WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 3 धरातल पर किसी स्थान की स्थिति का निर्धारण

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धरातल पर किसी स्थान की स्थिति का निर्धारण Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
किसी स्थान एवं उसके प्रतिपाद स्थान के बीच के समय का अन्तर रहता है- –
(a) 24 घण्टे
(b) 48 घण्टे
(c) 12 घण्टे
(d) 0 घण्टे
उत्तर :
(c) 12 घण्टे

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प्रश्न 2.
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा का देशान्तर है-
(a) 180° पूर्व
(b) 180° पध्रिम
(c) 180°
(d) 0°
उत्तर :
(c) 180°

प्रश्न 3.
भूमध्यरेखा का अक्षांश है-
(a) 0°
(b) 22 \(\frac{1}{2^0}\) उ०
(c) 23 \(\frac{1}{2^0}\)द。
(d) 90° उ०
उत्तर :
(a) 0°

प्रश्न 4.
अक्षांश रेखाओं की कुल संख्या है-
(a) 360
(b) 180
(c) 90
(d) 181
उत्तर :
(b) 180

प्रश्न 5.
कोलकाता का देशान्तर है-
(a) 881\(\frac{1}{8^0}\)E
(b) 90° E
(c) 90\(\frac{1}{8^0}\)E
(d) 91 \(\frac{1}{8^0}\)E
उत्तर :
(a) 881\(\frac{1}{8^0}\)E

प्रश्न 6.
कोणिक दूरी को किससे मापते हैं-
(a) डिग्री में
(b) लम्बाई में
(c) सेमी० में
(d) ईंच में
उत्तर :
(a) डिग्री में

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प्रश्न 7.
कर्क रेखा से तात्पर्य है-
(a) 23 1/2° दक्षिणी अक्षांश
(b) 66 1/2° दक्षिणी अक्षांश
(c) 23 1/2° उत्तरी अक्षांश
(d) 66 1/2° उत्तरी अक्षांश
उत्तर :
(c) 23 1/2° उत्तरी अक्षांश

प्रश्न 8.
मकर रेखा से तात्पर्य है-
(a) 23 \(\frac{1}{2^0}\) उत्तरी अक्षांश
(b) 23 \(\frac{1}{2^0}\) दक्षिणी अक्षांश
(c) 66 \(\frac{1}{2^0}\) उत्तरी अक्षांश
(c) 66 \(\frac{1}{2^0}\) व दक्षेणी अक्षांश
उत्तर :
(b) 23 \(\frac{1}{2^0}\) दक्षिणी अक्षांश

प्रश्न 9.
सेक्सटेण्ट के द्वारा निर्धारित किया जाता है-
(a) देशान्तर
(b) अक्षांश
(c) ऊँचाई
(d) कोणिक दूरी
उत्तर :
(b) अक्षांश

प्रश्न 10.
महानवृत्त किसे कहते हैं ?
(a) 0° देशान्तर को
(b) 180° देशान्तर को
(c) 90° अक्षांश को
(d) 0° अक्षांश को
उत्तर :
(d) 0° अक्षांश को

प्रश्न 11.
प्रधान मध्याह्न रेखा का देशान्तर है-
(a) 90° E देशान्तर
(b) 180° देशान्तर
(c) 60° W देशान्तर
(d) 0° देशान्तर
उत्तर :
(d) 0° देशान्तर

प्रश्न 12.
भारत की प्रमाणिक देशान्तर रेखा है-
(a) 82° 30′E देशान्तर
(b) 88° 30′E देशान्तर
(c) 180° देशान्तर
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) 82° 30′E देशान्तर

प्रश्न 13.
उष्ण कटिबन्य का अक्षांश क्या है –
(a) 0° से 25°
(b) 0° से 27°
(c) 0° से 27 %°
(d) 0° से 23 1/2°
उत्तर :
(d) 0° से 23 1/2°

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प्रश्न 14.
भूमध्यरेखीय वृत्त से 23 1/2° उत्तरी अक्षांश पर खींचे गये वृत्त को कहते हैं –
(a) मकर रेखा
(b) कर्क रेखा
(c) उत्तरी घुव वृत्त
(d) दक्षिणी ध्रुव वृत्त
उत्तर :
(b) कर्क रेखा

प्रश्न 15.
सर्वाधिक मान वाली मध्याह्न रेखा का मान कितना है ?
(a) 160°
(b) 170°
(c) 175°
(d) 180°
उत्तर :
(d) 180°

प्रश्न 16.
कर्क रेखा का अक्षांश है-
(a) 90° दक्षिण
(b) 23 1/2° दक्षिण
(c) 66 1/2° उत्तर
(d) 23 1/2° उत्तर
उत्तर :
(c) 66 1/2° उत्तर

प्रश्न 17.
दक्षिणी धुव वृत्त का अक्षांश है-
(a) 90° द०
(b) 66 1/2° द०
(c) 66 1/2° उ०
(d) 90° उ०
उत्तर :
(b) 66 1/2° द०

प्रश्न 18.
उच्च अक्षांश है-
(a) 0° से 40° अक्षांश
(b) 30° से 60° अक्षांश
(c) 20° से 30° अक्षांश
(d) 60° से 90° अक्षांश
उत्तर :
(a) 0° से 40° अक्षांश

प्रश्न 19.
मुख्य अक्षांश रेखा का मान है-
(a) 0°
(b) 180°
(c) 360°
(d) 90°
उत्तर :
(a) 0°

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प्रश्न 20.
दो अक्षांश रेखाओं के मध्य की दूरी है-
(a) 90 कि०मी०
(b) 111 कि०मी०
(c) 211 कि॰मी०
(d) 100 कि॰मी०
उत्तर :
(b) 111 कि०मी०

प्रश्न 21.
G.M.T. क्या है-
(a) 0° देशान्तर
(b) 0° अक्षांश
(c) 90° अक्षांश
(d) 180° देशान्तर
उत्तर :
(a) 0° देशान्तर

प्रश्न 22.
मुम्बई का अक्षांश है-
(a) 22°N
(b) 18°.55°N
(c) 36°S
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) 18°.55°N

प्रश्न 23.
भौगोलिक ग्रिड है-
(a) अक्षाश देशान्तर रेखाओं का जाल
(b) अक्षांश रेखाओं की संख्या
(c) देशान्तर रेखाओं की संख्या
(d) अक्षांश एवं देशान्तर की उपयोगिता
उत्तर :
(a) अक्षांश देशान्तर रेखाओं का जाल

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प्रश्न 24.
अधिवर्ष में दिनों की कुल संख्या होती है-
(a) 365 दिन
(b) 35 \(\frac{1}{4}\) दिन
(c) 366 दिन
(d) 180 दिन
उत्तर :
(c) 366 दिन

प्रश्न 25.
देशान्तर रेखाओं की संख्या कितनी है?
(a) 350
(b) 360
(c) 370
(d) 380
उत्तर :
(b) 360

प्रश्न 26.
दो देशान्तरों के मध्य का समय कितने मिनट का होता है ?
(a) 3 मिनट का
(b) 4 मिनट का
(c) 5 मिनट का
(d) 6 मिनट का
उत्तर :
(b) 4 मिनट का

प्रश्न 27.
किस रेखा को स्थल से दूर रखा गया है-
(a) भूमध्य रेखा को
(b) कर्क रेखा को
(c) मकर रेखा को
(d) अन्तरांष्ट्रीय तिथि रेखा को
उत्तर :
(d) अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को

प्रश्न 28.
1° देशान्तर पर समय का अन्तर रहता है-
(a) 5 मिनट
(b) 6 मिनट
(c) 4 मिनट
(d) 2 मिनट
उत्तर :
(c) 4 मिनट

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प्रश्न 29.
भारत की प्रमाणिक देशान्तर रेखा है-
(a) 82 1/2° पूर्व
(b) 82 1/2° पश्चिम
(c) 0°
(d) 180°
उत्तर :
(a) 82 1/2° पूर्व

प्रश्न 30.
180° देशान्तर पर स्थित किसी स्थान का प्रतिपाद स्थान स्थित होगा-
(a) 88 1/2° पूर्वी देशान्तर पर
(b) 88 1/2° पश्चिमी देशान्तर पर
(c) 0° देशान्तर पर
(d) 90° पूर्वी देशान्तर पर
उत्तर :
(c) 0° देशान्तर पर

प्रश्न 31.
प्रत्येक समय कटिबन्य में देशान्तरों का अन्तर होता है-
(a) 15°
(b) 20°
(c) 25°
(d) 30°
उत्तर :
(a) 15°

प्रश्न 32.
कर्क एवं मकर रेखाओं के बीच का क्षेत्र कहलाता है-
(a) समशीतोष्ण कटिबन्थ
(b) उष्ण कटिबन्थ
(c) शीत कटिबन्ध
(d) उष्ण मरूस्थलीय कटिबन्ध
उत्तर :
(b) उष्ण कटिबन्थ

प्रश्न 33.
मुख्य मध्याह्न रेखा गुजरती है-
(a) ग्रीनविच से होकर
(b) इलाहाबाद से होकर
(c) ग्रीनफिल्ड से होकर
(d) ग्रीनशायर से होकर
उत्तर :
(a) ग्रीनविच से होकर

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प्रश्न 34.
निम्नलिखित में कौन-सा कथन देशान्तर रेखाओं के सम्बन्ध में सत्य है-
(a) देशान्तर रेखाएँ वृत्ताकार होती हैं।
(b) देशान्तर रेखाएँ आपस में समानान्तर होती हैं।
(c) देशान्तर रेखाओं की कुल संख्या 180 है।
(d) देशान्तर रेखाओं की लंबाई समान होती है।
उत्तर :
(d) देशान्तर रेखाओं की लंबाई समान होती हैं।

प्रश्न 35.
किसी स्थान की जलवायु का अनुमान लगाया जा सकता है-
(a) अक्षांश रेखाओं की सहायता से।
(b) देशान्तर रेखाओं की सहायता से।
(c) अन्तरांट्ट्रीय तिथि रेखा की सहायता से।
(d) मुख्य मध्याह्न रेखा की सहायता से।
उत्तर :
(a) अक्षांश रेखाओं की सहायता से।

प्रश्न 36.
क्रोनोमीटर वह घड़ी है जो-
(a) ग्रोनविच समय (G.M.T.) को बताती है।
(b) भारतीय प्रमाणिक समय (I.S.T.) को बताती है।
(c) भूमध्यरेखा के समय को बताती है।
(d) अन्तर्राष्ट्रोय तिथि रेखा के समय को बताती है।
उत्तर :
(a) ग्रीनविच समय (G.M.T.) को बताती है।

प्रश्न 37.
अन्तर्राष्ट्रीय तिधि रेखा किस देशान्तर से खींची मानी जाती है ?
(a) 360°
(b) 180°
(c) 90° पूर्वीं देशान्तर
(d) 90° पूर्वी अक्षांश
Ans.
(b) 180°

प्रश्न 38.
किसे महान वृत्त कहा जाता है –
(a) कर्के रेखा
(b) मकर रेखा
(c) भूमध्य रेखा
(d) अण्टार्कटिका वृत्त
उत्तर :
(c) भूमध्य रेखा

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प्रश्न 39.
मुख्य मध्यानह रेखा –
(a) मीनविच
(b) इलाहाबाद
(c) जापान
(d) न्यूजीलैण्ड से होकर गुजरती है
उत्तर :
(a) म्रीरविच

प्रश्न 40.
भूमध्य रेखा का अक्षांश है
(a) 0°
(b) 23 1/2° N
(c) 23 1/2° S
(d) 90°
उत्तर :
(a) 0°

प्रश्न 41.
मुख्य मध्यान्ह रेखा का देशान्तर है –
(a) 0°
(b) 180°
(c) 360°
(d) 180°पूर्व
उत्तर :
(a) 0°

प्रश्न 42.
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा का देशान्तर है –
(a) प्रशान्त महासागर
(b) हिन्द महासागर
(c) अंध महासागर
(d) लंदन
उत्तर :
(a) प्रशान्त महासागर

प्रश्न 43.
अक्षाशश में परिवर्तन से परिवर्तन होता है –
(a) तापमान में
(b) दिन और रात
(c) तापमान एवं समय दोनों में
(d) दोनों में से किसी में भी नहीं
उत्तर :
(c) तापमान एवं समय दोनो में

प्रश्न 44.
भारतीय प्रमाणिक समय ग्रीनविच के समय से
(a) अधिक है
(b) कम है
(c) समान है
(d) इनमें से कोई भी नहीं
उत्तर :
(a) अधिक है

प्रश्न 45.
देशान्तर में परिवर्तन से परिवर्तन होता है –
(a) समय
(b) तापमान
(c) लम्बाई
(d) सभी
उत्तर :
(a) समय

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प्रश्न 46.
भारत का प्रमाणिक देशान्तर है –
(a) 88 1/2°N
(b) 88 1/2°E
(c) 82 1/2°N
(d) 82 1/2°E
उत्तर :
(d) 82 1/2°E

प्रश्न 47.
कौन-सा वृत्त सबसे बड़ा वृत्त है –
(a) भूमध्य रेखा
(b) कर्क रेखा
(c) मकर रेखा
(d) आर्कटिक वृत्त
उत्तर :
(d) आर्कटिक वृत्त

प्रश्न 48.
किसी स्थान और उसमें प्रतिपाद स्थान के समय में अन्तर होता है –
(a) 12 घण्टा
(b) 24 घण्टा
(c) 12 घण्टा 30 मिनट
(d) 6 घण्टा
उत्तर :
(a) 12 घण्टा

प्रश्न 49.
सर्वोच्च अक्षांश का मान है –
(a) 0°
(b) 90°
(c) 0 से 180°
(d) 360°
उत्तर :
(c) 0 से 180°

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प्रश्न 50.
अक्षांश (Latitude) कहते हैं-
(a) विषुवत रेखा से कोणिक दूरी को
(b) मध्याह्न रेखा से पूर्व और पथ्रिम कोणिक दूरी को
(c) विषुवत् रेखा से उत्तर और दक्षिण काल्पनिक वृत्त को
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) विषुवत रेखा से कोणिक दूरी को

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. भूमध्य रेखा के उत्तर या दक्षिण किसी स्थान विशेष की कोणिक दूरी को _________ कहते हैं।
उत्तर : अक्षांश।

2. भूमध्य रेखीय वृत्त से उत्तरी अक्षांश पर खींचे गये वृत्त को _________कहते हैं।
उत्तर : कर्क रेखा ।

3. 21 जून को कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें _________पड़ती है।
उत्तर : लम्बवत् ।

4. अक्षांश रेखाओं से दिन-रात की _________का ज्ञान होता है।
उत्तर : लम्बाई ।

5. भू-मध्य रेखा का अक्षांश _________है।
उत्तर : 0°

6. देशान्तर रेखा _________होते हैं।
उत्तर : अर्द्ध वृत्त।

7. _________को महानवृत्त कहा जाता है।
उत्तर : भूमध्यरेखा या विषुवत रेखा।

8. 881 1/2° की देशान्तर रेखा को भारत का देशान्तर माना जाता है।
उत्तर : प्रमाणिक देशान्तर।

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9. 23 \(\frac{1^{\circ}}{2}\) दक्षिणी अशांक्ष रेखा _________को कहते हैं।
उत्तर : मकर रेखा।

10. विषुवत रेखा के उत्तर पृथ्वी के आधे भाग को _________कहते हैं।
उत्तर : उत्तरी गोलार्द्ध।

11. विषुवत रेखा के दक्षिण के अक्षांशों को _________अक्षांश कहते हैं।
उत्तर : दक्षिणी ।

12. देशान्तर रेखाओं की सहायता से किसी स्थान के _________को ज्ञात किया जा सकता है।
उत्तर : समय।

13. 1° अक्षांश पार करने में _________की दूरी का अन्तर पड़ता है।
उत्तर : 111 किमी० ।

14. देशान्तर रेखाओं की संख्या _________है।
उत्तर : 360°

15. एक देशान्तर को पार करने में _________का समय लगता है।
उत्तर : 4 मिनट ।

16. सभी देशान्तर रेखाएँ पर _________आपस में मिल जाती है।
उत्तर : धुवो।

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17. ग्लोब पर अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं के जाल को _________कहते हैं।
उत्तर : मिड्ड या पृथ्वो जाल।

18. _________पर देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी सर्वाधिक रहती है।
उत्तर : विषुवत रेखा।

19. स्थानीय समय को भी _________कहते हैं।
उत्तर : सौर समय।

20. सम्पूर्ण विश्व को _________समय कटिबन्धों में बाँटा गया है।
उत्तर : 24

21. भारत का प्रामाणिक का समय ग्रीनविच के समय से _________घण्टा आगे है।
उत्तर : 5 \(\frac{1}{2}\) घंटा या 5 घंटा 30 मिनट ।

22. गोलाकार या वक्र सतह पर _________ से दूरी मापी जाती है।
उत्तर : कोणिक दूरी ।

23. कोणिक दूरी को में _________मापते हैं।
उत्तर : डिग्री ।

25. भू-मध्य रेखा के उत्तर की कोणात्मक दूरी को _________कहते हैं।
उत्तर : उत्तरी अक्षांश ।

26. भू-मध्य रेखा के दक्षिण की कोणात्मक दूरी को _________कहते हैं।
उत्तर : दक्षिणी अक्षांश ।

27. अक्षांश रेखा को भी _________कहते हैं।
उत्तर : समानान्तर रेखा ।

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28. सभी अक्षांश रेखाएँ _________होती हैं।
उत्तर : पूर्ण वृत्त ।

29. _________और_________ के बाहर सूर्य की किरणें कभी भी लम्बवत् नहीं पड़ती हैं।
उत्तर : कर्क रेखा, मकर रेखा ।

30. _________और_________ के बाहर दिन-रात की लम्बाई 24 घण्टे से भी अधिक होती है।
उत्तर : उत्तरी धुव वृत्त, दक्षिणी धुव वृत्त ।

31. भूमध्य रेखा एवं 30° अक्षांशों के बीच के अक्षांशों को _________कहते हैं।
उत्तर : निम्न अक्षांश ।

32. 30° एवं 60° अक्षांशों के बीच के अक्षांशों को _________कहते हैं।
उत्तर : मध्य अक्षांश ।

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. कर्क और मकर रेखा का अक्षांश क्रमश: 23 1/2° N और 23 1/2° S है।
उत्तर : True

2. 0° देशान्तर को क्रोनोमीटर के रूप में जाना जाता है।
उत्तर : True

3. किसी स्थान और उसके प्रति धुव के बोच 12 घण्टे का अन्तर होता है।
उत्तर : True

4. सेक्सटैण्ट द्वारा किसी स्थान के कोणिक दूरी को नापा जाता है।
उत्तर : True

5. 66 \(\frac{1}{2}{ }^{\circ}\) दक्षिणी अक्षांश रेखा को अण्टार्कटिक वृत्त कहते हैं।
उत्तर : True

6. अक्षांश रेखाएँ आपस में समानान्तर होती हैं।
उत्तर : True

7. भूमध्य रेखा महान वृत्त कहलाता है।
उत्तर : True

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8. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा का देशान्तर 180°  है।
उत्तर : True

9. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा बेरिंग जल मरूमध्य से होकर खींची गयी है।
उत्तर : True

10. देशान्तर रेखाएँ वृत्ताकार होती हैं।
उत्तर : False

11. मुख्य मध्याह्ल रेखा पृथ्वी को उत्तरी एवं दक्षिणी दो गोलार्द्धों में विभाजित करती है।
उत्तर : True

12. दो अक्षांशों के बीच दूरी 111 किमी० होती है।
उत्तर : True

13. अक्षांश और देशान्तर रेखाओं के जाल को पृथ्वी का ग्रिड कहते हैं।
उत्तर : True

14. 0° अक्षांश को महान वृत्त कहा जाता है।
उत्तर : True

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15. 82° 30‘ E देशान्तर को भारत का प्रामाणिक समय जाना जाता है।
उत्तर : True

16. 0° अक्षांश को पृथ्वी का प्रकाश वृत्त कहते हैं।
उत्तर : True

17. पृथ्वी सूर्य के चारों ओर 365 दिन 5 घण्टा 48 मिनट और 46 सेकेण्ड में एक चक्कर लगाती है।
उत्तर : True

18. विषुवत् रेखा पर सूर्य की किरणें वर्ष भर लम्बवत् चमकती हैं।
उत्तर : True

19. भूमध्य वृत्त से दक्षिणी अक्षांश पर खोंचे गये वृत्त को कर्क रेखा कहते हैं।
उत्तर : False

20. 66 1/2° उत्तरी अक्षांश पर खींचे गये वृत्त को अण्टार्कटिक वृत्त कहते है।
उत्तर : False

21. पृथ्वी के दोनो गोलार्द्धों मे 60° से 90° अक्षांशों के बीच के क्षेत्र को उच्च अक्षांश कहते हैं।
उत्तर : True

22. सभी देशान्तर रेखाएँ अर्द्ध वृत्त बनाती हैं।
उत्तर : True

23. सर्वाधिक मान की मध्याह्ल रेखा का मान 170° होता है।
उत्तर : False

24. देशान्तर रेखाओं की कुल संख्या 370 है।
उत्तर : False

25. अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं के जाल की रचना को पृथ्वी का जाल कहते हैं।
उत्तर : True

26. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पृथ्वी के स्थल भाग से खींचा गया है।
उत्तर : False

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27. अक्षांश रेखाएँ ग्लोब पर पथ्चिम से पूर्व की ओर खिंची गयी है।
उत्तर : True

28. देशान्तर रेखाओं की सहायता से किसी स्थान के दिन-रात की अवचि ज्ञात की जा सकती है।
उत्तर : False

29. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा केवल समुद्री भाग से होकर गुजरती है।
उत्तर : True

30. हेडली ऑक्टेण्ट उत्तरी धुव पर लम्बवत् चमकता है।
उत्तर : False

31. संयुक्त राज्य अमेरिका को चार समय कटिबन्धों में बाँटा गया है।
उत्तर : False

32.अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पश्चिम से पूर्व पार करने पर एक दिन बढ़ जाता है।
उत्तर : True

33. बांग्लादेश का प्रमाणिक समय 90° पूर्व है।
उत्तर : True

34. भारत का प्रमाणिक समय 82° 30′ E है।
उत्तर : True

35. सभी मध्याह्न रेखायें लम्बाई में समान हैं, लेकिन वे एक दूसरे के समानान्तर नहीं हैं।
उत्तर : True

36. क्रोनोमीटर एक घड़ी है जो सदैव ग्रीनविच का समय बताती है।
उत्तर : True

37. देशान्तर रेखा के सभी स्थानों पर सूर्योदय और सूर्यास्त एक ही समय में होता है।
उत्तर : False

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38. प्रधान देशान्तर रेखा पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध में बाँटती है।
उत्तर : False

39. एक स्थान और उसके प्रतिपाद के देशान्तर में 180° का अन्तर होता है।
उत्तर : True

40. भूमध्यरेखा का अक्षांश 0° है।
उत्तर : True

41. स्थानीय समय का निर्धरण अक्षांश रेखाओं के आधार पर होता है।
उत्तर : False

42. कोलकाता का देशान्तर 88° 30′E है।
उत्तर : True

43. 0° अक्षांश (भूमध्यरेखा) पर बनने वाला वृत्त वृहद वृत्त होता है।
उत्तर : True

44. प्रधान देशान्तर का प्रतिपाद 180° देशान्तर है।
उत्तर : True

45. 60° पूर्वी देशान्तर का प्रतिपाद 120°W है।
उत्तर : True

46. 10° उत्तरी अक्षांश का प्रतिपाद 10° दक्षिणी अक्षांश है।
उत्तर : True

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48. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा प्राय: जल समूह से होकर गुजरती है।
उत्तर : True

49. अक्षांश एक रेखा है।
उत्तर : False

50. अक्षांश रेखाएँ वास्तविक हैं।
उत्तर : False

स्तम्भ ‘क’ को स्तम्भ ‘ख’ से सुमेलित कीजिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) अक्षांश रेखा की विशेषता (क) अक्षांश रेखा है।
(ii) विषुवत रेखा एक (ख) 66 1/2° त्तरी अक्षांश
(iii) शीतोष्ण कटिबध (ग) 23 1/2° से 66 1°
(iv) उत्तरी धुव वृत्त (घ) अक्षांश का मान ज्यों-ज्यों बढ़ता है, उन अक्षांश रेखाओं की परिधि छोटी होती जाती है।

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) अक्षांश रेखा की विशेषता (घ) अक्षांश का मान ज्यों-ज्यों बढ़ता है, उन अक्षांश रेखाओं की परिधि छोटी होती जाती है।
(ii) विषुवत रेखा एक (क) अक्षांश रेखा है।
(iii) शीतोष्ण कटिबध (ग) 23 1/2° से 66 1°
(iv) उत्तरी धुव वृत्त (ख) 66 1/2° त्तरी अक्षांश

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 3 धरातल पर किसी स्थान की स्थिति का निर्धारण

प्रश्न 2.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) विषुवत रेखा से किसी स्थान की कोणात्मक दूरी (क) विषुवत रेखा
(ii) मुख्य मध्याह्न रेखा से किसी स्थान की कोणात्मक दूरी (ख) 180° देशान्तर रेखा
(iii) अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (ग) कर्क रेखा एवं मकर रेखा की बीच का क्षेत्र
(v) महान वृत्त (घ) देशान्तर
(ङ) अक्षांश

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) विषुवत रेखा से किसी स्थान की कोणात्मक दूरी (ङ) अक्षांश
(ii) मुख्य मध्याह्न रेखा से किसी स्थान की कोणात्मक दूरी (घ) देशान्तर
(iii) अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (ख) 180° देशान्तर रेखा
(v) महान वृत्त (ग) कर्क रेखा एवं मकर रेखा की बीच का क्षेत्र
(v) महान वृत्त (क) विषुवत रेखा

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

Well structured WBBSE 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ can serve as a valuable review tool before exams.

पृथ्वी की गतियाँ Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
कर्क रेखा पर सूर्य लम्बवत् चमकता है-
(a) 22 जुलाई को
(b) 31 मार्च को
(c) 21 जून को
(d) 22 दिसम्बर को
उत्तर :
(c) 21 जून को

प्रश्न 2.
मकर रेखा पर सूर्य लम्ब्रवत् चमकता है-
(a) 22 दिसम्बर को
(b) 31 मार्च को
(c) 23 जून को
(d) 22 दिसम्बर को
उत्तर :
(a) 22 दिसम्बर को

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 3.
पृथ्वी सूर्य का चक्कर कितने दिनों में लगाती है?
(a) 365 दिन
(b) 367 दिन
(c) 368 दिन
(d) 370 दिन
उत्तर :
(a) 365 दिन

प्रश्न 4.
सूर्य की परिक्रमा में किस ग्रह को सबसे अधिक समय लगता है?
(a) बुध
(b) शुक्र.
(c) शनि
(d) वरुण
उत्तर :
(d) वरुण

प्रश्न 5.
पृथ्वी को अपना एक परिभमण या आवर्तन पूरा करने में लगता है-
(a) लगभग 24 घंटे
(b) लगभग 25 घंटे
(c) लगभग 22 घंटे
(d) लगभग 24 \(\frac{1}{2}\) घंटे
उत्तर :
(a) लगभग 24 घंटे

प्रश्न 6.
सूर्योदय के ठीक पहले के समय को कहते हैं-
(a) मध्यरात्रि
(b) दोपहर
(c) गोधूलि
(d) भोर
उत्तर :
(d) भोर

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 7.
पृथ्वी की परिभ्भमण दिशा है –
(a) पूर्व से पश्चिम
(b) पश्चिम से पूर्व
(c) उत्तर से दक्षिण
(d) दक्षिण से उत्तर
उत्तर :
(b) पश्चिम से पूर्व

प्रश्न 8.
किसे वार्षिक गति भी कहा जाता है –
(a) परिभ्रमण
(b) परिक्रमण
(c) दैनिक गति
(d) लम्बवत् संचलन
उत्तर :
(b) परिक्रमण

प्रश्न 9.
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर किस दिशा में घूर्णन करती है ?
(a) उत्तर से दक्षिण
(b) पूर्व से पध्विम
(c) पश्चिम से पूर्व
(d) दक्षिण से उत्तर
उत्तर :
(c) पथ्विम से पूर्व

प्रश्न 10.
पृथ्वी सूर्य के चारों ओर किस दिशा में चक्कर लगाती है?
(a) दक्षिणावर्त
(b) वामावर्त
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) वामावर्त

प्रश्न 11.
सूर्य की परिक्रमा में किस ग्रह को सबसे कम समय लगता है?
(a) बुष
(b) शुक्र
(c) शनि
(d) वरुण
उत्तर :
(a) बुध

प्रश्न 12.
ऊँचाई से गिरने वाली वस्तु का तिरछा गिरना क्या प्रमाणित करता है?
(a) पृथ्वी की दैनिक गति
(b) पृथ्वी की वार्षिक गति
(c) ॠतु परिवर्तन
(d) सूर्य की वार्षिक आपात गति
उत्तर :
(a) पृथ्वी की दैनिक गति

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 13.
पृथ्वी के परिभ्रमण की गति सबसे अधिक है-
(a) मकर रेखा पर
(b) विधुवत रेखा पर
(c) आर्कटिक वृत्त पर
(d) कर्क रेखा पर
उत्तर :
(b) विषुवत रेखा पर

प्रश्न 14.
पृथ्वी की अक्ष रेखा अपने कक्ष तल पर झुकी हुई है-
(a) 66 1/2°
(b) 23 1/2°
(c) 45°
(d) 90°
उत्तर :
(a) 66 1/2°

प्रश्न 15.
किस तिथि को सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लम्बवत चमकती है।
(a) 23 सितम्बर
(b) 21 मार्च
(c) 21 जून
(d) 22 दिसम्बर
उत्तर :
(c) 21 जून

प्रश्न 16.
उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे लम्बा दिन होता हैं-
(a) 21 जून
(b) 22 दिसम्बर
(c) 21 मार्च
(d) 23 सितम्बर
उत्तर :
(a) 21 जून

प्रश्न 17.
पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी है-
(a) 66 1/2°
(b) 23 1/2°
(c) 180°
(d) 90°
उत्तर :
(b) 23 1/2°

प्रश्न 18.
एक नाटिकल मील की दूरी बराबर होती है-
(a) 1° अक्षांश
(b) 23 1/2° अक्षांश
(c) 15° अक्षांश
(d) 60° अक्षाश
उत्तर :
(a) 1° अक्षांश

प्रश्न 19.
बुय कितने दिन में सूर्य की परिक्रमा करता है?
(a) 300 दिन
(b) 400 दिन
(c) 88 दिन
(d) 100 दिन
उत्तर :
(c) 88 दिन

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 20.
अधिवर्ष कितने दिन का होता है?
(a) 365 दिन
(b) 366 दिन
(c) 367 दिन
(d) 368 दिन
उत्तर :
(b) 366 दिन

प्रश्न 21.
उत्तरी धुव वृत्त का अक्षांश है –
(a) 66 1/2° N
(b) 66 1/2° S
(c) 66 1/2° E
(d) 66 1/2° W
उत्तर :
(a) 66 1/2° N

प्रश्न 22.
मकर रेखा पर सूर्य की किरणें लम्बवत् चमकती है –
(a) 21 जून
(b) 22 दिसम्बर
(c) 23 सिम्बर
(d) 21 मार्च
उत्तर :
(b) 22 दिसम्बर

प्रश्न 23.
पृथ्वी के भूमध्यरेखीय व्यास की लम्बाई है-
(a) 12757 km
(b) 17714 km
(c) 12714 km
(d) 6300 km
उत्तर :
(a) 12757 km

प्रश्न 24.
पृथ्वी की उपसौर स्थिति होती है-
(a) 1 जून
(b) 4 जुलाई
(c) 3 जनवरी
(d) 28 फरबरी
उत्तर :
(b) 4 जुलाई

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 25.
लीप ईयर (अधिवर्ष) में कुल दिन होते हैं-
(a) 365 दिन
(b) 360 दिन
(c) 352 दिन
(d) 366 दिन
उत्तर :
(d) 366 दिन

प्रश्न 26.
पृथ्वी पर ज्वार-भाटा आने का मुख्य कारण है-
(a) पृथ्वी की वार्षिक गति
(b) दैनिक गति
(c) दोनों ही
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) दैनिक गति

प्रश्न 27.
अपसौर की स्थिति 4 जुलाई को होती है और सूर्य एवं पृथ्वी के बीच की दूरी होती है-
(a) 14 करोड़ कि.मी.
(b) 14.73 करोड़ कि.मी.
(c) 15.2 करोड़ कि.मी.
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) 15.2 करोड़ कि.मी.

प्रश्न 28.
भूमध्यरेखा पर पृथ्वी की गति है-
(a) 1630 km/ hr
(b) 1650 km/hr
(c) 1700 km/hr
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) 1630 km/hr

प्रश्न 29.
पृथ्वी की गति कोलकाता पर है –
(a) 1700 km/hr
(b) 1730 km/hr
(c) कोई नही
(d) 1670 km/hr
उत्तर :
(d) 1670 km/hr

प्रश्न 30.
उत्तरी गोलार्द्ध में हवाएँ किस ओर विक्षेपित हो जाती हैं?
(a) दाँयी ओर
(b) बाँयी ओर
(c) ऊपर की ओर
(d) कुछ नहीं होता
उत्तर :
(a) दाँयी ओर

प्रश्न 31.
सूर्य किस तिथि को भूमध्य रेखा पर चमकता है?
(a) 21 जून
(b) 21 मार्च
(c) 22 दिसम्बर
(d) 25 दिसम्बर
उत्तर :
(a) 21 जून

प्रश्न 32.
पृथ्वी को परिभ्रमण में कितना समय लगता है?
(a) 24 घण्टा लगभग
(b) 25 घण्टा लगभग
(c) 27 घण्टा लगभग
(d) 28 घण्टा लगभग
उत्तर :
(a) 24 घण्टा लगभग

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 33.
वर्ष भर दिन-रात की लम्बाईं बराबर रहती है-
(a) कर्क रेखा पर
(b) मकर रेखा पर
(c) विषुवतं रेखा पर
(d) अण्टार्कटिक वृत्त पर
उत्तर :
(c) विषुवत रेखा पर

प्रश्न 34.
यदि पृथ्वी अपने अक्ष पर लम्बवत् रहती तो-
(a) सम्पूर्ण पृथ्वी पर दिन-रात की अवंषि समान रहती।
(b) उत्तरी गोलार्द्ध में दिन बड़े एवं राते छोटी होती।
(c) दक्षिणी गोलार्द्ध में दिन बड़े एवं रातें छोटी होती।
(d) दोनों धुवों पर सदेव रात रहती।
उत्तर :
(b) उत्तरी गोलार्द्ध में दिन बड़े एवं राते छोटी होती।

प्रश्न 35.
पृथ्वी का कक्ष है-
(a) अण्डाकार
(b) वृत्ताकार
(c) वर्गाकार
(d) आयताकार
उत्तर :
(a) अण्डाकार

प्रश्न 36.
पृथ्वी के परिक्रमण की औसत गति है-
(a) 35 कि०मी०/से०
(b) 29.6 कि०मी०/से०
(c) 40 कि०मी०/से०
(d) 28.5 कि०मी०/से०
उत्तर :
(b) 29.6 कि०मी०/से०

प्रश्न 37.
पृथ्वी पर प्रकाश एवं अंधकार के क्षेत्र को अलग करने वाली रेखा या वृत्त को कहते हैं-
(a) उत्तरी धुव वृत्त
(b) दक्षिणी भुव वृत्त
(c) छाया वृत्त
(d) विषुवत वृत्त
उत्तर :
(c) छाया वृत्त

प्रश्न 38.
अधिवर्ष में एक अतिरिक्त दिन जोड़ा जाता है-
(a) फरवरी महीने में
(b) अगस्त महीने में
(c) मई महीने में
(d) नवम्बर महीने में
उत्तर :
(a) फरवरी महीने में

प्रश्न 39.
ग्रीष्म ऋतु में धुवों पर होते हैं-
(a) तीन महिने के दिन
(b) दो महिने के दिन
(c) चार महिने के दिन
(d) छ: महिने के दिन
उत्तर :
(d) छ: महिने के दिन

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प्रश्न 40.
सम्पूर्ण पृथ्वी पर दिन-रात की अवधि एक समान रहती है-
(a) विषुवत के दिन
(b) संक्रान्ति के दिन
(c) अपसौर के दिन
(d) अनूसूर्य के दिन
उत्तर :
(a) विषुवत के दिन

प्रश्न 41.
अर्द्ध रात्रि के सूर्य का देश कहते हैं-
(a) न्यूजीलैण्ड को
(b) नार्वे को
(c) चिली को
(d) डेनमार्क को
उत्तर :
(b) नार्वे को

प्रश्न 42.
21 मार्च की स्थिति को कहते हैं-
(a) बसन्त विषुव
(b) शरद विषुव
(c) कर्क संक्रांति
(d) मकर संक्रांति
उत्तर :
(a) बसन्त विषुव

प्रश्न 43.
उत्तरी धुव पर 24 घंटे की रात रहती है-
(a) 21 मार्च के दिन
(b) 23 सितम्बर के दिन
(c) 22 दिसम्बर के दिन
(d) 21 जून के दिन
उत्तर :
(c) 22 दिसम्बर के दिन

प्रश्न 44.
आस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैण्ड में क्रिसमस का त्यौहार मनाया जाता है-
(a) ग्रीष्म ॠतु में
(b) शीत ऋतु में
(c) बसंत ॠतु में .
(d) शरद ऋतु में
उत्तर :
(a) ग्रीष्म ॠतु में

प्रश्न 45.
22 दिसम्बर के दिन सबसे छोटा दिन रहता है-
(a) उत्तरी गोलार्द्ध में
(b) दक्षिणी गोलार्द्ध में
(c) विषुवत रेखा के पास
(d) दक्षिणी धुव वृत्त में
उत्तर :
(a) उत्तरी गोलार्द्ध में

प्रश्न 46.
अयन रेखा कहते हैं-
(a) कर्क एवं मकर रेखा को
(b) विषुवत रेखा को
(c) उत्तरी धुव वृत्त को
(d) दक्षिणी धुव वृत्त को
उत्तर :
(a) कर्क एवं मकर रेखा को

प्रश्न 47.
शीत संक्रान्ति का दिन है –
(a) 21 जून
(b) 22 दिसम्बर
(c) 23 सितम्बर
(d) 21 मार्च
उत्तर :
(b) 22 दिसम्बर

प्रश्न 48.
अर्द्ध रात्रि के सूर्य का देश कहा जाता है –
(a) नार्वे
(b) जापान
(c) न्यूजीलैण्ड
(d) अण्टार्कटिका
उत्तर :
(a) नार्वे

प्रश्न 49.
किस तिथि को उत्तरी गोलार्द्ध में दिन छोटे और राते बड़ी होती है।
(a) 21 जून
(b) 22 दिसम्बर
(c) 21 मार्च
(d) 23 सितम्बर
उत्तर :
(b) 22 दिसम्बर

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 50.
दिन-रात पृथ्वी की –
(a) दैनिक गति
(b) वार्षिक गति
(c) दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं के कारण होते है
उत्तर :
(a) दैनिक गति

प्रश्न 51.
अधिवर्ष में फरवरी महीना होता है –
(a) 28 दिन
(b) 29 दिन
(c) 30 दिन
(d) 31 दिन
उत्तर :
(b) 29 दिन

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. शुक्र को सूर्य का परिभ्रमण करने में ________ लगता है।
उत्तर : 255 दिन ।

2. पृथ्वी की ________गतिर्याँ होती हैं।
उत्तर : दो ।

3. पृथ्वी की वार्षिक गति को ________कहते हैं।
उत्तर : परिभ्रमण ।

4. एक नक्षत्र दिवस की लम्बाई ________होती है।
उत्तर : 23 घण्टे 56 मिनट 24 सेकेन्ड।

5. विषुवत रेखा पर पृथ्वी के आवर्तन की ग़ति ________प्रति घण्टा है।
उत्तर : 1630 कि॰मी०।

6. ग्रहीय पवनें उत्तरी गोलार्द्ध में ________ओर मुड़ जाती हैं।
उत्तर : दाहिने।

7. पृथ्वी के कक्ष की लम्बाई ________कि०मी० है।
उत्तर : 96.5 करोड़।

8. पृथ्वी की परिभ्रमण दिशा ________ से ________की ओर है।
उत्तर : पश्चिम, पूर्व

9. पृथ्वी की ________के कारण दिन रात होते है।
उत्तर : सूर्य की परिक्रमा।

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

10. ॠतु परिवर्तन का कारण पृथ्वी की ________गति है।
उत्तर : परिक्रमण।

11. दूरबीन से देखने पर स्पष्ट होता है कि सभी ग्रह ________की परिक्रमा करते हैं।
उत्तर : सूर्य ।

12. दैनिक गति के कारण ________होता है।
उत्तर : दिन-रात।

13. वार्षिक गति के कारण ________होता है।
उत्तर : ॠतु परिवर्तन।

14. अपसौर की स्थिति ________के दिन रहती है।
उत्तर : 4 जुलाई।

15. अनुसूर्य के दिन पृथ्वी एवं सूर्य के बीच की दूरी ________कि०मी० रहती है।
उत्तर : 14.7 करोड़ कि०मी०।

16. पृथ्वी ________से________ दिशा में परिभ्ममण करती है।
उत्तर : पश्चिम से पूर्व।

17. उपसौर की स्थिति ________को होती है।
उत्तर : 3 जनबरी।

18. पृथ्वी की सूर्य से सबसे अधिक दूरी ________की स्थिति में होती है।
उत्तर : 4 जुलाई ।

19. अधिवर्ष ________का होता है।
उत्तर : 366 दिन।

20. ________का ग्रह पथ अण्डाकार है।
उत्तर : प्रांक्सिमा या अल्फा सेंचुरी।

21. पृथ्वी की परिक्रमण दिशा ________से पूर्व की ओर है।
उत्तर : पश्चिम।

22. अधिवर्ष में ________महीना 29 दिनों का होता है।
उत्तर : फरवरी।

23. पृथ्वी अपने कक्ष तल पर ________झुकी हुई है।
उत्तर : 23.5°

24. पृथ्वी की अक्ष रेखा अपने कक्षतल पर का ________कोण बनता है।
उत्तर : 66 \(\frac{1^{\circ}}{2}\)

25. ________के दिन सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है।
उत्तर : 21 जून।

26. 21 जून को सूर्य की किरणें ________रेखा पर लम्बवत पड़ती है।
उत्तर : उत्तरी गोलार्द्ध पर।

27. ________को अर्द्ध रात्रि के सूर्य का देश कहा जाता है।
उत्तर : नार्वें।

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28. ________ को सूर्य की किरणें मकर रेखा पर लम्बवत् चमकती है।
उत्तर : 22 दिसम्बर।

29. ________को उत्तरी गोलार्द्ध में बसन्त ऋतु होती है 1
उत्तर : 21 मार्च (बसंत ऋतु)।

30. एक नक्षत्र दिवस की लम्बाई लगभग________ होती है।
उत्तर : 24 घण्टा ।

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. पृथ्वी का अक्ष 23 1/2° द्युका हुआ है।
उत्तर : True

2. पृथ्वी का कक्षतल अण्डाकार है।
उत्तर : True

3. शरद विषुन 21 मार्य को होता है।
उत्तर : False

4. पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण ॠतु परिवर्तन होता है।
उत्तर : False

5. सौर दिवस की लम्बाई 24 घण्टे होती है।
उत्तर : True

6. नक्षत्र दिवस की लम्बाई 23 घण्टे 56 मिनट और 4.099 सेकेण्ड है।
उत्तर : True

7. अपसौर 4 जुलाई को होता है।
उत्तर : True

8. उपसौर 3 जनवरी को होता है।
उत्तर : True

9. अधिवर्ष में फरवरी महीना 28 दिन का होता है।
उत्तर : False

10. सूर्य भूमध्य रेखा पर 21 मार्च और 23 सितम्बर को लम्बवत् चमकता है।
उत्तर : True

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

11. अलास्का मध्य रात्रि के सूर्य का देश है।
उत्तर : False

12. पृथ्वी अपने अण्डाकार पथ पर घड़ी की सूई की दिशा में घूमती हुई सूर्य का चवकर 365 दिन लगाती है।
उत्तर : False

13. अंधेरी रात में आकाश में निर्दिष्ट नक्षत्रों को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि मानो वह पक्विम से पूर्व की ओर गतिशील है।
उत्तर : False

14. विधुवतीय परिषि सर्वाधिक है और यहाँ परिभ्रमण की गति सर्वाधिक निम्न होती है।
उत्तर : False

15. पृथ्वी के अपने प्रकाश से दिन व रात होता है।
उत्तर : False

16. फेरल के नियम के अनुसार प्रचलित पबनें और समुद्री धाराएँ पृथ्वी की दैनिक ग़ति के प्रभाव से उत्तरी गोलार्द्ध में अपनी दाँयी ओर विक्षेपित हो जाती है।
उत्तर : True

17. अधिवर्ष 365 दिनों का होता है।
उत्तर : False

18. अपसौर स्थिति में पृथ्वी से सूर्य की दूरी 15 करोड़ 20 लाख कि॰मी॰ होती है।
उत्तर : True

19. 22 दिसम्बर के बाद सूर्य की लम्बवत् किरणे मकर रेखा के उत्तर बढ़ने लगती है।
उत्तर : True

20. परिभ्रमण में पृथ्वी का अक्ष 231 / 2, हुका होता है।
उत्तर : True

21. पुथ्वी के परिक्रमण को दौनिक गति भी कहते हैं।
उत्तर : False

22. धुवों पर पृथ्वी के परिभ्रमण या आवर्तन की गति लगभग शून्य है।
उत्तर : True

23. दिवस के विशिष्ट अवसरों का निर्धारण पृथ्वी के आवर्तन के कारण ही सम्भव होता है।
उत्तर : True

24. आकाशीय पिण्डों में आभासीय गति का कारण भू-आवर्तन है।
उत्तर : True

25. दक्षिणो गोलार्द्ध में ग्रहीय पवनों का विचलन दाहिने तरफ होता है।
उत्तर : False

26. पूथ्वी के अक्ष के लुकाव की दिशा बदलती रहती है।
उत्तर : True

27. 21 मार्च के दिन सम्पूर्ण पृथ्वी पर बसंत ऋतु रहती है।
उत्तर : False

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

28. 21 मार्च के बाद सूर्य उत्तरायण होने लगता है।
उत्तर : True

29. 23 सितम्बर की स्थिति को शरद विषुव कहते हैं।
उत्तर : True

30. 22 दिसम्बर के दिन उत्तरी हुव वृत्त पर 24 घण्टे का दिन होता है।
उत्तर : False

31. 21 मार्च के बाद सूर्य उत्तरायण होने लगता है।
उत्तर : True

32. परिश्रमाण गति के कारण हवाओं में विचलन होता है।
उत्तर : True

स्तम्भ ‘क’ को स्तम्भ ‘ख’ से सुमेलित कीजिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ ‘क’ स्तष्भ ‘ख’
(i) सूर्य की परिक्रमा की गति (क) मकर रेखा पर सूर्य की किरणें लम्बवत् पड़ती हैं।
(ii) 22 दिसम्बर को (ख) पृथ्वी का परिक्रमण
(iii) मौसम परिवर्तन का कारण (ग) पृथ्वी का परिभ्रमण
(iv) रात-दिन होने का कारण (घ) वार्षिक गति

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तष्भ ‘ख’
(i) सूर्य की परिक्रमा की गति (घ) वार्षिक गति
(ii) 22 दिसम्बर को (क) मकर रेखा पर सूर्य की किरणें लम्बवत् पड़ती हैं।
(iii) मौसम परिवर्तन का कारण (ग) पृथ्वी का परिभ्रमण
(iv) रात-दिन होने का कारण (ख) पृथ्वी का परिक्रमण

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 2.

स्तम्भ ‘क’ स्तष्भ ‘ख’
(i) 4 जुलाई (क) ग्रीष्म संक्रान्ति
(ii) 21 जून (ख) महाविषुव
(iii) 21 मार्च (ग) शीत संक्रान्ति
(iv) 22 दिसम्बर (घ) अधिवर्ष
(v) 366 दिनों का वर्ष (ङ) अपसौर

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तष्भ ‘ख’
(i) 4 जुलाई (ङ) अपसौर
(ii) 21 जून (क) ग्रीष्म संक्रान्ति
(iii) 21 मार्च (ख) महाविषुव
(iv) 22 दिसम्बर (ग) शीत संक्रान्ति
(v) 366 दिनों का वर्ष (घ) अधिवर्ष

 

WBBSE Class 9 Geography Solutions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

Detailed explanations in West Bengal Board Class 9 Geography Book Solutions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 9 Geography Chapter 2 Question Answer – पृथ्वी की गतियाँ

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी क्या है ?
उत्तर :
14 करोड़ 85 लाख (लगभग 15 करोड़) कि॰मी०।

प्रश्न 2.
पृथ्वी को सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने में कितना समय लगता है ?
उत्तर :
365 दिन 5 घण्टे 48 मिनट 46 सेकेण्ड अर्थात् 365 1/4 दिन।

प्रश्न 3.
पृथ्वी की किस गति के कारण दिन-रात होता है?
उत्तर :
दैनिक गति या आवर्तन के कारण।

WBBSE Class 9 Geography Solutions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 4.
किस अक्षांश रेखा पर पृथ्वी के परिभ्रमण या आवर्तन की गति सर्वाधिक है?
उत्तर :
विषुवत रेखा या भूमध्य रेखा (Equator) पर।

प्रश्न 5.
पृथ्वी की कितनी गतियाँ है?
उत्तर :
दो

प्रश्न 6.
पृथ्वी की परिश्रमण दिशा क्या है?
उत्तर :
पश्चिम से पूरब।

प्रश्न 7.
मंगल ग्रह कितने दिन में सूर्य की परिक्रमा करता है?
उत्तर :
687 दिन में।

प्रश्न 8.
कौन से दो ग्रह एक दिन में परिभ्रमण करते हैं?
उत्तर :
पृथ्वी और मंगल।

प्रश्न 9.
किस दिनांक को बसन्त विषुव कहते हैं ?
उत्तर :
21 मार्च।

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प्रश्न 10.
पृथ्वी का अक्ष अपने कक्ष तल से कितना झुका है ?
उत्तर :
6612°

प्रश्न 11.
किस बल के कारण हवाओं एवं धाराओं की दिशा में विचलन होता है?
उत्तर :
कोरियोलिस बल (Coriolis Force) या विक्षेप ढाल।

प्रश्न 12.
आकाशीय पिण्ड किस दिशा में घूमते हुए प्रतीत होते हैं?
उत्तर :
पूरब से पथ्थिम।

प्रश्न 13.
पृथ्वी की दैनिक गति में कितना समय लगता है?
उत्तर :
23 घंटे 56 मी॰ (लगभग 24 घण्टे)।

प्रश्न 14.
दिन रात पृथ्वी की किस गति के कारण होते है?
उत्तर :
दैनिक गति।

प्रश्न 15.
ॠतु परिवर्तन पृथ्वी की किस गति के कारण होते है?
उत्तर :
परिक्रमण गति।

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प्रश्न 16.
कर्क और मकर रेखा का अक्षांश कितना है ?
उत्तर :
23 \(\frac{1}{2}\)° उत्तर कर्क और 23 \(\frac{1}{2}\)° दक्षिण मकर रेखा का अक्षांश है।

प्रश्न 17.
पृथ्वी की किस गति के कारण कोरियालिस बल की उत्पत्ति होती है ?
उत्तर :
परिभ्रमण (Rotation) या घूर्णन या दैनिक गति के कारण।

प्रश्न 18.
दैनिक गति को क्या कहते हैं?
उत्तर :
आवर्तन, घूर्णन या परिभ्रमण गति (Rotation) कहते हैं।

प्रश्न 19.
ऊँचाई से गिरने वाली वस्तु किस प्रकार गिरती है?
उत्तर :
तिरछी।

प्रश्न 20.
पृथ्वी जिस मार्ग पर परिभ्रमण (Rotation) करती है उसे क्या कहते हैं?
उत्तर :
अक्ष।

प्रश्न 21.
शरद विषुव किस दिनांक को होता है?
उत्तर :
22 सितम्बर।

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प्रश्न 22.
पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास कितना है ?
उत्तर :
12757 km.

प्रश्न 23.
पृथ्वी का धुवीय व्यास कितना है ?
उत्तर :
12,714 km

प्रश्न 24.
पृथ्वी अपने अक्ष पर किस दिशा से किस दिशा की ओर घूमती है ?
उत्तर :
पश्चिम से पूरब।

प्रश्न 25.
पृथ्वी की परिभ्रमण गति किस परिधि पर सर्वाधिक होती है?
उत्तर :
भू-मध्य रेखा पर (Equator)।

प्रश्न 26.
कोरियॉलिस ने क्या पता लगाया?
उत्तर :
हवा का विचलन।

प्रश्न 27.
वार्षिक गति में पृथ्वी क्या करती है?
उत्तर :
सूर्य की परिक्रमा।

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प्रश्न 28.
कर्क रेखा का अक्षांश कितना है?
उत्तर :
23 \(\frac{1}{2}\)° उत्तर अक्षांश रेखा।

प्रश्न 29.
ऋतु परिवर्तन के लिए पृथ्वी की कौन-सी गति उत्तरदायी है?
उत्तर :
वार्षिक गति या परिक्रमण गति (Revolution)।

प्रश्न 30.
किस रेखा को विषुव रेखा-कहते हैं?
उत्तर :
0° अक्षांश रेखा या भू-मध्य रेखा को।

प्रश्न 31.
दक्षिणी गोलार्द्ध में शरद ॠतु कब तक रहती है?
उत्तर :
21 मार्च से 23 सितम्बर तक।

प्रश्न 32.
किन अक्षांश रेखाओं के बीच के भाग को उष्ण कटिबन्ध कहते हैं?
उत्तर :
23 \(\frac{1}{2}\)° उत्तरी और 23 \(\frac{1}{2}\)° दक्षिणी अक्षांश रेखा या कर्क और मकर रेखा के बीच।

प्रश्न 33.
किस तिथि को सूर्य मकर रेखा पर लम्बवत् चमकता है?
उत्तर :
22 दिसम्बर को.।

प्रश्न 34.
पृथ्वी पर सर्वन्र दिन राति की लम्बाई कब बराबर होती है?
उत्तर :
23 सितम्बर।

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प्रश्न 35.
पृथ्वी जहाँ पर कहाँ वर्ष भर दिन रात की लम्बाई बराबर होती है?
उत्तर :
उत्तरी गोलार्द्ध के विषवत रेखा पर।

प्रश्न 36.
कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें किस तिथि को लम्बवत् चमकती है।
उत्तर :
21 जून।

प्रश्न 37.
किन-किन तिथियों को सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर लम्बवत् चमकती है।
उत्तर :
21 मार्च, 23 सितम्बर।

प्रश्न 38.
22 दिसम्बर को उत्तर गोलार्द्ध में कौन सी ऋतु होती है।
उत्तर :
सर्दियों का मौसम।

प्रश्न 39.
उत्तरी गोलार्द्ध में वसन्त ऋतु कब होती है।
उत्तर :
21 मार्च।

प्रश्न 40.
ग्रहीय पवनों की दिशा में विचलन किस गति से होता है?
उत्तर :
दैनिक गति के कारण।

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प्रश्न 41.
ग्रहीय पवनों के विचलन का पता सर्वप्रथम किसने लगाया?
उत्तर :
1835 ई० में जी०जी०डी० कोरियालिस (G. G. D. Coriolis) ने।

प्रश्न 42.
24 घण्टे में कितनी बार ज्वार-भाटा आते हैं?
उत्तर :
24 घण्टे में दो बार ज्वार तथा दो बार भाटा आते हैं।

प्रश्न 43.
फोकाल्ट कहाँ के विद्वान थे?
उत्तर :
फ्रांस के।

प्रश्न 44.
फोकाल्ट ने अपना प्रयोग कहाँ किया था?
उत्तर :
पेरिस के एक गिरिजाघर में (1851ई०)।

प्रश्न 45.
पृथ्वी की आवर्तन या परिश्रमण किस दिशा में होती है?
उत्तर :
पथिम से पूर्व।

प्रश्न 46.
दक्षिणी ध्रुव के पास शीत ऋतु में रातें कितने घण्टो की होती हैं?
उत्तर :
24 घण्टों की।

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प्रश्न 47.
पृथ्वी के परिक्रमण की औसत गति कितनी है?
उत्तर :
29.6 कि॰मी॰ प्रति सेकेण्ड।

प्रश्न 48.
पृथ्वी के भू-कक्ष की लम्बाई कितनी है?
उत्तर :
96.5 करोड़ कि॰मी० लम्बी है।

प्रश्न 49.
अधिवर्ष (Leap year) कितने दिनों का होता है?
उत्तर :
366 दिनों का।

प्रश्न 50.
अधिवर्ष में फरवरी महिना कितने दिनों का हो जाता है?
उत्तर :
29 दिन का।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
बसन्त विषुव क्या है?
उत्तर :
बसंत विषुव (Vernal Equinox) :- 21 मार्च को सूर्य की किरणें पुन: विषुवत् वृत्त पर लम्बवत् पड़ने लगती है। फलस्वरूप दोनों गोलार्द्धो में पुनः दिन और रात बराबर होते हैं तथा उत्तरी गोलार्द्ध में बसंत विषुव तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में शरद ॠतु होती है। 21 मार्च की स्थिति को इत्तरी गोलार्द्ध में बसंत विषुव तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में शरद विषुव कहा जाता है।

प्रश्न 2.
शरद विषुव क्या है?
उत्तर :
शरद विषुव (Autumn Equinox) :- 23 सितम्बर को सूर्य की किरणें विषुवत वृत्त पर लम्बवत् पड़ती है। परिणामस्वरूप दोनों गोलार्द्ध के आवे भाग प्रकाशित रहते हैं। इसलिए इस तिथि को दोनों गोलार्द्ध में दिन और रात बराबर होते हैं। 23 सितम्बर को उत्तरी गोलार्द्ध में शरद त्तु होती है। 23 सितम्बर की स्थिति को शरद विषुव (Autumn Equinox) कहते हैं।

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प्रश्न 3.
पृथ्वी की कौन-कौन सी गतियाँ होती हैं तथा उन गतियों में पृथ्वी क्या कार्य करती है?
अथवा
पृथ्वी के गतियाँ का वर्णन करो।
उत्तर :
पृथ्वी की मुख्य दो गतियाँ हैं- (i) दैनिक गति, (ii) वार्षिक गति।
(i) दैनिक गति :- इसमें पृथ्वी अपने अक्ष पर 24 घण्टे में पश्चिम से पूर्व एक बार घूम जाती है।
(ii) वार्षिक गति :- इसमें पृथ्वी 365 दिन 5 घंटा 48 मिनट 46 सेकेण्ड में अण्डाकार कक्ष से होते हुए सूर्य की एक परिक्रमा पूरी कर लेती है।

प्रश्न 4.
शीत संक्रान्ति से क्या समझते हो?
उत्तर :
शीत संक्रान्ति (Winter Solstice) :- इस स्थिति में दक्षिणी धुव सूर्य के सामने झुका होता है तथा उत्तरी धुव सूर्य से दूर होता है। सूर्य की किरणें विषुवत वृत्त के दक्षिण में 23\(\frac{1}{2}\)° अर्थात मकर रेखा (Tropic of Capricorn) पर लम्बवत् फड़ती है। फलस्वरूप वहाँ दिन बड़े और रातें छोटी होती हैं। इसी दिन उत्तरी गोलार्ब में सबसे छोटा दिन व दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन होता है। अत: दक्षिणी गोलार्द्ध में इस समय ग्रीष्म ॠतु तथा उत्तरी गोलार्द्ध में शीत ॠतु होती है, जिसे शीत संक्रान्ति (Winter Solstice) कहते हैं।

प्रश्न 5.
नक्षत्र दिवस क्या है?
उत्तर :
नक्षत्र दिवस (Sideral Day) :- समय की वह अवधि है जितनी देर में कोई दूरवर्ती नक्षत्र पृथ्वी के किसी स्थान को लगातार दो बार पार करता है। एक नक्षत्र दिवस की अवधि 23 घण्टा 56 मिनट 24 सेकेण्ड होती है।

प्रश्न 6.
उपसौर बिन्दु से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
उपसौर बिन्दु :- वह बिन्दु जहाँ सूर्य की किरणें लम्बवत् पड़ती है, उसे उपसौर बिन्दु (Subsolar Point) कहते हैं। यह उपसौर बिन्दु 22 दिसम्बर से 21 जून तक मकर रेखा से कर्क रेखा की ओर बढ़ता है तथा 21 जून से 22 दिसम्बर तक कर्क रेखा से मकर रेखा की ओर लौटता है।

प्रश्न 7.
फेरल का नियम क्या है?
उत्तर :
फेरल के नियम के अनुसार धरातल पर स्वतंत्र रूप से चलनेवाली सभी गतिशील वस्तुएँ जैसे हवाएँ एवं धाराएँ पृथ्वी के दैनिक गति के प्रभाव से उत्तरी गोलार्द्ध में अपने से दाहिनी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अपने से बाँयी ओर मुड़ जाती हैं।

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प्रश्न 8.
अधिवर्ष से क्या समझते हैं?
उत्तर :
अधिवर्ष (Leap year) :- 365 दिनों का एक वर्ष माना जाता है। किन्तु प्रतिवर्ष 6 घण्टे अर्थात् 1/4 दिन का अंतर पड़ता है। इस क्रम में 4 वर्षों में 1 दिन का अंतर पड़ता है। इस अंतर को समाप्त करने के लिए प्रत्येक चौथे वर्ष के सबसे छोटे महिने फरवरी को 28 दिन की जगह 29 दिन का कर देते हैं। इसे अधिवर्ष कहा जाता है। यह वर्ष 4 से विभाजित हो जाता है।

प्रश्न 9.
ऋतु परिवर्तन किसे कहते हैं?
उत्तर :
ॠतु परिवर्तन का मूल आधार ताप है। पृथ्वी को ताप सूर्य से प्राप्त होता है। अतः पृथ्वी के किसी भी भाग में वर्ष के जिस भाग में सूर्य से अधिक ताप प्राप्त होता है, तब वहां गर्मी का ॠतु एवं जब कम ताप प्राप्त होता है तब जाड़े की ॠतु होती है।

प्रश्न 10.
गुरुत्वाकर्षण का नियम क्या है?
उत्तर :
गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त :- न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त (Law of gravity) के अनुसार जो वस्तु जितना विशाल होगा, उसका गुरुत्वाकर्षण बल भी उतना ही अधिक होगा। चूँक पृथ्वी से सूर्य 13 लाख गुणा बड़ा है, अत: सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी की तुलना में अधिक होगा। इसी कारण पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है, सूर्य पृथ्वी का नहीं।

प्रश्न 11.
छाया वृत्त या प्रकाश वृत्त क्या है?
उत्तर : छायावृत्त (Shadow Circle) :- पृथ्वी के गोलाकार होने के कारण केवल आधा भाग ही प्रकाशित रहता है एवं शेष आधा भाग अंधकार में रहता है। इस प्रकार वह रेखा या सीमांत जो प्रकाश एवं अंधकार को अलग करता है प्रकाश वृत्त या छाया वृत्त कहलाती है।

प्रश्न 12.
सौर दिवस किसे कहते हैं?
उत्तर :
सौर दिवस (Solar Day) :- समय की वह अवधि है, जितनी देर में मध्याह्नकालीन सूर्य पृथ्वी के किसी स्थान को उत्तरोत्तर दो बार पार करता है। सौर दिवस की अवधि 24 घण्टा होती है।

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प्रश्न 13.
भू-कक्ष क्या है?
उत्तर :
भू-कक्ष (Earth’s Orbit) :- ग्रह का वह निध्चित परिभ्रमण पथ जिसके सहारे कोई ग्रह सूर्य का चक्कर लगाता है। पृथ्वी जिस भाग से होकर सूर्य का परिश्रमण करती है, उसे भू-कक्ष (Earth’s Orbit) कहते हैं।

प्रश्न 14.
विपुव (Equinox) का क्या तात्पर्य है?
उत्तर :
विधुव (Equinox) वे दिन हैं, जब सूर्य की किरणें भूमष्य रेखा पर लम्बवत् चमकती है और सम्पूर्ण विश्थ में रातदिन की लम्बाई एक समान (12-12) घण्टे की होती है। Equinox शब्द लैटिन भाषा के (Equs) अर्थात् ‘समान’ एवं (Nox) अर्थात् ‘रात’ शब्दों से मिलकर बना है जिसका अर्थ है ‘समान रात्रि’।

प्रश्न 15.
अर्द्धरात्रि का सूर्य किसे कहते हैं?
उत्तर :
नार्वे को अर्द्धरात्रि के सूर्य का देश (Land of midnight sun) कहते हैं क्योंकि यहाँ सूर्य अर्द्धरात्रि में भी दिखाई देता है।

प्रश्न 16.
महाविषुव क्या है?
उत्तर :
21 मार्च को उत्तरी गोलार्द्ध में बसन्त ॠतु होने से 21 मार्च की स्थिति को बसन्त विषुव (Spring Equinox) या महाविषुव (Vernal Equinox) की स्थिति कहते हैं।

प्रश्न 17.
परिभ्रमण एवं परिक्रमण में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
परिभ्रमण –
(i) इसमें पृथ्वी अपने अक्ष पर 24 घण्टे में पः्चिम से पूर्व एक बार घूम जाती है।
(ii) इससे दिन-रात होता है।
परिक्रमण –
(i) इसमें पृथ्वी 365 दिन 5 घंटा 48 मिनट 46 सेकेण्ड में अण्डाकार कक्ष से होते हुए सूर्य की एक परिक्रमा पूरी कर लेती है। (ii) इससे ऋतु परिवर्तन होता है।

प्रश्न 18.
कोरियालिस प्रभाव का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
कोरियालिस प्रभाव :- हवायें तथा जल-धारायें अपने मार्ग से विचलित हो जाती हैं; जो पृथ्वी के परिभ्रमण गति का परिमाण है। परिभ्रमण गति के कारण एक बल उत्पन्न होता है, जिसके कारण किसी गतिशील वस्तु के मार्ग में विचलन होता है। इस बल का पता सबसे पहले कोरियालिस महोदय ने 1835 ई० में लगाया था, इसीलिए इसे कोरियालिस बल भी कहते हैं।

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प्रश्न 19.
पृथ्वी के परिभ्रमण या आवर्तन से आप क्या समझते हो?
उत्तर :
परिभ्रमण या आवर्तन (Rotation) :- पृथ्वी अपनी कल्पित कीली या अक्ष रेखा पर लट्टू की भाँति अघड़ीवत् दिशा में पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमती हुई लगभग 24 घण्टे में सूर्य के सम्मुख एक पूरा चक्कर लगा लेती है, इसे आवर्तन या घूर्णन कहते हैं। इसी गति के कारण पृथ्वी पर दिन-रात होता है। अत: आवर्तन को दैनिक गति (Durinal or Daily motion) भी कहते हैं।

प्रश्न 20.
पृथ्वी के कक्ष तल से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
कक्ष तल (Orbital Plane) :- जिस निर्दिष्ट पथ पर पृथ्वी परिक्रमा करती है, उसे कक्ष कहते हैं तथा जिस निर्दिष्ट समय में एक परिश्रमण पूरा कर लेती है इसे सौर वर्ष (Solar year) कहते हैं। जिस तल के सहारे कक्ष अवस्थित होता है, उसे कक्ष तल (Orbital plane or place of ecliptic) कहते हैं।

प्रश्न 21.
कर्क संक्रान्ति पर टिष्पणी लिखिए।
उत्तर :
कर्क संक्रान्ति में सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में लम्बवत् वमकता है। यह स्थिति 21 जून को आती है। इस समय उत्तरी गोलार्द्ध में ग्रीष्म कतु होती है। कर्क संक्रान्ति सूर्य के उत्तरायण को दर्शाता है।

प्रश्न 22.
अक्ष क्या है?
उत्तर :
अक्ष (Axis) : उत्तरी तथा दक्षिणी धुवों को मिलाने वाली रेखा जिस पर पृथ्वी घूर्णन करती है, अक्ष कहलाती है।

प्रश्न 23.
उत्तरायण और दक्षिणायन किसे कहते हैं?
उत्तर :
जब सूर्य की स्थिति उत्तर की ओर खिसकती है तो इसे उत्तरायण कहा जाता है एवं जब सूर्य की स्थिति दक्षिण की ओर खिसकती है तो इसे दक्षिणायन कहा जाता है।

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प्रश्न 24.
पृथ्वी के उत्तरायण एवं दक्षिणायन होने के क्या कारण हैं?
उत्तर :
यह पृथ्वी के कक्ष (Orbit) का अक्ष (Axis) के साथ 66\(\frac{1}{2}\)° झुके होने एवं अण्डाकार पथ पर सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने के कारण होता है।

प्रश्न 27.
सूर्य की आपात गति क्या है?
उत्तर :
सूर्य की आपात गति :- पृथ्वी के वार्षिक गति के कारण पृथ्वी के सापेक्ष सूर्य की स्थिति बदलती रहती है। सूर्य कभी कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है, तो कभी मकर रेखा पर। सूर्य की इस स्थिति परिवर्तन को सूर्य का आपात गति (Apparent movement of the sun) कहते हैं।

प्रश्न 28.
सुमेरूप्रभा किसे कहते हैं?
उत्तर :
उत्तरी ध्रुव पर पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण आकाश में कभी-कभी अस्पष्ट प्रकाश देखा जाता है, जिसे अंरोरा बोरोलिस या सुमेरूप्रभा कहते हैं।

प्रश्न 29.
कुमेरूप्रभा किसे कहते हैं?
उत्तर :
दक्षिणी धुव पर पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण 6 महिने की अवधि में आकाश में कभी-कभी अस्पष्ट प्रकाश देखा जाता है, जिसे कुमेरू ज्योति या कुमेरप्रभा कहते हैं।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
पृथ्वी पर दिन-रात कैसे होते हैं?
उत्तर :
दिन-रात का होना :- पृथ्वी का अपना कोई प्रकाश नहीं है। यह सूर्य के प्रकाश से आलोकित होती है। पृथ्वी अपने अक्ष पर 66 66\(\frac{1}{2}\)° का कोण बनाते हुए 24 घण्टे में यह अपनी धूरी पर पश्चिम से पूरब एक बार घूम जाती है। इस तरह जो भाग सूर्य के सामने पड़ता है, वहाँ दिन तथा जो भाग सामने नहीं पड़ता वहाँ रात होती है। अत: पृथ्वी की दैनिक गति के कारण दिन और रात होते हैं। दिन और रात वाले स्थानों को अलग करने वाली कल्पित रेखा छाया वृत्त (Circle of illumination or Shadow circle) कहलाती है।

प्रश्न 2.
पृथ्वी पर दिन के विशिष्ट अवसरों का निर्धारण किस प्रकार होता है?
उत्तर :
दिन के विशिष्ट अवसरों का होना :- आवर्तन के कारण ही दिन के चार विशिष्ट अवसरों- प्रातः, सायं, मष्याह्न और अर्द्धरात्रि का आविर्भाव होता है। आवर्तन के कारण जिस समय किसी स्थान पर सूर्य की प्रथम किरण प्राप्त होती है, उसे प्रात:काल तथा सूर्य के डुबने के समय को संष्याकाल कहते हैं। किसी स्थान पर जब सूर्य ठीक ऊपर होता है, तब वहाँ मध्याह्नकाल तथा जब सूर्य ठीक पीछे होता है, तब वहाँ अर्द्धरात्रि होती है।

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प्रश्न 3.
फोकाल्ट के नियम का वर्णन करो।
उत्तर :
फोकाल्ट का प्रयोग :- प्रसिद्ध फांसीस्भ विद्वान फोकाल्ट ने सन् 1851 ई० में पेरिस के एक गिरिजाघर की ऊँची मीनार से एक 60 मीटर लम्बे बारीक तार में एक गेंद बाँषकर नीचे लटका दिया। गेंद के नीचे एक सूई लगी हुई थी। सूई नीचे एक मेज पर बिछी हुई बालू को छू रही थी। गेंद को उत्तर-दक्षिण दिशा में हिला दिया गया। सूई की नोक से बालू पर पध्चिम से पूर्व खिसकती हुई कई रेखाएँ बन गयी। यदि पृथ्वी स्थिर होती तो बालू पर केवल एक ही रेखा बनती। इससे ज्ञात होता है कि जहाँ पेण्डुलम एक निक्धित दिशा में दोलन कर रहा था, वही पृथ्वी की दैनिक गति के कारण पृथ्वी का धरातल घूम रहा था।

प्रश्न 4.
परिक्रमण को पृथ्वी का वार्षिक गति क्यों कहा जाता है?
(Why Revolution is known as Annual motion ?)
उत्तर :
सूर्य के चतुर्दिक एक पूरा चक्कर लगाने में पृथ्वी को 365 दिन, 5 घण्टा, 48 मिनट एवं 46 सेकेण्ड लगता है। इस समयावचि को एक सौर वर्ष (Solar year) कहा जाता है। किन्तु हम अपनी सुविधा के लिए एक वर्ष को 365 दिन मान लेते हैं और लगभग 6 घण्टा प्रत्येक वर्ष छोड़ देते हैं जो अधिवर्ष (Leap year) का कारण होता है। चूँकि एक वर्ष की अवधि में पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर पूरा कर लेती है, अत: इसे वार्षिक गति (Annual Motion) भी कहते हैं।

प्रश्न 5.
ग्रीष्म संक्रोन्ति क्या है?
उत्तर :
21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में सूर्य की कोणिक ऊँचाई सबसे अधिक होती है, अत: इस दिन उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन तथा सबसे छोटी रात तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ी रात तथा सबसे छोटा दिन होता है। इसी को कर्क संक्रान्ति या ग्रीष्म संक्रान्ति (Summer Solstice) कहते हैं। दोनों गोलार्द के लोगों में भ्रम न हो, अतः इसे जून संक्रान्ति (June Solstice) कहना अधिक उपयुक्त होगा।

प्रश्न 6.
अपसौर और उपसौर में अन्तर स्थापित करो।
(Differentiate between Aphelion and Perihelion.)
उत्तर :

अपसौर (Aphelion) उपसौर (Perihelion)
i.  अपसौर की स्थिति 4 जुलाई को होती है। i. उपसौर की स्थिति 3 जनवरी को होती है।
ii. अपसौर में सूर्य और पृथ्वी के बीच 15 करोड़ 20 लाख कि०मी॰ की दूरी होती है। ii. उपसौर में पृथ्वी और सूर्य के बीच 14 करोड़ 70 लाख कि॰मी० की दूरी होती है।
iii. अपसौर में उत्तरी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है। iii. उपसौर में उत्तरी गोलार्द्ध में शीत ऋतु होती है।

प्रश्न 7.
न्यूटन ने पृथ्वी के आवर्तन को किस प्रकार प्रमाणित किया?
उत्तर :
न्यूटन का प्रयोग :- प्रसिद्ध वैज्ञानिक न्यूटन ने एक बार एक ऊँची मीनार के ऊपरी सिरे से पत्थर का एक टुकड़ा गिराया तो पत्थर पृथ्वी पर ठीक नीचे न गिरकर थोड़ा पूर्व की ओर हटकर गिरा। इससे भी सिद्ध होता है कि पृथ्वी में आवर्तन गति है। मीनार का ऊपरी सिरा उसके आधार की अपेक्षा केन्द्र से अधिक दूर है। अतः सिरा पर आधार की अपेक्षा पूर्व की ओर घूमने की गति तेज है। इस प्रकार तेज गति वाले स्थान से छूटने के कारण पत्थर का टुकड़ा आधार की अपेक्षा पूर्व की ओर अधिक घूमकर लक्ष्य से हट जाता है।

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प्रश्न 8.
अधिवर्ष क्या है?
उत्तर :
अधिवर्ष (Leap Year) :- पुथ्वी जितने समय में सूर्य के चारों ओर एक परिक्रमा करती है, उसे एक वर्ष कहते हैं। पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा करने में 365 दिन 5 घण्टे 48 मिनट 46 सेकेण्ड या 365.2422 दिन अर्थात् लगभग 365 1/4 दिन लगते हैं। परन्तु व्यवहार में हम 365 दिन का ही एक वर्ष मानते हैं। अत: हर वर्ष 1 / 4 दिन बढ़ता जाता है। इसी से हर चार से विभाजित होने वाला वर्ष 365 दिन का न होर 366 दिन का होता है और उस वर्ष फरवरी का महीना 28 दिन के बदले 29 दिन्न का होता है। इस वर्ष को अधिवर्ष (Leap Year) कहते हैं। परन्तु शताब्दी वाले वही वर्ष अधिवर्ष होते हैं जो 400 से विभाजित होते हैं। जैसे- सन् 1948,1952,1996,2000 तो अधिवर्ष हैं परन्तु सन् 1950,1951,1900 अधिवर्ष नहीं हैं।

प्रश्न 9.
कर्क एवं मकर रेखाओं को अयन रेखा क्यों कहते हैं?
उत्तर :
कर्क एवं मकर रेखाओं को अयन रेखा (Tropics) कहते हैं। Tropic का अर्थ घुमाव बिन्दु (Tuming Points) है। उत्तरी गोलार्द्ध में सूर्य की किरणों के लम्बवत् चमकने की सीमा का निर्षारण कर्क रेखा एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में मकर रेखा करती है। इन दोनों रेखाओं पर पहुँचने के बाद सूर्य विपरीत दिशा में घूम जाता है, इसीलिए इन्हें अयन रेखा (Tropics) कहते हैं।

प्रश्न 10.
आस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैण्ड में दिसम्बर एवं जनवरी के महीने सबसे गर्म महीने क्यों रहते हैं?
अथवा
आस्ट्रेलिया में क्रिसमस का पर्व ग्रीष्म ऋतु में क्यों मनाया जाता है?
उत्तर :
आस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैण्ड दक्षिणी गोलार्द्ध में हैं। पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण दोनों गोलार्द्ध में विपरीत ॠतुएँ पायी जाती है, अत: भारत में गर्मी के समय वहाँ जाड़े की ऋतु होती है।
जिस समय भारत में क्रिसमस का पर्व मनाया जाता है, उस समय सूर्य दक्षिणायन होता है। चूँकि भारत उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है, अत: यहाँ जाड़े की ऋतु होती है। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है, और आस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैण्ड जो दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है, ग्रीष्म काल में क्रिसमस मनाता है।

प्रश्न 11.
पृथ्वी के सभी स्थानों पर दिन-रात की अवधि एक समान क्यों नहीं रहती है?
उत्तर :
पृथ्वी दिन में सूर्य से जो ताप प्राप्त करती है, रात में वही ताप पृथ्वी से निकलता है। वर्ष के जिस भाग में दिन और रात की लम्बाई समान होती है, उस समय दिन में सूर्य से प्राप्त ताप एवं रात में पृथ्वी से मुक्त ताप बराबर रहता है। उस समय तापक्रम की मध्यम अवस्था रहती है। अत: उस समय न गर्मी और न जाड़े की ऋतु होती है। वर्ष की जिस अवधि में दिन रात से बड़ा होता है उस समय दिन में जितना ताप सूर्य से प्राप्त होता है रात में उतना ताप पृथ्वी से मुक्त नहीं होता। प्रतिदिन ताप की मात्रा बढ़ती जाती है और वहाँ गर्मी की ऋतु होती है। इसके विपरीत वर्ष की जिस अवधि में राते दिन से बड़ी होती है, उस समय दिन में सूर्य से पृथ्वी को जितना ताप माप्त होता है, रात में उससे अधिक ताप निकल जाता है, जिससे वाँ जाड़े की ॠतु होती है।

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प्रश्न 12.
शीत संक्रान्ति क्या है?
उत्तर :
22 दिसम्बर को सूर्य मकर रेखा पर लम्बवत् चमकता है। इस दिन उत्तरी गोलार्द्ध में सूर्य की कोणिक ऊँचाई सबसे कम होती है, अतः इस दिन उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे बड़ी रात तथा सबसे छोटा दिन तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इस स्थिति को मकर संक्रान्ति या शीत संक्रान्ति (Winter Solstice) कहते हैं।

प्रश्न 13.
नार्वे को अर्द्धरात्रि के सूर्य का देश क्यों कहा जाता है ?
उत्तर :
पृथ्वी की अक्ष रेखा के 23\(\frac{1}{2}\)° पर ध्युका होने तथा पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण 21 जून को सूर्य कर्क रेखा (23\(\frac{1}{2}\)°N}) पर चमकता है। अत: उस दिन उत्तरी धुववृत्त वाले भागों (661\(\frac{1}{2}\)° N. अक्षांश) में 24 घण्टे का दिन होता है तथा उस दिन वहाँ आधी रात को भी सूर्य दिखाई देता है। इस सूर्य को अर्द्धरात्रि का सूर्य कहते हैं। चूकि नार्वे उत्तरी ध्रुववृत्त (Article Circle) पर स्थित है, अत: वहाँ भी सूर्य अर्द्धरात्रि में भी दिखाई देता है। इस कारण नार्वे को अर्द्धरात्रि के सूर्य का देश (Land of midnight sun) कहते हैं।

प्रश्न 13.
ध्रुवों पर छः-छः महीने के दिन रात क्यों होते हैं?
उत्तर :
पृथ्वी के अपनी किली पर झुका रहने तथा उसकी वार्षिक गति के कारण 22 मार्च से 22 सितम्बर तक सूर्य भूमध्यरेखा के ऊपर चमकता है, जिससे प्रकाशवृत्त उत्तरी धुवों को पार कर जाती है तथा दक्षिणी धुव तक पहुँचता हीं नहीं है। इससे उत्तरी ध्रुव सदा प्रकाश में तथा दक्षिणी ध्रुव अन्धकार में रहता है। अतः उत्तरी धुव में 6 महीने का दिन तथा दक्षिणी ध्रुव में 6 महीने की रात होती है। इसके विपरीत 24 सितम्बर से 20 मार्च तक के सूर्य भूमध्यरेखा के दक्षिण लम्बवत् चमकने के कारण इन दिनों उत्तरी धुवों के समीप 6 महीने की रात तथा दक्षिणी धुवों पर 6 महीने का दिन होता है। 21 मार्च को उत्तरी ध्रुव के समीप सूर्योदय तथा दक्षिणी ध्रुव के समीप सूर्यास्त होता है और 21 सितम्बर को उत्तरी धुव के समीप सूर्यास्त तथा दक्षिणी धुव के समीप सूर्योदय होता है।

प्रश्न 14.
भूमध्यरेखीय क्षेत्र में ऋतु परिवर्तन का अनुभव क्यों नहीं होता है?
(Why change of Season is unknown in the equational areas ?)
उत्तर :
विषुवत रेखीय प्रदेशों में पूरे वर्ष भर सूर्य लम्बवत् चमकता है, अत: यहाँ पर ॠतु परिवर्तन प्राय: न के बराबर रहता है। यहाँ पर ग्रीष्म, वर्षा एवं शीत तीनों ऋतुएँ प्राय: प्रत्येक दिन सक्रिय होती हैं। यही कारण है भूमध्यरेखीय प्रदेशों में ऋतु परिवर्तन नहीं होता।

प्रश्न 15.
वैज्ञानिक अण्टार्कटिका की खोज का अभियान दिसम्बर महीने में क्यों करते हैं?
(Why do the scientist make the expedition to Antarktika in the month of December?)
उत्तर :
वैज्ञानिक अण्टार्कटिका में खोज अभियान दिसम्बर में करते हैं। इसका कारण है- अण्टार्कटिका दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है-अत: यहाँ
(i) सदा दिन का होना :- पृथ्वी अपनी किली पर झुकी है तथा इसकी वार्षिक गति के कारण दक्षिणी ध्रुव सूर्य की ओर रहता है। अत: अण्टार्कटिका प्रदेश सूर्य के प्रकाश में रहता है और वहाँ रात नहीं होती। सदा दिन रहने से वैज्ञानिको को काम करने में सुविधा रहती है।
(ii) तापक्रम अधिक होना :- सूर्य की किरणों के अपेक्षतया सीधी पड़ने से एवं रात न होने से तापक्रम अधिक होता है। पर्याप्त तापक्रम के कारण इस हिमाच्छादित भाग में वैज्ञानिको को अनुसंधान कार्य करने में सुविधा होती है।

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प्रश्न 16.
संक्रान्ति से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
संक्रान्ति (Solstice) :- संक्रान्ति (Solstice) वे दिन हैं, जब सूर्य की किरणें कर्क या मकर रेखाओं पर लम्बवत् चमकती हैं। 21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है, अत: इस स्थिति को कर्क सक्रान्ति कहते हैं तथा 22 दिसम्बर के दिन सूर्य के मकर रखा पर लम्बवत् चमकने के कारण इस स्थिति को मकर संक्रान्ति कहते हैं।

प्रश्न 17.
परिप्रमण गति को दैनिक गति क्यों कहते हैं?
(Why Rotation is also known as Diurnal Motion?)
उत्तर :
पृथ्वी अपने अक्ष पर एक सम्पूर्ण चक्कर 23 घण्टा, 54 मिनट एवं 24 सेकेण्ड (अर्थात् 24 घण्टा) में लगा लेती है। 24 घण्टे का एक दिन होता है, जो दिन एवं रात में विभक्त है। चूंकि एक सम्पूर्ण दिवस में पृथ्वी चक्कर पूरा करती है, जिससे दिन-रात होता है, इसलिए इस गति को दैनिक गति (Diurnal motion) भी कहते हैं।

प्रश्न 18.
अपसूर्य तथा अनुसूर्य किसे कहते हैं?
अथवा
उत्तरायण और दक्षिणायण किसे कहते हैं ?
उत्तर :
अपसूर्य : जब सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी 4 जुलाई को 15 करोड़ 20 लाख कि॰मी॰ की दूरी होती है। इस स्थिति को अपसूर्य कहते हैं। इसे उत्तरायण भी कहा जाता है।
अनुसूर्य : जब सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी 3 जनवरी को 14 करोड़ 70 लाख कि॰मी० की दूरी होती है। इस स्थिति को अनुसूर्य कहते हैं। इसे दक्षिणायण भी कहा जाता है।

प्रश्न 19.
धुवतारा उदित और अस्त नहीं होता क्यों?
(Why the polar star does not rise and set?)
उत्तर :
धुवतारा का उदय और अस्त नहीं होना :- पृथ्वी के अपनी किली पर पथ्थिम से पूर्व घूमने के कारण सभी आकाशीय पिण्ड पूर्व से पश्चिम घूमते हुए दिखाई देते हैं, परन्तु धुवतारा सदा उत्तरी धुव पर लम्बवत् चमकता है। अतः पृथ्वी के उत्तर में स्थित इस तारे पर पृथ्वी के परिभ्रमण का प्रभाव नहीं पड़ता है। वह सदा उत्तर में एक ही दिशा में दिखाई पड़ता है और उसमें उदय और अस्त नहीं होता है।

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प्रश्न 20.
जापान को सूर्योदय का देश क्यों कहते हैं?
(Why Japan is called the land of rising sun?)
उत्तर :
पृथ्वी के अपनी घुरी पर पश्चिम सेपूर्व घूमने के कारण पूर्व के स्थानों में सूर्य पहले निकलता है। जापान पूर्वी गोलार्द्ध के सबसे पूरब में स्थित है। नयी दुनिया की खोज के पहले सूर्योदय होता है। इसी से जापान को सूर्योदय का देश (Land of rising sun) कहते हैं।

प्रश्न 21.
पृथ्वी से चन्द्रमा का सदा एक ही भाग क्यों दिखाई पड़ता है ?
उत्तर :
चन्द्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा 27 दिन और 8 घण्टे में पूरी करता है। इतने ही समय में यह अपने अक्ष पर भी एक घूर्णन करता है। यही कारण है कि हमे चन्द्रमा का सदैव एक ही भाग दिखाई देता है और दूसरा हमसे छिपा रहता है।

प्रश्न 22.
धुवों की तरफ पृथ्वी की घूर्णन गति कम क्यों होती जाती है?
उत्तर :
चूँकि पृथ्वी चपटा उपगोल (Oblate spheroid) है, अत: इसकी विषुवतीय परिधि सर्वाधिक है और यहाँ परिभ्रमण की गति सर्वाधिक तीव्र होती जाती है। विषुवत रेखा पर परिभ्रमण गति 1630 कि०मी० प्रति घण्टा है। धुवों की तरफ यह गति कम होती जाती है।

प्रश्न 23.
प्रति चौथे वर्ष, वर्ष में एक नया दिन क्यों जोड़ दिया जाता है?
उत्तर :
पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में 365 \(\frac{1}{4}\) दिन, 5 घण्टे, 48 मिनट एवं 46 सेकेण्ड का समय या 365.2422 दिन लगते हैं। परन्तु व्यवहार में 365 दिन का ही एक वर्ष माना जाता है। अतः हर वर्ष 1/4 दिन बढ़ता जाता है। इसी से बिना शताब्दी वाला हर चार वर्ष से विभाजित होने वाला वर्ष 365 दिन का न होकर 366 दिन का होता है और उस वर्ष फरवरी का महीना 28 दिन का न होकर 29 दिन का होता है।

प्रश्न 24.
कर्क संक्रान्ति और मकर संक्रान्ति में अन्तर बताओ।
(Distingulsh between June Solstice and Decemebr Solstice.)
उत्तर :

कर्क संक्रान्ति मकर संक्रान्ति
i. इस स्थिति में सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध में लम्बवत् चमकता है। i. इस स्थिति में सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में लम्बवत् चमकता है।
ii. यह स्थिति 21 जून को आती है। ii. यह स्थिति 22 दिसम्बर को आती है।
iii. इस समय उत्तरी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है। iii. इस समय दक्षिणी गोलार्द्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है।
iv. कर्क संक्रान्ति सूर्य के उत्तरायण को दर्शाता है। iv.मकर संक्रान्ति सूर्य के दक्षिणायन को दर्शाता है।

प्रश्न 25.
ॠतु क्या है?
(What is Season?)
उत्तर :
यह देखा जाता है कि साल के कुछ महीनों में दिन बड़ा होता है, इस कारण गर्मी अधिक पड़ती है। साल के कुछ महीनों में दिन छोटा होता है, अतः गर्मी कम और सर्दी अधिक पड़ती है। कभी-कभी रात और दिन बराबर होते है, इससे सर्दी एवं गर्मी दोनों बराबर पड़ते हैं। इस तरह तापमान के मुताबिक वर्ष का विभाजन किया जाता है और बँटा हुआ विभिन्न समय ऋतु (Season) कहलाता है।

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प्रश्न 26.
पृथ्वी का अक्ष और कक्ष-तल में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
(Distinguish between Axis and Orbit of the earth.)
उत्तर :

अक्ष (Axis) कक्ष-तल (Orbit)
i. पृथ्वी अपने अष्ष तल पर 66 1/2° के कोण पर हुकी है। i. यह तल अण्डाकार है तथा निश्चित है।
ii. यह एक काल्पनिक रेखा है जिस पर पृथ्वी एक लद्टू की तरह घूमती है। यह केन्द्र से गुजरती हुई उत्तरी तथा दक्षिणी धुव को मिलाती है। ii. कक्ष-तल वह अण्डाकार पथ है जिस पर पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है।
iii. पृथ्वी का अक्ष सदैव एक ही दिशा में झुका रहता है। iii. इस कक्ष-तल पर पृथ्वी तथा सूर्य के मध्य दूरी सदा समान नहीं रहती।

प्रश्न 27.
अण्टार्कटिक वृत्त क्या है?
(What is Antarctic Circle?)
उत्तर :
22 दिसम्बर को सूर्य की किरणें मकर रेखा (23\(\frac{1}{2}\)°S) पर लम्बवत् पड़ती है। अत: इस दिन दक्षिणी धुव वृत्त (66\(\frac{1}{2}\)° S) का सम्पूर्ण भाग सूर्य के प्रकाश में रहता है। अत: इस वृत्त के सभी स्थानो पर 24 घण्टे का दिन होता है। इस प्रकार यह हमें एक काल्पनिक वृत्त का ज्ञान कराता है जिसे अण्टार्कटिक वृत्त (Antarctic Circle) कहते हैं।

प्रश्न 28.
आर्कटिक वृत्त क्या है?
(What is Arctic Circle?)
उत्तर :
21 जून को सूर्य की किरणें विषुवत रेखा से (23\(\frac{1}{2}\)°N) अर्थात् कर्क रेखा पर लम्बवत् पड़ती है। इस विस्तार या बिन्दु से जहाँ तक सूर्य की किरणें उत्तरी धुव को पार करके पहुँच सकती है, हमें एक काल्पनिक वृत्त का ज्ञान होता है, जिसे आर्कटिक वृत्त (Arctic Circle) या 66\(\frac{1}{2}\)° उत्तरी अक्षांश रेखा कहा जाता है।

प्रश्न 29.
महाविषुव क्या है?
(What is Vernal Equinox ?)
उत्तर :
21 मार्च व 23 सितम्बर को सूर्य की किरणें भूमध्यरेखा पर लम्बवत् चमकती हैं। प्रकाश-वृत्त दोनों धुवों से होकर गुजरता है। अत: इन दोनों दिनों सभी अक्षांश रेखाओं का आधा भाग सूर्य के प्रकाश में तथा आधा भाग अन्धकार में रहता है तथा पृथ्वी के सभी भागों पर दिन-रात की लम्बाई समान (12-12 घण्टे की) होती है। प्रकाश वृत्त किसी मध्याह्न रेखा तथा उसके प्रति मध्याह्न रेखा (Anti Meridian) से होकर गुजरता है। सूर्य ठीक पूर्व में निकलता है तथा ठीक पश्चिम में डूबता है। अत: इन दोनों दिनों की ऋतुएँ सम होती हैं। 21 मार्च को उत्तरी गोलार्द्ध में बसन्त ॠतु होने से 21 मार्च की स्थिति को बसन्त विषुव (Spring Equinox) या महाविषुव (Vernal Equinox) की स्थिति कहते हैं।

प्रश्न 30.
युगल ग्रह प्रणाली क्या है?
(What is Double Planetary?)
उत्तर :
पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चन्द्रमा है जो सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है। यह पृथ्वी की एक परिक्रमा 27 दिन 8 घण्टे में करता है। इसके चारों ओर वायुमण्डल नहीं है। इसी कारण यहाँ जीव नहीं मिलते। चन्द्रमा दूसरे उपग्रहों की तुलना में बहुत बड़ा है। इसी कारण विद्वान लोग चन्द्रमा को उपग्रह न मानकर ग्रह मानते हैं। पृथ्वी स्वयं एक ग्रह है। इसी कारण पृथ्वी और चन्द्रमा दोनों को मिलाकर युगल ग्रह प्रणाली कहा जाता है।

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प्रश्न 31.
बदलते आकाश से क्या समझते हो?
(What is meant by changing sky?)
उत्तर :
बदलता आकाश (Changing sky) :- रात शुरू होने के 4 मिनट पूर्व ही तारे उदय हो जाते हैं। पूर्वी आकाश में ये तारे जुड़तें (बढ़ते) जाते हैं तो पथिमी आकाश की तरफ से घटते (कम होते) जाते हैं। रात को आकाश का चित्र साल भर बदलता हुआ नजर आता है। इसी घटना को बदलता आसमान (Changing sky) कहा जाता है।

विवरणात्मक प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
दैनिक गति की परिभाषा लिखिए। दैनिक गति के प्रमाण को समझाइए। (Define rotation. Explain the proofs of rotation.)
अथवा
पृथ्वी के परिभ्रमण से क्या समझते हैं? पृथ्वी के परिभ्रमण के सम्बन्ध में कम से कम तीन प्रमाण दीजिए। (What do you understand by Rotation of earth? Give at least three proofs supporting Rotation of the earth.)
उत्तर :
पृथ्वी की दैनिक गति (Rotation of the earth) :- पृथ्वी एक कल्पित रेखा (अक्ष) के चारों ओर 23 घण्टा 56 मिनट 4 सेकेण्ड में (सुविधा के लिए इसे 24 घण्टा मान लेते है) पश्चिम से पूरब की ओर पूरी तरह लद्टू की भाँति घूमती है। इसे पृथ्वी की दैनिक गति या रोजाना चाल कहते हैं।

दैनिक गति के प्रमाण (Proof of Diurnal Motion or Rotation) :-
सूर्य का पूर्व में उगना एवं पश्चिम में अस्त होना (Sunrise and Sunset) :- सूर्य, चन्द्रमा एवं अन्य तारे प्रतिदिन पूरब में उगते हैं एवं पथिम में अस्त हो जाते हैं। इससे यह मालूम पड़ता है कि ये सभी ग्रह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाते हैं या पृथ्वी 24 घण्टे में चारों ओर घूम जाती है जिससे इसका भिन्न-भिन्न भाग सूर्य तथा अन्य दूसरे तारों के सामने पड़ता है। परन्तु यह संभव नहीं है कि सूर्य जैसा बड़ा पिण्ड पूथ्वी जैसे छोटे ग्रह के चारों ओर 24 घण्टे में घूम जाए। अत: पृथ्वी ही अपनी धूरी पर चक्कर लगाती है।

सभी ग्रहों का घूमना (Rotation of all Planets) :- सभी ग्रहों को दूरबीन से देखने पर वे घूमते हुए नजर आते हैं। पृथ्वी भी एक ग्रह है, अत: यह भी अपनी धूरी पर घूमती है।

भूमध्य रेखा तथा अन्य अक्षांशों पर वस्तु-भार में अन्तर (Weight difference on different latitudes) :- भूमध्य रेखा पर वस्तु-भार अन्य अक्षांशों की अपेक्षा कम होता है। दैनिक गति में अन्य अक्षांशों की अपेक्षा भूमध्य रेखीय स्थानों की गति अधिक है। इसके कारण अपकेन्द्र बल (Centrifugal Force) में अन्तर पड़ जाता है और भार में अन्तर पड़ जाता है। इससे मालूम पड़ता है कि पृथ्वी घूमती है।

रेल यात्रा में निकट की चीजों को घूमते दिखाई देना :- चलती हुई रेलगाड़ी के बाहर देखने से बाहर की चीजें भागती नजर आती है। इससे विद्वान अनुमान लगाते है कि सूर्य स्थिर है और पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है।

व्यापारिक वायु का दिशा बदलना (Deflection of planetary wind) :- उत्तरी तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में जो व्यापारिक वायु विषुवत रेखा की ओर चलती है, वह उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर की ओर से तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिण की ओर से आती है। फेरल के नियमानुसार वह उत्तरी गोलार्द्ध में दाँयी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में बाँयी ओर मुड़ जाती है। इससे सिद्ध होता है कि पृथ्वी अपनी धूरी पर चक्कर लगाती है।

फोकाल्ट का प्रयोग :- सन् 1851 ई० में एक फ्रांसिसी विद्वान फोकाल्ट ने पेरिस में पृथ्वी की दैनिक गति को सिद्ध करने के लिए एक प्रयोग किया। उसने एक 61 मीटर लम्बे तार में एक दोलक (Pendulum) इस प्रकार लटकाया कि उसकी नोक नीचे बिछाये गये बालू के रेत को छूती रहे। जब दोलक घुमाया जाता था तो उसकी नोक से बालू पर एक रेखा खिंच जाती थी। बाद में पता चला कि दोलक के नोक से अंकित रेखाएँ भिन्न-भिन्न हैं। अगर पृथ्वी स्थिर होती तो केवल एक रेखा बनती। अतः पृथ्वी घूमती है।

WBBSE Class 9 Geography Solutions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ 1

न्यूटन का प्रयोग :- प्रसिद्ध वैज्ञानिक न्यूटन ने एक बार एक ऊँची मीनार के ऊपरी सिरे से एक पत्थर का टुकड़ा गिराया। पत्यर पृथ्वी पर ठीक नीचे ना गिरकर थोड़ा पूर्व की ओर हटकर गिरा। इससे भी सिद्ध होता है कि पृथ्वी में आवर्तन गति है। मीनार का ऊपरी सिरा उसके आधार की अपेक्षा केन्द्र से अधिक दूर है।

अत: सिरे पर आधार की अपेक्षा पूर्व की ओर घूमने की गति तेज है। इस प्रकार तेज गति वाले स्थान से छूटने के कारण त्थर का टुकड़ा आधार की अपेक्षा पूर्व की ओर अधिक घूमकर लक्ष्य से घूम जाता है।

बन्दूक की गोली का लक्ष्य से हटना :- बन्दूक से निशाना लगाने वालों का यह अनुभव है कि जब किसी दूर स्थित वस्तु पर लक्ष्य करके निशाना लगाया जाता है तो (उत्तरी गोलार्द्ध में) गोली लक्ष्य से हटकर कुछ दाँयी ओर लगती है। इसी से बन्दूक की गोली जब लक्ष्य तक पहुँचती है तब तक पृथ्वी के आवर्तन के कारण लक्ष्य स्थान घूमकर पूर्व की ओर खिसक जाता है।

WBBSE Class 9 Geography Solutions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 2.
दैनिक गति के प्रभाव को समझाइए।
(Explain the effects of earth’s rotation.)
उत्तर :
दैनिक गति के प्रभाव (Effects of Rotation) :- दैनिक गति के निम्न प्रभाव हैं-
दिन-रात का होना :- पृथ्वी का अपना कोई प्रकाश नहीं है। यह सूर्य के प्रकाश से आलोकित है। पृथ्वी अपने अक्ष पर 66 %_2 का कोण बनाते हुए 24 घण्टे में अपनी धूरी पर पथिम से पूरब एक बार घूम जाती है। इस तरह जो भाग सूर्य के सामने पड़ता है, वहाँ दिन तथा जो भाग सामने नहीं पड़ता, वहाँ रात होती है। इस तरह पृथ्वी की दैनिक गति के कारण दिन और रात होते हैं। दिन और रात वाले स्थानों को अलग करने वाली कल्पित रेखा छाया वृत्त (Circle of illumination or shadow circle) कहलाती है।

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पवन एवं धाराओं का दिशा परिवर्तन :- हवायें तथा जलधारायें अपने मार्ग से विचलित हो जाती हैं जो पृथ्वी के परिभ्रमण गति का परिणाम है। परिभ्रमण गति के कारण एक बल उत्पन्न होता है, जिसके कारण किसी वस्तु में विचलन होता है। इस बल का पता सबसे पहले करियॉलिस महोदय ने लगाया था, इसलिए इसे कोरियॉॉलिस बल (Coriolis Force) भी कहते हैं। इसी तथ्य के आधार पर अमरीकी विद्वान फेरल ने एक नियम का प्रतिपादन किया, जिसे फेरल का नियम कहते हैं। इसके अनुसार “पृथ्वी पर स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाली सभी गतिशील वस्तुएँ पृथ्वी की दैनिक गति के प्रभाव से उत्तरी-गोलार्द्ध में अपनी दाँयी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अपने बाँयी ओर विक्षेपित हो जाती है।”

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काल परिवर्तन :- पृथ्वी के परिभ्रमण के समय जो भाग सबसे पहले सूर्य के सामने आता है, वहाँ प्रातःकाल होता है। जिस भाग के ठीक ऊपर सूर्य चमकता है वहाँ दोपहर और जो उस समय बिल्कुल पीछे होता है वहाँ सायंकाल होता है जबकि विपरीत दिशा में रात्रि और मध्यरात्रि होती है। सूर्योदय के ठीक पहले पूरब दिशा में और सूर्यास्त के ठीक बाद पथिम दिशा में प्रकाश हो जाता है, इसे क्रमश: उषाकाल (Dawn) और गोधूलि (Dusk) कहते हैं। इस समय ऐसा देखा जाता है कि सूर्य तो नहीं दिखाई देता पर सूर्य की किरणें आकाश में दिखाई देती है और आकाश को प्रकाशित करती है, इसे Twilight कहते हैं। पूरब की ओर पहले दिन निकलता है, क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूरब की ओर घूमती है।

WBBSE Class 9 Geography Solutions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ 4

ज्वार-भाटा :- समुद्र मे ज्वार-भाटा विशेषकर चन्द्रमा के आकर्षण बल से होता है। किसी स्थान पर और उसके ठीक विपरीत धरातल पर स्थित स्थान पर ज्वार-भाटा एक साथ होता है। पृथ्वी तो 24 घण्टे में सूर्य का एक चक्कर लगाती है पर चन्द्रमा पृथ्वी का एक चक्कर एक महीने में लगाता है। इसलिए पृथ्वी का हर स्थान दो बार चन्द्रमा के सामने पड़ता है, अत: 24 घण्टे में दो बार किसी स्थान पर ज्वार-भाटा आता है।

समय का निर्धारण :- पृथ्वी को अपनी धूरी पर एक चक्कर पूरा करने में प्राय: 24 घण्टे लगते हैं। 24 घण्टे की अवधि दिन-रात को प्रकट करती है। विश्ष में घड़ियाँ इसी प्रकार समय बनाती हैं। इन्हीं से समय की माप सम्भव हो सकी है।

दिशा निर्धारण :- सूर्य पूरब में उगता है। अत: पूरब दिशा का निर्धारण हो जाने से पश्चिम, दक्षिण तथा उत्तर दिशाओं का निर्धारण आसान हो जाता है।

किसी स्थान की स्थिति का निर्धारण :- किसी भी स्थान का ज्ञान अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं के सम्बन्ध से ही किया जाता है। 360° देशान्तर घूमने में पृथ्वी को 24 घण्टे लगते हैं। 1° देशान्तर पार करने में 4 मिनट का समय लगता है। यह समय पूरब से पश्चिम कम होता है तथा पशिम से पूरब बढ़ता है। यदि हमे किसी स्थान का समय मालूम हो तो हम उसका देशान्तर ज्ञात कर उस स्थान की स्थिति का पता लगा सकते हैं।

आकाशीय पिण्डों का पूर्व से पश्चिम घूमते हुए प्रतीत होना :- जिस प्रकार रेलगाड़ी में यात्रा करते समय बाहर के पेड़, पौधे, पशु, मनुष्य और पर्वत आदि विपरीत दिशा में भागते नजर आते हैं उसी प्रकार आकाश में अन्य ग्रह, उपग्रह, नक्षत्र और तारे पूरब से पश्धिम की ओर परिक्रमा करते नजर आते हैं क्योंकि पृथ्वी पथ्धिम से पूरब की ओर घूम रही है।

जीवों एवं वनस्पतियों का विकास :- पृथ्वी की परिभ्रमण गति के कारण ही वनस्पतियों एवं जीवों का विकास सभव हो पाया है। यदि पृथ्वी स्थिर होती तो सूर्य के सम्मुख वाला भाग सदैव सौर-विकिरण पाकर गर्म हो जाता तथा विपरीत स्थित भाग शीतल शुष्क मरूस्थल हो जाता। इस प्रकार जैव विविधता समाप्त हो जाती एवं जीवन के विकास के लिए आवश्यक अनुकूल दशायें उपलब्ध नहीं हो पाती।

प्रश्न 3.
परिक्रमण की परिभाषा लिखिए। परिक्रमण के प्रमाण को समझाइए।
(Define Revolution. Explain the proofs of revalution)
अथवा
पृथ्वी के वार्षिक गति के प्रभाव का वर्णन करो।
उत्तर :
वार्षिक गति या परिक्रमण (Revolution of the Earth) :- पृथ्वी अपनी धूरी पर घूमने के साथ-साथ सूर्य के चारों ओर चक्कर भी लगाती है, जैसे एक ॠचता हुआ लट्टू अपने चारों ओर घूमता हुआ आगे भी बढ़ जाता है। पृथ्वी की इस चाल को परिक्रमण या वार्षिक गति (Revolution) कहते हैं। जिस मार्ग से पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है उसे कक्ष या ग्रह पथ (Orbit) कहते हैं। यह अण्डाकार होता है। पृथ्वी की यह परिक्रमा 365 दिन 5 घण्टे 48 मिनट और 46 सेकण्ड में समाप्त होती है। लेकिन गणना की सुविधा के लिए साल 365 दिनों का ही माना जाता है और 5 घण्टे 48 मिनट और 46 सेकण्ड का जो अधिक समय बच जाता है वह चार साल में करीब 1 दिन पूरा होता है जिससे हर चौथा वर्ष अधिवर्ष (Leap Year) होता है और यह 366 दिनों का होता है। बढ़ा हुआ 1 दिन फरवरी महीना में जोड़ा जाता है।

वार्षिक गति के प्रमाण (Proofs of Revolution) :- पृथ्वी के अपने कक्ष-पथ (Orbit) पर सूर्य की परिक्रमा करने के कुछ प्रमाण निम्न हैं-

ताराओं (Stars) का एक वर्ष के बाद फिर प्राय: उसी स्थान पर दिखाई देना :- रात के समय हम आकाश में देखते हैं कि तारे पूर्व में उदित होकर पश्चिम में अस्त हो जाते हैं। कुछ दिनों के बाद धीर-धीरे ये अदृश्य हो जाते हैं और उनके स्थान पर दूसरे तारे दिखाई देते हैं। इस तरह ये सभी तारे या नक्षत्र धीरे-धीरे अदृश्य हो जाते हैं। पर ठीक एक वर्ष के बाद फिर ये ही तारे हमें प्राय: उसी स्थान पर दिखाई देते हैं जहाँ एक वर्ष पहले थे। इस तरह हम देखते हैं कि पृथ्वी एक वर्ष में सूर्य का एक चक्कर लगाती है।

सभी ग्रहों का सूर्य की परिक्रमा करना :- शक्तिशाली दूरबीन से यह देखा गया है कि सौरमण्डल के अन्य सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। पृथ्वी भी सौरमण्डल का एक ग्रह है। अत: इसका भी सूर्य की परिक्रमा करना स्वाभाविक है।

सूर्य का उत्तरायण और दक्षिणायन होना :- 21 मार्च और 23 सितम्बर को सूर्य ठीक भू-मध्य रेखा (0°) पर लम्बवत् पड़ता है। इन दोनों तिथियों को सूर्य ठीक पूर्व में उदय होता है और ठीक पथिम में अस्त होता है। 21 मार्च के बाद यदि हम उग्ते हुए सूर्य को प्रतिदिन देखें तो हमें यह कुछ उत्तर की ओर घिसक कर उदय होता दिखाई देता है और 21 जून को यह कर्क रेखा पर अर्थात् (23 \(\frac{1}{2}\)°) या पूर्ण रूप से उत्तर की ओर उदय होता दिखाई देता है। फिर 21 जून के बाद धीरे-धीरे दक्षिण की ओर उदय होता दिखाई देने लगता है और अन्त में 23 दिसम्बर को फिर भूमध्य रेखा पर उदय होता है।

इसी समय 21 मार्च और 23 सितम्बर के बाद सूर्य प्रत्येक दिन दक्षिण की ओर घिसक कर उदय होता दिखाई देता है और दिसम्बर को मकर रेखा पर (23 \(\frac{1}{2}\)°) लम्बवत् पड़ता है। इसके बाद उत्तर की ओर घिसक कर उगते हुए 21 मार्च को फिर भूमध्य रेखा पर लम्बवत् पड़ता है। इसी समय को (23 सितम्बर से 21 मार्च के बीच) हम सूर्य को दक्षिणायन कहते हैं। सूर्य का उत्तरायण-दक्षिणायन होना पृथ्वी की वार्षिक गति का प्रमाण है।

ऋतु परिवर्तन एवं दिन रात का छोटा-बड़ा होना :- यदि पृथ्वी अपनी ही धूरी पर चक्कर काटती तो एक स्थान पर हमेशा एक ही तरह की ऋतु रहती।

गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त :- न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत (Law of Gravity) के अनुसार जो वस्तु जितना विशाल होगी, उसका गुरुत्वाकर्षण बल भी उतना ही अधिक होगा। चूँकि पृथ्वी से सूर्य 13 लाख गुना बड़ा है, अत: सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी की तुलना में अधिक होगा। इस कारण पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करेगी, सूर्य पृथ्वी का नहीं।

WBBSE Class 9 Geography Solutions Chapter 2 पृथ्वी की गतियाँ

प्रश्न 4.
पृथ्वी की वार्षिक गति के प्रभाव को समझाइए।
(Explain the effects of revolution or Annual motion of the earth.)
उत्तर :
वार्षिक गति का प्रभाव (Effects of Revolution) :- पृथ्वी की वार्षिक गति के निम्नलिखित प्रभाव हैं-
वर्ष का निर्माण :- पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण ही वर्ष का निर्धारण होता है। पृथ्वी परिभ्भमण करती हुई सूर्य की 365 % दिन में एक चक्कर लगा लेती है। इस चक्कर की अवधि ही एक वर्ष है। सुविधा के लिए 365 दिन को ही एक वर्ष मान लेते हैं तथा चार वर्ष बाद शेष (\(\frac{1}{4}\) × 4) को 1 दिन के रूप में फरवरी में जोड़ देते हैं। इस तरह हर चौथे वर्ष को अधिवर्ष (Leap Year) कहते हैं।

धुव वृत्तों का निर्धारण :- उत्तरी तथा दक्षिणी धुवों के पास कुछ क्षेत्रों में 24 घण्टे से अधिक दिन तथा 24 घण्टे से अधिक रात होती है। इसकी सीमा का निर्धारण 66 \(\frac{1}{2}\)° अक्षांश रेखा करती है। 66\(\frac{1}{2}\)° उत्तरी अक्षांश रेखा को उत्तरी धुर्व वृत्त तथा 66 \(\frac{1}{2}\)° दक्षिणी अक्षांश रेखा को दक्षिणी धुव वृत्त कहते हैं।

कर्क एवं मकर रेखाओं का निर्धारण :- भू-अक्ष के 23 \(\frac{1}{2}\)° युका होने के कारण भूमण्डल पर एक ऐसा क्षेत्र है जिसके विभिन्न स्थानों पर वर्ष में किसी न किसी दिन सूर्य की लम्बवत् किरणें अवश्य प्राप्त होती है। इस सीमा के बाहर सूर्य की किरणें कभी भी लम्बवत् नहीं पड़ती। 23\(\frac{1}{2}\)° उत्तरी अक्षांश रेखा सूर्य की किरणों के लम्बवत् पड़ने की उत्तरी सीमा है। इसे कर्क रेखा कहते हैं। 23\(\frac{1}{2}\)° दक्षिणी अक्षांश रेखा सूर्य की किरणों के लम्बवत् पड़ने की दक्षिणी सीमा है। इसे मकर रेखा कहते हैं। कर्क एवं मकर रेखाओं को अयन रेखायें (Tropics) कहते हैं।

धुवों पर छ: महीने का दिन एवं छ: महीने की रात :- पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण छः महीने तक उत्तरी धुव तथा छ: महीने तक दक्षिणी धुव सूर्य के सामने रहता है। सूर्य के सामने वाले धुव पर छः महीने का दिन तथा विपरीत धुव पर छ: महीने की रात होती है।

मध्याह्नकालीन सूर्य की ऊँचाई में अन्तर :- एक ही स्थान पर मध्याह्लकाल में सूर्य की किरणे कभी सीधी तथा कभी तिरछी पड़ती है। इसका मुख्य कारण पृथ्वी की वार्षिक गति है। यदि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा नहीं करती तो सूर्य की किरणें हमेशा एक ही स्थान पर समान रूप से पड़ती।

ताप कटिबन्धों का निर्धारण :- वार्षिक गति के कारण ही कर्क एवं मकर रेखा तथा धुव वृत्तों की कल्पना की गई है। इन्हीं के आधार पर ताप कटिबन्धों का निर्धरण होता है। कर्क तथा मकर रेखाओं के बीच के स्थान को उष्णकटिबन्ध (Tropical Zone) कहते हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में कर्क रेखा तथा उत्तरी भुव वृत्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध मे मकर रेखा एवं दक्षिणी धुव वृत्त के बीच के भाग को समशीतोष्ण कटिबन्ध (Temperate Zone) कहते हैं। ध्रुव वृत्तो तथा धुवों के बीच के भाग को शीत कटिबन्ध (Freezed Zone) कहते हैं।

ऋतु का परिवर्तन :- पृथ्वी अपने कक्ष-तल के साथ 66 \(\frac{1}{2}\)° का कोण बनाती हुई सूर्य की परिक्रमा विभिन्न स्थितियों में करती है। पृथ्वी की ये चार स्थितियाँ हैं जिनसे ऋतुओं का जन्म होता है-
(क) 21 जून की स्थिति
(ख) 23 सितम्बर की स्थिति
(ग) 22 दिसम्बर की स्थिति
(घ) 21. मार्च की स्थिति।

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प्रश्न 5.
ॠतु परिवर्तन कैसे होता है?
(How are season rotate?)
अथवा
ॠतु परिवर्तन के क्या कारण हैं?
(What are the causes of change of seasons?)
उत्तर :
ॠतु-परिवर्तन के कारण (Causes of change of seasons) :-
पृथ्वी का परिक्रमण :- यदि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा न करती तो सूर्य से उसकी दूरी हमेशा समान रहती और उत्तरी गोलार्द्ध में सदा सूर्य की ओर झुके रहने के कारण वहाँ वर्ष भर गर्मी रहती तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में शीत ऋतु रहती। परन्तु ऐसा नहीं होता है। भू-परिक्रमण के कारण दोनों में समय-समय पर शीत तथा ग्रीष्म ऋतुएँ आती रहती है। बसन्त एवं शिशिर की स्थिति तब होती है जब दोनों गोलार्द्धों में सूर्य की सापेक्ष स्थितियाँ एक-सी होती हैं।

पृथ्वी के अक्ष का झुका होना :- पृथ्वी का अक्ष लम्बवत्स्थिति से 23\(\frac{1}{2}\)° सुका है। यह अक्षतल से 6612^0 का कोण बनाता है। अत: जो धुवीय भाग सूर्य की ओर सुका रहता है उस पर अधिक ताप प्राप्त होता है। पृथ्वी के अक्षीय डुकाव के कारण जब उत्तरी ध्रुव क्षेत्र सूर्य से प्रकाश एवं ताप प्राप्त करता है तो दक्षिणी धुव इससे वंचित रह जाता है। अतः ऋतु में भिन्नता आती है।

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सूर्य की कोणिक ऊँचाई में अन्तर :- सूर्य की लम्बवत् किरणें तिरछी किरणों की अपेक्षा अधिक गर्मी देती है। वर्ष के जिस भाग में सूर्य की कोणिक ऊँचाई अधिक होती है, उस समय वहाँ गर्मी की ऋतु तथा जिस भाग में कोणिक ऊँचाई कम होती है, उस समय जाड़े की ऋतु होती है।

पृथ्वी के अक्ष का एक ही ओर झुका रहना :- पृथ्वी का अक्ष सदा एक ही दिशा में युका रहता है। परिक्रमा काल में अक्ष की दिशा में कोई परिवर्तन नहीं होता है। अत: कभी उत्तरी ध्रुव सूर्य के सामने रहता है तो कभी दक्षीणी ध्रुव। जो गोलार्द्ध सूर्य के सामने झुका रहता है उस गोलार्द्ध में दिन बड़ा तथा रात छोटी होती है। इसके विपरीत गोलार्द्ध में प्रतिकूल दशा रहती है।

दिन-रात की लम्बाई में अन्तर :- पृथ्वी दिन में सूर्य से जो गर्मी प्राप्त करती है रात में वही गर्मी पृथ्वी से निकलती है। वर्ष के जिस भाग में दिन और रात की लम्बाई बराबर होती है उस समय दिन में सूर्य से प्राप्त ताप से रात में मुक्त ताप बराबर रहता है। अतः उस समय न तो गर्मी और न तो जाड़े की ऋतु होती है। जिस अवधि में दिन रात से बड़ा होता है उस समय दिन में जितना ताप सूर्य से प्राप्त होता है उतना ताप पृथ्वी से मुक्त नहीं होता। अतः वहाँ गर्मी की ऋतु होती है। इसके विपरीत जिस अवधि में रात दिन से बड़ी होती है उस समय दिन में सूर्य से जितना ताप प्राप्त होंता है उससे अधिक ताप निकल जाता है जिससे वहाँ जाड़े की ऋतु होती है।

प्रश्न 6.
पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के महत्व का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
पृथ्वी के अक्ष का झकाव एवं महत्व (Inclination of the Earth’s axis and its signifi- cance) :- पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 \(\frac{1}{2}\) ° झुकी हुई है और इसी अवस्था में 24 घण्टे में पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती हुई एक चक्कर पूरा करती है। इस प्रकार पृथ्वी के अक्ष से 23 \(\frac{1}{2}\)° झुकाव के कारण स्पष्ट एव निर्धारित समययुक्त दिन और रात होता है साथ ही कर्क (23\(\frac{1}{2}\)° N) और मकर (23 \(\frac{1}{2}\)° S) रेखाओं का निर्धारण होता है। इस प्रकार पृथ्वी के अक्षीय घुकाव (23\(\frac{1}{2}\)°). के कारण ही कर्क संक्रान्ति एवं मकर संक्रान्ति जैसी घटनायें होती हैं। कर्क संक्रान्ति यानि सूर्य का 23\(\frac{1}{2}\)° \mathrm{N} पर चमकना उत्तरी गोलार्द्ध के लिए महत्वपूर्ण घटना है जो सूर्य द्वारा प्रदत्त इस गोलार्द्ध के निवासियों विशेषकर उच्च अक्षाशों (66\(\frac{1}{2}\)° W से 80° N अक्षांश) के लिए वरदान है।

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प्रश्न 7.
पृथ्वी पर दिन-रात छोटे बड़े क्यों होते हैं?
उत्तर :
दिन-रात का छोटा-बड़ा होना :- आप जानते हैं कि वर्ष भर रात-दिन की लम्बाई समान नहीं होती। जिस अक्षांश रेखा का जितना ही अधिक भाग सूर्य के प्रकाश में रहता है, वहाँ उतना ही बड़ा दिन होता है। प्रकाश वृत्त भूमध्य रेखा को वर्ष भर दो समान भागों में बाँटता है। अतः वर्ष भर इस रेखा का आधा भाग सूर्य के प्रकाश में तथा आधा भाग अन्धकार में रहता है। अतः भूमध्य रेखा पर वर्ष भर दिन और रात की लम्बाई बराबर होती है। इसी से भूमध्य रेखा को विषुव रेखा (Line of Equinox) भी कहते हैं। परन्तु अन्य अक्षांशों पर रात-दिन की लम्बाई वर्ष भर समान नहीं होती। इसके निम्नलिखित कारण हैं-

पृथ्वी के अक्ष का कक्ष-तल पर झुका होना :- यदि पृथ्वी अपनी धुरी पर सीधी खड़ी होती तो प्रकाश वृत्त (Circle of illumination) वर्ष भर दोनों धुवों से होकर गुजरता तथा सभी अक्षांश रेखाओं को दो बराबर भागों में बाँटता। सभी अक्षांश रेखाओं का आधा भाग सूर्य के प्रकाश में तथा आधा भाग अन्धकार में रहता और सर्वन्र वर्ष भर रातदिन की लम्बाई बराबर होती। परन्तु पृथ्वी की अक्ष रेखा अपने कक्षतल पर 90° के स्थान पर 66\(\frac{1}{2}\)° का कोण बनाती है या अक्ष रेखा लम्ब रूप से 23 \(\frac{1}{2}\)° टुकी हुई रहती है। अत: भूमध्य रेखा के अतिरिक्त उत्तरी तथा दक्षिणी दोनों गोलार्द्धों के अन्य किसी भी अक्षांश रेखा को प्रकाश वृत्त दो समान भागों में नहीं बाँटता। फलस्वरूप भूमध्य रेखा के अतिरिक्त शेष सभी भागों में दिन-रात की लम्बाई में अन्तर होता रहता है।

पृथ्वी की वार्षिक गति :- यदि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा न करती होती तो सर्वदा पृथ्वी के एक गोलार्द्ध में दिन बड़े तथा राते छोटी होती और दूसरे गोलार्द्ध में दिन छोटे तथा रातें बड़ी होती। परन्तु पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण उत्तरी तथा दक्षिणी गोलार्द्ध बारी-बारी से सूर्य के सामने आते रहते है जिससे वर्ष के विभिन्न भागों में रात-दिन की लम्बाई में परिवर्तन होता रहता है।

पृथ्वी के अक्ष का सदा एक ही ओर झुका रहना :- सूर्य की परिक्रमा करते समय वर्ष भर पृथ्वी की अक्ष रेखा अपने कक्ष-तल पर सदा एक ही ओर हुकी रहती है। इस कारण कभी उत्तरी धुव तथा कभी दक्षिणी धुव सूर्य की ओर झुक जाता है। जब उत्तरी धुव सूर्य की ओर झुक जाता है, तो उत्तरी गोलार्द्ध की अक्षांश रेखाओं का आधे से अधिक भाग सूर्य के प्रकाश में आ जाता है जिससे वहाँ दिन बड़े तथा राते छोटी होती हैं। इसके विपरीत जब सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में लम्बवत् चमकता है तो दक्षिणी गोलार्द्ध में दिन बड़े तथा रात छोटे होने लगते हैं।

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प्रश्न 8.
पृथ्वी की दैनिक और वार्षिक गति में क्या अन्तर है?
उत्तर :
दैनिक गति एवं वार्षिक गति में अन्तर (Difference between Rotation and Revolution):-

दैनिक गति (परिभ्रमण) [Rotation] वार्षिक गति (परिक्रमण) [Revolution]
1. दैनिक गति में पृथ्वी अपने अक्ष (Axis) पर पश्चिम से पूरब घूमती है। 1. वार्षिक गति में पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है।
2. इस गति में पृथ्वी को 24 घण्टे का समय लगता है। 2. इस गति में पृथ्वी को 365 दिन का समय लगता है।
3. दैनिक गति के कारण रात-दिन होते हैं। 3. इस गति के कारण रात-दिन की अवधि में अन्तर आता है
4. इस गति के कारण काल परिवर्तन होता है। 4. इस गति के कारण ऋतुपरिवर्तन की अवधि में अन्तर आता है
5. इसमें पृथ्वी की गति अपेक्षाकृत मन्द 1630 km / hr. होती है। 5. इसमें पृथ्वी की गति अत्यधिक तीव्र 30  km / s होती है

प्रश्न 9.
पृथ्वी पर दिन-रात कैसे होते हैं? वर्णन करो।
अथवा
एक प्रयोग द्वारा पृथ्वी पर दिन-रात के होने का प्रमाण दो।
अथवा
सुर्योदय और सुर्यास्त कैसे होता है? प्रयोग द्वारा सिद्ध करो।
उत्तर :
सूर्योदय तथा सूर्यास्त (Sunrise and Sunset) :- आइये प्रयोग द्वारा यह समझने का प्रयल करें कि किसी स्थान पर सूर्य कैसे उदय तथा अस्त होता है। एक गोलक लें और मान ले कि यह पृथ्वी है। किसी स्थान ‘अ’ को प्रदर्शित करने के लिए गोलक पर एक बिन्दु अंकित करें।

अब किसी अंधेरे कमरे में एक जलती हुई बत्ती के सामने गालक को इस प्रकार रखें कि ‘अ’ स्थान अंधेरे में रहे। यह जलती हुई बत्ती सूर्य को प्रदर्शित करती है। अब गोलक को बायें से दायें धीरे-धीर घुमायें। ‘अ’ स्थान धीरे- धीरे सूर्य (बत्ती) की और घूमता है और कुछ समय बाद धुँघले से प्रकाश में आता है। इसका अर्थ यह हुआ कि वहाँ ऊषाकाल (सूर्योदय से पहले का समय) हो रहा है। गोलक को थोड़ा और आगे घुमाने पर सूर्य की प्रथम किरणे ‘अ’ स्थान पर पड़ने लगेंगी और वहाँ सूर्योदय का समय होगा। सूर्योदय के समय सूर्य की किरणे धरातल पर तिरछी पड़ती है।

जैसे-जैसे गोलक घूमता है सूर्य आकाश में चढ़ता हुआ प्रतीत होता है और फिर सूर्य की किरणें लम्बवत् पड़ने लगती है। इस समय ‘अ’ बिन्दु पर मध्याह्न होता है। इसके बाद यह बिन्दु जैसे-जैसे सूर्य से दूर होती है त्यों-त्यों सूर्य आकाश में उतरता प्रतीत होता है। सूर्यास्त के बाद सूर्य क्षितिज के नीचे चला जाता है। उस समय वहां आधी रात होती है। इस तरह पृथ्वी के विभिन्न भागों में सूर्य पूर्व में उदय होकर पश्चिम में अस्त होता है। फलस्वरूप पृथ्वो पर सूर्योदय, दोपहर तथा रात होती है। इसे सूर्य की आपात दैनिक गति कहते हैं।

प्रश्न 10.
ग्रहीय हवाओं अथवा स्थायी पवनों के विचलन का वर्णन करो।
उत्तर :
भूमण्डलीय अथवा स्थायी पवनों का विचलन (Deflection of planetary winds) :- पृथ्वी के उपर जो भी प्रवाहमान वस्तुएँ (हवाएँ एवं धाराएँ) हैं वह प्रथ्वी के घूर्णन के कारण सीधी न चलकर विचलित हो जाया करती है।

इस विचलन का पता सर्वप्रथम सन् 1835 ई० में जी०जी०डी० कोरियोलिस ने लगाया था। अत: उन्हीं के नाम पर इस बल को कोरियोलिस बल (Coriolis Force) कहा गया। उनके इस सिद्धान्त को और आगे बढ़ाते हुए 1855 ई० मे विलियम फेरल ने वायु के विचलन सम्बन्वी एक स्पष्ट नियम बनाया जिसे उन्हीं के नाम पर फेरल का नियम (Ferrel’s Law) कहते हैं।

इस नियम के अनुसार धरातल पर स्वतंत्र रूप से चलनेवाली सभी गतिशील वस्तुएँ जैसे हवाएँ एव धाराएँ पृथ्वी की दैनिक गति के प्रभाव से उत्तरी गोलार्द्ध में अपने से दाहिनी ओर तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में अपने से बायों ओर मुड़ जाती हैं। फेरल के नियम के आधार पर हॉलैण्ड के बाइजबैलेट ने यह नियम निकाला- ‘यदि हम उत्तरी गोलार्द्ध में आती हुई पवन की ओर पीठ करके खड़े हो जायें तो हमारे दाहिनी ओर उच्च वायुदाब तथा बाई ओर निम्न वायु दाब होगा। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्द्ध में हमारी दाहिनी ओर निम्न वायुदाब तथा बाई ओर उच्च वायुदाब होगा।”

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प्रश्न 11.
अपसौर और उपसौर क्या हैं ?
(What are Aphelion and Perihelion?)
उत्तर :
अपसौर या उत्तरायण रविउच्च (Aphelion) :- सूर्य एवं पृथ्वी के बीच औसत दूरी 149.6 लाख कि०मी० है। परन्तु पृथ्वी अण्डाकार मार्ग पर सूर्य की परिक्रमा करती है जिसके कारण सूर्य से पृथ्वी की अधिकतम दूरी 15.20 करोड़ कि॰मी॰ होती है। यह स्थिति 4 जुलाई को होती है। इसे अपसौर (Aphelion) कहते हैं। अतः वह स्थिति जब पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर अवस्थित होता है, अपसौर या रविउच्च या उत्तरायण कहते हैं। Aphelion दो शब्दों Ap (Away From) एवं Helion (सुर्य) से मिलकर बना है जिसका तात्पर्य सूर्य से दूरस्थ स्थिति है।

उपसौर या अनुसूर्य या दक्षिणायन रविनिच्च (Perihelion) :- चूँकि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा अण्डाकार पथ पर चलते हुए करती है जिससे केन्द्र में सूर्य नहीं रह पाता वरन थोड़ा हटकर अवस्थित रहता है। इससे पृथ्वी सूर्य के समान दूरी पर नहीं रहती है। जब पूथ्वी एवं सूर्य के बीच की दूरी सबसे कम 14 करोड़ 70 लाख कि॰मी० होती है तब यह स्थिति उपसौर या अनुसूर्य या दक्षिणायन (Perihelion) कहलाती है। यह स्थिति 3 जनवरी को होती है। Perihelion दो शब्दों Peri (near निकट) और helion (सूर्य) से मिलकर बना है जिसका तात्पर्य है सूर्य से समीपस्थ स्थिति।

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 1 ग्रह रूप में पृथ्वी

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ग्रह रूप में पृथ्वी Class 9 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
पृथ्वी का आकार कैसा है?
(a) गोल
(b) चपटा
(c) पृथ्वाकार
(d) चपटा गोलाभ या जियॉड
उत्तर :
(d) चपटा गोलाभ या जियॉड ।

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प्रश्न 2.
इरात्स्थनीज ने पृथ्वी का अर्थव्यास कितना निर्धारित किया :
(a) 6400 km
(b) 17000 km
(c) 1800 km
(d) 6368 km
उत्तर :
(a) 6400 km

प्रश्न 3.
जी० पी० एस० क्या है?
(a) पृथ्वी की माप
(b) पृथ्वी से सम्बन्धित उपग्रह प्रणाली
(c) ग्लोबल पोजेशनिंग सिस्टम
(d) उपग्रह प्रणाली।
उत्तर :
(c) ग्लोबल पोजेशनिंग सिस्टम

प्रश्न 4.
पृथ्वी का वास्तविक आकार है
(a) चपटा
(b) पृथ्याकार
(c) उपगोलाकार
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(b) पृथ्थाकार

प्रश्न 5.
आकाश से पृथ्वी देखने पर कैसी प्रतीत होती है :
(d) चपटी
(b) गोलाकार
(c) पृथ्वाकार
(d) धुवों पर चपटी
उत्तर :
(a) चपटी।

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प्रश्न 6.
जिस ग्रह को अनोखा ग्रह कहा जाता है वह है –
(a) पृथ्वी
(b) मंगल
(c) वृहस्पति
(d) शनि
उत्तर :
(a) पृथ्वी

प्रश्न 7.
पृथ्वी का सम्बन्ध निम्नलिखित में से किस आकाश गंगा से है ?
(a) ऐरावत पथ
(b) उसो माइनर सिस्टम
(c) ड्रेकोसिस्टम
(d) लघु मैंगेलेनिक मेघ
उत्तर :
(a) ऐरावत पथ।

प्रश्न 8.
सौर परिवार का सबसे बड़ा प्रह है :
(a) मंगल
(b) बुध
(c) वृहस्पति
(d) शुक्क
उत्तर :
(c) वृहस्पति।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से किस ग्रह को लाल प्रह कहते हैं?
(a) मंगल
(b) शुक्र
(c) पृथ्वी
(d) वृहस्पति
उत्तर :
(a) मंगल।

प्रश्न 10.
सूर्य के सतह का तापमान है :
(a) 6000°C
(b) 4000°C
(c) 8000°C
(d) 5000°C
उत्तर :
(a) 6000°C

प्रश्न 11.
पृथ्वी का ध्रुवीय व्यास है :
(a) 12720 कि०मी०
(b) 12725 कि॰मी०
(c) 12714 कि०मी०
(d) 12730 कि॰मी०
उत्तर :
(c) 12714 कि०मी०।

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प्रश्न 12.
सूर्य से दूरी के अनुसार पृथ्वी का स्थान है –
(a) पहला
(b) तीसरा
(c) पाँचवा
(d) दूसरा
उत्तर :
(b) तीसरा

प्रश्न 13.
निम्न ग्रहों में से किस पर जीवन पाया जाता है?
(a) पृथ्वी
(b) बुध
(c) शुक
(d) मंगल
उत्तर :
(a) पृथ्वी

प्रश्न 14.
सूर्य से दूरी के क्रम में पृथ्वी का कौन-सा स्थान है?
(a) पहला
(b) तीसरा
(c) चौथा
(d) पाँचवाँ
उत्तर :
(b) तौसरा

प्रश्न 15.
सूर्य और पृथ्वी के बीच औसत दूरी कितनी है?
(a) 14 करोड़ किलोमीटर
(b) 15 करोड़ किलोमीटर
(c) 14.92 करोड़ किलोमीटर
(d) 13.9 करोड़ किलोमीटर
उत्तर :
(c) 14.92 करोड़ किलोमीटर

प्रश्न 16.
पृथ्वी की उत्पत्ति के सम्बन्ध में विद्वानों की धारणा है :
(a) पृथ्वी पहले से ही विद्यमान थी
(b) पृथ्वी की उत्पत्ति सूर्य पर विस्फोट होने से हुई
(c) महाकाश में विस्फोट होने से हुई
(d) इसकी रचना ईश्वर ने मनुष्य को बसाने के लिए की
उत्तर :
(c) महाकाश में विस्फोट होने से हुई।

प्रश्न 17.
ग्रहों की संख्या है –
(a) 7
(b) 8
(c) 9
(d) 10
उत्तर :
(b) 8

प्रश्न 18.
सबसे पहले किसने पृथ्वी को गोलाकार बताया ?
(a) आर्यभट्ट
(b) पाइथागोरस
(c) आइजक न्यूनटन
(d) जीन्स
उत्तर :
(b) पाइथागोरस।

प्रश्न 19.
सबसे पहले किसने बताया कि पृथ्वी न केवल गोल है, अपितु धुवों पर चपटी भी है?
(a) आर्यंभट
(b) पाइथागोरस
(c) आइजक न्यूटन
(d) जीन्स
उत्तर :
(c) आइजक न्यूटन।

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प्रश्न 20.
किसने घड़ी के पेणडुलम का प्रयोग कर बताया कि भूमध्य रेखा पर पृथ्वी का व्यास सर्वाधिक है?
(a) आर्यभट्ट
(b) पाइथागोरस
(c) आइजक न्यूटन
(d) रिचर
उत्तर :
(d) रिचर।

प्रश्न 21.
यदि हम एक ही दिशा में चलते जायें तो अन्त में उसी स्थान पर पहुँच जायेंगे, इससे पृथ्वी की आकृति के बारे में क्या स्पष्ट होता है?
(a) कि पृथ्वी गोलाकार है
(b) कि पृथ्वी चपटी है
(c) कि पृथ्वी धुवों पर चपटी है
(d) कि पृथ्वी पृथ्वाकार है
उत्तर :
(a) कि पृथ्वी गोलाकार है।

प्रश्न 22.
पृथ्वी का विषुवतीय व्यास कितना है?
(a) 12757 कि०मी०
(b) 12714 कि॰मी०
(c) 1300 कि॰मी०
(d) 14000 कि०मी०
उत्तर :
(a) 12757 कि॰मी०

प्रश्न 23.
कृत्रिम उपग्रह से प्राप्त विशेष चित्र से पृथ्वी की आकृति के बारे में क्या स्पष्ट होता है ?
(a) पृथ्वी ध्रुवों पर उभरी है
(b) पृथ्वी भूमध्य रेखा पर उभरी है
(c) पृथ्वी गोलाकार है
(d) पृथ्वी का केवल दक्षिणी ध्रुव दबा है, जबकि उत्तरी घुव नहीं दबा है।
उत्तर :
(d) पृथ्वी का केवल दक्षिणी ध्रुव दबा है जबकि उत्तरी धुव नही दबा है।

प्रश्न 24.
सौर परिवार का सबसे छोटा ग्रह है :
(a) मंगल
(b) बुध
(c) शुक
(d) पृथ्वो
उत्तर :
(b) बुध।

प्रश्न 25.
पृथ्वी से सबसे निकट स्थित ग्रह है :
(a) मगल
(b) शुक्क
(c) वृहस्पति
(d) बुध
उत्तर :
(b) शुक।

प्रश्न 26.
सबसे गर्म ग्रह है :
(a) शुक्र
(b) वुध
(c) पृथ्वी
(d) मंगल
उत्तर :
(a) शुक।

प्रश्न 27.
पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास है :
(a) 12757 कि०मी०
(b) 12714 कि०मी०
(c) 12700 कि॰मी०
(d) 12780 कि॰मी०
उत्तर :
(a) 12757 कि०मी०।

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प्रश्न 28.
जोवियन प्रह है :
(a) शनि
(b) शुक्क
(c) बुध
(d) मंगल
उत्तर :
(b) शुक।

प्रश्न 29.
पार्थिव ग्रह है :
(a) मंगल
(b) शुक्र
(c) बुध
(d) मंगल
उत्तर :
(b) शुक्र।

प्रश्न 30.
पृथ्वी के सतह का औसत तापमान है :
(a) 20°C
(b) 17°C
(c) 25°C
(d) 10°C
उत्तर :
(b) 17°C

प्रश्न 31.
जोवियन का अर्थ है –
(a) वृहस्पति की तरह
(b) शानि की तरह
(c) सूर्य की तरह
(d) बुध की तरह
उत्तर :
(a) वृहस्पति की तरह।

प्रश्न 32.
ग्रहों की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिण्ड हैं :
(a) क्षुद्र मह
(b) उपग्रह
(c) उल्का
(d) धूमकेतु
उत्तर :
(b) उपग्रह ।

प्रश्न 33.
सौर मण्डल का एकमात्र ग्रह, जहाँ जीव-जंतुओं एवं वनस्पतियों का अस्तित्व पाया जाता है :
(a) शुक
(b) मंगल
(c) वृहस्सति
(d) पृथ्वी
उत्तर :
(d) पृथ्वी।

प्रश्न 34.
पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है :
(a) चन्द्रमा
(b) यूरोपा
(c) गलिलौन
(d) फोनोस
उत्तर :
(a) चन्द्रमा।

प्रश्न 35.
आकाशीय पिण्ड जिनमें अपना स्वयं का ताप एवं प्रकाश होता है, कहलाते हैं –
(a) गह
(b) उपग्रह
(c) नक्षत्र
(d) क्षुद्र मह
उत्तर :
(c) नक्षत्र

प्रश्न 36.
क्षुद्र ग्रह स्थित है –
(a) मंगल एवं वृहस्पति के बीच
(b) बुध एवं शुक्र के बीच
(c) पृथ्वी एवं शुक के बीच
(d) मंगल एवं पृथ्वी के बौच
उत्तर :
(a) मगल एवं वृहस्पति के बीच

प्रश्न 37.
पृथ्वी की सूर्य से औसत दूरी है –
(a) लगभग 10.8 करोड कि०मी०
(b) लगभग 15 करोड कि०मो०
(c) लगभग 22 करोड़ 80 लाख कि॰मी०,
(d) लगभग 13 करोड़ कि॰मी०
उत्तर :
(b) लगभग 15 करोड़ कि॰मी०

प्रश्न 38.
पृथ्वी के घूर्णन की अवधि है –
(a) लगभग 24.6 घण्टे
(b) लगभग 9.8 घण्टे
(c) लगभग 24 घण्टे
(d) लगभग 10.2 घण्टे
उत्तर :
(c) लगभग 24 घण्टे

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 1 ग्रह रूप में पृथ्वी

प्रश्न 39.
पृथ्वी की एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है –
(a) चन्द्रमा
(b) यूरोपा
(c) गलिलीन
(d) फोबोस
उत्तर :
(a) चन्द्रमा

प्रश्न 40.
पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी हुई है –
(a) 23 1/2°
(b) 66 1/2°
(c) 45°
(d) 31 1/2°
उत्तर :
(a) 23 1/2°

प्रश्न 41.
आरम्भिक काल में लोगों की घारणा थी कि
(a) पृथ्वी चपटी है
(b) गोल है
(c) नारंगी के समान है
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(a) पुध्वी घपटी है

प्रश्न 42.
पृथ्वी को सबसे पहले मापने का काम क्या –
(a) इरोटेस्थनीज
(b) मैगलेन
(c) कॉपरनिकस
(d) कोलम्बस
उत्तर :
(a) इरोटेस्थनीज

प्रश्न 43.
ग्रहों की उत्पत्ति होती है :
(a) तारों से
(b) उपग्रह से
(c) उल्का से
(d) धूमकेतु से
उत्तर :
(a) तारों से ।

प्रश्न 44.
सूर्य से कितने ग्रहों की उत्पति हुई है?
(a) आठ
(b) नौ
(c) दस
(d) ग्यारह
उत्तर :
(a) आठ।

प्रश्न 45.
इनमें से कौन सा ग्रह घड़ीवत (Clockwise) दिशा में सूर्य के चारों ओर घूमता है :
(a) पृथ्वी
(b) अरूण
(c) वृहस्पति
(d) शुक्र
उत्तर :
(b) अरूण।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. पृथ्वी के ध्रुवीय एवं विषुवतीय व्यास में ________कि॰मी॰ का अन्तर पाया जाता है।
उत्तर : 43

2. पृथ्वी की आकृति यदि गोलाकार होती तो भू-पृष्ठ के सभी स्थानों पर ________शक्ति एक समान होती।
उत्तर : गुरुत्वाकर्षण।

3. ________ एवं ________को जुड़वा ग्रह कहते हैं।
उत्तर : पृथ्वी, शुक्र।

4. पृथ्वी के घूर्णन की दिशा है ________
उत्तर : पश्चिम से पूर्व।

5. सूर्य के सबसे निकट________ ग्रह स्थित है।
उत्तर : बुध।

6. ________की वास्तविक आकृति नारंगी के समान है।
उत्तर : पृथ्वी।

7. सूर्य पृथ्वी से ________करोड़ किमी दूर स्थित है।
उत्तर : 15 करोड़ कि०मी०।

8. चन्द्रमा को प्रकाश ________से प्राप्त होता है।
उत्तर : सूर्य।

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9. पृथ्वी का दक्षिणी ध्रुव दबा है, जबकि उत्तरी भुव ________नहीं है।
उत्तर : दबा।

10. सूर्य से दूरी के हिसाब से पृथ्वी ________ग्रह है।
उत्तर : तीसरा।

11. पृथ्वी सौर मण्डल का ________सबसे बड़ा ग्रह है।
उत्तर : तीसरा।

12. अंतरिक्ष से पृथ्वी ________रंग की दिखायी देती है।
उत्तर : नीले।

13. ________सूर्य के बाद पृथ्वी का सबसे निकट तारा है।
उत्तर : प्राक्सिमा सेंचुरी ।

14. पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह ________है।
उत्तर : चन्द्रमा।

15. ________पृथ्वी का उप्रम्रह है।
उत्तर : चन्द्रमा।

16. इराटस्थनीज ________निवासी था।
उत्तर : मिश्र।

17. पृथ्वी का ________व्यास 12742 किमी. है।
उत्तर : औसत

18. पृथ्वी अपने अक्ष पर ________झुकी हुयी है।
उत्तर : 23 \(\frac{1^{\circ}}{2}\)

19. अन्तरिक्ष से देखने पर पृथ्वी ________दिखाई देती है।
उत्तर : गोल।

20. सूर्य से पृथ्वी पर प्रकाश आने में मिनट ________का समय लगता है।
उत्तर : 81

21. सभी ग्रह पृथ्वी के समान ________का चक्कर लगाते हैं।
उत्तर : सूर्य।

22. हमारे सौर मण्डल में ________ग्रह हैं।
उत्तर : 81

23. ________एक मात्र भुद्र ग्रह है, जिसे नँगी आँखों से देखा जा सकता है।
उत्तर : वेस्टाल।

24. ________ग्रह को भोर का तारा कहते है।
उत्तर : शुक।

25. ________सौर परिवार का सबसे चमकीला ग्रह है।
उत्तर : शुक्क।

26. ________सौर मण्डल का सबसे बड़ा उपग्रह है।
उत्तर : टाइटन।

27. ________को नीला ग्रह कहा जाता है।
उत्तर : पृथ्वी।

WBBSE Class 9 Geography MCQ Questions Chapter 1 ग्रह रूप में पृथ्वी

28. ________को अनोखा ग्रह कहा जाता है।
उत्तर : पृथ्वी।

29. आकार की दृष्टि से पृथ्वी का स्थान ___________ है।
उत्तर : पाँचवां।

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. पृथ्वी का औसत अर्धव्यास लगभग 6400 कि॰मी॰ है।
उत्तर : True

2. पृथ्वी की आकृति गोल है।
उत्तर : False

3. इरात्स्थनोज ने पृथ्वी का अर्द्धव्यास 6140.9 कि०मी॰ निर्धारित किया।
उत्तर : True

4. सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरो 14.88 करोड़ कि॰मी॰ है।
उत्तर : False

5. पृथ्वी का ध्रुवीय ब्यास 11714 कि॰मी॰ है।
उत्तर : False

6. पृथ्वी का कुल वजन 6.5 x 1021 टन है।
उत्तर : False

7. पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास -12756 कि०मौ० है।
उत्तर : True

8. प्लूटो एक ग्रह है।
उत्तर : False

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9. प्लूटो को बोना ग्रह कहा जाता है।.
उत्तर : True

10. यूनानी विद्वान अरस्तु ने बताया कि पृथ्वी घपटी है।
उत्तर : False

11. आइजक न्यूटन ने पृथ्वी को नारगी के समान बताया है।
उत्तर : True

12. जॉन हर्शल ने पृथ्वी को नाशपाती के समान बताया।
उत्तर : False

13. वेडफोर्ड ने पृथ्वी की गति के बारे मे प्रयोग किया।
उत्तर : False

14. पृथ्वी के विषुवतीय एवं धुर्वीय व्यास में 43 कि०मी० का अंतर है।
उत्तर : True

15. पृथ्वी एक प्राकृतिक उपग्रह है।
उत्तर : False

16. पृथ्वी सबसे बड़ा ग्रह है।
उत्तर : False

17. पृथ्वी का आकार चपटे उपगोल की तरह है।
उत्तर : True

18. अरुण गह के घुर्णन की दिशा अघड़ित है।
उत्तर : False

19. भूमध्यरेखा पर धुत्र तारे की कोणिक ऊँचाई 90° है।
उत्तर : False

20. ग्रह का अर्थ है घूमने वाला।
उत्तर : True

21. बुध ग्रह 365 दिनों में सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है।
उत्तर : False

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22. तारों का निर्माण उष्ण एवं ज्वलनशील गैसो से हुआ है।
उत्तर : True

23. यूरोपा वृहस्पति का सबसे बड़ा उपम्मह है।
उत्तर : False

24. मंगल 687 दिनों में सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है।
उत्तर : True

25. चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर करता है।
उत्तर : False

26. सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर 8 मिनट 16.6 सेकेण्ड में पहुँचता है।
उत्तर : True

27. पृथ्वी का आकार गोलाकार है।
उत्तर : False

28. पृथ्वी का वास्तविक आकार नारगी के समान है।
उत्तर : False

29. उत्तरी गोलार्ध के उत्तरी ध्रुव से ध्रुवतारे की ऊँचाई 90° है।
उत्तर : True

30. पृथ्वी का कुल क्षेत्रफल 51 करोड़ 54 लाख वर्ग कि०मी० है।
उत्तर : True

31. वृहस्पति सबसे बड़ा ग्रह है।
उत्तर : True

32. बुध सबसे छोटा ग्रह है।
उत्तर : True

33. शुक सूर्य से सबसे नजदोकी अह है।
उत्तर : False

34. प्लूटो सूर्य से सबसे नजदीकी ग्रह है।
उत्तर : False

35. इरात्त्थनीज ने सबसे पहले पृथ्वी के अर्धव्यास को नापा था।
उत्तर : True

36. वृहस्पति के चारों तरफ एक छल्ला है।
उत्तर : False

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37. जॉन हर्शल ने पृथ्वी को नाशपाती के समान बताया।
उत्तर : False

स्तम्भ ‘क’ को स्तम्भ ‘ख’ से सुमेलित कीजिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) प्रहों की संख्या (क) वृहस्पति
(ii) सबसे बड़ा प्रह (ख) वरुण
(iii) सबसे छोटा ग्रह (ग) पृथ्वी पर
(iv) जीव का अस्तित्व (घ) 8

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) प्रहों की संख्या (घ) 8
(ii) सबसे बड़ा प्रह (क) वृहस्पति
(iii) सबसे छोटा ग्रह (ख) वरुण
(iv) जीव का अस्तित्व (ग) पृथ्वी पर

प्रश्न 2.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) पृथ्वी (क) अरुण सूर्य के चारों ओर पूर्व से पश्चिम भमण करता है।
(ii) अरुण (ख) सूर्य के चारों ओर पश्चिम से पूरब वामावर्त दिशा में परिभ्रमण करती है।
(iii) सभी प्रह (ग) सूर्य के चारो ओर पश्चिम से पूर्व परिभ्रमण करते हैं।
(iv) पृथ्वी की (घ) निजी आकृति है।

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) पृथ्वी (ख) सूर्य के चारों ओर पश्चिम से पूरब वामावर्त दिशा में परिभ्रमण करती है।
(ii) अरुण (क) अरुण सूर्य के चारों ओर पूर्व से पश्चिम भमण करता है।
(iii) सभी प्रह (ग) सूर्य के चारो ओर पश्चिम से पूर्व परिभ्रमण करते हैं।
(iv) पृथ्वी की (घ) निजी आकृति है।

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प्रश्न 3.

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) बुध (क) सूर्य के बाद पृथ्वी का निकटम तारा
(ii) प्राक्सिमा सेंचुरी (ख) सूर्य से सबसे निक्र स्थित ग्रह
(iii) शुक (ग) वृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह
(iv) गैनीमिड (घ) जलीय ग्रह
(v) पृथ्वी (ङ) संध्या तारा

उत्तर :

स्तम्भ ‘क’ स्तम्भ ‘ख’
(i) बुध (ख) सूर्य से सबसे निक्र स्थित ग्रह
(ii) प्राक्सिमा सेंचुरी (क) सूर्य के बाद पृथ्वी का निकटम तारा
(iii) शुक (ङ) संध्या तारा
(iv) गैनीमिड (ग) वृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह
(v) पृथ्वी (घ) जलीय ग्रह

 

WBBSE Class 9 Geography Solutions Chapter 1 ग्रह रूप में पृथ्वी

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WBBSE Class 9 Geography Chapter 1 Question Answer – ग्रह रूप में पृथ्वी

एक या दो शब्दों में उत्तर दीजिए : 1 MARK

प्रश्न 1.
किसे अनोखा ग्रह कहा जाता है।
उत्तर :
पृथ्वी।

प्रश्न 2.
पृथ्वी की छाया किसे कहते हैं।
उत्तर :
चन्द्रग्रहण में चन्द्रमा पर पड़ने वाली पृथ्वी की गोल छाया को पृथ्वी की छाया कहते हैं।

प्रश्न 3.
सभी आकाशीय ग्रहों की आकृति कैसी है?
उत्तर :
गोल।

प्रश्न 4.
सौर परिवार में ग्रहों की कुल कितनी संख्या है ?
उत्तर :
आठ।

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प्रश्न 5.
पृथ्वी का आकार कैसा है?
उत्तर :
चपटा उपगोल अथवा पृथ्व्याकार।

प्रश्न 6.
उत्तरी ध्रुव पर ध्रुवतारे की कोणिक ऊँचाई कितनी रहती है?
उत्तर :
90° 1

प्रश्न 7.
पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह को क्या कहते हैं?
उत्तर :
चन्द्रमा

प्रश्न 8.
उस भारतीय का नाम बताइये जिसने पृथ्वी को गोलाकार बताया।
उत्तर :
आर्यभट

प्रश्न 9.
पृथ्वी की वास्तविक आकृति कैसी है?
उत्तर :
पृथ्याकार।

प्रश्न 10.
पृथ्वी के विषुवतीय और धुवीय व्यास में कितना अन्तर है?
उत्तर :
43 कि॰मी०।

प्रश्न 11.
इरात्स्थनीज ने पृथ्वी के परिधि की गणना कब की?
उत्तर :
ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी में।

प्रश्न 12.
बुध अपनी घूर्णन कितने दिनों में पूरा करता है?
उत्तर :
59 दिन।

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प्रश्न 13.
किसी एक गैसीय ग्रह का नाम लिखिए।
उत्तर :
वृहस्पति।

प्रश्न 14.
पृथ्वी की औसत परिधि कितनी है?
उत्तर :
40000 कि॰मी०।

प्रश्न 15.
‘नीला ग्रह’ (Blue Planet) किसे कहते हैं?
उत्तर :
पृथ्वी को।

प्रश्न 16.
किस प्राचीन विद्वान ने पृथ्वी की परिधि 38600 कि॰मी॰ बताई?
उत्तर :
इरास्टथनीज।

प्रश्न 17.
अरस्तू ने किस आधार पर बताया कि पृथ्वी गोलाकार है?
उत्तर :
चन्द्रम्मण से बनी पृथ्वी की गोलाकार छाया को देखकर।

प्रश्न 18.
किसी वस्तु का वजन भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर क्यों बढ़ता है?
उत्तर :
गुरूत्वाकर्षण के कारण।

प्रश्न 19.
भूमध्यरेखीय उभार, ध्रुव रेखा से थोड़ा हटकर क्यों है?
उत्तर :
क्योंकि भुमध्यरेखीय उभार का व्यास अधिक है।

प्रश्न 20.
किस ग्रह के चारों ओर वलय पाया जाता है?
उत्तर :
शानि।

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प्रश्न 21.
सूर्य की परिक्रमा पूरा करने में पृथ्वी को कितने दिन लगते हैं?
उत्तर :
365 दिन 6 घण्टे।

प्रश्न 22.
चपटा गोलाभ का क्या अर्थ है?
उत्तर :
भूमध्यरेखा पर उभार तथा दोनों धुवों पर चपटा।

प्रश्न 23.
किसने पृथ्वी की परिक्रमा करके बाताया कि पृथ्वी की आकृति गोलाकार है।
उत्तर :
आर्यभट्ट।

प्रश्न 24.
सूर्य से दूरी के अनुसार पृथ्वी का कौन सा स्थान है।
उत्तर :
तीसरा।

प्रश्न 25.
पृथ्वी का भूमध्य रेखीय व्यास कितना है?
उत्तर :
12756 कि० मी०।

प्रश्न 26.
किसने पृथ्वी की आकृति को पृथ्व्याकार बताया था?
उत्तर :
जान हार्सल।

प्रश्न 27.
किस ग्रह पर जीवन सम्भव है?
उत्तर :
पृथ्वी।

प्रश्न 28.
पृथ्वी का ध्रुवीय व्यास कितना है?
उत्तर :
12714 कि०मी०।

प्रश्न 29.
पृथ्वी का विषुवत् रेखीय व्यास कितना है?
उत्तर :
12757 कि०मी०।

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प्रश्न 30.
आइजक न्यूटन ने पृथ्वी की तुलना किस फल से की ?
उत्तर :
नारंगी।

प्रश्न 31.
जीन्स ने पृथ्वी का आकार किस फल के समान बताया?
उत्तर :
नारगी।

प्रश्न 32.
सूर्य से पृथ्वी की दूरी कितनी है?
उत्तर :
14 करोड़ 85 लाख किलोमीटर।

33.
पृथ्वी से चन्द्रमा की औसत दूरी कितनी है?
उत्तर :
3 लाख 84 हजार 400 कि॰मी० (3,84,400)

प्रश्न 34.
शुक्र के वायुमण्डल में किस गैस की मात्रा सबसे अधिक है?
उत्तर :
कार्बन-डाइ-ऑक्साइड।

प्रश्न 35.
सर्वप्रथम किसने पृथ्वी को किसी फल के अनुसार न बताकर पृथ्वाकार बताया?
उत्तर :
जान हार्सल।

प्रश्न 36.
गोलाकार पदार्थ की छाया कैसी होती है?
उत्तर :
गोलाकार।

प्रश्न 37.
पृथ्वी का धुवीय व्यास कितना है?
उत्तर :
12714 कि॰मी०।

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प्रश्न 38.
पृथ्वी से चन्द्रमा की औसत दूरी कितनी है?
उत्तर :
3 लाख 84 हजार 400 कि॰मी० (3,84,400)

प्रश्न 39.
पृथ्वी के एकमात्र उपग्रह का नाम बतलाओ।
उत्तर :
चन्द्रमा।

प्रश्न 40.
पृथ्वी अपने ग्रह पथ पर कितने डिग्री झुकी हुई है।
उत्तर :
23 \(\frac{1^{\circ}}{2}\)

प्रश्न 41.
सूर्य पृथ्वी से कितनी दूरी पर स्थित है?
उत्तर :
15 करोड़ कि०मी०

प्रश्न 42.
उस भारतीय का नाम बताइये जिसने पृथ्वी को गोलाकार बताया।
उत्तर :
आर्यभट्ट।

प्रश्न 43.
किस प्राचीन विद्वान ने पृथ्वी की परिधि 38600 कि॰मी॰ बताया?
उत्तर :
इरात्स्थनीज।

प्रश्न 44.
अरस्तु ने किस आधार पर बताया कि पृथ्वी गोलाकार है?
उत्तर :
चन्द्रमहण के समय चन्द्रमा की गोल छाया के आधार पर।

प्रश्न 45.
आइजक न्यूटन ने पृथ्वी की तुलना किस फल से की?
उत्तर :
नारंगी से।

प्रश्न 46.
वर्तमान में ग्रहों की संख्या कितनी है?
उत्तर :
आठ।

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प्रश्न 47.
यह किसका सिद्धांत है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है तथा ग्रह तथा अन्य पिंड सूर्य के चारों ओर घूमते हैं?
उत्तर :
कॉपरनिकस।

प्रश्न 48.
सौरमंडल का मुखिया किस ग्रह को कहा जाता है?
उत्तर :
पृथ्वी।

प्रश्न 49.
सूर्य पृथ्वी से कितना गुणा बड़ा है?
उत्तर :
13 लाख गुणा।

प्रश्न 50.
सूर्य का व्यास कितना है?
उत्तर :
14 लाख कि०मी०।

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
ग्रहों की उत्पति किस प्रकार हुई है?
उत्तर :
महाकाश में एक प्रचण्ड वेग से विस्फोट हुआ इसके फलस्वरूप ग्रहों की उत्पत्ति हुई।

प्रश्न 2.
आइजक न्यूटन ने पृथ्वी के आकार के बारे में क्या कहा ?
उत्तर :
आइजक न्यूटन ने बताया कि पृथ्वो न केवल गोल है, अपितु वह धुवों पर थोड़ी चपटी भी है।

प्रश्न 3.
जियाड क्या है?
उत्तर :
जॉन हर्सन के अनुसार पृथ्वी का अपना स्वय आकार है जिसे पृथव्याकार (Geoid) कहते हैं।

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प्रश्न 4.
उस प्रथम नाविक का नाम बतलाओं जिसने सर्वप्रथम पृथ्वी की परिक्रमा करके पृथ्वी की आकृति को प्रमाणित किया था ?
उत्तर :
कॉपरनिकस।

प्रश्न 5.
चपटा उपगोल (Oblate spheroid) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
ऐसी आकृति जो अपने केन्द्र मे उभरी हुई हो तथा दोनों किनार पर चपटी हो, उसे चपटा उपगोल कहते हैं।

प्रश्न 6.
पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहते हैं?
उत्तर :
पृथ्वी पर जल की अधिकता के कारण अन्तरिक्ष से रंगीन टेलीविजन द्वारा लिये गये पृथ्वी के चित्र नीले रंग के दिखाई पड़ते हैं। इसी से पृथ्वी को नीला मह (Blue Planet) कहते हैं।

प्रश्न 7.
गोलाकार पदार्थ की छाया गोलाकार होती है। पृथ्वी की गोलाकार आकृति से इसका क्या सम्बन्ध है ?
उत्तर :
चन्द्रम्रण के समय पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है, यह छाया गोल होती है, अत: पृथ्वी गोल है।

प्रश्न 8.
बेडफोर्ड के प्रयोग से क्या समझते हो?
उत्तर :
सन् 1870 ई० मे ए० आर० वेलस ने इग्लेण्ड की बेडफोर्ड नदी में एक-एक कि०मी० के अन्तर पर तीन खम्भे एक सीध में इस प्रकार गाड़ दिये कि वे पानो की सतह से 4 मीटर उपर थे। जब उन्होने दूरबीन द्वारा पहले खम्भे की ऊँचाई से तीसरे खम्भे को देखा तो उन्हें बीच का खम्भा कुछ उपर उठा हुआ मालूम पड़ा। इससे प्रमाणित हुआ कि पृथ्वी गोल है।

प्रश्न 9.
मंगल को लाल ग्रह क्यों कहते हैं?
उत्तर :
मंगल ग्रह लौह युक्त धूल की परतों से ढंका हुआ है। यह देखने में लाल रग एवं चमकीला नजर आता है। अत: इसे लाल म्रह (Red Planet) कहा जाता है।

प्रश्न 10.
शुक्त बुध से अधिक गर्म क्यों है?
उत्तर :
शुक्र का केन्द्रमंडल निकेल एवं लोहा जेसे भारी धातु से बना है। यहाँ रात तथा दिन का तापमान लगभग समान रहता है। इसके पृष्ठ तल का औसत तापमान 4 C है इसलिए यह बुध से अधिक गर्म है।

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प्रश्न 11.
सौरमण्डल क्या है?
उत्तर :
सूर्य सहित सभो खगोलीय पिण्ड जिसमें विचरण करते रहते है, उसे सौरमण्डल कहते हैं।

प्रश्न 12.
गोलाकार वस्तु के चक्कर लगाने से क्या प्रभाव होता है?
उत्तर :
एक ही स्थान वर लौट आना।

प्रश्न 13.
नक्षत्र या तारा किसे कहते हैं?
उत्तर :
रात के समय आकाश की ओर दृष्टि डालने पर हमलोगो को दृष्टिगोचर होता कि आकाश में यत्र-तत्र फैले हुए असंख्य ज्यांतिष्को में कुछ ज्योतिष्कों के प्रकाश टिमटिमाते हुए दिखाई पड़ते हैं। इन्हें ही नक्षत्र कहते हैं।

प्रश्न 14.
ग्रह किसे कहते हैं?
उत्तर :
ग्रह का अर्थ है, ‘घूमने वाला’ (Wanderer)। सूर्य के चारो ओर चक्कर लगाने वाले गोलाक़ार पिण्डों को म्मह कहते हैं। ग्रहों की उत्पत्ति सूर्य से हुई है।

प्रश्न 15.
क्षुद्र ग्रह से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
मंगल और वृहस्सति ग्रहों के बीच दस हजार से भी अधिक छोटे-छोटे ग्रह है, इन्हें क्षुद्र प्रह या आवन्तर ग्रह कहा जाता है।

प्रश्न 16.
धूमकेतु क्या है?
उत्तर :
धूमकेतु एक ज्योतिष पिण्ड है, जो आकार में बहुत छोटे होते हैं, ये बहुत द्विधवृत्ताकार कक्ष में सूर्य की परिक्रमा करते हैं। इसकी एक लम्बी पूंछ होती है। कारण इसे धूमकेतु या पुच्छल तारा भी कहते हैं।

प्रश्न 17.
पार्थिव ग्रह कौन-कौन हैं?
उत्तर :
बुध, शुक्र तथा मंगल पृथ्वी की तरह ठोस है, अत: इन्हे पार्थिव ग्रह कहा जाता है।

प्रश्न 18.
जोबियन ग्रह कौन-कौन हैं?
उत्तर :
वृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेप्चुन आदि जोबियन ग्रह है।

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प्रश्न 19.
सबसे बड़े और सबसे छोटे आवन्तर ग्रहों के नाम लिखो?
उत्तर :
सबसे बड़े आवन्तर प्रह का नाम सिरस तथा सबसे छोटे ग्रह का नाम हार्मस है।

प्रश्न 20.
गैसीय ग्रह किन्हे कहा जाता है?
उत्तर :
वृहस्पति, शनि, युरेनस तथा नेप्चुन गैसों से बने हैं। अत: इन्हें गैसीय मह कहा जाता है।

प्रश्न 21.
जोबियन का क्या अर्थ है? पृथ्वी, शनि, यूरेनस तथा नेप्चुन को जोबियन ग्रह क्यों कहा जाता है?
उत्तर :
जोबियन का अर्थ है वृहस्पति के समान। वृहस्पति, शान, यूरनेस तथा नेप्चुन बड़े आक्रार के ग्रह हैं। अन: इन्ह जोबियन ग्रह कहा जाता है।

प्रश्न 22.
सूर्य के बाद पृथ्वी का सबसे निकट तारा कौन है? यह पृथ्वी से कितना दूर है?
उत्तर :
प्रोक्सिमा सेंचूरी सूर्य के बाद पृथ्वी का सबसे निकट तारा है। यह पृथ्वी से 4.5 प्रकाश वर्ष दूर है।

प्रश्न 23.
प्रकाश वर्ष किसे कहते हैं?
उत्तर :
एक वर्ष में प्रकाश द्वारा तय की गई दूरी को प्रकाश वर्ष कहा जाता है।

प्रश्न 24.
प्रकाश की गति कितनी है?
उत्तर :
प्रकाश को गति तीन लाख कि०मी० प्रति सेकेण्ड है।

प्रश्न 25.
प्रकाश एक वर्ष में कितनी दूरी तय करता है?
उत्तर :
प्रकाश एक वर्ष में 9.461 × 1012 कि०मी० की दूरी तय करता है।

प्रश्न 26.
ब्लू मून क्या है?
उत्तर :
एक कैलेण्डर माह में जब दो पूर्णिमाएँ हों, तो दूसरी पूर्णिमा का चाँद ब्लू मून कहलाता है।

प्रश्न 27.
उपग्रह किसे कहते हैं?
उत्तर :
ग्रहों की परिक्रमा करने वाले आकाशीय पिण्ड को उपम्रह कहते हैं।

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प्रश्न 28.
कक्ष किसे कहते हैं?
उत्तर :
गहों द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने के मार्ग को उसकी कक्ष कहते हैं।

प्रश्न 29.
हैले क्या है?
उत्तर :
हैले एक धूमकेतु है जो 76 वर्ष बाद दिखाई देती है। यह 1986 में दिखाई दी थी और अगली गर 1986+76 =2062 में दिखाई देगी।

प्रश्न 30.
सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों से पृथ्वी के आकार के बारे में क्या जानकारी होती है?
उत्तर :
अन्तरिक्ष में जाने वाले वैज्ञानिको द्वारा लिया गया चित्र पृथ्वी को गोल प्रमाणित करता है।

प्रश्न 31.
अंतरिक्ष किसे कहते हैं?
उत्तर :
तारो, प्रहों तथा अन्य खगोलीय पिण्डों के बीच के खाली स्थान को अंतरिक्ष कहते हैं।

प्रश्न 32.
महाविस्फोट सिद्धांत (Big Bang Theory) किसने दिया?
उत्तर :
महाविस्फोट सिद्धात जार्ज लैमेन्टेयर की देन है।

प्रश्न 33.
महाकाश किसे कहते हैं?
उत्तर :
हमारी पृथ्वी के चतुर्दिक जो कुछ है उसे महाकाश कहते हैं।

प्रश्न 34.
महाकाशचारी किन्हें कहा जाता है?
उत्तर :
मानव निर्मित यानों में बैठकर जो लोग पृथ्वी का भमण करते हैं, उन्हें महाकाशचारी कहा जाता है।

प्रश्न 35.
कृत्रिम उपग्रह किन्हें कहते हैं?
उत्तर :
मानव निर्मित जो सेटेलाइट आकाश में स्थापित किए गए हैं, उन्हे कृत्रिम उपग्म कहने हैं।

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प्रश्न 36.
केन्द्रमुखी बल से तुम क्या समझते हो?
उत्तर :
पृथ्वी जिस बल से वस्तुओं को केन्द्र की तरफ खींचती है, उसे केन्द्रमुखी बल कहते हैं।

प्रश्न 37.
गुरुत्वाकर्षण से तुम क्या समझते हो?
उत्तर :
बह्माण्ड में प्रत्येक वस्तु दूसरी वस्तु को अपनी ओर आकर्ष्षत करती है। इस सर्वव्यापी आकर्षण बल को गुरूत्वाकर्षण कहा जाता है।

प्रश्न 38.
जी० पी० एस० प्रणाली क्या है?
उत्तर :
यह एक ऐसी प्रणाली है जिसके द्वारा त्रियामी स्थित अक्षांश, देशान्तर आदि के बारे में पता चलता है।

प्रश्न 39.
खगोलीय पिण्ड किसे कहते हैं?
उत्तर :
ग्रह, उपग्रह, सूर्य आदि ठोस द्रव अथवा गैसीय पदार्थो से बने पिण्डों को खगोलीय पिण्ड कहते हैं।

प्रश्न 40.
अन्तरिक्ष में भेजे गये कुछ भारतीय कृत्रिम उपग्रहों के नाम बताइए।
उत्तर :
आतरिक्ष में भेजे गये कुछ भारतीय उपग्रह इनसेट, आई० आर० एस०, एडूसैट आदि हैं।

प्रश्न 41.
सौरमण्डल के ग्रहों के नाम लिखिए ?
उत्तर :

  • बुध (Mercury)
  • शुक्र (Venus)
  • पृथ्वी (Earth)
  • मंगल (Mars)
  • वृहस्पति (Jupitar)
  • शनि (Saturn)
  • अरुण (Uranus)
  • वरुण (Neptune)।

प्रश्न 42.
अक्ष किसे कहते हैं?
उत्तर :
पृथ्वी अपनी दैनिक गति जिस कल्पित रेखा के सहारे पूरा करती है, उसे अक्ष कहते हैं।

प्रश्न 43.
धूमकेतु क्या है?
उत्तर :
ये गैस एवं धूलकणो के पुँज होते हैं जो सूर्य की परिक्रमा अति दीर्घ वृत्तीय कक्षा में करते हैं। उनका परिक्रमण कक्ष अव्यर्वस्थित होता है।

प्रश्न 44.
दो धूमकेतुओं के नाम लिखो?
उत्तर :
हेली (Halley) और डोनाटी (Donnaughty)।

प्रश्न 45.
आंतरिक ग्रह किन्हें कहते हैं?
उत्तर :
बुध, शुक, पृथ्वी एवं मंगल आंतरिक ग्रह है।

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प्रश्न 46.
आंतरिक ग्रहों का घनत्व अधिक क्यों होता है?
उत्तर :
आंतरिक ग्रहों का घनत्व अधिक इसलिए होता है क्योंकि ये भारी पदार्थों जैसे सिलिका एवं धातुओं से बने हैं।

प्रश्न 47.
बाह्य ग्रह किन्हें कहा जाता हैं ?
उत्तर :
वृहस्पति, शनि, अरूण एवं वरूण बाह्य ग्रह कहलाते हैं।

प्रश्न 48.
बाह्य ग्रहों का घनत्व कम क्यों होता है?
उत्तर :
बाब्य प्रह हलके तत्वों जैसे हाइड्रोजन, मिथेन आदि से निर्मित हैं। इसलिए इनका घनत्व बहुत कम है।

प्रश्न 49.
किस ग्रह का घनत्व पानी से भी कम है?
उत्तर :
शनि का घनत्व पानी से भी कम है।

प्रश्न 50.
आकाशगंगा क्या है?
उत्तर :
आकाश गंगा एक तारक पुंज है जिसका सदस्य सूर्य है। आकाश गंगा में करीब 100,000 मिलियन तारे हैं। यह तस्तरीनुमा संरचना है जिसमें गैस, घूलकण तथा तारें उपस्थित हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
पृथ्वी की भूमध्यरेखीय उभार का प्रमाण दो।
उत्तर :
सर्वप्रथम सर आइजक न्यूटन ने बताया कि पृथ्वी की दैनिक गति के कारण पृथ्वी का मध्यभाग, भूमध्यरेखा पर केंद्रोपसारी बल अत्यधिक तीव्र हुआ जिसके कारण पृथ्वी भूमध्यरेखा पर उभर गयी और साथ ही साथ केन्द्रोपसारी बल दोनों धुवों पर कम हुआ जिसके कारण पृथ्वी धुवों पर चपटी हो गयी। इस तथ्य को फ्रांसीसी वैज्ञानिक ने 1743 ई० में सिद्ध किया कि पृथ्वी की परिधि भूमध्यरेखा पर धुवों की तुलना में अधिक है।

प्रश्न 2.
पृथ्वी को अनोखा ग्रह क्यों कहा जाता है?
उत्तर :
पृथ्वी सौरमण्डल की एक सदस्या है। आकार की दृष्टि से पृथ्वी, वृहस्ति, शनि, यूरेनस और नेष्व्यून जैसे विशालकाय ग्रहों के सामने बिल्कुल बौनी है। सूर्य तो पृथ्वी से लाखों गुणा बड़ा है, लेकिन पृथ्वा एक जीवन्त ग्रह है। अब तक की जानकारी के अनुसार सारे बह्माण्ड में पृथ्वी ही एक ऐसा प्रह है, जहाँ जीवन पाया जाता है। इस दृष्टि से पृथ्वी सभी ग्रहों में एक अनोखा और अनुपमेय ग्रह है।

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प्रश्न 3.
पृथ्वी की आकृति पर व्याख्यात्मक निष्कर्ष लिखो।
उत्तर :
पृथ्वी की आकार का निर्णय : यह कहना गलत नहीं होगा कि पृथ्वी गोल है। भू-मध्य रेखीय उभाड़ और धुवों का चपटा होना पृथ्वी के चपटा गोलाभ आकृति को दर्शाता है। दो विरोधी बिन्दु एवरेस्ट और मृत सागर है जो एक स्कूल ग्लोब के व्यास को 30 cm घटा देते हैं। इस प्रकार सभी प्रैक्टिकल सन्दर्भ में हम पृथ्वी को एक गोलाकार रूप (Truely spherical shape) में लेते हैं।

प्रश्न 4.
एक ग्रह के रूप में पृथ्वी का वर्णन कीजिए।
अथवा
पृथ्वी को अनोखा ग्रह क्यों कहा जाता है?
उत्तर :
पृथ्वी सौरमंडल का एक विशिष्ट म्रह है। यह सौरमंडल का तीसरा ग्रह है। चंद्रमा इसका प्रमुख उपग्रह है। इसी ग्रह पर जीवन का अस्तित्व पाया जाता है। इस ग्रह पर 71 % जलीय भाग है इसलिए इसे नीलाग्रह कहते हैं। इस ग्रह सूर्य से प्रकाशित होता है। पृथ्वी की दो गतियाँ है – दैनिक और वार्षिक। दैनिक गति के कारण दिन-रात तथा वार्षिक गति के कारण ऋतु परिवर्तन होताह है। इसी ग्रह पर आक्सीजन पाया जाता है।

प्रश्न 5.
पृथ्वी के आकार का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर :
पृथ्वी का आकार : प्रसिद्ध दार्शनिक और गणितज्ञाइथागोरस ने पृथ्वी को गोलाकार और स्थिर बताया है। सत्रहवीं सदी में सर आइजक न्यूटन ने यह बताया था कि पृथ्वी गोल है और दोनों धुवों पर चपटी है तथा भूमध्य रेखा पर उभरी हुई है। इसलिए पृथ्वी को पूर्ण गोलाकार न मानकर चपटा उपगोल (Oblate spheroid) कहा जाता है। जॉन हर्सन के अनुसार पृथ्वी का अपना स्वयं आकार है जिसे पृथव्याकार (Geoid) कहते है।

प्रश्न 6.
बेडफोर्ड के प्रयोग का सचित्र वर्णन करो।
उत्तर :
ए० आर० वैलेस ने इंगलैण्ड में बेडफोर्ड की नहर में समान दूरियों पर तीन खम्भे इस प्रकार गाड़े कि जल तल से उनकी ऊँचाई समान थी। एक ओर से दूरबीन द्वारा देखने पर पता चला कि बीच के खम्भे का सिरा शेष दो खम्भों के सिरों से लगभग 8 इंच ऊँचा था, इसका कारण पृथ्वी की गोल आकृति ही है। यदि पृथ्वी चपटी होती तो सभी खम्भों की ऊँचाई समान दिखाई पड़ती। इसी प्रयोग के आधार पर नहर बनाने वाले अभियन्ता तथा सर्वेक्षण करने वाले प्रत्येक 1 मील की दूरी पर 8 इंच उँचाई का सुधार कर लेते है।

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प्रश्न 7.
पेण्डुलम घड़ी भूमध्यरेखीय पर सुस्त (Slow) और धुवों के पास तेज (Fast) क्यों चलती है?
उत्तर :
यदि हम घड़ी के पेण्डुलम की गति पर विचार करें तो पाते हैं कि घड़ी भू-मध्यरेखा पर धीरे चलती है, जबकि धुवों की ओर तेज चलती है। इसका कारण यह है कि पृथ्वी भू-मध्य रेखा पर उभरी है जिससे घड़ी का पेणडुलम पृथ्वो के केन्द्र से दूर हो जाता है। परिणामस्वरूप भू-मध्यरेखा पर कम गुरुत्वाकर्षण बल पेण्डुलम पर पड़ता है। इसके विपरीत धुवों पर पृथ्वी चपटी है जिससे घड़ी का पेण्डुलम पृथ्वी के केन्द्र के नजदीक होता है और पेण्डुलम पर अधिक गुरुत्व बल कार्य करता है, परिणामस्वरूप घड़ी तेज चलती है। पेरिस धुव के समीप स्थित है, यहाँ पर घड़ी तेज चलती है। जबकि कायने द्वीप (Cayenne Island) भू-मध्यरेखा पर स्थित है जहाँ पर घड़ी धीमी गति से चलती है।

प्रश्न 8.
अक्षांश और देशान्तर के 1° चाप की लम्बाई में अन्तर के कारण की व्याख्या करो।
उत्तर :
ग्लोब पर अक्षांश और देशान्तर रेखाओं के भुजाओं की लम्बाई में अन्तर है। भू-मध्यरेखा पर 1° अक्षांश रेखा की लम्बाई 111.32 कि०मी० है जबकि 1° देशान्तर रेखा की लम्बाई 110.58 कि०मी० है। इस प्रकार 1° अक्षांश रेखा की लम्बाई धरातल पर सभी जगह समान नहीं है, धुवों की ओर बदलती जाती है। 1° अक्षांश रेखा की लम्बाई 110.6 कि०मी० है जबकि भूमध्य रेखा पर 111.7 कि०मी० है। यह भू-मध्य रेखा पर 1.1 कि०मी० लम्बी है। इससे पृथ्वी की चपटी गोलाभ आकृति प्रमाणित होती है।

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प्रश्न 9.
पृथ्वी की भूमध्यरेखीय व्यास उसके ध्रुवीय व्यास से कितना अधिक है?
उत्तर :
12756 कि०मी० 12714 कि०मी०।

प्रश्न 10.
पृथ्वी के चपटा गोलाभ आकृति के दो प्रमाण लिखो।
उत्तर :
(i) वेफोर्ड का प्रयोग (ii) ऊँचाई के साथ क्षितिज का विस्तार।

प्रश्न 11.
पृथ्वी के आकार के बारे में क्या जानते हो?
उत्तर :
पृथ्वी का अपना स्वय आकार है जिसे पृथ्याकार (Geoid) कहते है।

प्रश्न 12.
एरेटोस्थिनीज द्वारा पृथ्वी का अर्धव्यास कितना निर्धारित किया गया था?
उत्तर :
6378 कि॰मी॰ लगभग (6400 km)।

प्रश्न 13.
आइजक न्यूटन ने पृथ्वी के आकार के बारे में क्या कहा?
उत्तर :
आधुनिक काल के प्रसिद्ध वैज्ञानिक मर आइजक न्यूटन (Sir Issac Newton) ने बताया कि पृथ्वी न केवल गोल है, अपितु वह ध्रुवों पर थोड़ी चपटी भी है और इसकी आकृति नारंगी से मिलती है। इन्हीं दिनों रिचर (Ritcher) नामक एक विद्वान ने घड़ी के पेन्डुलम का प्रयोग कर इस बात को प्रमाणित किया कि भू-मध्य रेखा पर पृथ्वी का व्यास अधिकतम है।

प्रश्न 14.
गोलाकार पदार्थ की छाया गोलाकार होती है। पृथ्वी की गोलाकार आकृति से इसका क्या संबंघ है?
उत्तर :
किसी गोल वस्तु की छाया गोल ही होती है। चन्द्रम्रहण के समय पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है, यह छाया गोल होती है, अतः पृथ्वी गोल है।

प्रश्न 15.
पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों की उत्पति कैसे हुई?
उत्तर :
पृथ्वी तथा अन्य ग्रहों की सृष्टि : आधुनिक ज्योतिष्क वैज्ञानिको के मतानुसार सृष्टि के प्रारम्भ में एक विशाल नक्षत्र सूर्य के चारों तरफ घूमते-घूमते एकाएक महाकाश में प्रचण्ड वेग से विस्फोट हुआ। इसके फलस्वरूप नक्षत्रों के टुकड़े महाकाश में बहुत दूर तक फैल गए। अल्प परिमाण में लघु वाष्पोय पिण्ड सूर्य के आकर्षण से उनके चारों तरफ नियमित रूप से निश्चित पथ पर घूमने लगे। इस प्रकार से ग्रहों की सृष्टि हुई। क्रमशः ताप विकिरण के फलस्वरूप वे ठण्डे होते गए। हमलोगों का निवास क्षेत्र जिस ग्रह मे स्थित है, उसे पृथ्वी कहा जाता है। यह पृथ्वी भी एक समय वाष्पीय पिण्ड थी। कालक्रम से ताप विकिरण के फलस्वरूप पृथ्वी ठण्डी होकर प्राणियों के लिए उपयोगो बनी।

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प्रश्न 16.
सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों से पृथ्वी के आकार के बारे में क्या जानकारी होती है?
उत्तर :
सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों से पृथ्वी के आकार पृथ्याकार (Geoid) जैसा दिखता है तथा ज़ल के अधिक विस्तार होने के कारण यह नीला दिखायी देता है।

प्रश्न 17.
सौर मण्डल के ग्रहों के नाम लिखिए।
उत्तर :
वुध, शुक्र, पृथ्वी, मगल, वृहस्पति, शान, अरुण, वरुन

प्रश्न 18.
ग्रह एवं उपग्रह में अंतर स्पष्ट कीजिए ?
उत्तर :

ग्रह उपग्रह
1. ग्रहों का जन्म सूर्य या तारा से हुआ है। 1. उपग्रह का जन्म ग्रह से हुआ है।
2. सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। 2. सभी उपग्रह अपने-अपने ग्रह की परिक्रमा करते हैं।
3. ग्रहों की कुल सख्या 8 है। 3. सौर मंडल में कुल छोटे-बड़े 61 उपग्रह हैं।

प्रश्न 19.
जब हम कहते हैं कि ‘पृथ्वी एक नीला ग्रह’ है तो आप इससे क्या समझते हैं?
अथवा
पृथ्वी का वर्णन नीले ग्रह के रूप में करो।
उत्तर :
अंतरारक्ष से देखने पर पृथ्वी एक नीले तथा चमकीले गोले के समान दिखाई देती है। इसका कारण यह है कि भूतल का अधिकाश भाग (लगभग 70 %) जल से घिरा हुआ है, जिसका रंग नोला है। अत: इसे नोला ग्रह भी कहा जाता है।

प्रश्न 20.
पृथ्वी की भूमध्यरेखीय उभार का वर्णन करो।
उत्तर :
पृथ्वी की आकृति चपटा गोलाभ है। जब पृथ्वी नवीन मुलायम और पिघली अवस्था में थी तो पृथ्वी के परिभ्रमण गति का प्रभाव इसकी आकृति पर पड़ा। अतः पृथ्वी भूमध्यरेखा पर उभर गयी और दोनों ध्रुवों पर चपटी हो गयी।

प्रश्न 21.
पृथ्वी के गोलाकार आकृति के महत्व का वर्णन करो।
उत्तर :
पृथ्वी के गोलाकार आकृति का महत्व :

  1. हम पृथ्वी को गोल मान कर समय की गणना करते हैं।
  2. हम पृथ्वी को ग्रह का आधार मानकर ग्लोब पर स्थान की स्थिति का निर्धारण करते हैं।
  3. दिशा का निर्धारण पृथ्वी के गोल आकार द्वारा किया जाता है।

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प्रश्न 22.
उपगोल और गोल में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :

उपगोल (Spheroid) गोल (Sphere)
1. यह सेव के आकार का होता है। अर्थात दोनों सिरों पर चपटा होता है। 1. यह गोल गेंद के आकार का होता है।
2. इसमें केन्द्र से परिधि की दूरी असमान होती है। चपटे भाग की दूरी कम तथा अन्य भागों की दूरी अभिक होती है। 2. इसमें केन्द्र से परिधि तक की सभी दूरी सर्वत्र समान होती है।

विवरणात्मक प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
पृथ्वी के चपटा गोलाभ आकृति (Oblate Spheroid) का प्रमाण दो। अथवा, ‘ ‘पृथ्वी की आकृति पृथ्याकार (Geoid) है।’ प्रमाणित करो।
उत्तर :
किसी वस्तु का वजन (Weight of any object) : यदि हम किसी वस्तु का वजन करें तो पाते हैं कि यह भू-मध्य रेखा से धुवों की ओर बढ़ता जाता है। ऐसा तभी सम्भव है जब पृथ्वी भूमध्यरेखा पर उभरी और धुवों पर चपटी हो।

पेण्डुलम क्लाक (Pendulam Clock) : यदि हम घड़ी के पेण्डुलम की गति पर विचार करें तो पाते हैं कि यह भूमध्यरेखा पर धीमी गति से चलती है, जबकि ध्रुवों की ओर तेज चलती है। इसका कारण यह है कि पृथ्वी भूमध्य रेखा पर उभरी है जिससे घड़ी का पेण्डुलम पृथ्वी के केन्द्र से दूर हो जाता है। परिणामस्वरूप भूमध्यरेखा पर कम गुरुत्वाकर्षण बल पेण्डुलम पर पड़ता है। इसके विपरीत धुवों पर पृथ्वी चपटी है जिससे घड़ी के पेण्डुलम पर अधिक गुरुत्व बल कार्य करता है, परिणामस्वरूप घड़ी तेज चलती है। पेरिस धुवों के समीप स्थित है, यहाँ पर घड़ी तेज चलती है जबकि कायने द्वीप (Cayenne Island) भूमध्य रेखा पर स्थित है यहाँ पर घड़ी धीमी चलती है।

एक भुजा की लम्बाई (Length of an Arc) : ग्लोब पर अक्षांश और देशान्तर रेखाओं के भुजाओं की लम्बाई में अन्तर है। भूमध्यरेखा पर 1° अक्षांश रेखा की लम्बाई 111.32 कि०मी० है। इस प्रकार 1° अक्षांश रेखा की लम्बाई धरातल पर सभी जगह समान नहीं है, धुवों की ओर बदलती जाती है। 1° अक्षांश रेखा की लम्बाई 110.6 कि०मी० है जबकि भूमध्यरेखा पर 111.7 कि॰मी० है। यह भूमध्यरेखा पर 1.1 कि०मी० लम्बी है। इससे पृथ्वी की चपटी गोलाभ आकृति प्रमाणित होती है।

प्रश्न 2.
ग्रहों की श्रेणी से प्लूटो ग्रह का निष्कासन क्यों हुआ है?
अथवा
प्लूटो को अन्तर्राष्ट्रीय खगोलीय संगठन ने प्रहों से अलग क्यों कर दिया?
उत्तर :
प्लूटो ग्रह का निष्कासन : 24 अगस्त 2006 ई० को पराग (चेक गणराज्य) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खगोल संघ (International Astronomial Union) ने यह घोषणा की कि सौरमडल में केवल आठ ग्रह ही रहेंगे। नौवें ग्रह के रूप में प्लूटो की मान्यता समाप्त कर दी गयी।
प्लूटो ग्रह के निष्कासन के कारण : ग्रह की स्पष्ट वैज्ञानिक परिभाषा के अभाव में अन्य आठ ग्रहों से भिन्नता रखने के बावजूद भी सन् 1930 से प्लूटो नौंवे ग्रह के रूप में स्थापित था। वैज्ञानिक खोजों के फलस्वरूप जब सौरमण्डल में कई पिण्ड खोजे गए तो उनकी पहचान के साथ प्लूटो की ग्रहीय परिकल्पना पर सवाल खड़े होने लगे। अंतर्राष्ट्रीय खगोल संघ द्वारा गठित समिति ने प्रहों की निम्नलिखित नवीन परिभाषा दी है :-

  1. अब वही खगोलीय पिण्ड ग्रह कहलायेंगे, जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
  2. अपने स्वयं के गुरुत्वाकर्षण के लिए उनका न्यूनतम द्रव्यमान इतना हो कि वह लगभग गोल आकृति का हो।
  3. उनकी कक्ष अपने निकट के प्रह के मार्ग को न काटे। प्लूटो उपर्युक्त मापदण्डों पर खरा नहीं उतरता है, इसलिए इसे ग्रहों की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।

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प्रश्न 3.
पृथ्वी की आकृति गोलाकार है, इस संबंध में क्या प्रमाण है? अथवा, पृथ्वी की आकृति से संबंधित प्रमाण लिखिए?
अथवा
पृथ्वी की आकार गोलाकार है। चित्र सहित प्रमाण दो।
अथवा
पृथ्वी गोल है इसे कैसे प्रमाणित किया जा सकता है?
उत्तर :
पृथ्वी के गोलाकार होने के निम्नलिखित प्रमाण हैं :-
अन्तरिक्ष से पृथ्वी का दृश्य (View of the Earth from Space) : प्राचीनकाल में पृथ्वी को गोलाकार प्रमाणित करने के लिए प्रमाणों की आवश्यकता पड़ती थी। हम चन्द्रमा की गोल आकृति को देख सकते हैं। अतः कोई भी व्यक्ति हमसे चन्द्रमा को गोलाकार प्रमाणित करने के लिए नहीं कहता। यही बात आज पृथ्वी के लिए भी है। आज बहुत से रूसी तथा अमेरीकी अन्तरिक्ष यात्रियों ने कृत्रिम उपग्रहों द्वारा पृथ्वी की अनेक परिक्रमाएँ करके अन्तरिक्ष से पृथ्वी के कैमरा-चित्र लिये हैं। अन्तरिक्ष अथवा चन्द्रमा से लिये गये ये चित्र निर्विवाद रूप से प्रमाणित करते हैं कि पृथ्वी की आकृति गोल है। पृथ्वी पर जल की अंधिकता के कारण अन्तरिक्ष से रंगीन टेलीविजन द्वारा लिए गये पृथ्वी के चित्र नीले रंग के दिखलाई पड़ते हैं। इसी से आजकल पृथ्वी को नीला ग्रह (Blue Planet) कहा जाता है।

सौर परिवार के सभी ग्रहों का गोल होना : पृथ्वी तथा सौर-परिवार के अन्य सभी ग्रहों का जन्म सूर्य से ही हुआ है। सौर-परिवार के अन्य सभी ग्रह एवं उनके उपग्रह गोल हैं। अतः पृथ्वी को भी अवश्य ही गोल होना चाहिए।

एक ही दिशा में यात्रा करने पर पुनः उसी स्थान पर लौट आना : यदि हम पृथ्वी के किसी स्थान से चलकर बिना मुड़े एक ही दिशा में यात्रा करते रहे तो पुन: उसी स्थान पर पहुँच जायेंगे, जहाँ से चले थे। यदि पृथ्वी चपटी होती हो उसका किनारा खड़ा होता, जहाँ से यात्री या जहाज नीचे गिर जाते। मैगलन एवं कोलम्बस आदि यात्रियों ने समूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा करके यह प्रमाणित कर दिया है कि पृथ्वी गोल है। आधुनिक जलमार्ग एवं वायुमार्ग पृथ्वी को गोल मानकर ही बनाये गये हैं।

सूर्यादय एवं सूर्यास्त के समय में अंतर : प्रकाश की किरणें सरल रेखा में गमन करती हैं। यदि पृथ्वी चपटी होती तो सम्पूर्ण पृथ्वी पर एक साथ ही सूर्योदय एवं सूर्यास्त होता। परन्तु पृथ्वी के विंभिन्न स्थानों पर सूर्योदय एवं सूर्यास्त भिन्न-भिन्न समयों पर होते हैं। यह पृथ्वी के गोलाकार होने से ही संभव है।

ऊँचाई के साथ क्षितिज का विस्तार : पृथ्वी और आकाश जहाँ मिलते हुए प्रतीत होते हैं उसे क्षितिज कहते हैं। यदि पृथ्वी चपटी होती तो विभिन्न ऊँचाईयों से हमें क्षितिज का विस्तार एक समान ही दिखाई पड़ता।परन्तु यदि हवाई जहाज पर चढ़कर उसकी खिड़की से नीचे की ओर झाँके तो हम देखते हैं कि ज्यों-ज्यों जहाज उपर उठता है, क्षितिज का विस्तार बढ़ता जाता है। इससे प्रमाणित होता है कि पृथ्वी की आकृति गोल है।

सम्पूर्ण जलयान का एक साथ न दिखाई देना : यदि पृथ्वी चपटी होती तो समुद्र में जलयान का पूरा भाग एक साथ ही दिखाई पड़ता तथा एकसाथ ही दृष्टि से ओझल होता। परन्तु यदि हम समुद तट पर खड़े होकर तट की ओर आते हुए जलयान की ओर दृष्टि डाले तो हम देखते हैं कि पहले केवल जहाज का ऊपरी भाग (मस्तूल) ही दिखाई पड़ता है। जहाज के निकट आने पर क्रमशः उसका मध्य एवं नीचे का भाग दिखाई पड़ने लगता है। इसी प्रकार तट से दूर जाते हुए जलयान का सबसे पहले निचला भाग, पुन: मध्य का भाग और अंत में इसका उपरी भाग दृष्टि से ओझल होता है। इससे प्रमाणित होता है कि पृथ्वी गोल है।

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बेडफोर्ड का प्रयोग (Bedford Experiment) : ए० आर० वैलेस ने इंग्लैण्ड में बेडफोर्ड की नहर में समान दूरियों (एक-एक मील की दूरी) पर तीन खंभे इस प्रकार गाड़े कि जल तल से उनकी ऊँचाई समान थी। एक ओर से दूरबीन द्वारा देखने पर पता चला कि बीच के खंभे का सिरा शेष दो खंभो के सिरो से लगभग 8 इंच ऊँचा था। इसका कारण पृथ्वी की गोल आकृति ही है। यदि पृथ्वी चपटी होती तो सभी खंभो की ऊँचाई समान दिखाई पड़ती। इसी प्रयोग के आधार पर नहर बनाने वाले अभियता (Engineer) तथा सर्वेक्षण करने वाले प्रत्येक एक मील की दूरी पर 8 इंच ऊँचाई का सुधार कर लेतें हैं।

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सूर्य की कोणिक ऊँचाई में अन्तर : सूर्य हमारी पृथ्वी के अनन्त दूरी पर स्थित है। अनन्त से आने वाली किरणें समानान्तर होती हैं। समानान्तर किरणें चपटे तल के साथ समान कोण बनाती हैं। परन्तु विभित्र स्थानो पर सूर्य तथा तारों की कोणिक ऊँचाई में अंतर मिलता है। सूर्य की किरणें भूमध्य रेखा पर लम्बवत् पड़ती है। भूमध्य रेखा से दूर जाने पर सूर्य की किरणें तिरछी पड़ने लगती है। यह तभी संभव है जब पृथ्वी की आकृति गोल हो।

ध्रुवतारे की कोणिक ऊँचाई में अंतर :- धुवतारा संदा उत्तरी ध्रुव पर लम्बवत् चमकता है। वहाँ उसकी कोणिक ऊँचाई 90° होती है। ज्यों-ज्यों हम वहाँ से दक्षिण की ओर जाते हैं उसकी कोणिक ऊँचाई घटती जाती है। 45° उत्तरी अक्षांश पर उसकी कोणिक ऊँचाई 45° तथा भूमध्य रेखा (0° अक्षांश रेखा) पर उसकी कोणिक ऊँचाई 0° होती है और वहाँ पर वह क्षितिज पर दिखाई देता है। इससे भी यह प्रमाणित होता है कि पृथ्वी का आकार गोल है।

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चंद्रग्रहण में पृथ्वी की गोल छाया : चंद्रग्रहण में चन्द्रमा पर पड़ने वाली पृथ्वी की छाया गोल होती है। केवल गोल वस्तु की ही छाया गोल हो सकती है। इससे भी प्रमाणित होता है कि पृथ्वी की आकृति गोल है।

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प्रश्न 4.
इरात्स्थनीज द्वारा पृथ्वी की परिधि को मापने के तरीके का सचित्र वर्णन करो।
अथवा
इरात्थ्थनीज ने पृथ्वी की परिधि का आंकलन किस प्रकार किया ?
अथवा
पृथ्वी की परिधि के बारे में व्याख्यात्मक नोट लिखो।
उत्तर :
पृथ्वी की माप (Measurement of the Earth) : पृथ्वी की परिधि की माप ज्ञात करने का प्रयास सर्वप्रथम मिस निवासी इरात्स्थनीज ने किया। उसने 21 जून को कर्क रेखा के पास अस्वान के समीप स्थित सीन (Syene) नगर में ठीक दोपहर के समय एक लम्बवत खम्भा गाड़कर देखा कि सूर्य की किरणें पृथ्वी पर लम्बवत पर रही है और खम्भे के साथ कोई कोण नहीं बना रही है। अगले वर्ष 21 जून को ठीक दोपहर के समय ही सीन से 772 किलोमीटर दूर मिस्न स्थित सिकन्दरिया (Alexandria) में लम्बवत् खम्भा गाड़कर निरीक्षण किया और पाया कि इस स्थान पर सूर्य की किरणें लम्बवत् खम्भे के साथ 7.2°(7° 12) का कोण बना रही है।

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अंतंत दूरी से आने के कारण सूर्य की किरणें समानान्तर होती हैं। आप रेखागणित में पढ़ चुके होंगे कि दो समानान्तर सरल रेखाओं को यदि एक सरल रेखा काटे तो एकान्तर कोण बराबर होते हैं। इस नियम से सूर्य की किरणें सिकन्दरिया में लम्बवत् खम्भे के साथ जो 7.2° का कोण बनाती है सीन व सिकन्दरिया को पृथ्वी के केन्द्द से मिलाने वाली रेखाओं के द्वारा वही 7.2° का कोण पृथ्वी के केन्द्र पर बनता है। पृथ्वी के केन्द्र पर 360° का कोण बनता है जिसमें 7.2° के कोण द्वारा 772 किलोमीटर की दूरी मापी जाती है। अत: इरात्स्थनीज ने निम्न प्रकार से गणना करके पृथ्वी की परिधि की लम्बाई ज्ञात की :-

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उपरोक्त गणना अब भी लगभग सही समझा जाता है। चूँकि व्यास परिधि का 7 / 22 भाग होता है, अत: इरात्स्थनीज की गणना के अनुसार पृथ्वी का व्यास 12,28.8 किलोमीटर तथा अर्द्धव्यास (Radius) 6,140.9 किल्रोमीटर हुआ। वस्तुतः पृथ्वी की भूमध्यरेखीय परिधि 40,077 किलोमीटर तथा ध्रुवीय परिधि लगभग 40,009 किलोमीटर है। पृथ्वी का भूमध्यरेखीय व्यास 12,757 किलोमीटर तथा धुवीय व्यास 12,714 किलोमीटर है। इस प्रकार भूमध्यरेखीय व्यास धुवीय व्यास की अपेक्षा 43 किलोमीटर बड़ा है। इसका कारण पृथ्वी की दैनिक गति या आवर्तन है। आवर्तन गति के कारण ही भूमध्यरेखीय भाग में फैलाव तथा घ्रुवीय भाग में संकुचाव आ गया है। पृथ्वी की औसत अर्द्धव्यास (Radius) 6,368 किलोमीटर (लगभग 6,400 किलोमीटर) है।

प्रश्न 5.
पृथ्वी पर जीवन के लिए अनुकूल कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
पृथ्वी मानव निवास के रूप में (Earth as the home of human kind) : सौरमण्डल के सभी ग्रहों में पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है, जहाँ इसकी आदर्श स्थिति के कारण जीवन संभव है। पृथ्वी पर जीव जगत की उपस्थिति के लिए निम्नलिखित अनुकूल दशाएँ विद्यमान हैं।
अनुकूल तापमान : सूर्य से दूरी के क्रम में पृथ्वी का बुच एवं शुक के बाद तीसरा स्थान है। किसी भी ग्रह पर ताप प्राप्ति की मात्रा सूर्य से दूरी पर निर्भर करती है। पृथ्वी बुष एवं शुक की तरह न ही सूर्य के काफी निकट स्थित है और न ही यूरेनस तथा नेष्यून की तरह बहुत दूर ही स्थित है। सौरमण्डल में इस आदर्श स्थिति के कारण यहाँ ताप प्राप्ति की मात्रा न तो बहुत अधिक है और न ही बहुत कम है। यहाँ सतह का औसत तापमान 17° C के आसपास रहता है। यह तापमान जैव जगत एवं मानव विकास के अनुकूल है।

अनुकूल वायुमण्डल : पृथ्वी के चारों तरफ वायु का एक आवरण है, जिसे वायुमण्डल कहते हैं। इस वायुमण्डल में आक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन-डाई-आक्साइड तथा ओजोन आदि गैसें एवं जलवाष्ष विद्यमान हैं। ये सभी गैसें एवं जलवाष्प जीव-जन्तुओं एवं पौथे के लिए आवश्यक हैं। यद्यपि अन्य ग्रहों के चारों तरफ भी वायुमण्डल उपस्थित है परन्तु यह या तो बहुत विरल है या जहाँ जीवनदायिनी गैस आक्सीजन एवं जलवाष्प की कमी है।

सूर्य से दूरी के कम में शुक का स्थान बुध के बाद दूसरा है, परन्तु यह बुध से अधिक गर्म है क्योंकि इसके वायुमण्डल में 90-95 प्रतिशत कार्बनडाई-आक्साइड गैस है। इस कार्बन-डाई-आक्साइड गैस के कारण हरित गृह प्रभाव (Green house effect) , उत्पन्नहोता है जिससे यहाँ सतह का तापमान बहुत ऊँचा रहता है। पृथ्वी के वायुमण्डल में कार्बन-डाई-ऑक्साइड की मात्रा बहुत कम है जिससे यहाँ हरित गुह का प्रभाव कम रहता है। इसके अतिरिक्त वायुमण्डल में ओजोन गैसों की उपस्थिति सूर्य की अति पराबैगनी किरणों को घरातल पर पहुँचने से रोकती है। पृथ्वी के चारों तरफ व्याप्त वायुमण्डल के कारण ही दिन का तापमान न तो बहुत अधिक बढ़ने पाता है और न ही रात का तापमान बहुत नीचे गिरता है।

जल की उपस्थिति :- पृथ्वी को जलीय प्रह (Watery Planet) कहते हैं। इसके सतह का लगभग दो तिहाई भाग जल से आच्छादित है। अनुकूल तापमान के कारण जल यहाँ ठोस, द्रव तथा गैस अपने तीनों ही रूपों में विद्यमान हैं। जलचक्र द्वारा जल द्रव रूप में यहाँ संजीवों के लिए लगातार उपलख्य रहता है। पृथ्वी पर जल की उपस्थिति अन्य जीवों के साथ-साथ मानव निवास के लिए अति महत्वपूर्ण कारक सिद्ध हुई है।

मिट्टी की उपलब्धता : पृथ्वी का उपरी ठोस आवरण अर्थात् भूपटल का निर्माण चट्टानों से हुआ है। चट्टानों के टूटने-फूटने से मिट्टी का निर्माण हुआ है। धरातल पर मिट्टी की उपस्थिति प्रत्यक्ष एवं परोक्ष दोनों ही रूपो में वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं के अस्तित्व के लिए उत्तरदायी है। संक्षेप में हम कह सकते हैं कि सौरमंडल में पृथ्वी की उत्तम स्थिति के कारण यहाँ अनुकूल वायुमण्डल, जलमण्डल एवं स्थलमण्डल की उपलब्षता ने इसे जीव-जन्तुओं एवं मानव निवास के लिए अनुकूल ग्रह के रूप में विकसित किया है।

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प्रश्न 6.
नक्षत्र एवं ग्रह में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :

नक्षत्र या तारा (Stars) ग्रह (Planets)
1. नक्षत्रों में स्वयं अपना प्रकाश होता है। 1. ग्रहों में अपना प्रकाश नहीं होता, ये सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं।
2. नक्षत्र रात्रि के समय में टिमटिमाते हुए दिखते हैं। 2. ग्रहों में प्रकाश स्थिर होता है। ये टिमटिमाते नहीं हैं।
3. नक्षत्रों का आकार बड़ा होता है। पृथ्वी से बहुत दूर होने के कारण प्रह छोटे दिखाई पड़ते हैं। 3. ग्रह का आकार अपेक्षाकृत छोटा होता है। पृथ्वी के नजदीक होने के कारण ये बड़े दिखते हैं।
4. आकस्मिक रूप से देखने पर ये आकाश में एक ही जगह पर स्थिर प्रतीत होते हैं। 4. ग्रह स्थिर नहीं होते, ये अपने निर्दिष्ट कक्ष पथ पर सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
5. नक्षत्रों का निर्माण गैसीय पदार्थों से हुआ है। 5. ग्रहों का निर्माण ठोस एवं गैसीय पदार्थो से हुआ है।
6. नक्षत्रों का द्रव्यमान एवं आयतन ग्रहों से बहुत अधिक है। 6. ग्रहों का द्रव्यमान एवं आयतन नक्षत्रों की तुलना में बहुत कम है।
7. खाली आखों से छह हजार नक्षत्रों को देखा जा सकता है। तापक्रम अत्यधिक होने से ये प्रकाश का विकिरण करते हैं। 7. खाली आँखों से केवल पाँच ग्रहों (बुध, शुक, मंगल वृहस्पति और शनि) को देखना सम्भव है।

प्रश्न 7.
G.P.S. प्रणाली क्या है? इसकी क्या उपयोगिता है? भारत में G.P.S. की क्या उपयोगिता है?
उत्तर :
G.P.S प्रणाली : Global Positioning System (G.P.S.) एक ऐसी प्रणाली है जिसकी सहायता से हम पृथ्वी के किसी भी कोने की सटीक अक्षांश, देशान्तर और उस स्थान की उच्चता आसानी से पता लगा लेते हैं।
जी० पी० एस० की उपयोगिता (Use of G.P.S.) : वर्तमान समय में जी०पी०एस० का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसका उपयोग नक्शा बनाने, जमीन का सर्वे करने, वाणिज्यिक कार्य, वैज़ानिक प्रयोग; सर्विलेस तथा जियोकैचिंग के लिए भी किया जाता है। सबसे पहले इसका उपयोग अमेरिकी नौसेना ने 1960 में किया था। वर्तमान समय में इसका प्रयोग नागरिक कार्यों के लिए भी किया जा रहा है।

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जी॰ पी॰ एस० रिसीवर अपनी स्थिति का आकलन, पृथ्वी के ऊपर स्थित किये गये जी॰ पी॰ एस० उपप्रहों द्वारा भेजे जाने वाले संकेतों के आधार पर करता है। उपग्रह संकेत भेजता है, रिसीवर प्रत्येक संदेश का ट्रांजिट समय दर्ज करता है, साथ ही उपग्रंह से दूरी की गणना करता है।

जी० पी० एस॰ प्रणाली द्वारा त्रियासी स्थिति (अक्षांश, देशान्तर, उन्नतांश) के बारे में पता चलता है। जी० पी० एस० प्रणाली द्वारा किसी भी स्थान या वस्तु की गति, ट्रेक, ट्रिप, जगह से दूरी, वहाँ के सूर्योदय और सूर्यास्त के समय की भी जानकारी प्राप्त होती है। वर्तमान समय में जी०पी०एस० तीन प्रमुख क्षेत्रों से मिलकर बना है – सेस सेगमेंट, कंट्रोल सेगमेट और यूजर सेगमेंट।

भारत में जी० पी० एस० की उपयोगिता : भारत में भी इस प्रणाली का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। दक्षिण रेलवे ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम पर आधारित यात्री सूचना प्रणाली वाली ईएमयू आरम्भ कर रहा है। ऐसी पहली इएमयू (बी-26) ट्रेन ताम्बरम स्टेशन से चेत्रई बीच के मध्य चलेगी। इस इएमयू में अत्याधुनिक ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम आधारित यात्री सूचना प्रणाली होगी, जिसमें आने वाली ट्रेन का नाम, उस स्टेशन पर पहुँचने का आनुमानिक समय, जनहित से जुड़े संदेश तथा यात्री सुरक्षा से जुड़े संदेश प्रदर्शित किये जाएँगे।

प्रत्येक कोच में दो प्रदर्शक पटल है, जो विस्तृत दृश्य कोण प्रकार के हैं और इनमे उच्च गुणवत्ता प्रकाश निकालने वाले डायोग है। जिससे कि कोच के अन्दर बैठे या खड़े यात्री प्रसारित किए जा रहे संदेश को आसानी से प़ढ़ सकेंगे। इसके अलावा टैक्सियों में खासकर रेडियो टैक्सी सेवा में इसका प्रयोग बढ़ रहा है। दिल्ली में दिल्ली-परिवहन निगम की लोफ्लोर बसों में नए बेड़े जुड़े हैं और इनकी ट्रेकिंग हेतु याँ भी जी० पी० एस० सुविधा आरम्भ हो रही है।

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प्रश्न 8.
पृथ्वी के आकार से सम्बंधित आधुनिक पैमाने का वर्णन करो।
अथवा
पृथ्वी की Geoid आकार के आधुनिक दृष्टि का वर्णन करो।
उत्तर :
पृथ्वी की आकृति पर आधुनिक दृष्टि (Recent observation on earth’s shaipe) : पृथ्वी साधारणत: केवल एक चपटा गोलाभ ही नहीं है। वर्तमान समय में उपग्रहों द्वारा अध्ययन से प्रमाणित हुआ है कि पृथ्वी का आकार पूर्व कल्पित नहीं है। पृथ्वी के चपटा गोलाभ आकृति पर भी विवाद उठा है क्योंकि पृथ्वी पर बहुत सारे भू-खण्ड हैं। यह पाया गया है कि एक जहाज पापुआ द्वीप के पास समुद्र में पृथ्वी के केन्द्र से 192 मीटर दूर रहता है।

जबकि दूसरी ओर दक्षिणी श्रीलंका से पृथ्वी के केन्द्र पर रहती है। इस प्रकार भूमध्य रेखा पर पृथ्वी उभर गयी क्योंकि यहां पर SIAL पर कम गुरुत्व है और भूखण्ड ऊपर उठा हुआ है जबकि समुद्री भाग SIMA पर अधिक गुरुत्व बल है। अत: यह नीचे बैठकर, समुद्री भाग बन गया। पृथ्वी की सतह सपाट नहीं है। यह उबड़-खाबड़ है। पर्वत ऊपर उठे हुए हैं जबकि समुद्री भाग नीचे धंसा हुआ है। एवरेस्ट की चोटी 88,48 M उठी हुई है जबकि मेरियाना ट्रेन्च (11° 20′ N. एवं .142° 16′ E) प्रशान्त महासागर में सबसे गहरी गर्त है।

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आज अन्तरिक्ष के युग में उपग्रहों के माध्यम से पृथ्वी का बिल्कुल सही आकृति एवं आकार प्राप्त हो रहा है। उपग्रह से प्राप्त चित्रों द्वारा यह अध्ययन किया जा रहा है कि पृथ्वी के ऊँचे-नीचे आकार के कारण उपग्रहों के कक्ष (Orbit) में बाधा दिखाता है क्योंकि भूमध्यरेखीय उभार ठीक भूमध्य रेखा पर नहीं बल्कि यह भूमध्य रेखा से थोड़ा दक्षिण हटकर है। इस प्रकार पृथ्वी का आकार पूर्ण चपटा न होकर एक नाशपाती की भांति है। इस प्रकार पृथ्वी न तो पूर्ण गोल है और न ही चपटा गोलाभ है।

प्रश्न 9.
पृथ्वी की उत्पत्ति से सम्बंधित परिकल्पना प्रस्तुत करें।
उत्तर :
पृथ्वी की उत्पत्ति की परिकल्पना : पृथ्वी की उत्पत्ति सौरमंडल के साथ ही हुई थी। पृथ्वी की उत्पत्ति के संबंध में कई सिद्धांत प्रस्तुत किये गये हैं जिन्हें निम्नलिखित दो मुख्य वर्गों में रखा जा सकता है –
(i) अद्वेतवादी संकल्पना (Monistic Concept)
(ii) द्वैतवादी संकल्पना (Dualistic Concept)

अद्दैतवादी संकल्पना (Monistic Concept) : अद्वैतवादी संकल्पना के अनुसार ग्रहों तथा पृथ्वी की उत्पत्ति केवल एक तारे से हुई मानी जाती है। कास्ते, बफन, काण्ड, लाप्लास, रॉस एवं लॉकियर की परिकल्पना अद्वैतवादी है। परंतु यह सिद्धांत विज्ञान की कसौटी पर आज खरा नहीं उतरता।

द्वैतवादी संकल्पना (Dualistic Concept) : द्वैतवादी संकल्पना के अनुसार ग्रहों एवं पृथ्वी की उत्पत्ति एक से अधिक तारों के संयोग से हुई मानी जाती है। इसमें चैम्बरलीन एवं मोल्टन, रसेल एवं जेम्स जीन्स तथा जेफरीज की परिकल्पनाएँ महत्वपूर्ण हैं।

उपरोक्त सभी परिकल्पनाओं में जेम्स जीन्स द्वारा प्रस्तावित एवं जेफरीज द्वारा संशोधित ज्वारीय परिकल्पना (Tidal Hypothesis) सर्वाधिक मान्य परिकल्पना है। इसे सन् 1919 में प्रस्तुत एवं सन् 1929 में संशोधित किया गया। इस परिकल्पना के अनुसार सौरमंडल का निर्माण सूर्य तथा एक अन्य तारे के संयोग से हुआ है। प्रारंभ में सूर्य गैस का एक बड़ा तप्त गोला था तथा बह्मांड में एक अन्य विशालकाय तारा इसके समीप से होकर गुजरा।

साथी तारे के आकर्षण शक्ति द्वारा सूर्य में ज्वार उत्पन्न होने लगा। जैसे-जैसे विशालकाय तारा नजदीक आ रहा था ज्वार की तीवता बढ़ती जा रही थी और अंत में हजारों किलोमीटर लम्बा सिगार के आकार का ज्वारीय पदार्थ सूर्य से अलग हो गया। इसे फिलामेण्ट कहा गया। साथी तारा तब तक दूर निकल चुका था। अत: फिलामेण्ट अलग होकर रह गया। यही फिलामेण्ट कलान्तर में ठंडा होकर दूट गया जिससे ग्रहों का निर्माण हुआ। चूंकि फिलामेण्ट का किनारे वाला भाग पतला था, अतः सूर्य के समीपवर्ती तथा दूरवर्ती ग्रह आकार में छोटे बने जबकि मध्यवर्ती भाग मोटा होने की वजह से ग्रह आकार में बड़े बने।

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इस सिद्धांत द्वारा ग्रहों के क्रम तथा आकार, उपग्रहों के क्रम, उपग्रहों की संरचना का आकार तथा ग्रहों के परिभमण पथ की संतोषजनक व्याख्या हो जाती है।

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प्रश्न 10.
सौरमण्डल के पार्थिव ग्रहों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :
बुध, शुक्र तथा मंगल पृथ्वी की तरह ठोस हैं, अतः इन्हें पार्थिव ग्रह कहा जाता है। इनका संक्षिप्त परिचय इस प्रकार है।
बुध (Mercury) : यह सौर परिवार का सबसे छोटा ग्रह है एवं सूर्य के सबसे निकट है। इसका व्यास लगभग 5 हजार कि॰मी॰ हैं। सूर्य से इसकी दूरी प्राय: 5.8 करोड़ कि॰मी॰ है। सूर्य की परिक्रमा करने में इसे 87.94 या 88 दिन लग जाते है। 58 दिन 15 घंटे 36 मिनट (प्राय: 59 दिन) मे एक बार यह अपनी धुरी पर घूम जाता है। इसका एक भाग सर्वदा सूर्य के सामने तथा दूसरा भाग सूर्य के विपरीत रहता है। जो भाग सूर्य के सम्मुख रहता है वहाँ हमेशा दिन तथा जो भाग सूर्य के विपरीत रहता है, वहाँ-सर्वदा रात रहती है। सूर्य के सामने वाला भाग प्रचण्ड गर्म तथा विपरीत वाला भाग अत्यधिक सर्द रहता है। इसके पृष्ठ तल पर औसतन 350° C तापमान पाया जाता है। इसका व्यास 4880 कि॰मी० है। इस ग्रह पर जल एवं वायुमण्डल नहीं है। बुध एक पथरीला ग्रह है। इसका केन्द्रमण्डल भारी धातु (प्राय: लोहा) से बना है। इसका कोई उपग्रह नहीं है।

शुक्र (Venus) : सूर्य का दूसरा निकटतम ग्रह शुक है। यह सूर्य से प्राय 10.8 करोड़ कि॰मी॰ दूर स्थित है। इसका व्यास 12104 कि॰मी॰ है। यह सूर्य की परिक्रमा लगभग 225 दिनों में करता है तथा अपनी धूरी पर 243 दिनों में एक बार घुमता है। यह सूर्योदय से पहले आकाश में पूरब तथा सूर्यास्त के समय पश्चिम की ओर दिखाई पड़ता है। इसलिए इसे कमशः प्रभाती तारा तथा सांध्य तारा भी कहते हैं। इसका केन्द्रमंडल निकेल एवं लोहा जैसे भारी धातु से बना है। यह एक पथरीला ग्रह है। शुक का कोई उपग्रह नहीं है। यह सौर परिवार का सबसे चमकीला ग्रह है। इसके पृष्ठतल का औसत तापमान 480° C है।

मंगल (Mars) : सूर्य का यह चौथा निकटम ग्रह है। यह सूर्य से प्राय: 22.8 करोड़ कि०मी॰ दूर स्थित है। इसका व्यास लगभग 7 हजार कि॰मी॰ है। सूर्य की एक परिक्रमा करने में इसे प्राय: 687 दिन लग जाते हैं तथा 24 घंटे 37 मिनट 23 सेकेण्ड में एक बार यह अपनी धूरी पर घूम जाता है। यह लौहयुक्त घूल की परतों से ढँका हुआ है, अतः इसे लोहित ग्रह भी कहते हैं। यह देखने में लाल एवं चमकीला नजर आता है, अत: इसे रेड प्लेनेट (लाल ग्रह) भी कहते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार (मंगल ग्रह पर वायुमडल है जिसमें कार्बन-डाई-आक्साइड की प्रधानता है। इसके पृष्ठतल का औसत तापमान 50° C पाया जाता है। मंगल ग्रह के दो उपग्रह हैं फोबोस एवं डीमोस। यह एक पथरीला ग्रह है।

प्रश्न 11.
सौरमण्डल के जोवियन ग्रहों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :
वृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेष्यून बड़े आकार के म्रह हैं, अत: इन्हें जोवियन (Jovian) म्रह कहा जाता है। जोवियन का अर्थ है वृहस्पति के समान।
वृहस्पति (Jupiter) : यह सौर परिवार का सबसे बड़ा प्रह है। यह सूर्य से पाँचवे स्थान पर स्थित है। सूर्य से इसकी दूरी 77.8 करोड़ कि॰मी० है। इसका व्यास लगभग 1,42,200 कि०मी॰ है। वृहस्पति प्राय: 11 , वर्ष 318 दिनों में एक बार सूर्य की परिक्रमा कर लेता है तथा 9 घंटे 50 मिनट 30.003 से॰ में अपनी धूरी पर एक बार घुम जाता है। इसके पृष्ठ तल का औसत तापमान -150° C है किन्तु इसके केन्द्र में बहुत गर्मी है। इसके केन्द्र मंडल में लोहा जैसी भारी धातु की प्रधानता है। यह हाइड्रोजन और टिलियम गैसों की परत से ढँका हुआ है। वृहस्पति के 13 उपग्रह हैं जिनमें गैनिमिड, कैलसेटा एवं यूरोपा विशेष उल्लेखनीय हैं। गैनिमिड वृहस्पति का सबसे बड़ा उपग्रह है। विशालता की दृष्टिकोण से इसे सभी ग्रहों का गुरु कहा जाता है। यह एक गैसीय ग्रह है। इसके वायुमण्डल में हिलियम और हाइड्रोजन की प्रधानता है।

शनि (Saturn) : यह सौर परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है तथा सूर्य से छठे स्थान पर है। सूर्य से इसकी दूरी प्राय: 142.7 करोड़ कि०मी० है। इसका व्यास 1,19,300 कि॰मी० है। सूर्य की परिक्रमा करने में इसे प्राय: 29 वर्ष 174 दिन लग जाता है। यह 10 घंटे 14 मिनट में एक बार अपनी धूरी पर परिभमण कर लेता है। शनि हाइड्रोज़ एवं हिलियम गैसों का बना हुआ है। इसके पृष्ठ तल पर प्राय: -180° C तापमान पाया जाता है। इसके 18 उपग्रह हैं। इसका सबसे बड़ा उपग्मह टाइटन है और यही हमारे सौर परिवार का सबसे बड़ा उपग्रह है। शनि एक गैसीय ग्रह है।

यूरेनस या अरुण (Uranus) : सन् 1781 में इस प्रह की खोज हार्शल नामक वैज्ञानिक ने किया था। यह सूर्य से सातवें स्थान पर स्थित है। यह सौर परिवार का तीसरा सबसे बड़ा प्रह है। इसका व्यास 50,000 कि०मी० है। सूर्य से इसकी दूरी प्राय: 287 कि॰मी॰ है। सूर्य की परिक्रमा करने में इसे 84 वर्ष लग जाते हैं तथा 24 दिनों में एक बार यह अपनी धूरी पर घूम जाता है। यह पृथ्वी के विपरीत दिशा में सूर्य की परिक्रमा करता है। इसके वायुमण्डल में हाइड्रोजन, हिलियम और मिथेन गैस पाए जाते हैं। इसके पृष्ठ तल पर औसतन -210° C तापमान रहता है। यह एक गैसीय ग्रह है। इसके पाँच उपग्रह हैं।

नेपच्यून या वरुण (Neptune) : यह सूर्य से आठवें स्थान पर स्थित है। यह सौर परिवार का चौथा बड़ा ग्रह है। यह सूर्य से प्रायः 449.7 करोड़ कि॰मी॰ दूर स्थित है। इसका व्यास 48,000 कि॰मी॰ है। सूर्य की परिक्रमा करंने में इसे 165 वर्ष लग जाता है तथा 24 दिन में एक बार यह अपनी धूरी पर एक बार परिभ्रमण कर लेता है। इसके पृष्ठ तल का औसत तापमान -220° C है। इसके वायुमण्डल में हाइड्रोजन, हिलियम एवं मिथेन गैस पाए जाते हैं। नेपच्यून के दो उपग्रह हैं।

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प्रश्न 12.
पृथ्वी की परिधि के बारे में व्यख्यात्मक नोट लिखो।
उत्तर :
पृथ्वी की परिधि : लगभग 2000 वर्ष पहले इरात्स्थनीज (276BC-196BC) के ज्यामिती के ध्वनि सिद्धांत पर आधारित पृथ्वी की परिधि 800 km x 50=40,000 km और पृथ्वी का अर्धव्यास लगभग 6400 km है। इरात्स्थनीज ने पाया कि प्रत्येक वर्ष सूर्य 21 जून को आस्वान के उपर लम्बवत् चमकता है। किन्तु उसी दिन दोपहर के समय सूर्य अलेक्जेण्ड्रया पर लम्बवत् नहीं चमकता। बल्कि 7° 12′ का कोण बनाता है जो पृथ्वी की परिधि का \(\frac{1}{50}\) वाँ भाग है। उसने पाया कि आस्वान और अलेक्जेण्ड्रया के बीच 800 KM की दूरी है। इस प्रकार उसने पृथ्वी की परिधि को आस्वान और अलेक्जेण्ड्रया की बीच की दूरी 50 गुना तय किया। पृथ्वी के आकार संबंधी आँकड़े निम्नलिखित है :-

  • पृथ्वी की परिं (Circumference) : 40,0000 कि०मी०
  • विषुवतीय (Equatorial) परिधि : 40,077 कि॰मी०
  • धुवीय (Polar) परिधि : 40,0009 कि॰मी०
  • पृथ्वी का विषुवतीय व्यास (Diameter) : 12,757 कि०मी०
  • पृथ्वी का औसत अर्द्धव्यास (Radius) : 6,368 कि०मी० या, 6,400 कि०मी०
  • पृथ्वी का ध्रुवीय व्यास : 12,714 कि॰मी०
  • पृथ्वी का क्षेत्रफल (Area) : 51 करोड़ 54 लाख वर्ग कि॰मी॰
  • स्थल भाग का क्षेत्रफल : 15 करोड़ 6 लाख वर्ग कि॰मी०
  • जल भाग का क्षेत्रफल : 36 करोड़ 48 लाख वर्ग कि॰मी०
  • पृथ्वी का आयतन (Volume) : 416,000,000 घन कि०मी०
  • पृथ्वी का घनत्व (Density) : 5.5 कि०ग्रा०
  • पृथ्वी का परिमाण (Mass) : 6586 × 1018 टन

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अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार सौर परिवार में पृथ्वी ही एक ऐसा अकेला ग्रह है जहाँ जीवन है। यह इसलिए सम्भव हुआ क्योंकि पुथ्वी पर जल, उपयुक्त तापमान तथा जीवनदायनी गैसों से युक्त सघन वायुमण्डल उपस्थित है।

प्रश्न 13.
सौरमण्डल का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
पृथ्वी एवं सौरमण्डल (Earth and Solar System) : पृथ्वी सौरमंडल का एक विशिष्ट ग्रह है। सौरमंडल से तात्पर्य उस व्यवस्था से है, जिसके अंतगर्त सूर्य अपने 8 ग्रहों एवं 65 उपमहों एवं अनेक पुच्छल ताराओं, क्षुत्र ग्रहों के साथ बह्माण्ड का चक्कर लगाता है। सौरमंडल के सभी ग्रह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण शक्ति के कारण उसका चक्कर लगाते हैं। प्रत्येक प्रह जिस दीर्घ वृत्तीय मार्ग से सूर्य की परिक्रमा करते हैं, उसे ग्रह का कक्ष (Orbit) कहते हैं। जिस काल्पनिक रेखा के सहारे सभी ग्रह सूर्य का चतुर्दिक परिक्रमण (Revolution) करते है उसे अक्ष (Axis) कहते हैं।

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सौर परिवार के सदस्य : सौरमंडल में सूर्य के अलावा 8 ग्रह हैं तथा सौरमंडल का आकार तस्तरीनुमा है, जिसके मध्य में सूर्य की स्थिति है। इसके अलावा इसके अनेक उपग्रह, पुच्छल तारे, धूमकेतु, उल्कायें आदि सम्मिलित हैं।

सौरमंडल में जो 8 ग्रह हैं, सूर्य से दूरी के अनुसार उनका क्रम निम्नलिखित है :- बुध (Mercury), शुक्र (Venus), पृथ्वी (Earth), मंगल (Mars), वृहस्पति (Jupiter), शनि (Saturn), अरुण (Uranus), वरुण (Neptune)। इसमें वृहस्पति सबसे बड़ा एवं बुध सबसे छोटा ग्रह है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Physical Science Book Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.5 Question Answer – धातुकर्म

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
उच्च तापक्रम पर मैग्नीशियम धातु के साथ नाइट्रोजन की रासायनिक क्रिया से उत्पन्न यौगिक का नाम लिखिए ।
उत्तर:
मैग्नेशियम नाइट्राइट ।

प्रश्न 2.
लोहा के प्रमुख अयस्क का नाम लिखें जिससे लोहा का निष्कर्षण किया जाता है ?
उत्तर :
लोहा का प्रमुख अयस्क लाल हेमेटाइट (Fe2O3) और मैग्नेटाइट (Fe3O4) है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म

प्रश्न 3.
ताँबा के मुख्य अयस्क का नाम और सूत्र लिखें ।
उत्तर :
ताँबा का मुख्य अयस्क कापर पाइराइट (CuFeS) है।

प्रश्न 4.
निष्क्रिय आयरन (Passive iron) क्या है ?
उत्तर :
ठण्डा एवं सान्द्र नाइट्रिक अम्ल या सधूम नाइट्रिक अम्ल जब लोहे के सम्पर्क में आता है, तो निष्क्रिय आयरन प्राप्त होता है।

प्रश्न 5.
अमलगम (Amalgam) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जिस मिश्र धातु में एक धातु पारा होता है, उस मिश्र धातु को अमलगम कहते हैं। जैसे : सोडियम अमलगम् Na / Hg)

प्रश्न 6.
एक धातु का नाम लिखिए जो अम्ल एवं क्षार दोनों से प्रतिक्रिया करता है।
उत्तर :
अल्यूमिनियम धातु अम्ल और क्षार दोनों से प्रतिक्रिया करके लवण और हाइड्रोजन उत्पन्न करता है ।

प्रश्न 7.
स्टेनलेस स्टील में कौन-कौन से अवयवी तत्व रहते हैं ?
उत्तर :
लोहा (Fe), क्रोमियम (Cr), निकेल (Ni) तथा कार्बन (C)

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म

प्रश्न 8.
पीतल और ब्रोंज दोनों मिश्र धातुओं में कौन-सी धातु मौजूद है ?
उत्तर :
पीतल और ब्रोंज दोनों मिश्र धातुओं में ताँबा धातु मौजूद है।

प्रश्न 9.
पीतल में कौन – सा उपादान सर्वाधिक है ?
उत्तर :
पीतल में ताँबा (Cu) की मात्रा सर्वाधिक (60-80%) है।

प्रश्न 10.
अल्युमिनियम के दो मिश्र धातुओं के नाम लिखिए।
उत्तर :
अल्युमिनियम की दो मिश्र धातुएँ :

  • मैग्नेलियम (Mg + Al) और
  • ड्यूरालूमिन (Al + Cu + Mg + Mn) है।

प्रश्न 11.
गैल्वेनाइजेशन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
किसी धातु पर जिंक की परत चढ़ाने की क्रिया को गैल्वेनाइजेशन कहते हैं।

प्रश्न 12.
खनिज (Minerals) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
प्रकृति में पाये जाने वाले धातुओं के वे यौगिक जिनमें अशुद्धियाँ भी मिली होती हैं, उन्हें खनिज कहते हैं ।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म

प्रश्न 13.
अयस्क (Ores) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जिंस खनिज से किसी धातु को सरलतापूर्वक तथा अधिक मात्रा में निष्कर्षण (Extraction) किया जाता है उस खनिज को उस धातु का अयस्क कहते हैं। जैसे : बाक्साइट, अल्युमिनियम का अयस्क है।

प्रश्न 14.
धातुकर्म (Metallurgy) से क्या समझते हो ?
उत्तर :
अयस्क से विभिन्न सरल पद्धतियों द्वारा धातु निष्कर्षण करने की विधि को धातुकर्म (Metallurgy) कहते हैं।

प्रश्न 15.
मिश्र धातु किसे कहते हैं ?
उत्तर :
दो या दो से अधिक धातुओं के साथ अधातुओं का समांग या असमांग मिश्रण मिश्रधातु (Alloy ) कहलाता है। जैसे : पीतल, ताँबा और जस्ता का मिश्रधातु है ।

प्रश्न 16.
वायुमान का ढाँचा तैयार करने में किस मिश्रधातु का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
वायुमान का ढाँचा तैयार करने में ड्यूरालूमिन मिश्रधातु का उपयोग होता है।

प्रश्न 17.
शक्तिशाली तथा स्थायी चुम्बक बनाने में किस मिश्रधातु का उपयोग होता है ?
उत्तर :
एलनिको का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 18.
वैज्ञानिक उपकरण तथा एयर क्राफ्ट बनाने में किस मिश्रधातु का उपयोग होता है ?
उत्तर:
मैग्नेलियम का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 19.
जंग क्या है ?
उत्तर :
जंग आर्द्र फेरिक ऑक्साइड (Fe2O3.3H2O) है। लोहे के साथ वायु की ऑक्सीजन और जलवाष्प की पारस्परिक प्रतिक्रिया से जंग का निर्माण होता है।

प्रश्न 20.
ताँबा और जस्ता की एक मिश्रधातु का नाम लिखें।
उत्तर :
पीतल ।

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प्रश्न 21.
एक धातु का नाम बताइए जिसका क्षार से कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है।
उत्तर :
लोहा ।

प्रश्न 22.
एक धातु का नाम लिखें जो सामान्य तापक्रम पर तनु गन्धकाम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं करती है।
उत्तर :
ताँबा (Copper)।

प्रश्न 23.
एक मिश्र धातु का नाम लिखें जिसकी चमक शुद्ध धातुओं की अपेक्षा अधिक होती है।
उत्तर :
पीतल, ताँबा एवं जस्ता की एक मिश्र धातु है, जिसकी चमक इन दोनों धातुओं से अधिक होती है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
जिंक ब्लेण्ड को जिंक का खनिज एवं अयस्क दोनों कहा जाता है, क्यों ?
उत्तर :
जिंक ब्लेड (ZnS) खनिज द्वारा सरलतापूर्वक और कम खर्च में अधिक परिमाण में जस्ता (Zn) का निष्कर्षण किया जा सकता है। इसलिए जिंक ब्लेण्ड (ZnS) खनिज तथा जस्ता का अयस्क दोनों कहा जाता है।

प्रश्न 2.
लोहे में जंग से सुरक्षा के दो उपाय लिखिए ।
उत्तर :
लोहे पर मोर्चा (जंग) से बचाने के निम्नलिखित उपाय हैं :

  • धातुओं के बाहरी सतह पर पेंट, रंग, अलकतरा आदि लगाकर
  • धातुओं का परत चढ़ाकर
  • स्टेनलेस स्टील बनाकर
  • धातुओं का विद्युत लेपन द्वारा ।

प्रश्न 3.
ताँबा एवं एल्युमिनियम प्रत्येक का उपयोग लिखिए ।
उत्तर :
ताँबा का उपयोग : घरेलु बर्तन, विद्युत तार तथा विद्युत उपकरण बनाने में ताँबा का उपयोग किया जाता है। एल्युमिनियम का उपयोग : विभिन्न प्रकार के मिश्रधातु बनाने में इसका उपयोग होता है। यह घरेलु उपयोग में आनेवाले बर्तन एवं विद्युत उपकरण बनाने के लिए काम में लाया जाता है।

प्रश्न 4.
ताँबा का उपयोग विद्युत तार में तथा अल्युमिनियम का उपयोग खाना बनाने के बर्तन में किया जाता है – क्यों ?
उत्तर :
ताँबा विद्युत का उत्तम चालक है, इसीलिए इसका उपयोग विद्युत के तारों में होता है तथा अल्युमिनियम उष्मा का सुचालक है, इसीलिए इसका उपयोग खाना बनाने के बर्तन में किया जाता है।

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प्रश्न 5.
जिंक के पात्र में सान्द्र NaOH को रखना क्यों उचित नहीं होता है ?
उत्तर :
जस्ता (जिंक) सोडियम हाइड्रॉक्साइड के गर्म घोल से प्रतिक्रिया कर घुलनशील सोडियम जिंकेट बनाता है तथा इससे हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है।
Zn + 2NaOH = Na2 ZnO2 + H2
अतः जिंक का पात्र सान्द्र NaOH को रखने के लिए उचित नहीं होता है।

प्रश्न 6.
कास्टिक सोडा के उबलते घोल में अल्युमिनियम का चूर्ण डालने पर क्या होता है ?
उत्तर :
कॉस्टिक सोडा के उबलते घोल में अल्युमिनियम का चूर्ण डालने पर सोडियम अल्युमिनेट बनता है तथा हाइड्रोजन गैस निकलती है।
2AI + 2NaOH + 2H2O = 2NaAIO, + 3H2

प्रश्न 7.
कॉपर सल्फेट को ताँबा के बर्तन में क्यों नहीं रखा जाता है ? संतुलित समीकरणों को लिखें।
उत्तर :
जस्ता, ताँबा से अधिक Electropositive है । अत: कॉपर सल्फेट के साथ प्रतिक्रिया करके कॉपर प्रदान करता है।
CuSO4 + Zn = ZnSO4 + Cu.

प्रश्न 8.
जिंक और कॉपर के एक-एक मिश्र धातु का नाम और संरचना लिखो ।
उत्तर :
जिंक का एक मिश्र धातु पीतल Cu 70% और Zn – 30%
कापर का एक मिश्र धातु काँसा Cu 75% और Sn – 25%

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प्रश्न 9.
“सभी अयस्क खनिज होते हैं लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते हैं।” तर्क सहित उत्तर लिखिए ।
उत्तर :
सभी खनिजों से धातुओं को प्राप्त नहीं किया जा सकता है। केवल कुछ ही खनिज ऐसे होते हैं जिनमें पर्याप्त मात्रा में धातुएँ उपलब्ध होती है तथा उन खनिजों से धातुओं को सरलापूर्वक और अधिक मात्रा में निष्कर्षण किया जाता है, उन खनिजों को अयस्क कहते हैं। अत: हम कह सकते हैं कि सभी अयस्क खनिज होते हैं लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते हैं।

प्रश्न 10.
स्टेनलेस स्टील का मुख्य अवयव (घटक) कौन है ? इसका उपयोग लिखिये ।
उत्तर :
स्टेनलेस स्टील का मुख्य अवयव : Fe = 85%, Cr = 14%, Ni = 0.7%, C = 0.3% है।
स्टेनलेस स्टील का उपयोग घरेलू बर्तन, सर्जरी के समान तथा मशीनों के पुर्जे बनाने में होता है।

प्रश्न 11.
अयस्क (Ore) किसे कहते हैं ? लोहा और मैग्नेशियम के एक-एक अयस्क का नाम सूत्र सहित लिखिये ।
उत्तर :
अयस्क : जिस खनिज से किसी धातु का सरलतापूर्वक तथा अधिक मात्रा में निष्कर्षण किया जाता है उस खनिज को उस धातु का अयस्क कहते हैं। लोहा का मुख्य अयस्क हेमेटाइट (Fe2O8) है। मैग्नेशियम का मुख्य अयस्क मैग्नेसाइट (MgCO3) है।

प्रश्न 12.
जब अल्युमिनियम के पात्र में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का घोल डाला जाता है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
जब अल्युमिनियम के पात्र में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (dil HCI) डाला जाता है, तो वह घुलने लगता है जिसके फलस्वरूप H, गैस उत्पन्न होती है ।
2AI + 6HCI = 2AICI3 + 3H2I

प्रश्न 13.
एल्यूमिनियम और जिंक के बर्तन में अम्लीय खाद्य पदार्थों को क्यों नहीं रखना चाहिए ?
उत्तर :
एल्यूमिनियम और जिंक जब अम्लीय पदार्थों के सम्पर्क में आते हैं तो रासायनिक प्रतिक्रिया के फलस्वरूप धातुओं के घुलनशील यौगिक उत्पन्न करते हैं। यही कारण है कि अम्लीय खाद्य पदार्थों को एल्यूमीनियम और जिंक के बर्तन में न तो रखना चाहिए और न तो पकाना चाहिए क्योंकि खाद्य पदार्थ विषाक्त हो जाते हैं ।

प्रश्न 14.
जब जिंक धातु के एक टुकड़े को कॉपर सल्फेट (CuSO ) के घोल में डाला जाता है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
जब जस्ता के एक टुकड़े को कॉपर सल्फेट के जलीय घोल में डाला जाता है तब कॉपर सल्फेट का नीला रंग धीरे-धीरे गायब होने लगता है और ताँबा धातु की लाल परत जस्ता धातु पर जम जाती है । जस्ता धातु अधिक क्रियाशील होने के कारण घोल से ताँबा धातु को विस्थापित कर देती है। इससे सिद्ध होता है कि जस्ता, ताँबा से अधिक क्रियाशील है।

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प्रश्न 15.
कॉपर सल्फेट के घोल को लोहे के पात्र में क्यों नहीं रखना चाहिए ?
उत्तर :
कॉपर सल्फेट (CuSO) का घोल लोहा से प्रतिक्रिया करता है जिससे लोहे के पात्र में छिद्र हो जाता है।
CuSO4 + Fe = FeSO4 + Cu

प्रश्न 16.
एक ऐसे धातु का नाम लिखो जो अम्ल और भस्म दोनों से प्रतिक्रिया करके हाइड्रोजन मुक्त करता है ।
उत्तर :
जस्ता (zn) एक ऐसा धातु है जो अम्ल और भस्म दोनों से प्रतिक्रिया करके हाइड्रोजन मुक्त करता है।

  • अम्ल से प्रतिक्रिया : Zn+H2SO4 = ZnSO4+H2
  • भस्म से प्रतिक्रिया : Zn + 2NaOH = Na2znO2 + H2

प्रश्न 17.
Philosophers wool किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जब जिंक को वायु की उपस्थिति में गर्म किया जाता है, तो यह हरी सफेद लौ के साथ जलता है तथा जिंक आक्साइड सफेद धुँआ प्राप्त होता है जिसे ठंडा करने पर सफेद ऊन की तरह जमा हो जाता है । इसे Philosopher’s wool कहते हैं। 2zn + O2 = ZnO

प्रश्न 18.
थर्माइट प्रतिक्रिया (Thermite reaction) किसे कहते हैं? इसकी क्या उपयोगिता है?
उत्तर :
वह प्रतिक्रिया जिसमें अधिक क्रियाशील धातु को अवकारक दूत (Reducing agent) के रूप में उपयोग करके कम क्रियाशील धातु को विस्थापित किया जाता है, तो उसे थर्माइट प्रतिक्रिया कहते हैं। इस प्रतिक्रिया में उष्मा बहुत अधिक मात्रा में निकलती है। इसलिए इस प्रतिक्रिया में जो धातु प्राप्त होता है वह गलित (Molten) अवस्था में रहता है। इसका उपयोग रेलवे की पटरियों को जोड़ने तथा मशीन में आयी दरार को ठीक करने के काम में होता है। Fe2O3 + 2Al→ 2Fe + Al2O3 + Heat

प्रश्न 19.
धातु का क्षय (Corrosion) किसे कहते हैं? इससे क्या हानि होती है?
उत्तर :
धातु की सतह पर वायु, जलवाष्प, अम्ल वर्षा आदि की क्रिया के फलस्वरूप धातु नष्ट होने लगता है तथा उसकी चमक कम हो जाती है। इस क्रिया को धातु का क्षय (Corrosion) कहते हैं। अधिकतर धातु में क्षय क्रिया होती है जो खुले वातावरण में रहते हैं। जो धातु अधिक सक्रिय होते हैं उसमें क्षय क्रिया भी अधिक तेजी से होती है। कुछ धातु क्षय क्रिया कारण पूर्ण रूप से नष्ट हो जाते हैं तथा कुछ धातुओं की चमक कम हो जाती है।

प्रश्न 20.
शुद्ध धातु की अपेक्षा मिश्रधातु का उपयोग करने से क्या लाभ है ? उदाहरण सहित वर्णन करें।
उत्तर :
मिश्रधातु के उपयोग से लाभ :

  • धातुओं की कठोरता के लिए किया जाता है। जैसे: सोना, चाँदी कम कठोर धातु है लेकिन इसमें ताँबा मिलाने से इसकी कठोरता बढ़ जाती है।
  • क्षय निरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। जैसे- लोहा पर जंग लगता है लेकिन लोहा और क्रोमियम से बने मिश्रधातु स्टील पर जंग नहीं लगता है।
  • धातु की क्रियाशीलता घटाने में होता है। जैसे : सोडियम जल के साथ तीव्रता से क्रिया करता है परन्तु सोडियम अमलगम जल के साथ धीरे-धीरे क्रिया करता है ।

प्रश्न 21.
एल्युमीनियम और जस्ता के एक-एक अयस्क का नाम और सूत्र लिखो ।
उत्तर :
एल्युमीनियम का एक अयस्क बाक्साइडट और सूत्र Al2O3 .2H2O है।
जस्ता का एक अयस्क जिंक ब्लेंड और सूत्र zns है।

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प्रश्न 22.
ताँबा के बर्तन को कुछ दिनों तक खुली हवा में छोड़ देने पर क्या होता है ?
उत्तर :
ताँबा के बर्तन को कुछ दिनों तक खुली हवा में छोड़ देने पर उसकी सतह पर हरे रंग के धब्बे उत्पन्न हो जाते हैं क्योंकि हवा में उपस्थित अम्ल एवं अन्य पदार्थों द्वारा ताँबा आक्सीकृत हो जाता हैं। वास्तव में भास्मिक कॉपर कार्बोनेट CuSO3Cu(OH)2 बनने के कारण इसकी सतह पर हरापन आ जाता है।

प्रश्न 23.
लोहा और जस्ता का उपयोग लिखें। भौतिक विज्ञान
उत्तर :
लोहा का मुख्य उपयोग इस्पात के निर्माण में रेल की पटरी और इंजन बनाने में होता है । जस्ता का मुख्य उपयोग रंग बनाने में, हाइड्रोजन गैस तैयार करने में, सोना और चाँदी के निष्कर्षण में तथा गैलवेनाइजेशन (Galvanisation) की क्रिया में होता है।

प्रश्न 24.
ड्यूरालूमिन (Duralumin) क्या है ? इसका मुख्य उपयोग लिखें ।
उत्तर :
ड्यूरालूमिन, अल्युमिनियम का एक मिश्र धातु है । इसमें विभिन्न धातुओं का उपादान (Composition) निम्न प्रकार से है। AI = 95%, Cu = 4%, Mg = 0.5%, Mn = 0.5% इसका उपयोग विमान, रॉकेट, रेस की कार, प्रेशर कुकर आदि बनाने में होता है।

प्रश्न 25.
अल्युमिनियम के पतले पत्तर में लपेटी गई आचार को क्यों नहीं खाना चाहिए।
उत्तर :
आँचार में कार्बनिक अम्ल विद्यमान रहता है जिसके कारण अल्युमिनियम का आवरण प्रभावित होता है और आँचार दूषित हो जाता है। अतः अल्युमिनियम के पतले पतर द्वारा लपेटी गई आँचार का व्यवहार उचित नहीं है।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
मिश्र धातु और अमलगम में अंतर लिखो ।
उत्तर :
मिश्र धातु (Alloy ) :- दो या दो से अधिक धातुओं के साथ अधातुओं को पिघली हुई गर्म अवस्था में मिलाने से जो समांग या असमांग मिश्रण प्राप्त होता है, उसे मिश्र धातु (Alloy ) कहते हैं।
जैसे : 70% Cu तथा 30% Zn को मिलाने पर पीतल (Brass) मिश्र धातु उत्पन्न होती है।
अमलगम (Amalgum) :- जिस मिश्र धातु में एक धातु पारा होता है, ऐसे मिश्र धातु को अमलगम (Amalgum) कहते हैं । जैसे- सोडियम अमलगम (Na+Hg), जिंक अमलगम (Zn+Hg).

प्रश्न 2.
निम्नलिखित धातुओं के मिश्रधातु का नाम लिखो और उनका उपयोग लिखो ।
(i) ताँबा
(ii) जस्ता
उत्तर :
(i) ताँबा का मिश्रधातु पीतल और काँसा (Bronze) हैं।

  • पीतल में 70% ताँबा तथा 30% जस्ता होता है। इसका उपयोग घरेलू बर्तन, मूर्तियाँ, मशीन के पुर्जे तथा फूलदान इत्यादि बनाने में होता है।
  • काँसा में 80% ताँबा, 18% टीन और 2% जस्ता रहता है। इसका उपयोग बर्तन, मूर्ति, मेडल, घंटी आदि बनाने में होता है।

(ii) जस्ता का मिश्रधातु जर्मन सिल्वर और गन मेटल है।

  • जर्मन सिल्वर में 30% जस्ता, 50% ताँबा और 20% निकेल होता है। इसका उपयोग सजावट के सामान, मेडल, फूलदान आदि बनाने में होता है।
  • गन मेटल में 1% जस्ता, 88% ताँबा, 10% टीन और 1% लेड होता है। इसका उपयोग तोप, बन्दू आदि बनाने में होता है ।
    की नली

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प्रश्न 3.
अयस्क से धातुओं का पृथक्करण कार्बन अवकरण विधि द्वारा कैसे किया जाता है ?
उत्तर :
आक्साइड युक्त धातु के अयस्क को कार्बन या कोक के साथ मिश्रित करके एक भट्ठी में गर्म किया जाता है, कार्बन के अपूर्ण दहन के फलस्वरूप प्राप्त कार्बन मोनो आक्साइड और कार्बन धातु के आक्साइड को अवकृत करके धातु में परिणत कर देते हैं ।
WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.5 धातुकर्म 1
लोहा, जिंक, लेड तथा धातुओं का निष्कर्षण इस विधि द्वारा किया जाता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.4 प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Physical Science Book Solutions Chapter 8.4 प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.4 Question Answer – प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
नेसलर अभिकर्मक के साथ अमोनिया की क्रिया से कौन रंग उत्पन्न होता है ?
उत्तर :
भूरा।

प्रश्न 2.
सिल्वर नाइट्रेट के जलीय घोल में H2S गैस प्रवाहित करने से जो अवक्षेप बनता है उसका सूत्र लिखें।
उत्तर :
सिल्वर सल्फाइड।

प्रश्न 3.
द्रव अमोनिया का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
द्रव अमोनिया का उपयोग बर्फ बनाने के कारखाने में शीतलीकारक (refrigerant) के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 4.
एलुमिनियम क्लोराइड के जलीय घोल के साथ अमोनिया का जलीय घोल मिलाने पर उत्पन्न अवक्षेप का सूत्र लिखिए।
उत्तर :
एलुमिनियम क्लोराइड के जलीय घोल के साथ अमोनिया का जलीय घोल मिलाने पर उत्पन्न अवक्षेप का सूत्र Al(OH)3 है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.4 प्रयोगशाला एवं उद्योग में अकार्बनिक रसायन

प्रश्न 5.
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन बनाते समय अमोनियम क्लोराइड के जलीय घोल के साथ किस यौगिक का जलीय घोल मिश्रित करके गर्म किया जाता है ?
उत्तर :
सोडियम नाइट्रइड (NaNO2) !

प्रश्न 6.
यूरिया उत्पादन में दो पदार्थों का उपयोग होता है। एक अमोनिया है, दूसरा क्या है ?
उत्तर :
दूसरा कार्बन डाई आक्साइड (CO2) है।

प्रश्न 7.
अमोनिया गैस को सुखाने के लिए किस पदार्थ का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
अनबुझा चूना (CaO) ।

प्रश्न 8.
लेड नाइट्रेट के जलीय घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने पर उत्पन्न काले अवक्षेप का सूत्र लिखिए।
उत्तर :
लेड नाइट्रेट के जलीय घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने पर लेड सल्फाइड (Pbs) का काला अवक्षेप प्राप्त होगा।

Pb(NO3)2 + H2S → Pbs + 2 HNO3

प्रश्न 9.
अमोनिया (NH3) का जलीय घोल अम्लीय होता है या भास्मिक, लिखिए।
उत्तर :
अमोनिया (NH3) का जलीय घोल भास्मिक (basic) होता है।

प्रश्न 10.
द्रव या तरल अमोनिया क्या है ?
उत्तर :
उच्चदाब एवं निम्न तापमान पर अमोनिया द्रव में परिवर्तित हो जाती है, जिसे द्रव (तरल) अमोनिया कहते हैं।

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प्रश्न 11.
अलग-अलग गैस जार में रखी हुई अमोनिया एवं नाइट्रोजन गैस को किस भौतिक गुण के आधार पर पहचानेंगे ?
उत्तर :
अमोनिया में तीक्ष्ण गंध पायी जाती है जबकि नाइट्रोजन एक गन्धहीन गैस है। अत: गन्ध के आधार पर दोनों गैसों की पहचान करेंगे।

प्रश्न 12.
अमोनिया के घोल में एक शीशे (काँच) की छड़ को डूबोकर हाइड्रोजन क्लोराइड से भरे गैस जार के मुँह पर ले जाने पर क्या होता है ?
उत्तर :
अमोनिया के घोल में एक शीशे की छड़ को डूबोकर हाइड्रोजन क्लारोइड से भरे गैस जार के मुँह पर ले जाने पर अमोनिया क्लोराइड (NH4 Cl) का सफेद अवक्षेप प्राप्त होता है।

प्रश्न 13.
नेसलर अभिकर्मक (Nesseker’s Reagent) किसे कहते हैं?
उत्तर :
पोटैशियम मरक्यूरिक आयोडाइड (K2 Hgl4) को नेसलर अभिकर्मक (Nesseler’s Reagent) कहते हैं।

प्रश्न 14.
लिकर अमोनिया (Liquor Ammonia) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
अमोनिया का गाढ़ा संतृत्प घोल लिकर अमोनिया (Liquor Ammonia) कहलाता है। आँख में पड़ने पर यह स्थाई अन्धापन उत्पन्न कर सकता है।

प्रश्न 15.
रंगहीन नेसलर अभिकर्मक में अमोनिया की थोड़ी सी मात्रा मिलाने पर कौन सा रंग उत्पन्न होता है ?
उत्तर :
भूरा रंग।

प्रश्न 16.
अमोनिया का एक औद्योगिक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
यूरिया खाद बनाने में।

प्रश्न 17.
अमोनिया से बनने वाले दो उर्वरकों के नाम लिखिए।
उत्तर :
यूरिया और अमोनियम सल्फेट।

प्रश्न 18.
H2S को कैसे पहचानते हैं ?
उत्तर :
इसके सड़े अंडे जैसी गंध से। यह लेड एसीटेट घोल से भींगे हुए कागज को काला कर देती है।

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प्रश्न 19.
H2S गैस की प्रकृति कैसी है ?
उत्तर :
अम्लीय।

प्रश्न 20.
H2S गैस को सुखाने में HNO3 प्रयोग क्यों नहीं करते ?
उत्तर :
HNO3 अम्ल H2S के साथ प्रतिक्रिया करके उसे गंधक में ऑक्सीकृत कर देता है।

प्रश्न 21.
नाइट्रोजन को कैसे शुष्क किया जाता है ?
उत्तर :
सान्द्र H2 SO4 से प्रवाहित करके।

प्रश्न 22.
संस्पर्श विधि में SO2 कैसे प्राप्त की जाती है ?
उत्तर :
गंधक या आयरन पायराइट को हवा के ऑक्सीजन में जलाकर।

प्रश्न 23.
किस गैस के सम्पर्क में आने पर चाँदी के गहनों का रंग काला पड़ जाता है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन सल्फाइड [Hydrogen Sulphide (H2S)] गैस के सम्पर्क में आने पर चाँदी के गहनों का रंग काला पड़ जाता है।

प्रश्न 24.
किस भौतिक गुण के आधार पर विभिन्न गैस जारों में रखी गयी हाइड्रोजन सल्फाइड एवं ऑक्सीजन गैसों की पहचान की जा सकती है ?
उत्तर :
गंध द्वारा H2S और O2 की पहचान सम्भव है। ऑक्सीजन गंधहीन गैस है जबकि H2 S में सड़े अण्डों जैसी गंध होती है।

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प्रश्न 25.
ठंडे या गर्म किस जल में H2 S घुलनशील है ?
उत्तर :
ठण्डे जल में H2S घुलनशील है।

प्रश्न 26.
प्रयोगशाला में H2S गैस बनाने के लिए प्रयुक्त खनिज अम्ल का नाम बताएँ।
उत्तर :
प्रयोगशाला में H2S गैस बनाने के लिए प्रयुक्त खनिज अम्ल का नाम तनु गन्धकाम्ल (dil H2SO4) है।

प्रश्न 27.
H2S गैस का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
H2S गैस प्रयोगशाला में प्रति कारक के रूप में प्रयुक्त होती है।

प्रश्न 28.
H2S गैस को क्लोरीन जल में प्रवाहित करने पर क्या होता है ?
उत्तर :
H2S गैस को क्लोरीन जल में प्रवाहित करने पर पीले रंग का सल्फर अवक्षेपित होता है।

प्रश्न 29.
H2S गैस को शुष्क करने के लिए किस पदार्थ का उपयोग करते हैं?
उत्तर :
H2S गैस को शुष्क करने के लिए फास्फोरस पेंटाआक्साइड (P2 O5) का उपयोग करते हैं।

प्रश्न 30.
जब O2 की अधिकता में H2S को जलाया जाता है तो क्या होता है ?
उत्तर :
H2S नीली लौ के साथ जलकर SO2 और जलवाष्प उत्पन्न करती है जिससे यह प्रमाणित होता है कि H2 S स्वयं जलती है।

प्रश्न 31.
अमोनिया के जलीय घोल में एक बूँद फेनाल्फथैलीन डाल देने से घोल का रंग क्या हो जायेगा ?
उत्तर :
अमोनिया के जलीय घोल में एक बूँद फेनाल्फथैलीन डाल देने से घोल का रंग गुलाबी हो जायेगा।

प्रश्न 32.
पोटैशियम डाइक्रोमेट के अम्लीय जलीय घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने से रंग में क्या परिवर्तन होता है ?
उत्तर :
पोटैशियम डाइ क्रोमेट (K2 Cr2 O7) के घोल में H2 S गैस प्रवाहित करने पर हरे रंग का क्रोमेक सल्फेट [Cr2(SO4)3] बन जाता है।

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प्रश्न 33.
नाइट्रोलिम किसे कहते हैं ?
उत्तर :
नाइट्रोजन उच्च तापक्रम पर कैल्शियम कार्बाइड (CaC2) से प्रतिक्रिया करके कैल्सियम साइनामाइड और कार्बन उत्पन्न करती है। इसी मिश्रण को नाइट्रोलिम कहते हैं।

CaC2 + N2 = CaCN2 + C

प्रश्न 34.
नाइट्रोजन के एक निर्जली कारक पदार्थ का नाम लिखिए।
उत्तर :
नाइट्रोजन के एक निर्जली कारक पदार्थ का नाम सान्द्र गन्धकाम्ल (Com.H2 SO4) है।

प्रश्न 35.
वायु में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा कितनी होती है ?
उत्तर :
वायु में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा 78 % होती है।

प्रश्न 36.
नाइट्रोजन का एक औद्योगिक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
इसका उपयोग अमोनियम सल्फेट [(NH4)2 SO4] के व्यापारिक उत्पादन में होता है।

प्रश्न 37.
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस किस तापमान पर उत्पत्र होती है।
उत्तर :
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस 700° C तापमान पर उत्पन्न होती है।

प्रश्न 38.
क्या नाइट्रोजन गैस से वायु प्रदूषित होती है ?
उत्तर :
नहीं, नाइट्रोजन गैस से वायु प्रदूषित नहीं होती है।

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प्रश्न 39.
क्या होता है जब नाइट्रोजन गैस को लाल तप्त मैग्नेशियम के ऊपर से प्रवाहित किया जाता है ?
उत्तर :
जब नाइट्रोजन गैस को लाल तप्त मैग्नेशियम के ऊपर से प्रवाहित किया जाता है तो मैग्नेशियम नाइट्राइड (Mg3 N2) नामक पदार्थ की उत्पत्ति होती है।

प्रश्न 40.
वायु में उपस्थित नाइट्रोजन के एक महत्व का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
वायु में उपस्थित नाइट्रोजन के कारण पौधों एवं जन्तुओं की कोशिकाओं, उत्तकों एवं अन्य भागों का निर्माण संभव होता है।

प्रश्न 41.
उच्च तापमापं में प्रयुक्त होने वाली एक गैस का नाम लिखिए।
उत्तर :
उच्च तापमापी में प्रयुक्त होने वाली एक गैस का नाम नाइट्रोजन है।

प्रश्न 42.
लेड एसीटेट से भींगा ब्लाटिंग पेपर H2S गैस जार में काला क्यों हो जाता है ?
उत्तर :
लेड सल्फाइड (PbS) बनने के कारण काला हो जाता है।

प्रश्न 43.
लड नाइट्रेट के घोल में H2S को प्रवाहित करने पर अवक्षेप का रंग कैसा होता है ?
उत्तर :
काला।

प्रश्न 44.
एक कार्बनिक खाद का नाम लिखें जिसमें नाइट्रोजन पाया जाता है।
उत्तर :
नाइट्रोजन पाया जान वाला कार्बनिक खाद का नाम यूरिया है।

प्रश्न 45.
म्यूरेटिक अम्ल किसे कहते हैं ? उसका सूत्र लिखो।
उत्तर :
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को म्यूरेटिक अम्ल भी कहते हैं। इसका सूत्र HCl है।

प्रश्न 46.
सोनार के Workshop से वायु को प्रदूषित करने वाली कौन-सी गैस उत्पन्न होती है ?
उत्तर :
सोनार के Workshop से सल्फर डाई-आक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन डाई-आक्साइड (NO2) उत्पन्न होती है जो वायु को प्रदूषित करती है।

प्रश्न 47.
एक्वाफोर्टिस का रासायनिक नाम और सूत्र लिखो।
उत्तर :
एक्वाफोर्टिस (Acquaforties) का रासायनिक नाम नाइट्रिक अम्ल तथा सूत्र HNO3 है।

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प्रश्न 48.
सधूम सल्फ्यूरिक अम्ल या ओलियम किसे कहते हैं? इसका सूत्र लिखो।
उत्तर :
सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल सल्फर-ट्राइ-आक्साइड (SO3) गैस को घुलाकर पाइरोसल्फ्यूरिक अम्ल बनाता है। इसे सधूम सल्फ्यूरिक अम्ल (Fuming Sulphuric Acid) या ओलियम कहते हैं। इसका सूत्र H2 S2 O7 है।

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प्रश्न 49.
Oil of Vitriol तथा King of Chemical किसे कहते हैं?
उत्तर :
सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) को Oil of Vitriol तथा King of Chemical कहते हैं।

प्रश्न 50.
किस अम्ल की जल अवशोषक क्षमता सबसे अधिक होती है?
उत्तर :
सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) की जल अवशोषक क्षमता सबसे अधिक होती है।

प्रश्न 51.
दो गैसों के नाम लिखो जो अम्ल वर्षा के लिए उत्तरदायी हैं।
उत्तर :
सल्फर डाइ-आक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन डाइ-आक्साइड (NO2) दो गैसें हैं जो अम्ल वर्षा के लिए उत्तरदायी हैं।

प्रश्न 52.
प्रयोगशाला में सोडियम नाइट्रेट से नाइट्रिक अम्ल तैयार करने के लिए किस अम्ल का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
प्रयोगशाला में सोडियम नाइट्रेट से नाइट्रिक अम्ल तैयार करने के लिए सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc.H2SO4) का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 53.
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में AgNO3 का घोल मिलाने से उत्पन्न अवक्षेप किस विलायक (Solvent) में द्रवीभूत होता है ?
उत्तर :
अमोनिया के तनु घोल में

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प्रश्न 54.
चीनी में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने पर उत्पन्न होने वाले काले पदार्थ का नाम क्या है?
उत्तर :
चीनी में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने पर उत्पन्न होने वाले काले पदार्थ का नाम शर्करा चारकोल (कार्बन) है।

प्रश्न 55.
हाइड्रोजन क्लोराइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में क्या अन्तर है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन क्लोराइड एक गैस है जबकि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक द्रव है। वास्तव में हाइड्रोजन क्लोराइड के जलीय घोल को ही हाइड्रोक्लोरिक अम्ल कहते हैं।

प्रश्न 56.
कौन-सा अम्ल अमोनिया गैस के सम्पर्क में आने पर सफेद धुआँ देता है ?
उत्तर :
सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Conc. HCl )।

प्रश्न 57.
उस अम्ल का नाम बताइए जो ताँबे के चूर्ण के साथ भूरे रंग का नाइट्रोजन डाई-आक्साइड गैस उत्पन्न करता है।
उत्तर :
नाइट्रिक अम्ल (HNO3) !

प्रश्न 58.
HCl, H2 SO4 और HNO3 में किसका क्वथनांक (Boiling point) सबसे अधिक और किसका क्वथनांक सबसे कम होता है ?
उत्तर :
सल्प्यूरिक अम्ल (H2SO4) का क्वथनांक सबसे अधिक और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का क्वथनांक सबसे कम होता है।

प्रश्न 59.
बेरियम सल्फेट (BaSO4) द्वारा कौन-सा अम्ल पहचाना जाता है ?
उत्तर :
बेरियम सल्फेट द्वारा सल्फ्यूरिक अंम्ल (H2SO4) की पहचान होती है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
कॉपर सल्फेट के जलीय घोल में H2S गैस प्रवाहित करने से क्या होता है, संतुलित रासायनिक समीकरण सहित उत्तर दीजिए।
उत्तर :
जब कॉपर सल्फेट के जलीय घोल में H2S गैस प्रवाहित की जाती है, तो एक काले रंग का क्यूपरिक सल्फाइड अवक्षेपित होता है तथा सल्फ्यूरिक अम्ल उत्पन्न होता है।

CuSO4 + H2S → CuS ↓ + H2SO4

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प्रश्न 2.
किप्स उपकरण (Kipp’s apparatus) से तैयार होनेवाली गैस का नाम लिखें, गैस निर्माण के लिए रासायनिक क्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर :
किप्स उपकरण से तैयार होनेवाली एक गैस हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) है।
संतुलित रासायनिक समीकरण : FeS + H2SO4 = FeSO4 + H2S ↑

प्रश्न 3.
जब फेरिक क्लोराइड के घोल में अमोनियम हाइड्राक्साइड मिलाया जाता है तो क्या होता है ?
उत्तर :
पीले रंग के फेरिक क्लोराड के घोल में अमोनियम हाइड्राक्साइड (NH4 OH) मिलने से बादामी रंग का फेरिक हाइड्राक्साइड का अवक्षेप प्राप्त होता है।

FeCl2 + 3 NH4 OH → Fe(OH)3 + 3 NH4 Cl

प्रश्न 4.
जब अमोनिया क्षारीय धातुएँ जैसे सोडियम से प्रतिक्रिया करती है तो क्या होता है ?
उत्तर :
400° C तापक्रम पर सोडियम धातु पर अमोनिया गैस (NH3) प्रवाहित करने पर एमाइड लवण प्राप्त होता है जिसे सोडामाइड कहते हैं तथा हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है।

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प्रश्न 5.
अमोनिया के एक अवकारक गुण का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
साधारणत: अमोनिया में अवकारक गुण नहीं होता है, लेकिन अधिक तापक्रम पर यह अवकारक का कार्य करती है। अधिक गर्म काले रंग के क्यूपरिक ऑक्साइड (CuO) पर अमोनिया गैस प्रवाहित करने पर क्यूपरिक ऑक्साइड अवकृत होकर लाल रंग के ताँबा धातु में बदल जाती है तथा अमोनिया (NH3) स्वयं नाइट्रोजन में आक्सीकृत हो जाती है।

3 CuO + 2 NH3 = 3 Cu + 3 H2O + N2

प्रश्न 6.
एक रासायनिक प्रतिक्रिया का उदाहरण दीजिए जिसमें दो गैस परस्पर प्रतिक्रिया करके एक ठोस उत्पन्न करती है।
उत्तर :
अमोनिया गैस और हाइड्रोजन क्लोराइड गैस परस्पर प्रतिकिया करके अमोनियम क्लोराइड का घना धुआँ उत्पन्न करता है, जो NH4 Cl का ठोस कण है।

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प्रश्न 7.
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) गैस के अम्लीय गुण का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) में अम्लीय गुण होने के कारण इसका जलीय घोल नीले लिटमस पेपर को लाल कर देता है तथा यह क्षारों से प्रतिक्रिया करके लवण और जल उत्पन्न करता है।

H2S + 2 NaOH → Na2S + 2 H2O (सोडियम सल्फाइड)

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प्रश्न 8.
जब चाँदी का सिक्का H2S गैस के सम्पर्क में आता है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
जब चाँदी का सिक्का H2S गैस के सम्पर्क में आता है, तो सिक्का काला हो जाता है। इसका कारण यह है कि चाँदी H2 S गैस के साथ प्रतिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड (Ag2S) बनाता है जिसका रंग काला होता है।

2 Ag + H2S = Ag2S + H2

प्रश्न 9.
H2S गैस को शुष्क करने के लिए P2O5 का ही उपयोग क्यों किया जाता है ?
उत्तर :
H2 S गैस को शुष्क करने के लिए P2O5 का उपयोग किया जाता है क्योंकि दोनों ही अम्लीय प्रकृति का होता है। अत: दोनों आपस में रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करता है केवल नमी को अवशोषित कर लेता है।

प्रश्न 10.
नाइट्रोलिम क्या है ? इसका एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
नाइट्रोजन 800° C से 1000° C तापक्रम पर कैल्शियम कार्बाइड (CaC2) से प्रतिक्रिया करके कैल्शियम साइनामाइड बनाता है। यह काले भूरे रंग का मिश्रण है जो व्यापारिक रूप से नाइट्रोलिम (Nitrolim) कहलाता है।

इसका उपयोग खाद के रूप में होता है !

CaC2 + N2 = CaCN2 + C

प्रश्न 11.
एक काँच की छड़ को हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डुबाकर एक गैसजार में रखी गैस में ले जाते हैं तो सफेद रंग का धुआँ उत्पत्न होता है। जार में रखे गैस की पहचान कीजिए एवं वह कौन-सा यौगिक बना है जो सफेद धुआँ उत्पत्र करता है ?
उत्तर :
जब एक काँच की छड़ को हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डुबाकर एक गैस जार में रखे गैस जार में ले जाते हैं, तो सफेद धुआँ उत्पन्न होता है। ऐसी अवस्था में गैस जार में रखी गैस अमोनिया होगी तथा सफेद धुआँ उत्पन्न करने वाले यौगिक अमोनियम क्लोराइड (NH4 Cl) होगा क्योंकि अमोनिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ प्रतिक्रिया करके अमोनियम क्लोराइड का सफेद धुआँ उत्पन्न करती है।
NH3 + HCl = NH4 Cl (अमोनियम क्लोराइड)

प्रश्न 12.
यदि नीला लिटमस पेपर और लाल लिटमस पेपर को अमोनिया के जलीय घोल में डाला जायेगा तो किसके रंग में क्या परिवर्तन होगा ?
उत्तर :
जल में अमोनिया गैस प्रवाहित करने से अमोनियम हाइड्राक्साइड बनता है जो एक क्षार है। जब इस घोल में लाल लिटमस पेपर ले जाते हैं, तो वह नीला हो जाता है लेकिन जब इस घोल में नीला लिटमस पेपर ले जाते हैं तो लिटमस पेपर के रंग में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

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प्रश्न 13.
प्रयोगशाला में अमोनिया गैस कैसे तैयार की जाती है ? रासायनिक समीकरण सहित लिखो।
उत्तर :
प्रयोगशाला में अमोनिया गैस, अमोनियम क्लोराइड और बुझे हुए चूने के मिश्रण को गर्म करके तैयारकी जाती है।

2 NH4 Cl + Ca(OH)2 = CaCl2 + 2 H2O + 2 NH3

प्रश्न 14.
प्रयोगशाला में हाइड्रोजन सल्फाइड (H2 S) कैसे तैयार किया जाता है? प्रतिक्रिया की शर्त क्या है ?
उत्तर :
प्रयोगशाला में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल और फेरस सल्फाइड (FeS) की रासायनिक प्रतिक्रिया द्वारा H2 S गैस प्राप्त होती है। FeS + H2 SO4 = Fe SO4 + H2S
प्रतिक्रिया की शर्त : साधारण तापक्रम पर सम्पर्क विधि द्वारा प्रतिक्रिया होती है।

प्रश्न 15.
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) बनाने के लिए सान्द्र नाइट्रिक अम्ल या सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) बनाने के लिए सान्द्र नाइट्रिक अम्ल या सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसका कारण यह है कि दोनों तीव्र ऑक्सीकारक पदार्थ हैं जो उत्पन्न H2S को सल्फर (S) में ऑक्सीकृत कर देते हैं।

H2S + 2 HNO2 = S + 2 NO2 + 2 H2O
H2S + H2SO4 = S + SO2 + 2 H2O

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प्रश्न 16.
बहुत पुराने तेल चित्र (Oil Paintings) हवा में उपस्थित H2 S के सम्पर्क में आकर काला हो जाता है क्यों ?
उत्तर :
बहुत पुराने तेल चित्र (Oil Paintings) H2S के सम्पर्क में आकर काले हो जाते हैं क्योंकि Oil Paint में लेड के यौगिक मौजूद रहते हैं जो वायु में उपस्थित H2S से प्रतिक्रिया करके लेड सल्फाइड (Pbs) बनाते हैं जो काला होता है। फलत: Oil Paintings काली पड़ जाती है।

Pb + H2S = Pbs + H2
लेड सल्फाइड (काला रंग)

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
यूरिया के औद्योगिक उत्पादन में प्रयुक्त रासायनिक पदार्थों के नाम एवं संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर :
द्रव CO2 को अधिक अंगोनिया से क्रिया कराकर मिश्रण को उच्च दाब (35 वायुमण्डल) और उच्च तापमान (130° 150° C) पर आटोक्लेव में गर्म करके यूरिया प्राप्त किया जाता है।

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प्रश्न 2.
लीकर अमोनिया (Liquor Arnmonia) किसे कहते हैं ? इसकी बोतल को खोलने के पहले ठण्डा क्यों किया जाता है ?
उत्तर :
अमोनिया का गाढ़ा संतृप्त घोल लीकर अमोनिया कहलाता है। इसका आपेक्षिक घनत्व 0.88 होता है। इसमें 35 % NH3 द्रवीभूत रहती है। इसे गर्म करके अमोनिया गैस प्राप्त की जा सकती है।
लीकर अमोनिया की बोतल के ढक्कन को खोलने के पहले ठण्डा किया जाता है क्योंकि बोतल के भीतर अमोनिया का दबाव वायुमण्डलीय दबाव से बहुत अधिक होता है। इसलिए बोतल को बिना ठण्डा किए खोलने से छिटक कर आँख में पड़ने का डर रहता है। यह आँख के लिए अत्यन्त हानिकारक है। आँख में पड़ने से स्थाई अन्धापन हो सकता है।

प्रश्न 3.
आप किस प्रकार सिद्ध कीजिएगा कि अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन उपस्थित है।
उत्तर :
जब अधिक गर्म काले रंग के क्यूपरिक आक्साइड (cuo) पर अमोनिया गैस प्रवाहित की जाती है, तो क्यूपरिक आक्साइड अवकृत होकर लाल रंग के कॉपर धातु में बदल जाती है। अमोनिया (NH3) स्वयं नाइट्रोजन के रूप में आक्सीकृत हो जाता है। इससे सिद्ध होता है कि अमोनिया गैस में नाइट्रोजन है।

3 CuO + 2 NH3 = 3 Cu + 3 H2O + N2

गर्म सोडियम धातु के ऊपर अमोनिया गैस प्रवाहित करने पर सोडियम एमाइड बनता है तथा हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है। इससे सिद्ध होता है कि अमोनिया गैस में हाइड्रेजन उपस्थित है।

2 Na + 2 NH3 = 2 NaNH2 + H2

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प्रश्न 4.
अमोनिया गैस को सुखाने के लिए सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc. H2 SO4 ), फास्फोरस पेन्टाऑक्साइड (P2 O5) और निर्जल कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) का उपयोग क्यों नहीं करते हैं जबकि अनबुझा चूना (CaO) का उपयोग करते हैं?
उत्तर :
अमोनिया गैस को सुखाने के लिए सान्द्र सफ्ल्यूरिक अम्ल (Conc. H2 SO4 ), फास्फोरस पेन्टाऑक्साइड (P2 O5) और निर्जल कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) का उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि ये तीनों पदार्थ अमोनिया से रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं।
(i) अमोनिया भास्मिक गैस है। अत: Conc. H2 SO4 से प्रतिक्रिया करके अमोनियम सल्फेट बनाती है।

2 NH3+H2 SO4=(NH4)2 SO4

(ii) अमोनिया गैस, फास्फोरस पेन्टाआक्साइड (P2 O5) के साथ प्रतिक्रिया करके अमोनियम फास्फेट बनाती है।

P2 O5 + 6 NH3 + 3 H2 O = 2(NH4)3 PO4

(iii) अमोनिया गैस निर्जल कैल्शियम क्लोराइड (CaCl2) द्वारा अवशोषित हो जाती है।

CaCl2 + 8 NH3 = CaCl2 .8 NH3

अनबुझा चूना और अमोनिया दोनों भास्मिक पदार्थ हैं। अनबुझा चूना (CaO) का अमोनिया के साथ कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है। यह केवल जलवाष्प को अवशोषित करता है। फलत: अमोनिया को सूखाने के लिए अनबुझा चूना (CaO) का ही उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 5.
सिद्ध करो कि अमोनिया जल में अति घुलनशील है तथा इसका गुण क्षारीय है।
उत्तर :
अमोनिया गैस जल में अति घुलनशील है तथा इसका जलीय घोल क्षारीय प्रकृति का है। इसे फब्बारे का प्रयोग (Fountain experiment) के द्वारा सिद्ध किया जा सकता है।

प्रयोग : एक फ्लास्क में शुष्क अमोनिया गैस भरकर एवं एक छिंद्र वाले कार्क से बन्द्रकर देते हैं। इस छिद्र में एक लम्बी काँच की नली लगी रहती है जो फ्लास्क के अन्दर जेट आकार की होती है। फ्लास्क को एक स्टैंड पर उलट कर रख देते हैं। इसके नीचे एक पात्र में लाल लिटमस का घोल लेते हैं। इस घोल में फ्लास्क में लगी नली का बाहरी सिरा डूबा रहता है।

अब फ्लास्क को ईथर या बर्फ से ठण्डा करते हैं जिसके फलस्वरूप फ्लास्क में भरी हुई अमोनिया गैस ठण्डी होने पर सिकुड़ती है जिससे फ्लास्क में आंशिक शून्यता उत्पन्न होती है। इसके कारण लिटमस का लाल घोल फब्बारे के रूप में नली से होकर फ्लास्क में पहुँचने लगता है, इसका रंग अमोनिया के क्षारीय प्रकृति के कारण नीला हो जाता है तथा इस घोल में अमोनिया गैस तुरन्त घुल जाती है। इससे सिद्ध होता है कि अमोनिया जल में अति घुलनशील है तथा क्षारीय प्रकृति की है।

प्रश्न 6.
अमोनिया का औद्योगिक उपयोग लिखिए।
उत्तर :

  1. शुष्क बर्फ (Dry ice) बनाने में
  2. प्लास्टिक, नाइलन, कृत्रिम रेशम, रेयान, कृत्रिम रबर आदि के निर्माण में।
  3. यूरिया खाद, अमोनिया सल्फेट, अमोनिया नाइट्रेट, अमनोयिम फास्फेट आदि खादों के निर्माण में।
  4. प्रयागशाला में प्रतिकारक के रूप में।
  5. विक्स इन्हेलर (Viscks Inhaler), अमृतांजन आदि दवाओं के निर्माण में।
  6. सुगन्धित सेंट में।
  7. HNO3 तथा Na2 CO3 आदि को बड़े पैमाने पर उत्पन्न करने में।

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प्रश्न 7.
H2S गैस को शुष्क करने के लिए सान्द्र H2SO4 या शुष्क CaCl2 का प्रयोग क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर :
H2 S गैस को शुष्क करने के लिए सान्द्र H2SO4 का प्रयोग नहीं किया जाता है क्योंकि H2SO4 एक आक्सीकारक है जो H2S को आक्सीकृत कर सल्फर (S) उत्पन्न करता है तथा स्वयं SO2 में अवकृत हो जाता है।

H2SO4 + H2S = S + SO2 + 2 H2O

H2S गैस को शुष्क करने के लिए CaCl2 का प्रयोग नहीं किया जाता है क्योंकि यह H2 S से प्रतिक्रिया कर कैल्शियम सल्फाइड (Cas) उत्पन्न करता है।

CaCl2 + H2S = Cas + 2 HCl

प्रश्न 8.
उदाहरण देकर दिखाओ कि हाइड्रोजन सल्फाइड (H2 S) एक अवकारक है।
उत्तर :
H2 S एक प्रबल अवकारक है क्योंकि –
(i) यह हैलोजन को हैलोजन अम्लों में अवकृत कर देती है तथा स्वयं सल्फर में आक्सीकृत हो जाती है।

Cl2 + H2S = 2 HCl + S
Br2 + H2S = 2 HBr + S

(ii) H2 S गैस फेरिक क्लोराइड को फेरस क्लोराइड में अवकृत कर देती है।

2 FeCl3 + H2S = 2 FeCl2 + 2 HCl + S

प्रश्न 9.
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस कैसे बनायी जाती है ? नाइट्रोजन गैस का क्या उपयोग है?
उत्तर :
प्रयोगशाला में नाइट्रोजन गैस अमोनियम क्लोराइड (NH4 Cl) तथा सोडियम नाइट्राइड (NaNO2) के सान्द्र जलीय घोल को धीरे-धीरे गर्म करके प्राप्त की जाती है।

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नाइट्रोजन के निम्नलिखित उपयोग हैं :

  1. नाइट्रोजन का मुख्य उपयोग अमोनिया, नाइट्रिक अम्ल और नाइट्रोजन युक्त खाद (उर्वरक) बनाने में होता है।
  2. इसका उपयोग धातुओं के निष्कर्षण में होता है।
  3. इसका उपयोग बल्ब तथा उच्च तापक्रम वाले गैस थर्मामीटर में होता है।
  4. तरल नाइट्रोजन का उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान तथा अस्पतालों में निम्न तापक्रम उत्पन्न करने में किया जाता है।

प्रश्न 10.
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) बनाने के व्यावसायिक विधि का वर्णन करें।
उत्तर :
अधिक परिमाण में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल संश्लेषण विधि द्वारा तैयार किया जाता है। इस विधि में हाइड्रोजन तथा क्लोरिन को सीधे संयोग करा करके HCl उत्पन्न किया जाता है।

H2 + Cl2 = 2 HCl

प्रायः समान आयतन में हाइड्रोजन तथा क्लोरिन को दो नली द्वारा सिलिका से तैयार Burning Chamber में जलाने पर HCl गैस उत्पन्न होती है। इस उत्पन्न HCl गैस को कुलींग टॉवर से प्रवाहित करके ठण्डा किया जाता है जिसे एक अन्य टॉवर में प्रवाहित किया जाता है जहाँ ऊपर से जलाधार गिरता रहता है, जो HCl गैस को द्रवीभूत कर HCl अम्ल में बदल देता है। इसे निकास नली द्वारा बाहर निकाल लेते हैं।

प्रश्न 11.
नाइट्रिक अम्ल के औद्योगिक उत्पादन विधि का वर्णन करें।
उत्तर :
नाइट्रिक अम्ल का औद्योगिक उत्पादन की ऑस्टवाल्ड विधि (Ostwald Process) है। इस विधि में अमोनिया से नाइट्रिक अम्ल बनाया जाता है।
सर्वप्रथम अमोनिया और वायु के मिश्रण को 800° C पर गर्म करके प्लेटिनम की जाली के ऊपर प्रवाहित करते हैं। वायु की ऑक्सीजन, अमोनिया को ऑक्सीकृत कर देती है और नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) उत्पन्न होता है।

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यह नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) ऑक्सीजन से ऑक्सीकृत होकर नाइट्रोजन डाइ-ऑक्साइड (NO2) में बदल जाता है।

2 NO + O2 = 2 NO2

इस नाइट्रोजन डाइ-ऑक्साइड (NO2) गैस को ठण्डा जल में प्रवाहित करके नाइट्रिक अम्ल प्राप्त करते हैं और NO मुक्त होता है जो पुन: O2 से संयोग कर HNO3 के उत्पादन में सहायता करता है।

3 NO2 + H2 O = 2 HNO3 + NO ↑

प्रश्न 12.
दो रंगहीन गैसों की प्रतिक्रिया से एक तीक्षण गंध वाली गैस उत्पन्न होती है। उत्पन्न गैस के सर्म्पक में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से भींगी काँच की छड़ ले जाते हैं, तो सफेद धुआँ निकलता है। तीनों गैसों को पहचानिए।
उत्तर :
प्राम्भिक दो रंगहीन गैसे हाइड्रोजन (H2) और नाइट्रोजन (N2) है जो आपस में रासायनिक प्रतिक्रिया करके तीक्ष्ण गंध वाली अमोनिया गैस (NH3) उत्पन्न करती है।

N2 + 3 H2 = 2 NH3 + 22.4 k.cal.

अमोनिया से भरे गैस जार में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से भींगी काँच की छड़ ले जाते हैं तो अमोनियम क्लोराइड का सफेद धुआँ उत्पन्न होता है।

NH3 + HCl = NH4 Cl

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प्रश्न 13.
सम्पर्क विधि द्वारा सल्फ्यूरिक अम्ल तैयार करने के सिद्धान्त का आवश्यक समीकरण के साथ वर्णन करो।
उत्तर :
(i) सम्पर्क विधि द्वारा बड़े पैमाने पर सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने के लिए वायु की उपस्थिति में सल्फर से सल्फर डाइआक्साइड (SO2) उत्पन्न की जाती है।

S + O2 = SO2

(ii) वेनेडियम पेन्टाआक्साइड (V2 O5) उत्रेरक की उपस्थिति में 450° C-500° C तापक्रम पर सल्फर डाइ-आक्साइड आक्सीजन से संयुक्त होकर सल्फर ट्राई-आक्साइड में बदल जाती है।

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(iii) इस प्रकार प्राप्त सल्फर ट्राइ -आक्साइड को 98 % शक्ति वाले सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा अवशोषित कराके ओलियम (H2 S2 O7) प्राप्त किया जाता है।

SO3 + H2SO4 = H2 S2 O7

(iv) इस ओलियम में जल की उचित मात्रा मिलाकर इच्छित सांद्रता की सल्फ्यूरिक अम्ल प्राप्त कर ली जाती है।

H2 S2 O7 + H2O = 2 H2SO4

प्रश्न 14.
क्रिप्स उपकरण के कार्य सिद्धान्त का संक्षेप में वर्णन करें।
उत्तर :
क्रिप्स उकरण का कार्य सिद्धान्त (Working principles of Kripp’s apparatus) : रसायन प्रयोगशाला में विश्लेषण सम्बन्धी प्रयोग करते समय बार-बार H2S गैस की अल्पमात्रा की जरूरत पड़ती है। इसके लिए यहां जरूरी है कि H2S गैस का बनना लगातार जारी रहे। इस आवश्यकता की पूर्ति के लिए क्रिप्स उपकरण की सहायता से H2S गैस तैयार की जाती है।

जब गैस का प्रयोग होता है, इसमें लगे हुए स्टॉप कार्क को खोल कर गैस प्राप्त कर लेते हैं। इस अवस्था में FeS और H2SO4 दोनों मध्यवाले गोले में एक दूसरे के सम्पर्क में बने रहते हैं किन्तु स्टॉप कार्क की बन्द कर देने पर कुछ समय पश्चात ही इसके मध्य वाले गोले में अधिक मात्रा में गैस के उत्पन्न होने पर गैस द्वारा डाले गए दबाव से अम्ल के नीचे की ओर ठेल दिया जाता है और प्रतिक्रिया स्वत: बन्द हो जाती है। इस प्रकार क्रीप-उपकरण से बनने वाली H2S गैस के उत्पादन को नियंत्रित कर पाना और आवश्यकता पड़ने पर गैस को प्राप्त कर पाना सम्भव है। इसीलिये इसका प्रयोग अधिकतर प्रयोगशाला में किया जाता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Physical Science Book Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.3 Question Answer – विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
विद्युत विश्लेषण में किस प्रकार की विद्युत का प्रयोग होता है ?
उत्तर :
दिष्ट धारा।

प्रश्न 2.
प्लेटिनम इलेक्ट्रोड का व्यवहार करके अम्लीय जल के विद्युत विश्लेषण में कैथोड पर होनेवाली क्रिया लिखिए।
उत्तर :
कैथोड पर होने वाली क्रिया – H+ + e = H ; H + H = H2

प्रश्न 3.
पीतल के ऊपर सोने का विद्युत्लेपन करने के लिए किस विद्युत विश्लेष्य का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
पोटेशियम – आरो-सायनाइड K[Au(CN)2]

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

प्रश्न 4.
शुद्ध जल में अल्प मात्रा में सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने से उत्पन्र घोल की विद्युत चालकता शुद्ध जल से अधिक होती है। क्यों ?
उत्तर :
शुद्ध जल एक सह संयोजी यौगिक (Covalent Compound) है। अत: यह विद्युत का कुचालक है। जब शुद्ध जल में अल्प मात्रा में सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाया जाता है तब यह H+ और OH आयन्स में दूट जाता है और विद्युत का सुचालक बन जाता है।

प्रश्न 5.
किसी विद्युत विच्छेद (Electrolyte) में विद्युत विश्लेषण (Electrolysis) के समय द्रव में विद्युत धारा का वाहक कौन है ?
उत्तर :
किसी विद्युत विच्छेद के जलीय घोल में विद्युत धारा के वाहक आयन्स (ions) होते हैं।

प्रश्न 6.
Cu इलेक्ट्रोड्स उपयोग करके CuSO4 के जलीय घोल का विद्युत विश्लेषण करते समय कौन आयन कैथोड की तरफ जाता है ?
उत्तर :
Cu इलेक्ट्रोड्स उपयोग करके CuSO4 के जलीय घोल का विद्युत विश्लेषण करते समय Cu++ आयन कैथोड की तरफ जाते हैं।

प्रश्न 7.
विद्युत विच्छेदन की क्रिया में आयनों की गति की दिशा क्या होती है?
उत्तर :
धनायन कैथोड की ओर तथा ऋणायन एनोड की ओर प्रवाहित होते हैं।

प्रश्न 8.
विद्युत विच्छेदन के समय विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) पदार्थ किस अवस्था में होता है ?
उत्तर :
विद्युत विच्छेदन के समय विद्युत विच्छेद्ध पदार्थ पिघंली हुई (Molten State) अवस्था में होता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.3 विद्युत एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

प्रश्न 9.
एक प्रबल (तीव्र) और एक दुर्बल (मृदु) विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) का नाम लिखें।
उत्तर :
H2SO4 एक प्रबल विद्युत विच्छेद्य है जबकि NH4 OH एक दुर्बल विद्युत विच्छेद्य है।

प्रश्न 10.
कौन यौगिक विद्युत विच्छेद्य और कौन यौगिक विद्युत अविच्छेद्य होते हैं ?
उत्तर :
साधारणत: विद्युत संयोजक यौगिक (Electro valent compound) विद्युत विच्छेघ्य होते हैं तथा सहसंयोजक यौगिक (Co-valent compound) विद्युत अविच्छेद्य होते हैं।

प्रश्न 11.
जिंक से लेपन किये हुए बर्तन में खाद्य सामग्री नहीं रखने का कारण क्या है?
उत्तर :
नम हवा में जिंक प्रभावित होता है और उस पर भास्मिक कार्बोनेट की एक तह जम जाती है जिसे खाने की चीजें दूषित हो जाती हैं। अतः जिंक से लेपन किये हुए बर्तन में खाने की चीजें नहीं रखनी चाहिए।

प्रश्न 12.
लोहे की बनी वस्तु पर जिंक के प्रलेप का क्या उद्देश्य है ?
उत्तर :
लोहे की बनी वस्तु को मोर्चा से बचाने के लिए उस पर जिंक का प्रलेप किया जाता है।

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प्रश्न 13.
पारा इलेक्ट्रोलाइट है या नहीं ?
उत्तर :
पारा इलेक्ट्रोलाइट (विद्युत अपघट्य) नहीं है।

प्रश्न 14.
विद्युत विश्लेषण में कैथोड पर ऑक्सीकरण होता है या अवकरण ?
उत्तर :
अवकरण।

प्रश्न 15.
किसी विद्युत विश्लेष्य घोल की विद्युतीय प्रकृति क्या होती है ?
उत्तर :
उदासीन।

प्रश्न 16.
एक पीतल के चम्मच पर निकेल का लेपन करने के लिए एनोड, कैथोड और विद्युत विश्लेष्य पदार्थ क्या होंगे ?
उत्तर :
एनोड – शुद्ध निकेल, कैथोड – पीतल का चम्मच, विद्युत विश्लेष्य पदार्थ – निकेल सल्फेट, अमोनियम सल्फेट और थोड़ा बोरिक अम्ल।

प्रश्न 17.
ताँबा के चम्मच पर सोने की पर्त चढ़ाने के लिये एनोड, कैथोड और विद्युत विश्लेष्य पदार्थ क्या होंगे ?
उत्तर :
ताँबा के चम्मच पर सोने की पर्त चढ़ाने के लिए एनोड के रूप में शुद्ध सोने की छड़, कैथोड के रूप में ताँबा का चम्मच और Eloctrolyte के रूप में पौटेशियम अयरो साइनाइड K[Au(CN)2] के जलीय घोल का उपयोग करते हैं।

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प्रश्न 18.
एक अधातु का उदाहरण दीजिए जो विद्युत प्रवाहित करता है ?
उत्तर :
ग्रेफाइट (C)।

प्रश्न 19.
चाँदी का विद्युल लेपन करने के लिए किस विद्युत विश्लेष्य पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
उत्तर :
चाँदी का विद्युत लेपन के करने लिए पोटैशियम अर्जेन्टोसाइनाइड K[Ag(CN)2] विद्युत विश्लेष्य पदार्थ का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 20.
एक धातु पर दूसरी धातु की पतली परत चढ़ाने की क्रिया को क्या कहते हैं?
उत्तर :
विद्युत लेपन (ELectroplating)

प्रश्न 21.
जिस पात्र में विद्युत विच्छेदन की क्रिया होती है, उस पात्र को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
वोल्टामीटर (Voltameter)।

प्रश्न 22.
विद्युत विश्लेषण में किस प्रकार की विद्युत धारा का उपयोग होता है ?
उत्तर :
अपरिवर्तित धारा (Direct Current or D.C.)।

प्रश्न 23.
सिल्वर नाइट्रेट का विद्युत विच्छेदन करने पर कैथोड पर क्या जमा होता है ?
उत्तर :
कैथोड पर चाँदी जमा होती है।

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प्रश्न 24.
जल का विद्युत विच्छेदन करने पर कैथोड पर कौन सी गैस जमा होती है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन गैस।

प्रश्न 25.
विद्युत विश्लेषण में किस इलेक्ट्रोड को कैथोड कहा जाता है ?
उत्तर :
विद्युत विश्लेषण में जो इलेक्ट्रोड बैटरी के ऋण धुव (Negative pole) से जुड़ा होता है तथा जिनसे होकर विद्युत धारा विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) से बाहर निकलती है, उसे ऋणोद (Cathode) कहते हैं।

प्रश्न 26.
धनोद (Anode) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
वह विद्युतोद (Electrode) जो बैटरी के धन ध्रुव (positive pole) से जुड़ा होता है तथा जिनसे होकर विद्युत धारा विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) में प्रवेश करती है। उसे धनोद (Anode) कहते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
MSO4(M = धातु ) के जलीय घोल का विद्युत विश्लेषण करने पर कैथोड पर होनेवाली क्रिया को लिखिए। तर्क सहित लिखिए कि यह आक्सीकरण या अवकरण क्रिया है।
उत्तर :
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जलीय घोल में MSO4 के विद्युत विच्छेदन से धनात्मक आयन M++ और ॠणात्मक आयन \(\mathrm{SO}_4^{–}\) उत्पन्न होते हैं। कैथोड पर प्रतिक्रिया : M++ + 2 e → M (धातु) यहाँ पर धातु का आयन दो इलेक्ट्रोन ग्रहण कर अवकृत (Reduce) हो जाते हैं। जल के विद्युत विच्छेदन के फलस्वरूप हाइड्रोजन आयन उत्पन्न होता है। दो हाइड्रोजन आयन इलक्ट्रान को ग्रहण कर हाइड्रोजन गैस में अवकृत हो जाते हैं।

H++ e → H ; H + H → H2

यदि धातु M Electrochemical Series में हाइड्रोजन के ऊपर होगा तो कैथोड पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होगी अन्यथा धातु M कैथोड पर जमा होगा।

प्रश्न 2.
विद्युतोद या विद्युत द्वार (Electrode) किसे कहते हैं ? यह कितने प्रकार का होता है ? प्रत्येक की परिभाषा लिखो।
उत्तर :
विद्युत द्वार (Electrodes) : धातु या कार्बन के बने हुए वे छड़ रूप साधन जिनसे होकर विद्युत धारा विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) में प्रविष्ट करती है या विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) से बाहर निकलती है, उन्हें विद्युतोद (Electrolytes) कहते हैं।
ये दो प्रकार के होते हैं।
(i) धनोद (Anode) : वह विद्युतोद (Electrodes) जिनसे होकर विद्युत धारा Electrolyte में प्रविष्ट करती है तथा जिनका सम्बन्ध बैटरी के धन धुव से जुड़ा होता है।
(ii) ऋणोद (Cathode) : वह विद्युतोद (Electrode) जिनसे होकर विद्युत धारा Electrolyte से बाहर निकलती है तथा जिनका सम्बन्ध बैटरी के ॠण धुव से जुड़ा होता है।

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प्रश्न 3.
वोल्टामीटर (Voltameter) किसे कहते हैं ? शुद्ध जल दुर्बल विद्युत विच्छेद्य है, क्यों ?
उत्तर :
जिस पात्र में विद्युत विच्छेदन की क्रिया सम्पन्न होती है, उसे वोल्टामीटर कहते हैं। शुद्ध जल एक दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) है क्योंकि यह विद्युत का कुचालक है तथा अति अल्प मात्रा में आयन में बदलता है।

प्रश्न 4.
विद्युत विच्छेद्य क्या है ? विद्युत विच्छेदन का एक उपयोग लिखो।
उत्तर :
विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) :- किसी यौगिक का वह जलीय घोल या पिघली हुई अवस्था जिसमें विद्युत धारा प्रवाहित करने के फलस्वरूप रासायनिक परिवर्तन होकर नए पदार्थ का निर्माण होता है, उसे विद्युत विच्छेद्य(Electrolyte) कहते हैं।
विद्युत विच्छेदन का उपयोग :-विद्युत लेपन (Electroplating) में।

प्रश्न 5.
विद्युत अविच्छेद्य (Non-electrolyte) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विद्युत अविच्छेद्य : वे सभी यौगिक पदार्थ जिनकी पिघली हुई अवस्था या जलीय घोल से होकर विद्युत धारा प्रवाहित न हो सके तथा वे अपने आयनों में विभाजित न हो सके, उन्हें विद्युत अविच्छेद्य कहते हैं। जैसे : चीनी, यूरिया, पोट्रोल आदि यौगिक पदार्थ विद्युत अविच्छेद्य हैं।

प्रश्न 6.
विद्युत विच्छेदन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विद्युत विच्छेदन (Electrolysis) : जब किसी विद्युत विच्छेद्य (Electrolytes) से होकर विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो वह अपने आयनों में विभक्त हो जाती है। इस क्रिया को विद्युत-विच्छेदन(Electrolysis) कहते हैं।

प्रश्न 7.
विद्युत लेपन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विद्युत लेपन (Electroplating) :- विद्युत विच्छेदन विधि द्वारा किसी धातु पर किसी अन्य धातु की परत चढ़ाने की क्रिया को विद्युत लेपन (Electroplating) कहते हैं।

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प्रश्न 8.
लोहे की बनी वस्तुओं पर जिंक का लेपन करने के पीछे क्या उद्देश्य होता है ?
उत्तर :
लोहे की बनी वस्तुओं को जंग (Rust) से बचाने के लिए लोहे पर जस्ते (जिंक) का लेपन किया जाता है।

प्रश्न 9.
विद्युत लेपन पद्धति में लोहे पर ताँबे के लेपन हेतु एनोड, कैयोड और विद्युत अपघटय (विच्छेद्य) के रूप में क्या प्रयुक्त होता है ?
उत्तर :
लोहे की बनी किसी वस्तु पर ताँबे का विद्युत लेपन करने के लिए शुद्ध ताँबे की एक प्लेट को एनोड के रूप में तथा लोहे की बनी वस्तु जिस पर लेप चढ़ानी है, कैथोड के रूप में लेते हैं तथा विद्युत विच्छेद्य के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) का जलीय घोल प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 10.
अशुद्ध कॉपर रॉड (छड़) से शुद्ध कापर की प्रस्तुति हेतु, कैथोड, एनोड और विद्युत अपघटय (विच्छेद्य) के रूप में क्या-क्या प्रयुक्त होता है ?
उत्तर :
अशुद्ध कापर छड़ से शुद्ध कापर प्राप्त करने के लिए शुद्ध ताँबे की प्लेट कैथोड के रूप में, अशुद्ध ताँबे की छड़ को एनोड के रूप में तथा विद्युत विच्छेद्य के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) के जलीय घोल का प्रयोग करते हैं।

प्रश्न 11.
विद्युत लेपन विधि में एक धातु पर अन्य धातु की परत चढ़ाने के लिए कैथोड, एनोड और विद्युत विच्छेद्य के रूप में किन पदार्थों का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
जिस वस्तु पर विद्युत लेपन करना होता है उसको अच्छी तरफ साफ करके उसका कैथोड बनाते हैं तथा जिस धातु का लेपन करना होता है उसका एनोड बनाया जाता है। एनोड जिस धातु का बना होता है, उसी धातु पर उपयुक्त लवण का घोल विद्युत विच्छेद्य (Electrolytes) के रूप में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 12.
लोहे के चम्मच पर निकेल के लेपन हेतु विद्युत लेपन विधि में कैथोड और एनोड के रूप में किसका उपयोग किया जाता है? इलेक्ट्रोलाइट के रूप में क्या लिया जाता है ?
उत्तर :
लोहे के चम्मच पर निकेल के लेपन हेतु विद्युत विच्छेदन विधि में लोहे के चम्मच को कैथोड बनाते हैं तथा शुद्ध निकेल की छड़ को एनोड बनाते हैं। निकेल सल्फेट (NiSO4) का घोल जिसमें थोड़ा बोरिक अम्ल रहता है इलेक्ट्रोलाइट के रूप में प्रयुक्त होता है।

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प्रश्न 13.
चाँदी पर सोना के लेपन हेतु विद्युत लेपन विधि में कैथोड, एनोड और विद्युत विच्छेद्य के रूप में किसका उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
चाँदी पर सोना के लेपन हेतु विद्युत लेपन विधि में चाँदी का कैथोड तथा शुद्ध सोने की छड़ को एनोड बनाते हैं एवं पोटैशियम आइरोसायनायड [KAu(CN)2] विद्युत विच्छेद्य (Electrolyte) के रूप में प्रयुक्त होता है।

प्रश्न 14.
जल का विद्युत विच्छेदन करते समय अल्प मात्रा में अम्ल या नमक क्यों मिला दिया जाता है ?
उत्तर :
जल विद्युत का कुचालक है तथा बहुत कम मात्रा में आयनीकृत (lonise) होता है। लेकिन जब इसमें अल्प मात्रा में अम्ल या नमक मिला दिया जाता है तब यह सुचालक हो जाता है एवं पूर्ण रूप से आयनीकृत हो जाता है। यही कारण है कि विद्युत विच्छेदन के समय जल में थोड़ा अम्ल या नमक मिला दिया जाता है।

प्रश्न 15.
जल का विद्युत विच्छेदन करते समय प्लेटिनम प्लेट धनोद (Anode) के स्थान पर कॉपर धनोद का उपयोग क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर :
जल का विद्युत विच्छेदन करते समय प्लेटिनम प्लेट के एनोड के स्थान पर कॉपर एनोड का उपयोग करने पर आयनीकरण के कारण उत्पन्न आक्सीजन कॉपर से प्रतिक्रिया करके इसे Cu में आक्सीकृत कर देता है, जिससे प्रतिक्रिया बन्द हो जाती है। अतः एनोड प्लेटिनम का ही होना आवश्यक है।

प्रश्न 16.
ताँबे के अयस्क से ताँबा का शुद्धीकरण किस प्रकार किया जाता है ?
उत्तर :
अशुद्ध ताँबा से शुद्ध ताँबा प्राप्त करने के लिए ताँबा का शुद्धीकरण वोल्टामीटर में किया जाता है। इसमें कैथोड के स्थान पर शुद्ध ताँबा का प्लेट तथा एनोड के स्थान पर अशुद्ध ताँबे की छड़ तथा विद्युत विच्छेद के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) का अम्लीय घोल लेते हैं।
जब विद्युतविच्छेद (Electrolyte) में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है तो कॉपर सल्फेट के घोल से कॉपर आयन (Cu+2) कैथोड की ओर आकर्षित होता है तथा शुद्ध ताँबे की बनी प्लेट पर निक्षेपित हो जाता है।
अशुद्ध कॉपर इलेक्ट्रॉन का त्याग करके कॉपर आयन (Cu+2) बनाता है जो कैथॉड की ओर बढ़ता है तथा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके उदासीन परमाणु के रूप में शुद्ध ताँबा कैथोड पर जमा हो जाता है तथा अशुद्धियाँ एनोड प्लेट के नीचे अवक्षेप के रूप में जमा होती रहती हैं।

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प्रश्न 17.
तीव्र विद्युत विच्छेद्य (Strong Electrolyte) और दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
तीव्र विद्युत विच्छेद्य (Strong Electrolyte) : वे विद्युत विच्छेद्य जिनका जलीय घोल पूर्ण रूप से विद्युत विच्छेदित होकर अधिक आयन (ion) उत्पन्न करते हैं उन्हें तीव विद्युत विच्छेद्य कहते हैं। जैसे – HCl2 H2 SO4, KOH आदि। दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) : वे विद्युत विच्छेद्य जिनका जलीय घोल आंशिक रूप से विद्युत विच्छेदित होकर कम ion उत्पन्न करते हैं उन्हें दुर्बल विद्युत विच्छेद्य (Weak Electrolyte) कहते हैं। जैसे : NH4 OH, CH3 COOH आदि।

प्रश्न 18.
विद्युत विश्लेषण की सहायता से एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए जिस गलित मिश्रण का विद्युत विश्लेषण किया जाता है उसमें शुद्ध एलुमिना के अतिरिक्त और क्या-क्या रहता है ? इस विद्युत विश्लेषण में कैथोड और एनोड के रूप में किसका प्रयोग होता है ?
उत्तर :
विद्युत विश्लेषण की सहायता से एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए जिस गलित मिश्रण का विद्युत विश्लेषण किया जाता है उसमें शुद्ध एलुमिना के साथ क्रायोलाइट (AlF3, 3 NaF) और फ्लोरस्पर (CaF2) मिश्रित रहते हैं। इस विद्युत विश्लेषण में ग्रेफाइट कैथोड तथा एनोड दोनों के रूप में प्रयोग में लाया जाता है।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
किसी धातुई तार में प्रवाहित विद्युत धारा और विद्युत विश्लेषण में प्रवाहित विद्युत धारा में दो अन्तर लिखो। ताँबा धातु के विद्युत निष्कर्षण में किस इलेक्ट्रोड के रूप में अशुद्ध ताँबे की छड़ प्रयुक्त की जाती है।
उत्तर :
अशुद्ध कापर छड़ से शुद्ध कापर प्राप्त करने के लिए शुद्ध ताँबे की प्लेट कैथोड के रूप में, अशुद्ध ताँबे की छड़ को एनोड के रूप में तथा विद्युत विच्छेद्य के रूप में कॉपर सल्फेट (CuSO4) के जलीय घोल का प्रयोग करते हैं।
ताँबा धातु के विद्युत निष्कर्षण में अशुद्ध ताँबे का प्रयोग एनोड (Anode) के रूप में होता है।

प्रश्न 2.
आयन किसे कहते हैं ? यह कितने प्रकार का होता है, प्रत्येक की परिभाषा लिखें।
उत्तर :
आयन : परमाणु या परमाणुओं का समूह जिस पर विद्युतीय आवेश होता है उसे आयन कहते हैं। जैसे : H+, Cl , \(\mathrm{SO}_4^{–}\)आदि।
आयन दो प्रकार के होते हैं।
(i) धनायन (Cation) : वे आयन जो धन विद्युत आवेशित होते हैं, उन्हें धनायन (Cation) कहते हैं। ये विद्युतोद के कैथोड की ओर आकर्षित होते हैं। जैसे : H+, Na+, Cu++आदि।
(ii) ऋणायन (Anion) : वे आयन जो ऋण विद्युत आवेशित होते हैं, उन्हें ऋणायन (Anion) कहते हैं। ये विद्युतोद के एनोड की ओर आकार्षित होते हैं। जैसे : Cl, OH, \(\mathrm{SO}_4^{–}\) आदि।

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प्रश्न 3.
जल के विद्युत विच्छेदन विधि का वर्णन करो।
उत्तर :
जल विद्युत का कुचालक है तथा बहुत कम मात्रा में आयनीकृत(ionise) होता है। लेकिन जब जल में अम्ल (H2 SO4 या HCl) की कुछ बूँदें मिश्रित कर देते हैं तब यह सुचालक हो जाता है एवं विद्युत परिवहन की क्षमता काफी बढ़ जाती है।

अम्लीय जल का विद्युत विच्छेदन जल वोल्टामीटर में करते हैं। जिसमें प्लेटिनम के दो विद्युतोद (Electrode) लगे रहते हैं जब इसमें विद्युत धारा प्रवाहित करते हैं तो जल का विद्युत विच्छेदन होता है और एनोड पर ऑक्सीजन तथा कैथोड पर हाइड्रोजन गैस एकत्रित होती है। इनके आयतन का अनुपात 2 : 1 तथा भार का अनुपात 1 : 8 होता है।

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प्रश्न 4.
विद्युत विश्लेषण के कुछ महत्वपूर्ण उपयोग लिखिए।
उत्तर :
विद्युत विश्लेषण का उपयोग (Application of electrolysis) :

  1. धातुओं के निष्कर्षण में तीव्र विद्युत धनात्मक धातु, जैसे -Na, K, Ca, Mg, Al का निष्कर्षण विद्युत विच्छेदन द्वारा किया जाता है।
  2. धातुओं के शुद्धीकरण करने में जैसे Cu, Ag, Zn, Al आदि।
  3. तत्व तथा यौगिकों के औद्योगिक उत्पादन में जैसे Cl, H, O, NaOH, H2O2 आदि।
  4. विद्युत लेपन (Electroplating) करने में।
  5. विद्युत – टाइपिंग (Electro typing) करने में।

प्रश्न 5.
सोडियम क्लोराइड घोल के विद्युत विच्छेदन को प्रमुख रासायनिक प्रतिक्रियाओं द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
सोडियम क्लोराइड (NaCl) घोल का विद्युत विच्छेदन : जब सोडियम क्लोराइड को जल में घोला जाता है तो यह Na<sup+और Cl<sup- आयन में विभक्त हो जाता है। इस घोल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर एनोड पर क्लोरीन गैस मक्त होती है और कैथोड पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है तथा सोडियम हाइड्राक्साइड बनता है।

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प्रश्न 6.
विद्युत विश्लेषण के समय कौन सी ऊर्जा किस ऊर्जा में रूपान्तरित होती है ? कॉपर इलेक्ट्रोड से कॉपर का शुद्धीकरण करते समय कौन सा विद्युत विश्लेष्य पदार्थ प्रयुक्त होता है ? उपर्युक्त स्थिति में शुद्ध एवं अशुद्ध कॉपर की छड़ में से कौन एनोड के रूप में प्रयुक्त होती है ? एक धातु का नाम बताइए जिसका निष्कर्षण विद्युत विश्लेषण के द्वारा होता है ?
उत्तर :

  1. विद्युत विश्लेषण के समय विद्युत ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा में रूपान्तरित होती है।
  2. कॉपर सल्फेट (CuSO4) का घोल
  3. एनोड के रूप में अशुद्ध ताँबा (कॉपर) की छड़ ली जाती है।
  4. विद्युत विश्लेषण के द्वारा एल्यूमीनियम धातु का निष्कर्षण किया जाता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Physical Science Book Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.6 Question Answer – कार्बनिक रसायन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
मिथेन अणु में H-C-H बंधन में कोण का मान कितना होता है ?
उत्तर :
109°.5° बंधन कोण ।

प्रश्न 2.
CH3 CH2 COOH का IUPAC नाम लिखिए ।
उत्तर :
प्रोपानिक अम्ल ।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन

प्रश्न 3.
CNG का औद्योगिक स्रोत क्या है ?
उत्तर :
प्राकृतिक गैस ।,

प्रश्न 4.
CH4 CH2 CH2 OH का IUPAC नाम लिखिए।
उत्तर :
CH4 CH2 CH2 OH का IUPAC नाम प्रोपानॉल (Propanol) है।

प्रश्न 5.
CH3 CH2 CH2 OH के एक समावयव के गठन का सूत्र लिखिए ।
उत्तर :
CH3 CH2 OH के एक समावयव के गठन का सूत्र CH3 O – CH3 (डाई मिथाइल इथर) है।

प्रश्न 6.
पाली टेट्राफ्लोरोथिलिन का एक उपयोग लिखिए।
उत्तर :
पाली टेट्राफ्लोरोथिलिन नानस्टीक बरतनों में कोटिंग के काम आता है।

प्रश्न 7.
P.V.C. का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर :
P.V.C. का पूरा नाम = पॉली विनायल क्लोराइड है।

प्रश्न 8.
PVC के एक मोनोमर का नाम लिखो ।
उत्तर :
विनाइल क्लोराइड (CH2= CHCI)

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन

प्रश्न 9.
इथीलीन का एक उपयोग लिखिए ।
उत्तर :
इथीलीन का उपयोग धातुओं को काटने और जोड़ने में किया जाता है।

प्रश्न 10.
एक अकार्बनिक घोलक और एक कार्बनिक घोलक का नाम लिखो ।
उत्तर :
एक अकार्बनिक घोलक जल (H2O) है तथा एक कार्बनिक घोलक बेन्जिन (C6H6) है।

प्रश्न 11.
बायो- मालिकुल्स का एक उदाहरण दीजिए ।
उत्तर :
बायो-मालिकुल्स का एक उदाहरण ग्लूकोज है।

प्रश्न 12.
सरलतम एल्केन का नाम लिखो ।
उत्तर :
Methane (मिथेन) [CH4]

प्रश्न 13.
एक कार्बनिक उर्वरक का नाम और सूत्र लिखो ।
उत्तर :
एक कार्बनिक उर्वरक का नाम यूरिया है जिसका सूत्र CO (NH2)2 है।

प्रश्न 14.
कृत्रिम रूप से फल पकाने के लिए किस गैस का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर :
इथिलिन (C2H2) और एसीटिलिन (C2H2) गैसें फल पकाने के काम आती हैं।

प्रश्न 15.
किस गैस को मार्श गैस कहते हैं और क्यों ?
उत्तर :
मिथेन (CH4) गैस को मार्श गैस भी कहते हैं। मार्श (Marsh) का अर्थ दलदल होता है। अत: दलदली जमीन में पाये जाने के कारण ही मिथेन को मार्श गैस कहते हैं।

प्रश्न 16.
एक त्रिबन्ध युक्त हाइड्रोकार्बन का नाम तथा उसका रचनात्मक सूत्र लिखो ।
उत्तर :
एक त्रिबन्ध युक्त हाइड्रोकार्बन एसीटिलीन है।
इसका रचनात्मक सूत्र : H – C ≡ C – H है।

प्रश्न 17.
एक तीन कार्बन परमाणु विशिष्ट एल्काइन का आणविक सूत्र लिखिए ।
उत्तर :
तीन कार्बन परमाणु विशिष्ट एल्काइन का आणविक सूत्र C3H4 है।

प्रश्न 18.
कार्बाइड लैम्प में कौन-सी गैस जलती है ?
उत्तर :
कार्बाइड लैम्प में एसिटीलीन (C2H2) गैस जलती है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन

प्रश्न 19.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम और सूत्र लिखें जो बेहोश करने के काम में आते हैं ?
उत्तर :
क्लोरोफार्म (CHCl3) बेहोश करने के काम में आता है।

प्रश्न 20.
पैराफिन किसे कहते हैं? उदाहरण सहित सामान्य सूत्र लिखें।
उत्तर :
संतृप्त हाइड्रोकार्बन एल्केन को साधारणत: पैराफिन (Paraffin ) कहते हैं। जैसे – मिथेन (CH4), इथेन (C2H6) आदि। इसका समान्य सूत्र CnH2n+2 है।

प्रश्न 21.
ओलिफिन (Olefines) किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित सामान्य सूत्र लिखें ।
उत्तर :
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन एल्किन (Alkene) को ओलिफिन कहते है। इसमें कार्बन परमाणु द्वि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं। जैसे – इथिलिन (C2H4) । इसका सामान्य सूत्र CnH2n है।

प्रश्न 22.
एल्काइन का सामान्य सूत्र लिखिए ।
उत्तर :
एल्काइन का सामान्य सूत्र Cn H2n-2 है|

प्रश्न 23.
तीन कार्बन परमाणु वाले एल्केन में हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कितनी होती है ?
उत्तर :
आठ

प्रश्न 24.
जैव अणु का एक उदाहरण दीजिए ।
उत्तर :
प्रोटीन

प्रश्न 25.
एक हाइड्रोकार्बन का नाम लिखिए जो एक हरित गैस है।
उत्तर :
मिथेन (CH4)

प्रश्न 26.
एक कार्यकारी समूह (Functional Group) का नाम लिखिए जिसमें कार्बन नहीं होता है।
उत्तर :
हाइड्रॉक्सिल (- OH)

प्रश्न 27.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम बताइए जो विषैला नहीं है ।
उत्तर :
ग्लूकोज ।

प्रश्न 28.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम लिखिए जिसमें दो कार्बोक्सिल ग्रुप होते हैं।
उत्तर :
ऑक्जैलिक अम्ल (COOH)2

प्रश्न 29.
एक प्राकृतिक बहुलक का नाम लिखिए ।
उत्तर :
रबर एक प्राकृतिक बहुलक है।

प्रश्न 30.
कार्बन परमाणु के किस गुण के कारण कार्बनिक यौगिकों में लम्बी शृंखला का निर्माण होता है ?
उत्तर :
कैटेनेशन (Catenation) गुण के कारण कार्बनिक यौगिकों में लम्बी श्रृंखला का निर्माण होता है।

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प्रश्न 31.
ग्लूकोज का एक उपयोग लिखिए ।
उत्तर :
ग्लूकोज का उपयोग बच्चों तथा कमजोर व्यक्तियों के लिए भोजन के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 32.
किस कार्बनिक यौगिक को ग्रेप शुगर (Grape Sugar) कहते हैं और क्यों ?
उत्तर :
ग्लूकोज (C2H12O6) को ग्रेप शुगर कहते हैं क्योंकि यह अंगूर के रस से प्राप्त होता है।

प्रश्न 33.
मिथेनॉल की प्रकृति क्या है ?
उत्तर :
यह एक रंगहीन, विषैला द्रव पदार्थ है ।

प्रश्न 34.
इथाइल अल्कोहल की प्रकृति क्या है ?
उत्तर :
यह एक उदासीन, रंगहीन, सुहावनी गंध वाली तथा तीक्ष्ण स्वाद वाला द्रव है जो जल में हर परिमाण में घुलनशील है।

प्रश्न 35.
हिमोग्लोबिन में कौन-से धातु का तत्व होता है ?
उत्तर :
हिमोग्लोबिन में लोहा पाया जाता है।

प्रश्न 36.
कार्बनिक अम्ल के कार्यकारी मूलक का क्या नाम है ?
उत्तर :
कार्बनिक अम्ल के कार्यकारी मूलक का नाम – COOH है।

प्रश्न 37.
पॉलीथीन का एकलक क्या है ?
उत्तर :
पॉलीथीन एक बहुलक है जिसका एकलक एथीलीन (C2H4) है।

प्रश्न 38.
दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले एक पॉलीमर का उदाहरण दीजिए ।
उत्तर :
दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले एक पॉलीमर का उदाहरण पॉलिथीन है।

प्रश्न 39.
प्रयोगशाला में सर्वप्रथम कौन सा कार्बनिक यौगिक तैयार किया गया था ?
उत्तर : यूरिया ।

प्रश्न 40.
एक कार्बनिक यौगिक का नाम लिखें जिसका उपयोग वेल्डिंग करने के समय किया जाता है।
उत्तर :
एसिटीलीन (C2H2)।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
मिथेन को आक्सीजन में जलाने से क्या उत्पन्न होता है ? रासायनिक समीकरण सहित लिखिए ।
उत्तर :
मिथेन को आक्सीजन में जलाने से कार्बन मोनो आक्साइड तथा जल उत्पन्न होता है।
2 CH4+3O2 = CO + 4H2O + Heat

प्रश्न 2.
एसीटिक एसिड एवं इथाइल अल्कोहल में प्रत्येक का एक उपयोग उल्लेख करें ।
उत्तर :
एसीटिक एसिड का प्रमुख उपयोग : सेलुलोज एसीटेट बनाने में, जिसका उपयोग कृत्रिम सिल्क बनाने में होता है। ऐस्प्रीन (Aspirin), फेनासेटीन आदि दवा बनाने में एसीटिक एसिड का उपयोग होता है। इथाइल अल्कोहल का प्रमुख उपयोग : पेंट, वार्निश, ईथर, क्लोरोफॉम, एसीटिक एसिड बनाने में इथाइल अल्कोहल का उपयोग होता है।

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प्रश्न 3.
मिथेन और क्लोरिन की प्रतिस्थापन प्रतिक्रिया की शर्त क्या है ? प्रतिक्रिया के पहले चरण का संतुलित समीकरण प्रदान कीजिए।
उत्तर :
मिथेन और क्लोरिन की प्रतिस्थापन प्रतिक्रिया :- मिथेन और क्लोरिन के मिश्रण को सूर्य के प्रकाश में रखने पर मिथेन क्लोरिन से प्रतिक्रिया करता है। इसमें Methane के चारों हाइड्रोजन परमाणु एक-एक करके क्लोरिन परमाणु द्वारा विस्थापित हो जाते हैं। ऐसी अभिक्रिया प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
CH4 + Cl2 → CH3Cl + HCl

प्रश्न 4.
मार्स गैस क्या है ? इथीलीन का एक प्रयोग लिखो ।
उत्तर :
मार्स गैस (Marsh gas) :- मिथेन गैस को मार्स गैस भी कहते हैं क्योंकि यह दलदली भूमि, जहाँ पेड़-पौधे सड़ते रहते हैं वहाँ के बैक्टेरिया के अपघटन से बनती है ।
इथिलीन का उपयोग

(Use of Ethylene) :-

  • इसका उपयोग कच्चे फलों को पकाने में किया जाता है।
  • कृत्रिम रबर तथा मस्टर्ड गैस (Mustard gas) बनाने में होता है।
  • पालीथिन (Polythene) नामक प्लास्टिक बनाने में होता है।
    निश्चेतक के रूप में होता है, तथा
  •  धातुओं को काटने तथा जोड़ने में Oxy-ethylene के रूप में होता है।

प्रश्न 5.
पॉलिएथिलीन का उत्पादन कैसे किया जाता है ? इसका एकलक (Monomer) क्या है ? इसका उपयोग लिखिए।
उत्तर :
इथिलीन (C2H4) को उच्च दबाव (500 से 3000 वायुमण्डलीय दबाव) पर उत्प्रेरक की उपस्थिति में तप्त करने पर पॉलिएथिलीन (पॉलीथीन) बनता है। पॉलिएथिलीन का एकलक (Monomer) इथिलीन है। उपयोग : इससे बाल्टी, बोतल, खिलौने, पाइप, बैग आदि अनेक प्रकार की वस्तुएं बनाई जाती हैं।

प्रश्न 6.
टेफ्लॉन का उत्पादन कैसे होता है ?
उत्तर :
एथिलीन के चारों हाइड्रोजन परमाणुओं को फ्लोरिन द्वारा प्रतिस्थापित करने पर टेट्राफ्लोरो – इथिलीन (C2F4) बनता है जिसके बहुत से अणु पॉलिमराइज्ड (Polymerized) होकर टेफ्लॉन नामक प्लास्टिक का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 7.
बहुलकीकरण (Polymerisation) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कुछ विशेष अवस्थाओं तथा उत्प्रेरक की उपस्थिति में कार्बनिक यौगिक के एक से अधिक अणु आपस में संयोग करके एक नये वृहत्तम अणु की रचना करते हैं। इसे बहुलकीकरण कहते हैं तथा इस क्रिया से उत्पन्न पदार्थ को बहुलक कहते हैं।

प्रश्न 8.
सजातीय श्रेणी (Homologus Series) किसे कहते हैं? इसका उदाहरण दो ।
उत्तर :
कार्बनिक यौगिकों की वह श्रेणी जिसके सभी सदस्य एक सामान्य सूत्र द्वारा दर्शाये जाते हैं तथा जिनके दो लगातार सदस्यों के अणुसूत्र में एक निश्चित अन्तर पाया जाता है, ऐसे श्रेणी को सजातीय श्रेणी कहते हैं तथा इस श्रेणी के सदस्यों को सजात कहते हैं। जैसे पैराफिन्स के सदस्यों को Cn H2n+2 कहा जाता है । यदि n = 1, 2, 3 ….. आदि लिखा जाय तो क्रमश: CH4, C2H4, C3H8…. आदि मिलेंगे।

प्रश्न 9.
कार्यकारी समूह से तुम क्या समझते हो ?
उत्तर :
कार्यकारी समूह :- किसी कार्बनिक यौगिक में उपस्थित वह समूह जिस पर उस कार्बनिक यौगिक का रासायनिक गुण निर्भर करता है, उसे कार्यकारी समूह कहते हैं ।

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प्रश्न 10.
एसिटिक एसिड और एसिटाल्डीहाइड के कार्यात्मक समूह का सूत्र लिखो ।
उत्तर :
(a) Acetic acid =- COOH
(b) Acetaldehyde CHO

प्रश्न 11.
एक जैव अणु का नाम और उसका प्रयोग लिखो ।
उत्तर :
जैव अणु (Biomolecle) → कार्बोहाइड्रेड एवं न्युक्लिक एसिड ।
कार्बोहाइड्रेड का उपयोग :- यह शरीर को ऊर्जा तथा उष्मा प्रदान करता है।

प्रश्न 12.
(i) श्रृंखला – समावयवता की एक उदाहरण दो।
(ii) दो प्राकृतिक और दो कृत्रिम पालीमार का नाम लिखो ।
उत्तर :
(i) श्रृंखला समावयवता का उदाहरण :- n butane, Iso butane
(ii) प्राकृतिक पालीमर : सेल्युलोज (Cellulose), प्रोटीन (Protein)
कृत्रिम पालीमर : रेयॉन (Rayon), नाईलॉन (Nylon)।

प्रश्न 13.
एल्केन और एल्कीन का सामान्य सूत्र लिखो ।
उत्तर :
(i) एल्केन का सामान्य सूत्र : Cn H2n+2
(ii) एल्कीन का सामान्य सूत्र : CnH2n

प्रश्न 14.
विनायल क्लोराइड के पालीमर का नाम क्या है ? इस पालीमर का एक उपयोग लिखो ।
उत्तर :
विनायल क्लोराइड के पालीमर का नाम पाली विनायल क्लोराइड है। पाली विनायल क्लोराइड का उपयोग बैग, जूता, चप्पल आदि बनाने में होता है।

प्रश्न 15.
PVC का पूरा नाम लिखो। इसके मोनोमर के नाम और सूत्र लिखो ।
उत्तर :
PVC का पूरा नाम Poly Vinayal Chloride (पाली विनायल क्लोराइड) है। इसका मोनोमर विनायल क्लोराइड (CH2 = CH – CI) है।

प्रश्न 16.
संरचनात्मक समावयवता का उदाहरण सहित परिभाषा लिखें।
उत्तर :
संरचनात्मक समावयवता (Structural Isomerism) : कार्बनिक यौगिकों की संरचना में अन्तर होने के कारण संरचनात्मक समावयवता की घटना पायी जाती है। यह घटना यौगिक के अणु में उपस्थित परमाणुओं एवं मूलकों के आपस में विभिन्न प्रकार से जुड़े रहने के कारण उत्पन्न होता है। जैसे अणुसूत्र C4H10 द्वारा दो Isomers व्यक्त किये जाते हैं।
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प्रश्न 17.
PVC क्या है ? इसका क्या उपयोग होता है ?
उत्तर :
पॉलिविनायल क्लोराइड (PVC) एक विशेष प्रकार का कृत्रिम रबर है। इसे विनाइल क्लोराइड के पॉलिमराइजेशन से बनाया जाता है।
इसका उपयोग खिलौना, फर्श के टाइल, पाइप आदि बनाने में होता है।

प्रश्न 18.
कृत्रिम बहुलक का एक उदाहरण दीजिए। इसका एकलक (Monomer) क्या है ? इसके उपयोग से क्या हानि होती है ?
उत्तर :
कृत्रिम बहुलक का एक उदाहरण पॉलीथीन है ।
पॉलीथीन का एकलक (Monomor) इथिलीन (C2H4) है। कृत्रिम बहुलक (पालीथीन ) के उपयोग से मिट्टी, जल और वायु प्रदूषित होते हैं तथा यह हमारे स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालती है।

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प्रश्न 19.
इथाल अल्कोहल ( इथेनॉल) के सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल की प्रतिक्रिया होती है, तो क्या होता है ?
उत्तर :
इथाइल अल्कोहल (इथेनॉल) को सान्द्र HSO की अधिक मात्रा के साथ 160° से 170° के बीच गर्म करने से इथिलीन (C2H4) बनता है यह प्रतिक्रिया दो चरणों में होती है :
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प्रश्न 20.
इथेनॉल का हानिकारक प्रभाव क्या है ?
उत्तर :
इथेनॉल एक पेय पदार्थ है लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन करने पर नशा होता है। केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र पर इसका प्रभाव उत्तेजक होता है तथा अवसाद (Depration ) और बेहोशी का प्रभाव उत्पन्न करता है।

प्रश्न 21.
कैटेनेशन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कार्बन परमाणु में एक विशेष प्रकार का गुण पाया जाता है, जिसके कारण कार्बन परमाणु अन्य कार्बन के परमाणु या परमाणुओं से सह-संयोजक बन्धन द्वारा संयुक्त होकर कार्बन की श्रृंखला (Chain) की रचना करते हैं। यह गुण अन्य तत्वों के परमाणुओं में नहीं पाया जाता है। अतः, इसी गुण को कैटेनेशन कहते हैं ।

प्रश्न 22.
क्या सभी कार्बन के यौगिक कार्बनिक यौगिक होते हैं? व्याख्या करो ।
उत्तर :
कार्बनिक पदार्थों का मुख्य स्रोत पेड़-पौधे एवं जीव-जन्तु हैं। सभी कार्बनिक यौगिक सह-संयोजक (Co- valent) होते हैं। इसमें कैटेनेशन तथा समावयता के गुण पाये जाते हैं, परन्तु सभी यौगिक जिनमें कार्बन मौजूद हों उन्हें कार्बनिक यौगिक नहीं कहा जा सकता है। जैसे – CO2, Na2CO3, NaHCO3 आदि में कार्बन है, परन्तु ये कार्बनिक यौगिक नहीं हैं क्योंकि इनका स्रोत निर्जीव पदार्थ है तथा इनमें कैटेनेशन और समावयता (Isomerism) के गुण भी नहीं पाये जाते हैं । अतः ये सभी अकार्बनिक यौगिक हैं।

प्रश्न 23.
मिथेन को ग्रीन हाउस गैस क्यों कहते हैं ?
उत्तर :
CO2 के समान मिथेन को भी ग्रीन हाउस गैस कहते हैं क्योंकि यह हवा के सम्पर्क में आकर जलने लगती है तथा उष्मा उत्पन्न होती है। इसके लगातार स्वत: दहन से अत्यधिक मात्रा में उष्मा उत्पन्न होती है जिससे वायुमण्डल का तापक्रम बढ़ जाता है। अतः इसे ग्रीन हाउस गैस कहते हैं ।

प्रश्न 24.
कार्बाइड लैम्प में कौन-सी गैस जलती है ? इसका दूसरा उपयोग क्या है ?
उत्तर :
कार्बाइड लैम्प में एसिटीलिन (C2H2) गैस जलती है। इसका दूसरा उपयोग ऑक्सी एसिटीलिन ज्वाला उत्पन्न करने में होता है जो धातुओं को काटने और जोड़ने के काम आता है।

प्रश्न 25.
ऐलिया (Aleya) किसे कहते हैं ? क्या यह कोई भूत-प्रेत की घटना है – स्पष्ट करो।
उत्तर :
मार्स गैस के साथ फास्फीन (PH3) तथा फास्फोरस डाई – हाइड्राइड (P2H4) मिला रहता है। फास्फोरस डाइ- हाइड्राइड हवा के सम्पर्क में आकर जलने लगती है जिससे PH3 तथा मिथेन (CH4) गैस भी जलने लगती है। इस घटना को एलिया या Will-o-the-wisp कहते हैं। यह कोई भूत-प्रेत की घटना नहीं है बल्कि एक प्राकृतिक रासायनिक घटना है।

प्रश्न 26.
एसीटिलीन का हाइड्रोजन के साथ संयोजन प्रतिक्रिया लिखो ।
अथवा,
इसे कैसे रूपान्तरित करोगे ?
CH = CH → CH3CH3
उत्तर :
निकेल के महीन चूर्ण (उत्प्रेरक) की उपस्थिति में एसीटिलीन (C2H2) हाइड्रोजन के साथ 140°C पर संयोग करके पहले एथिलीन और बाद में इथेन बनाती है ।
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संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
(A) और (B) प्रत्येक दो कार्बन परमाणुयुक्त असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं । ब्रोमीन के साथ क्रिया करने पर, (A) में प्रति अणु 1 ब्रोमीन अणु एवं (B) में प्रति अणु दो ब्रोमीन अणु युक्त होता है। (A) एवं (B) का रचनात्मक सूत्र लिखें। ब्रोमीन के साथ (B) की क्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए ।
उत्तर :
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प्रश्न 2.
एसीटिक एसिड एवं सोडियम हाइड्राक्साइड की प्रतिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखों । जूट एवं पालिथीन में से पैकिंग करने के लिए कौन-सा पर्यावरण मित्र है और क्यों ?
उत्तर :
एसीटिक एसिड एवं सोडियम हाइड्राक्साइड के साथ अभिक्रिया करके सोडियम एसीटेट बनाती है।WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन 5
पैकिंग करने के लिए जूट का व्यवहार करना चाहिए । जूट पर्यावरण मित्र है । इसके निम्नलिखित कारण है

  • जूट एक जैव निम्नकरणीय पदार्थ है ।
  • इसको जलाने से निकले धुएँ से प्लास्टिक के जलने पर उत्पन्न धुएँ से कम प्रदूषक गैस निकलती है ।

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प्रश्न 3.
कार्बनिक और अकार्बनिक यौगिकों में अन्तर स्पष्ट करो ।
उत्तर :
कार्बनिक और अकार्बनिक यौगिकों में अन्तर :

कार्बनिक यौगिक अकार्बनिक यौगिक
1. ये प्राय: सह-संयोजक (Covalent ) यौगिक होते हैं। 1. ये प्राय: विद्युत संयोजक (Electrovalent) यौगिक होते हैं।
2. इनका आयनीकरण प्रायः नहीं होता है। 2. इनका आयनीकरण होता है ।
3. ये प्रायः ज्वलनशील होते हैं। 3. ये प्रायः ज्वलनशील नहीं होते हैं।
4. सभी कार्बनिक यौगिकों में कार्बन रहता है। 4. इनमें कार्बन परमाणु का होना जरूरी नहीं है।

प्रश्न 4.
हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? प्रत्येक की उदाहरण सहित परिभाषा लिखो ।
उत्तर :
हाइड्रोकार्बन : वे कार्बनिक यौगिक जो सिर्फ कार्बन और हाइड्रोजन परमाणुओं से बने होते हैं, उन्हें हाइड्रोकार्बन कहते हैं। हाइड्रोकार्बन दो प्रकार के होते हैं –

  • संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated Hydrocarbon)
  • असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated Hydrocarbon)

संतृप्त हाइड्रोकार्बन : वे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन के परमाणु परस्पर एक सह-संयोजी बन्धन से जुड़े रहते हैं तथा जिसमें कार्बन की चारों संयोजकता हाइड्रोजन परमाणुओं द्वारा संतृप्त रहती हैं, उन्हें संतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं । इसे एल्केन (Alkane) या पैराफिन्स भी कहते हैं, जैसे मिथेन (CH4), इथेन (C2H6) आदि ।

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन : वे हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन के परमाणु द्वि-सह संयोजी बन्धन या त्रि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं, अर्थात् कार्बन की चारों संयोजकता संतृप्त नहीं रहती हैं, उन्हें असंतृप्त हाइड्रोकार्बन कहते हैं। ये भी निम्न दो प्रकार के होते हैं-

(i) एल्कीन (Aikene) : जिन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन परमाणु द्वि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं, उन्हें एल्कीन कहते हैं। इन्हें लिफिन भी कहते हैं, जैसे – इथिलिन (C2H2)
WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन 6
(ii) एल्काइन (Alkyne) : जिन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में कार्बन के परमाणु आपस में त्रि-सह संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं, उन्हें एल्काइन कहते हैं। जैसे: एसिटिलिन (C2H2)
H – C ≡ C – H

प्रश्न 5.
मोनोमर और पालीमर की उदाहरण सहित परिभाषा लिखो ।
उत्तर :
मोनोमर (Monomer) : वह कार्बनिक अणु जो अपने समान अणुओं से संयोग कर वृहत्तम कार्बनिक अणु की रचना करते हैं, उन्हें मोनोमर कहते हैं। जैसे : इथिलीन मोनोमर है जिसके अणु आपस में संयुक्त होकर बड़े अणु पॉलिएथिलीन या पॉलीथीन का निर्माण करते हैं।

पॉलीमर (Polymer) : वह रासायनिक प्रतिक्रिया जिसमें किसी कार्बनिक यौगिक के दो या दो से अधिक अणु मिलकर एक अणु का निर्माण करते हैं, उन्हें बहुलीकरण कहते हैं तथा इस क्रिया से उत्पन्न नये कार्बनिक यौगिक को बहुलक कहते हैं। जैसे : एसिटिलिन का पॉलीमर बेंजीन तथा इथिलीन का पॉलीमर पॉलीथीन है।

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प्रश्न 6.
एक कृत्रिम पालीमर का उदाहरण दो । कृत्रिम पालीमर की एक हानि लिखो ।
उत्तर :
कृत्रिम पालीमर का उदाहरण Polyethylene है।
हानि: यह बाजारों में आमतौर से पॉलिथीन के नाम से बिकता है। प्लास्टिक के आविष्कार ने हमारे जीवन को सस्ता तथा सुलभ बना दिया है। लेकिन यह प्रदूषण का एक कारक होता है। इसे जहाँ-तहाँ फेंक देने से खेतों की उर्वरता नष्ट हो जाती है तथा शहरों की जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है। इसे बिना जलाये नष्ट नहीं किया जा सकता है। लेकिन जलाने पर भी इससे जहरीली गैस उत्पन्न होती है जो ओजोन की परत में छिद्र करती है। इस छिद्र से पारा बैंगनी किरणें (Ultra violet rays) वायुमण्डल में प्रवेश कर जीव जगत् को भारी नुकसान पहुँचा सकती है।

प्रश्न 7.
इथेन और इथिलिन में कौन संतृप्त हाइड्रो कार्बन और कौन अंसतृप्त हाइड्रोजन कार्बन है ? कारण सहित उत्तर लिखें। एसीटीलीन के साथ ब्रोमीन प्रतिक्रिया करे तो क्या होगा ? समीकरण सहित लिखिए ।
उत्तर :
इथेन (C2H6) में कार्बन के सभी परमाणु परस्पर एक सह-संयोजी बन्धन से जुड़े रहते हैं तथा कार्बन की चारों संयोजकता हाइड्रोजन परमाणु द्वारा संतृप्त रहती है। अत: इथेन (C2H6) एक संतृप्त हाइड्रो कार्बन है जिसका रचनात्मक सूत्र निम्नलिखित है।
WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.6 कार्बनिक रसायन 7
इथिलिन (C2H4) में कर्बन के परमाणु परस्पर द्वि-सह-संयोजी बन्धन द्वारा जुड़े रहते हैं।
अर्थात कार्बन की चारों संयोजकता संतृप्त हीं रहती है। अतः इथिलिन (C2H4) एक असंतृप्त हाइड्रो कार्बन है जिसका रचनात्मक सूत्र निम्नलिखित है ।
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ऐसीटिलीन जब ब्रोमीन से प्रतिक्रिया करता है, तो पहले एसीटिलीन डाई- ब्रोमाइड और बाद में ऐसीटिलीन टेट्रा – ब्रोमाइड बनाता है।
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प्रश्न 8.
C.N.G. क्या है ? इसमें मुख्य रूप से कौन-सी गैस होती है ? इसके उपयोग का वर्णन करें।
उत्तर :
C.N.G. (Compressed Natural Gas)
C.N.G. में मुख्य रूप से मिथेन गैस होती है। मिथेन गैस को कोयले के बारीक चूर्ण के साथ हाइड्रोजन गैस तथा उप्रेरक की उपस्थिति में उच्च दबाव पर गर्म करने से C. N. G. गैस प्राप्त होती है। C. N. G. पर्यावरण के लिए हानिकारक ईंधन नहीं है, क्योंकि इससे वायु प्रदूषण नहीं होता है।

उपयोग :
(i) इसका उपयोग वाहनों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
(ii) इसका उपयोग रबर और टायर उद्योग में होता है।

प्रश्न 9.
एल. पी. जी. क्या है ? इसके मुख्य घटकों का उल्लेख करते हुए इसका उपयोग लिखिए।
उत्तर :
द्रवीभूत पेट्रोलियम गैस – एल. पी. जी (Liquified Petroleum Gas – L.P.G.) : पेट्रोलियम गैस आंशिक दबाव पर द्रव (liquid) में बदल जाती है। इसे ही LPG कहते हैं। यह मुख्य रूप से ब्यूटेन (C4H10) गैस होती है जिसमें मिथेन (CH4) तथा इथेन (C2H6) गैसें अल्प मात्रा में मिश्रित रहती हैं। इसे घरेलू ईंधन के रूप में व्यवहार हेतु लोहे के सिलिंडर (cylinder) में भरा जाता है। एक सिलिंडर में 14 kg LPG होती है। सिलिंडर में भरते समय एक दुर्गन्धपूर्ण कार्बनिक यौगिक इथाइल मरकेप्टान C2H5SH (Ethyl Mercaptan ) मिश्रित कर दिया जाता है जिससे इस गैस के रिसाव (leakage) की जानकारी हो सके।

उपयोग : घरेलू ईंधन (domestic fuel) के रूप में मुख्य रूप से भोजन पकाने हेतु उपयोग में लायी जाती है । यह अत्यन्त वाष्पशील (Volatile) पदार्थ है जो सिलिंडर से गैस के रूप में बाहर निकलती है तथा नीली लौ (flame) के साथ जलती है और प्रचण्ड उष्मा उत्पन्न करती है।

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प्रश्न 10.
अल्कोहल, एल्डीहाइड, किटोन, इथर, एमीनों एवं कार्बोक्सिल के कार्यकारी समूह (Functional group) लिखें तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दें।
उत्तर :
(i) अल्कोहल का कार्यकारी समूह – OH हैं। इसका एक उदाहरण मिथाइल अल्कोहल (CH3OH) है।
(ii) एल्डीहाइड का कार्यकारी समूह – CHO है। इसका एक उदाहरण फर्मेल्डीहाइड (HCHO) है।
(iii) किटोन या कार्बोनिक का कार्यकारी समूह > C = O है। इसका उदाहरण एसीटोन (CH3COCH) है।
(iv) ईथर का कार्यकारी समूह – O – है । इसका उदाहरण डाइ मिथाइल ईथर (CH3 – O – CH3) है।
(v) एमीनो का कार्यकारी समूह – NH2 है । इसका उदाहरण मिथाइल एमिन CH3NH2 है |
(vi) कार्बोक्सिल का कार्यकारी समूह – COOH है। इसका उदाहरण फार्मिक एसिड (HCOOH) है।

प्रश्न 11.
समावयवता (Isomerism) और समावयवी (Isomers) किसे कहते हैं ।
उत्तर :
समावयवता (Isomerism) :- कार्बनिक यौगिकों का वह विशेष गुण जिसके कारण विभिन्न गुण वाले दो या दो से अधिक यौग़िकों को समान अणु सूत्र द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, उस गुण को समावयवता (Isomerism) कहते हैं ।
जैसे:- C2H6Oअणु सूत्र को C2 H5OH तथा CH3OCH3 द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।
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समावयवी (Isomers) :- वे कार्बनिक यौगिक जिसका अणु सूत्र समान होते हुए भी रचनात्मक सूत्र भिन्न-भिन्न होता है तथा रासायनिक गुण भी भिन्न-भिन्न हो तो उसे समावयवी (Isomers) कहते हैं ।

प्रश्न 12.
स्थान समावयवता को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर :
स्थान- समावयवता (Position Isomerism) : जब यौगिक के कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला (Chain) से जुड़े क्रियाशील मूलक या परमाणु का स्थान में परिवर्तन होने के कारण एक ही अणुसूत्र से विभिन्न यौगिकों का बोध होत है तो इस घटना को स्थान- समावयवता कहते हैं। जैसे- अणुसूत्र C3H8O से दो विभिन्न यौगिक-न -नारमल प्रोपाइल एल्कोहल और आइसोप्रोपाइल एल्कोहल का बोध होता है। नारमल प्रोपाइल एल्कोहल में क्रियाशील मूलक – OH का स्थान C पर आइसो प्रोपाइल एल्कोहल में – OH का स्थान C2 पर है।
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प्रश्न 13.
इथाइल एल्कोहल के उपयोग एवं गुणों का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर :
(a) इथाइल एल्कोहल का मुख्य उपयोग (Uses of ethyle alcohol) :

  • यह मेथिलेटेडे स्पिरिट बनाने के काम आता है।
  • यह पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप मे व्यवहार किया जाता है।
  • यह क्लोरोफार्म बनाने के काम में आता है।
  • यह कीटाणुनाशक के रूप में प्रयोग होता है।

(b) इथाइल एल्कोहल के गुण (Properties of ethyl alcohol) :

  • इसमें एक विशेष प्रकार की मीठी सुगंध आती है।
  • यह जल में घुलनशील है।
  • यह सोडियम से अभिक्रिया कर सोडियम एथिक्साइड तथा हाइड्रोज गैस उत्पन्न करती है।
    2C2H5OH + 2Na → 2C2H5ONa + H2
  • इथाइल एल्कोहल के साथ सान्द्र H2SO4 मिलाकर मिश्रण को 160°C -170°C तापमान पर गर्म करने पर इथाइल एल्कोहल का निर्जलीकरण होकर इथीलीन (C2H4) गैस प्राप्त होती है।
    C2H2OH + H2SO4 = C2H4 + H2O + H2SO4

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प्रश्न 14.
विकृत स्पिरिट क्या है ? मिथेनॉल एवं एथेनॉल के दुष्प्रभाव का उल्लेख कीजिए ।
उत्तर :
इथाइल अल्कोहल का अधिकांश उपयोग पेय (Beverages) के लिये होता है । औद्योगिक उद्देश्य के लिए जहरीले पदार्थ जैसे मिथाइल अल्कोहल, पीरीडिन या खनिज नेप्था मिला दिया जाता है। अब विषैला होने कारण यह पीने के लिए व्यवाहर नहीं किया जा सकता है। इस अल्कोहल को ही Methylated Spirit या विकृत स्पिरिट (Denatured Spirit) कहते हैं।

एथेनॉल अत्यधिक ज्वलनशील होता है। इसे पीने से शरीर में उत्तेजना होती है, इसलिए इसे मादक द्रव (शराब) के रूप में उपयोग किया जाता है। मिथेनॉल एक विषैला द्रव है एवं इसकी गंध शराब की तरह होती है। इसे पी लेने से व्यक्ति अंधा हो जाता है एवं अधिक मात्रा में पीने से मृत्यु तक हो जाती है। इसे एथेनॉल के साथ मिलाकर पीने के योग्य बनाया जाता है। देश के विभिन्न भागों में शराब पीने वालों की अधिकांश मृत्यु मिथेनॉल के ही कारण हुई है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.2 रासायनिक बन्धन

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WBBSE Class 10 Physical Science Chapter 8.2 Question Answer – रासायनिक बन्धन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
N2 अणु का लुइस डाट संरचना आंकित कीजिए (N की परमाणु संख्या 7)
उत्तर :
WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.2 रासायनिक बन्धन 1

प्रश्न 2.
CaO का निर्माण किस बंधन द्वारा होता है ?
उत्तर :
विद्युत संयोजी बंधन।

प्रश्न 3.
F2 अणु का लुइस डाट संरचना लिखिए। (F=9)
उत्तर :
F2 अणु का लुइस डॉट संरचना :

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प्रश्न 4.
किसी ठोस में आयनों को तथा एक अणु में परमाणुओं को एक साथ बांधकर रखने वाले बल को ए़्या कहते हैं ?
उत्तर :
रासायनिक बन्धन (Chemical bonding)।

प्रश्न 5.
रासायनिक प्रतिक्रिया में कौन-सा इलेक्ट्रॉन भाग लेता है ?
उत्तर :
संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence Electron)

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प्रश्न 6.
रासायनिक बन्धन कितने प्रकार के होते हैं ? नाम लिखें।
उत्तर :
दो प्रकार के होते हैं (i) विद्युत संयोजी बन्धन (ii) यहु-संयोजी बन्धन।

प्रश्न 7.
एक परमाणु से दूसरे परमाणु पर इलेक्ट्रॉन के स्थानान्तरण के फलस्वरूप किस प्रकार की भंयोजकता की उत्पत्ति होती है ?
उत्तर :
विद्युत संयोजकता (Electro-Valency)

प्रश्न 3.
दो एरमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से उत्पन्न संयोजकता को क्या कहते हैं ?
उच्च :
दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से सह-संयोजकता (Co-valency) की उत्पत्ति होती है।

प्रश्न 9.
जब कोई परमाणु या आयन इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है तो क्या होता है ?
उत्तर :
जब किसी तत्व का परमागु, इलेक्ट्रॉन प्रहण करता है तो वह ऋण आवेशित आयन में बदल जाता है जबकि अयन इलेक्ट्रान ग्रहण कर परमाणु में बदल जाता है या आयन ही बना रहता है।

प्रश्न 10.
किस प्रकार के यौगिक ध्रुवीय यौगिक के नाम से जाने जाते हैं ?
उत्तर :
विद्युत संयोजी यौगिक धुवीय यौगिक के नाम से जाने जाते है।

प्रश्न 14.
सह-संयोजी यौगिकों की भौतिक अवस्था क्या है ?
उत्तर :
सह-संयोजी यौगिक ट्रव अथवा गैसीय अवस्था में होते हैं।

प्रश्न 12.
दो सह-संयोजी यौगिक के नाम्न लिखें जो जल में घुलकर आयन बनाते हैं।
उत्तर :
हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl), और हाइड्रोजन फ्लोराइड (HF)

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प्रश्न 13.
वांत्विक क्लोराइड में किस प्रकार के बन्धन (Bonding) का निर्माफ़ होता है ?
उत्तर :
धात्विक क्लोराइड में आयनिक या विद्युत संयोजी बन्धन (Electro valent bond) का निर्माण होता है।

प्रश्न 14.
अधात्विक क्लोराइड में किस प्रकार के बन्धन पाये जाते हैं ?
उत्तर :
सह-संयोजी बन्धन (Covalent bond)

प्रश्न 15.
दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से उत्पन्न संयोजकता को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉोनों की साझेदारी से सह-संयोजकता (Co-valency) की उत्पत्ति होती है।

प्रश्न 16.
निष्क्रिय गैसों के सबसे बाहरी कक्ष में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं ?
उत्तर :
हीलियम में 2 और बाकी सब में 8

प्रश्न 17.
कौन-कौन तत्व द्वैध-नियम में स्थायी रचना प्राप्त करते हैं ?
उत्तर :
H, Li, Be, B

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प्रश्न 18.
NaCl बनाने में सोडियम आयन किस निष्क्रिय गैस की संरचना प्राप्त करता है ?
उत्तर :
निऑन गैस (Ne)

प्रश्न 19.
NaF किस प्रकार का यौगिक है ?
उत्तर :
विद्युत संयोजी बंधन।

प्रश्न 20.
CCl4 विद्युत का चालन क्यों नहीं करता है ?
उत्तर :
यह सह-संयोजी यौगिक है, इसका आयनीकरण नहीं होता।

प्रश्न 21.
ऑक्सीजन में कितने संयोज्य इलेक्ट्रॉन होते हैं ?
उत्तर :
दो।

प्रश्न 22.
धातु परमाणु अक्सर किस प्रकार का आयन ब्नसाने हैं ?
उत्तर :
धनायन।

प्रश्न 23.
किस रासायनिक बन्धन के माध्यम से हाइड्रोजन के साथ कार्बन संयुक्त होकर मिथेन गैस उत्पन्न होती है ?
उत्तर :
सह-संयोजक बन्धन के माध्यम से हाइड्रोजन के साथ कार्बन संयुक्त होकर मिशेन गैस उत्गत्र होती है !

प्रश्न 24.
दैनिक जीवन में उपयोग होने वाला एक विद्युत संयोजी यौगिक और पृ सह-संयोजी यौगिक वे नाम लिखो।
उत्तर :
दैनिक जीवन में उपयोग होने वाला एक विद्युत संयोजी यौगिक्र ‘सापागण गमक’ ( NaCl) तथा सह संप्रेजी: यौगिक ‘जल’ (H2O) है।

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प्रश्न 25.
एक सह-संयोजी यौगिक का नाम लिखो जो विद्युत धारा प्रवाहित करती है ?
उत्तर :
हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) एक सह-संयोजी यौगिक है जो विद्युत धारा भ्रक्रहित फरती है।

प्रश्न 26.
मैग्नेशियम की परमाणु संख्या 12 है। Mg2+ आयन में इलेक्ट्रोंनों की संख्या क्या हैं ?
उत्तर :
Mg2+ आयन में इलेक्ट्रॉन की संख्या 10 है।

प्रश्न 27.
\({ }_8^{16} 0\) के बाह्यतम कक्ष में इलेक्ट्रॉन की संख्या कितनी है ?
उत्तर :
\({ }_8^{16} 0\) के सबसे बाहरी कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन है।

प्रश्न 28.
विद्युत संयोजी एवं सह-संयोजी यौगिकों में कौन जल में आसानी से घुलनशील है ?
उत्तर :
विद्युत संयोजी यौगिक जल में आसानी से घुलनशील है।

प्रश्न 29.
कैलासीय अवस्था में किस प्रकार के यौगिक उपलब्ध हैं ?
उत्तर :
विद्युत संयोजी यौगिक कैलासीय अवस्था में उपलब्ध है।

प्रश्न 30.
जल सह-संयोजी यौगिक है या विद्युत संयोजी ?
उत्तर :
जल एक सह-संयोजी यौगिक है।

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प्रश्न 31.
जब सोडियम (Na) से क्लोरिन (Cl) गासायनिक संयोग करता है, तो किस प्रक्कार की संयोजकता प्रदर्शित होती है ?
उत्तर :
विद्युत संयोजकता (electro valency)

प्रश्न 32.
किस प्रकार के यौगिकों में समावयवता का गुण पाया जाता है ?
उत्तर :
सह-संयोजी यौगिकों में समावयवता का गुणा खाया जाता है।

प्रश्न 33.
A और B की परमाणु संख्या क्रमश: 11 और 17 है। A और B द्वारा गठित यांगिक की प्रकृर्ति क्या होगी, विद्युत संयोजी या सह-संयोजी ?
उत्तर :
विद्युत संयोजी (Electrovalent)।

प्रश्न 34.
एक त्रि-सह संयोजी बंधन वाले अणु का उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
नाइट्रोजन (N2) ।

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प्रश्न 35.
हीलियम के संयोजी सेल में किस प्रकार की संरचना पायी जाती है ?
उत्तर :
ड्रूलेट (duplet)।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
कोशेल ने आयनिक बन्धन के गठन की व्याख्या किस प्रकार की ?
उत्तर :
कोई भी परमाणु निष्क्रिय गैसों की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था तीन प्रकार से प्राप्त करता है –

  1. किसी दूसरे परमाणु से अपना एक या अधिक इलेक्ट्रॉनों का त्याग करके
  2. किसी दूसरे परमाणु से एक या अधिक इलेक्ट्रॉनों को प्राप्त करके
  3. किसी दूसरे परमाणु के साथ एक या अधिक इलेक्ट्रॉनों का साझा करके

जब एक परमाणु के दूसरे परमाणु में इलेक्ट्रॉन के स्थानान्तरण होने से उन दोनों परमाणुओं के बीच बंधन बनता है तो उसे वैद्युत संयोजक बंधन कहते हैं। इलेक्ट्रॉनों का स्थानान्तरण इस प्रकार होता है कि प्राप्त आयनों की बाह्यतम कक्षाओं की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था गैसों की भाँति स्थायी बन जाती है। धातु-परमाणुओं की बाह्यतम कक्षा में सामान्यतः 1,2 या 3 इलेक्ट्रॉन रहते है जिनका त्याग कर ये परमाणु धनायन बनकर स्थायी हो जाते हैं।

प्रश्न 2.
तरल हाइड्रोजन क्लोराइड में विद्युत प्रवाह नहीं होता है किन्तु तरल सोडियम क्लोराइड में विद्युत प्रवाह होता है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर :
तरल HCl एक सहसंयोजी यौगिक (Covalent compound) है जिससे आयन में नहीं बटते हैं और विद्युत प्रवाह नहीं होता है। जबकि NaCl का जलीय घोल या तरल अवस्था में Na+ और Cl आयन में बट जाते हैं। जिससे विद्युत प्रवाह होता है। NaCl का जलीय घोल Electrovalent compound.

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प्रश्न 3.
दो भौतिक गुणों के आधार पर सोडियम क्लोराइड एवं नेफ्थालीन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :

सोडियम क्लोराइड नेप्थलीन
1. यह अवाष्पशील ठोस है। 1. यह एक वाष्पशील ठोस है।
2. इसका द्रवणांक तथा क्वथनांक उच्च होता है। 2. इसका द्रवणांक तथा क्वथनांक बहुत कम होता है।
3. यह गंधहीन पदार्थ है। 3. इसमें एक विशेष प्रकार की गंध पायी जाती है।

प्रश्न 4.
दो जलीय घोल में एक फेरिक क्लोराइड एवं दूसरा एलुमिनियम क्लोराइड है। अमोनिया के जलीय घोल की सहायता से फेरिक क्लोराइड घोल की पहचान किस प्रकार करेंगे ? संतुलित रासायनिक समीकरण की सहायता से उत्तर दीजिए।
उत्तर :
पीले रंग के फेरिक क्लोराइड के घोल में अमोनिया गैस प्रवाहित करते हैं। हमें बादामी रंग का फेरिक हाइड्राक्साइड प्राप्त होता है जो अवक्षेप के रूप में होता है।

FeCl3 + 3 NH3 + 3 H2O = Fe(OH)3 ↓ + 3 NH4 Cl
या, FeCl3 + 3 NH4 OH = Fe(OH)3 ↓ + 3 NH4 CL

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प्रश्न 5.
एक द्रव और एक ठोस प्रत्येक का सहसंयोजी यौगिक का उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
एक द्रव सहसंयोजी यौगिक जल (H2O) है।
एक ठोस सह संयोजी यौगिक ग्लूकोज (C6 H12 O6) है।

प्रश्न 6.
लुईस की धारणा के अनुसार सह-संयोजी बंधन किस प्रकार गठित होता है, एक उदाहरण देकर लिखिए।
उत्तर :
लुईस धारणा के अनुसार प्रतिक्रिया में भाग लेने वाले सभी परमाणु यदि समान आवेश वाले तथा सहधर्मी हों, तो ऐसे परमाणु प्रतिक्रिया में अपने बाहरी कक्ष के इलेक्ट्रॉन की पारस्परिक साझेदारी करते हैं। इस साझेदारी के फलस्वरूप इलेक्ट्रॉन का जोड़ा बनता है, जो एक या एक से अधिक हो सकता है। दोनों प्रतिकारक परमाणु इस जोड़े को समान अधिकार से व्यवहार करते हुए अपने निकटतम निष्क्रिय गैस के इलेक्ट्रॉन विन्यास प्राप्त करके स्थायित्व ग्रहण करते हैं।

उदाहरण : हाइड्रोजन अणु के गठन का लुईस डॉट प्रतीक : H – परमाणु में केवल एक कक्ष होता है जिसमें केवल एक इलेक्ट्रॉन रहता है । हाइड्रोजन अणु के गठन के समय प्रत्येक हाइड्रोजन परमाणु अपने-अपने इलेक्ट्रॉन को देकर इलेक्ट्रॉन एक साझे जोड़े का निर्माण करके एक हाइड्रोजन अणु (H2) का गठन करते हैं।

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प्रश्न 7.
विद्युतीय संयोजकता किसे कहते हैं ?
उत्तर :
विद्युतीय संयोजकता (Electro Valency) : जब एक परमाणु से दूसरे परमाणु में इलेक्ट्रॉनों के स्थानान्तरण के फलस्वरूप रासायनिक संयोग होता है तो उसमें प्रदर्शित संयोजकता को विद्युतीय संयोजकता कहते हैं।

प्रश्न 8.
विद्युत संयोजक बन्धन और विद्युत संयोजक यौगिक से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
जब एक परमाणु से दूसरे परमाणु में इलेक्ट्रॉन के स्थानान्तरित होने से उन दोनों परमाणुओं के बीच बंधन बनता है, तो उसे विद्युत संयोजक बन्धन.(Electrovalent bond) कहते हैं। इस बन्धन के फलस्वरूप बने यौगिक विद्युत संयोजक यौगिक कहलाते हैं। जैसे : NaCl, KCl आदि।

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प्रश्न 9.
सह-संयोजकता और सह-संयोजक बन्धन से क्या समझते हो ?
उत्तर :
जब दो समान या असमान परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के साझेदारी के फलस्वरूप रासायनिक बन्धन बनता है, तो इसमें प्रदर्शित संयोजकता को सह-संयोजकता कहते हैं तथा इससे उत्पन्न बंधन की सह-संयोजक बन्धन कहते हैं।

प्रश्न 10.
सह-संयोजी यौगिक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
निकटतम निष्क्रिय गैसों की रचना प्राप्त करने की चेष्टा में दो या दो से अधिक परमाणु जब परस्पर एक या एक्क से अधिक इलेक्ट्रॉन के जोड़े को समान रूप से व्यवहार कर जिस यौगिक का गठन संयुक्त होकर करते है, उसे सहैं संयोजी यौगिक (Co-valent compound) कहते हैं। जैसे – H2O, HCl आदि।

प्रश्न 11.
किस प्रकार के रासायनिक बन्धनों से सोडियम क्लोराइड और हाइड्रोजन क्त्तोराइड है कन के के लिए सोडियम और हाइड्रोजन के साथ पृथक रूप से क्लोरीन संयुक्त होता है ? दोन डॉट रचना अंकित करते हुए दिखाइए।
उत्तर :
सोडियम क्लोराइड गठन करने के लिए क्लोरीन सोडियम के साथ विद्युत संयोजी बन्ध द्वारा संयुक्ति होता है

हाइड्रोजन क्लोराइड के गठन में क्लोरीन सह-संयोजी बन्धन द्वारा संयुक्त होता है। (NaCl) की इलेक्ट्रान डाट संरचना :

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प्रश्न 12.
इलेक्ट्रान डाट गठन (संरचना) द्वारा दिखाओ कि कैल्शियम आक्साइड में सह-संयोजक बन्धन बनता है या विद्युत संयोजक बन्धन। (Ca की परमाणु संख्या 20 और आक्सीजन की परमाणु संख्या 8 है।)
उत्तर :
कैल्शियम (\({ }_{20} \mathrm{Ca}^{40}\)) का इलेक्ट्रॉंनिक विन्यास = 2,8,8,2
ऑक्सीजन (\({ }_8 \mathrm{O}^{16}\) का इलेक्ट्रानिक विन्यास = 2,6
कैल्शियम परमाणु के सबसे बाहरी कक्ष के दोनों इलेक्ट्रान ऑक्सीजन परमाणु के सबसे बाहरी कक्ष में चले जाते हैं, इससे दोनों परमाणु के अष्टक पूर्ण हो जाते हैं। इस प्रकार इनके बीच विद्युत संयोजक बन्धन बनता है।

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प्रश्न 13.
H2O की इलेक्ट्रॉन डाट रचना लिखिए :
उत्तर :
H2O के अणु का बनना सह-संयोजी बन्धन है।

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प्रश्न 14.
Na और Na+ में कौन अधिक स्थाई है और क्यों ?
उत्तर :
सोडियम परमाणु (Na) के सबसे बाहरी कक्ष में एक इलेक्ट्रॉन होता है जबकि सोडियम आयन (Na+)के बाहरी कक्ष में आठ इलेक्ट्रान होते हैं। अत: उसका बाहरी कक्ष पूर्ण होता है और यह निष्क्रिय गैस की संरचना प्राप्त कर लेते हैं। फलस्वरूप सोडियम आयन (Na+)अधिक स्थाई होता है।

प्रश्न 15.
ठोस NaCl में विद्युत धारा का प्रवाह हो सकता है या नहीं, कारण सहित उत्तर लिखो।
उत्तर :
ठोस NaCl में विद्युत धारा का प्रवाह नहीं होता है क्योंकि विद्युत विच्छेदन के लिए पदार्थ का घोल की अवस्था या पिघली अवस्था में आयन की अवस्था में होना चाहिए।

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प्रश्न 16.
अष्टक नियम (Octate Rule) से क्या समझते हो ?
उत्तर :
अष्टक नियम : कॉसेल तथा लुइस ने परमाणुओं के बीच रासायनिक संयोजन के एक महत्वपूर्ण सिद्धान्त को विकसे किया। इस सिद्धान्त के अनुसार, परमाणुओं का संयोजन संयोजक इलेक्ट्रानों (Valence electrons) के सेहभाज (Sharing) के द्वारा होता है। इस प्रक्रिया में परमाणु अपने बाहरी कक्ष (Valence orbit) में अष्टक पूर्ण करते हैं इसे अक नियम कहते हैं। प्रत्येक परमाणु अपना-अपना अष्टक पूर्ण करके स्थायित्व (Stability) प्राप्त करने की चेष्टांकरताहै।

प्रश्न 17.
द्वैत निम (Rule of Duplet) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
द्वैत नियुस (Rule of Duplet) : आवर्त सरणी में हीलियम और उसके आस-पास स्थित कुछ तत्व जैसे : ईइड्रोजन, लिथियम बेरियम और बोरोन रासायनिक संयोग करके सबसे बाहरी कक्ष (Outer most orbit) में दो इलेक्ट्रान की भुर्ति क्ष्के निक्किय तत्व हीलियम की भाँति स्थायी रचना की प्राप्ति करते हैं। इसे द्वैत नियम (Rule of Duplet) कहलें हैं। प्रत्येक परमाणु अपना बाहरी कक्ष पूर्ण करके स्थायित्व (stability) को प्राप्त करते हैं।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
डोबरेनर का त्रियक नियम लिखें। Cl, Br, I, F को आक्सीकरण क्षमता के बढ़ते क्रम में सजाइये।
उत्तर :
डोबरेनर का त्रियक नियम : 1817 ई० में डोबरेनर ने कुछ विशेष तत्वों को तीन-तीन के समूह में बाँट कर गह बताया कि प्रत्येक समूह के मध्य वाले तत्व का परमाणु भार किनारे वाले तत्वों के परमाणु भारत का लगभग औसत ोगा। तीन-तीन तत्वों के इन समूहों को त्रियक नियम कहते हैं।
किसी वर्ग में नीचे से ऊपर जाने पर आक्सीकारक क्षमता बढ़ता है। अत: वर्ग 17 के हैलोजनों का बढ़ते क्रम में अग्सीकारक क्षमता I>Br>Cl>F है।

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प्रश्न 2.
विद्युत संयोजक यौगिक तथा सह-संयोजक यौगिक में अन्तर लिखें।
उत्तर :

विद्युत संयोजक यौगिक (Electrovalent Compound) सह-संयोजक यौगिक (Co-valent Compound)
i. ये प्रायः साधारण तापक्रम पर रवादार ठोस होते हैं। i. ये साधारण तापक्रम पर द्रव या गैस अवस्था में रहते हैं।
ii. ये प्राय: जल में घुलनशील होते हैं। ii. ये जल में अघुलनशील वथा कार्बनिक घोलकों में घुलनशील होते हैं।
iii. इनका गलनांक तथा क्वथनांक अधिक होता है। iii. इनका गलनांक तथा क्वथनांक कम होता है।

प्रश्न 3.
सोडियम क्लोगाड़ एक विद्युत मंयोज्य यौगिक है, पर कार्बन टेट्राक्लोराइड एक सह-संयोज्य गैगिक है। इस कथन को सभझाइए।
उत्तर :
सोडियम और क्लोरीन की रासायनिक प्रतिक्रिया से सोडियम क्लोराइड का गठन होता है। प्रतिक्रिया के समच: डियम परमाणु के बाह्यतम कक्ष का एक इलेक्ट्रॉन निकलकर क्लोरीन परमाणु के बाह्यतम कक्ष में चला जाता है। दोनें गरमाणु अपने-अपने निकटतम निष्किय गैस का इलेक्ट्रॉन विन्यास प्राप्त कर लेते हैं। इस प्रक्रिया में सोडियम परमाणु पर विद्युत धनात्मक आवेश तथा क्लोरीन परमाणु पर विद्युत ऋणात्मक आवेश की सृष्टि होती है। विपरीत आवेश से आवेशित ोने के कारण दोनों परमाणु स्थिर विद्युतीय बल द्वारा संयुक्त हो जाते हैं। इस प्रकार विद्युत संयोजकता द्वारा सोडियम क्लोराइड का एक अणु तैयार होता है। अतः सोडियम क्लोराइड विंद्युत संयोज्य यौगिक है।
कार्बन टेट्राक्लोराइड एक विद्युत अविश्लेष्य पदार्थ है जो आयन उत्पन्न नहीं करता है, अत: यह एक सह-संयोजक यौगिकहै।

प्रश्न 4.
मैग्नेशियम आक्साइड विद्युत संयोजी यौगिक है या सह-संयोजी ? मैग्नेशियम एवं ऑक्सीजन के शनेक्ट्रॉनिक संगठन के आधार पर अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए। (मैग्नेशियम और ऑक्सीजन की अमाणु संख्या क्रमशः 12 और 8 है।)
उत्तर :
मैग्नेशियम की परमाणु खंख्या = 12
∴ इलेक्ट्रॉन विन्यास = 2,8,2
ऑक्सोजन की परमाणु संख्या = 8
इलेक्ट्रान विन्यास = 2,6
मेग्नेशियम के बाहरी कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन हैं जबकि ऑक्सीजन के बाहरी कक्ष में 6 इलेक्ट्रॉन हैं। अत: आपस मे रासायनिक संयोग के समय मैग्नेशियम अपनी बाहरी कक्ष से 2 इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन के बाहरी कक्ष में स्थानान्तरित करेगा। इस प्रकार मैग्नेशियम और ऑक्सीजन एक दूसरे से विद्युत संयोजी बन्धन द्वारा बँध जायेंगे एवं मैग्नेशियम ऑक्साइड का निर्माण होगा जो एक विद्युत संयोजी यौगिक है।

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प्रश्न 5.
A एवं B दो तत्वों का परमाणु क्रमांक क्रमशः 20 एवं 17 है। उनके परमाणु में इलेक्ट्रानिक संगठन प्रस्तुत कीजिए। विद्युत संयोजी एवं सह संयोजी में से कौन-सा बंध स्थापित होगा ? यदि वे संयोम करें, तो नत्वों की संयोजकता क्या होगी ?
उत्तर :
A तत्व के पगमाणु का इलेक्ट्रॉन विन्यास = 2,8,8,2
∴ A तत्व के बाहरी कक्ष में 2 इलेक्ट्रॉन है, अतः इसकी संयोजकता 2 है।
B तत्व के परमाणु का इलेक्ट्रॉन विन्यास = 2,8,7
∴ B तत्व के बाहरी कक्ष में 7 इलेक्ट्रॉन है, अतः इसकी संयोजकता -1 हैं।
यहाँ तत्व A का एक परमाणु, तत्व B के दो परमाणु को एक-एक इलेक्ट्रॉन देगा, अतः दोनों के बीच विद्युत संयोजक बन्धन (Electro Valent land) स्थापित होगा।

प्रश्न 6.
तत्व A एक धातु है। तत्व A एवं B अत्यधिक विद्युत ऋणात्मक है। A B एवं B C दोनों यौगिकों में से कौन-सा विद्युत संयोजी एवं कौन-सा सह संयोजी हो सकता है ? कारण दीजिए।
उत्तर :
(i) A B यौगिक विद्युत संयोजी यौगिक (electrovalent compound) है क्योंकि धातु A विद्युत धनात्मक एवं तत्व B विद्युत ऋणात्मक अधातु होने के कारण इनमें A से B पर इलेक्ट्रॉन का स्थानान्तरण होगा।
(ii) BC यौगिक सह संयोजी यौगिक (Co-Valent Compound) होगा क्योंकि समान प्रकृति (electronegative) होने के कारण दोनों के बीच इलेक्ट्रॉन की साझेदारी होगी।

प्रश्न 7.
निम्न यौगिकों में कौन विद्युत संयोजी है एवं कौन सह संयोजी ?
(i) CH4, (ii) CaCl2, (iii) CCl4, (iv) NaCl, (v) KCl, (vi) NH3, (vii) KF, (viii) HCl, (ix) C2 H2, (x) MgCl2, (xi) CH1, (xii) Na2 SO4, (xiii) NaF, (xiv) CaO, (xv) MgO, (xvi) CHCl3, (xvii) HCl, (xviii) NaBr, (xix) NaH and (x) C2 H6
उत्तर :
CH4, CCl4, NH3, HCl, C2 H2, CHCl3, Na2 CO4, CHCl3, NaH एवं C2 H6 का निर्माण सह संयोजकता के द्वारा होता है। अर्थात् ये सह संयोजी हैं।
CaCl2, NaCl, KCl, KF, MgCl2, NaF, CaO, MgO, NaBr का निर्माण विद्युत संयोजकता के द्वारा होता है। अर्थात् ये विद्युत संयोजी हैं।

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प्रश्न 8.
NH3 में किस प्रकार का बंधन देखा जाता है ? इलेक्ट्रानिक संरचना प्रस्तुत कीजिए। N2 एवं CaO में कौन सह संयोजी है ?
उत्तर :
NH3 के बनने में सह-संयोजी बंध (Co-valent bond) बनता है।

WBBSE Class 10 Physical Science Solutions Chapter 8.2 रासायनिक बन्धन 7

(i) N2 एक सहसंयोजी (co-valent) अणु है क्योंकि यह इलेक्ट्रान की साझेदारी द्वारा उत्पन्न होता है।
(ii) CaO एक विद्युत संयोजी (electro valent) यौगिक है क्योंकि यह इलेक्ट्रान के स्थानान्तरण द्वारा उत्पन्न होता है।
B तत्व के परमाणु का इलेक्ट्रॉन विन्यास = 2,8,7
∴ B तत्व के बाहरी कक्षा में 7 इलेक्ट्रॉन हैं, अतः इसकी संयोजकता 1 है।
यहाँ तत्व A का एक परमाणु, तत्व B के दो परमाणु को एक-एक इलेक्ट्रॉन देगा। अतः, दोनों के बीच विद्युत संयोजक बन्धन (Electro Valent bond) स्थापित होगा।

प्रश्न 9.
रासायनिक बंधन क्या है ? निम्नलिखित परमाणुओं में से कौन सा सह-संयोजक है या विद्युत संयोजक है – N2, HCl, NaCl, CaO ।
उत्तर :
रासायनिक बन्धन (Chemical bond) :- अणु के निर्माण में परमाणुओं के मध्य लगने वाले आकर्षण बल को रासायनिक बन्धन (Chemical bond) कहते हैं। यह आकर्षण बल एक प्रकार का विद्युत बल है जो न्यूक्लियस और इलेक्ट्रॉनों के मध्य उत्पन्न होता है।

  • N2 – सह-संयोजक
  • HCl – सह-संयोजक
  • NaCl – विद्युत-संयोजक
  • CaO – विद्युत-संयोजक