WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

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WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 Question Answer – क्यों-क्यों लड़की

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए

प्रश्न 1.
पोइना किसका पीछा कर रही थी?
(क) बकरी का
(ख) लोमड़ी का
(ग) साँप का
(घ) बिल्ली का
उत्तर :
(ग) साँप का

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 2.
मोइना कैसी लड़की है?
(क) शांत
(ख) डरपोक
(ग) जिद्दी
(घ) बंचल
उत्तर :
(ग) जिद्दी

प्रश्न 3.
मोइना के पिता काम की तलाश में किस शहर में गये हुए थे?
(क) पटना
(ख) जमशेदपुर
(ग) राँची
(घ) कोलकाता
उत्तर :
(ख) जमशेद्पुर

प्रश्न 4.
मोइना की उग्र कितनी थी?
(क) दस साल
(ख) बारह साल
(ग) आठ साल
(घ) पंद्रह साल
उत्तर :
(क) दस साल

प्रश्न 5.
मोइना की माँ क्या बुन रही थी ?
(क) चटाई
(ख) टोकरी
(ग) स्वेटर
(घ) साड़ी
उत्तर :
(ख) टोकरी

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 6.
महाश्वेता देवी का जन्म कहाँ हुआ था ?
(क) कलकत्ता
(ख) ढाका
(ग) मालदा
(घ) इस्लामाबाद
उत्तर :
(ख) ढाका

प्रश्न 7.
मोइना कौन है ?
(क) लेखिका
(ख) आदिवासी लड़की
(ग) शहरी लड़की
(घ) ग्रामीण लड़की
उत्तर :
(ख) आदिवासी लड़की

प्रश्न 8.
मोइना को ‘क्यों-क्यों लड़की’ नाम किसने दिया ?
(क) लेखिका ने
(ख) मोइना की माँ ने
(ग) पोस्टमास्टर ने
(घ) मुखिया ने
उत्तर :
(ग) पोस्टमास्टर ने

प्रश्न 9.
समिति की शिक्षिका का क्या नाम था ?
(क) मालती बोस
(ख) मालती बोनाल
(ग) मालिनी बोस
(घ) मालिनी बोनाल
उत्तर :
(ख) मालती बोनाल

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 10.
मोइना किस जाति की थी ?
(क) शबर
(ख) मुण्डा
(ग) कोल
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) शबर

प्रश्न 11.
लेखिका किस माह समिति के साथ पूरे महीने रूकी ?
(क) सितम्बर
(ख) अक्टूबर
(ग) नवम्बर
(घ) दिसम्बर
उवर :
(ख) अक्टूबर

प्रश्न 12.
दूसरे बच्चें भी अब क्या पुछना सीख रहे हैं ?
(क) पढ़ाई
(ख) व्यों
(ग) कहानी
(घ) हाथ धोना
उत्तर :
(ख) क्यों

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

लघूतरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
लेखिका ने किसे साँप का पीछा करते देखा?
उत्तर :
लेखका ने मोइना को साँप का पीछा करते हुए देखा।

प्रश्न 2.
खीरी कौन थी?
उत्तर :
खीरी मोइना की माँ थी।

प्रश्न 3.
मोइना के भाई का क्या नाम था?
उत्तर :
मोइना के भाई का नाम गोरा था।

प्रश्न 4.
मोइना क्या लेकर समिति वाली झोपड़ी में रहने के लिए गई?
उत्तर :
मोइना एक जोड़ी कपड़े और एक नेवले का बच्चा लेकर समिति वाली झोपड़ी में रहने के लिए गई।

प्रश्न 5.
गाँव में प्राइमरी स्कूल खुलने पर सबसे पहले किसने दाखिला लिया?
उत्तर :
गाँव में प्राइमरी स्कूल खुलने पर सबसे पहले मोइना ने दाखिला लिया।

प्रश्न 6.
शबर लोग कैसे होते थे ?
उत्तर :
शाबर लोग गरीब और भूमिहीन थे।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

प्रश्न 7.
मोइना क्या काम करती है ?
उत्तर :
मोइना गाँव के बाबूओं की बकरीयाँ वराने का काम करती है।

प्रश्न 8.
मोइना अपने साथ नेवला क्यों रखती है ?
उत्तर :
मोइना अपने साध नेवला रखती है, क्योंकि वह थोड़ा-सा खाता है और जहरीले साँपों को दूर भगा देता है।

प्रश्न 9.
मोइना क्यों पढ़ना चाहती है ?
उत्तर :
अपने सभी सवालों के जवाब जानने के लिए मोइना पढ़ना चाहती है।

प्रश्न 10.
मोइना किस बात पर मालती मैडम से उलझी थी ?
उत्तर :
मोइना कक्षा के समय परिवर्तन को लेकर मालती मैडम से उलझी थी।

प्रश्न 11.
मोइना ने पाँव पटक कर क्या कहा ?
उत्तर :
मोइना ने पाँव पटक कर कहा ‘तुम समय बदल क्यों नहीं सकती’।

प्रश्न 12.
मोड़ना अपनी छोटी बहन और भाई को क्या बता रही थी ?
उत्तर :
मोइना अपनी छोटी भाई-बहन को बता रही थी –
(क) एक पेड़ काटो तो दो पेड़ लगाओ।
(ख) खाने से पहले हाथ धो लो, जानते हो क्यों पेट में दर्द हो जायेगा।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
मोइना क्या-क्या काम करती थी?
उत्तर :
मोइना यकरियाँ चराती, लकड़ी लाती, पानी लाती, चिड़िया पकड़ने का फन्दा लगाती थी। बानू की गोशाला भी धोती थी।

प्रश्न 2.
मोइना किस जाति की लड़की थी।
उत्तर :
मोइना शबर जाति की आदिवासी लड़की थी।

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प्रश्न 3.
मोइना को ‘क्यों-क्यों लड़की’ नाम किसने दिया था और क्यों?
उत्तर :
मोइना को ‘क्यों-क्यों लड़की’ नाम गाॅव के पोस्टमास्टर ने दिया, क्योंकि वह हर बात में क्यों-क्यों कहती रहती थी।

प्रश्न 4.
मोइना अन्य लड़कियों से किस प्रकार भिन्न थी?
उत्तर :
शबर जाति की अन्य लड़कियों को काम नहीं करना पड़ता था, पर मोइना को काम करना पड़ता था।

प्रश्न 5.
मोइना को पढ़ने की प्रेरणा कैसे मिली?
उत्तर :
लेखिका ने बतलाया कि किताबों में उसके क्यों-क्यों के उत्तर मिल जाते हैं। इसलिए वे किताबें पढ़ती है। लेखिका की इन बातों से मोइना को पढ़ने की पेरणा मिली। उसने निश्चय किया कि वहु पढ़ना सीखेगी और सारे सवालों के जाबब दूँढ़ निकालेगी।

प्रश्न 6.
आदिवासी लोगों की जीवन शैली का परिचय दीजिए।
उत्तर :
आदिवासी लोग गरीब और भूमिहीन हैं। उन्हें नदी से पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता है। वे पत्तों की झोपड़ी में रहते हैं। वे बकरियाँ पालते हैं। वे हरे पत्ते, चावल, केकड़े और मिर्ची वाला भोजन शाम को बड़े प्रेम से खाते हैं।

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए :

(क) इतनी जिद्दी है कि एक बात पकड़ ले तो उससे हटती ही नहीं।

प्रश्न 1.
यह किसने किससे कहा?
उत्तर :
यह लेखिका से मोइना की माँ ने कहा।

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प्रश्न 2.
संकेतित पात्र की दो विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
संकेतित पात्र कृतज्ञ है। बह सदा कोई न कोई काम करती रहती है।

(ख) ‘आलस मत करो। सवाल पूछो।’

प्रश्न 1.
यह किस पाठ की पंक्ति है? इसके लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
यह ‘क्यों-वयों लड़की’ पाठ की पंक्ति है। इसकी लेखिका महाश्वेता देवी हैं।

प्रश्न 2.
इस पंक्ति की व्यख्या कीजिए।
उत्तर :
इस पंक्ति में मोइना कह रही है कि शिक्षिका को आलस्य नहीं करना चाहिए, आलस्य को छोड़कर कर्त्तव्य परायण बनना चाहिए। उससे पढ़े हुए विषय पर प्रश्न पूछ्छना चाहिए।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • चोटियाँ – चोटी + इयाँ
  • हजारों – हजार + ओं
  • हिलाती – हिला + ती
  • बाबुओं – बाबू + ओं
  • बुदबुदाती – बुदबुदा + ती
  • मछलियाँ – मछली + इयाँ

2. पर्यायवाची शब्द लिखिए :

  • चिड़ियाँ – खग, विहग, पक्षी
  • जंगल – वन, अरण्य, कान्तर
  • सूरज-सूर्य, रवि, दिनकर
  • साँप – सर्ष, नाग, विषधर
  • पृथ्वी – धरा, धरती, भू
  • पेड़ – वृक्ष, तरु, विटप

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

3. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • धुवतारा – धुवतारा सदा उत्तर दिशा में दिखाई पड़ता है,
  • कहानी – रक्षा बंधन भाई बहन के प्रेम की कहानी है।
  • समिति – समिति ने यह फैसला लिया।
  • कक्षा- कक्षा में बच्चे पढ़ रहे हैं।
  • भूमिहीन- आदिवासी भूमिहीन हैं।

WBBSE Class 7 Hindi क्यों-क्यों लड़की Summary

जीवक्र फरिच्य

महाश्वेता देवी का जन्म सन् 1926 ई० में ढाका में हुआ था। उनके मन में बचपन से ही साहित्य के प्रति लगाव था। महाश्वेता देवी ने अपनी रचनाओं में आदिवासियों के जीवन संघर्ष, उनकी पीड़ा, वेदना, अभावग्रस्त जीवन की मार्मिक झाँकी प्रस्तुत की हैं। आदिवासियों के प्रति इनके मन में गहरी हमदर्दी है। इनकी प्रमुखरचनाएँ- झाँसी की रानी, अरण्ये अधिकार, हजार चौरासी की माँ, अग्निगर्भ, अक्लांत कौरव, सूरज गहराई तथा मास्टरसाब आदि हैं। उन्हें साहित्य अकादमी, ज्ञानपीठ, मैगसेसे आदि पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

कहानी का सारांश 

प्रस्तुत कहानी में लेखिका ने कहानी की प्रमुख पात्र मोइना के माध्यम से आदिवासियों के जीवन पर प्रकाश डाला है। एक दिन लेखिका ने दस वर्ष की बालिका मोइना को एक साँप का पीछा करते हुए देखा। मोइना के क्यों का उत्तर देते हुए लेखिका ने बतलाया कि यह सधारण धामन (साँप) नहीं नाग साँप है। लेखिका उसे घसीट कर उसकी माँ खीरी के पास ले आई और थोड़ा आराम करने के लिए कहा। मोइना ने उसे बतलाया कि अभी उसे बाबू की बकरियाँ घर लानी है। लकड़ी लाना, पानी लाना, चिड़िया पकड़ने का फन्दा लगाना ये सब काम करना है।

चावल के कारण बाबू को धन्यवाद देने के लिए कहने पर वह माँ से स्पष्ट कह देती है। वह उनकी गोशाला धोती है, हजारों काम करती हैं, फिर धन्यवाद क्यों दूँ। माँ उसके क्यों पर कहती है कि पोस्टमास्टर ने तो ‘ क्यों-क्यों’ लड़की उसका नाम ही रख दिया है। लेखिका ने उसकी प्रशंसा की। मोइना आदिवासी जाति की लड़की थी, शबर जाति की थी।

उसने कहा कि उसे मीलों चलकर क्यों पानी लाना पड़ता है। वह झोपड़ियों में क्यों रहती है। वह बाबुओं की बकरियाँ क्यों चराती थी पर अपने को दीनहीन नहीं समझती थी। उनका बचा-खुचा खाना न खाकर शाम को स्वयं बनाकर घरवालों के साथ बैठकर खाना चाहती थी। मोइना को लाचारी के कारण काम करना पड़ता था। उसकी माँ खीरी एक पैर से पंगुली, पिता काम की तलाश में गए थे। भाई गोरो जलाऊ लकड़ी लाने के लिए जंगल जाता था।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 6 क्यों-क्यों लड़की

लेखिका अक्टूबर में समिति के साथ एक माह रुकी। मोइना एक जोड़ी पड़े और नेवले का बच्चा लिए समिति में पहुँची। समिति की शिक्षिका मालती बोनाल ने लेखिका को बतलाया कि इसकी ‘क्यों-क्यों’ से वे तंग आ जाएँगी। मोइना प्रश्नों की झड़ी लगा देती थी। उसे बाबू की बकरियाँ क्यों चरानी पड़ती है। मछलियाँ क्यों नहीं बोलती। सूरज से बड़े तारे क्यों छोटा नजर आते हैं। सोने के पहले आप किताबें क्यों पढ़ती हैं। मोइना ने सारा काम-काज निपटा कर कहा कि वह पढ़ना सीखकर सारे सवालों के जवाब ढूँढेगी । जो कुछ वह सीखती, बकरियाँ चराते समय दूसरे बच्चों को बताया करती थी।

उसने मालती से पूछा कि स्कूल क्यों बंद है। मालती ने उत्तर दिया कि नौ से ग्यारह बजे तक ही कक्षाएँ चलती हैं। मोइना ने समय बदलने के लिए कहा जिससे गाय तथा बकरियाँ चराने वाले बच्चे भी आ सकें। शाम को मोइना अपनी छोटी बहन और भाई को बता रही थी एक पेड़ काटो तो दो पेड़ लगाओ। खाने के पहले हाथ धो लेना चाहिए। समिति की कक्षा में जाने से ही सब बात मालूम पड़ती है। मोइना अब अठारह साल की हो गई। समिति के स्कूल में पढ़ती है। उसकी बेचैन आवाज आस-पास सुनाई पड़ती है। वह प्रश्न पूछने के लिए भी हठ करती। मोइना को पता नहीं कि लेखिका मोइना की कहानी लिख रही है। अगर उसे बताए जाते तो कहेगी क्यों मेरे बारे में क्यों?

शब्दार्थ :

  • धामन – साँप की एक जाति
  • धन्यवाद – कृतज्ञता, साधुवाद, प्रशंसा
  • तलाश – खोज, ढूँढना
  • बुदबुदाना – बड़बड़ाना
  • गोशाला – गायों के रहने का स्थान
  • अहसान – उपकार
  • तंग – परेशान
  • मिमियाती – बकरी की अवाज।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 Question Answer – अजन्ता की चित्रकला

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए

प्रश्न 1.
अजंता की गुफाएँ किस प्रदेश में हैं ?
(क) महाराष्ट्र
(ख) असम
(ग) गुजरात
(घ) मध्य प्रदेश
उत्तर :
(क) महाराष्ट्र।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 2.
अजंता के प्राकृतिक सौन्दर्य का विकास कब से कब तक होता है?
(क) जनवरी से मार्च तक
(ख) अवृ्टूर से दिसम्बर तक
(ग) जुलाई से सितम्बर तक
(घ) मार्च से जून तक।
उत्तर :
(ख) अक्टूबर से दिसम्बर तक

प्रश्न 3.
अजंता की कुल कितनी गुफाएँ हैं ?
(क) तीस
(ख) बत्तीस
(ग) उनतीस
(घ) चौबीस
उत्तर :
(ग) उनतीस

प्रश्न 4.
अजंता की सबसे बड़ी स्तूप गुफा है।
(क) सत्रहवीं गुफा
(ख) उन्नीसवीं गुफा
(ग) बाहरवीं गुफा
(घ) पाँचवीं गुफा
उत्तर :
(ख) उन्नीसवीं गुफा

प्रश्न 5.
अजंता की सभी गुफाएँ किस काल की हैं?
(क) मौर्य कालीन
(ख) गुप्त कालीन
(ग) मुगल कालीन
(घ) हर्षवर्धन कालीन।
उत्तर :
(ख) गुप्त कालीन।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 6.
रायकृष्ण दास का जन्म कब हुआ ?
(क) संवत् 1982
(ख) संवत् 1925
(ग) संवत् 1935
(घ) संवत् 1945
उत्तर :
(ख) संवत् 1925

प्रश्न 7.
अजन्ता की गुफाओं तक जाने के लिए किस गाँव तक जाना होता है ?
(क) फरीदपुर
(ख) फरदापुर
(ग) सुल्तानपुर
(घ) करीमपुर
उत्तर :
(ख) फरदापुर

प्रश्न 8.
अजन्ता जाते वक्त किस नदी को पार करना पड़ता है ?
(क) बघोरा
(ख) कावेरी
(ग) नर्मदा
(घ) गंगा
उत्तर :
(क) बघोरा

प्रश्न 9.
किस युग में बुद्ध का गृह त्याग (महाभिनिष्क्कमण) चित्रित है ?
(क) पहली
(ख) दसवीं
(ग) सोलहवीं
(घ) सत्रहवीं
उत्तर :
(ग) सोलहवीं

प्रश्न 10.
‘मार-विजय’ का चित्र किस गुफा में अंकित है ?
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तौसरी
(घ) चौधी
उत्तर :
(क) पहली

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 11.
अजन्ता की गुफाओं के कितने भेद हैं ?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर :
(क) दो

प्रश्न 12.
गुफा न० 1 लगभग कितनी मीटर भीतर तक काटी गई है ?
(क) तीस मीटर
(ख) दस मीटर
(ग) नौ मीटर
(घ) बारह मीटर
उत्तर :
(क) तौस मीटर

प्रश्न 13.
चम्पेय किसकी कथा है ?
(क) पंचतंत्र
(ख) जातक
(ग) हास्य
(घ) एकांकी
उत्तर :
(ख) जातक

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

प्रश्न 1.
अजंता पहुँचने के लिए किस स्टेशन से किस ग्राम तक जाना पड़ता है?
उत्तर :
अजंता पहुँबने के लिए जलगाँव, औरंगाबाद तथा पहूर इन तीन रेलवे स्टेशनों में से किसी स्टेशन से फरदापुर ग्राम तक जाना पड़ता है।

प्रश्न 2.
अजंता जाते समय किस नदी को पार करना पड़ता है?
उत्तर :
अजंता जाते समय बघोरा नदी को पार करना पड़ता है।

प्रश्न 3.
अजंता की घाटी में किस प्रकार का वन है?
उत्तर :
अजंता की घाटी में चारों और हरसिंगार का वन है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 4.
अजंता की किस गुफा में केवल प्रार्थना या उपासना की जाती थी?
उत्तर :
स्तूप गुफा में केवल प्रार्थना या उपासना की जाती थी ।

प्रश्न 5.
अजंता की किस गुफा में केवल संध्या के समब ही सूर्य की अंतिम किरणें प्रवेश कर पाती हैं?
उत्तर :
अजंता की पहली गुफा में केवल संध्या के समय ही सूर्य की अंतिम किरणें प्रवेश कर पाती हैं।

प्रश्न 6.
राय कृष्णदास का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
राय कृष्णादास का जन्म संवत् 1925 में काशी के एक संपन्न परिवार में हुआं था।

प्रश्न 7.
पहली गुफा के दालान की समूची दीवार पर कैसा चित्र अंकित है ?
उत्तर :
पहल : पहली गुफा के दालान की समूची दीवार पर लगभग साढ़े तीन मीटर ऊँचा और ढ़ाई मीटर चौड़ा मार-विजय का चित्र अंकित है।

प्रश्न 8.
सोलहवीं गुफा के कौन-कौन से दो चित्र उल्लेखनीय है ?
उत्तर :
(क) गहरी रात में भगवान बुद्ध गृह-त्याग कर रहे हैं।
(ख) यशोधरा और उनके संग भिक्षुक राहुल सोया हुआ है।

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प्रश्न 9.
अजन्ता की सत्रहवीं गुफा के चित्र को देखकर कैसा जान पड़ता है ?
उत्तर :
अजन्ता की सत्रहवीं गुफा के चित्रों को देखकर ऐसा जान पड़ता है कि सबसे चतुर चितेरों ने इसी में अपनी कला दिखाई है।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

(क) अजंता के प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से अजंता बेजोड़ है। नीचे नदी बहती है जिसमें बड़े-बड़े शिलाखंड हैं। उनसे टकराता हुआ पानी गुफाओं के ठीक नीचे एक कुड में इकट्ठा होता है। घाटी में चारों और हरासिगार के बन है। साथ ही और अनेक प्रकार के पुष्ष और फल यहाँ उत्पन्न होते हैं। चित्र विचित्र पक्षियों का एक मेला सा लगा रहता है।

(ख) अजंता के चित्र निर्माण की विधि का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
अजंता के वित्र निर्माण की विधि इस प्रकार थी – दीवार में जहाँ चिच्रण करना होता था, वहाँ का पत्थर तोड़कर खुरदरा बना दिया जाता था। जिस पर गोबर, पत्थर का चूना या धान की भूसी मिले गारे का लेवा चढ़ाया जाता था, यह लेवा चूने के पतले पलस्तर से ढका जाता था और इस पर जमीन बाँधकर लाल रंग की रेखाओं से बित्र टीपे जाते थे जिसमें बाद में रंग भरा जाता था। यथोचित्त हल्का साया लगाकर घित्रों के अवयवों में गोलाई, उभार और गहराई दिखाई गई है। हाय की मुद्राओं से, आँख की चितवनों से और अंगों की लोच आदि से बहुत से भाव व्यक्त हो जाते हैं।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

(ग) अजन्ता की सोलहवीं गुफा के दो चित्रों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
सोलहवीं गुफा के दो चित्र उल्लेखनौय हैं – ‘गहरी रात में धगवान बुद्ध गृह त्याग कर रहे हैं। यशोधरा और शिशु राहुल सोया हुआ है। पास की परिचारिकाएँ भी निद्रा मे डूबी थीं। इस दृश्य पर निगाह डालते हुए बुद्धदेव अंकित किए गए हैं। उस दृष्टि में मोह-ममता नहीं, बल्कि उनका अंतिम त्याग अंकित है। एक स्थान पर एक मरती हुई राजकुमारी का वित्र है। मरने की अवस्था और आस-पास वालों की विकलता दर्शकों को द्रवित कर देती है।

(घ) अजन्ता की सत्रहवीं गुफा के माता-पुत्र के चित्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
इस चित्र में एक माता अपने पुत्र को किसी के सामने साग्रह उपस्थित कर रही है और पुत्र भी अंजलि पसार कर उस व्यक्ति के सामने उपस्थित है। चिर्रों के सामने एक विशाल महापुरुष स्थित है। जिसके हाथ में भिक्षा पात्र है। बुदत्व प्राप्त करने के बाद जब भगवान बुद्ध पुन: कपिलवस्तु में आए तो उन्हें यशोधरा राहुल से बढ़कर और कौन-सी भिक्षा दे सकती थी। इस चिच्र में आत्म-समर्पण की पराकाष्ठा बेजोड़ है।

(ङ) जिन जातक कथाओं पर अजन्ता की चित्रकला आधारित है, उनका संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :
चम्पेय जातक की कथा में बोधिसत्व ने किसी समय नागराज के रूप जन्म लिया था। चित्र में नागराज आसन पर विराजमान काशिराज को उपदेश दे रहे हैं। छुद्दं जातक की कथा में बोधिसत्व एक जन्म में छह दौँतों वाले श्वेत वर्ण गजराज थे। इस चित्र में गजराज ने राजकुमारी को क्षमा का उपदेश दिया। सारी चिर्रावली सजीव प्रतीत होती है। एक अन्य जातक दृश्य में तीन सौ चेहरे गिने जा सकते हैं। एक स्थान पर आकाशचारी दिख्य गायकों के समुदाय का रमणीय चित्र है।

निर्देशांनुसार उत्तर दीजिए :

(क) कला की अभिव्यक्ति के लिए जिन लोगों ने ऐसे अपूर्व स्थान को चुना उनके चरणों में शत्शत् प्रणाम है।

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्ध्त है?
उत्तर :
यह पंक्ति ‘अजंता की चिक्रकला’ पाठ से उद्धृत है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 2.
इस पंक्ति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
अजंता की मूर्तिकला, चिच्रकला और वास्तुकला को देखकर लेखक मुग्ध हो जाते हैं। लेखक अजंता की इस कला की कलात्मकता को व्यक्त करने वाले कलाकारों के पति श्रद्धा का भाव प्रकट करता है । उसका कथन है कि जिन लोगों ने कला को मूर्त रूप देने के लिए इस अनुपम स्थान का चयन किया वे वन्दनीय हैं। लेखक उनके वरणों में प्रणाम करता है।

(ख) ‘उनके लिए चारों ओर कुछ है ही नहीं या हो ही नहीं रहा है।’

प्रश्न 1.
‘उनके लिए’ किसे संकेतित किया गया है?
उत्तर :
यहाँ ‘उनके लिए’ भगवान बुद्ध को संकेतित किया गया है।

प्रश्न 2.
इस पंक्ति का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
‘काम’ की सेना भगवान बुद्ध को घेर कर उन्हें विचलित करने की चेष्टा कर रही है। भयंकर मूर्तियाँ तथा कामिनियाँ अपने-अपने उपाय से उन्हें साधना से विचलित करना चाहती हैं। पर भगवान अपनी चेतना में लीन हैं, उन पर इन चेष्टाओं का कोई असर नहीं, उनके लिए वहाँ कुछ भी नहीं है। वे अपनी साधना में अडिग बने हुए हैं।

(ग) ‘प्रत्येक भारतीय को अपने उन अज्ञात पूर्वजों पर गर्व है।’

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक का नाम राय कृष्णदास हैं।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

प्रश्न 2.
प्रत्येक भारतीय को किन पर गर्व है और क्यों?
उत्तर :
प्रत्येक भारतीय को उन पूर्वजों पर गर्व है क्योंकि उनके पूर्वज कलाकारों ने अजन्ता के आलौकिक चित्रों का निर्माण किया। इस महान कार्य को करने के बाद किसी ने अपना नाम तक नहीं छोड़ा। मानव हुदय के उदात्त भावों के सजीव चित्रण में उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखित शब्दों में उपसर्ग एवं मूलशब्द पृथक् कीजिए :

  • अपूर्व – अ + पूर्व
  • सुसंबद्ध – सु + संबद्ध
  • अद्वितीय – अ + द्वितीय
  • यथोचित – यथा + उचित
  • प्रवृत्त – प्र + वृत्त

2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • गुफाएँ – गुफा + एँ
  • पहाड़ियाँ – पहाड़ + इयाँ
  • गहराई – गहरा + ई
  • आन्दोलित – आन्दोलन + इत

3. पर्यायवाची शब्द लिखिए :

  • प्रेम – स्नेह, अनुराग, प्रीति।
  • धैर्य-धीरज, सब्र, धीरता।
  • पक्षी – खग, विहग, चिड़िया।
  • घोड़ा – तुरंग, अश्व, घोटक।
  • हाथी – गज, कुंजर, करी, हस्ती।
  • माता – माँ, जननी, अम्ब, महतारी।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

4. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • वर्तुलाकार – वहाँ के कुछ चित्र वर्तुलाकार हैं।
  • हस्त-कौशल – इन चित्रों का हस्त-कौशल दर्शनीय है।
  • चित्ताकर्षक-उपवन की शोभा चित्ताकर्षक है।
  • रमणीय – बाग में एक रमणीय सरोवर है।

WBBSE Class 7 Hindi अजन्ता की चित्रकला Summary

जीवन रिचय

राय कृष्णदास का जन्म सन् 1925 ई॰ में काशी में एक सम्पन्न अग्रवाल परिवार में हुआ था। भारतीय पुरातत्व तथा प्राचीन इतिहास के ये ख्याति प्राप्त विद्वान तथा शोधकर्ता थे। हिन्दी, संस्कृत, बंगला तथा इतिहास का इन्होंने गहन अध्ययन किया। इनकी भाषा अत्यंत सहज, सरल, प्रवाहपूर्ण तथा बोधगम्य है। कठिन से कठिन विषय को इन्होंने अपनी सहज भाषा शैली से बोधगम्य बना दिया है। इनकी प्रमुख रचनाएँ- भावुक, ब्रज-रज, साधना, छायापथ, अनास्था, आँखों की चाह, सुधांशु आदि हैं।

पाठ का सारांश 

प्रस्तुत पाठ में लेखक ने अजन्ता की गुफाओं में बने चित्रों का अत्यंत सुन्दर ढंग से वर्णन किया है। अजन्ता की गुफाएँ महाराष्ट्र प्रदेश में हैं। फरदापुर ग्राम से छ: किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ययों में बघोरा नदी बहती है। नदी का अन्तिम घुमाव समाप्त होते ही एक ऊँचा टीला दिखाई पड़ता है। इसके बीचोबीज बारह दरियों की एक कतार दिखाई पड़ती है। ये ही अजंता की गुफाएँ हैं। प्रवेश द्वार से लेकर अंतिम छोर तक भक्ति, उपासना, धैर्य, प्रेम, लगन एवं हस्त कौशल का विश्व में अनुपम उदहारण है।

प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से अजंता बेजोड़ है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य अक्टूबर से दिसम्बर तक रहता है। अजंता की छोटी-बड़ी कुल उनतीस गुफाएँ हैं। इनके दो भेद हैं –
1 . स्तूप गुफा- इसमें प्रार्थना, उपासना की जाती थी। अंतिम छोर पर बने स्तूप के चारों ओर प्रदक्षिणा करने का स्थान होता है, अजंता की उन्नीसवीं गुफा सबसे बड़ी स्तूप गुफा है। उसका द्वार बड़ा ही भव्य हैं।

2. विहार गुफा – यह भिक्षुओं के रहने और अध्ययन के लिए होती थी। दोनों प्रकार की गुफाओं का सारा मूर्ति शिल्प एक ही शैली में गढ़ा हुआ है। गुफा नं० 11 जो लगभग छत्तीस मीटर तक भीतर काटी गई है, इसका कौशल आश्चर्यजनक है। ये सभी गुफाएँ गुप्त कालीन हैं। कुछ गुफाओं के चित्रों के अंश बचे हैं और कुछ गुफाओं के चित्र खंडित हो गए हैं। अजंता के चित्र निर्माण की विधि तथा रंगों की योजना बेजोड़ रही है। चित्रों के अवयवों में गोलाई, उभार और गहराई दिखाई गई है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 5 अजन्ता की चित्रकला

पहली गुफा के दालान की समूची दीवार पर विजय का चित्र अंकित है। सभी मूर्तियाँ भगवान को विचलित करने में प्रवृत्त हैं, पर उन पर कोई असर नहीं पड़ता। इस गुफा में केवल संध्या समय सूर्य की किरणें प्रवेश करती हैं। चम्पेय जातक कथा के अनुसार बोधिसत्व कभी नागराज के रूप में जन्म लिया था। काशीराज तथा नागराज का चित्र भी गुफा में है। चित्र के प्रत्येक व्यक्ति का भाव और मुद्रा सफलता से अंकित है। अविलोकितेश्वर का विशाल चित्र है। दाएँ हाथ में नील कमल धारण किए भगवान तात्विक विचार में लीन हैं। विश्व करुणा से ओत-प्रोत हैं। पत्नी यशोधरा पर उनके भावों का प्रभाव कुशलता से दिखाया गया है।

सोलहवीं गुफा में दो चित्र प्रसिद्ध हैं। गहरी रात में भगवान बुद्ध गृह त्याग कर रहे हैं। यशोधरा और शिशु राहुल सोया हुआ है। भगवान की दृष्टि में मोह-ममता नहीं, बल्कि उनका अंतिम त्याग अंकित है। एक स्थान पर मरती हुई राजकुमारी का चित्र है। आस-पास उसे बचाने वालों की विफलता द्रवित कर देती है। सत्रहवों गुफा के सभी चित्र एक से बढ़कर एक हैं। एक माता-पुत्र का प्रसिद्ध चित्र है। ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान कपिलवस्तु में आए तो उन्हें यशोधरा अपने पुत्र राहुल को भिक्षा के रूप में दे रही है। यह चित्र आत्म सर्मण की पराकाष्ठा का अनूठा उदाहरण है।

छछांत जातक की चित्रावली भी बड़ी सुन्दर है। बोधिसत्व एक जन्म में छह दाँतों वाले श्वेतवर्ण गजराज थे। यह समूची चित्रावली सजीव है। एक बड़े चित्र में लगभग तीन सौ चेहरे आज भी गिने जा सकते हैं। एक अन्य स्थान पर आकाशचारी दिव्य गायकों के समुदाय का बड़ा ही स्मरणीय आलेखन है। इन गुफाओं के अलौकिक चित्रों को देखकर मन आनंदित होकर उन महान चित्रकारों की श्रद्धा और साधना के आगे नतमस्तक हो जाता है। किसी भी चित्रकार ने अपना नाम तक नहीं छोड़।। प्रत्येक भारतीय को अपने उन अज्ञात पूर्वजों पर गर्व है।

शब्दार्थ –

  • वर्तुलाकार – गोल आकार का
  • सर्पाकार – टेढ़ा, वक्र
  • वास्तुकला – गृहनिर्माण कला
  • ठेठ अंत – अंतिम छोर
  • अचंभा – आश्चर्य
  • शिलाखंड-पत्थर का टुकड़ा
  • मुमूर्ष – मरने को इच्छुक
  • विकलता – बेचैनी
  • प्रदक्षिणा – परिक्रमा, फेरी
  • टीपना – चित्र बनाना
  • क्षुब्ध – अशान्त
  • आत्मानुरत – अपनी चेतना में लीन
  • परिचारिका – सेविका
  • आलेखन – चित्रांकन
  • स्तूप – ऊँचा टीला
  • अर्द्धागिनी – पत्नी

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 4 संस्कृति to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 Question Answer – संस्कृति

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर :

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चुनिए ।

प्रश्न 1.
लेखक अपने तरीके से क्या समझाने की बात करता है ?
(क) धर्म-अधर्म को
(ख) न्याय-अन्याय को
(ग) संस्कृति और सम्यवा को
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) संस्कृति और सभ्यता को

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 2.
मोती भरा थाल का क्या अभिप्राय है ?
(क) धाल में भरा हुआ मोती
(ख) आकाश में जगमगाते तारे
(ग) घास पर झिलामिलती ओस की बूँदें
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर :
(ख) आकाश में जगमगाते तारे

प्रश्न 3.
मानव संस्कृति है –
(क) एक विभाज्य वस्तु
(ख) एक अविभाज्य वस्तु
(ग) अकल्याणकारी वस्तु
(घ) अस्थायी वस्तु
उत्तर :
(ख) एक अविभाज्य वस्तु

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 4.
भदंत आंनंद कौसल्यायन का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1900
(ख) सन् 1905
(ग) सन् 1910
(घ) सन् 1915
उत्तर :
(ख) सन् 1905

प्रश्न 5.
भदंत आंनद कौसल्यायन के बचपन का क्या नाम था ?
(क) हरिदास
(ख) नामधारौ दास
(ग) हरनाम दास
(घ) नागदास
उत्तर :
(ग) हरनाम दास

प्रश्न 6.
लेखक के अनुसार ऐसे दो शब्द जो कम समझ में आते हैं –
(क) देश-विदेश
(ख) सभ्यता-संस्कृति
(ग) धर्म-अधर्म
(घ) न्याय-अन्याय
उत्तर :
(ख) सभ्यता-संस्कृति

प्रश्न 7.
जो चीज अपने या दूसरे के लिए आविष्कृत की गई है उसे कहते हैं ?
(क) सभ्यता
(ख) संस्कृति
(ग) धर्म
(घ) कर्म
उत्तर :
(क) सभ्यता

प्रश्न 8.
गुरुत्वाकर्षण की खोज किसने की ?
(क) न्यूटन
(ख) आइंस्टाइन
(ग) मैडम क्यूरी
(घ) एडिसन
उत्तर :
(क) न्यूटन

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 9.
लेखक ने रूस का भाग्यविधाता किसे कहा है ?
(क) रूस के जार को
(ख) लेनिन को
(ग) ब्लादिमीर पूतिन को
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) लेनिन को

प्रश्न 10.
मजदूरों को सुखी करने का स्वप्न किसने देखा ?
(क) हिटलर ने
(ख) मुसोलिनी ने
(ग) नेपोलियन ने
(घ) कार्ल मार्क्स ने
उत्तर :
(घ) कार्ल मार्क्स ने

प्रश्न 11.
लेखक के अनुसार संस्कृति का परिणाम क्या है ?
(क) धर्म
(ख) सभ्यता
(ग) अपसंस्कृति
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) सभ्यता

प्रश्न 12.
किसने मजदूरों को सुखी देखने का स्वपन देखते-देखते सारा जीवन दुःख में बिता दिया ?
(क) कार्ल मार्क्स
(ख) लेखक
(ग) वैज्ञानिक
(घ) न्यूटन
उत्तर :
(क) कार्ल मार्क्स

प्रश्न 13.
लेनिन कहाँ रहता था ?
(क) अमेरिका
(ख) रूस
(ग) जापान
(घ) चीन
उत्तर :
(ख) रूस

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 14.
मानव संस्कृति एक …………… वस्तु है।
(क) अनायस
(ख) अविभाज्य
(ग) भौतिक
(घ) संस्कृति
उत्तर :
(ख) अविभाज्य

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

प्रश्न 1.
संस्कृति क्या है?
उत्तर :
जिस योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा के बल से व्यक्ति आविष्कार करता है उसे, उस व्यक्ति की संस्कृति कहते हैं, संस्कृति का शाद्धिक अर्थ है – संस्कार या परिष्कार।

प्रश्न 2.
सभ्यता का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
संस्कृति का परिणाम ही सभ्यता है। हमारे खाने-पीने के तरीके, हमारे पहनने के तरीके, हमारे गमना-गमन के साधन, हमंरे परस्पर कट मरने के तरीके सब हमारी सभ्यता है।

प्रश्न 3.
संस्कृति पाठ के लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
‘संस्कृति’ पाठ के लेखक का नाम भदंत आनंद कौसल्यायन है।

प्रश्न 4.
मनीषी का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
वुद्धिमान, मेधावी विचारशील व्यक्ति को मनीषी कहते हैं।

प्रश्न 5.
भदंत आनंद कौसल्यायन का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
भंतंत आंद कौसल्यायन का जन्म सन् 1905 में पंजाब के अम्बाला जिला के सोहाना नामक गाँव में हुआ था।

प्रश्न 6.
लेखक के अनुसार कौन निठल्ला नहीं बैठ सकता ?
उत्तर :
लेखक के अनुसार जो वास्तव में संस्कृत व्यक्ति है, वह तमाम सुख-सुविधाओं से युक्त होने पर भी निठल्ला नहीं बैठ सकता।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 7.
लेखक के अनुसार संस्कृति के कारक क्या हैं ?
उत्तर :
लेखक के अनुसार ज्ञानेप्सा, भौतिक प्रेरणा और कल्याणकारी भावना संस्कृति के कारक हैं।

प्रश्न 8.
संस्कृति कैसे असंस्कृति बन जाती है ?
उत्तर :
संस्कृति से कल्याणकारी तत्व को निकाल देने पर वह असंस्कृति बन जाती है।

प्रश्न 9.
संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता टूट जाये तो क्या होगा ?
उत्तर :
संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता दूट जायेगा तो वह असंस्कृति होकर ही रहेगी।

प्रश्न 10.
मानव संस्कृति क्या है ?
उत्तर :
मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

प्रश्न 1.
आग की खोज किन कारणों से हुई?
उत्तर :
आग की खोज में पेट की ज्वाला की प्रेरणा एक कारण रही। जब आग का आविष्कार नहीं हुआ उस समय स्वयं जिस मनुष्य ने पहले आग का आविष्कार किया होगा वह महान आविष्कर्ता होगा। उसे भी पेट की ज्वाला से ही प्रेरणा मिली होगी।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 2.
न्यूटन कौन थे? उन्होंने किस सिद्धांत की स्थापना की?
उत्तर :
न्यूटन एक महान वैज्ञानिक थे। वे संस्कृत मानव थे। उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की स्थापना थी।

प्रश्न 3.
संस्कृत व्यक्ति किसे कहा जाता है?
उत्तर :
जिस व्यक्ति ने अपनी बुद्धि अथवा विवेक से मानव के कल्याण के लिए किसी नये तथ्य की खोज की, उसे संस्कृत व्यक्ति कहते हैं।

प्रश्न 4.
सिद्धार्थ ने अपना घर क्यों त्याग दिया?
उत्तर :
सिद्धार्थ ने अपना घर इसलिए त्याग दिया कि किसी तरह तृष्णा के वशीभूत लड़ती-कटती मानवता सुख से रह सके।

प्रश्न 5.
संस्कृति और सभ्यता में मौलिक अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सभ्यता संस्कृति का परिणाम है। जिस योग्यता, प्रवृत्ति और प्रेरणा से कोई आविष्कार होता है, उसे सभ्यता कहते हैं।

निर्देशानुसार उत्तर दीजिए-

(क) जिस व्यक्ति में पहली चीज, जितनी अधिक व जैसी परिष्कृत मात्रा में होगी, वह व्यक्ति उतना ही अधिक एवं वैसा ही परिष्कृत आविष्कर्ता होगा।

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्दुत है ? पहली चीज का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
यह पंक्ति ‘संस्कृति’ पाठ से उद्धुत है। पहली चीज है किसी व्यक्ति विशेष की आग का आविष्कार करने की शक्ति। पहले व्यक्ति के मन में इसकी प्रेरणा उत्पन्न हुई होगी। फिर आविष्कार हुआं होगा।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

प्रश्न 2.
प्रस्तुत पंक्ति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
लेखक ने स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति में योग्यता होगी, तभी प्रेरणा होने पर वह आविष्कार करता है । योग्यता और प्रेरणा जितनी सुरुचिपूर्ण होगी वह उतनी ही अधिक सुन्दर खोज कर सकेगा।

(ख) ‘संस्कृति’ का यदि मानव कल्याण से नाता टूट जाएगा तो वह असंस्कृति होकर रहेगी और ऐसी संस्कृति का अवश्यंभावी परिणाम असभ्यता के अतिरिक्त दूसरा क्या होगा?

प्रश्न 1.
असंस्कृति और असभ्यता का तात्पर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
मानव की जो योग्यता उससे आत्म विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है उसे असंस्कृति कहते हैं। जिन साधनों के बल पर वह दिन-रात आत्म विनाश में जुटा रहता है उसे असभ्यता कहते हैं।

प्रश्न 2.
संस्कृति का कल्याण की भावना से नाता टूटने का परिणाम क्या होगा? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
संस्कृति का यदि कल्याण की भावना से नाता दूट जाएगा तो वह असंस्कृति होकर ही रहेगी और ऐसी संस्कृति का परिणाम निश्चित रूप से असभ्यता होगा।

भाषा-बोध

1. उपसर्ग एवं मूल शब्द अलग कीजिए :

  • उपयोग – उप + योग
  • अनेक – अन + एक
  • प्रवृत्ति – प्र + वृत्ति
  • अपरिचित – अ + परिचित
  • महानायक – महा + नायक
  • अविभाज्य – अ + विभाज्य

2. प्रत्यय पृथक कीजिए :

  • शब्द मूलशब्द प्रत्यय
  • सभ्यता – सभ्य + ता
  • योग्यता – योग्य + ता
  • पूर्वज – पूर्व + ज
  • मानवता – मानव + ता
  • रक्षणीय – रक्ष + अणीय
  • आध्यात्क्क – अध्यात्म + इक

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

3. विलोम शब्द लिखिए :

  • एक – अनेक
  • बड़ा – छोटा
  • अनायास – आयास
  • अपेक्षा – उपेक्षा
  • प्रथम – अन्तिम
  • कल्याण-अकल्याण

4. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग वाक्य में कीजिए :

  • आविष्कर्ता – आग की खोज करने वाला महान आविष्कर्ता होगा।
  • संस्कृति – भारतीय संस्कृति गौरवपूर्ण है।
  • परिष्कृत – जिसका स्वभाव परिष्कृत हो वह सबका प्रिय बन जाता है।
  • संसार – संसार में अनेक प्रकार के लोग रहते हैं।

WBBSE Class 7 Hindi संस्कृति Summary

जीवक्र फरिच्य

भदंत आनंद् कौसल्यायन का जन्म सन् 1895 ई० में पंजाब के अंबाला जनपद के सोहाना गाँव में हुआ था। कौसल्यायन बौद्ध भिक्षु थे। उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार में अपना सारा जीवन समर्पित कर दिया। सन् 1988 ई० में उन्होंने अपना शरीर त्याग दिया। उनकी प्रमुख प्रकाशित रचनाएँ-भिक्षु के पात्र जो भूल न सका, यदि बाबा न होते, कहाँ क्या देखा आदि प्रमुख हैं। उन्होंने सहज, सरल भाषा में जातक कथाओं का अनुवाद किया। उन्होंने देश-विदेश में हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार में स्तुत्य योगदान दिया।

शब्दार्थ :-

  • भौतिक-पार्थिव
  • आध्यात्मिक – ब्रह्म और जीव संबंधी
  • साक्षात – प्रत्यक्ष
  • आविष्कार – खोज
  • आविष्कर्ता-खोज करने वाला
  • ज्ञानेप्सा – ज्ञाने पाने की इच्छा
  • प्रज्ञा – बुद्धि
  • तथ्य-सत्य, यथार्थता
  • तृष्णा – लालच
  • अविभाज्य – जिसे बाँटा न जा सके।
  • पूर्वज-पुरखा
  • अनायास – बिना प्रयत्न के
  • शीतोष्ण – ठंडा और गर्म
  • स्थूल-बड़ा
  • मनीषियों – मेधावी, ज्ञांनी, विचारशील
  • रक्षणीय – रक्षा करने योग्य
  • मैन्री – मित्रता
  • कल्याण – भलाई
  • परिष्कृत – संस्कार किया हुआ।
  • निठल्ल – बेकार

गुरुत्वाकर्षण – वह शक्ति जिसके द्वारा कोई पिंड किसी दूसरे पिंड को अपनी ओर आकृष्ट करता है अथवा उसकी ओर आकर्षित होता है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

पाठ का सारांश –

प्रस्तुत पाठ में कौसल्यायन ने सभ्यता और संस्कृति के स्वरूप पर प्रकाश डाला है। मानव संस्कृति को अंविभाज्य बतलाया है। एक समय था जब मनुष्य आग से परिचित नहीं था। आग की खोज करने वाला महान आविष्कर्ता होगा। सुई की खोज करने वाला भी महान आविष्कार्ता रहा होगा। इन उदाहरणों से स्पष्ट हो जाता है कि एक वस्तु का आविष्कार करने की शक्ति और दूसरी वस्तु है आविष्कार। जिस योग्य प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा से आग का, सुईधागे का आविष्कार हुआ वह व्यक्ति की संस्कृति है और संस्कृति द्वारा जो आविष्कार, हुआ, जो चीज उसने अपने तथा दूसरों के लिए आविष्कृत की, उसका नाम सभ्यता है।

संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है। उसकी संतान सभ्य भले हों पर वह संस्कृत नहीं कहला सकता। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी न्यूटन से अधिक सभ्य भले हो पर वे न्यूटन जैसा संस्कृत नहीं हो सकते। आग के आविष्कार में कदाचित पेट की ज्वाला की प्रेरणा एक कारण रही। सुई-धागे के आविष्कार में शायद शीतोष्ण से बचने तथा शरीर को सजाने की प्रवृत्ति रही होगी। पेट भरा और तन ढँका होने पर भी संस्कृत मानव कभी निठल्ला नहीं बैठ सकता। रात के तारों को देखकर न सो सकने वाला मनीषी आज के ज्ञान का प्रथम पुरस्कर्ता है।

भौतिक प्रेरणा, ज्ञानेप्सा ये दो ही मानव संस्कृति के माता-पिता हैं। यही कारण है कि एक व्यक्ति दूसरे के मुँह में कौर डालने के लिए अपने मुँह का कौर छोड़ देता है। रोगी बच्चे को सारी रात गोद में लिए माता बैठी रहती है। लेनिन डबल रोटी के सूखे टुकड़े स्वयं न खाकर दूसरों को खिला देते थे। संसार के मजदूरों के सुखी देखने के लिए कार्ल मार्क्स ने सारा जीवन दु:ख में बिता दिया। सिद्धार्थ ने मानवता के सुख के लिए गृह त्याग कर दिया। जो योग्यता किसी महामानव से सर्वस्व त्याग कराती है, वह भी संस्कृति है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 संस्कृति

संस्कृति का परिणाम ही सभ्यता है। हमारे खाने-पीने के तरीके, पहनने के तरीके, गमना-गमन के साधन सब हमारी सभ्यता है। मानव की जो योग्यता उससे आत्मविनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे संस्कृति नहीं, बल्कि, असंस्कृति कह सकते हैं। संस्कृति का कल्याण की भावना से नाता टूट जाएगा तो असंस्कृत हो जाएगी। ऐसी संस्कृति का परिणाम असभ्यता ही होगा। संस्कृति के नाम पर जिसे कूड़े-करकट के ढेर का बोध होता है वह न संस्कृति है, न रक्षणीय वस्तु। मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है, उसमें जितना अंश कल्याण का है, वह अकल्याण की अपेक्षा श्रेष्ठ ही नहीं स्थायी भी है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 3 संन्यासी to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 Question Answer – संन्यासी

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर लिखिए ।

प्रश्न 1.
पालू किस राज्य का निवासी था?
(क) गुजरात
(ख) राजस्थान
(ग) पंजाब
(घ) महाराष्ट्र
उत्तर :
(क) गुजरात

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 2.
‘यह न होगा’ किसका कथन है?
(क) पालू के पिता का
(ख) बालू का
(ग) पालू का
(घ) सुचालू का
उत्तर :
(ग) पालू का

प्रश्न 3.
पालू की स्त्री किस रोग का शिकार होकर मर गई?
(क) मलेरिया
(ख) हैजा
(ग) टाइफाइड
(घ) तपेदिक
उत्तर :
(ख) हैजा

प्रश्न 4.
सुदर्शन जी का जन्म कब हुआ था ?
(क) सन् 1885
(ख) सन् 1895
(ग) सन् 1905
(घ) सन् 1915
उत्तर :
(ख) सन् 1895

प्रश्न 5.
सुदर्शन जी किस युग के कथाकार हैं ?
(क) द्विवेदीयुगीन
(ख) प्रेमचंदयुगीन
(ग) प्रेमचंदोत्तर युगीन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) प्रेमचंद्युगीन

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 6.
पालू कितने भाई थे ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार
उत्तर :
(ग) तीन

प्रश्न 7.
पालू के पुत्र का क्या नाम था ?
(क) दीनदयाल
(ख) दादूदयाल
(ग) दयाराम
(घ) सुखदयाल
उत्तर :
(घ) सुखदयाल

प्रश्न 8.
पालू के गुरु कौन थे ?
(क) शंकराचार्य
(ख) वल्लभाचार्य
(ग) रामानंद
(घ) प्रकाशानंद
उत्तर :
(घ) प्रकाशानंद

प्रश्न 9.
भोलानाथ कौन था ?
(क) पालू का मित्र
(ख) पालू का भाई
(ग) पालू का गुरु
(ग) पालू का शिष्य
उत्तर :
(क) पालू का मित्र

प्रश्न 10.
पालू कितने समय बाद घर वापस लौटा ?
(क) एक वर्ष बाद
(ख) दो वर्ष बाद
(ग) तीन वर्ष बाद
(घ) चार वर्ष बाद
उत्तर :
(ख) दो वर्ष बाद

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 11.
पालू की भाभी का क्या नाम था ?
(क) सुखमति
(ख) सुखदेवी
(ग) सुखवती
(घ) सुखरानी
उत्तर :
(ख) सुखदेवी

प्रश्न 12.
पालू किस त्योहार के दिन घर वापस आया ?
(क) होली
(ख) दीवाली
(ग) दशहरा
(घ) लोहड़ी
उत्तर :
(घ) लोहड़ी

प्रश्न 13.
सुक्खू का मुख किस प्रकार चमक रहा था ?
(क) सूर्य
(ख) चंद्रमा
(ग) तारे
(घ) आग
उत्तर :
(ख) चंद्रमा

प्रश्न 14.
शांति के लिए कौन से मार्ग की अवश्यकता है ?
(क) सेवा
(ख) कठिन
(ग) युद्ध
(घ) उपदेश
उत्तर :
(क) सेवा

प्रश्न 15.
पालू के स्थान पर कौन खड़े थे ?
(क) सुखदयाल
(ख) भोलानाथ
(ग) साधु-महात्मा
(घ) सुखदेवी
उत्तर :
(ग) साधु-महात्मा

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 16.
कौन अंदर से निकला और रोता हुआ स्वामी जी से लिपट गया ?
(क) बालकराम
(ख) पालू
(ग) भोलानाथ
(घ) सुखदेवी
उत्तर :
(क) बालकराम

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए –

प्रश्न 1.
पालू किस गाँव का रहने वाला था?
उत्तर :
पालू लखनवाल गाँव का रहने वाला था।

प्रश्न 2.
पालू की भाभी अवाक् क्यों रह गई?
उत्तर :
पालू की भाभी को आशंका थी कि पालू संपत्ति बाँटने के लिए झगड़ा करेगा, लेकिन पालू घर-बार छोड़ जाने को तैयार हो गया और भाभी से बोला कि अब वह घर में नहीं रहेगा। इसलिए उसके बेटे को संभालो। यह सुनकर भाभी अवाक् रह गई।

प्रश्न 3.
स्वामी विद्यानंद कौन थे?
उत्तर :
पालू सन्यास ग्रहण कर ऋषिकेश में रहने लगा और अब वही पालू ही स्वामी विद्यानंद के रूप में प्रसिद्ध हो गया।

प्रश्न 4.
भोलानाथ कैसा पुरुष था?
उत्तर :
भोलानाथ हाँडा का बड़ा सज्जन पुरुष था। उसके मन में स्नेह, दया तथा परोपकार की भावना थी। पालू का वह सच्चा मित्र था। सुक्खू (सुखदयाल) के प्रति उसके मन में सच्चा स्नेह था।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 5.
लोहड़ी क्या है?
उत्तर :
लोहड़ी एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार बड़े समारोह के रूप में पंजाब में मनाया जाता है।

प्रश्न 6.
पालू अपने पुत्र को किसके आश्रय में छोड़ गया था?
उत्तर :
पालू अपने पुत्र को अपनी भाभी के आश्रय में छोड़ गया था।

प्रश्न 7.
पालू क्या करता था ?
उत्तर :
पालू एक दुकान चलाता था।

प्रश्न 8.
पालू का विवाह किससे हुआ ?
उत्तर :
पालू का विवाह चौधरी की बेटी से हुआ।

प्रश्न 9.
विद्यानंद के मन से क्या आवाज आती रहती थी ?
उत्तर :
विद्यानंद के मन से आवाज आती रहती थी कि वह अपने आदर्श से दूर जा रहा है।

प्रश्न 10.
विद्यानंद उर्फ पालू की अशांति का मूल कारण क्या था ?
उत्तर :
विद्यानंद की अशांति का मूल कारण उसके पुत्र के प्रति स्नेह था।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

प्रश्न 11.
भोलानाथ को देखकर सुखदयाल क्या अनुभव करता था ?
उत्तर :
भोलानाथ को देखकर सुखदयाल पितृ-प्रेम का अनुभव करता था।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

(क) पालू किस बात में उस्ताद था?
उत्तर :
पालू बाँसुरी और घड़ा बजाने में उस्ताद था। हीर-राँझे का किस्सा पढ़ने तथा जोग सहती के प्रश्नोत्तर पढ़ने में भी वह बेजोड़ था।

(ख) पालू मन ही मन क्यों कुढ़ता था?
उत्तर :
गाँव के लोग पालू के व्यवहार, उत्सवों के प्रति उसकी तत्परता तथा कला को देख सुनकर मुग्ध होते और उसकी अतिशय प्रशंसा करते थे। पर उसके घर के लोग उसके गुणों की कदर न करते थे। घर में उसे ठंडी रोटियाँ माँ की गालियाँ, भाभियों के ताने मिलते थे। इसी कारण पालू मन ही मन कुढ़ता था।

(ग) पालू के जीवन में किस तरह का परिवर्तन आ गया?
उत्तर :
पालू की तैंतीस वर्ष की अवस्था में शादी हो गई। स्त्री के आते ही उसका संसार ही बदल गया। बाँसुरी, किस्से, कहानी सब को वह भूल गया। अब घर उसके लिए फूलों की वाटिका बन गया। कभी वह दिन के अधिकांश समय घर के बाहर रहता था किन्तु अब वह घर के बाहर ही नहीं निकलता। इस प्रकार विवाह के पश्चात् पालू के चरित्र और व्यवहार में बड़ा परिवर्तन आ गया।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

(घ) स्वामी प्रकाशानंद के पास स्वामी विद्यानंद क्यों गए?
उत्तर :
स्वामी विद्यानन्द की भक्ति की सर्वत्र धूम मच गई। पर उनके मन को शांति नहीं मिली। सुख की नींद नहीं आती थी। पूजा-पाठ में मन एकाग्र नहीं होता। उनके मन में ऐसी आवाज आती थी कि वे अपने आदर्श से दूर जा रहे हैं। वे चौंक उठते, पर कारण समझ में न आता। वे घबरा कर रोने लग जाते, परंतु चित्त को शांति न मिलती। इसी अशांति के समाधान के लिए वे स्वामी प्रकाशानंद के पास गए।

(ङ) सुखदयाल का कलेजा क्यों काँप गया?
उत्तर :
भोलानाथ के घर से सुखदयाल अपने घर पहुँचा। भोलानाथ के घर उसने चिमटे से ताई द्वारा मारने की जो बात कही थी, वह ताई के कानों तक पहुँच गई। ताई के क्रोध की कोई सीमा न रही। रात अधिक बीत जाने पर मुहल्ले की स्त्रियाँ अपने-अपने घर चली गई। अब अपना क्रोध उतारने के लिए ताई सुखदयाल को पकड़ कर डाँटने लगी। उसके रौद्र रूप और व्यवहार को देखकर सुखदयाल का कलेजा काँप गया।

(च) पालू के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं को लिखिए।
उत्तर :
पालू अनपढ़ था, पर मूर्ख नहीं था। गुणों की खान था। बाँसुरी बजाने, किस्से-कहानी सुनाने में वह बेजोड़ था। गाँव में होली, दीपाबली तथा दशहरे में होनेवाले उत्सवों में उसी की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। उसके घर के लोग उसके गुणों की कदर नहीं करते थे। घर के बाहर वह गाँव वालों के साथ बड़ा ही व्यावहारिक था।

उसका रूप रंग सुन्दर था, शरीर भी सुडौल था। उसमें य्यार तथा सेह की भावना भरी थी। अपने नन्हें पुत्र तथा नई प्ली से वह अत्यधिक प्यार करता था। वह अपने हठ तथा सिद्धांत पर अडिग रहने वाला दृढ़ पुरुष था। उसमें कष्ट सहिष्युता भरी थी। संन्यासी बनने पर वह पर्वत पर रहता तथा पत्थरों पर सोता था। उसमें ईश्वर भक्ति तथा आत्मसयम की भावना थी। अपने गुण के पति उसमें गहरी श्रद्धा थी। वह सदाचारी था। गुरु के आदेश को स्वीकार कर ही उसने पुन: गृहस्थाश्रम को स्वीकार किया।

(छ) संन्यासी कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर :
इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि गृहस्थ के उत्तरादायित्व का निर्वाह करना ही वास्तविक संन्यास है। गृहस्थ जीवन का निर्वाह किए बिना संन्यासी बनने से मन को शांति नहीं मिलती। सेवा मार्ग वन में भटकने से श्रेष्ठ होता है। पुत्र, परिवार और अपने आश्रित जनों की सेवा करने से ही शांति मिल सकती है। कर्त्तव्य पालन ही सच्चा संन्यास है।

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यथा निर्देश उत्तर दीजिए :

(क) मनुष्य सब कुछ सह लेता है, पर अपमान नहीं सह सकता।

प्रश्न 1.
इस पंक्ति के लेखक का नाम लिखिए ।
उत्तर :
इस पंक्ति के लेखक का नाम सुदर्शन है।

प्रश्न 2.
सप्रसंग इस पंक्ति का तात्पर्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
पालू अनपढ़ था, पर मूर्ख नहीं था। पिता प्रकारान्तर से उसे निर्लज्ज कहते, आलोचना करते पर वह स्वभाव से बेपरवाह था, इसलिए हैसकर टाल देता। पर भाई और भाभियाँ भी बात-बात में ताने देने और घृणा की दृष्टि से देखने लगी। पालू सब कुछ सह सकता था, पर अपना इस प्रकार का अपमान नहीं सह सकता था। इसलिए इस अपमान को देखकर उसने प्रतिकार स्वरूप पिता के पास जाकर शिकायत की।

(ख) सारे गाँव में तुम्हारी मिद्टी उड़ रही है। अब भी बताने की बात बाकी रह गई है।

प्रश्न 1.
‘तुम्हारी’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? मिट्टी उड़ने का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
यहाँ तुम्हारी’ शब्द का प्रयोग पालू के लिए किया गया है। मिद्टी उड़ने का तात्पर्य है बदनामी होना। पालू के पिता उसे बता रहे हैं कि समस्त गाँव में उसकी बदनामी हो रही है।

प्रश्न 2.
इस अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
पालू के पिता पालू से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि तुम सदा स्वी के पास ही बैठे रहते हो। तुम्हहारा अनोखा विवाह हुआ है। अपना विचार प्रकट करते हुए कहने लगे कि गाँव भर में तुम्हारी बदनामी हो रही है। सारा गाँव तुम्हारी आलोचना कर रहा है। इससे अधिक बात क्या हो सकती है। हमें कुछ बताने, कहने की जरूरत ही नहीं है।

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(ग) ‘बात साधारण थी, परन्तु हददोों में गाँठ बँध गई।’

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्धुत है ?
उत्तर :
यह पंक्ति ‘संन्यासी’ पाठ से उद्रतत है।

प्रश्न 2.
किनके हूदयों में गाँठ बँध गई और क्यों?
उत्तर :
पालू और उसके पिता के हृदयों में गाँठ बँध गई। पल्नी को उसके घर भेज देने का पिता का प्रस्ताव स्पष्ट शब्दों में पालू ने अस्वीकार कर दिया, पिता कोधित होकर उसे घर से किनारे करने के लिए कह दिया। अब पालू ने भी कड़ा मत्तर देते हुए कहा कि वह कहीं नहीं जाएगा। इसी घर में रहेगा, खाएगा। कौन उसे निकाल सकता है। इसी बात पर दोनों के हैदयों में गाँठ बँध गई।

(घ) ‘स्वामी विद्यानंद की आँखों में आँसू आ गए।’

प्रश्न 1.
स्वामी विद्यानंद कौन थे?
उत्तर :
पालू ही स्वामी विद्यानंद थे। गृहस्थ जीवन त्याग पालू ॠषिकेश जाकर स्वामी विद्यानंद के रूप में प्रसिद्ध हो गया।

प्रश्न 2.
उनकी आँखों में आँसू क्यों आ गए? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
स्वामी विद्यानंद घर के अंदर गए। उन्होंने भतीजियों को चमेली के फूल की तरह खिला हुआ देखा। पर कभी मैना के समान चहकने वाला सभी को प्यारा नटखट बालक सुखदयाल उदासीनता की मूर्ति बना था। उसका मुख कुम्हलाया हुआ था। बाल रूखे थे, वस्त्र मैल-कुचेले थे। लगता था किसी भिखारी का लड़का है। अपने उस प्यारे पुत्र की इस दशा को देखकर स्वामी विद्यानंद पालू की आँखों में आँसू आ गए।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखि शब्दों से उपसर्ग एवं मूल शब्द अलग कीजिए :

  • अभिमान – अभि + मान
  • असंभव – अ + संभव
  • निष्ठुर – निः + ठुर
  • निर्लज्ज – नि: (नि) + लज्ज
  • अनपढ़ – अ (अन) + पढ़
  • अपमान – अप + मान
  • प्रतिक्षण – प्रति + क्षण

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2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक् कीजिए :

  • झांकियों – झाँकी + यों
  • धीरता – धीर + ता
  • नमता – नम + ता
  • व्याकुलता – व्याकुल + ता
  • प्रसन्नता – प्रसन्न + ता
  • सुंदरता – सुंदर + ता

3. पर्यायवाची शब्द लिखिए :

  • विधाता – बह्ला, विरंचि, चतुरानन।
  • चिड़िया – खग, विहग, पक्षी।
  • संसार – विश्व, जगत्, दुनिया।
  • चित्र- तस्वीर, आकृति, आकार।
  • वस्थ्र – कपड़ा, अम्बर, वसन, पट।
  • वाटिका – उद्यान, बागीचा, बाग

4. विलोम शब्द लिखिए :

  • सुन्दर-असुंदर, कुरूप
  • मूख्ख-विद्वान
  • विष-अमृत
  • चंचल – शान्त, स्थिर
  • अशांति – शांति ।

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5. वाक्य प्रयोग कीजिए :

  • पिंजरा – पिंजरा में कैद पक्षी उड़ नहीं सकता।
  • गृहस्थी – गृहस्थी संभालना हर व्यक्ति का फर्ज है।
  • एकाग्र – एकाग्र चित्त होकर पढ़ना चाहिए।
  • धर्मशाला – धर्मशाला में यात्री ठहरते हैं।
  • समारोह – विवाह का समारोह धूम-धाम से मनाया जा रहा है।

WBBSE Class 7 Hindi संन्यासी Summary

जीवक्र फरिच्य

सुदर्शन का जन्म सन् 1895 ई० में अविभाजित पंजाब के स्यालकोट नगर में हुआ था। मुम्बई में 1967 ई० में इनका देहावसान हो गया। सुदर्शन उर्दू से हिन्दी कहानी लेखन की ओर उन्मुख हुए। आर्य समाजी विचारधारा से वे प्रभावित थे। आपने उपन्यास, कहानी, नाटक सभी क्षेत्रों में लेखनी चलाई। इनके प्रसिद्ध कहानी संग्रह हैं – पुष्पलता, सुपभात, सुदर्शन सुधा, सुदर्शन सुमन, पनघट और चार कहानियाँ। परिवर्तन, भागवंती और राजकुमार इनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं। अंजना, सिकदर और भाग्यचक्र इनके नाटक हैं। इनकी भाषा सीधी, सरल, सरस, प्रसाद गुण संपन्न तथा मुहावरेदार हैं। इनकी कहानियों में आदर्शवाद की झलक मिलती है।

कहानी का सारांश

कथानायक पालू गुजरात के लखनवाल का रहनेवाला था। वह गुणों का भण्डार था। उसे अशिक्षित और अकर्मण्य नहीं कह सकते। वह गाँव में होने वाली होलियों में झाँकियों का, दिवाली पर जुए का, दशहरे पर रामलीला का प्रबंध बड़े उत्साह से संपन्न करवाता था। बाँसुरी बजाने में वह उस्ताद था।

हीर-राँझे की कहानी कहने तथा जोग और सहती के प्रश्नोत्तर पढ़ने में वह बेजोड़ था। उसके घर में उसके गुणों की कदर न थी। पालू तीन भाई था। उसका एक भाई सुचालू (सुच्चालामाल) व्यायाम मास्टर था। दूसरा भाई बालू (बालकराम) दुकान चलाता था। पिता के उपदेश और भाइयों-भाभियों के निष्ठुर व्यवहार का पालू पर कोई असर नहीं पड़ता था। पालू की जीवन-दशा निराली थी। अपने घर में वह उपेक्षित तथा तिरस्कृत था, पर बाहर अपेक्षित तथा सम्मानित था।

तैंतीस वर्ष की अवस्था में पालू का विवाह हो गया। विवाह के पश्चात् पालू के चरित्र और व्यवहार में बड़ा बदलाव आ गया। पहले वह दिन में घंटों घर से बाहर रहता था, पर अब वह घर से बाहर ही नहीं निकलता। बाँसुरी और किस्से छोड़कर पत्नी के प्रेम में डूबा रहता था। घर में माता-पिता, भाई-भाभी सभी व्यंग्य करते थे। पालू ने एक दिन अपने पिता के सामने जाकर अपनी झुँझलाहट व्यक्त किया। पिता उस पर चिढ़ते थे। सारा दिन स्वी के पास बैठे रहना, पिता को भी अच्छा नहीं लगता था। पिता ने कहा कि स्त्री को मायके भेज दो। पर इस प्रस्ताव को उसने बिल्कुल स्वीकार नहीं किया। वह रात-दिन पत्नी के प्यार में डूबा रहता था। पत्नी की गोद में दो वर्ष का बालक भी खेलता था। दुर्भाग्य से पालू की स्वी हैजे से चल बसी। पालू की आनंदवाटिका उजड़ गई।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

पालू पत्नी के वियोग को सह न सका। तीन मास के अंदर ही उसके माता-पिता भी चल बसे। पालू का मन संसार से विरक्त हो उठा। वह अपने पुत्र सुखदयाल को भाभी को सौंप कर घर-बार छोड़ कर संन्यासी बनने के लिए निकल पड़ा।

पालू दो वर्ष वन में रहा। कठिन साधना और तपस्या से पूरे हरिद्वार में उसकी धूम मब गई। पर उसे वहाँ शांति न मिल सकी। उसके मन में सदा आग सुलगने लगी। अंत में वह अपने मन की पीड़ा को अपने गुरु पकाशानंद से व्यक्त किया। गुरु ने उससे उसकी सारी बाते पूछकर यह मालूम किया कि उसका चार वर्ष का बालक अनाथ की तरह घर पर है। गुरु को उसकी अशांति का कारण ज्ञात हो गया। इसलिए गुरु ने उसे तुरंत घर जाने का आदेश दिया।

पालू का मित्र भोलानाथ पालू के चले जाने पर उसके पुन्त सुखदयाल पर सेह दिखाने लगा। उसके बड़े भाई बालू की स्त्री सुखदयाल के साथ बड़ी ही निर्ममता का व्यवहार किया करती थी। यहाँ तक कि भोलानाथ के घर जाने पर भी उसे डाँटती और मारती थी। उसे रूख-सूखे भोजन और फटे-पुराने कपड़े देती थी। स्नेह के अभाव में बालक मुरझा गया था। एक दिन वह जैसे ही बेलन उठाकर मारना चाही, तभी उसकी बेटी ने पालू चाचा के आगमन की सूचना दी।

पालू संन्यासी विद्यानंद के रूप में घर आया। सुखदेवी और बालकराम दोनों ही उसे देखकर हैरान हो गए। पालू ने घर में भतीजियों को सुंदर वस्त्रों में चमेली के फूल की तरह चमकते हुए देखा। सुखदयाल जल के बिना सूखे-मुरझाए पौषे के समान था। बालक की यह स्थिति देखकर पालू की आँखों में आँसू आ गए। अब वह सब कुछ समझ गया। रात के

समय सोने के लिए वह अपने कमरे में पहुँचा। वहाँ उसकी वाटिका उजड़ चुकी थी। प्रेम का राज्य लुट चुका था। पालू सोचने लगा कि प्यार के बिना यह बालक धूल में मिल गया। रात के समय झपपकी आ जाने पर उसे अनुभव हुआ कि सुख और शांति के लिए सेवा मार्ग की आवश्यकता है। पुत्र की सेवा करने से ही मन को शांति प्राप्त हो सकती है। मन की शांति कर्त्तव्य पालन से ही मिल सकती है। उसने सुखदयाल को गले लगाया और उसके सूखे मुख को चूम लिया।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 3 संन्यासी

शब्दार्थ :-

  • गुथन – समूह, भंडार
  • सुध – याद, होश
  • लीन – संलग्न, तत्पर
  • उस्ताद – गुरु, प्रवीण
  • निष्ठुर – कठोर, क्रूर
  • अपमान – निरादर
  • अनोखा – विचित्र
  • दारुण – भीषण
  • झकोरे – झोंके
  • धीरता – धैर्य
  • पददलित – पैरों से कुचले हुए
  • लोहड़ी – एक त्योहार
  • कुम्हलाया – मुरझाया
  • रौनक-चमक, शोभा
  • पितृवात्सल्य-पिता का प्यार
  • उत्तरदायित्व – जिम्मेदारी
  • प्रबंध – इंतजाम, व्यवस्था
  • गँवार- मूर्ख, अनपढ़
  • अभिमान – घमंड
  • विधाता – ईश्वर
  • अनपढ़ – अशिक्षित
  • अवाक् – मौन, आश्चर्य चकित
  • संकल्प – प्रण
  • कंदरा – गुफा
  • निमित्त – कारण
  • आघात – चोट
  • सदाचारी – अच्छे आचरण वाला
  • जागीर – संपत्ति
  • हलचल – आन्दोलन
  • व्याकुलता – बेचैनी
  • शिशिर – सर्दी
  • हृदय बेधक- दिल को दर्द देनेवाला

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 3 आइए चलें प्रकृति की ओर

Students should regularly practice West Bengal Board Class 6 Hindi Book Solutions सहायक पाठ Chapter 3 आइए चलें प्रकृति की ओर to reinforce their learning.

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 3 Question Answer – आइए चलें प्रकृति की ओर

बोधमूलक प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1.
पृथ्वी का अनुमानित वजन कितना है?
उत्तर :
पृथ्वी का अनुमानित वजन छ: ट्रिलियन टन एवरडो पाइज है।

प्रश्न 2.
पृथ्वी किस चाल से सूर्य के चक्कर लगाती है?
उत्तर :
पृथ्वी आकाश में अपने रास्ते पर सूर्य के चारों तरफ एक सेकेण्ड में 18.5 मील की चाल से चक्कर लगाती है

प्रश्न 3.
रत्न प्रसविनी किसे कहा जाता है?
उत्तर :
पृथ्वी के गर्भ में कई रत्न और खनिज पदार्थ भरे रहने से पृथ्वी को रत्न प्रसविनी कहा जाता है।

प्रश्न 4.
पृथ्वी के संबंध में तीसरी आशर्शज्यजनक बात क्या है ?
उत्तर :
पृथ्वी के संबंध में तीसरी आश्र्यजनक बात पृथ्वी पर रहने वाले जीवों की उत्पत्ति है।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 3 आइए चलें प्रकृति की ओर

प्रश्न 5.
कबीरदास ने मनुष्य को कैसा प्राणी कहा है?
उत्तर :
कबबीदास ने मनुष्य को थलचर प्राणी अर्थात् पृथ्वी पर विचरने वाला जीव कहा है। इसलिए उसका कल्या इसी में है कि वह सदा-सर्वदा पृथ्वी से ही संसर्ग रखे।

प्रश्न 6.
पृथ्वी के अन्य कौन से नाम हैं?
उत्तर :
पृथ्वी के धरती, मिट्टी, धरित्री, धरा, क्षमा, रत्नगर्भा, वसुधा, वसुंधरा, वसुमती, रत्नप्रसविनी, रसा, अमृत आदि नाम हैं।

प्रश्न 7.
पृथ्वी में कौन-कौन से महत्वपूर्ण गुण पाए जाते है?
उत्तर :
पृथ्वी अनंत गुणों का भंडार है। पृथ्वी से ही अन्न उत्पन्न होते है। पृथ्वी से ही प्राणियों की उत्पत्ति तथा भरण पोषण होता है। पृथ्वी जीवन की समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। पृथ्वी में विलक्षण अद्भुत शक्ति होती है पृथ्वी अनेक रोगों के लिए औषधि का काम करती है। पृथ्वी पर सोने से, नंगे पाँव चलने से शरीर स्वस्थ रहता है। समर खनिज तत्व पृथ्वी से पाए जाते हैं।

प्रश्न 8.
कौन-कौन से लोग प्राय: धरती के संपर्क से लाभ उठाया करते है?
उत्तर :
किसान, साधु-सन्यासी, पशु, सभी जीव जन्तु, धरती के संपर्क से लाभ उठाते है।

प्रश्न 9.
धरती पर सोने से क्या लाभ है?
उत्तर :
धरती पर सोना अत्यंत लाभदायक है। धरती पर सोने से कुषक या बाग के माली को अतिशय सुख शांति व अनुभूति होती है। धरती पर सोने से बड़ी शांति मिलती है, चिंता, बेचैनैी दूर होती है। पेट के रोग दूर होते है । उदर, आँ हृदय आदि अपना काम जोरों से करते हैं। विजातीय द्रव निकल जाता है। शरीर निर्मल और नवीन हो जाता है। अनिड रोग दूर हो जाता है।

प्रश्न 10.
किन वानप्रस्थियों व संन्यासियों ने पृथ्वी के संसर्ग से शक्ति ग्रहण की?
उत्तर :
प्रसिद्ध योगी भर्तृहरी गोपीचंद तथा राम, लक्ष्मण आदि ने पृथ्वी के संसर्ग से शक्ति प्राप्त की। प्राचीन भारत के गुरु में विधार्थी भूमि पर सोकर ही ज्ञान प्राप्त करते थे। वानप्रस्थियों एवं संन्यासियों को पृथ्वी पर ही सोने की व्यवस्था थी।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 3 आइए चलें प्रकृति की ओर

प्रश्न 11.
‘पृथ्वी के जीव पृथ्वी के सीधे संसर्ग से नीरोग रहकर लंबी आयु प्राप्त कर सकते हैं।’ इस कथन से तुम क्या समझते हो?
उत्तर :
पृथ्वी पर जीवों की उत्पत्ति पृथ्वी से हुई है। संपूर्ण प्राणी पृथ्वी से ही उत्पन्न होते हैं। इसलिए पृथ्वी से सीधा संस से प्राणियों में जीवन शक्ति की यथेष्ट उपलब्धि होती है। पृथ्वी हमारे शरीर पर स्वास्थय रस की वर्षा करती है। फलस्वरू जीव नीरोग रहकर दीर्घायु प्राप्त करता है। पृथ्वी से जो पोषण मिलता है। उससे आरोग्य, बल एवं दीर्घ जीवन की प्रापि होती है।

WBBSE Class 6 Hindi आइए चलें प्रकृति की ओर Summary

विज्ञान की प्रगति के साथ-साथ मानव प्रकृति से दूर होता गया है। यही कारण है कि वह अनेक रोग और समस्याओं से ग्रसित हो गया है। यहाँ प्रकृति के एक तत्व ‘पृथ्वी तत्व’ के महत्व को बताया गया है

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 2 टोपी शुक्ला

Students should regularly practice West Bengal Board Class 6 Hindi Book Solutions सहायक पाठ Chapter 2 टोपी शुक्ला to reinforce their learning.

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 2 Question Answer – टोपी शुक्ला

बोधमूलक प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1.
इफ्फ्रन ‘टोपी शुक्ला’ की कहानी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा किस तरह से है?
उत्तर :
इफ्फन ‘टोपी शुक्ला’ कहानी का महत्त्व पूर्ण हिस्सा है। वास्तव में टोपी शुक्ला का पहला दोस्त था। यद्यपि दोनों के धर्म खान-पान भिन्न थे, फिर दोनों में गहरी आत्मीयता थी। माँ के मना करने पर भी टोपी दोस्त इफ्फन के घर जाना बन्द न किया। इफ्फन की दादी से भी टोपी का गहरा लगाव था। जब वह इफ्फन के घर जाता तो उसकी दादी के पास ही बैठने की कोशिश करता। इस प्रकार यह स्पष्ट हो जाता है कि इफ्फन ‘टोपी शुक्ला’ कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा इफ्फन के बिना कहानी अधूरी रह जाएगी।

प्रश्न 2.
इफ्फन की दादी अपने पीहर क्यों जाना चाहती थी?
उत्तर :
इफ्फ़न की दादी पूरब की थी। वह एक जमींदार की बेटी थीं वहाँ का वातावरण उन्मुक्त स्नेहपूर्ण था। लखनऊ ससुराल में इन्हें मौलविन बनना पड़ा। पति मौलवी थे। मायके का प्रेमपूर्ण स्वच्छन्द वातावरण यहाँ नहीं था। वहाँ वे उल्लासपूर्ण आनंदमय जीवन जीती थीं। यहाँ पिंजड़े के पक्षी की तरह जीवन बिताना पड़ता था। इसलिए वे अपने पीहर जाना चाहती थीं, ताकि उस जमींदारी वातावरण में कुछ दिन आनंद उल्लासमय जीवन जी सकें।

प्रश्न 3.
इफ्फ्रन की दादी अपने बेटे की शादी में गाने-बजाने की इच्छा पूरी क्यों नहीं कर पाई?
उत्तर :
इफ्फन के दादा मौलवी थे। मुस्लिम धर्म की कट्टरता के कारण मौलवी के घर गाना बजाना नहीं हो सकता था। समाज की रीतियों तथा परंपराओं का पालन तो एक मौलवी परिवार को करना ही था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाह आदि अवसरों पर गाना-बजाना वर्जित था। दादी का दिल गाने बजाने को लेकर मसोस कर रह गया।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 2 टोपी शुक्ला

प्रश्न 4.
‘अम्मी’ शब्द पर टोपी के घरवालों की प्रतिक्रिया हुई?
उत्तर :
टोपी के मुँह से ‘अम्मी’ शब्द सुनते ही घर वालों के कान खड़े हो गए। दादी ने गरजते हुए पूछा कि अम्मी कहना तुम्हें किसने सिखाया हैं। टोपी ने इफफ्फन का नाम लिया। तब दादी ने समझ लिया कि इसने किसी मुस्लिम लड़के से दोस्ती की है। उस दिन टोपी की बड़ी बुरी दशा हो गई। उसे अच्छी मार खानी पड़ी। किसी मुस्लिम लड़के से दोस्ती करना उसकी भाषा बोली सीखना यह परिवार वालों को मंजूर न था।

प्रश्न 5.
दस अक्टूबर सन् पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में क्या महत्व रखता है?
उत्तर :
दस अक्टूबर सन्यैंतालीस को टोपी के गहरे दोस्त इफ्फन के पिता की बदली हो गई और वे सपरिवार मुरादाबाद चले गए। टोपी का सबसे प्यारा एक मात्र दोस्त बिछ्ुु गया। अब टोपी अकेला हो गया। टोपी का दिल टूट गया। इसलिए टोपी ने दस अक्टूबर सन्पैंतालिस को कसम खाई कि अब वह किसी ऐसे लड़के से दोस्ती नहीं करेगा जिसका बाप ऐसी नौकरी करता हो जिसमें बदली होती रहती है।

प्रश्न 6.
टोपी ने इफ्फ्रन से दादी बदलने की बात क्यों कही?
उत्तर :
टोपी को अपनी दादी से नफरत थी। दादी की भाषा को भी नहीं समझ पाता था। दादी उसके साथ स्नेहपूर्ण मधुर व्यवहार भी नहीं करती थी। इफ्फन की दादी की भाषा और व्यवहार को वह पसन्द करता था। वह जब इफ्फन के घर जाता तो उसकी दादी के पास ही बैठने की कोशिश करता। उनकी बोली, कहानियाँ टोपी के दिल पर उतर गई थी। इसी कारण टोपी ने इफ्फन से दादी बदलने की बात कही।

प्रश्न 7.
पूरे घर में इफ्फन को अपनी दादी से ही विशेष स्नेह क्यों था?
उत्तर :
इफ्फन की अम्मी कभी उसे डाँट मार लिया करती थीं। अब्बा भी कभी-कभी उसे सजा दे दिया करते थे। नुजहत उसकी कापियों पर तस्वीरें बनाने लगती थी। केवल दादी कभी भी उसका दिल नहीं दुखाती थी। दादी की भाषा उसे अच्छी भली लगती थी। दादी उससे अपार सेह रखती थी। वह रात को उसे अच्छी-अच्छी कहानियाँ सुनाया करती थीं। इसीलिए पूरे घर में इफ्फन को अपनी दादी से ही विशेष स्नेह था।

प्रश्न 8.
इफ्फ्रन की दादी के देहांत के बाद टोपी को उसका घर खाली सा क्यों लगा?
उत्तर :
इफ्फन की दादी और टोपी में नि:-स्वार्थ प्रेम का संबंध था। दोनों अलग-अलग अधूरे थे। एक ने दूसरे को पूरा कर दिया। दोनों ने एक दूसरे का अकेलापन मिटा दिया था। टोपी जब भी इफ्फन के घर जाता तो दादी के पास ही बैठता। दादी की पूरबी भाषा बोली में उसे अपनत्व मालूम होता था। दादी की कहानियाँ सुनकर वह मुण्ध हो जाता था। इसलिए दादी के न होने से टोपी के लिए उसका खाली सा लगा।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 2 टोपी शुक्ला

प्रश्न 9.
टोपी और इफ्फ्रन की दादी अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान अटूट रिश्ते से बँँधे थे। इस कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
टोपी और इफ्फन की दादी अलग मजहब और जाति के थे। दादी के बार-बार कहने पर भी टोपी कभी उनके हाथ की कोई चीज नहीं खाई थी। पर प्रेम इन बातों का पाबंद नहीं होता। टोपी और दादी के बीच ऐसा ही सेह का संबंध हो गया था। दादी की पूरबी भाषा-बोली टोपी को अपनी माँ के समान प्यारी लगती थी। उसे दादी के संग आत्मीयता का अपनेपन का बोध होता था। सच्चा स्नेह मजब और जाति को नहीं समझता। यह दिल की भाषा है। सेह की न कोई जाति होती है न मजहब टोपी को अपने घर में अपनी दादी अथवा अन्य जनों से केवल डाँट फटकार मिलती थी पर इफ्फन की दादी का मधुर स्नेह उसके दिल को सुधा की धारा से तृप्त कर देता था। अतः दोनों एक अनजान अटूट रिश्ते से बँधे थे।

प्रश्न 10.
जहीन होने के बावजूद टोपी को कक्षा में दो बार फेल होने के क्या कारण थे?
उत्तर :
जहीन होने के बावजूद टोपी कक्षा में दो बार फेल हो गया। वास्तव में कोई उसे पढ़ने नहीं देता था। जब वह पढ़ने बैठता तो मुन्री बाबू या रामदुलारी किसी काम के लिए भेज देते। उसे फुरसत से पढ़ने का अवसर न मिलता। दूसरे साल उसे टाइफाइड हो गया जिससे पढ़ न सका। इस प्रकार घरवाले किसी न किसी काम में उसे व्यस्त रख कर उसकी पढ़ाई में बाधा डालते थे।

प्रश्न (ख) एक ही कक्षा में दो बार बैठने से लड़के उसका उपहास करते थे। कक्षा के नये लड़कों से उसकी दोस्ती नहीं हो पाती थी। मास्टर जी कमजोर लड़कों को समझाते तो उसकी मिसाल देते थे। वह अपने स्कूल में भी अकेला हो गया था। कोई उसका दोस्त नहीं रह गया। मास्टर लोग भी उसपर ध्यान नहीं देते थे। कोई भी मास्टर उससे सवाल का जवाब नहीं पूछता था। वे भी उसकी उपेक्षा करते थे। इस प्रकार के व्यवहार से टोपी के मन में हीन ग्रंथि का बोध होने लगा।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 2 टोपी शुक्ला

प्रश्न 11.
टोपी की भावात्मक परेशानियों को मद्देनजर रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव सुझाइए?
उत्तर :
टोपी की भावात्मक परेशानियों को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में कुछ बदलाव करना चाहिए। फेल होकर उसी कक्षा में नये बच्चों के साथ बैठने पर उस लड़के के मन में निराशा, कुठा तथा हीनता का बोध होने लगता है। इसलिए शिक्षा प्रणाली में यह परिवर्तन करना चाहिए कि किसी लड़के को उसी कक्षा में दूसरी बार पिछली कक्षा के विद्यार्थियों के साथ न बैठना पड़े। फेल हुए छात्र की दुबारा परीक्षा लेकर उसे उत्तीर्ण कर देना चाहिए। अभिभावक को भी यह परामर्श देना चाहिए कि लड़के पर विशेष ध्यान दें। उसी कक्षा में दुबारा या तिबारा रहने पर लड़के के मन में हीन प्रंथि पैदा हो जाती है। उसके मन का उत्साह खतम हो जाता है। एक ही कक्षा में दो बार रहने से लड़के पढ़ने में अधिक तेज हो जाएंगे यह सोचना भ्रम है।

प्रश्न 12.
इफ्फन की दादी के मायके का घर कस्टोडियन में क्यों चला गया?
उत्तर :
सन् सैतालीस में आजादी के बाद देश का विभाजन हो गया। भारत और पाकिस्तान दो देश बन गए। ख्वेच्छा से जो मुसलमान जाना चाहे वे पाकिस्तान चले गए। इफ्फन की दादी के मायके वाले भी पाकिस्तान चले गएं और कराची में बस गए। उनके मकान का कोई वारिश यहाँ न रहा इसलिए भारत सरकार ने उसे कस्टोडियन में डाल दिया। इसलिए घर कस्टोडियन में चला गया।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 1 हरिहर काका

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WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 1 Question Answer – हरिहर काका

बोधमूलक प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1.
कथावाचक और हरिहर काका के बीच क्या संबंध है? और इसके क्या कारण हैं?
उत्तर :
हरिहर काका की जिन्दगी से कथावाचक का गहरा लगाव है। दोनों एक दूसरे के पड़ोसी हैं। हरिहर काका बचपन में कथावाचक को बहुत प्यार करते थे। अपने कंधे पर बैठा कर घुमाया करते थे। पिता से भी अधिक प्यार करते थे। सयाना होने पर भी पहली दोस्ती कथावाचक की हरिहर काका के साथ हुई। काका कुछ भी नहीं छिपाते थे। खूब खुलकर बातें करते थे।

प्रश्न 2.
हरिहर काका को गाँव के महंत ने क्या समझाया?
उत्तर :
हरिहर काका को महंत ने समझाया कि इस संसार में कोई किसी का नहीं है। पत्नी, पुत्र, भाई, बन्धु सभी स्वार्थ के साथी हैं। बिना स्वार्थ के कोई नहीं पूछता। सारे रिश्ते नाते झूठें हैं। तुम्हारे हिस्से में पन्द्रह बीघे जमीन है, उसी के चलते तुम्हारे भाई के परिवार तुम्हें पकड़े हुए हैं। जिस दिन समझेंगे कि खेत नहीं मिलेगा उस दिन बोलना भी बन्द कर देंगे। खून का रिश्ता समाप्त हो जाएगा। तुम्हारे भले के लिए कहता हूँ कि अपनी जमीन ठाकुर जी के नाम लिख दो। तुम सीधे बैकुंठ को प्राप्त करोगे। सर्वत्र तुम्हारा यश गान होगा। तुम्हारा जीवन सार्थक हो जाएगा। अपना शेष इस ठाकुरबारी सानंद व्यतीत करो (तुम्हें किसी चीज का अभाव नहीं रहेगा। हम लोग आपकी तन मन से सेवा करेंगे। तुम्हारा यह लोक और परलोक दोनों बन जाएगा।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 1 हरिहर काका

प्रश्न 3.
हरिहर काका के साथ घर की बहुओं का व्यवहांर कैसा था?
उत्तर :
हरिहर काका के साथ घर की बहुओं का व्यवहार संतोषजनक नहीं था। उनके खान-पान और और सुखसुविधा के प्रति बहुएँ उदासीन रहती थीं। उनकी खोज-खबर नहीं लेती थी। काका को बचा-खुचा रुखा-सूखा भोजन मिलता था। अपने पतियों को अच्छे-अच्छे व्यंजन खिलाती थीं। जब काका की तबीयत खराब हो जाती थी तो बहुएँ उनकी और उपेक्षा करती थीं। सभी अपने कामों में लगी रहती, काका को भोज्जन पानी भी नहीं पूछती कोई उनकी हाल पूछने भी नहीं आता। दालान में अकेले पड़े हरिहर काका स्वयं उठकर अपनी जरूरतों को पूरा करते थे। इस प्रकार बहुओं के रुखे व्यवहार से काका क्षुक्ध हो उठे।

प्रश्न 4.
ठाकुरबारी के प्रति गाँव वालों के मन में अपार श्रद्धा के जो भाव हैं उससे उनकी किस मनोवृत्ति का पता चलता है?
उत्तर :
ठाकुरबारी के प्रति गाँववालों के मन में अपार श्रद्धा के भाव से यह बात स्सष्ट होती है कि गाँववाले धार्मिक मनोवृत्ति के थे। वे धर्मभीरु होने के कारण धर्म परायण थे। वे भाग्यवादी बन गए थे। वे सोचते थे कि ठाकुरबारी के देवता की कृपा तथा महंत एवं पुजारी के आशीर्वाद से ही उनके जीवन में खुशियाँ आ सकती हैं और वे जीवन में सफलता हासिल कर सकते हैं। यही अंधविश्चास की रुढ़िवादी बना दिया था। इसी कारण उनके मन में ठाकुरबारी के प्रति अपार श्रद्धा भरी हुई थी।

प्रश्न 5.
अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं। कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
हरिहर काका अनपढ़ होते हुए भी मूर्ख नहीं थे। संसार और समाज के अनुभव ने उन्हें चतुर और समझदार बना दिया था। दुनियादारी का, लोगों के छल, कपट, स्वार्थ पूर्ण बातों का रहस्य उन्हें मालूम हो गया था। जिदंगी में अपनी जमीन उन्हें किसी को नहीं लिखनी है, इस मुद्दे पर वे जागरुक हो गए थे। वे जमीन के महत्व को समझते थे। सोचते थे कि इस जमीन के कारण ही परिवार उनकी सेवा करता है। सम्पत्ति रहित व्यक्ति को सगे भाई भी नहीं पूछते। लाख प्रयत्न करने, चिकनी चुपड़ी बातें करने के बावजूद उन्होंने महंत जी तथा अपने भाइयों को जमीन लिखने के लिए तैयार न हुए। हरिहर काका एक सीधे-सादे और भोले किसान की अपेक्षा ज्ञानी और चतुर हो गए थे। जमीन लिखने के लिए भाइयों के द्वारा आग्रह करने पर हरिहर काका ने स्पष्ट कह दिया कि मेरे बाद तो मेरी जायदाद इस परिवार को स्वत: मिल जाएगी, इसलिए लिखने का कोई अर्थ नहीं। महंत ने अँगूठे के जो जबरन निशान लिए हैं, उसके खिलाफ मुकदमा हमने किया ही है।

प्रश्न 6.
हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की क्या राय थी और उसके क्या कारण थे?
उत्तर :
हरिहर काका के मामले में गाँव के लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में दो वर्गों में बँटने लगे थे। एक वर्ग के लोग चाहते थे कि हरिहर अपने हिस्से की जमीन ठाकुर जी के नाम लिख दें। इससे उनकी कीर्ति अचल हो जाएगी। इससे उत्तम कुछ नहीं है। इससे यह ठाकुरबारी राज्य में सबसे बड़ी ठाकुरबारी बन जाएगी। इस वर्ग के लोग धार्मिक संस्कारों के थे और ठाकुरबारी से जुड़े हुए थे। दूसरे वर्ग में प्रगतिशील विचारों वाले किसान हैं। इनकी मान्यता थी कि भाई का परिवार तो अपना ही होता है। अपनी जायदाद उन्हें न देना उनके साथ अन्याय करना होगा। इसलिए हरिहर काका को अपनी जमीन भाइयों के नाम कर देना ही उचित और न्यायपूर्ण है।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 1 हरिहर काका

प्रश्न 7.
‘अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है। ‘इस पंक्ति के आधार पर लेखक के मंतव्य स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
हरिहर काका के भाई हथियार ले कर उनसे कहने लगे कि अंगूठे के निशान बनाते चलो नहीं तो घर के अंदर मार कर गाड़ देंगे। पर हरिहर काका मृत्यु से डरने वाले नहीं थे, क्योंकि उन्हें अब सच्चा ज्ञान हो गया था कि यदि वे सब एक ही बार मार दें तो वह ठीक होगा सारे बाकी जीवन में घुट-घुटकर मरना ठीक नहीं होगा। अभी जमीन लिख देने पर दो जून का खाना भी नहीं मिलेगा, भयंकर दुर्गति होगी। वह यह भी जानते थे कि लाख धौंस दिखाएँ पर वे मेरी हत्या नहीं कर सकते।

प्रश्न 8.
समाज में रिश्ते की क्या अहमियत है ? अपने विचार प्रकट कीजिए।
उत्तर :
समाज में रिश्तों का महत्व्व निर्विवाद है। रिश्ते ही समाज की आधारशिला हैं। आज हर व्यक्ति, परिवार, समाज रिश्तों से ही जुड़ा हुआ है। रिश्तों के बिना जीवन नीरस हो जाएगा। समाज की सारी आधाराशिला रिश्तों की डोरी से बँधी है। बिना रिश्ते के समाज परिवार विश्रृंखल हो जाएगा। आपसी प्रेम सौहार्द्र सब समाप्त हो जाएगा। रिश्ते नि:स्वार्थ भाव भूमि पर आधारित हों तो स्थायित्व बना रहता है पर स्वार्थ का कीड़ा पुष्परूपी रिश्तें को खोखला बना देता है। यद्यपि आधुनिक युग में लोगों में स्वार्थ की प्रबल भावना आ गई है चारों और आपाधापी मची है इसलिए रिश्ते की पृष्ठभूमि खिसकती नजर आती है। बिना स्वार्थ के लोगों को रिश्ते को निर्वाह करना चाहिए। जीवन की सच्ची मिठास रिश्ते के पवित्र निर्वाह से मिलती है।

प्रश्न 9.
यदि हरिहर काका के गाँव में मीडिया की पहुँच होती तो उनकी क्या स्थिति होती? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
यदि हरिहर काका के गाँव में मीडिया की पहुँच होती तो काका की स्थिति में कोई सुधार या परिवर्तन न होता। बस इस कथा का जोरदार प्रचार और हंगामा होता। घटना का प्रचार और चर्चा अभी गाँव में ही थी तब मीडिया के कारण प्रचार तंत्र बढ़ जाता। समाचार पत्रों तथा टी.वी की प्राइम टाइम में जगह मिल जाती। लोगों की मन में कुतूहल होता। मीडिया के सामने अगर भाई लोग रहते तो अपनी बात कहते। महंत जी अपनी सेवा भावना की बात रखते। गाँव के दोनों वर्ग के लोग अपने ढंग से समस्या रखते। मीडिया से हरिहर काका की समस्या का समाधान संभव नहीं था। हाँ, पुलिस सक्रिय होकर जाँच-पड़ताल में जुट जाती।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions सहायक पाठ Chapter 1 हरिहर काका

प्रश्न 10.
हरिहर काका अपनी समस्याओं से कैसे निकल पाते हैं?
उत्तर :
हरिहर काका सूझबूझ वाले चतुर और समझदार व्यक्ति थे। वे दृढ़ और अटल विचार के थे। उनके भाइयों ने सदा उनके सामने स्नेह और प्रेम प्रदर्शित किया, फिर उनके साथ निर्भय अमानुषिक व्यवहार किया। उधर महंतजी ने पहले बड़े ही आत्मीय ढंग से लौकिक एवं पारलौकिक सुखद स्वर्ग का प्रलोभन दिया, इसमें सफल न होने पर जोर जबर्दस्ती तथा अमानवीय व्यवहार किया। पर हरिहर काका सदा दृढ़ बने रहे, कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके।

भयभीत नहीं हुए। वे अपनी जमीन के महत्त्व को समझते थे। जमीन ही उनके जीवन का आधार थी। अपने जीते जी वे अपनी जमीन लिखने को राजी न हुए । उन्होंने कानून और पुलिस का सहारा लिए। अपनी दृढ़ता, आत्मविशास, निर्भयता तथा कानून का सहारा लेकर वे समस्याओं से निकल कर शेष जीवन अपने ढ़ंग से बताने लगे। एक नौकर रख लिए, जो उनकी रुचि और इच्छा के अनुसार बनाता खिलाता है। पुलिस के जवान उनकी रक्षा में तैनात है।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

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WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 Question Answer – ऐसे-ऐसे

वस्तुनिष्ठ प्रश्न :

प्रश्न 1.
नटखट बालक मोहन की क्या उप्र है ?
(क) छ:-सात वर्ष
(ख) आठ-नौ वर्ष
(ग) नौ-दस वर्ष
(घ) पाँच-छ: वर्ष
उत्तर :
(ख) आठन नौ वर्ष।

प्रश्न 2.
मोहन कौन सी कक्षा में पढ़ता है ?
(क) दूसरी
(ख) तीसरी
(ग) चौथी
(घ) पाँचवीं
उत्तर :
(ख) तीसरी।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

प्रश्न 3.
किसके पेट में ऐसे-ऐसे होता है ?
(क) मोहन के
(ख) सोहन के
(ग) रोहन के
(घ) राजन के
उत्तर :
(क) मोहन के ।

प्रश्न 4.
‘क्यों हो गया, दोपहर को भला चंगा गया था’ – वक्ता कौन है ?
(क) माँ
(ख) पिता जी
(ग) भाई
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) माँ।

प्रश्न 5.
मोहन पर किसने सहानुभूति दिखलाई ?
(क) माँ ने
(ख) राम ने
(ग) दीनानाथ ने
(घ) पिताजी ने
उत्तर :
(ग) दीनानाथ ने।

प्रश्न 6.
वैद्य जी ने आकर क्या देखा ?
(क) जीभ
(ख) आँख
(ग) दाँत
(घ) पेट
उत्तर :
(क) जीभ।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

प्रश्न 7.
सबसे पहले मोहन का इलाज किसने किया ?
(क) वैद्यजी
(ख) डॉक्टर जी
(ग) मास्टर जी
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) वैद्यजी।

प्रश्न 8.
वैद्य जी कितने रुपये लेकर चले गये ?
(क) पाँच रुपये
(ख) छ: रुपये
(ग) सात रुपये
(घ) दस रुपये
उत्तर :
(क) पाँच रुपये।

प्रश्न 9.
डॉक्टर साहब कितने रुपये लेकर चले गये ?
(क) पाँच्र रुपये
(ख) छ: रुपये
(ग) सात रुपये
(घ) दस रुपये
उत्तर :
(घ) दस रुपये।

प्रश्न 10.
‘डॉ० साहब कुछ समझ में नहीं आता।’ यहाँ वक्ता कौन है ?
(क) पिता
(ख) माता
(ग) वैद्यजी
(घ) मास्टर जी
उत्तर :
(क) पिता।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

प्रश्न 11.
मोहन की बीमारी सुनकर कौन आ गया ?
(क) मास्टर जी
(ख) वैद्य जी
(ग) डॉक्टर साहब
(घ) पिता जी
उत्तर :
(क) मास्टर जी।

प्रश्न 12.
‘हूँ ! शायद सवाल रह गए हैं।’ यहाँ वक्ता कौन है ?
(क) मास्टर जी
(ख) वैद्य जी
(ग) पिता जी
(घ) डॉक्टर जी
उत्तर :
(क) मास्टर जी।

प्रश्न 13.
पिता जी को किसने खूब छकाया ?
(क) मोहन ने
(ख) वैद्य ने
(ग) मास्टर ने
(घ) माँ ने
उत्तर :
(क) मोहन ने।

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1.
बीमार विद्यार्थी का नाम क्या है ?
उत्तर :
बीमार विद्यार्थी का नाम मोहन है।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

प्रश्न 2.
मोहन के पिता जी के अनुसार मोहन ने क्या खाया था ?
उत्तर :
मोहन के पिता जी के अनुसार मोहन ने एक केला और एक संतरा खाया था।

प्रश्न 3.
मोहन के पिता जी किस न० पर फोन मिलाते हैं ?
उत्तर :
मोहन के पिता जी 43332 न० पर फोन मिलाते हैं।

प्रश्न :
डॉ० के अनुसार मोहन को कौन-सी बीमारी है ?
उत्तर :
डॉं० के अनुसार मोहन को कब्ज, बदहजमी, हवा रुक जाने की बीमारी है ?

प्रश्न 4.
मोहन ने महीना भर क्या किया ?
उत्तर :
मोहन ने महीना भर मौज किया। स्कूल का काम नहीं किया।

प्रश्न :
मोहन क्या क्या खाया था ?
उत्तर :
मोहन एक केला और एक संतरा खाया था।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

प्रश्न 5.
मोहन क्या रट लगाये रहता था ?
उत्तर :
मोहन एक ही रट लगाए रहता था कि उसके पेट में ऐसे-ऐसे हो रहा है।

प्रश्न 6.
मोहन को किन चीजों से कोई लाभ नहीं हुआ ?
उत्तर :
हींग, चूरन, पिपरमेंट आदि से कोई लाभ नहीं हुआ।

प्रश्न 7.
मास्टर साहब ने मोहन से क्या कहा ?
उत्तर :
मास्टर साहब ने मोहन से कहा कि दर्द दूर हो जाएगा। कल स्कूल मत आना।

प्रश्न 8.
मास्टर जी के पूछने से मोहन ने क्या स्वीकार किया ?
उत्तर :
मोहन ने स्वीकार किया कि स्कूल का काम नहीं किया है।

प्रश्न 9.
मोहन की माँ ने मोहन के पिताजी को क्या बतलाया ?
उत्तर :
माँ ने बतलाया कि यह दर्द नहीं, स्कूल का काम न करने का डर है।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर :

प्रश्न क.
मोहन बीमारी का बहाना क्यों बनाता है ?
उत्तर :
मोहन ने महीने भर मौज-मस्ती की। स्कूल का गृहकार्य नहीं किया। आज उसे ख्याल आया। इसी डर के कारण स्कूल के काम से बचने के लिए बीमारी का बहाना बनाता है।

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प्रश्न ख.
वैद्य जी ने मोहन को कौन-कौन सी बीमारी बताई ?
उत्तर :
वैद्य जी ने बताया कि मोहन को कब्ज है, पेट साफ नहीं हुआ। मल रुक जाने से वायु बढ़ गई है।

प्रश्न ग.
मोहन की बीमारी को मास्टर साहब कैसे पकड़ लेते है ?
उत्तर :
मास्टर साहब को यह अनुभव था कि काम चोर लड़के स्कूल के काम से बचने के लिए बीमारी का बहाना बना लेते हैं। मोहन ने कुछ खाया भी नहीं था, पेट में दर्द होने का कोई कारण नहीं। मास्टर साहब ने मोहन से पूछ कर जान लिया कि उसने स्कूल का काम नहीं किया है। इसी से मोहन को बीमारी ने पकड़ लिया।

प्रश्न घ.
माँ मोहन के ऐसे-ऐसे कहने पर क्यों घबड़ा रही थी ?
उत्तर :
मोहन की दिखावटी तकलीफ को देखकर माँ ने सोचा कि यह कोई बड़ी खराब बीमारी है। इसे जरा भी कम नहीं हो रही है। हींग, चूरन, पिपरमेंट सब दे चुकी पर जरा भी आराम न हुआ। यह कोई नई बीमारी है। इसका मुँह उतर गया है। चेहरे पर हवाइयाँ उड़ रही हैं। इसीलिए माँ घबड़ा गई।

प्रश्न ड.
ऐसे कौन-कौन से बहाने होते हैं जिन्हें मास्टर जी एक ही बार में सुनकर समझ जाते हैं। कुछ ऐसे बहानों के बारे में लिखो।
उत्तर :
पेट में दर्द और सिर दर्द ऐसे बहाने हैं, जिन्हें मास्टर जी एक ही बार में सुनकर समझ जाते हैं। कुछ लड़के घरेलू काम का बहाना बनाते हैं। कुछ माता के बीमार होने, डाक्टर के यहाँ जाने का बहाना बनाते हैं।

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प्रश्न च.
‘वाह, बेटा जी वाह! तुमने तो खूब छकाया।’ कहने से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
बालक की बहाने बाजी को जान कर पिता ने मोहन पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उसने सभी को हैरान कर दिया।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :

प्रश्न :
‘ऐसे-ऐसे’ एकांकी के आधार पर मास्टर साहब की चरित्रगत विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
मास्टर साहब सच्चे अर्थों में परोपकारी, दूसरों के शुभचिन्तक तथा सज्जन थे। शिष्यों के प्रति उनके मन में गहरी सहानुभूति थी। मोहन के बारे में ऐसे-ऐसे कारण से उसके पूरे घर में कोहराम मच गया। उसकी माँ, पिताजी सभी परेशान हो गये। डाक्टर और वैद्य जी भी बुलाये गये पर उसकी बीमारी कम न हो सकी।

मोहन की बीमारी की खबर सुनकर बिना बुलाये ही मास्टर साहब स्वत: उसे देखने और संवेदना प्रकट करने के लिए आ गये। मोहन की माँ से उन्होंने मोहन के खाने-पीने के विषय में पूछ लिया। पता चला कि मोहन कुछ भी ठोस वस्तु नहीं खाया था। मास्टर साहब बड़े ही अनुभवी थे, बच्चों के मनोविज्ञान को भली-भाँति समझते थे। गृह कार्य न करने वाले बच्चे क्या-क्या बहाने बनाते हैं।

इसका भी उन्हें पूरा अंदाज था। उन्होंने मोहन की माँ से बतलाया कि शायद मोहन को न खाने का दर्द है। उसी में ऐसेऐसे होता है। मोहन की दवा वैद्य एवं डाक्टर के पास नहीं है। इसकी ऐसे-ऐसे की बीमारी को मैं जानता हूं। प्राय: मोहन जैसे लड़कों को यह हो जाती हैं। फिर उन्होंने मोहन से कहा कि डरो मत तुम्हारा दर्द अब दूर हो जाएगा। कल स्कूल मत आना । मास्टर जी ने पूछा कि स्कूल का काम उसने पूरा कर लिया है या नहीं । कुछ देर रहने के बाद मोहन ने इनकार में सिर हिला दिया।

मास्टर जी समझ गये कि सवाल इसने नहीं किया है। इस प्रकार मास्टर जी ने बता दिया कि ऐसे-ऐसे काम न करने का डर है। वास्तव में मोहन के महीना भर मौज में रहने से स्कूल का काम रह गया था। आज ख्याल आया कि डर के मारे पेट में ऐसे-ऐसे होने लगा। इसकी दवा मेरे पास है। स्कूल से मैं तुम्हें दो दिन की छुट्टी देता हूँ उसमें काम पूरा कर लेना और ऐसे-ऐसे बीमारी दूर भाग जायेगी। अतः उठकर सवाल शुरू कीजिए और खाना खा लीजिए। इस प्रकार अनुभवी मास्टर जी ने मोहन की ही नहीं सारे घर की परेशानी दूर कर दी।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

भाषा-बोध :

(क) पाँच-पाँच संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण शब्दों को चुनिए।
संज्ञा शब्द – मोहन, संतरा, घर, पिता, वायु।
सर्वनाम शब्द – मैंने, कुछ, आपकी, हमारी, आप ने।
विशेषण शब्द – भला, पाँच, नयी, खराब, अच्छा।

WBBSE Class 6 Hindi ऐसे-ऐसे Summary

जीवन-परिचय :

विष्णु प्रभाकर का जन्म 1912 ई० में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुआ था। ये प्रसिद्ध नाटककार तथा एकांकीकार हैं। इनकी प्रमुख नाटक रचनाएँ-डाक्टर, नवप्रभात, समीप, होरी आदि हैं। इनके एकांकी संग्रह-दश बजे रात, क्या वह दोषी था, प्रकाश और परछाई आदि हैं। एकांकी रचना के क्षेत्र में इनका योगदान सराहनीय है।

पाठ का सारांश – एकांकी का मुख्य पात्र आठ-नौ वर्ष का एक नटखट बालक मोहन है। वह तीसरी कक्षा में पढ़ता है। वह बेचैनी से बार-बार पेट को पकड़ता है। उसके माता-पिता उसके पास बैठे हैं। माँ बोतल लेकर पेट सेकती है। वह केवल एक केला और एक संतरा खाया था। कुछ अंट-संट नहीं खाया था। एक ही रट लगाए रहता था कि उसके पेट में ऐसे-ऐसे हो रहा है। माँ सोचने लगी कि यह ऐसे-ऐसे कोई नई बीमारी तो नहीं है। माँ ने हींग, चूरन, पिपरमेंट आदि दिया पर कोई लाभ न हुआ। दोपहर को भला चंगा था पर एकाएक न जाने क्या हो गया।

पड़ोसी दीनानाथ ने भी सहानुभूति दिखलाई। वैद्य जी को बुलाया। वैद्य जी ने आकर जीभ देखा, नाड़ी दबाया। फिर बताया कि इसे वात का प्रकोप है। कब्ज है, पेट साफ नहीं हुआ है, वैद्य जी ने दवा की पुड़िया भेज दी और आधे-आधे घंटे पर गरम पानी से देने को कहा। पाँच रुपये लेकर वैद्य जी चले गए। फिर डॉक्टर साहब आए और जीभ देखकर बोले कि कब्ज और बदहजमी है। दवा भेज रहा हूँ, एक ही खुराक से तबीयत ठीक हो जाएगी। डाक्टर साहब दस रुपये फीस लेकर चले गए।

इसी समय मोहन की बीमारी की खबर सुनकर उसके मास्टर जी आ गए। मस्टर जी ने मोहन को देखकर उसके खान-पान के विषय में पूछ कर बतलाया कि मोहन की दवा वैद्य और डॉक्टर के पास नहीं है। ऐसे-ऐसे बीमारी को मैं जानता हूँ। मोहन जैसे लड़कों को यह बीमारी अक्सर हो जाती है। मास्टर साहब ने मोहन से कहा कि दर्द दूर हो जाएगा। कल स्कूल मत आना। मास्टर जी के पूछने पर मोहन ने स्वीकार किया कि स्कूल का काम नंहीं किया है।

मास्टर साहब ने बतलाया कि ऐसे-ऐसे काम न करने का डर है। मोहन ने महीने भर मौज की। स्कूल का काम रह गया। आज ख्याल आया तो यह बीमारी हो गई। फिर मोहन से कहा कि दो दिन की तुम्हें छुट्टी मिलेगी। उसमें काम पूरा कर लेना और ऐसेऐसे दूर भाग जाएगा। उठिए सवाल कीजिए। उसी समय पिता और दीनानाथ दवा लेकर आ गए। माँ ने बतलाया कि यह दर्द नहीं, स्कूल का काम न करने का डर है। पिता जी बोले कि बच्चे ने उन्हें खूब छकाया।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions एकांकी Chapter 1 ऐसे-ऐसे

शब्दार्थ :

  • यकायक – अचानक।
  • बेशक – अवश्य।
  • बला – संकट।
  • छकाया – परेशान किया।
  • गुलजार खुशनुमा।
  • बेचैन – व्याकुल, परेशान।
  • दफ्तर – कार्यालय।
  • अंट-शंट – अनाप-शनाप।
  • बदहजमी – अपच ।
  • हवाइयाँ उड़ना – चेहरे की रौनक खत्म होना रौनक – चहलपहल।
  • मामूली – साधारण, तुच्छ ।
  • अट्टहास – तीव्र हँसी, ठहाका।
  • भला चंगा – स्वस्थ।
  • पेट में दाढ़ी होना – कम अवस्था में अधिक बुद्धिमान होना।
  • लोचा लोचा फिरे हैं – बहुत कमजोर हो गया है।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

Students should regularly practice West Bengal Board Class 7 Hindi Book Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल to reinforce their learning.

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 Question Answer – सरदार वल्लभभाई पटेल

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प का चयन कीजिए।

प्रश्न 1.
सरदार वल्लभ भाई पटेल पाठ के लेखक हैं :
(क) डॉ० जाकिर हुसैन
(ख) डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद
(ग) डॉ॰ राधा कृष्णन
(घ) डॉ॰ अवुल कलाम
उत्तर :
(ग) डॉ॰ राधा कृष्णन

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

प्रश्न 2.
आज चारों ओर किसकी काफी चर्चा रहती है?
(क) दुराचार की
(ख) भ्रष्टाचार की
(ग) अत्याचार की
(घ) व्यभिचार की
उत्तर :
(ख) भषष्टाचार की

प्रश्न 3.
स्वतंत्रा के दिनों में महात्मा गांधी के विश्वसनीय लेफ्टिनेंट थे :
(क) पं० जवाहरलाल नेहरू
(ख) सरदार वल्लभ भाई पटेल
(ग) मदन मोहन मालवीय
(घ) राजेन्र्र पसाद
उत्तर :
(ख) सरदार वल्लभ भाई पटेल

प्रश्न 4.
हमें अपने मतभेदों को क्या करके देश में पूर्ण संगठन और एकता लानी होगी?
(क) जगाकर
(ख) भुलाकर
(ग) फैलाकर
(घ) सुलाकर
उत्तर :
(ख) भुलाकर

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

प्रश्न 5.
‘सरदार वल्लभ भाई पटेल’ पाठ के लेखक हैं –
(क) डों० जाकिर हुसैन
(ख) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद
(ग) डॉ० राधाकृष्णन
(घ) डॉ० अकुल कलाम आजाद
उत्तर :
(ग) डॉं० राधाकृष्णन

प्रश्न 6.
डॉ० राधाकृष्णन् का जन्म कब हुआ ?
(क) 5 सितंबर 1888 ई०
(ख) 5 अक्टूबर 1888 ई०
(ग) 5 नवंबर 1888 ई०
(घ) 5 दिसंबर 1888 ई०
उत्तर :
(क) 5 सितंबर 1888 ई०

प्रश्न 7.
डॉ० राधाकृष्णान् का जन्म दिवस किस रूप में मनाया जाता है ?
(क) बाल दिवस
(ख) विद्यार्थी दिवस
(ग) शिक्षक दिवस
(घ) युवा दिवस
उत्तर :
(ग) शिक्षक दिवस

प्रश्न 8.
डॉ० राधाकृष्णन् के अनुसार पटेल के जीवन को निम्नलिखित किस रूप में नहीं देखा जा सकता ?
(क) क्रांतिकारी
(ख) राजनेता
(ग) प्रशासन
(घ) व्यवसायी
उत्तर :
(घ) व्यवसायी

प्रश्न 9.
लेखक ने पटेल को स्वाधीनता-पूर्व किस रूप में परिभाषित किया है ?
(क) राजनेता
(ख) प्रशासन
(ग) अनुशासित सिपाही
(घ) शिक्षाविद्
उत्तर :
(ग) अनुशासित सिपाही

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प्रश्न 10.
सरदार पटेल किस परिवार से संबंध रखते थे ?
(क) मजदूर
(ख) व्यवसायी
(ग) कृषक
(घ) राज परिवार
उत्तर :
(ग) कृषक

प्रश्न 11.
लेखक ने पटेल जी के जीवन को कितने भागों में बाँटा है ?
(क) दो.
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर :
(ख) तीन

प्रश्न 12.
पटेल जी किस परिवार से थे ?
(क) राज परिवार
(ख) कृषक परिवार
(ग) गरीब परिवार
(घ) धनी परिवार
उत्तर :
(ख) कृषक परिवार

प्रश्न 13.
पूर्व में किन देशों ने सबसे अधिक प्रगति की है ?
(क) चौन-जापान
(ख) ब्रिटेन-फ्रांस
(ग) उत्तर कोरिया एवं दक्षिण कोरिया
(घ) अमेरिका-नीदरलैण्ड
उत्तर :
(क) चीन-जापान

प्रश्न 14.
राजेन्द्र बाबू कौन-सी नगरपालिका के अध्यक्ष थे ?
(क) इलाहाबाद
(ख) पटना
(ग) अहमदाबाद
(घ) बनारस
उत्तर :
(ख) पटना

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –

प्रश्न 1.
सरदार वल्लभ भाई पटेल कौन थे?
उत्तर :
सरदार वल्लभ भाई पटेल स्वतंत्रता के निर्माताओं में से एक थे। भारत स्वतंत्र होने पर वे भारत के गृहमंत्री बने।

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प्रश्न 2.
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कैसे परिवार में जन्म लिया था?
उत्तर :
सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कृषक परिवार में जन्म लिया था।

प्रश्न 3.
पटेल किसके आदेशों का पालन करते थे?
उत्तर :
पटेल अपने नेता महात्मा गांधी के आदेशों का पालन करते थे।

प्रश्न 4.
सबसे पहले और सबसे ऊपर हमें अपने आपको क्या मानना चाहिए।
उत्तर :
सबसे पहले और सबसे ऊपर हमें अपने आपको भारतीय मानना चाहिए।

प्रश्न 5.
पटेल के जीवन को हम कितने भागों में देख सकते हैं?
उत्तर :
पटेल के जीवन को हम तीन भागों में देख सकते हैं- एक क्रांतिकारी, एक राजनेता और एक प्रशासक।

प्रश्न 6.
पटेल के कार्यों का सबसे महत्वपूर्ण भाग किस रूप में था?
उत्तर :
पटैल के कार्यों का सबसे महत्वपूर्ण भाग राजनेता के रूप में था।

प्रश्न 7.
नेहरू जी ने पटेल जी के बारे में क्या कहा था?
उत्तर :
नेहरूजी ने पटेल जी के बारे में कहा था – पटेल भारतीय एकता के संस्थापक थे। समझाने की अपनी शक्ति, राजनयिक दक्षता और राजनैतिक चातुर्य से वह देश में प्रशासनिक एकता लाने में सफल हुए, जो सबल भारत के निर्माण के लिए आवश्यक आधार है।

प्रश्न 8.
डॉ० राधाकृष्णन् का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?
उत्तर :
डॉ० राधाकृष्णन् का जन्म 5 सितंबर 1888 ई० को तमिलनाडू के तिरुत्तणी नामक स्थान पर हुआ था।

प्रश्न 9.
पंडित नेहरू ने सरदार पटेल के विषय में क्या कहा था ?
उत्तर :
पंडित नेहरू ने सरदार पटेल को भारतीय एकता का संस्थापक कहा था।

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प्रश्न 10.
आज भी हमारे सार्वजनिक जीवन पर क्या छाए हुए है ?
उत्तर :
साम्प्रदायिक भेदभाव और जातिगत तीव्र घृणा अब भी हमारे सार्वजनिक जीवन पर छाए हुए हैं।

प्रश्न 11.
आज देश को किस बात की सबसे अधिक आवश्यकता है ?
उत्तर :
आज देश के पूर्ण एकीकरण करने की सबसे अधिक आवश्यकता है।

प्रश्न 12.
लंदन टाइम्स ने पटेल जी के बारे में क्या कहा ?
उत्तर :
“यह सरदार पटेल की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसकी तुलना अधिक नहीं तो कम से कम बिस्मार्क से की जा सकती है।”

प्रश्न 13.
हमारा देश निरंतर कैसे प्रगति करेगा ?
उत्तर :
यदि हम सरदार वल्लभ भाई पटेल के गुणों को याद रखें तो देश निरंतर प्रगति करेगा।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
राज्यों के एकीकरण के लिए पटेल ने क्या किया?
उत्तर :
राज्यों के एकीकरण के लिए पटेल स्वतंत्रता की प्राप्ति के तत्काल बाद दो वर्षो में अपनी सूझबूझ और लोगों को समझाने की शक्ति से 500 छोटे-छोटे राज्यों को भारत के संघ में मिला दिया। यह प्राशसनिक एकता भारत के निर्माण के लिए आवश्यक आधार है।

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प्रश्न 2.
एक प्रशासक के रूप में पटेल के कार्यों का परिचय दीजिए।
उत्तर :
प्रशासक रूप में जब गुजरात में बाढ़ आई, पटेलजी ने बारदौली आन्दोलन संगठित किया। उन्होंने उन सभी क्षेत्रों में जहाँ-जहाँ कार्य किया अपनी संगठन क्षमता दिखलाई। वे अहमदाबाद नगरपालिका के अध्यक्ष थे और उन्होंने उसे आधुनिक बनाया।

प्रश्न 3.
सरदार पटेल के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
सरदार पटेल ने सदा अनुशासन में कार्यं किया। राष्ट्र के हितों को अपने हितों से ऊपर रखा। वे बहुत कम बोलते थे। उनमें स्पष्टवादिता, दृढ़ता और दूरदर्शिता थी। किसानों के हित में उनकी गहरी रचि थी। वे साहसी, देशभक्त तथा कुशल प्रशासक थे। उनमें समझाने की अपनी शक्ति, राजनयिक दक्षता तथा राजनैतिक चातुर्य था। उनमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, आज्ञापालन, साहस तथा अपने प्राण उत्सर्ग करने की तत्परता थी। उनमें जनसेवा और त्याग की भावना थी।

प्रश्न 4.
एक राजनेता के रूप में पटेल के महत्त्व का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
पटेल के कार्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग राजनेता के रूप में था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होने अपनी सूझबूझ और लोगों को समझाने की शक्ति से 500 छोटे-छोटे राज्यों को भारतीय संघ में मिला दिया। वे भरतीय एकता के संस्थापक थे। वे देश में प्रशासनिक एकता लाने में सफल हुए। यह कार्य भारत के निर्माण के लिए आवश्यक था। अपनी राजनैतिक दक्षता से वे पशासनिक एकता लाने में सफल हुए। यह एकीकरण आज भी हमारा उद्देश्य है। पटेल की यह उपलब्चि ऐतिहासिक उपलब्धि है।

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प्रश्न 5.
निर्देशानुसार उत्तर दीजिए –

(क) यह वह कार्य है जो आज भी किया जाना शेष है।

प्रश्न 1.
प्रस्तुत पंक्ति के लेखक का नाम लिखिए।
उत्तर :
प्स्तुत पंक्ति के लेखक का नाम डा॰ राधाकृष्णन है।

प्रश्न 2.
कौन-सा कार्य किया जाना शेष है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सरदार पटेल ने महात्मा गाँधी के नेतृत्व में जो आन्दोलन चलाया वे संबंधित स्थानीय लोगों को एकत्र करने के उद्देश्य से चलाए जाते थे ताकि वे संगठित हो सके और उनका उद्देश्य एक हो सके, जिससे वे जाति और संपदाय के मतभेदों को भुलाकर एक होकर कार्य करें। यही कार्य है जो आज भी किया जाना शेष है।

(ख) ‘यह एक ऐसा एकीकरण है जो आज भी हमारा उद्देश्य है।’

प्रश्न 1.
यह पंक्ति किस पाठ से उद्दृत है?
उत्तर :
यह पंक्ति सरदार वल्लभ भाई पटेल पाठ से उद्धूत है।

प्रश्न 2.
एकीकरण का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
एकीकरण का तात्वर्य है भारत के सभी राज्यों को एक में मिलाकर भारतीय संघ में सम्मिलित करना। पटेल ने 500 राज्यों का एकीकरण कर उन्हें भारतीय संघ में सम्मिलित किया।

प्रश्न 3.
हमारा उद्देश्य क्या है ? उद्देश्य कैसे पूर्ण होगा?
उत्तर :
हमारा उद्देश्य है कि राज्यों का जो एकीकरण सरदार पटेल ने आरंभ क्रिया था वह तब तक जारी रहना चाहिए जब तक हम सब अनुभव न करें कि हम एक राष्ट्र हैं। सार्वजनिक जीवन में जाति या धर्म को नहीं आने देना चाहिए। देश की हित के लिए समझना चाहिए कि हम सब भारतीय हैं।

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(ग) ‘वह हमारी हार्दिक आशा है कि देश को इस प्रकार की दिशा मिले।’

प्रश्न 1.
यह किसका कथन है?
उत्तर :
यह कथन डॉ॰ राधाकृष्णन का है।

प्रश्न 2.
वक्ता देश को कैसी दिशा मिलने की आशा प्रकट करता है?
उत्तर :
भारत के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना और अपने देश के युवक-युवतियों को सही दृष्टिकोण प्रदान करना साथ ही अपने पड़ोसियों से गहरा संबंध बनाना वक्ता का उद्देश्य है और इसी प्रकार की दिशा मिलने की आशा वह प्रकट करता है।

भाषा-बोध

1. निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग एवं मूल शब्द पृथक् कीजिए :

  • अनुशासित — अनु + शासित
  • सबल — स + बल
  • अपव्यय — अप + व्यय
  • सुनिश्चित — सु + निश्चित

2. निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय पृथक कीजिए :

  • क्रांतिकारी — क्रांति + कारी
  • साम्पदायिक — सम्पद्राय + इक
  • आध्यात्मिक — आध्यात्म + इक
  • मानसिक — मन (मानस) + इक
  • इच्छाओं — इच्छा + ओं

3. विलोम शब्द लिखिए :

  • भिन्न – अभिन्न
  • अनुकूल – प्रतिकूल
  • एकता- अनेकता
  • धर्म – अधर्म
  • उत्थान – पतन
  • नैतिक-अनैतिक

WBBSE Class 7 Hindi सरदार वल्लभभाई पटेल Summary

जीवन-परिचाय

डॉ० राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर 1888 ई० को तिरुत्तणी (तमिलनाडु) नामक स्थान में हुआ था। आप 21 वर्ष की आयु में चेन्नई के प्रेसीडेन्सी कालेज में अध्यापक नियुक्त हुए थे। आपने कलकत्ता विश्वविद्यालय में भी दर्शन साहित्य का अध्यापन किया था। आप उच्चकोटि के चिन्तक, विचारक एवं लेखक थे। ‘द हिन्दू व्यू ऑफ’, ‘कल्की,’ गौतम दी बुद्ध’, ‘पूर्वी एवं पश्चिमी विचार’ आदि आपकी प्रसिद्ध पुस्तके हैं। आप महान शिक्षाविद एवं राष्ट्र नेता थे। आपको देशरत्न की उपाधि से विभूषित किया गया। आपका निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 ई० में हुआ।

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पाठ का सारांश :

सरदार पटेल स्वतंत्रता के निर्माताओं में से एक थे। प्रस्तुत लेख में डॉ० राधा कृष्णन ने उनके व्यक्तित्त्व एवं कृतित्त्व का सटीक चित्रांकन किया है। पटेल के जीवन को हम तीन भागों में देख सकते हैं। एक क्रांतिकारी, एक राजनेता और एक प्रशासक। स्वतंत्रता से पूर्व वे एक अनुशासित सिपाही थे जो अपने नेता महात्मा गाँधी के आदेश का पालन करते थे। जो भी कार्य उन्होंने किया महात्मा गाँधी की इच्छाओं के अनुकूल किया। बोरसद, बारदोली और स्वतंग्रता की अनेक लड़ाइयों में उन्होंने अपने को सबसे आगे रखा। वे बहुत कम बोलते थे, उनमें स्पष्टवादिता, दृढ़ता और दूरदर्शिता थी, वे कृषक परिवार के थे और उन्होंने किसानों के हितों में गहरी रुचि ली।

उनके कार्य का सबसे महत्वपूर्ण भाग राजनेता के रूप में था। स्वतंत्रता की प्राप्ति के तत्काल बाद दो वर्षों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और लोगों को समझाने की शक्ति से 500 छोटे-छोटे राज्यों को भारतीय संघ में मिला दिया।

जैसा कि प्रधानमंत्री नेहरू ने कहा था- पटेल भारतीय एकता के संस्थापक थे। समझाने की अपनी शक्ति, राजनयिक दक्षता और राजनैतिक चातुर्य से वह देश में प्रशासनिक एकता लाने में सफल हुए। जो सबल भारत के निर्माण के लिए आवश्यक आधार है। देश के विभिन्न भागों को देखिए – जहाँ साम्पदायिक भेदभाव और जातिगत तीव घृणा अब भी हमारे सार्वजनिक जीवन पर छाई हुई है। सबसे पहले और सबसे ऊपर हमें अपने को भारतीय मानना चाहिए।

सरदार पटेल की उपलब्धि के बारे में लंदन के एक दैनिक की टिप्पणी याद आती है- ‘.यह सरदार पटेल की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसकी तुलना अधिक नहीं तो कम से कम बिस्मार्क से की जा सकती है, जब उनकी मृत्यु हुई तो लंदन टाइम्स ने यही उनके बारे में कहा।

वे एक साहसी देशभक्त और प्रशासन में महान सूझूूझ वाले व्यक्ति थे, मुझे याद है कि उस समय हमारे तीन महान नेता तीन विभिन्न नगरपालिकाओं के एक ही समय में अध्यक्ष थे। राजेन्द्र बाबू पटना नगरपालिका के अध्यक्ष थे। हमारे प्रधानमंत्री इलाहाबाद नगरपालिका के और सरदार पटेल अहमदाबाद नगरपालिका के अध्यक्ष थे। इनका कहना था कि हमें अपने मतभेदों को भुलाकर, देश में पूर्ण संगठन और एकता लानी होगी। हमें अपने सामने मानवता के जीवन अंश के रूप में महान भारत के विचार को रखना होगा।

प्रशासक के रूप में जब गुजरात में बाढ़ आयी, उन्होंने बारदौली आंदोलन संगठित किया। उन्होंने उन सभी क्षेत्रों में जहाँ-जहाँ कार्य किया, अपनी संगठन क्षमता दिखलाई । वे अहमदाबाद नगरपालिका के अध्यक्ष थे और उन्होंने उसे आधुनिकतम बनाया। जब तक हम गरीबी के राक्षस को, जो अंतत: जातिगत और संपदायगत मतभेदों के कारण नहीं मिटाते और जब तक हम भूख, बेरोजगारी और बीमारी को नहीं कम कर पाते, तब तक अपने लोगों के जीवन स्तर को ऊँचा नहीं उठा पायेंगे।

सरदार पटेल का जीवन हमें आधुनिक भारत के महान निर्माताओं के आत्मत्याग की याद दिलाता है। उनकी कर्त्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, आज्ञापालन, उनका साहस और अपने प्राण उत्सर्ग करने और कुछ उनके गुण हैं , जिनको आदर्श मानकर हमें सीखना चाहिए स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दिनों में वे महात्मा गाँधी के विश्वसनीय लेफ्टिनेंट थे। गाँधीजी का प्रत्येक शब्द उनके लिए कानून था और उनके मार्ग दर्शन में उन्होंने बोरसद और बारदौली में सिविल असहयोग आन्दोलन चलाया।

WBBSE Class 7 Hindi Solutions Chapter 2 सरदार वल्लभभाई पटेल

महाराजा ग्वालियर ने जो उनके पुनर्गठन के निर्णय से प्रभावित हुए थे – स्वयं सरदार पटेल की दूरदर्शिता और कार्य की सराहना की थी। वे क्रोधित होते थे लेकिन उन्होंने शायद ही कभी अपना मानसिक संतुलन खोया हो। वे दंभी नंहीं थे। उनमें अतीत से अटूट लगाव था। जीवन को अतीत के परिवेश में समझना चाहिए और भविष्य की ओर जीना चाहिए। हमें अतीत से चिपके नहीं रहना चाहिए। राजनीति में और जीवन में भी हमें अतीत को लेकर दु:खी नहीं होना चाहिए।

आवश्यक यह है कि आदर्शों से हम जुड़े रहें और क्रांति के मूल सिद्धांतों को न छोड़ें।
अनुशासित आज्ञाकारिता के माध्यम से सरदार पटेल ने स्वतंत्रता का उदाहरण सामने रखा।
सरदार पटेल के रूप में हमारे पास एक साहसी क्रांतिकारी, विद्वान, राजनेता और आदर्श प्रशासक था। यदि हम सरदार वल्लभ भाई पटेल के इन गुणों को याद रखें तो देश निरतंतर प्रगति करेगा। मुझे आशा है कि उनके ये गुण हमें भविष्य में प्रेरणा देते रहेंगे।

शब्दार्थ :

  • उत्थान – उन्नति
  • उपलब्धि – प्राप्ति
  • प्रगति – उत्थान, विकास
  • आर्थिक – धन संबंधी
  • तबाही – बरबादी, नाश
  • धुरी – मुख्य, प्रधान
  • प्रेरणा – चेष्टा, सक्रियता
  • सामान्यत: – साधारण तौर पर
  • दृष्टिकोण – विचार, नजरिया
  • कृषक – किसान
  • दक्षता – कुशलता
  • अपनत्व – अपनापन
  • सराहना – प्रशंसा
  • निरतर – लगातार, सदा

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

Students should regularly practice West Bengal Board Class 6 Hindi Book Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं to reinforce their learning.

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 Question Answer – गूदड़ साईं

वस्तुनिष्ठ प्रश्न :

प्रश्न 1.
साईं को कौन पुकार रहा था ?
(क) लेखक
(ख) मोहन
(ग) 10 वर्ष का बालक
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) मोहन

प्रश्न 2.
मोहन के पिता थे –
(क) वेदांती
(ख) अघोरी
(ग) आर्य समाजी
(घ) नास्तिक
उत्तर :
(ग) आर्य समाजी

प्रश्न 3.
गुदड़ी के लाल किसे कहा गया है ?
(क) मोहन को
(ख) 10 वर्ष के बालक को
(ग) साई को
(घ) आर्य समाजी को
उत्तर :
(ग) साई को।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

प्रश्न 4.
गूदड़ साईं क्या था ?
(क) वैरागी
(ख) कामायनी
(ग) प्रसिद्ध
(घ) लालची
उत्तर :
(क) वैरागी।

प्रश्न 5.
गूदड़ साईं क्या खाकर तृप्ति का अनुभव करता था ?
(क) फल
(ख) साग-रोटी
(ग) दूध-रोटी
(घ) सब्जी-चावल
उत्तर :
(ख) साग-रोटी।

प्रश्न 6.
मोहन कितने वर्ष का था?
(क) पाँच वर्ष
(ख) दस वर्ष
(ग) आठ वर्ष
(घ) नौ वर्ष
उत्तर :
(ग) आठ वर्ष।

प्रश्न 7.
साईं को पीछे से किसने आवाज लगाई ?
(क) पिताजी
(ख) मोहन
(ग) बच्चे
(घ) लेखक
उत्तर :
(ख) मोहन।

प्रश्न 8.
कौन अचानक गुदड़ छीनकर भागने लगा ?
(क) मोहन
(ख) एक लड़का
(ग) पिताजी
(घ) लेखक
उत्तर :
(ख) एक लड़का।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

प्रश्न 9.
किस वजह से साईं ने मोहन के द्वार पर आना छोड़ दिया ?
(क) पीटने के
(ख) डांटने के
(ग) चिल्लाने के
(घ) गुस्से के
उत्तर :
(ख) डांटने के।

लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1.
मोहन को साई से क्यों लगाव था ?
उत्तर :
मोहन साईं को गरीब और भिखमंगा समझता था। साईं बड़े ही प्यार तथा आत्मीयता से मोहन से बातें किया करता था। बच्चे स्नेह तथा प्यार के बर्ताव को समझते हैं। इसीलिए मोहन को साईं से लगाव था।

प्रश्न 2.
साईं की अक्षय तृप्ति का क्या कारण था ?
उत्तर :
बालक मोहन साई को साग-रोटी दे देता तथा साई के मुख पर पवित्र मित्रता का भाव झलकने लगता था। बड़े. चाव से उसे खाता था और मोहन के द्वारा दी हुई एक रोटी उसकी अक्षय तृप्ति का कारण हो जाती थी।

प्रश्न 3.
मोहन के पिता क्यों नाराज हो गए ?
उत्तर :
मोहन के पिता इन फकीरों को ढोंगी समझते थे। इसलिए वे मोहन को साई के साथ बात करना और उसे रोटी देते देखकर नाराज हो गए।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

प्रश्न 4.
मोहन के पिता के आश्चर्यचकित होने के क्या कारण थे ?
उत्तर :
जिस नटखट लड़के ने साई का चीथड़ खींचकर भागने की चेष्टा की थी, उसे मोहन के पिता ने पकड़ लिया। लोग उसे मारने-पीटने लगे। साई उस लड़के को छुड़ाने लगा और उस लड़के को रोता देख स्वयं रोने लगा। साई ने कहा कि मेरे चीथड़ को छीन कर रामरूप भगवान प्रसन्न होते हैं। फिर वह उस बच्चे के गले में प्यार से बाँहे डालकर चल दिया। साई के इस व्यवहार को देखकर मोहन के पिता आश्चर्यचकित हो गए।

प्रश्न 5.
साईं क्यों रोने लगा ?
उत्तर :
साई का गूदड़ छीनकर भागने वाले लड़के की लोगों न पिटाई कर दी जिससे लड़का रोने लगा। उस लड़के को रोते देखकर साई भी रोने लगा।

प्रश्न 6.
गूदड़ के साईं कीन चीजों से दूर थे ?
उत्तर :
गूदड़ के साई माया, मोह से दूर था।

प्रश्न 7.
मोहन के पिताजी को मोहन के किसका साथ पसन्द नहीं था ?
उत्तर :
मोहन के आर्यसमाजी पिता को मोहन और साई का साथ पसन्द नहीं था।

प्रश्न 8.
साई की आँखों में आंसू क्यों आ गये ?
उत्तर :
लड़का को पीटता देख साई की आँखों में आँसू आ गये ।

प्रश्न 9.
लड़के ने किस ख्याल से गूदड़ छीनकर भागने लगा ?
उत्तर :
लड़के ने चिढ़ाने के ख्याल से गूदड़ छीनकर भागने लगा ।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

प्रश्न 10.
मोहन के घर साईं के न जाने के क्या कारण थे ?
उत्तर :
मोहन के घर साई के न जाने के कारण मोहन के पिता की नाराजगी थी।

प्रश्न 11.
क्या बात मोहन के पिता को जँच गई ?
उत्तर :
भगवान लड़के के रूप में प्रतिदिन गूदड़ छीनते हैं और मैं वापस ले लेता हूँ। इससे ईश्वर की लीला चलती रहती है। यह बात मोहन के पिता को जँच गई।

बोधमूलक प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1. क.
साई का स्वभाव कैसा था ?
उत्तर :
साई संसार के माया-मोह से विरक्त था। इसमें क्रोध, अहंकार बिल्कुल नहीं था। वह बच्चों को भगवान का ही रूप मानता था। इसलिए उसके दिल में बच्चे के प्रति प्यार तथा ममत्व का भाव था। किसी के डाँटने या तिरस्कार करने का उस पर कोई असर नहीं पड़ता था। वह सदा स्वच्छ पवित्र मन तथा विचार का फकीर था। उसमें सहानुभूति की भावना थी। अहंकार करने वालों से भी वह प्यार का बर्ताव करता था।

प्रश्न ख.
मोहन से रोटी मिलने के बाद साई क्या सोचता ?
उत्तर :
मोहन से रोटी मिलने के बाद साई के मुख पर पवित्र मैद्री का भाव झलकता था। वह स्वयं एक बालक के समान अभिमान, प्रशंसा तथा उलाहना की सोच एवं विचार के साथ रोटी खाकर संतुष्ट हो जाता थां

प्रश्न ग.
कई दिनों के बाद लौटने के पश्चात् साईं मोहन के घर की ओर क्यों नहीं गया ?
उत्तर :
मोहन के पिता ने साई के सामने ही मोहन को डाँटा और कहा कि वह इन लोगों के साथ बातें न किया करे। वे आर्य समाजी थे और इन फकीरों को ढोंगी समझते थे। यही समझकर साई मोहन के घर की ओर नहीं गया।

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प्रश्न घ.
साईं ने चीथड़े छीनकर भागनेवाले लड़के को मारने से क्यों रोका ?
उत्तर :
साई बच्चों को भगवान का स्वरूप मानता था। उसका विचार था कि चीथड़े को छीनकर बच्चे प्रसन्न होते हैं। वह बच्चों से छिनवाने के लिए उनके मनोविनोद के लिए बच्चों से चिथड़े को लड़कर छीन लेता था। भागने वाले लड़के को वह भगवान का रूप मानता था। इसलिए लड़के को मारने से रोका।

प्रश्न 2.
निर्देशानुसार उत्तर दीजिए :
(क) बाबा मेरे पास दूसरी कौन ……….. प्रसन्न करता।
(i) पाठ व रचनाकार का नाम लिखिए।
उत्तर :
प्रस्तुत अवतरण ‘गूदड़ साई’ पाठ से उद्धुत है। इसके लेखक श्री जयंशकर प्रसाद है।

(ii) राम रूप किसे कहा गया है ?
उत्तर :
राम रूप बच्चों के लिए कहा गया है।

(iii) उक्त पंक्ति की व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
साई सिर फटने पर भी न रोया, पर लड़के को रोते देख कर वह रोने लगा। मोहन के पिता ने उससे पूछा कि यही लड़का चिथड़ा छीन कर भाग रहा था, तब तुम चिथड़े के लिए उसके पीछे क्यों दौड़े। उनके प्रश्न का उत्तर देते हुए साई कहने लगा कि उसके पास इस चीथड़े के अतिरिक्त कोई भी वस्तु नहीं है। इसलिए इस चीथड़े को देकर ही बच्चों को प्रसन्न बनाता हूँ। ये बच्चे ही राम रूप भगवान हैं।

(ख) ‘पर चीथड़े पर भगवान ही दया करते हैं।’
(i) उक्त पंक्ति के वक्ता व श्रोता का नाम लिखें।
उत्तर :
उक्त पंक्ति के वक्ता गूदड़ साईं व श्रोता मोहन के पिता हैं।

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(ii) उक्त पंक्ति की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर :
साई मोहन के पिता से कहने लगा कि सोने के कीमती खिलौने को उचक्के, ठग, चोर छीन कर भागते हैं। इस चिथड़े पर उनकी नजर नहीं जाती, क्योंकि चिथड़े पर भगवान ही कृपा करते हैं। भगवान बालक के रूप में चिथड़े को छीनते हैं।

प्रश्न 3.
मोहन के पिता के स्वभाव में हुए परिवर्तन को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर :
मोहन के पिता पहले गूदड़ साई को ढोंगी, भिखमंगा फकीर समझते थे। इसलिए उसे महत्त्व नहीं देते थे। उससे नफरत का भाव रखते थे। जब उन्होंने देखा कि साई चीथड़ छीन कर भागने वाले लड़के पर दया दिखलाता है। लड़के को मारने वाले लोगों को मना करने लगता है, उसे रोता देख कर स्वयं रोने लगता है। बालक के आँसू पोंछ कर मित्र के समान उसके साथ चल देता है। यह देखकर उनका स्वभाव बदल गया। वे साई को ढोंगी नहीं बल्कि गुदड़ी का लाल समझने लगे।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :

प्रश्न 1.
‘गूदड़ साई’ सचमुच गुदड़ी का लाल था। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
गूदड़ साईं सच्चे अर्थों में फकीर था। वह बच्चों में ईश्वर का ही प्रतिबिम्ब देखा करता था। उसके पास न कोई सम्पत्ति थी, न उसकी कोई बड़ी-बड़ी इच्छाएँ थीं । साई प्रेम का भूखा कोई था। वह मोहन के घर बड़े पवित्र भाव से सागरोटी खाता था और मोहन से बड़े भाव से बातें भी किया करता था। 10 वर्ष के बालक के समान अभिमान, सराहना और उलाहना के आदान-प्रदान के बाद मोहन की दी हुई एक रोटी बड़े चाव से खाता था। मोहन के पिता के बिगड़ने के कारण वह बालक मोहन के घर की ओर नहीं गया, पर मोहन के कहने पर साईं सारे मान-अपमान को भूलकर पुन: मोहन के घर जाने को तत्पर हो उठा।

एक दिन एक लड़का साई का गूदड़ खींच कर भागा। गूदड़ लेने के लिए साईं उसके पीछे दौड़, चौराहे तक दौड़तेदौड़ते उसे ठोकर लगी और वह गिर पड़ा। सिर से खून बहने लगा। गूदड़ लेकर भागने वाला लड़का डर से वहीं ठिठक गया। इस सारी घटना को देखकर मोहन के पिता ने उस लड़के को पकड़ लिया। दूसरे हाथ से साईं को पकड़ कर उठाया।

नटखट लड़के के सिर पर चपत पड़ने लगे । यह देख साई उठकर खड़ा हो गया, साई ने उसे मारने से मना किया और कहा कि इसे चोट आती होगी। फिर वह लड़के को छुड़ाने लगा। मोहन के पिता ने साई से पूछा कि वे चीथड़ के लिये उसके पीछे क्यों दौड़ रहे थे। सिर फटने पर भी साई को रुलाई नहीं आयी किन्तु उस लड़के को रोते देखकर रोने लगे। मोहन के पिता से साईं ने कहा कि मेरे पास कोई दूसरी वस्तु तो है नहीं, जिसे देकर इस राम रूप भगवान को प्रसन्न कर सके।

फिर साईं ने कहा कि इस गूदड़ को लेकर भगवान भागते हैं और मैं उनसे लड़कर छीन लेता हूँ फिर उन्हीं से छिनवाने के लिए गूदड़ रखता हूँ। जिनसे उनका मनोविनोद हो सके। इन गूदड़ों पर तो भगवान भी दया करते हैं। इतना कहकर बालक का मुँह पोंछते हुए मित्र के समान गलबांही डाले हुए चल दिए। मोहन के पिता ने आश्चर्य से कहा कि यह गूदड़ साई केवल गूदड़ ही नहीं बल्कि गूदड़ी का लाल है। इस प्रकार गूदड़ साईं अपने अनोखे स्वभाव के कारण मानअपमान से परे रहने का कारण खिंझाने वाले को भी मित्र समझने के कारण गुदड़ी का लाल था।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

भाषा-बोध :

1. पर्यायवाची शब्द लिखें :

अभिमान – घमंड, दर्प, गर्व
फकीर – भिक्षुक, भिखारी, याचक
आँख – नयन, नेत्र, चक्षु
प्रसन्न – खुश, आनंदित, हर्षित
भगवान – ईश्वर, प्रभु, जगदीश

2. तद्भव तत्सम शब्द लिखें –

तद्भव – तत्सम
साई – स्वामी
आठ – अष्ट
बरस – वर्ष
आँख – अक्षि
मुँह – मुख
सोना – स्वर्ण

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

3. लिंग निर्णय कीजिए –

रोटी – स्त्रिलिंग
बैरागी – पुल्लिंग
अभिमान – पुल्लिंग
चीथड़ – पुल्लिंग
आश्चर्य – पुल्लिंग

WBBSE Class 6 Hindi गूदड़ साईं Summary

जीवन-परिचय :

जयशंकर प्रसाद का जन्म सन् 1889 ई॰ में वाराणसी के एक प्रसिद्ध वैश्य कुल में हुआ था। सातवीं कक्षा तक ही इन्हें क्विन्स कालेज से शिक्षा मिली। घर पर ही रह कर प्रसाद ने संस्कृत तथा अंग्रेजी, इतिहास, पुराण, दर्शन का अध्ययन किया। सन् 1936 में इनकी इह लीला समाप्त हो गई। प्रसाद अपने युग के सबसे बड़े पौरुषवान कवि थे। इनकी प्रमुख काव्य रचनाएँ – कामायनी, आँसू, झरना, लहर तथा नाटक – स्कन्दगुप्त, अजातशत्रु, चन्द्रगुप्त, धुवस्वामिनी, कहानी – संग्रह – आकाशदीप, छाया, प्रतिध्वनि आदि हैं।

कहानी का सारांश – गूदड़ साई एक बैरागी था। वह माया, मोह से दूर था। कुछ दिनों से वह दोपहर को 8 वर्ष के बालक मोहन के घर जाता था और उससे बाते किया करता था। मोहन पिता की नजर बचाकर माँ से माँग कर सागरोटी उसे खाने के लिए दे दिया करता था। गूदड़ साईं बड़ेप्रेम से खाकर तृष्ति का अनुभव करता था। एक दिन कट्टर आर्य समाजी मोहन के पिता यह देखकर मोहन को डाँटे कि वह ऐसे लोगों के साथ बातें न करे। साई हँस पड़ा और वहाँ से चल पड़ा।

उसके बाद कई दिन साई मोहन के मकान की ओर न गया। एक दिन पढ़कर लौटते समय मोहन ने देखकर साई को पुकारा और वह लौट पड़ा। मोहन ने इनसे कहा कि वे आया करें। रोटी खाया करें। कल जरूर आइए। इस बीच एक लड़का साई का गूदड़ खींच कर भागा। गूदड़ लेने के लिए साई उसके पीछे दौड़ा। दौड़ते समय गिर पड़ा। सिर से खून बहने लगा । खिझाने के लिए गूदड़ लेकर भागने वाले लड़के को मोहन के पिता ने पकड़ लिया। दूसरे हाथ से साई को उठाया।

साई ने उस लड़के को न मारने की प्रार्थना की। लड़के को रोता देख स्वयं रोने लगा। उसने कहा इस चीथड़े को भगवान लेकर भागते हैं और मैं लड़कर उनसे छीन लेता हूँ । चीथड़ों पर भगवान ही दया करते हैं। ‘रामरूप’ भगवान को प्रसन्न करने के लिए मेरे पास दूसरी कौन वस्तु है। इतना कहकर बालक का मुँह पोंछते हुए साई चला गया। मोहन के पिता ने कहा कि गूदड़ साई सचमुच गुदड़ी का लाल है।

WBBSE Class 6 Hindi Solutions Chapter 8 गूदड़ साईं

शब्दार्थ :

  • अक्षय = क्षय रहित।
  • मनोविनोद = मन का आनंद।
  • यत्न = प्रयास।
  • बैरागी = विरक्त, उदासीन।
  • कटृर = कठोर ।
  • सराहना = प्रशंसा ।
  • गूदड़ = फटा चिथड़ा-कपड़ा।
  • उलाहना = शिकायत।
  • ओझल = ओट, गायब।
  • मुहल्ला = शहर का एक हिस्सा।
  • ढोंगी = पाखंडी।
  • तृप्ति = संतुष्टि।
  • नटखट = चंचल, उपद्रवी।
  • उचक्के = ठग।
  • गलबाही = गले में प्रेम से बाँह डालना।
  • गुदड़ी के लाल = गरीबी में गुणवान।