघर्ष चला और उसका परिणिम किसके पक्ष में गया ?
उत्तर :
18 सितम्बर, 1931 ई० – जापान ने मंचूरिया पर आक्रमण किया और कब्जा भी कर लिया।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 4 MARKS

प्रश्न 1.
धुरी राष्ट्रों की पराजय एवं परिणाम का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
संयुक्त राज्य अमेरिका, सोवियत संघ और ब्रिटिश कॉमनवेल्य की संयुक्त शक्ति के सामने धुरी राष्ट्रों की शक्ति क्षीण पड़ती जा रही थी। अप्रैल, 1945 तक इटली पर मित्रराष्ट्रों के सैनिको का कब्जा हो चुका था। जून, 1944 में नोरमेंडी पर आग्ला-अमेरिकन आक्रमण हुआ। इस युद्ध ने फ्रांस, बेल्जियम और हालैण्ड को जर्मन नियंत्रण से मुक्त कर दिया। आग्ल-अमेरिकन सेना ने कोलोन पर अंधिकार करने के लिए राइन को पार किया। पूर्व में रूसी सेना ने न केवल जर्मन सेना को पूर्वी यूरोप से निकाल बाहर किया, बल्कि यह पोलैंड होते हुए बर्लिन में प्रवेश कर गई। जर्मनी ने मई; 1945 में आत्मसमर्पण किया।

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प्रश्न 2.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अन्तर्राष्ट्रीय भावना के विकास का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध के विनाशकारी परिणामों ने विभिन्न देशों की आँखें खोल दी थीं । उन्होंने यह भी अनुभव किया कि समस्याओं का समाधान युद्ध के माध्यम से नहीं हो सकता। इसी प्रकार की भावनाओं का उदय प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् भी हुआ था तथा पारस्परिक सहयोग की भावना को कार्यरूप में परिणित करने के लिए राष्ट्र-संघ की स्थापना की गयी थी, किन्तु विभिन्न देशों के स्वार्थी दृष्टिकोणों के कारण यह संस्था असफल हो गयी और द्वितीय विश्वयुद्ध प्रारम्भ हो गया।

प्रश्न 3.
द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि में अधिनायकवाद बनाम लोकतंत्र के संघर्ष का वर्णन करें।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद पराजित राष्ट्रों और नवनिर्मित राज्यों में लोकतंत्रीय शासन व्यवस्थाएँ स्थापित की गई और आशा प्रकट की गई कि वे व्यवस्थाएँ स्थायी बन सकेंगी। किन्तु वैसा न हो सका। जर्मनी में वाइमर गणतंत्र की स्थापना की गई। वाइमर गणतंत्र पर वर्साय की संधि मान लेने का आरोष लगाया गया। नात्सी दल की स्थापना हुई जिसने वर्साय की संधि भंग कर जर्मनी की खोई हुई प्रतिष्ठा को पुन: पाने का प्रयास किया। हिटलर जिसने विश्व को विश्वास दिलाया कि वह शांति की स्थापना का इच्छुक है, शीघ्र ही आक्रमणकारी बन गया। उसने संधि की शर्तों का उल्लंघन कर पुन: शस्त्रीकरण करने की नीति अपनाई। सन् 1938 में उसने अस्ट्रिया का अधिग्रहण किया तथा चेकोस्लोवाका का अंग-भंग किया। दूसरे विश्वयुद्ध की यह प्रमुख भूमिका थी। महायुद्ध के पश्चात् इटली में भी तानाशाही का उदय हुआ। मुसोलिनी ने अपनी अधिनायकवादी सत्ता स्थापित की और वर्साय संधि का विरोध किया। उसने अबिसीनिया पर आक्रमण कर अपनी साम्राज्यवादी भावना प्रदर्शित की। राष्ट्रसंघ ने इटली को आक्रामक घोषित कर उसके विरुद्ध कई आर्थिक प्रतिबंध लगाये, किन्तु प्रतिबंधों को कठोरतापूर्वक लागू नहीं किया गया। इस घटना ने राष्ट्रसंघ की कमजोरी स्पष्ट कर दी।

प्रश्न 4.
वैज्ञानिक खोजों एवं तकनीकी के विकास से युद्ध की रणनीति में किस प्रकार बदलाव आया ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद वैज्ञानिक खोजों में प्रगति होनी शुरू हो गई। कुछ वैश्रानिक आविष्कार तो मानव सभ्यता के लिए लाभदायक रहे। संक्रामक रोगों से बचने के लिए नये उपाय खोजे गए। अमेरिका ने पेनिसिलिन का उत्पादन बड़ी मात्रा में शुरू किया। रक्त से प्लाज्मा निकालने की विधि खोजी गई। इसी तरह युद्ध के लिए बमवर्षक विमानों, जेट इंजन और रॉकेट का निर्माण हुआ तथा रडार का भी विकास किया गया। सबसे बड़ी खोज थी एटम बम का निर्माण, जिसका उपयोग अमेरिका ने जापान के विरुद्ध किया। युद्ध की समाप्ति के बाद आणविक हथियारों के निर्माण की दौड़ शुरू हो गई है। जो कहीं न कहीं फिर विश्वयुद्ध के खतरे को जन्म दे रहा है।

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प्रश्न 5.
समकालीन इतिहास पर द्वितीय विश्च युद्ध का क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर :
1944 ई॰ में इटली ने मित्र राष्ट्रों से पराजित होकर आत्म समर्पण कर दिया तथा मुसोलिनी को मार डाला गया। इधर स्टालिनग्राद के युद्ध में जर्मनी को परास्त कर रूसी सेना आगे बढ़ी और बर्लिन (जर्मनी) तक पहुँच गई। जर्मनी ने आत्मसमर्पण कर दिया। अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर एटम बन गिराकर उसे पूर्णतः नष्ट कर दिया। इसमें लाखों लोग मारे गये। सितम्बर 1945 ई० जामान के आत्म समर्पण के पश्चात द्वितीय विश्व युद्ध का अन्त हो गया।

प्रश्न 6.
युद्ध के विनाशकारी प्रभाव तथा गुणात्मक एवं संख्यात्मक बदलावों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध इतिहास का सबसे विनाशकारी युद्ध था। फासीवादियों ने यूरोप के एक बड़े भाग को एक बहुत बड़ा कबिस्तान और दासों का शिविर बना रखा था। जर्मनी द्वारा आधिपत्य में लिए गए देशों की जनता के श्रम का उपयोग किया जाता था और इसके लिए अत्यंत भयानक श्रम-शिविर खोले गए थे। फासीवादियों; खासकर जर्मन नाज़ियों ने जिस तरह की यंत्रणाओं और दरिंदगी का सहारा लिया वह इतिहास में अभूतपूर्व था। ऐसी दरिन्दगी के अनेक उदाहरण तब सामने आए जब जर्मनी युद्ध में हार चुका था, जब सामूहिक हत्याओं के स्थानों का पता चला। द्वितीय विश्वयुद्ध में पाँच करोड़ से अधिक लोग मृत्यु के घाट उतार दिए गए। इसमें लगभग 2.2 करोड़ सैनिक और 2.8 करोड़ से अधिक नागरिक शामिल थे।

लगभग 1.2 करोड़ लोग यंत्रणा-शिविरों में या फासीवादियों के आतंक के कारण मारे गए। मानवीय हानि के अलावा अनेक देशों के आर्थिक और भौतिक संसाधन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। अनुमान है कि यह लागत 13 खरब 84 अरब 90 करोड़ डॉलर थी। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सबसे भयानक था – परमाणु बम। इस बम के विकास की परियोजना तब आरंभ हुई जब अनेक वैज्ञानिकों ने अमेरिकी सरकार से सम्पर्क इस शंका से ग्रस्त हो कर किया कि नाज़ी जर्मनी परमाणु बम का विकास कर रहा था। उन्हें भय था कि अगर नाज़ियों ने इस बम का विकास कर लिया तो वो इसका डर दिखाकर पूरी दुनिया को गुलाम बना लेंगे। परमाणु बम का पहला परीक्षण जुलाई 1945 में किया गया। जर्मन तब तक आत्मससर्पण कर चुका था।

प्रश्न 7.
अमेरिका और प्रारम्भिक द्वितीय विश्व युद्ध की नीति का वर्णन करें।
उत्तर :
संयुक्त राज्य अमेरिका 1920 से 1939 ई० तक दो नीतियों पर काम कर रहा था – (i) पृथकतावादी नीति को पुनः लागू करना, (ii) अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट द्वारा पृथक्तावाद से अन्तर्राष्ट्रीयवाद की ओर बढ़ना।
पृथकतावाद अपनाते हुए भी अमेरिका ने नि:शस्त्रीकरण क्षतिपूर्ति और युद्ध ऋणों से सम्बन्धित समस्याओं में भी रुचि प्रदर्शित की। वॉशिंगटन सम्मेलन (1921-22) अमेरिका के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें पाँच राष्ट्रों (अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान व इटली) ने नौ-सैनिक संधि पर हस्ताक्षर किये।

4 मार्च 1933 को फ्रेंकलिन डिलानों रूजवेल्ट अमेरिका का राष्ट्रपति बना। उसके साथ ही अमेरिका की विदेश नीति पृथकतावाद से बदलकर अन्तर्राष्ट्रीयतावाद की ओर अग्रसर होने लगी। इस पर अमेरिका के पृथकतावादियों ने राष्ट्रपपि का विरोध किया। फिर भी पृथकतावादियों को विजय नहीं मिली। 1 सितम्बर, 1939 में यूरोप में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ। रूजवेल्ट की सहानुभूति मित्र राष्ट्रों के साथ थी। प्रारम्भ में रूजवेल्ट मित्र राष्ट्रों को विशेष सहायता न पहुँचा सकां। परन्तु जब 7 दिसम्बर, 1941 को जापान ने अमेरिका के पर्लहार्बर पर आक्रमण कर उसको जबर्दस्त क्षति पहुँचाई तो अमेरिका ने मित्र राष्ट्रों का पक्ष लेकर द्वितीय विश्वयुद्ध में प्रवेश किया।

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प्रश्न 8.
द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रमुख कारणों का उल्लेख करें।
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध के प्रमुख कारणों में निम्न घटनाएँ उल्लेखनीय हैं –

  1. वर्साय संधि की अपमानजनक शर्तें।
  2. जर्मनी, इटली और स्पेन में तानाशाही की स्थापना।
  3. जापान की साम्राज्यवादी भावना।
  4. आंग्ल-क्रेंच तुष्टीकरण नीति की असफलता।
  5. प्रतिद्वन्द्वी सैनिक गुटों का उदय।
  6. निरस्त्रीकरण के प्रयासों की असफलता।
  7. आक्रामक राष्ट्रवाद का उदय।
  8. सामूहिक सुरक्षा पद्धति पर राष्ट्रसंघ की विफलता आदि।

प्रश्न 9.
फासीवाद एवं गणतंत्रवाद के आदर्शों के बीच के अंतरों को लिखिए।
उत्तर :
फासीवादी सरकार में एक निश्चित वर्ग के लोगों को दूसरे वर्ग के लोगों से बेहतर समझा जाता है। प्रजातंत्र में सभी लोग सरकार की नजरों में बराबर होते हैं। फासीवाद का वर्णन प्रजातंत्र या स्वतंत्रता के विरुद्ध किया जाता है। यदि कहीं पर सरकार की अधिनायकता होती है, तो उसको फासीवादी कहा जाता है। इस प्रकार की सरकार में साधारण लोगों को दबाया जाता है अर्थात् उनकी आवाज ही नहीं सुनी जाती है। इसमें लोगों के अधिकार एवं स्वतंत्रता सीमित होते है। फासीवादी राज्य को सर्वोपरि एवं परम मानते हैं। राज्य के हाथों में सारी क्षमता होती है।

इसमें राज्य के विरुद्ध कोई नहीं जा सकता है। इसमें सैनिक शासन, अधिनायकवाद; निरकुशता का बोलबाला तथा समाज में हस्तक्षेप शामिल है। प्रजातांत्रिक सरकार का गठन लोगों के वोट के आधार पर होता है। लोग अपने प्रतिनिधियों को सरकार चलाने के लिए चुनकर भेजते हैं। इस प्रकार की सरकार लोगों की जरूरतों को मानती है। सभी नागरिक उसकी उसकी नजर में समान होते हैं। लोगों को बोलने का अधिकार, निवास करने का अधिकार आदि सरकार द्वारा पूर्णरूप से उनको प्रदान किए जाते है। सरकार लोगों के लिए काम करती है। प्रजातांत्रिक सरकार – प्रतिनिधित्वमूलक स्वतंत्र तथा संवैधानिक होती है। इसमें प्रत्येक प्रकार की सरकारों का मूलमंत्र गणतंत्र होता है।

प्रश्न 10.
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान युद्ध अस्त्रों के प्रौद्योगिकी में हुए परिवर्तन एवं परिणामों का उल्लेख करें।
उत्तर :
संयुक्त राज्य अमेरिका के एक वायुयान बी-29 ने 6 अगस्त, 1945 के दिन हिरोशिमा पर अणुबम डाला। अणुबम के विस्फोट से हिरोशिमा की नब्बे प्रतिशत इमारतें नष्ट हो गई एवं लगभग 80,000 मनुष्य मारे गये। इस महासंहार के साथ ही परमाणु युग का सूत्रपात हुआ। परमाणु युग के साथ मानव सभ्यता पर विनाश की काली घटा छा गई। 1949 तक संयुक्त राज्य अमेरिका अणु शक्ति के क्षेत्र में अकेला था, परन्तु 22 सितम्बर, 1949 को सोवियत रूस ने अणुबम के विस्फोट द्वारा अमेरिका का एकाधिपत्य समाप्त कर दिया। अमेरिका की चिन्ता बढ़ी अतः 1951 की जनवरी में राष्ट्रपति ट्रमैन द्वारा अणु शक्ति आयोग को अणु बम बनाने के लिए कहा गया। इसके दो वर्ष बाद प्रशान्त महासागर में अणु बम का विस्फोट हुआ। सोवियत रूस ने भी इस विस्फोट के कुछ समय बाद अणु बम का विस्फोट किया। इस प्रकार विश्व की दो महान् शक्तियाँ आणविक बम और शस्त्रास्त्र बनाने में जुट गई।

प्रश्न 11.
वर्साय की संधि की त्रुटियों को बतायें।
उत्तर :
जून 1919 ई० की वर्साय की संधि शांति-सम्मेलन की सबसे विवादास्पद, महत्वपूर्ण और लंबी संधि थी। यह जर्मनी के साथ की गई थी। वर्साय की संधि ने जर्मनी पर कुछ आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिये। जर्मनी को युद्ध से होने वाली क्षति की पूर्ति के लिए हरजाना देने के लिए बाध्य किया गया। मित्र राष्ट्रों के सैनिक और व्यापारिक जहाजों की क्षति के लिए जर्मनी को 1,600 टन भार वाले जहाज मित्र राष्ट्रों को देने पड़े। चीन, मिस, मोरक्को आदि देशों में जर्मनी के व्यापारिक अधिकार ले लिए गये। जर्मनी की नदियों, नहरों तथा बंदरगाहों को अंतर्राष्ट्रीय उपयोग के लिए मुक्त कर दिया गया।

प्रश्न 12.
नाजी पार्टी के उदय का कारण लिखें।
उत्तर :
नाजी पार्टी का संस्थापक एडोल्फ हिटलर प्रथम विश्वयुद्ध में जर्मन सेना का एक सैनिक था, लगभग पाँच वर्षो तक जहाँ-जहाँ भटकने के बाद हिटलर वर्कर्स पार्टी का सदस्य बन गया। शीघ्र ही वह अपनी प्रतिभा के कारण वर्कर्स पार्टी पर हावी हो गया और उसने उस पार्टी का नाम बदल कर ‘राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी” अथवा ‘नाजी पार्टी’ ‘रखा। हिटलर ने अपनी पार्टी की कुछ विशेष माँगों को जनता के सामने रखा और उनका प्रचार किया। उग्र राष्ट्रीयता हिटलर की नस-नस में भरी हुई थी। धीरे-धीरे लोग उसके समर्थक बनने लगे और नाजी पार्टी की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती गई तथा एक दिन हिटलर जर्मनी का चाँसलर (तानाशाह) बन गया और नाजी पाटी सत्ता में आ गई।

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प्रश्न 13.
द्वितीय विश्रयुद्ध के पहले औपनिवेशिक प्रतिद्वन्द्विता का संक्षिप्त इतिहास लिखें।
उत्तर :
औपनिवेशिक प्रतिद्वन्द्विता और अन्य राष्ट्रों की साम्राज्यवादी लिप्सा द्वितीय विश्व युद्ध का प्रमुख कारण था। इटली और जापान मित्र राष्ट्र संघ के पक्ष में थे, परन्तु उनको अधिक उपनिवेश नहीं मिले। इससे वे असंतुष्ट हो गए। 1920 ई० में इंग्लैण्ड, फ्रांस, अमेरिका, बेल्जियम और हालैण्ड ने सभी उपनिवेशों को आपस में बाँट लिया। जर्मनी, इटली और जापान के साम्राज्य विस्तार के लिए कोई जगह खाली नहीं बचा। अत: उन्होंने अपने साम्राज्य के विस्तार के लिए शांति की स्थिति को भंग कर अन्य राष्ट्रों पर आक्रमण किया जिससे युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रश्न 14.
राष्ट्र संघ की असफलता का कारण बतायें।
उत्तर :
राष्ट्रसंघ का मूल उद्देश्य विश्व में शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना था, किन्तु राष्ट्रसंघ की स्थापना के बाद ही कुछ ऐसी स्थितियाँ जड़ पकड़ने लगी जिनमें राष्ट्रों के निजी स्वार्थ प्रबल हो उठे तथा सारी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो उठी। जापान ने साम्राज्यवादी भावना से भर कर निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु मंचूरिया पर अधिकार कर राष्ट्रसंघ के अस्तित्व को पहला झटका दिया। विश्व-शांति के लिए संकल्पबद्ध राष्ट्रसंघ की असफलता तथा असमर्थता स्पष्ट हो गई। इटली द्वारा अबिसीनिया पर अधिकार की घटना ने स्थिति को अधिक गंभीर बना दिया क्योंकि तब राष्ट्रसंघ की दुर्बलता अधिक बढ़ गई। जर्मनी की साम्राज्य विस्तार नीति ने तो समूहिक सुरक्षा भावना को मानों सदा में लिए दफना दिया। इटली, जर्मनी और जापान को राष्ट्रसंघ नियंत्रित नहीं कर पाया। फलस्वरूप द्वितीय विश्वयुद्ध की संभावना दिन पर दिन बढ़ती गई।

प्रश्न 15.
द्वितीय विश्व युद्ध में लोकतंत्र की विजय कैसे हुई ?
उत्तर :
जिस प्रकार प्रथम महायुद्ध के परिणामस्वरूप राजतंत्र को लोगों ने नकार दिया; उसी तरह द्वितीय विश्व युद्ध का परिणाम यह हुआ कि अधिनायकतंत्र का अन्त हो गया। जर्मनी, इटली, जापान में प्रजातंत्र की मजबूत स्थिति स्थापित हुई। मित्र राष्ट्र प्रजातंत्र के लिए लड़ रहे थे। इसके विनाश को देखकर अधिनायकवाद से घृणा करने लग गये। आज भी अधिकतर देशों का रुझान प्रजातंत्र की तरफ ही है।

प्रश्न 16.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी का विभाजन हुआ, उसका संक्षिप्त इतिहास लिखें।
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध का एक प्रमुख परिणाम यह निकला कि जर्मनी दो भागों में बाँट दिया गया। अमेरिका, बिटेन व फ्रांस ने अपने द्वारा अधिकृत जर्मनी के तीनों पश्चिमी क्षेत्रों का एकीकरण करके 21 सितम्बर, 1949 को ‘ जर्मनी के संघीय गणतंत्र” (Federal Republic Germany) को जन्म दिया। इसे हम पश्चिमी जर्मनी कहते है। यहाँ पूँजीवादी अर्थव्यवस्था थी। 7 अक्टूबर, 1949 को जर्मनी के रूसी क्षेत्र में ‘ जर्मन प्रजातंत्रात्मक गण्राजाज्य” (German Democratic Republic) अथवा पूर्वी जर्मनी की स्थापना हुई एवं यह साम्यवादी विचारधारा वाला देश बना। जर्मनी को बर्लिन की दीवार बनाकर इसका विभाजन किया गया।

प्रश्न 17.
शीत युद्ध से आप क्या जानते हैं ?
उत्तर :
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका व सोवियत रूस में शीत युद्ध प्रारम्भ हुआ। बारूद के गोले-गोलियों से लड़े जाने वाले युद्ध के स्थान पर कागज के गोले, अखबारों, रेडियो व दूरदर्शन एवं भाषणों में एक दूसरे पर आरोप व प्रत्यारोप द्वारा नई तरह की लड़ाई शुरू हुई। इतिहास में इसे शीत युद्ध कहा गया। विरोधी राष्ट्रों के बीच कूटनीतिक सम्बन्ध बने रहते हैं किन्तु पारस्परिक व्यवहार शब्रुतापूर्ण होती है । उदाहरण के तौर पर वर्तमान में भारत व पाकिस्तान के बीच यह बात देखने को मिलती है।

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प्रश्न 18.
फासीवाद आक्रमण ने कैसे द्वितीय विश्रयुद्ध को आवश्यक बना दिया ?
उत्तर :
इटली और जर्मनी के तानाशाहों ने स्पेन के गृह युद्ध में जनरल फ्रैंको की सहायता की। फ्रैंको ने सेन में अधिनायकतंत्र की स्थापना की। इन सभी तानाशाहों ने विश्व के देशों को युद्ध की ज्वाला में झोक दिया।

पेरिस के शान्ति सम्मेलन की समाप्ति पर विश्व की महाशक्तियों ने यह आसक्ति व्यक्त की थी कि भविष्य में पुरानी बुटियों को दुहराया नहीं जाएगा और विश्व शान्ति भंग नहीं होगी, किन्तु ये सभी आशाएँ मिथ्या सिद्ध हुई । प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जो घंटनाचक्र चला, वह विश्व को दूसरे महायुद्ध की ओर ले गया। फ्रांस द्वारा जर्मनी से क्षतिपूर्ति वसूलने की कठोर नीति, विश्वघाती आर्थिक मंदी, जापान की साप्राज्यवादी नीति, मुसोलिनी की साम्माज्यवादी लिप्सा और जर्मनी के हिटलर की तानाशाही मनोवृत्ति आदि ने सन् 1919 में स्थापित अन्तर्राष्ट्रीय व्यवस्था को घातक आघात पहुँचाया, इंग्लैण्ड की तुष्टीकरण नीति ने भी आक्रामक शक्तियों को बढ़ावा दिया।

फलस्वरूप अन्तर्राष्ट्रीय स्थिति क्रमशः युद्ध की दिशा में बढ़ गई और सन् 1936 के बाद द्वितीय विश्वयुद्ध के बादल मँडराने लगे। 1 सितम्बर, 1939 ई० को महायुद्ध का विस्फोट हो गया। प्रथम विश्वयुद्ध के 20 वर्ष बाद जर्मनी द्वारा पोलैण्ड पर आक्रमण से द्वितीय विश्वयुद्ध का आरम्भ हो गया-।

प्रश्न 19.
राष्ट्र संघ की व्यर्थता ने कैसे द्वितीय विश्वयुद्ध को आवश्यक बना दिया ?
उत्तर :
विश्व सुरक्षा के विकास के निमित्त स्थापित राष्ट्रसंघ में कई वैधानिक दोष थे। प्रत्येक राष्ट्र राष्ट्रसंघ का प्रयोग अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए करना चाहता था। राष्ट्रसंघ जापान, इटली और जर्मनी के आक्रामक कार्यवाही को न रोक सका और न ही यह नि:शस्त्रीकरण की दिशा में कोई ठोस कार्य कर सका । राष्ट्रसंघ पर से राष्ट्रों का विश्वास उठने लगा और यह संस्था मृत प्राय हो गयी।

प्रश्न 20.
द्वितीय विश्व-युद्ध की प्रमुख घटनाओं का वर्णन करो।
उत्तर :
औपनिवेशिक साम्राज्यों का आर्थिक कुप्रभाव ब्रिटेन एवं फ्रांस पर इतना हुआ कि बिटेन एवं फ्रांस को एशिया एवं अफ्रीका के कई उपनिवेशों को स्वतंत्र करना पड़ा। बिटेन की शक्ति पूर्व की अपेक्षा कम हो गयी तब विश्व के अन्य देशों में नेतृत्व प्रदान करने की प्रतिस्पर्द्धा बढ़ी। इस क्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका तथा साम्यवादी रूस में विश्व नेतृत्व की महात्वाकांक्षा ने घर कर लिया। धीरे-धीरे विश्व का राजनीतिक नेतृत्व इन्हीं दोनों के हाथों में चला गया। इस विश्व युद्ध में पराजय के बाद जर्मनी, जापान और इटली की शक्ति समाप्त हो गयी। इस प्रकार अब अमेरिका एवं रूस ही विश्व के दो शक्तिशाली राष्ट्र बन गये जिनमें एक अर्थात् रूस साम्यवाद का संरक्षक बना तथा दूसरा अमेरिका पूँजीवादी लोकतंत्र का।

प्रश्न 21.
बताएं कि किस प्रकार द्वितीय विश्वयुद्ध वास्तव में एक विश्वयुद्ध था ?
उत्तर :
1941 ई० की महत्वपूर्ण घटनाओं जर्मनी का सोवियत रूस पर आक्रमण, पर्ल-हार्बर पर जापानी आक्रमण और संयुक्त राज्य अमेरिका के युद्ध में प्रवेश ने युद्ध को वास्तविक अर्थों में एक विश्वयुद्ध बना दिया। जिस दिन पर्ल-हार्बर पर आक्रमण किया गया उसी दिन शंघाई, हांग-कांग, मलाया और सिंगापुर पर भी बम वर्षा की गई। अब युद्ध यूरोप और अफ्रीका तक ही सीमित नहीं रहा अपितु, एशिया, अमेरिका और प्रशान्त महासागर में भी फैल गया। दूसरी ओर धुरी राष्ट्रों के मित्र उनके पक्ष में युद्ध के मैदान में उतर आए। इस प्रकार युद्ध की लपटें सम्पूर्ण विश्व में फैल गई और युद्ध करने वाले स्पष्ट: दो पक्षों में विभक्त हो गए। इसी समय बिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ ने फासीवादी शक्तियों का सफलतापूर्वक विरोध करने के लिए एक गठबन्धन स्थापित किया जिसे चर्चिल ने ‘महान गठबंधन’ का नाम दिया।

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प्रश्न 22.
उग्र राष्ट्रवाद् बनाम अन्तर्राष्ट्रीयवाद की व्याख्या करें।
उत्तर :
उग्र राष्ट्रवाद, विशेष रूप से आर्थिक राष्ट्रवाद, द्वितीय विश्वयुद्ध का एक आधारभूत कारण था। विशेषकर, 1929 ई० के बाद राष्ट्र की शक्ति एवं गौरव की वृद्धि अधिकांश देशों का लक्ष्य बन गया। मुसोलिनी ने ‘राष्ट्र की महानता की कल्पना’ प्रस्तुत करके इटली में उग्र राष्ट्रवाद का जन्म दिया। इसी प्रकार हिटलर ने ‘सर्वश्रेष्ठ प्रजाति’ की भावना को राष्ट्र की महानता का आधार बनाया। द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात् अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग की भावना का राजनीतिक क्षेत्र में इतना विकास नहीं हुआ, जितना कि अराजनीतिक क्षेत्र में। राजनीतिक क्षेत्र में विश्व के अधिकतर देश दो विरोधी गुटों में बंट गये। अराजनीतिक क्षेत्र में संसार की महाशक्तियों में सहयोग दिखलाई दिया। खाद्याभाव, अविकसित देशों का विकास, बीमारियाँ रोकना आदि समस्याओं को सुलझाने में संसार के सभी देशों ने एक दूसरे का साथ दिया। अराजनीतिक क्षेत्र में अन्तरांट्ट्रीय सहयोग का नई दिशाओं में विकास हुआ।

प्रश्न 23.
जनसंख्या वृद्धि किस प्रकार द्वितीय विश्वयुद्ध के लिये उत्तरदायी थी ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद में होनेवाली संधियों द्वारा भूमि अथवा उपनिवेशों का जो बँटवारा हुआ था, वह किसी निश्चित तर्क संगत आधार पर नहीं हुआ था। इसके फलस्वरूप जर्मनी, जापान और इटली की बढ़ती हुई जनसंख्या हेतु निवास योग्य स्थान नहीं मिल पा रहा था। दूसरी ओर इंगलैण्ड, अमेरिका, रूस और फ्रांस के पास इतनी अधिक भूमि नहीं थी कि वे अपनी जनसंख्या से अधिक लोगों को आश्रय देने और उनका भरण-पोषण करने में समर्थ हों। सन् 1830 से 1930 ई. के बीच इटली के एक करोड़ लोग अपना घर-द्वार छोड़ कनाडा, लैटिन अमेरिका और नई दुनिया में जा बसे।

इसी बीच 20 लाख जर्मन निवासी अमेरिका में जा बसे। कई यूरोपवासियों को अमेरिका में बसने नहीं दिया गया अत: वे ब्रिटेन शासित राज्यों तथा लैटिन अमेरिका में बस गये। किन्तु ब्रिटिश राज्यों में एशिया और अफ्रीका वासियों को प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस भेदभाव से जापान अत्यधिक क्रोधित हो उठा तथा भावी राजनीति में जापान ने जर्मनी तथा इटली के साथ संयुक्त धुरी शक्ति के गठन में सहयोग दिया। ब्रिटेन, फ्रांस, रूस आदि के विरुद्ध द्वितीय विश्वयुद्ध में प्रमुख विरोधी धुरी शक्ति (Axis Power) के सहयोगी जापान ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया।

प्रश्न 24.
इंगलैण्ड की तुष्टीकरण की नीति की व्याख्या करो।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात् पेरिस की शांति संधियों की व्यवस्था बनाये रखने का दायित्व मुख्यतः फ्रांस और ब्रिटेन पर आ गया था। वर्साय की संधि के पश्चात् क्षतिपूर्ति, सामूहिक सुरक्षा तथा निरस्त्रीकरण आदि के सम्बन्ध में दोनों राष्ट्रों के अन्तर्विरोध बढ़ गये थे। फ्रांस, जर्मनी के विरुद्ध कठोर नीति अपनाने का पक्षधर था किन्तु ब्रिटेन जर्मनी से पूर्ण सहनुभूति रखता था। ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और इटली तीनों के प्रति तुष्टीकरण की नीति का पालन कर रहा था।

बिंटेन अपने व्यापार की वृद्धि के लिये जर्मनी का औद्योगिक पुनर्निर्माण आवश्यक समझता था, क्योंकि जर्मनी में बिटेन की वस्तुओं की अच्छी खपत थी। बिटेन का यह भी उद्देश्य था कि जर्मनी को रूसी साम्यवाद के खिलाफ रखे, अत: वह जर्मनी के पुन: शस्त्रीकरण में भी सहयोग दे रहा था।

बिटेन की इटली के प्रति तुष्टीकरण की नीति का भी एक स्वार्थपूर्ण उद्देश्य था। बिटेन अपने विश्वव्यापी साम्राज्य और अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा के लिये भूमध्य सागर के क्षेत्र और सुदूर पूर्व को खतरों से बचाये रखना चाहता था। पूर्वी एशिया में जहाजी बेड़े के सुरक्षित आवाजाही हेतु इटली की मित्रता और भूमध्यसागर के क्षेत्र में शांति आवश्यक थी।

सन् 1938 में जब जर्मनी ने ऑस्ट्रिया का अतिक्रमण किया तब इंगलैण्ड और फ्रांस ने स्वार्थवश विरोध नहीं किया। ब्रिटेन की तुष्टीकरण नीति की विफलता एक दिन पूर्णतः स्पष्ट हो गयी।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 5 20वीं सदी में यूरोप

Detailed explanations in West Bengal Board Class 9 History Book Solutions Chapter 5 20वीं सदी में यूरोप offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 9 History Chapter 5 Question Answer – 20वीं सदी में यूरोप

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
रूसी साम्राज्य को ‘राष्ट्रों का कारागार’ किसने कहा था ?
उत्तर :
लेनिन ने।

प्रश्न 2.
लियोन त्रात्सकी कौन थे ?
उत्तर :
1905 ई० की क्रान्ति के नेता।

प्रश्न 3.
रूस में जारशाही का अंत किस क्रान्ति के द्वारा हुआ ?
उत्तर :
बोल्शोविक क्रान्ति द्वारा।

प्रश्न 4.
बोल्शेविक क्रान्ति का नेता कौन था ?
उत्तर :
लेनिन।

प्रश्न 5.
1789 ई० की क्रान्ति कहाँ हुई थी ?
उत्तर :
फ्रांस में हुई थी।

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प्रश्न 6.
1917 ई० की क्रान्ति किस देश में हुई थी ?
उत्तर :
रूस में।

प्रश्न 7.
सोवियत समाजवादी गणतंत्र संघ (यू.एस.एस.आर.) की नीतियाँ क्या थीं ?
उत्तर :
‘हरेक से उसकी क्षमता के अनुसार हरेक से उसके नाम के अनुसार समाजवादी आदर्श को साकार बनाना।

प्रश्न 8.
राष्ट्र संघ की स्थाप्पना किसने की ?
उत्तर :
अमेरिका के राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने।

प्रश्न 9.
जार निकोलस द्वितीय कौन था ?
उत्तर :
बोल्शेविक क्रान्ति के समय रूस का जार।

प्रश्न 10.
टॉलस्टॉय कौन थे ?
उत्तर :
प्रसिद्ध ग्रथ War and Peace के लेखक तथा दार्शनिक।

प्रश्न 11.
‘विश्व-व्यापी-मंदी’ किसे कहते हैं ?
उत्तर :
‘विश्व-व्यापी-मंदी’ का तात्पर्य किसी देश के उत्पादन में अधिक वृद्धि जनसामान्य की क्रय शक्ति का समाप्त हो जाना तथा मुद्रा का मूल्य इत्यादि का गिरना होता है।

प्रश्न 12.
विश्व-व्यापी-मंदी से किन दो देशों पर प्रभाव नहीं पड़ा ?
उत्तर :
फ्रांस तथा रूस।

प्रश्न 13.
फ्रैंकलिन डी. रुजवेल्ट कब अमेरिका के राष्ट्रपति बने ?
उत्तर :
1933 ई० में।

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प्रश्न 14.
‘नई पेशकश’ (न्यू डील) किसे कहा जाता है ?
उत्तर :
अमेरिका के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी० रुजवेल्ट के नेतृत्व में बनायी गयी आर्थिक पुनर्रचना और सामाजिक कल्याण के एक कार्यक्रम को न्यू डील कहा जाता है।

प्रश्न 15.
औद्योगिक क्रान्ति किस देश में पहले हुई थी ?
उत्तर :
इंग्लैण्ड में।

प्रश्न 16.
बोल्शेविक दल के दो नेताओं के नाम लिखो।
उत्तर :
ट्राटस्की तथा स्टालिन।

प्रश्न 17.
‘द मदर’ नामक पुस्तक किसने लिखी ?
उत्तर :
मैक्सिम गोरों।

प्रश्न 18.
पोर्ट्समाउथ की संधि किसके-किसके बीच हुई थी ?
उत्तर :
रूस और जापान के बीच।

प्रश्न 19.
जोसेफ स्टालिन कौन थे?
उत्तर :
रूस का तानाशाह शासक था ।

प्रश्न 20.
‘फासिओ’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर :
लकड़ी का गट्ठर व कुल्हाड़ी अर्थात एकता व शक्ति ।

प्रश्न 21.
‘फासीवाद’ शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?
उत्तर :
इटालियन भाषा से ।

प्रश्न 22.
USSR का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर :
सोवियत समाजवादी गणतन्त्र संघ।

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प्रश्न 23.
आस्ट्रिया ने सर्बिया पर कब आक्रमण किया था ?
उत्तर :
28 जुलाई 1914 ई०।

प्रश्न 24.
बेनितो मुसोलिनी का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
मुसोलिनी का जन्म 1883 ई० को रोमाग्ना में हुआ था।

प्रश्न 25.
फांसिस्ट दलों के सैनिकों का पहनवा क्या था ?
उत्तर :
काले रंग की पोशाक।

प्रश्न 26.
एडोल्फ हिटलर का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
हिटलर का जन्म 20 अप्रैल 1889 ई० को आस्ट्रिया के ग्राम ब्रान्यु में हुआ था।

प्रश्न 27.
हिटलर जर्मनी का राष्ट्रपति कब बना ?
उत्तर :
1933 ई० में।

प्रश्न 28.
‘नरोदिक’ या ‘पापुलिस्ट’ किसे कहा जाता है ?
उत्तर :
रूस के समाजवादी नेता हर्जेन और चनीशिवेस्की के अनुयायियों को ‘नरोदिक’ या ‘पापुलिस्ट’ कहा जाता है।

प्रश्न 29.
वाइमर संविधान की घोषणा कब की गई ?
उत्तर :
1919 ई० में।

प्रश्न 30.
नाजी दल का मूल सिद्धान्त क्या था ?
उत्तर :
नाजी दल का मूल सिद्धान्त था ‘मनुष्य कुछ भी नहीं है जबकि राज्य सब कुछ है’।

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प्रश्न 31.
‘लाल सेना’ क्या थी ?
उत्तर :
लाल सेना’ रूस की बोल्शेविक पार्टी के स्वयं सेवकों का एक दल था।

प्रश्न 32.
फादर गोपेन कौन थे ?
उत्तर :
1905 ई० के रूसी क्रान्ति का नेता।

प्रश्न 33.
जापान के हाथों रूस कब पराजित हुआ था ?
उत्तर :
1905 ई० में।

प्रश्न 34.
फरवरी क्रान्ति कब हुई थी ?
उत्तर :
1917 ई० में।

प्रश्न 35.
टॉलस्टॉय ने कौन सी पुस्तकें लिखीं?
उत्तर :
युद्ध और शान्ति ।

प्रश्न 36.
स्पेन का गृहयुद्ध कब हुआ थां?
उत्तर :
17 जुलाई $1936-1939$ के बीच ।

प्रश्न 37.
14 सूत्री सिद्धान्त का जनक कौन था?
उत्तर :
वुड्रो, विल्सन।

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प्रश्न 38.
वुड्रो विल्सन किस देश के राष्ट्रपति थे ?
उत्तर :
अमेरिका के राष्ट्रपति थे।

प्रश्न 39.
राष्ट्र संघ कहां स्थापित था ?
उत्तर :
जेनेवा।

प्रश्न 40.
नाजीपार्टी की स्थापना किसने की थी ?
उत्तर :
हिटलर ने।

प्रश्न 41.
वाइमर गणतंत्र किस देश में स्थापित हुआ था ?
उत्तर :
जर्मनी में।

प्रश्न 42.
नई आर्थिक नीति किस नेता ने दी थी ?
उत्तर :
लेनिन ने।

प्रश्न 43.
रास पुटीन कौन था?
उत्तर :
रास पुटीन जर्मनी का एक धर्म सुधारक था ।

प्रश्न 44.
रूस में जारशाही का अन्त कब हुआ था?
उत्तर :
1917 ई० की रूसी क्रान्ति के बाद रूस में जारसाही शासन का अन्त हुआ था।

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प्रश्न 45.
प्रथम विश्व युद्ध का प्रारम्भ कब हुआ था?
उत्तर :
4 अगस्त, 1914 ई० को ।

प्रश्न 46.
ट्रिपल एलाएन्स में कौन-कौन से देश आते थे?
उत्तर :
जर्मनी, आस्ट्रिया, इटली एवं हंगरी आदि देश थे ।

प्रश्न 47.
ट्रिपल इस्टेंट में कौन-कौन से देश आते थे?
उत्तर :
ईग्लैंण्ड, फ्रांस, रूस आदि देश आते थे ।

प्रश्न 48.
आर्क ड्यूक किस देश का युवराज था?
उत्तर :
आस्ट्रिया ।

प्रश्न 49.
वर्साय की संधि किस देश को करनी पड़ी थी?
उत्तर :
जर्मनी को ।

प्रश्न 50.
फासिस्ट दल की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर :
23 फरवरी 1919 ई० में ।

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प्रश्न 51.
स्पेन का गृह युद्ध कब हुआ था?
उत्तर :
1921 – 1939 ई० में ।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
फरवरी की क्रान्ति किसे कहा जाता है ? जनता की चार महत्त्वपूर्ण मांगें क्या थीं ?
उत्तर :
फरवरी की क्रान्ति इसलिए कहा गया कि उन दिनों रूस का कैलेण्डर के अनुसार वह दिन 27 फरवरी था। अत: प्रथम क्रान्ति फरवरी में हुई थी।

प्रश्न 2.
लाल सेना (रेड आर्मी) के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
सोवियत संघ की स्थापना के बाद यह बढ़कर उस देश की राष्ट्रीय सेना बन गई और 1930 के दशक तक इतिहास की सब से बड़ी फौजों में से एक बन चुकी थी। उसे लाल सेना इसलिए कहा जाता था क्योंकि साम्यवाद का पारम्परिक रंग लाल है। 25 फरवरी 1946 को लाल सेना का नाम औपचारिक रूप से बदलकर ‘सोवियत सेना’ कर दिया गया।

प्रश्न 3.
जापान और रूस के बीच संघर्ष कब हुआ था ?
उत्तर :
जापान और रूस के बीच संघर्ष 1904-1905 ई० के बीच हुआ।

प्रश्न 4.
इटली में फॉसीवाद की स्थापना क्यों हुई थी ?
उत्तर :
इटली में फॉसीवाद की स्थापना होने के कारण थे प्रथम विश्वयुद्ध समाप्ति के बाद विजेता देशों द्वारा पराजित देशों का विभाजन कर लिया गया और इटली को बहुत कम प्रदेश मिले साथ ही साथ इटली की आर्थिक दशा बहुत दयनीय हो गई थी।

प्रश्न 5.
जर्मनी में नांजीवाद की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई ?
उत्तर :
वर्साय संधि की अपमानजनक शर्तों ने जर्मनों की राष्ट्रीय भावनाओं पर प्रबल आघात किया था। जनसामान्य के हृदय में संधि के प्रति प्रतिशोध की भावनाएँ विद्यमान थीं। हिटलर ने वर्साय संधि की सभी शर्तो को कुचलने तथा जर्मनी का पुनरुद्धार करने का आश्वसन दिया।

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प्रश्न 6.
रूस में 1919 में किस की हत्या कर दी गई थी तथा वह पेशे से क्या था ?
उत्तर :
रूस में 1919 ई० में रोमानोव वंश के जार शासक की पत्नी, पुत्र और चार पुत्रियों की स्थानीय अधिकारियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई।

प्रश्न 7.
रूस की क्रान्ति में कुछ दार्शानिकों की भागीदारी थी, उनके नाम बताएं।
उत्तर :
गोर्की, टालस्टाय, तुर्गनेव, डास्टावस्की, गोगोल आदि।

प्रश्न 8.
टॉलस्टॉय ने कौन सी पुस्तकें लिखीं ?
उत्तर :
टॉलस्टॉय ने ‘युद्ध और शांति’ (War and Peace) नामक पुस्तक लिखी।.

प्रश्न 9.
रासपुटिन कौन थे ?
उत्तर :
रासपुटिन जर्मनी से आये एक पाखंडी संन्यासी थे। उन्होंने रानी अलेक्जेण्डर को प्रभावित किया। देश के प्रशासन संचालन में कर्मचारी नियुक्ति आदि में उनका बहुत हस्तक्षेप था।

प्रश्न 10.
रूस की क्रान्ति कब और क्यों हुई थी?
उत्तर :
1917 ई० में निरकुश जारशाही शासन के विरुद्ध रूसी क्रान्ति हुई थी ।

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प्रश्न 11.
रूसी क्रांति के समय वहाँ का जार कौन था? वह किस वंश का था?
उत्तर :
जार निकोलस द्वितीय था । वह रोमोनाव वंश का था ।

प्रश्न 12.
‘त्रि राष्ट्र मैत्री संघ’ (Triple Entente) से आप क्या जानते हैं ?
उत्तर :
19 वीं सदी में यूरोपीय राष्ट्र उग्र राष्ट्रवादिता से ग्रस्त हाकर युद्ध के लिए प्रस्तुत हो रहे थे। यूरोप दो महान गुटों में बँट गया – जर्मनी-आस्ट्रिया-इटली की गुटबंदी ‘त्रि राज्य संघ’ (Triple Alliance) तथा इंग्लैण्ड-फ्फांस-रूस की गुटबंदी ‘त्रि राष्ट्र मैत्री संघ’ (Triple Entente) कहलायी।

प्रश्न 13.
महान आर्थिक मंदी और किस देश में पहले जानी गयी ?
उत्तर :
महान आर्थिक मदी जर्मनी, बिटेन, फ्रांस देश में पहले जानी गयी।

प्रश्न 14.
रूस की क्रान्ति कहाँ और किस जार के समय हुई थी?
उत्तर :
रूस की क्रान्ति लेनिनग्राड में जार निकोलस द्वितीय के समय हुई थी ।

प्रश्न 15.
त्रिशक्ति मैंत्री दल से आप क्या जानते हो?
उत्तर :
यूरोप में 1882 ई० में निर्मित त्रिगुट संघ के प्रतिक्रिया स्वरूप 1907 ई० में नव निर्मित संघ को त्रिशक्ति मैत्री दल कहते है ।

प्रश्न 16.
वर्साय की संधि किसने और कब मान ली?
उत्तर :
वर्साय की संधि 1919 ई० में जर्मनी ने मान ली ।

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प्रश्न 17.
हिटलर का पुरा नाम क्या था और कब जन्म हुआ था?
उत्तर :
हिटलर का पुरा नाम एड़ल्फ हिटलर था। इसका जन्म 20 अप्रैल, 1889 ई० में हुआ था।

प्रश्न 18.
नाजी पार्टी का पूरा नाम क्या था?
उत्तर :
नेशनल सोशालिस्ट दल था ।

प्रश्न 19.
किसने फासिस्ट दल की स्थापना की और कब ?
उत्तर :
मुसोलिनी ने 1919 ई० में फासिस्ट दल की स्थापना की थी ।

प्रश्न 20.
स्पेन का गृह युद्ध कब हुआ था और किसकी जीत हुई थी?
उत्तर :
1939 ई० में स्पेन का गृहयुद्ध हुआ था । इसमें फासीवादी जेनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको की जीत हुई थी ।

प्रश्न 21.
वाइमर सरकारा कब बनी तथा उसका नाम क्या था?
उत्तर :
1919 ई० में जर्मनी मे वाइमर सरकार बनी । इसका नाम वाइमर गणतन्त्र था । इसके प्रधान शासक विलियम कैंसर द्वितीय था ।

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प्रश्न 22.
राष्ट्र संघ से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
राष्ट्र संघ 1919 ई० में स्थापित किया गया जिसका उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर शान्ति और सुरक्षा को मोत्साहन देना था।

प्रश्न 23.
आर्थिक मन्दी का फ्रांस पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर :
फ्रांस की मुद्रा का मूल्य गिर गया। युद्ध के पहले फ्रैंक का मूल्य 12 आना था जो ढाइ आना हो गया।

प्रश्न 24.
आर्थिक मन्दी का रूस पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर :
आर्थिक संकट के दौरान यूरोपीय देश त्रस्त थे, परन्तु रूस ने इस समय औद्योगिक क्षेत्र में आश्चर्यजनक प्रगति की। पूंजीवादी देशों में बेराजगारी की बाढ़ आ गई, जबकि रूस में बेरोजगारी का अन्त हो गया था। अत: मध्यम वर्ग पूंजीवाद की अपेक्षा साम्यवाद की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहा था।

प्रश्न 25.
1933 ई० में अमेरिका का राष्ट्रपति कौन बना? ‘नई पेशकश’ (न्यूडील) किसे कहा जाता है ?
उत्तर :
फ्रेंकलिन डिलानो रुजवेल्ट अमेरिका का राष्ट्रपति बना।
राष्ट्रपति रूजवेल्ट के पदासीन होने के दो दिन वाद 6 मार्च 1933 ई० में कांग्रेस के आपातकालीन अधिवेशन में सभी आवश्यक विधेयक स्वीकार किया गया जो देश के वित्तीय, आर्थिक और सामाजिक हालत सुधारने के लिये अनिवार्य थे।

जो विधेयक पारित किये गये उन्हें दो वर्गो में रखा जा सकता है। इन दोनों ही प्रकार के विधेयकों को क्रमशः सहायता और पुनरुत्थान तथा सुधार और पुनर्निर्माण नाम दिया गया। इन दोनों को सामूहिक रूप से नया कार्यक्रम अथवा न्यू डील की संज्ञा दी गई।

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प्रश्न 26.
‘हुवर स्थगितकरण’ क्या है ?
उत्तर :
अमेरिका एवं विश्व में आर्थिक संकट (1929-33 ई.) की पृष्ठभूमि में इस संकट से दुनिया को मुक्त करने के लिये अमेरिकन राष्ट्रपति हरबर्ट क्लार्क हुबर (1929-33 ई.) ने घोषणा की कि 1 जुलाई, 1931 से आगामी एक साल के लिये विश्व के विभिन्न देशों को पारस्परिक क्षतिपूर्ति प्रदान एवं अमेरिकी ऋण शोध स्थगित रहेगा। यह घोषणा ‘हुवर स्थितिकरण’ के नाम से परिचित है।

प्रश्न 27.
फासिस्ट दर्शन का मूल मंत्र क्या था ?
उत्तर :
फासिस्ट दर्शन का मूल मंत्र सभी लोगों द्वारा आपसी सहयोग के आधार पर सामाजिक तथा राष्ट्रीय उन्नति करने का मौका मिले। इस व्यवस्था में सामूहिक इच्छा तथा शक्ति का प्रतिनिधित्व हो।

प्रश्न 28.
नाजीवाद और फासीवाद का उदय कब हुआ? इनके नेताओं के नाम बताएं।
उत्तर :
नाजीवाद और फासीवाद का उदय प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 1919 से 1922 के मध्य हुआ । नाजीवाद का नेता हिटलर तथा फासीवाद का नेता मुसोलिनी ।

प्रश्न 29.
वर्साय की संधि किसके बीच हुई? और कब हुई?
उत्तर :
वसार्य की संधि मित्र देशों और जर्मनी के बीच 1919 ई० में हुई ।

प्रश्न 30.
आर्थिक मन्दी क्या थी?
उत्तर :
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान व्यापक आर्थिक क्षति पहुँची जिसके कारण बेरोजगार और महँगाई बहुत बढ़ गई । पूरे विश्व में आर्थिक संकट छा गया। इसे ही आर्थिक मन्दी कहा जाता है ।

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प्रश्न 31.
नवीन आर्थिक नीति क्या थी?
उत्तर :
लेनिन ने बड़े उद्योगों की जगह छोटे उद्योगों को स्थापित करने तथा पूँजीपतियों को व्यक्तिगत सम्पत्ति रखने की जो छुट दी थी उसे आर्थिक नीति कहते है ।

प्रश्न 32.
खूनी रविवार से आप क्या समझते है?
उत्तर :
22 जनवरी, 1905 को रूस की जार सेना ने शांतिपूर्ण मज़दूरों तथा उनके बीबी-बच्चों के एक जुलूस पर गोलियाँ बरसाई, जिसके कारण हजारों लोगों की जान गई। इस दिन चूँकि रविवार था, इसलिए यह खूनी रविवार के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 33.
यूरोप के इतिहास में 1917 ई. का महत्व क्या है ?
उत्तर :
यूरोप के इतिहास में 1917 ई. का महत्व यह है कि इस वर्ष –

  1. रूस में जारतंत्र का पतन हुआ।
  2. रूस में लेनिन के नेतृत्व में नवम्बर क्रांति सफल हुई।
  3. रूस ने विश्व में समाजवादी देश के रूप में स्वयं को घोषित किया।

प्रश्न 34.
नयी अर्थनैतिक नीति (NEP) क्या है ?
उत्तर :
बोल्शेविक क्रांति (1917 ई.) के बाद रूस में कृषि एवं शिक्षा के क्षेत्र में निम्न स्तर देखकर वास्तववादी राष्ट्रवादी लेनिन, विशुद्ध समाजतंत्र से थोड़ा हटकर नयी आर्थिक नीति (NEP) की घोषणा (1921 ई.) की। इसे नयी आर्थिक नीति के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 35.
लेनिन ने अपनी नयीं आर्थिक नीति (NEP) में क्या कहा है ?
उत्तर :
लेनिन की नयी आर्थिक नीति में कहा गया है कि –

  1. किसानों के अतिरिक्त फसलों को सरकार नहीं लेगी।
  2. सरकारी जमीन पर किसानों का मालिकाना रहेगा।
  3. छोटे एवं मझोले उद्योगों में व्यक्ति विशेष मालिकाना रहेगा।
  4. विदेशी व्यापार सरकार के अधीन रहने पर भी आन्तरिक उद्योगों में व्यक्ति का मालिकाना रहेगा।

प्रश्न 36.
मोरक्को संकट क्या था ?
उत्तर :
इंग-फ्रांसीसी समझौता (1904 ई.) द्वारा अफीका के उत्तर-पश्चिम में अवस्थित खनिज सम्पदा समृद्ध एवं मुस्लिम जाति बहुल मोरक्को में फ्रांस का शासन स्थापित हुआ। जर्मन कैसर द्वितीय विलियम इसका प्रतिवाद करके खुद को मोरक्को के मुसलमानों का रक्षक घोषणा की एवं वहाँ के तांजियान बंदरगाह पर उपस्थित हुए। फलस्वरूप फ्रांस एवं जर्मनी में युद्ध का माहौल बन गया। यही मोरक्को संकट के नाम से परिचित है।

प्रश्न 37.
अगादीर की घटना क्या है ?
उत्तर :
1911 ई. में अफ्रीका के मोरक्को की राजधानी फेजशहर में उपजातियों द्वारा एक विद्रोह में कुछ यूरोपियनों की मृत्यु हुई। इस घटना को लेकर फ्रांस द्वारा फेजशहर को दखल करने पर जर्मनी ने इसका प्रतिवाद किया एवं वहाँ के अगादीर बन्दरगाह पर पैंथर नामक एक युद्धक जहाज भेजा। फ्रांस के समर्थन में इंगलैण्ड ने वहाँ पर एक युद्धक जहाज भेज दिया। फलस्वरूप युद्ध की परिस्थिति बन गयी। यह घटना ‘अगादीर संकट’ के’ नाम से परिचित है।

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प्रश्न 38.
प्रथम विश्वयुद्ध के प्रमुख रणक्षेत्र कौन-कौन थे ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के प्रथम रणक्षेत्र दो थे –
(i) पश्चिम रणक्षेत्र जहाँ जर्मनी के पश्चिमी सीमान्त पर फ्रांस- बेल्जियम युद्ध हुआ।
(ii) पूर्व रणक्षेत्र जहाँ रूस के साथ जर्मनी का युद्ध हुआ।

प्रश्न 39.
प्रथम विश्वयुद्ध में व्यवहार किये गये कुछ हथियारों के नाम लिखो।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध में विभिन्न भयानक हथियारों का व्यवहार हुआ। इनमें बमवर्षक हवाई जहाज, टैक, तोप, बम, विषेली गैस, पनडुब्बी आदि थे।

प्रश्न 40.
प्रथम विश्वयुद्ध में जन-धन की क्षति का ब्यौरा दें।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध में कम-से-कम 56 करोड़ लोगों की भोड़ थी। इनमें से 13 करोड़ लोग मारे गये एवं 22 करोड़ लोग गम्भीर रूप से घायल हुए। इस युद्ध में कुल खर्च प्राय: 27 करोड़ डॉलर था।

प्रश्न 41.
पेरिस शांति सम्मेलन में भाग लेने वाले देश कौन थे ?
उत्तर :
पेरिस शांति सम्मेलन में 32 देशों ने भाग लिया था। मुख्यत: चार वृहद शक्तिशाली देशों के राष्ट्रपति ने इस सम्मेलन के नीति निर्धारण एवं कार्य-संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका का पालन किया। ये हैं-

  • अमेरिका के राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन
  • इंगलैण्ड के प्रधानमंत्री लाएड जार्ज
  • फ्रांस के प्रधानमंत्री क्लेमांशु एवं
  • इटली के प्रधानमंत्री विट्ठोरियो अर्लेण्डो।

प्रश्न 42.
चौदह सूत्री सिद्धान्त क्या है ?
उत्तर :
विश्व में स्थायी शान्ति स्थापना एवं गणतंत्र की रक्षा के उद्देश्य से अमेरिका के राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन द्वारा 8 जनवरी, 1918 को अमेरिकन कांग्रेस में जो सुनिर्दिष्ट शर्तो की घोषणा की गयी वही 14 सूत्री सिद्धान्त के नाम से परिंचित है।

प्रश्न 43.
वर्साय संधि की तीन भौगोलिक शर्तों का उल्लेख करो।
उत्तर :
वर्साय संधि की तीन भौगोलिक शर्ते हैं-

  1. जर्मनी के पास से फ्रांस को आल्पास एवं लौरेन लौटाना होगा।
  2. पोलैंड के साथ समुद्री पथ पर संपर्क के लिये जर्मनी के भीतर में पोलिश कॉरीडार नाम से एक रास्ता देना होगा।
  3. जर्मनी की कोयला समृद्ध सार अंचल आगामी 15 वर्षो के लिये फ्रांस को देना होगा।

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प्रश्न 44.
वर्साय संधि की तीन सामरिक शर्तों का उल्लेख करो।
उत्तर :
वर्साय संधि की तीन सामरिक शर्ते थीं –

  1. जर्मनी के स्थल, जल एवं वायुसेना को भंग कर देना होग।
  2. जर्मनी की सैन्य संख्या 1 लाख तक ही रखनी होगी।
  3. जर्मनी के युद्धक जहाजों को इंग्लैण्ड को देना होगा।

प्रश्न 45.
वर्साय संधि की तीन आर्थिक शर्तों का उल्लेख करो।
उत्तर :
वर्साय संधि की तीन प्रमुख आर्थिक शर्ते थीं-

  1. जर्मनी को क्षतिपूर्ति बावत 660 करोड़ पौण्ड देना होगी।
  2. जर्मनी का कोयला समृद्ध सार अंचल आगामी 15 वर्षों के लिये फ्रांस को मिलेगा।
  3. जर्मनी के बाजारों में मित्र देशों के उत्पाद बिक्री करने का अधिकार देना होगा।

प्रश्न 46.
1929 ई. की आर्थिक महामंदी क्या है ?
उत्तर :
1929 ई. में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में भयानक अर्थनैतिक संकट का दौर आरंभ हुआ एवं यह शीघ्र ही पूरी दुनिया में फैल गया। यह संकट आर्थिक महामंदी नाम से परिचित है। यह मंदी 1929-33 ई. तक जारी रही।

प्रश्न 47.
द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले हिटलर ने किन स्थानों को दखल किया था ?
उत्तर :
द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले जर्मन चांसलर हिटलर सार अंचल (1935 ई.), राइनलैण्ड (1936), ऑस्ट्रिया (1938 ई.) तथा चेकोस्लोवाकिया (1938 ई.) आदि स्थानों पर दखल किया। इसके बाद 1 सितम्बर, 1939 को पोलेण्ड पर आक्रमण करने से यूरोप में द्वितीय विश्वयुद्ध का बिगुल बज गया।

प्रश्न 48.
जार प्रथम निकोलस के दो महत्वपूर्ण अवदानों का उल्लेख करो।
उत्तर :
जार प्रथम निकोलस के दो महत्वपूर्ण अवदान हैं-
1. रूस के लिये नया कानून संहिता बनाना।
2. रूस में औद्योगिक विकास की तरफ ध्यान देना।

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प्रश्न 49.
अमेरिका प्रथम विश्वयुद्ध में शमिल क्यों हुआ ?
उत्तर :
जर्मनी की पनडुब्बी विश्वयुद्ध में बहुत तहलका मचा रही थी। अत्: अमेरिका ने जर्मनी को पनडुब्बियों का प्रयोग रोकने की चेष्टा की लेकिन उसने अमेरिका के कई जहाजों को डूबो दिया। फलस्वरूप अमेरिका, मित्र देशों की ओर से युद्ध में शामिल हो गया।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 4 MARKS

प्रश्न 1.
रूस की कान्ति के परिणाम क्या थे ?
उत्तर :
निरकुशतंत्र का पतन और अभिजात वर्ग तथा चर्च की शक्ति का विनाश रूसी क्रान्ति की आरंभिक उपलब्धियाँ थीं। दुनिया के पहले समाजवादी समाज का निर्माण इसकी दूसरी उपलब्धि थी। जार के साम्माज्य की जगह अब सोवियत समाजवादी गणतंत्र संघ (यू०एस०एस०आर०) नाम की एक नई राजसत्ता ने ले ली । उत्पादन में निजी सम्पत्ति समाप्त कर दी गई तथा उत्पादन की प्रणाली को निजी मुनाफे के लिए चलाना समाप्त हो गया। चालक शक्ति का उन्मूलन हो गया। 19 वीं सदी में यूरोप का औद्योगिक विकास पूँजीवादियों की व्यक्तिगत पहलकदमी का परिणाम था। सोवियत संघ में औद्योगीकरण का काम राज्य ने पंचवर्षीय योजनाओं के द्वारा अपने हाथ में ले लिया।

प्रश्न 2.
कान्ति के समय वहाँ की राजनीतिक स्थिति क्या थी ?
उत्तर :
रूस की स्थिति लगभग वैसी ही थी जैसा कि 1789 ई० से पहले फ्रांस की थी। विश्व का विशाल देश रूस 18 करोड़ नागरिकों का देश था। यहाँ का राजा जार निकोलस द्वितीय स्वेच्छाचारी और निरकुश था । जो अपने कृपापात्र. दरबारियों की सहायता से शासन का संचालन करता था। राजा दैवी अधिकार में विश्वास करता था और खुद को पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि मानता था। सम्राट की निरंकुश स्वेच्छाचारिता के प्रमुख स्तम्भ थे चर्च, कुलीन वर्ग, नौकरशाही, सेना, अशिक्षित जनता और दरबारियों का अनुचित प्रभाव। चर्च यह प्रचार करता था कि चूँकि राजा पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि है इसलिए नागरिकों को उसकी आज्ञा का पालन करना चाहिए।

प्रश्न 3.
राष्ट्रसंघ या लीग ऑफ नेशन्स की स्थापना के विषय का उल्लेख करो।
उत्तर :
राष्ट्रसंघ की स्थापना : प्रथम विश्वयुद्ध के अन्त के बाद युद्ध में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के नेताओं ने पृथ्वी पर शान्ति स्थापना के उद्देश्य से एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन की जरूरत को महसूस किया।
विल्सन का चौदह सूत्री सिद्धांत : अमेरिकी राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन 8 जनवरी, 1918 ई० को अपने प्रसिद्ध चौदह सूत्री सिद्धान्तों की घोषणा की। इस घोषणा के 14 वें शर्त में उन्होंने राष्ट्रसंघ की स्थापना का प्रस्ताव दिया।
प्रस्ताव ग्रहण : युद्ध के बाद पेरिस की शान्ति सम्मेलन में विल्सन का प्रस्ताव गृहीत हुआ। राष्ट्रसंघ के गठन का प्रस्ताव वर्साय संधि की शर्तों के साथ युक्त हुआ।
लीग आफ कवेनान्ट : राष्ट्रसंघ प्रतिष्ठा एवं उसकी नियमावली रचना के उद्देश्य से पेरिस सम्मेलन में विल्सन की अध्यक्षता में एक कमिटी का गठन हुआ। इस कमिटी ने लीग ऑफ कवेनान्ट या लीग का समझौता नाम से राष्ट्रसंघ का एक ड्राफ्ट संविधान तैयार किया।
राष्ट्रसंघ का गठन : कुछ संशोधन के बाद राष्ट्रसंघ का संविधान 1917 ई. के 28 अप्रैल के पेरिस शान्ति सम्मेलन में गृहीत हुआ। इसी से इस दिन को राष्ट्रसंघ की प्रतिठा दिवस के रूप में समझा जाता है। 10 जनवरी, 1920 को राष्ट्रसंघ का प्रथम अधिवेशन हुआ।

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प्रश्न 4.
स्पेन के गृहयुद्ध की पृष्ठभूमि का वर्णन करो।
उत्तर :
स्पेन में गृहयुद्ध का सूत्रपात :
पापुलर फ्रंट का गठन : स्पेन में 1936 ई. में पापुलर फ्रंट नामक एक गठबंधन सरकार बनी। इस सरकार के विरोध में दक्षिणपंथी द्वारा देश में विभिन्न जगहों पर दंगे-फसाद किये गये।
सामरिक वाहिनी का गुस्सा : विश्रृखला की पृष्ठभूमि में संरकार ने बहुत से सैनिक कर्मचारियों को बर्खास्त, बदली, छँटनी आदि कर दिया। जनरल फ्रैंको को कैनारी द्वीपसमूह में भेजने पर सामरिक विभाग का गुस्सा और बढ़ गया।
विद्रोह : दक्षणपपथी विभिन्न दल, जमीदार, बुर्जुआ, पादरी वर्ग आदि ने क्षुब्ध सैनिकों का समर्थन किया। मोरक्को में अवस्थित स्पेनी सैन्य वाहिनी ने 1936 ई. में विद्रोह कर दिया। इसका नेतृत्व देने के लिये फ्रैको मोरक्को जा पहुँचे।
गृहयुद्ध : स्पेन सरकार के विरुद्ध उपरोक्त विद्रोह में प्रजातंत्री, समाजतंत्री एवं कम्युनिस्ट वर्ग ने सरकार का समर्थन किया। दूसरी ओर फैलेनजिस्ट, नेशनलिस्ट, कार्लिस्ट आदि दक्षिणपंथी दल

प्रश्न 5.
स्पेन के गृह युद्ध के क्या परिणाम हुए ?
उत्तर :
स्पेन का गृहयुद्ध एक अन्तर्राष्ट्रीय घटना थी। इसने विश्व की राजनीति को भी प्रभावित किया। इस गृहयुद्ध के प्रारम्भ होते ही यूराप के दो विरोधी शिविरों में विभक्त होने के आसार नजर आने लगे थे। इटली, जर्मनी एवं पुर्तगाल स्पष्ट रूप से विद्रोहियों की सहायता कर रहे थे, जबकि रूस स्पेन की सरकार का समर्थक था। यदि रूस की अपील पर फ्रांस एवं इंग्लैण्ड भी इसमें हस्तक्षेप करते तो यूरोप उसी समय दो शिविरों में बँट गया होता। इस गृहयुद्ध के कारण रूस, इंग्लैण्ड एवं फ्रांस से नाराज हो गया। दूसरी ओर इस गृहयुद्ध के कारण इटली और जर्मनी एक-दूसरे के और करीब आ गये। इस गृहयुद्ध के कारण यूरोप में तानाशाहों का प्रभाव बढ़ा तथा राष्ट्र संघ कमजोर संस्था सिद्ध हुई।

प्रश्न 6.
विश्व युद्ध के परिप्रेक्ष्य में अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्ध पर प्रकाश डालें।
उत्तर :
प्रथम विश्व-युद्ध के विश्व की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक स्थिति पर गम्भीर प्रभाव हुए। नवीनतम हथियारों के प्रयोग के कारण देशों में आधुनिकतम हथियारों के आविष्कार के लिए प्रतिस्पर्धा होने लगी, इस युद्ध के परिणामस्वरूप प्रजातंत्र एवं राष्ट्रीयता की भावना का विकास हुआ। राष्ट्रीयता के आधार पर अनेक नवीन राज्यों का निर्माण हुआ। इंग्लैण्ड एवं फांस की शक्ति इस युद्ध के पश्चात् अत्यधिक बढ़ गयी तथा उनके राष्ट्रीय सम्मान में भी वृद्धि हुई। अमेरिका के राष्ट्रपति विल्सन ने शान्ति-स्थापना के लिए चौदह सिद्धान्तों का प्रतिपादन किया तथा शान्ति की सुरक्षा के लिए अन्तर्राष्ट्रीय संस्था राष्ट्र संघ की स्थापना हुई। इसी युद्ध के समय में रूस में साम्यवादी सरकार की स्थापना हुई तथा अमेरिका का विश्व के राजनीतिक क्षितिज पर प्रभाव बढ़ा। अत: कुछ ही वर्षो के उपरान्त पुन: एक अत्यन्त भयकर युद्ध की अग्नि प्रज्ज्वलित हो उठी, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध कहा गया। पूंजीपति, जमींदार, पादरी आदि ने जनरल फैंकों का समर्थन किया। इस तरह दोनों पक्षों में गृहयुद्ध आरंभ हो गया।

प्रश्न 7.
समकालीन विश्व का सामाजिक प्रभाव क्रान्ति से कैसे प्रभावित था ?
उत्तर :
रूसी क्रान्ति का प्रभाव विश्वव्यापी था। दूसरे देशों में भी वैसी ही क्रान्तियों के संगठन के लिए समाजवादी आंदोलन का अंतर्राष्ट्रीय आधार का गठन किया गया। पहली सफल समाजवादी क्रांति होने के कारण भविष्य पर रूसी क्रान्ति का प्रभाव पड़ना लाजमी था। पूरी दुनिया के लिए एक बिल्कुल नई सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था के आरंभ का प्रभाव अनुभव करना निश्चित था। दुनिया के अधिकांश देशों में कम्युनिस्ट पार्टियों की स्थापना हुई जो कम्युनिस्ट इन्टरनेशनल से संबद्ध थी। पहले विश्वयुद्ध के बाद समाजवादी आंदोलन मोटे तौर पर दो भागों – सोशलिस्ट पार्टियों और कम्युनिस्ट पार्टियों में बँट गया। प्रथम विश्वयुद्ध के बाद समाजवादी आंदोलन के प्रभाव का फैलना कुछ सीमा तक रूसी क्रान्ति का परिणाम है । समाजवाद की बढ़ती लोकप्रियता तथा सोवियत संघ में समाजवाद की सफलता के कारण लोकतंत्र को फिर से परिभाषित करने में सहायता मिली। जनता की दशा को सुधारने के लिए राज्य द्वारा संचालित आर्थिक योजना का विचार भी स्वीकार किया गया।

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प्रश्न 8.
विश्व शक्ति के रूप में अमेरिका कैसे आगे आया ?
उत्तर :
प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् अपनी विदेश नीति के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका विश्व की शक्ति-केन्द्र के रूप में उभरने लगा। संयुक्त राज्य अमेरिका वास्तव में प्रथम विश्वयुद्ध के समाप्त होने के समय तक वह दुनिया का सबसे धनी और ताकतवर देश बन चुका था। युद्ध ने यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भारी नुकसान पहुँचाया, पर इस काल में संयुक्त राज्य की अर्थव्यवस्था और भी मजबूत हुई। उसने अपार औद्योगिक प्रगति की और यूरोप में भारी मात्रा में पूँजी लगाने लगा।

प्रश्न 9.
स्पेन युद्ध पर भारत की प्रतिक्रिया को लिखें।
उत्तर :
राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि स्पेन का गृहयुद्ध मात्र फासीवाद एवं गणतंत्र के बीच ही संघर्ष नहीं है अपितु प्रतिक्रियावादी और प्रगतिशील शक्तियों के बीच संघर्ष है। नेहरू ने कहा कि हम पूर्ण रूप से गणतंत्र समर्थकों के साथ हैं। स्पेन की प्रजातांत्रिक सरकार को समर्थन देने के लिए इंग्लैण्ड में स्पेन-भारत समिति का गठन हुआ। 13 अक्टूबर, 1938 ई० को महात्मा गांधी ने सेन के प्रधान मंत्री को संदेश भेजाकि हम आपकी सफलता की कामना करते हैं।

प्रश्न 10.
नाजी और फासिस्ट के विचारों को लिखें।
उत्तर :
हिटलर की नाजी नीति थी –

  1. जर्मनी में नाजी दल को कानूनी घोषित कर दिया गया।
  2. यहूदी, जर्मनी से विवाह नहीं कर सकते और उन्हें नोकरियों से निकाल दिया गया।
  3. अजर्मन और यहुदियों को स्कूल और कॉलेजो से निकाल दिया गया और पाठ्य-पुस्तकों को नाजी विचारधारा को ध्यान में रखकर पुन: लिखा गया।
  4. जोसेफ गोबेलस जो कि एक दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर थे, उन्हें इस काम के लिए नियुक्त किया गया था।

फासिस्ट पार्टी का प्रमुख उद्देश्य –

  1. राज्य की सर्वोच्चता को बढ़ाना ।
  2. एक मजबूत वैदेशिक नीति का पालन करना जिससे विश्व में इटली महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सके।
  3. देश को साम्यवादी प्रभाव से बचाना।
  4. व्यक्तिगत सम्पत्ति और धन की रक्षा करना था।

प्रश्न 11.
अमेरिका में आर्थिक महामंदी की शुरुआत कैसे हुई थी ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति के एक दशक के बीच विशेषकर 1929 ई. में अमेरिका में एक भयावह अर्थनैतिक संकट शुरू हुआ जो आर्थिक महामंदी के नाम से परिचित है।
महामंदी का सूत्रपात :
अफवाह : सितम्बर, 1929 ई. में न्यूयार्क के वाल स्ट्रीट शेयर बाजार में-शेयरों की बिक्री में नुकसान होने पर अफवाह फैल गयी कि शेयर बाजार में जल्दी ही गिरावट आने वाली है, अत: अभी शेयर बेचने से अच्छा दाम नहीं मिलेगा।
शेयर बेचने की होड़ : आतंकित लोग शेयरों के भाव गिरने से पहले ही शेयर बेचने लगे। 28 अक्टूबर 1929 ई. (वृहस्पतिवार) को एक दिन में ही 30 मिलियन डॉलर मूल्य के शेयर बिक्री हो गये। इस दिन को ‘ब्लैक थर्सडे’ कहा जाता है।
निवेशकों को आंशंका : शेयर बाजार के टूटने के कारण बाजार में पर्याप्त धन लगाने वाला अमेरिकन बैंक आर्थिक नुकसान का शिकार हो गया। इसी से असंख्य लोगों ने बैंकों से अपना पैसा निकाल लिया।
दूटी हुई बैंकिंग प्रणाली : आतंकित लोगों द्वारा बैंकों से पैसा निकालने के लिये बैंकों के पास इतना पैसा नहीं था। फलस्वरूप 1929-32 ई. के बीच अमेरिका के 570 बैंक दिवालिया हो गये एवं अन्य 3500 बैंकों में लेन-देन बन्द हो गया।

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प्रश्न 12.
नाजीवाद के उत्थान के क्या कारण थे ?
उत्तर :
जर्मनों की जातीय परम्परा एवं चरित्र : हिटलर और उग्रवादी नाजी दल के उत्कर्ष का एक अन्य कारण – स्वय जर्मन जाति की परम्परा भी थी। जर्मनी जाति की स्वाभाविक सैनिक मनोवृत्ति अनुशासन एवं वीरपूजा (Hero Worship) की भावना ने हिटलर के उत्कर्ष के मार्ग को प्रशस्त किया। जर्मन जातियों को हिटलर के व्यक्तित्व के रूप में एक ऐसा व्यक्ति मिल गया जो उसका नेता अर्थात् फ्यूहरर (Fuhter) बन सकता था।

हिटलर का व्यक्ति एवं प्रचार कार्य : हिटलर और नाजीदल की शक्ति के विकास का सर्वाधिक प्रभावशाली कारण स्वयं हिटलर का व्यक्तित्व तथा उसके प्रचारमंत्री का कार्य था। हिटलर प्रचार के महत्व को समझता था। उसके प्रचार मंत्री डॉ॰ गोवल्स (Dr. Goebelis) के प्रचार सिद्धान्त का मूल उद्देश्य था कि ” झूूठी बात को इतना दुहराओं कि वह सच ही बन जाये।” हिंटलर के अद्भुत व्यक्तित्व और प्रचार कार्य के माध्यम से नाजियों ने जर्मन जनता के दिल पर सरलता से अधिकार कर लेने में सफलता प्राप्त की।

प्रश्न 13.
समकालीन विश्व के समाज, राजनीति एवं अर्थव्यवस्था पर रूसी क्रान्ति का क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर :
रूसी क्रान्ति ने समाजवादी व्यवस्था का जो आदर्श प्रस्तुत किया उसने विश्व के विभिन्न देशों को प्रभावित किया। इस क्रांति ने संसार भर के मजदूरों, किसानों तथा पराधीन देशों की शोषित जनता को जो आत्मबल प्रदान किया वह आज भी कायम है । आज जिन देशों में मजदूर अथवा कृषक-आंदोलन अधिकारों की माँग करते हैं उन सब पर रूसी क्रांति का परोक्ष प्रभाव स्पष्ट हो जाता है। रूस के आदर्श का अनुकरण कर विभिन्न देश व्यावसायिक की नीति अपना रहे हैं।

रूसी क्रांति ने आर्थिक क्षेत्र में समानता का नारा बुलन्द किया। इस क्रांति के फलस्वरूप रूस सहित अन्य देशों में कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया। परिणामस्वरूप यहाँ उत्पादन में वृद्धि हुई। रूस की अर्थनीति का अनुसरण कर औद्योगिक राष्ट्रों में पंचवर्षीय योजनाएँ लागू की गई जिससे वे समृद्ध देशों की श्रेणी में आ सकें।

प्रश्न 14.
नाजीवाद दल के उद्देश्य तथा सिद्धान्त क्या थे ?
उत्तर :
नाज़ीदल के नेता हिटलर ने जर्मनी को एकता, समृद्धि और अन्य राष्ट्रों के साथ समानता स्थापित करने के तीन महत्वपूर्ण अश्वासन दिए थे। नाज़ीदल के मुख्य उद्देश्य एवं सिद्धान्त इस प्रकार थे –

  1. भाज़ीवाद राज्य के हितों की सर्वोच्चता में विश्वास करता था।
  2. नाज़ीदल वर्साय संधि का घोर विरोधी था।
  3. नाज़ीदल मित्र राष्ट्रों द्वारा जर्मनी पर लगाए गए ‘युद्ध अपराध’ को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था। उसके अनुसार जर्मनी ने यह युद्ध आत्म-रक्षा के लिए किया था।
  4. नाज़ीदल विशाल जर्मनी का निर्माण करना चाहता था।
  5. नाज़ीदल यहूदियों को जर्मनी से बाहर निकाल देना चाहता था।
  6. नाज़ीदल एक दल, एक नेता और उसके अनियंत्रित शासन का समर्थक था।
  7. नाज़ीवाद का विश्वास था कि मनुष्य संघर्ष के द्वारा ही लक्ष्य को प्राप्त कर सकता था।

प्रश्न 15.
रूसी क्रान्ति का प्रभाव विश्व पर क्या पड़ा ?
उत्तर :
रूसी क्रांति ने संसार भर के मजदूरों, किसानों तथा पराधीन देशों की शोषित जनता को जो आत्मबल प्रदान किया वह आज भी कायम है। आज जिन देशों में मजदूर अथवा कृषक-आन्दोलन अधिकारों की माँग करते हैं उन सब पर रूसी क्रांति का परोक्ष प्रभाव स्पष्ट हो जाता है। आज विश्व के अनेक देश समाजवाद की ओर अग्रसर हो रहे हैं। चीन में भी साम्यवादी सरकार सक्रिय है। अत: आधुनिक विश्व में रूस के आदर्शों पर स्थापित समाजवादी गणतंत्र राष्ट्रों की शक्ति अपना अलग महत्व रखती है जिसने साम्राज्यवाद-पूँजीवाद के शोषण-उत्पीड़न से विश्व-जन-समुदाय को मुक्ति का सन्देश देकर अभयदान दिया है।

प्रश्न 16.
19 वीं सदी के रूस में जारशाही का परिचय दो।
उत्तर :
19वीं सदी के प्रारम्भ में रूस मध्ययुगीन चिन्ताधारा में जी रहा एक पिछड़ा देश था। उस समय रूस में जारतंत्र नामक एक स्वेच्छाचारी राजतंत्री का शासन चल रहा था।
रूस में जारतंत्र :
जारतंत्र का उद्भव : रूस का राजा चतुर्थ आइवन ने 1547 ई. में प्रथम जार उपाधि ग्रहण की। बाद में मिखाइल रोमानोव ने 1613 ई. में रूस में रोमानोव वंश की नींव डाली। इस वंश के राजाओं को जार (Tsar या Czar) एवं रानियों को जरिना (Czarina) कहा जाता था। इन जार एवं जरिना के शासन को ‘जारतंत्र’ के नाम से जाना जाता है।
अनग्रसरता : जारतंत्र अत्यंत पिछड़ी मध्ययुगीन शासन व्यवस्था थी। जारतंत्र के शासन में रूस की आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक अवस्था अन्धविश्वासी थी।
अत्याचार : जारशाही शासनकाल में जागीरदारों का प्रभुत्व था। इस समय रूस के $0 \%$ लोग भूमिदास थे। उनके दुख़-दर्द की कोई सीमा नहीं थी। जार की अत्याचारी सेना एवं गुप्त पुलिस वाहिनी उन पर तरह-तरह के जुल्म-अल्याचार करती थी।
प्रगतिशील कदम : जार पीटर द ग्रेट (1682-1726 ई.) ने विभिन्न प्रचेष्टाओं से रूसी संस्कृति को प्रगति के पथ पर लाने का प्रयास किया। इसी से उन्हें आधुनिक रूस का जनक कहा जाता है, किन्तु योग्य उत्तराधिकारी के अभाव के कारण उनकी चेष्टा व्यर्थ हुई।

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प्रश्न 17.
जारतंत्र के शासनकाल में रूस की सामाजिक अवस्था कैसी थी ?
उत्तर :
जारतंत्र के शासनकाल में रूस का समाज अत्यन्त पिछड़ा हुआ था। समाज में दो श्रेणी थी- धनी कुलीन वर्ग एवं शोषित व अवहेलित दरिद्र कृषकवर्ग। –
जारतंत्र के शासनकाल में रूस की सामाजिक अवस्था :
कुलीन-सामन्त वर्ग : रूस में कुलीन परिवार की संख्या केवल 1 लाख 40 हजार थी, किन्तु उनके अधीन विशाल जमींदारी, नौकर एवं असंख्य भूमिदास थें। उन्हें सीमाहीन वंश-मर्यादा, राजनैतिक अधिकार एवं विभिन्न सुखसुविधाएँ मिली थीं।
कृषक सम्रदाय : रूस की कुल जनसंख्या की $90 \%$ आबादी कृषक सम्पदाय थी। वे लोग मुख्यत: दो भागों में बँटे थे – स्वाधीन कृषक एवं भूमिदास। छोटे जमीन के मालिक प्राय: अपनी जमीन का मालिकाना बड़े जमींदारों को देकर उनके अधीन मजदूरी करते थे।
भूमिदास : रूस के अधिकांश किसान सार्फ या भूमिदास थे। उनकी संख्या प्राय: 5 कर्रोड़ थी। चरम शोषण से जर्जित भूमिदास जमींदारों के खेतों के पास गाँवों में रहते थे एवं उनकी गुलामी करते थे।
भूमिदासों का शोषण : भूमिदासों का चरम शोषण होता था। वे जमींदारों की व्यक्तिगत सम्पत्ति थे। उनका अपना कुछ भी नहीं था। वे लोग सप्ताह में कम-से-कम तीन दिनों तक जमींदारों के पास बेगारी किया करते थे। अनेक प्रकार के कर के द्वारा उनका हर तरह से शोषण होता रहता था।

प्रश्न 18.
1905 ई. की रूसी क्रांति की अग्रगति का परिचय दो।
उत्तर :
जार द्वितीय निकोलस (1894-1917 ई.) के शासनकाल में 1905 ई. में रूस में चारों ओर विद्रोह आरंभ हुआ जिससे जारतंत्र की नींव चरमरा गयी।
1905 ई. की क्रांति की अग्रगति :
क्रांति का आरंभ : रूस के सेंट पिद्सबर्ग में मजदूरों द्वारा अपने विभिन्न मांगों को लेकर 3 जनवरी, 1905 ई० को हड़ताल आरंभ किये जाने पर क्रांति की सूचना हुई।

खूनी रविवार : सेंट पिट्सबर्ग में प्राय: 6 हजार श्रमिकों का 9 जनवरी, (रविवार) को फादर गोपेन नामक एक पादरी के नेतृत्व में एक शान्तिपूर्ण जुलूस जार के महल की ओर अग्रसर हुआ। जार की पुलिस वाहिनी द्वारा इस जुलूस पर निर्विचार गोली चलाने से प्राय: एक हजार से अधिक मजदूर मारे गये एवं 2 हजार से भी अधिक मजदूर घायल हुए। यह घटना ‘खूनी रविवार’ के नाम से इतिहास में परिचित है।

क्रांति का विस्तार : ‘खूनी रविवार’ घटना की प्रतिक्रिया से सारे देश में हिंसात्मक आन्दोलन आरंभ हो गया। 5 लाख श्रमिक इस हड़ताल में शामिल हुए। राजनैतिक अधिकार की मांग को लेकर छात्र और बुद्धिजीवी सभी समर्थन में उतर पड़े। ग्राम के किसानों ने जमींदारों के घरों में आग लगा दी। सैन्यवाहिनी का एक हिस्सा भी विद्रोहियों में शामिल हेगया।

क्रांति की विफलता : विद्रोहियों के दबाव में आकर जार द्वितीय निकोलस ने शासन में सुधार की घोषणा की। जनता के मताधिकार के आधार पर पार्लियामेंट (ड्यूमा) गठित होने पर भी ड्यूमा के सदस्यों में विभिन्न विषयों पर विरोध होने से जार ने अपनी शक्ति बढ़ा ली। फ़लस्वरूप 1905 ई. की यह क्रांति विफल हो गयी।

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प्रश्न 19.
1917 ई. की रूसी क्रांति के विभिन्न चरणों का उल्लेख करो।
उत्तर :
रूस में 1905 ई. की क्रांति के विफल हो जाने पर 1917 ई. में बोल्शेविक पार्टी के नेतृत्व में क्रांति हुई। 1917 ई. की बोल्शेविक क्रांति के विभिन्न चरण :
इतिहासकारों ने 1917 ई. की रूसी क्रांति को दो चरणों में बाँटा है –
प्रथम चरण या मार्च महीने की कांति : रूस के नये.कैलेण्डर के अनुसार 1917 ई. के मार्च महीने में क्रांति का प्रथम चरण था। इस क्रांति के कारण रूस में जारशाही का पतन हुआ एवं बुर्जुआ वर्ग के नेतृत्व में प्रजातंत्र की स्थापना हुई। इस चरण में बुर्जुआ वर्ग ने अपनी स्वार्थ सिद्ध में क्रांति का व्यवहार किया, अतः यह बुर्जुआ गणतांत्रिक क्रांति के नाम से परिचित है।

द्वितीय चरण या नवम्बर क्रांति : रूस के नए कैलेन्डर के अनुसार नवम्बर, 1917 में हुई क्रांति का दूसरा चरण था। इस क्रांति के फलस्वरूप रूस के बुर्जुआ शासन को समाप्त कर समाजवाद के आदर्श में विश्वासी बोल्शेविक पार्टी द्वारा शासन क्षमता दखल कर देश में समाजतान्त्रिक सरकार की स्थापना हुई । यह समाजतांत्रिक क्रांति के नाम से परिचित है। इसके प्रमुख नेता लेनिन थे।

प्रश्न 20.
बोल्शेविक क्रांति ( 1917 ई.) में लेनिन की क्या भूमिका थी ?
उत्तर :
1917 ई. की नवम्बर क्रांति के फलस्वरूप रूस में बोल्शेविक पार्टी के नेतृत्व में ‘सर्वहारा एकनायकतंत्र’ की स्थापना हुई।
लेनिन की भूमिका :
क्षमता दखल : लेनिन का कहना था कि बोल्शेविकों की प्रचेष्टा से मार्च महीने में जारतंत्र की समाप्ति हुई है, अतः देश की राजनैतिक क्षमता बोल्शेविकों को मिलनी चाहिये। उन्होंने बोल्शेविकों को बुर्जुआ सरकार से क्षमता छीन लेने को कहा।
अप्रैल थिसिस : लेनिन बोल्शेविक कार्यकर्ताओं के सामने अपनी विख्यात ‘अप्रैल थिसिस’ की घोषणा करके मांग की कि किसानों के हाथ में जमीन, मजदूरों के हाथ में कल-कारखाने का दायित्व एवं सोवियत परिषद के हाथ में देश की बागडोर सौंप देनी होगी।
काम : लेनिन ने कहा कि क्षमता दखल के बाद बोल्शेविक पार्टी का काम होगा देश में शान्ति स्थापित करना, किसानों में जमीन का वितरण करना, उत्पादन एवं वितरण की व्यवस्था में राष्ट्रीय नियंत्रण तथा साधारण लोगों को लेकर देश में सर्वहारा एकनायकंतंत्र की स्थापना करना।
विपक्ष में मतभेद : बोल्शेविक के विरोधी विभिन्न दल, उपदल एवं मतादर्श में विभक्त होने के कारण वे लोग बहुत कमजोर थे। लोग भी बोल्शेविक विरोधियों को पसन्द नहीं करते थे। उनके विरोध एवं लोकप्रियता के अभाव ने बोल्शेविकों को शक्तिशाली बना दिया था।
अन्तर्राष्ट्रीय घटनाक्रम : यूरोप के विभिन्न राष्ट्र प्रथम विश्वयुद्ध में व्यस्त रहने एवं उसके बाद अपनी-अपनी समस्याओं में उलझे रहने के कारण रूसी क्रांति के समय जार की मदद नहीं कर पाये।

प्रश्न 21.
प्रथम विश्वयुद्ध में पराजित जर्मनी के आत्म-समर्पण की पृष्ठभूमि का उल्लेख करो।
उत्तर :
अक्षशक्ति का प्रमुख सदस्य जर्मनी प्रथम विश्वयुद्ध के प्रथम चरण में पर्याप्त सफलता पाने के कुछ बाद ही उसकी स्थिति बदल गयी।
जर्मनी का आत्मसमर्पण :
शान्ति स्थापना का परामर्श : ऑस्ट्रिया एवं बुल्गारिया के पतन के बाद जर्मन सम्राट कैसर द्वितीय विलियम को जर्मनी के सेनापति लुडेनडर्फ ने मित्र शक्तियों के साथ शान्ति वार्ता का परामर्श दिया।
पराजय : जर्मनी के लगातार युद्धों में रहने के कारण उसकी शक्ति क्रमशः दुर्बल होने लगी। इसी बीच अमेरिका द्वारा विशाल आर्थिक एवं सामरिक शक्ति लेकर मित्र देशों के पक्ष में युद्ध में शामिल होने पर युद्ध का पासा पलट गया। जर्मनी लगातार पराजित होने लगा।
कैसर का पतन : जर्मनी की गणतान्त्रिक पार्टी द्वारा कैसर द्वितीय विलियम के विरुद्ध तीव्र विद्रोह शुरू करने पर कैसर का पतन हो गया। उसने भागकर हालैण्ड में शरण ली। जर्मनी में एक गणतान्त्रिक सरकार की स्थापना हुई।
जर्मनी का आत्मसमर्षण : जर्मनी की नयी गणतांत्रिक सरकार निरुपाय होकर 11 नवम्बर, 1918 को मित्र शक्ति के पास आत्मसमर्पण कर दिया। फलस्वरूप प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति हुई।

प्रश्न 22.
वुड्रो विल्सन की चौदह सूत्री शर्तों का विवरण दो।
उत्तर :
विश्व शान्ति स्थापना, गणतंत्र रक्षा, यूरोप का पुनर्गठन आदि उद्देश्यों को शामिल कर अमेरिकी राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन 8 जनवरी, 1918 ई. को अमेरिकी कांग्रेस में अपनी प्रसिद्ध चौदह सूत्री नीति(Fourteen points) की घोषणा की। विल्सन की चौदह सूत्री नीति :

  1. विदेशी नीति में गुप्त कूटनीति का त्याग करना होगा।
  2. युद्ध या शान्ति के समय देश के समुद्र तटों को छोड़कर समुद्र सबके लिये खुला रखना होगा।
  3. अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में बाधा निषेध को समाप्त करना होगा।
  4. अन्तरिम सुरक्षा की आवश्यकता के साथ सामंजस्य रखकर राष्ट्र का अस्त्र भंडार सीमित करना होगा।
  5. उपनिवेश के लोगों की जरूरतों पर ध्यान देना होगा।
  6. रूस की खोयी हुई जमीनों को वापस करना होगा।
  7. बेल्जियम की स्वाधीनता को लौटाना होगा।
  8. फ्रांस को अल्दास एवं लौरेन लौटाना होगा।
  9. इटली की राज्यसीमा का पुनर्गठन करना होगा।
  10. ऑस्ट्रिया एवं हंगरी को स्वायत्त शासन का अधिकार देना होगा।
  11. बाल्कन राज्यों का पुनर्गठन करना होगा।
  12. दार्दनेल्स प्रणाली को अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र के निरपेक्ष अंचल के रूप में घोषणा करना होगा।
  13. पोलैण्ड की स्वाधीनता लौटाकर उसका पुनर्गठन करना होगा।
  14. अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा के लिये एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना करनी होगी।

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प्रश्न 23.
आर्थिक महामंदी (1929 ई.) किस प्रकार जर्मनी में हिटलर एवं उसके नाजी दल के उत्थान में मदद की ? उत्तर : महामंदी एवं जर्मनी में नाजी नेता हिटलर का उत्थान :
ऋण मिलना बन्द : 1929 ई. में अमेरिका की महामंदी के कारण अमेरिकी ऋण पाने से वंचित जर्मनी में गंभीर आर्थिक संकट आरंभ हो गया। धन की कमी के कारण जर्मनी क्षतिपूर्ति देने तथा देश के पुनर्गठन में अक्षम हो गया।
उद्योग-धंधों का पतन : जर्मनी में आर्थिक संकट के कारण एवं कल-कारखानों में विदेशी पूंजी का घाटा होने से सभी कल-कारखाने बंद होने लगे।
बेरोजगारी : कल-कारखानों के बन्द होने से देश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ने लगी। 1929 ई. में जर्मनी में बेरोजगारों की संख्या 30 लाख हो गयी थी। बाद के चार वर्षों में यह दुगुनी हो गयी।
दुर्दशा : महँगाई, खाद्य की कमी, अनाहार, भुखमरी से लोगों का जीना दूभर हो गया।
हिटलर का प्रयास : ‘आर्थिक संकट के कारण जनता प्रजातांत्रिक सरकार से क्षुब्ध हो उठी। इस मौके का लाभ उठाकर हिटलर के नेतृत्व में नाजी दल जर्मनी की राजनीति में सर्वेसर्वा हो गया।

प्रश्न 24.
सामरिक साम्यवाद से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
गृहयुद्ध के कठठिन दिनों में रूस की बोल्शेविक सरकार को आर्थिक समस्या भी झेलनी पड़ी। श्वेतों (Whites) द्वारा खाद्य उत्पादन केन्द्रों तथा औद्योगिक क्षेत्रों पर अधिकार जमा लिया गया था। श्वेतों ने बोल्शोविकों के लिये उत्पादन एवं आपूर्ति की जटिल समस्याएँ पैदा कर दी। शहरी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति एक अत्यधिक जटिल समस्या बन गयी। अंत में लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक सरकार ने कठोरता की नीति अपनाई जिसे सामरिक साम्यवाद (War Communism) कहा गया। सामारिक साम्यवाद से तात्पर्य था आर्थिक क्रिया से प्रत्येक पक्ष पर रांज्य का नियंत्रण। सामरिक साम्यवाद का अर्थ था- प्रत्येक महत्वपूर्ण श्रेणी के उद्योगों का राष्ट्रीयकरण। बोल्शेविक सरकार के लिये सामरिक साम्यवाद का प्रभाव बड़ा घातक सिद्ध हुआ। कृषि तथा उद्योग के उत्पादन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। रूस आर्थिक दृष्टि से बर्बादी के कगार पर पहुँच गया। शहुरों एवं गांवों की जनता का असंतोष चरम सीमा पर पहुँच गया।

प्रश्न 25.
बोल्शेविक दल के क्या उद्देश्य थे एवं रूस की जनता पर उसका क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर :
लेनिन द्वारा बोल्शेविक दल के उद्देश्यों की घोषणा : लेनिन ने घोषणा की कि रूस के लोग रोटी, जमीन एवं शान्ति चाहते हैं, किन्तु सामूहिक सरकार उनको शांति के बदले युद्ध, रोटी की जगह भूख और जमीन किसानों के बदले जमीदारों को दे रही है। लेनिन ने बोल्शेविक दल के निम्न उद्देश्यों की घोषणा की –

  1. जमीदारों की जमीन को तुरंत जब्त करना।
  2. सभी प्रकार के व्यवसायों पर राज्य का नियंत्रण।
  3. रूस के राष्ट्रीय ॠण को अवैध घोषित करके उसे चुकाने से इंकार करना।
  4. कारखानों का संचालन श्रमिक संगठनों द्वारा करना।
  5. रोमानोव राजवंश द्वारा की गयी सारी विदेशी संधियाँ एवं समझौते रद्द करना।
  6. युद्ध बंद करके जर्मनी से संधि करना।
  7. पूंजीपतियों को मताधिकार से वंचित कर केवल साधारण लोगों को मताधिकार देना।
  8. देश की समस्त सत्ता बोल्शेविकों के हाथों में देना।
  9. रूस में विदेशी हस्तक्षेप को रोकना।

विवरणात्मक प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 8 MARKS

प्रश्न 1.
वर्साय संधि के पक्ष में विभिन्न शर्तो का विवरण दो।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति पर जर्मनी मित्र देशों के साथ अपमानजनक शर्तों के साथ संधि पर हस्ताक्षर करने को बाध्य हुआ।
वर्साय संधि के पक्ष में शर्ते :
इतिहास का नियम : इतिहास में देखा जाता है कि विजयी पक्ष पराजित पक्ष के ऊपर सदेव एकतरफा समझौता लाद देता है। जर्मनी युद्ध में विजयी होने पर वह भी ऐसा ही आचरण करता। फ्रैंकफुर्ट की संधि (1871 ई.) में फ्रांस के प्रति तथा वेस्ट-लिटमस्क की संधि (1918 ई.) द्वारा रूस के प्रति ऐसा ही आचरण हुआ था।
यूरोपियनों का विचार : युद्ध के बाद जर्मनी के प्रति यूरोपवासियों में इतनी घृणा थी कि संधि लिखनेवाले लोगों के विचार को मानने के लिये बाध्य थे।
शक्ति संतुलन : युद्ध के बाद यूरोप की शक्ति संतुलन को बनाए रखने के लिए जर्मनी की सैनिक शक्ति में कमी होना जरूरी था।
राष्ट्रवाद को स्वीकृति : राष्ट्रवाद की मान्यता देते हुए प्रत्येक राष्ट्र की स्वाधीनता को प्रतिष्ठित करना इसका अन्यतम लक्ष्य था। इस उद्देश्य के लिये वे जर्मनी द्वारा दखल किये गये देशों को वापस करने के लिए बाध्य थे।
पहले जैसी अवस्था : जर्मनी द्वारा दखल किये गये अंचलों को वापस करने पर भी जर्मनी के पास उसके भौतिक औद्योगिक अंचल सुरक्षित थे।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 5 20वीं सदी में यूरोप

प्रश्न 2.
प्रथम विश्वयुद्ध का विश्व के बाजारों पर क्या प्रभाव पड़ा ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के हारे हुए देशों अर्थात जर्मनी तथा मध्य यूरोप के छोटे देशों पर बड़ा ही घातक प्रभाव पड़ा। उनकी मुद्रा प्रणाली की साख नष्ट हो गयी और साधारण जनता की स्थिति भी शोचनीय हो गयी। अमेरिका ही एकमात्र ऐसा देश था जहाँ दौलत की बाढ़ आ गयी थी जिसका परिणाम यह हुआ कि अधिकाधिक संपन्न बनने की आशा में सरकारी कागजों और कारखानों के हिस्सों का सट्टा होने लगा। 1929 ई. में अचानक हालत अधिक बुरी हो गयी। शेयर के सट्टे से उनके भाव काफी ऊँचे हो गये किन्तु उसी तरह गिर भी गये।

विश्व भर में मंदी आने लगी। खासकर खेतों की पैदावार के भाव तेजी से गिरने लगे। सभी औद्योगिक देशों की हालत बिगड़ गयी। संसार की परस्पर निर्भरता के कारण संकट विश्वव्यापी हो गया। अमेरिका मेंबेरोजगारी लाखों की संख्या में पहुँच गयी। भुखमरी का आलम चारों ओर छा गया।

प्रश्न 3.
इटली में मुसोलिनी के नेतृत्व में फासिस्ट पार्टी का शासन प्रतिष्ठित होने की चर्चा करो।
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद देश की संकटजनक स्थिति का लाभ उठाकर मुसोलिनी के नेतृत्व में फासिस्ट पार्टी द्वारा 1922 ई. में इटली का शासन दखल कर लिखा गया।
क्षमता दखल : इटली की दुर्दशा : प्रथम विश्वयुद्ध के बाद इटली में गंभीर राजनैतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट, सामाजिक दुर्दशा, मजदूरों की हड़ताल, दंगे तथा लूट-पाट आदि ने देश को बहुत पीछे धकेल दिया था। इसके कारण लुइजी फैक्टओ सरकार से जनता क्षुब्ध थी।
मुसोलिनी का प्रचार : मुसोलिनी ने प्रचार किया कि प्रथम विश्वयुद्ध में इटली मित्रपक्ष के साथ होने पर भी युद्ध के बाद वर्साय संधि में इटली को प्राप्त अधिकार से वंचित रखा गया है। उनके इस प्रचार ने इटली के बेरोजगार युवकों तथा सेना के ऑफिसरों को और क्रोधित कर दिया।
फासिस्ट पार्टी का गठन : मुसोलिनी द्वारा इटली के मिलान शहर में 23 मार्च, 1919 को बेरोजगार युवकों एवं देशप्रेमियों को लेकर एक सम्मेलन में फासिस्ट पार्टी की स्थापना हुई।
पार्टी संगठन : फासिस्ट पार्टी ने शीघ्र ही पूरे देश में असंख्य शाखाएँ खोल ली 11921 ई. में इस पार्टी की सदस्य संख्या प्राय: 3 लाख हो गयी। मुसोलिनी बेकार सैनिक एवं युक्कों को लेकर ‘ब्लैक शर्स्स’ नामक एक अर्द्ध स्वय सेवक दल संगठित किया।
रोम पर चढ़ाई : फासिस्ट पार्टी 1922 ई. में बल प्रयोग करके समाजतंत्रियों की हड़ताल तोड़कर शीघ्र ही लोकप्रिय हो उठा। इसके बाद ब्लैक शर्द्स वाहिनी के 50 हजार सद्यों को लेकर मुसोलिनी इटली की राजधानी रोम की ओर आगे बढ़े।
क्षमता दखल : मुसोलिनी के रोम अभियान के फलस्वरूप इटली की फैक्ओ ने मंत्रिमंडल से पदत्याग किया। राजा विक्टर इमानुएल द्वारा मुसोलिनी को मंत्रिमंडल गठन का आह्नान करने पर उसके नेतृत्व में फासिस्ट पार्टी नें इटली में शासन क्षमता दखल (30 अक्टूबर 1922 ई.) कर लिया।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

Well structured WBBSE 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि can serve as a valuable review tool before exams.

ध्वनि Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
वायु में ध्वनि-तरंगें होती हैं –
(a) अनुपस्थ
(b) अनुदैर्ष्य
(c) अंशत: अनुप्रस्थ एवं अंशतः अनुदैर्ष्य
(d) कभी अनुप्रस्थ एवं कभी अनुर्दर्ध्य
उत्तर :
(b) अनुदैर्ष्य

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

प्रश्न 2.
आवृत्चि (n) तथा आवर्तकाल (T) का गुणनफल होता है –
(a) 1
(b) 2
(c) 4
(d) 8
उत्तर :
(a) 1

प्रश्न 3.
ध्वनि का वेग सबसे अधिक होता है –
(a) ठोस
(b) द्रव
(c) गैस
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) ठोस

प्रश्न 4.
ध्वनि की तीव्रता अधिक होने पर ध्वनि की प्रबलता होती है –
(a) कम
(b) अधिक
(c) शून्य
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) अधिक

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

प्रश्न 5.
श्रव्यता के निम्नतम परास से कम आवृत्ति की तरंगों को कहते हैं –
(a) पराश्रव्य
(b) अवश्रव्य
(c) सोनार
(d) अनुपस्थ
उत्तर :
(b) अवश्रव्य

प्रश्न 6.
अनुप्रस्थ तरंग में माध्यम के कणों का कंपन होता है –
(a) तरंग की दिशा के समानान्तर
(b) तरंग की दिशा के लंबवत्
(c) तरंग की दिशा में विपरीत एवं लंबवत्
(d) तरंग की दिशा के विपरीत एवं समानान्तर
उत्तर :
(b) तरंग की दिशा के लंबवत्

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

प्रश्न 7.
अनुदैर्ध्य तरंग के कणों का केपन –
(a) तरंग की दिशा के समानान्तर
(b) तरंग की दिशा के लंबवत्
(c) कंपन नहीं होता
(d) तरंग की दिशा के विपरीत होता है
उत्तर :
(a) तरंग की दिशा के समानान्तर

प्रश्न 8.
श्रव्यता परास से अधिक आवृत्ति की तरंगों को कहते हैं –
(a) अवश्रव्य
(b) पराश्रव्य
(c) अनुदैर्ष्य
(d) अनुप्रस्थ
उत्तर :
(b) पराश्रव्य

प्रश्न 9.
किसी एकांक क्षेत्रफल से एक सेकेंड में गुजरने वाली ध्वनि ऊर्जा को कहते हैं-
(a) ध्वनि का तारत्व
(b) छ्वनि की तीव्रता
(c) पराष्वनि
(d) सोनार
उत्तर :
(b) ष्वनि की तीवता

प्रश्न 10.
ध्वनि किस प्रकार की ऊर्जा है ?
(a) उष्मीय ऊर्जा
(b) प्रकाशीय ऊर्जा
(c) विद्युत ऊर्जा
(d) इनमें कोई नहीं
उत्तर :
(d) इनमें कोई नहीं

प्रश्न 11.
ध्वनि का गमन किस माध्यम में हो सकता है ?
(a) ठोस माध्यम
(b) द्रव माध्यम
(c) गैस माध्यम
(d) इनमे से सभी में
उत्तर :
(d) इनमे से सभी में

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

प्रश्न 12.
मनुष्य में ध्वनि उत्पन्न होती है –
(a) जीभ से
(b) ओठ से
(c) कण्ठ से
(c) इनमें से सभी से
उत्तर :
(c) कण्ठ से

प्रश्न 13.
ध्वनि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में माध्यम की आवश्यकता –
(a) नहीं पड़ती है
(b) पड़ती है
(c) आवश्यकता ४ड़नेपर पड़ती है
(d) इनमें से सभी
उत्तर :
(b) पड़ती है

प्रश्न 14.
आवृति की इकाई होती है –
(a) हदर्ज (Hz)
(b) मीटर
(c) वाट
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) हटर्ज (Hz)

प्रश्न 15.
इकोकार्डियोग्राफी से शरीर के किस अंग की जानकारी मिलती है –
(a) इदय की
(b) आँत की
(c) जीभ की
(d) नांक की
उत्तर :
(a) हुय की

प्रश्न 16.
सुरीली ध्वनि होती है –
(a) उच्च आवृत्ति की
(b) निम्न आवृत्ति की
(c) 80 Hz
(d) मान परिमाप योग्य नहीं
उत्तर :
(a) उच्च आवृत्ति की

प्रश्न 17.
मनुष्य में सुनने की सीमा है –
(a) 0-120 decibels
(b) 5-3 db
(c) 60-80 db
(d) 120 db से ज्यादा
उत्तर :
(c) 60-80 db

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

प्रश्न 18.
मनुष्य के कर्ण के मुख्यत: भाग होते हैं –
(a) 30
(b) 03
(c) 02
(d) 40
उत्तर :
(b) 03

प्रश्न 19.
विभिन्न स्वरों का तरंग रूप होता है –
(a) एक समान
(b) भिन्न-भिन्न
(c) एक से कम
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) भिन्न-भित्र

प्रश्न 20.
तरंग दैर्घ्य की S.I. इकाई है –
(a) cm
(b) m
(c) km
(d) Hm
उत्तर :
(b) m

प्रश्न 21.
आवर्तकाल T तथा आवृत्ति n के बीच संबंध है –
(a) n= \(\frac{1}{\mathrm{~T}^2}\)
(b) n2 = \(\frac{1}{\mathrm{~T}}\)
(c) n = \(\frac{1}{\mathrm{~T}}\)
(d) n2 = \(\frac{1}{T^2}\)
उत्तर :
(c) n = \(\frac{1}{\mathrm{~T}}\)

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

प्रश्न 22.
एक घड़ी में सेकेण्ड वाली सुई का आवर्तकाल है –
(a) 1 दिन
(b) 1 घंटा
(c) 1 मिनट
(d) 1 सेकेण्ड
उत्तर :
(c) 1 मिनट

प्रश्न 23.
तरग वेग v, आवृत्ति n तथा तरंग दैर्घ्य \lambda में संबंध है –
(a) v=\(\frac{n}{\lambda}\)
(b) v = \(\mathrm{n \lambda}\)
(c) λ = \(\frac{\mathrm{v}}{\mathrm{n}}\)
(d) λ = \(\frac{\mathrm{n}}{\mathrm{v}}\)
उत्तर :
(b) v = \(\mathrm{n \lambda}\)

प्रश्न 24.
अनुप्रस्थ तरंग के दो क्रमिक शीर्षों के बीच की दूरी को कहते हैं –
(a) आयाम
(b) अर्द्र आयाम
(c) तरंग दैर्ध्य
(d) अर्द्ध तरंग देर्ध्य
उत्तर :
(c) तरंग दैर्ष्य

प्रश्न 25.
जल में पत्थर फेंकने पर जल की सतह पर उत्पन्न तरंगों की प्रकृति होती है –
(a) अनुपस्थ
(b) अनुदैर्घ्य
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) अनुप्रस्थ

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प्रश्न 26.
तरंग वेग (v), आवर्तकाल (I) तथा तरंगदैर्घ्य (λ) में संबंघ है –
(a) v =λT
(b) V=\(\frac{\lambda}{\mathrm{T}}\)
(c) λ=\(\frac{\mathrm{v}}{\mathrm{T}}\)
(d) T=\(\frac{v}{\lambda}\)
उत्तर :
(b) V=\(\frac{\lambda}{\mathrm{T}}\)

प्रश्न 27.
प्रतिध्वनि सुनने के लिए श्रोता तथा परावर्तक तल के बीच कम से कम दूरी होनी चाहिये –
(a) 166 m
(b) 16.6 m
(c) 1.66 m
(d) 0.166 m
उत्तर :
(b) 16.6 m

प्रश्न 28.
मानव कान की श्रव्यता की सीमा है –
(a) 20 Hz से 200 Hz तक
(b) 20 Hz से 2000 Hz तक
(c) 20 Hz से 20,000 Hz तक
(d) 20 Hz से 200,000 Hz तक
उत्तर :
(c) 20 Hz से 20,000 Hz तक

प्रश्न 29.
अवश्रव्य ध्वनि की आवृत्ति होती है –
(a) 2 Hz से कम
(b) 20 Hz से कम
(c) 200 Hz से कम
(d) 2000 Hz से कम
उत्तर :
(b) 20 Hz से कम

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

प्रश्न 30.
पराश्रव्य ध्वनि की आवृत्ति होती है –
(a) 200 Hz से अधिक
(b) 2000 Hz से अधिक
(c) 20,000 Hz से अधिक
(d) 200,000 Hz से अविक
उत्तर :
(c) 20,000 Hz से अधिक

प्रश्न 31.
एक घड़ी में घंटा बताने वाली सूई का आवर्त्तकाल है –
(a) 1 मिनट
(b) 1 सेकेण्ड
(c) 1 घंटा
(d) 12 घटे
उत्तर :
(a) 1 मिनट

प्रश्न 32.
किसी गैस या वायु में किस प्रकार की ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती है?
(a) केवल अनुपस्थ
(b) केवल अनुदैर्ध्य
(c) अनुपस्थ तथा अनुदैर्ध्य दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) केवल अनुदैर्ध्य

प्रश्न 33.
ध्वनि का वेग हवा में होता है –
(a) 364 मी०/से०
(b) 32.2 मी०/से०
(c) 16.6 मी॰/से०
(d) 332 मी॰/से०
उत्तर :
(d) 332 मी०/से०

प्रश्न 34.
C.G.S. या S.I. पद्धति में आवृत्ति की इकाई –
(a) Cycle/sec
(b) Cycle/m
(c) Cycle/cm
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) Cycle/sec

प्रश्न 35.
C.G.S. System में तरंग की लम्बाई –
(a) सेण्टीमीटर
(b) किलोमीटर
(c) मी०/से० .
(d) सेमी०/से०
उत्तर :
(a) सेण्टीमीटर

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प्रश्न 36.
ध्वनि का वेग –
(a) V=nλ
(b) V= \(\frac{1}{\lambda}\)
(c) V = \(\frac{1}{\mathrm{n}}\)
(d) V = \(\frac{1}{\mathrm{~T}}\)
उत्तर :
(a) V=nλ

प्रश्न 37.
ध्वनि में परावर्तन –
(a) नही होता
(b) कभी-कभी होता है
(c) होता है
(c) इनमें से सभी
उत्तर :
(c) होता है

प्रश्न 38.
प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह की दूरी –
(a) 1.66 मी०
(b) 332 मी०
(c) 16.6 मी०
(d) 33.2 मी०
उत्तर :
(c) 16.6 मी०

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. वायु में ध्वनि-तरंगें ___________होती हैं।
उत्तर : अनुदेर्ष्य तरंग।

2. आवृत्ति का SI मात्रक ___________है।
उत्तर : C/s या Hz।

3. ध्वनि का वायु में गमन ___________के रूप में होता है।
उत्तर : अनुदैर्घ्य तरंग।

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4. अनुप्रस्थ ध्वनि तरंगें ___________माध्यम में उत्पन्न नहीं की जा सकती है।
उत्तर : गैसीय।

5. तरंग की चाल, ___________तथा तरंगदैर्घ्य का गुणनफल होता है।
उत्तर : अनार्वृत्ति।

6. 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति का वाली तरंगों को ___________तरंगें कहते हैं।
उत्तर : पराश्रव्य।

7. एक ध्वनि-तरंग की चाल 350 m/s है और इसकी आवृत्ति 104 Hz है तो उसका तरंगदैर्घ्य ___________है।
उत्तर : 3.5 × 10-4 मी०।

8. किसी वस्तु के ___________ध्वनि की उत्पत्ति होती है।
उत्तर : कम्पन से।

9. घ्वनि तरंग के ___________का उपयोग कर समुद्र की गहराई मापी जा सकती है।
उत्तर : परावर्तन।

10. मोटरगाड़ियाँ ___________ का एक मुख्य कारक है।
उत्तर : शोर, प्रदुवण।

11. ध्वनि एक प्रकार की ___________ऊर्जा है।
उत्तर : अदृश्य।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

12. श्रव्य ध्वनि में कम्पन की आवृत्ति ___________से ___________बीच होती है।
उत्तर : 20 C/s, 20,000C/s.

13. मनुष्य की श्रव्य क्षमता ___________से० तक होती है।
उत्तर : 20 c/s, 20,000 C/s

14. ध्वनि की तीव्रता ___________में मापते हैं।
उत्तर : Decibal (dB).

15. ध्वनि का स्रोत और श्रोता के बीच की दूरी ___________होता है।
उत्तर : 16.6 m

16. V = ___________
उत्तर : ns

17. सुरीली ध्वनि ___________होती है।
उत्तर : कर्णमिय।

18. ध्वनि के ___________के कारण सुनाई पड़नेवाली ध्वनि को प्रतिध्वनि कहते है।
उत्तर : परावर्तन।

19. मनुष्य ___________तथा ___________तरंगें नहीं सुन सकता है।
उत्तर : अवश्रव्य, पराश्रव्य।

20. ध्वनि तरंग के परावर्तन में आपतन कोण ___________और परावर्तन कोण होते हैं।
उत्तर : बराबर।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

21. ___________ध्वनि तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यम में उत्पन्न की जा सकती है।
उत्तर : अनुदैर्ध्य।

22. ध्वनि का स्रोत सभी ___________वस्तु है।
उत्तर : कम्पित।

23. शेर तथा मच्छर द्वारा उत्पन्न ध्वनियों में अन्तर ___________के कारण होती है।
उत्तर : आवृतियों

24. ध्वनि का वेग ___________माध्यम में सबसे अधिक होता है।
उत्तर : ठोस।

25. सोनार द्वारा ___________की गहराई मापी जाती है।
उत्तर : समुद्र।

26. ध्वनि प्रदूषण से मनुष्य के रक्त-चाप में ___________पायी जाती है।
उत्तर : वृद्धि।

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. ध्वनि एक प्रकार की उष्मीय ऊर्जा है।
उत्तर : False

2. ध्वनि का गमन सभी माध्यमों में सम्भव है।
उत्तर : True

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

3. प्रतिध्वनि के माध्यम से चमगादड़ अपना रास्ता बदल देता है।
उत्तर : True

4. ध्वनि का वेग 338 मी०/से० होता है।
उत्तर : False

5. श्रव्य ध्वनि की आवृत्ति 20 Cycle/sec से कम होती है।
उत्तर : False

6. तरंग की लम्बाई को λ से व्यक्त करते हैं।
उत्तर : True

7. आवर्त काल को x से व्यक्त करते हैं।
उत्तर : False

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

8. ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है इसका प्रभाव कानो पर पड़ता है।
उत्तर : True

9. ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।
उत्तर : False

10. ध्वनि सदा कम्पनों के कारण उत्पत्र होती है।
उत्तर : True

11. ताप बढ़ने से ष्वनि का वेग बढ़ता है।
उत्तर : True

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 7 ध्वनि

12. किसी माध्यम में ध्वनि का वेग ध्वनि की आवृत्ति पर निर्भर करता है।
उत्तर : True

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

Detailed explanations in West Bengal Board Class 9 History Book Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 9 History Chapter 4 Question Answer – औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
सर्वप्रथम औद्योगिक क्रान्ति का आरम्भ कहाँ हुआ ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति का शुरूआत इंग्लैण्ड में हुई।

प्रश्न 2.
इंग्लैण्ड के पश्चात् सर्वप्रथम किस देश में औद्योगिक क्रान्ति हुई?
उत्तर :
फ्रांस।

प्रश्न 3.
किस युग में मनुष्य ने अपना लम्बा समय गुजारा है ?
उत्तर :
पाषाण युग में।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

प्रश्न 4.
औद्योगिक क्रान्ति ने किस युग को जन्म दिया है ?
उत्तर :
आधुनिक युग को।

प्रश्न 5.
बुनाई मशीन जेनी का आविष्कार कब हुआ था ?
उत्तर :
1764 ई० में।

प्रश्न 6.
मार्क्सवाद के जन्मदाता कौन है ?
उत्तर :
मार्लमार्क्स।

प्रश्न 7.
पेरिस कम्यून का गठन कब हुआ ?
उत्तर :
1871 ई० में।

प्रश्न 8.
‘बैंक ऑफ रसिया’ की स्थापना किसने की ?
उत्तर :
अलेक्जेण्डर द्वितीय ने।

प्रश्न 9.
औद्योगिक क्रांति सर्वप्रथम कहाँ शुरू हुई ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति की शुरुआत सबसे पहले इंगलैण्ड में हुई।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

प्रश्न 10.
चार्टिस्ट आन्दोलन कब हुआ था?
उत्तर :
1832 ई० में इंग्लैण्ड में चार्टिस्ट सुधार आन्दोलन हुआ था ।

प्रश्न 11.
इंग्लैण्ड में 1846 ई० कौन सा नियम पास किया गया था?
उत्तर :
सस्ता ट्रेन नियम पास किया गया।

प्रश्न 12.
तार द्वारा समाचार भेजने की पहली प्रक्रिया कब शुरू हुई?
उत्तर :
1844 ई० में।

प्रश्न 13.
“औद्योगिक क्रान्ति ने मजदूर को अपने ही देश में एक भूमिहीन परदेशी बना दिया था”-यह कथन किसका है।
उत्तर :
सिडनी वेब।

प्रश्न 14.
सर्वप्रथम भाप से चलने वाले रेल इंजन ‘रॉकेट’ का निर्माण कब और किसने किया ?
उत्तर :
जार्ज स्टीफेन्सन ने 1830 ई० में।

प्रश्न 15.
इंग्लैण्ड के दो शहर बताएँ जहाँ औद्योगिक क्रान्ति हुई थी?
उत्तर :
मैनचेस्टर तथा वर्सले ।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

प्रश्न 16.
जब इंग्लैण्ड़ में औद्योगिक क्रान्ति हुई थी, उस समय इंग्लैण्ड का राजा कौन था?
उत्तर :
जार्ज तृतीय ।

प्रश्न 17.
जापान ने चीन को कब हराया?
उत्तर :
1895 ई० में ।

प्रश्न 18.
चीन पर ब्रिटिश प्रभाव कब से पड़ा ?
उत्तर :
1890 ई० में।

प्रश्न 19.
जापान ने चीन को कब हराया ?
उत्तर :
1895 ई० में।

प्रश्न 20.
जर्मनी में औद्योगिक दशक कौन-सा जाना जाता है।
उत्तर :
1850 ई० से 1860 ई० का दशक।

प्रश्न 21.
रूस में किस शासक का काल औद्योगिक प्रगति का काल था ?
उत्तर :
अलेक्जेण्डर तृतीय का काल।

प्रश्न 22.
मार्क्सवादी विचरधारा के संस्थापक कौन थे?
उत्तर :
कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंजिल्स।

प्रश्न 23.
भौगोलिक आविष्कार यूरोप में कब हुआ था?
उत्तर :
19 वीं सदी के प्रारम्भ के साथ।

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प्रश्न 24.
ब्रिटेन में कब प्रथम रेल आरम्भ हुआ था?
उत्तर :
14 जून, 1830 ई० में।

प्रश्न 25.
प्रथम बार टेलिग्राफ मैसेज कब भेजा गया था?
उत्तर :
1844 ई० में।

प्रश्न 26.
स्वेज नहर कितने वर्षों में बनकर तैयार हुई ?
उत्तर :
10 वर्षों।

प्रश्न 27.
जापान ने रूस को कब हराया ?
उत्तर :
1905 ई० में।

प्रश्न 28.
प्रथम विश्व युद्ध कब प्रारम्भ हुआ ?
उत्तर :
1914 ई० में।

प्रश्न 29.
स्वेज नहर कितनी लम्बी और चौड़ी है ?
उत्तर :
165 कि०मी० लम्बाई तथा 48 मी० चौड़ाई है।

प्रश्न 30.
पुर्तगाली चीन कब पहुँचे थे ?
उत्तर :
1514 ई० में।

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प्रश्न 31.
बर्लिन में एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन कब बुलाया गया ?
उत्तर :
1885 ई० में।

प्रश्न 32.
प्रथम विश्व युद्ध का श्रीगणेश कब हुआ?
उत्तर :
28 जुलाई 1914

प्रश्न 33.
प्रथम विश्वयुद्ध कब खत्म हुआ ?
उत्तर :
प्रथम विश्वयुद्ध 11 नवम्बर 1918 ई. को खत्म हुआ।

प्रश्न 34.
‘फ्लाइंग शटल’ का निर्माण किसने किया ?
उत्तर :
‘फ्लाइंग शटल’ का निर्माण जॉन के ने किया।

प्रश्न 35.
पावरलूम का आविष्कार कब और किसने किया ?
उत्तर :
1785 ई० में एडमंड कार्ट राइट ने।

प्रश्न 36.
कोयले से लोहा गलाने की प्रक्रिया का आविष्कार किसने किया।
उत्तर :
अब्राहम डर्बी ने।

प्रश्न 37.
कच्चे लोहे की अशुद्धियों को दूर करने का तरीका किसने निकाला।
उत्तर :
हेनरी कोर्ट ने।

प्रश्न 38.
अफ्रीका का पता किसने लगाया ?
उत्तर :
स्टेनली नामक खोजकर्ता ने।

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प्रश्न 39.
प्रथम विश्व युद्ध के दोनों पक्ष कौन-कौन थे ?
उत्तर :
प्रथम पक्ष – जर्मनी, अस्ट्रिया इटली।
दोनों पक्ष – इग्लैण्ड, फ्रांस, रूस तथा जापान।

प्रश्न 40.
जब इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रान्ति हुई थी, उस समय इंग्लैण्ड का राजा कौन था ?
उत्तर :
जार्ज तृतीय।

प्रश्न 41.
भौगोलिक आविष्कार यूरोप में कब हुआ था ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति के काल में।

प्रश्न 42.
ब्रिटेन में कब प्रथम रेल आरम्भ हुई थी ?
उत्तर :
1830 ई० में।

प्रश्न 43.
प्रथम बार टेलिग्राफ मैसेज कब भेजा गया था ?
उत्तर :
सैमुअल्स मोर्स ने सर्वप्रथम 1844 ई० में तार द्वाग़ा समाचार भेजा था।

प्रश्न 44.
सॉ सिमों की सर्वाधिक लोकप्रयि पुस्तक का क्या नाम था ?
उत्तर :
New Christianity

प्रश्न 45.
औद्योगिक कान्ति ने किन दो वर्गों को जन्म दिया ?
उत्तर :
पूँजीपति वर्ग तथा श्रंमिक वर्ग।

प्रश्न 46.
आदर्शवादी समाजवाद किसे कहा जाता है ?
उत्तर :
वर्गहीन समाज को स्थापना को आदर्शवादो समाज कहा जाता है।

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प्रश्न 47.
वैज्ञानिक समाजवाद की स्थापना किसने की ?
उत्तर :
कार्ल मार्क्स ने।

प्रश्न 48.
कार्ल मार्क्स द्वारा रचित दो पुस्तकों के नाम लिखो।
उत्तर :
समाजवादी घोषणा पत्र तथा दास कैपिटल।

प्रश्न 49.
उग्र राष्ट्रवाद का क्या अर्थ है ?
उत्तर :
राष्ट्रीय स्वार्थ की तीव्रता को उग्र राष्ट्रवाद कहते हैं।

प्रश्न 50.
किस संधि के द्वारा प्रथम अफीम युद्ध की समाप्ति हुई ?
उत्तर :
नानकिंग की संधि (1842 ई.) के द्वारा प्रथम अफीम युद्ध की समाप्ति हुई।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
औद्योगिक क्रांति से क्या समझते हो ?
उत्तर :
18 वीं सदी के दूसरे चरण में शारीरिक श्रम के बदले वैज्ञानिक मशीनों से औद्योगिक उत्पादन किया जाना एवं इसके फलस्वरूप सामग्री के गुणों एवं परिमाण में व्यापक अग्रगति की घटना को औद्योगिक क्रांति के नाम से जाना जाता है। प्रसिद्ध दार्शनिक अगस्त ब्लंकी ने 1837 ई. में सर्वप्रथम ‘औद्योगिक क्रांति’ शब्द का व्यवहार किया था।

प्रश्न 2.
औद्योगिक क्रान्ति के फलस्वरूप नये वर्ग का उदय किस प्रकार हुआ ?
उत्तर :
प्रेस, समाचार-पत्र व पुस्तकों की सहायता से बुद्धिजीवी वर्ग ने अपने विचारों का प्रचार करना आरम्भ किया। समाजवादी विचारधाराएँ जोर पकड़ने लगीं। इस नवीन वर्ग ने मजदूरों के जीवन में परिवर्तन लाया तथा मालिकों और सरकार से इनका हक भी इन्हे दिलाने का प्रयास किया।

प्रश्न 3.
घेराबन्दी प्रथा का वर्णन करें।
उत्तर :
इंगलैण्ड में जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े को बड़े जमीन के हिस्से में मिलाकर इन पर मशीनों द्वारा उत्पादन करने के कारण अधिक संख्या में किसान बेकार होकर शहर जाकर मजदूर बन गये।

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प्रश्न 4.
पूँजीवाद किसे कहा जाता है ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति से पहले जन्मी पूँजीवादी व्यवस्था में पूँजीपतियों द्वारा धन एवं लाभ प्राप्ति को ही पूँजीवाद कहा जाता है।

प्रश्न 5.
उपनिवेशवाद क्या है ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति के कारण उद्योग प्रधान देशों द्वारा अपने माल की खपत तथा कच्चे माल की प्राप्ति के लिये जिन-जिन जगहों में अपने-अपने उपनिवेश बनाये गये उसे उपविनेशवाद कहते हैं।

प्रश्न 6.
औद्योगिक क्रान्ति का महिलाओं पर क्या असर पड़ा ?
उत्तर :
औद्योगिकीकरण का प्रभाव स्त्रियों पर भी पड़ा। कल-कारखानों की स्थापना से उनके जीवन में भी परिवर्तन आया। उन्हें भी पुरुषों के साथ कल-कारखानों में काम करना पड़ा। इन्हें भी उद्योगपति पुरुषों से कम वेतन पर ही कारखानों में रखते थे। इन्हें लगातार कई घटों तक कड़े नियंत्रण में काम करना पड़ता था। सूती वस्त्र उद्योग में स्त्रियों को बड़ी संख्या में लगाया गया।

प्रश्न 7.
औद्योगिक क्रांति की कुछ विशेषताओं के नाम लिखो।
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति की कुछ विशेषताएँ हैं –

  1. स्थिर गति एवं सुनिर्दिष्ट नियम से उद्योग का धारावाहिक प्रसार
  2. उद्योग-धंधों में छोटी-बड़ी मशीनों का प्रयोग
  3. अधिक मूलधन (पूंजी) का विनिवेश
  4. कच्चे माल एवं तैयार माल के लिये उपनिवेशों (बाजार) का दखल
  5. शुरू में इंगलैण्ड फिर अन्य देशों में प्रसार
  6. नगर केन्द्रित औद्योंगिक सभ्यता का विकास इत्यादि।

प्रश्न 8.
औद्योगिक क्रान्ति कब और कहाँ हुई थी?
उत्तर :
औद्यागिक क्रान्ति 1760 – 1830 ई० के बीच इंग्लैण्ड में ।

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प्रश्न 9.
औद्योगिक क्रान्ति के दो आविष्कारों का वर्णन करें।
उत्तर :
जाँज्ज स्टींशन ने रेल इंजन तथा मोर्स ने टेलीग्राफ यंत्र का आविष्कार किया ।

प्रश्न 10.
औद्योगिक क्रान्ति के राजनीतिक प्रभाव का वर्णन दो वाक्यों में करें।
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति ने साम्राज्यवाद एवं उपनिवेशवाद की प्रवृत्ति को बढ़वा दिया जिससे प्रथम विश्व युद्ध का जन्म हुआ।

प्रश्न 11.
कम्युनिस्ट घोषणा पत्र को किसने लिखा था तथा इसका प्रकाशन कब हुआ?
उत्तर :
कार्ल मार्क्स और एंजिल्स ने ‘कम्युनिस्ट घोषणा पत्र’ लिखा था । इसका प्रकाशन 1848 ई० में हुआ ।

प्रश्न 12.
बोलशेविक क्रान्ति कब और कहाँ हुई थी?
उत्तर :
बोलशेविक क्रान्ति 1917 ई० में रूस में हुई थी ।

प्रश्न 13.
‘दास कैपिटल’ की रचना किसने और कब की थी?
उत्तर :
‘दास कैपिटट’ की रचना कार्ल मार्क्स ने 1867 ई० में की थी ।

प्रश्न 14.
जापान ने कब कोरिया पर दावा किया और कौन देश उसे रोक रहा था?
उत्तर :
1894 में जापान ने कोरिया पर दावा किया। चीन उसे रोक रहा था ।

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प्रश्न 15.
प्रथम विश्व युद्ध कब शुरू और कब खत्म हुआ था?
उत्तर :
1914 में शुरू हुआ और नवम्बर 1918 में खत्म हुआ ।

प्रश्न 16.
औद्योगिक क्रान्ति ने किन विचारों को जन्म दिया ?
उत्तर :
श्रमिक वर्ग में औद्योगिक क्रान्ति ने साम्यवादी तथा वैज्ञानिक साम्यवाद के विचारों को जन्म दिया।

प्रश्न 17.
वाटर फ्रेम का आविष्कार किसने और कब किया था ?
उत्तर :
1769 ई० में रिजर्ड आर्कराइट ने वाटर फ्रेम का आविष्कार किया।

प्रश्न 18.
भारतवर्ष में पहली रेल कब और कहाँ चली थी ?
उत्तर :
भारतवर्ष में पहली रेलगाड़ी 1853 ई॰ में मुम्बई से थाने तक चली थी।

प्रश्न 19.
किस व्यक्ति ने पहली बार मनुष्यों की आवाज तार द्वारा सुना था और कब ?
उत्तर :
अलेक्जेण्डर ग्राहम बेल ने 1876 ई० में पहली बार मनुष्य की आवाज को तार के द्वारा सुना था।

प्रश्न 20.
रेलवे के आने से विश्व के जन जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा।
उत्तर :
रेलवे के आने से आवागमन में विशेष सुविधा हुई। रेलवे से उत्पादित सामानों के आयात-निर्यात करने में काफी सुविधा हो गई। भाप के इंजन से व्यापार के विकास में अभूतपूर्व उन्नति हुई। डेविस महोदय ने लिखा है कि अगर इस वाष्षइंजन की खोज नहीं हुई होती तो व्यापार में यह अभूतपूर्व और आश्चर्यजनक विकास नहीं हुआ होता।

प्रश्न 21.
इंग्लैण्ड में सर्वप्रथम औद्योगिक क्रांति के शुरू होने के क्या कारण थे ?
उत्तर :
इंगलैण्ड में सर्वप्रथम औद्योगिक क्रांति शुरू होने के निम्न कारण थे –

  1. इंगलैण्ड का अनुकूल प्राकृतिक परिवेश,
  2. कारखानों की स्थापना के लिये पूंजी की उपलब्धता
  3. सस्ते श्रमिक
  4. कच्चे माल का संग्रह एवं तैयार माल के लिये बाजार (उपनिवेश) का प्रसार
  5. विकसित यातायात एवं परिवहन व्यवस्था
  6. सरकारी सहयोग
  7. वैज्ञानिक मशीनों का आविष्कार इत्यादि।

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प्रश्न 22.
साम्राज्यवाद के कारण ही प्रथम विश्वयुद्ध हुआ- आलोचना करो।
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति के कारण यूरोपीय देश अपने बढ़ते उत्पादन सामग्री को बेचने के लिये नये बाजारों की तलाश में नये उपनिवेश बनाने और दखल करने की होड़ में लग गये। जर्मनी, फ्रांस, इंगलैण्ड तथा रूस आदि देशों की इस दखल करने की साम्राज्यवादी नीति ने ही विश्व को एक नये महायुद्ध की ओर झोक दिया।

प्रश्न 23.
औद्योगिक क्रान्ति का रूस पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति ने रूसी क्रान्ति को जन्म दिया । फलस्वरूप समाजवादी सरकार की स्थापना हुई ।

प्रश्न 24.
औद्योगिक क्रान्ति ने कैसे आर्थिक साम्राज्यवादी को बढ़ावा दिया?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति ने बढ़े पैमाने के उत्पादन को, बढ़े पैमाने के उत्पादन ने बाजारवाद को, बाजारवाद ने पूँजीपति वर्ग व आर्थिक साम्राज्यवाद को जन्म दिया ।

प्रश्न 25.
औद्योगिक क्रान्ति पर मजदूरों की दशा पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति ने मजदूरों के शोषण तथा वर्ग संघर्ष को जन्म दिया। फलस्वरूप उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया ।

प्रश्न 26.
जर्मन उद्योग के विस्तार में बिस्मार्क की दो प्रचेष्टाओं का उल्लेख करो।
उत्तर : जर्मनी उद्योग के विस्तार में बिस्मार्क की दो प्रमुख प्रचेष्टाएँ हैं-(1) बिस्मार्क ने विदेशी प्रतियोगिता से जर्मन उद्योग को बचाने के लिये उद्योग में संरक्षण नीति चालू की एवं (2) उन्होंने जर्मनी के विभिन्न राज्यों में एक ही तरह की मुद्रा, वजन, माप, शुल्क इत्यादि चालू करके वाणिज्य की अग्रगति को दिशा दी।

प्रश्न 27.
रूस के औद्योगिकीकरण में विलंब होने के दो कारणों का उल्लेख करो।
उत्तर :
रूस के औद्योगिकीकरण में विलंब होने के दो कारण निम्न हैं- (1) रूस के सामन्त प्रभु उद्योग से अधिक कृषि को पसंद करते थे। (2) उद्योग में पूंजी लगाने के लिये मूलधन का अभाव था।

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प्रश्न 28.
औद्योगिक क्रांति के राजनैतिक परिणामों का उल्लेख करो।
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति के राजनैतिक परिणाम थे-

  1. मिल-मालिक (पूंजीपति) एवं श्रमिक श्रेणी का उद्भव
  2. भूस्वामी एवं सामन्तों का अन्त,
  3. पूंजीपतियों का राजनीतिक वर्चस्व
  4. श्रमिक आन्दोलन की शुरुआत
  5. कच्चा माल एवं तैयार माल के बाजार के लिये उपनिवेशों के दखल का युद्ध आदि।

प्रश्न 29.
औद्योगिक क्रांति के सामाजिक परिणामों का उल्लेख करो।
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति के सामाजिक परिणाम थे-

  1. इंगलैण्ड में मैनचेस्टर, लिवरपुल, बिस्टल, वर्किघम आदि उद्योग नगरी का उद्भव
  2. गाँव छोड़कर शहरों में लोगों का आगमन
  3. गाँव की जनसंख्या में कमी तथा दुर्दशा में वृद्धि एवं
  4. मालिक मजदूर दो वर्ग का जन्म आदि।

प्रश्न 30.
औद्योगिक क्रांति के अर्थनैतिक परिणामों का उल्लेख करो।
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति के अर्थनैतिक परिणाम थे-

  1. ग्रामीण कुटीर उद्योगों का नष्ट हो जाना।
  2. बृहत कलकरखानों से फैक्ट्री प्रथा का उद्भव
  3. श्रम विभाजन नीति का जन्म
  4. औद्योगिकीकरण का विस्तार आदि।

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प्रश्न 31.
औद्योगिक क्रांति के बाद ग्रामीण समाज क्यों दूट गया ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति के बाद गाँव के अधिकांश गरीब किसान शहर में नगद मजदूरी पर काम के लिये आने लगं जिसके कारण गाँव की आबादी कम होने लगी तथा क्रमश: गाँव उजाड़ होने लगे।

प्रश्न 32.
औद्योगिक क्रांति के दो सामाजिक दुष्परिणामों का उल्लेख करो।
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति के दो महत्वपूर्ण सामाजिक दुष्परिणाम हैं-
1. गाँव के अधिकांश गरीब कृषक नौकरी के लिये शहरों में.आने लगे, फलस्वरूप गाँव खाली होने लगे
2. कारखानों में मजदूरी मिलने एवं अधिक समय तक काम करने के कारण श्रमिकों की दुर्दशा होने लगी।

प्रश्न 33.
फैक्ट्री प्रथा क्या है ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति के कारण यूरोप के विभिन्न देशों में बृहत कल-कारखाने निर्मित हुए। इन कारखानों में मशीनों के व्यवहार से औद्योगिक उत्पादन में गुणगत्रत एवं परिमाणगत उन्नति हुई। कारखानों में इस व्यवस्था को फैक्ट्री प्रथा के नाम से जाना गया।

प्रश्न 34.
‘घेटो’ क्या है ?
उत्तर :
‘घेटो’ शहर के उस निर्दिष्ट इलाकों को कहा जाता है जहाँ पर कोई विशेष सामाजिक, अर्थनैतिक या धार्मिक संख्यालघु के लोग रहते हैं। वेनिस शहर में यहूदियों के रहने के निर्दिष्ट इलाको को चिह्नित करने के लिये ‘घेटो’ शब्द का प्रथम व्यवहार हुआ। बाद में बाहर से आये लोगों के रहने के इलाकों के लिये ‘घेटो’ का व्यवहार होने लगा।

प्रश्न 35.
‘श्रम-विभाजन’ नीति से क्या समझते हो ?
उत्तर :
यूरोप में औद्योगिकीकरण के बाद कारखाने में उत्पादन के काम में एक-एक श्रमिक एक-एक विशेष कार्य के लिये नियुक्त रहता था। इसे श्रम-विभाजन नीति कहा जाता था।

प्रश्न 36.
‘लुडाइट दंगा’ क्या है ?
उत्तर :
इंगलैण्ड का मजदूर वर्ग कारखाने की मशीनों को अपना असली दुश्मन मानते थे क्योंकि इन कारखानों में काम करने के कारण ही उनके जीवन में दुर्दशा का आगमन हुआ, इसलिये नेडलुड नामक एक श्रमिक के नेतृत्व में श्रमिक वर्गों ने मशीनों को तोड़कर अपनी दुर्दशा से मुक्ति पाने की चेष्टा की। इंगलैण्ड में 1811-17 ई. तक चले इस मशीन तोड़ आन्दोलन को ‘लुडाइट दंगा’ कहा जाता है।

प्रश्न 37.
‘कम्बलधारी अभियान’ क्या है ?
उत्तर :
ब्रिटिश सरकार द्वारा ‘हेवियस कारपस’ कानून से श्रमिकों के सभा-बैठक पर पाबंदी लगाये जाने से 1819 ई. में प्राय: 50 हजार श्रमिक इस कानून के प्रतिवाद में मैनचेस्टर के सैंटपीटर मैदान में जमा हुए। शीत के मौसम के कारण मजदूर कम्बल लेकर आये थे। इसीलिये इस अभियान को कम्बलधारी अभियान कहा जाता है।

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प्रश्न 38.
‘पीटरलू हत्याकाण्ड’ क्या है ?
उत्तर :
बिंटिश सरकार के ‘हेवियस कारपस’ कानून द्वारा मजदूरों की सभा बैठक पर पाबंदी के खिलाफ प्रायः 50 हजार श्र्रमिक मैनचेस्टर के सेंट पीटर मैदान में इकट्ठे हुए। इस बैठक पर ब्रिटिश सेना वाहिनी द्वारा गोली चलाने से 11 श्रमिक मारे गये एवं सैकड़ों मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए। यह हत्याकाण्ड ‘पिटरलू हत्याकाण्ड’ के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 39.
‘जून महीने का गृहयुद्ध’ कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
फ़ांस में 1848 ई, के निर्वाचन में प्रजातंत्र वर्ग के विजयी होने पर वहाँ की राष्ट्रीय कर्मशालाओं को बन्द करके श्रमिकों को भगा दिया गया। इसके कारण जून, 1848 ई. में हजारों-हजार समाजतंत्रियों ने पेरिस की सड़कों की नाकाबंदी की। सेनापति कैडिगनैक के गोलियों से प्राय: 500 श्रमिक मारे गये। इस घटना को जून महीने का गृहयुद्ध कहा जाता है।

प्रश्न 40.
‘खूनी मई सप्ताह’ क्या है ?
उत्तर :
फ्रांस के श्रमिक वर्ग द्वारा पेरिस के शासन संचालन के लिये 1871 ई. में पेरिस कम्युन गठन किये जाने पर सरकारी सेनावाहिनी ने एक सप्ताह (22-29 मई 1871 ई.) तक श्रमिकों पर निर्मम हत्यालीला चल्माया। यह घटना ‘खूनी मई सप्ताह’ के नाम से परिचित है।

प्रश्न 41.
कार्ल मार्क्स के राजनैतिक मतवाद किन पुस्तकों में वर्णित है ?
उत्तर :
कार्ल मार्क्स के राजनैतिक मतवाद-

  1. कम्युनिस्ट मेनीफेस्टो
  2. दास कैपिटल
  3. क्रिटिक ऑफ पालिटिकल इकोनोमी
  4. पावर्टी ओंफ फिलासफी एवं
  5. द होली फैमिली आदि में वर्णित है।

प्रश्न 42.
मार्क्सवाद की प्रमुख नीतियाँ क्या हैं ?
उत्तर :
कार्ल मार्क्स की वेज्ञानिक समाजतांत्रिक मतादर्श मार्क्सवाद के नाम से परिचित है। इनकी प्रमुख नीतियाँ हैं-

  1. द्वन्द्वमूलक वस्तुवाद
  2. ऐतिहासिक वस्तुवाद
  3. अधिशेष मूल्यतत्व
  4. श्रेणी संग्राम एवं
  5. क्रांति।

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प्रश्न 43.
विश्व का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन कौन-सा है ? यह कब और किसकी प्रचेष्टा से बना था ?
उत्तर :
विश्व का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन है- कम्युनिस्ट लीग। ‘कम्युनिस्ट लीग’ की स्थापना 1847 ई. में कार्ल मार्क्स की प्रचेष्टा से हुई थी।

प्रश्न 44.
19 वीं सदी में नये उपनिवेशवाद के क्या कारण थे ?
उत्तर :
19 वी सदी में नये उननिवेश्वाद के निम्न कारण थे-

  1. मालिको या पूंजीपतियों के हाथ में अथाह धन-सम्पदा जमा होने पर उसे विनिवेश करने के लिये नई जगहों की तलाश
  2. ईसाई धर्मपयार
  3. राजनीतिक दबद्बा की आकांक्षा एवं
  4. उग्र राष्ट्रीयतावाद का विस्तार आदि।

प्रश्न 45.
आधुनिक साग्राज्यवाद या नया उपनिवेशवाद के कारणों की व्याख्या हाब्सन ने किस रूप में की है ?
उत्तर :
आधुनिक साम्राज्यवाद या नया उपनिवेशवाद की व्याख्या हाब्सन के मतानुसार –

  1. औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप पूंजीपतियों के हाथ में पर्याप्त धन-सम्पति संचित हुई है।
  2. तैयार माल बेचने के लिये नये बाजार या उपनिवेश बनाने में अर्थ निवेश करके और मुनाफा कमाने के उद्देश्य से नया उपनिवेश दखल,
  3. उपनिवेश दखल करके वहाँ पर पूंजीविनियोग करके और मुनाफा कमाना ही उनका उद्देश्य था।

प्रश्न 46.
उपनिवेशवाद की समाप्ति के लिये हाब्सन की पद्धति का उल्लेख करो।
उत्तर :
हाब्सन अपने ‘साग्राज्यवाद : एक समीक्षा’ पुस्तक में कहा है कि पूंजीवाद में पूंजीपति श्रेणी के हाथों में जो पर्याप्त अर्थसम्पदा है उसे गरीबों में वितरण एवं सामाजिक विकास के कारों में खर्च करने से मुनष्य के जीवन की अग्रगति बढ़ेगी। फलस्वरूप वे लोग कारखाने के उत्पाद को खरीद सकेंगे और इस तरह तैयार माल बेचने के लिये उपनिवेश दखल की जरूरत नहीं पड़ेगी।

प्रश्न 47.
लेनिन के अनुसार उपनिवेश दखल का कारण क्या है ?
उत्तर :
लेंनि अपनी पुस्तक ‘सांम्राज्यवाद: पूंजीवाद का सर्वोच्च स्तर’ में कहा है कि अधिक मुनाफा के लिये पूंजीपति वर्ग देश के लोगों की जरूरत की अपेक्षा अधिक उत्पादन करते हैं। इस अधिशेष सामग्री की बिक्री के लिये बाजार दखल एवं कच्चेमाल के संग्रह के लिये वे लोग उपनिवेश दखल करते हैं।

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प्रश्न 48.
स्वेज नहर बनाने का उद्देश्य क्या था ?
उत्तर :
यूरोप के औद्योगिक उन्नत देश समुद्रीमार्ग से अफ़ीका महादेश के चारों ओर घूमकर पूर्वी देशों में व्यापार के लिये आते थे। इसके कारण उनका बहुत सारा समय एवं धन खर्च होता था। पश्चिम के साथ पूरब का सम्पर्क सहज बनाने के लिये मिस्र के रास्ते से स्वेज नहर खनन किया गया।

प्रश्न 49.
मुक्तद्वार नीति क्या है ?
उत्तर :
अमेरिकी विदेश सचिव सर जॉन हे द्वारा घोषित मुक्तद्वार नीति में कहा गया है कि-
(i) चीन सब देशों के लिये बराबर है,
(ii) विभिन्न शक्तियों द्वारा चीन के दखल किये गये विभिन्न क्षेत्रों में अमेरिका को व्यापार करने का समान अवसर देना होगा।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 4 MARKS

प्रश्न 1.
इंगलैण्ड में सबसे पहले औद्योगिक क्रांति होने के क्या कारण थे ?
उत्तर :
इंगलैण्ड में सर्वप्रथम औद्योगिक क्रांति होने के कारण :
प्राकृतिक परिवेश : इंगलैण्ड का नम (आर्द्र) मौसम, धारा प्रवाह नदियाँ, जल विद्युत उत्पादन की सुविधा, वायुशक्ति व्यवहार का सुयोग, उच्च श्रेणी के कोयले-लोहे के भण्डार आदि की उपस्थिति ने औद्योगिक क्रांति का वातावरण बना दिया था।
मजदूरों की उपलब्धि : इंगलैण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों से अनेक बेरोजगार लोगों के शहरों में काम की तलाश में आने से कल-कारखानों में सस्ते श्रमिकों का मिलना भी इसमें सहायक बना।
कच्चे माल की आपूर्ति : 18 वीं सदी के इंगलैण्ड में कृषि क्रांति के कारण कारखाने के लिये आवश्यक कच्चे माल का उत्पादन होने लगा था, इसके अलावा इंग्लैण्ड के अनेक उपनिवेशों से कच्चे माल की आपूर्ति भी सहज ही हो जाती है।
मूलधन (पूंजी) का विनिवेश : इंगलैण्ड में बैंकिंग व्यवस्था का प्रसार तथा औपनिवेशिक देशों के शोषण से प्राप्त अर्थ-सम्पदा कल-कारखानों के लिये पूंजी के रूप में लगाना आदि भी औद्योगीकरण का एक प्रमुख कारण था।
बाजार : उस समय इंगलैण्ड के कृषकों की आर्थिक अवस्था अच्छी होने से उनकी क्रयक्षमता में वृद्धि हुई ! दूसरी तरफ इंगलैण्ड के उपनिवेश उसके उत्पादों की बिक्री के लिये बड़े बाजार थे।
यातायात की सुविधा : इंगलैण्ड का विशाल जल मार्ग एवं बन्दरगाहों के द्वारा दूर-दूर तक कच्चे माल एवं उत्पादित सामग्री के आवागमन से औद्योगीकरण को बड़ा बल मिला।
वैज्ञानिक आविष्कार : 18 वीं सदी में विभिन्न वैज्ञानिक आविष्कार जैसे फ्लाइंग शटल, स्पिनिंग जेनी, वाटर फ्रेम, म्यूल आदि ने औद्योगिक क्रांति में बहुत ही सहायता की।

प्रश्न 2.
परिवहन व यातायात की दिशा में क्रान्ति किस प्रकार सम्पन्न हुई ?
उत्तर :
1800 ई० तक इंग्लैण्ड में केवल एक चीज की कमी रह गयी – तेज रफ्तार से चलने वाले तथा विश्वसनीय परिवहन के साधन की। 1769 तथा 1830 ई० के बीच नहरों का जाल बिछाकर देश के एक छोर से दूसरे छोर तक माल ले जाने ले आने का काम बहुत सहज और कम-खर्चीला कर दिया गया था।

यतायात का विकास विशेष रूप से रेलवे का आविष्कार हो जाने के बाद आवागमन के साधनों में स्टीम इंजन के आविष्कार के बाद इससे रेलवे इंजन चलने लगे जिनकी सहायता से अधिक मात्रा में माल ढोया जा सकता था तथा आदमी भी बड़ी संख्या में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकते थे।

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प्रश्न 3.
औद्योगिक क्रान्ति में रेल विकास पर चर्चा करें।
उत्तर :
जॉर्ज़ स्टीफेन्सन ने 1830 ई० में अपने प्रसिद्ध भाप के इंजन – रॉकेट का आविष्कार किया। इंग्लैण्ड में हजारों मील लंबे रेलमार्ग बनने लगे। 1803 ई० में 1600 मील और 1808 ई० में 5000 मील लंबी रेल पटारियाँ बिछ गई। रेलवे से उत्पादित सामानों के आयात-निर्यात करने में काफी सुविधा हो गई। भाप के इंजन से व्यापार के विकास में अभूतपूर्व उत्नति हुई। डेविस महोदय ने लिखा है कि अगर इस वाष्प-इंजन की खोज नहीं हुई होती तो व्यापार में यह अभूतपूर्व और आश्चर्यजनक विकास नहीं हुआ होता।

प्रश्न 4.
औपनिवेशिक प्रतिद्वन्द्विता के आर्थिक पहलू का उल्लेख करें।
उत्तर :
नए साम्राज्यवाद के विस्तार में 1871 ई० के उपरांत सैकड़ों कल-कारखाने इटली फ्रांस, जर्मनी, बिंटन इत्यादि में खोले गए और अपरिमित मात्रा में व्यापारिक वस्तुओं का उत्पादन किया जाने लगा। बिटेन पहले से ही उत्पादन के क्षेत्र में अग्रगण्य था। जब अन्य यूरोपीय देशों के सामान विभिन्न देशों के बाजारों में बिक्री के लिए पहुँचने लगे, तब बिटेन को और अधिक चिन्ता हुई। इस चिन्ता का सबसे बड़ा कारण यह था कि अब तक यूरोपीय देशों को बाजारों में बिंटेन के एकाधिकार पर चोट पड़ने लगी। अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए बिटेन ने एक उपाय निकाला। उसने संरक्षण की नीति का अवलंबन किया तथा आयात वाली व्यापारिक सामग्री पर भारी कर लगाना प्रारंभ किया। इसके फलस्वरूप, विभिन्न देश अतिरिक्त उत्पादित सामग्री की बिक्री के लिए नए-नए बाजार खोजने लगे। इसी खोज ने उपनिवेशवाद की नींव डाली।

प्रश्न 5.
चीन में औपनिवेशिक प्रतिद्वन्द्विता एवं लूट खसोट का उल्लेख करें।
उत्तर :
ब्रिटिश व्यापारी चीन से चाय, रेशम तथा दूसरी वस्तुएँ खरीदते थे। ब्रिटिश व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर चीन में अफींम की तस्करी आरंभ कर दी। अफीम का यह गैरकानूनी व्यापार ब्रिटिश व्यापारियों के लिए बहुत लाभदायी था।
चीन में साप्राज्यवाद के प्रसार का दूसरा महत्वपूर्ण चरण जापान के साथ चीन के युद्ध तब हुआ जब जापान ने अपना प्रभाव कोरिया पर बढ़ाना चाहा जो कि चीन के आधिपत्य (ओवरलार्डंशिप) में था। चीन ने इसका विरोध किया।

प्रश्न 6.
अफ्रीका के विभाजन का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
अफ्रीका के विभाजन के लिए बर्लिन में एक अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व के सभी प्रभुख राष्ट्रों ने भाग लिया था। यूरोप के राश्ट्रों ने बर्लिन अधिनियम की उपेक्षा करके अपने-अपने ढंग से अफ़ीका में उपनिवेश स्थापित करना प्रारम्भ कर दिया। अफ्रीका के विभाजन में फ्रांस, इंग्लैण्ड, इटली व जर्मनी ने सक्रिय रूप से भाग लिया था। 1878 के बाद 30 वर्ष के अल्प समय में विशाल महाद्वीप का विभाजन बिना किसी विनाशकारी युद्ध के पूरा हुआ। अफ्रीका के विभाजन की सर्वाधिक विशेषता यह है कि यह तीव्र गति के साथ सम्पन्न किया गया था। अफ्रीका परतंत्र हो गया लेकिन इसके साथ ही ‘वहाँ के जनजातीय युद्ध प्लेग, अमानवीय मान्यताएँ आदि समाप्त हो गई तथा आवागमन के साधनों और शिक्षा के प्रचार का प्रसार हुआ।

प्रश्न 7.
औद्योगिक कान्ति ने जिस औपनिवेशक विस्तार को जन्म दिया वह साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा में कैसे बदल गया ?
उत्तर :
सभी देशों ने अमेरिका, अफ्रीका व एशिया महाद्वीपों में ऐसे क्षेत्रों की खोज की जो अविकसित थे किन्तु वहाँ पर कच्चे माल के स्रोत पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थे तथा जहाँ पर निर्मित माल की बिक्री भी की जाती थी। धीरे-धीरे इन क्षेत्रों पर यूरेशिया के देशों का अधिकार होने लगा तथा इस कार्य के लिए उनमें परस्पर प्रतियोगिता बढ़ने लगी। इंग्लैण्ड, फ्रांस, बेल्जियम, होंलैण्ड ने विश्व के विभिन्न भामों में अपने उपनिवेश स्थापित कर लिये थे। सन् 1870 के पश्चात् जर्मनी व इटली ने भी इस दिशा में प्रयत्म करना प्रारम्भ कर दिया था। औपनिवेशिक क्षेत्र में विभिन्न देशों की महत्वाकांक्षा तथा प्रतियोगिता की भावना ने परस्पर कटुता व वैमनस्य की भावना को जन्म दिया था।

प्रश्न 8.
तार द्वारा समाचार भेजने की पद्धति का वर्णन करें।
उत्तर :
1837 ई॰ में इंग्लैण्ड और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रानिक टेलीग्राफ का अपने-अपने देश में स्वतंत्र रूप से आविष्कार किया और 19 वीं शताब्दी के अंत होते-होते संचार के सभी प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों का पारस्परिक संबंध टेलीग्राफ के द्वारा चलने लगा। एक अंग्रेज रॉलैंड हिल ने पुरानी, धीमी, महँगी और अविश्वस्त डाक व्यवस्था को बदल डाला। उसने एक व्यवस्था की जिसके द्वारा एक पेंस के टिकट से कोई भी पत्र ग्रेट ब्रिटेन में किसी भी जगह भेजा जा सकता था। इसी कारण, उसको आधुनिक डाक व्यवस्था का जनक कहा जाता है। 1874 ई० में अंतराष्ट्रीय डाक संघ की स्थापना हुई। इस संस्था के द्वारा लगभग सभी देश अंतर्राष्ट्रीय पत्रों, पार्सल और धनादेशों को बहुत कम दर पर तथा स्थान पर पहुँचाने में सहयोग करते हैं।

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प्रश्न 9.
इंगलैण्ड एवं महादेश के अन्य देशों के औद्योगिकीकरण में मौलिक अन्तर क्या था ?
उत्तर :
18 वीं सदी के दूसरे चरण में सर्वपथम इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति शुरू हुई। इसके प्राय: 50 वर्षो के पश्चात यूरोप के अन्य देश-फ्रांस, जर्मनी, हालैण्ड, बेल्जियम, स्विद्जरलैण्ड, रूस आदि देशों में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई।
इंगलैण्ड एवं महादेशीय औयोगिकी में अन्तर
निम्नलिखित तालिका में अन्तर दिखाया गया है :-
विषय
प्रतियोगिता
उपनिवेश
यन्न-मशीनें
कारखानों में पूंजी निवेश
इंगलैण्ड का आद्योगिकिकरण
इंगलैण्ड में सर्वप्रथम औद्योगिक क्रांति की शुरुआत होने से उनके उद्योगों को प्रतियोगिता का सामना नहीं करना पड़ा। पृथ्वी के अधिकतर स्थानों में इंगलण्ड के उपनिवेश फैले हुए थे जहाँ उन्हें कच्चे माल एवं उत्पादन सामग्री की खरीदबिक्री की सुविधाएँ मिलती थीं।
इंगलैण्ड अपने आविष्कारों के माध्यम से औद्योगिक क्रांति लाने में सफल हुआ था।
इंगलैण्ड के कल-कारखानों में व्यक्तिगत पूंजी निवेश की प्रधानता थी। वहाँ देश एवं सरकार की भूमिका गौण थी।
महादेशीय औद्योगिकीकरण
यूरोप के अन्य देशों में इंगलैण्ड के बाद प्राय: एक ही साथ औद्योगिक विकास होने के कारण प्रतियोगिता में उतरना पड़ा। अन्य यूरोषीय देशों के पास इंगलैण्ड की तरह सुविशाल उपनिवेश नहीं होने के कारण कच्चे माल एवं उत्पादित सामग्री की खरीद-बिक्री के लिये सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थी।
अन्य यूरोपीय देशों ने इंगलैण्ड में विकसित यंत्र-मशीनों की सहायता से अपने-अपने देश में औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात किया। यूरोष्प के अन्य देशों में राष्ट्र, सरकार एवं बैंक द्वारा पूंजी लगाकर कल-कारखानों की स्थापना की गयी थी।

प्रश्न 10.
फ्रांस के औद्योगिकीकरण की अग्रगति का उल्लेख करो।
उत्तर :
इंगलैण्ड की औद्योगिक क्रांति के प्राय: आधी सदी के बाद फ्रांस में औद्योगिकीकरण की शुरुआत हुई। इतिहासकार रस्टो की राय में 1830 ई. से लेकर 1860 ई. के बीच फ्रांस में उद्योग-धंधों का विकास हुआ।
फ्रांस में औद्योगिक प्रगति : विभिन्न फ्रांसीसी सम्राटों की प्रचेष्टा से फ्रांस में औद्योगिक प्रगति का प्रसार-विस्तार हुआ जिसका संक्षिप्त वर्णन निम्नरूप है :
लुई सोलहवें का शासनकाल : फ्रांसीसी सम्राट लुई सोलहवें के अर्थ मंत्री कैलोन फ्रांस ने औद्योगिक विकास के लिये इंगलैण्ड से विशेषजों का दल लाकर फ्रांस में कल-कारखानों की स्थापना करवायी।
नेपोलियन का शासनकाल : सम्राट नेपोलियन (1799-1814 ई.) इंगलैण्ड के विरुद्ध महादेशीय अवरोध व्यवस्था की घोषणा, उद्योग-धंधों के लिये सस्ते सूद पर मूलधन, यंत्र-मशीनों के आविष्कार के लिय वैज्ञानिकों को उत्साह आदि प्रदान करके फ्रांस ने औद्योगिकीकरण की चेष्टा की।
लुई फिलिप का शासनकाल : लुई फिलीप (1830-1848 ई.) ने बैंक व्यवस्था का आधुनिकीकरण, सड़क एवं जलमार्ग से यातायात व्यवस्था का विस्तार किया। 1832 ई. में फ्रांस में रेलमार्ग के निर्माण होने के फलस्वरूप वोर्दो, तुलों तथा आलसास आदि जगहों पर कोयला, लोहा, सूती वस्त्र उद्योग का विकास हुआ।
नेपोलियन तृतीय का शासनकाल : सम्राट तृतीय नेपोलियन ने (1848-1870 ई.) क्लेदी मविलिये एवं क्लेदी फँसिये नामक औद्योगिक बैंकों की स्थापना की एवं श्रमिक तथा मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिये ‘कनसिलियेन बोर्ड’ का गठन करके औद्योगिकीकरण को फ्रांस में गति प्रदान की।
विभिन्न उद्योग : फ्रांस में विभिन्न उद्योगों की स्थापना के फलस्वरूप रेल मार्ग का विस्तार, लौह-इस्सात तथा कोयला आदि उद्योगों का विकास हुआ। इसके अलावा वस्त्र, कागज, चीनी, रेशम, रासायनिक आदि उद्योगों का भी विस्तार हुआ।

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प्रश्न 11.
जर्मनी की औद्योगिक प्रगति का उल्लेख करो।
उत्तर :
इंगलैण्ड एवं फ्रांस के औद्योगिक विकास के बाद 19 वीं सदी के प्रथम चरण में जर्मनी के विभिन्न राज्यों में उद्योगधंधों का विकास आरंभ हुआ।
जर्मनी में उद्योग-धंधों का विकास : औद्योगिक विकास के मामले में जर्मन राज्यों में सबसे पहले पर्सिया सचेष्ट हुआ।
श्रमिकों की आपूर्ति : पर्सिया में भूमिदास प्रथा की समाप्ति (1815 ई.) के बाद भूमिदास कारखानों में श्रमिक के रूप में काम करने के लिये शहरों में आकर बसने लगे।
जोल्वेराइन : 1834 ई. में जर्मन राज्यों में जोल्वेराइन नामक शुल्कनीति चालू होने से जर्मनी के सभी राज्यों में समान शुल्क नीति की शुरुआत हुई एवं औद्योगिक विकास में तेजी आई।
रेल मार्ग की स्थापना : जर्मनी में 1835 ई. में रेलमार्ग विकसित होने से शहरों से सम्पर्क पैदा हुआ तथा यातायात की सुविधा से औद्योगिकीकरण और मजबूत हुआ।
आलसास-लोरेन की प्राप्ति : जर्मनी को फ्रांस से कोयला एवं लौह-खनिज संपन्न दो नगर अलसास एवं लोरेन के मिल जाने से (1870 ई.) जर्मनी के उद्योगों में लौह एर्व कोयले की आपूर्ति होने लगी।
पूंजी की आपूर्ति : जर्मनी की फ्रांस से प्रचूर आर्थिक क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त किया। चान्सलर बिस्मार्क द्वारा जर्मन बैंक की व्यवस्था को पुनगर्ठित किया गया जिससे उद्योग-धंधों में पूंजी निवेश होने लगी।
विभिन्न उद्योग-धंधे : जर्मनी के एकीकरण होने पर बहुत सारे कल-कारखानों की स्थापना हुई। वहाँ लौह-इस्पात, कोयला, सूती कपड़ा मिल, अस्त्र-शस्त्र निर्माण, रेल पथ, जहाज-निर्माण, मशीन निर्माण आदि अनेक उद्योगों का विकासहुआ।

प्रश्न 12.
‘औद्योगिक क्रांति’ से क्या समझते हो ?
उत्तर :
18 वीं सदी के प्रथम चरण में यूरोपीय अर्थनीति मूलतः कृषि पर निर्भर थी। इस सदी के दूसरे चरण में उद्योग-धंधों में मशीनों के प्रयोग से उत्पादन में अधिक वृद्धि होने लगी।
औद्योगिक क्रांति :
औद्योगिक क्रांति की धारणा : साधारणतः कहा जाता है कि 18 वीं सदी के मध्य भाग से विभिन्न यंत्रों के आविष्कार एवं उद्योग-धंधों में उनके व्यवहार से उत्पादित या तैयार सामग्री के गुणों एवं परिमाण में वृद्धि के गुणगत परिवर्तन का नतीजा ही औद्योगिक क्रांति के नाम से परिचित है।

फिशर का मत: इतिहासकार फिशर की राय में शारिरीक श्रम के बदले मशीनी व्यवहार से उत्पादन एवं इसमें वृद्धि की घटना औद्योगिक क्रांति है।.

फिलिस डिन का मत : अध्यापक फिलिस डिन की राय में –

  1. बृहद् पूंजी का विनियोग
  2. पूंजी लगाने के लिये बैंकों की स्थापना
  3. मशीनों से कारखाना चलाना
  4. उत्पादन कार्यों में मजदूरी के बदले श्रमिकों को लगाना
  5. उत्पादों की बिक्री करके मुनाफा कमाना
  6. कच्चा माल एवं उत्पादों के परिवहन के लिये यातायात की व्यवस्था का विस्तार ही औद्योगिक क्रांति है।

प्रश्न 13.
औद्योगिक क्रान्ति के कारण नये शहरों का विकास कैसे हुआ ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति ने नगरों को जन्म दिया और उनकी व्यावसायिक प्रमुखता कायम की। जहाँ-जहाँ उद्योग के केन्द्र खुले, वहाँ-वहाँ नगर बस गए। क्रान्ति-पूर्व यूरोप में, लगभग 83 नगर थे। क्रान्ति के बाद शीघ्र ही उनकी संख्या बढ़कर 180 हो गई। 18 वीं शताब्दी का अंत होते-होते संसार की आबादी का अधिकांश इन नगरों में आकर बस गया। अत:, गाँवों की तुलना में नगरों की आबादी का महत्त्व बढ़ गया।

प्रश्न 14.
बुर्जुआ वर्ग का संक्षिप्त परिचय दें।
उत्तर :
इंग्लैण्ड का बुर्जुआ वर्ग : 18 वी शताब्दी में इंग्लैण्ड में बुर्जुआ वर्ग की शक्ति में वृद्धि हुई। इस उच्च वर्ग के लोगों ने गाँवों में अपनी जमीनों से लगे छोटे किसानों की जमीनों को खरीदकर बड़े-बड़े फार्म हाउस बनाया जिससे कृषि उत्पादन बढ़ा। इस कारण इनकी आमदनी भी बढ़ी। इनमें से ही बहुत से लोगों ने शहरी कारखानों में पूँजी लगायी और कारखानों के विकास से पूँजीपति वर्ग का जन्म हुआ। इंग्लैण्ड की संसद में बुर्जुआ वर्ग एवं पूँजीपति वर्ग का प्रतिनिधित्व था। इस तरह बुर्जुआ पूँजीपति राजनीतिक व्यवस्था का विकास हुआ। संसद के सदस्य जिनमें भू-स्वामी (बुर्जुआ), उत्पादक (पूँजीपत) तथा पेशेवर लोग शामिल थे, जो कामगारों को वोट का अधिकार दिये जाने के खिलाफ थे। उन्हांने अनाज कानून (Corn Law) का समर्थन किया। इस कानून के अन्तर्गत देश-विदेश से सस्ते अनाज के आयात पर रोक लगा दी गयी थी जब तक कि बिटेन में इन अनाजों की कीमत में एक स्वीकृत स्तर तक वृद्धि नह गई हो।

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प्रश्न 15.
आधुनिक युग में उपनिवेश का जन्म कैसे हुआ ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति ने व्यापारिक प्रतियोगिता को जन्म दिया। यूरोप के विभिन्न देशों में व्यापारिक सामग्री का उत्पादन काफी मात्रा में होने लगा, जिनकी बिक्री के लिए बाजारों की आवश्यकता थी, जिनकी प्राप्त विभिन्न देशों पर अधिकार काय़म करके ही की जा सकती थी। इसी प्रकार व्यापारिक उपनिवेशों के विस्तार के लिए इटली भी चिंतित था। अतः औद्योगिक विकास ने आर्थिक समाज्यवाद की भावना का सृजन किया और आर्थिक साम्राज्यवाद ने अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिद्वंद्विता को जन्म दिया।

प्रश्न 16.
आधुनिक युग में भारत में आयात और निर्यात में बदलाव कैसे आये ?
उत्तर :
सत्रहवीं शताब्दी में भारत का समान रूप से शहरीकरण हुआ तथा आर्थिक रूप से निर्यात में आगे था क्योंकि सूती वस्त्र का वह काफी मात्रा में निर्यात करता था। इस सदी के अंत तक भारत सूती वस्त्र का प्रमुख उत्पादक देश था जो बिटेन के साथ ही साथ यूरोप के अन्य देशो में ईस्ट इंडिया के माध्यम से निर्यात करता था। जब अठारहवीं सदी कें अंत तक ब्रिटिश सूती वस्त्र उद्योग में तकनीकी क्रांति चल रही थी तो भारतीय उद्योग स्थिर हो गया था तथा भारत में औद्योगीकरण रुका हुआ था। भारत पर शासन करके बिटेन को काफी लाभ हुआ। भारत की अधिकांश आबादी बिटिश उद्योगों के लिए एक बड़ा बाजार थी। उदाहरणस्वरूप 1880 ई० में ब्रिटेन के कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत निर्यात भारत में होता था। भारत ने वास्तव में बिटिश शासन के अधीन खाद्यानों का आयात शुरू किया था क्योंकि भारतीय तब नगदी फसल कपास तथा चाय का उत्पादन कर रहे थे, जो ब्रिटेन भेज दिए जाते थे।

प्रश्न 17.
जिन्गोइस्टीक राष्ट्रीयता की चर्चा करें।
उत्तर :
अफ्रीका महादेश में मोरक्को पर अधिकार स्थापित करने में फ्रांस काफी तत्परता से काम ले रहा था चूँकि इससे अफ्रीका में फ्रेंच उपनिवेशों की स्थिति काफी मजबूत हो जाती थी। सन् 1904 ई० में फ्रांस के विदेश मंत्री वेल्कासे ने इंग्लैंड और उसके बाद स्पेन से मिलकर संधियाँ कर लीं और अपनी स्थिति को मजबूत बना लिया। जर्मनी को यह अच्छा नहीं लगा। उसने फ्रास पर दबाव डाला कि वह वेल्कासे को पद्च्युत कर दे। फलत: भयवश फ्रांस ने वेल्कासे को पद्च्युत कर दिया। मोरक्को के प्रश्न पर जर्मनी ने फ्रांस को एक सम्मेलन बुलाने के लिए कहा। सन् 1906 में अलजियर्स की सभा में लगभग बारह राज्यों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए जिसमें अस्ट्रिया, हंगरी और जर्मनी को छोड़ सबने फ्रांस का ही पक्ष लिया। अत: मोरक्को पर फ्रांस को स्पेन के साथ मिलकर शांति सुरक्षा स्थापित करने का दायित्व सौंपा गया। अल्जियर्स ने जर्मनी को कुछ न दिया, अतः जर्मनी का चिढ़ जाना स्वाभाविक था।

4 नवम्बर, 1911 ई० को एक समझौते के अनुसार जर्मनी ने मोरक्को पर फ्रांस का संरक्षण इस शर्त के साथ मान लिया कि मोरक्को पर फ्रांस का संरक्षण इस शर्त के साथ मान लिया कि मोरक्को में वाणिज्य संबंधी मुत्तद्वार की नीति का पालन किया जायेगा तथापि फ्रांस एवं जर्मनी के बीच कटु संबंधों से भावी युद्ध की पृष्ठभूमि बनने लगी।.

प्रश्न 18.
जर्मनी और फ्रांस के संकट का वर्णन करें।
उत्तर :
जर्मनी और फ्रांस के संकट का तात्पर्य इन दोनों देशों की आपसी दुश्मनी का पर्याय था। जर्मनी का उद्देश्य त्रिराष्ट्र समझौते को एक सम्मेलन बुलाकर अंतराष्ट्रीय कानून के स्तर पर तोड़ना था । फ्रांस द्वारा मोरक्को को गैरकानूनी राष्ट्र घोषित कर दिया गया तथा इस विषय पर जर्मनो से उसका तनाव चल रहा था। फ्रांस मोरक्को पर पूरा अधिकार करना चाहता था इसलिए उसने उस पर अपना प्रभाव बढ़ाकर अपने समर्थक को मोरक्को की गद्दी पर सुल्तान बनाकर बैठा दिया। फ्रांस की सेना ने मई 1911 ई० मे अपने समर्थक सुल्तान के विरुद्ध बगावत को दबाने के लिये मोरक्को की राजधानी फेज पर कब्जा कर लिया।

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प्रश्न 19.
बोस्निया संकट का संक्षिप्त इतिहास लिखें।
उत्तर :
बड़ी शक्तियों की रोकथाम के कारण बाल्कन के लोगों का संघर्ष विरोधियों के आपस में लड़ने का कारण मुश्किल हों गया था। रूस आस्ट्रिया तथा जर्मनी का इस क्षेत्र में अधिक रुझान था। आर्थिक तथा सांस्कृतिक कारणों से रूस की गहरी रुचि श्री तथा साथ ही साथ रूस को अपने उत्पाद के निर्यात के लिये दक्षिण में एक बन्दरगाह की भी जरूरत थी। रूस का आधा से ज्यादा प्राय; सभी प्रकार के अनाज इसी रास्ते से निर्यात किये जाते थे, अतः उसकी मंशा अपनी जल सेना के लिये एक गर्म पानी का बंदरगाह बनाना था।

प्रश्न 20.
‘औद्योगिक्र क्रांति’ शब्द की उत्पत्ति के बारे में क्या जानते हो ? सर्वप्रथम कहाँ एवं कब औद्योगिक क्रांति हुई ?
उत्तर :
18 वीं सदी के द्वितीय चरण में यूरोप के उद्योगों में यंत्रों के वैज्ञानिक आविष्कार एवं उनके व्यवहार के फलस्वरूप उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि एवं सुधार की जो अग्रगति हुई उसे औद्योगक क्रांति कहा गया।

‘औद्योगिक क्रांति’ शब्द की उत्पत्ति : अंग्रेजी में industrial Revolution शब्द का हिन्दी रूपान्तर औद्योगिक क्रांति है। फ्रांसीसी दार्शनिक अगस्त ब्लांकी ने 1837 ई में सर्वपथम औद्योगिक क्रांति शब्द का व्यवहार किया। बाद में अंग्रेज इतिहासकार अर्नाल्ड ट्येनबी अपने ऑक्सफोर्ड व्याख्यान में ‘औद्योगिक क्राति’ शब्द का व्यवहार करके इसे लोकप्रिय् बनाया।

औद्योगिक क्रांति सर्वप्रथम कहाँ शुरू हुई ? सर्वप्रथम इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई। बाद में फ्रांस, जर्मनी, रूस, स्विद्जरलैण्ड आदि देशों में औद्योगिक क्रांति का प्रचार-प्रसार एवं विकास हुआ।

औद्योगिक क्रांति का आरंभिक काल : औद्योगिक क्रांति को इतिहास में साधारणत: उद्योग की उड़ान या Take off कहा जाता है। इस Take oft या उड़ान के सूत्रपात के समय को लेकर विद्वानों में मतभेद है- (1) अर्नाल्ड टयेनवी की राय में 1760 ई. में इंगैैण्ड में इसकी शुरुआतहुई। (2) कुछ लोगों की राय में 1780 ई का दशक है, लेकिन अधिकांश इतिहासकार इसे 18 वीं सदी के 60 एवं 80 के बीच अर्थांत् 1760 से 1780 ई. के बीच के समय को ही आरंभिक काल मानते हैं।

प्रश्न 21.
औद्योगिक क्रांति की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करो।
उत्तर :
18 वी सदी के दूसरे चरण में इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई जो बाद में यूरोप के विभिन्न देशों में फैल गई। औद्योगिक क्रांति की विशेषताएँ :
धारावाहिक प्रसार : यूरोप में सब जगह एक ही साथ औद्योगिक क्रांति आरंभ नहीं हुई। सर्वप्रथम इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति शुरू हुई एवं बाद में अन्य यूरोपीय देशों में इसका प्रसार हुआ।
मशीनों पर निर्भरता : औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप मनुष्य के शारीरीक श्रम के बदले विभिन्न कल-कारखानों में वेज़ानिक यंत्र अर्थात मशीनों के जरिये उत्पादन होने लगा।
पूंजी निवेशकारी : औद्योगिक क्रांति से वृहद कल-कारखानों की स्थापना होने लगी जिसमें बैक एवं पूंजीपतियों के द्वारा पर्याप्त मात्रा में पूजी निवेश किया गया।
औद्योगिक मजदूर का जन्म : औद्योगिक क्रांति से यूरोप के विभिन्न नगरों एवं शहरों में कल-कारखाने स्थापित होने लगे जिनमें गाँव से गरीब किसान शहरों में आकर मजदूरी करने लगे।

प्रश्न 22.
औद्योगिक क्रांति के अर्थनैतिक परिणाम क्या थे ?
उत्तर :
यूरोष में औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप वहाँ की कृषि निर्भर अर्थनीति उद्योग निर्भर अर्थनीति में बदल गयी। औद्योगिक क्रांति के अर्थनैतिक परिणाम :
व्यापार-वाणिज्य का विस्तार : औद्यागिक क्रांति के फलस्वरूप आधुनिक कल-कारखानों में कम समय में पर्याप्त परिमाण में उत्पादन सामग्री उत्पन्न होने लगी। इसके कारण अपने देश की आवश्यकता को पूरा करने के बाद अतिरिक्त उत्पाद विदेश के बाजारों में बिक्री करने के लिय भेजना आरंभ हुआ।
उपनिवेशिक विरोध : अपने उत्पादों की विक्री के लिये विभिन्न यूरोपीय देश उपनिवेशिक बाजारों को दखल करने का होड़ में प्रतिद्वन्दिता करने लगे, जिसके कारण उनके बीच में विरोध आरंभ हुआ।
फैक्ट्री प्रथा का उद्भव : औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप फैक्ट्री प्रथा का जन्म हुआ अर्थांत कुंटार उद्योग के स्थान पर बड़े-बड़े कल-कारखानों का निर्माण होने लगा।
श्रम विभाज़न : औद्योगिक क्रांति के कारण कल-कारखानों में श्रम विभाजन नीति की शुरुआत हुई। इस प्रथा के अनुसार कल-कारखानों में विभिन्न श्रमिक भिन्न-भिन्न कामों के लिये नियुक्त होते थे।
औद्योगिक पूँजी : औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप पूंजीपति वर्ग अपने व्यापारिक पूंजी का निवेश कल-कारखानों में करने लगे। अतः व्यापारिक पूंजी अब औद्योगिक पूंजी बन गयी।
शोषण : औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप कल-कारखानों के मालिक अर्थात पूंजीपति वर्ग मजदूरों को कम मजदूरी देकर 17-18 घंटे तक काम कराकर उनका शोषण करने लगे।

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प्रश्न 23.
प्रथम विश्वयुद्ध के प्रत्यक्ष कारण क्या थे ?
अथवा
‘सेराजेवो हत्याकाण्ड’ क्या था ?
उत्तर :
28 जून 1914 ई. को बोस्निया की राजधानी सेराजेवो शहर में ऑस्ट्रिया के युवराज फार्दिनाद एवं उनकी स्त्री सोफिया की आततायियों द्वारा हत्या की गई। यह घटना सेराजेवो हत्याकाण्ड के नाम से परिचित है।
प्रथम विश्वयुद्ध का प्रत्यक्ष कारण : सेराजेवो हत्याकाण्ड
स्लाव जाति का आन्दोलन : बर्लिन समझौता (1878 ई.) द्वारा स्लाव जाति के क्षेत्र बोस्तिया एवं हार्जगोबिना में ऑस्ट्रिया का आधिपत्य होने पर भी कुछ दिनों के बाद ऑस्ट्रिया ने दोनों राज्यों को दखल कर लिया। किन्तु दोनों राज्य सर्विया के साथ युक्त न होने के लिये तीव आन्दोलन शुरू कर दिये। सर्बिया भी इस आन्दोलन में ईधन दिया।

हत्याकाण्ड : ऑस्ट्रिया के युवराज फार्दिनान्द एवं उनकी स्त्री सोफिया के बोस्निया की राजधानी सेराजेवो शहर में आने पर ब्लैक हैण्ड’ या ‘यूनियन ऑफ डेथ’ नामक आतकवादी संगठन का सदस्य स्लाव जाति का युवक नैवरिलो प्रिन्सेप ने दिन दहाड़े राजपथ पर उन्हे गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

चरमपत्र (अल्टिमेटम) : सेराजेवो हत्यकाण्ड के लिये आंस्ट्रिया स्लाव जाति को ‘आततायियों की जाति’कहकर सम्बोधित किया गया। ऑस्ट्रिया ने इस हत्याकाण्ड के लिये स्लाव जाति इलाका सर्बिया को दोषी करार देकर एक अल्टिमेटम (23 जुलाई) भेजा।

बेलग्रेड आक्रमण : आस्ट्रिया द्वारा दी गई चरमपत्र की अधिकांश बातों को मान लेने पर भी कुछ मांगों पर चर्चा के लिए उसे अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्ताव के रूप में रखा गया। ऑस्ट्रिया ने उस प्रस्ताव को नहीं माना एवं 28 जुलाई 1914 ई, को सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड पर आक्रमण करने पर ऑस्ट्रो-सर्बिया युद्ध आरंभ हो यगा। इस युद्ध में शीं्र ही विभिन्न राष्ट्रों के जुड़ जाने से यह विश्व युद्ध में बदल गया।

प्रश्न 24.
यूरोप के बाहर यूरोपीय साप्राज्य विस्तार पर एक लेख लिखो।
उत्तर :
एशिया और अफ्रीका के अधिकांश देश अभी हाल तक साम्राज्यवादी देश के नियंत्रण में थे। इनमें वे देश भी शामिल हैं जिन पर साम्राज्यवादी देशों का प्रत्यक्ष शासन न था। एशिया, अफ्रीका तथा अमेरिकी महाद्वीप पर सामाज्यवादी नियंत्रण स्थापित करने तथा उनको उपनिवेश बनाने के बोच के काल में यूरोपीयों द्वारा शोषण तथा भौगोलिक खोजों के बाद पुर्तगाल, स्पेन, इग्लेण्ड, हालैंड और फ्रांस ने बड़े-बड़े औपनिवेशिक साम्राज्य स्थापित किए थे। उत्तरी अमेरिका के कुछ भागों पर इंग्लैण्ड तथा फ्रांस ने कब्जा किया। औद्योगिक क्रान्ति के आरंभिक काल में उपनिवेशों की यह दौड़ तथा ये औपनिवेशिक शत्रुताएं 19 वीं सदी की आखरी चौथाई में फिर सें उभरीं। 1875 के आस-पास आरंभ होकर 1914 तक बने रहने वाले साम्राज्यवाद के इस चरण को अक्सर ‘नव साम्राज्यवाद’ कहा जाता है।

प्रश्न 25.
नवीन श्रेणी के उदय की चर्चा करें।
उत्तर :
औद्योगिकीकरण के परिणामस्वरूप समाज में पूँजीपति वर्ग का विकास हुआ। कुलीन और सम्पन्न व्यक्तियों ने जोखिम उठाकर कल-कारखानों की स्थापना की। कारखानेदारी प्रथा के विकास ने पूँजीपति वर्ग के अलावा श्रमिक वर्ग को भी जन्म दिया। कारखानों में रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में भूमिहीन किसान और मजदूर बसने लगे। इनके श्रम पर ही औद्योगिक इकाइयाँ चलीं, परन्तु मजदूरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी।

प्रश्न 26.
ब्रिटेन किस तरह भारत को एक जवहरात (रत्)) की तरह लेता था ?
उत्तर :
आरम्भ में अंग्रेजी उप निवेशों में आयात अधिक और निर्यात कम होता था क्योंकि वहाँ अंग्रेज पूँजी विनिमय के लिये मुद्रा का आयात करते थे। भारत में मुद्रा का जो आयात होता था वह मुद्रा प्रणाली के लिये होता था। उसके बदले प्रतिदिन निर्यात करना पड़ता था । भारत से 3 करोड़ 70 लाख का निर्यात हुआ जबकि 7 करोड़ पौण्ड तो आयात के रूप में रेलवे निर्माण के लिये ऋण के रूप में लिये गये थे। इसका भुगतान करने के लिये 10 करोड़ से अधिक का निर्यात करना पड़ा। यह क्रम दूसरे विश्वयुद्ध के आरम्भ तक चलता रहा।

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प्रश्न 27.
कारखाना विधि से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
वैज्ञानिक आविष्कारों की खोज के क्रम में सन् 1769 में रिचर्ड आर्कराइट ने ‘वाटर फ्रेम’ का आविष्कार कर कारखाना पद्धति की नींव डाली। इंग्लैण्ड के वैज्ञानिकों ने अपनी खोजों के द्वारा यातायात, परिवहन, दूर-संचार आदि क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी सुधार ला दिया। भाप के इंजन ने उद्योग और खानों के काम में क्रांति ला दी। ‘रोटरी मशीन” की खोज के बाद कपड़े के कारखानों में भाप के इंजनों का प्रयोग होने लगा। रेलों के विस्तार के कारण उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि होने लगी। लोहे और कोयले की खानों से मनचाहा लोहा और कोयला निकाला जाने लगा। वस्त्र उद्योग से आरम्भ कर इंग्लैण्ड ने विभिन्न उद्योगों के कारखाने स्थापित कर लिये थे। जहाजों के द्वारा विश्व भर में फैले उपनिवेशों में इंग्लैण्ड का वाणिज्य-व्यवसाय फल-फूल रहा था।

प्रश्न 28.
औद्योगिक कान्ति के बाद शिल्प समाज का उद्भव तथा उसके बीच विभाजन की चर्चा करें।
उत्तर :
औद्योगिक क्रान्ति ने दो नवीन सामाजिक वर्गो को जन्म दिया – पूँजीपति तथा मजदूर वर्ग। पूँजीवादी व्यवस्था में पूँजीपति वर्ग धनी हो गये जिनके पास अधिक पैसे थे, वे कारखानों और मशीनों के स्वामी थे । बड़ी-बड़ी कम्पनियों का हजारों लोगों के जीवन पर नियंत्रण हो गया। पूँजीपति और मजदूर इन दो वर्गों के साथ इस क्रान्ति ने तीसरे वर्ग को भी जन्म दिया। यह वर्ग शिक्षित मध्यम वर्ग था। इस वर्ग के लोग कारखानों में प्रबन्ध एवं हिसाब-किताब का काम देखते थे। औद्योगिक समाज में मजदूर वर्ग की बहुलता थी। इनकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। नये औद्योगिक नगरों में गाँव से आकर रहने वाले लोग ग्रामीण लोगों की तुलना में काफी छोटी आयु में मर जाते थे। शहरों की आबादी में वृद्धि वहाँ पहले से रह रहे परिवारों में नये पैदा हुए बच्चों से नहीं बल्कि बाहर से आकर बसने वाले नये लोगों से ही होती थी।

प्रश्न 29.
भारत के निर्यातक से आयातक बनने ने क्या भारत को गरीब बनाया ?
उत्तर :
17 वीं और 18 वीं सदियों में भारत इंग्लैण्ड और दूसरे यूरोपीय देशों को सूती वस्त्र भेजने वाला प्रमुख देश था। औद्योगिक क्रान्ति के बाद इंग्लैण्ड में सूती वस्त्र उद्योग के विकास के कारण तथा यूरोप में आयातों पर बढ़ते प्रतिबंधों के कारण ब्रिटिश सरकार ने भारतीय उद्यागों को नष्ट करने की नीति अपनाई। भारत कुछ ही दशकों के अंदर एक प्रमुख निर्यातक की स्थिति से गिरकर विदेशी वस्तुओं का सबसे बड़े आयातक देशों में एक हो गया। 19 वी सदी के उत्तरार्द्ध में भारत में सूती वस्त्र, जूट और कोयला-खदान उद्योग प्रमुख थे। हालांकि इन उद्योगों का विकास बहुत ही बेढब रहा और इन पर अनेक प्रतिबंध लगाए गए फिर भी आधुनिक उद्योगों का विकास भारतीय इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

प्रश्न 30.
काउण्ट सेन्ट-साइमन और चार्ल्स फुरियेर का संक्षिप्त इतिहास लिखें।
उत्तर :
काउण्ट सेन्ट साइमन : यह फ्रांसीसी समाजवाद का असली संस्थापक था। फ्रांस की प्रथम क्रान्ति के समय वह रिपब्लिकन दल का सदस्य बन गया था। द न्यू क्रिस्चियानिटी (1825) में उसने अपने समाजवादी विचारों का प्रतिपादन किया। वह विज्ञान का प्रबल समर्थक था। उसका विचार था कि समाज का वैज्ञानिक ढंग से पुनर्गठन हो तथा उद्योगपतियों द्वारा उसका नियन्त्रण होना चाहिए। श्रमिकों का जीवन-स्तर ऊँचा उठाना चाहिए।

चाल्स फूरियेर : सेण्ट साइमन की सामाजिक व्यवस्था की आलोचना को चार्ल्स फुरियेर (1772 – 1837) ने आगे बढ़ाया। वह लियोस में एक व्यापारी के यहाँ क्लर्क था, परन्तु उसकी समाजवादी विचारधारा तथा योजनाओं ने यूरोपीय चिन्तन को प्रभावित किया। असंख्य निर्धन श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए उसने एक योजना बनाई। इसके अनुसार समाज को 1600 व्यक्तियों के छोटे-छोटे समूहों में विभाजित कर देना चाहिए जिससे कि वे सामूहिक ढंग से एक दूसरे की वस्तुओं का उपयोग कर सकें।

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प्रश्न 31.
औद्योगिक क्रान्ति और औद्योगिक समाज की विभिन्न समालोचनाओं का वर्णन करें।
उत्तर :
पश्चिमी इतिहासर राइकर (Riker) के अनुसार, ” “हस्तकारी के स्थान पर वाष्प-यंत्रों द्वारा चालित, उत्पादन और यातायात की प्रक्रियाओं में परिवर्तन लाना ही औद्योगिक क्रान्ति है।” इसी प्रकार एच० ए० डेविस ने लिखा है – औद्योगिक क्रान्ति का अर्थ उन परिवर्तनों से है जिनके कारण यह संभव हो गया कि मनुष्य उत्पादन (निर्माण) कर सके। औद्योगिक क्रान्ति के बढ़ने के साथ-साथ पूँजीवाद भी बढ़ा। औद्योगिक क्रान्ति ने साधारण व्यापारियों को पूँजीपति बना दिया। ऐसे बहुत से पूँजीपति होने लगे; जिन्होंने मशीनें और कच्चा माल खरीदने के लिए मजदूरों को रखने के लिए अपने जीवनभर की बचत को लगाने का जोखिम उठाया अथवा बैंकों से ऋण लिया और अपने उद्योगों के नेता बन गए।

प्रश्न 32.
किन वैज्ञानिक आविष्कारों ने इंगलैण्ड में सर्वप्रथम औद्योगिक क्रांति लाने में मदद की ?
उत्तर :
इंगलैण्ड के औद्योगिकीकरण में वैज्ञानिक आविष्कार :
जिन वैज़ानिक आविष्कारों ने इंगलैण्ड में सर्वप्रथम औद्योगिक क्रांति की लाने में मदद को वे निम्नलिखित हैं :
कपड़ा-उद्योग के लिए यंत्र-आविष्कार : 18 वीं सदी में विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक आविष्कार वस्त्र उद्योग की अग्रगति में बहुत ही सहायक सिद्ध हुआ। ये आविष्कार हैं –

  1. जॉन के का फ्लाईंग शटल (उड़न्त माकू)
  2. हरग्रिब्स का स्पिनिंग जेनी
  3. आर्कराइट का वाटर फ्रेम
  4. क्रॉम्पटन का म्यूल
  5. कार्टराइट का पावरलूम इत्यादि।

वाष्प इंजन : जेम्स वाट के वाष्प इंजन आविष्कार ने उद्योग में ज़ान डाल दिया।

लौह-इस्पात में प्रयुक्ति-विज्ञान :

  1. अबाहम उर्वि द्वारा आविष्कृत लोहां गलाने की पद्धति
  2. जॉन स्मिटन आविष्कृत ब्लास्ट फरनेस (लोहा गलाने की भट्ठी)
  3. हेनरी बेसमार आविष्कृत इस्पात बनाने की कारीगरी आदि ने इंगलैण्ड के औद्योगिकीकरण को आगे बढ़ाया।

सेफ्टी लैम्प : जमीन के नीचे सुरक्षित कोयला खनन बढ़ाया तथा विभिन्न खनिज सम्पदा के ख़न में हम्फे डेवी द्वारा आविष्कृत सेफ्टी लैंप ने खनन उद्योग को बहुत विकसित किया।

परिवहन :

  1. टेलफोर्ड एवं मैकाडाम द्वारा पीच की पक्की सड़क
  2. जॉर्ज स्टीफेन्सन द्वारा आविष्कृत वाष्पचालित रेल इंजन
  3. फुलटन आविष्कृत वाष्प-स्टीमर
  4. टेलीग्राफ एवं टेलीफोन का आविष्कार इंगलैण्ड के औद्योगिकीकरण में बहुत सहायक हुआ।

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प्रश्न 33.
महादेश के दूसरे देशों में औद्योगिकीकरण के देर से प्रारम्भ होने के क्या कारण थे?
उत्तर :
18 वीं सदी के दूसरे चरण में सर्वप्रथम इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति होने के प्रायः 50 साल बाद महादेश के दूसरे देश फ्रांस, जर्मनी, हालैण्ड, बेल्जियम, रूस आदि देशों में औद्योगिकीकरण प्रारम्भ हुआ।

महादेश के दूसरे देशों में औद्योगिकी कारण में विलंब के कारण :
सस्ते मजदूरों का अभाव : इंगलैड में औद्योगिकीकरण के लिये सस्ते मजदूरों की कमी नहीं थी किन्तु अन्य यूरोपीय देशों जैसे-क्रांस, हालैण्ड, जर्मनी आदि में सस्ते श्रमिकों का अभाव था।
उपनिवेश की कमी : इंगलेण्ड की तरह उपनिवेशों की अधिकता फ्रांस, जर्मनी आदि के पास नहीं थी। इसके अतिरिक्त कच्चे माल, कोयला, लोहा आदि का विशाल खनिज भंडार भी नहीं था।
यातायात की सुविधा का अभाव : महादेश के अन्य देशों में इंगलैण्ड की तरह यातायात की सुविधाएँ नहीं थीं।
कृषि की प्रधानता : फ्रांस के कुलीन वर्ग कल-कारखानों की अपेक्षा कृषि को ज्यादा महत्व देते थे। इसके अतिरिक्त जर्मनी के जंकार नामक जमींदार वर्ग इसे सम्मानजनक पेशे के रूप में नहीं मानते थे।

प्रश्न 34.
फ्रांस की औद्योगिकीकरण में प्रमुख बाधाएँ क्या थीं ?
अथवा
फ्रांस में औद्योगिकीकरण की गति धीमी क्यों थी ?
उत्तर :
इंगलैण्ड की औद्योगिक क्रांति के बहुत बाद में फ्रांस का औद्योगिकिकरण आरंभ हुआ।
फ्रांस की औद्योगिकीकरण में बाधाएँ :
उद्योग सहायक सामग्री का अभाव : सस्ते श्रमिक, कच्चे माल की आपूर्ति, उत्पादन सामग्री के लिये बाजार, यातायात व्यवस्था की कमी आदि ने फ्रांस की औद्योगिकीकरण को विलंब से शुरू करने के लिये बाध्य किया।
सामंतवादी मानसिकता : फ्रांस के जमींदार, कुलीन वर्ग उद्योग-धंधे को नफरत की दृष्टि से देखने शे, वे जमीन एवं कृषि कार्य को ही पसंद करते थे।
संरक्षण का अभाव : इंगलैण्ड के पूंजीपति वर्ग को सरकार से जैसी सहायता एवं उत्साह प्रेरणा मिली, फ्रांस में इसका नितान्त अभाव था।
सामाजिक मर्यादा में कमी : फ्रांस के धनी वणिक (बनिया) वर्ग तृतीय सम्भायाय के अन्तर्गत आते थे। अर्थसम्पदा के मालिक होते हुए भी उन्हें समाज में कुलीनों, सामन्तप्रभुओं की तरह मर्यादा नहीं मिलती थी जिसने उन्हें औद्योगिकीकरण से दूर कर दिया।
राजनैतिक अस्थिरता : फ्रांस में लगातार क्रांति की बाढ़ ने औद्योगिकीकरण को पीछे धकेल दिया।
परिसेवा की कमी : फ्रांस में उन्नत किस्म का कोयला, लोहा, खनिज भंडार की कमी, पूंजी की कमी एवं वैज्ञानिक आविष्कारों की कमी औद्योगिकीकरण में विलंब का कारण बनी।

प्रश्न 35.
औद्योगिक क्रांति का सामाजिक क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ा था ?
उत्तर :
औद्योगिक क्रांति ने सामाजिक क्षेत्र पर भी अत्यधिक प्रभाव डाला। इस क्रांति के पहले लोग गावों में निवास करते थे तथा खेती-बाड़ी व पशुपालन उनकी प्रमुख जीविका थी। लेकिन औद्योंगिकीकरण के कारण शहरों का विकास तेजी से होने लगा। लोग रोज-रोटी के लिये शहरों में आने लगे। मजदूर वर्ग मजदूरी के बदले अपना श्रम बेचने लगे। क्रमशः कलकारखानों में अच्छी कारीगरी के लिये लांगों को अच्छी नौकरिया मिलने लगी। औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप अच्छी उत्पादन सामग्री लोगों को मिलने लगी जिससे उनके जीवन स्तर में काफी सुधार हुआ। औद्योगक क्रांति ने तत्कालीन समाज को दो नये वर्ग में बाँट दिया – (1) श्रमिकवर्ग (2) मालिक – पूंजीपति वर्ग।

प्रश्न 36.
रूस के औद्योगिकीकरण की प्रमुख समस्याएँ / बाधाएँ क्या थीं ?
अथवा
रूस में औद्योगिक क्रांति के देर से आरंभ होने के क्या कारण थे ?
उत्तर :
इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति होने के बहुत दिनों के बाद में रूस में औद्योगिक कांति की शुरुआत हुई।
रूस के औद्योगिकीकरण की प्रमुख बाधाएँ / समस्याएँ
सामन्तवाद : 19 वीं सदी के प्रंथम चरण में रूसी समाज में एक तरफ शोषक सामन्त वर्ग एवं दूसरी तरफ शोषित भूमिदासों, कृष्को का समुदाय था। इस ढ़ांचे में रूस में औद्योगिक कांति सम्भव नहीं थी।
मजदूरों का अभाव : सामन्तों की अनुमति के बिना भूमिदास गाव छोड़कर कहीं भी नहीं जा सकते थे, फलस्वरूप रूस के कल-कारखानों में मजदूरों की बहुत कमी थी।
बुर्जुआ श्रेणी की अनुपस्थिति : हरंक देश के औद्योगिक विकास में बुर्जुआ श्रेणी की बहुत बड़ी भूमिका होती है जो पूंजी निवेश करता है। रूस के तत्कालीन समाज में सामन्तवाद एवं शोषित भूमिदासों के बीच कोई बुर्जुआ आश्रेणी का उद्भव नहीं हुआ था।
परिवहन समस्या रूस के अन्दर सड़को एवं जल-मार्ग का समुचित विकास नहीं हुआ था जिसे औद्योगिकीकरण में देर हुई।
पूंजी का अभाव : 19 वीं सदी के आरंभ में रूस में मुद्रा एवं बैंकंग व्यवस्था नहीं थी जिससे कारखानों में आवश्यक पूंजी का अभाव था।
बाजार की कमी : उत्पादन सामग्री की बिक्री के लिये गरीब किसानों के पास क्रय-क्षमता नहीं थी और न ही कोई बाजार विकसित हुआ था।

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प्रश्न 37.
औद्योगिक क्रांति के राजनैतिक परिणाम क्या थे ?
उत्तर :
18वीं सदी के दूसरे चरण में सर्वप्रथम इंग्लैण्ड में औद्योगिक क्रांति आरंभ हुई। बाद में यूरोप के अन्य देशों में इसका विस्तार हुआ।
औद्योगिक क्रांति के राजनैतिक परिणाम :
नई श्रेणी का उद्भव : औद्योगिक क्रांनि के फलस्वरूप दो नई श्रेणी – पूंजीपति श्रेणी एवं श्रमिक श्रेणी का जन्म हुआ। इसके कारण पहले के सामन्त एवं कुलीन श्रेणी का राजनैतिक दबदबा प्राय: खत्म हो गया।
श्रमिक आन्दोलन : देश-विदेश सब जगह के श्रमिक अपने प्रजातांत्रिक अधिकारों को लेकर आन्दोलन आरंभ कर दिये।
मताधिकार की मांग : औद्योगिक क्रांति के बाद विभिन्न देशों में उत्पन्न श्रमिक श्रेणी अपने मताधिकार की मांग को लेकर विभिन्न तरह के आन्दोलन करने लगी जैसे इंगलैण्ड में चार्टिस्ट आन्दोलन आदि का विस्तार हुआ।
उपनिवेशों का विस्तार : औद्योंगिक क्रांति के कारण उत्पादन सामग्री के बाजार के लिये विभिन्न यूरोपीय देशों ने अपने उपनिवेशों का विस्तार, नये उपनिवेश की खोज एवं दखल करना शुरू कर दिया।
समाजवादी चिन्ताधारा का विकास : औद्योगिककरण से मिल मालिक या पूंजीपति वर्ग और अधिक धनी तथा मजदूर और गरीब होंने लगे। इस अवस्था में अर्थनैतिक संतुलन बनाने के लिये मजदूरों में समाजवादी चिन्ताधारा का विकास आरंभ हुआ।

प्रश्न 38.
औद्योगिक क्रांति के सामाजिक परिणाम क्या थे ?
उत्तर :
18 वीं सदी के दूसरे चरण में सर्वप्रथम इंगलैण्ड में औद्योगिक क्राति हुई एवं बाद के एक सदी के बीच यूरोप के अन्य देशों में इसका प्रसार-विस्तार हुआ।
औद्योगिक क्रांति के सामाजिक परिणाम : यूरोष तथा विश्व के दूसरे देशों में औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप सामाजिक क्षेत्र में दूरगामी परिणाम निकले जो निम्नलिखित हैं :
पूंजीपति श्रेणी का जन्म : औद्योंगिक कांति के कारण यूरोप में प्रचलित सामन्तवादी प्रथा टूट गयी एवं पूंजीपति वर्ग का उदय हुआ जिन्होंने उद्योग-धंधे, कल-कारखाने स्थापित करने के लिये पर्याप्त धन राशि एवं पूंजी का निवेश किया और अति अल्प समय में अत्यधिक मुनाफा कमा कर पूंजीपति बन बैठे।
श्रमिक श्रेणी का जन्म : उद्योगों के विस्तार से यूरोपीय समाज में एक दूसरा वर्ग अर्थात श्रमिक वर्ग का जन्म हुआ जो गांव से आकर शहरों में बस गये।
ग्राम्य जीवन पर प्रभाव : शहर के कल-कारखानों में मजदूरी करने के लिये लोग गांव छोड़कर शहरों में आने लगे। इसके कारण ग्राम्य जीवन प्रभावित हुआ।
श्रमिकों की जीवनचर्या : श्रमिक वर्ग सामान्य मजदूरी के लिये दिन-भर कारखानों में काम करने को बाध्य थे। अस्वास्थकर परिस्थिति में रहना उनके जीवन की नियति बन गयी।
श्रमिक आन्दोलन : श्रमिक वर्ग ने शोषण से मुक्ति पाने के लिये एवं अपने नागरिक अधिकारों की प्राप्ति के लिये आन्दोलन करना शुरू किया। इसके कारण पूरे यूरोप महादेश में श्रमिक आन्दोलन फैल गया।

प्रश्न 39.
औद्योगिक क्रांति का परिणाम भारत में कैसा रहा ?
उत्तर :
18 वीं सदी के द्वितीयार्द्ध में इंगलैण्ड में हुई औद्योगिक क्रांति के बाद पूरे यूरोष में औद्योगिकीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गयी।
भारत में औद्योगिक क्रान्ति के परिणाम : भारत में औद्योगिक क्रांति के विभिन्न परिणाम देखने को मिले जो निम्नलिखित हैं –
निर्यात बन्द : एक समय भारत का मसलिन, कार्पोस एवं अन्य उत्पादन सामग्री इंगलैण्ड में निर्यात की जाती थी। किन्तु औद्योगिक क्रांति के कारण इंगलैण्ड में प्रर्यात मात्रा में सामग्री उत्पत्न होने लगी जिससे भारतीय निर्यात बन्द हो गया।
कुटीर उद्योग की समाप्ति : इंगलैण्ड के उत्पाद सस्ते होने के कारण एवं भारत के बाजारों में यूरोपीयन उत्पादन सामग्री की भरमार से देश की लघु एवं कुटीर उद्योग बीमार हो गये।
कच्चे माल की रवानगी : इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति से भारत के कच्चे माल जैसे-कपास, रुई आदि सामग्री समुद्री पथ से इंगलैण्ड चले जाने से उन देशों में औद्योगिक विकास होने लगा।
बेरोजगारी की समस्या : भारत में छोटे एवं मझोले उद्योगों के नष्ट होने से लाखों लोग बेरोजगार हो गये जिसके कारण गाँवों में कृषि पर निर्भरशीलंता और बढ़ी।
शहरी जीवन में ठहराव : भारत में कुटीर उद्योगों के नष्ट होने से ढाका, मुर्शिदाबाद, बनारस, सूरत आदि शहर के लोगों का जीवन कष्टसाध्य हो गया।
अंग्रेजों के गोदाम : बहुत से अंग्रेजों ने भारत में कृषि जमीन खरीद कर वहाँ कच्चा माल रखने के लिये बड़े-बड़े गोदाम बनवाये जिनमें पाट, चाय, नील आदि की खेती करने लायक सामग्री का संग्रह करके मुनाफा कमा सके।
इस प्रकार औद्योगिक क्रांति के कारण भारत का शहरी एवं ग्रामीण जीवन बहुत ही बुरी तरह प्रभावित हुआ।

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प्रश्न 40.
पेरिस कम्युन क्या है ?
उत्तर :
1789 ई में फ्रांस में लगातार क्रांति एवं जन-जागरण होने लगा था। इस जनजागरण में फ्रांस का तृतीय सम्र्रदाय विशेष कर पेरिस के गरीब श्रमिकों की बहुत बड़ी भूमिका थी।
पेरिस कम्युन : क्रांति के समय पेरिस के गरीब श्रमिकों के प्रतिनिधियों को लेकर 18 मार्च 1871 ई. को पेरिस कम्युन का गठन किया गया।
उद्देश्य : पेरिस कम्युन के गठन के उद्देश्य थे –

  1. पेरिस शहर में क्रांतिकारी म्यूनिसिपल प्रशासन का संचालन करना
  2. पेरिस का गौरव एवं मर्यादा की वृद्धि करना एवं
  3. क्रमशः समूचे फ्रांस में पेरिस कम्यून का वर्चस्व प्राप्त करना।

जन समर्थन : पेरिस कम्युन को वहाँ की आम जनता का प्रबल समर्थन था। देश प्रेम एवं तीव्र जर्मन विरोधिता ने ही देश के लोगों में राष्ट्रीयता का संचार किया और आन्दोलन के प्रति सचेतन बनाया।

जनता का अंश ग्रहण : पेरिस कम्युन आन्दोलन को जैकोबिन, समाजतंत्री आदि विभिन्न दलों के समर्थक श्रमिकवर्ग का सहयोग मिला। लंबी अवधि तक आन्दोलन का नेतृत्व क्रांतिकारी नेता अगस्त ब्लांकी ने किया। उनके नेतृत्व में कम्युन के सदस्यों ने पेरिस प्रशासन के संचालन में अपनी भूमिका का निर्वाह किया।

कार्य : पेरिस कम्युन –

  1. सरकार एवं चर्च से शिक्षा व्यवस्था को मुक्त किया।
  2. श्रमिकों के कल्याण के लिये अनेक सुधारों को कार्यान्वित किया।

सरकार के साथ विरोध : 1870 ई. में फ्रांस में तृतीय प्रजातंत्र की सरकार बनी। फ्रांस की अस्थायी प्रजातांत्रिक सरकार द्वारा जर्मनी के साथ अमर्यादित फ्रैंकफर्ट की संधि (1871 ई.) करने पर पेरिस कम्युन प्रजातांत्रिक सरकार के खिलाफ आन्दोलन शुरू कर दिया।

पतन (समाप्ति) : पेरिस कम्युन के दो माह के शासन के बाद वर्साई की प्रजातांत्रिक सरकार कम्युन के हाथ से प्रशासन छीन लिया और इस तरह पेरिस कम्युन का पतन हुआ।

प्रश्न 41.
औद्योगिक क्रांति के साथ नारी समाज के सम्बन्ध की चर्चा करो।
उत्तर :
इंगलैण्ड में औद्योगिक क्रांति से पहले कृषि निर्भर समाज में महिलाओ का प्रमुख कार्य गृहस्थी का काम संभालना था तथा कृषि उत्पादन में पुरुषों का साथ देना था।
औद्योगिक क्रांति एवं नारी : औद्योगिक क्रांति के बाद पुरुषवर्ग द्वारा उद्योगों में श्रमिक के रूप में शामिल होने पर महिलायें भी विभिन्न उद्योगों से जुड़ गयीं।
पहले की नारी : औद्योगिक क्रांति के पहले कृषि निर्भर समाज में औरतें, पुरुषों के साथ मिलकर कृषि उत्पादम में हाथ बँटाती थीं, इसके अतिरिक्त घर संभालना एवं कुटीर उद्योग में उनकी हिस्सेदारी रहती थी।
औद्योगिक नगरी में आगमन : औद्योगिक क्रांति के बाद ग्राम से पुरुष नौकरी करने के लिये शहरों में आने लगे। उनके साथ परिवार की महिलायें भी आने को बाध्य हुई।
श्रमिक के रूप में नियोग : श्रमिकों का वेतन कम होने के कारण उनके नौकरी से परिवार का खर्च चलना मुश्किल था, अतः महिलायें भी कल-कारखानों में काम करने के लिय मजबूर हुई।
दुर्दशा : नारी श्रमिकों द्वारा पुरुष श्रमिकों के बराबर काम करने पर भी उन्हें समान वेतन नहीं मिलता था। इसके अलावा कारखाने के बाद उन्हे घर का भी काम संभालना पड़ता था।
पारिवारिक समस्या : परिवार के पुरुषों के साथ महिलाओं को भी कारखानों में काम करने के कारण पारिवारिक काम एवं सन्तानों की देखभाल की उपेक्षा होने लगी। फलस्वरूप विभिन्न पारिवारिक समस्याओं का जन्म हुआ।

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प्रश्न 42.
समाजतांत्रिक / साम्यवादी विचारधारा के उद्भव एवं विकास सम्बन्धी आलोचना करो।
उत्तर :
सम्पत्ति पर व्यक्तिगत मालिकाना के बदले सामाजिक मालिकाना एवं आय के बँटवारे में साम्य प्रतिष्ठा की विचारधारा साधारणतः समाजतंत्र के नाम से परिचित है।
समाजतांत्रिक / साम्यवादी विचारधारा का उद्भव एवं विकास :
औद्योगिक क्राति के बाद शोषित श्रमिक श्रेणी के बीच समाजतांत्रिक या साम्यवादी विचारधारा क्रमशः लोकप्रिय होने लगी।
पृष्ठभूमि :

  1. निम्न मजदूरी के बदले में श्रमिकों से अधिक समय तक काम करवाना,
  2. पूंजीपतियों के हाथ में पर्याप्त मुनाफा का जमा होना,
  3. श्रमिकों के दैनिक जीवन में अन्तहीन अभाव एवं दुर्दशा की समाप्ति के लिये कुछ दार्शनिकों ने 18 वीं सदी के अन्त में एवं 19 वीं सदी के आरंभ में समाजतांत्रिक मतादर्श का प्रचार करना शुरू किया।

मौलिक चिन्ताधारा : समाजवाद की मूल नीतियाँ थीं –

  1. सम्पत्ति में व्यक्तिगत मालिकाना की समाप्ति
  2. उत्पादन के साधन पर समाज एवं देश का अधिकार
  3. धन के बँटवारे में असमानता को खत्म करना,
  4. श्रमिक तथा गरीब तबके का कल्याण करना आदि।

आदि समाजतंत्रवाद : समाजतंत्र के सूचनाकाल में राबर्ट ओवेन, साँ सिमों, शार्ल फुरियर, लुई ब्लाँ, प्लूटा-डे आदि समाजवादी चितकों ने समाजवाद के मतादर्श का प्रचार किया। ये ‘यूटोपियन’ या ‘कल्पनाविलासी’ के नाम से परिचित हैं।

वैज्ञानिक समाजवाद : आदि समाजवादी चिंतक अर्थनैतिक विषमता का सटीक दिशा निर्देशन नहीं दिखा सके। बाद में कार्ल मार्क्स एवं उनके मित्र फ्रेडरिक एंजेल्स ने अर्थनैतिक विषमता को दूर करने की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने इसका नाम ‘साम्यवाद’ दिया। ये लोग वैज्ञानिक समाजतंत्रवादी कहलाये।

जनप्रियता : शोषित श्रमिक श्रेणी के बीच समाजतांत्रिक या साम्यवादी विचारधारा दुनिया के विभिन्न देशों में लोकप्रिय हो उठा। 20 वीं संदी में मजदूर वर्ग के आन्दोलन से रूस एवं चीन में समाजवाद की स्थापना हुई।

प्रश्न 43.
वैज्ञानिक समाजवाद का मौलिक मतादर्श क्या है ?
उत्तर :
कार्ल मार्क्स (1818-83 ई.) एवं उनके मित्र फ्रेडरिक एंजेल्स (1820-95 ई.) आधुनिक वैज्ञानिक समाजवाद के प्रवर्तक थे। वैज्ञानिक समाजवाद का मतादर्श :
प्राकृतिक सम्पदा का अधिकार : वैज्ञानिक समाजवादी समझते थे कि किसी व्यक्ति या समुदाय का प्राकृतिक सम्पदा जैसे जमीन, पानी, जंगल आदि पर व्यक्तिगत मालिकाना उचित नहीं है। उन्होंने इन पर सबों के अधिकार की समानता की वकालत की।
सम्पत्ति के बँटवारे में समानता : पूंजीवादी व्यवस्था में अल्पसंख्यक पूंजीपतियों के हाथ में अथाह सम्पत्ति के जमा होने से श्रमिक नि: स्व एवं दरिद्र हैं। वैज्ञानिक समाजवादियों का कहना है कि सम्पत्ति के बटँवारे में समानता होने से मालिक एवं श्रमिक के बीच की विषमता समाप्त होगी।
राष्ट्रीय नियंत्रण : वैज्ञानिक समाजवादियों का लक्ष्य था उत्पादन के साधन में व्यक्तिगत मालिकाना को समाप्त करके राष्ट्रीय नियंत्रण की प्रतिष्ठा करना। इसके फलस्वरूप पूंजीवाद एवं उत्पादन को लेकर प्रतियोगिता एवं शोषण की समाप्ति होगी।
काम का अधिकार : वैज्ञानिक समाजवादियों ने प्रत्येक के लिए काम के अधिकार की मांग की। उनके विचार से बेरोजगारों के लिए रोजगार की व्यवस्था करना देश की सरकार का प्रमुख दायित्व है।
सर्वहारा का एकनायकत्व : वैज्ञानिक समाजवादी एक ऐसे श्रेणीविहीन और शोषणहीन समाज की स्थापना के पक्षधर थे, जिसके संचालन में नेतृत्व श्रमिकवर्ग देगा। इससे सर्वहारा का नया समाज बनेगा।

प्रश्न 44.
यातायात व्यवस्था के विकास में स्वेज नहर की भूमिका क्या थी?
उत्तर :
औद्योगिकीकरण के विस्तार के कारण कच्चे माल एवं उत्पादित सामग्री के आवागमन के लिये प्राकृतिक जलमार्ग के साथ-साथ कृत्रिम नहर खोदने का काम भी शुरू हुआ।
स्वेज नहर का निर्माण : औद्योगिक देशों ने जिन कृत्रिम नहरों का निर्माण किय उनमें से स्वेज नहर का निर्माण प्रमुख है :
उद्देश्य : पश्चिमी देश का पूरब के देशों के साथ व्यापार करने के लिये अफ्रीकी महादेश के चारों तरफ घूमकर जाते थे जिसके कारण उन्हें अधिक सभय, परिश्रम एवं पैसा खर्च करना पड़ता था। इसे सहज एवं सरल बनाने के लिये मिस्न देश के मध्य होकर फ्रांस ने 1859 ई. में स्वेज नहर खनन का काम आरंभ किया।

इंग्लैण्ड की भूमिका : भारत के साथ यातायात की सुविधा के लिये इंग्लेण्ड स्वेज नहर पर नियत्रण रखने के लिये बेचैन था। स्वेज नहर अंचल में इंगलैण्ड एवं फ्रांस के संयुक्त प्रयास से ‘कन्डोमिनियन’ (1878 ई.) गठित हुआ एवं यहाँ पर इंग-फ्रांसिसी शक्ति का आधिपत्य प्रतिष्ठित हुआ।

यातायात का शुभारम्भ : स्वेज नहर से 1869 ई. में व्यापारिक जहाजों का आवागमन आरंभ हुआ। इंगलैण्ड, फ्रांस, जर्मनी, डेनमार्क, बेल्जियम, स्पेन, पुर्तगाल आदि यूरोपीय देश पूरब के साथ व्यापार करने के लिये स्वेज नहर का उपयोग करने लगे।

सुरक्षा : स्वेज नहर की सुरक्षा के लिये ब्रिटिश सरकार ने 1956 ई. तक इस अंचल में बिंटिश सेना की तैनाती का अधिकार पाया। फलस्वरूप स्वेज नहर अंचल पर मिस्त का अधिकार एक प्रकार से खत्म हो गया।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

प्रश्न 45.
टेलीग्राफ का आविष्कार एवं इस व्यवस्था के प्रसार-विस्तार का परिचय दो।
उत्तर :
टेलीग्राफ यंत्र की सहायता से लिखित संदेश की असली कॉपी नहीं भेजकर भींउस संदेश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है। 19 वीं सदी के बीच के समय में यूरोप में टेलीग्राफ का व्यवहार बहुत लोकप्रिय हो उठा था।
टेलीग्राफ : 19 वीं सदी में टेलीम्राफ व्यवस्था ने औद्योगिक देशों के औपनिवेशिक साम्राज्य की प्रतिष्ठा एवं विस्तार के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
अमेरिका से सम्पर्क : 1851 ई. में अमेरिका में दीर्घ 20 हजार मील टेलीग्राफ लाईन की व्यवस्था हुई। 1866 ई. में ‘अटलांटिक केबल’ प्रतिष्ठित होने से टेलीग्राफ के जरिये इंगलैण्ड के साथ अमेरिका का सम्यर्क स्थापित हुआ।

अफ्रीका के साथ सम्यर्क : अफ्रीका के विभिन्न उपनिवेशों के साथ टेलीग्राफिक संपर्क स्थापित हुआ। जैसे –

  1. 1883 ई. में स्पेन के साथ एवं कैनेरी द्वीप के साथ
  2. 1884 ई. में सेनेगल के साथ टेलीग्राफिक संपर्क स्थापित हुआ।

अन्य देश :

  1. डेनमार्क की एक कम्पनी चीन में 1871 ई. में सर्वप्रथम टेलीग्राफिक व्यवस्था चालू हुई,
  2. 1872 ई. में आस्ट्रेलिया में सर्वप्रथम टेलीग्राफिक व्यवस्था चालू हुई।
  3. बाद में मलया, वियतनाम आदि देशों में टेलीग्राफिक सम्पर्क स्थापित हुआ। इसके अतिरिक्त 1870 ई. के दशक में ब्राजील के साथ विभिन्न यूरोपीय उपनिवेशिक शक्तियों का टेलीग्राफिक सम्पर्क जुड़ गया।

औपनिवेशिक शक्ति में वृद्धि : टेलीग्राफिक संपर्क के फलस्वरूप –

  1. यूरोपीय शक्तियाँ अपने उपनिवेशों के साथ शीघ्र सम्पर्क स्थापित करने में सक्षम हुई।
  2. उपनिवेशों पर विदेशी शासन का प्रभाव और मजबूत हुआ।
  3. औद्योगिक देशों के व्यापार में अपार वृद्धि हुई।

प्रश्न 46.
ब्रिटिश शासनकाल के आरंभ में भारत के निर्यात-वाणिज्य का परिचय दो।
उत्तर :
भारत में ब्रिटिश उर्पनवेशिक शासन के मजबूत होने के पहले यूरोप के विभिन्न देशों में भारत से विभिन्न सामानों का निर्यात होता था।
भारत का निर्यात व्यापार : यूरोप के विभिन्न बाजारों में देशी उत्पादों का निर्यात करके भारत पर्याप्त विदेशी मुद्रा की आमदनी करता था।

बंगाल : 18 वीं सदी के मध्यभाग तक बंगाल से विभिन्न सामानों का निर्यात होता था। विदेशी बाजारों में बंगाल का मसलिन, सूती वस्त, रेशम, चीनी, नमक, कच्चा रेशम, पाट, सोरा, अफीम आदि का निर्यात यूरोप के विभिन्न देशों में किया जाता था।

बंगाल से बाहर : बंगाल से बाहरी राज्यों में जैसे लखनऊ, आगरा, मुल्तान, लाहौर, वाराणसी, सूरत, अहमदाबाद, विशाखापट्टनम, मदुराई आदि स्थानो पर सूती वस्त्र उद्योग का केन्द्र बन गया था। धातु, चर्म आदि उद्योग भी बहुत विकसित था।

भारत की समृद्धि : 18 वीं सदी में अंग्रेज-सहित विभिन्न यूरोपीय व्यापारी भारत के वस्त्र एवं अन्य सामग्री, मसाला आदि इस देश से खरीदकर अपने देशों में भेजा करते थे। भारत के इस निर्यात व्यापार से देश बहुत समृद्ध हो गया था।

निर्यात व्यापार को चोट : भारत में बिटिश सरकार के सुप्रतिष्ठित होने के बाद भारत के बाजारों में विदेशी सामानों की भरमार हो गयी। इसका परिणाम यह हुआ कि भारत निर्यातक देश से आयातक देश बन गया।

प्रश्न 47.
प्रथम विश्वयुद्ध के प्रमुख कारणों का उल्लेख करो।
उत्तर :
मानव सभ्यता के इतिहास में सबसे बड़ा युद्ध प्रथम विश्व युद्ध था। इस महायुद्ध में लाखों लोग मारे गये एवं अपार धन-सम्पदा की क्षति हुई।
प्रथम विश्वयुद्ध के प्रमुख कारण : 1814 ई में सेराजेवा हत्याकाण्ड की घटना को लेकर यह युद्ध आरंभ होते हुए भी इसके और भी विभिन्न कारण थे-
शक्ति गुट : 1814 ई. से 1870 ई. के बीच यूंग परस्पर विरोधी दो सशस्त्र खेमों में बँट गयो। एक तरफ जर्मनी, ओंस्ट्रिया एव इटली को लेकर ‘रिशक्ति समझैता’ एवं दृसरी नरफ इगलेण्ड, फ्रांस एवं रूस को लेकर ‘त्रिशाक्ति मैत्री’ बन गयी।
उपनिवेश दखल : अपन तैयार माल को बेचने के उद्देश सं यूरोप के विभिन्न देश विश्व के विभन्न भागों में उपनिवेशों को दखल करने लग। इसके फलस्वर्ष इगलेण्ड, फ्रास, रूस आदि देशो के साथ जर्मनी और ऑस्ट्रिया में संघर्ष अनिवार्य हो गया।
उग्र राष्ट्रवाद : जर्मनी सहित बूराप के अन्य देश उग्र एवं सकीर्ण राष्ट्रवाद नीति के चलते खुद को श्रेष्ठ एवं दूसरों को निकृष्ट कहकर प्रचार करने लंग। इसके फलस्वरूप यूराप में जाति विद्वृष ने प्रबल रूप से धारण कर लिया
अतृप्त राष्ट्रीयतावाद : यूरांप के विभिन्न देश स्वाधीनता की मांग पर विद्राह आरंभ कर दिये। अन्य देशों द्वारा उनके समर्थन में ईधन देने से यूराप की परिस्थिति ज्वालामुखी के समान हो गयी।
जर्मनी की भूमिका : जर्मन कैसर द्वितीय विलियम के वरम आग्रासन साक्राज्यवादी नोति एवं धारावाहिक अस्तशक्ति की वृद्ध ने यूरोप के अन्य देशों के सन्देह एवं अशांति को चरम उत्कर्ष पर ला दिया था।
अन्तर्राष्ट्रीय संकट : मोरक्को सकट, अगादोर की अटना, बाल्कन संकट आदि विषय ने यूरोष का अशान्त कर दिया था।
प्रत्यक्ष कारण : ऑस्ट्रिया के गुवराज फर्दिनाद एब उनकी पत्नी सोफिया की सेराजेवो शहर में हत्या की घटना से क्रोधित होंकर आस्ट्रिया द्वारा 28 जुलाई 1914 ई. को सर्बिया की राजधानो बेलग्रेड पर आक्रमण करने से प्रथम विश्वयुद्ध का सूत्रपात हुआ।

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प्रश्न 48.
प्रथम विश्वयुद्ध के लिये जर्मनी कहाँ तक जिम्मेवार था ?
उत्तर :
ऑस्ट्रिया के युवराज ड्यूक ऑंफ फर्दिनान्द एवं उनकी स्नी संफिया की हत्या होने पर ‘ऑस्ट्रिया द्वारा सर्बिया पर आक्रमण (28 जुलाई 1814 ई.) से प्रथम विश्व युद्ध की शुरुआत हुई।
प्रथम विश्वयुद्ध के लिये जर्मनी की जिम्मेदारी :
प्रथम विश्व युद्ध के लिये कुछ इतिहासकार जर्मनो को और कुछ जर्मनी के साथ औरों को भी जिम्मेदार ठहराते हैं-
जर्मनी का दाबित्व : विभिन्न इतिहासकारो को राय में –

  1. बिस्मार्क की शान्ति की नीति को त्याग कर जर्मन कैसर ने विश्व राजनीति में जोर-जबरदस्ती अपना वर्चस्व कायम करने की चेष्टा को।
  2. कैसर द्वारा रूस के स्मथ ‘युद्ध नहीं समझौता रद्ध करने से रूस ने फ्रांस के साथ मित्रता स्थापित की।
  3. कैसर इगलैण्ड के उपनिवेशों में बिना कारण हस्तक्षेप किया।
  4. कैसर ने बाल्कन अंचल में अंस्ट्रिया के आग्रासन का पक्ष लिया।

अन्य राष्ट्रों का दायित्व : कुछ इतिहासकार पश्रम विश्व युद्ध के लिये जर्मनी के दायित्व को स्वीकार करते हुए भी दूसरी शक्तियों को भी कसूरवार ठहराते हैं-

  1. इगलैण्ड, फ्रास एवं रूस ने अपनी सेनावाहिनी के जरिये जर्मनी को चारों ओर से घेर लिया था।
  2. कोई बड़ा युद्ध शुरू होने से दार्दनेल्स प्राणाली से जहाजों की आवाजाही हो सकती है – यह रूस सोचता था।
  3. रूस ने ऑस्ट्रिया को उकसा कर सर्विया के विरुद्ध उग्रनीति ग्रहण करने को प्रेरित किया।
  4. विश्व के उपनिवेशों को अपने दखल में रखने के लिये इंग्लेण्ड अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाता रहा।

विवरणात्मक प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 8 MARKS

प्रश्न 1.
इंगलैणड में सर्वप्रथम औद्योगिक कांन्ति होने के प्रमुख कारण क्या थे ?
अथवा
महादेशीय भूखण्ड में औद्योगीकरण क्यों विलंब से आरंभ हुआ था ?
उत्तर :
यूरोपीय देशों में सर्वप्रथम इंगलेण्ड में 18 वीं सदी के दूसरे चरण में औद्योगिक क्रांति हुई। महादेश के अन्य देश फ्रांस, जर्मनी, बेल्जियम, हालैण्ड, रूस आदि देशों में औद्योगीकरण और भी 50 साल बाद शुरू हुआ। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित थे :
अनुकूल प्राकृतिक परिवेश : इंगलैण्ड में (i) कोयला एवं लोहे का अक्षय भंडार, (ii) वस्त्र उद्योग के लिये नम हवा (iii) तीव्र वायु एवं जलप्रवाह की उपलब्धता आदि औद्योगिकीकरण में अनुकूल सहायक तत्व थे किन्तु अन्य यूरोपीय देशों में ऐसी प्राकृतिक सुविधाएँ उपलब्ध नही थी।

कच्चे माल की उपलब्धता : इगलैण्ड के अधीन कई उपनिवेश होने से कच्चे माल उपलब्ध थे, किन्तु इस तरह की सुविधाएँ अन्य यूरोपीय देशों के पास नहीं थीं।

बाजार : इंगलैण्ड उत्पादित सामग्री को अपने देश में बिक्री करने के बाद अतिरिक्त उत्पादों की बिक्री अपने उर्पनवेशों में करता था। किन्तु दुसरे देशों के समक्ष इतन बाजार नहीं थे जहाँ वे अपने उत्पादों की बिक्री कर सकें।

सस्ते श्रमिक : 18 वीं सदी में इंगलैण्ड की जनसंख्या में वृद्धि के फलस्वरूप कल-कारखानों में मजदूरी के लिये उसके पास मजदूर आसानी से मिल जाते थे। इसके अतिरिक्त उसके विशाल उपनिवेशी नेटवर्क भी इसके लिये काम करते थे जबकि अन्य यूरोपीय देशों के पास न तो अपने खुद के देश में श्रमिक सुलभ थे और न ही उनके पास इतने उप्पनिवेश ही थे।

कृषि को प्रधानता : 18 वीं सदी में इंगलैण्ड में कृषि में भी तेजगति से प्रगति हुई थी। फलस्वरूप (1) उद्योग के लिये कच्या माल उपलब्ध था। (2) श्रमिको को खाद्य का अभाव नहीं होता था। (3) कृषक उत्पादन सामग्री खरीद सकते थे। कृषि की ऐसी अग्रगति अन्य यूरोपीय देशों में नहीं हुई थी।

राजनैतिक स्थिरता : 18 वीं सदी में इंगलैण्ड की राजनीति में स्थिरता आई जो उद्योगीकरण का एक प्रमुख कारक था। किन्तु दूसरे यूरोपीय देश जैसे- फ्रांस के भीतरी भागों में क्रांति का लम्बा दौर चल रहा था, अतः उसें औद्योगिकीकरण को शुरू करने में देर कर दी।

सरकारी संरक्षण : इंगलैण्ड के उद्योगीकरण में सरकार द्वारा मालिकों एवं पूंजीपतियों को हर तरह से सहायता की गयी किन्तु अन्य यूरोपीय देशों में ऐसा माहौल नहीं था।

व्यापार में रुचि : इंगलेण्ड 17 वीं सदी के मध्यभाग से ही कृषि निर्भर राष्ट्र से व्यापार निर्भर राष्ट्र में बदल गया था। विदेशों के साथ व्यापार एवं वाणिज्य के फलस्वरूप इंग्लैण्ड आर्थिक रूप से अन्य यूरोपीय देशों की अपेक्षा उन्नत हो गया था।

यातायात एवं परिवहन : (i) समुद्र से घिरे इंगलैण्ड की नौशक्ति विश्व में सर्वश्रेष्ठ थी। इंगलैण्ड के जहाज विश्व के किसी भी कोने में आवागमन कर सकते थे। (ii) देश के समुद्री तट पर अवस्थित किसी भी बन्दरगाह से, नहरों, नदियों के रास्ते इंगलैै्ड के मालवाही जहाज कहीं भी आ-जा सकते थे। अन्य यूरोपीय देशों के पास ये सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं।

वैज्ञानिक आविष्कार : 18 वीं सदी में हुए विभिन्न वैज्ञानिक आविष्कार ने इंगलैण्ड के उद्योगीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जैसे – (i) उड़न्त माकू, स्पिनिंग जेनी, वाटरफ्रेम, म्यूल, पावरलूम आदि यांत्रिक मशीनों ने वस्त्र उद्योग को बहुत विकसित किया था। (ii) वाष्प इंजन, ब्लास्ट फरनेस, सेफ्टी लैम्प आदि के आविष्कार कल-कारखानों के विकास में सहायक सिद्ध हुए। यूरोप के दूसरे देशों में ऐसी स्थिति नहीं थी।
मूल्यांकन : चूंकि इंगलैण्ड के उद्योगीकरण के लिये सभी सहायक तत्व मौजूद थे, अतः वहाँ सबसे पहले औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई। दूसरे देशों में यदि देखा जाय तो उद्योगीकरण के सहायक तत्व यदि एक था, तो दूसरा नहीं। यही कारण है अन्य यूरोपीय देशों में औद्योगिकीकरण बहुत विलंब से आरंभ हुआ।

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प्रश्न 2.
पूर्व एशिया में साप्राज्यवाद की स्थिति पर प्रकाश डालिये।
उत्तर :
अफ्रीका के पहले ही एशिया साम्राज्यवाद का शिकार बन चुका था। सन् 1870 ई. के पहले ही अफ्रीका के अधिकतर भाग बँट चुके थे। एशिया के प्रायः तिहाई भाग पर रूस का अधिकार था। भारत तो अंग्रेजों के अधीन था। जापान को अधीन बनाने की चेष्टा विफल हो गयी थी। चीन पर सबकी नजरें गड़ी हुई. थीं। एशिया में चीन से बढ़ कर शोषण का नया क्षेत्र कोई दूसरा न था। चीन में कोयले की बड़ी-बड़ी खाने थीं। चीन की उपजाऊ जमीन में चावल बहुत पैदा होता था। कपास, चाय तथा रेशम के क्षेत्र में चीन विश्व में प्रसिद्ध था। चीन का शासन मंचू वंश के अन्तर्गत कमजोर और भ्रष्ट हो चुका था। मंचू शासन के विरुद्ध बहुत पहले से ही विद्रोह हो रहे थे। 1800 ई. में श्वेत कमल समिति (White Lotus Society) एवं 1813 ई. में स्वर्गिक बौद्धिक समिति (Heavenly Reason Society) ने विद्रोह किया। सबसे बड़ा विद्रोह 1850 ई. का ताइपिंग विद्रोह (Taipinig Rebeilion) था। मंचू वंश के शासन के विरुद्ध विद्रोह ने यह स्पष्ट कर दिया कि चीन में साम्राज्यवाद की स्थापना आसान है।

चीन में ब्रिटेन के सामाज्यवाद का पहला कदम पड़ा। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी यहाँ अफीम का व्यवसाय करती थी। चीन की सरकार ने जब अफीम के व्यापार पर रोक लगा दी तो 1840 ई. में ब्रिटेन चीन से युद्ध में उतर गया। इस युद्ध को अफीम युद्ध (Opium war) कहते हैं। युद्ध में चीन की हार हुई। इसने बिटेन के साथ 1842 ई. में नानकिंग संधि कर ली। संधि के अनुसार चीन ने हांगकांग को ब्रिटेन के हवाले कर दिया तथा उसे पाँच बन्दरगाह और खोलने पड़े जहाँ अंग्रेज रह सकें और बिना किसी रोक-टोक के व्यापार कर सकें।

अफीम युद्ध के बाद चीन में बड़ी सरगर्मी फैल गई। चीनी नहीं चाहते थे कि बंदरगाहों के बाहर विदेशी उनके देश में प्रवेश करें। विदेशियों ने चीन को लूटना-खसोटना प्रारम्भ कर दिया। इसी प्रसंग में फ्रांस और बिटेन ने चीन के साथ सन् 1856 ई. में दूसरी बार युद्ध किया। ब्रिटेन और फ्रांस की सेना ने चीन की राजधानी पेकिंग को घेर लिया और सम्माट के ग्रीष्मकालीन राजमहल को नष्ट कर दिया। चीन को बाध्य होकर 1857 ई. में टिनटिन की संधि करनी पड़ी। इसके अनुसार चीन को छह और अतिरिक्त बंदरगाह खोलने पड़े। अफीम के व्यापार की आज्ञा देनी पड़ी और ईसाई धर्म प्रचारकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी पड़ी। 1840 ई. और 1856 ई. के युद्धों के फलस्वरूप चीन में विदेशियों का प्रवेश बिल्कुल आसान हो गया।

वे अब बिना रोक-टोक के व्यापार कर सकते थे। इतना ही नहीं, उनके वासस्थानों को चीनी कानूनों से मुक्त कर दिया गया था। अतिरिक्त आवास की इस सुविधा के अनुसार विदेशी चीन में रहकर भी चीन के कानून से नहीं बल्कि अपने देश के कानून से संचालित होते थे। इसी बीच रूस ने मंचूरिया के समुद्री तटवर्ती भागों पर अधिकार कर लिया। 1860 ई. में इसने ब्लाडीबोस्टक बंदरगाह खोला। फ्रांस द्वारा चीन के विरोध किये जाने के बावजूद 1883 ई. में अनाम को अपने संरक्षण में कर लिया। बाद में टोकिन प्राप्त कर इण्डोचाइना की स्थापना की गई। 1886 ई. में अंग्रेजों ने बर्मा पर अधिकार कर लिया।

इसी बीच 1897 ई. में जर्मनी के दो धर्म-प्रचारकों की चीनीयों ने हत्या कर दी। इसके दंड स्वरूप जर्मनी ने चीन के किया चाऊ (Kiao Chow) को 90 वर्षों के लिये पट्टे पर ले लिया। इसके साथ ही चूँकि धर्म प्रचारकों की हत्या शांतुंग (Shantung) में हुई थी, अत: शांतुंग प्रान्त में चीन को जर्मनी के अतिरिक्त आवास के अधिकार को स्वीकार करना पड़ा। रूस ने लियोतुंग को पट्टे पर चीन से ले लिया और इस तरह पोर्ट अर्थार को अपने अधीन कर लिया। साथ ही इसने मंचूरिया में रेलवे लाइन का अधिकार भी प्राप्त कर लिया। फ्रांस ने स्वांग चाऊ (Swang Chow) को पट्टे पर ले लिया और इसने टोकिन से यूनान तक रेलवे लाइन बनाने का अधिकार भी प्राप्त कर लिया। चीन को टुकड़े-टुकड़े में बाँटने के लिये लिटेन भी शामिल हो गया। इसने वेहे-वी को पट्टे पर ले लिया और हांगकांग का भी सीमा विस्तार कर लिया।

प्रश्न 3.
औद्योगिकीकरण के बाद हुए श्रमिक आन्दोलनों के बारे में आलोचना करो।
उत्तर :
सर्वप्रथम इंगलैण्ड एवं बाद में यूरोप के अन्य देशों में उद्योगीकरण के विस्तार के फलस्वरूप स्थापित कलकारखानों में मजदूरों की भर्ती हुई।
श्रमिक आन्दोलन : श्रमिक श्रेणी के उद्भव के कुछ ही दिनों बाद विभिन्न देशों में मजदूर वर्ग अपनी विभिन्न मांगों के आधार पर आन्दोलन शुरू करने लगे।
आन्दोलन के कारण : श्रमिक श्रेणी ने विभिन्न कारणों से आन्दोलन शुरू किया –

  1. श्रमिकों की मजदूरी कम थी।
  2. उन्हें प्रतिदिन कम-से-कम 17-18 घंटे काम करना पड़ता था।
  3. उनके काम की कोई गारन्टी नहीं थी।
  4. उनके परिवार के सदस्यों को अनाहार-अर्द्धाहार तथा अस्वास्थ्यकर परिवेश में रहना पड़ता था।
  5. चिकित्सा की व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी अकालमृत्यु भी हो जाती थी।

लुडाइट दंगे : सर्वपथम इंगलैण्ड में श्रमिक आन्दोलन आरंभ हुआ। श्रमिको की दुर्दशा भरी जिन्दगी से निजात पाने के लिये मजदूरों ने मशीनों की तोड़-फोड़ शुरू कर दी। यह आन्दोलन ‘लुडाइट दंगे’ के नाम से परिचित है।

चार्टिस्ट आन्दोलन: इंगलेंण्ड के श्रमिकवर्ग ने अपने मताधिकार तथा गुप्त बैलेट के जरिये निर्वाचन की मांग पर जोरदार आन्दोलन शुरू किया। इसे चर्टिस्ट आन्दोलन (1838 ई.) के नाम से जाना जाता है।

कम्बलधारी अभियान : ब्रिटिश सरकार द्वारा श्रमिकों की सभा-समिति पर पाबंदी लगाये जाने से शीतकाल में प्राय: 50 हजार मजदूर कम्बल ओढ़कर मैनेचेस्टर के सेंट पिटार मैदान में इकट्ठ हुए। इसे कम्बलधारी अभियान कहा जाता था।

पिटरलू हत्याकाण्ड : कम्बलधारी अभियान के समय श्रमिकों के ऊपर ब्बिटिश सेना द्वारा गोली चलाई जाने से 1 श्रमिकों की मृत्यु हुई एवं हजारों लोग घायल हुए। इस घटना को ‘पिटरलू हत्याकांड’ (819 ई.) के नाम से इतिहास में जाना गया।

श्रमिक कल्याण : श्रमिक आन्दोलन के दवाब से (i) इंगलैण्ड में फैक्ट्री कानून (1833 ई.) द्वारा 10 साल से कम उम्र के शिशुओं को दैनिक 8 घंटा से अधिक काम पर लगाने की मनाही हुई। (ii) श्रमिक वर्ग ने 1867 ई. में मताधिकार एवं 1871 ई. में श्रमिक यूनियन बनाने का अधिकार प्राप्त किया।

मूल्याकंन : श्रमिक आन्दोलन के प्रचार-प्रसार से विश्व के विभिन्न देशों में समाजवादी चिन्ताधारा जनप्रिय होने लगी। लेनिन के नेतृत्व में रूस में मजदूर वर्ग द्वारा बोल्शेविक क्रांति में सक्रिय हिस्सा लेकर उस देश में आत्याचारी जारशाही का खात्मा करके समाजतान्त्रिक सरकार की स्थापना की गई। दूसरे देशों में भी इन श्रमिक आन्दोलनों से बुर्जुआ एवं पूंजीपतिवर्ग आतंकित हो उठे।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

प्रश्न 4.
कार्ल मार्क्स का संक्षिप्त परिचय कीजिए।
उत्तर :
19 वीं सदी में चार्ल्स डारविन के बाद कार्ल मार्क्स ही सबसे अधिक प्रभावशाली व्यक्ति थे। आधुनिक सामाजिक दार्शनिकों में उनका नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। वे वैज्ञानिक समाजवाद के प्रवर्तक थे, प्रारम्भिक समाजवादियों के उद्देश्य तो बिल्कुल स्पष्ट थे किन्तु उन उद्देश्यों की प्राप्ति के साधनों में अन्तर था। कार्ल मार्क्स ने इन्हीं दोषों को दूर कर समाजवाद को वैज्ञानिक रूप प्रदान किया।

कार्ल मार्क्स का जन्म सन् 1818 ई. में पर्सिया के एक यहूदी परिवार में हुआ था। उनके पिता एक वकील थे। मार्क्स की प्रारम्भिक शिक्षा पर्सिया में हुई और उन्होंने उच्च शिक्षा जर्मनी के बॉन (Bonn) और बर्लिन (Berlin) विश्वविद्यालयों में पूरी की। बर्लिन विश्वविद्यालय में मार्क्स ने हीगेल के दार्शनिक विचारों का अध्ययन किया और उसके खण्डन में वे रुचि लेने लगे। उन्होंने एक शोध प्रंथ प्रस्तुत कर पीएचडी (PHD) की उपाधि हासिल की। अध्ययन के पश्चात वे पत्रकारिता करने लगे और ‘रेनिश गजट’ नामक पत्रिका में नौकरी की। कुछ समय बाद वे उसके सम्पादक बन गये। अपने क्रांतिकारी विचारों एवं सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें देश से निष्कासित कर दिया गया।

सन् 1943 ई. में वे पेरिस चले गये जहाँ उनकी मित्रता फ्रेडरिक एंजेल्स से हुई। क्रांतिकारी विचारों के कारण ही उन्हें पेरिस छोड़कर बूसेल्स जाना पड़ा। वहाँ उन्होंने साम्यवादी संघ की स्थापना की। उसी समय फ्रेडरिक एंजेल्स भी ब्रूसेल्स चले आये। सन् 1848 ई. में दोनों मिलकर साम्यवादी घोषणापत्र की रचना की और इसे प्रकाशित किया। इसके द्वारा उन्होंने समाजवाद की नयी वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की। आज भी यह पुस्तक समाजवादी चिन्ताधारा की बाइबिल मानी जाती है।

उन्होंने सन् 1859 ई. में राजनीतिशास्त्र की अर्थनीति पर पुस्तक-अर्थशास्त्र की समीक्षा (A critique of polical economy) लिखी। बूसेल्स छोड़कर उन्हें इंगलैण्ड जाना पड़ा। वहाँ उन्होंने सन् 1867 ई. में अपना प्रसिद्ध ग्रंथ दास कैपिटल (Das Capital) लिखा। यह पुस्तक मार्क्स की अमर कृति है। इसने वर्तमान अर्थव्यवस्था को अत्यधिक प्रभावित किया और इस युग की आर्थिक विचारधारा में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला दिया। सन् 1864 ई. में मार्क्स द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक संघ (International Working Mens’ Association) की स्थापना हुई जो प्रथम साम्यवादी अन्तर्राष्ट्रीय (First Communist International) के नाम से प्रसिद्ध है। इसकी प्रथम अन्तराष्ट्रीय महासभा लंदन में हुई जिसमें यूरोप के विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सबने मार्क्स के विचारों का समर्थन किया। सन् 1883 में कार्ल मार्क्स की मृत्यु हुई।

WBBSE Class 9 History Solutions Chapter 4 औद्योगिक क्रांति, उपनिवेशवाद तथा साम्राज्यवाद

प्रश्न 5.
औद्योगिक क्रांति के दूसरे चरण में किस प्रकार फ्रांस, जर्मनी एवं रूस ने प्रगति की ?
उत्तर :
सन् 1840 तक इंगलेण्ड में वस्त्र उद्योग का ही विकास होता रहा। 1840 ई. के बाद इंगलैण्ड में लोहा, कोयला, इस्पात आदि उद्योगों के विकास पर ध्यान दिया गया। यही औद्योगिक क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत थी। इस चरण में ही यूरोप के अन्य राष्ट्र अर्थात फ्रांस, जर्मनी, रूस, बेल्जियम, स्पेन, हालैण्ड आदि ने अपने-अपने औद्योगिक विकास में सक्रियता दिखायी। फ्रांस, जर्मनी एवं रूस ने काफी तेजी से प्रगति की।

जर्मनी : जर्मनी में औद्योगिक क्रांति सन् 1870 में उसके एकीकरण के बाद ही वास्तविक रूप में विकसित हुई। 19वीं सदी के मध्य तक तो केवल पर्सिया ही औद्योगिक क्रांति से प्रभावित था। वहाँ मशीनों के प्रयोग से वस्त्र-उद्योग विकसित होने लगा था। सन् 1839 ई. में ब्रिटिश सहायता से जर्मनी में पहली रेल लाईन बिछाई गई। धीरे-धीरे जर्मनी के अनेक क्षेत्रों में कल-कारखाने स्थापित होने लगे। जर्मनी का रूर क्षेत्र लोहा एवं कोयला से भरपूर था। 1870 ई. में जर्मनी इस्पात निर्माण के क्षेत्र में दूसरे स्थान पर था जबकि इंगलैण्ड प्रथम स्थान पर था। एकीकरण के बाद जब जर्मनी में राजनीतिक स्थिरता कायम हुई तब वह पूरी शक्ति के साथ औद्योगिक क्षेत्र में आगे बढ़ने लगा। सन् 1890 ई. के बाद जर्मनी प्रथम श्रेणी का औद्योगिक राष्ट्र बन गया।

फ्रांस : औद्योगिक क्रांति के दिनों में नेपोलियन बोनापार्ट ने फ्रांस की व्यावसायिक एवं आर्थिक उन्नति के लिये प्रयास किया। उसके द्वारा तकनीकी स्कूल खोले गए एवं उत्पादन वृद्धि के लिये सरकारी सहायता प्रदान की गई। किन्तु कोयले की कमी के कारण तथा उद्योग-धंधे लगाने में संपन्न वर्ग द्वारा रुचि न लेने के कारण इसमें प्रगति नहीं हो पाई। फ्रांस की औद्योगिक प्रगति 1848 ई. के बाद ही दिखाई पड़ी। फ्रांस में यद्यपि लुई फिलिप ने पूंजीपतियों को कारखाने खोलने के लिये प्रोत्साहित किया किन्तु सच्ची क्रांति नेपोलियन तृतीय के शासनकाल में हुई। नेपोलियन तृतीय द्वारा रेल मार्ग का निर्माण करके देश के विभिन्न भागों को रेलमार्ग से जोड़ दिया गया।

उसके शासनकाल में फ्रांस ने लौह-इस्पात तथा ताम्र उद्योग में पर्याप्त उन्नति की। अंग्रेज विशेषज्ञों की सहायता से फ्रांस दिन-प्रतिदिन तरक्की करने लगा। नेपोलियन तृतीय ने मजदूरों की भलाई के लिये कई कल्मणमूलक कार्य किये। बैंक आफफ फ्रांस की अनेक शाखाएँ खोली गयीं। इस तरह उद्योग-धंधों के लिये ऋण की सुविधा दी जाने लगी। फ्रांस की औद्योगिक प्रगति में तेजी 19 वीं सदी के मध्य में ही आ पाई जब उत्तर-पूर्वी फ्रांस में कोयले का भारी उत्पादन आरंभ हुआ। साबुन, तेल, कागज, शराब, शीशा, घड़ी आदि के उद्योग भी विकसित होने लगे। 1870 ई. तक फ्रांस इंगलैण्ड के बाद दूसरा प्रमुख औद्योगिक देश बन गया।

रूस : रूस में लोहे का उत्पादन इंगलेण्ड और फ्रांस से अधिक तथा जर्मनी से दुगुना था। सन् 1805 ई. में वहाँ बिटेन से अधिक लोहा निकाला जाता था किन्तु 1815 ई. से 1854 ई. के मध्य रूस का आर्थिक जीवन प्राचीन ढंग का था। आर्थिक अभाव एवं स्वतंत्र मजदूरों की कमी के कारण उसका औद्योगिक विकास विलंब से हुआ।1861 ई. में रूस में कृषि भूमिदासों को आजादी मिली और विदेशों से पूंजी भी मिलने लगी। इसके बाद ही वहाँ उद्योग का तेजी से विकास हुआ। 1843 ई. में रूस की सरकार द्वारा पारस्य से लेकर पोलिश-ऑस्ट्रियन सीमा तक रेल लाइन बिछाई गई। 1857 ई. में मास्को से पीट्सबर्ग तक एक अन्य रेल लाईन निर्मित हुई तथा 1861 ई. तक 1000 मील और 1880 ई. तक 14000 मील (22,400 Km.) तक रेल लाइनें बिछ गई थीं। आरम्भ में बड़े-बड़े कारखाने स्थापित किये गये। वास्तविक प्रगति अलेक्जेण्डर द्वितीय के शासनकाल में हुई। 1914 ई. तक रूसी उद्योगों में दो अरब रुबल से अधिक विदेशी पूंजी लग चुकी थी। रूस में आत्म निर्भरता 1917 ई. के बोल्शेविक क्रांति के बाद ही पैदा हुई।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

Well structured WBBSE 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा can serve as a valuable review tool before exams.

उष्मा Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
उष्मा एक प्रकार की –
(a) वस्तु है
(b) प्रतिक्रिया है
(c) शक्ति है
(d) ऊर्जा है
उत्तर :
(d) ऊर्जा है

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 2.
उष्मा की वह मात्रा जिसके आदान-प्रदान से पदार्थों के तापमान में परिवर्तन होता है, उसे कहते हैं –
(a) गुप्त उष्मा
(b) विकरित उष्मा
(c) बोचगम्य उष्मा
(d) इसमें से कोई नहीं
उत्तर :
(c) बोधगम्य उंष्मा

प्रश्न 3.
किसी वस्तु द्वारा त्यागी गयी या ग्रहण की गई उष्मा निर्भर करती है –
(a) वस्तु की विशिष्ट उष्मा पर
(b) वस्तु की मात्रा पर
(c) तापान्तर पर
(d) तीनों पर
उत्तर :
(a) वस्तु की विशिष्ट उष्मा पर

प्रश्न 4.
बर्फीले क्षेत्र में ऊपर से जम गयी झील में तलछटी का तापमान –
(a) 0° से कम होता है।
(b) 4°C होता है।
(c) 0° C होता है।
(d) 4°C से अधिक होता है।
उत्तर :
(b) 4°C होता है।

प्रश्न 5.
किसी गर्म वस्तु को स्पर्श करने से क्या महसूस होगा ?
(a) गर्म
(b) ठंडा
(c) हल्का गर्म
(d) कुछ नहीं
उत्तर :
(a) गर्म

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 6.
किसी ठंडी वस्तु को स्पर्श करने से क्या महसूस होगा ?
(a) गर्म
(b) ठंडा
(c) हल्का गर्म
(d) कुछ नहीं
उत्तर :
(b) ठंडा

प्रश्न 7.
तापमान की S.I. इकाई है :
(a) कैलोरी
(b) जूल
(c) 0°C
(d) कैल्विन
उत्तर :
(d) कैल्विन

प्रश्न 8.
उष्मा की मात्रा की इकाई C.G.S. पद्धति में होती है ?
(a) जूल
(b) न्यूटन
(c) कैलोरी
(d) किलोकैलोरी
उत्तर :
(c) कैलोरी

प्रश्न 9.
C.G.S. System में विशिष्ट उष्मा की इकाई होती है ?
(a) Cal/gm/°C
(b) Joule/kg/°C
(c) Cal /sc/°C
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) Cal/gm/°C

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 10.
वस्तु को गर्म करने पर उसके अणुओं –
(a) का वेग बढ़ जायेगा
(b) की ऊर्जा कम हो जाएगी
(c) का भार बढ़ जाएगा
(d) का भार घट जाएगा
उत्तर :
(a) का वेग बढ़ जायेगा

प्रश्न 11.
1 जूल का मान होता है –
(a) 224 कैलोरी
(b) 52 कैलोरी
(c) 0.24 कैलोरी
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(d) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 12.
पदार्थों के अवस्था परिवर्तन के समय उष्मा ग्रहण करने पर उनका तापमान –
(a) घटता है।
(b) स्थिर रहता है।
(c) बढ़ता है
(d) इसमें से कोई नहीं।
उत्तर :
(b) स्थिर रहता है।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 13.
C.G.S. पद्धति में उष्मा की इकाई है :
(a) कैलोरी
(b) जूल
(c) न्यूटन
(d) अर्ग
उत्तर :
(a) कैलोरी

प्रश्न 14.
वायु में उपस्थित जलवाष्प जिस तापमान पर वायु को संतुप्त कर देता है उसे –
(a) क्वथनाक कहते हैं।
(b) जमनाक कहते हैं।
(c) ओसांक कहते हैं।
(d) गलनांक कहते हैं।
उत्तर :
(c) ओसांक कहते हैं।

प्रश्न 15.
‘तापमान’ की वृद्धि करने पर जल का आयतन –
(a) 0°C से 4°C तक घटता है फिर 4°C के बाद बढ़ने लगता है।
(b) 0°C से 100°C तक बढ़ता है।
(c) 0°C  से 4°C तक घटता है फिर घटने लगता है।
(d) इनमें से कोई भी सत्य नहीं।
उत्तर :
(a) 0°C से 4°C तक घटता है फिर 4°C के बाद बढ़ने लगता है।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 16.
किसी वस्तु की विशिष्ट उष्मा कहते हैं –
(a) वस्तु की सम्पूर्ण मात्रा का ताप 1°C वृद्धि करने में लगी उष्मा को
(b) वस्तु के पदार्थ की इकाई मात्रा का तापमान 1°C वृद्धि करने में लगी उष्मा को
(c) वस्तु के m मात्रा का तापमान 1°C बढ़ाने में लगी उष्मा को
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर :
(b) वस्तु के पदार्थ की इकाई मांत्रा का तापमान 1°C वृद्धि करने में लगी उष्मा को

प्रश्न 17.
100°C पर उबलतें 1 gm. पानी को 100°C पर 1 gm. वाष्प में बदलने में लगी गुप्त उष्मा –
(a) 80 cal/gm होती है
(b) 540 cal/gm होती है।
(c) 100 cal/gm होती है
(d) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर :
(b) 540 cal/gm होती है।

प्रश्न 18.
वाष्प के द्रवण (संघनन) में होता है –
(a) उष्मा का अवशोषण
(b) उष्मा का उत्सर्जन
(c) ताप का बढ़ना
(d) ताप्र का घटना
उत्तर :
(b) उष्मा का उत्सर्जन

प्रश्न 19.
जब किसी वस्तु को ठण्डा किया जाता है तब उसके अणुओं –
(a) को ऊर्जा बढ़ जाती है
(b) का वेग घट जाता है
(c) का द्रव्यमान बढ़ जाता है
(d) का भार बढ़ जाता है
उत्तर :
(b) का वेग घट जाता है

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 20.
जिस ताप पर किसी वस्तु का ताप सेल्सियस तथा फारेनहाइट तापक्रमों पर समान होता है, वह है –
(a) 0°
(b) -20°
(c) -30°
(d) -40°
उत्तर :
(d) -40°

प्रश्न 21.
किसी ठोस के दो टुकड़ों में एक का भार दूसरे से दो गुना है और दोनो का ताप 50°C है। भारी तथा हल्के ठोसों में उष्मा का अनुपात होगा –
(a) 1: 2
(b) 1: 3
(c) 2: 1
(d) 3: 1
उत्तर :
(c) 2: 1

प्रश्न 22.
1 kg पानी को यदि 4200 J उष्मा दी जाए तो पानी के ताप में वृद्धि होगी –
(a) 1°C
(b) 1.5°C
(c) 2°C
(d) 42°C
उत्तर :
(a) 1°C

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 23.
यदि 15 gm पानी को 60 कैलोरी उष्मा दी जाए तो पानी का ताप बढ़ेगा –
(a) 1°C
(b) 2°C
(c) 3°C
(d) 4°C
उत्तर :
(d) 4°C

प्रश्न 24.
कैलोरी मात्रक है –
(a) ताप का
(b) द्रव्यमान का
(c) उष्मा का
(d) भार का
उत्तर :
(c) उष्मा का

प्रश्न 25.
1 ग्राम शुद्ध जल का ताप 1°C बढ़ाने के लिए आवश्यक उष्मा का परिमाण होता है –
(a) 1 कैलोरी
(b) 1/2 कैलोरी
(c) 2 कैलोरी
(d) 5 कैलोरी
उत्तर :
(a) 1 कैलोरी

प्रश्न 26.
0.1kg पानी का ताप 5°C से 85°C तक बढ़ाने के लिए आवश्यक उष्मा का परिमाण होगा (पानी की विशिष्ट उष्मा 420 J/ Kg°C
(a) 4200 J
(b) 3200J
(c) 33600 J
(d) 8000 J
उत्तर :
(c) 33600 J

प्रश्न 27.
बर्फ के पिघलने की गुप्त उष्मा का मान है –
(a) 0.8 कैलोरी/ग्राम
(b) 8 कैलोरी/ग्राम
(c) 80 कैलोरी /ग्राम
(d) 536 कैलोरी/ग्राम
उत्तर :
(c) 80 कैलोरी /ग्राम

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

प्रश्न 28.
सूर्य की किरणें पृथ्वी पर आती हैं –
(a) संवन के माध्यम से
(b) संचालन के माध्यम से
(c) विकिरण के माध्यम से
(d) इनमें सभी से
उत्तर :
(c) विकिरण के माध्यम से

प्रश्न 29.
उष्मा की बड़ी इकाई है –
(a) कैलोरी
(b) जूल
(c) किलोकैलोरी
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(c) किलोकैलोरी

प्रश्न 30.
उष्मा को मापा जाता है –
(a) थर्मामीटर द्वारा
(b) कैलोरी मीटर द्वारा
(c) किलोकैलोरी मीटर द्वारा
(d) इनमें से सभी के द्वारा
उत्तर :
(b) कैलोरी मीटर द्वारा

प्रश्न 31.
गुप्त उष्मा की इकाई C.G.S. पद्धति में –
(a) कैलोरी / ग्राम
(b) जूल / kg
(c) जूल
(d) कैलोरी
उत्तर :
(a) कैलोरी / ग्राम

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. तापमान किसी वस्तु की तापीय अवस्था है जो उष्मा के प्रवाह की ____________ निर्धारित करती है।
उत्तर : दिशा।

2. किसी वस्तु को उष्मा देने पर उसका तापमान____________ है।
उत्तर : बढ़ता।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

3. उष्मा एक प्रकार की ____________है।
उत्तर : ऊर्जा।

4. किसी वस्तु द्वारा ग्रहण या त्यागी गयी उष्मा ____________के बराबर होती है।
उत्तर : उसके सम्पर्क में दूसरी वस्तु द्वारा त्यागी गयी या ग्रहण की गयी उष्मा।

5. किसी वस्तु द्वारा उष्मा त्यागने पर उसका तापमान ____________है।
उत्तर : घटता।

6. उष्मा का SI मात्रक ____________है।
उत्तर : जूल।

7. उष्मा वह____________ है जो गरमाहट की अमुभूति देती है।
उत्तर : ऊर्जा।

8. पदार्थों के अवस्था परिवर्तन के समय उनका तापमान ____________ रहता है।
उत्तर : स्थिर।

9. उष्मा की इकाई C.G.S. पद्धति में ____________होती है।
उत्तर : कैलोरी।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

10. उष्मा को ____________नामक यंत्र से मापा जाता है।
उत्तर : कैलोरीमीटर।

11. गुप्त उष्मा ____________परिवर्तन के लिये काम में आती है।
उत्तर : अवस्था।

12. बर्फ के गलन की गुप्त उष्मा ____________कैलोरी/ gm होती है।
उत्तर : 80

13. कैलोरीमिति के सिद्धान्त के अनुसार ____________उष्मा।
उत्तर : ग्रहण की गयी उष्मा = त्यागी गयी उष्मा।

14. शुद्ध जल का 4°C तापमान पर घनत्व ____________होता है।
उत्तर : 1g/c.c.

15. वाष्पन से ___________उत्पन्न होती है।
उत्तर : ठंडक।

16. किसी पदार्थ को गर्म करने पर उसके ___________की ऊर्जा बढ़ जाती है।
उत्तर : अणुओं।

17. 4°C से 0°C तक जल का ___________आयतन के बदले ___________है।
उत्तर : घटने/बढ़ता।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

18. किसी पदार्थ द्वारा ली गई उष्मा = पदार्थ की मात्रा x___________x___________
उत्तर : विशिष्ट उष्मा, ताप में अन्तर।

19. कार्य (w) और उससे उत्पन्न उष्मा (H) का ___________एक स्थिरांक होता है जिसे J से व्यक्त किया जाता है।
उत्तर : अनुपात।

20. ___________°C पर जल का घनत्व महत्तम होता है।
उत्तर : 4

21. 10 gm जल का ताप 10°C से बढ़ाने के लिए ___________ कैलोरी उष्मा की आवश्यकता होगी।
उत्तर : 100

22. पानी के वाष्पीकरण की गुप्त उष्मा का मान ___________cal/gm होता है।
उत्तर : 537

23. गुप्त उष्मा का S.I. मात्रक ___________होता है।
उत्तर : जूल/किलोग्राम।

24. ओस प्रकृति में ___________आधारित घटना है।
उत्तर : संघनन पर ।

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

25. सूर्य की उष्मा पृथ्वी पर ___________माध्यम से पहुँचती है।
उत्तर : विकिरण।

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. कार्य करने से उष्मा उत्पत्न होती है।
उत्तर : True

2. कैल्विन तापमान की S.I. इकाई है।
उत्तर : True

3. जल की विशिष्ट उष्मा सबसे कम होती है।
उत्तर : False

4. जूल तापमान की इकाई है।
उत्तर : False

5. गुप्त उष्मा थर्मामीटर से मापी जाती है।
उत्तर : False

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

6. संतृप्त वाष्प बॉयल के नियम को मानता है।
उत्तर : False

7. इलेक्ट्रॉनिक्स के कारखाने को अधिक से अधिक शुष्क रखा जाता है।
उत्तर : True

8. असंतृप्त वाष्प का तापक्रम कम करने पर संतृप्त वाष्प में बदल जाता है।
उत्तर : True

9. S.I. पद्धति में J का मान 4.2 Joule/Cal है।
उत्तर : False

10. 0°C पर तालाब का समस्त जल जम कर बर्फ बन जाता है।
उत्तर : False

11. सूर्य की गर्मी हमलोगों तक संवहन के माध्यम से पहुँचती है।
उत्तर : False

12. कार्य, ऊर्जा, उष्मा की इकाई जूल है।
उत्तर : True

13. साम्यावस्था में यह पाया जाता है । गर्म वस्तु द्वारा त्यागी गयी उष्मा = ठण्डी वस्तु द्वारा ग्रहण की गयी उष्मा।
उत्तर : True

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 6 उष्मा

14. यांत्रिक ऊर्जा को पूर्णरूप से उष्मा ऊर्जा में बदल जा सकता है।
उत्तर : False

15. C.G.S. पद्धति में यांत्रिक तुल्यांक का मान 4.2 × 107 Erg/Cal
उत्तर : True

16. उष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है।
उत्तर : True

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 5 कार्य, शक्ति एवं ऊर्जा

Well structured WBBSE 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 5 कार्य, शक्ति एवं ऊर्जा can serve as a valuable review tool before exams.

कार्य, शक्ति एवं ऊर्जा Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
कार्य की –
(a) केवल दिशा होती है।
(b) केवल परिमाण होता है।
(c) न दिशा होती है न परिमाण।
(d) परिमाण और दिशा दोनों होती हैं।
उत्तर :
(b) केवल परिमाण होता है।

प्रश्न 2.
जूल (J) मात्रक है –
(a) कार्य और ऊर्जा का
(b) कार्य और शक्ति का
(c) शक्ति और ऊर्जा
(d) बल और कार्य का
उत्तर :
(a) कार्य और ऊर्जा का

प्रश्न 3.
स्थितिज ऊर्जा का उदाहरण है –
(a) चलता हुआ आदमी
(b) गतिशील कार
(c) जलाशय में एकत्रित जल
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(c) जलाशय में एकत्रित जल

प्रश्न 4.
गतिज ऊर्जा का मान होता है –
(a) mgh
(b) 1/2 mv2
(c) v2-u2
(d) इसमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) 1/2 mv2

प्रश्न 5.
यदि किसी गतिमान वस्तु की चाल को दुगुना कर दिया जाए तो –
(a) उसका त्वरण दुगुना हो जाएगा
(b) उसका भार दुगुना हो जाएगा
(c) उसकी गतिज ऊर्जा दुगुनी हो जाएगी
(d) उसकी गतिज ऊर्जा चौगुनी हो जाएगी
उत्तर :
(d) उसकी गतिज ऊर्जा चोगुनी हो जाएगी

प्रश्न 6.
कार्य का मात्रक इकाई है :
(a) न्यूटन
(b) न्यूटन-मीटर
(c) जूल/ सेकेण्ड
(d) जूल / मीटर
उत्तर :
(b) न्यूटन-मीटर।

प्रश्न 7.
निम्न में से कौन ऊर्जा का मात्रक (इकाई) नहीं है?
(a) जूल
(b) किलोवाट-घण्टा
(c) न्यूटन मीटर
(d) मेगावट
उत्तर :
(d) मेगावट।

प्रश्न 8.
बराबर द्रव्यमान के दो पिंड क्रमश : 3v और 2v के वेग से चल रहे हैं। उनकी गतिज ऊर्जा का अनुपात होगा –
(a) 9: 4
(b) 3: 2
(c) 4: 9
(d) 2: 3
उत्तर :
(a) 9: 4

प्रश्न 9.
किसी गतिशील पिंड का वेग आधा करने से उसकी गतिज ऊर्जा हो जाती है –
(a) आधी
(b) दोगुनी
(c) चौगुनी
(d) चौथाई
उत्तर :
(d) चौथाई

प्रश्न 10.
जूल और अर्ग में सम्बन्ध है –
(a) 1 Jule =10-7 Erg
(b) 1 Jule =107 Erg
(c) 1 Jule =1014 Erg
(d) 1 Jule =10-14 Erg
उत्तर :
(b) 1 Jule =107 Erg

प्रश्न 11.
ऊर्जा एक राशि है –
(a) अदैशिक
(b) दैशिक
(c) मूल
(d) इनमें से सभी
उत्तर :
(a) अदैशिक

प्रश्न 12.
1 जूल बराबर होता है –
(a) 105 अर्ग
(b) 10-0 अर्ग
(c) 107 अर्ग
(d) 10-7अर्ग
उत्तर :
(a) 105 अर्ग

प्रश्न 13.
किसी गतिमान पिण्ड में उसकी गति के कारण ऊर्जा को कहते हैं –
(a) स्थितिज ऊर्जा
(b) गतिज ऊर्जा
(c) यांत्रिक ऊर्जा
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) गतिज ऊर्जा

प्रश्न 14.
शक्ति की इकाई है –
(a) जूल
(b) वाट
(d) अर्ग
(d) मी०/सेकेण्ड
उत्तर :
(b) वाट

प्रश्न 15.
कार्य करने की क्षमता को कहते हैं –
(a) ऊर्जा
(b) शक्ति
(c) बल
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) ऊर्जा

प्रश्न 16.
मुक्त रूप से गिरते एक पिंड की स्थितिज ऊर्जा में लगातार होता है –
(a) कमी
(b) अधिकता
(c) बराबर
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) कमी

प्रश्न 17.
किए गए कार्य का परिमाण शून्य होता है, जब वस्तु का विस्थापन और लगने वाले बल के बीच कोण का मान होता है –
(a) θ=0°
(b) θ=90°
(c) θ=1350
(d) θ=35°
उत्तर :
(b) θ=90°

प्रश्न 18.
g का मान होता है –
(a) 9.80 cms-2
(b) 9.80 ms-2
(c) 0.98 ms-2
(d) कोई भी नहीं
उत्तर :
(b) 9.80 ms-2

प्रश्न 19.
किसी ठोस की गतिज ऊर्जा है :
(a) mv2
(b) \(\frac{V^2}{2 m}\)
(c) mv
(d) \( \frac{1}{2} \)mv2
उत्तर :
(d) 1/2 v2

प्रश्न 20.
पृथ्वी की ओर गिरते हुए ठोस का स्थितिज ऊर्जा :
(a) बढ़ेगी
(b) घटेगी
(c) स्थिर रहेगी
(d) कभी बढ़ेगी कभी घटेगी
उत्तर :
(b) घटेगी

प्रश्न 21.
शक्ति का इकाई होता है :
(a) वाट
(b) न्यूटन-मीटर
(c) जूल / सेकेण्ड
(d) किलोवाट घंटा
उत्तर :
(c) जूल / सेकेण्ड

प्रश्न 22.
कौन-सा कथन अशुद्ध है ?
(a) शक्ति = कार्य / समय
(b) कार्य = बल x विस्थापन
(c) कार्य = बल x दूरी
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) कार्य = बल x दूरी

प्रश्न 23.
इनमें से कौन कार्य की इकाई नहीं है ?
(a) जूल
(b) न्यूटन-मीटर
(c) वाट
(d) किलोवाट-घण्टा
उत्तर :
(c) वाट

प्रश्न 24.
किसी वस्तु के पृथवी की ओर गिरने पर उसकी गतिज ऊर्जा :
(a) स्थिर रहती है
(b) घटती है
(c) बढ़ती है
(d) इसमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) घटती है

प्रश्न 25.
कार्य तथा शक्ति में सम्बन्य होता है –
(a) कार्य = शक्ति x समय
(b) कार्य = शक्ति + समय
(c) कार्य = समय / शक्ति
(d) कार्य = शक्ति / समय
उत्तर :
(a) कार्य = शक्ति x समय

प्रश्न 26.
एक मशीन 200 जूल कार्य 8 सेकेण्ड में करती है तो मशीन की शक्ति होगी :
(a) 25 वाट
(b) 25 जूल
(c) 1600 जूल – सेकेण्ट
(d) 25 जूल-सेकेण्ड
उत्तर :
(a) 25 वाट

प्रश्न 27.
ऊर्जा की इकाई C.G.S. पद्धति में है –
(a) cm gram
(b) gram cm
(c) kg\m
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(d) इनमें से कोई नहीं

प्रश्न 28.
वह भौतिक राशि जिसकी इकाई BOT है –
(a) विद्युत ऊर्जा
(b) सौर ऊर्जा
(c) प्रकाश ऊर्जा
(d) गतिज ऊर्जा
उत्तर :
(a) विद्युत ऊर्जा

प्रश्न 29.
बल द्वारा किया गया कार्य कब कहा जाता है ?
(a) वस्तु में स्थान परिवर्तन हो
(b) परिवर्तन न हो
(c) वस्तु में बल की दिशा में परिवर्तन हो
(d) इनमें से सभी
उत्तर :
(c) वस्तु में बल की दिशा में परिवर्तन हो

प्रश्न 30.
कार्य को मापा जाता है –
(a) शक्ति/ समय से
(b) शक्ति + समय से
(c) कार्य + शक्ति से
(d) इनमें से सभी से
उत्तर :
(a) शक्ति/ समय से

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. किसी पिंड का विस्थापन शून्य है, तो बल द्वारा उस पिंड पर किया गया कार्य_________ होगा।
उत्तर : शून्य।

2. यदि किसी वस्तु में कार्य करने की क्षमता हो, तो यह कहा जाता है कि उसमें _________है।
उत्तर : ऊर्जा।

3. शून्य कार्य में W का मान _________होता है।
उत्तर : शून्य (0)।

4. सूर्य के चारों तरफ पृथ्वी के परिभ्रमण करने में कार्य _________ होता है।
उत्तर : नहीं।

5. किसी वस्तु की गतिज तथा स्थितिज ऊर्जाओं के योग को उसकी कुल _________ऊर्जा कहते हैं।
उत्तर : यांत्रिक ऊर्जा।

6. 1 जूल _________ अर्ग के बराबर होता है।
उत्तर : 10-7

7. एक जूल प्रति सेकेण्ड कार्य करने की दर को _________ कहते हैं।
उत्तर : 1 वाट।

8. 1 H.P. = _________ वाट होता है।
उत्तर : 746

9. C.G.S. पद्धति में शक्ति की इकाई _________होती है।
उत्तर : erg/sec

10. कार्य करने की दर को _________कहते हैं।
उत्तर : शक्ति।

11. शक्ति का SI मात्रक _________है।
उत्तर : Joule/sec

12. कार्य का SI मात्रक_________ है।
उत्तर : जुल

13. ऊर्जा की S.I. इकाई _________है।
उत्तर : erg

14. किलोवाट घंटा _________की इकाई है।
उत्तर : शक्ति।

15. कार्य करने की _________को शक्ति कहते हैं।
उत्तर : दर को।

16. C.G.S. पद्धति में ऊर्जा की इकाई _________होती है।
उत्तर : अर्ग।

17. 1 kg = _________जूल होता है।
उत्तर : 9.81

18. कार्य करने की _________को ऊर्जा कहते हैं।
उत्तर : क्षमता

19. ऊपर की ओर फेंकी गई वस्तु की गतिज ऊर्जा, जैसे-जैसे ऊपर जाती है, _________होती जाती है।
उत्तर : कम।

20. गतिज ऊर्जा का मान _________होता है।
उत्तर : \(\frac{1}{2}\) mv2

21. 1 हार्स पावर (H.P.) ____________= वाट (Watt).
उत्तर : 746 वाट के बराबर।

22. किसी वस्तु का विस्थापन तथा बल एक दूसरे के लम्बवत् हो तो कार्य ____________होता है।
उत्तर : नहीं।

23. वृत्ताकार पथ पर घूमती हुई वस्तु एक चक्कर में ____________कार्य करेगी।
उत्तर : शून्य।

24. कार्य एक ____________राशि है।
उत्तर : अदैशिक।

25. स्थितिज ऊर्जा का मान ____________होता है।
उत्तर : mgh

26. 1 जूल = ____________होता है।
उत्तर : 107 अर्ग

 

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 4 पदार्थ : संरचना, पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक गुण

Well structured WBBSE 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 4 पदार्थ : संरचना, पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक गुण can serve as a valuable review tool before exams.

पदार्थ : संरचना, पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक गुण Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
कैथोड किरणों में क्या उपस्थित रहते हैं ?
(a) इलेक्ट्रॉन
(b) प्रोटॉन
(c) न्यूट्रॉन
(d) पंरमाणु
उत्तर :
(a) इलेक्ट्रॉन

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 4 पदार्थ : संरचना, पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक गुण

प्रश्न 2.
कैथोड किरणों में विद्यमान होता है
(a) केवल द्रव्यमान
(b) केवल आवेश
(c) आवेश और द्रव्यमान दोनों में कोई नहीं
(d) आवेश तथा द्रव्यमान दोनों ही
उत्तर :
(b) केवल आवेश

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में किसमें न्यूट्रॉन नहीं होता ?
(a) हीलियम
(b) ट्राइटियम
(c) हाइड्रोजन
(d) ड्यूटीरियम
उत्तर :
(c) हाइड्रोजन

प्रश्न 4.
कैथोड किरणे हैं –
(a) विद्युत चुम्बकीय तरंग
(b) गतिशील इलेक्ट्रॉन समूह
(c) विकल्प
(d) इनमें से कोई कथन सत्य नहीं है
उत्तर :
(b) गतिशील इलेक्ट्रॉन समूह

प्रश्न 5.
एक मोल परमाणु में कितना परमाणु होता है?
(a) 6.033 × 1023 आयन
(b) 6.023 × 1023 आयन
(c) 6.023 × 1023 कण
(d) 6.023 × 1023 परमाणु
उत्तर :
(d) 6.023 × 1023 परमाणु

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 4 पदार्थ : संरचना, पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक गुण

प्रश्न 6.
एवागाड्रो संख्या की सकेत चिह्न हैं –
(a) nA
(b) Na
(c) NA
(d) NA
उत्तर :
(c) NA

प्रश्न 7.
ऑक्सीजन और हाइड्रोजन का मोलर आयतन क्या है?
(a) 23.4 लीटर
(b) 22.4 लीटर
(c) 2.34 लीटर
(d) 2.24 लीटर
उत्तर :
(b) 22.4 लीटर

प्रश्न 8.
किसी तत्व की परमाणु संख्या उसके में उपस्थित प्रोटान एवं न्यूट्रॉन की संख्या के योग को कहते हैं।
(a) नाभिक
(b) कक्षाओं
(c) k शेल
(d) सबसे बाहरी कक्षा
उत्तर :
(a) नाभिक

प्रश्न 9.
नाभिकीय संलयन में –
WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 4 पदार्थ संरचना, पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक गुण 1 खाली जगह भरें।
उत्तर :
न्यूट्रॉन

प्रश्न 10.
Cd का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है ।
(a) 2, 8, 8, 2
(b) 2, 8, 2, 8
(c) 8,2,2,8
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) 2,8,8,2

प्रश्न 11.
N. T. P. पर सभी गैसों के 1 मोल का आयतन होता है –
(a) 20 ली०
(b) 18.3 ली०
(c) 21.2 ली०
(d) 22.4 ली०
उत्तर :
(d) 22.4 ली०

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प्रश्न 12.
कैथोड से निकलने वाले किरण के कण का नाम –
(a) इसेक्ट्रॉन
(b) प्रोट्रान
(c) न्यूट्रॉन
(d) इसमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) इलेक्ट्रॉन

प्रश्न 13.
एनोड से निकलने वाले किरण के कण का नाम –
(a) इलेक्ट्रॉन
(b) प्रोट्रान
(c) न्यूट्रॉन
(d) इसमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) प्रोट्रान

प्रश्न 14.
एवोगाड्रो संख्या प्रस्तुत की जा सकती है –
(a) केवल परमाणुओं के लिए
(b) केवल अणुओं के लिए
(c) केवल आयनों के लिए
(d) सभी प्रकार के कणों के लिए
उत्तर :
(d) सभी प्रकार के कणों के लिए

प्रश्न 15.
12 ग्राम कार्बन – 12 में परमाणुओं की संख्या है –
(a) 6
(b) 12
(c) 6.023 × 1023
(d) 12 × 6.023 × 1023
उत्तर :
(c) 6.023 × 1023

प्रश्न 16.
परमाणु का इकाई है :
(a) ग्राम प्रति लीटर
(b) ग्राम
(c) किलाग्राम
(d) कुछ नही
उत्तर :
(d) कुछ नही

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प्रश्न 17.
कक्षों के ऊर्जा स्तर –
(a) नाभिक से दूर जाने पर बढ़ते हैं
(b) नाभिक से दूर जाने पर समान रहते हैं
(c) नाभिक से दूर जाने पर घटते हैं
(d) इनमें कोई नहीं
उत्तर :
(a) नाभिक से दूर जाने पर बढ़ते हैं

प्रश्न 18.
एक कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या दी जाती है।
(a) 2 n2 द्वारा
(b) n2 द्वारा
(c) n2/2 द्वारा
(d) n2+1 द्वारा-
उत्तर :
(a) 2 n2 द्वारा

प्रश्न 19.
\({ }_6^{14} \mathrm{C}\) के एक परमाणु में मूलभूत कणों की कुल संख्या है
(a) 6
(b) 8
(c) 14
(d) 20
उत्तर :
(c) 14

प्रश्न 20.
कोलाइडल घोल में कोलाइड का व्यास –
(a) 10-4cm
(b) 10-4cm या उससे अधिक
(c) 10-5cm से 10-7cm
(d) इसमें से कोई सत्य नहीं
उत्तर :
(c) 10-5cm से 10-7cm

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प्रश्न 21.
आशिक आसवन विधि का प्रयोग –
(a) समान क्वथनांक वाले दो द्रव के मिश्रण को पृथक करने में होता है
(b) असमान क्वथनांक वाले दो द्रव के मिश्रण को पुथक करने में होता है
(c) असमान घनत्व वाले दो द्रव के मिश्रण को पृथक करने में होता है
(d) समान घनत्व वाले दो द्रव के मिश्रण को पृथक करने में होता है
उत्तर :
(b) असमान क्वथनांक वाले दो द्रव के मिश्रण को पृथक करने में होता है

प्रश्न 22.
मनुष्य के शरीर में जल की मात्रा है –
(a) 50%
(b) 60 %
(c) 70 %
(d) 80 %
उत्तर :
(d) 80 %

प्रश्न 23.
पौघों में जल की मात्रा होती है करीब –
(a) 40 %
(b) 70%
(c) 80%
(d) 90% के आसपास
उत्तर :
(d) 90% के आसपास

प्रश्न 24.
जल कितनी अवस्थाओं में पाया आतता है ?
(a) एक
(b) दो
(c) तीन
(d) चार
उत्तर :
(c) तीन

प्रश्न 25.
पेय जल में आर्सेनिक की मात्रा ग्राम प्रति लीटर कितनी हो सकती है ?
(a) .07
(b) .05
(c) .08
(d) 09
उत्तर :
(b) .05

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प्रश्न 26.
जल में मानक कैल्सियम की मात्रा कितनी है ?
(a) 75 PPM
(b) 80 PPM
(c) 90 PPM
(d) 100 PPM
उत्तर :
(a) 75 PPM

प्रश्न 27.
जल में लौह तत्व की मानक मात्रा कितनी है ?
(a) 01 PPM
(b) 02 PPM
(c) 03 PPM
(d) 04 PPM
उत्तर :
(c) .03 PPM

प्रश्न 28.
विध्ध स्वास्थ्य संगठन ने जल में छुलित क्लोराइड की मात्रा कितनी मानी है ?
(a) 1500 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
(b) 1700 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
(c) 1800 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
(d) 1900 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर
उत्तर :
(a) 1500 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर

प्रश्न 29.
α कण किसके समान होता है ?
(a) प्रोटॉन
(b) न्वूरौम
(c) हीलियम नाभिक
(d) इलेक्ट्रॉन
उत्तर :
(c) हीलियम नाभिक

प्रश्न 30.
परमाणु के नाभिक के नजदीक कौन-सी कक्षा होती है ?
(a) K
(b) L
(c) M
(d) N
उत्तर :
(a) K

प्रश्न 31.
किस कक्षा या सेल में इलेक्ट्रॉन की सबसे कम संख्या होती है ?
(a) K कक्षा
(b) L कब्षा
(c) M कक्षा
(d) N कक्षा
उत्तर :
(a) K कक्षा

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प्रश्न 32.
जल और चीनी के विलयन में किलेब पदार्थ है –
(a) जल
(b) चीनी
(c) जल और चीनी
(d) एक मी नहीं
उत्तर :
(b) चीनी

प्रश्न 33.
गैस में ठोस के घोल का उदाहरण है –
(a) दूष
(b) धुओ
(c) शरबत
(d) बदी का जल
उत्तर :
(b) धुआँ

प्रश्न 34.
रेत के सूक्ष्म कणों का जल में मिश्रण निम्नलिखित में किसका उदाहरण है ?
(a) कोलाइड
(b) संतृप्त घोल
(c) निलम्बन
(d) घोल
उत्तर :
(c) निलम्बन

प्रश्न 35.
कोलायडी घोल में कणों का टेढ़े-बेढ़े घार्गों से गमन कहलाता है –
(a) टिंडल प्रभाव
(b) पेल्टियर प्रभाव
(c) ब्राऊनी गति
(d) इसमें से कोई नहीं
उत्तर :
(c) ब्राऊनी गति

प्रश्न 36.
निम्नलिखित में से किस पदार्थ को जीवन कहा गया है ?
(a) वायु
(b) मिट्टी
(c) दूच
(d) जल
उत्तर :
(a) वायु

प्रश्न 37.
निम्नलिखित में से पेय जल में औक्सीजन की न्यूतम मात्रा कितनी होनी घाहिए ?
(a) 1mg/L
(b) 2m g/L
(c) 4mg/L
(d) mg/L
उत्तर :
(c) 4mg/L

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प्रश्न 38.
WHO के अनुसार पेयजल में आर्सीनिक की अधिकतम मात्रा कितनी होनी चाहिए जिसका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव न पड़े?
(a) 10 mg/L
(b) 8 mg/L
(c) 12 mg/L
(d) 6 mg/L
उत्तर :
(a) 10 mg/L

प्रश्न 39.
कोई विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है, इसका pH संभवतः क्या होगा ?
(a) 11
(b) 8
(c) 5
(d) 10
उत्तर :
(b) 8

प्रश्न 40.
निम्नलिखित में कौन भस्म नहीं है ?
(a) KOH
(b) NaCl
(c) Al OH3
(d) ZnO
उत्तर :
(b) NaCl

प्रश्न 41.
निम्न में से ठोस का ठोस में घोल का उदाहरण है –
(a) बोरॉन
(b) पीतल
(c) बेरिलियम
(d) फिटकिरी
उत्तर :
(b) पीतल

प्रश्न 42.
परमाणु मॉडल की प्रथम कल्पना किसने की ?
(a) नीलबोर
(b) ड्डाल्टन
(c) एवोगैड्रो
(d) जे जे थामसन
उत्तर :
(b) डाल्टन

प्रश्न 43.
निम्नलिखित भस्मों में कौन प्रबल भस्म है ?
(a) NH4 OH
(b) NaOH
(c) Mg(OH)2
(d) Cu(OH)2
उत्तर :
(b) NaOH

प्रश्न 44.
कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है जो चूने के पानी को दुधिया कर देती है। इस विलय में क्या होगा ?
(a) NaCl
(b) HCl
(c) LiCl
(d) KCL
उत्तर :
(b) HCl

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प्रश्न 45.
निम्नलिखित में किसका गलनांक निश्चित होता है ?
(a) विभिन्न पदार्थो के मिश्रण का
(b) ठोस शुद्ध पदार्थों का
(c) नमक एवं चीनी के मिश्रण का
(d) बारूद का
उत्तर :
(b) ठोस शुद्ध पदार्थों का

प्रश्न 46.
लोहे एवं गंधक के मिश्रण से लोहे को अलग करेंगे –
(a) निथारना विधि से
(b) छानकर
(c) सुम्बकीय बिधि से
(d) आसवन से
उत्तर :
(c) चुम्बकीय बिधि से

प्रश्न 47.
पेट्रोलियम से इसके विभित्र उत्पादों को अलग करेंगे –
(a) आसबन विधि से
(b) भंजक आसवन से
(c) पुथक्कारी कीप द्वारा
(d) छानकर
उत्तर :
(b) भंजक आसबन से

प्रश्न 48.
जल एवं किरासन तेल के मिश्रण से इनके अवयवों को अलग करेंगे –
(a) आसवन से
(b) मंजक आसवन से
(c) पुथक्कारी कीप से
(d) छानकर
उत्तर :
(c) पृथक्कारी कीप से

प्रश्न 49.
S.T.P पर हाइड्रोजन के एक नमूने का आयतन होता है –
(a) 22.4 लीटर
(b) 11.2 लीटर
(c) 224 लीटर
(d) 2.24 लीटर
उत्तर :
(a) 22.4 लीटर

प्रश्न 50.
एक मोल इलेक्ट्रॉन में इलेक्ट्रान होते हैं –
(a) 6.022 x 1023
(b) 6.022 x 1023
(c) 60.22 x 1023
(d) 602.3 x 1023
उत्तर :
(b) 6.022 x 1023

प्रश्न 51.
S.T.P. पर आक्सीजन के एक मोल में अणुओं की संख्या होती है –
(a) 60.22 x 1023
(b) 6.022 x 1023
(c) 6.022 x 1023
(d) 602.2 x 1023
उत्तर :
(b) 6.022 x 1023

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प्रश्न 52.
S.T.P. पर 28 ग्राम कार्बन मोनो आक्साइड का आयत्तन होगा –
(a) 22.4 लीटर
(b) 224 लीटर
(c) 2.24 लीटर
(d) 11.2 लीटर
उत्तर :
(a) 22.4 लीटर

प्रश्न 53.
निम्नलिखित अम्लों में से कौन प्रबल अम्ल है –
(a) लैक्टिक अम्ल
(b) एसीटिक अम्ल
(c) फॉर्मिक अम्ल
(d) सल्प्यूरिक अम्ल
उत्तर :
(d) सल्प्ययरिक अम्ल

प्रश्न 54.
नाइट्रोजन का ग्राम-अणुभार होता है –
(a) 14 ग्राम
(b) 28 ग्राम
(c) 42 ग्राम
(d) 56 ग्राम
उत्तर :
(b) 28 ग्राम

प्रश्न 55.
निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ तीन अवस्थाओं में पाया जाता है?
(a) लोहा
(b) मिट्टी
(c) दूर
(d) जल
उत्तर :
(d) जल

प्रश्न 56.
निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ सार्वत्रिक विलायक कहा जाता है?
(a) एल्कोहल
(b) केरोसिन
(c) मीथेन
(d) जल
उत्तर :
(d) जल

WBBSE Class 9 Physical Science MCQ Questions Chapter 4 पदार्थ : संरचना, पदार्थ के भौतिक तथा रासायनिक गुण

प्रश्न 57.
निम्नलिखित में से किस तापमान पर जल का घनत्व सबसे अधिक होता है?
(a) 0° C
(b) 2° C
(c) 3° C
(d) 4°C
उत्तर :
(d) 4°C

प्रश्न 58.
किसी पदार्थ की विशिष्ट उष्मा सबसे अधिक होती है?
(a) एल्कोहल
(b) केरोसिन
(c) सल्फ्यूरिक अम्ल
(d) जल
उत्तर :
(d) जल

प्रश्न 59.
इनमें किस युग्म की मात्रा उदासीन परमाणु के समान होती है ?
(a) इलेक्ट्रॉन-प्रोटॉन
(b) न्यूट्रान-प्रोटॉन
(c) इलेक्ट्रॉन-न्यूट्रॉन
(d) किसी की नहीं।
उत्तर :
(a) इलेक्ट्रॉन-प्रोटॉन

प्रश्न 60.
O2 की मोलर ग्राम मात्रा है –
(a) 44 gm
(b) 32.5 gm
(c) 32 gm
(d) 35.5 gm
उत्तर :
(c) 32 gm

प्रश्न 61.
हाइड्रोजन के समस्थानिकों की संख्या –
(a) दो है
(b) तीन है
(c) चार है
(d) एक है
उत्तर :
(b) तीन है

प्रश्न 62.
कार्बन 12 के आयार पर आक्सीजन का परमाणु भार होता है –
(a) 12
(b) 16
(c) 14
(d) 8
उत्तर :
(b) 16

प्रश्न 63.
निलंबन में निलबित कणों का आकार होता है –
(a) 10-6 सेमी०
(b) 10-3 सेमी०
(c) 10-6 सेमी०
(d) 10-4 सेमी०
उत्तर :
(d) 10-4 सेमी०

प्रश्न 64.
एसीटोन का सूत्र है –
(a) CHCl3
(b) CH3 OH
(c) CH3 COCH3
(d) C2H8
उत्तर :
(c) CH3 COCH3

प्रश्न 65.
आर्सीनिक है एक विषैला –
(a) द्रव
(b) धातु
(c) अधातु
(d) उपधातु
उत्तर :
(d) उपधातु

प्रश्न 66.
परमाणु के मौलिक कणों की संख्या है –
(a) 1
(b) 2
(c) 3
(d) 4
उत्तर :
(c) 3

प्रश्न 67.
प्रोटॉन के आविष्कारक हैं –
(a) जॉन डाल्टन
(b) चैडविक
(c) गोल्ड स्टीन
(d) थॉमसन
उत्तर :
(c) गोल्ड स्टीन

प्रश्न 68.
मात्रा संख्या का अर्थ है –
(a) (पोटॉन + इलेक्ट्रॉन) की संख्या
(b) (इलेक्ट्रॉन + न्यूट्रॉन) की संख्या
(c) (मोटॉन + न्यूट्रॉन) की संख्या
(d) (इलेक्ट्रॉन + प्रोटॉन + न्यूट्रॉन) की संख्या
उत्तर :
(c) (मोटॉन + न्यूट्रॉन) की संख्या

प्रश्न 69.
भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु में न्यूट्रॉन की संख्या समान होती है लेकिन प्रोट्रॉन की संख्या असमान होती है वह है –
(a) आइसोटोप
(b) आइसोटोन
(c) आइसोबार
(d) केन्द्रक
उत्तर :
(b) आइसोटोन

प्रश्न 70.
एवोगैड्रो संख्या प्रदर्शित करती है –
(a) 6.023 × 1022 परमाणु
(b) 6.023 × 1023 अणु
(c) 6.023 × 1023 आयन
(d) 6.023 × 1023 कण
उत्तर :
(d) 6.023 × 1023 कण

प्रश्न 71.
CO2 के 1 मोल में होते हैं –
(a) CO2 के 6.023 × 1023 अणु
(b) 0 के 6.023 × 1023 परमाणु
(c) CO2 के 18.1 × 1023 अणु
(d) CO2 के 3 ग्राम अणु
उत्तर :
(a) CO2 के 6.023 × 1023 अणु

प्रश्न 72.
परमाणु भार का अन्तर्राष्ट्रीय मानक है –
(a) कार्बन-12
(b) ऑक्सीजन – 16
(c) हाइड्रोजन – 1
(d) नाइट्रोजन – 14
उत्तर :
(a) कार्बन-12

प्रश्न 73.
अमोनिया का अणु द्रव्यमान है –
(a) 16
(b) 15
(c) 17
(d) 18
उत्तर :
(c) 17

प्रश्न 74.
हाइड्रोजन से अधिक विद्युत धनात्मक तत्व है –
(a) Ag
(b) Au
(c) Zn
(d) Na
उत्तर :
(d) Na

प्रश्न 75.
बाक्साइट से प्राप्त धातु का नाम –
(a) Al
(b) Cu
(c) Zn
(d) Mg
उत्तर :
(a) Al

प्रश्न 76.
स्वचालित वाहनों के रेडिएटरों में जल का प्रयोग होगा हैं क्योंकि –
(a) घनत्व अधिक है
(b) तरल अधिक है
(c) विशिष्ट उष्मा अंिक है
(d) विद्युत कुचालक अधिक है
उत्तर :
(c) विशिष्ट उष्मा अधिक है

प्रश्न 77.
निम्नलिखित में अम्ल नहीं है –
(a) NaHSO4
(b) HCl
(c) H3SO4
(d) HNO3
उत्तर :
(a) NaHSO4

प्रश्न 78.
भस्म नहीं है –
(a) कैलसियम आक्साइड
(b) जिंक आक्साइड
(c) सोडियम मोनो आवसाइड
(d) सोडियम क्लोराइड
उत्तर :
(d) सोडियम क्लोराइड

प्रश्न 79.
अम्लीय लवण है –
(a) सोडियम बाई कार्बेनेट
(b) सोडियम क्लारोइड
(c) बेसिक लेड क्लोराइड
(d) सोडियम हाइड्रो आक्साइड
उत्तर :
(a) सोडियम बाई कार्बेनेट

प्रश्न 80.
परमाणु संरचना के प्रमुख मूल कण हैं –
(a) इलेक्ट्रान
(b) प्रोटान
(c) न्यूट्रान
(d) सभी
उत्तर :
(d) सभी

प्रश्न 81.
इलेक्ट्रान की खोज किसने की ?
(a) हेनरी बैकुरल
(b) जॉन डाल्टन
(c) जे॰जे॰ टॉमसन
(d) नील बोर
उत्तर :
(c) जे॰जे॰ टॉमसन

प्रश्न 82.
न्यूट्रान कण क्या है ?
(a) धनात्मक कण
(b) उदासीन कण
(c) त्रणात्मक कण
(d) सभी
उत्तर :
(b) उदासीन कण

प्रश्न 83.
परमाणु की त्रिज्या है –
(a) 10-6m
(b) 10-5 m
(c) 10-10m
(d) 10-9 m
उत्तर :
(c) 10-10 m

प्रश्न 84.
नाभिक की त्रिज्या है –
(a) 10°
(b) 10-14
(c) 103
(d) 109
उत्तर :
(b) 10-14

प्रश्न 85.
नाभिक की खोज का श्रेय जाता है –
(a) रदरफोर्ड
(b) चाविक
(c) हेनरी बेकुलर
(d) जे॰जे॰ थामसन
उत्तर :
(a) रदरफोर्ड

प्रश्न 86.
नाभिक में धनाबेशित कणों को कहा जाता है –
(a) इलेक्ट्रान
(b) न्यूट्रान
(c) प्रोटान
(d) सभी
उत्तर :
(c) मोटान

प्रश्न 87.
C-12 समस्थानिक के 1 मोल की मात्रा कितना ग्राम होती है ?
(a) 18 ग्राम
(b) 14 ग्राम
(c) 12 ग्राम
(d) 10 ग्राम
उत्तर :
(c) 12 ग्राम

प्रश्न 88.
6.023 × 1023 हाइड्रोजन परमाणु का भार क्या होगा ?
(a) 1.008 ग्राम
(b) 10008 × 10-8 ग्राम
(c) 100.8 ग्राम
(d) 0.1008 ग्राम
उत्तर :
(a) 1.008 ग्राम

प्रश्न 89.
हाइड्रोजन के एक परमाणु का भार कितना ग्राम होता है ?
(a) 16.7 × 1024 ग्राम
(b) 1.67 × 10-24
(c) 1.76 × 1024 ग्राम
(d) 1.76 × 1023 ग्राम
उत्तर :
(b) 1.67 × 10-24

प्रश्न 90.
मोलर मात्रा की इकाई व्यक्त की जाती है –
(a) लीटर/मोल
(b) किलोग्राम/मोल
(c) ग्राम/मोल
(d) घन/मोल
उत्तर :
(c) ग्राम/मोल

प्रश्न 91.
लिटमस का स्वाभाविक रंग होता है –
(a) लाल
(b) नारगी
(c) बैंगनी
(d) पीला
उत्तर :
(c) बैंगनी

प्रश्न 92.
शुद्ध जल का pH मान है –
(a) 5.5
(b) 3.4
(c) 7
(d) 9
उत्तर :
(c) 7

प्रश्न 93.
मनुष्य के आमाशय में अम्ल होता है –
(a) H2SO4
(b) KNO3
(c) H3O4
(d) HCl
उत्तर :
(d) HCl

प्रश्न 94.
अम्ल और क्षार हाथों से उपयोग करते समय व्यवहार करना चाहिए –
(a) क्रीम लगाकर
(b) विनाइल दस्ताना
(c) भौंगे हाथ से
(d) सूखे हाथ से
उत्तर :
(b) विनाइल दस्ताना

प्रश्न 95.
एक पदार्थ जिसका तापक्रम बढ़ाने पर घुलनशीलता में परिवर्तन नहीं होता है –
(a) CaSO4
(b) CaCl2
(c) NaCl
(d) MgSO4
उत्तर :
(d) MgSO4

प्रश्न 96.
अधिकतर ठोस पदार्थ की घुलनशीलता बढ़ती है –
(a) सामान्य तापक्रम
(b) तापक्रम बढ़ने पर
(c) तापक्रम घटने पर
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर :
(b) तापक्रम बढ़ने पर

प्रश्न 97.
साधारण जल में साधारण नमक घुलने पर जल को कहते हैं –
(a) घुलित
(b) घोलक
(c) घोल
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर :
(b) घोलक

प्रश्न 98.
…… में द्रव का घोल है –
(a) जल + अल्कोहल
(b) चीनी + पानी
(c) कॉपर + जिक
(d) CO2 पानी
उत्तर :
(a) जल + अल्कोहल

प्रश्न 99.
टू घोल के कण का व्यास होता है –
(a) 10-5cm से 10-3cm
(b) 10-5 से 10-7
(c) 10-8 से 10-7
(d) 10-3 से 10-4
उत्तर :
(c) 10-6 से 10-7

प्रश्न 100.
पोटैशियम नाइट्रेट 700°C पर जल में घुलता है –
(a) 45 ग्राम
(b) 65 ग्राम
(c) 85 ग्राम
(d) 138 ग्राम
उत्तर :
(d) 138 ग्राम

प्रश्न 101.
वायु में कणों की उपस्थिति कहलाती है –
(a) टू घोल
(b) कोलाइडल घोल
(c) आलम्बन
(d) घोलक
उत्तर :
(c) आलम्बन

प्रश्न 102.
आसवन में कितनी क्रियाएं सम्पन्न होती हैं ?
(a) एक
(b) दो
(c) तीन
(d) चार
उत्तर :
(b) दो

प्रश्न 103.
किसी वाष्प को ठण्डा कर गैसीय अवस्था से द्रव अवस्था में बदलने को कहते हैं –
(a) छानना
(b) निथारना
(c) वाष्पीकरण
(d) संघनन
उत्तर :
(d) संघनन

प्रश्न 104.
कच्चे तेल के अवयवों को किस विधि द्वारा अलग किया जा सकता है ?
(a) छानना
(b) निथारना
(c) आसवन
(d) आंशिक आसवन
उत्तर :
(d) आंशिक आसवन

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. परमाणु का नाभिक प्रोटॉन और______________ के बने होते हैं।
उत्तर : न्यूट्रॉन।

2. हाइड्रोजन परमाणु को _____________नहीं होते।
उत्तर : न्यूट्रॉन।

3. जे० जे० थॉमसन ने _____________की खोज किये थे।
उत्तर : इलेक्ट्रॉन

4. β किरणों पर _____________
उत्तर : ॠण आवेश

5. घुलनशीलता दबाव और ____________पर निर्भर करती है।
उत्तर : तापक्रम।

6. जल एक ____________पारदर्शी द्रव है।
उत्तर : रंगहीन।

7. किसी तत्व की परमाणु संख्या उसके नाभिक में उपस्थित ____________की संख्या होती है।
उत्तर : प्रोटॉन।

8. परमाणु का द्रव्यमान ____________में केन्द्रित होता है।
उत्तर : नाभिक।

9. ____________परमाणु के ऊर्जा कक्षों में अवस्थित होता है।
उत्तर : इलेक्ट्रॉन।

10. जल उष्मा तथा ____________का कुचालक है।
उत्तर : विद्युत।

11. जल ____________पदार्थ में उपस्थित रहता है।
उत्तर : लगभग सभी।

12. PVC से __________बनता है।
उत्तर : पानी का पाइप।

13. pH एक शुद्ध __________है।
उत्तर : स्केल।

14. KCl एक __________लवण है।
उत्तर : सामान्य।

15. 1 मोल हाइड्रोजन में हाइड्रोजन के__________ परमाणु होते है।
उत्तर : 6.023 ×1020

16. हाइड्रोजन का परमाणु भार ________है।
उत्तर : 1.008

17. निलम्बन को ________द्वारा देखते हैं।
उत्तर : नगन आँखों।

18. पानी तथा अल्कोहल का मिश्रण ________घोल का उदाहरण है।
उत्चर : द्रव में द्रव।

19. एवोगैड्रो संख्या का मान ________होता है।
उत्तर : 6.022 × 1023

20. वर्षा जल पीने योग्य ________होता है।
उत्तर : नहीं।

21. विश्र स्वास्थ्य संगठन ने पेय जल में घुलित क्रोमियम की मात्रा ________माइक्रो ग्राम प्रति लीटर मानी है।
उत्तर : 50 ।

22. धातुएं गर्म जल से प्रतिक्रिया करके अपने ________बनाती हैं।
उत्तर : ऑक्साइड।

23. जल में अघुलनशील कार्बनिक घोलक ________है।
उत्तर : बलोरोफार्म CHI

24. log10 का मान ________होता है।
उत्तर : 1

25. जल का घनत्व ________पर सबसे अधिक होता है
उत्तर : 4°C

26. एक हल्की धातु बेरिलयम का संकेत ________है।
उत्तर : \({ }_4^9 \mathrm{Be}\)

27. प्रोट्रॉन पर ________आवेश रहता है।
उत्तर : धन।

28. सन् 1906 ई० में ________को नोबल पुरस्कार मिला था।
उत्तर : J.J.Thomson.

29. कार्बन तथा ऑक्सीजन के ________आइसोटोप होते हैं।
उत्तर : तीन-तीन।

30. जल में तेल की बूँदें ________घोल हैं।
उत्तर : पायस (इमल्सन)।

31. घोल के अवयव घोलक और ________होते हैं।
उत्तर : घुलित।

32. मिश्रण जिन तत्वों या यौगिकों से बनता है, उसे उसका ________कहते हैं।
उत्तर : अवयव।

33. 0.5 मोल कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा ________ग्राम होती है।
उत्तर : 22

34. S.T.P. पर आक्सीजन के एक नमूने का आयतन
उत्तर : 6.022 × 1023

35. एक मोल हाइड्रोजन का द्रव्यमान ________होगा।
उत्तर : 2 ग्राम।

36. कक्षों में इलेक्ट्रॉन की संख्या का सूत्र ________है।
उत्तर : 2n2

37. 1 मोल कार्बन में कार्बन के ________परमाणु होते हैं।
उत्तर : 6.023 × 1020

38. 12C का परमाणु द्रव्यमान (Atomic mass) amu ________होता है।
उत्तर : 12.0001

39. लेड संचयित बैटरी में उषयोग किया आने वाला अम्ल है।
उत्तर : H2SO4

40. एक अम्लीय लवण का निर्माण ________द्वारा होता है।
उत्तर : भास्मिक अम्ल के अपूर्ण उदासीनीकरण।

41. साधारण नमक (NaCl) का विलयन जल में ________होता है।
उत्तर : क्षारीय।

42. मोल ________और ________दोनों का प्रतीक है।
उत्तर : संख्या/क्रव्यमान।

43. आक्सीजन का परमाणु भार ________है।
उत्तर : 16 या 15.999 ।

44. a m u का पूरा नाम ________है।
उत्तर : Atomic mass unit.

45. जल विद्युत का ________है।
उत्तर : कुचालक।

46. जल एक ________घोलक है।
उत्तर : उत्तम।

47. जीवन के लिए जल ________है।
उत्तर : अनिवार्य।

48. मनुष्य के सामान्य मूत्र का pH मान ________होता है।
उत्तर : 7.2

49. मक्खन का ________उदाहरण है।
उत्तर : पायस।

50. घोल हमेशा ________होता है ।
उत्तर : समागी।

51. 760 मि.मी. दबाव पर जल का हियांक ________होता है।
उत्तर : 0°C

52. पेयजल में घुली हुई क्लोराइड की अथिकतम मात्रा ________से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उत्तर : 1.5mg/L

53. जल की अस्थाई कठोरता ________के कारण उत्पन्न होती है।
उत्तर : कैल्सियम एव मैग्नीशियम के बाई कार्बोनेट।

54. जल की स्थाई कठोरता को ________दूर किया जाता है।
उत्तर : आसवन द्वारा ।

55. STP पर 16 ग्राम आक्सीजन का आयतन ________होता है।
उत्तर : H2 लीटर।

56. तापक्रम बढ़ने पर NaCl की घुलनशीलता________बढ़ती है।
उत्तर : तीव्रता से

57. घोल की सांद्रता को ________में व्यक्ति किया जाता है।
उत्तर : gmL-1

58. निंबन ________होता है।
उत्तर : मिश्रण

59. जब किसी धातु के कार्बेनिट किसी अम्ल से अभिक्रिया करते हैं तो निर्गत गैस________ होती है।
उत्तर : CO2

60. जिस पदार्थ को घोलक में घुलाया जाता है उसे ________कहते हैं।
उत्तर : घुलित।

61. शुद्ध जल का pH ________होता है।
उत्तर : 7

62. इथाइल अल्कोहल का सूत्र ________है।
उत्तर : C2H5 OH

63. द्विभास्मिक अम्ल का नाम ________है।
उत्तर : H2SO4

64. दूघ का pH ________है।
उत्तर : 6.5

65. Black foot disease ________के कारण होता है।
उत्तर : आर्सीनक।

66. पेय जल में फ्लोराइड की मात्रा________ mg/L होनी चाहिए।
उत्तर : 1.51

67.________ एक मिश्रण है।
उत्तर : वायु।

68. नाइट्रिक अम्ल को जल में घुलाने पर ________आयन और ________आयन प्राप्त होता है।
उत्तर : हाइड्रोजन, नाइट्रेट।

69. कैल्सियम आक्साइड जल से क्रिया कर________ बनाते हैं।
उत्तर : कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड।

70. दंत रोग जल की अधिक ________प्रवृति होने के कारण होता है।
उत्तर : अम्लीय।

71. कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस की अधिकता ________प्रभाव उत्पत्र करती है।
उत्तर : अम्लीय।

72. अम्ल के हाइड्रोजन आयन और क्षार के हाइड्रो आक्साइड मिलकर________ अणु का निर्माण करते हैं।
उत्तर : जल।

73. मुँह के जलीय माध्यम ________pH से कम नहीं होना चाहिए।
उत्तर : 5.5

74. सोडियम क्लोराइड ________लवण है।
उत्तर : साधारण।

75. परमाणु आकार इतना ________होता है कि इसे आँखों से नहीं देखा जा सकता।
उत्तर : छोटा।

76. कैथोड किरणें ________रेखाओं में चलती हैं।
उत्तर : सीधी।

77. इलेक्ट्रान ________आवेशित कण है।
उत्तर : ॠण।

78. कैथोड किरणें ________कण हैं।
उत्तर : ॠण आवेशित।

79. रेडियोधर्मिता की खोज ________की।
उत्तर : हेनरी बेक्वेरल ने।

80. प्रोटान का द्रव्यमान लगभग ________किलोग्राम होता है।
उत्तर : 1.672 x 1024

81. हाइड्रोजन के ________आइसोटोप होते हैं।
उत्तर : तीन।

82. एक मोल अणु पदार्थ के ________अणु के बराबर होता है।
उत्तर : 6.022 x 1023

83. कार्बन- 12 समस्थानिक के एक मोल की मात्रा ________ग्राम होती है।
उत्तर : 12

84. मोलर आयतन के परिकलन की सटीकता सामान्य तापक्रम और ________पर ही निर्भर है।
उत्तर : दबाव।

85. हाइड्रोजन की ग्राम पारमाणविक मात्रा ________ग्राम होगी।
उत्तर : 1

86. हाइड्रोजन का ग्राम आणविक भार ________ग्राम होगा।
उत्तर : 2.016

87. 2.016 ग्राम हाइड्रोजन में अणुओं की संख्या ________है।
उत्तर : 6.022 × 1023

88. मात्रा = पारमाणविक मात्रा x ________|
उत्तर : अणु में परमाणुओं की संख्या।

89. गैसों की घुलनशीलता तापक्रम के बढ़ने पर________ है।
उत्तर : बढ़ता

90. सामान्य तापक्रम पर विभिन्न ठोसों की ________विभिन्न होती है।
उत्तर : घुलनशीलता

91. कणों के व्यास 10-5 से 10-7 से०मी०________ कहलाते है।
उत्तर : कोलायड

92. जल एक ________विलायक है।
उत्तर : सार्वभौम

93. जल का घनत्व 4°C पर ________प्रतिघन सेमी॰ होता है।
उत्तर : 1gm / cm3

94. ________विधि द्वारा जल की स्थायी कठोरता को दूर किया जा सकता है।
उत्तर : आसवन।

95. धातुएं ________ठण्डे जल से प्रतिक्रिया करके अपने________ बनते हैं।
उत्तर : Na या Ca, H2 गैस

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. 760 मि. मी. वायुमण्डलीय दबाव पर जल का क्वथनांक 100°C होता है।
उत्तर : True

2. 4°C पर जल का घनत्व सबसे कम होता है।
उत्तर : False

3. पेयजल में घुले हुए कार्बन टेट्राक्लोराइड की अधिकतम मात्रा 4mg/L होनी चाहिए।
उत्तर : True

4. जल की अस्थाई कठोरता जल में घुले हुए कैल्सियम एवं मैग्नीशियम के सल्फेट एवं क्लोराइड के घुले होने के कारण होती है।
उत्तर : False

5. जल की स्थाई कठोरता जल में घुले हुए कैल्सियम एवं मैग्नीशियम के कार्बोनेट एवं बाई कार्बोनेट के घुले होने के कारण होती है।
उत्तर : False

6. जल प्रदूषण के कारण जलाशयों में शैवाल पस्कुटन होता है।
उत्तर : True

7. आर्सेनिक से जल प्रदूषण के कारण चर्म रोग से संबधित विभिश्न प्रकार की बीमारियाँ पैदा होती हैं।
उत्तर : True

8. जल में घुली हुई प्लूराइड को छानकर अलग किया जा सकता है।
उत्तर : False

9. जल में घुले हुए आसेंनिक आयनों को दूर करने के लिए लेंथेनम यौगिको का प्रयोग किया जाता है।
उत्तर : False

10. न्यूट्रॉन एक आवेशरहित कण है।
उत्तर : False

11. β किरणों की मेदन क्षमता γ किरणों से अधिक होता है।
उत्तर : False

12. परमाणु के विभिन्न कक्षों में इलेक्ट्रॉन भ्रमण करते है।
उत्तर : True

13. निष्किय गैस हिलियम के सबसे बाहरी कक्ष में आठ इलेक्ट्रॉन होते हैं।
उत्तर : False

14. घोल एक विषमांग मिश्रण है।
उत्तर : False

15. कोलायडल आवेशित होते हैं।
उत्तर : False

16. जो भस्म जल में घुलता है वह क्षार कहलाता है।
उत्तर : True

17. मिश्रणों के गुण उसके अवयवों से नहीं मिलते हैं।
उत्तर : False

18. किसी द्रव को उसके व्यथनांक बिन्दु तक गर्म कर द्रव को वाष्य में बदलने को संघनन कहते हैं।
उत्तर : False

19. बिटुमिन का उपयोग संड़क बनाने मे होता है।
उत्तर : True

20. जल एक रंगहौन स्वादिष्ट पारदर्शी द्रव है।
उत्तर : False

21. जल को द्रव अवस्था से वाष्प अवस्था में बदलने के लिए
उत्तर : True

22. परमाणु का भीतर अधिकांश भाग खाली होता है।
उत्तर : True

22. परमाणु का भीतर अधिकाश भाग खाली होता है।
उत्तर : True

23. परमाणु संख्या का मान इलेक्ट्रॉन या पोट्रॉन के मान के बराबर होता है।
उत्तर : True

24. 6.023 × 1023 कणों के समूह को परमाणु द्रव्यमान कहते हैं।
उत्तर : False

25. परमाणु द्रव्यमान की कोई इकाई नहीं होती है।
उत्तर : False

26. ताप बढ़ने से किसो पदार्थ की घुलनशीलता प्राय: बढ़ती है।
उत्तर : True

27. वास्तविक घोल को छत्रा पत्र द्वारा छाना जा सकता है।
उत्तर : False

28. दही में साइट्रिक अम्ल मिलता है।
उत्तर : False

29. जल एक Aquous solvent है।
उत्तर : True

30. pH स्केल की इकाई से०मी० है।
उत्तर : False

31. अम्ल वर्षा से विक्टोरिया भवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उत्तर : False

32. पश्चिम बंगाल आर्सेनिक मुक्त राज्य है।
उत्तर : False

33. जल एक उदासीन यौगिक है।
उत्तर : True

34. जल लिटमस को प्रभावित करता है।
उत्तर : False

35. विश्च स्वास्थ्य संगठन ने पेयजल में घुलित आर्सेनिक की मात्रा 12 माइक्रो ग्राम प्रति लीटर मानी है।
उत्तर : False

36. जल ठोस में बदलता है तो उसका आयतन बढ़ता है।
उत्तर : True

37. इलेक्ट्रॉन पर धन आवेश होता है।
उत्तर : False

38. क्लोरिनेशन से जल का स्वाद बढ़ जाता है।
उत्तर : False

39. जल मे क्लोराइड की मात्रा मनुष्य एवं पशुओं के लिए जहरीली है।
उत्तर : True

40. Colloids समांगी मिश्रण है।
उत्तर : False

41. NaCl एक निश्चित तापक्रम तक ही जल में घुलता है।
उत्तर : True

42. घुलनशीलता वक्र से पदार्थ की घुलनशीलता एक तापक्रम पर ज्ञात की जा सकती है।
उत्तर : True

43. गैसो की घुलनशीलता तापक्रम के बढ़ने पर बढ़ती है।
उत्तर : True

44. इलेक्ट्रान परमाणु का सबसे हल्का मौलिक कण है।
उत्तर : True

45. प्रोटान की तुलना में इलेक्ट्रान भारी होता है।
उत्तर : True

46. प्रोट्रॉन तथा न्यूट्रान केन्द्रक में उपस्थित रहते हैं।
उत्तर : True

47. परमाणु का समस्त भार केन्द्रक में निहित होता है।
उत्तर : True

48. रदरफोर्ड मॉडल में परमाणु के लिए परम सत्य मॉडल है।
उत्तर : False

49. कार्बन के चार आइसोटोप पाये जाते हैं।
उत्तर : False

50. SI पद्धति में पदार्थ की मात्रा, n की इकाई मोल है।
उत्तर : True

51. एक मोल अं में अणुओं की संख्या 6.023 × 1023 होती है।
उत्तर : True

52. C-12 समस्थानिक के एक मोल की मात्रा 14 ग्राम होती है।
उत्तर : False

53. मोलर आयतन व्यक्त करते समय N.T.P. की आवश्यकता नहीं है।
उत्तर : False

54. एक लीटर आक्सीजन (O2) का N.T.P. पर भार 1.429 ग्राम होता है।
उत्तर : False

55. α किरणों की भेदन क्षमता γ किरणों से अधिक होती है।
उत्तर : True

56. विसर्ग नली प्रयोग से निष्कर्ष निकाला जाता है कि नाभिक में धनावेश होता है।
उत्तर : False

57. α कण प्रोटॉन के समान होता है।
उत्तर : False

58 . सबसे भारी कण न्यूट्रॉन होता है।
उत्तर : True

59. पोटॉन इलेक्ट्रॉन से लगभग 1838 गुना भारी होता है।
उत्तर : True

60. परमाणु का केन्द्र क्रण आवेशित होता है।
उत्तर : False

61. न्यूट्रॉन का आविष्कार चैडविक ने किया था।
उत्तर : True

62. एक कक्षा में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या n2 द्वारा दी जाती है।
उत्तर : False

63. परमाणु के नाभिक में उपस्थित मोटॉन की कुल संख्या को परमाणु संख्या कहते हैं।
उत्तर : True

64. तत्व के समस्थानिको के नाभिक में न्यूट्रॉनो की संख्या समान होती है।
उत्तर : False

65. समभारिक तत्वों के परमाणुओं के नाभिक में प्रोटॉनों की संख्याएँ भिन्न होती हैं।
उत्तर : True

66. परमाणु विद्युतः उदासीन होता है।
उत्तर : True

67. पोटाश अम्ल का उपयोग जल के शुद्धीकरण में किया जाता है।
उत्तर : False

68. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट का उपयोग अग्निशामकों में किया जाता है।
उत्तर : True

69. पाचन के लिए पेट में उपलब्ध जठर रस (gastric juice) में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पाये जाते हैं।
उत्तर : True

70. कैल्सियम हाइड्रॉंक्साइड का उपयोग साबुन बनाने में किया जाता है।
उत्तर : False

71. दुर्बल अम्ल एवं प्रबल भस्म के विलयन क्षारीय (alkaline) होते हैं।
उत्तर : True

72. Pb(OH) Cl एक अम्लीय लबण है।
उत्तर : False

73. द्विभस्मीय अम्ल एक भस्मीय अम्ल से प्रबल होते हैं।
उत्तर : True

74. S.T.P पर किसी गैस का मोलर आयतन 22.4 लीटर होता है।
उत्तर : True

75. एवोगैड्रो संख्या को NA से प्रदर्शित करते हैं।
उत्तर : True

76. STP पर 22.4 लीटर अमोनिया में अणुओं की संख्या 6.022 × 1022 होगी।
उत्तर : False

77. किसी तत्व के 1 ग्राम परमाणु (1 g atom) में अणुओं की संख्या 6.022 x 1023 होगी।
उत्तर : True

78. जल में तृतिया का घोल द्रव में द्रव के घोल का उदाहरण है।
उत्तर : False

79. बाउन गति में कोलायड के कण सीधे रास्ते पर गमन करते हैं।
उत्तर : False

80. दूध माकृतिक पायस का उदाहरण है।
उत्तर : True

81. द्रव्यमान संख्या प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्याओं के योग के बराबर होती है।
उत्तर : True

82. नमक और पानी के घोल में नमक घुलित का उदाहरण है।
उत्तर : True

83. वायु में उपस्थित जल वाष्प गैस में द्रव के घोल का उदाहरण है।
उत्तर : True

84. कार्बोनिक अम्ल एक दुर्बल अम्ल है।
उत्तर : True

85. सिरका में साइट्रिक अम्ल पाया जाता है।
उत्तर : False

86. सल्फ्यूरिक अम्ल का हाइड्र अम्ल है।
उत्तर : False

87. आक्सीजन के एक परमाणु का भार 2.66 ×1023 ग्राम होता है।
उत्तर : True

88. मोलर मात्रा को ग्राम/मोल [gm M-1] में व्यक्त किया जाता है।
उत्तर : True

89. अम्ल को जल में घुलाने पर हाइड्रोनियम आयन प्राप्त होता है।
उत्तर : True

90. जल में H+ स्वतंत्र रूप में रहता है।
उत्तर : True

91. सोडियम हाइड्रा आक्साइड अम्ल है।
उत्तर : False

92. क्यूप्पिक आवसाइड, हाइड्रो क्लोरिक अम्ल से क्रिया कर क्यूपिक व्लोराइड और जल का निर्माण करता है
उत्तर :

93. ZnSO4 साधारण नमक है।
उत्तर : True

94. क्षारीय प्रकृति जानने में सूचक व्यवहार नहीं होता है।
उत्तर : False

95. जिंक आक्साइड उभयधर्मी आक्साइड है।
उत्तर : True

96. न्यूट्रान की खोज सर्वमथम चाडविक ने की।
उत्तर : True

97. असंतृप्त घोल का ताप कम होने पर घोल संतुप्त होता है।
उत्तर : True

98. घोल को रासायनिक यौगिक नहीं कहते हैं।
उत्तर : False