WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 4A क्रम विकास

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क्रम विकास Class 10 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
निम्न में से कौन सा समान खाद्य हेतु अंत: प्रजाति (इन्ट्रास्पेशेफिक) संघर्ष है –
(क) वल्चर और हायना के बीच संघर्ष
(ख) गिद्ध और बील के बीच संघर्ष
(ग) तालाब में रोहु मछलियों के बीच संघर्ष
(घ) बगुला तथा किगफिशर के बीच संघर्ष
उत्तर :
(ग) तालाब में रोहु मछलियों के बीच संघर्ष

प्रश्न 2.
निम्न में से कौन सा बदलाव घोड़े के क्रमविकास के दौरान नहीं हुआ था –
(क) पैरों की लंबाई में वृद्धि
(ख) पैरों के सारे अंगुलियों के लंबाई तथा चौड़ाई में वृद्धि
(ग) पैरों में केवल तृतिय अंगुलियों के लंबाई, चौड़ाई में वृद्धि
(घ) संपूर्ण शरीर के आकार में वृद्धि
उत्तर :
(ख) पैरों के सारे अंगुलियों के लंबाई तथा चौड़ाई में वृद्धि

प्रश्न 3.
पृथ्वी पर जीव उत्पत्ति के समय वातावरण में कौन-सी गैस नहीं थी ?
(क) हाइड्रोजन
(ख) आक्सीजन
(ग) मीथेन
(घ) अमोनिया
उत्तर :
(ख) आक्सीजन

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प्रश्न 4.
समवृत्ति अंग की विशेषता है –
(क) उत्पत्ति और कार्य दोनों भिन्न-भिन्न
(ख) उत्पत्ति में भिम्नता लेकिन कार्यों में समानता
(ग) अपसारी क्रम विकास निर्देशक
(घ) उत्पत्ति एवं रचना में समान
उत्तर :
(ख) उत्पत्ति में भिन्नता लेकिन कार्यो में समानता

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन समजात अंगों की विशेषता है ?
(क) उत्पत्ति में अन्तर
(ख) संरचना में पूर्णतः अन्तर
(ग) कार्य में अन्तर किन्तु सामान्य उत्पत्ति
(घ) अभिसारी कम विकास का इंगित
उत्तर :
(ग) कार्य में अन्तर किन्तु सामान्य उत्पत्ति।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित में से कौन-सी क्रम घोड़े के क्रम विकास में सही है ?
अथवा, प्राचीन से लेकर आधुनिक घोड़े का सही विकासीय क्रम है –
(क) इयोहिष्मस → मेरिचिष्पस → इक्वस → प्लियोहिष्पस → मेसोहिष्मस
(ख) इक्वस → प्लियोहिप्पस → मेरिचिण्फस → मेसोहिण्पस → इओर्हिण्पस
(ग) मेरिब्मिस → मेसोहिष्मस → इओहिषस → इक्वस → प्लिओहिपस
(घ) इओहिप्पस → मेसोहिपस → मेरिचिण्पस → प्लिओहिप्पस → इक्वस
उत्तर :
(घ) इओहिपस → मेसोहिपस → मेरिबिण्पस → प्लिओहिष्पस → इक्वस

प्रश्न 7.
क्रम विकास के जनक कौन हैं –
(क) डार्विन (Darwin)
(ख) लेमार्क (Lamarck)
(ग) मौर्गन (Morgan)
(घ) डेबरीस (Devries)
उत्तर :
(ख) लेमार्क (Lamarck)

प्रश्न 8.
जर्मप्लाज्म सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था –
(क) विजमैन (Weisman)
(ख) डार्विन (Darwin)
(ग) लेमार्क (Lamarck)
(घ) मौर्गन (Morgan)
उत्तर :
(क) विजमैन (Weisman)

प्रश्न 9.
लेमार्क सिद्धान्त प्रकाशित हुआ-
(क) 1859 में
(ख) 1901 में
(ग) 1809 में
(घ) 1800 में
उत्तर :
(ग) 1809 में

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प्रश्न 10.
उपयोगी तथा अनुपयोगी सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया?
(क) लेमार्क (Lamarck)
(ख) डार्विन (Darwin)
(ग) विजमैन (Weisman)
(घ) मौर्गन (Morgan)
उत्तर :
(क) लेमार्क (Lamarck)

प्रश्न 11.
म्यूटेशन सिद्धान्त प्रकाशित किया था –
(क) वाटसन (Watson)
(ख) डेवरीस (Devries)
(ग) डार्विन (Darwin)
(घ) लेमार्क (Lamarck)
उत्तर :
(ख) डेवरीस (Devries)

प्रश्न 12.
प्राकृतिक चुनाववाद के प्रस्तावक थे –
(क) मेण्डल (Mendel) (ख) डार्विन (Danwin)
(ग) लेमार्क (Lamarck)
(घ) वाटसन (Watson)
उत्तर :
(ख) डार्विन (Darwin)

प्रश्न 13.
‘अस्तित्व के लिए संघर्ष’ कथन का प्रयोग सर्वप्रथम किया –
(क) मेण्डल (Mendel)
(ख) लेमार्क (Lamarck)
(ग) डार्विन (Darwin)
(घ) विजमैन (Weisman)
उत्तर :
(ख) डार्विन (Darwin)

प्रश्न 14.
पहले कार्यरत अंग परन्तु क्रम विकास के कारण बाद में कार्यहीन अंग –
(क) समजात अंग
(ख) अवशेषी अंग
(ग) विलुप्त अंग
(घ) संयोजक कड़ी
उत्तर :
(ख) अवशेषी अंग

प्रश्न 15.
उत्पत्ति में असमान परन्तु कार्य में समान अंग कहलाता है –
(क) समजात अंग
(ख) समवृति अंग
(ग) अवशेषी अंग
(घ) पाचन अंग
उत्तर :
(ख) समवृति अंग

प्रश्न 16.
‘योग्यतम की अतिजीविता’ सिद्धान्त को प्रतिपादित करने वाले वैज्ञानिक थे –
(क) मेण्डल
(ख) लेमार्क
(ग) डार्विन
(घ) डेवरीस
उत्तर :
(ग) डार्विन

प्रश्न 17.
पुस्तक “Origin of species” लिखा गया-
(क) विजमैन द्वारा
(ख) लेमार्क द्वारा
(ग) मेण्डल द्वारा
(घ) डार्विन द्वारा
उत्तर :
(घ) डार्विन द्वारा

प्रश्न 18.
प्रोटोसेल का दूसरा नाम है –
(क) कोयसरभेट
(ख) न्यूक्लिक अम्ल
(ग) ग्लाइसिन
(घ) अमीनो अम्ल
उत्तर :
(क) कोयसरभेट।

प्रश्न 19.
गुणसूत्र या जीन की संरचना में अचानक परिवर्तन का परिणाम है –
(क) म्युटेशन
(ख) क्रम-विकास
(ग) विकास
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) म्युटेशन।

प्रश्न 20.
आधुनिक घोड़े के पूर्वज कहलाते हैं-
(क) इक्वस
(ख) मेरिकहिष्पस
(ग) इयोहिप्पस
(घ) मेसोहिष्पस
उत्तर :
(ग) इयोहिप्पस

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प्रश्न 21.
जीवन की उत्पत्ति सर्वप्रथम हुआ है –
(क) जंगल में
(ख) आकाश में
(ग) समुद्र जल में
(घ) बर्फ में
उत्तर :
(ग) समुद्र जल में।

प्रश्न 22.
पक्षी के डैने का समवृति अंग है –
(क) घोड़े का अग्र बाहु
(ख) मनुष्य का हाथ
(ग) ह्लेल का फ्लीपर
(घ) कीट का डैना
उत्तर :
(घ) कीट का डैना।

प्रश्न 23.
फिलोसोफिक जूलाजिक्यू पुस्तक के लेखक हैं –
(क) डे भ्रिज
(ख) मिल्लर
(ग) डार्विन
(घ) लेमार्क
उत्तर :
(घ) लेमार्क।

प्रश्न 24.
मिल्लर और यूरे द्वारा किये गये प्रयोग का संश्लेषित पदार्थ था –
(क) प्रोटीन
(ख) केन्द्रीय अम्ल
(ग) अमीनो अम्ल
(घ) कार्बोहाइड्रेट
उत्तर :
(ग) अमीनो अम्ल।

प्रश्न 25.
जीवाश्म की खोज सर्वप्रथम किसने किया ?
(क) जेनोफेन
(ख) डार्विन
(ग) लेमार्क
(घ) बेसमैन
उत्तर :
(क) जेनोफेन।

प्रश्न 26.
हेल, पक्षी, घोड़ा और मनुष्य के अग्रबाहु को कहा जाता है –
(क) समवृत्ति अंग
(ख) अवशेषी अंग
(ग) समजात अंग
(घ) प्रतिस्थापित अंग
उत्तर :
(ग) समजात अंग।

प्रश्न 27.
पक्षी के पंख और कीटों के पंख हैं –
(क) समजात अंग
(ख) समवृत्ति अंग
(ग) संतृप्त अंग
(घ) संयुक्त अंग
उत्तर :
(ख) समवृत्ति अंग।

प्रश्न 28.
कार्बनिक क्रमविकास जिसके द्वारा बेहतर होता है –
(क) वर्षी प्रजनन
(ख) अलैंगिक प्रजनन
(ग) लैंगिक प्रजनन
(घ) माइकोप्रोपगेशन
उत्तर :
(ग) लैंगिक प्रजनन।

प्रश्न 29.
तुलनात्मक भुणीय विज्ञान के प्रतिपादक हैं –
(क) हेकल
(ख) डार्विन
(ग) मिलर
(घ) लैमार्क
उत्तर :
(क) हेकल।

प्रश्न 30.
इनमें से कौन अवशेषी अंग है ?
(क) स्टेमिनोड
(ख) वृत्तिचक्र
(ग) दल चक्र
(घ) रीकेशर
उत्तर :
(क) स्टेमिनोड।

प्रश्न 31.
‘आन द ओरिजीन आफ स्पेसिज बाइ़ मिन्स आफ नेचुरल सेलेक्सन’ पुस्तक के लेखक हैं –
(क) डे भिज
(ख) डार्विन
(ग) लेर्मांक
(घ) वेसमैन
उत्तर :
(ख) डार्विन।

प्रश्न 32.
सीकम एक प्रकार का अंग होता है –
(क) समजात
(ख) समवृत्ति
(ग) अवशेषी
(घ) संयोजक
उत्तर :
(ग) अवशेषी।

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प्रश्न 33.
जीवन की उत्पत्ति के प्रारम्भिक अवस्था में ऑक्सीजनविहीन वातावरण में तीव्र परिवर्तन हुआ था जिसके द्वारा –
(क) प्रोटो वाइरस
(ख) वाइरस
(ग) बैक्टेरिया
(घ) सायनो बैक्ट्रेरिया
उत्तर :
(घ) सायनो बैक्टेरिया।

प्रश्न 34.
मूल रचना में समान किन्तु कार्य में भिन्न अंग कहलाते हैं –
(क) समवृत्ति अंग
(ख) समजात अंग
(ग) अवशेषी अंग
(घ) अनुकूलन अंग
उत्तर :
(ख) समजात अंग।

प्रश्न 35.
तीन कक्ष वाला हुदय होता है –
(क) मछलियों में
(ख) उभयचर में
(ग) सरिसृप में
(घ) स्तनधारी में
उत्तर :
(ख) उभयचर में।

प्रश्न 36.
“The Origin of Life” रचना है-
(क) स्टेनले मिलर की
(ख) हैरोल्ड यूरे की
(ग) ए.आई. ओपैरिन की
(घ) इनमें से किसी की नहीं
उत्तर :
(घ) इनमें से किसी की नहीं

37.
“उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धान्त कहते हैं –
(क) डार्विनवाद को
(ख) लैमार्कवाद को
(ग) स्टेनले मिलर और हैरोल्ड यूरे के सिद्धान्त को
(घ) इनमें से किसी को नहीं
उत्तर :
(ख) लैमार्कवाद को

प्रश्न 38.
1800 में जीवाश्म की शाखा की स्थापना किया था –
(क) लैमार्क ने
(ख) बीजमान ने
(ग) डार्विन ने
(घ) क्यूवियर ने
उत्तर :
(घ) क्यूवियर ने

प्रश्न 39.
वर्मिफार्म अपेन्डिक्स उदाहरण है –
(क) अवशेषी अंग का (Vestigeal organ)
(ख) समजात अंग का (Homologous organ)
(ग) जीवाश्म का (Fossil)
(घ) असमजात अंग का (Analogous organ)
उत्तर :
(क) अवशेषी अंग का (Vestigeal organ)

प्रश्न 40.
उत्पत्ति में अंग असमान हैं, परन्तु कार्य में समान हैं, तब कहा जाता है-
(क) समजात अंग(Homologous organ)
(ख) समवृत्ति अंग (Analogus organ)
(ग) योजक कड़ी (connecting link)
(घ) इनमें से कोई नहीं (None of these)
उत्तर :
(ख) समवृत्ति अंग (Analogus organ)

प्रश्न 41.
आरम्भ में सभी जन्तुओं की श्रूणीय अवस्था होती है-
(क) लगभग एक समान
(ख) भिन्न-भिन्न
(ग) विकसित जन्तु के समान
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) लगभग एक समान

प्रश्न 42.
धरती पर उत्पन्न प्रथम पादप था-
(क) स्वपोषी
(ख) वाइरस
(ग) क्लोरोफाइटोन्स
(घ) परपोषी
उत्तर :
(ग) क्लोरोफाइटोन्स

प्रश्न 43.
डार्विन व्याख्या करने में असमर्थ थे-
(क) उत्परिवर्तन का
(ख) क्रमविकास का
(ग) विभिन्नता का
(घ) अनुवांशिकता का
उत्तर :
(ग) विभिन्नता का

प्रश्न 44.
केवल अफ्रीका में ही पाये जाते हैं –
(क) जिराफ
(ख) जेबा
(ग) गोरिल्ला
(घ) इनमें से सभी
उत्तर :
(क) जिराफ

प्रश्न 45.
यूरे व मिलर ने अपने प्रयोग में उपयोग किया –
(क) H2O, HCN2 ,H2 व CH4
(ख) CH4, NH3, H2, व H2 O
(ग) CH4, HCN2, N2 व H2
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) CH4, NH3, H2, व H2 O

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प्रश्न 46.
डार्विन ने भ्रमण किया-
(क) एच०एन०एस०ईंगल जहाज पर
(ख) ए०एम०एस०बीगल जहाज पर
(ग) टाइटेनिज जहाज पर
(घ) दी मैट्रिका जहाज पर
उत्तर :
(ख) ए०एम०एस०बीगल जहाज पर

प्रश्न 47.
असतत विभिन्नताओं को कहते हैं –
(क) उत्परिवर्तन
(ख) उपार्जित लक्षण
(ग) आवश्यक चरित्र
(घ) अनावश्यक वरित्र
उत्तर :
(क) उत्परिवर्तन

प्रश्न 48.
पक्षियों तथा तिलचट्टे के डैने हैं –
(क) समवृत्ति अंग
(ख) समजात अंग
(ग) अवशेषी अंग
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) समवृत्ति अंग

प्रश्न 49.
Coccyx अवशेषी अंग है –
(क) चमगादड़ का
(ख) पक्षी का
(ग) टोड का
(घ) मनुष्य का
उत्तर :
(घ) मनुष्य का

प्रश्न 50.
जीवित जीवाश्म है –
(क) इकिडिना
(ख) रैडियर
(ग) आर्किओप्टेरिक्स
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) इकिडिना

प्रश्न 51.
मनुष्य के एक अवशेषी अंग का एक उदाहरण है –
(क) नाखुन
(ख) अपेन्डिक्स
(ग) यकृत
(घ) हाथ
उत्तर :
(ख) अपेन्डिवस

प्रश्न 52.
विलुप्त कड़ी का उदाहरण है-
(क) आर्कियोप्टेरिक्स
(ख) चमगादड़
(ग) मनुष्य
(घ) जिराफ
उत्तर :
(क) आर्कियोप्टेरिक्स

प्रश्न 53.
इक्वस घोड़े का विकास हुआ –
(क) सीनोजोइक युग में
(ख) मायोसिन काल में
(ग) प्लायोसीन काल में
(घ) प्लीस्टोसीन युग में
उत्तर :
(घ) प्लीस्टोसीन युग में

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. ___________ क्रमविकास के लिए समजात अंगों का विकास होता है।
उत्तर : डाइवर्जेन्ट।

2. घोड़ा के क्रमविकास का प्राचीन पूर्वज___________ है।
उत्तर : इयोहिप्पस

3. डार्विन सिद्धान्त प्रकाशित हुआ ___________में।
उत्तर : 1859

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4. प्राकृतिक चुनाववाद का प्रतिपादन किया गया ___________के द्वारा।
उत्तर : चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन

5. क्रम विकास के जनक ___________कहलाते हैं।
उत्तर : लेमार्क

6. पुस्तक “Origin of New species” ___________के द्वारा लिखी गयी है।
उत्तर : डार्विन

7. म्यूटेशन सिद्धान्त को प्रतिपादित करने वाले ___________थे।
उत्तर : Hugo-Devries

8. क्रम विकास का आधुनिक सिद्धान्त है ___________
उत्तर : Synthetic theory

9. पक्षियों तथा कीटों के पंख ___________अंग है।
उत्तर : समवृत्ति

10. डार्विनवाद ___________के नाम से भी जाना जाता है।
उत्तर : प्राकृतिक चुनाव

11. लेमार्कवाद के आलोचक ___________ थे।
उत्तर : विजमैन

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12. पक्षियों के पंख एवं घोड़े की अगली टाँग ___________हैं।
उत्तर : समजात।

13. उपार्जित गुणों की वंशागति का सिद्धान्त ___________ने दिया है।
उत्तर : लेमार्क

14. सर्वप्रथम जीव की उत्पत्ति ___________में हुई।
उत्तर : समुद्र के जल

15. ___________में तत्वों के परमाणु मुक्तावस्था में मौजूद थे।
उत्तर : आदि वायुमण्डल

16. अस्तित्व संघर्ष ___________प्रकार का होता है।
उत्तर : तीन

17. इक्वस घोड़े का विकास ___________ युग में हुआ।
उत्तर : प्लीस्टोसीन

18. म्यूटेशन का सिद्धान्त ___________ ई० में प्रकाशित हुआ।
उत्तर : 1901

19. ___________को सजीव तथा निर्जीव के बीच एक कड़ी माना गया है।
उत्तर : वाइरस

20. अंडा देने वाला स्तनधारी ___________ है।
उत्तर : इकिडिना (Echidina)

21. अगस्त विजमैन ने ___________सिद्धान्त दिया।
उत्तर : जर्म प्लाज्म

22. वर्मीफार्म अपेंडिक्स एक उदाहरण है___________ का।
उत्तर : अवशेषी अंग

23. ‘फिलॉस्फोसिक जूलोजिक’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक को ___________ने लिखा था।
उत्तर : लेमार्क

24. आर्कियोप्टेरिक्स, पक्षी और ___________के बीच की विलुप्त कड़ी है।
उत्तर : सरिसृप

25. प्रकृति चयन करती है केवल ___________का।
उत्तर : योग्यतम

26. ___________नामक मछली जीवित जीवाश्म है।
उत्तर : लैटेमेरिया

27. विकास शब्द के निर्माण कर्ता ___________थे।
उत्तर : हरवर्ट स्पेन्सर

28. किसी जाति के विकासीय इतिहास को ___________कहते हैं।
उत्तर : फाइलोजेनी

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29. आधुनिक मानव का वैज्ञानिक नाम ___________है।
उत्तर : होनो सेपियन

30. तितली के पंख एवं चमगादड़ के पंख ___________हैं।
उत्तर : समवृति।

31. ___________अफ्रीका का ___________है।
उत्तर : जिराफ, जन्तु।

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. लैमार्क के मतानुसार, प्राणी अपने जरूरत के अनुसार, कोई भी निर्दिष्ट वंशानुगत शारीरिक विशिष्टता को उपार्जित कर सकता है।
उत्तर : True

2. प्राकृतिक निर्वाचन सिद्धान्त डारविन के क्रमविकास का मूल सिद्धान्त है।
उत्तर : True

3. जीवन की जैव रसायन उत्पति को प्रदर्शित करने के लिए मिल्लर और यूरे प्रयोग में अमोनिया, मिथेन और आक्सीजन का उपयोग किये।
उत्तर : False

4. लैमार्क ने जर्मप्लाजमा सिद्धान्त प्रतिपादित किया था।
उत्तर : False

5. सरल यौगिकों के बहुलिकरण से जटिल यौगिकों का निर्माण होता है।
उत्तर : True

6. जीवद्रव्य का मुख्य अवयव नाइट्रोजन है।
उत्तर : True

7. डिप्लोब्लास्टिक, मिजोग्लियल बहुकोशिकीय सजीवों में कोई तंत्र नहीं है।
उत्तर : True

8. उपार्जित लक्षणों की वंशागति का सिद्धान्त लैमार्क ने प्रतिपादित किया।
उत्तर : True

9. डे भ्रिज ने प्राकृतिक चयन के सिद्धांत को विभिन्नता के प्रमुख स्रोत के रूप में स्वीकार किया है।
उत्तर : True

10. विकास अचानक होने वाली विधि है।
उत्तर : False

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11. ओपैरिन के विचार से ‘कोएसरवेट’ प्रथम कोशिकीय जीव है।
उत्तर : True

12. प्राकृतिक चयन के सिद्धांत को लेमार्क ने प्रस्तावित किया।
उत्तर : False

13. जीवन की उत्पत्ति के लिए जल सबसे आवश्यक है।
उत्तर : True

14. प्रथम सजीव की उत्पत्ति वायुमंडल में हुआ।
उत्तर : True

15. जीवन की उत्पत्ति के लिए न्यूक्लिक अम्ल सबसे आवश्यक है।
उत्तर : True

16. मनुष्य का हाथ, चमगादड़ का डैना और ह्वेल का फ्लिपर समवृत्ति अंग का उदाहरण है।
उत्तर : False

17. मछली के हृदय में तीन कक्ष होते हैं।
उत्तर : False

18. घड़ियाल के हृदय में चार कक्ष होते हैं।
उत्तर : True

19. ह्वेल का फ्लिपर अग्र बाहु का संपरिवर्तन है।
उत्तर : True

20. आधुनिक संश्लेषण सिद्धांत को डार्विन ने सुधार किया है।
उत्तर : False

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21. तिलचट्टे तथा पक्षी के पंख समजात हैं।
उत्तर : False

22. पक्षी का डैना अग्रबाहु का रुपान्तरित रुप है।
उत्तर : True

स्तम्भ – ‘A’ के शब्दों से स्तम्भ – ‘B’ में दिये गये उपयुक्त शब्दों से मिलाइये तथा सही जोड़ा दोनों स्तम्भों की क्रमसंख्या के साथ लिखिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) विलुप्त कड़ी (a) डार्विन
(ii) जर्मप्लाज्मा सिद्धान्त (b) वर्मीफाम अपेडिंक्स
(iii) प्राकृतिक चयन (c) इक्वश
(iv) मनुष्य के आँत (d) आर्किओपटेरिक्स
(v) आधुनिक घोड़ा (e) वेसजमैन

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) विलुप्त कड़ी (d) आर्किओपटेरिक्स
(ii) जर्मप्लाज्मा सिद्धान्त (e) वेसजमैन
(iii) प्राकृतिक चयन (a) डार्विन
(iv) मनुष्य के आँत (b) वर्मीफाम अपेडिंक्स
(v) आधुनिक घोड़ा (c) इक्वश

प्रश्न 2.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) जीवित जीवाश्म (a) डार्विन
(ii) उपयोग और अनुपयोग (b) वर्मीफाम अपेडिंक्स
(iii) ओपैरिन (c) इक्वश
(iv) प्रोटोसेल (d) आर्किओपटेरिक्स
(v) विकास (e) वेसजमैन

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) जीवित जीवाश्म (e) वेसजमैन
(ii) उपयोग और अनुपयोग (a) डार्विन
(iii) ओपैरिन (b) वर्मीफाम अपेडिंक्स
(iv) प्रोटोसेल (d) आर्किओपटेरिक्स
(v) विकास (c) इक्वश

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 4A क्रम विकास

प्रश्न 3.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) व्रह्माण्डवाद (a) सील
(ii) जलीय पक्षी (b) रिचदर
(iii) समजात अंग (c) The orgin of life
(iv) 1953 (d) वत्तख
(v) ए०आई० औपैरिन (e) स्टेनले मिलर तथा यूरे का प्रयोग

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) व्रह्माण्डवाद (b) रिचदर
(ii) जलीय पक्षी (d) वत्तख
(iii) समजात अंग (a) सील
(iv) 1953 (e) स्टेनले मिलर तथा यूरे का प्रयोग
(v) ए०आई० औपैरिन (c) The orgin of life

 

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Life Science Book Solutions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Life Science Chapter 3 Question Answer – आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
गिनीपिग के क्षेत्र में bbRR एवं bbRr दोनों जिनोटाइप के फिनोटाइप क्या समान है ?
उत्तर :
हाँ। गिनीपिग के क्षेत्र में bbRR एवं bbRr दोनों जिनोटाइप के फिनोटाइप समानहै।

प्रश्न 2.
मेंडल के द्विसंकर संकरण के प्रयोग में पाये जाने वाले फिनोटाइप अनुपात को लिखो।
उत्तर :
9: 3: 3: 1

प्रश्न 3.
बेमेल को चुनो तथा लिखो : बौनापन, घेंघा, थैलासीमिया, डायबिटीज मैलिटस।
उत्तर :
थैलासीमिया।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

प्रश्न 4.
मनुष्य के पीढ़ी एकान्तरण में होने वाले एक परिवर्तन का उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
मनुष्य के पीढ़ी के एकान्तरण में हैपल्वॉयड (n) अवस्था शुक्राणु (नर युग्मक) एवं अण्डाणु (मादा युग्मक) के निषेचन के फलस्वरूप डिपल्वॉय अवस्था (2n) जाइगोट का निर्माण होता है।

प्रश्न 5.
थैलासीमिया रोग के लिए उत्तरदायी जीन मनुष्य का किस प्रकार का क्रोमोजोम बहन करता है ?
उत्तर :
थैलासीमिया रोग के लिए उत्तरदायी जीन मनुष्य का ऑटोसोम गुणसूत्र वहन करता है।

प्रश्न 6.
आनुवांशिकी की इकाई क्या है ?
उत्तर :
जीन (Gene)

प्रश्न 7.
आनुवांशिकता के जनक कौन कहलाते हैं ?
उत्तर :
ग्रेगर जॉन मेण्डल (Gregor John Mendel)

प्रश्न 8.
मेण्डल का प्रथम नियम क्या है ?
उत्तर :
पृथक्करण का नियम (Law of segregation)

प्रश्न 9.
जीन या DNA का पता किसने लगाया ?
उत्तर :
डॉ॰ हर गोबिन्द खुराना (Dr. Har Gobind Khurana)

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प्रश्न 10.
मेण्डल का पहला प्रायोगिक पौधा क्या था ?
उत्तर :
मटर का पौधा (Pea plant)

प्रश्न 11.
उस विज्ञान का नाम बताओ जो जनक तथा माता-पिता के बीच समानता तथा असमानता के बारे में बताता है ?
उत्तर :
आनुवांशिकता (Genetics)

प्रश्न 12.
एक आनुवांशिक रोग का नाम बताओ।
उत्तर :
हिमोफिला (Haemophilla)

प्रश्न 13.
मनुष्य के शारीरिक कोशिका में क्रोमोसोम की संख्या कितनी है ?
उत्तर :
23 जोड़ी।

प्रश्न 14.
मानव शरीर की कोशिका में किस प्रकार का लिंग कोमोसोम पाया जाता है ?
उत्तर :
एलोसोम या हिटरोसोम।

प्रश्न 15.
मेण्डल के एक संकरण क्रिया में F2 पीढ़ी के जीनोटाइप का अनुपात लिखो।
उत्तर :
1 : 2 : 1

प्रश्न 16.
मेण्डल के सिद्धान्तों की पुन: खोज किस वर्ष हुआ।
उत्तर :
1900 ई० में

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प्रश्न 17.
द्विसंकर अनुपात क्या है ?
उत्तर :
9 : 3 : 3 : 1

प्रश्न 18.
एक संकरण क्रिया में जीनोटाइप अनुपात क्या है ?
उत्तर :
1: 2: 1

प्रश्न 19.
मेण्डलवाद क्या है ?
उत्तर :
मेण्डल द्वारा विभिन्न प्रयोगों के आधार पर जो नियम बताए गए उन्हें मेण्डलवाद कहते हैं।

प्रश्न 20.
संकरण क्रिया से क्या समझते हो ?
उत्तर :
संकर उत्पन्न करने की क्रिया को संकरण कहते हैं।

प्रश्न 21.
Cross क्या है ?
उत्तर :
सजातीय नर तथा मादा के बीच होने वाले निषेचन को Cross कहते हैं।

प्रश्न 22.
उत्परिवर्तन क्या है ?
उत्तर :
जीन की रचना में अचानक हुए परिवर्तन को उत्परिर्वतन कहते हैं।

प्रश्न 23.
वंशागति क्या है ?
उत्तर :
आनुवांशिक लक्षणों के माता-पिता से सन्तानों में जाने की क्रिया को वंशागति कहते हैं।

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प्रश्न 24.
एलील क्या है ? उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
समजात क्रोमोसोम्स पर स्थित एक लक्षण के विरोधाभासी कारकों (Factors) को एलील (Allele) कहते हैं।
उदाहरण – T तथा t

प्रश्न 25.
जीन पूल क्या है ?
उत्तर :
किसी जीव विशेष में उपस्थित सम्पूर्ण जीन समूह को जीन पूल कहते हैं।

प्रश्न 26.
मेण्डल का प्रथम नियम क्या है ?
उत्तर :
मेण्डल का प्रथम नियम वियोजन का सिद्धान्त (Law of Segregation) है।

प्रश्न 27.
जीनोटाइप किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जीन सम्बन्धी लक्षणों को जीनोटाइप कहते हैं।

प्रश्न 28.
अनुवांशिकता में 3 : 1 अनुपात क्या है ?
उत्तर :
यह एक संकर संकरण क्रिया की दूसरी पीढ़ी का फीनोटाइपिक अनुपात है।

प्रश्न 29.
भेट्डल का द्वितीय नियम क्या है ?
उत्तर :
मेण्डल का द्वितीय नियम स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त (Law of independent assortment) है।

प्रश्न 30.
किस प्रकार के प्रजनन में संतान में नये लक्षण दिखाई पड़ने की सम्भावना रहती है ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन की क्रिया में।

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प्रश्न 31.
फीनोटाइप क्या है ?
उत्तर :
किसी सजीव के दिखाई पड़ने वाले गुण को फीनोटाइप कहते हैं।

प्रश्न 32.
मनुष्य के शरीर की कोशिकाओं में किस प्रकार के क्रोमोसोम पाये जाते हैं ?
उत्तर :
पुरुष में x y तथा स्री में x x क्रोमोसोम।

प्रश्न 33.
Gene का आविष्कार कौन किया ?
उत्तर :
डा० हरबिन्द खुराना ने जीन का आविष्कार किया।

प्रश्न 34.
44 A+XY मनुष्य में किसका लिंग निर्धारण करता है ?
उत्तर :
44 A + X Y मनुष्य में नर (पुरुष या लड़का) का लिंग निर्धारण करता है।

प्रश्न 35.
मेण्डल के द्विसंकर-संकरण में F2 पीढ़ी में उत्पन्न संतान एक जैसी (Selfed) हो, तो F2 पीढ़ी में कितने फिनोटाइप उत्पन्न होंगे ?
उत्तर :
F2 पीढ़ी में चार फिनोटाइप (दृष्ट रूप) उत्पन्न होंगे।

प्रश्न 36.
44 A+X Y : हेटरोगैमेटिक पुरुष (नर) :: 44 A+X X :
उत्तर :
44 A+X Y : हेटरोगैमेटिक पुरुष (नर) :: 44 A+X X : होमोगैमेटिक स्री (मादा)।

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प्रश्न 37.
किसी जोड़े ने लगातार चार लड़कियों को जन्म दिया। इससे आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं ?
उत्तर :
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि पिता (पुरुष) के शुकाणुओं में लड़का उत्पन्न करने वाला युग्मक (22A + y) अति दुर्बल है या इसकी संख्या पर्याप्त नहीं है।

प्रश्न 38.
9:3:3:1 किस प्रकार का अनुपात है ?
उत्तर :
द्विगुण संकरण में F2 पीढ़ी (दूसरी पीढ़ी) में फिनोटाइप अनुपात 9: 3: 3: 1 है।

प्रश्न 39.
प्रोटानोपिया से प्रस्त मनुष्य द्वारा कौन सा रंग नहीं पहचाना जा सकता ?
उत्तर :
प्रोटोनोपिया से ग्रस्त मनुष्य लाल रंग नहीं पहचान सकता।

प्रश्न 40.
मनुष्य के शारीरिक कोशिका में कितने ऑटोसोम होते हैं ?
उत्तर :
22 जोड़ी या 44 ऑटोसोम।

प्रश्न 41.
आनुवांशिक विशेषक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
किसी लक्षण के विशिष्ट रुप को विशेषक कहते हैं। जैसे लम्बाई -लम्बाई लक्षण के लिए लम्बा विशेषक है।

प्रश्न 42.
जीन प्ररूप किस संरचना को व्यक्त करते हैं ?
उत्तर :
जीनोटाइप

प्रश्न 43.
जनक पीढ़ी के लिए मेन्डल ने किस संकेताक्षर का प्रयोग किया था ?
उत्तर :
P

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प्रश्न 44.
मेन्डल को किस विषय का अच्छा ज्ञान था ?
उत्तर :
गणित

प्रश्न 45.
मनुष्य की कायिक कोशिकाओं में कितने गुणसूत्र जिम्मेवार होता है ?
उत्तर :
46

प्रश्न 46.
पौधे के नर जनन अंग का नाम क्या है ?
उत्तर :
पुमंग

प्रश्न 47.
परागकोष से वर्तिकाग्र तक परागकणों के पहुँचने की क्रिया का नाम बताइये।
उत्तर :
परागण

प्रश्न 48.
क्या भ्रूण एक गणित या द्विगुणित होता है ?
उत्तर :
द्विगुणित

प्रश्न 49.
मेण्डलवाद की स्थापना कब हुई ?
उत्तर :
सन् 1900 में

प्रश्न 50.
मेण्डल के प्रयोग में Tt से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
संकर लम्वा

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प्रश्न 51.
अप्रभावी जीन्स द्वारा उत्पन्न होने वाले दो आनुवंशिक रोगों के नाम बताइए।
उत्तर :
हिमोफिलिया, वर्णान्धता

प्रश्न 52.
मनुष्य का X गुणसूत्र युक्त शुक्राणु यदि मादा के ओवम (ovum) से निषेचित हो, तो निर्मित जाइगोट द्वारा कौन सी सन्तान उत्पत्न होगी ?
उत्तर :
पुत्री

प्रश्न 53.
मटर के पौधे में संकर गोल पीले बीज (Rr Y y) से कितने प्रकार के युग्मक उत्पत्र हो सकते हैं।
उत्तर :
चार (RY, Ry, rY, ry)

प्रश्न 54.
X – गुणसूत्र से सम्बन्धित एक आनुवांशिक रोग का नाम लिखिए।
उत्तर :
हिमोफिलिया

प्रश्न 55.
आनुवंशिकता में ‘शुद्ध’ क्या है ?
उत्तर :
जो केवल एक ही प्रकार का युग्मक उत्पन्न करता है।

प्रश्न 56.
आनुवंशिकता में 1: 2: 1 कहने से तुम क्या समझते हो ?
उत्तर :
यह एक संकर संकरण के F2 पीढ़ी में जीनोटिपिक अनुपात है।

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प्रश्न 57.
युंग्म विकल्पी की परिभाषा लिखो।
उत्तर :
किसी लक्षण के विरोधाभाषी कारकों के जोड़े को युग्म विकल्पी कहते हैं।

प्रश्न 58.
लक्षण प्ररूप तथा जीन प्ररूप में अन्तर स्पष्ट करो।
उत्तर :
लक्षण प्ररूप : बाइर से दीखने वाला लक्षण है। जीन प्ररूप जीन से व्यक्तस्संरचना है।

प्रश्न 59.
विपरीत लक्षण कहने से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर :
एक लक्षण के दो कारक जैसे लम्बाई लक्षण के लम्बा और बौना दो कारक

प्रश्न 60.
एक माँ जो वर्णाधता वाला जीन ग्रहण करती है उसका एक बेटा है। उसके पिता साधारण दृष्टिवाले हैं। उनके बेटे में वर्णांधता की आंशका कितने प्रतिशत तक हो सकती है ?
उत्तर :
50 %.

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प्रश्न 61.
हीमोग्लोबिन के बनावट में दोष के कारण उत्पन्न एक आनुवांशिक बीमारी का नाम लिखिए।
उत्तर :
थैलासीमिया।

प्रश्न 62.
ऑटोसोमीय रोग का एक नाम लिखिए।
उत्तर :
थैलासीमिया एक ऑटोसोमीय आनुवांशिक रोग है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
क्रॉस के सहायता से मनुष्य में संततियों में लिंग निर्धारण को समझाओ।
उत्तर :
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प्रश्न 2.
एक दिन छात्रों ने समाचार पत्र में थैलासीमिया संबंधी एक अनुच्छेद पढ़ा, और वें थैलासीमिया रोगी के परिणती को जानकर डर गये। इस बीमारी को जनसंख्या से दूर करने के लिए किये जाने वाले उपायों को लिखें।
उत्तर :
(i) शादी करने से पूर्व लड़का एवं लड़की के रक्त का परिक्षण अवश्य करवा लेना चाहिए।
(ii) विवाह के उपरान्त भी अनुवाशिंक सलाह लेनी चाहिए और गर्भधारन के चार महीनें के अन्दर भ्रूण का परीक्षण कराना चाहिए।

प्रश्न 3.
संकरित पौधा Y y R r से F1 पीढ़ी में द्विसंकर संकरण में उपलब्ध होने वाली संभावित युग्मक क्या होंगे ?
उत्तर :
संकरित पौधा YyRr से F, पीढ़ी में द्विसंकर संकरण में उपलब्ध होने वाली संभावित युग्मक होगा। Y R, y r, yR, yr} है।

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प्रश्न 4.
संकरण प्रयोग में किस प्रकार प्रभावी गुण प्रगट होते हैं उदाहरण सहित उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
संकरण क्रिया के बाद उत्पन्न होने वाली पहली पीढ़ी में विपरीत गुणों में से एक लक्षण दब जाता है तथा दूसरा प्रगट होता है। प्रगट होने वाले इन्हीं गुण को प्रभावी लक्षण (Dominant Character) कहते हैं।
उदाहरण – एक संकरण क्रिया को स्पष्ट करने के लिए मेण्डल ने काले बाल वाला नर तथा सफेद बाल वाली मादा गिनीपिग का चुनाव किया। अगर काले तथा सफेद बालों वाले इन दोनों जीवों को क्राँस कराया जाय, तो इसके द्वारा बनने वाले गैमिट ही संयोग करेंगे। इस तरह दोनों नर तथा मादा जीवों के गैमिट के मिलने से प्रथम पीढ़ी (F1. generation) में उत्पन्न सभी जीव काले रंग के होंगे। इसका कारण यह है कि काला रंग प्रभावी होने के कारण सफेद रंग प्रकट नहीं हो पाता है।

प्रश्न 5.
अपूर्ण प्रभावी लक्षण के क्षेत्र में एक संकरण प्रयोग में F2 पीढ़ी में फेनोटाइप एवं जीनोटाइप का अनुपात क्या होगा ?
उत्तर :
1: 2: 1

प्रश्न 6.
क्रास की सहायता से दिखाइये कि वर्णान्धता किस प्रकार पीढ़ी दर पीढ़ी एकान्तरित होती है ?
उत्तर :
कास की सहायता से वर्णाधता का पीढ़ी-दर पीढ़ी एकान्तरण :
पिता का लिंग गुणसूत्र – X Y, माता का गुणसूत्र – X° X यह वर्णांधता का वाहक हैं

चूँकि पुत्रियाँ वर्णाधववाहक या हेटेरोजाइगस होती है, अतः यह वर्णाधता को अगली पीढ़ी में स्थानन्तरित करती हैं।

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प्रश्न 7.
एक संकरण क्रिया से क्या समझते हो ?
उत्तर :
वह संकरण जिसमें केवल एक जोड़ी विरोधी लक्षण भाग लेते हैं, एक संकरण क्रिया (Monohybrid cross) कहलाती है। जैसे- लम्बा (TT) और बौना (t) पौधों के बीच का संकरण

प्रश्न 8.
द्विसंकरण क्रिया से क्या समझते हो ?
उत्तर :
जब दो जोड़ी विरोधी लक्षण के बीच संकरण की क्रिया करायी जाती है, तो यह द्विसंकरण क्रिया कहलाती है। जैसे- गोल पीला बीज और झुरीदार इस बीज के बीच का संकरण

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प्रश्न 9.
Back Cross क्या है ?
उत्तर :
वह क्रॉस जो प्रथम पीढ़ी (F1 generation) की संकर और प्रभावी या अप्रभावी के बची करायी जाती है उसे Back Cross कहते हैं।

प्रश्न 10.
Test Cross क्या है ?
उत्तर :
वह क्रॉस जो संकर (F1 पीढ़ी) तथा केवल अप्रभावी जनक के बीच कराया जाता है उसे Test Cross कहते हैं।

प्रश्न 11.
Parental generation क्या है ?
उत्तर :
किसी क्रॉस को सम्पन्न करने के लिए चुने गये शुद्ध लक्षण वाले सजीव को Parental generation या P generation कहते हैं।

प्रश्न 12.
जीनोटाइप क्या है ?
उत्तर :
किसी सजीव की जीन की संरचना या जीन संरचना द्वारा निर्धारित लक्षणों को जीनोटाइप कहते हैं।

प्रश्न 13.
कारक क्या है ?
उत्तर :
किसी लक्षण को निर्धारित करने वाली रचनाओं को कारक कहते हैं। जैसे- लम्बाई के दो कारक है- लम्बा (Tall) तथा बौना (Dwarf)।

प्रश्न 14.
लोकस क्या है ?
उत्तर :
किसी विशिष्ट क्रोमोजोम के विशिष्ट जीन, क्रोमोजोम के विशिष्ट स्थानों पर उपस्थित रहते हैं। क्रोमोजोम के इस स्थान को उस जीन का लोकस (locus) कहते हैं।

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प्रश्न 15.
जेनेटिक्स क्या है ?
उत्तर :
जीव विज्ञान की वह शाखा जिसमें माता-पिता से पैतृक लक्षणों का उनकी सन्तानों में जाने की क्रिया का अध्ययन किया जाता है, उसे जेनेटिक्स (Genetics) कहते हैं।

प्रश्न 16.
एलील या एलीलोमार्फिक गुण से क्या समझते हो ?
उत्तर :
जीव के शरीर में हर गुण के ऐसे जोड़े रहते है जो एक दूसरे के विपरीत होते हैं। विपरीत गुणों के इन जोड़े को एलीलोमार्फिक गुण कहा जाता है। जैसे- लम्बा या बौना होना, काला या गोरा होना।

प्रश्न 17.
फिनोटाइप क्या है ? TT क्या इंगित करता है।
उत्तर :
कुछ जीव ऐसे होते हैं जिनके जीनों की रचना भिन्न होते हुए भी उनके आकृति गुण एक समान होते हैं। ऐसे जीवों को फिनोटाइप कहा जाता है जैसे T T या Tt ये दोनो ही रूप लम्बा को व्यक्त करते है। TT शुद्ध लम्बा को इंगित करता है।

प्रश्न 18.
एकक लक्षण क्या है ?
उत्तर :
कुछ गुण ऐसे होते हैं जो कई पीढ़ियों के क्रॉस के पश्चात् उत्पन्न होने वाले संकर में भी अपना व्यक्तित्व बनाये रखते हैं। ऐसे गुण को एकक लक्षण (Unit Character) कहा जाता है।

प्रश्न 19.
प्रभावी लक्षण से क्या समझते हो ?
उत्तर :
संकरण क्रिया के बाद उत्पन्न होने वाली पहली पीढ़ी में विपरीत गुणों में से एक लक्षण दब जाता है तथा दूसरा प्रगट होता है। प्रगट होने वाले इन्हीं गुण को प्रभावी लक्षण (Dominant Character) कहते हैं।

प्रश्न 20.
अप्रभावी लक्षण क्या है ?
उत्तर :
संकरण क्रिया के बाद उत्पन्न होने वाली पहली पीढ़ी में विपरीत गुणों में से एक लक्षण उपस्थित रहते हुए भी प्रगट नहीं होता है, उसे अप्रभावी लक्षण (Recessive Character) कहा जाता है।

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प्रश्न 21.
द्वितीय पुत्रीय पीढ़ी क्या है ?
उत्तर :
प्रथम पुत्रीय पीढ़ी से प्राप्त संकर में किन्हीं दो सजीवों के बीच पुनः क्रॉस करने पर जो नये संकर उत्पन्न होते हैं उसे द्वितीय पुत्रीय पीढ़ी कहते हैं।

प्रश्न 22.
मेण्डल के कार्यों की खोज किसने किया ?
उत्तर :
Hugo Devries (हॉलैण्ड), Correns (जर्मनी) और Tschermak (आस्ट्रिया) ने मेण्डल के कार्यों की पुन: खोज किया।

प्रश्न 23.
मेण्डल कौन थे ?
उत्तर :
मेण्डल आस्ट्रिया के बुन शहर में चर्च के एक पादरी थे। इन्होंने Genetics की नींव दी। अतः इन्हें Father of Genetics कहा जाता है।

प्रश्न 24.
पुत्रीय पीढ़ी क्या है ?
उत्तर :
माता-पिता से उत्पन्न सन्तानों की भृंखला पीढ़ियाँ (Generation) कहलाती हैं। प्रथम संतान की पीढ़ी First fillial generation तथा प्रथम पीढ़ी से उत्पन्न संतान की पीढ़ी को Second fillial generation कहते हैं।

प्रश्न 25.
चेकर बोर्ड क्या है ?
उत्तर :
किसी क्रॉस (Cross) को दिखलाने के लिए जिन वर्ग समूहों का प्रयोग किया जाता है उसे चेकर बोर्ड कहते हैं।

प्रश्न 26.
Lethal gene क्या है ?
उत्तर :
वे जीन जो किसी सजीव को उसकी जनन अवस्था के पहले ही मार डालते हैं उन्हें प्राणहर जी(Lethal gene) कहते हैं।

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प्रश्न 27.
ऑटोसोम क्या है ?
उत्तर :
वे क्रोमोजोम जिनके द्वारा शारीरिक लक्षणों (Somatic characters) के जीन का वहन होता है, उन्हें ऑटोसोम्स (Autosomes) कहते हैं।

प्रश्न 28.
जेनेटिक्स का जनक कौन कहलाता है ?
उत्तर :
ग्रेगर जॉन मेण्डल (Gregor John Mendal) को जेनेटिक्स का जनक कहा जाता है।

प्रश्न 29.
एलील क्या है ?
उत्तर :
ऐलीलोमॉर्फ या ऐलील (Allelomorphs or Alleles) : बेटसन (Bateson, 1906) ने प्रत्येक आनुवांशिक लक्षण के तुलनात्मक रूपों के जीन (कारको) को ऐलीलोमोर्फ या ऐलील का नाम दिया। अब किसी लक्षण के तुलनात्मक रूपों को ऐलीलोमॉर्फ तथा इनके जीन्स को ऐलील कहते हैं।

प्रश्न 30.
मेण्डल के एक संकर संकरण प्रयोग की सफलता के दो कारण लिखिए।
उत्तर :
(i) मटर के पौधों में प्रजनन की प्रचूर क्षमता के कारण मेण्डल ने F1, F2 पीढ़ी तक अपने प्रयोग को सफलतापूर्वक संचालित कर निरीक्षण द्वारा गणितीय निष्कर्ष प्राप्त करते रहे।
(ii) एक प्रयोग में वे केवल एक लक्षण को ही ध्यान में रखे।

प्रश्न 31.
मनुष्यों में आनुवांशिक लक्षणों का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
(i) आँख का रंग – काला नीला
(ii) बाल की आकृति – सीधा- धुंधराला

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प्रश्न 32.
शुद्ध एवं संकर किसे कहते हैं ?
उत्तर :
शुद्ध (Pure) : ऐसा जीव जिसके जिनोटाइप एवं फिनोटाइप में समानता होती है उसे शुद्ध (Pure) कहते हैं। जैसे -TT or tt ।
संकर (Hybrid) : जिस जीव के जिनोटाइप और फिनोटाइप में अन्तर होता है उसे संकर (hybrid) कहते हैं। जैसे Tt

प्रश्न 33.
पैत्क पीढ़ी और सन्तानीय पीढ़ी किसे कहते हैं ?
उत्तर :
पैतृक पीढ़ी : मेन्डल ने मटर के शुद्ध लम्बे तथा शुद्ध बौने पौधों का चयन किया। जिन्हें पैतृक अथवा जनक पीढ़ी (Parental generation) का नाम दिया और इसे P1(TT) तथा P1(tt}) जैसे अंग्रेजी संकेताक्षरों द्वारा प्रदर्शित किया।
सन्तानीय पीढ़ी : दो विपरीत गुणों वाले जनक सजीवों से उत्पन्न जीव अथवा पौधे को संतानीय पीढ़ी कहते हैं। इसे F1, F2, F3 द्वारा प्रदर्शित करते हैं।

प्रश्न 34.
यदि एक शुद्ध लंबे और एक शुद्ध बौने मटर के पौधों के बीच संकरण कराया जाय तो F, पीढ़ी और F2 पीढ़ियों का परिणाम क्या होगा ?
उत्तर :
(a) F1 पीढ़ी में सभी पौधे संकर लंबे (T t) होंगे।
(b) F2 पीढ़ी में लंबे और बौने पौधों का फीनोटिपिक अनुपात 3 : 1 का होगा तथा शुद्धता के आधार पर इसका जीनोटिपिक अनुपात 1 : 2 : 1 का होगा।

प्रश्न 35.
एक पीले तथा गोल बीज वाला (NyRr) संकर मटर पौधा किस प्रकार के गैमिट उत्पन्न कर सकता है ?
उत्तर :
(a) यह संकर मटर का पौधा चार प्रकार का गैमिट उत्पन्न कर सकता है –
(a) YR (b) Y r (c) y R (d) yr.

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प्रश्न 36.
अपने प्रयोग के लिए मेंडल द्वारा मटर के पौधे को चुनने के दो कारण बताइएँ।
उत्तर :
(i) मटर के पौधे में विरोधाभाषी कारको की संख्या अन्य पौधों की तुलना में अधिक है।
(ii) द्विलिंगी पौधा होने के कारण आवश्यकतानुसार इसमें पर-परागण और स्व-परागण कराना आसान है।

प्रश्न 37.
किसी जीव के शुद्ध लक्षण कहने से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
शुद्ध लक्षण – आनुवांशिकता के अन्तर्गत उत्पन्न वह सजीव जिसका जीनोटाइप और फिनोटाइप समान होता है, उसे शुद्ध कहते हैं। जैसे शुद्ध लम्बा (TT), शुद्ध बौना (t).

प्रश्न 38.
मेंडल के स्वतंत्र अपब्यूहन नियम का उल्लेख करो।
उत्तर :
स्वतंत्र अपब्यूहन का नियम (Law of Independent Assortment) : जब किसी संकरण में दो लक्षणों के विपरीत कारक भाग लेते हैं तो एक लक्षण का पृथक्करण दूसरे लक्षण के पृथक्करण से स्वतंत्र होता है।

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प्रश्न 39.
हेटरोजाइगस प्रभावी जीव में एक फीनोटाइप एवं जीनोटाइप का उदाहरण दें।
उत्तर :
संकर लम्बा का फीनोटाइप है लम्बा और जीनो टाइप है। Tt}

प्रश्न 40.
मेण्डल की सफलता के पीछे क्या कारण है।
उत्तर :

  1. मेंडल ने एक समय में केवल एक ही लक्षण की वंशागति का अध्ययन किया।
  2. इन्होंने अपने प्रयोगों का F2, F3 और आगे कई पीढ़ियों तक अध्ययन किया।
  3. उन्होंने आनुवंशिक रूप से केवल शुद्ध पौधों को चुना। इसकी पुष्टि उन्होंने अगली पीढ़ियों के पौधों से परागण परीक्षणों से की।

प्रश्न 41.
शुद्ध काला एवं खुरदरा रोम वाले गिनीपिग का जीनोटाइप क्या है ?
उत्तर :
BBRR

प्रश्न 42.
क्रिसमस रोग (Christmas disease) क्या है ?
उत्तर :
हिमोफीलिया A क्रिसमस रोग के नाम से जाना जाता है। यह लिंग क्रोमोसोम से संबधित एक रोग है।

प्रश्न 43.
थैलसेमिया के दो प्रकारों का नाम बताइए।
उत्तर :
(i) थैलसेमिया माइनर एवं
(ii) थैलसेमिया मेजर।

प्रश्न 44.
आदमी में लिंग-संलग्न दो रोगों का नाम बताइए।
उत्तर :
(i) हीमोफिलिया एवं (ii) वर्णान्धता।

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प्रश्न 45.
स्त्रियों के अपेक्षा मर्दों में ही ज्यादातर हिमोफीलिया रोग दिखता है। क्यों ?
अथवा
‘समाज में हिमोफीलिया रोग से पुरुष अधिक प्रभावित होते हैं।’ समझाइए।
अथवा
हिमोफीलिया रोग अधिकतर पुरूषों में ही क्यों पाया जाता है ?
उत्तर :
यह रोग अधिकतर पुरुषों में पाया जाता है। तथा इसकी जीन X क्रोमोसोम पर स्थित होता है। Y क्रोमोसोम पर इसका एलील नहीं होता है। जिस औरत के X क्रोमोसोम पर यह जीन होता है तो वह औरत वाहक (Carrier) होती है। जिस औरत के दोनों X क्रोमोसोम पर यह जीन होता है उसी में यह लक्षण विकसित होता है क्योंकि हीमोफिलिया का जीन अप्रभावी (recessive) होता है तथा सामान्य लक्षण का जीन प्रभावी (dominant) होता है। अतः पुरुष कभी संकर (Hybrid) नहीं होगा जबकि औरत संकर (वाहक) हो सकती है।

प्रश्न 46.
यदि परिवार के इतिहास में थैलासीमिया है, तो जैनेटिक काउन्सिलिंग क्यों आवश्यक है ?
उत्तर :
आनुवांशिक परामर्श (Genetic counselling) आनुवंशिकी (Genetics) का एक आधुनिक व्यावहारिक उपयोग है। इसमें शादी से पहले दोनों परिवारों में लिंग संबंधित रोगों (Sex Linked Diseases) जैसे थैलसेमिया, बारे में जानकारी कर लेना आवश्यक है। उन्हें यह बता देना आवश्यक होता है कि इन रोगों की संतान में स्थानान्तरित होने की संभावना है। इन तथ्यों की जानकारी प्राप्त कर बहुत हद तक इन रोगों को रोका जा सकता है।

प्रश्न 47.
थेलेसीमिया नामक रोगे से कैसे बचा जा सकता है ?
उत्तर :
विवाह पूर्व
जीन सम्बन्धी उचित सलाह द्वारा बच्चों में थैलेसीमिया को रोका जा सकता है, थैलेसिमिया वाहक व्यक्तियों के आपसी वैवाहिक सम्बन्ध को रोका जाना चाहिए।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
आनुवांशिकता में प्रभावी लक्षण से क्या समझते हो ? एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट करो।
उत्तर :
प्रभावी लक्षण (Dominant Character) : एक ही जाति के विपरीत लक्षणों वाले जनको के बीच क्रॉस के फलस्वरूप प्रथम पीढ़ी की सन्तानों ( F, generation) में जो लक्षण प्रकट होता है, उसे प्रभावी लक्षण कहते हैं।
उदाहरण – अगर एक शुद्ध लम्बे पौधे तथा शुद्ध बौने पौधे के बीच क्रॉस कराया जाता है तो प्रथम पीढ़ी की सन्तानों में सभी लम्बे पौधे (Tall) दिखाई देते हैं। अत: लम्बा (TT) गुण प्रभावी लक्षण होता है।

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प्रश्न 2.
आनुवांशिकता में अप्रभावी लक्षण से क्या समझते हो ? एक उदाहरण द्वारा स्पष्ट करो।
उत्तर :
अप्रभावी लक्षण (Recessive Character) : एक ही जाति के विपरीत लक्षणों वाले जनकों के बीच क्रॉस के फलस्वरूप जो लक्षण अगली पीढ़ी की सन्तानों में रहते हुए भी अपने आप को प्रकट नहीं कर पाता है, उसे अप्रभावी लक्षण कहते हैं।
उदाहरण – अगर एक शुद्ध लम्बे तथा शुद्ध बौने पौधे के बीच क्रॉस कराया जाता है तो प्रथम पीढ़ी में केवल लम्बे (T t) पौधे दिखाई देते हैं। बौना पौधा का लक्षण उपस्थित रहते हुए भी प्रकट नहीं हो पाता। इसलिए बौना(t) अप्रभावी लक्षण है।

प्रश्न 3.
सजीवो के लक्षण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में कैसे संचरण करता है ?
उत्तर :
अधिकांशत देख जाता है कि संतति में उसके माता-पिता के कुछ लक्षण मौजूद रहते हैं। जैसे-मनुष्यों में सर के बालों का झड़ना, कुछ विशेष प्रकार के नेत्र रोग इत्यादि। ये सभी वंश परम्परा के लक्षण होते हैं। प्रकृति ने मनुष्यों को एक ही आकार में बनाया है, किन्तु उनके रूप रंग व नयन-नक्स से उन्हें अलग-अलग पहचान लिया जाता है। यह भी देखा जाता है कि मनुष्यों के रूप रंग एवं नयन नक्सों की समरुपता उनके जनकों से होती है। जनकों की यह समरुपता आनुवंशिकता द्वारा ही प्राप्त होती है। आनुवंशिकता के लक्षण केवल मात्र मनुष्यों में ही नहीं बल्किपृथ्वी जगत के समस्त जीवों, पौधों एवं जन्तुओं दोनों में भी पाई जाती है। लक्षणों का संचरण युग्मकों में उपस्थित क्रोमोसोम के द्वारा होता है।

प्रश्न 4.
मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिए मटर के पौधों का चुनाव क्यों किया ?
उत्तर :
मटर के पौधों को चुनने का कारण :

  1. मटर एक पूर्ण तथा द्विलिंगी पौधा है, अत: स्वपरागण की क्रिया आसानी से हो जाता है।
  2. मटर का पौधा एक वर्षीय पौधा है जिसके कारण प्रयोग का परिणाम कम समय में प्राप्त हो जाता है।
  3. इन पौधों को सरलतापूर्वक उगाया जा सकता है तथा Cross कराया जा सकता है।

प्रश्न 5.
DNA आनुवांशिकता का वाहक क्यों कहलाता है ?
उत्तर :
DNA को आनुवांशिक लक्षण का वाहक कहा जाता है क्योंकिDNA आनुवांशिक पदार्थ होते हैं जिसका एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक स्थानान्तरण होता है। इस प्रकार DNA द्वारा ही माता-पिता से लक्षण सन्तानों में स्थानान्तरित होते हैं।

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प्रश्न 6.
जीनोटाइप तथा फीनोटाइप में क्या सम्बन्ध है ?
उत्तर :
किसी जीव की बाह्य आकृति का निर्धारण भी जीन ही करता है, किन्तु फीनोटाइप के समय इसे गौण मानते हैं। इसलिए फीनोटाइप में शुद्ध तथा संकर का अन्तर नहीं हो पाता है। किन्तु जीनोटाइप तो जीन की संरचना के आधार पर व्यक्त है इसलिए इसमें शुद्ध तथा संकर का भी अन्तर होता है। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि जीनोटाइप, फीनोटाइप की तुलना में अधिक मौलिक है।

प्रश्न 7.
मानव में वंशागति विभित्रताएँ क्या हैं ?
उत्तर :
मानव में वंशागति विभिन्नताएँ :-
(i) कर्ण पिण्ड : कुछ मनुष्यों के कर्ण पिण्ड स्वतंत्र और कुछ के कर्ण पिण्डबल से जुड़ रहते हैं। स्वतंत्र और जुड़ा रहने का नियंत्रण जीन द्वारा होता है। स्वतंत्र रहने का नियंत्रण करने वाला जीन प्रभावी है।
(ii) जीभ : कुछ मनुष्यों की जीभ मुँह से बाहर निकालने पर गोल नली की तरह मुड़ती है और कुछ का नहीं। जीभ का गोल नली के जैसा होना ओर नहीं होना भी जीन के द्वारा ही निर्धारित होता है। जीभ को गोल बनाने वाला जीन प्रभावी है।

प्रश्न 8.
मेण्डल ने किस प्रकार अपने प्रयोगों द्वारा वंशगति के नियमों निर्धारण किया था।
उत्तर :
मेंडल का मानना था कि पौधे के प्रत्येक युग्म विकल्पी लक्षणों के लिए विशेष आनुवांशिक इकाइयाँ होती हैं ती ये आनुवांशिक इकाइयाँ लैंगिन जनन प्रक्रिया द्वारा अगली पीढ़ी में पहुँचती है। मेंडल ने परस्पर विरोधी लक्षणों वाले पौधों के बीच संकरण हेतु कृत्रिम परागण की विधियों का सहारा लिया। आनुवांशिक इकाइयाँ या कारकों (Factors) को आगे चलकर जीन (gene) मान लिया गया। अत: ‘ “मेंडल ने आनुवांशिकता के लिए जिन कारको को उत्तरदायी बताया था वे जीन हैं जो गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं। जीन्स का ही पृथक्करण होता है और उन्हीं का स्वतंत्र अपव्यूहन होता है। स्वतंत्र अपव्यूहन की घटेना अर्धसूत्री कोशिका विभाजन के समय घटित होती है”

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प्रश्न 9.
मटर के पौधों के साथ द्वि-संकरण प्रयोग में शामिल विशेषता-तना की लम्बाई में एवं बीज के आकार में F2 पीढ़ी उत्पन्न करता है-नौ लम्बे और गोलाकार बीज पौधे। उनका जीनोटाइप क्या हो सकता है? (Board Sample Paper)
उत्तर :
F2 पीढ़ों में उत्पन्न 9 पौधों का जीनोटाइप।
(a) TTRR – 1
(b) TTRr -2
(c) TtRR -2
(d) TtRr – 4

प्रश्न 10.
मानव में वंशागति विभिन्नतायें कितने प्रकार की होती हैं ?
उत्तर :
विभिन्नताओं के प्रकार (Types of variations) :- विभिन्नताएँ दो प्रकार की होती हैं – जननिक (germinal) तथा कायिका (somatic)।
जननिक विभिन्नता (Germinal variations) :- ऐसी विभिन्नताएँ जनन-कोशिकाओं (germ cell) में होने वाले परिवर्तन के कारण होती हैं। जननिक विभिन्नता आनुवांशिक (genetic) विभिन्नता भी कहलाती हैं।
कायिक विभिन्नता (Somatic variations) :- ऐसी विभिन्नताएँ कई कारणों से हो सकती हैं ; जैसे जलवायु एवं वातावरण का प्रभाव, उपलब्ध भोजन के प्रकार, अन्य उपस्थित जीवों के साथ परस्पर व्यवहार इत्यादि] ऐसी विभिन्नताएँ उपार्जित (acquired) होती हैं। इसलिए, इनका जैव विकास में महत्व नहीं होता है।

प्रश्न 11.
आनुवांशिक रोग क्या है ?
उत्तर :
ऐसा रोग जिसका स्थानान्तरण पीढ़ी-दर-पीढ़ी जनकों से उसकी संतानों में स्थानक्तरित होता है आनुवांशिक रोग (Genetic disease) अथवा आनुवांशिक संचारित रोंग (Genetically transmitted disease) कहा जाता है। बच्चों में यह लक्षण जन्म के समय से ही उपस्थित रहते हैं।

प्रश्न 12.
आनुवंशिक रोगों के उदाहरण क्या-क्या हैं ?
उत्तर :

  • हीमोफिलिया (Haemophilia)
  • वर्णांधता (Colour blindness)
  • सिकेल-सेल एनिमिया (Sickle-cell anaemia)
  • फीनाइल-कीटोन्यूरिया (Phenyl-ketonuria)
  • थैलेसीमिया (Thalassemia) आदि आनुवंशिक रोगों के उदाहरण हैं।

प्रश्न 13.
मनुष्यों में आनुवांशिक लक्षणों का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
(i) आँख का रंग – काला नीला
(ii) बाल की आकृति – सीधा- धुंधराला

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प्रश्न 14.
शुद्ध एवं संकर किसे कहते हैं ?
उत्तर :
शुद्ध (Pure) : ऐसा जीव जिसके जिनोटाइप एवं फिनोटाइप में समानता होती है उसे शुद्ध (Pure) कहते हैं। जैसे -TT or tt ।
संकर (Hybrid) : जिस जीव के जिनोटाइप और फिनोटाइप में अन्तर होता है उसे संकरhybrid) कहते हैं। जैसे T t

प्रश्न 15.
पैतृक पीढ़ी और सन्तानीय पीढ़ी किसे कहते हैं ?
उत्तर :
पैतक पीढ़ी : मेन्डल ने मटर के शुद्ध लम्बे तथा शुद्ध बौने पौधों का चयन किया। जिन्हे पैतृक अथवा जनक पीढ़ी (Parental generation) का नाम दिया और इसे P1(TT) तथा P1(t) जैसे अंग्रेजी संकेताक्षरों द्वारा प्रदर्शित किया।
सन्तानीय पीढ़ी : दो विपरीत गुणों वाले जनक सजीवों से उत्पन्न जीव अथवा पौधे को संतानीय पीढ़ी कहते हैं। इसे F1, F2, F3 द्वारा प्रदर्शित करते हैं।

प्रश्न 16.
होमोजाइगस एवं हेटरोजाइगस जीव किसे कहते हैं ?
उत्तर :
होमो जाइगस : एक लक्षण दोनो जीन समान रखने वाले जीव को होमोजागस कहते हैं। जैसे TT या tt हेटरोजाइगस एक लक्षण के दो भिन्न जीन रखने वाले जीव को हेटरो जाइगस कहते हैं। जैसे लम्वा लक्षण के लिए Tt

प्रश्न 17.
आनुवांशिक काउन्सलिंग (Genetic Counselling) क्या है ?
उत्तर :
स्वास्थ्य की देख-रेख का वह क्षेत्र जो आनुवांशिक समस्या पर सलाह देकर माता-पिता तथा उनके संतानों को अनुवांशिक अनियमितताओं (Genetic disorder) जैसे – थैलेसीमिया, वर्णांधता (Colour blindness), हिमोफीलिया (Haemophilia) इत्यादि रोगों से मुक्त करने में सहायता करता है, उसे आनुवांशिक काउन्सिलिंग कहते हैं।

प्रश्न 18.
हिमोफीलिया क्या है ?
उत्तर :
हिमोफीलिया या ब्लिडर्स रोग (Bleeder’s disease) लिंग गुणसूत्र सम्बन्धित एक प्रमुख रोग है। यह एक असाधारण रक्त शरीर से बाहर निकलने वाला आनुवांशिक रोग है, जो प्रारम्भ में पुरुषों को प्रभावित करता है, परन्तु स्रियों द्वारा संचारित होता है। हिमोफीलिया रक्त जमने के कारण एण्टिहिमोफिलिक ग्लोब्यूलिन (Antihaemophilic Globulin) की कमी के कारण होता है जो X-क्रोमोसोम के विशिष्ट जीन से सम्बन्धित रहता है।

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प्रश्न 19.
आनुवांशिक रोगों के क्या-क्या प्रभाव होते हैं ?
उत्तर :
आनुवांशिक रोगों के निम्नलिखित हानिकारक प्रभाव होते हैं –

  • चक्षुरोग (Eye disease) जैसे- मोतियाबिंद, ग्लॉकोमा अति निकट दृष्टि, दीर्घ दृष्टि, वर्णांधता, रतौंधी आदि।
  • चर्म रोग (Skin disease) जैसे- सोरिएसिस, केराटोसिस, क्वियआसिस इत्यादि।
  • रक्त दोष (Blood disease) जैसे- थैलेसीमिया, हीमोफीलिया इत्यादि।
  • मानसिक रोग (Mental disease) जैसे- सनक, मिर्गी, अल्पबुद्धिता इत्यादि।
  • चपापचय रोग (Metabolic disease) जैसे- मधुमेह, गठिया इत्यादि।

प्रश्न 20.
आनुवंशिक रोगों के क्या कारण हैं ?
उत्तर :
जीवों में नर के शुक्राणु तथा स्त्री की अंडकोशिका के संयोग से संतान की उत्पत्ति होती है। शुक्राणु तथा अंडकोशिका दोनों के केन्द्रक में गुण सूत्र रहते हैं। इन गुण सूत्रों में स्थित जीन के स्वाभानुसार संतान के मानसिक तथा शारीरिक गुण और दोष निक्वित होते हैं। जीन में से एक या कुछ के दोषोत्पादक होने के कारण संतान में वे ही दोष उत्पन्न हो जाते हैं। कुछ दोषों में से कोई रोग उत्पन्न नहीं होता, केवल संतान का शारीरिक संगठन ऐसा होता है कि उसमे विशेष प्रकार के रोग शीघ्र उत्पन्न होते हैं।

दीर्घउत्तरीय प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
मटर के पौधे के बीजों के आकार तथा रंग-इन दोनो लक्षणों को लेकर मेंडल ने द्विसंकर संकरण किया। इस प्रयोग के F2 पीढ़ी के मटर के पौधो में पीले और गोल बीज उत्पत्ति करने वाले मटर के पौधो के जीनोटाइप को लिखो। स्वतंत्र अपव्यूहन के मेंडल के नियम को लिखो। 2 + 3
उत्तर :
पीले और गोल बीज वाले पौधों का जीनोटाइप :
YYRR – 1
YYRr – 2
YyRr – 4
YyRR – 2
स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम : जब किसी संकरण में दो लक्षणों विपरीत कारक भाग लेते हैं, तो एक लक्षण का पृथक्करण दूसरे लक्षण के पृथक्करण से स्वतंत्र होता है।

प्रश्न 2.
मेंडेल के प्रयोग में मटर के पौधों के फूलों के लक्षणों में विपरीत लक्षणों का उल्लेख करो। “वैज्ञानिक विचारों के विकास हेतु मेंडेल का आनुवंशिकी पर मटर के पौधों पर किया गया प्रयोग युगांतकारी है’।
– उनके प्रयोगों में सफलता के तीन कारणों का उल्लेख करो। 2 + 3
उत्तर :
मेंडल ने मटर के पौधे के जिन सात लक्षणों का चुनाव किया उनके दो पुष्प से सम्बन्धित हैं –

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मेंडल के सफलता के कारण :

  • मेंडल ने एक समय में केवल एक ही लक्षण की वंशागति का अध्ययन किया।
  • इन्होंने अपने प्रयोगों में एकत्रित किये गये आंकड़ो का पूरा रिकार्ड रखा और उनका सावधानी पूर्वक विशेलषण किया।
  • उन्होंने आनुवंशिक रूप से केवल शुद्ध पौधों को चूना।

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प्रश्न 3.
थैलासीमिया रोग के लक्षणों का उल्लेख कीजिए। अधिकतर परिवारों में माता को कन्याशिशु जन्म देने के लिए उत्तरदायी माना जाता है। यह धारणा यथार्थ नहीं है इसे क्रास द्वारा दिखाइये। 2+3
उत्तर :
थैलासीमिया रोग के लक्षण :

  1. रोगी में एनिमिया जटिल रूप में विकसित होती है।
  2. इसमें रोगी को थकान महसुस होता है।
  3. वृद्धि अत्यन्नत कम होती है।
  4. त्वचा का रंग पीला पड़ने लगता है।
  5. साँस लेने में भी तकलिफ होती है।

लिंग निर्धारण का चर्चाट :

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प्रश्न 4.
एक संकर काला एंव एक शुद्ध सफेद गिनीपिंग के मिलन से जितने प्रकार का अपत्य गिनीपिग उत्पन्न हो सकता है उसे एक चेकर बोर्ड द्वारा दिखाइये। मेण्डल के पृथक्किरण के नियम का उल्लेख कीजिए।
उत्तर :
एक संकर और एक शुद्ध सफेद गिनीपिग से दो प्रकार के गिनीपिग उत्पन्न होते हैं – 3 + 2
(i) 50 % संकर गिनीपिग (Bb)
(ii) 50 % शुद्ध सफेद गिनीपिग (bb)

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पृथक्करण का नियम : जब किसी संकरण में एक लक्षण के एक जोड़े विरोधी कारक भाग लेते हैं और संकर को उत्पन्न करते हैं तो अगली पीढ़ी में ये कारक एक दूसरे से अलग हो जाते हैं क्योंकि ये कारक एक दूसरे से मिश्रित कमी नहीं होते हैं।

प्रश्न 5.
विभिन्नता (Variation) क्या है ? जननिक विभिन्नता एवं कायिक विभिन्नता का वर्णन करें। 2 + 3
उत्तर :
विभिन्नता : विभिन्नता जीव के ऐसे गुण है, जो उसे अपने जनकों अथवा अपनी ही जाति के अन्य सदस्यों के उसी गुण के मूल स्वरूप से भिन्नता को दर्शाते हैं।
(i) जननिक विभिन्नता : ऐसी विभिन्नताएँ जो जनन-कोशिकाओं में होने वाले परिवर्तनों के कारण उत्पन्न होती हैं, उन्हें जननिक विभिन्नता कहते हैं। ऐसी विभिन्नताएँ एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में वंशागत होती हैं। इसलिए इन्हें आनुवाशिक विभिन्नता भी कहते हैं, जिनकी जैव विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसी विभिन्नताओं में से कुछ जन्म से प्रकट हो जाती हैं, जैसे-आँख एवं बालों का रंग तथा कुछ बाद में प्रकट होती हैं, जैसे- शारीरिक गठन एवं शरीर की लंबाई इत्यादि।

(ii) कायिक विभिन्नता : ऐसी विभिन्नताएँ जिनकी वंशागति एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में नहीं होती है, उन्हें कायिक विभिन्नता कहते हैं। ये सामान्यत: जलवायु एवं वातावरण, उपलब्ध भोजन के प्रकार, अन्य उपस्थित जीवों के साथ परस्पर व्यवहार इत्यादि के कारण उत्पन्न होती हैं। ऐसी विभिन्नताओं की जैव विकास में कोई भूमिका नहीं होती है।

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प्रश्न 6.
मानव में बच्चों के लिंग-निर्घारण की अभिक्रिया को समझाएँ। अथवा, बच्चों के लिंग निर्धारण में पिता की क्या भूमिका है ?
अथवा
मनुष्य में शुक्राणु या अण्डा में से कौन उत्तरदायी है लिंग निर्धारण में, कारण सहित उत्तर दीजिये।
उत्तर :
मैक लंग (Mc. Lung) ने सन् 1902 ई० में लिंग निर्धारण का क्रोमोसोमवाद (Chromosomal theory of sex detemination) दिया। इसके अनुसार मनुष्य में लिंग निर्धरणण क्रोमोसोम द्वारा ही होता है । मनुष्य की जनन कोशिकाओं में 23 जोड़े अर्थात् 46 समजात क्रोमोसोम (Homologus chromosome) होते हैं। इनमें से 22 जोड़े नर तथा मादा दोनों में समान होते हैं, अतः इन्हें ऑटोसोम (Autosome) कहते हैं परन्तु नर में 23 वें जोड़े गुणसूत्र असमान होते हैं, इन्हें हेटरोक्रोमोसोम या लिंग क्रोमोसोम (heterosome or sex chromosome)

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कहते हैं। ऑटोसोम को ‘ x x ‘ से तथा हेटरोसोम को ‘ x y ‘ से व्यक्त करते हैं।
स्तियों में 22 जोड़े क्रोमोसोम x x प्रकार की रचना वाले होते हैं। 23 जोड़े क्रोमोसोम की रचना भी x x होती है। प्रजनन की क्रिया के लिए जब प्रजनन अंगों में युग्मक (gamete) का निर्माण होता है तो नर युग्मक x तथा y दो प्रकार के उत्पन्न होते हैं। जबकि मादा युग्मक सिर्फ x प्रकार की ही होती है। निषेचन की क्रिया में जब x शुक्राणु (sperm), x अण्डा (ovum) से मिलेगा तो संतान (xx) मादा होगी और यदि y शुक्राणु, x अण्डा से मिलेगा तो संतान (x y) नर होगी।

22 + 22 + x y = नर शिशु = लड़का
22 + 22 + x x = मादा शिशु = लड़की

उपरोक्त वर्णन के अनुसार मनुष्य में लिंग निर्धारण के लिए पुरूष अर्थात पिता का Y गुणसुत्र जिम्मेवार होता है। इसलिए संतान के लिंग निर्धारण में अहम भूमिका पिता की है। इसी के क्रोमोसोम पर यह निर्भर करेगा कि संतान लड़की होगी या लड़का होगा।

प्रश्न 7.
‘आनुवांशिक विज्ञान के जनक’ का पूरा नाम लिखिए। प्रभावी ज्रथा अप्रभावी लक्षणों से क्या समझते हो ? उदाहरण सहित समझाइए। ‘स्वतंत्र अपव्युहन सिद्धान्त’ नियम का उल्लेख कीजिए।
अथवा
‘आनुवांशिक विज्ञान के जनक’ का पूरा नाम लिखिए। मेंडल ने मटर के पौधे पर प्रभावी एवं अप्रभावी गुणों को कैसे समझाया ?
अथवा
आनुवंशिकता में प्रभावी तथा अप्रभावी लक्षणों से तुम क्या समझते हो? उदाहरण के साथ व्याख्या करो।
उत्तर :
आनुवांशिक विज्ञान के जनक का पूरा नाम ग्रेगर जॉन मेण्डल है।
प्रभावी लक्षण (Dominant Character), मेंडल ने मटर के पौधे के अनेक विकल्पी लक्षणों का अध्ययन किया, जैसे लंबे एवं बौने पौधे, गोल एवं झुर्रीदार बीज, सफेद एवं बैंगनी फूल आदि। इससे प्राप्त संतति पीढ़ी के पौधों के प्रतिशत की गणना की। उदाहरण के तौर पर, लंबे एवं बौने पौधे के बीज परागण के बाद जो बीज उत्पन्न हुए, उनसे उत्पन्न सारे पौधे लंबे एवं बौने पौधे के बीज परागण के बाद जो बीज उत्पन्न हुए, उनसे उत्पन्न सारे पौधे लंबे नस्ल के हुए। इस पीढ़ी के पौधों को मेंडल ने प्रथम संतति (F1) कहा। इससे यह पता चला कि दो लक्षणों में से केवल एक पैतृक जनकीय लक्षण F1 पीढ़ी में परिलक्षित होते हैं। यानी लंबेपनवाला गुण बौनेपन पर प्रभावी था, अतः बौनेपन का गुण मौजूद होने के बावजूद पौधे लंबे ही हुए। इसे ही प्रभावी लक्षण (Dominant Character) कहा जाता है।

अप्रभावी लक्षण (Recessive Character) : अब F1 पीढ़ी के पौधों के बीज स्व-परागण कराकर F2 पीढ़ी तैयार की गई। इस दूसरी पीढ़ी के सभी पौधे लंबे नहीं थे, वरन उनमें से एक-चौथाई संतति बौने पौधे थे। इससे यह पता चलता है कि F, पौधों द्वारा दोनों लक्षणों (लंबा एवं बौना) की वशानुगति हुई। इससे यह प्रतीत होता है कि जो लक्षण F, पीढ़ी में दिखाई नहीं पड़ते हैं वे अप्रभावी हैं, लेकिन अगली पीढ़ी में इनका पृथककरण हो जाता है।

सकरण क्रिया के बाद उत्पन्न होने वाली पहली पीढ़ी में विपरीत गुणों में से एक लक्षण उपस्थित रहते हुए भी प्रगट नहीं होता है, उसे अप्रभावी लक्षण (Recessive Character) कहा जाता है।
‘स्वतंत्र अपव्युहन सिद्धान्त’ : जब किसी क्रॉस में दो लक्षणों के विरोधी कारक भाग लेते हैं तो वियोजन के समय दोनों जोड़े एक दूसरे से पूर्ण स्वतंत्र होते हैं। यह नियम द्विगुण संकरण (Dihybrid Cross) पर आधारित है।

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प्रश्न 8.
कभी-कभी पिता एवं माता दोनों सामान्य रहते हैं। किन्तु उनकी संतानें वर्णांध होती हैं। यह कैसे संभव है – वर्णन करो।
उत्तर :
वर्णाधिता (Colour blindness) : वर्णाधता x-गुणसूत्र से संबंधित रोग है। वर्णाधता सामान्य दृष्टि के प्रति अप्रभावी होता है। पिता अपने x-क्रोमोसोम को अपनी पुत्री में संचारित करता है, परन्तु पुत्र में संचारित नहीं करता है। जबकि माता x-क्रोमोसोम को पुत्र तथा पुत्री दोनों में संचारित करती है। इसके फलस्वरूप माता से उत्पन्न संताने वर्णाध होती हैं, जबकि पिता वर्णांध हो या न हो। यदि पिता सामान्य दृष्टि वाला है तो सभी लड़कियों की सामान्य दृष्टि होगी, चाहे माता को वर्णाधता क्यों न हो।

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प्रश्न 9.
एक संकर संकरण क्रिया से क्या समझते हो ? मेण्डल के आनुवांशिकता के दो नियमों को लिखो।
उत्तर :
एक संकर संकरण क्रिया (Monohybrid Cross) : वह संकरण जिसमें केवल एक जोड़ी विरोधी लक्षण भाग लेते हैं, एक संकर संकरण क्रिया कहलाती है। जैसे – लम्बा (TT), बौना (tt)।

मेण्डल का आनुवांशिकता का नियम :-
प्रथम नियम :- पृथक्करण का नियम (Law of segregation) : जब किसी क्रॉस में एक जोड़ी विकल्पी लक्षण भाग लेते हैं तब ये विकल्पी लक्षण आपस में नहीं मिलते हैं बल्कि ये दोनों अगली पीढ़ी में ऐक दूसरे से अलग हो जाते हैं।
दूसरा नियम :- स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त (Law of dependant assortment) : जब किसी क्रॉस में दो जोड़ी विरोधी लक्षणों के कारक भाग लेते हैं तो वियोजन के समय दोनों जोड़े एक दूसरे से पूर्ण स्वतंत्र होते हैं। यह नियम द्विसंकर संकरण क्रिया (Dihybrid Cross) पर आधारित है।

प्रश्न 10.
मटर के पौधे में मेण्डल के द्विसंकर संकरण के प्रयोग का वर्णन चेकर बोर्ड की सहायता से करें।
अथवा
द्विसंकरण संकरण क्रिया क्या है ? एक पीले गोल बीज वाला (Yy Rr) संकर मटर पौधा किस प्रकार के गैमिट उत्पन्न कर सकता है? मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिए मटर के पौधों का चुनाव क्यों किया?
अथवा
मटर पौधे में द्विसंकर संकरण चेकर बोर्ड की सहायता से परिणाम सहित समझाइए।
उत्तर :
द्विसंकर संकरण क्रिया (Dihybrid Cross) : जब दो जोड़ी विरोधी लक्षण के बीच संकरण की क्रिया करायी जाती है तो यह द्विसंकर संकरण क्रिया कहलाती है। जैसे पीला गोल बीज और हरा झूरीदार बीज के बीच का संकरण मेण्डल ने अपने द्विसंकर संकरण क्रिया में एक शुद्ध गोल बीज और पीले बीजपत्रक युक्त मटर के पौधे (RRYY) तथा एक शुद्ध झुर्रीदार बीज और हरे बीजपत्रक युक्त (ryy) पौधे के बीच संकरण कराया। F, पीढ़ी में केवल गोल बीज तथा पीले बीजपत्रक युक्त मटर के पौधे (RrYy) प्राप्त हुए।
मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिए मटर के पौधों का चुनाव किया क्योंकि –

  1. मटर का पौधा एकवर्षीय (Annual) पौधा है जिसके कारण प्रयोग का परिणाम कम समय में ही प्राप्त हो जाता है।
  2. इस पौधे में विपरीत लक्षणों के अनेक जोड़े उपस्थित होते हैं।
  3. इसके फूल पूर्ण तथा उभयलिंगी होते हैं।
  4. फूल के नर तथा मादा भाग एक ही समय पर परिपक्व होते हैं, अतः स्वपरागण आसानी से हो जाता है।
  5. पुष्प के जनन भाग अपेक्षाकृत काफी स्पष्ट होते हैं, अतः उन पर प्रयोग तथा परीक्षण सुविधाजनक होता है।

F2 पीढ़ी का चेक्कर बोर्ड :

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फिनोटाइप और जीनोटाइप
F1 पीढ़ी के पौधों में स्वपरागण के फलस्वरूप F2 पीढ़ी में चार प्रकार के पौधे प्राप्त हुए।
(a) गोल पीले (RRYY), (b) गोल हरे (RRyy), (c) झुर्रीदार पीले (rrYY), (d) झुर्रीदार हरे (rryy) जिनका फिनोटाइप अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 तथा जीनोटाइप अनुपात 1 : 2 : 2 : 4 : 1 : 2 : 1 : 2 : 1 था। इस प्रयोग के आधार पर मेण्डल ने अपना द्वितीय नियम स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त प्रतिपादित किया।

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प्रश्न 11.
आनुवांशिक-परामर्श क्या है ? इसके तीन महत्व लिखें। 2 + 3
उत्तर :
आनुवांशिक परामर्श (Genetic Counselling) : इस शाखा में सामाजिक स्वास्थ्य संबंधी तात्कालिक एवं व्यावहारिक निवारक कमों का अध्ययन आनुवांशिक विकृतियों के संबंध में किया जाता है। संबंधित परामर्शदाता को चिकित्सकीय आनुवांशिकीविद कहा जाता है तथा वह वशानुगत दोषों, विकिरण समस्याओं (हैजार) तथा जीव वैज्ञानिक युद्ध सामग्री के कारण उत्परिवर्ती विषाणुक प्रभेदों (म्यूटेंट वायरल स्ट्रेन्स) के संबंध में कार्य करता है। कुछ नयी औषधियाँ जिनमें कैंसर निवारक दवाएँ भी शामिल हैं, उत्परिवर्तन के कारण आनुवांशिक समस्याएँ पैदा कर सकती हैं तथा ये भी परामर्शदाता के कार्यक्षेत्र में आती हैं।

महत्व :

  1. विवाह के पहले लड़का और लड़की दोनों के लिंग संलग्न बिमारी की जानकारी देना।
  2. यदि एक में भी लिंग सम्बन्धी बिमारी है तो उन्हें विवाह करने से मना कर देना।
  3. यह स्पष्ट कर देना कि आपलोग यदि विवाह करेंगे और संतान होगा तो वह रोग से ग्रसित होगा जो आप लोगों और समाज के लिए एक समस्या उत्पन्न होगी।

प्रश्न 12.
अपूर्ण या आंशिक प्रभाविता किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित चेकर बोर्ड की सहायता से अपूर्ण प्रभाविता का उल्लेख कीजिए। 2 + 3
अथवा
आंशिक प्रभावित क्या है ?उदाहरण सहित समझाइए।
अथवा
अपूर्ण प्रभाविता का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
अपूर्ण प्रभाविता (Incomplete Dominance ) : अपूर्ण प्रभाविता की खोज कार्ल कोरेन्स (Carl Correns, 1903) ने की। जब उन्होंने मिरेबिलिस जलापा (Mirabilis Jalapa – Japanese Four O’ clock plant – गुलाबाँस) के एक लाल फूलों वाले पौधे के और सफेद फूल वाले शुद्ध नस्ली पौधे से संकरण किया तो पीढ़ी के (संकर अर्थात् विषमयुग्मजी पौधों मे लाल रंग के नहीं, वरन् गुलाबी रंग के फूल खिले। फिर F2 पीढ़ी के 25 % पौधों में लाल रंग के, 50 % में गुलाबी रंग के तथा 25 % में सफेद रंग के फूल खिले।

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इस प्रकार, F2 पीढ़ी में जीनरूपों एवं दृश्यरूपों का समान अनुपात, 1 : 2 : 1, रहा। इससे सिद्ध हुआ कि इस पौधे में फूलों के लाल रंग का लक्षण सफेद रंग के लक्षण के लिए पूर्णत: प्रभावी नहीं हैं। ऐसी अपूर्ण प्रभाविता के कई अन्य दृष्टान्त अन्य वैज्ञानिकों को मिले। उदाहरणार्थ, ऐन्डैलूसियन मुर्गी (Andalusian fowls) में परों का काला रंग इसके सफेद चित्तीदार (white splashed) रंग पर प्रभावी (dominant) होता है, लेकिन F1 वर्णसंकर सदस्यों में पर नीले होते हैं। अतः काले रंग की प्रभाविता अपूर्ण होती है।

प्रश्न 13.
थैलेसीमिया बिमारी में मानव शरीर के कौन तीन अंग क्षतिग्रस्त होते हैं ? वंशानुगत बिमारियों के रोकथाम में काउन्सिलिंग की भूमिका क्या है ? 3 + 2
उत्तर :
थैलेसिमिया रोग में क्षतिग्रस्त होने वाले तीन अंगों का नाम :- (i) हदय (ii) यकृत (iii) अन्तः ख्रावी तंत्र वंशानुगत रोगों के बचाव में काउन्सिलिंग की भूमिका :-यह समाज की भलाई में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। शादी से पहले लड़का-लड़की को आंनुवाशिक सलाहकार से मिलकर यह जानकारी प्राप्त कर लेना जरूरी है कि उन्हें कोई वशानुगत रोग है या नहीं है। सलाहकार यह उन्हें बता देगा कि ये रोग यदि आप दोनो को या एक को भी है तो यह किस प्रकार से आप लोगों के संतान में स्थानान्तरित हो सकता है। इसलिए आप दोनों शादी न करके ऐसे बच्चों को न उत्पन्न करें। इस प्रकार आपलोग समाज की भलाई में योगदान कीजिए।

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प्रश्न 14.
हिमोफिलिया किसे कहते हैं? वर्णान्धता के कारण का विस्तार से उल्लेख कीजिए। 2+3
अथवा
हिमोफिलिया से क्या समझते हैं ? सामान्य मनुष्य के लड़का और लड़की का जीनोंटाइप क्या होगा, यदि वो हिमोफीलिया बाहक महिला से विवाह करता है, तो वर्णाधिता से महिला के अपेक्षा पुरुष ज्यादा प्रभावीत क्यों होता है ?
अथवा
हिमोफिलिया तथा वर्णाधिता का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
हिमोफिलिया (Haemophilia) : हिमोफिलिया लिंग गुणसूत्र से सम्बन्धित आनुवांशिक रोग है जिसमें मनुष्य में रक्त के जमने की क्षमता नहीं के बराबर होती है। इस रोग के कारण शरीर के किसी कटे भाग से रक्त प्रवाह लगातार होता रहता है। हिमोफिलिया आरम्भ में पुरुषों को प्रभावित करता है, परन्तु स्तियो द्वारा संचारित होता है। यह रक्त जमने के कारक एण्टिहिमोफिलिक ग्लोब्युलिन (Antihaemophilic globulin) की कमी के कारण होता है, जो x-क्रोमोसोम के विशिष्ट जीन से संबंधित रहता है। इसके फलस्वरूप रक्त जमने में बहुत देरी होती है। शरीर से यदि लगातार रक्त का प्रवाह होता है तो व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।

वर्णांधता (Colour blindness) : वर्णाधता x-गुणसूत्र से संबंधित रोग है। इस रोग से ग्रसित व्यक्ति लाल तथा हरे रंग की पहचान नहीं कर सकता है। इस रोग से पीड़ित व्यक्तियों की आँख के रेटिना में शंकु कोशिकाओं (Cone Cells) की संख्या कम हो जाती है। Cone Cells में वर्णक नहीं होने के कारण उन्हें रंग भेद की जानकारी नहीं हो पाती है। यह रोग वर्णाधता (Colour blindness) कहलाता है। वर्णाधता सामान्य दृष्टि के प्रत्ति अप्रभावी होता है।

पिता अपने x क्रोमोसोम को अपनी पुत्री में संचारित करती है, परन्तु पुत्र में संचारित नहीं करता है। जबकि माता x-क्रोमोसोम को पुत्र तथा पुत्री दोनों में संचारित करता है। इसके फलस्वरूप माता से उत्पन्न संताने वर्णाध होती है, जबकि पिता वर्णाध हो या न हो। यदि पिता सामान्य दृष्टि वाला है तो सभी लड़कियों को सामान्य दृष्टि होगी, चाहे माता को वर्णाधता क्यों न हो। जब सामान्य दृष्टि वाली खी का विवाह वर्णांध पुरुष के साथ होता है तो F1 पीढ़ी में सभी पुत्र सामान्य दृष्टि वाले तथा सभी पुत्रियाँ वर्णाधावक होती हैं।

प्रश्न 15.
फिनोटाइप तथा जीनोटाइप क्या हैं ? यदि एक शुद्ध गोल बीज तथा पीले बीज पत्रक युक्त मटर के पौधे के बीच संकरण कराया जाता है तो F2 पीढ़ी में पौधे का जीनोटाइप क्या होगा? इस द्विसंकर संकरण क्रिया में फिनोटाइप अनुपात क्या होगा ?
उत्तर :
फिनोटाइप (Phenotype) : किसी सजीव के दिखाई पड़ने वाले गुण को फिनोटाइप कहते हैं। जैसेलम्बा, बौना आदि।
जिनोटाइए (Genotype) : किसी सजीव के जीन की संरचना द्वारा निर्धारित लक्षणों को जीनोटाइप कहते हैं। मेण्डल ने अपने द्विसंकर संकरण क्रिया में एक शुद्ध गोल बीज तथा पीले बीजपत्रक युक्त मटर के पौधे (YYRR) तथा एक शुद्ध झुर्रीदार बीज तथा हरे बीजपत्रक युक्त मटर के पौधे (yy rr) पौधे के बीच संकरण कराया तो F, पीढ़ी में केवल गोल बीज तथा पीले बीजपत्रक युक्त मटर के पौधे (R r Y y) प्राप्त हुए। F, पीढ़ी के पौधों में स्वपरागण के फलस्वरूप F2 पीढ़ी में चार प्रकार के पौधे प्राप्त हुए।

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(a) गोल पीले (RRYY)
(b) गोल हरे (RRyy)
(c) झुर्रीदार पीले (rryy)
(d) झुर्रीदार हरे (rryy)

जिनका फिनोटाइप (Phenotype) अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 तथा जीनोटाइप अनुपात 1 : 2 : 2 : 4 : 1 : 2 : 1 : 2 1 है।

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प्रश्न 16.
द्विसंकरण से क्या समझते हो ? मेण्डल के आनुवांशिकता के दो नियों को लिखो।
उत्तर :
द्विसंकरण (Dihybrid Cross) : दो जोड़े विपरीत लक्षणों के मध्य संकरण कराकर संकर उत्पन्न करने की क्रिया को द्विसकरण कहते हैं। जैसे- लम्बे तथा लाल फूल वाले पौधे तथा बौने और सफेद फूल वाले पौधों के बीच होने वाला संकरण।
मेण्डल का आनुवांशिकता का नियम :-
प्रथम नियम :- पृथक्करण का नियम (Law of segregation) : जब किसी क्रॉस में एक जोड़े विकल्पी लक्षण भाग लेते हैं तब ये विकल्पी लक्षण आपस में नहीं मिलते हैं, बल्कि अगली पीढ़ी में ये एक दूसरे से अलग हो जाते हैं।
दूसरा नियम :- स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त (Law of independent assortment) : जब किसी क्रॉस में दो लक्षणों के विरोधी कारक भाग लेते हैं तो वियोजन के समय दोनो जोड़े एक दूसरे से पूर्ण स्वतंत्र होते हैं।

प्रश्न 17.
संकर क्या है ? यदि एक संकर काले बाल वाले गिनीपिग तथा सफेद बाल वाले गिनीपिग के बीच संकरण कराया जाता है तो पहली पीढ़ी (F1 Generation) में गिनीपिग का फिनोटाइप एवं जीनोटाइप क्या होगा- कारण सहित व्याख्या करो ?
अथवा
गिनीपिग में एक संकर संकरण का वर्णन परिणाम सहित कीजिए।
अथवा
यदि एक संकर काले बाल वाले गिनीपिग तथा सफेद बाल वाले गिनीपिग के बीच संकरण कराया जाता है तो पहली पीढ़ी (F1 Generation) में गिनीपिग का फिनोटाइप एवं जीनोटाइप क्या होगा ? चेकर बोर्ड की सहायता से लिखें।
उत्तर :
संकर (Hybrid) : एक लक्षण के दो विपरीत कारको वाले जनकों के क्रॉस से उत्पन्न होने वाली संतान को संकर (Hybrid) कहते हैं। एक संकरण क्रिया को स्पष्ट करने के लिए मेण्डल ने काले बाल वाला नर तथा सफेद् बाल वाली मादा गिनीपिग का चुनाव किया। अब अगर काले तथा सफेद बालों वाले इन दोनों जीवों को क्रॉस कराया जाय, तो इसके द्वारा बनने वाले गैमिट ही संयोग करेंगे। इस तरह दोनों नर तथा मादा जीवों के गैमिट के मिलने से प्रथम पीढ़ी ( F1 generation) में उत्पन्न सभी जीव काले रंग के होंगे।

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इसका कारण यह है कि काला रंग प्रभावी होने के कारण सफेद रंग को छिपा लेता है। काला रंग ही प्रभावी लक्षण होता है।

F2 पीढ़ी का चेकर बोर्ड :
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प्रश्न 18.
गीनिपिग के क्षेत्र में द्विगुण संकरण तथा मेण्डल का दूसरा नियम को कॉस चेकर बोर्ड की सहायता से लिखें। F2 पीढ़ी में फिनोटाइप और जीनोटाइप का अनुपात क्या होगा ?
उत्तर :
द्विसंकर संकरण (Dihybrid cross) : द्विसंकर संकरण (Dihybrid cross) में गिनीपिग के दो जोड़े विरोधी लक्षणों (constrasting characters) को ध्यान में रखा जाता है। इसके लिए एक काले रंग और झबरे बालों वाले नर (PPRR) तथा एक सफेद रंग और चिकने बालों वाली मादा (pprr) गिनीपिग का चुनाव किया जाता है और उनके बीच संकरण (cross) कराया जाता है। इन विरोधी लक्षणों में से काला रंग, सफेद रंग पर और झबरापन, चिकनेपन पर प्रभावी (dominant) होता है। इनके संकरण (cross) से पहली पीढ़ी (F1) में सभी काले और झबरे रंग के गिनीपिग उत्पन्न होते हैं, जबकि उनके अन्दर सफेद और चिकनेपन के जीन भी मौजूद रहते हैं। किन्तु अप्रभावी (recessive) होने के कारण ये लक्षण प्रकट नहीं हो पाते हैं। पहली पीढ़ी (F1) में उत्पन्न गिनीपिग को आपस में संकरण (cross) कराने से दूसरी पीढ़ी (F2) में 16 प्रकार के भिन्न-भिन्न गिनीपिग उत्पन्न होते हैं। इनमें काले झबरे और काले चिकने, सफेद झबरे और सफेद चिकने गिनीपिग का अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 रहता है।

इससे यह स्पष्ट होता है कि आनुवांशिक लक्षणों के जीन परस्पर स्वतंत्र होते हैं और स्वतंत्र रूप से बिना किसी निध्चित क्रम के दूसरे जीन से संयोग कर सकते हैं। यहाँ भी मेण्डल के नियम लागू होते हैं।
F2 पीढ़ी का चेक्कर बोर्ड :

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F2 पीढ़ी में फिनोटाइ़प और जिनोटाइप का अनुपात :

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फिनोटाइप अनुपात 9: 3: 3: 1 तथा जीनोटाइप अनुपात 1 : 2 : 2 : 4 : 1 : 2 : 1 : 2 : 1 होगा।

प्रश्न 19.
मेण्डल के एक संकरण क्रिया में प्राप्त फिनोटाइप तथा जीनोटाइप अनुपात की व्याख्या करो। मेण्डल के नियोजन के सिद्धान्त का उल्लेख करो।
उत्तर :
मेण्डल ने अपने प्रयोग के लिए एक शुद्ध लम्बा (TT) तथा एक शुद्ध बौना (tt) पौधों में परपरागण कराकर उनके बीजों को बोया। F1 पीढ़ी में मेण्डल ने सभी पौधों को लम्बा पाया परन्तु वे संकर लम्बे थे और उनका जीनोटाइप (T t) था। इससे मेण्डल इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि विकल्पी लक्षणों के एक जोड़े में एक लक्षण प्रभावी तथा दूसरा लक्षण अप्रभावी होता है। प्रभावी लक्षण अप्रभावी लक्षण को द्बा देता है। फलत: आप्रभावी लक्षण बौनापन प्रकट नहीं हो पाता है।

इसके बाद मेण्डल ने F1 पीढ़ी के दो पौधों के बीच संकरण कराया तो मेण्डल ने पाया कि F2 पीढ़ी में लम्बे तथा बौने पौधे क्रमशः 3 : 1 के अनुपात में थे। इसमें 25 % शुद्ध लम्बे (TT), 50 % संकर लम्बे (Tt) तथा 25 % शुद्ध बौने (tt) थे। यहाँ इसका फिनोटाइप अनुपात 3: 1 तथा जीनोटाइप अनुपात 1 : 2 : 1 था। इससे मेण्डल ने नियोजन का नियम निकाला। इसके अनुसार जब किसी क्रॉस में एक जोड़े विकल्पी लक्षण भाग लेते हैं तब ये विकल्पी लक्षण आपस में नहीं मिलते हैं। बल्कि ये दोनों अगली पीढ़ी में एक दूसरे से अलग हो जाते हैं।

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प्रश्न 20.
मेण्डल का दूसरा नियम लिखिए। एक संकरण क्रिया का प्रयोग एक शुद्ध लम्बे (TT) तथा एक शुद्ध बौने (tt) मटर के पौधे के बीच कराने के पश्रात् पहली पीढ़ी (F1) में क्यों केवल लम्बे मटर पौधे उत्पत्र होते हैं ? समझाइये। उसी संकरण में दूसरी पीढ़ी (F2) का जीनोटाइप अनुपात क्या है ?
उत्तर :
मेण्डल का दूसरा नियम : मेण्डल का दूसरा नियम स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त (Law of independant assortment) कहलाता है। जब किसी संकरण में दो लक्षणों के विपरीत कारक भाग लेते हैं तो एक लक्षण का पृथक्करण दूसरे लक्षण के पृथक्करण से स्वतंत्र होता है।

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मेण्डल ने एक संकरण क्रिया में एक शुद्ध लम्बा (TT) तथा एक शुद्ध बौना (tt) पौधे के बीच क्रॉस कराया। इस क्रॉस के फलस्वरूप समान लम्बे पौधे उत्पन्न हुए। इस प्रकार प्रथम पीढ़ी (F1) में उत्पन्न सभी संकर पौधों में लम्बे तथा बौने का लक्षण उपस्थित था परन्तु लम्बे कारक द्वारा बौने कारक अर्थात् बौनेपन का गुण प्रकट नहीं हो पाता। अतः लम्बे लक्षण को प्रभावी लक्षण तथा बौने लक्षण को अप्रभावी लक्षण कहा जाता है।
दूसरी पीढ़ी का जीनोटाइप अनुपात (TT : Tt : tt) अर्थात् 1: 2: 1 है।

प्रश्न 21.
मेणडल की सफलता के पीछे क्या कारण है ?
अथवा
मेन्डल की सफलता के प्रमुख कारण क्या थे?
उत्तर :
मेण्डल की सफलता के कारण निम्नलिखित हैं –
1. मेण्डल ने विभिन्न लक्षणों के कारकों को लेकर अपना प्रयोग दोहराया तथा प्रत्येक प्रयोग में समान परिणाम प्राप्त हुआ।
2. मटर के पौधों में प्रजनन की प्रचूर क्षमता के कारण मेण्डल ने F1, F2 पीढ़ी तक अपने प्रयोग को सफलतापूर्वक संचालित कर निरीक्षण द्वारा गणितीय निष्कर्ष प्राप्त करते रहे।
3. अपने प्रयोग के लिए मटर के पौधों को ही आधार मानकर प्रयोग करते रहे।
4. विभिन्न प्रयोगों से प्राप्त सांख्कीय आँकड़ों के आधार पर निष्कर्ष की परिकल्पना कर अपने सिद्धान्तों को प्रतिपादित किया।

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प्रश्न 22.
आनुवांशिकता से क्या समझते हो ? उदाहरण सहित बताओ। मेण्डल के एक संकरण क्रिया की सहायता से फिनोटाइप तथा जीनोटाइप की व्याख्या करो।
उत्तर :
आनुवांशिकता (Heredity) : सजीवों का वह गुण जिसके कारण उसकी उत्पन्न संतानें अपने माता-पिता के समान होती है उसे आनुवांशिकता कहते हैं। जैसे किसी घोड़े से उत्पन्न बच्चा घोड़े की तरह ही होता है। गदहे का बच्चा गदहे की तरह ही होता है। आम के बीज से उत्पन्न पौधा आम की तरह ही होता है।

फिनोटाइप (Phenotype) : जीन्स की रचना सम्बन्धी संरचना (Genetic constitution) भिन्न होते हुए भी जीवों की बाह्य आकृति एवं गुण समान होने पर इसे समलक्षणी या फिनोटाइप कहते हैं। जैसे- एक संकरण क्रिया में जब लाल तथा सफेद फूलों के बीच क्रॉस कराया जाता है तो F1 पीढ़ी में सारे फूल लाल रंग वाले ही होते हैं, जबकि लाल फूलों में सफेद फूलों के genes भी होते हैं।

जीनोटाइप (Genotype) : समान genes संरचना वाले जीवों को समजीवी या जीनोटाइप कहते हैं। ऐसे जीव शुद्ध नस्ल (pure breed) वाले कहलाते हैं।

जैसे – एक संकरण क्रिया में जब लाल तथा सफेद फूलों के बीच क्रॉस कराया जाता है तो F1 पीढ़ी के सारे फूल लाल रंग के होते हैं। पुन: उनमें जब स्वपरागण (Self Pollination) कराकर नये पौधे F2 पीढ़ी में उत्पन्न किये जाते हैं तो तीन पौधे लाल फूल वाले तथा एक पौधा सफेद फूल वाला होता है। अर्थात् फिनोटाइप इसका अनुपात 3: 1 होता है परन्तु gene की समानता के आधार पर यह अनुपात 1 : 2 : 1 का होता है। अर्थात् genotype ratio 1: 2: 1 होता है।

प्रश्न 23.
आनुवांशिक रोग क्या है? आनुवांशिक रोगों के कारण क्या हैं ?
उत्तर :
आनुवांशिक रोग (Genetic disease) : वह रोग जिसका स्थानान्तरण पीढ़ी-दर-पीढ़ी जनकों से उनकी संतानों में संचारित होता रहता है, उसे आनुवांशिक रोग कहा जाता है। बच्चों में यह अवस्था या इसके लक्षण जन्म के समय से ही उपस्थित रहते हैं।
आनुवांशिक रोग के कारण : जीवों में संतान की उत्पत्ति नर के शुक्राणु तथा स्त्रियों के अण्डकोशिका के संयोग से होती है। शुक्राणु तथा अण्डकोशिका दोनों में केन्द्रक सूत्र रहते हैं। इन केन्द्रक सूत्र में उपस्थित जीन के स्वभाव के आधार पर संतान के मानसिक तथा शारीरिक गुण तथा दोष निश्धित होते हैं। जीन में से एक या कुछ के दोषयुक्त होने के कारण संतानों में भी दोष होता है। कुछ दोषों में से कोई रोग नहीं होता है, केवल संतान का शारीरिक गठन इस प्रकार का होता है कि उसमें विशेष प्रकार के रोग जल्द ही पैदा हो जाते हैं।

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प्रश्न 24.
मेण्डल के एक संकरण क्रिया की व्याख्या उदाहरण सहित करो।
अथवा
मेन्डल के एक संकरण प्रयोग का अति संक्षिप्त वर्णन करें।
अथवा
मटर के पौधे में एक संकर संकरण चेकर बोर्ड की सहायता से परिणाम सहित समझाइए।
अथवा
मेंडल के एक संकर संकरण का एक उदाहरण दो तथा चेकर बोर्ड की सहायता से दिखाओ।
उत्तर :
मेण्डल ने एक संकरण क्रिया के लिए मटर के एक बैंगनी फूल वाला तथा एक सफेद फूल वाला पौधे का चुनाव किया। अब उन्होंने बारी-बारी से दोनों पौधों के बीच कृत्रिम रूप से क्रॉस कराया। सर्वप्रथम उन्होंने बैंगनी फूल वाले पौधे के परागकण को सफेद फूल वाले stigma के ऊपर एवं सफेद फूल वाले पौधे के परागकण को बैंगनी फूल वाले पौधे के stigma पर छिड़ककर उसे रूई से ढक दिया। इन दोनों पौधों के बीजों को इकट्ठा करके जब उगाया गया तो पाया कि सारे के सारे पौधे के फूल बैंगनी रंग के हुए। इनको उन्होंने प्रथम पीढ़ी (F1 पीढ़ी) कहा तथा इनमें आपस में ही क्रॉस कराया।

अब इन F1 पीढ़ी से प्राप्त बीजों को पुन: उगाया तो पाया कि सारे के सारे उत्पन्न चौथाई पौधों के फूल बैंगनी रंग वाले तथा एक चौथाई पौधों के फूल सफेद रंग वाले हुए। इस generation को मेण्डल ने F2 generation कहा। अब जब F2 generation से प्राप्त बीजों को उगाया तो इन्होंने पाया कि 3 / 4 बैंगनी फूलों वाले पौधों में से 1 / 3 शुद्ध बैंगनी तथा 2 / 3 संकर बैंगनी फूलों वाले पौधे हुए तथा 1 / 4 शुद्ध सफेद रहा। मेण्डल ने 3 / 4 बैंगनी तथा 1 / 4 सफेद वाले अनुपात को फिनोटाइप तथा जीन की रचना के आधार से लिये गये अनुपात को जीनोटाइप कहा। अर्थात् phenotype ratio 3: 1 तथा genotype ratio 1: 2: 1 रहा।
इसको checker board या punnet square के रूप में भी लिखा जा सकता है।

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प्रश्न 25.
थैलासिमिया क्या है ? थैलासिमिया के बचाव में आनुवांशिक काउन्सिलिंग की भूमिका क्या है ?
उत्तर :
थैलासीमिया : थैलासीमिया बच्चों को माता-पिता से आनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रोग है। इस रोग में शरीर में बनने वाला हीमोग्लोबिन निर्माण की क्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता के लक्षण प्रकट होते हैं। इस रोग से पीड़ित बच्चों के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है, जिसके कारण बच्चों के शरीर में बाहर से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता हो जाती है।

आनुवांशिक काउन्सिलिंग (Genetic Counselling) : सामाजिक स्वास्थ्य समाधान संबंधी वह क्षेत्र जो आनुवांशिक समस्याओं पर सलाह देकर माता-पिता तथा उनकी संतानों को आनुवांशिक अनियमितताओं जैसे- थैलासिमिया, हिमोफीलिया, वर्णांधता इत्यादि रोगों से मुक्त होने में सहायता करता है, उसे आनुवांशिक काउन्सिलिंग (Genetic Counselling) कहते हैं।

आनुवांशिक काउन्सिलिंग में जैव रासायनिक सांख्किय, भौतिकीय आदि विभिन्न प्रकार के तकनीकों का प्रयोग करके वास्तविक रोगों का पता लगाया जाता है। इसका यह काउन्सिलिंग समाज की भलाई में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। विवाह पूर्व वर-वधू को आनुवांशिक काउन्सिलिंग करवाना चाहिए ताकि थैलासिमिया तथा अन्य आनुवांशिक रोगों की पहचान कर उचित सलाह लेना चाहिए। इससे विभिन्न प्रकार के आनुवांशिक रोगों का संचारण उनके संतानों में होने से बचा जा सकता है। थैलासिमिया से पीड़ित परिवार को शादी से बचना चाहिए अथवा आनुवांशिक काउन्सिलिंग से उचित सलाह लेना चाहिए।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

Well structured WBBSE 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग can serve as a valuable review tool before exams.

आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग Class 10 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
F2 पीढ़ी में मेंडल के एक संकर संकरण का निम्न में से कौन सा जिनोटाइप अनुपात है –
(क) 1: 2: 1
(ख) 3: 1
(ग) 9: 3: 3: 1
(घ) 2: 1: 2
उत्तर :
(क) 1: 2: 1

प्रश्न 2.
अपूर्ण प्रभाविता के एक संकर संकरण के F2 पीढ़ी में फिनोटाइप अनुपात क्या होगा ?
(क) 3: 1
(ख) 2: 1: 1
(ग) 9: 3: 3: 1
(घ) 1: 2: 1
उत्तर :
(घ) 1: 2: 1

प्रश्न 3.
निम्न में से कौन सा मनुष्य के कायिक गुणसूत्र द्वारा नियंत्रित नहीं होता है –
(क) रोलर जीभ
(ख) हेमोफिलिया
(ग) थैलासिमिया
(घ) जुड़ी हुई कान की लोलकी
उत्तर :
(ख) हेमोफिलिया

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प्रश्न 4.
मटर के पौधे में निम्नलिखित विशेषताओं में कौन अप्रभावी लक्षण हैं ?
(क) झुरींदार बीज
(ख) पीले रंग का बीज
(ग) बैंगनी रंग का फूल
(घ) कक्षस्थ पुष्प
उत्तर :
(क) झुर्रीदार बीज

प्रश्न 5.
YyRr जीनोटाइप युक्त मटर पौधे से कितने प्रकार के गैमेट बनते हैं ?
(क) 1
(ख) 4
(ग) 2
(घ) 3
उत्तर :
(ख) 4

प्रश्न 6.
हीमोफीलिया वाहक माता एवं सामान्य पिता की कन्या सन्तान में हीमोफीलिया होने की सम्भावना है –
(ख) 50 %
(ग) 100 %
(क) 75 %
(घ) 0 %
उत्तर :
(घ) 0 %

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने संतान उत्पत्न करने का प्रयोग कर वंशानुगति सिद्धांत का आविष्कार किया ?
(क) जीन बैपटिस्ट डे लैमार्क
(ख) ग्रेगर जॉन मेंडल
(ग) चार्ल्स डार्विन
(घ) स्टेलने मिलर
उत्तर :
(ख) ग्रेगर जॉन मेंडल।

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प्रश्न 8.
एक युगल जो दोनों थैलोसिमिया के वाहक हैं, से जन्म लेनेवाला एक नवजात में थैलेसिमिया की संभावना क्या हो सकती है ?
(क) 100 %
(ख) 25 %
(ग) 75 %
(घ) 50 %
उत्तर :
(ख) 25 %

प्रश्न 9.
मेंडल द्वारा एक संकर संकरण का फीनोटाइप अनुपात है –
(क) 1: 3
(ख) 1: 2: 1
(ग) 2: 1: 1
(घ) 3: 1
उत्तर :
(घ) 3: 1

प्रश्न 10.
मेण्डल के द्विसंकर क्रास के F2 पीढ़ी के लक्षण प्रारूपी अनुपात है अथवा, द्विसंकर संकरण का फीनोटाइप अनुपात है
(क) 3: 2: 1
(ख) 9: 3: 3: 1
(ग) 1: 2: 1
(घ) 3: 2: 3: 1
उत्तर :
(ख) 9: 3: 3: 1

प्रश्न 11.
यदि एक संकर लम्बा और शुद्ध बौने मटर के पौधे में संकरण कराया जाता है, तो F2 पीढ़ी में लम्बे संतति का प्रतिशत होगा –
(क) 25 %
(ख) 50 %
(ग) 75 %
(घ) 100 %
उत्तर :
(ख) 50 %

प्रश्न 12.
आनुवांशिकता के जनक हैं –
(क) मेंडल
(ख) चार्ल्स
(ग) लैमार्क
(घ) बैटसन
उत्तर :
(क) मेंडल

प्रश्न 13.
मटर के पौथा का अप्रभावी गुण ……… होता है –
(क) पीला रंग का बीज
(ख) हरा रंग की फली
(ग) कक्षस्थ फूल
(घ) इनमें से कोई भी नहीं
उत्तर :
(घ) इनमें से कोई भी नहीं

प्रश्न 14.
मेण्डल का दूसरा नियम है –
(क) स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त (Law of independant assortment)
(ख) प्रभावी नियम (Law of dominance)
(ग) विनियोजन का सिद्धान्त (Law of segregation)
उत्तर :
(क) स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त (Law of independant assortment)

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

प्रश्न 15.
आनुवांशिकता के अध्ययन को कहते हैं –
(क) क्रम विकास (Evolution)
(ख) परिस्थितिकी (Ecology)
(ग) आनुवांशिकता (Heredity)
(घ) आनुवंशिक (genetics)
उत्तर :
(घ) आनुवंशिक (genetics)

प्रश्न 16.
आनुवंशिकता के लक्षण का वाहक है –
(क) सेन्ट्रोसोम (Centrosome)
(ख) सेन्ट्रिऑल (Centriole)
(ग) जीन (Gene)
(घ) लाइसोसोम (Lysosome)
उत्तर :
(ग) जीन (Gene)

प्रश्न 17.
म्बूटेशन के जनक कौन हैं ?
(क) लेमार्क (Lamark)
(ख) डार्विन (Darwin)
(ग) मेग्डल (Mendel)
उत्तर :
(घ) ह्यूगोडेवरिस (Hugodevries)

प्रश्न 18.
आनुवांशिकी शब्द का प्रथम प्रयोग किया था –
(क) बेटसन ने
(ख) मेंडल ने
(ग) दोनों ने
(घ) किसी ने नहीं
उत्तर :
(क) बेटसन ने

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

प्रश्न 19.
आनुवांशिक लक्ष्षणों का स्थानान्तरण होता है।
(क) राइबोसोम द्वारा
(ख) सेन्द्रोसोम द्वारा
(ग) क्रोमोसोम द्वारा
(घ) कांण्ड्रियोसोम द्वारा
उत्तर :
(ग) क्रोमोसोम द्वारा

प्रश्न 20.
कायिक विभिन्नता होती है –
(क) आनुवंशिक
(ख) उपार्जित
(ग) आनुवांशिक एवं उपार्जित
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) उपार्जित

प्रश्न 21.
किसके द्वारा आनुवांशिकता के नियम की खोज किया गया ?
(क) अरस्तु (Aristole)
(ख) डार्विन (Darwin)
(ग) मेण्डल (Mendel)
(घ) खुराना (Khurana)
उत्तर :
(ग) मेण्डल (Mendel)

प्रश्न 22.
प्रभावी लक्षण है –
(क) लम्बापन (Taliness)
(ख) बौनापन (Dwarfiness)
(ग) कालापन (Blackness)
(घ) कोई भी नहीं (None of these)
उत्तर :
(क) लम्बापन (Tallness)

प्रश्न 23.
अप्रभावी लक्षण है –
(क) बौनापन (Dwarfiness)
(ख) लम्बापन (Taliness)
(ग) कालापन (Blackness)
(घ) कोई भी नहीं (None of these)
उत्तर :
(क) बौनापन (Dwarfiness)

प्रश्न 24.
किस लक्षण के लिए बड़े अक्षर का प्रयोग किया जाता है –
(क) अप्रभावी (Recessive)
(ख) प्रभावी (Dominant)
(ग) महत्वपूर्ण (important)
(घ) इनमें से कोई नहीं (None of these)
उत्तर :
(ख) प्रभावी (Dominant)

प्रश्न 25.
F1 पीढ़ी में प्रकट होने वाला लक्षण है –
(क) वास्तविक
(ख) महत्वपूर्ण
(ग) अपभावी
(घ) प्रभावी
उत्तर :
(घ) प्रभावी

प्रश्न 26.
माता-पिता के उन गुणों का अध्यबन जो संतानों को उनके सदृश बनाता है –
(क) आनुवरिकता
(ख) पजनन
(ग) आनुवंशिकी विज्ञान
(घ) जीन्स
उत्तर :
(क) आनुवशिकता

प्रश्न 27.
मटर के संकर लम्बे पौधे (Tt) तथा शुद्ध छोटे पौधे (tt) के क्रॉस पर संकरण से उत्पन्न मटर का पौधा होगा –
(क) सभी लम्बे (All tall)
(ख) सभी बौने (All dwarf)
(ग) 50% लम्बे 50% होटे (50% tall 50% dwarf)
(घ) 75% लम्बे 25% छोटे (75% tall 25% dwarf)
उत्तर :
(ग) 50% लम्बे 50% छोटे ( 50% tall 50% dwarf)

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प्रश्न 28.
मेणडल ने अपना प्रयोग प्रारम्भ किया था, इस पर –
(क) गेहूँ (Wheat)
(ख) चावल (Rice)
(ग) बगीचे का मटर (Garden Pea)
(घ) चना (Gram)
उत्तर :
(ग) बगीचे का मटर (Garden Pea)

प्रश्न 29.
F2 पीढ़ी में प्रदर्शित लक्षण होता है-
(क) 1: 2
(ख) 3: 1
(ग) 9: 3: 1
(घ) 1: 2: 1
उत्तर :
(ख) 3: 1

प्रश्न 30.
अनुवंशिकता के लक्षण का कारक है-
(क) सेन्ट्रिओंल
(ख) सेन्ट्रोसोंम
(ग) लाइसोसोम
(घ) जीन
उत्तर :
(घ) जीन

प्रश्न 31.
आनुवांशिकता का नियम मेण्डल ने किस वर्ष प्रकाशित किया ?
(क) 1850 में
(ख) 1866 में
(ग) 1900 में
(घ) 1810 में
उत्तर :
(ख) 1866 में

प्रश्न 32.
ग्रेगर जॉन मेण्डल की मृत्यु किस वर्ष में हुई ?
(क) 1884
(ख) 1905
(ग) 1907
(घ) 1902
उत्तर :
(क) 1884

प्रश्न 33.
मेणडल के नियम हैं-
(क) एक (One)
(ख) दो (Two)
(ग) तौन (Three)
(घ) चार (Four)
उत्तर :
(ख) दो (Two)

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प्रश्न 34.
मेण्डल का संकरण पूर्ण रूप से आधारित है –
(क) चूहा (Mouse)
(ख) चाय एवं कॉफी (Tea and Coffee)
(ग) मटर एवं बिल्ली (Pea and Cat)
(घ) केवल मटर पौधा पर (Only on pea plant)
उत्तर :
(घ) केवल मटर पौधा पर (Only on pea plant)

प्रश्न 35.
पीले-गोल बीज वाले संकर मटर के पौधे का जीनोटाइप होगा –
(क) YYRR
(ख) yyRR
(ग) Yyrr
(घ) YyRr
उत्तर :
(घ) YyRr

प्रश्न 36.
निम्नलिखित में से कौन मटर के पौधों में प्रभावी लक्षण हैं ?
(क) बौना पौधा
(ख) पीला फली
(ग) शूर्रीदार बीज
(घ) फूली फली
उत्तर :
(घ) फूली फली।

प्रश्न 37.
अपने प्रयोग के लिए मेंडल ने कितने जोड़े लक्षणों को चुना –
(क) 2 जोड़े
(ख) 7 जोड़े
(ग) 5 जोड़े
(घ) 4 जोड़े
उत्तर :
(ख) 7 जोड़े।

प्रश्न 38.
निम्नलिखित में से कौन जीनोटाइए गोल आकृति पीला बीज वाले मटर के पौधे में पायी जाती है ?
(क) RR gg
(ख) RWYg
(ग) RRYY
(घ) RRYg
उत्तर :
(ग) RRYY

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प्रश्न 39.
झूरीदार पीला बीज वाले मटर के पौधे की प्रकृति है –
(क) RRYY
(ख) RRYy
(ग) rryy
(घ) rryy
उत्तर :
(ग) rrYy

प्रश्न 40.
मेन्डल को ज्ञान था –
(क) कोशिका विज्ञान का
(ख) वनस्पति विज्ञान का
(ग) गणित का
(घ) उपरोक्त सभी का
उत्तर :
(ग) गणित का

प्रश्न 41.
द्विसंकर संकरण से प्राप्त मेण्डल का नियम कहलाता है –
(क) स्वतंत्र विन्यास
(ख) प्रभविता और अभाविता
(ग) वियोजन का सिद्धान्त
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर :
(क) स्वतंत्र विन्यास

प्रश्न 42.
RRYY, RRYy, RrYy एवं RrYY निम्नलिखित में किसके फीनोटाइप को निर्धारित करते हैं ?
(क) गोल आकृति हरा बीज
(ख) झूर्रीदार पीला
(ग) झूर्रीदार हरा
(घ) गोल पीला
उत्तर :
(घ) गोल पीला।

प्रश्न 43.
मेण्डल के एक संकर संकरण के पीढ़ी द्वितीय पुत्रीय पीढ़ी में उत्पन्न पौधों का प्रकार है –
(क) एक प्रकार
(ख) दो प्रकार
(ग) घार प्रकार
(घ) तीन प्रकार
उत्तर :
(घ) तीन प्रकार।

प्रश्न 44.
मेंडल एक मठ के पादरी थे-
(क) आस्ट्रेलिया के
(ख) इंग्लैण्ड के
(ग) फ्रांस के
(घ) आस्ट्रिया के
उत्तर :
(घ) आस्ट्रिया के

प्रश्न 45.
दो संकर लम्बे पौधों (Tt) के बीच संकरण कराने पर पहली पीढ़ी left (F1) में कितने प्रकार के पौधों की प्राप्ति होती है।
(क) एक प्रकार
(ख) दो प्रकार
(ग) तीन प्रकार
(घ) चार प्रकार
उत्तर :
(ग) तीन प्रकार

प्रश्न 46.
मेंडल के मटर के पौधे पर किये गये प्रसिद्ध प्रयोग की व्याख्या में शुद्ध रूप से लम्बे P को प्रदर्शित किया गया –
(क) pi द्वारा
(ख) Tt द्वारा
(ग) tt द्वारा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) T द्वारा

प्रश्न 47.
यदि एक शुद्ध लम्बे पौधे का संकरण नाटे पौधे से हो, तो F1 पीढ़ी में सभी पौधे –
(क) शुद्ध लम्बे होंगे
(ख) शुद्ध नाटे होंगे
(ग) संकर लम्बे होंगे
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) संकर लम्बे होंगो

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प्रश्न 48.
लाल एवं सफेद फूलों के मध्य संकरण की क्रिया होने पर –
(क) लाल रंग प्रभावी होता है
(ख) लाल रंग आभभावी होता है
(ग) सफेद रंग प्रभावी होता है
(घ) सफेद रंग अनुपस्थित रहते हैं
उत्तर :
(क) लाल रंग प्रभावी होता है

प्रश्न 49.
यदि दो संकर लम्बे पौधों में संकरण किया जाता है तो संकर लम्बे मटर पौथे F1 पीढ़ी में रहेंगे-
(क) 25%
(ख) 50%
(ग) 75%
(घ) 100%
उत्तर :
(ख) 50%

प्रश्न 50.
Tt एवं tt के मध्य क्रॉस को कहा जाता है –
(क) एक संकरण (Monohybrid)
(ख) द्विसंकरण (Dihybrid)
(ग) संकरण (Hybrid)
(घ) कोई नहीं (None)
उत्तर :
(क) एक संकरण (Monohybrid)

प्रश्न 51.
मटर के पौधे में निम्नलिखित विशेषताओं में से कौन अप्रभावी लक्षण नहीं है-
(क) झुर्दोदार बीज
(ख) हरे रंग का बीजपत्र
(ग) बैंगनी रंग का पुष्प
(घ) संकुचित बीजफली
उत्तर :
(घ) संकुचित बीजफली

प्रश्न 52.
Bbrr जिनोटाइप युक्त गिनीपीग में कितने प्रकार के युग्मक बन सकते हैं।
(क) 2
(ख) 1
(ग) 4
(घ) 3
उत्तर :
(क) 2

प्रश्न 53.
RrYy जीनोटाइप रखने वाले पौथे से कितने युग्मक प्राप्त होंगे –
(क) 2
(ख) 4
(ग) 8
(घ) 16
उत्तर :
(ख) 4

प्रश्न 54.
मनुष्य में हेटरोगौमिटिक लिंग दर्शाया जाता है –
(क) XX
(ख) X Y
(ग) YY
(घ) XO
उत्तर :
(ख) X Y

प्रश्न 55.
मनुष्य के युग्मक में ऑटोसोम की संख्या होती है –
(क) 22
(ख) 23
(ग) 44
(घ) 46
उत्तर :
(क) 22

प्रश्न 56.
शुद्ध काला गिनीपिग का जीनोटाइप है –
(क) Bb
(ख) bb
(ग) BB
(घ) कोई नहीं
उत्तर :
(ग) BB

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प्रश्न 57.
मनुष्य में लिंग-क्रोमोसोम है –
(क) X X – X X
(ख) XX – XO
(ग) XX – XY
(घ) XX – YO
उत्तर :
(ग) X X-X Y

प्रश्न 58.
क्रोमोसोम पर जीन की स्थिति को कहते हैं –
(क) कारक
(ख) लोकस
(ग) ट्रेट
(घ) अलील
उत्तर :
(ख) लोकस।

प्रश्न 59.
निम्नलिखित में से कौन युग्मक पिता अपने पुत्र को देते हैं ?
(क) 22 A+ X
(ख) 44 A+X
(ग) 22 A+XX
(घ) 22 A+Y
उत्तर :
(d) 22 A+Y

प्रश्न 60.
लिंग निर्धारित विशेषता है –
(क) घूमता हुआ जीभ
(ख) गंजा सिर
(ग) वर्णाधिता
(घ) जुड़ा हुआ कर्ण प्रकोष्ठ
उत्तर :
(ग) वर्णाधता।

प्रश्न 61.
bbRR जीनोटाइप वाले गिनीपिग का फीनोटाइप है –
(क) काला रूखड़ा बाल
(ख) सफेद चिकना बाल
(ग) काला चिकना बाल
(घ) सफेद रूखड़ा बाल
उत्तर :
(घ) सफेद रूखड़ा बाल।

प्रश्न 62.
इनमें से किस फूल में आंशिक प्रभाविता देखी जाती है ?
(क) गुलाब
(ख) संध्यामालती
(ग) जूही
(घ) कमल
उत्तर :
(ख) संध्यामालती।

प्रश्न 63.
आंशिक प्रभावी में एक संकर संकरण का फिनोटाइप अनुपात है –
(क) 3: 1
(ख) 1: 2: 1
(ग) 2: 1
(घ) 9: 3: 3: 1
उत्तर :
(ख) 1: 2: 1

प्रश्न 64.
आंशिक प्रभाविता का उदाहरण है –
(क) सैप ड्रैगन
(ख) गुलाब
(ग) सूर्यमुखी
(घ) जैस्मिन
उत्तर :
(क) स्नैप ड्रेगन।

प्रश्न 65.
मनुष्य में लिंग निर्धारण के लिए जिम्मेवार होता है-
(क) पुरुष अर्थांत् पिता का गुणसूत्र
(ख) स्री अर्थात् माता का गुणसूत्र
(ग) माता-पिता दोनों के गुणसूत्र
(घ) ऐसा कुछ नहीं होता है
उत्तर :
(ग) माता-पिता दोनों के गुणसूत्र

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प्रश्न 66.
नर तथा मादा दोनों प्रकार के प्रजनन अंग वाला फूल है।
(क) एकलिंग
(ख) पिस्टीलेट
(ग) स्टेमिनेट
(घ) उभयलिंगी
उत्तर :
(घ) उभयलिंगी

प्रश्न 67.
निम्मलिखित में से कौन सा एक साधारण मनुष्य के लिए उपयुक्त है ?
(क) 44 A+XX
(ख) 44 A+XY
(ग) 44 A+XXY
(घ) 44 A+XYY
उत्तर :
(ख) 44 A+XY

प्रश्न 68.
जीव की जीनी संरचना है –
(क) जोनोटाइप
(ख) अपभावी लक्षण
(ग) म्रभावी लक्षण
(घ) जीनो टाइप
उत्तर :
(क) जीनोटाइप

प्रश्न 69.
इनमें से कौन सभी जीवों में वंशानुगत गुणों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संचरित करते हैं –
(क) लैंगिक-गुणसूत्र
(ख) ऑटोसोम
(ग) जीन
(घ) केन्द्रक
उत्तर :
(क) लैगिक-गुणसूत्र

प्रश्न 70.
विपरीत लक्षणों के जोड़े हैं –
(क) जीन प्ररूप
(ख) लक्षण प्ररूप
(ग) द्विसंकर
(घ) युग्म विकल्पी
उत्तर :
(घ) युग्म विकल्पी

प्रश्न 71.
मानव में लिंग का निर्धारण होता है –
(क) पिता की प्रबलता द्वारा
(ख) माँ के पोषण द्वारा
(ग) भ्रण के वशिष्ट पोषण द्वारा
(घ) लैंगिक गुणसूत्र के विशिष्ट संयोग द्वारा
उत्तर :
(d) लैंगिक गुणसूत्र के विशिष्ट संयोग द्वारा

प्रश्न 72.
मेणडलवाद की स्थापना वर्ष है –
(क) 1860 ई०
(ख) 1780 ई०
(ग) 1910 ई०
(घ) 1900 ई०
उत्तर :
(घ) 1900 ई०

प्रश्न 73.
आनुवांशिक रोग है –
(क) कैंसर (Cancer)
(ख) हैजा (Cholera)
(ग) एड्स (AIDS)
(घ) हिमेंकिला (Haemophilia)
उत्तर :
(घ) हिमोफिला (Haemophillia)

प्रश्न 74.
हिमोफिलिया एक जीन सम्बन्धी अस्वाभाविकता है। यह इसके द्वारा वाहित होता है-
(क) आटोजोमल जीन
(ख) Y-लिंक्ड जीन
(ग) X-लिंक्ड जीन
(घ) X और Y लिंवड जीन
उत्तर :
(ग) X-लिंक्ड जीन

प्रश्न 75.
थैलेसीमिया रोग के परिप्रेक्ष्य में इनमें से कौन सा कथन-गलत है –
(क) यह ओटोसोमल गुणसूत्र से जुड़ा रोग है।
(ख) इस रोग का संबंध आनुवांशिकता से है।
(ग) लैंगिक गुणसूत्र संबन्धित रोग है।
(घं) इसमें हीमोग्लोबिन के बनाबट में त्रुटि होती है।
उत्तर :
(ग) लैंगिक गुणसूत्र संबन्धित रोग है।

प्रश्न 76.
सामान्य पित्ता और थैलासीमिया वाहक माता से उत्पन्न संतानों में इस रोग से ग्रसित होने की सम्भावना क्या होगी ?
(क) 0%
(ख) 25%
(ग) 50%
(घ) 75%
उत्तर :
(ग) 50%

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

प्रश्न 77.
मनुष्य की आनुवांशिक बीमारी जिसके कारण ऑक्सीजन ढोने वाली लाल रक्त कोशिकाएँ नष्ट होती हैं –
(क) थैलासीमिया
(ख) हिमोफिलिया
(ग) वर्णाधिता
(घ) सभी
उत्तर :
(क) धैलासीमिया।

प्रश्न 78.
पुत्री वर्णाध हो सकती है जब :
(क) केवल पित्ता वर्णाध हो
(ख) केवल माता वर्णांथ हो
(ग) माता वाहक और पित्ता सामान्य
(घ) माता वाहक और पिता वर्णांध
उत्तर :
(घ) माता वाहक और पिता वर्णांध।

प्रश्न 79.
वर्णाधंधता एक रोग है, जो –
(क) ऑंटोसोमी अपभावी
(ख) लिंग गुणसूत्रीय अपभावी
(ग) ऑटोसोमी प्रभावी
(घ) लिंग गुणसूत्री प्रभावी
उत्तर :
(ख) लिग गुणसूत्रीय अपभावी।

प्रश्न 80.
X गुणसूत्र संबंधित रोग है –
(क) हीमोफीलिया
(ख) एल्बिनीजम
(ग) थैलासीमिया
(घ) रतौधी
उत्तर :
(क) हीमोफीलिया

प्रश्न 81.
क्रिसमस रोग का दूसरा नाम है –
(क) हिमोफीलिया – A
(ख) हिमोफीलिया – B
(ग) a – थैलासीमिया
(घ) b – थैलासीमिया
उत्तर :
(क) हिमोफीलिया – A

प्रश्न 82.
जीन का वह गुण जो वर्णांधता के लिए जिम्मेदार है –
(क) प्रथावी और ओंटोसोम में पाया जाता है
(ख) अप्रभावी और Y कोमोसोम में उपस्थित है
(ग) अप्रभावी और X कोमोसोम में उपस्थित है
(घ) अप्रभावी और ऑटोसोम में उपस्थित है
उत्तर :
(ग) अप्रभावी और X कोमोसोम में उपस्थित है।

प्रश्न 83.
आनुवांशिक रोगों से बचाव के लिए शादी से पहले लड़का-लड़की दोनों की करवानी चाहिए –
(क) आनुश्विक काउन्सिलिए
(ख) बात-चीत
(ग) रवं परीक्षण
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) आनुवांशिक काउन्सिलिंग

प्रश्न 84.
मनुष्य के ऑटोसोम से सम्बन्धित आनुवांशिक रोग है-
(क) धेलासेमिया
(ख) हिमोफीलिया
(ग) वर्णाधता
(घ) इनमें से सभी
उत्तर :
(क) थैलासेमिया

प्रश्न 85.
मनुष्य के लिंग गुणसूत्र से सम्बन्धित आनुवांशिक रोग है –
(क) थैलासिमिया
(ख) हिमोफीलिया
(ग) मलेरिया
(घ) T.B
इत्तर :
(ख) हिमोफीलिया

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

प्रश्न 86.
बार-बार रक्त चढ़ाना पड़ता है –
(क) थेलेसीमिया के मरीज को
(ख) हीमोफिलिया के मरीज को
(ग) वर्णांधताके मरीज को
(घ) कैंसर पीड़ित मरीज को
उत्तर :
(क) थेलेसीमिया के मरीज को

प्रश्न 87.
थैलेसिमिया एक रोग है –
(क) अच्छा होने योग्य
(ख) संक्रामक
(ग) आनुवांशिक
(घ) वातावरणीय
उत्तर :
(ग) आनुवांशिक

प्रश्न 88.
हिमोफीलिया पिता एवं सामान्य माता के पुत्र सन्तान में हिमोफीलिया होने की संभावना है-
(क) 50%
(ख) 75%
(ग) 0%
(घ) 100%
उत्तर :
(ग) 0%

प्रश्न 89.
निम्नांकित में से कौन लिंग सहलग्न रोग है –
(क) मधुमेह
(ख) हीमोफिलिया
(ग) ग्लूकोमा
(घ) रतौंधी
उत्तर :
(ख) हीमोफिलिया

प्रश्न 90.
वर्णान्धता से पीड़ित व्यक्ति किन रंगों में अन्तर नहीं कर पाता
(क) लाल व हरा
(ख) काला व पीला
(ग) हरा व नीला
(घ) पीला व लाल
उत्तर :
(क) लाल व हरा

प्रश्न 91.
वर्णान्थता का सम्बन्य किसमें गड़बड़ी से है –
(क) दण्ड कोशिकायें
(ख) आँख की मांसपेशी
(ग) शंकु कोशिकायें
(घ) a, b तथा c
उत्तर :
(ग) शंकु कोशिकायें

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. मटर के पौधें के भिन्न-भिन्न _______ एक ही फिनोटाइप दर्शा सकता है।
उत्तर : जीनोटाइप।

2 ._______ एक लिंग संयोजित जीन द्वारा होने वाला रंग है।
उत्तर : हिमोफीलिया

3. मेण्डल ने _______पौधे पर अपने संकरण का प्रयोग किया था।
उत्तर : मटर (Pea)

4. _______ को आनुवांशिक का जनक कहते हैं।
उत्तर : मेण्डल (Mendel)

5. स्वतंत्र अपव्युहन का सिद्धान्त मेण्डल के _______प्रयोग का प्रतिफल है।
उत्तर : द्विसंकरण (Dihybrid cross)

6. विषम लक्षणों के जोड़े के बीच मेण्डल ने गोल बीज के विरोध में _______बीजों पर ध्यान दिया।
उत्तर : झूरींदार (wrinkled)

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

7. मानव में _______क्रोमोसोम के कारण ही नर (पुरुष) होता है।
उत्तर : ‘Y’

8. F2 पीढ़ी में 3: 1 का अनुपात मेण्डल के _______का परिणाम है।
उत्तर : एक संकर संकरण (Monohybrid)

9. फिनोटाइप जिसे F1 उत्पत्ति में व्यक्त किया गया है, उसे _______कहते हैं।
उत्तर : प्रभावी (Dominant)

10. F2 के 9: 3: 3: 1 के अनुपात मेण्डल के _______का प्रतिफल है।
उत्तर : द्विसंकर संकरण (Dihybrid)

11. एक संकरण कॉस के प्रयोग से मेण्डल ने _______नियम का प्रतिपादन किया।
उत्तर : विनियोजन (Segregation)

12. विनियोजन सिद्धान्त का दूसरा नाम _______का नियम भी है।
उत्तर : पृथक्करण।

13. मेण्डल के एक संकर संकरण क्रिया में F2 पीड़ी के जीनोटाइप का अनुपात _______है।
उत्तर : 1: 2: 1

14. अनुवांशिकता की इकाई _______है।
उत्तर : जीन (Gene)

15. मेण्डलवाद की स्थापना _______में हुई।
उत्तर : 1900 ई०।

16. बड़े अक्षर का व्यवहार _______लक्षण के लिए किया जाता है।
उत्तर : प्रभावी (Dominant)

17. बायोलोजी की वह शाखा जिसमें आनुवांशिकता का अध्ययन किया जाता है _______कहलाता है।
उत्तर : आनुवांशिक (Genetics)

18. _______ने DNA का पता लगाया था।
उत्तर : डॉ॰ हर गोविन्द खुराना।

19. संकर उत्पन्न करने की क्रिया को _______कहते हैं।
उत्तर : संकरण (Hybridization)

20. सर्वप्रथम जेनेटिक्स शब्द का प्रयोग _______द्वारा _______ई० में किया गया।
उत्तर : बेटसन (Bateson), 1906

21. मानव में Y क्रोमोसोम _______जनित होता है।
उत्तर : नर (Male)

22. स्वतंत्र अप्व्युहन का सिद्धान्त मेण्डल के _______प्रयोग प्रतिफल है ।
उत्तर : द्विसंकर संकरण (Dihybrid Cross)

23. F2 पीढ़ी में 3: 1 का अनुपात मेण्डल के _______का परिणाम है।
उत्तर : एक संकर संकरण।

24. एक संकर संकरण क्रॉस के प्रयोग से मेण्डल ने _______के नियम का प्रतिपादन किया।
उत्तर : पृथक्करण।

25. फिनोटाइप जिसे F1 उत्पत्ति में व्यक्त किया गया है, उसे _______कहते हैं।
उत्तर : प्रभावी।

26. _______अक्षरों का उपयोग _______लक्षणों के लिए होता है।
उत्तर : कैपिटल, प्रभावी।

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27. Rr _______ को व्यक्त करता है।
उत्तर : संकर

28. मानव में शिशु लिंग का निर्धारण _______की आनुवंशिक रचना द्वारा होता है।
उत्तर : क्रोमोसोम।

29. पुरूष _______प्रकार के युग्मक (gamets) उत्पत्र करते हैं।
उत्तर : दो

30. सहलग्न जीनों की _______एक साथ होती है।
उत्तर : उपस्थिति।

31. _______एक आनुवांशिक रोग है।
उत्तर : हिमोफिला (Haemophilia)

32. _______रोग के कारण शरीर के कटे या छिले भाग से रक्त का बाहर निकलना(Bleeding) आरम्भ होने पर रूकता नहीं है।
उत्तर : हिमोफिलिया।

33. X गुणसूत्र से सम्बच्धित आनुवांशिक रोग_______ है।
उत्तर : वर्णान्थता।

34. मनुष्य के ऑटोसोम से सम्बन्धित आनुवांशिक रोग_______ है।
उत्तर : थैलेसिमिया।

35. गंजापन एक _______बीमारी है।
उत्तर : आनुवंशिक।

सही कथन के आगे ‘True’ एवं गलत कथन के आगे ‘False’ लिखिए : (1 Mark)

1. एक संकर संकरण प्रयोग में, प्रथम पीढ़ी में मेंडल ने 75% शुद्ध लंबे मटर के पौधे पाये थे।
उत्तर : False

2. मटर पौधे के फूल में स्वपरागण या पर परागण आवश्यकतानुसार किया जा सकता है।
उत्तर : True

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

3. अपूर्ण प्रभाविता को मेंडल के प्रभाविता-अप्रभाविता के नियम का अपवाद माना जाता है
उत्तर : True

4. हरे-गोल मटर के पौधे का जीनोटाइप yyRr होगा।
उत्तर : True

5. गिनिपिग के खुरदरे बाल का जीन प्रभावी प्रकृति का होता है।
उत्तर : True

6. Tt x tt एक टेस्ट क्रॉस है।
उत्तर : True

7. स्त्रियों में XY – लिंग गुणसूत्र होता है।
उत्तर : False

8. हेटरोजाइगस संतति में प्रभावी लक्षण दिखाई देते हैं।
उत्तर : True

9. T और t लक्षणों के संकरण से एक होमोजाइगॉट मिलता है।
उत्तर : False

10. विष्रम युग्मनज T और t युग्मकों के मिलने से उत्पन्न होता है।
उत्तर : True

11. गुणसूत्र पर जीन की स्थिति को लोकस (Locus) कहा जाता है।
उत्तर : True

12. सेन्द्रोसोम द्वारा आनुवांशिक लक्षणों का संचरण होता है।
उत्तर : False

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

13. वह लक्षण जो प्रकट नहीं होता है, उसे अप्रभावी लक्षण कहते हैं।
उत्तर : True

14. मेण्डल के एक संकर संकरण का दूसरी पीढ़ी में जीनोंटिपिक अनुपात 1: 2: 1 था।
उत्तर : True

15. (T) और (t) युग्मक के संयुग्मन द्वारा समयुग्मनज का निर्माण होता है।
उत्तर : False

16. मनुष्य की सामान्य शारीरिक कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या 23 जोड़ी है।
उत्तर : True

17. गुणसूत्र के निश्चित जगह पर जहाँ ऐलील उपस्थित रहता है जीन अवस्थिति कहलाता है।
उत्तर : True

18. शादी से पहले अनुवांशिक काउन्सिलिंग नहीं करवानी चाहिये।
उत्तर : False

19. वर्णाधता रक्त का एक आनुवांशिक रोग है।
उत्तर : False

20. भूर सर्वदा एक गुणित होता है।
उत्तर : False

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

21. हिमोफीलिया ऑंटोसोम से सम्बन्धित आनुवांशिक रोग है।
उत्तर : False

22. कोई भी वंशानुक्रमित विशेषता एक लक्षण (trait) है।
उत्तर : True

23. यदि पिता वर्णांध एवं माता सामान्य हो, तो सभी लड़के वर्णाध होंगे।
उत्तर : False

स्तम्भ – ‘A’ के शब्दों से स्तम्भ – ‘B’ में दिये गये उपयुक्त शब्दों से मिलाइये तथा सही जोड़ा दोनों स्तम्भों की क्रमसंख्या के साथ लिखिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) थैलसीमिया (a) मनुष्य में X – क्रमोसोम में अवस्थित अप्रभावी
(ii) आनुवांशिकता (b) इन्सुलिन से सम्बन्धित रोग
(iii) वर्णाधंता (c) xy
(iv) पुरूष लिंग गुणसूत्र (d) दो
(v) मधुमेह (डायबिटीज) (e) अप्रभावी लक्षण जीन द्वारा होने वाला रोग
(vi) गुणसूत्र में क्रोमैटिडस की संख्या होती है (f) मेंडल

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) थैलसीमिया (e) अप्रभावी लक्षण जीन द्वारा होने वाला रोग
(ii) आनुवांशिकता (f) मेंडल
(iii) वर्णाधंता (a) मनुष्य में X – क्रमोसोम में अवस्थित अप्रभावी
(iv) पुरूष लिंग गुणसूत्र (c) xy
(v) मधुमेह (डायबिटीज) (e) अप्रभावी लक्षण जीन द्वारा होने वाला रोग
(vi) गुणसूत्र में क्रोमैटिडस की संख्या होती है (f) मेंडल

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

प्रश्न 2.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) संकर गोल पीले बीज (a) हरा रंग वर्णाधता
(ii) स्त्रीयों द्वारा संचारित आनुवंशिक रोग (b) कार्ल कोरेन्स
(iii) आशिंक प्रभाविता की व्याख्या (c) संकर जीव
(iv) डयुटेरानोपिया (d) Rr Yy
(v) क्रोमैटिन संघनित होता है गुणसूत्र में (e) हिमोफीलिया

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) संकर गोल पीले बीज (a) हरा रंग वर्णाधता
(ii) स्त्रीयों द्वारा संचारित आनुवंशिक रोग (b) कार्ल कोरेन्स
(iii) आशिंक प्रभाविता की व्याख्या (c) संकर जीव
(iv) डयुटेरानोपिया (d) Rr Yy
(v) क्रोमैटिन संघनित होता है गुणसूत्र में (e) हिमोफीलिया

प्रश्न 3.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) समजात गुणसूत्र (a) 9: 3: 3: 1
(ii) लाल रंग वर्णाधता (b) जर्मीसाइड-एन्जाइम
(iii) द्विसंकर संकरण का जीनोटाइप (c) समान आकार वाले क्रोमोसोम
(iv) गुणसूत्र का नामकरण (d) प्रोटोनोपिया
(v) जीन वर्णाधता के लिए (e) वॉल्डेयर

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) समजात गुणसूत्र (c) समान आकार वाले क्रोमोसोम
(ii) लाल रंग वर्णाधता (d) प्रोटोनोपिया
(iii) द्विसंकर संकरण का जीनोटाइप (a) 9: 3: 3: 1
(iv) गुणसूत्र का नामकरण (e) वॉल्डेयर
(v) जीन वर्णाधता के लिए (b) जर्मीसाइड-एन्जाइम

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 3 आनुवांशिकता एवं सामान्य आनुवांशिक रोग

प्रश्न 4.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) आटोसोम (a) समान आकृति आकार वाले क्रोमोसोम
(ii) कूली का एनीमिया (b) जीन के विकल्पी रूप
(iii) समजात क्रोमोसोम (c) हेटरोसोम्स
(iv) अलील (d) कारकण
(v) 23 वीं जोड़ी (e) लिंग क्रोमोसोम के अतिरिक्त क्रोमोसोम्स

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) आटोसोम (e) लिंग क्रोमोसोम के अतिरिक्त क्रोमोसोम्स
(ii) कूली का एनीमिया (d) कारकण
(iii) समजात क्रोमोसोम (a) समान आकृति आकार वाले क्रोमोसोम
(iv) अलील (b) जीन के विकल्पी रूप
(v) 23 वीं जोड़ी (c) हेटरोसोम्स

 

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

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प्रजनन तथा वृद्धि Class 10 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
लैंगिक जनन के संपर्क में नीचे दिये हुए कथनों में कौन सा सही है –
(क) लैंगिक जनन में हैप्लॉयड युग्मक का निर्माण आवश्यक है
(ख) लैंगिक जनन केवल माइटोसिस पे निर्भर करता है
(ग) लैंगिक जनन में संततियों का निर्माण एक पैतृक जीव से हो सकता है
(घ) लैंगिक जनन में बने संततियां पैतृक जीव के साथ आनुवंशिक रूप से समरूप होता है
उत्तर :
(क) लैंगिक जनन में हैप्लॉयड युग्मक का निर्माण आवश्यक है

प्रश्न 2.
किसी पादप को कम समय में प्रजनन के लिए जिसको बीज का सुसुप्तावस्था अधिक है, तुम किस प्रक्रिया को अपनाओगे ?
(क) लैंगिक प्रजनन
(ख) विखण्डन
(ग) पुनर्जनन
(घ) माइक्रोप्रोपेगेसन
उत्तर :
(घ) माइक्रोप्रोपेगेसन।

प्रश्न 3.
मानव विकास का वह चरण जब याददास्त एवं दृष्टि सामान्यत: कमजोर होने लगती है, कहलाता है –
(क) बचपन
(ख) किशोरवस्था
(ग) वृद्धावस्था
(घ) नवजात
उत्तर :
(ग) वृद्धावस्था।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

प्रश्न 4.
जनन अंग एवं जनन ग्रन्थि की परिपूर्णता मानव शरीर के विकास की कौन अवस्था में होती है ?
(क) बचपन
(ख) प्रौढ़
(ग) वयस्क
(घ) शिशु
उत्तर :
(ख) प्रौढ़

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में कौन जोड़ा सही है ?
(क) मुकुलन – यीस्ट
(ख) खण्डीभवन – केंचुआ
(ग) स्पोर-निर्माण – अमीबा
(घ) पुनः उत्पादन – ड्रायोप्टेरिस
उत्तर :
(क) मुकुलन – यीस्ट

प्रश्न 6.
अलैंगिक प्रजनन करने वाला जन्तु है –
(क) केंचुआ
(ख) अमीबा
(ग) मेढक
(घ) पक्षी
उत्तर :
(ख) अमीबा

प्रश्न 7.
लैंगिक तथा अलैंगिक दोनों प्रकार का प्रजनन होता है –
(क) तिलचट्टा में
(ख) केंचुआ में
(ग) मेढ़क में
(घ) हाइड्रा में
उत्तर :
(घ) हाइड्रा में

प्रश्न 8.
लैंगिक प्रजनन की इकाई कौन सी है –
(क) युग्मक
(ख) बीजाणु
(ग) कली
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) युग्मक

प्रश्न 9.
अलैंगिक प्रजनन की इकाई कौन सी है –
(क) कली
(ख) युग्मक
(ग) बीजाणु
(घ) जाइगोट
उत्तर :
(ग) बीजाणु

प्रश्न 10.
पार्थेनोजेनेसिस होती है –
(क) पक्षी में
(ख) कीट में
(ग) सरीसृप में
(घ) उभयचर में
उत्तर :
(ख) कीट में

प्रश्न 11.
गर्भाशय प्रजनन अंग का एक भाग –
(क) नर
(ख) मादा
(ग) उभयलिगी
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) मादा

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

प्रश्न 12.
द्विविभाजन पाया जाता है –
(क) हाइड्रा में
(ख) अमीबा में
(ग) टोड में
(घ) कोई नहीं में
उत्तर :
(ख) अमीबा में

प्रश्न 13.
वृषण प्रजनन का एक भाग –
(क) मादा
(ख) नर
(ग) कोई नहीं
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) नर

प्रश्न 14.
उभयलिंगी जन्तु है –
(क) अमीबा
(ख) हाइड्रा
(ग) टोड
(घ) केंचुआ
उत्तर :
(घ) केंचुआ

प्रश्न 15.
लैंगिक प्रजनन की क्रिया के लिए आवश्यक होती है –
(क) माइटोसिस
(ख) मियोसिस
(ग) एमाइटोसिस
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) मियोसिस।

प्रश्न 16.
किस प्राणी में मादा युग्मक के निषेचन के बिना ही संतान उत्पत्र होती है –
(क) मधुमक्खी
(ख) टोड
(ग) कबूतर
(घ) मनुष्य
उत्तर :
(क) मधुमक्खी।

प्रश्न 17.
परागकणों के गर्भमुण्ड पर पहुँचने की क्रिया कहलाती है –
(क) परागण
(ख) निषेचन
(ग) प्रजनन
(घ) विखण्डन
उत्तर :
(क) परागण।

प्रश्न 18.
नर युग्मक तथा मादा युग्मक के संयोजन से बनता है –
(क) युग्मनज
(ख) अण्डाणु
(ग) शुक्राणु
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) युग्मनज।

प्रश्न 19.
स्त्री केसर के आधारित भाग को कहते हैं –
(क) अण्डाशय
(ख) पुष्दासन
(ग) वर्तिकाग्र
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) अण्डाशय।

प्रश्न 20.
एमाइटॉसिस की क्रिया होती है –
(क) अमीबा में
(ख) मनुष्य में
(ग) टोड में
(घ) कबूतर में
उत्तर :
(क) अमीबा।

प्रश्न 21.
अमीबा में अलैंगिक प्रजनन की क्रिया होती है –
(क) बहु विखण्डन द्वारा
(ख) विखण्डन द्वारा
(ग) द्विविखण्डन द्वारा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) द्विविखण्डन द्वारा

प्रश्न 22.
बाह्य निषेचन होता है –
(क) मनुष्य में
(ख) मेढक में
(ग) पक्षी में
(घ) गाय में
उत्तर :
(ख) मेढक में

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प्रश्न 23.
स्तनधारी के भ्रूण का पोषण होता है –
(क) गर्भांशय से
(ख) वर्जिन से
(ग) प्लासेन्टा से
(घ) ग्राफियन फॉलिकल से
उत्तर :
(ग) प्लासेन्टा से

प्रश्न 24.
18 से 25 वर्ष की अवस्था है (Stage from 18 to 25 years is) –
(क) शिशुकाल (Childhood)
(ख) किशोरावस्था (Puberty)
(ग) व्यस्क अवस्था (Adult stage)
(घ) मैनोपॉज (Menopause)
उत्तर :
(ग) व्यस्क अवस्था (Adult stage)

प्रश्न 25.
दो गैमिट के मध्य संयोग जाना जाता है –
(क) वर्षी प्रजनन
(ख) लैंगिक प्रजनन
(ग) अलैंगिक म्रजन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) लैंगिक प्रजनन

प्रश्न 26.
प्राथमिक जनन अंग कहलाता है –
(क) जननांग
(ख) गैमिट
(ग) बीजाणु
(घ) युग्मक
उत्तर :
(क) जननांग

प्रश्न 27.
निषेचित अण्डा कहलाता है –
(क) बीजाणु
(ख) गैमिट
(ग) युग्मनज
(घ) शुक्राणु
उत्तर :
(ग) युग्मनज

प्रश्न 28.
मादा जनन इकाई है –
(क) शुक्राणु
(ख) बीजाणु
(ग) अण्डाणु
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) अण्डाणु

प्रश्न 29.
निषेचन की क्रिया होती है –
(क) वर्धी प्रजनन में
(ख) लैंगिक प्रजनन में
(ग) अलैंगिक प्रजनन में
(घ) कोई नहीं
उत्तर :
(ख) लैंगिक प्रजनन में

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प्रश्न 30.
कंजुगेशन की क्रिया होती है –
(क) हाइड्रा में
(ख) केंचुआ में
(ग) तिलचट्टा में
(घ) पारामिसियम में
उत्तर :
(घ) पारामिसियम में

प्रश्न 31.
नर जनन अंग है –
(क) अण्डाशय
(ख) गर्भाशय
(ग) आमाशय
(घ) वृषण
उत्तर :
(घ) वृषण

प्रश्न 32.
एक कोशिकीय पौधा जिसमें लैंगिक प्रजनन होता है –
(क) क्लेमाइडोमोनास
(ख) यिस्ट
(ग) कारा
(घ) मटर
उत्तर :
(क) क्लेमाइडोमोनास

प्रश्न 33.
गौण लैंगिक लक्षणों के विकास की अवस्था है –
(क) किशोरावस्था
(ख) शिशुकाल
(ग) मेनोपोंज
(घ) व्यस्क अवस्था
उत्तर :
(क) किशोरावस्था

प्रश्न 34.
स्पाइरोगाइरा में प्रजनन की क्रिया होती है –
(क) कलिका द्वारा
(ख) विखण्डन द्वारा
(ग) विभाजन द्वारा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) विखण्डन द्वारा

प्रश्न 35.
अलैंगिक प्रजनन में लक्षण देखे जाते हैं –
(क) एकल मातृ पादप अथवा जन्तु की उपस्थिति
(ख) गैमिट का न बनना
(ग) भावी पीढ़ी में विविधता का उत्पन्न न होना
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर :
(घ) उपरोक्त सभी।

प्रश्न 36.
निम्नलिखित में से कौन लैंगिक प्रजनन का लक्षण नहीं है ?
(क) एक जनक द्वारा पुत्री जीव की उत्पत्ति होती है
(ख) सोर उत्पादन के द्वारा प्रजनन होता है
(ग) पुत्री जीव जनक के समान दिखता है
(ख) स्पोर उत्पादन के द्वारा प्रजनन हाता है
(घ) युग्मकों के निर्माण और निषेचन द्वारा प्रजनन होता है
उत्तर :
(क) एक जनक द्वारा पुत्री जीव की उत्पत्ति होती है।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

प्रश्न 37.
फूल का पुरुष जनन अंग है (Male reproductive organ of flower is) –
(क) दल पुँज (Corolla)(ख) अण्डप (Carpel)
(ग) पुंकेसर (Stamen)
(घ) वाह्य दलयुंज़ (Calyx)
उत्तर :
(ग) पुंकेसर (Stamen)

प्रश्न 38.
किसी पूर्ण फूल का प्रजनन चक्र …..होता है –
(क) दल चक्र
(ख) बाहा दल चक्र
(ग) पुमंग तथा जायांग
(घ) पुष्पासन
उत्तर :
(ग) पुमंग तथा जायांग

प्रश्न 39.
फूल का मादा जनन अंग है (Female reproductive organ of flower is) –
(क) पुंकेसर (Stamen)
(ख) दलपुंज (Corolla)
(ग) बाह्य दलपुंज (Calyx)
(घ) अण्डप (Carpel)
उत्तर :
(घ) अण्डप (Carpel)

प्रश्न 40.
पुष्प तन्तु का ऊपरी भाग है (Upper part of filament is) –
(क) द्लपुंज (Corolla)
(ख) सेपल (Sepal)
(ग) पराग कोष (Pollen sac)
(घ) भूण (Embryo)
उत्तर :
(ग) पराग कोष (Pollen sac)

प्रश्न 41.
अण्डाशय के अन्दर अण्डाकार रचना है (Oval shaped structure in the ovary is) –
(क) न्यूसेलस (Nucellus)
(ख) श्रूग को (Embryo sac)
(ग) एन्थर (Anther)
(घ) बीजाण्ड (Ovule)
उत्तर :
(घ) बीजाण्ड (Ovule)

प्रश्न 42.
मुकुलन द्वारा अलौगिक प्रजनन होता है (Reproduction by budding occurs in) –
(क) क्लेमाइडोमोनास (Chlamydomonas) में
(ख) यीस्ट (Yeast) में
(ग) अमीबा (Amoeba) में
(घ) प्याज़ (Onion) में
उत्तर :
(ख) यीस्ट (Yeast) में

प्रश्न 43.
युग्मक के संयोग से प्रजनन होने की क्रिया (The mode of reproduction which takes place by the union of two gametes is called) –
(क) लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction)
(ख) वर्धी प्रजनन (Vegetative reproduction)
(ग) अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction)
(घ) पार्थेनोजेनेसिस (Parthenogenesis)
उत्तर :
(क) लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction)

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प्रश्न 44.
आइससोगैमी पायी जाती है (Isogamy is observed in) –
(क) भालवॉक्स (Volvox) में
(ख) मॉस (Moss) में
(ग) युलोथिक्स (Ulothrix) में
(घ) इनमें से कोई नहीं (None of these)
उत्तर :
(ग) युलोथिक्स (Ulothrix) में

प्रश्न 45.
प्लेनेरिया में अलिंगी प्रजनन की विधि है –
(क) मुकुलन
(ख) स्पोर निर्माण
(ग) पुन: उत्पादन
(घ) द्विविखंडन
उत्तर :
(ग) पुन : उत्पादन

प्रश्न 46.
भूणपोष नाभिक (एंडोस्पर्म न्यूक्लियस) होता है –
(क) अगुणित
(ख) द्वागुणित
(ग) त्रिगुणित
(घ) चौगुणित
उत्तर :
(ग) त्रिगुणित

प्रश्न 47.
यीट्ट में प्रजनन की विधि है ?
(क) कलिका
(ख) बहु भंजन
(ग) बिखण्डन
(घ) द्विभंजन
उत्तर :
(क) कलिका

प्रश्न 48.
यीष्ट और हाइड्रा में प्रजनन की विधि है :
(क) विखण्डन
(ख) बहुभंजन
(ग) कलिका द्वारा
(घ) द्विभंजन
उत्तर :
(ग) कलिका द्वारा।

प्रश्न 49.
कौन पौधा जो अर्धवायवीय तना द्वारा वर्धी प्रजनन करता है ?
(क) आलू
(ख) जलकुम्भी
(ग) अदरख
(घ) प्याज
उत्तर :
(ख) जलकम्भी।

प्रश्न 50.
इनमें मे किस प्राणी में पुनर्डद्भवन गुण मिलता है ?
(क) हाइड्रा
(ख) घांघा
(ग) सिपी
(घ) प्लेनेरिया
उत्तर :
(घ) प्लेनेरिया।

प्रश्न 51.
इनमें से किसमें कलम विधि अपनाई जाती है ?
(क) जलकुंभी
(ख) अदरख
(ग) डैलिया
(घ) आम
उत्तर :
(घ) आम।

प्रश्न 52.
कौन सा कृत्रिम बर्धी प्रजनन क्रिया नहीं है –
(क) कलम लगाना
(ख) रोपण
(ग) सिनगैमी
(घ) गूटी
उत्तर :
(ग) सिनगैमी।

प्रश्न 53.
पक्षी द्वारा पर परागण होता है –
(क) कैक्टस
(ख) शिमुल
(ग) गुलाव
(घ) गेहूँ
उत्तर :
(ख) शिमुल।

प्रश्न 54.
निम्नलिखित में से कौन वायु द्वारा परागण करने वाला नहीं है ?
(क) सन डयू
(ख) धान
(ग) गेहूँ
(घ) मक्का
उत्तर :
(ख) धान।

प्रश्न 55.
इनमें से किसमें मूल कलिका द्वारा प्रजनन होता है ?
(क) डैलिया
(ख) जलकुम्भी
(ग) शकरकंद
(घ) ल्वायोफिलम
उत्तर :
(ग) शकरकंद।

प्रश्न 56.
फूल का अंग जो बीज में रूपान्तरित होता है –
(क) अण्डाशय
(ख) बीजाण्ड
(ग) परागकोश
(घ) वर्तिकाग्र
उत्तर :
(ख) बीजाण्ड।

प्रश्न 57.
पादप कोशिका विभाजन में सहायता करने वाला अंगक है –
(क) गॉल्गीकाय
(ख) सेन्ट्रोसोम
(ग) राइबोसोम
(घ) माइटोकाण्ड्रिया
उत्तर :
(क) गॉल्गीकाय।

प्रश्न 58.
पीढ़ियों का एकान्तरण स्पष्ट रूप से पाया जाता है –
(क) कमल में
(ख) वरगद में
(ग) आम में
(घ) फर्न में
उत्तर :
(घ) फर्न में।

प्रश्न 59.
रोपण में जड़ सहित पौथे का भाग कहलाता है –
(क) घूषक
(ख) स्टाक
(ग) स्थान
(घ) राइजोम
उत्तर :
(ख) स्टाक।

प्रश्न 60.
भिन्न पौघों के दो इच्छित लक्षणों के बीच मिलन होता है –
(क) रोपण
(ख) कटिंग
(ग) बडिंग
(घ) पुनरुत्पादन
उत्तर :
(क) रोपण।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

प्रश्न 61.
किस पौधे में भूमिगत तना द्वारा वर्धी प्रजनन होता है ?
(क) कॉर्म
(ख) ब्रायोफिलम
(ग) ईकॉर्निया
(घ) डायोस्कोरिया
उत्तर :
(क) कॉर्म (घनकंद)।

प्रश्न 62.
निषेचन के बाद जाइगोट कोशिका विभाजन द्वारा बनाता है –
(क) प्रविभाजी उत्तक
(ख) तंत्रिका उत्तक
(ग) भूण
(घ) बीज
उत्तर :
(ग) श्रूण।

प्रश्न 63.
पुनर्जनन पद्धति पायी जाती है :
(क) प्लेनेरिया में
(ख) हाइड्रा में
(ग) स्टारफिश में
(घ) सभी में
उत्तर :
(घ) सभी में।

प्रश्न 64.
बडिंग सामान्यतया जन्तु में पाया जाता है –
(क) अमीबा
(ख) छिपकली
(ग) हाइड्रा
(घ) केंचुआ
उत्तर :
(ग) हाइड्रा।

प्रश्न 65.
कलम काटने (cutting) नामक वर्धी प्रजनन में से कौन-सा पादर्प अंग काटा जाता है –
(क) जड़
(ख) तना
(ग) पत्तियाँ
(घ) उपरोक्त सभी
उत्तर :
(ख) तना।

प्रश्न 66.
गैमिट इकाई है-
(क) अलैंगिक जनन की
(ख) लैंगिक जनन की
(ग) दोनो प्रकार के जनन की
(घ) इनमें से किसी की नहीं
उत्तर :
(ख) लैंगिक जनन की

प्रश्न 67.
गन्ने का पौधा उदाहरण है –
(क) कृत्रिम कायिक प्रवर्धन का
(ख) प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन का
(ग) दोनो प्रकार के कायिक प्रवर्धन का
(घ) इनमें से किसी का नहीं
उत्तर :
(क) कृत्रिम कायिक प्रवर्धन का

प्रश्न 68.
आम के पौधे में होता है –
(क) वायु परागण
(ख) जल परागण
(ग) कीट परागण
(घ) पक्षी परागण
उत्तर :
(ग) कीट परागण

प्रश्न 69.
भू-प्रसारिका (offset) प्रकार का वर्धी प्रजनन मिलता है –
(क) दूब घास में
(ख) मटर में
(ग) जलकुम्भी में
(घ) आम में
उत्तर :
(ग) जलकुम्भी में।

प्रश्न 70.
बोलने की क्षमता का प्रारंभ मानव विकास की किस अवस्था में होता है ?
(क) बचपन
(ख) शिशु अवस्था
(ग) परिपक्व
(घ) यौवनास्था
उत्तर :
(क) बचपन।

प्रश्न 71.
यौवनावस्था है –
(क) 1-6 वर्ष
(ख) 10-19 वर्ष
(ग) 25-40 वर्ष
(घ) 60-80 वर्ष
उत्तर :
(ख) 10-19 वर्ष।

प्रश्न 72.
निम्नलिखित में से कौन मनुष्य के विकास की परिपक्व अवस्था का लक्षण है ?
(क) अपने विचार को स्पष्ट करना
(ख) भंगुर हड्ड़ी
(ग) विपरीत लिंग की ओर आकर्षण
(घ) दूध के दाँत के गिरने के पश्चात स्थायी दाँत का निर्माण
उत्तर :
(ग) विपरीत लिंग की ओर आर्कषण।

प्रश्न 73.
मानव विकास की अवस्थाओं की संख्या है –
(क) 4
(ख) 3
(ग) 5
(घ) 2
उत्तर :
(ग) 5

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. अलैंगिक प्रजनन की इकाई ___________ है।
उत्तर : बीजाणु (Spore)।

2. लैंगिक प्रजनन की इकाई___________ है।
उत्तर : गैमिट (Gamete)।

3. प्राथमिक जनन अंग ___________ है।
उत्तर : जननांग (Gonads)।

4. नर प्रजनन की इकाई को को कहा ___________जाता है।
उत्तर : शुक्राणु (Sperm)। कहा जाता है।

5. मादा तथा नर दोनों जनन अंग एक ही जन्तु में पाये जाने वाले को ___________कहा जाता है।
उत्तर : उभयलिंगी (Bisexual)।

6. बहुविखंडन ___________में पाया जाता है।
उत्तर : प्लाज्मोडियम।

7. द्विविखंडन ___________ में पाया जाता है।
उत्तर : पारामिसियम (Paramaecium)।

8. ___________में लैगिक तथा अलैंगिक दोनों प्रजनन क्रिया होती है।
उत्तर : हाइड्रा (Hydra)।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

9. जो जन्तु कलिकाओं द्वारा प्रजनन करता है उसका नाम ___________है।
उत्तर : हाइड्रा (Hydra)।

10. परागकण ___________में विकसित होते हैं।
उत्तर : परागकोष (Pollen Sac)।

11. फूलों का अण्डाणु ___________में स्थित रहता है।
उत्तर : अण्डाशय (Ovary)।

12. निषेचन का परिणाम ___________
उत्तर : जाइगोट (Zygote)।

13. उगेमी ___________ पाया जाता है ।
उत्तर : क्लेमाइडोमोनास (Chlamydomonas)।

14. ऑटोगेमी ___________में पाया जाता है।
उत्तर : पारामोयिक्लूम्स (Paramoeculums)।

15. पार्थेनोजेनेसिस ___________में पाया जाता है।
उत्तर : मधुमक्खी।

16. रोपण ___________प्रजनन की विधि है।
उत्तर : वर्षी (Vegetative)।

17. दो गैमिट के मध्य संयोग को ___________प्रजनन कहते हैं।
उत्तर : लैंगिक (Sexual)।

18. दो आकृति-मूलकता सदृश गैमिट के मध्य संयुक्त होने की क्रिया को ___________कहते हैं।
उत्तर : आइसोगेमी (Isogamy)।

19. पार्थेनोजेने।स दो प्रकार ___________एवं ___________के होते हैं।
उत्तर : प्राकृतिक, कृत्रिम (Natural, Artificial) ।

20. ___________पौधे में पत्ती द्वारा प्रजनन होता है।
उत्तर : अजूबा (Bryophylum)।

21. पौथे में जड़ द्वारा प्रजनन होता है।
उत्तर : शकरकन्द (Sweet Potato)।

22. एक एककोशिकीय पौया ___________है जिसमें लैंगिक प्रजनन होती है।
उत्तर : क्लेमाइडोमोनास (Chlamydomonas)।

23. ___________ऐसा पौधा है जिसमें कंजुगेशन होता है।
उत्तर : स्पाइरोगाइरा (Spirogyra)।

24. परागकोष से स्टीग्मा (Stigma) तक परागकणों के स्थानान्तरण की क्रिया ___________कहलाती है।
उत्तर : परागण (Pollination)।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

25. ___________एक उभयलिंगी पौधा है।
उत्तर : उड़हल (Hibiscus rosa)।

26. ___________में वृद्धि सम्पूर्ण शरीर में समान रूप से होती है।
उत्तर : जन्तुओं (Animals)।

27. वृद्धि मापक यंत्र ___________है।
उत्तर : ऑक्जेनोमीटर (Auxanometre)।

28. वृद्धि को प्रभावित करने वाले विशिष्ट कारक ___________तथा ___________हैं ।
उत्तर : वातावरण तथा वशागति।

29. वृद्धि के बाह्य कारक___________,___________ ,___________ जल आदि हैं।
उत्तर : प्रकाश, ताप, वायु (Light, Heat, Air)।

30. हार्मोन, इन्जाइम, भोज्य पदार्थ वृद्धि के___________ हैं।
उत्तर : अन्तःकारक (Internal factor)।

31. 12 से 18 वर्ष की अवस्था ___________है।
उत्तर : किशोरावस्था (Puberty Stage)।

32. ___________अवस्था में मेनुसुरेशन की क्रिया बन्द हो जाती है।
उत्तर : मेनोपॉज (Menopause)।

33. भूणकोष के अन्दर उपस्थित कोशिकाएँ जो अणडाणु को घेरे रहती हैं ___________कहलाती हैं।
उत्तर . साइनरजिड्स (Synergids)।

34. अग्र प्रविभाजी में होने वाली वृद्धि ___________है।
उत्तर : प्राथमिक वृद्धि (Primary growth)।

35. पार्श्व प्रविभाजी में होने वाली वृद्धि ___________है।
उत्तर : द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth)।

सही कथन के आगे ‘True’ एवं गलत कथन के आगे ‘False’ लिखिए : (1 Mark)

1. मटर के पौधें के फूल में स्वपरागण या पर-परागण आवश्यकतानुसार किया जा सकता है।
उत्तर : True

2. अलैंगिक प्रजनन की इकाई स्पोर है।
उत्तर : True

3. अधिक उम्र (उम्रदराज) होने का सामान्य लक्षण बुढ़ापा (Senescence) है।
उत्तर : True

4. फाइलोक्लेड़ एक प्रकार का रूपान्तरित वायवीय तना है।
उत्तर : True

5. बढ़ती उम्न का सामान्य मंजिल (लक्षण) सिनेसेन्स (Senescense) है।
उत्तर : True

6. पशु परागित फूलों के परागकण छोटे एवं हल्के होते हैं।
उत्तर : False

7. मुकुलन द्वारा प्रजनन प्याज में होता है।
उत्तर : False

8. अमीबा में केवल अलैंगिक प्रजनन होता है।
उत्तर : True

9. वाह्य निषेचन मनुष्य में होता है।
उत्तर : False

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

10. फर्न के पौधे के युग्मान्दिद (गैमेटोफाइट) में ही आर्कीगोनियम और अंथरिडीयम नामक रचनाएं मिलती है
उत्तर : True

11. प्रत्येंक परागकण में चार नर गैमेट्स होते हैं।
उत्तर : False

12. स्योरोफाइट के बाद गैमिटोफाइट पीढ़ी का क्रमश: आते रहना पीढ़ी का एकान्तरण कहा जाता है।
उत्तर : True

13. प्रजनन सजीवों का एक मौलिक लक्षण है।
उत्तर : True

14. अलैगिक प्रजनन के लिए नर और मादा दोनों आवश्यक हैं।
उत्तर : False

15. अलैगिक प्रजनन के समय युग्मको का निर्माण होता है।
उत्तर : False

16. लैंगिक प्रजनन से उत्पन्न जीवों में विभित्नता परिलक्षित होती है।
उत्तर : True

17. अमीबा और पैरामेशियम मुकुलन की विधि से प्रजनन करते हैं।
उत्तर : False

18. शकरकंद में प्राकृतिक वर्धी प्रजनन होता है।
उत्तर : True

19. गुलाब के पौधो को कटिंग विधि से तैयार किया जा सकता है।
उत्तर : True

20. सूक्ष्म प्रजनन कोशिकाओं या उत्तकों की सहायता से की जाती है।
उत्तर : True

21. सूक्ष्म प्रजनन एक प्राकृतिक वर्धी प्रजनन की विधि है।
उत्तर : False

22. पुष्प जड़ का रूपांतरित रूप है।
उत्तर : False

23. परपरागण द्वारा पौधों की नयी जातियाँ नहीं उत्पन्न होती हैं।
उत्तर : False

24. निषेचन के पश्चात् बीजाण्ड का रूपांतर बीज में होता है।
उत्तर : True

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

25. निषेचन के पश्चात् अंडाशय फल के रूप में परिवर्तित हो जाती है।
उत्तर : True

26. शैशवावस्था की अवधि 2 वर्ष से 5 वर्ष की है।
उत्तर : False

स्तम्भ – ‘A’ के शब्दों से स्तम्भ – ‘B’ में दिये गये उपयुक्त शब्दों से मिलाइये तथा सही जोड़ा दोनों स्तम्भों की क्रमसंख्या के साथ लिखिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) लैंगिक प्रजनन की इकाई (a) अन्तरावस्था की अवस्थायें
(ii) G1 S एवं G2 (b) अलैंगिक प्रजनन
(iii) परागण (c) किशोरावस्था
(iv) पुनर्उद्भवन (d) युग्मक
(v) मानव विकास की दशाएँ (e) कीट

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) लैंगिक प्रजनन की इकाई (d) युग्मक
(ii) G1 S एवं G2 (a) अन्तरावस्था की अवस्थायें
(iii) परागण (e) कीट
(iv) पुनर्उद्भवन (b) अलैंगिक प्रजनन
(v) मानव विकास की दशाएँ (c) किशोरावस्था

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प्रश्न 2.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) पर-परागण (a) आम
(ii) पक्षी परागण (b) द्विखण्डन
(iii) रोपण (c) स्पोर (Spore)
(iv) अमीबा (d) शिमूल
(iv) अमीबा (e) एक लिंगी फूल

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) पर-परागण (e) एक लिंगी फूल
(ii) पक्षी परागण (d) शिमूल
(iii) रोपण (a) आम
(iv) अमीबा (b) द्विखण्डन
(iv) अमीबा (c) स्पोर (Spore)

प्रश्न 3.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) वर्धी प्रवर्धन (a) बुढ़ापा
(ii) परपरागण (b) वाह्यदल पुंज, दलपुंज, पुमंग, जायांग
(iii) मानव विकास का अंतिम अवस्था (c) जड़ द्वारा
(iv) पूर्ण पूष्प (d) अण्डाशय (ovary)
(v) फल का निर्माण (e) मटर का पुष्प

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) वर्धी प्रवर्धन (c) जड़ द्वारा
(ii) परपरागण (e) मटर का पुष्प
(iii) मानव विकास का अंतिम अवस्था (a) बुढ़ापा
(iv) पूर्ण पूष्प (b) वाह्यदल पुंज, दलपुंज, पुमंग, जायांग
(v) फल का निर्माण (d) अण्डाशय (ovary)

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प्रश्न 4.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) पती द्वारा प्रजनन वाले पौधे (a) पपीता
(ii) जायांग (b) अजूबा
(iii) मुकुलन (c) पौधे के नर जनन अंग
(iv) पुमंग (d) यीस्ट
(v) एकलिंगी पौधे (e) पौधे के मादा जनन अंग

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) पती द्वारा प्रजनन वाले पौधे (b) अजूबा
(ii) जायांग (e) पौधे के मादा जनन अंग
(iii) मुकुलन (d) यीस्ट
(iv) पुमंग (c) पौधे के नर जनन अंग
(v) एकलिंगी पौधे (a) पपीता

प्रश्न 5.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) सूक्ष्म प्रजनन (a) प्राकृतिक वर्धी प्रजनन
(ii) प्रजनन (b) पर्ण कलिका द्वारा प्रजनन
(iii) वर्धी प्रजनन (c) वर्धी प्रजनन की एक कृत्रिम विधि
(iv) शकरकंद (d) केवल पौधो में पाया जाता है।
(v) ब्रायोफाइलम (e) जातियों की उपस्थिति को पीढ़ी दर पीढ़ी कायम रखने के लिए आवश्यक है

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) सूक्ष्म प्रजनन (c) वर्धी प्रजनन की एक कृत्रिम विधि
(ii) प्रजनन (e) जातियों की उपस्थिति को पीढ़ी दर पीढ़ी कायम रखने के लिए आवश्यक है
(iii) वर्धी प्रजनन (d) केवल पौधो में पाया जाता है।
(iv) शकरकंद (a) प्राकृतिक वर्धी प्रजनन
(v) ब्रायोफाइलम (b) पर्ण कलिका द्वारा प्रजनन

 

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

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WBBSE Class 10 Life Science Chapter 2B Question Answer – प्रजनन तथा वृद्धि

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
बैक्टेरिया में किस प्रकार का प्रजनन होता है ?
उत्तर :
द्विभंजन (Binary fission)।

प्रश्न 2.
लैंगिक प्रजनन की इकाई क्या है ?
उत्तर :
युग्मक (Gamete)।

प्रश्न 3.
अलैंगिक प्रजनन की इकाई क्या है ?
उत्तर :
बीजाणु (Spore)।

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प्रश्न 4.
नर गैमिट क्या है ?
उत्तर :
शुक्राणु (Sperm)।

प्रश्न 5.
मादा गैमिट क्या है ?
उत्तर :
अण्डा या अण्डाणु (Ova या Ovum)।

प्रश्न 6.
एक ऐसे जन्तु का नाम बताओ जिसमें लैंगिक तथा अलैगिक दोनों प्रकार की प्रजनन क्रिया होती है।
उत्तर :
हाइड्रा (Hydra)।

प्रश्न 7.
एक जन्तु का नाम बताओ जिसमें अलैंगिक प्रजनन होता है।
उत्तर :
अमीबा (Amoeba)।

प्रश्न 8.
एक ऐसे पौधे का नाम बताओ जिसमें पत्ती द्वारा प्रजनन होता है।
उत्तर :
अजूबा (Bryophyllum)।

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प्रश्न 9.
एक ऐसे पौधे का नाम बताओ जिसमें कंजुगेशन होता है।
उत्तर :
स्पाइरोगाइरा (Spirogyra)।

प्रश्न 10.
एक ऐसे जन्तु का नाम बताओ जिसमें कंजुगेशन होता है।
उत्तर :
पैरामिसियम (Paramoecium)।

प्रश्न 11.
पार्थेनोजेनेसिस में भाग लेने गैमिट को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
एजाइगोस्पोर (Azygospore)।

प्रश्न 12.
एक एककोशिकीय पौधे का नाम बताओ जिसमें लैंगिक प्रजनन होता है।
उत्तर :
क्लेमाइडोमोनास (Chlamydomonas)।

प्रश्न 13.
दो असमान गैमिट के मिलन से उत्पत्न सन्तान क्या कहलाता है ?
उत्तर :
संकर (Hybrid)।

प्रश्न 14.
कुछ जीवों में भ्रूण का निर्माण अनिषेचित अण्डे से होता है, उस क्रिया का नाम बताओ।
उत्तर :
पार्थेनोजेनेसिस (Parthenogenesis)।

प्रश्न 15.
एक ऐसे पौधे का नाम बताओ जिसमें जड़ द्वारा प्रजनन होती है।
उत्तर :
शकरकन्द (Sweet Potato)।

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प्रश्न 16.
वृद्धि मापक यंत्र क्या कहलाता है ?
उत्तर :
ऑक्जेनोमीटर (Auxanometer)।

प्रश्न 17.
अग्र प्रविभाजी में होने वाला वृद्धि क्या कहलाती है ?
उत्तर :
प्राथमिक वृद्धि (Primary growth)।

प्रश्न 18.
पार्श्व प्रविभाजी में होने वाली वृद्धि क्या कहलाती है ?
उत्तर :
द्वितीयक वृद्धि (Secondary growth)।

प्रश्न 19.
नर तथा मादा गैमिट के परस्पर संयोग को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
सिनगेमी (Syngamy)।

प्रश्न 20.
वृद्धि की उच्च दर का समय क्या है ?
उत्तर :
रात में (In night)।

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प्रश्न 21.
पौधे द्वारा एक दिन में प्रकाश प्राप्त करने की अवधि को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
फोटो अवधि (Photo period)।

प्रश्न 22.
जाइगोट क्या है ?
उत्तर :
निषेचन के पश्चात् उत्पन्न डिप्लायड कोशिका को जाइगोट कहते हैं।

प्रश्न 23.
एजाइगोस्पोर क्या है ?
उत्तर :
पार्थेनोजेनेसिस में भाग लेने वाले गैमिट को एजाइगोस्पोर कहते हैं।

प्रश्न 24.
बीजाणु क्या है ?
उत्तर :
बीजाणु अलैंगिक प्रजनन की इकाई है जो अंकुरित होकर नये पौधे को जन्म देती है।

प्रश्न 25.
मेरिस्टेम क्या है ?
उत्तर :
वह पादप उत्तक जिनमें कोशिका विभाजन की क्षमता अधिक होती है।

प्रश्न 26.
कंजुगेशन क्या है ?
उत्तर :
प्रजनन हेतु एक ही जाति के दो सदस्यों के अस्थाई संयोग को कंजुगेशन कहते हैं।

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प्रश्न 27.
श्रूण क्या है ?
उत्तर :
यह प्राय: निषेचित या कभी-कभी अनिषेचित ओवम द्वारा विकसित अपरिपक्व जन्तु अथवा पौधा है।

प्रश्न 28.
निषेचन क्या है ?
उत्तर :
नर तथा मादा गैमिट के परस्पर मिलन को निषेचन कहते हैं।

प्रश्न 29.
ट्यूब केन्द्रक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
पराग नलिकाओं में उपस्थित अगले बड़े केन्द्रक को ट्यूब केन्द्रक (tube nucleus) कहते हैं।

प्रश्न 30.
सिनगेमी क्या है ?
उत्तर :
नर तथा मादा गैमिट के परस्पर संयोग को सिनगेमी कहते हैं

प्रश्न 31.
आइसोगैमिट क्या है ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन में भाग लेने वाले नर तथा मादा गैमिट सभी प्रकार से समान हो, उसे आइसोगैमिट (Isogamete) कहते हैं।

प्रश्न 32.
एनआइसोगैमिट क्या है ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन में भाग लेने वाले नर तथा मादा गैमिट आकार, आयतन तथा प्रकृति में भिन्न होते हैं, उसे एनआइसोगैमिट (Anisogamete) कहते हैं।

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प्रश्न 33.
प्रजनन क्या है ?
उत्तर :
सजीवों द्वारा अपने जैसी सन्तान उत्पन्न करने की क्रिया को प्रजनन कहते हैं।

प्रश्न 34.
लैंगिक प्रजनन के लिए फूल का कौन सा चक्र आवश्यक है ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन के लिए फूल का पुमंग (Androecium) तथा जायांग (Gynaecium) आवश्यक है।

प्रश्न 35.
मैटिंग क्या है ?
उत्तर :
मैथुन क्रिया हेतु नर तथा मादा के जननांगों के परस्पर संयोग को Mating कहते हैं।

प्रश्न 36.
जननांग क्या है ?
उत्तर :
प्रजनन क्रिया में भाग लेने वाले गैमिट्स को उत्पन्न करने वाले अंग जननांग (Gonads) कहे जाते हैं। जैसेवृषण, अण्डाशय आदि।

प्रश्न 37.
बीजाण्ड में अण्डे की स्थिति क्या है ?
उत्तर :
बीजाण्ड में अण्डे सदा माइक्रोपाइल की ओर स्थित होता है।

प्रश्न 38.
परागण क्या है ?
उत्तर :
परागकोष (Anther) से परागकणों के गर्भकुण्ड (Stigma) पर पहुँचने की क्रिया को परागण कहते हैं।

प्रश्न 39.
अण्डप के विभिन्न भाग कौन-कौन हैं ?
उत्तर :
अण्डप (Carpel) के तीन भाग हैं –
(a) Style
(b) Stigma
(c) Ovary

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प्रश्न 40.
वृद्धि क्या है ?
उत्तर :
सजीवों के शरीर के आयतन तथा शुष्क भार में होने वाली स्थायी परिवर्तन को वृद्धि कहते हैं।

प्रश्न 41.
वृद्धि को प्रभावित करने वाले बाह्य कारकों के नाम बताओ ।
उत्तर :
वृद्धि को प्रभावित करने वाले बाह्य कारक तापक्रम, प्रकाश, वायु, जल आदि हैं।

प्रश्न 42.
वृद्धि के लिए आवश्यक अन्तःकारकों के नाम बताओ ?
उत्तर :
वृद्धि के लिए आवश्यक अन्तःकारक हार्मोन, भोज्य पदार्थ, इन्जाइम आदि हैं।

प्रश्न 43.
क्रेस-को-ग्राफ क्या है ?
उत्तर :
वह उपकरण जिसके द्वारा पौधों की वृद्धि लगभग 10,000 गुना बढ़ा कर मापी जाती है, क्रेस-को-ग्राफ कहलाता है।

प्रश्न 44.
क्रेस-को-ग्राफ का अविष्कार किसने किया ?
उत्तर :
सर जगदीश चन्द्र बसु ने क्रेस-को-ग्राफ का अविष्कार किया था।

प्रश्न 45.
प्राथमिक वृद्धि क्या है ?
उत्तर :
अग्र प्रविभाजी उत्तक में होने वाली वृद्धि को प्राथमिक वृद्धि कहते हैं।

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प्रश्न 46.
द्वितीयक वृद्धि क्या है ?
उत्तर :
पार्श्थ प्रविभाजी या कैम्बियम में होने वाली वृद्धि को द्वितीयक वृद्धि कहते हैं।

प्रश्न 47.
परागण कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर :
परागण दो प्रकार के होते हैं –
(i) स्व परागण (Self pollination),
(ii) पर परागण (Cross pollination)

प्रश्न 48.
अण्डाशय क्या है ?
उत्तर :
अण्डप के सुराही के समान फूली हुई आधार को अण्डाशय कहते हैं।

प्रश्न 49.
कुक्षि वृन्त या गर्भ दण्ड क्या है ?
उत्तर :
अण्डाशय के ऊपर खोखली नली के आकार वाली रचना को style कहते हैं।

प्रश्न 50.
कुक्षि क्या है ?
उत्तर :
Style के ऊपर फूली हुई घुण्डी के समान रचना को Stigma कहते हैं।

प्रश्न 51.
पुष्प के सहायक चक्र का नाम लिखिए।
उत्तर :
वाह्यदलयुंज एवं दलपुंज पुष्प के सहायक चक्र हैं।

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प्रश्न 52.
नीचे दिया गया जोड़ा मिलते-जुलते शब्द हैं। दूसरे जोड़े की खाली जगह में उपयुक्त शब्द भरिए :
Fertilization : Sporophytic plant :………….. : Gametophytic plant.
उत्तर :
Fertilization: Sporophytic plant : Sporulation : Gametophytic plant.

प्रश्न 53.
बीजरहित फल उत्पादन की विधि को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
पार्थेनोकार्पी।

प्रश्न 54.
ओल (सूरन) में किस प्रकार का प्रजनन पाया जाता है ?
उत्तर :
सूरन या ओल में वर्धी प्रजनन होता है।

प्रश्न 55.
निषेचन किस प्रकार के प्रजनन में होता है ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन।

प्रश्न 56.
निर्दिष्ट केन्द्रक की क्या भूमिका है ?
उत्तर :
पुष्पीय पौधों के निषेचन में एक नर गैमिट निर्दिष्ट केन्द्रक से संयोग कर त्रिगुणित 3) इन्डोस्पर्मिक केन्द्रक (Triploid Endospermic Nucleus) का निर्माण करता है। इससे भूरणोष Endosperm) उत्पन्न होता है।

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प्रश्न 57.
जल परागित पुष्प की विशेषता लिखिए।
उत्तर :
जल परागित पुष्प में बड़ी संख्या में परागकण (Pollengrains) उत्पन्न होते हैं। इसके गर्भमुण्ड पर परागकण चिपक जाते हैं। बीज कड़े आवरण द्वारा ढ़के होते हैं, जो जल में सड़ते नहीं है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
स्पाइरोगायरा तथा प्लैनेरिया में कौन से विधि से अलैंगिक प्रजनन होता है ?
उत्तर :
(i) स्पाइरोगाइरा – अपखणण्डन (Fragmentation)
(ii) प्लैनेरिया – पुनरूत्पादन (Regeneration)

प्रश्न 2.
मनुष्य के विकास में अंतिम परिणति या प्रौढ़ावस्था में हड्डियों तथा दृष्टि संबंधी दो बदलाव का उल्लेख करो।
उत्तर :
(i) हड्डियाँ – हड्डियाँ कमजोर हो जाती है। इनमें उपस्थित अस्थिमज्जा का निमार्ण भी कम होने लगता है।
(ii) दृष्टि – आँख से देखने की क्षमता में कमी आ जाती है।

प्रश्न 3.
नीचे दिये पौधों में कौन कारक परागण का कार्य करते हैं :
धान, शिमूल, हाइड्रिला,आम

पौधा परागण कारक
(i) धान वायु
(ii) शिमूल पक्षी
(iii) हाइड्रिला जल
(iv) आम कीट

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प्रश्न 4.
प्रजनन से क्या समझते हो ?
उत्तर :
ऐसी जैविक प्रक्रिया जिसके द्वारा सजीव अपने समान अन्य जीव की सृष्टि कर अपनी वंश परम्परा को कायम रखते हैं तथा वंश वृद्धि करते हैं, उसे प्रजनन कहते हैं।

प्रश्न 5.
प्रजनन कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर :
प्रजनन निम्न चार प्रकार के होते हैं –

  1. वर्धी प्रजनन (Vegetative reproduction)
  2. लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction)
  3. अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction)
  4. पार्थेनोजेनेसिस (Parthenogenesis)

प्रश्न 6.
वर्धी प्रजनन क्या है ?
उत्तर :
वर्धी प्रजनन (Vegetative reproduction) : पौधों के वर्धी भाग में होने वाली प्रजनन की वह विधि जिसमें पौधे का कोई अंग पौधे से अलग हो जाता है तथा अनुकूल परिस्थिति में विकसित होकर नये पौधे को जन्म देता है, वर्धी प्रजनन कहलाता है।

प्रश्न 7.
लैंगिक प्रजनन क्या है ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction) : नर युग्मक तथा मादा युग्मक के संयोग से उत्पन्न जाइगोट नामक रचना के विकसित होने से नये जीव के उत्पन्न होने की विधि को लैंगिक प्रजनन कहते हैं।

प्रश्न 8.
अलैंगिक प्रजनन क्या है ?
उत्तर :
अलैंगिक प्रजनन (Asexual reproduction) : केवल एक ही जन्तु या पौधे से दूसरे जन्तु या नया पौधा बनने की उस विधि को जिसमें प्रजनन की इकाई गैमिट भाग नहीं लेती है, उसे अलैंगिक प्रजनन कहते हैं।

प्रश्न 9.
पार्थेनोजेनेसिस क्या है ?
उत्तर :
प्रजनन की वह विशेष विधि जिसमें बिना निषेचन के ही अण्ड कोशिका से नये जीव का निर्माण होता है उसे पार्थेनोजेनेसिस कहते हैं।

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प्रश्न 10.
वर्धी प्रजनन के दो महत्व बताओ।
उत्तर :
(i) इस विधि द्वारा उत्पन्न पौधे अपने जनक पौधों के समान फल तथा फूल उत्पन्न करते हैं।
(ii) इस विधि द्वारा कम खर्च में तथा कम समय में अधिक से अधिक पौधे उत्पन्न किये जा सकते हैं।

प्रश्न 11.
लैंगिक प्रजनन के दो महत्व लिखिए।
उत्तर :
(i) इससे उत्पन्न सजीवों में वातावरण के प्रति अनुकूलन की क्षमता अधिक होती है।
(ii) इससे उत्पन्न सन्तानों में विभिन्नताएँ आती हैं, जो क्रम विकास के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 12.
पुष्पिय पौधों के निषेचन को द्वि-गुणित निषेचन क्यों कहते हैं ?
उत्तर :
परागण में उपस्थित दोनों नर गैमिट भूण कोष में उपस्थित Ova तथा Polar nucleus में अलग-अलग संयोग करते हैं, अतः पुष्पिय पौधों के निषेचन को double fertilization कहते हैं।

प्रश्न 13.
मुकुलन (Buidding) द्वारा प्रजनन करने वाला एक पौधा एवं एक प्राणी का नाम लिखिए।
उत्तर :
मुकुलन द्वारा प्रजनन करने वाला पौधा – यीस्ट
मुकुलन द्वारा प्रजनन करने वाला प्राणी – हाइड्रा

प्रश्न 14.
कृत्रिम वर्धी प्रजनन की कौन-कौन विधियाँ हैं ?
उत्तर :
कृत्रिम वर्धी प्रजनन निम्न विधियों द्वारा होता है-

  1. दाब कलम (Layering)
  2. शाखा कलम (Cutting)
  3. रोपण (Graftiŕg)
  4. शाखा बन्धन (Inarching)
  5. गुटी द्वारा (By Goottee)

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प्रश्न 15.
वर्धी प्रजनन से दो हानि बताओ।
उत्तर :

  1. वर्धी प्रजनन द्वारा नये गुण वाले पौधे उत्पन्न नहीं होते हैं।
  2. इस प्रजनन द्वारा उत्पन्न पौधे शारीरिक रूप से दुर्बल या हीन होते हैं, तना पतले तथा टेढ़े होते हैं।

प्रश्न 16.
जन्तुओं में अलैंगिक प्रजनन की कौन-कौन सी विधियाँ हैं ?
उत्तर :

  1. द्विविखण्डन द्वारा (By binary fission) – अमीबा, पारामिसियम
  2. बहुविखण्डन द्वारा (By multiple fission) – प्लाज्मोडियम
  3. कलिका द्वारा (By budding) – हाइड्रा
  4. प्रनर्जनन (Regeneration) – प्लेनेरिया।

प्रश्न 17.
पार्थेनोकार्पी क्या है ?
उत्तर :
बिना निषेचन के ही अण्डाशय से फल में बदलने की क्रिया को पार्थेनोकार्पी कहते हैं। इस फल में बीज नहीं पाये जाते हैं। जैसे- केला, शहतूत, अमरूद इत्यादि।

प्रश्न 18.
नर युग्मक तथा मादा युग्मक का नाम बताओ।
उत्तर :
प्रजनन क्रिया में भाग लेने वाले नर युग्मक पौधे में परागकण तथा जन्तुओं में शुक्राणु (Sperm) तथा मादा युग्मक ओवम या अण्डे (Ovum or Egg) होते हैं।

प्रश्न 19.
अन्तः निषेचन से क्या समझते हो ?
उत्तर :
जब निषेचन की क्रिया जनन अंगों के अन्दर सम्पन्न होती है तो उस निषेचन को अन्तः निषेचन कहते हैं। जैसेसरीसृप वर्ग, पक्षी तथा स्तनपायी वर्ग।

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प्रश्न 20.
पुनर्जनन क्या है ?
उत्तर :
प्रजनन की वह विधि जिसके द्वारा किसी जीव का अंग कई खण्डों में विभक्त होने पर प्रत्येक भाग पुन: एक नये जीव के रूप में विकसित हो जाता है। इस क्रिया को पुनर्जनन कहते हैं।

प्रश्न 21.
पौधों में वृद्धि का क्षेत्र क्या है ?
उत्तर :
पौधों के वृद्धि प्रदेश के मेरिस्टेमेटिक ऊत्तकों में वृद्धि के फलस्वरूप तने तथा जड़ की लम्बाई में वृद्धि होती है। पार्श्व प्रविभाजी में वृद्धि के फलस्वरूप पार्श्र शाखाओं में वृद्धि होती है।

प्रश्न 22.
वृद्धि को प्रभावित करने वाले विभित्र कारक कौन-कौन हैं ?
उत्तर :
वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक –

  1. अन्त:कारक (Internal factor) – हार्मोन, इन्जाइम, भोज्य पदार्ध आट्।
  2. बाह्ध कारक (External factor) – प्रकाश, ताप, वायु, जल आदि।
  3. विशेष कारक (Special factor) – वातावरण, वंशागति।

प्रश्न 23.
पुनर्निर्माण वृद्धि क्या है ?
उत्तर :
पौधों के कटे या टूटे-फूटे अंगों में कोशिका विभाजन की क्रिया तीव्र होती है, फलस्वरूप टूटी-फूटी कोशिकाओं की मरम्मत होती है जिससे घाव भरते हैं, पुनर्निमाण वृद्धि कहलाता है।

प्रश्न 24.
परागण क्या है ?
उत्तर :
परागण (Pollination) – परागकोष से परागकणों के गर्भमुण्ड (Stigma) पर पहुँचने की क्रिया को परागण कहते हैं। परागण दो प्रकार का होता है –
(i) स्व परागण (Self pollination)
(ii) पर-परागण (Cross pollination)।

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प्रश्न 25.
पर परागण क्या है ?
उत्तर :
किसी एक ही प्रजाति के दो पौधे के फूलों में एक के पराग कण दूसरे फूल के Stigma पर पहुँचने की क्रिया को पर-परागण कहते हैं।

प्रश्न 26.
Definitive केन्द्रक क्या है ?
उत्तर :
भूण कोष के बीच उपस्थित वह केन्द्रक जो दो केन्द्रको के fussion से बनती है उसे definitive या seconctary nucleus कहते हैं।

प्रश्न 27.
Am’ipodal Cells क्या है ?
उत्तर :
भुण, कोष के अन्दर आधार पर तीन कार्य विहीन कोशिकाओं के समूह को Antipodal Cell कहते हैं।

प्रश्न 28.
शिशुकाल अवस्था क्या है ?
उत्तर :
जन्म के 10 महीने से 12 वर्ष की अवस्था को शिशु अवस्था या शैशव काल कहते हैं। इस अवस्था में वृद्धि की दर क्रमश: बढ़ती जनाती है।

प्रश्न 29.
पुमंग में कौन-कौन सी रचनायें पायी जाती हैं।
उत्तर :
पुमंग में निम्नलिखित रचनायें पायी जाती हैं –
(a) पुष्प तन्तु (F lament)
(b) परागकोष (Anther)
(c) संयोजक (Connective)

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प्रश्न 30.
भ्रूणकोष त्या है ?
उत्तर :
Nucellus कोशिकाओं में अण्डाकार थैलीनुमा रचना पायी जाती है जिसे भूणकोष कहते हैं। इसके अन्दर 8 केन्द्रक उपस्थित रहते हैं।

प्रश्न 31.
माइक्रोपाइल क्या है ?
उत्तर :
Ovule चारों ओर से इन्टीगुमेनट्स (Integuments) नामक आवरण से ढका रहता है। चारों ओर से आवरण युक्त Ovule एक ओर से खुला रहता है। इस खुले भाग को माइक्रोपाइल (Micropyle) कहते हैं।

प्रश्न 32.
परण नली क्या है ?
उत्तर :
Stigma पर परागकण फूल कर बड़े हो जाते हैं तथा जर्म स्सोर के रास्ते से एक नली द्वारा बाहर निकलते हैं। इस नली को पराग नली (Pollen tube) कहते हैं।

प्रश्न 33.
लैंगिक प्रजनन से क्या-क्या हानियाँ हैं ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन से हानि :

  1. यह प्रजनन की एक जटिल प्रक्रिया है, इसमें समय अधिक लगता है।
  2. इस प्रजनन के लिए नर तथा मादा एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
  3. इस प्रजनन से अधिक सन्तान उत्पन्न करने पर जनक प्राय: नष्ट हो जाते हैं।

प्रश्न 34.
पर-परागण का एक लाभ और एक हानि लिखिए।
उत्तर :
लाभ : (i) नई किस्मों का उत्पादन (ii) हानिकारक गुणों को पृथक करना।
हानि : (i) पराग कण अधिक मात्रा में बनते हैं जो व्यर्थ जाते हैं। (ii) हानिकारक प्रभावी गुणों का संतति में प्रकट होना।

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प्रश्न 35.
स्व-परागण के किन्हीं एक लाभ तथा एक हानि लिखिए।
उत्तर :
स्व-परागण से लाभ :- (i) जनको के गुण संतति में सुरक्षित रहते हैं।
स्व-परागण से हानि : – (i) पीढ़ी दर पीढ़ी एकान्तरण होने से वह प्रजाति कमजोर हो जाती है।

प्रश्न 36.
स्टॉक और सिऑन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर :
स्टॉक और सिऑन :- रोपण विधि द्वारा कृत्रिम वर्धी प्रजनन में जड़युक्त पौधे के तना को स्टॉक कहा जाता है, जो घटिया किस्म का होता है। इसके ऊपर उच्च कोटि का तना लगाया जाता है, जिसे सिऑन कहते हैं।

प्रश्न 37.
यूक्रोमैटिन की दो विशेषताएँ लिखें।
उत्तर :
यूक्रोमैटिन (Euchromatin) :- कोशिका विभाजन के समय क्रोमैटिन तन्तु कसा हुआ कुण्डलित तथा मोटा हो जाता है, इसे युक्रोमैटिन कहते हैं। इसमें अधिक मात्रा में DNA होता है। इसी भाग में क्रॉसंग ओवर (Crossing Over) की क्रिया होती है।

प्रश्न 38.
दो पौधा का नाम बताइए जिसमें वर्धी प्रजनन होता है।
उत्तर :
(i) जल कुम्भी एवं
(ii) आलू में वर्धी प्रजनन होता है।

प्रश्न 39.
‘बडिंग’ किस प्रकार का प्रजनन है ? यह किस पौथा में पाया जाता है ?
उत्तर :
(a) बडिंग अलैंगिक प्रजनन है।
(b) यह यीस्ट में पाया जाता है।

प्रश्न 40.
एक पौथा और एक जंतु प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए जहाँ पार्थेनोजिनेसिस होता है।
उत्तर :
(i) पौधा-केला (Banana)
(ii) जंतु-नर मधुमक्खी (Honeybee)

प्रश्न 41.
वायु द्वारा परागण करने वाले पौधों के पुष्प का अनुकूलनीय विशेषता बताइए।
उत्तर :
(a) परागकण हल्के किन्तु अधिक संख्या में उत्पन्न होते हैं।
(b) वर्तिकाग्र पंखदार होता है।
(c) परागवं गष जल्द फटने वाले होते हैं।

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प्रश्न 42.
स्व-परागण किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जब एक फूल के परागकोष से निकला परागकण अपने ही फूल की वर्तिकाग्र पर या इसी पौधे के नि की दूसरे फूल की वर्तिकाग्र पर पहुँचता है तो इसे स्व-परागण कहते हैं।

प्रश्न 43.
दोहरा निषेचन से आप क्या समझते हैं ? यह कहाँ पाया जाता है ?
उत्तर :
(a) दोहरा निषेचन (Double fertilization) : भूणकोष में स्थित दो मादा युग्मकों को दो नर युग्मकों से मिलने की क्रिया को दोहरा निषेचन कहते हैं।
(b) यह पुष्प के अंडाशय के अंदर स्थित भूरकोष में पाया जाता है।

प्रश्न 44.
प्राकृतिक वर्धी प्रजनन कितने प्रकार के होते हैं।
उत्तर :
प्राकृतिक वर्धी प्रजनन निम्न प्रकार के होते हैं –

  1. विभाजन द्वारा (By fission)
  2. विखण्डन द्वारा (By fragmentation)
  3. कलिका द्वारा (By budding)
  4. अपस्थानिक कलिका द्वारा (By ac/entitious buds)

प्रश्न 45.
निषेचन कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर :
निषेचन की क्रिया निम्न प्रकार के होते हैं –

  1. अन्त: निषेचन (Internal fertilization)
  2. बाद्य निषेचन (External fertilization)
  3. स्व निषेचन (Self fertilization)
  4. पर निषेचन (Cros fertilization)

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
कलिका द्वारा प्राकृतिक वर्धी प्रजनन का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
कलिका द्वारा (By budding) प्राकृतिक वर्धी प्रजनन : इस प्रकार का प्रजनन Yeast में हो ता है। Yeast अपने शरीर पर कलिकायें उत्पन्न करता है। इसका केन्द्रक एमाइटोसिस पद्धति द्वारा साधारण रूप से ववभाजित होकर दो केन्द्रक उत्पन्न करता है। इसमें एक केन्द्रक कोशिका द्रव्य के साथ एक कलिका में प्रवेश कर जारit है। बाद में यह केन्द्रक युक्त कलिका Yeast से अलग होकर नये पौधे में बदल जाता है।

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प्रश्न 2.
वर्धी प्रजनन के महत्व क्या-क्या हैं ?
उत्तर :
वर्धी प्रजन के महत्व निम्नलिखित हैं –

  1. इस प्रजनन में कम समय में अधिक संततियाँ उत्पन्न होती हैं तथा उत्पन्न संततियाँ जनक के समान होते हैं।
  2. इसमे वंश वृद्धि निश्चित रहती है।
  3. कृत्रिम वर्धी प्रजनन द्वारा उत्पन्न किस्म के पौधे उत्पन्न किये जा सकते हैं।
  4. इस प्रजनन में समय तथा मेहनत कम लगता है तथा क्षति की सम्भावना भी कम रहती है।

प्रश्न 3.
वर्धी प्रजनन से क्या-क्या हानियाँ हैं ?
उत्तर :

  1. इस प्रजनन द्वारा नये गुण वाले पौधे उत्पन्न नहीं हो पाते हैं।
  2. वर्धी प्रजनन द्वारा उत्पन्न पौधे शारीरिक रूप से दुर्बल या हीन होते हैं।
  3. इसके तने पतले तथा टेढ़े होते हैं।

प्रश्न 4.
पुनर्जनन क्या है ?
उत्तर :
इस क्रिया में जन्तुओं के शरीर से प्रवर्धन निकलते हैं जिन्हें कलिका(buds) कहते हैं। ये कलिका मात्त कोशिका में बढ़ती रहती है तथा अनुकूल परिस्थिति में ये मातृ देह से अलग होकर व्यस्क प्राणी में बदल जाते हैं। जैसे- हाइड्रा, प्लेनेरिया, स्पंज आदि।

प्रश्न 5.
बहु विखंडन क्या है ?
उत्तर :
यह अलैंगिक प्रजनन की एक विधि है। इस प्रकार के प्रजनन में व्यस्क कोशिका का केन्द्रक अनेक केन्द्रिका (Nuclei) में विभाजित हो जाता है। प्रत्येक केन्द्रक के चारों ओर साइटोप्लाज्म एकत्रित होकर प्रत्येक केन्द्रक को बीजाणु में बदल देता है। अन्त में यह बीजाणु मातृकोशिका से बाहर निकल आते हैं तथा व्यस्क प्राणी में बदल जाते हैं। जैसेअमीबा, प्लाज्मोडियम आदि।

प्रश्न 6.
प्रजनन क्रिया discontinuous growth क्यों कहलाती है ?
उत्तर :
प्रजनन क्रिया के अन्तर्गत जनक तथा भावी सन्तान के बीच एक ऐसी अवस्था आती है जिसमें कुछ समय के लिए वृद्धि रुक जाती है तथा प्रजनन के बाद उत्पत्न सन्तानों में यह पुन: आरम्भ हो जाती है। इसलिए प्रजनन क्रिया को discontinuous growth कहते हैं।

प्रश्न 7.
पार्थेनोकार्पी की परिभाषा लिखो तथा कृषि में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालें।
उत्तर :
बिना निषेचन के ही अण्डाशय के फल में बदलने की क्रिया को पार्थेनोकार्पी कहते हैं। इस प्रकार उत्पन्न फल में बीज नहीं पाया जाता है, जैसे- संतरा, केला, नींबू आदि। ऑक्सिन हार्मोन बीजहीन फल उत्पन्न करने में अहम भूमिका निभाता है। पार्थेनोकार्पी फलों की माँग बाजार में अधिक है। खेती को उन्नत करने में पर्थेनोकार्पी प्रमुख भूमिका निभाता है।

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प्रश्न 8.
अलैंगिक प्रजनन के महत्व क्या-क्या हैं ?
उत्तर :
अलैंगिक प्रजनन के महत्व :-

  1. अलैंगिक प्रजनन, प्रजनन की सरल विधि है। इस प्रजनन में केवल एक ही जनक की आवश्यकता पड़ती है।
  2. इस प्रजनन में एक ही साथ अनेक जीवों की उत्पत्ति हो जाती है।
  3. इस प्रजनन में वंश वृद्धि की दर तेज होती है।
  4. इस प्रजनन द्वारा उत्पन्न जीव अपने जनक के समान होते हैं।

प्रश्न 9.
लैंगिक प्रजनन कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन मुख्यत: दो प्रकार का होता है-
1. सिनगैमी (Syngamy) : यह निम्न प्रकार का होता है-
(a) आइसोगैमी (Isogamy)
(b) ऐनआइसगैमी (Anisogamy)
(c) ऊगैमी (Oogamy)।

2. कंजुगेशन (Conjugation)

प्रश्न 10.
पार्थेनोकार्पी की परिभाषा लिखो तथा कृषि में इसकी भूमिका पर प्रकाश डालें।
उत्तर :
बिना निषेचन के ही अण्डाशय के फल में बदलने की क्रिया को पार्थेनोकार्पी कहते हैं। इस प्रकार उत्पन्न फल में बीज नहीं पाया जाता है, जैसे- संतरा, केला, नींबू आदि। ऑक्सिन हार्मोन बीजहीन फल उत्पन्न करने में अहम भूमिका निभाता है। पार्थेनोकार्पी फलों की माँग बाजार में अधिक है। खेती को उन्नत करने में पार्थेनोकार्पी प्रमुख भूमिका निभाता है।

प्रश्न 11.
लैंगिक प्रजनन के महत्व क्या-क्या हैं ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन के महत्व :-

  1. यह प्रजनन की एक उन्नत विधि है, इस प्रजनन में उत्पन्न सन्तान में माता-पिता दोनों के गुणों का समावेश रहता है।
  2. इस प्रकार के प्रजनन में Crossing over की क्रिया होती है जिससे विभिन्नताये उत्पन्न होती हैं।
  3. इस प्रजनन में उत्पन्न जीवों में अनुकूलन की प्रचूर क्षमता पायी जाती है।
  4. इस प्रजनन में उत्पन्न सन्तान अधिक स्वस्थ तथा उनमें प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है।

प्रश्न 12.
लैंगिक प्रजनन से क्या-क्या हानियाँ हैं ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन से हानि :

  1. यह प्रजनन की एक जटिल प्रक्रिया है, इसमें खर्च के साथ-साथ समय भी अधिक लगता है।
  2. इस प्रजनन के लिए नर तथा मादा एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
  3. इस प्रजनन से अधिक सन्तान उत्पन्न करने पर जनक प्राय: नष्ट हो जाते हैं।

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प्रश्न 13.
अलैंगिक प्रजनन की अपेक्षा लैंगिक प्रजनन अधिक उत्तम है, क्यों ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन में नर तथा मादा गैमिट का संयोग होता है। फलस्वरूप इस विधि से उत्पन्न जीव में दोनों गुण का समावेश होता है। परन्तु अलैंगिक प्रजनन में नर तथा मादा गैमिट का fusion नहीं होता बल्कि बीजाणु का निर्माण होता है। अतः उसमें नर तथा मादा दोनों के गुण उपस्थित नहीं रहते। इसीलिए, अलैंगिक प्रजनन की अपेक्षा लेंगिक प्रजनन उत्तम है।

प्रश्न 14.
लैंगिक प्रजनन के लिए क्रम विकास महत्वपूर्ण है, क्यों ?
उत्तर :
सन्तानों की उत्पत्ति तथा उनमें नये गुणों का समावेश लैंगिक प्रजनन के द्वारा होता है। इन गुणों के कारण ही सन्तानों में विभिन्नताएँ आती हैं, जो क्रम विकास में सहायक है। अत: क्रम विकास के लिए लैंगिक प्रजनन आवश्यक है।

प्रश्न 15.
प्रजनन को स्वनित्यता माना जाता है – क्यों ?
उत्तर :
प्रजनन एक ऐसी क्रिया है जिसमें सजीव अपने संतान द्वारा अस्तित्व को बनाये रखता है अर्थात मृत्यु के बाद भी सजीव अपने सन्तान के रूप में जीवित रहता है। इसलिए प्रजनन को स्वनित्यता(Self perpetuation) का एक साधन माना जाता है।

प्रश्न 16.
पुष्पिय पौधों के निषेचन को द्वि-गुणित निषेचन क्यों कहते हैं ?
उत्तर :
परागण में उपस्थित दोनों नर गैमिट भूण कोष में उपस्थित Ova तथा Polar nucleus में अलग-अलग संयोग करते हैं, अत: पुष्पिय पौधों के निषेचन को double fertilization कहते हैं।

प्रश्न 17.
स्व-निषेचन क्या है ?
उत्तर :
स्व निषेचन (Self fertilization) : जब एक ही लैंगिक अंग से उत्पन्न शुक्राणु अपने ही अन्दर उपस्थित Ova को निषेचित करता है तो इस प्रकार के निषेचन को स्व निषेचन कहते हैं। यह निषेचन उभयलिंगी जन्तु या फूल में होता है। जैसे – फिता कृमी।

प्रश्न 18.
प्लासेन्टा क्या है ?
उत्तर :
यह मादा जनन अंग का एक महत्वपूर्ण भाग है जो पुष्प के अण्डाशय तथा स्तनपायी में गर्भाशय की दीवार एवं भ्रूण के मध्य एक नली के रूप में पाया जाता है। पुष्पीय पौधों में यह अपने ऊपर बीजाण्ड धारण किये रहता है। स्तनीय जन्तुओं में यह भ्रूण को पोषण तत्व, O2 आदि की उपलब्धि कराने के साथ-साथ उसके रक्त परिवहन एवं उत्सर्जन क्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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प्रश्न 19.
जन्तुओं तथा पौधों में अलैंगिक प्रजनन की कौन-कौन विधियाँ हैं ?
उत्तर :
जन्तुओं तथा पौधों में अलैंगिक प्रजनन की विधियाँ :-

  1. बीजाणु निर्माण द्वारा – बैक्टेरिया
  2. विखंडन द्वारा – स्पाइरोगाइरा, युलोध्रिक्स
  3. कलिका द्वारा स्साइरोगाइरा, युलोधिक्स – हाइड्रा आदि
  4. बहु विखंडन द्वारा हाइड्रा आदि – इन्टअमीबा (Entamoeba)
  5. द्विविखंडन द्वारा इन्टअमीबा (Entamoeba) – अमीबा, बैक्टेरिया आदि

दीर्घउत्तरीय प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
अनुक्रम तालिका (फ्लोचार्ट) की सहायता से फर्न में पीढ़ी एकांतरण को समझाओ। ‘ ‘प्रोफेज तथा टेलोफेज़ में विपरीत प्रकृति में बदलाव होता है” – ऐसे दो बदलावों को लिखो। 3 + 2
उत्तर :
फर्न में पीढ़ीयों का एकान्तरण :- कुछ पौधों का जीवन-चक्र दो स्पष्ट पीढ़ियों में पूरा होता है। जैसे – फर्न का पौधा। फर्न का मुख्य पौधा बीजाणुद्भिज (Sporophyte) द्विगुणित (Diploid) होता है। इसमें जड़, तना और पत्तियाँ होती हैं। कुछ पत्तियों के निचली सतह पर बीजाणुधानियाँ (Sporangia) पाई जाती हैं। इन पत्तियों को बीजाणुपर्ण (Sporophylls) कहते हैं। प्रत्येक बीजाणुधानी में 1216 बीजाणु मातृ कोशिकाएँ (Spore mother cells) होती हैं।

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प्रत्येक बीजाणु मातृ कोशिका अर्द्धसूत्रण (Meosis) कोशिका विभाजन की क्रिया के द्वारा चार अगुणित(Haploid) पुत्री कोशिकाएँ (Daughter cells) उत्पन्न करती हैं। इन पुत्री कोशिकाओं को बीजाणु (Spore) कहते हैं। बीजाणु के अंकुरण से गैमेटोफाइट पौधा प्रोथैलस बनता है। इसके नर अंग ऐथेरिडियम में नर युग्मक ऐन्थ्रोज्वाएड तथा मादा अंग आर्किगोनियम में मादा युग्मक अण्डकोशिका का निर्माण होता है। नर युग्मक और मादा युग्मक आपस में संयोग करके द्विगुणित जाइगोट का निर्माण करते हैं जो विकसित होकर स्फोरोफाइट पौधे का निमार्ण करते हैं।

प्रोफेज तथा टेलोफेज़ में विपरीत प्रकृति में बदलाव :

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प्रश्न 2.
माइक्रोप्रापगेशन् या सुक्ष्म प्रवर्धन (Micropropagation) किस प्रकार सम्पन्न होता है ? सपुष्पक पौधों के लैंगिक प्रजनन में निम्न तीन अवस्थाओं में क्या होता है ? गैमेट या प्रजनन कोशिका का निर्माण निषेचन, भ्रूण और नये पौधे का निर्माण। 3 + 2
उत्तर :
‘माइक्रो’ से तात्पर्य किसी वस्तु के सूक्ष्म आकार से होता है, जो पृथक किए गए किसी कोशिका अथवा ऊतक का अत्यंत छोटा टुकड़ा होता है। सर्वप्रथम वांछित भाग को संवर्धन माध्यम पर वृद्धि कर कैलस प्राप्त करते हैं। इसकी सभी कोशिकाएं समान होती हैं इसमें विभिन्न रसायनों के माध्यम से विभेदीकरण कराकर छोटे-छोटे पादप प्राप्त करते हैं जिन्हें पौधाशाल में रोपित कर पौधा प्राप्त कर सकते हैं।

गैमेट या प्रजनन कोशिका का निर्माण :- पौधो के पुष्प के पुकेसर के पराग कोष की जनन कोशिकायों में अर्द्धसूत्री विभाजन होता है। जिसके फलस्वरूप हेप्लायड क्रोमोसोम्स वाले नर युग्मक का निर्माण होता है। इसे पराग कण कहते हैं।
पुष्प के अण्डाशय के भाग की जनन कोशिकाओं में अर्ध सूत्री विभाजन के फलस्वरूप भ्रुणकोष में मादा युग्मकों का निर्माण होता हैं जिन्हें पोलर केन्द्रीकायें और अण्डा कहते हैं।

निषेचन (Fertilization) : Stigma पर के द्रव को शोषित करके परागकण फूल कर बड़े हो जाते हैं । परागकण को केन्द्रक विभाजित होता जाता है। इसकी बाहरी भिति exine फट जाती है। अन्दर की Intine एक नली के रूप में स्टाइल में प्रवेश करती हैं। इसे परागनली कहते हैं। इसमें दो नर केन्द्रक उपस्थित हैं। पराग नली धीरे-धीरे बढ़कर बीजाणु के बीजाण्डद्वार नामक छिद्र से होकर भ्रूण कोष की दीवाल सो स्पर्श करता है। इस स्थान की भूण कोष की दीवाल और पराग नली का शीर्ष भाग नष्ट हो जाता है जिससे पराग नली की दोनों नर केन्द्रक भ्रूण कोष के अंदर प्रवेश कर जाती हैं। अब अंडाणु की केन्द्रक एक नर केन्द्रक से मिलकर युग्मनज में बदल जाती है। इस विधा के निषेचन कहते हैं।

भूण का विकास (Development of Embryo) : इस प्रकार निषेचित अण्डाणु, लगातार विभाजित होकर बहु कोशिकीय भूण का निर्माण करता है। इसके पथ्वात अण्डाशय के विभिन्न भाग निम्न रूपों में परिवर्तित हो जाते हैं तथा फूल के अन्य अंग जैसे- वृति, दलचक्र आदि झड़कर गिर जाते हैं।

अण्डाशय (Ovary) का रूपान्तरण फल (Fruit) में बीजाण्ड (Ovule) का रूपान्तरण बीज (Seed) में तथा definitive nucleus इण्डोस्पर्म में होता है।
बीजाण्ड आवरण (Integument) का रूपान्तरण बीज खोल (Seed Coal) में होता है।

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प्रश्न 3.
वर्धी प्रजनन की व्याख्या करो। वायु परागित और जल-परागित पुष्पों की क्या विशेषताएँ हैं ?
उत्तर :
(क) वर्धी प्रजनन (Vegetative reproduction) : पौधों के वर्धी भागों द्वारा नये पौधे उत्पन्न करने को वर्धी प्रजनन कहते हैं। उदाहरण- budding, grafting, cutting आदि।

व्याख्या : वर्धी प्रजनन केवल पौधों में एक विशेष प्रकार का प्रजनन है। इसके अन्तर्गत पौधे का कोई भी वर्धी भाग प्राकृतिक अथवा कृत्रिम विधि से मुख्य पौथे से अलग हो जाता है। अनुकूल परिस्थितियों में इस भाग से जड़ों तथा शाखाओं का विकास होने लगता है और अन्य में एक नये पौधे का जन्म हो जाता है।

वायु-परागित पुष्प की विशेषता :

  1. पुष्प छोटे तथा फीके रंग के होते हैं।
  2. इनमें गंध नहीं होती है।
  3. इनके पुंकेसर लम्बे होते हैं जो पुष्प के बाहर निकले होते है।

जल-परागित पुष्प की विशेषता :

  1. परागकण अधिक संख्या में उत्पन्न होते हैं।
  2. परागकण जल में तैरते रहते हैं क्योंकि इनका विशिष्ट गुरूत्व जल से कम होता है।
  3. परागकल मादा पुष्य से मिलने तक तैरते रहते हैं। जैसे – वैलिस्नेरिया।

प्रश्न 4.
अलैंगिक जनन की तुलना में लैंगिक जनन से क्या लाभ हैं ?
उत्तर :
अलैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न आनुवांशिक गुणों में ठीक जनकों के समानता होती है, उनमें किसी तरह की भिन्नता नहीं पाई जाती है। लेकिन लैंगिक जनन में दो भिन्न लिंग (नर एवं मादा) भाग लेते हैं। उनके द्वारा अलग-अलग नर एवं मादा युग्मक, अर्द्धसूत्री विभाजन द्वारा बनते हैं। इस अर्द्धसूत्री विभाजन की क्रिया के दौरान होने वाली कॉसिंग ओवर के कारण DNA में भिन्नता उत्पन्न होती है। इस तरह लैंगिक जनन द्वारा दो जीवों से प्राप्त DNA के निषेचन के बाद युग्मनज में समाहित होने से विभिन्नताओं के नए संयोजन पैदा होते हैं, जो जीवों में विविधता उत्पन्न करता हैं और यह जैव विकास को गति देता है। अत: अलैंगिक जनन की तुलना में लैंगिक जनन जीवों में विविधता एवं जैव विकास के लिए लाभप्रद जनन विधि है।

प्रश्न 5.
प्राकृतिक वर्धी प्रजनन किन-किन विधियों द्वारा होती है? मुकुलन द्वारा, विखण्डन द्वारा, पत्तियों द्वारा तथा तने द्वारा होने वाली प्राकृतिक वर्धी प्रजनन का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
प्राकृतिक वर्धी प्रजनन निम्न विधियों द्वारा होता है –

  1. मुकुलन द्वारा (By budding)
  2. विखण्डन द्वारा (By fragmentation)
  3. पत्तियों द्वारा (By leaves)
  4. जड़ो द्वारा (By roots)
  5. भूमिगत तने द्वारा (By under ground stems)।

मुकुलन द्वारा (By budding) : इस प्रकार का वर्धी प्रजनन यीस्ट इत्यादि पौधों में देखा जाता है। इसमें सर्वप्रथम यीस्ट कोशिका से एक कलिका (bud) विकसित होती है जो बाद में मातृकोशिका से अलग होकर नये पौधे को जन्म देती है। लगातार कलिका निर्माण के फलस्वरूप कलिकाओं की एक कड़ी सी बन जाती है और केन्द्रक माइटोसिस विभाजन द्वारा विभाजित होकर प्रत्येक कलिका में चला जाता है। प्रत्येक कलिका एक नये पौधे को जन्म देने के लिए स्वतंत्र होती है।

निषेचन के पश्चात जाइगोट में बार-बार में समसूत्री विभाजन होता है जिसके फलस्वरूप बीजाण्ड् बीज के सम में और अण्डाशय फलस्वरूप में परिवर्तित हो जाता है। कुछ समय बाद आवश्यक परिस्थितियों को प्राप्त कर बीज अंकुरित होकर नये पौधा को जन्म देता है।

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विखण्डन द्वारा (By fragmentation) : विखण्डन द्वारा प्रजनन कुछ निम्न श्रेणी के जलीय पौधों में होती है। इस प्रजनन में ये प्राकृतिक कारणों से छोटे-छोटे खण्डों में टूट जाते हैं और प्रत्येक खण्ड से एक नये पौधे का जन्म होता है। जैसे स्पाइरोगाइरा म्यूकर आदि में।

पत्तियों द्वारा (By leaves) : कुछ पौधों की पत्तियाँ वर्धी प्रजनन में भाग लेती हैं। इन पत्तियों पर अपस्थानिक कलिकायें (Adventitious buds) विकसित हो जाती है। प्रत्येक कलिका एक नये पौधे को जन्म देती हैं। जैसे- अजूबा (Bryophyllum), बिगोनिया (Begonia), कलंची (Kalanchee) इत्यादि की पत्तियाँ।

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तने द्वारा (By stem) :
(a) भूमिगत तने द्वारा (By under ground stems) : आलू, प्याज, अदरख, सूरन आदि के तने भूमिगत होते हैं जो भोजन संचय के कारण फूले होते हैं। इन पर अग्रस्थ तथा कक्षस्थ कलिकायें विकसित होती हैं जिनसे अनुकूल परिस्थितियों में नये पौधे विकसित होते हैं।

(b) रेंगने वाले तने (Creeping stems): इस प्रकार के तने के उदाहरण निम्न हैं –

  1. भूप्रसारी (Runner) : मिट्टी की सतह के ऊपर रेंगने वाले तने जैसे – दूब, घास इत्यादि।
  2. भूस्तारी (Sucker) : मिट्टी की सतह के नीचे रेंगने वाले तने, जैसे – पुदीना (mint) इत्यादि।
  3. भू-स्तारिका (Offset) : जैसे जलकुम्भी उपर्युक्त पौधों के तनों की गाँठों पर कक्षस्थ कलिकायें विकसित होकर नये पौधे को जन्म देती है।

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प्रश्न 6.
कृत्रिम वर्धी प्रजनन किन-किन विधियों द्वारा होती है ? कलम लगाकर (By cutting) तथा रोपण (Grafting) द्वारा होने वाली कृत्रिम वर्धी प्रजनन का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
कृत्रिम वर्धी प्रजनन निम्न विधियों द्वारा होती है –

  • कलम लगाना (Cutting)
  • दाब लगाना (Layering)
  • गूटी (Gootee)
  • रोपण (Grafting)

कलम लगाना (Cutting) : इस विधि से पौधे के स्वस्थ तने का एक छोटा टकडा (3-12 ईंच) काटकर नम मिट्टी में या तो क्षैतिज या तिरछा करके गाड़ देते हैं। कुछ दिनों बाद इसकी गाँठों के निचले भाग से आकस्मिक जड़ों तथा ऊपरी भाग से प्ररोह का विकास होता है। इस प्रकार प्रत्येक गाँठ से एक नया पौधा उत्पन्न हो जाता है। तिरछे रूप से गाड़े हुए तने के निचले भूमिगत गाँठों से जड़ों तथा ऊपरी गाँठों से प्ररोह का विकास होता है। जैसे – गन्ना, गुलाब, जवा, अनार, अंगूर इत्यादि में।

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रोपण (Grafting) : इस विधि में एक जड़युक्त पौधे की शाखा को छीलकर उस पर उसी जाति के अच्छी किस्म के कटे हुए शाखा को छीलकर बाँधते हैं। एक जड़ युक्त पौधे की शाखा को स्टॉक (Stock) तथा दूसरी कटी हुई शाखा को सीऑन (Scion) कहते हैं। दोनों शाखाओं (Stock तथा Scion) की मोटाई समान होनी चाहिए। दोनों शाख़ाओं के जोड़ पर नम मिट्टी रखकर उसे कपड़े से बाँघ देते हैं। कुछ दिनों के बाद ये अच्छी तरह जुड़ जाते हैं और Scion से शाखायें निकलने लगती हैं। इस प्रकार रोपण द्वारा बटिया किस्म से बढिया किस्म के पौधे तैयार किये जाते हैं। रोपण निम्न प्रकार का होता है –

(a) कशा रोपण (Whip grafting) : इसमें स्टॉक तथा सिऑन को तिरछा काटकर जोड़ते हैं। जैसे- आम, अमरुद इत्यादि में।

(b) वेज रोपण (Wedge grafting) : इस विधि में स्टॉक ‘V’ के आकार का गर्त बनाकर Scion को उसी के अनुसार छोलकर उसमें फिट करते हैं। जैसे- आँवला, आम इत्यादि में।

(c) शाखा बंधन (Inarching) : इस विधि में समान जाति के एक बढ़िया तथा दूसरे घटिया किस्म के पौधों की शाखाओं को छीलकर आपस में बाँधते हैं। कुछ समय पश्चात् जब दोनों के ऊत्तक एक दूसरे से सट जाते हैं तो ऊपर वाली शाखा, जिसे stock के रूप में प्रयुक्त करते हैं, को जोड़ के ऊपरी भाग से काटकर अलग कर देते हैं। इस प्रकार स्वसथ पौधे की शाखा (Scion) कमजोर पौधे की शाखा (Stock) पर जाती है तथा अच्छे किस्म का पौधा तैयार हो जाता है, जैसे- आम, लीची इत्यादि में।

(d) कली रोपण (Bud grafting) : इसमें Scion कोई कलिका होती है जिसे छाल सहित काटकर Stock पर बनाये हुए गर्त में रख देते हैं। अब इसे मुलायम नम मिट्टी से ढँककर बाँध देते हैं। कुछ दिनों में कलिका से एक नया पौधा उत्पन्न होता है। जैसे- गुलाब, सेब इत्यादि।

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प्रश्न 7.
कृत्रिम कायिक प्रवर्धक (Artifical vegetative propagation) क्या है ? पौधों में प्राकृतिक वर्धी प्रजनन के दो उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
उत्तर : कृत्रिम कायिक प्रवर्धक : यह किया मानव द्वारा कल्पित है। पादप का कायिक भाग मातृ पादप से अलग कर स्वतंत्र रूप से उगाया जाता है तथा उससे नया पौधा प्राप्त करते हैं। इनकी मुख्य विधियाँ कलम लगाना (cutting), दाब कलम (layering), तथा रोपण (Grafting) आदि हैं।
पौघों में प्राकृतिक वर्धी प्रजनन :

  1. जड़ द्वारा (By root) : शकरकंद (Sweet potato) की जड़ मांसल होती है। अनुकूल परिस्थितियों में शकरकंद की मांसल जड़ों से नये पौधे का जन्म होता है।
  2. पत्तियों द्वारा (By leaves) : कुछ पौधों की पत्तियाँ वर्धी प्रजनन में भाग लेती हैं। इन पत्तियों पर आकस्मिक कलिकायें (Adventitious buds) विकसित हो जाते हैं। प्रत्येक कलिका एक नये पौधे को जन्म देती हैं। जैसे- अजूबा (Bryophyllum) !
  3. तने द्वारा (By stem) : आलू, प्याज, अदरख, सूरन आदि के तने भूमिगत होते हैं जो भोजन संचय के कारण फूले होते हैं। इन पर अग्रस्थ तथा कक्षस्थ कलिकायें विकसित होती हैं जिनसे अनुकूल परिस्थितियों में नये पौधे विकसित होते हैं।

प्रश्न 8.
कृत्रिम वर्धी प्रजनन तथा वर्धी प्रजनन का महत्व क्या है ? वर्धी प्रजनन से क्या-क्या हानियाँ हैं ?
उत्तर :
कृत्रिम वर्धी प्रजनन के निम्नलिखित महत्व हैं –

  1. कृत्रिम वर्धी प्रजनन द्वारा इच्छित फूल तथा फल उत्पन्न करने वाले पौधे को उत्पन्न किया जा सकता है।
  2. कृत्रिम वर्षी प्रजनन द्वारा अधिक दिनों में फल देने वाले पौधों से उत्पन्न नये किस्म वाले पौधे कम समय में फल देने लगते हैं।
  3. बीजहीन फलों जैसे- केला, अंगूर, अनारस आदि से तथा गुलाब, चमेली, गुड़हल आदि फूल के पौधों से कृत्रिम वर्धी प्रजनन द्वारा अन्य पौधे उत्पन्न किये जा सकते हैं।
  4. दरक, आलू, सूरन, हल्दी आदि तनों द्वारा कृत्रिम वर्धी प्रजनन क्रिया द्वारा ही नये पौधों की उत्पत्ति होती है।
  5. इस प्रजनन में समय तथा मेहनत कम लगता है।
  6. इस विधि में क्षति की सम्भावना कम रहती है।
  7. इस विधि से उत्पन्न पौधों का गुण तथा प्रकृति बीजों से उत्पन्न पौधों की तुलना में अधिक टिकाऊ होता है।

वर्धी प्रजनन का महत्व या लाभ (Significance of vegetative reproduction) :

  1. इस विधि द्वारा उत्पन्न पौधे अपने जनक पौधों के समान फल तथा फूल उत्पन्न करते हैं।
  2. इस विधि द्वारा कम समय में अधिक से अधिक पौधे उत्पत्न किये जा सकते हैं।
  3. यह प्रजनन की सरल विधि है तथा इसमें खर्च भी कम लगता है।
  4. इस विधि रा बीजरहित पौधे उत्पन्न किये जाते हैं।
  5. इस विधि द्वारा पन्न पौधे जल्द ही फल तथा फूल उत्पन्न करने लगते हैं।
  6. इस प्रजनन में उत्पन्न होने वाले पौधे जनक पौधे से अपना भोजन ग्रहण करते रहते हैं।

वर्धी प्रजनन से हानियाँ (Demerits of vegetative reproduction) :

  1. इस प्रजनन द्वारा नये गुण वाला पौधा उत्पन्न नहीं होता है।
  2. इस विधि द्वारा उत्पन्न पौधों में अनुकूलन की क्षमता कम होती है।
  3. ये पौधे शारीरिक रूप से दुर्बल तथा हीन होते हैं।
  4. इनके तने पतले तथा टेढ़े होते हैं। इसके कारण मोटे व्यास वाली लकड़ियाँ प्राप्त नहीं हो पाती है।

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प्रश्न 9.
अलैंगिक प्रजनन क्या है ? यह कितने प्रकार का है ? संक्षेप में इसका उल्लेख करो। अलैंगिक प्रजनन के महत्व तथा हानियाँ बताओ।
उत्तर :
अलैंगिक प्रजनन : केवल एक ही जन्तु या पौधा से दूसरा नया पौधा या जन्तु बनने की उस विधि को जिसमें प्रजनन की इकाई गैमिट भाग नहीं लेती है, उसे अलैंगिक प्रजनन कहते हैं।
अलैंगिक प्रजनन निम्न प्रकार से होता है –
i. विभाजन (Fission) : इस प्रकार का प्रजनन एक कोशिकीय प्राणियों जैसे- अमीबा, पैरामिसियम, युग्लिना आदि में पाया जाता है। यह निम्न प्रकार का होता है –
(a) द्विविभाजन (Binary fission) : इस प्रकार के विभाजन में मातृकोशिका का केन्द्रक तथा साइटोप्लाज्म साधारण रीति अर्थात एमाइटोसिस प्रक्रिया द्वारा विभाजित होकर दो पुत्री कोशिकाओं की सृष्टि करते हैं। ये दोनों पुत्री कोशिकायें दो विभिन्न जीवों में बदल जाती हैं।

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(b) बहु विभाजन (Multiple fission) : इस प्रकार के प्रजनन में व्यस्क कोशिका का केन्द्रक अनेक केन्द्रकों में विभाजित हो जाता है प्रत्येक केन्द्रक के चारों ओर साइटोप्लाज्म एकत्रित होकर प्रत्येक केन्द्रक को बीजाणु में बदल देते हैं। इस प्रक्रिया को sporulation कहते हैं। अन्तः में ये स्पोर मातृकोशिका से बाहर निकल आते हैं तथा व्यस्क प्राणी में बदल जाते हैं।

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ii. कलिका द्वारा (By budding) : हाइड्रा, फीता कृमि, एनिलिडा वर्ग के प्राणियों में इस प्रकार का प्रजनन होता है। इस क्रिया में जन्तुओं के शरीर से प्रवर्धन निकलते हैं जिन्हें कलिका (bud) कहते हैं। ये कलिका मातृकोशिका से भोज्य पदार्थ ग्रहण कर बढ़ती रहती है तथा अनुकूल परिस्थिति में ये मातृ देह से अलग होकर व्यस्क प्राणी में बदल जाते हैं।

iii. पुनरूत्पादन (Regeneration) : हाइड्रा, प्लानेरिया, लाइनिज, संज आदि में इस प्रकार की प्रजनन क्षमता पायी जाती है। इन जन्तुओं का शरीर कई खण्डों में विभाजित हो जाता है और प्रत्येक भाग एक नये जीव का रूप धारण कर लेता है। इस प्रकार की विशिष्ट प्रजनन क्रिया को regeneration कहते हैं।

अलैंगिक प्रजनन का महत्व (Importance of Asexual reproduction) :

  1. इस प्रजनन में एक ही साथ अनेक जीवों की उत्पत्ति हो जाती है
  2. इस प्रजनन में केवल एक ही जनक की आवश्यकता पड़ती है।
  3. इस प्रजनन से उतपन्न जीव के विकसित अंगों तथा शरीर की रचना में कोई विशेष अन्तर न होने के कारण प्राणियों के जीवित रहने की सम्भावना कम रहती है।
  4. इस प्रजनन में वंश वृद्धि की दर तीव्र होती है।
  5. इस प्रजनन द्वारा उत्पन्न जीव अपने जनक के सदृश्य होते हैं।
  6. यह प्रजनन विपरीत प्राकृतिक अवस्थाओं में होता है, अत: यह प्रजनन की सरल विधि है।

अलैंगिक प्रजनन से हानि (Demerits of Asexual reproduction) :

  1. इस प्रजनन में उत्पन्न सन्तानों में आनुवंशिक लक्षणों के संयोग न होने के कारण वंश में विभिन्नतायें उत्पन्न होती हैं।
  2. एक ही जनक से बार-बार प्रजनन होने से उनका अस्तित्व खतरा में पड़ जाता है।

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प्रश्न 10.
लैंगिक प्रजनन क्या है ? विभित्र प्रकार के लैंगिक प्रजनन का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
नर तथा मादा गैमिट के संयोग से उत्पन्न जाइगोट नामक रचना के विकसित होने तथा नये जीव के उत्पन्न होने की विधि को लैंगिक प्रजनन (Sexual reproduction) कहते हैं।
लैंगिक प्रजनन के प्रकार (Types of sexual reproduction) :
लैंगिक प्रजनन मुख्यतः दो प्रकार का होता है – 1. सिनगैमी (Syngamy), 2. कंजुगेशन (Conjugation)
(i) सिनगैमी (Syngamy) : इस प्रकार के प्रजनन में नर तथा मादा गैमिट का पूर्ण तथा स्थायी संयोग होता है। यह पौधों तथा जन्तुओं में लैंगिक प्रजनन की एक सामान्य विधि है। यह प्रजनन संयोग करने वाले नर तथा मादा गैमिट की विशिष्टता पर निर्भर करता है। यह प्रजनन निम्न तीन प्रकार का होता है।

(a) आइसोगैमी (Isogamy) : लैंगिक प्रजनन में भाग लेने वाले नर तथा मादा गैमिट सभी प्रकार से समान हों तो उन्हें आइसोगैमिट कहा जाता है तथा इनके संयोग को आइसोगैमी(Isogamy) कहा जाता है। जैसे- स्पाइरोगाइरा, म्यूकर, मोनोसिस्टिस आदि का लेगिक प्रजनन। आइसोगैमिट के मिलन से उत्पन्न द्विगुणित रचना को जाइगोस्पोर(Zygospore) कहते हैं।

(b) अनआइसोगैमी (Anisogamy) : लैंगिक प्रजनन में भाग लेने वाले नर तथा मादा गैमिट आकार, आयतन तथा प्रकृति में एक दूसरे से भिन्न होते हैं तो उन्हें अनआइसोगैमिट (Anisogamete) कहा जाता है तथा इनके संयोग को अनआइसोगैमी (Anisogamy) कहा जाता है। इसमें नर गैमिट छोटा एवं सक्रिय या सचल होता है जिसे शुक्राणु (Sperm) कहते हैं तथा मादा गैमिट बड़ा एवं निष्क्रिय होता है जिसे Ova कहते हैं। नर तथा मादा गैमिट का संयोग जनन अंगों के बाहर होता है, जैसे- क्लेमाइडोमोनास।

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(c) ओगैमी (Oogamy) : यह एक प्रकार का अनआइसोगैमी प्रजनन है जिसमें संयोग करने वाले गैमिट्स में नर गैमिट छोटा तथा सचल होता है तथा मादा गैमिट बड़ा तथा अचल होता है। मादा गैमिट मादा जनन अंगों के अन्दर रहता है तथा पुरुष गैमिट मादा जनन अंग में प्रवेश कर Ova के साथ संयोग कर जाइगोट की रचना करते हैं। अत: इस ओगैमी को अन्त: निषेचन (Internal fertilization) भी कहते हैं।

(ii) कंजुगेशन (Conjugation) : प्रजनन की वह विधि जिसमें एक ही जाति के दो विभिन्न गैमिट्स का अस्थाई संयोग होता है। फिर भी संयोग करने वाले गैमिट्स के जीवद्रव्य का आदानप्रदान होता है तथा नये जीव की उत्पत्ति होती है, इसे कंजुगेशन(Conjugation) कहते हैं। संयोग के समय कंजुगेशन नली द्वारा उनके केन्द्रिय पदार्थों का आदान-प्रदान होता है। कंजुगेशन के पश्धात् डिप्लायड रचना को जाइगोस्पोर(Zygospore) कहते हैं। जैसे- स्पाइरोगाइरा पैरामिसियम, म्यूकर आदि।

प्रश्न 11.
लैंगिक प्रजनन के महत्व तथा हानियाँ बताओ।
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन का महत्व :

  1. लैंगिक प्रजनन में उत्पन्न सन्तान में माता-पिता दोनों के गुणों का समावेश होता है।
  2. यह प्रजनन की एक उन्नत विधि है।
  3. इस प्रकार के प्रजनन में crossing over की क्रिया होती है जिसमें विभिन्नताएँ उत्पन्न होती है।
  4. इस विधि से उत्पन्न जीवों में अनुकूलन की प्रचुर क्षमता पायी जीत है।
  5. सन्तान अधिक स्वस्थ तथा उनमें प्रतिरोध की क्षमता अधिक होती है।

लैंगिक प्रजनन से हानि या दोष (Demerits of asexual reproduction) :

  1. लैंगिक प्रजनन में समय अधिक लगता है।
  2. यह एक जटिल प्रक्रिया है तथा खर्च भी अधिक पड़ता है।
  3. इस प्रजनन के लिए नर तथा मादा एक दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
  4. इस प्रजनन में सफलता भी सन्देहास्पद रहती है।
  5. अधिक प्रजनन या सन्तान उत्पन्न करने पर जनक प्राय: नष्ट या क्षीण नट्ट हो जाते हैं।

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प्रश्न 12.
पष्पीय पौधा में दोहरा निषेचन का वर्णन कीजिये।
उत्तर :
निषेचन (Fertilization) :
Stigma पर के द्रव को शोषित करके परागकण फूल कर बड़े हो जाते हैं। परागकण दो केन्द्रक विभाजित होता जाता है। दूसरी बाहरी भिति exine फट जाती है। अन्दर की intine एक नली के रूप में स्टाइल में प्रवेश करता है।

Pollen tube लम्बाई में बढ़ने लगता है तथा style द्वारा होता हुआ माइक्रोपाइल छिद्र के माध्यम से बीजाण्ड में प्रवेश करता है।

Pollen का जेनेरेटिव केन्द्रक (Generative nucleus) विभाजित होकर दो नर गैमिट का निर्माण करता है।

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Pollen tube, न्यूसेलस (Nucellus) कोशिकाओं को छेदकर भूण कोष के सम्पर्क में आ जाता है। यहाँ पर pollen tube का अग्र भाग फट जाता है जिससे दोनों नर गैमिट भूण कोष में प्रवेश कर जाते हैं। इस समय tube nucleus गायब हो जाता है।

दोनों नर गैमिट्स में एक नर गैमिट Ova या Egg से संयोग कर जाइगोट का निर्माण करता है। इस क्रिया को निषेचन कहते हैं। दूसरा नर गैमिट definitive nucleus से संयोग कर त्रिगुणित (3n) इन्डोस्पर्मिक केन्द्रक का निर्माण करता है।

चूँकि इस निषेचन में मादा गैमिट अलग-अलग स्थानों पर मादा तथा definitive nucleus से संयोग करता है, अतः इसे दोहरा निषेचन double fertilization भी कहते हैं।

प्रश्न 13.
वृद्धि क्या है? वृद्धि के कारण क्या हैं ?
उत्तर :
वृद्धि (Growth) : सजीवों के शरीर का आयतन तथा शुष्क भार में होने वाली स्थायी परिवर्तन को वृद्धि कहते हैं। वृद्धि के कारण (Cause of growth) : सजीवों में कोशिका विभाजन की क्रिया होती रहती है। कोशिका विभाजन के फलस्वरूप कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है जिससे आकार तथा आयतन बढ़ता है। साथ ही साथ विभिन्न ऊत्तकों में विभेदन के कारण जीव देह में वृद्धि होती है। कभी-कभी जीवों के विभिन्न अंगों में संयमी पदार्थों के कारण भी जीवों में वृद्धि होती है।

सेल्युलोज, पेक्टिन, लिग्निन आदि पदार्थों का जमाव पौधों में होता है, जिसके कारण इसकी कोशिकाओं के आकार में वृद्धि होती है। जन्तुओं के दाँत, नाखुन आदि में फास्फोरस, कैल्सियम आदि के तथा बाल में केरोटिन जमाव से वृद्धि होती है। जीवों में रचनात्मक क्रियाओं की दर अधिक होने के कारण जीवों के शरीर में शुष्क भार में वृद्धि होती है।

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प्रश्न 14.
वृद्धि की अवस्थाओं का वर्णन संक्षेप में करो।
उत्तर :
वृद्धि की अवस्था (Phase of Growth) :

  1. कोशिका विभाजन की अवस्था (Phase of cell division) : इस अवस्था में वृद्धि प्रदेश की कोशिका माइटोसिस विभाजन द्वारा विभाजित होकर अपनी संख्या में वृद्धि करता है।
  2. दीर्घीकरण अवस्था (Phase of Elongation) : कोशिका विभाजन से उत्पन्न पुत्री कोशिकाओं का आकार बढ़ता है तथा ये परिपक्व हो जाती हैं।
  3. विभेदन की अवस्था (Phase of differentiation) : पूर्ण आकार प्राप्त कर कोशिकायें विभिन्न प्रकार के ऊत्तको तथा उत्तक तंत्र का निर्माण करती है अर्थात कोशिकायें विभिन्न स्थायी ऊत्तकों में विभेदित हो जाती है।

प्रश्न 15.
विभिन्न प्रकार के वृद्धि का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
वृद्धि के प्रकार (Types of Growth) :
वर्धी वृद्धि (Vegetative Growth) : वर्धी वृद्धि के कारण निषेचन के पश्धात् जाइगोट बनता है। विभाजन प्रक्रिया द्वारा यह भूण में बदल जाता है तथा वृद्धि के द्वारा एक पूर्ण जीव की सृष्टि हो जाती है।

प्रजनन वृद्धि (Reproductive Growth) : इस प्रकार के प्रजनन द्वारा जीवों के जनन अंग परिपक्व होते हैं जिसके फलस्वरूप पौधों में फूल तथा फल उत्पन्न होता है तथा जन्तुओं के वृषण तथा अण्डाशय में वृद्धि होती है।

पुनर्निर्माण वृद्धि (Regenerative Growth) : पुनर्निर्माण वृद्धि के फलस्वरूप मृत तथा दूटी-फूटी कोशिकाओं की मरम्मत होती है तथा नये कोशिकाओं की उत्पत्ति होती है।

वृद्धि की दर (Rate of Growth) : जन्तुओं में वृद्धि की अवधि निश्चित होती है। जीवों के शरीर में वृद्धि सब समय समान नहीं होता है। प्रारम्भिक अवस्था में वृद्धि की दर बहुत कम रहती है, इसके बाद वृद्धि की दर बढ़ जाती है तथा अन्त में पुन: वृद्धि की दर घटने लगती है। वृद्धि की इस प्रारम्भ से लेकर अन्त तक की सम्पूर्ण अवधधि को Grand period of growth कहते हैं। ये अवधि क्रमश: Lag period, Accelerating period तथा Retarding period कहलाती है। पौधों में वृद्धि की दर ऑक्जेनोमीटर (Auxanometer) नामक यंत्र द्वारा मापा जाता है।

प्रश्न 16.
वृद्धि को प्रभावित करने वाले अन्तःकारकों का वर्णन करो।
उत्तर :
वृद्धि को प्रभावित करने वाले अन्त:कारक निम्न हैं –
इन्जाइम (Enzyme) : पौधों तथा जन्तुओं में विभिन्न प्रकार के इन्जाइम पाये जाते हैं। इस इन्जाइम से विभिन्न रासायनिक परिवर्तन द्वारा एनाबोलिक क्रियाओं की दर बढ़ती है, फलस्वरूप वृद्धि की दर बढ़ जाती है।
हार्मोन (Hormone) : पौधों में उपस्थित विभिन्न पादप हार्मोन जैसे- ऑक्सिन, साइटोकाइनिन, जिबरैलिन आदि वृद्धि को प्रभावित करते हैं। जन्तुओं में भी पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित STH हार्मोन, थाइरॉयड ग्रंथि द्वारा स्नावित थाइरॉक्सिन हार्मोन जन्तुओं की वृद्धि को प्रभावित करते हैं।
भोजन (Food) : पौधों तथा जन्तुओं में समुचित विकास के लिए भोजन आवश्यक है। भोजन से प्रोटोप्लाज्म का निर्माण होता है तथा वृद्धि नियंत्रित होती है।

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प्रश्न 17.
पौधों में वृद्धि के विभिन्न प्रकार का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
पौधों में वृद्धि निम्न तीन प्रकार की होती है-
भ्रूण का विकास (Development of Embryo) : पौधों में निषेचन के फलस्वरूप जाइगोट का निर्माण होता है जो विभाजित होकर भूण का निर्माण करता है। भूण का निर्माण बीजपत्र तथा इण्डोस्पर्म द्वारा होता है।
अंकुरण (Germination) : ऑक्सीजन, तापक्रम, जल आदि की उपस्थिति पादप हार्मोन जिबेरेलिन द्वारा भूरण की सुषुप्तावस्था टूटकर भूण बीज के बाहर अंकुरित हो जाता है। अंकुरण से भूणमूल जमीन में प्रवेश कर जड़तंत्र का निर्माण करता है तथा भ्रूणमुकुल मिट्टी से ऊपर निकलकर प्ररोह तंत्र का निर्माण करता है।
प्ररोह का विकास (Growth of seedling) : प्ररोह तंत्र अनुकूल वातावरण में विकसित होकर एक पूर्ण पौधे का रूप धारण कर लेता है। प्ररोह के विकास के समय पौधे में निम्न प्रकार की वृद्धि पायी जाती है।

(a) प्राथमिक वृद्धि (Primary Growth) : पौधों के अग्र प्रविभाजी में कोशिका विभाजन के फलस्वरूप पौधों की लम्बाई में वृद्धि होती है। विभिन्न प्रकार के ऊत्तक तंत्र का निर्माण होता है। इस ऊत्तक तंत्र से शाखायें प्रशाखायें निकलती हैं।
(b) द्वितीयक वृद्धि (Secondary Growth) : प्राथमिक वृद्धि के बाद पार्श्ध प्रविभाजी या कैम्बियम में कोशिका विभाजन के फलस्वरूप पौधों की मोटाई में वृद्धि होती है।
(c) प्रजनन वृद्धि (Reproductive Growth) : प्राथमिक वृद्धि तथा द्वितीयक वृद्धि के पक्धात् पौधों में पुष्प कलिकायें निकलती हैं जिससे फूल व फल का निर्माण होता है तथा पोधों में वंश विस्तार की क्रिया सम्पन्न होती है।
(d) पुनर्निर्माण वृद्धि (Regenerative Growth) : पौधों के कटे या दूटे-फूटे अंगों में कोशिका विभाजन की क्रिया तीव्र होती है। फलस्वरूप टूटी-फूटी कोशिकाओं की मरम्मत होती है जिससे घाव भरता है।

प्रश्न 18.
मनुष्य के वृद्धि में किशोरावस्था का क्या महत्व है ? इस अवस्था के दौरान मनुष्य में देखे जाने वाले किन्हीं तीन संकेत को लिखिए।
उत्तर :
किशोरावस्था (Adolescence) : 12 से 18 वर्ष तक की आयु की अवस्था किशोरावस्था (Puberty Stage) कहलाता है। इस अवस्था में वृद्धि की दर अधिक होती है, जिसके फलस्वरूप शरीर के प्रत्येक भाग में समूचित विकास प्रारम्भ हो जाता है। पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन (Testosterone) तथा खियों में एस्ट्रोजन (Estrogen) तथा प्रोजेस्टेरॉन (Progesterone) हार्मोन का साव उत्पन्न होने लगता है, जिसके फलस्वरूप Secondary Sexual Character का विकास होने लगता है।

इस अवस्था के दौरान मनुष्य में देखे जाने वाले संकेत : इस अवस्था में कई परिवर्तन होने लगते हैं-

  1. गुप्त अंगों पर बालों का उगना
  2. पुरुषों में दाढ़ी तथा मूँछों का निकलना
  3. औरतों की बोली में मिठास, पुरुषों के गले की आवाज में मोटापन आदि लक्षण उत्पन्न होने लगते हैं तथा मनुष्य पूर्ण वयस्क का रूप धारण करने लगता है।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 2B प्रजनन तथा वृद्धि

प्रश्न 19.
एक सजीव में वृद्धि कैसी होती है ? मनुष्य में शारीरिक वृद्धि की अवस्थाओं का नाम बताइए।
उत्तर :
जीवद्रव्य क्रियाशील होकर सम्पूर्ण शारीरिक क्रियाओं की सहायता से नए अंगों के निर्माण, शुष्क भार और आयतन में वृद्धि करते हैं। फलस्वरूप सजीवो को वृद्धि प्राप्त होती है।
मनुष्य में शारीरिक वृद्धि की कई अवस्थायें होती हैं जो निम्न हैं –

  1. शैश्वास्था (Infancy)
  2. बाल्यावस्था (Childhood)
  3. किशोरावस्था (Adolescence)
  4. वयस्कावस्था (Adulthood)
  5. जीर्णतश (Senescence)

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2A कोशिका विभाजन

Well structured WBBSE 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2A कोशिका विभाजन can serve as a valuable review tool before exams.

कोशिका विभाजन Class 10 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
माइटोसिस कोशिका विभाजन के किस स्तर में, केंद्रकला (केन्द्रक झिल्ली) तथा न्यक्लियोलस लुप्त हो जाते है-
(क) एनाफेज़
(ख) प्रोफेज़
(ग) मेटाफेज़
(घ) टेलोफेज़
उत्तर :
(ख) प्रोफेज़

प्रश्न 2.
इनमें से कौन DNA का संरचनात्मक अवयव नहीं है –
(क) डिआव्सिराइबोज़ शर्करा
(ख) युरेसिल क्षार
(ग) थायमिन क्षार
(घ) फॉंस्फोरिक अम्ल
उत्तर :
(ख) युरेसिल क्षार

प्रश्न 3.
आपने माइटोसिस कोशिका विभाजन की एक दशा में दो सिस्टर क्रोमेटिड को अलग होते हुए देखा। वह अवस्था है –
(क) प्रोफेज
(ख) टेलोफेज
(ग) एनाफेज
(घ) मेटाफेज
उत्तर :
(ग) एनाफेज

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प्रश्न 4.
कोशिका विभाजन के दौरान तुम किसी स्पाइंडल फायवर का गठन नहीं देखे हो। इस प्रकार का विभाजन कहलाता है –
(क) एमायटासिस
(ख) प्रथम मियोटिक विभाजन
(ग) द्वितीय मियोटिक विभाजन
(घ) मायटासिस
उत्तर :
(क) एमायटासिस।

प्रश्न 5.
जीन विनिमय होता है-
(क) समसूत्री में
(ख) असूत्री में
(ग) अर्द्धसूत्री में
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) अर्द्धसूत्री में

प्रश्न 6.
‘V’ आकार के गुणसूत्र जो मेटाफेज में है –
(क) एसेन्ट्रिक
(ख) ऐकोसेन्ट्रिक
(ग) मेटा सेन्ट्रिक
(घ) सब मेटा सेन्ट्रिक
उत्तर :
(ग) मेटा सेन्द्रिक।

प्रश्न 7.
न्युक्लिर ऑर्गनाइजिंग अंचल है –
(क) प्राथमिक संकुचन
(ख) द्वितीयक संकुचन
(ग) टिलोमोरिक अंचल
(घ) सैटेलाइट अंचल
उत्तर :
(ख) द्वितीयक संकुचन।

प्रश्न 8.
शारीरिक कोशिकाओं में क्रोमोजोम की संख्या –
(क) 22 जोड़े
(ख) 10 जोड़े
(ग) 36 जोड़े
(घ) 23 जोड़े
उत्तर :
(घ) 23 जोड़े।

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प्रश्न 9.
निम्नलिखित में कौन अम्ल DNA में उपस्थित है ?
(क) कार्बोनिल अम्ल
(ख) एसिटिक अम्ल
(ग) पायरूविक अम्ल
(घ) फास्फोरिक अम्ल
उत्तर :
(घ) फास्फोरिक अम्ल

प्रश्न 10.
माइटोसिस कोशिका विभाजन की किस अवस्था में गुणसूत्र स्पष्ट देखे जाते हैं ?
(क) प्रोफेज
(ख) मेटाफेज
(ग) एनाफेज
(घ) टेलोफेज
उत्तर :
(क) प्रोफेज

प्रश्न 11.
कोमोसोम पर जीन की स्थिति को कहते हैं –
(क) अलील
(ख) लोकस
(ग) कारक
(घ) ट्रेट
उत्तर :
(ख) लोकस

प्रश्न 12.
इस प्रजनन में सूत्री और अर्द्धसूत्री, दोनों प्रकार का कोशिका विभाजन होता है –
(क) लैंगिक
(ख) अलैंगिक
(ग) वर्धी
(घ) विखण्डन
उत्तर :
(क) लैंगिक

प्रश्न 13.
माइटोसिस कोशिका विभाजन की इस प्रावस्था में द्विघुवीय स्पिंडिल बनता है –
(क) टेलोफेज
(ख) एनाफेज
(ग) प्रोफेज
(घ) मेटाफेज
उत्तर :
(घ) मेटाफेज

प्रश्न 14.
कोशिका चक्र की किस अवस्था में डि. एन. ए. का संश्लेषण होता है ?
(क) G1 अवस्था
(ख) S अवस्था
(ग) G2 अवस्था
(घ) G0 अवस्था
उत्तर :
(ख) S अवस्था

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प्रश्न 15.
मनुष्य के युग्मक में ऑटोसोम्स की संख्या है –
(क) 22
(ख) 23
(ग) 2
(घ) 46
उत्तर :
(क) 22

प्रश्न 16.
बाइवैलेन्ट समजात क्रोमोसोम के निर्माण की विधि है –
(क) सिनेप्स
(ख) सिनैप्सिस
(ग) कासिंग ओवर
(घ) मेटाकाइनेसिस
उत्तर :
(ख) सिनैप्सिस।

प्रश्न 17.
Aa Bb से उत्पन्न गैमिट है –
(क) एक प्रकार
(ख) दो प्रकार
(ग) तीन प्रकार
(घ) चार प्रकार
उत्तर :
(घ) बार प्रकार।

प्रश्न 18.
किसी पौधे के परागकण में गुणसूत्रों की संख्या क्या होगी जिसके जड़ की कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या 18 है ?
(क) 9
(ख) 18
(ग) 27
(घ) 36
उत्तर :
(क) 9

प्रश्न 19.
क्रोमोजोम जिसके प्रायः सिरे पर सेण्ट्रोमियर रहता है, वह है –
(क) टेलोसेण्ट्रिक
(ख) मेटासेण्ट्रिक
(ग) ऐक्रोसेण्ट्रिक
(घ) सब-मेटासेण्ट्रिक
उत्तर :
(ग) ऐक्रोसेण्ट्रिक

प्रश्न 20.
मनुष्य जाति के मादाओं में गुणसूत्र का गठन……. है-
(क) 44 A+XY
(ख) 22 A+X
(ग) 22 AY
(घ) 44 A+XX
उत्तर :
(घ) 44 A+XX

प्रश्न 21.
आटोसोम्स और एलोसोम्स मनुष्य के युग्मक में संख्या क्रमशः हैं –
(क) 44,1
(ख) 22,2
(ग) 22,1
(घ) 44,2
उत्तर :
(ग) 22,1

प्रश्न 22.
माइटोसिस विभाजन की किस अवस्था में गुणसूत्र मध्यवर्ती क्षेत्र पर सज जाते हैं –
(क) टेलोफेज
(ख) अन्तरावस्था
(ग) एनाफेज
(घ) मेटाफेज
उत्तर :
(घ) मेटाफेज

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प्रश्न 23.
स्त्रियों का लिंग-निर्धारक क्रोमोजोम है –
(क) XY
(ख) XX
(ग) YY
(घ) XO
उत्तर :
(ख) XX

प्रश्न 24.
मियोसिस कोशिका-विभाजन में उत्पत्र पुत्री कोशिकाओं की संख्या है –
(क) 2
(ख) 4
(ग) 6
(घ) 8
उत्तर :
(ख) 4

प्रश्न 25.
माइटोसिस कोशिका विभाजन की किस दशा में केन्द्रिका झिल्ली का पुनः निर्माण हो जाता है।
(क) प्रोफेज
(ख) मेटाफेज
(ग) टिलोफेज
(घ) एनाफेज
उत्तर :
(ग) टिलोफेज

प्रश्न 26.
प्रत्येक क्रोमोजोम में क्रोमोटिड की संख्या :-
(क) एक
(ख) चार
(ग) दो
(घ) तीन
उत्तर :
(ख) दो।

प्रश्न 27.
मानव के द्विगुणित शारीरिक कोशिकाओं में क्रोमोजोम की संख्या होती है :-
(क) 2n=36
(ख) 2n=64
(ग) 2n=26
(घ) 2n=46
उत्तर :
(घ) 2n=46

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प्रश्न 28.
ऐसा क्रोमोजोम जिसके घुमावदार क्षोर पर सेन्ट्रोमियर स्थित रहता है, उसे कहा जाता है :
(क) एकोसेण्ट्रक क्रोमोजोम
(ख) मेटासेन्ट्रिक क्रोमोजोम
(ग) टेलोसेन्ट्रिक क्रोमोजोम
(घ) सब-मेटासेन्ट्रिक क्रोमोजोम
उत्तर :
(ग) टेलोसेन्ट्रिक क्रोमोजोम।

प्रश्न 29.
किस कोशिका विभाजन में शारीरिक कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है :
(क) माइटोसिस
(ख) एमाइटोसिस
(ग) मिओसिस
(घ) इनमे से कोई नहीं
उत्तर :
(क) माइटोसिस।

प्रश्न 30.
मिओसिस कोशिका विभाजन होती है :
(क) तंत्रिका कोशिका
(ख) शारीरिक कोशिका
(ग) जनन कोशिका
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) जनन कोशिका।

प्रश्न 31.
माड्टोसिस कोशिका विभाजन होती है :
(क) वर्धी भाग
(ख) जनन भाग
(ग) दोनों में
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) वर्षी भाग।

प्रश्न 32.
माइटोसिस क्रोमोसोम इक्वीटेरिबल प्लेन स्पंदन करते हैं :
(क) क्रोमोजोम
(ख) गोल्गी बॉडी
(ग) माइटोकोण्ड्रिया
(घ) माइकोट्यूब्युल्स
उत्तर :
(घ) माइकोटयूब्युल्स।

प्रश्न 33.
क्रोमोजोम का क्रासिंग ओवर होता है :
(क) माइटोसिस में
(ख) एमाइटोसिस में
(ग) मिओसिस में
(घ) किसी में नहीं में
उत्तर :
(ग) मिओसिस में

प्रश्न 34.
कोशिका द्रव के विभाजन को कहा जाता है :
(क) साइटोकाइनेसिस
(ख) कैरिओकाइनेसिस
(ग) दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) साइटोकाइनेसिस।

प्रश्न 35.
केन्द्रिका गायब हो जाता है :
(क) मेटाफेज में
(ख) एनाफेज में
(ग) टेलीफेज में
(घ) प्रोफेज में
उत्तर :
(क) मेटाफेज में।

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प्रश्न 36.
यीस्ट में कोशिका विभाजन होती है, के द्वारा :
(क) माइटोसिस
(ख) एमाइटोसिस
(ग) मिओसिस
(घ) मायरोसिस
उत्तर :
(ख) एमाइटोसिस।

प्रश्न 37.
यदि किसी पौथे की शारीरिक कोशिकाओं में क्रोमोजोम की संख्या 14 हो, तो माइटोसिस की कोशिका विभाजन के पश्चात पुत्री कोशिका के क्रोमोजोम की संख्या कितनी होगी :
(क) 7
(ख) 14
(ग) 21
(घ) 28
उत्तर :
(ख) 14

प्रश्न 38.
क्रोमोजोम्स स्थित रहते हैं :
(क) केन्द्रक
(ख) कोशिका द्रव
(ग) केन्द्रिका
(घ) सेन्ट्रोमियर
उत्तर :
(क) केन्द्रक।

प्रश्न 39.
क्रोमोजोम्स की संख्या का हास होता है :
(क) प्रजनन
(ख) एमाइटोसिस में
(ग) माइटोसिस में
(घ) मिओसिस में
उत्तर :
(घ) मिओसिस में।

प्रश्न 40.
माइटोसिस कोशिका विभाजन के दौरान केन्द्रक विभाजित होता है :
(क) एक बार
(ख) दो बार
(ग) तीन बार
(घ) विभाजित नहीं होता
उत्तर :
(क) एक बार।

प्रश्न 41.
यदि शारीरिक कोशिकाओं में क्रोमोजोम की संख्या 18 है, तो इन्डोस्पार्म में क्रोमोजोम की संख्या क्या होगी :
(क) 9
(ख) 18
(ग) 27
(घ) 36
उत्तर :
(ग) 27

प्रश्न 42.
क्रोमोजोम की गणना की जा सकती है :
(क) मेटाफेज
(ख) टिलोफेज
(ग) एनाफेज
(घ) प्रोफेज
उत्तर :
(क) मेटाफेज।

प्रश्न 43.
केन्द्रक विभाजन को कहा जाता है :
(क) साइटोकाइनेसिस
(ख) कैरियोकाइनेसिस
(ग) इन्टर काइनेसिस
(घ) गैमेटोजेनेसिस
उत्तर :
(ख) कैरियोकाइनेसिस।

प्रश्न 44.
मनुष्य की कायिक कोशिका में आटोसोम की संख्या है :
(क) 23
(ख) 24
(ग) 48
(घ) 44
उत्तर :
(घ) 44

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प्रश्न 45.
मानव शरीर के गैमिट में क्रोमोजोम की संख्या है :
(क) 23
(ख) 22
(ग) 46
(घ) 21
उत्तर :
(क) 23

प्रश्न 46.
जीन प्रस्तुत करता है :
(क) RNA
(ख) DNA
(ग) Nucleotides
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर :
(ख) DNA

प्रश्न 47.
डी एन ए (DNA) का मॉडल प्रस्तावित किया था :
(क) वाटसन एवं क्रिक ने
(ख) डेबरीज एवं फिशर ने
(ग) डारविन एवं हुक ने
(घ) डारविन एवं वाटसन ने
उत्तर :
(क) वाटसन एवं क्रिक ने ।

प्रश्न 48.
माइटोसिस को इस नाम से भी जाना जाता है :
(क) सोमैटोजेनेसिस
(ख) असमरूप विभाजन
(ग) गेमेटोजेनेसिस
(घ) विशुद्ध कोशिका विभाजन
उत्तर :
(क) सोमैटोजेनेसिस।

प्रश्न 49.
मिओसिस को इस नाम से भी जाना जाता है :
(क) गैमेटोजेनेसिस
(ख) सोमैटोजेनेसिस
(ग) समरूप विभाजन
(घ) सीधा कोशिका विभाजन
उत्तर :
(क) गैमेटेजेनेसिस।

प्रश्न 50.
ऐसी क्रिया जिसके द्वारा शारीरिक कोशिकाओं में विभाजन होता है :
(क) मिओसिस
(ख) माइटोसिस
(ग) एमाइटोसिस
(घ) साइटोकाइनेसिस
उत्तर :
(ख) माइटोसिस।

प्रश्न 51.
साइटोटिक स्पिण्डल का निर्माण होता है :
(क) मेटाफेज
(ख) एनाफेज
(ग) टेलीफेज
(घ) प्रोफेज
उत्तर :
(क) मेटाफेज।

प्रश्न 52.
बैक्टोरिबा पुन: उत्पन्न हो जाता है, के द्वारा :
(क) एमाइटोसिस
(ख) माइटोसिस
(ग) मिओसिस
(घ) क्रोमोसोम
उत्तर :
(क) एमाइटोसिस।

प्रश्न 53.
RNA के राइबोस शर्करा में कार्बन की संख्या उपस्थित रहती है –
(क) 2
(ख) 3
(ग) 4
(घ) 5
उत्तर :
(घ) 5

प्रश्न 54.
निम्नलिखित में से कौन ड़ी एन ए का सुगर है ?
(क) ग्लूकोज
(ख) सेलुलोज
(ग) डिआवसीराइवोज
(घ) राइवोज
उत्तर :
(ग) डिआक्सीराइवोज।

प्रश्न 55.
निम्नलिखित में से कौन आर एन ए का लक्षण नहीं है ?
(क) गुवानीन
(ख) यूरैसिल
(ग) एडेनिन
(घ) चायमिन
उत्तर :
(घ) थायमिन।

प्रश्न 56.
तर्कु तंतु का सम्बन्ध क्रोमोसोम के काइनेटोकोर से होता है –
(क) मेटाफेज में
(ख) एनाफेज में
(ग) प्रोफेज में
(घ) टेलोफेज में
उत्तर :
(ख) एनाफेज में।

प्रश्न 57.
निम्नलिखित में से कौन एक पाइरिमिडिन नहीं है ?
(क) गुआनीन
(ख) यूरासिल
(ग) थायमिन
(घ) सायटोसिन
उत्तर :
(ख) यूरासिल।

प्रश्न 58.
एक कोशिका में 25 सेन्ट्रोमियर उपस्थित है, तो उस कोशिका में क्रोमोसोम्स की संख्या कितनी होगी ?
(क) 10
(ख) 50
(ग) 25
(घ) 100
उत्तर :
(ग) 25

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प्रश्न 59.
निम्नलिखित में कौन स्पिन्डल के निर्माण में सहायता करता है ?
(क) सेन्ट्रिओल
(ख) केन्द्रक
(ग) राइबोसोम
(घ) माइटोकान्ड्रिया
उत्तर :
(क) सेन्ट्रिओल।

प्रश्न 60.
निम्नलिखित में कौन अर्द्धसूत्री विभाजन का लक्षण नहीं है ?
(क) प्रजनन कोशिकाओं में होता है
(ख) कोमोसोम का न्यूनीकरण विभाजन होता है
(ग) 2 कोशिकायें उत्पन्न होती हैं
(घ) 4 कोशिकायें उत्पन्न होती हैं
उत्तर :
(ग) 2 कोशिकायें उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 61.
समसूत्रण विभाजन है –
(क) न्यूनीकरण विभाजन
(ख) प्रथम न्यूनीकरण और इसके बाद सम विभाजन
(ग) प्रथम सम इसके बाद न्यूनीकरण
(घ) सम विभाजन
उत्तर :
(घ) सम विभाजन।

प्रश्न 62.
डी एन ए का द्विगुणन होता है –
(क) M अवस्था
(ख) G1 अवस्था
(ग) S अवस्था
(घ) G अवस्था
उत्तर :
(ग) S अवस्था।

प्रश्न 63.
एक द्विगुणित कोशिका में अर्द्धसूत्री विभाजन के पश्चात किस प्रकार की और कितनी कोशिकायें उत्पन्न होंगी ?
(क) 2 द्विगुणित कोशिकायें
(ख) 4 एक गुणित कोशिकायें
(ग) 4 द्विगुणित कोशिकायें
(घ) 2 द्विगुणित और 2 एक गुणित कोशिकायें
उत्तर :
(ख) 4 एक गुणित कोशिकायें।

प्रश्न 64.
क्रोमोसोम का टेलोमेरिक भाग है –
(क) सैटेलाइट
(ख) सेट्रोमियर
(ग) NOR
(घ) टेलोमियर
उत्तर :
(क) सैटेलाइट।

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प्रश्न 65.
निम्नलिखित में कौन समसूत्री विभाजन का लक्षण है ?
(क) 2n →2n – 2n
(ख) 2n – 4n – n – 2n
(ग) 2n – 4n – 4n – 4 n
(घ) 2n – n-2 n-n-n
उत्तर :
(क) 2n →2n – 2n

प्रश्न 66.
निम्नलिखित में कौन अन्तःवस्था का लक्षण है ?
(क) कोमैटिड का ध्रुव की ओर गति
(ख) कोमोसोम का इक्वाटोरियल प्लेट के साथ व्यवस्चित होना
(ग) डी एन ए का द्विगुणन
(घ) तर्कु तंतु का निर्माण
उत्तर :
(ग) डी एन ए का द्विगुणन।

प्रश्न 67.
जीन का अवयव है –
(क) सुगर + नाइट्रोजन बेस H2SO4
(ख) प्रोटीन + नाइट्रोजन बेस + H3PO4
(ग) सुगर + फास्फेट बेस H2CO3
(घ) सुगर + नाइट्रोजन बेस H3PO4
उत्तर :
(घ) सुगर + नाइट्रोजन बेस H3PO4

प्रश्न 68.
निम्नलिखित में से कौन यूक्रोमैटिन के निर्माण के लिए डी एन ए से जुड़ता है ?
(क) उदासीन हिस्टोन प्रोटीन
(ख) अम्लीय नान-हिस्टोन प्रोटीन
(ग) भष्मीय हिस्टोन प्रोटीन
(घ) भष्दीय नान-हिस्टोन प्रोटीन
उत्तर :
(ग) भष्मीय हिस्टोन प्रोटीन।

प्रश्न 69.
निम्नलिखित में कौन सही है ?
(क) G +S = अन्तःअवस्था
(ख) S + G2 = अन्त:अवस्था
(ग) G1 + G2= अन्तः अवस्था
(घ) G1 + S + G2= अन्त:अवस्था
उत्तर :
(घ) G1 + S + G2= अन्त:अवस्था

प्रश्न 70.
कैरियोकाइनेसिस की तृतीय अवस्था है –
(क) मेटाफेज
(ख) एनाफेज
(ग) प्रोफेज
(घ) टेलोफेज
उत्तर :
(ख) एनाफेज।

प्रश्न 71.
निम्नलिखित में से कौन जन्तु कोशिका के साइटोकाइनेसिस के लिए सही नहीं है ?
(क) कोशिका पट्टी का निर्माण होता है
(ख) पुत्री कोशिकायें एक दूसरे से दूर हो जाती हैं
(ग) गाल्जीकाय की कोई भूमिका नहीं होती है
(घ) क्लीभेज उत्पन्न होता है
उत्तर :
(क) कोशिका पट्टी का निर्माण होता है।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2A कोशिका विभाजन

प्रश्न 72.
अर्द्धसूत्री विभाजन नहीं होता है –
(क) स्पोर मातृ कोशिका में
(ख) युग्मक मातृ कोशिका में
(ग) भूरीय अक्ष में
(घ) युग्मनज में
उत्तर :
(घ) युग्मनज में।

प्रश्न 73.
ध्रुव की ओर क्रोमैटिड की गति लक्षण है –
(क) एनाफेज
(ख) प्रोफेज
(ग) मेटाफेज
(घ) टेलोफेज
उत्तर :
(क) एनाफेज।

प्रश्न 74.
निम्नलिखित में कौन मेटाफेज का लक्षण है –
(क) डिहाइड्रेशन
(ख) केन्द्रीय झिल्ली और न्यूक्लिओलस का गायब होना
(ग) क्रोमोसोम्स का इक्वाटोरियल प्लेट में व्यवस्थित होना
(घ) तुर्क तंतु का गायब होना
उत्तर :
(ग) क्रोमोसोम्स का इक्वाटोरियल प्लेट में व्यवस्थित होना।

प्रश्न 75.
वह कोशिका विभाजन जो जाइगोट से युग्मक का निर्माण करती है –
(क) मियोसिस
(ख) माइटोसिस
(ग) एमाटोसिस
(घ) पार्थेनोजिनेसिस
उत्तर :
(क) मियोसिस।

प्रश्न 76.
कोशिका विभाजन के किस अवस्था में गुणसूत्र से जल का अवशोषण होता है ?
(क) टिलोफेज
(ख) ऐनाफेज
(ग) मेटाफेज
(घ) प्रोफेज
उत्तर :
(घ) प्रोफेज।

प्रश्न 77.
निम्नलिखित में कौन टेलोफेज में भाग नहीं लेता है ?
(क) क्रोमैटिड से केन्द्रीय झिल्ली का पुनः उत्पन्न होना
(ख) केन्द्रीय झिल्ली और न्यूक्लिओलस का पुन: प्रकट होना
(ग) तर्कु तंतु का गायब होना
(घ) धुव की ओर सेन्ट्रिओल्स का गति करना
उत्तर :
(घ) धुव की ओर सेन्द्रिओल्स का गति करना।

प्रश्न 78.
अर्द्धसूत्री विभाजन पाया जाता है –
(क) अमीबा में
(ख) आर बी सी में
(ग) पादप कोशिका में
(घ) प्रजनन मातृ कोशिका में
उत्तर :
(घ) प्रजनन मातृ कोशिका में।

प्रश्न 79.
मनुष्य मे लिंग गुणसूत्र की संख्या होती है –
(क) 2
(ख) 1
(ग) 22
(घ) 44
उत्तर :
(क) 2

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प्रश्न 80.
निम्नलिखित में से कौन लिंग क्रोमोसोम का लक्षण नहीं है ?
(क) मानव में इसकी संख्या 2 है
(ख) यह मनुष्य में लिंग निर्धारित करता है
(ग) यह मनुष्य के भौतिक विशेषता को निर्धारित करता है
(घ) यह नारी में XX और पुरुष में XY है
उत्तर :
(ग) यह मनुष्य के भौतिक विशेषता को निर्धारित करता है।

प्रश्न 81.
क्रोमोसोम का वह भाग जो प्राथमिक संकुचन में पाया जाता है, कहलाता है –
(क) क्रोमोमीयर
(ख) सेण्ट्रोमीयर
(ग) टेलीमीयर
(घ) NOR
उत्तर :
(ख) सेण्ट्रोमीयर।

प्रश्न 82.
युग्मक में कोमोसोम की संख्या है –
(क) 2n
(ख) 3n
(ग) n
(घ) 4n
उत्तर :
(ग) n

प्रश्न 83.
सर्वप्रथम क्रोमोसोम की खोज किया था-
(क) वाल्डेयर
(ख) स्ट्रॉस बर्गर ने
(ग) काल्डेयर और सॉरूस बर्गार ने
(घ) इनमें से किसी ने नहीं
उत्तर :
(क) वाल्डेयर।

प्रश्न 84.
जीन शब्द का प्रथम प्रयोग किया था-
(क) जेम्स वाटसन ने
(ख) फ्रंसिस क्रिक ने
(ग) जानसन ने
(घ) इसमें से किसी ने नहीं
उत्तर :
(ग) जानसन ने

प्रश्न 85.
विल्किन्स, वाटसन और क्रिक को 1962 में नोबेल पुरस्कार दिया गया था –
(क) गुणपत्र की संरचना ज्ञात करने के लिए
(ख) जीव की संरवना ज्ञात करने के लिए
(ग) DNA अणु की संरचना ज्ञात करने के लिए
(घ) इनमें से किसी के लिए नहीं
उत्तर :
(ग) DNA अणु की संरचना ज्ञात करने के लिए

प्रश्न 86.
दोनों लैंगिक गुणसूत्र अलग होते हैं-
(क) मादा में
(ख) नर में
(ग) दोनों में
(घ) इनमें से किसी में नहीं
उत्तर :
(ख) नर में

प्रश्न 87.
1878-1882 के मध्य वाल्टर फ्लेमिंग ने आविष्कार किया था –
(क) एमाइ्टोसिस का
(ख) माइटोसिस का
(ग) मिओसिस का
(घ) इनमें से किसी का नहीं
उत्तर :
(ख) माइटोसिस का

प्रश्न 88.
G1 अवस्था है कोशिका चक्र की –
(क) विभाजन अवस्था
(ख) अन्तरावस्था का प्रथम चरण
(ग) अन्तरावस्था का द्वितीय चरण
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) अन्तरावस्था का प्रथम चरण

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2A कोशिका विभाजन

प्रश्न 89.
दैहिक कोशिका विभाजन होती है –
(क) माइटोसिस द्वारा
(ख) मियोसिस द्वारा
(ग) दोनों विधि द्वारा
(घ) एमाइटॉंसिस द्वारा
उत्तर :
(क) माइटोसिस द्वारा।

प्रश्न 90.
युग्मक का निर्माण होता है –
(क) माइटोसिस द्वारा
(ख) मियोसिस द्वारा
(ग) दोनो विधि द्वारा
(घ) एमाइटॉंसिस द्वारा
उत्तर :
(ख) मियोसिस द्वारा।

प्रश्न 91.
माइटोसिस के द्वारा बनी पुत्री कोशिकाओं की संख्या होती है
(क) दो
(ख) चार
(ग) छ:
(घ) आठ
उत्तर :
(क) दो।

प्रश्न 92.
मनुष्य के नर जाति के लिए कौन सा क्रोमोजोम सूत्र सटीक होगा –
(क) 44 A+X X
(ख) 44 A+XY
(ग) 44 A+XXY
(घ) 44 A+XYY
उत्तर :
(ख) 44 A+XY

प्रश्न 93.
जनन कोशिका में गुणसूत्र की कुल संख्या कहलाती है –
(क) हैप्लॉयड
(ख) डिप्लॉयड
(ग) जिनोम
(घ) जाइगोट
उत्तर :
(ग) जिनोम।

प्रश्न 94.
पुत्री कोशिकाओं के लिए मात् कोशिका का विभाजन कहलाता है –
(क) कोशिका विभाजन
(ख) केन्द्रक विभाजन
(ग) कोशिका द्रव्य विभाजन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) कोशिका विभाजन।

प्रश्न 95.
हमारे जीवन का भौतक आधार है –
(क) कोशिका द्रव्य
(ख) केन्द्रक
(ग) जीन्स
(घ) जीवद्रव्य
उत्तर :
(घ) जीवद्रव्य।

प्रश्न 96.
कोशिका का मस्तिष्क है –
(क) केन्द्रक
(ख) गुणसूत्र
(ग) सेण्ट्रासोम
(घ) माइटोकॉण्ड्रिया
उत्तर :
(क) केन्द्रक।

प्रश्न 97.
समसूत्रण है –
(क) न्यूनकारी विभाजन
(ख) समीकरणीय विभाजन
(ग) केन्द्रक विभाजन
(घ) कोशिका द्रव्य विभाजन
उत्तर :
(ख) समीकरणीय विभाजन।

प्रश्न 98.
स्पिण्डल तन्तु के निर्माण में कौन भाग लेता है ?
(क) माइटोकाण्ड्रिया
(ख) लाइसोसोम
(ग) माइकोट्युब्युल
(घ) गॉल्गीकाय
उत्तर :
(ग) माइकोट्युब्युल।

प्रश्न 99.
निम्नलिखित में कौन यूक्रोमैटिन का लक्षण नहीं है ?
(क) अविभाजन की अवस्था में हल्का और विभाजन की अवस्था में गाढ़ा स्टेन ग्रहण करता है
(ख) क्रोमैटिन का निष्क्रिय भाग
(ग) क्रोमैटिन का सक्रिय भाग
(घ) आर एन ए संगठन द्वारा प्रोटीन संश्लेषण में भाग लेता है
उत्तर :
(ख) क्रोमैटिन का निष्किय भाग।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. मेरुदंडियों में भ्रूण के विकास तथा बढ़ने के दौरान _______कोशिका विभाजन होता है।
उत्तर : माइटोसिस।

2. एडेनिन एक _______प्रकार का नाइट्रोजन युक्त क्षार है।
उत्तर : प्यूरिन। में होती है।

3. गुणसूत्रों के विनिमय की क्रिया _______ में होती है।
उत्तर : मियोसिस।

4. सेण्ट्रोसोम _______में भाग लेता है।
उत्तर : कोशिका विभाजन।

5. मलेरिया परजीवी में सामान्यत: _______द्वारा प्रजनन होता है।
उत्तर : विखंण्डन।

6. बीजाणु का निर्माण _______में होता है।
उत्तर : स्पोरोफिल।

7. शुक्राणु एवं अण्डाणु के संलग्न को _______कहा जाता है।
उत्तर : निषेचन।

8. जीवन चक्र है _______, परिपक्वता तथा_______
उत्तर : शैशव, जीर्णता।

9. परिपक्व अण्डाशय _______बनाता है तथा परिपक्व _______से बीज बनता है।
उत्तर : फल, बीजाण्ड।

10. मकरन्द का स्राव _______ग्रन्थियों द्वारा होता है।
उत्तर : मकर।

11. निर्दिष्ट केन्द्रक (Definitive Nucleus) में _______पाया जाता है।
उत्तर : भूणकोष।

12. मानव के _______गुणसूत्र के कारण ही नर (लड़का) पैदा होता है।
उत्तर : Y

13. स्त्रियों का मादा जनन अंग _______है।
उत्तर : अण्डाशय।

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2A कोशिका विभाजन

14. गुणसूत्र के हैप्लॉयड (अगुणित) संख्या को _______कहते हैं।
उत्तर : G1

15. _______ तथा _______ प्युरिन भस्म हैं।
उत्तर : एडेनिन, गुयानीन।

16. जाइगोट में _______गुणसूत्र रहता है।
उत्तर : द्विगुणित।

17. कोशिका चक्र की प्रथम अवस्था _______कहलाती है।
उत्तर : G1

18. क्रोमैटिन DNA तथा _______का बना जटिल यौगिक है।
उत्तर : प्रोटीन।

19. Germ Cell के प्रोटोप्लाज्म को _______कहते हैं।
उत्तर : जर्म प्लाज्म (Germplasm)

20. _______ को Little nucleus कहा जाता है।
उत्तर : केन्द्रका (Nucleolus)

21._______ में एडेनीन स्थित रहता है।
उत्तर : डी एन ए (DNA)

22. केन्द्रक विभाजन को _______कहा जाता है ।
उत्तर : कैरियोकाइनेसिस (Karyokinesis)

23. कोशिका द्रव विभाजन को _______कहा जाता है।
उत्तर : साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis)

24. आरम्भिक केन्द्रक _______में पाया जाता है।
उत्तर : प्रोकैरियोटिक कोशिका (Prokaryotic cell)

25. सेन्ट्रोसोम के केन्द्र को _______कहा जाता है।
उत्तर : सेन्ट्रीयोल (Centriole)

26. मिओसिस कोशिका विभाजन _______के उत्पादन काल में होता है।
उत्तर : परांगकण (Pollen grains)

27. DNA की इकाई है _______
उत्तर : न्यूकिलओटाइड (Nucleotide)

28. समजात क्रोमोजोम का जोड़ा _______कहलाता है।
उत्तर : बाइवेलेन्ट (Bivalent)

29. माइटोसिस कोशिका विभाजन को _______विभाजन के नाम से जाना जाता है।
उत्तर : समरूप (Equational)

30. किसी क्रोमोजोम के दोनों क्रोमैटिड्स को _______कहा जाता है।
उत्तर : सिस्टर क्रोमैटिड्स (Sister Chromatids)

31. माइटोसिस कोशिका विभाजन में की _______संख्या निश्चित रहती है।
उत्तर : क्रोमोजोम (Chromosome)

32. मिओटिक कोशिका विभाजन में _______पाया जाता है।
उत्तर : जर्म कोशिका (Germ cell)

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 2A कोशिका विभाजन

33. _______ कोशिका विभाजन मे मदद करता है।
उत्तर : सेन्द्रोसोम (Centrosome)

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. DNA में, एडिनीन गुआनीन से हाइड्रोजन बंधन द्वारा जुड़ा है।
उत्तर : False

2. डिम्बाणु केवल माइटोसिस के कारण उत्पत्न है।
उत्तर : False

3. DNA में मिलने वाले सभी नाइट्रोजनयुक्त क्षार (बेस) पाईरिमिडीन जाति के ही होते हैं।
उत्तर : False

4. अर्धसूत्री विभाजन में एक मातृ कोशिका से चार संतति कोशिकाएँ उत्पन्न होती हैं।
उत्तर : True

5. अन्त : स्तर के G2 स्तर में DNA की मात्रा द्विगुण हो जाती है।
उत्तर : False

6. जन्तु कोशिका विभाजन के समय तर्कु तन्तु का निर्माण तारक किरणों से होता है।
उत्तर : True

7. समसूत्री (माइटोसिस) कोशिका विभाजन में क्रॉसिंग ओवर होता है।
उत्तर : False

8. युग्मक में गुणसूत्र की संख्या 23 होती है।
उत्तर : True

9. स्त्रियों में XY – लिंग गुणसूत्र होता है।
उत्तर : False

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10. समसूत्री केन्द्रक विभाजन के टीलोफेज अवस्था में केन्द्रक झिल्ली पुन: उत्पन्नहोती है।
उत्तर : True

11. चार क्रोमैटिड वाले गुणसूत्र को बाई वैलेन्ट कहा जाता है।
उत्तर : False

12. शारीरिक कोशिका के विभाजन को समसूत्रण विभाजन कहते हैं।
उत्तर : True

13. लैंगिक प्रजनन के लिए अर्द्धसूत्रण विभाजन की जरुरत है।
उत्तर : True

14. अर्द्धसूत्रण विभाजन को इक्वेशनल विभाजन कहते हैं।
उत्तर : False

15. प्यूरिन बेस पाइरिमिडन बेस से भारी है।
उत्तर : True

16. कोशिका चक्र में चेकपाइन्टस आवश्यक नहीं है।
उत्तर : False

17. अंतः अवस्था कोशिका चक्र की अत्यधिक सक्रिय होता है।
उत्तर : True

18. अंतः अवस्था के संश्लेषित अवस्था में आरएनए और प्रोटीन का संश्लेषण होता है।
उत्तर : False

19. प्रजनन कोशिकाओं में डिप्लायड क्रोमोसोम्स उपस्थित होते हैं।
उत्तर : False

20. असूत्री विभाजन को प्रत्यक्ष कोशिका विभाजन कहते हैं।
उत्तर : True

21. गुणसूत्र के निश्चित जगह पर जहाँ ऐलील उपस्थित रहता है जीन अवस्थिति कहलाता है।
उत्तर : True

22. परागमन क्रिया माइटोसिस कोशिका विभाजन के मेटाफेज अवस्था में होती है।
उत्तर : False

23. पादप कोशिका में स्पिंडल तन्तु का निर्माण सेन्ट्रोसोम से होता है।
उत्तर : False

24. DNA में युरैसिल पाया जाता है।
उत्तर : False

25. क्रोमोसोंम का गठन न्यूक्लिओप्रोटीन से होता है।
उत्तर : True

26. सिस्टर क्रोमैटिड्स के बीच क्रॉसिंग ओवर होता है।
उत्तर : False

27. हेटरो क्रोमैटीन में DNA अल्प मात्रा में उपस्थित रहता है।
उत्तर : False

28. मेटाफेज अवस्था में स्पिण्डल विलुप्त हो जाता है।
उत्तर : False

29. कर्क रोग ग्रसित कोशिकाओं में इन्टरफेज अल्प अवधि का होता है।
उत्तर : True

30. DNA में मिलने वाली सभी नाइट्रोजनयुक्त क्षार (बेस) पाईरिमिडीन जाति की ही होते हैं।
उत्तर : False

31. कोशिका चक्र में तीन निगरानी बिन्दु होते है।
उत्तर : True

32. गुणसूत्र के अगुणित संख्या को जीनोम कहते हैं।
उत्तर : True

33. मनुष्य में 22 जोड़ीऑटोसोम होता है।
उत्तर : True

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34. जन्तु कोशिका विभाजन में तारक रश्मियों द्वारा तर्कु तन्तु का निर्माण होता है।
उत्तर : False

35. प्रोफेज में गुणसूत्र को गिनना संभव है।
उत्तर : False

स्तम्भ – ‘A’ के शब्दों से स्तम्भ – ‘B’ में दिये गये उपयुक्त शब्दों से मिलाइये तथा सही जोड़ा दोनों स्तम्भों की क्रमसंख्या के साथ लिखिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) 44 A+xy (a) R.N.A
(ii) पुरुष लिंग गुणसूत्र है। (b) एलिल
(iii) क्रांसिग-ओवर (c) मियोसिस
(iv) प्रोटिन संश्लेषण (d) अनियंत्रित कोशिका विभाजन
(v) समजात गुणसूत्र (e) पुरुष मनुष्य का क्रोमोजोम विन्यास
(vi) कैन्सर (f) xy

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) 44 A+xy (c) मियोसिस
(ii) पुरुष लिंग गुणसूत्र है। (f) xy
(iii) क्रांसिग-ओवर (c) मियोसिस
(iv) प्रोटिन संश्लेषण (a) R.N.A
(v) समजात गुणसूत्र (b) एलिल
(vi) कैन्सर (d) अनियंत्रित कोशिका विभाजन

प्रश्न 2.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) मनुष्य की शारीरिक कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या होती है। (a) एडेनिन और गुआनिन
(ii) जीवाणु गुणसूत्र (b) 22 जोड़े
(iii) आटोसोम (c) असूत्री कोशिका विभाजन
(iv) प्यूरिन (d) न्युक्लिआयड
(v) प्रत्यक्ष कोशिका विभाजन (e) 46

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) मनुष्य की शारीरिक कोशिका में गुणसूत्रों की संख्या होती है। (e) 46
(ii) जीवाणु गुणसूत्र (d) न्युक्लिआयड
(iii) आटोसोम (b) 22 जोड़े
(iv) प्यूरिन (a) एडेनिन और गुआनिन
(v) प्रत्यक्ष कोशिका विभाजन (c) असूत्री कोशिका विभाजन

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प्रश्न 3.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) कोशिका का शक्तिघर (a) इक्वेटर
(ii) निष्क्रिय चरण (b) एस्टर नहीं बनता
(iii) गुणसूत्रों का विन्यास (c) प्लेनेरिया
(iv) पादप कोशिका (d) माइटोकाँन्ड्रिया
(v) पुनरुद्भवन (e) Go

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) कोशिका का शक्तिघर (d) माइटोकाँन्ड्रिया
(ii) निष्क्रिय चरण (e) Go
(iii) गुणसूत्रों का विन्यास (a) इक्वेटर
(iv) पादप कोशिका (b) एस्टर नहीं बनता
(v) पुनरुद्भवन (c) प्लेनेरिया

प्रश्न 4.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) इसमें कोशिका दो बार विभाजित होती है। (a) सेंट्रियोल
(ii) केंद्रक विभाजन की विधि (b) 2x
(iii) सेंट्रोसोम की केन्द्रक (c) जीवाणु
(iv) द्विगुणित गुणसूत्र (d) कैरियोकाइनेसिस
(v) एककोशिय जीव (e) अर्धसूत्रण (Meiosis)

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) इसमें कोशिका दो बार विभाजित होती है। (e) अर्धसूत्रण (Meiosis)
(ii) केंद्रक विभाजन की विधि (d) कैरियोकाइनेसिस
(iii) सेंट्रोसोम की केन्द्रक (a) सेंट्रियोल
(iv) द्विगुणित गुणसूत्र (b) 2x
(v) एककोशिय जीव (c) जीवाणु

 

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 2A कोशिका विभाजन

Detailed explanations in West Bengal Board Class 10 Life Science Book Solutions Chapter 2A कोशिका विभाजन offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 10 Life Science Chapter 2A Question Answer – कोशिका विभाजन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
संपर्कयुक्त शब्दों का जोड़ा नीचे दिया गया है। पहले जोड़े के आधार पर, दूसरे जोड़े के खाली स्थान को उपयुक्त शब्द, से भरो : माइटोसिस : भूणमूल :: : स्पोर (जनन) मातृ कोशिका।
उत्तर :
मिओसिस

प्रश्न 2.
मनुष्य की पीढ़ी एकान्तरण में होने वाले एक परिवर्तन का उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
कर्णपिण्ड का संलग्न या स्वतंत्र होना।

प्रश्न 3.
सेन्ट्रोमियर का एक कार्य लिखिए।
उत्तर :
सेन्ट्रोमियर का कार्य क्रोमोजोम (गुणसूत्र) की गति का नियंत्रण एवं निर्देशन करना है।

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प्रश्न 4.
जीन कहाँ स्थित होता है ?
उत्तर :
गुण सूत्र पर जीन स्थित होता है।

प्रश्न 5.
DNA की इकाई क्या है ?
उत्तर :
न्यूक्लिओटाइड (Nucleotide)।

प्रश्न 6.
DNA में किस प्रकार का शर्करा पाया जाता है ?
उत्तर :
डिऑक्सी राइबोज शर्करा (Deoxy Ribose Sugar) या पेन्टोज शर्करा (Pentose sugar)।

प्रश्न 7.
अनुवांशिक लक्षणों का वाहक कौन है ?
उत्तर :
कोमोजोम (Chromosome)!

प्रश्न 8.
सेन्ट्रोसोम का केन्द्रक क्या कहलाता है ?
उत्तर :
सेन्ट्रिओल (Centriole)।

प्रश्न 9.
अनुनाभिक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
केन्द्रिका (Nucleolus)।

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प्रश्न 10.
कोशिका का मस्तिष्क कौन कहलाता है ?
उत्तर :
केन्द्रक (Nucleus) को।

प्रश्न 11.
केन्द्रक का पता सर्वप्रथम किसने लगाया ?
उत्तर :
राबर्ट बाउन (Robert Brown) ने।

प्रश्न 12.
माइटोसिस कोशिका विभाजन कहाँ होती है ?
उत्तर :
शारीरिक कोशिकाओं में (In Somatic Cells)।

प्रश्न 13.
किस कोशिका विभाजन के कारण क्रोमोजोम की संख्या पुत्री कोशिकाओं में मातु कोशिका की आधी हो जाती है ?
उत्तर :
मिओसिस (Meosis)।

प्रश्न 14.
किस प्रकार की कोशिका विभाजन में शारीरिक कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है ?
उत्तर :
माइटोसिस (Mitosis)।

प्रश्न 15.
जर्म कोशिका का प्रोटोप्लाज्म क्या कहलाता है ?
उत्तर :
जर्मप्लाज्म (Germplasm)।

प्रश्न 16.
जर्म कोशिकाएँ कहाँ पायी जाती है ?
उत्तर :
जनन अंगों में (Gonad)!

प्रश्न 17.
Cell cycle की किस अवस्था में DNA का संश्लेषण होता है ?
उत्तर :
संश्लेषण अवस्था (Synthesis Stage)।

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प्रश्न 18.
अमीबा में द्विविखण्डन किस प्रकार का कोशिका विभाजन है ?
उत्तर :
एमाइटोसिस कोशिका विभाजन (Amitosis cell division)।

प्रश्न 19.
मिओटिक कोशिका विभाजन में कितनी पुत्री कोशिकाएँ पैदा होती है ?
उत्तर :
चार पुत्री कोशिकाएँ (Four daughter cells) ।

प्रश्न 20.
किस कोशिका विभाजन में केन्द्रक तथा कोशिका द्रव्य प्रत्यक्ष रूप में विभाजित होते हैं ?
उत्तर :
एमाइटोसिस (Amitosis)।

प्रश्न 21.
मानव शरीर की कोशिका में किस प्रकार का लिंग क्रोमोजोम पाया जाता है ?
उत्तर :
एलोसोम (Aliosome) or हीटेरोकोमोजोम (Heterochromosome)।

प्रश्न 22.
यदि पौधा के एक शारीरिक कोशिका में क्रोमोजोम की संख्या $2 n=24$ हो तो परागकण में क्रोमोजोम की संख्या क्या होगी ?
उत्तर :
12

प्रश्न 23.
कोशिका द्रव्य का विभाजंन क्या कहलाता है ?
उत्तर :
साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis)।

प्रश्न 24.
केम्द्रक रहित एक परिपक्व मानव की शारीरिक कोशिका का नाम बताओ ।
उत्तर :
RBC

प्रश्न 25.
मिओसिस कोशिका विभाजन में एक केन्द्रक से कितने न्यूक्लिआई का निर्माण होता है ?
उत्तर :
चार (Four) ।

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प्रश्न 26.
माइटोसिस के किस अवस्था में केन्द्रक झिल्ली दुबारा दिखाई पड़ती है ?
उत्तर :
टेलोफेज (Telophase)।

प्रश्न 27.
माइटोसिस के किस अवस्था में केन्द्रक झिल्ली गायब हो जाती है ?
उत्तर :
प्रोफेज अवस्था (Prophase stage)।

प्रश्न 28.
कोशिका विभाजन के किस अवस्था में क्रोमोसोम स्पाइण्डल के मध्य रेखीय क्षेत्र में सज जाते हैं?
उत्तर :
मेटाफेज (Metaphase)।

प्रश्न 29.
कोशिका विभाजन के किस अवस्था में क्रोमोसोम स्पष्ट दिखाई पड़ते हैं ?
उत्तर :
मेटाफेज (Metaphase)।

प्रश्न 30.
किस अवस्था के बाद सइटोकाइनेसिस की क्रिया होती है ?
उत्तर :
टेलोफेज (Telophase)।

प्रश्न 31.
किस कोशिका विभाजन में प्रोफेज की अवस्था लम्बी होती है ?
उत्तर :
मिओसिस (Meiosis)।

प्रश्न 32.
परागकणों के निर्माण के समय में कौन सा कोशिका विभाजन होता है ?
उत्तर :
मिओसिस (Meiosis)।

प्रश्न 33.
कोशिका चक्र की अवधि क्या है ?
उत्तर :
16 घण्टे।

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प्रश्न 34.
एक जन्तु में यदि क्रोमोजोम की संख्या $2 n=16$ है, तो प्रजनन कोशिका में क्रोमोजोम की संख्या क्या होगी ?
उत्तर :
8

प्रश्न 35.
गैमिट में क्रोमोजोम की संख्या क्या है ?
उत्तर :
एक गुणित (Haploid)।

प्रश्न 36.
किस प्रकार के कोशिका विभाजन में स्पीण्डल गठित नहीं होता है ?
उत्तर :
पादप के कोशिका विभाजन में (In cell division of plant)।

प्रश्न 37.
किस बिन्दु पर दो क्रोमैटिड्स आपस में जुड़े रहते हैं ?
उत्तर :
सेन्द्रोमियर (Centromere) नामक बिन्दु पर।

प्रश्न 38.
शारीरिक कोशिका में क्रोमोजोम की संख्या क्या है ?
उत्तर :
द्विगुणित।

प्रश्न 39.
एक बीज के इण्डोस्पर्म केन्द्रक में क्रोमोजोम की संख्या क्या है ?
उत्तर :
त्रिगुणित (Triploid [3n])

प्रश्न 40.
कोशिका विभाजन के समय तन्तु क्रोमोजोम के किस भाग से लगा रहता है ?
उत्तर :
सेन्ट्रोमियर (Centromere)।

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प्रश्न 41.
किस विभाजन में केन्द्र दो बार विभाजित होता है ?
उत्तर :
मिओसिस (Meosis)।

प्रश्न 42.
मातु कोशिका से पुत्री कोशिका के निर्माण की क्रिया क्या कहलाती है ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन (Cell division)।

प्रश्न 43.
क्रोमोसोम की खोज किसने और कब किया था ?
उत्तर :
क्रोमोसोम की सर्वप्रथम खोज स्ट्राँसबर्गर ने 1895 ई० में की थी।

प्रश्न 44.
न्यूक्लियोसोम किसे कहते हैं ?
उत्तर :
हिस्टोन की इकाइयाँ DNA द्वारा घिरी रहती है, इन्हें न्यूक्लियोसोम कहते है।

प्रश्न 45.
क्रोमैटिन कहाँ पाये जाते हैं ?
उत्तर :
क्रोमैटिन केन्द्रक के अन्दर डी एन ए में पाया जाता है।

प्रश्न 46.
जीन कहाँ स्थित रहता है ?
उत्तर :
डीएनए में।

प्रश्न 47.
किसने कहा था कि ‘जीन स्वजनन का अंतिम एकक है’?
उत्तर :
गाइडो पोण्टेकोर्वो (Guido pontecorvo)

प्रश्न 48.
RNA कहाँ पाये जाते हैं ?
उत्तर :
कोशिका द्रव्य में।

प्रश्न 49.
किस विधि द्वारा कोशिका के जीवनकाल का प्रदर्शन होता है ?
उत्तर :
कोशिका चक्र।

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प्रश्न 50.
गुणसूत्र कहाँ पाए जाते हैं ?
उत्तर :
केन्द्रक में।

प्रश्न 51.
किस कोशिका विभाजन द्वारा युग्मक का निर्माण होता है ?
उत्तर :
मिओसिस।

प्रश्न 52.
सेन्ट्रोमियर कहाँ स्थित होता है ?
उत्तर :
क्रोमोसोम में।

प्रश्न 53.
किस कोशिका में कोशिका द्रव्य का विभाजन फारग्मोप्लास्ट द्वारा होता है ?
उत्तर :
पादप कोशिका।

प्रश्न 54.
लिंग गुणसुत्र (Sex Chromosome) क्या है ?
उत्तर :
वे क्रोमोजोम जिस पर लिंग निर्धारण करने वाले Genes उपस्थित रहते हैं उन्हें Sex chromosome कहते हैं।

प्रश्न 55.
जीन क्या है ? यह कहाँ स्थित रहता है ?
उत्तर :
आनुवांशिक लक्षणों की इकाई को जीन कहते हैं। जीन क्रोमोजोम पर लोकस (Locus) नामक रचना पर स्थित होता है।

प्रश्न 56.
जर्म प्लाज्म क्या है ?
उत्तर :
Germ Cell के साइटोप्लाज्म को जर्म प्लाज्म कहते हैं।

प्रश्न 57.
Centriole क्या है ?
उत्तर :
सेन्ट्रोसोम के केन्द्रक को सेन्ट्रीओल (Centriole) कहते हैं।

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प्रश्न 58.
छोटी-नाभिक क्या है ?
उत्तर :
केन्द्रक में उपस्थित केन्द्रिका को छोटी-नाभिक (little nucleus) कहते हैं।

प्रश्न 59.
संतति नाभिक क्या है ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन द्वारा निर्मित संतति कोशिकाओं की नाभिक को संतति नाभिक कहते हैं।

प्रश्न 60.
मेटाबोलिक केन्द्रक क्या है ?
उत्तर :
विभाजन के लिए तैयार केन्द्रक को metabolic nucleus कहते हैं।

प्रश्न 61.
K. P. R क्या है ?
उत्तर :
केन्द्रक तथा केन्द्रक द्रव्य के बीच स्थापित रचनात्मक सम्बन्ध को Kern Plasma Relation (KPR) कहते हैं।

प्रश्न 62.
RNA का कार्य क्या है ?
उत्तर :
RNA संदेशवाहक का कार्य करता है तथा प्रोटिन संश्लेषण में सहायता करता है।

प्रश्न 63.
क्रोमैटिड्स क्या हैं ?
उत्तर :
क्रोमोजोम दो सर्पिलाकार अक्ष तन्तुओं से मिलकर बना होता है। प्रत्येक तन्तु को कोमैटिड्स कहते हैं।

प्रश्न 64.
साइटोकाइनेसिस क्या है ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन में साइटोप्लाज्म के विभाजन को साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis) कहते हैं।

प्रश्न 65.
कैरियोकाइनेसिस क्या है ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन में केन्द्रक के विभाजन को कैरियोकाइनेसिस (Karyokinesis) कहते हैं।

प्रश्न 66.
युकैरियोटिक कोशिका क्या है ?
उत्तर :
पूर्ण विकसित केन्द्रक युक्त कोशिका को यूकैरियोटिक कोशिका कहते हैं।

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प्रश्न 67.
कोशिका विभाजन क्या है ?
उत्तर :
मातृ कोशिका से पुत्री कोशिकाओं के उत्पन्न होने की क्रिया को कोशिका विभाजन कहते हैं।

प्रश्न 68.
कोशिका विभाजन के समय क्रोमोजोम के किस भाग से तर्कु तन्तु जुड़ा रहता है ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन के समय spindl fibre क्रोमोजोम के centromere से जुड़े रहते हैं।

प्रश्न 69.
माइटोसिस कोशिका विभाजन क्या है ?
उत्तर :
वह कोशिका जिसमें एक मातृ कोशिका से दो पुत्री कोशिकाओं की उत्पत्ति होती है, माइटोसिस कोशिका विभाजन कहते हैं।

प्रश्न 70.
Equatorial plate क्या है ?
उत्तर :
Spindle fibres के मध्य भाग पर क्रोमोजोम सुव्यवस्थित होकर एक प्लेटनुमा रचना का निर्माण करते हैं, इसे इक्वीटोरियल प्लेट कहते हैं।

प्रश्न 71.
माइटोसिस कोशिका विभाजन कहाँ होती है ?
उत्तर :
माइटोसिस कोशिका विभाजन पौधों के सभी वर्धी भागों में तथा जन्तुओं की शारीरिक कोशिका (Somatic cell) में होती है।

प्रश्न 72.
मिओसिस कोशिका विभाजन कहाँ होती है ?
उत्तर :
मिओसिस की क्रिया जनन अंगों (gonads) में होती है।

प्रश्न 73.
सेन्ट्रोमियर कहाँ स्थित होता है ?
उत्तर :
सेन्ट्रामियर, क्रोमोजोम पर स्थित होता है।

प्रश्न 74.
मेटाफेज में क्रोमोजोम की स्थिति बताओ।
उत्तर :
मेटाफेज में क्रोमोजोम कोशिका के मध्य रेखीय क्षेत्र में पाया जाता है।

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प्रश्न 75.
कोशिका विभाजन कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन तीन प्रकार की होती है –
(a) एमाइटोसिस (Amitosis)
(b) मिओसिस (Meiosis)
(c) माइटोसिस (Mitosis)।

प्रश्न 76.
कोशिका विभाजन की स्थिति में बिना सेन्ट्रोसोम वाली जन्तु कोशिका में क्या होगा ?
उत्तर :
सेन्ट्रासोम के बिना कोशिका विभाजन नहीं होगी।

प्रश्न 77.
उस क्रिया का नाम बताओ जिसमे सजीवों की शारीरिक कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है।
उत्तर :
माइटोसिस कोशिका विभाजन द्वारा सजीवों की शारीरिक कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है।

प्रश्न 78.
केन्द्रक तर्कु क्या है ?
उत्तर :
दोनों सेन्ट्रीओल के मध्य में भी एक spindle का निर्माण होता है जिसे केन्द्रक तर्कु (Central Spindle) कहते हैं।

प्रश्न 79.
दो जन्तु कोशिका का नाम बताओ जो विभाजित नहीं हो सकते हैं।
उत्तर :
तंत्रिका कोशिका (Nerve cell या Neuron) तथा पेशी कोशिका (Muscle Cell) में विभाजन नहीं होता है।

प्रश्न 80.
लैंगिक तथा अलैंगिक प्रजनन में कहाँ मिओसिस आवश्यक है ?
उत्तर :
लैंगिक प्रजनन के लिए मिओसिस आवश्यक है।

प्रश्न 81.
इन्टरकाइनेसिस क्या है ?
उत्तर :
प्रथम मिओटिक विभाजन तथा द्वितीयक मिओटिक विभाजन के बीच की अवधि को इन्टरकाइनेसिस (Interkinesis) कहते हैं।

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प्रश्न 82.
क्रोमोजोम की द्विगुणित संख्या से क्या समझते हो ?
उत्तर :
सजीवों के शारीरिक कोशिकाओं में क्रोमोजोम जोड़े के रूप में मिलते है, जिसे द्वि-गुणित संख्या (Diploid number) कहते हैं।

प्रश्न 83.
मानव शरीर में माइटोसिस विभाजन कहाँ होता है ?
उत्तर :
युग्मक उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं को छोड़कर शरीर के सभी अंगों की कोशिकाओं में माइटोसिस विभाजन होता है।

प्रश्न 84.
माइटोटिक उपकरण क्या है ?
उत्तर :
दोनों सेन्ट्रीओल, एस्टर किरणें तथा स्सिडल एक साथ मिलकर जिस रचना का निर्माण करते हैं, उसे माइटोटिक उपकरण कहते हैं।

प्रश्न 85.
उस निम्न श्रेणी के पौधों के नाम बताओ जिनमें एमाइटोटिक विभाजन होता है।
उत्तर :
निम्न श्रेणी के पौधे- जैसे- कारा, यीस्ट, बैक्टेरिया आदि में एमाइटोटिक विभाजन होता है।

प्रश्न 86.
यूकैरियोटिक कोशिका के दो कोशिकांग का उदाहरण दो।
उत्तर :
लाइसोसोम (Lysosome) तथा सेन्ट्रोसोम (Cetrosome)।

प्रश्न 87.
जीनोम क्या है ?
उत्तर :
क्रोमोजोम की आधी संख्या (Haploid number) को ही जीनोम कहते हैं।

प्रश्न 88.
क्रोमोनिमेटा क्या है ?
उत्तर :
केन्द्रक की क्रोमैटिन रेटिकुलम लम्बे धागों जैसी रचना में बदल जाता है, जिसे क्रोमोनिमेटा (Chromonemata) कहते हैं।

प्रश्न 89.
Triploid number क्या है ?
उत्तर :
कभी-कभी सजीवों के शारीरिक कोशिकाओं में क्रोमोजोम की संख्या तीन सेट (set) में होती है, जिसे Triploid number कहते हैं।

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प्रश्न 90.
बाइवैलेन्ट क्या है ?
उत्तर :
समजात क्रोमोजोम (homologus chromosome) के जोड़े को ही बाइवैलेन्ट (Bivalent) कहते हैं।

प्रश्न 91.
Continuous Fibre क्या है ?
उत्तर :
स्पिण्डल के एक धुव से दूसरे ध्रुव तक फैले हुए spindle fibre को continuous fibre कहते हैं।

प्रश्न 92.
सेटेलिट क्या है ?
उत्तर :
द्वितीयक संकुचन के कारण क्रोमोजोम के एक सिरे पर एक गोलाकार रंचना बन जाती है, जिसे सेटेलिट (Satellite) कहते हैं।

प्रश्न 93.
टीलोमियर क्या है ?
उत्तर :
क्रोमोजोम के लम्बे क्रोमैटिड वाली भुजा के स्वतन्त्र सिरे को टीलोमियर (Tilomere) कहते हैं।

प्रश्न 94.
SAT क्रोमोजोम क्या है ?
उत्तर :
जिस क्रोमोजोम में सेटेलाइट पाया जाता है, उन्हें SAT Chromosome कहते हैं।

प्रश्न 95.
Spiralization क्या है ?
उत्तर :
क्रोमोजोम के क्रोमैटिड का स्पिंगनुमा रूप में कुण्डलित होने की दशा को Spiralization कहते हैं।

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प्रश्न 96.
टेलोसेन्ट्रिक कोमोजोम क्या है ?
उत्तर :
इस क्रोमोजोम में सेन्ट्रोमियर क्रोमोजोम के एक सिरे पर स्थित रहता है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
निम्न लक्षणों के आधार पर दैहिक गुणसूत्र तथा लैंगिक गुणसूत्र के बीच अंतर लिखो :
उत्तर :

दैहिक गुणसूत्र लैंगिक गुणसूत्र
प्रकृति ये समजात क्रोमोसोम्स के जोड़े हैं। ये असमजात क्रोमोसोम्स के जोड़े हैं।
संख्या इनकी संख्या 22 जोड़ी है। इनकी संख्या 1 जोड़ी है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विशेषताओं के आधार पर DNAऔर RNA में अन्तर लखिए।
(i) पिरिमिडिन क्षार (Pyrimidine base)
(ii) 5-C युक्त शर्करा (5-C sugar)
उत्तर :

DNA RNA
पिरिमिडिन क्षार i. इसमें साइटोसिन और थाइमिन है। i. इसमें साइटोसिन और यूरैसिल है।
5-C युक्त शर्करा ii. इसमें डिआक्सीराइबोज सुगर है। ii. इसमें राइबोज सुगर है।

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प्रश्न 3.
कोशिका चक्र के दो महत्व लिखिए।
उत्तर :
कोशिका चक्र के दो महत्व :
(i) इस अवस्था में कोशिका के अन्दर अनेक रासायनिक पदार्थों का निमार्ण होता है।
(ii) चेक पांइट के द्वारा कोशिका चक्र और कोशिका विभाजन का नियंत्रण एवं संतुलन कायम रहता है।

प्रश्न 4.
माइटोसिस कोशिका विभाजन क्या है ?
उत्तर :
वह कोशिका जिसमें एक मातृ कोशिका से दो पुत्री कोशिकाओं की उत्पत्ति होती है, माइटोसिस कोशिका विभाजन कहते हैं।

प्रश्न 5.
दो जन्तु कोशिका का नाम बताओ जो विभाजित नहीं हो सकते हैं।
उत्तर :
तंत्रिका कोशिका (Nerve cell या Neuron) तथा पेशी कोशिका (Muscle Cell) में विभाजन नहीं होता है।

प्रश्न 6.
DNA क्या है ?
उत्तर :
DNA (Deoxy ribonucleic acid) : क्रोमोजोम पर स्थित वह न्यूक्लिक अम्ल जो आनुवांशिक लक्षणों को धारण तथा वाहन का कार्य करता है।

प्रश्न 7.
डीएनए शब्द का पूरा नाम लिखिए। एक कोशिका में यह कहाँ स्थित होता है ?
उत्तर :
(a) डिऑक्सीराइबो न्यूक्लिक एसिड (Deoxyribo Nucleic Acid)
(b) यह केंद्रक में गुणसूत्र पर पाया जाता है।

प्रश्न 8.
विभिन्नता की परिभाषा और एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर :
कभी-कभी कोमोसोम की संरचना या संख्या में भी बदलाव (Alteration) होता है या डीएनए की संरचना (Composition) में परिवर्तन होने से जीन में भी बदलाव होता है। कोमोसोम या डीएनए के इस स्थायी परिवर्तन को जिसके कारण लक्षणों के प्रकट होने में अंतर होता है उसे विभिन्नता (Variation) कहते हैं।
विभिन्नता के उदाहरण : (i) स्वतंत्र और संलग्न कान पिंड (Free and attached ear lobe)

प्रश्न 9.
दैहिक कोशिका में गुणसूत्र की संख्या तथा मानव शरीर के गुणसूत्र की संख्या कितनी होती है ?
उत्तर :
दैहिक शरीर में गुणसुत्र की संख्या तथा मनुष्य के शरीर में गुणसुत्र की संख्या 23 जोड़े अर्थात 46 समजात कोमोसोम होते हैं।

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प्रश्न 10.
माइटोसिक विभाजन समरूप विभाजन क्यों कहलाता है ?
उत्तर :
इस विभाजन के फलस्वरूप संतति कोशिकाओं (Daughter cells) में क्रोमोजोम की संख्या मातृकोशिका (Mother cell) के क्रोमोजोम की संख्या के बराबर होती है। अत: इस विभाजन को समरूप विभाजन (Equational division) कहते हैं।

प्रश्न 11.
माइटोसिस कोशिका विभाजन सोमैटोजेनेसिस क्यों कहलाता है ?
उत्तर :
माइटोसिस कोशिका विभाजन शरीर की कोशिकाओं में होता है। ये शरीर की रचना में सहायक होती हैं। ये कोशिकाएँ Somatic cells कहलाती हैं। माइटोसिस कोशिका विभाजन केवल somatic cells में होती है। अत: माइटोसिस कोशिका विभाजन सोमैटोजेनेसिस (Somatogenesis) कहलाती है।

प्रश्न 12.
जंतु और पादप कोशिका में किस प्रकार की साइटोकाइनेसिस की क्रिया होती है ?
उत्तर :
जंतु कोशिका : क्लीभेज (Cleavage) निर्माण की विधि।
वनस्पति कोशिका : कोशिका पट्टी निर्माण की विधि।

प्रश्न 13.
एक कोशिका में क्रोमोसोम का क्या महत्व है ?
उत्तर :
यह आनुवांशिक लक्षणों का वाहक है अर्थात् एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आनुवांशिक लक्षणों का स्थानांतरण करता है।

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प्रश्न 14.
ऑटोसोम और हेटेरोसोम में दो अन्तर लिखिए।
उत्तर :
ओटोसोम तथा हेटरोसोम में अन्तर (Difference between Autosome and Heterosome)

ओटोसोम (Autosome) हेटरोसोम (Heterosome)
i. ये शारीरिक गठन में भाग लेते हैं लेकिन लिंग निर्धारण नहीं करते हैं। i. ये लिंग निर्धारण में भाग लेते हैं।
ii. नर तथा मादा दोनों में इसकी संरचना समान होती है, जैसे – xx ii. इसकी संरचना नर तथा मादा में भिन्न-भिन्न होती है, जैसे – नर में xy तथा मादा में xx

प्रश्न 15.
साइनेप्सिस क्या है ?
उत्तर :
मिओसिस विभाजन में होमोलोगस क्रोमोजोम के जोड़े बनने की क्रिया को साइनेप्सिस कहते हैं।

प्रश्न 16.
कायज्मा तथा कायज्माटा क्या है ?
उत्तर :
होमोलोगस क्रोमोजोम के दो क्रोमैटिड्स जिस स्थान पर x के रूप में एक दूसरे से जुड़े रहते हैं उस स्थान को कायज्मा कहते हैं। कायाज्मा को बहुवचन में कायाज्माटा कहते हैं।

प्रश्न 17.
मिओसिस की क्रिया कहाँ होती है ?
उत्तर :
मिओसिस की क्रिया गोनाड्स (gonads) की मियोसाइट्स (Meiocytes) में होती है।

प्रश्न 18.
कोमोजोम की द्वि-गुणित संख्या से क्या समझते हो ?
उत्तर :
जब क्रोमोजोम की संख्या जोड़े में होती है तो इनकी संख्या को द्वि-गुणित संख्या कहते हैं। इसे 2 n या 2 x से प्रदर्शित किया जाता है।

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प्रश्न 19.
यदि साइटोकाइनेसिस की क्रिया नहीं होगी तो क्या होगा ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन के अन्तर्गत साइटोकाइनेसिस की क्रिया न होने से मातृ कोशिका में अनेक केन्द्रको का निर्माण हो जाता है और मातृकोशिका संतति कोशिका में विभाजित नहीं होती है। ऐसी कोशिका को बहुनाभिकीय कोशिका कहते हैं।

प्रश्न 20.
क्रम विकास के लिए लैंगिक प्रजनन महत्वपूर्ण है, क्यों ?
उत्तर :
सन्तानों की उत्पत्ति तथा उनमें नये गुणों का समावेश लैंगिक प्रजनन के द्वारा होता है। इन गुणों के कारण ही सन्तानों में विभिन्नताएँ आती हैं, जो क्रम विकास में सहायक है। अत: क्रम विकास के लिए लैंगिक प्रजनन आवश्यक है।

प्रश्न 21.
प्रजनन को स्वनित्यता माना जाता है – क्यों ?
उत्तर :
प्रजनन एक ऐसी क्रिया है जिसमें सजीव अपने संतान द्वारा अस्तित्व को बनाये रखता है अर्थात मृत्यु के बाद भी सजीव अपने सन्तान के रूप में जीवित रहता है। इसलिए प्रजनन को स्वनित्यता (Self perpetuation) का एक साधन माना जाता है।

प्रश्न 22.
प्रारम्भिक केन्द्रक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
वह केन्द्रक जो अपूर्ण होता है अर्थात् केन्द्रक में केन्द्रक झिल्ली तथा केन्द्रिका नहीं पाये जाते हैं, केवल क्रोमैटिन जालिका ही कोशिका में इधर-उधर बिखरी होती है, प्रारम्भिक केन्द्रक (Incipient nucleus) कहलाता है।

प्रश्न 23.
सेन्ट्रोमियर क्या है ?
उत्तर :
प्रत्येक क्रोमैटिड्स एक दूसरे से प्राय: क्रोमोजोम के मध्य में एक गोलाकार रचना से जुड़े रहते हैं। इस गोलाकार रचना को सेन्ट्रोमियर कहते हैं।

प्रश्न 24.
तारा रश्मियाँ क्या हैं ?
उत्तर :
सेन्ट्रीओल से उत्पन्न पतली किरणों के समान रचनाओं को जो विपरीत धुवों की ओर जाने में मार्ग प्रदर्शन का कार्य करती हैं, उन्हें तारा रश्मियाँ (astral rays) कहते हैं।

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प्रश्न 25.
RNA क्या है ?
उत्तर :
RNA केन्द्रक तथा कोशिका द्रव्य दोनों में पाया जाता है। यह एक सूत्रीय होता है तथा कई न्यूक्लिओटाइड (Nucleotide) के मिलने से बना होता है। यह संदेश वहन तथा प्रोटिन संश्लेषण में सहायता करता है।

प्रश्न 26.
द्विगुणित गुणसूत्र क्या है ?
उत्तर :
द्विगुणित गुणसूत्र (Diploid chromosome) : शरीरिक कोशिका में उपस्थित गुणसूत्रों को द्विगुणित गुणसूत्र कहते हैं। इनकी संख्या को ‘ 2 n ‘ से व्यक्त करते हैं।

प्रश्न 27.
इन्टरकाइनेसिस क्या है ?
उत्तर :
कोशिका विभाजन की वह विधि जिसमें कोशिका अपने विभाजन की तैयारी करता है तथा परिपक्व होती है, उसे इन्टरफेज या इन्टरकाइनेसिस (Interphase or interkinesis) कहते हैं।

प्रश्न 28.
कोशिका चक्र क्या है ?
उत्तर :
कोशिका चक्र (Cell Cycle) : लगातार कोशिका विभाजन में प्रत्येक कोशिका दो अवस्थाओं से गुजरती है जिसे Cell cycle या Mitotic cycle कहते हैं। Cell cycle की दो अवस्थायें हैं –
(a) प्रारम्भिक अवस्था (Inter phase)
(b) कोशिका विभाजन अवस्था (Cell division phase)

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प्रश्न 29.
पादप एवं जन्तु कोशिका के माइटॉसिस में दो अन्तर लिखिए।
उत्तर :

जन्तु कोशिका में माइटोसिस (Mitosis in Animal cells) पादप कोशिका में माइटोसिस (Mitosis in Plant cells)
i. इसमें तर्कु (spindle) का निर्माण सेण्ट्रोसोम की तारक-किरणों (astral rays) द्वारा होता है। i. इसमें तर्कु (spindle) का निर्माण केन्द्रक द्रव्य (nucleoplasm) द्वारा होता है।
ii. इसमें सेण्ट्रोसोम (centrosome) भाग लेता है। ii. इसमें सेण्ट्रोसोम नहीं पाया जाता है।

प्रश्न 30.
DNA का महत्व क्या है ?
उत्तर :
DNA का महत्व निम्न है –

  1. यह अनुवांशिक लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुँचता है।
  2. यह समस्त जैविक क्रियाओं का नियमन करता है।
  3. यह RNA का संश्लेषण करता है।

प्रश्न 31.
सेंट्रोमियर कहाँ पाया जाता है ? इसका कार्य बताइए।
उत्तर :
(i) यह केंन्द्रक में गुणसूत्र में उपस्थित होती है।
(ii) कार्य : यह एक गुणसूत्र के दोनों अर्द्ध गुण सूत्रों को एक स्थान पर जोड़ने का कार्य करता है।

प्रश्न 32.
माइटोसिस की क्रिया कहाँ होती है ?
उत्तर :
माइटोसिस की क्रिया प्रायः सभी बहुकोशकीय जन्तुओं की शारीरिक कोशिकाओं (Somatic Cells) में होती है। पौधों के सभी वर्धी भागों में जैसे – जड़, तना, पत्तियों, कलिकाओं तथा पाश्र्व कलिकाओं आदि में होती है।

प्रश्न 33.
क्रोमोजोम की haploid संख्या से क्या समझते हो ?
उत्तर :
जब क्रोमोजोम की संख्या मातृकोशिका की आधी हो जाती है, तो इसे haploid कहते हैं। इसे n अक्षर से प्रदर्शित किया जाता है।

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प्रश्न 34.
क्रोमोमियर्स क्या है ?
उत्तर :
क्रोमोनिमेट के ऊपर गहरे रंग के दानों के समान रचनाएँ पायी जाती हैं जिन्हें क्रोमोमियर्स कहते हैं। क्रोमोमियर पर जीन स्थित होते हैं।

प्रश्न 35.
यूकैरियोटिक कोशिका के केन्द्रक में कौन-कौन भाग होते हैं ?
उत्तर :
किसी यूकैरियोटिक कोशिका के केन्द्रक में निम्न भाग होते हैं –

  1. केन्द्रक झिल्ली (Nuclear membrane)
  2. केन्द्रक द्रव (Nucleoplasm)
  3. केन्द्रिका (Nucleolus)
  4. क्रोमैटिन रेटिकुलम (Chromatin reticulum)

प्रश्न 36.
Tetrad क्या है ?
उत्तर :
वाइवैलेन्ट क्रोमोजोम के प्रत्येक क्रोमोजोम में दो क्रोमैटिड्स होते हैं। इस प्रकार चार क्रोमैटिड्स युक्त बाइवैलेन्ट क्रोमोजोम को Tetrad कहते हैं।

प्रश्न 37.
एमाइटोसिस कोशिका विभाजन कहाँ होता है ?
उत्तर :
जन्तुओं में- अमीबा, White Blood Cell (WBC), अस्थि-कोशिकाओं (Bone Cells) आदि में तथा निम्न श्रेणी के पौधों में- बैक्टिरिया, यीस्ट (yeast), कारा (chara)।

प्रश्न 38.
मेटासेन्ट्रिक क्रोमोजोम क्या है ?
उत्तर :
मेटासेन्ट्रिक क्रोमोजोम में सेन्ट्रोमियर क्रोमोजोम के मध्य में स्थित रहता है। इसकी दोनों भुजाएँ समान होती हैं। इसका आकार ‘ V ‘ के समान होता है।

प्रश्न 39.
मिओसिस विभाजन को रिडक्शनल विभाजन क्यों कहते हैं ?
उत्तर :
मिओसिस विभाजन को ह्रास विभाजन कहते हैं; क्योंकि इस विभाजन के फलस्वरूप चार पुत्री कोशिकाएँ उत्पन्न होती हैं जिनमें क्रोमोजोम की संख्या घटकर मातृकोशिका के क्रोमोजोम के आधी हो जाती है।

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प्रश्न 40.
क्रोमोजोम गति क्या है ?
उत्तर :
एनाफेज अवस्था में क्रोमोजोम के विपरीत धुवों की ओर गति करने की घटना को क्रोमोजोम गति कहते हैं।

प्रश्न 41.
Stem body क्या है ?
उत्तर :
जन्तु कोशिका के spindle fibre आपस में संयुक्त होकर क्रोमोजोम के मध्य में जिस रचना का निर्माण करते हैं, उसे stem body कहते हैं।

प्रश्न 42.
शारीरिक कोशिका क्या है ?
उत्तर :
जर्म कोशिका को छोड़कर शेष सारी कोशिकाओं को शारीरिक कोशिका कहते हैं। इसमे माइटोसिस कोशिका विभाजन होती है। ये कोशिकाएँ शरीर के सभी अंगों के निर्माण तथा अन्य कार्यों में भाग लेती है।

प्रश्न 43.
M-phase क्या है ?
उत्तर :
यह इन्टरफेज के बाद की अवस्था है। इसमें कोशिका के केन्द्रक के अवयवों और कोशिका द्रव्य के कोशिकांग में परिवर्तन होता है। यह दो अवस्थाओं में पूरी होती है –
a. साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis)
b. कैरियोकाइनेसिस (Karyokinesis)

प्रश्न 44.
क्रॉसिंग ओवर के दो महत्व बताओ।
उत्तर :
(i) क्रॉसंग ओवर की क्रिया द्वारा सजीवों में नये-नये गुणों का विकास होता है।
(ii) इस क्रिया के कारण जैव-विकास में सहायता मिलती है।

प्रश्न 45.
न्यूक्लिओटाइड क्या है ?
उत्तर :
न्यूक्लिओटाइड वास्तव में न्यूक्लिअक अम्ल की इकाई होते हैं। प्रत्येक न्यूक्क्लिओटाइड तीन प्रकार के अणुओं का यौगिक होता है। एक अणु नाइट्रोजनीय कार्बनिक भस्म का, दूसरा अणु पैंटोज शर्करा तथा तीसरा फॉस्फेट समूह का होता है।

प्रश्न 46.
क्रोमोजोमल तन्तु क्या है ?
उत्तर :
Spindle fibre के कुछ तन्तु एक साथ एक ध्रुव के क्रोमोजोम तथा दूसरे धुव के क्रोमोजोम तक फैले रहते हैं, उन्हें chromosomal fibre कहते हैं।

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प्रश्न 47.
सबमेटासेन्ट्रिक क्रोमोजोम क्या है ?
उत्तर :
इस क्रोमोजोम में सेन्ट्रोमियर मध्य से थोड़ी दूर स्थित रहता है। इसका आकार ‘ V ‘ के समान होता है।

प्रश्न 48.
टर्मिनलाइजेशन क्या है ?
उत्तर : क्रॉसिंग ओवर के पश्धात कायज्मा क्रोमैटिड के सिरों की ओर गतिशील होने लगता है, जिसे टर्मिनलाइजेशन कहते हैं।

प्रश्न 49.
केन्द्रक क्या है ?
उत्तर :
प्रत्येक कोशिका के अन्दर केन्द्र में एक गोलाकार या अण्डाकार रचना को केन्द्रक कहते हैं। इसमें केन्द्रक झिल्ली, केन्द्रक द्रव, केन्द्रिका तथा न्यूक्लिअर जालिका पाया जाता है। यह कोशिका की सम्पूर्ण जैविक क्रियाओं पर नियंत्रण करता है।

प्रश्न 50.
Phragmoplast क्या है ?
उत्तर :
पादप कोशिका में golgibodies के viscles के मिलने से बनने वाली वह तन्तुवत रचनाएँ जो साइटोकाइनेसिस के समय cell-plate के निर्माण में सहायता करता है, phragmoplast कहलाती है।

प्रश्न 51.
Karyoplasmic index क्या है ?
उत्तर :
किसी कोशिका के केन्द्रक के अन्दर पाये जाने वाले केन्द्रक द्रव (Nucleoplasm) तथा कोशिका के कोशिका द्रव (Cytoplasm) के अनुपात को Karyoplasmic index कहते हैं।

प्रश्न 52.
टीलोमियर क्या है ?
उत्तर :
क्रोमोजोम के लम्बे क्रोमैटिड वाली भुजा के स्वतन्त्र सिरे को टिलोमियर कहते हैं।

प्रश्न 53.
तंत्रिका कोशका में विभाजन नहीं होता है, क्यों ?
उत्तर :
तंत्रिका कोशिका या न्यूरॉन में विभाजन की क्रिया नहीं होती है, क्योंकि न्यूरॉन में सेन्ट्रोसोम नहीं पाया जाता है जिससे सेन्ट्रिओल का निर्माण नहीं होता है और न ही spindle fibre तथा तारा रशिमयों का निर्माण होता है।

प्रश्न 54.
गुणसूत्र का शाब्दिक अर्थ बताओ।
उत्तर :
गुणसूत्र (Chromosome) एक जर्मन भाषा का शब्द है। Chromo ग्रीक शब्द Khroma से बना है जिसका अर्थ रंग होता है। Some ग्रीक शब्द Soma से बना है जिसका अर्थ शरीर होता है।

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प्रश्न 55.
जब कोई एक कोशिका दो समान पुत्री कोशिकाओं में विभाजित होती हैं तो क्या वह समसुत्रण के कारण होती है ?
उत्तर :
नहीं, मातृ कोशिका के क्रोमोसोम्स का लम्वबत (Longitudinal) विभाजन होने के कारण होता है।

प्रश्न 56.
क्रोमैटिन अथवा कैरियोटिन किसे कहते हैं ?
उत्तर :
क्रोमैटनि कोशिका के केन्द्रक में उपस्थित पदार्थ है जिससे क्रोमोसोम का निमार्ण होता है। कैरियोटिन और क्रोमैटिन एक ही होते हैं किन्तु अब कैरियोटिन शब्द का प्रयोग कहीं भी नहीं होता है।

प्रश्न 57.
सूक्ष्मदर्शी से देखने पर एक आदर्श गुणसूत्र में कौन-कौन से अंश पाये जाते हैं ?
उत्तर :
(i) क्रोमैटिड्स और (ii) सेन्ट्रोमियर।

प्रश्न 58.
G2 अवस्था अथवा प्री-माइटोटिक अवस्था का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
G2 अवस्था अथवा प्री-माइटोटिक अवस्था (G2-phase or pre-mitotic phase) : यह अंतरावस्था का तृतीय चरण हैं जिसमें DNA का संश्लेषण बंद हो जाता है, लेकिन माइटोटिक विभाजन के लिए आवश्यक प्रोटीन एवं RNA का संश्लेषण जारी रहता है। इस चरण के बाद कोशिका वास्तविक विभाजन के लिए तैयार हो जाती है।

प्रश्न 59.
हेटरोक्रोमैटिन क्या है ?
उत्तर :
यह 30 um क्रोमैटिन तंतु से बना होता है। यह आनुवांशिक रूप से निष्क्रिय होता है।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
जन्तु कोशिका में साइटोकाइनेसिस की क्रिया किस प्रकार होती है ?
उत्तर :
इस क्रिया द्वारा कोशिका के मध्य में विभाजक का निर्माण होता है। कोशिका के मध्य भाग में कोशिका झिल्ली दोनों ओर से अन्दर में धँसकर एक गढ्डा (groove) बनाती है। इस गड्दुा की लम्बाई धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और अन्त में ये मिल जाती है। इनके मिलने के फलस्वरूप कोशिका द्रव्य दो भागों में विभाजित हो जाता है तथा प्रत्येक भाग में एकएक पुत्री केन्द्रक उपस्थित रहता है। फलस्वरूप दो पुत्री कोशिकाओं का निर्माण हो जाता है।

प्रश्न 2.
G2 अवस्था अथवा प्री-माइटोसिट अवस्था का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर :
G2 अवस्था अथवा प्री-माइटोटिक अवस्था (G2 – phase or pre-mitotic phase) : यह अंतरावस्था का तृतीय चरण हैं जिसमें DNA का संश्लेषण बंद हो जाता है, लेकिन माइटोटिक विभाजन के लिए आवश्यक प्रोटीन एवं RNA का संश्लेषण जारी रहता है। इस चरण के बाद कोशिका वास्तविक विभाजन के लिए तैयार हो जाती है।

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प्रश्न 3.
क्रोमोसोम तथा क्रोमैटिड में क्या सम्बन्ध है ?
उत्तर :
क्रोमोसोम तथा क्रोमैटिड में संबंध : कोशिका विभाजन के प्रारम्भ में ही लम्बे बेलनाकार धागे जैसी रचना बनती है, इसे क्रोमोजोम कहते हैं। प्रोफेज अवस्था में यह लम्बाई दो भागों में बँट जाती है। सेन्ट्रोमियर के स्थान पर विभाजन की क्रिया नहीं होती है। आधे क्रोमोजोम को ही अब क्रोमैटिड कहते हैं। एनाफेज की अवस्था में सेन्ट्रोमियर के विभाजन के पश्चात दोनों क्रोमैटिड एक दूसरे से अलग हो जाते हैं। बाद में प्रत्येक क्रोमैटिड क्रोमोजोम में बदल जाते हैं।

प्रश्न 4.
कोमोसोम के प्राथमिक तथा द्वितीयक संकुचन से क्या समझते हो ?
उत्तर :
प्राथमिक संकुचन (Primary constriction) : क्रोमोसोम में होने वाला वह संकुचन जो हल्के रंग के साथ होता है, उसे प्राथमिक संकुचन कहते हैं।
द्वितीयक संकुचन (Secondary constriction) : क्रोमोसोम के क्रोमैटिड जिन अन्य अंगों पर संकुचन होते है, उसे द्वितीयक संकुचन कहते हैं।

प्रश्न 5.
सेन्ट्रीओल, तारक रश्मियाँ तथा केन्द्रीय किरणें क्या हैं ?
उत्तर :
सेन्ट्रीओल (Centriole) : कोशिका के सेन्ट्रोसोम के अन्दर विन्दु के समान दो रचनाएँ पाई जाती हैं जिन्हें centrioles कहते हैं। यह कोशिका विभाजन के समय ध्रुवों का निर्माण करते हैं। Centriole से उत्पन्न पतली किरणों के समान रचनाओं को जो विपरीत ध्रुवों की ओर जाते समय रास्ता स्पष्ट करती है, उसे तारक रश्मियाँ (astral rays) कहते हैं। ये प्रोटीन की बनी होती है।
दोनों centriole को जोड़कर रखने वाली किरण को केन्द्रीय किरणें (central rays) कहते हैं।

प्रश्न 6.
सेन्ट्रोमियर की उपस्थिति के आधार पर क्रोमोजोम का वर्गीकरण करो।
उत्तर :
सेन्ट्रोमियर की उपस्थिति के आधार पर क्रोमोजोम निम्न प्रकार के होते हैं –

  1. एकोसेन्ट्रिक (Acrocentric) : इस तरह के क्रोमोजोम में सेन्ट्रोमियर क्रोमोजोम के सिरे से कुछ नीचे स्थित होता है। इसका आकार छड़ जैसा होता है।
  2. टेलोसेन्ट्रिक (Telocentric) : इस प्रकार के क्रोमोजोम का आकार छड़ जैसा होता है। इसमें सेन्ट्रोमियर क्रोमोजोम के एक सिरे पर स्थित होता है।
  3. सब मेटासेन्ट्रिक (Sub metacentric) : इस प्रकार के क्रोमोजोम में सेन्ट्रोमियर क्रोमोजोम के मध्य में थोड़ी दूर पर स्थित रहता है। इस क्रोमोजोम का आकार ‘J ‘ जैसा होता है।
  4. मेटासेन्ट्रिक (Metacentric) : इस तरह के क्रोमोजोम में सेन्ट्रोमियर क्रोमोजोम के मध्य में स्थित रहता है। क्रोमोजोम की दोनों भुजाएँ समान होती हैं। इसका आकार ‘V ‘ जैसा होता है।

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प्रश्न 7.
कायज्मा निर्माण का महत्व बताओ।
उत्तर :
कायज्मा निर्माण का निम्नलिखित महत्व है –

  1. कायज्मा का निर्माण दो क्रोमैटिड्स के बीच genes के आदान-प्रदान के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
  2. कायज्मा की संख्या से chiasma frequency ज्ञात करते हैं।
  3. क्रोमैटिड्स जो आपस में जुड़े रहते हैं, कायज्मा पर टूटकर एक दूसरे के टुकड़ों से जुड़ जाते हैं जिससे माता-पिता के क्रोमोजोम नये सिरे से व्यवस्थित हो जाते हैं।

प्रश्न 8.
यूकैरिओटिक क्रोमोजोम की बाह्य संरचना का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
गुणसूत्र की संरचना (Structure of Chromosome) : प्रत्येक गुणसूत्र में दो परस्पर लिपटे हुए अक्षीय सूत्र (Axial thread) होते हैं, जिन्हे क्रोमोनिमैटा (Chromonemata) या अर्द्धगुणसूत्र (Chromatids) कहते हैं। इन पर जगह-जगह उभरी हुई कण जैसी रचनायें होती हैं, जिन्हें क्रोमोमियर्स (Chromomeres) कहते हैं।

रोबरटिस ने 1970 ई० में बतलाया कि गुणसूत्र में मैट्रक्स और पेलिकल नहीं पाये जाते हैं। प्रत्येक गुणसूत्र के दोनों क्रॉमैटिड्स एक स्थान पर आपस में जुड़े रहते हैं, इसे गुणसूत्र विन्दु (Centromere) या प्राथमिक संकुचन (Primary constriction) कहते हैं। कुछ गुणसूत्रों में एक द्वितीयक संकुचन उपस्थित होता है। इसका सम्बन्ध केन्द्रिका के निर्माण से रहता है। अर्द्धगुणसूत्रों का कुछ भाग केन्द्रिका के बाहर गोले के आकार का होता है। इसमें केन्द्रिय अम्ल नहीं पाये जाते हैं। इस भाग को सेटेलाइट (Satellite) कहते हैं।

प्रश्न 9.
क्रॉसिंग ओवर का महत्व क्या है ?
उत्तर :
क्रॉसिंग ओवर का निम्नलिखित महत्व है –

  1. यह सजीवों में आनुवंशिक विभिन्नताएँ स्थापित करने की एक अनिवार्य क्रिया है जिससे सजीवों में नये-नये गुणों का विकास होता है।
  2. यह जैव विकास में सहायक है।
  3. इस क्रिया के कारण क्रोमोजोम के ऊपर माता-पिता के genes एक साथ स्थापित हो जाते हैं।
  4. इससे सन्तानों में विभिन्नताएँ उत्पन्न होती है जो कि विकास का एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रश्न 10.
यूकैरियोटिक कोशिका में क्रोमोजोम के रासायनिक गठन पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर :
क्रमोमोजोम बहुत अधिक अणुभार वाले एवं जटिल रचना वाले कार्बनिक अम्ल है। इसका गठन मुख्यत: न्यूक्लिअक अम्ल तथा प्रोटीन द्वारा होता है। केन्द्रक में मिलने के कारण इनको न्यूक्लिक अम्ल कहा जाता है। यह सूक्ष्म कार्बनिक बहुलक का बना होता है जिन्हें न्यूक्लिओटाइड कहा जाता है। प्रत्येक न्यूक्लिओटाइड तीन प्रकार के अणुओं से बना होता है- शर्करा (Sugar), फॉस्फेट (Phosphate) और नाइट्रोजन बेस (Nitrogenous base)। न्यूक्लिक अम्ल का 45 % भाग DNA, 5 % RNA, शेष प्रोटीन होता है। इसकी कुछ मात्रा क्लोरोप्लास्ट एवं माइटोकोण्ड्रिया में मिलता है। यह दो प्रकार के होते हैं – (i) DNA (ii) RNA।

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प्रश्न 11.
क्रोमोजोम के मुख्य मौलिक अवयवों का पूरा नाम लिखो।
उत्तर :
क्रोमोजोम के मुख्य मौलिक अवयव का पूरा नाम डीऑक्सी राइबोज न्यूक्लिक अम्ल (Deoxy ribose nucleic acid), राइबोन्यूक्लिक अम्ल (Ribonucleic acid), हिस्टोन, प्रोटीन तथा गैरहिस्टोन प्रोटीन है।

प्रश्न 12.
माइटोटिक विभाजन का महत्व बताओ।
उत्तर :
माइटोटिक विभाजन का महत्व निम्न है :-

  1. समसूत्रण कोशिका विभाजन से बहुकोशीय जीवधारियों के शरीर में वृद्धि होती है।
  2. इस विभाजन के द्वारा एककोशीय जीवधारियों में अलैंगिक प्रजनन की क्रिया होती है।
  3. इस विभाजन के फलस्वरूप क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत होती हैं।
  4. इसके फलस्वरूप बनी हुई संतति कोशिकाओं में क्रोमोजोम की संख्या समान होती है।

प्रश्न 13.
RNA क्या है ? RNA कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर :
यह केन्द्रक तथा कोशिका द्रव्य में पाया जाता है। यह एक सूत्रीय होता है तथा कई न्यूक्लिओटाइड के मिलने से बना होता है। इसके अन्दर राइबोज शर्करा होती है। यह संदेशवाहक का कार्य करता है तथा प्रोटीन संश्लेषण में सहायक है। RNA निम्न तीन प्रकार के होते हैं-

  1. राइबोसोम RNA : यह RNA राइबोसोम पर लगा रहता है तथा प्रोटीन के बनने में सहायता करता है।
  2. संदेशवाहक RNA : यह DNA के द्वारा बनकर कोशिका द्रव्य में आता है और केन्द्रक से आदेश लेकर विभिन्न प्रकार के प्रोटीन का निर्माण करता है।
  3. स्थानान्तरण RNA : यह कोशिका द्रव्य में पाया जाने वाला RNA है। यह प्रोटीन के संश्लेषण में सहायता करता है।

प्रश्न 14.
शारीरिक कोशिकाओं में मिओसिस की क्रिया क्यों नहीं होती है ?
उत्तर :
शारीरिक कोशिका में मिओसिस की क्रिया नहीं होती है, इसका कारण यह है कि मिओसिस के फलस्वरूप उत्पन्न पुत्री कोशिकाओं में क्रोमोजोम की संख्या आधी हो जाती है। यदि क्रोमोजोम के घटने का क्रम पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहे तो एक ऐसी स्थिति आ सकती है कि यह संख्या घटकर शून्य हो जाय और पूरी स्पेसिज ही समाप्त हो जाय। अतः सोमेटिक सेल में क्रोमोजोम की संख्या अपरिवर्तित रखने के लिए माइटोसिस की क्रिया होती है, मिओसिस नहीं होती है।

प्रश्न 15.
माइटोटिक विभाजन समरूप विभाजन क्यों कहलाता है ?
उत्तर :
इस विभाजन के फलस्वरूप संतति कोशिकाओं (Daughter cells) में क्रोमोजोम की संख्या मातृकोशिका (Mother cell) के क्रोमोजोम की संख्या के बराबर होती है। अतः इस विभाजन को समरूप विभाजन (Equationa! division) कहते हैं।

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प्रश्न 16.
प्रथम मिओटिक विभाजन की कितनी अवस्थाएँ हैं ?
उत्तर :
प्रथम मिओटिक विभाजन (First meiotic division) : इस विभाजन में निम्नलिखित चार अवस्थाएँ होती हैं

  1. प्रथम प्रोफेज (First Prophase) : इसमें पाँच अवस्थाएँ होती हैं।
    1. लिप्टोटीन (Liptotene)
    2. जाइगोटीन (Zygotene)
    3. पकिटीन (Pachytene)
    4. डिप्लोटीन
    5. डायकाइनेसिस (Diakinesis)
  2. प्रथम मेटाफेज (First Metaphase)
  3. प्रथम एनाफेज (Anaphase-1)
  4. प्रथम टेलीफेज (Telophase-1)

प्रश्न 17.
जर्म कोशिकाओं में मिओसिस विभाजन होता है, क्यों ?
उत्तर :
जर्म कोशिकाओं में मिओसिस विभाजन होता है। इसका कारण यह है कि लैगिक प्रजनन में मादा तथा नर गैमिट (ovum) तथा sperm मिलकर जाइगोट बनाते हैं जिसमें नर तथा मादा गैमिट के क्रोमोजोम परस्पर संयुक्त होकर द्विगुणित (2 n) कोशिका का गठन करते हैं। नर तथा मादा गैमिट में क्रोमोजोम की संख्या एक गुणित (n) होना आवश्यक है। अत: क्रोमोजोम की संख्या एक गुणित (n) रखने के लिए germ cell में मिओसिस विभाजन होता है।

प्रश्न 18.
कोशिकाएँ क्यों विभाजित होती हैं ?
उत्तर :
कोशिका के केन्द्रक तथा कोशिका द्रव्य के बीच क्रियात्मक सम्बन्ध होता है, जिसे kern plasma relation कहते हैं। जब तक kern-plasma relation सामान्य रहता है तब तक कोशिका द्रव्य में होने वाली समस्त जैव रासायनिक क्रियाओं पर केन्द्रक का नियंत्रण रहता है। पूर्ण विकसित कोशिका में विभिन्न क्रियाएँ तीव गति से होने के कारण केन्द्रक के लिए उन पर नियंत्रण रखना सम्भव नहीं हो पता। अतः इस सम्बन्ध को सही ढंग से बनाये रखने के लिए कोशिकाएँ विभाजित होती हैं।

प्रश्न 19.
मनुष्य के R.B.C. में कोशिका विभाजन क्यों नहीं होता है ?
उत्तर :
मनुष्य की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं (R.B.C.) में केन्द्रक नहीं पाया जाता है। कोशिका विभाजन दो अवस्थाओं में पूरा होता है। प्रथम अवस्था में केन्द्रक का विभाजन तथा पुन: साइटोप्लाज्म का विभाजन। केन्द्रक में क्रोमोजोम पाए जाते हैं जो विभाजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। मनुष्य के R.B.C. में केन्द्रक की अनुपस्थिति के कारण इनका विभाजन नहीं होता है।

दीर्घउत्तरीय प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
कोशिका चक्र के इंटरफेज के विभिन्न स्तरों में संश्लेषित रासायनिक अवयवों के प्रकार क्या है ? क्या होगा यदि कोशिका चक्र के विभित्र बिंदुओं पे स्वाभाविक नियंत्रण नष्ट हो जाए ? 3 + 2
उत्तर :
कोशिका चक्र के इंटरफेज के G1 में RNA उत्पन्न होता है और प्रोटीन का संश्लेषण होता है। S अवस्था में DNA का संश्लेषण होता है।
कोशिका चक्र के इंटरफेज में दो स्थानों पर जाँच बिन्दु (Checking Point) होते हैं। पहला जाँच बिन्दु G1 के अन्त में और S अवस्था को प्रारम्भ होने के बीच होता है। यहाँ पर साइक्लीन्स (Cyclines) प्रोटीन्स और काइनेजेज (Kinases) इन्जाइम्स कोशिका चक्र की क्रिया को नियमित करते हैं। यहाँ पर खास जाँच इस बात की होती है कि कोशिका DNA के संश्लेषण के लिए सभी तरह से तैयार है या नहीं। दूसरा जाँच बिन्दु G2 के अन्त में और M Phase को प्रारम्भ होने के बीच होता है। इस जाँच बिन्दु पर इस बात की निगरानी होती है कि सभी क्रोमोसोम्स का रिप्लीकेशन पूर्ण रूप से हुआ है या नहीं। कोशिका विभाजन के लिए पूर्ण रूप से तैयार है या नहीं।

कोशिका चक्र के विभिन्न बिन्दुओं पर स्वाभाविक नियंत्रण नष्ट होने से अनियंत्रित कोशिका विभाजन होगा जिससे ट्यूमर हो जायेगा। यह ट्यूमर अन्तत: कैंसर (Cancer) में भी परिणित हो सकता है।

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प्रश्न 2.
आदर्श युकैरियोटिक गुणसूत्र (क्रोमोसोम) के तीन संरचनात्मक अवयवों का नाम लिखो तथा सेन्ट्रोमियर और टेलोमियर का एक-एक कार्य लिखो।
अथवा
क्रोमोसोम से तुम क्या समझते हो? सटीक चित्र सहित इसकी बाह्य रचना का वर्णन करो। अथवा, गुणसूत्र की रासायनिक रचना का सक्षिप्त विवरण दिजिए। :-
अथवा
क्रोमोसोम्स क्या हैं और ये कैसे बनते हैं ?
उत्तर :
परिभाषा : यूकैरियोटिक कोशिका में विभाजन के समय कोशिका के केन्द्रक में स्पष्ट दिखने वाली वे सूत्रवत रचनाएँ जो समान संख्या वाली होती हैं तथा जिस पर जीन्स (genes) उपस्थित होती है, उसे क्रोमोसोम कहते हैं।
क्रोमोसोम का रासायनिक गठन (Composition of Chromosome) : इसका गठन मुख्यत: न्यूक्लिअक अम्ल तथा प्रोटीन द्वारा होता है। DNA लगभग 45 %, RNA लगभग 5 % तथा शेष प्रोटीन होता है। DNA का गठन न्यूक्लिओटाइड द्वारा होता है। Nucleotide, Pentose Sugar, फॉस्फोरिक अम्ल तथा नाइट्रोजन युक्त क्षार प्यूरीन (Purine) द्वारा निर्मित होता है। DNA के अणु दो खाँच (Helix) द्वारा युक्त होते हैं तथा दो ऐंठन युक्त तन्तु से निर्मित होते हैं। DNA के न्यूक्लिओटाइड आपस में मिलकर जीन की रचना करते हैं।

क्रोमोसोम की बाह्य संरचना (External construction of chromosome) : क्रोमोसोम में निम्नलिखित रचनाएँ पायी जाती हैं –
(a) क्रोमैटिड्स (Chromatids) : प्रत्येक क्रोमोसोम में दो परस्पर लिपटे हुए अक्षीय सूत्र (Axial thread) होते हैं जिन्हें क्रोमैटिड्स (Chromatids) कहते हैं।

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(b) क्रोमोनिमेटा (Chromonemata) : प्रत्येक क्रोमैटिड अत्यन्त सूक्ष्म सर्पिलाकार तन्तुओं से बना होता है। इन तन्तुओं को क्रोमोनिमेटा (Chromonemata) कहते हैं।
(c) सेन्ट्रोमियर (Centromere) : क्रोमैटिड जिस स्थान पर जुड़े रहते हैं जिस स्थान को सेन्ट्रोमियर कहते हैं।
(d) प्राथमिक तथा द्वितीयक संकुचन (Primary and secondary constriction) : प्राय: प्रत्येक क्रोमोसोम में दो संकुचित स्थान पाया जाता है। प्राथमिक संकुचन पर सेन्ट्रोमियर (Centromere) तथा द्वितीयक संकुचन में केन्द्रिका (Nucleolus) स्थित रहता है।
(e) सेटेलाइट (Satellite) : द्वितीयक संकुचन के कारण क्रोमोसोम के एक सिरे पर एक गोलाकार रचना बन जाती है, जिसे Satellite कहते हैं।
सेन्ट्रोमियर का कार्य : यह क्रोमैटिड्स को जोड़कर रखने का कार्य करता है। टेलोमियर का कार्य : यह दो क्रोमोसोम्स को एक दूसरे से जोड़ने नहीं देता है।

प्रश्न 3.
कोमोसोम्स, DNA तथा जीन में पारस्परिक सम्बन्ध का संक्षिप्त वर्णन करें।
अथवा
क्रोमोसोम, DNA और जीन के अन्तः सम्बन्धों का वर्णण करो। यूक्रोमाटिन और हेट्रोक्रोमाटिन में निम्नलिखित दो विषयों में अन्तर लखिए : कुण्डली, सक्रियता। 3 + 2
उत्तर :
क्रोमोसोम, DNA और जीन में अत: सम्बन्ध :- क्रोमोसोम्स आनुवंशिक गुणों के वाहक हैं जो केन्द्रक में स्थित होते हैं। प्रत्येक क्रोमोसोम में DNA का अत्यन्त ही जटिलता अणु होता है। DNA के कुछ भागों को जो विभिन्न लक्षणों का नियंत्रण करते हैं उन्हें जीन्स कहते हैं।

यूक्रोमैटिन और हेट्रोक्रो मैटिन में अन्तर :-

यूक्रोमैटिन हेट्रोक्रोमैटिन
कुण्डली : i. यह कम कुडलित है। i. इसमें साइटोप्लाज्म के बीच में खाँच (cavage) बनती है।
सक्रियता : ii. यह अधिक सक्रिय है। ii. यह क्रम सक्रिय हैं।

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प्रश्न 4.
एक वनस्पति कोशिका के अथवा माइटोसिस कोशिका विभाजन की मेटाफेज अवस्था के दो और एक प्राणी कोशिका के माइटोसिस कोशिका विभाजन की एनाफेज अवस्था की तीन विशेषताओं को लिखिए। 3 + 2
उत्तर :
वनस्पति कोशिका की मेटाफेज अवस्था :-

  1. कोशिका द्रव में स्पिंडल उपकरण माइक्रोटयूब्यूल्स से पूर्णतः बन जाते हैं।
  2. केन्द्रीय झिल्ली और केन्द्रिका अदृश्य हो जाते हैं।

प्राणि कोशिका की एनाफेज अवस्था :-

  1. सेन्ट्रोमियर विभाजित हो जाती है। दोनों सिस्टर क्रोमैटिडस एक दूसरे से अलग होने लगती हैं।
  2. स्पिंडल तंतु जो काइनेटोफोर से जुड़े होते हैं छोटे होने लगते हैं।
  3. सेन्ट्रोमियर की स्थिति के कारण क्रोमैटिड V, L अथवा। आकृति की दीखने लगती है।

प्रश्न 5.
एमाइटोसिस विभाजन क्या है ? एमाइटोसिस विभाजन की प्राप्ति स्थान तथा महत्व बताओ। अथवा, एमाइटोसिस को प्रत्यक्ष विभाजन क्यों कहते हैं ?
उत्तर :
असमसूत्री विभाजन (Amitosis Division) : इसको Direct cell division या प्रत्यक्ष विभाजन कहा जाता है। यह सबसे सरल प्रकार का कोशिका विभाजन है। इसमें स्पिण्डल (Spindle) का निर्माण नहीं होता है। इसमें क्रोमैटिन तन्तु भी नहीं बनता है और न ही केन्द्रिय झिल्ली गायब होती है।
प्राप्ति स्थान (Occurance) : यह विधि जीवाणु, साइनो जीवाणु, यीस्ट, अमीबा, कारा(Chara), W.B.C. आदि में –
महत्व (Significance) :
(i) यह कोशिका विभाजन की सबसे सरल विधि है। यह एक कोशिकीय सजीवों की प्रजनन विधि है।
(ii) इस विभाजन में उत्पन्न पुत्री कोशिकाएँ मातृ कोशिका के समान होती है।

प्रश्न 6.
माइटोसिस कोशिका विभाजन क्या है ? ऑटोसोम तथा सेक्स क्रोमोसोम से क्या समझते हो ?
उत्तर :
माइटोसिस (Mitosis) : यह शारीरिक कोशिका विभाजन की वह सामान्य विधि है जिसमें एक मातृ कोशिका के केन्द्रक का केवल एक बार विभाजन के फलस्वरूप समान तथा समरूप क्रोमोसोम की संख्या वाली दो पुत्री कोशिकाओं की उत्पत्ति होती है, उसे समसूत्री विभाजन (Mitosis) कहते हैं। जैसे- बहुकोशकीय पौधों तथा जन्तु की शारीरिक कोशिकाएँ।

ऑटोसोम (Autosome) : वे क्रोमोसोम जिन पर शारीरिक गठन में भाग लेने वाले जीन उपस्थित रहते हैं ऑटोसोम (Autosome) कहते हैं। मनुष्य में 23 जोड़ी क्रोमोसोम में 22 जोड़ी क्रोमोसोम ऑटोसोम होते हैं। ये केवल शारीरिक गठन में भाग लेते हैं, लिंग निर्धारण में भाग नहीं लेते हैं।

सेक्स क्रोमोसोम (Sex Chromosome) : वे क्रोमोसोम जिन पर लिंग निर्धारण करने वाले जीन उपस्थित रहते हैं, उन्हें सेक्स क्रोमोसोम या एलोसम (Allosome) कहते हैं। जैसे – मनुष्य में 23 जोड़ी में से एक जोड़ी क्रोमोसोम लिंग निर्धारण में भाग लेते हैं, इसलिए यह एक जोड़ी क्रोमोसोम लिंग क्रोमोसोम (Sex chromosome) कहलाता है।

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प्रश्न 7.
माइटोसिस कोशिका विभाजन पौधों तथा जन्तुओं में कहाँ होती है? माइटोसिस का महत्व बताओ।
उत्तर :
माइट्रोसिस कोशिका विभाजन बहुकोशिकीय जन्तुओं के शारीरिक कोशिकाओं में होती है। पौधों में- माइटोसिस विभाजन पौधों के वर्धी भागों जैसे- जड़, तना, पत्तियों, कलिकाओं तथा पार्श्श कलिकाओं आदि में होती है। एक कोशिकीय प्राणियों तथा जन्तुओं में वृद्धि तथा वर्धी प्रजनन में माइटोसिस विभाजन होती है।
माइटोसिस का महत्व (Significance of mitosis) :

  1. माइटोसिस विभाजन के फलस्वरूप अंगों में वृद्धि तथा विकास होता है।
  2. इस विभाजन द्वारा कोशिका की प्रकृति तथा आयतन समान बना रहता है।
  3. इस विभाजन द्वारा क्षतिग्रस्त तथा टूटी-फूटी कोशिकाओं की मरम्मत होती है।

प्रश्न 8.
द्विगुणित गुणसूत्र क्या है ? समजातीय और विषमजातीय (Homotypic and Heterotypic) कोशिका विभाजन से आप क्या समझते हैं ? ऐस्ट्रल और ऐनऐस्ट्रल समसूत्रण क्या है ?
उत्तर :
द्विगुणित गुणसूत्र : शारीरिक कोशिका में उपस्थित गुणसूत्रों को द्विगुणित गुणसूत्र कहते हैं। इनकी संख्या को ‘2n’ से व्यक्त करते हैं।
समजातीय कोशिका विभाजन : एक मातृ कोशिका विभाजित होकर जब दो समान संताति कोशिकायें उत्पन्न करती हैं, तो इसे समजातीय कोशिका विभाजन कहते हैं।
विषमजातीय कोशिका विभाजन : एक मृत कोशिका विभाजित होकर जब दो असमान संतति कोशिकायें उत्पन्न करती हैं, तो इसे विषमजातीय कोशिका विभाजन कहते हैं।

प्रश्न 9.
मिओसिस कोशिका विभाजन क्या है ? मिओसिस विभाजन का प्राप्ति स्थान क्या है? मिओसिस विभाजन का महत्व बताइए।
अथवा
मियोसिस विभाजन को न्यूनकारी विभाजन क्यों कहते हैं। मिओसिस विभाजन का महत्व लिखिए। अथवा, अर्धसूत्री कोशिका विभाजन के किन्हीं तीन महत्व को लिखिए। अर्धसूत्री को न्यूनकारी विभाजन क्यों कहा जाता है ?
उत्तर :
मिओसिस कोशिका विभाजन : जर्मिनल कोशिकाओं के उस विभाजन को जिसके फलस्वरूप उत्पन्न संतति कोशिकाओं में क्रोमोसोम की संख्या मातृकोशिका के क्रोमोसोम की संख्या की आधी हो जाती है, मिओसिस कहते हैं। इसमें एक द्विगुणित (Deploid) मातृकोशिका से चार एक गुणित (Haploid) संतति कोशिकाओं का निर्माण होता है। इसे न्यूनकारी विभाजन भी कहते हैं।
मिओसिस विभाजन का प्राप्ति स्थान : यह विभाजन जनदों (Gonads) के मियोसाइट्स में होता है।
मिओसिस विभाजन का महत्व (Significance of meiosis division) :

  1. इस विभाजन द्वारा किसी भी सजीव समुदाय में क्रोमोसोम की संख्या स्थिर बनी रहती है।
  2. जन्तुओं में मिओसिस द्वारा (Gametes) अर्थात अण्डाणु तथा शुक्राणु का निर्माण होता है।
  3. इस विभाजन द्वारा माता-पिता तथा सन्तानों में विभिज्नताएँ उत्पन्न होती हैं।
  4. पौधों में इस विभाजन द्वारा परागकण तथा अण्डाणु का निर्माण होता है।

अर्धसूत्री या न्यूनकारी विभाजन (Meiosis or Reduction division) : अर्धसूत्री विभाजन में दो क्रमिक कोशिका विभाजन होते हैं किन्तु गुणसूत्रों का विभाजन केवल एक बार ही होता है। अतः अर्धसूत्री विभाजन की मुख्य विशेषता है दो क्रमिक विभाजन तथा इनसे बनने वाली चार सन्तति कोशिकाएँ। प्रथम अर्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है। इसे न्यूनकारी विभाजन भी कहते हैं।

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प्रश्न 10.
कोशिका विभाजन का महत्व बताइए। मिओसिस तथा माइटोसिस में दो अन्तर लिखिए। कोशिका विभाजन के समय सेण्ट्रोमियर का कार्य बताइए।
उत्तर :
कोशिका विभाजन का महत्व (Significance of Cell Division) : कोशिका विभाजन सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके फलस्वरूप ही जीव देह के आकार एवं आयतन में वृद्धि होती है। कोशिका विभाजन की विभेदन क्रिया ही विभिन्न अंगों के निर्माण का कार्य करती है। जीव देह के क्षतत्रस्त स्थान भी कोशिका विभाजन के फलस्वरूप ही अपने पूर्ण रूप को प्राप्त करते हैं। कोशिका विभाजन के फलस्वरूप ही सजीवों में वंशवृद्धि होती है।

माइटोसिस तथा मिओसिस में अन्तर :-

माइटोसिस मिओसिस
i. यह सोमैटिक कोशिका (Somatic Cell) विभाजन की विधि है। i. यह Germ Cell विभाजन की विधि है।
ii. इस विभाजन के फलस्वरूप एक मातृकोशिका से दो पुत्री कोशिका उत्पन्न होती है। ii. इस विभाजन के फलस्वरूप एक मातृ कोशिका से चार पुत्री कोशिका उत्पन्न होती है।

कोशिका विभाजन के समय सेन्ट्रोमियर दो क्रोमैट्डि को जोड़कर रखने का कार्य करता है।

प्रश्न 11.
जीन क्या है ? ऑटोसोम तथा सेक्स क्रोमोसोम से क्या समझते हो ?
उत्तर :
जीन (Gene) : क्रोमोसोम पर स्थित वे विशिष्ट कण जो आनुवांशिक लक्षणों के वाहक होते हैं उन्हें जीन कहते है। ये DNA द्वारा गठित होते हैं। जीन को ही आनुवांशिकता की इकाई माना जाता है।
ऑटोसोम (Autosome) : वे क्रोमोसोम जिन पर शारीरिक गठन में भाग लेने वाले जीन उपस्थित रहते हैं ऑटोसोम (Autosome) कहते हैं। मनुष्य में 23 जोड़ी क्रोमोसोम में 22 जोड़ी क्रोमोसोम ऑटोसोम होते हैं। ये केवल् शारीरिक गठन में भाग लेते हैं, लिंग निर्धारण में भाग नहीं लेते हैं।
सेक्स क्रोमोसोम (Sex Chromosome) : वे क्रोमोसोम जिन पर लिंग निर्धारण करने वाले जीन उपस्थित रहते हैं, उन्हें सेक्स क्रोमोसोम या एलोसम (Allosome) कहते हैं। जैसे – मनुष्य में 23 जोड़ी में से एक जोड़ी क्रोमोसोम लिंग निर्धारण में भाग लेते हैं, इसलिए यह एक जोड़ी क्रोमोसोम लिंग क्रोमोसोम (Sex chromosome) कहलाता है।

प्रश्न 12.
अर्धसूत्री कोशिका विभाजन के किन्हीं तीन महत्व को लिखिए। मियोसिस को अर्धसूत्री या न्यूनकारी विभाजन क्यों कहा जाता है ? 2 + 3
उत्तर :
अर्धसूत्री विभाजन का महत्व (Significance of meiosis division) :

  1. इस विभाजन द्वारा किसी भी सजीव समुदाय में क्रोमोसोम की संख्या स्थिर बनी रहती है।
  2. जन्तुओं में मिओसिस द्वारा (Gametes) अर्थात अण्डाणु तथा शुक्राणु का निर्भाण होता है।
  3. इस विभाजन द्वारा माता-पिता तथा सन्तानों में विभिन्नताएँ उत्पन्न होती हैं।

अर्धसूत्री या न्यूनकारी विभाजन (Meiosis or Reduction division) : अर्धसूत्री विभाजन में दो क्रमिक कोशिका विभाजन होते हैं किन्तु गुणसूत्रों का विभाजन केवल एक बार ही होता है। अतः अर्धसूत्री विभाजन की मुख्य विशेषता है दो क्रमिक विभाजन तथा इनसे बनने वाली चार सन्तति कोशिकाएँ। प्रथम अर्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी रह जाती है। इसे न्यूनकारी विभाजन भी कहते हैं।

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प्रश्न 13.
साइटोकाइनेसिस क्या है ? पादप तथा जन्तु साइटोकाइनेसिस में अन्तर बताइए।
उत्तर : साइटोकाइनेसिस : कोशिका में केन्द्रक के विभाजन के पश्चात् कोशिका द्रव्य के विभाजन की विधि को साइटोकाइनेसिस कहते हैं।

पादप कोशिका तथा जन्त् कोशिका के साइटोकाइनेसिस में अन्तर –

Plant Cell Cytokinesis Animal Cell Cytokinesis
i. इसमें साइटोकाइनेसिस की क्रिया Cell Plate निर्माण के द्वारा होती है। i. इसमें साइटोकाइनेसिस की क्रिया furowing या Cleavage के द्वारा होती है।
ii. पौधों में यह क्रिया टिलोफेज अवस्था से शुरू होती है। ii. जन्तुओं में यह क्रिया Anaphase अवस्था में ही Stem body निर्माण के समय शुरू हो जाती है।
iii. पौधों में टिलोफेज अवस्था में फ्रैग्मोप्लास्ट के बनने से कोशिका दो पुत्री कोशिकाओं में बँट जाती है। iii. जन्तुओं में कोशिका झिल्ली equational zone पर दबने लगती है और दबते दबते बीच में मिलकर कोशिका को दो भागों में विभाजित कर देती है।

प्रश्न 14.
माइटोसिस के प्रत्येक अवस्था का नाम और प्रत्येक अवस्था का कार्य बताओ।
उत्तर :
माइटोसिस विभाजन में कैरियोकाइनेसिस की क्रिया निम्न चार अवस्थाओं में सम्पन्न होती हैं-
प्रोफेज (Prophase) :

कार्य :

  1. क्रोमैटिन कणिकाओं से पूर्ण क्रोमोसोम का निर्माण
  2. केन्द्रक कला तथा अणुनाभिक का हास
  3. क्रोमोसोम का कोशिका के मध्य में एकत्रित होना।

मेटाफेज (Metaphase) :

कार्य :

  1. तर्क तन्तुओं (Spindle fibres) तथा तारा रश्मियों (Astral rays) का निर्माण
  2. क्रोमोसोम का अपने तर्क तन्तुओं से जुड़ना
  3. क्रोमोसोम का कोशिका के मध्य रेखा पर विन्यस्त करना।

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एनाफेज (Anaphase) :

कार्य :

  1. सेन्ट्रोमियर का विभाजित होना
  2. सेन्ट्रोमियर्स तथा क्रोमैटिड्स का एक दूसरे से अलगाव
  3. सिस्टर क्रोमोसोम का कोशिका के विपरीत ध्रुवों की ओर गमन
  4. क्रोमोसोम का ‘V ‘ अथवा ‘L’ आकृति का होना।

टिलोफेज (Telophase) :

कार्य :

  1. क्रोमोसोम का क्रोमैटिन कणों अथवा क्रोमैट्सि जाल में परिवर्तन
  2. केन्द्रक कला तथा केन्द्रिका का पुन: निर्माण
  3. तर्क तन्तुओं तथा तारा रश्मियों का पूर्ण हास।

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प्रश्न 15.
माइटोसिस क्या है ? माइटोसिस विभाजन के मेटाफेज अवस्था का वर्णन करो।
उत्तर :
माइटोसिस : समसूत्र विभाजन (Mitosis division) शारीरिक कोशिकाओं (Somatic cell) में होने वाली वह विधि है जिसमें मातृ कोशिका के क्रोमोसोम की संख्या पुत्री कोशिकाओं के क्रोमोसोर्म की संख्या के बराबर होती है।

मेटाफेज (Metaphase) : यह माइटोसिस की दूसरी अवस्था है। यह अल्प स्थायी होती है। यह अवस्था आरम्भ होने के पहले केन्द्रक झिल्ली तथा केन्द्रिका पूर्ण रूप से विलुप्त हो जाते हैं। जन्तु कोशिका में केन्द्रक में दोनों ध्रुवों पर स्थित सेन्ट्रिओल से निकलने वाली तारा रश्मियाँ विस्तृत होकर तर्क तन्तु का निर्माण करती है। तर्क तन्तु के दोनों सिरे को ध्रुव कहते हैं। पादप कोशिका में सेन्ट्रोसोम अनुपस्थित होने के बावजूद स्पिण्डल का गठन होता है। क्रोमोसोम कोशिका के मध्य में आ जाते हैं। बगल से देखने पर सेन्ट्रोमियर एक ही सरल रेखा में दिखाई देती है और एक प्लेट का निर्माण करती है जिसे मध्य रेखीय प्लेट (Equatorial plate) कहते हैं। क्रोमैटिड्स के सेन्ट्रोमियर Spindle fibre द्वारा अपनी-अपनी ओर के सेन्ट्रिओल से जुड़े रहते हैं। सभी सेन्ट्रोमियर एक ही स्तर पर रहते हैं। इस अवस्था में क्रोमोसोम अधिक स्पष्ट दिखाई पड़ते हैं तथा इनकी संख्या को सरलतापूर्वक गिना जा सकता है।

प्रश्न 16.
कोशिका विभाजन और वृद्धि में सम्बन्ध बतायें।
उत्तर :
कोशिका विभाजन और वृद्धि में सम्बन्ध (Relationship between cell-division and growth): वृद्धि प्रोटोप्लाज्म द्वारा नियन्त्रित होने वाली एक जटिल प्रतिक्रिया है। जब किसी कोशिका में एनाबोलिक क्रियाओं की दर केटाबोलिक क्रियाओं की अपेक्षा अधिक होती है तो कोशिका में प्रोटोप्लाज्म की मात्रा में तेजी से वृद्धि होने लगती है। इससे कोशिका के केन्द्रक और प्रोटोप्लाज्म के सम्बन्धों में अस्थिरता अर्थात Kern plasma relation में अस्थिरता आ जाती है जिससे कोशिका दो भागों में बँट जाती है।

माइटोसिस कोशिका विभाजन द्वारा सजीवों के शरीर में कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है जिसके फलस्वरूप सजीवों के अंगों के आयतन, आकार, शुष्क भार आदि में अनुत्क्रमणीय परिवर्तन हो जाता है जिसे वृद्धि कहते हैं। इस तरह पूर्ण वृद्धि के बाद ही कोशिका विभाजन होता है जिससे वृद्धि होती है। अत: कोशिका विभाजन और वृद्धि में एक दूसरे के फलस्वरूप ही सम्पन्न होते हैं।

प्रश्न 17.
Cell cycle या माइटोटिक साइकिल से क्या समझते हो? (Cell cycle के विभिन्न अवस्थाओं का संक्षिप्त वर्णन करो।)
उत्तर :
Cell cycle or Mitotic cycle : लगातार विभाजन में प्रत्येक कोशिका दो अवस्थाओं से गुजरती है जिसे Cell cycle या Mitotic cycle कहते हैं।
माइटोटिक साइकिल की अवस्थाएँ : Cell cycle मुख्यत: दो अवस्थाओं में पूर्ण होती हैं –
(i) प्रारम्भिक अवस्था (Inter phase)
(ii) कोशिका विभाजन अवस्था (Cell division phase) या, माइटोटिक अवस्था (M-phase)

i. प्रारम्भिक अवस्था (Inter phase) : यह कोशिका विभाजन के प्रारम्भ होने के पूर्व की अवस्था है। इस अवस्था में कोशिका विभाजन विभिन्न प्रकार के पदार्थों का संश्लेषण पूर्ण रूप से विभाजन के लिए तैयार होती है। इन्टरफेज की सम्पूर्ण प्रक्रिया निम्न तीन उप-अवस्थाओं में पूरी होती है-
A. G, Phase or Post Mitotic Phase : इस अवस्था में केन्द्रक इन्टरफेज अवस्था में होता है। RNA तथा प्रोटीन का संश्लेषण होता है। साधारण कोशिका की अपेक्षा इस अवस्था में DNA दो गुना हो जाता है। इसलिए इसे Duplication of DNA कहा जाता है। क्रोमोजोम क्रोमैटिन धागे के रूप में कुण्डलित होते हैं।
B. S, Phase or Synthetic Phase : यह अवस्था G, अवस्था के बाद की अवस्था है। इस अवस्था में DNA एवं Histone Protein का निर्माण होता है। क्रोमोसोम दो क्रोमैटिड्स में विभक्त हो जाता है।
C. G2-Phase : यह अवस्था S-Phase के बाद की अवस्था है। यह विभाजन के पूर्व की अवस्था है। इस अवस्था में कोशिका विभाजन की तैयारी होती है।

ii. Mitotic Phase or Cell Division Phase : यह कोशिका चक्र की दूसरी अवस्था है। इसमें कोशिका के केन्द्रक के अवयवों और कोशिका द्रव्य के कोशिकांग में परिवर्तन होता है। यह अवस्था प्रोफिज, मेटाफेज, एनाफेज तथा टीलोफेज उप अवस्थाओं के साथ पूरी होती है। यह अवस्था प्रायः एक जीवधारी के सभी कोशिकाओं में समान होती है।

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प्रश्न 18.
पौधे के किस भाग में बॉडी कोशिका मायटासिस की विधि से विभाजित होती है? इस तरह की कोशिका विभाजन में कितनी अवस्थायें होती हैं और वह क्या-क्या होती हैं ? किस अवस्था के बाद साइटोकाइनेसिस होता है ?
उत्तर :
(क) पौधों में माइटोटिस का स्थान : परागकोष (Anther) तथा अण्डाशय (Ovary) की जर्मिनल कोशिकाओं को छोड़कर शेष सभी अंगों की शारीरिक कोशिकाओ (Somatic cell) में माइटोसिस की क्रिया होती है।
(ख) माइटोसिस की अवस्थायें :
(i) प्रोफेज (Prophase) : माइटोसिस की उस अवस्था को जिसके अन्तर्गत केन्द्रक में उपस्थित क्रोमैटिन कणिकाओं से पूर्ण विकसित क्रोमोसोम का निर्माण तथा केन्द्रक कला व केन्द्रिका का ह्लास होता है उसे प्रोफेज कहते हैं।
(ii) मेटाफेज (Metaphase) : माइटोसिस की वह अवस्था जिसके अन्तर्गत क्रोमोसोम तर्क तन्तुओं से जुड़कर कोशिका की मध्य रेखा पर विन्यस्त हो जाते हैं, मेटाफेज कहलाता है।
(iii) एनाफेज (Anaphase) : माइटोसिस की उस अवस्था को जिसके अन्तर्गत सेन्ट्रोमियर्स तथा क्रोमैटिड्स एक दूसरे से अलग होकर कोशिका के विपरीत ध्रुवों की तरह अग्रसित होने लगते हैं, उसे एनाफेज कहते हैं।
(iv) टिलोफेज (Telophase) : माइटोसिस की वह अवस्था जिसके अन्तर्गत क्रोमोसोम का क्रोमैटिन जाल में सरलीकरण, केन्द्रक कला तथा केन्द्रिका का पुन: निर्माण तथा तर्क तन्तुओं का पूर्ण हास होता है, टिलोफेज कहलाता है।
(ग) साइटोकाइनेसिस का समय : माइटोसिस की अन्तिम अवस्था टिलोफेज के बाद साइटोकाइनेसिस की क्रिया होती है।

प्रश्न 19.
आदर्श यूकैरियोटिक गुणसूत्र (क्रोमोसोम) की संरचना का चित्रण करें तथा निम्न भागों का नामांकन करें: 3 + 2
(क) क्रोमैटिड
(ख) सेन्ट्रोमियर
(ग) न्युक्लियर आर्गेनाइजर
(घ) टेलोमियर
उत्तर :
WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 2A कोशिका विभाजन 3

प्रश्न 20.
एक वनस्पति कोशिका या एक प्राणी कोशिका के माइटोसिस कोशिका विभाजन की मेटाफेज अवस्था का स्वच्छ चित्र अंकन करके निम्नलिखित अंशों को चिह्रित कीजिए : 3 + 2
(क) क्रोमोजोम
(ख) स्पिंडल तन्तु
(ग) ध्रुव क्षेत्र
(घ) सेन्ट्रोमीटर
उत्तर :
WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 2A कोशिका विभाजन 4

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 1D प्रचलन

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प्रचलन Class 10 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में कौन जोड़ा सही है –
(क) मुकुलन – यीस्ट
(ख) खण्डीभवन – केंचुआ
(ग) स्पोर-निर्माण – अमीबा
(घ) पुन: उत्पादन – ड्रायोप्टेरिस
उत्तर :
(क) मुकुलन – यीस्ट

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प्रश्न 2.
अमीबा का प्रचलन अंग है –
(क) टन्यूब फीट
(ख) कूटपाद
(ग) पैर
(घ) सीटी
उत्तर :
(ख) कूटपाद

प्रश्न 3.
अमीबीय गति देखी जाती है –
(क) अमीबा में
(ख) पैरामिशियम में
(ग) यूग्लीना में
(घ) किसी में नहीं
उत्तर :
(क) अमीबा में

प्रश्न 4.
युग्लिना गति करता है –
(क) टेन्टिकल द्वारा
(ख) पखना द्वारा
(ग) पक्ष्म द्वारा
(घ) फ्लैजिला द्वारा
उत्तर :
(घ) फ्लैजिला द्वारा

प्रश्न 5.
सिलिया प्रचलन अंग की तरह कार्य करता है –
(क) यूग्लिना में
(ख) अमीबा में
(ग) पैरामोसियम में
(घ) मछली में
उत्तर :
(ग) पैरामोसियम में।

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प्रश्न 6.
वह जीव जो स्यूडोपोडिया को प्रचलन अंग के रूप में इस्तेमाल करता है –
(क) पैरामीशियम
(ख) अमीबा
(ग) मेढक
(घ) केंचुआ
उत्तर :
(ख) अमीबा।

प्रश्न 7.
स्वीम ब्लैडर पाया जाता है-
(क) कबूतर में
(ख) बिल्ली में
(ग) चमगादड़ में
(घ) मछली में
उत्तर :
(घ) मछली में

प्रश्न 8.
मछलियों का पतवार है-
(क) कॉडल पखना
(ख) पेक्टोरल पखना
(ग) पेल्विक पखना
(घ) एनल पखना
उत्तर :
(क) कॉडल पखना

प्रश्न 9.
कबूतर के पंख का नियंत्रण करती है-
(क) ऐच्छिक पेशी
(ख) अनैच्छिक पैशी
(ग) उड़न पेशी
(घ) हृदयपेशी
उत्तर :
(ग) उड़न पेशी

प्रश्न 10.
अमीबिय गति में भूमिका निभाता है-
(क) प्रोटोप्लाज्म
(ख) साइटोप्लाज्म
(ग) एन्डोल्लाज्म तथा एक्टोप्लाज्म
(घ) कैरियोप्लाज्म
उत्तर :
(ग) एन्डोप्लाज्म तथा एक्टोप्लाज्म

प्रश्न 11.
मछली में पखनों की संख्या हैं –
(क) तीन
(ख) पाँच
(ग) सात
(घ) नौ
उत्तर :
(ग) सात

प्रश्न 12.
फ्लैजिलरी गति पाया जाता है –
(क) अमीबा
(ख) यूग्लिना
(ग) पैरामिसियम में
(घ) हाइड्रा
उत्तर :
(ख) यूग्लिना

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प्रश्न 13.
अचल संधि का उदाहरण है –
(क) केहुनी का जोड़
(ख) केशेरुक जोड़
(ग) घुटने का जोड़
(घ) खोपड़ी की हड्डुयों का जोड़
उत्तर :
(घ) खोपड़ी की हड्डियों का जोड़

प्रश्न 14.
जन्तु जो प्रचलन नहीं कर सकता है –
(क) हाइड्रा
(ख) अमीबा
(ग) स्पंज
(d) मछली
उत्तर :
(ग) स्पंज

प्रश्न 15.
मायोटोम पेशियाँ पायी जाती हैं –
(क) कबूतर में
(ख) मछलियों में
(ग) केंचुआ में
(घ) तिलचट्टा में
उत्तर :
(ख) मछलियों में

प्रश्न 16.
प्रचलन करने वाला एक उद्भिज है –
(क) म्यूकर
(ख) एगरीकस
(ग) वालवॉक्स
(घ) ईस्ट
उत्तर :
(ग) वालवॉक्स।

प्रश्न 17.
मछलियों में उत्प्लावकता बनाये रखने वाला अंग है :-
(क) गिल्स
(ख) वाताशय
(ग) पूँळ
(घ) पेक्टोरल पखना
उत्तर :
(ख) वाताशय।

प्रश्न 18.
निम्नलिखित में से कौन पूच्छ परवना का कार्य नहीं है ?
(क) शरीर का संतुलन करना
(ख) दिशा का परिवर्तन करना
(ग) शरीर को सहीं स्थिति में रखना
(घ) मछली को आगे बढ़ने के लिए चालक बल उत्पन्न करना
उत्तर :
(घ) मछली को आगे बढ़ने के लिए चालक बल उत्पन्न करना।

प्रश्न 19.
पेशियों के संकुचन से केहुनी का मुड़ना कहलाता है –
(क) फ्लेवशन
(ख) एव्सटेन्सन
(ग) एबडक्सन
(घ) एडक्सन
उत्तर :
(क) फ्लेवशन।

प्रश्न 20.
हिंज संधि रहता है –
(क) घुटना में
(ख) गर्दन में
(ग) कंधा में
(घ) खोपड़ी में
उत्तर :
(क) घुटना में।

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प्रश्न 21.
मनुष्य में चलन है-
(क) पक्षाभीय
(ख) कशाभिकीय
(ग) द्विपादीय
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) द्विपादीय

प्रश्न 22.
कौन पेशी ऐब्डक्सन करती है –
(क) बाइसेप्स
(ख) ट्राइसेप्स
(ग) पायरि फारमिस
(घ) डेलहायड
उत्तर :
(ख) ट्राइसेप्स।

प्रश्न 23.
पायरिफॉर्म है –
(क) ऐडक्शन
(ख) ऐब्डक्शन
(ग) रोटेशन
(घ) फ्लेक्शन
उत्तर :
(क) ऐडकशन।

प्रश्न 24.
बॉल और सॉकेट सन्धि का उदाहरण है –
(क) घुटने की संधि
(ख) कलाई की संधि
(ग) खोपड़ी की संधि
(घ) कंधे की संधि
उत्तर :
(घ) कंधे की संधि।

प्रश्न 25.
बॉल और सॉकेट संधि पाई जाती है –
(क) केहुनी में
(ख) घुटना में
(ग) पेल्विक गर्डल में
(घ) अंगुली में
उत्तर :
(ग) पेल्विक गर्डल में।

प्रश्न 26.
द्विपाद प्रचलन होता है –
(क) मनुष्य में
(ख) तिलबट्टा में
(ग) केंचुआ में
(घ) छिपकली में
उत्तर :
(क) मनुष्य में

प्रश्न 27.
मानव शरीर की सबसे लम्बी हड़ी –
(क) स्कैपुला
(ख) फीमर
(ग) मेलियस
(घ) स्टेपिस
उत्तर :
(ख) फीमर

प्रश्न 28.
हिंज जोड़ है –
(क) केहुनी, घुटना का जोड़
(ख) कलाई का जोड़
(ग) खोलड़ी के आघार का जोड़
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) केहुनी, घुटना का जोड़

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प्रश्न 29.
एक ही दिशा की ओर 90 के कोण पर मुड़ने वाला जोड़ –
(क) कन्दुक और खलिका जोड़
(ख) हिंज जोड़
(ग) पाइ मोट जोड़
(घ) कोन्द्रित्मायड जोड़
उत्तर :
(क) कन्दुक और खलिका जोड़

प्रश्न 30.
अंगों को शरीर के मध्यवर्ती रेखा से दूर हटाने वाली पेशियाँ –
(क) ऐडक्टर पेशी
(ख) एक्सटेन्सर पेशी
(ग) ऐबडक्टर पेशी
(घ) स्फिगटर पेशी
उत्तर :
(ग) ऐबडक्टर पेशी

प्रश्न 31.
जाँघ में उपस्थित हड्डी कहलाती है –
(क) ह्यूमर
(ख) फीमर
(ग) टिबिया-फिबुला
(घ) टार्सल्स
उत्तर :
(ख) फीमर

प्रश्न 32.
मानव कंकाल में हड्डियों की संख्या है –
(क) 106
(ख) 206
(ग) 601
(घ) 306
उत्तर :
(ख) 206

प्रश्न 33.
किलदार संधि का उदाहरण है –
(क) ह्यूमरस की हड्डियाँ
(ख) कशेरुक दंड का अक्ष और खोपड़ी
(ग) कलाई की हंड्डियाँ
(घ) टखने की हड्डियाँ
उत्तर :
(ख) कशेरुक दंड का अक्ष और खोपड़ी

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) :

1. मनुष्य का प्रचलन _________ कहलाता है।
उत्तर :द्विपाद प्रचलन

2. मछली का शरीर _________ होता है।
उत्तर :नौकाकार

3. अमीबा _________द्वारा प्रचलन करता है।
उत्तर :सुडोपोडिया

4. मछलियों में _________और _________युग्म पंख होते हैं।
उत्तर :पेक्टोरेल, पेल्भिक

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5. _________अमीबा का प्रचलन अंग है।
उत्तर :कूटपाद

6. स्वीम ब्लैडर मछलियों के शरीर का _________अंग है।
उत्तर :हाइड्रोस्टेटिक

7. मछलियों में पाई जाने वाली V आकार की पेशियाँ _________कहलाती है।
उत्तर :मायोटोम पेशियाँ

8. चल संधि को _________भी कहा जाता है।
उत्तर :साइनोवियल संधि

9. घुटने का जोड़ _________जोड़ है।
उत्तर :साइनोवियल

10. ऊपरी बाहु के अग्र भाग में _________पेशियाँ पायी जाती हैं।
उत्तर :बाइसेप्स

11. ऊपरी बाहु के पश्च भाग में _________पेशियाँ पायी जाती हैं।
उत्तर :ट्राइसेप्स

12. प्रचलन हमेशा _________द्वारा प्रभावित होता है।
उत्तर :उद्दीपन

13. दो अस्थियों को जोड़ने का कार्य मुलायम संयोजी ऊत्तक_________ करता है।
उत्तर :कार्टिलेज

14. अस्थि जोड़ के गर्त में भरे द्रव को _________कहते हैं।
उत्तर :साइनोवियल द्रव

15. खोपड़ी के आधार और प्रथम कशेरुका की बीच _________अस्थि जोड़ पायी जाती है।
उत्तर : पाइभोट

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16. युग्लिन में प्रचलन _________की सहायता से होता है।
उत्तर : फ्लैजिला।

17. सिलिया _________का प्रचलन अंग है।
उत्तर : पैरामीसियम

18. यूग्लिना _________की सहायता से चलता है।
उत्तर : कशाभिका

19. अमीबा में प्रचलन क्रिया _________की सहायता से होता है।
उत्तर : कूटपाद

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. पैरामीसियम का प्रचलन अंग फ्लैजेला है।
उत्तर : False

2. मानव हाथ की बाइसेप्स मांसपेशी एक एक्सटेन्सर पेशी है।
उत्तर : False

3. अस्थि और पेशियों को जोड़ने वाले तन्तु को लिगामेंट कहते हैं।
उत्तर : False

4. हमारे घुटने में बॉल और सॉकेट (Ball & Socket) जोड़ पाया जाता है।
उत्तर : False

5. मछलियों में दो युग्म पक्षत् और तीन अयुग्म पक्षत् पाये जाते हैं।
उत्तर : True

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6. फ्लेक्सर पेशियाँ दो समीपवर्ती हड्डियों को नजदीक में लाती है।
उत्तर : True

7. वह पेशी जो किसी अंग को शरीर के अक्ष के नजदीक लाती है, उसे फ्लेक्शन कहते हैं।
उत्तर : True

8. हमारे घुटने में ‘बॉल और सॉकेट’ जोड़ पाया जाता है।
उत्तर : False

9. एब्डक्टर पेशी के संकुचन से कोई अंग शरीर के मध्यवर्ती रेखा से दूर हटता है।
उत्तर : True

10. इन ट्रिंसिक पेशी आइरिस और सिलियरी बॉडी से जुड़ी रहती है।
उत्तर : True

11. गति के द्वारा हमेशा प्रचलन सम्भव नहीं है।
उत्तर : True

12. गति पौधो तथा जन्तुओ दोनो में होती है।
उत्तर : True

13. प्रचलन में सजीव अपना स्थान परिवर्तन करता है।
उत्तर : True

14. प्रचलन में सजीव अपना स्थान परिवर्तन नहीं करता है।
उत्तर : False

15. सिलिया की सहायता से पैरामिशियम जल में गति करता है।
उत्तर : True

16. लम्बी चाबुकनामा रचना को सिलिया कहते हैं।
उत्तर : True

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17. मछलियों में प्रचलन अंग आठ पखने एवं कुटपाद होते हैं।
उत्तर : True

18. चल जोड़ों में विभिन्न श्रेणी की गतियाँ संभव है।
उत्तर : True

19. विसर्पी संधि का उदाहरण कंधे है।
उत्तर : False

20. बाईसेप्स पेशीकेहुनी को मोड़ती है।
उत्तर : True

स्तम्भ – ‘A’ के शब्दों से स्तम्भ – ‘B’ में दिये गये उपयुक्त शब्दों से मिलाइये तथा सही जोड़ा दोनों स्तम्भों की क्रमसंख्या के साथ लिखिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) फ्लैजेला (a) मछली की गति
(ii) मायोटोम पेशी (b) न्यूमैटोफोर
(iii) सुन्दरी पौधा (c) यूग्लिना
(iv) मछली का प्रचलन (d) डैने
(v) अग्रबाहु का रूपांतर (e) पखने

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) फ्लैजेला (c) यूग्लिना
(ii) मायोटोम पेशी (a) मछली की गति
(iii) सुन्दरी पौधा (b) न्यूमैटोफोर
(iv) मछली का प्रचलन (e) पखने
(v) अग्रबाहु का रूपांतर (d) डैने

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प्रश्न 2.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) अचल संधि (a) कब्जा संधि
(ii) यूग्लिना (b) उड़ने की क्रिया
(iii) पक्ष्माभी गति (c) फ्लेजेलम
(iv) विसर्पण (d) खोपड़ी की हड्डियाँ
(v) केहुनी (e) पैरामिशियम

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) अचल संधि (d) खोपड़ी की हड्डियाँ
(ii) यूग्लिना (c) फ्लेजेलम
(iii) पक्ष्माभी गति (e) पैरामिशियम
(iv) विसर्पण (d) खोपड़ी की हड्डियाँ
(v) केहुनी (a) कब्जा संधि

प्रश्न 3.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) साइनोवियल संधि (a) काडल पखना
(ii) तारामछली (b) मासल पैर
(iii) सीप (c) चलायमान संधि
(iv) लम्बी हड्डी (d) ट्यूब फीट
(v) पतवार (e) फीमर

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) साइनोवियल संधि (a) काडल पखना
(ii) तारामछली (b) मासल पैर
(iii) सीप (c) चलायमान संधि
(iv) लम्बी हड्डी (d) ट्यूब फीट
(v) पतवार (e) फीमर

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प्रश्न 4.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) फ्लैजिला (a) तन्तुमय संयोजी उत्तक
(ii) कोणिका जोड़ (b) यूग्लिना
(iii) लिगामेंट (c) पैरामेशियम
(iv) सिलिया (d) पेक्टोरेल्सि मेजर
(v) वक्ष पेशियाँ (e) Carpel

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) फ्लैजिला (b) यूग्लिना
(ii) कोणिका जोड़ (e) Carpel
(iii) लिगामेंट (a) तन्तुमय संयोजी उत्तक
(iv) सिलिया (c) पैरामेशियम
(v) वक्ष पेशियाँ (d) पेक्टोरेल्सि मेजर

 

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 1C जन्तुओं में होने वाले प्रतिचार और भौतिक समन्वय : तंत्रिका तंत्र

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जन्तुओं में होने वाले प्रतिचार और भौतिक समन्वय : तंत्रिका तंत्र Class 10 WBBSE MCQ Questions

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
इनमें से कौन सा प्रतिवर्ती चाप सही है ?
(क) ग्राही अंग → प्रभावी अंग → चालक तंत्रिका → तंत्रिका केन्द्र → संवेदी तंत्रिका
(ख) तंत्रिका केन्द्र → ग्राही अंग → संवेदी तंत्रिका → प्रभावी अंग → चालक तंत्रिका
(ग) चालक तंत्रिका → ग्राही अंग → संवेदी तंत्रिका → तंत्रिका केन्द्र → प्रभावी अंग
(घ) ग्राही अंग → संवेदी तंत्रिका → तंत्रिका केन्द्र → चालक तंत्रिका → प्रभावी अंग
उत्तर :
(घ) ग्राही अंग → संवेदी तंत्रिका → तंत्रिका केन्द्र → चालक तंत्रिका → प्रभावी अंग

WBBSE Class 10 Life Science MCQ Questions Chapter 1C जन्तुओं में होने वाले प्रतिचार और भौतिक समन्वय : तंत्रिका तंत्र

प्रश्न 2.
शरीर का तामक्रम नियंत्रित करने से सम्बन्धित मानव मस्तिष्क का भाग है –
(क) थैलामस
(ख) सेरिबेलम
(ग) हाइपोथैलामस
(घ) मेडुला ओबलंगाटा
उत्तर :
(ग) हाइपोथैलामस

प्रश्न 3.
मस्तिष्क का वह भाग जो शरीर के संतुलन को बनाये रखने में संलग्न है –
अथवा, ”शरीर संतुलन” को नियंत्रित करने वाला मस् …
(क) मेडुला आबलांगटा
(ख) थैलामस
(ग) सेरिबेलम
(घ) सेरिब्रम
उत्तर :
(ग) सेरिबेलम

प्रश्न 4.
तंत्रिका तंत्र की इकाई है-
(क) नेफ्रॉन
(ख) न्यूरॉन
(ग) न्यूरोग्लिया
(घ) तंत्रिका
उत्तर :
(ख) न्यूरॉन

प्रश्न 5.
निम्नलिखित में से कौन एक्सान का रचनात्मक लक्षण नहीं है ?
(क) निस्ल के कण
(ख) श्वान कोशिका
(ग) मायलीन शीथ
(घ) न्यूरोलेम्मा
उत्तर :
(क) निस्ल के कण।

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प्रश्न 6.
मस्तिष्क का कौन सा भाग रिले केन्द्र का कार्य करता है –
(क) हाइपोथैलमस
(ख) थैलमस
(ग) पॉन्स
(घ) सेरिबेलम
उत्तर :
(ख) थैलमस।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में कौन सही है ?
(क) कोशिकाय — तंत्रिका संवेदना को प्रहण करना
(ख) डेन्ड्रान — तंत्रिका संवेदना को भेजना
(ग) एक्सान — तंत्रिका संवेदना को ग्रहण करना
(घ) कोशिकाय—तंत्रिका संवेदना को प्रहण करना और भेजना
उत्तर :
(घ) कोशिकाय — तंत्रिका संवेदना को ग्रहण करना और भेजना।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से कौन न्यूरोग्लिया के लिए सही नहीं है ?
(क) ग्राही कोशिका की तरह कार्य करता है
(ख) आक्रमण कोशिक्का की तरह कार्य करता है
(ग) मायलीन शीथ बनाता है
(घ) उद्दीपक का वाहन करता है
उत्तर :
(ग) मायलीन शीथ बनाता है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित में से कौन संवेदी तंत्रिका की तरह कार्य करता है ?
(क) आकुलोमोटर
(ख) ट्रोक्लीयर
(ग) आप्टिक
(घ) एब्डयूसेन्स
उत्तर :
(ग) आप्टिक।

प्रश्न 10.
मानव में क्रैनियल तंत्रिकाओं की संख्या है –
अथवा, मनुष्य में कपाल तंत्रिकाओं की संख्या है –
(क) 10 जोड़ी
(ख) 31 जोड़ी
(ग) 11 जोड़ी
(घ) 12 जोड़ी
उत्तर :
(घ) 12 जोड़ी।

प्रश्न 11.
मानव शरीर में स्पाइनल तंत्रिकाओं की संख्या होती है –
(क) 12 जोड़े
(ख) 32 जोड़े
(ग) 31 जोड़े
(घ) 24 जोड़े
उत्तर :
(ग) 31 जोड़े।

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से मस्तिष्क का कौन सा भाग मनुष्य में बातचीत करने की योग्यता और बुद्धि का नियंत्रण करता है ?
(क) सेरिबेलम
(ख) सेरित्रम
(ग) पान्स
(घ) मेइ्यूला आब्लांगेटा
उत्तर :
(ख) सेरिव्रम।

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प्रश्न 13.
निम्नलिखित में से कौन मेड्यूला आब्लांगेटा का कार्य नहीं है ?
(क) शरीर का नियंत्रण
(ख) हुदय की धड़कन का नियंत्रण
(ग) भूख और प्यास का नियंत्रण
(घ) दृष्टि और सुनने का नियंत्रण
उत्तर :
(क) शरीर का नियंत्रण।

प्रश्न 14.
सी एस एफ का क्या कार्य है ?
(क) बुद्धि का नियंत्रण
(ख) खोड़ी में दबाइ का मियम्यण
(ग) भोजन का नियंत्रण
(घ) प्रतिवर्ती क्रिया का नियंत्रण
उत्तर :
(ख) खोपड़ी में दबाब का नियंत्रण

प्रश्न 15.
निम्नलिखित में से कौन मेनिनजेज का हिस्सा नहीं है ?
(क) ड्यूरा मैटर
(ख) पाया मैटर
(ग) एरेक्नायड
(घ) मायलीन शीथ
उत्तर :
(घ) मायलीन शीथ।

प्रश्न 16.
निम्नलिखित में नेत्र गोलक के किस परत में मेलानीन कण और रक्त वाहिनियाँ उपस्थित हैं ?
(क) स्वसेरा
(ख) रेटिना
(ग) आइरिस
(घ) कोरायड
उत्तर :
(घ) कोरायड।

प्रश्न 17.
दृष्टि तंत्रिका है एक –
(क) चालक तंत्रिका
(ख) स्पाइनल तंत्रिका
(ग) मिश्रित तंत्रिका
(घ) संवेदी तंत्रिका
उत्तर :
(घ) संवेदी तंत्रिका।

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प्रश्न 18.
निम्नलिखित में कौन नेत्र गोलक को आकृति प्रदान करता है ?
(क) रेटिना
(ख) स्क्लेरा
(ग) कोरायड
(घ) कार्निया
उत्तर :
(ख) स्क्लेरा।

प्रश्न 19.
निम्नलिखित में कौन नेत्र गोलक का आवर्तन माध्यम नहीं है ?
(क) कार्निया
(ख) लेंस
(ग) भायट्स ह्यूमर
(घ) स्क्लेरा
उत्तर :
(घ) स्क्लेरा।

प्रश्न 20.
निम्नलिखित में कौन नेत्र दोष द्वि उत्तल माइनस पावर लेंस से ठीक किया जाता है ?
(क) प्रेस बायोपिया
(ख) मोतियाविंद
(ग) हाइपर मेट्रोपिया
(घ) मायोपिया
उत्तर :
(ग) हाइपर मेट्रोपिया।

प्रश्न 21.
दो न्यूरान के बीच का कार्यत्मक सम्बन्ध कहलाता है –
(क) सिनेप्सिस
(ख) सिनैप्स
(ग) प्रतिवर्ती चाप
(घ) गैग्लियान
उत्तर :
(ख) सिनैप्स

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प्रश्न 22.
इनमें कौन-सी संरचना मस्तिष्क में नहीं पाई जाती है ?
(क) सेरीबल हेमीस्फीयर
(ख) रेटिना
(ग) सेरीबेलम
(घ) मेडूला आबलॉगाटा
उत्तर :
(ख) रेटिना

प्रश्न 23.
कॉर्पस कैलोसम जोड़ती है –
(क) एकअस्थि को दूसरे अस्थि से
(ख) मस्तिष्क को स्पाइनल काई से
(ग) दो सेरीव्रल हेमीस्फियर से
(घ) मध्य मस्तिष्क को पष्ध मस्तिष्क से
उत्तर :
(ग) दो सेरीबल हेमीस्फियर से

प्रश्न 24.
यादाश्त, बुद्धि, ताप, दर्द (पीड़ा) और दबाव आद के उद्दीपन नियंत्रित होते हैं –
(क) सेरिब्भम से
(ख) सेरीबेलम से
(ग) मेडूला आबलाँगाटा से
(घ) पॉन्स से
उत्तर :
(क) सेरिब्रम से

प्रश्न 25.
मस्तिष्क एवं मेरूरज्जु को ढकनेवाली झिल्ली कहलाती है-
(क) पेरीकार्डियम
(ख) प्लूरा
(ग) मेनिन्जेज
(घ) कन्जन्कटिवा
उत्तर :
(ग) मेनिन्जेज

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प्रश्न 26.
इनमें से कौन सी एक प्रतिवर्ती क्रिया नहीं है –
(क) खाना देखकर मुँह से लार उत्पन्न होन
(ख) घुटने का जर्क
(ग) पसीना (श्वेद) का स्राव
(घ) तेज रोशनी में पलकों का झपकना
उत्तर :
(ग) पसीना (श्वेद) का स्राव

प्रश्न 27.
अपनी इच्छाशक्ति द्वारा नियंत्रित होनेवाली क्रियाएँ कहलाती हैं –
(क) ऐच्छिक क्रियाएँ
(ख) प्रतिवर्ती क्रियाएँ
(ग) अनैच्छिक क्रियाएँ
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) ऐच्छिक क्रियाएँ

प्रश्न 28.
राड और कोन कोशिकाएँ पायी जाती हैं –
(क) रेटिना में
(ख) कोरायड में
(ग) स्क्लेरा में
(घ) लेन्स में
उत्तर :
(क) रेटिना में

प्रश्न 29.
एक इक्सटेंसर पेशी का उदाहरण है –
(क) ट्राइसेप्स
(ख) बाइसेप्स
(ग) डेल्टॉयड
(घ) पेक्टोरोलिस
उत्तर :
(क) ट्राइसेप्स

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प्रश्न 30.
प्रतिवर्ती क्रिया संचालित होती है –
(क) मस्तिष्क द्वारा
(ख) हृदय द्वारा
(ग) रीढ़ रज्जु द्वारा
(घ) मेडुला ऑब्लांगेटा द्वारा
उत्तर :
(ग) रीढ़ रज्जु द्वारा

प्रश्न 31.
निलय पाया जाता है-
(क) मस्तिष्क में
(ख) किडनी में
(ग) फेफड़ा में
(घ) दॉत में
उत्तर :
(क) मस्तिष्क में

प्रश्न 32.
निम्नलिखित में से कौन स्वान कोशिका के साथ संयुक्त है ?
(क) डेन्ड्राइट
(ख) तंत्रिकाक्ष
(ग) कोशिका काय
(घ) सिनैप्स
उत्तर :
(ख) तंत्रिकाक्ष

प्रश्न 33.
मनुष्य में 12 जोड़ी होती है –
(क) क्रेनियल नर्भ
(ख) स्पाइनल नर्भ
(ग) मिश्रित नर्भ
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) क्रेनियल नर्भ

प्रश्न 34.
स्पाइनल कार्ड की औसत लम्बाई –
(क) 40 cm
(ख) 75 cm
(ग) 60 cm
(घ) 45 cm
उत्तर :
(घ) 45 cm

प्रश्न 35.
अंध बिन्दु (Blind spot) पाया जाता है –
(क) रेटिना में
(ख) कोरॉयड में
(ग) स्केलेरा में
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(क) रेटिना में

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प्रश्न 36.
मस्तिष्क का गुहा जाना जाता है –
(क) क्रेनियम
(ख) निलय
(ग) शरीर गुहा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ख) निलय

प्रश्न 37.
सेरिब्रल हेमिस्फेयर संबंधित है-
(क) श्रसन दर से
(ख) स्मरण से
(ग) बुद्धि से
(घ) अनुभव से
उत्तर :
(ग) बुद्धि से

प्रश्न 38.
Eye ball निम्नलिखित स्तरों द्वारा बना होता है –
(क) स्केलेरा तथा कोरॉयड
(ख) रेटिना
(ग) स्केलेरा, कोरॉयड तथा रेटिना
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर :
(ग) स्केलेरा, कोरॉयड तथा रेटिना

प्रश्न 39.
न्यूरॉन है –
(क) बॉडी कोशिका
(ख) पेशीं कोशिका
(ग) तंत्रिका कोशिका
(घ) कोई नहीं
उत्तर :
(ग) तंत्रिका कोशिका

प्रश्न 40.
Grey matter किसके आन्तरिक भाग में पाया जाता है –
(क) कान के
(ख) आँख के
(ग) नाक के
(घ) रीद रज्जु के
उत्तर :
(घ) रीढ़ रज्जु के

प्रश्न 41.
सेरेब्रो स्पाइनल द्रव पाया जाता है –
(क) मस्तिष्क में
(ख) रीढ़ रज्जु में
(ग) आँख में
(घ) कान में
उत्तर :
(क) मस्तिष्क में

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प्रश्न 42.
पश्च मस्तिष्क्र का सबसे बड़ा भाग है –
(क) सेरिब्रम
(ख) सेरिबेलम
(ग) पान्स
(घ) दृष्टि-पिंड
उत्तर :
(ख) सेरिबेलम (Cerebellum)

प्रश्न 43.
मास्टर अंग कहलाता है –
(क) रीढ़ रज्जु
(ख) मस्तिष्क
(ग) कान
(घ) आँख
उत्तर :
(ख) मस्तिष्क

प्रश्न 44.
प्रकाशग्राही है –
(क) कान
(ख) आँख
(ग) मस्तिष्क
(घ) नाक
उत्तर :
(ख) आँख

प्रश्न 45.
प्रकाश के अपवर्तन का कार्य करता है –
(क) लेंस
(ख) रेटिना
(ग) कोरॉयड
(घ) स्केलेरा
उत्तर :
(क) लेंस

प्रश्न 46.
मनुष्य के मस्तिष्क का वजन है –
(क) 1540 ग्राम
(ख) 1360 ग्राम
(ग) 980 ग्राम
(घ) 1050 ग्राम
उत्तर :
(ख) 1360 ग्राम

प्रश्न 47.
हमारी आँख का कौन सा भाग तारा छिद्र को नियंत्रित करता है ?
(क) लेन्स
(ख) कॉर्निया
(ग) रेटिना
(घ) आइरिस
उत्तर :
(घ) आइरिस।

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प्रश्न 48.
सेरीब्रम के गोलार्द्ध को जोड़नेवाली रचना है :
(क) कॉर्पस स्टियाटम
(ख) कार्पस-ल्युटिएम
(ग) कार्पस कैलोसम
(घ) इनमें से कोई नही
उत्तर :
(ग) कार्पस कैलोसम।

प्रश्न 49.
आँख का प्रकाश-सुग्राही स्तर है –
(क) कंजंकटाइवा
(ख) लेंस
(ग) रेटिना
(घ) कॉर्निया
उत्तर :
(ग) रेटिना।

प्रश्न 50.
फोविया पाया जाता है जिसमें –
(क) रेटिना
(ख) स्क्लेरा
(ग) कोरॉयड
(घ) कॉर्निया
उत्तर :
(क) रेटिना।

प्रश्न 51.
न्यूरोसील पाया जाता है जिसमें –
(क) मस्तिष्क
(ख) मेडुल आब्लॉंगेटा
(ग) तंत्रिका
(घ) रीढ़ रज्जु
उत्तर :
(घ) रीढ़ रज्जु।

प्रश्न 52.
लेंस के प्रयोग से मायोपिया ठीक किया जा सकता है।
(क) अवतल
(ख) उत्तल
(ग) अवतलोत्तल
(घ) समतलावतल
उत्तर :
(क) अवतल।

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प्रश्न 53.
केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र में क्या सम्मिलित है –
(क) मस्तिष्क एवं स्याइनल कार्ड
(ख) क्रेनियल एवं स्पाइनल नर्व
(ग) रिले न्यूरॉन एवं मस्तिष्क
(घ) न्यूरान एवं मस्तिष्क
उत्तर :
(क) मस्तिष्क एवं स्पाइनल कार्ड

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) :

1. मानव नेत्र में लेंस की फोकस दूरी को ठीक करने की पद्धति को ________कहते हैं।
उत्तर : समायोजन

2. तंत्रिका तंत्र की क्रियात्मक तथा रचनात्मक इकाई ________है।
उत्तर : न्यूरॉन

3. तंत्रिका तंत्र के दो अवयव हैं – (a)________ (b)________
उत्तर : (a) मस्तिष्क (b) रीढ़ रज्जु

4. मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग ________है।
उत्तर : सेरिब्रम

5. तंत्रिका कोशिका के एक्सॉन हिलॉक से निकली लम्बी, समव्यासी, पतली रचना को________ कहते हैं।
उत्तर : एव्सान

6. ________में तंत्रिका तंत्र का अभाव होता है।
उत्तर : अमीबा

7. दृष्टि पिण्ड ________का हिस्सा है।
उत्तर : सेरिब्रम

8. छींकना ________प्रतिक्षेप क्रिया का उदाहरण है।
उत्तर : अनुवंछित

9. मनुष्य की आँख के लेंस का लचीलापन सामाप्त हो जाने से ________रोग हो जाता है।
उत्तर : प्रेस बायोपिया

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10. जन्तुओं में भौतिक समन्वयन ________द्वारा होता है।
उत्तर : तंत्रिका तंत्र

11. सेरिबेलम भाग है ________मस्तिष्क का।
उत्तर : पश्च

12. मनुष्य में स्पाइनल नर्भ की संख्या ________है।
उत्तर : 31 जोड़ी

13. बहुत सारे तंत्रिका तंतु ढके होते हैं ________द्वारा।
उत्तर : माइलिन शीथ

14. मस्तिष्क एक झिल्ली द्वारा ढका होता है जो ________के नाम से जाना जाता है।
उत्तर : मेनिंजेज स्तर (Menengis layer)

15. ________बुद्धि से संबंधित है ।
उत्तर : सेरिब्रल हेमिस्फेयर

16. आइरिस का केन्द्रिय भाग ________है।
उत्तर : तारा

17. मानव मस्तिष्क का वजन ________ग्राम है।
उत्तर : 1360

18. साइटोन के अन्दर उपस्थित कोशिका द्रव्य________ है।
उत्तर : न्यूरोप्लाज्म

19. रौड कोशिका में उपस्थित रंगा________ है।
उत्तर : Rhodopsin

20. कोशिका काय के समूह को ________कहते हैं।
उत्तर : गैंग्लियान

21. ________प्रतिवर्ती क्रियाओं के केन्द्र के रूप में कार्य करती है।
उत्तर : मेरुरज्जु

22. मेनिंजेज और मस्तिष्क के बीच ________भरा होता है।
उत्तर : सेरीब्रोस्पाइनल द्रव्य

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23. ________विभिन्न प्रकार के उद्दीपनों को ग्रहण करते हैं।
उत्तर : ग्राही अंग

24. मनुष्य की दृष्टि को ________दृष्टि कहते हैं।
उत्तर : द्विनेत्रीय

25. ________के संकुचन के कारण नेत्र लेंस मोटा हो जाता है।
उत्तर : सिलियरी पेशियों

26. Cone कोशिका में पाया जाने वाला रंगा ________है।
उत्तर : lodopsin

27. ________में वस्तु का प्रतिबिम्ब रेटिना में पीछे बनता है।
उत्तर : दीर्घ दृष्टि दोष

28. हाइपरमेट्रोपिया के रोगी ________ लेंस के चश्में का प्रयोग करते हैं।
उत्तर : उत्तल

सही कथन के आगे ‘ True ‘ एवं गलत कथन के आगे ‘ False ‘ लिखिए : (1 Mark)

1. निकट दृष्टिदोष वस्तुओं का प्रतिबिम्ब दृष्टिपटल के पीछे बनता है।
उत्तर : False

2. एक्सॉन की सबसे बाहरी परत को ऐक्सोलेमा कहते हैं।
उत्तर : False

3. स्कलेरा पर अंध बिन्दु स्थित रहता है।
उत्तर : False

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4. रेटिना नेत्र-गोलक को प्रकाश रोधी बनाता है।
उत्तर : False

5. घ्राण पिण्ड दृष्टि से सम्बन्धित है।
उत्तर : False

6. सेरिब्बल हेमिस्फियर के ऊभरी हुई अनियमिताकार रचनाओं को सल्कस कहते हैं।
उत्तर : False

7. श्षेत पटल का पारदर्शी भाग कार्निया है।
उत्तर : True

8. लेंस और कॉर्निया के बीच के कक्ष में भिट्रियस हयुमर नामक द्रव होता है।
उत्तर : False

9. मस्तिष्क से निकलने वाली तंत्रिकाओं को स्पाइनल तंत्रिका कहते हैं।
उत्तर : False

10. थैलमस को सेरिब्रम कॉर्टक्स का प्रवेश द्वार कहा जाता है।
उत्तर : True

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11. प्राय: प्रतिवर्ती क्रिया का नियंत्रण पश्च मस्तिष्क द्वारा होता है।
उत्तर : False

12. सभी ऐच्छिक क्रियाएँ सेरिबेलम द्वारा नियंत्रित होती हैं।
उत्तर : False

13. दृष्टि श्लाका कोशिकाएँ अंधकार में देखने के लिए उत्तरदायी हैं।
उत्तर : True

14. दृष्टि शंकु कोशिकाएँ प्रकाशग्राही हैं जो मंद प्रकाश में सुग्राही हैं।
उत्तर : False

15. न्यूरान तंत्रिका तंत्र की क्रियात्मक एवं रचनात्मक इकाई है।
उत्तर : True

16. मानव मस्तिष्क दो झिल्लियों से घिरा है।
उत्तर : False

17. हाइपोथैललमस अग्र मस्तिष्क में थैलमस के ऊपर में स्थित है।
उत्तर : False

18. मेरुरज्जा मेडूला आवलांगेटा से जुड़ा है।
उत्तर : True

19. ग्राही प्रतिवर्ती चाप का एक अवयव है।
उत्तर : True

20. प्रतिवर्ती क्रियाएँ मनुष्य के लिए महत्त्वपूर्ण नहीं है।
उत्तर : False

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21. अनैच्छिक कार्यों का केन्द्र सेरिबल कार्टेक्स में स्थित होता है।
उत्तर : False

22. क्रैनियम मस्तिष्क का भाग है।
उत्तर : False

23. मेरुरज्जा से निकलने वाली सभी तंत्रिकाएँ मिश्रित हैं।
उत्तर : True

24. नेत्र गोलक के बाहरी आवरण रेटिना है।
उत्तर : False

25. मोतियाबिन्दमें लेंस पर एक सफेद अपारदर्शक सतह बन जाती है।
उत्तर : True

26. रंजित पटल यह नेत्र गोलक के मध्य आवरण का पिछला काला भाग है।
उत्तर : True

27. मनुष्य के नेत्र गोलक में दो आवरण पाये जाते है।
उत्तर : False

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28. नेत्र गोलक का व्यास लगभग 2 इंच होता है।
उत्तर : False

स्तम्भ – ‘A’ के शब्दों से स्तम्भ – ‘B’ में दिये गये उपयुक्त शब्दों से मिलाइये तथा सही जोड़ा दोनों स्तम्भों की क्रमसंख्या के साथ लिखिए : (1 mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) अन्ध बिन्दु (a) यूग्लिना
(ii) मेनिन्जेज (b) एक्सान (Axon)
(iii) फ्लैजेला (c) लेंस
(iv) रैनवियर का गाँठ (d) रीढ़ रज्जु का आवरण
(v) प्रेसबायोपिया (e) आप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) एवं रेटिना के जोड़ने का स्थान

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) अन्ध बिन्दु (e) आप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) एवं रेटिना के जोड़ने का स्थान
(ii) मेनिन्जेज (d) रीढ़ रज्जु का आवरण
(iii) फ्लैजेला (a) यूग्लिना
(iv) रैनवियर का गाँठ (b) एक्सान (Axon)
(v) प्रेसबायोपिया (c) लेंस

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प्रश्न 2.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) रंग-भेद दृष्टि (a) थैलमस
(ii) मस्तिष्क का विकास (b) हाइपोथैलमस
(iii) रीढ़ रज्जु (c) कोन्स
(iv) सुचनाओं का प्रसारण केन्द्र (d) प्रतिवर्ती क्रिया पैर उठाना या हटाना
(v) भूख प्यास, नीद, क्रोध आदि पर नियंत्रण (e) थाइरॉक्सिन

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) रंग-भेद दृष्टि (c) कोन्स
(ii) मस्तिष्क का विकास (e) थाइरॉक्सिन
(iii) रीढ़ रज्जु (d) प्रतिवर्ती क्रिया पैर उठाना या हटाना
(iv) सुचनाओं का प्रसारण केन्द्र (a) थैलमस
(v) भूख प्यास, नीद, क्रोध आदि पर नियंत्रण (b) हाइपोथैलमस

प्रश्न 3.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) मस्तिष्क का छोटा भाग (a) सेरीबेलम
(ii) विशिष्ट ज्ञानेन्द्रिय (b) मध्य मस्तिष्क
(iii) तेज प्रकाश के सामने आँख का बन्द होना। (c) सिलियरी वाडी
(iv) नेत्रगोलक का मध्य आवरण (d) अनुबंधित प्रतिवर्तन
(v) मस्तिष्क का दूसरा सबसे बड़ा भाग (e) लेटरल लाइन सिस्टम

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) मस्तिष्क का छोटा भाग (b) मध्य मस्तिष्क
(ii) विशिष्ट ज्ञानेन्द्रिय (e) लेटरल लाइन सिस्टम
(iii) तेज प्रकाश के सामने आँख का बन्द होना। (d) अनुबंधित प्रतिवर्तन
(iv) नेत्रगोलक का मध्य आवरण (c) सिलियरी वाडी
(v) मस्तिष्क का दूसरा सबसे बड़ा भाग (a) सेरीबेलम

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प्रश्न 4.

स्तम्भ -A स्तम्भ-B
(i) एक्वस ह्यूमर (a) कुत्ते में भोजन को देखकर लार का स्राव
(ii) अन्तः आवरण (b) ठण्ड लगने पर काँपना
(iii) शर्तविहीन प्रतिवर्तन (c) द्रव
(iv) अनुबंछित प्रतिवर्ती क्रिया (d) पोन्स
(v) पश्ध मस्तिष्क (e) रेटिना

उत्तर :

स्तम्भ -A स्तम्भ-B
(i) एक्वस ह्यूमर (c) द्रव
(ii) अन्तः आवरण (e) रेटिना
(iii) शर्तविहीन प्रतिवर्तन (a) कुत्ते में भोजन को देखकर लार का स्राव
(iv) अनुबंछित प्रतिवर्ती क्रिया (b) ठण्ड लगने पर काँपना
(v) पश्ध मस्तिष्क (d) पोन्स

प्रश्न 5.

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) पारदर्शक झिल्ली (a) मेरुरज्जु
(ii) कोमल रस्सी जैसी रचना (b) दूर की वस्तु नहीं देख सकता
(iii) प्रोटोनोपिया (c) सेरिव्रम का गुहा
(iv) निकट-दृष्टि दोष (d) कन्जीक्टइवा
(v) पैरासील (e) लाल रंग नहीं पहचानना

उत्तर :

स्तम्भ – A स्तम्भ – B
(i) पारदर्शक झिल्ली (d) कन्जीक्टइवा
(ii) कोमल रस्सी जैसी रचना (a) मेरुरज्जु
(iii) प्रोटोनोपिया (e) लाल रंग नहीं पहचानना
(iv) निकट-दृष्टि दोष (b) दूर की वस्तु नहीं देख सकता
(v) पैरासील (c) सेरिव्रम का गुहा

 

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

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WBBSE Class 10 Life Science Chapter 1D Question Answer – प्रचलन

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
मनुष्य में किस प्रकार का प्रचलन होता है ?
उत्तर :
द्विपाद प्रचलन

प्रश्न 2.
युग्लिना का प्रचलन अंग क्या है ?
उत्तर :
फ्लैजिला

प्रश्न 3.
अमीबा का प्रचलन अंग क्या है ?
उत्तर :
कूटपाद

प्रश्न 4.
मछलियों में कितने पखने होते हैं ?
उत्तर :
सात पखने

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 5.
अमीबा में होने वाली गति क्या कहलाती है ?
उत्तर :
अमीबायी गति

प्रश्न 6.
किस प्रक्रिया में जीवधारी का पूरा शरीर अपना स्थान परिवर्तित करता है ?
उत्तर :
प्रचलन

प्रश्न 7.
मछलियों का कौन सा अंग उसके शरीर की उत्प्लावकता को बनाए रखने में सहायक होता है ?
उत्तर :
स्वीम ब्लैडर

प्रश्न 8.
आइरिस तथा सिलियरी बॉडी से जुड़ी पेशियों को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
ससपेंसरी लिगामेंट

प्रश्न 9.
किस पखना की सहायता से मछलियाँ जल की गहराई में जाती हैं ?
उत्तर :
पेल्भिक पखना

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 10.
मछलियों का कौन सा पखना पतवार का कार्य करता है ?
उत्तर :
कॉडल पखना

प्रश्न 11.
कौन सा जोड़ साइनोवियल संधि भी कहलाता है ?
उत्तर :
चलायमान जोड़

प्रश्न 12.
मनुष्य के शरीर के ढाँचा में कुल कितनी हड्डियाँ होती हैं ?
उत्तर :
206 हड्डियाँ

प्रश्न 13.
साइनोवियल गुहा में उपस्थित द्रव का नाम बताओ।
उत्तर :
साइनोवियल द्रव

प्रश्न 14.
मानव शरीर की सबसे लम्बी हड्डी कौन है ?
उत्तर :
फीमर (जाँघ की हड्ड़ी)

प्रश्न 15.
अंगों को समीप लाने वाली पेशी कौन है ?
उत्तर :
फ्लेक्सर पेशी

प्रश्न 16.
अंगों को दूर ले जाने वाली पेशी का नाम बताओ।
उत्तर :
इक्सटेन्सर पेशी

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 17.
मनुष्य के ऊपरी बाहु के अग्र भाग में पायी जाने वाले पेशी कौन है ?
उत्तर :
बाइसेप पेशी

प्रश्न 18.
फ्लैजिला द्वारा गति करने वाले प्राणी का नाम बताओ।
उत्तर :
युग्लिना

प्रश्न 19.
खोपड़ी के आधार का जोड़ कैसा जोड़ है ?
उत्तर :
पिभोट जोड़ (Pivot joint)

प्रश्न 20.
दो अस्थियों को एक दूसरे के निकट लाने वाली पेशी का नाम बताओ।
उत्तर :
फ्लेक्सर पेशी

प्रश्न 21.
किस पेशी की सहायता से अंगों को चारों ओर घुमाया जाता है ?
उत्तर :
रोटेटर पेशी

प्रश्न 22.
प्रचलन क्या है ?
उत्तर :
सजीवों द्वारा अपने अंगों के संचालन के साथ-साथ स्थान परिवर्तन करने की क्रिया को प्रचलन कहते है

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 23.
सजीवों में प्रचलन के दो उद्देश्य बताओ।
उत्तर :
(i) भोजन की प्राप्ति के लिए
(ii) प्रजनन या मनोरंजन के लिए।

प्रश्न 24.
मझलयाँ विभित्र गहराई में किस प्रकार तैरती हैं ?
उत्तर :
मछलियों में स्वीम ब्लैडर नामक एक गैसीय थैली होती है जिसकी सहायता से जल की विभिन्न गहराई में मछालियाँ तैरती है।

प्रश्न 25.
पेक्टोरल पखने का क्या कार्य है ?
उत्तर :
पेक्टोरल पखने की सहायता से मछली जल की सतह पर आती है।

प्रश्न 26.
पेल्विक पखने का क्या कार्य है ?
उत्तर :
पेल्विक पखने द्वारा मछली जल की गहराई में प्रवेश करती है।

प्रश्न 27.
मछलियों का प्रचलन अंग क्या है ?
उत्तर :
मछलियों के प्रचलन अंग पखने हैं, परन्तु पखने के साथ-साथ जुड़ी हुई पेशियाँ मछलियों के प्रचलन में सहायक है।

प्रश्न 28.
मायोफाइब्रिल क्या है ?
उत्तर :
मासपेशियों के संकुचन में सहायक पेशी तन्तु को मायोफाइब्रिल कहते हैं।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 29.
जोड़ की गति के लिए कौन सा ऊत्तक आवश्यक है ?
उत्तर :
जोड़ की गति के लिए लिगामेन्ट (Ligament) आवश्यक है।

प्रश्न 30.
रोहू मछली में कितने पखने होते हैं ?
उत्तर :
रोहू मछली में कुल सात पखने होते हैं। इसमें दो जोड़े तथा तीन बेजोड़े होते हैं।

प्रश्न 31.
द्विपाद प्रचलन क्या है ?
उत्तर :
मनुष्य द्वारा दो पैरों द्वारा प्रचलन करने की क्रिया को द्विपाद प्रचलन (Bipedal locomotion) कहते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Short Answer Type) : 2 MARKS

प्रश्न 1.
एक जन्तु जो विरामावस्था में था वो गमन के लिए चेष्टा करता है इसके संभावित चार कारणों को लिखो।
उत्तर :

  1. भोजन प्राप्ति के लिये
  2. प्रजनन के लिये
  3. खादक से स्वंय की सुरक्षा के लिये
  4. आश्रय के लिये।

प्रश्न 2.
मछली के प्रचलन में मायोटोम पेशियों की क्या भूमिका है ?
उत्तर :
मछली के प्रचलन क्रिया में वर्टिब्रल कालम (vertebral column) के दोनों ओर पाई जाने वाली ‘ $V$ ‘ आकार की पेशियों के संकुचन तथा प्रसारण के फलस्वरूप शरीर में गति उत्पन्न होता है।

प्रश्न 3.
पक्षी में उपस्थित दो उड़नशील पेशी का नाम बताइए।
उत्तर :
(a) पेक्टोरैलिस मेजर
(b) पेक्टोरैलिस माइनर।

प्रश्न 4.
फ्लैजिलरी (Figaellary movement) गति कैसे होती है ?
उत्तर :
फ्लैजिला को सहायता से होने वाले प्रचलन को फ्लैजिलरी कहते है। जैसे-यूग्लिना का प्रचलन

प्रश्न 5.
साइनोवियल संधि क्या है।
उत्तर :
साइनोवियल संधि :- जब दो अस्थियाँ लिगामेंट द्वारा जुड़कर स्वतंत्र रूप से गति कराती हैं, तो इस प्रकार के अस्थि जोड़ को सचल संधि या साइनोवियल संधि कहते हैं।

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प्रश्न 6.
मछली के प्रचलन में जोड़े पखने का क्या कार्य है ?
उत्तर :
पेक्टोरल (Pectoral) तथा पेल्विक (Pelvic) पखने युग्म पखने (Paired fins) होते हैं। पेक्टोरल पखने की सहायता से मछली जल की सतह पर आती है जबकि पेल्विक पखने द्वारा मछली जल की गहराई में प्रवेश करती है।

प्रश्न 7.
एब्डक्टर पेशी क्या है ?
उत्तर :
इन पेशियों में संकुचन के फलस्वरूप कोई अंग शरीर के मध्यवर्ती रेखा से दूर हटता है। जैसे- डेल्टायड पेशी हाथ को मध्य रेखा से दूर हटाने में सहायता करता है।

प्रश्न 8.
अल्प चल संधि क्या है ?
उत्तर :
अल्प चल संधि में दो अस्थियाँ कार्टिलेज द्वारा जुड़ी रहती है, फलस्वरूप इसमें अल्प गति पायी जाती है। जैसेमेरुदण्ड से जुड़ी अस्थियाँ।

प्रश्न 9.
सिनोवियल झिल्ली क्या है ?
उत्तर :
अस्थि संधि के ऊपर पायी जाने वाली पतली झिल्ली सिनोवियल झिल्ली(Synovial membrane) कहलाती है।

प्रश्न 10.
संधि (Joints) क्या है ?
उत्तर :
कंकाल तंत्र में दो या दो से अधिक अस्थियों के संयोग स्थल को संधि या जोड़ कहते हैं।

प्रश्न 11.
सिनोवियल द्रव क्या है ?
उत्तर :
सिनोवियल गुहा में एक प्रकार का द्रव भरा रहता है जिसे सिनोवियल द्रव (Synovial fluid) कहते हैं। यह घर्षण से अस्थियों की रक्षा करता है।

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प्रश्न 12.
विसर्पण (gliding) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जब पक्षियों के उड़ान में गति आ जाती है। तब वे कुछ देर के लिए पंख बिना हिलाये उड़ते रहते हैं। पंख बिना हिलाये उड़ने की क्रिया को विसर्पण कहते हैं।

प्रश्न 13.
सिलियरी बॉडी क्या है ?
उत्तर :
रंजित पटल (के सामने का पेशीयुक्त भाग जो लेंस के ससेंसरी लिंगामेंट से जुड़ा रहता है, उसे सिलियरी बॉडी कहते हैं।

प्रश्न 14.
मछली के पखनों को हटा देने पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर :
यह जल में स्थान परिवर्तन की क्रिया नहीं कर पायेगी।

प्रश्न 15.
कंकाल पेशी क्या है ?
उत्तर :
कंकाल पेशी : शरीर की वह पेशी जो कंकाल के हड्डियों के साथ जुड़ी रहती है, उसे कंकाल कहते हैं।

प्रश्न 16.
कीलदार संधि (पिवोट ज्वाइन्ट) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कीलदार संधि : ऐसी संधि जिसमें एक हड्ड़ी कील का काम करती है और दूसरी इसी पर घुमती है।

प्रश्न 17.
पल्विनस क्या है ?
उत्तर :
लाजवंती, छुईमुई आदि पौधों में पत्ती के नीचे उपस्थित वृंत थोड़ा-सा फूला हुआ होता है, जिसे पल्विनस कहते हैं।

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प्रश्न 18.
उपास्थि क्या है ?
उत्तर :
उपास्थि : उपास्थि हड्डी तथा पेशी के बीच की रचना है। यह लचीली तथा संयोजी उत्तक की बनी होती है।

प्रश्न 19.
फिसलने वाली संधि (ग्लाइडिंग) किसे कहते हैं ?
उत्तर :
फिसलने वाली संधि : जिस संधि में एक हड्डु दूसरी हड्दी पर फिसल जाती है, उसे फिसलनेवाली संधि कहते हैं।

प्रश्न 20.
साइनोवियल गुहा क्या है ?
उत्तर :
साइनोवियल गुहा : साइनोवियल कलाओं के बीच एक गुहा पायी जाती है, जिसे साइनोवियल गुहा कहते हैं।

प्रश्न 21.
ऐच्छिक पेशी क्या है ?
उत्तर :
ऐच्छिक पेशी : वह पेशी जो जन्तु के इच्छा के अनुरूप कार्य करती है, उसे ऐच्छिक पेशी कहते हैं। जैसेजीभ को की पेशी।

प्रश्न 22.
अनैच्छिक पेशी क्या है ?
उत्तर :
अनैच्छिक पेशी : वह पेशी जो जन्तु के इच्छा के अनुरूप कार्य नहीं करती है, उसे अनैच्छिक पेशी कहते हैं। जैसे : गर्भाशय की पेशी।

प्रश्न 23.
पक्षी में उपस्थित दो उड़नशील पेशी का नाम बताइए।
उत्तर :
(a) पेक्टोरैलिस मेजर
(b) पेक्टोरैलिस माइनर।

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प्रश्न 24.
फ्लैजिलरी (Flagellary movement) गति कैसे होती है ?
उत्तर :
फ्लैजिला यूग्लिना का प्रचलन अंग है। फ्लैजिला एक बड़ा और एक छोटा होता है। इसको ऊपर नीचे करके यूग्लिना अपना स्थान बदलता है।

प्रश्न 25.
साइनोवियल संधि क्या है।
उत्तर :
साइनोवियल संधि :- जब दो अस्थियाँ लिगामेंट द्वारा जुड़कर स्वतंत्र रूप से गति कराती हैं, तो इस प्रकार के अस्थि जोड़ को सचल संधि या साइनोवियल संधि कहते हैं।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
सुप्रवाही शरीर किसे कहते हैं ? पंखों के कार्यों को लिखो।
उत्तर :
अग्र भाग नुकीला और पीछे की तरफ क्रमशः चौड़े शरीर को सुपवाही कहते हैं। पंखों के कार्य :

  1. पक्षी के उड़ने में उसके पंख सहायक होते हैं।
  2. पंखों से पक्षी का शरीर हल्का रहता है।
  3. पंख शरीर के तापमान को भी स्थिर बनाये रखने में सहायक होते हैं।

प्रश्न 2.
पक्षियों के डैने (wings) किस अंग का रूपान्तरण हैं ?उड़न पेशयों के नाम लिखिए।
उत्तर :
पक्षियों के डैने अग्रबाहु का रूपान्तरित रूप है।
पक्षियों में पेक्टोरेलिस मेजर, पेक्टोरेलिस माइनर, कोराको बांकयलिस आदि वक्ष पेशियाँ उपस्थित रहती हैं जो उड़ते समय डैनों को उपर नीचे करने में सहायता करती हैं।

  1. पेक्टोरैलिस मेजर : इनके संकुचन से विंग्स Wings नीचे की ओर गति करता है जिससे पक्षी ऊपर की ओर उड़ता है।
  2. पेक्टौरैलिस मइनर : इनके संकुचन से विंग्स ऊपर की ओर गति करता है जिससे यह ऊपर से नीचे की ओर उतरता है।
  3. कोरेको ब्रेकिएल्स : यह भी संकुचित होकर विंग्स को नीचे करने में सहायता करता है।।

प्रश्न 3.
प्रचलन के समय फ्लेक्सर तथा इक्सटेन्सर पेशियाँ क्या कार्य करती हैं ?
उत्तर :
फ्लेक्सर प्रेशियाँ : इन पेशियाँ में संकुचन से किसी अंग में खिंचावट या झुकाव उत्पन्न होता है अर्थात् दो हड्डियाँ एक दूसरे के निकट आने लगती है।
इक्सटेन्सर पेशियाँ : इन पेशियाँ में संकुचन से किसी अंग में फैलाव उत्पन्न होता है, अर्थात् दो हड्डियाँ एक दूसरे से दूर जाने लगती है।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 4.
विभिन्न जीवों में भित्र-भिन्न प्रचलन अंग क्यों होते हैं ?
उत्तर :
विभिन्न प्रकार के जीव विभिन्न वातावरण में निवास करते हैं। अतः वातावरण के प्रभाव से जन्तुओं की शारीरिक रचना अलग-अलग होती है। इसलिए इनके प्रचलन अंग भी अलग अलग होते हैं।

प्रश्न 5.
मछली का शरीर नौकाकार क्यों होता है ?
उत्तर :
जलीय प्राणियों का शारीरिक गठन जलीय वातावरण के अनुकूल होता है। मछालयों का शरीर नौकाकार होता है ताकि जल में तैरते समय इनके शरीर पर जल का अवरोध कम से कम पडे तथा मछलियाँ आसानी से जल की सतह पर तैर सकें तथा जल की गहराई में नीचे की ओर जा सके।

प्रश्न 6.
जन्तु एक स्थान से दूसरे स्थान को गमन क्यों करते हैं ?
उत्तर :
जन्तु अपनी जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान को गमन करते हैं, जैसे-भोजन की खोज में प्राणी एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रचलित होते हैं, शत्तु से अपनी रक्षा के लिए प्राणी स्थान परिवर्तन करते हैं, सुरक्षित निवास की खोज के लिये भी प्राणि गमन करते हैं, तथा प्राणियों में संचलन वंशवृद्धि के लिए भी होता है।

दीर्घउत्तरीय प्रश्नोत्तर (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
जीवधारियों में प्रचलन का उदेश्य क्या है ? संक्षेप में अमीबीय प्रचलन एवं सिलियरी प्रचलन का उल्लेख कीजिए। 2 + 3
उत्तर :
जीवधारियों में प्रचलन का उदेश्य :

  1. भोजन प्राप्ति के लिये
  2. प्रजनन के लिये
  3. खादक से स्वंय की सुरक्षा के लिये
  4. आश्रय के लिये।

अमीबीय गति (Amoeboid locomotion) : एक कोशिकीय जीवों में इस प्रकार की गति होती है। अमीबा सुडोपोडिया (Pseudopodia) या कूटपाद से बनता है। कूटपाद बनने और उसमें जीव द्रव्य के बहने से कोशिका के आकार में परिवर्तन होता है और अमीबा सतह पर प्रचन करता रहता है। इस प्रकार की गति दूसरे जीवधारियों की कुछ कोशिकाएं जैसे मानव रक्त की श्वेत रक्त कणिका या ल्यूकोसाइट में पायी जाती है।

पक्ष्माभि गति (Ciliary locomotion) : इस प्रकार की गति पैरामिशयम (Paramecium) जैसे जन्तु में होती है। पैरामिशियम का शरीर छोटे-छोटे बालनुमा रचनाओं द्वारा ढँका होता है जो सिलिया कहलाते हैं। सिलिया की सहायता से पैरामिशियम जल में एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति करता है।
साधारणत: सिलिया आगे की दिशा में गति करता है मगर प्रतिकूल दशा में यह अपने गति की दिशा बदलने की क्षमता रखता है।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 2.
यूग्लिना में फ्लेजेला द्वारा होने वाले गति से क्या समझते हैं ? अमीबीय प्रचलन एवं यूगिलना प्रचलन में अन्तर लिखें।
उत्तर :
यूग्लिना के शरीर से एक लम्बी चाबुकनुमा रचना जुड़ी होती है जिस फ्लेजेलम कहते हैं। यह रचना पानी में यूग्लिना के शरीर को धक्का देने के लिए मुड़ती और घूमती रहती है जिससे यूग्लिना आसानी से पानी में एक स्थान तक प्रचलन करता रहता है।

अमीबीय प्रचलन यूगिलना प्रचलन
i. यह अमीबा के प्रचलन की विधि है। i. यह यूग्लिना के प्रचलन की विधि है।
ii. यह सूडोपोडिया के द्वारा होता है। ii. यह फ्लेजिला के द्वारा होता है।
iii. सूडोपोडिया का निर्माण केवल प्रचलन के समय में हो होता है। iii. यह इसके जन्म के साथ ही उत्पन्न होता है।

प्रश्न 3.
मछली में प्रचलन की क्रिया का संक्षेप में वर्णन करो।
अथवा
मछली किस प्रकार से प्रचलन करती है ?
अथवा
मछली के प्रचलन में मायोटीम पेशियों की क्या भूमिका है ?’
उत्तर :
मछली में प्रचलन : मछलियों का प्रचलन अंग पखना है परन्तु पखना के साथ-साथ जुड़ी हुई पेशियाँ भी मछलियों के प्रचलन में सहायक है। अत: मछलियों में प्रचलन पेशियों तथा पखनों द्वारा सम्पन्न होता है।

पेशियों का कार्य : प्रचलन क्रिया में ‘V’ आकार वाली मोयोटोम पेशियों के संकुचन तथा प्रसारण के फलस्वरूप मछलियों के शरीर में गति उत्पन्न होता है। मायोटोम पेशियाँ Vertebra के दोनों वक्ष से पूँछ तक क्रमबद्ध रूप से सजी रहती है। ये पेशियाँ मछलियों के शरीर के एक ओर संकुचित होती है तथा दूसरी तरफ इसमें प्रसारण होता है। जब बायें पक्ष की मायोटोम पेशियों में संकुचन होता है तो दाहिने तरफ की मायोटोम पेशियों में प्रसारण होता है। फलस्वरूप मछली का शरीर बाँयी तरफ झुक जाता है। इसके पध्वात् यही क्रिया ठीक विपरीत दिशा में होती है। फलस्वरूप मछलियों का शरीर दाहिनी तरफ झुकने लगता है। इस झुकाव से मछली के पूँछ पर एक प्रकार का प्रतिक्रियात्मक बल कार्य करता है जो मछली को आगे की ओर बढ़ने में सहायता करता है।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन 1

पखना (Fins) का कार्य : मछलियों में कुल सात पखने होते हैं, जिनमें दो युग्म (Paired) तथा तीन एकल (Single) होते हैं। युग्म पखने में एक जोड़ी पेक्टोरल पखने तथा एक जोड़ी पेल्विक पखने होती हैं। पेल्विक पखने द्वारा मछली जल की गहराई में प्रवेश करती है। पेक्टोरल पखने की सहायता से जल के सहह पर आती है। पूँछ पखने तैरते समय दिशा परिवर्तन का कार्य करती है जिसे मछलियों का पतवार (Propeller) कहते हैं।
हाइड्रोस्टेटिक अंग या स्वीम ब्लैडर : मछलियों के उदर गुहा में एक वायु से भरी थैली पायी जाती है। यह थैली मछलियों को विभिन्न गहराई में तैरने या उतरने में सहायता करती है, अतः इसे हाइड्रोस्टेटिक अंग कहते हैं।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 4.
सचल संधि या साइनोवियल जोड़ (Synovial joint) कितने प्रकार के होते हैं ? परिभाषा तथा उदाहरण सहित बताओ।
अथवा
साइनोवियल संधि से आप क्या समझते हैं? हिन्ज जोड़ एवं बॉल तथा सॉकेट जोड़ का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
अथवा
मनष्य के प्रचलन में सहायक चल संधियों पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर :
साइनोवियल जोड़ निम्न चार प्रकार के होते हैं –
हिंज जोड़ (Hinge joints) : इस प्रकार के जोड़ में अस्थियाँ हमेशा दरवाजे के किवाड़ की तरह एक ही दिशा की ओर मुड़ती है परन्तु विपरीत दिशा में कभी नहीं मुड़ती हैं। जैसे- केहुनी (Elbow), घुटना (Knee) आदि के जोड़।

बाल तथा सॉकेट जोड़ (Ball and socket joints) : इस प्रकार के जोड़ में एक अस्थि के सिरे पर स्थित Ball अन्य अस्थि के साकेट में फिट रहता है। इस जोड़ में बाल सिरे वाली अस्थि स्वतंत्रतापूर्वक साकेट के अन्दर चारों दिशाओं में घूम सकती है। जैसे- स्केपुला के अन्दर Humerus का बाल फिट रहता है।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन 2

कोणिक जोड़ (Angular या Condyloid joints) : इस प्रकार के जोड़ में एक अस्थि का अवतल भाग अन्य अस्थि के ऊत्तल भाग से जुड़ा रहता है। जैसे- Radius तथा Carpel का जोड़, Metacarpel तथा Phalanges का जोड़ आदि।

पिभोट जोड़ (Pivot joints) : इस प्रकार के जोड़ में एक अस्थि एक गोलाकार या वृत्ताकार अस्थि के ऊपर इस प्रकार जुड़ी रहती है कि एक अस्थि परस्पर चारों दिशाओं में घूम सकती है। जैसे- Vertebra का अक्ष तथा खोपड़ा।

प्रश्न 5.
अस्थि जोड़ क्या है ? मानव शरीर में विभिन्न प्रकार के जोड़ का वर्णन करो।
उत्तर :
अस्थि जोड़ (Bone joints) : दो या दो से अधिक अस्थियों के मिलाप के स्थान को अस्थि जोड़ कहते हैं। अस्थि जोड़ में निम्नलिखित पदार्थ उपस्थित रहते हैं।
(a) लिगामेंट : यह तन्तुमय संयोजी ऊत्तक है जो अस्थियों को बाँधकर रखने में सहायक है।
(b) कार्टिलेज : यह मुलायम संयोजी ऊत्तक है जो दो अस्थियों को जोड़ने का कार्य करता है।
(c) सिनोवियल झिल्ली : अस्थि जोड़ के ऊपर एक पर्दा उपस्थित रहता है जिसे Synovial memberane कहते हैं।
(d) सिनोवियल द्रव : अस्थि जोड़ के गर्त (Cavity) में एक प्रकार का द्रव उपस्थित रहता है जिसे Synovial fluid कहते हैं। यह प्रचलन के समय अस्थियों को घर्षण से रक्षा करता है।

मनुष्य में निम्न प्रकार के अस्थि जोड़ पाये जाते हैं-

  1. अचल संधि (Immovable joint) : इस प्रकार के जोड़ में दो अस्थियाँ एक दूसरे के साथ मिलकर एक अस्थि के समान खड़ी हो जाती है जिससे उनमें अलग-अलग गति संभव नहीं हो पाती है। जैसे- खोपड़ी(Skull) के जोड़।
  2. अल्प सचल संधि (Slightly movable joints) : इस प्रकार के जोड़ में दो अस्थियाँ कार्टिलेज द्वारा जुड़ी रहती हैं, फलस्वरूप इसमें अल्प गति पायी जाती है। जैसे- मेरुदण्ड से जुड़ी अस्थियाँ।
  3. सचल संधि (Movable joints) : इस प्रकार के जोड़ में दो अस्थियाँ लिगामेन्द द्वारा जुड़ी रहती हैं तथा दोनों अस्थियाँ स्वतंत्र रूप से गति करती है।

WBBSE Class 10 Life Science Solutions Chapter 1D प्रचलन

प्रश्न 6.
मनुष्य में विभिन्न प्रकार के पेशियों का वर्णन करो। इन पेशियों के कार्य बताओ। अथवा, फ्लेक्सर, एक्टेन्सर एवं एब्डक्टर पेशी के कार्यों का उल्लेख करें।
उत्तर :
पेशियाँ (Muscles) : पेशियाँ एक प्रकार की ऊत्तक है जो पेशी तन्तुओं या कोशिकाओं द्वारा निर्मित होती है। पेशियों के प्रकार : कार्य तथा बनावट के अनुसार पेशियाँ निम्न प्रकार की होती हैं-
(i) ऐच्छिक पेशियाँ (Voluntary muscles)
(ii) अनैच्छिक पेशियाँ (Involuntary muscies)
(iii) कार्डियक पेशियाँ (Cardiac or heart muscles)

(i) ऐच्छिक पेशियाँ (Voluntary muscles) : वे पेशियाँ जिन्हें इच्छानुसार संचालित अर्थात् संकुचित तथा प्रसारण किया जा सकता है। इन पेशियों पर सफेद तथा काले रंग का दाग रहता है। अतः इन्हें रेखित पेशियाँ (Striped muscles) भी कहा जाता है। ये पेशियाँ अस्थियों से जुड़ी रहती हैं। अत: Skeletal muscle भी कहते हैं।

(ii) अनैच्छिक पेशियाँ (Involuntary muscles): वे पेशियाँ जिन्हें इच्छानुसार संचालित नहीं किया जा सकता है तथा इन पर सफेद या काला चिन्ह नहीं पाया जाता है। अत: इन्हें अरेखित पेशियाँ (Unstriped muscle) भी कहा जाता है। जैसे- आहारनाल, मूत्राशय आदि की पेशियाँ।

(iii) कार्डियक पेशियाँ (Cardiac or heart muscles) : हृदय में उपस्थित पेशियों को कार्डियक पेशियाँ कहते हैं।

Skeletol से संबंधित पेशियाँ अस्थियों के दोनों किनारों पर टेंडन (Tendon) द्वारा जुड़ी रहती है। जब ये पेशियाँ संकुचित होती हैं तो अस्थियों के दोनों किनारों के बीच की दूरी घट जाती है जिससे प्रचलन में सहायता मिलती है। ये पेशियाँ निम्न प्रकार की होती हैं-

(a) फ्लेक्सर पेशियाँ (Flexor muscles) : इन पेशियों के संकुचन से किसी भाग में खिंचावट या झुकाव उत्पन्न होता है अर्थात् दो अस्थियाँ एक दूसरे के निकट आने लगती हैं। जैसे- अग्र बाहु की biceps muscles।

(b) इक्सटेन्सर पेशियाँ (Extensor muscles): इन पेशियों के संकुचन से किसी अंग में फैलाव उत्पन्न होता है अर्थात दो अस्थियाँ एक दूसरे से दूर होने लगती है। जैसे- अग्रबाहु के पश्च भाग में क्रित Triceps पेशियाँ।

(c) एडुक्टर पेशियाँ (Adductor muscies) : इन पेशियों के संकुचन से कोई अंग शरीर के मध्यवर्ती रेखा के समीप आने लगता है। जैसे- लेटीसिमस डोर्सी हाथ को शरीर के मध्य की ओर लाने में सहायता करता है।

(d) एब्डक्टर पेशियाँ (Abductor muscles) : इन पेशियों के संकुचन से कोई अंग शरीर के मध्यवर्ती रेखा से दूर हटता है। जैसे- डेल्टायड पेशी हाथ को मध्य रेखा से दूर हटाने में सहायता करता है।

प्रश्न 7.
द्विपाद गति क्या है ? मनुष्य में द्विपाद गति का वर्णन करो। अथवा, मानव में प्रचलन विधि का विवरण दो।
अथवा
मनुष्य के प्रचलन प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर :
द्विपाद गति (Bipedal locomotion) : दो पैरों पर शरीर के सम्पूर्ण भार को सम्भालते हुए स्थानान्तरण की क्रिया को द्विपाद प्रचलन कहते हैं। इस प्रकार की सक्रिय प्रचलन मनुष्य में होती है।

मनुष्य में बाईपेडल गति : मनुष्य में द्विपाद प्रचलन निम्न प्रकार से होता है –

(i) शरीर का सामने की ओर झुकना : प्रचलन के आरम्भ में कुल्हा, जाँघ तथा अगल-बगल की पेशियों को सिथिल रखने के उद्देश्य से शरीर का ऊपरी अर्द्ध भाग सामने की ओर झुक जाता है।
(ii) एड़ी का उठना : अब बायें पैर की ऐड़ी जमीन से ऊपर उठ जाती है जिससे शरीर के बाँये तरफ का भार केवल पैर की अंगुलियों के ऊपर ही केन्द्रित हो जाता है।
(iii) पैर का ऊपर उठना तथा घुटने का मुड़ना : जाँघ की संधि मुड़कर बायें पैर को ऊपर उठाकर पीछे की ओर झुका देती है।

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(iv) शरीर के सम्पूर्ण भार का दायें पैर पर केन्द्रीकरण : बायें पैर के उठने के साथ-साथ शरीर का सम्पूर्ण भार दायें पैर पर आ जाता है। दायें कुल्हे की कुछ पेशियाँ संकुचित होकर इस भार को नियंत्रित करती है।

(v) एड़ी-संधि का मुड़ना : अब बायें पैर की एड़ी-संधि मुड़कर पैर की तरफ कर देती है।

(vi) बायें पैर का आगे बढ़ना : बायें पैर की पेशियाँ संकुचित होकर कुल्ह को फैला देती है और पाँव सामने की तरफ बढ़ जाता है।

(vii) बायें पैर का पुन: जमीन पर स्थिर होना : अब बायें पैर की एड़ी जमीन पर पड़ती है, साथ-साथ तलवा भी जमीन से स्पर्श करता है और पैर सीधा हो जाता है।

(viii) दायें पैर का आगे बढ़ना : बायें पैर पर शरीर का आधा भाग स्थिर होता है और दायाँ पैर आगे बढ़ने की स्थिति में आ जाता है। पहले एड़ी ऊपर उठती है, इसके बाद घुटना मुड़कर पूरे पाँव को जमीन से ऊपर उठा लेती है। अब दायाँ पैर आगे बढ़कर पुन: अपनी एड़ी और अंगुलियों द्वारा जमीन पर स्थिर हो जाता है।

इस प्रकार बायाँ तथा दायाँ पैर क्रमबद्ध रूप से जमीन से उठकर सामने की ओर बढ़ता है और शरीर का आधा भार क्रमशः इन पैरों द्वारा नियंत्रित होता रहता है। फलस्वरूप मनुष्य धीरे -धीरे या तेजी से आगे बढ़ता जाता है। दोनों भुजायें क्रमश: आगे पीछे होकर शरीर के भार के नियंत्रण में सहायक होती है।

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प्रश्न 8.
जल में प्रचलन का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
जल में प्रचलन क्रिया मुख्यत: निम्न प्रकार से होती है-
(क) तैरना (Swimming) : विभिन्न प्रकार के जलीय जन्तु तैरकर स्थान परिवर्तन करते हैं। इस कार्य के लिए शरीर में कुछ विशेष अंग पाये जाते हैं। स्थलीय जन्तु भी कभी-कभी जल के अन्दर तैरते हैं।

मछलियों में तैरने की क्रिया के लिए विशेष उपयोजन पाया जाता है। पूँछ पेशियाँ तथा पखने इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इनके शरीर की बनावट नाव के आकार की होती है ताकि तैरते समय जल का प्रतिरोध कम से कम पड़े।

मेढ़क, टोड तथा अन्य उभयचर और कुछ पक्षियाँ जैसे बत्तख इत्यादि में भी जल में तैरने के उपयोजन होते हैं। इसमें शरीर का धारा रेखित होना तथा पैरों की अँगुलियों का जाल युक्त होना मुख्य है। अन्य जन्तु जैसे- मगर, कच्छप, डोलफिन, क्हेल, मनुष्य आदि में भी यह क्रिया मिलती है।

(ख) उतराना (Floating) : अनेक जलीय जन्तु जल की सतह पर उतराते हुए धारा के साथ स्थान परिवर्तन करते हैं। हाइड्रा में यह क्रिया स्पष्ट रूप से देखी जाती है। टोड, मेढ़क आदि भी पानी की सतह पर अपने थूथन को बाहर निकालते हुए उतराते रहते हैं।

(ग) गोता लगाना (Diving) : कुछ ऐसे भी जलीय जन्तु है जो तैरते समय पानी में तीव्र गति से गोता लगाते रहते हैं, जैसे- गुरबैला (Water beetle)।

(घ) पक्ष्मी गति (Ciliary movement) : कुछ एक कोशिकीय जलीय जन्तु की सतह पर अत्यन्त सूक्ष्म रचनायें मिलती हैं जिन्हें पक्ष्म (Cilia) कहते हैं। ये पक्ष्म गतिशील होकर जन्तु को जल के अन्दर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं। जैसे- पारामिसियम आदि में।

(ङ) फ्लैजरी गति (Flagellary movement) : कुछ अन्य एक कोशिकीय जलीय जन्तुओं में अपेक्षाकृत लम्बी सूत्रवत संरचनायें मिलती हैं जिन्हें Flagella कहते हैं। फ्लैजिला विशेष प्रकार से गतिशील होकर जन्तु में स्थान परिवर्तन करते हैं। जैसे- साँप, ट्रिपैनोसोमा इत्यादि में।

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प्रश्न 9.
स्थल में प्रचलन का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
स्थल में प्रचलन निम्न प्रकार से होती है –
(क) रेंगना (Creeping or Crawling) : कुछ स्थलीय जन्तु अपने सूक्ष्म पादों अथवा प्रतिपृष्ठ सतह पर उत्पन्न तरंगों द्वारा रेंग का स्थान परिवर्तन करते हैं।
उदाहरण : साँप, छिपकली, मगर, कच्छप इत्यादि में।

(ख) चलना (Walking) : कुछ जन्तु अपने पैरों को बारी-बारी से आगे बढ़ाकर स्थान परिवर्तन करते हैं। इस प्रकार का प्रचलन चौपाया में देखी जाती है। गाय, मनुष्य, बिल्ली इत्यादि में चलना एक सामान्य क्रिया है।

(ग) दौड़ना (Running) : प्राय: सभी चलने वाले जन्तु दौड़ते भी हैं। दौड़ते समय जन्तुओं की एड़ी ऊपर उठ जाती है और वे पंजे को जमीन पर रखते हुए तीव्र गति से आगे बढ़ते जाते हैं। इस प्रकार पंजे व अँगुलियाँ विशेष योगदान देती हैं। घोड़ा जैसे तेज व धावक में पंजे खुर में रूपान्तरित होते हैं।

(घ) आरोहण (Climbing) : वृक्षों पर रहने वाले जन्तुओं में इस प्रकार का प्रचलन मिलता है। इन जन्तुओं के अग्र तथा पश्च पाद विशेष रूप से उपयोजित होकर ग्रैस्पिंग अंग का कार्य करते हैं। किसी-किसी में पूँछ भी यह कार्य करती है। इस प्रकार ये आसानी से पेड़ों पर इधर-उधर स्थानान्तरित होते रहते हैं। जैसे- लंगूर, बन्दर, चिम्पैनजी आदि।

(ङ) संकुचन व विमोचन (Contraction and expansion) : कुछ जन्तुओं में शारीरिक पेशियाँ व सिटी नामक संरचनाएँ प्रचलन में भाग लेती है। केंचुआ में इस प्रकार की गति विशेष उल्लेखनीय है।

(च) कलाबाजी करना (Sumer Saulting) : इस प्रकार के प्रचलन में जन्तु गति की दिशा में बारी-बारी से कभी अपने बेसल डेस्क व कभी टेन्टिकल के सहारे खड़ा होकर उलटता हुआ आगे बढ़ता है। जैसे- हाइड्रा में।

(छ) फिसलना (Gliding) : इस प्रकार के प्रचलन में जन्तु किसी सतह पर अपने आधार भाग से स्यूडोपोडिया व एक प्रकार के चिकने द्रव को स्रावित करके फिसलता हुआ आगे बढ़ता है। जैसे- हाइड्रा में।

(ज) अमिबीय गति (Amaeboid movement) : अमीबा जैसे सूक्ष्म जन्तु में इस प्रकार का प्रचलन होता है। इसके लिए इनके शारीरिक सतह पर अनेक अस्थाई संरचनायें उभरती रहती हैं, इन्हें कूटपाद(Pseudopodia) कहते हैं।