WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 8 मनुष्य का शरीर

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WBBSE Class 6 Science Chapter 8 Question Answer – मनुष्य का शरीर

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
पीठ के बीच में जो कठोर हड्डी है उसे क्या कहते हैं?
उत्तर :
रीढ़ की हड्डी।

प्रश्न 2.
पूरे शरीर का रक्त पुन: जिन नलिकाओं में वापस आता है उसे क्या कहते हैं?
उत्तर :
शिरा।

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प्रश्न 3.
अशुद्ध रक्त में कैसा मिश्रण होता है?
उत्तर :
CO2 अधिक, O2 कम।

प्रश्न 4.
शुद्ध रक्त में कैसा मिश्रण होता है?
उत्तर :
O2 अधिक, CO2 कम।

प्रश्न 5.
बायां निलय में शुद्ध रक्त कहाँ फैल जाता है?
उत्तर :
महाधमनी।

प्रश्न 6.
नाड़ी क्या है?
उत्तर :
हृदय की धड़कन की जानकारी नाड़ी से मिलती है।

प्रश्न 7.
रक्त की प्रकृति कैसी होती है?
उत्तर :
क्षारीय।

प्रश्न 8.
रक्त के उपादान क्या हैं?
उत्तर :
लाल रक्त कण, श्वेत रक्त कण, प्लाज्मा, अनुचक्रिया

प्रश्न 9.
शरीर में O2 का संवहन कौन करता है ?
उत्तर :
लाल रक्त कण ।

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प्रश्न 10.
जीवाणु शरीर में कैसे प्रवेश करते हैं ? इसे क्रम में सजाओ ।
उत्तर :

  • मुखगहवर
  • खाने की नली
  • पाकस्थली ।

प्रश्न 11.
खाद्य पदार्थ किन-किन स्थानों पर थोड़ी देर के लिए ठहरता है?
उत्तर :

  • पाकस्थली
  • छोटी आंत ।

प्रश्न 12.
लार में जीवाणुओं को कौन नष्ट करता है?
उत्तर :
लाइसोजाईम ।

प्रश्न 13.
पाकस्थली में जीवाणुओं को कौन नष्ट करता है?
उत्तर :
हाइड्रोक्लोरिक एसिड ।

प्रश्न 14.
रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए क्या खाना जरूरी है ?
उत्तर :

  • सोयाबीन
  • दाल
  • मटर
  • मछली
  • अंडा
  • छेना
  • चिंगड़ी मछली ।

प्रश्न 15.
सूक्ष्म श्वास तालिका क्या है?
उत्तर :
श्वासनली जैसे-जैसे भीतर प्रवेश करती है यह वृक्ष की शाखा-प्रशाखाओं की तरह असंख्य भागों में बँट जाती है। इसे सूक्ष्म श्वास तालिका कहते हैं।

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प्रश्न 16.
प्रश्वास और नि:श्वास में अंतर बताओ
उत्तर :

प्रश्वास नि:श्वास
इसमें सीना फूल जाता है। (i) इसमें सीना पिचक जाता है।
ऑक्सीजन अंदर जाती है। (ii) कार्बन डाइ-ऑक्साइड बाहर आती है।
ठंडी हवा अंदर जाती है। (iii) गर्म हवा बाहर आती है।

प्रश्न 17.
कुछ ऐसे प्राणियों के नाम बताओ जिनमें हड्डियाँ नहीं पायी जाती हैं।
उत्तर :
मक्खियाँ; मच्छर, हाइड्रा, बैक्टीरिया

प्रश्न 18.
कौन सी हड्डी शरीर के बिल्कुल बीच में होती है ?
उत्तर :
वक्ष पिंजर ।

प्रश्न 19.
वक्ष पिंजर को क्या कहते हैं?
उत्तर :
अक्षीय कंकाल ।

प्रश्न 20.
कौन सी हड्डियाँ अगल-बगल में झूलती रहती हैं?
उत्तर :
पेक्टोरल ग्रिडल (pectoral gridle)

प्रश्न 21.
पेक्टोरल गाईल को क्या कहते हैं?
उत्तर :
उपांगीय कंकाल :

प्रश्न 22.
हड्डियों का जोड़ किसे कहते हैं?
उत्तर :
आपस की दो हड्डियाँ जिस स्थान पर एक दूसरे से लिगमेंट से बंधी रहती हैं उस स्थान को हड्डियों का जोड़ कहते हैं।

प्रश्न 23.
टेनडन क्या है?
उत्तर :
टेनडन एक प्रकार का स्थित स्थापक डोरी के समान होता है जो हड्डियों को पेशी से बाँधे रखता है।

प्रश्न 24.
अचल अस्थि संधि किसे कहते हैं?
उत्तर :
जो जोड़ बिल्कुल हिलता-डुलता नहीं है उसे अचल अस्थि संधि कहते हैं।
जैसे – मस्तिष्क का जोड़

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प्रश्न 25.
स्वल्प सचल संधि किसे कहते हैं?
उत्तर :
जो संधि धीरे- धीरे हिलती-डुलती हैं उसे स्वल्प सचल संधि कहते हैं। जैसे – कंकाल में।

प्रश्न 26.
सचल अस्थि संधि किसे कहते हैं?
उत्तर :
जो जोड़ ज्यादा हिलता-डुलता है उसे सचल संधि कहते हैं। जैसे – हाथ, अंगूठा।

प्रश्न 27.
पेशी की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर :

  • पेशी खींचने का काम करती है।
  • पेशी जब कार्य करती है तब उसकी लम्बाई घटती है।

प्रश्न 28.
हाथ की पेशी को क्या कहते हैं?
उत्तर :
कंकाल पेशी।

प्रश्न 29.
पाकस्थली की पेशी को क्या कहते हैं?
उत्तर :
अन्तरयंत्रीय पेशी ।

प्रश्न 30.
हृदय की पेशी को क्या कहते हैं?
उत्तर :
हृदेशी।

प्रश्न 31.
शरीर की अस्वाभाविक वृद्धि क्या है?
उत्तर :
जाइगैन्टिज्म ।

प्रश्न 32.
शरीर का बौनापन क्या है ?
उत्तर :
डोवारफिजम ।

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प्रश्न 33.
शरीर के अस्वाभाविक विकास के क्या कारण हैं?
उत्तर :

  • उचित मात्रा में भोजन न लेना।
  • कोई बीमारी
  • वंशानुगत

प्रश्न 34.
शरीर की मात्रा सूचकांक क्या है?
उत्तर :
शरीर की मात्रा सूचकांक शरीर के वजन तथा उसकी लम्बाई के वेग का अनुपात होता है।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 5

प्रश्न 35.
मोटापा किसे कहते हैं? इसके क्या दुष्परिणाम होते हैं ?
उत्तर :
शरीर का वजन आवश्यकता से अधिक हो जाने पर शरीर में चर्बी जाम हो जाती है जिसे मोटापा कहते हैं। इसके कई दुष्परिणाम हैं:

  • शरीर का शिथिल हो जाना
  • मधुमेह होना
  • उच्च रक्तचाप
  • मानसिक रोग।

प्रश्न 36.
धमनी तथा शिरा में अन्तर लिखो :-
उत्तर :

धमनी शिरा
(i) हदय से रक्त पूरे शरीर में बहता है (i) पूरे शरीर से रक्त हृदय में पहुँचता है।
(ii) शुद्ध रक्त बहता है। (ii) अशुद्ध रक्त बहता है।
(iii) ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है। (iii) CO2 की मात्रा अधिक होती है।


विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
मानव हृदय की सचित्र क्रिया विधि लिखो –
उत्तर :
पूरे शरीर से ऊर्ष्व तथा निम्न महाशिरा के द्वारा अशुद्ध रक्त ऊपरी स्तर की दाहिनी तरफ वाले कक्ष के दाहिने आलिन्द में पहुँचता है।
दाहिने आलिन्द से अशुद्ध रक्त ऊपर के एकमुखी त्रिपट कपाट द्वारा दाहिने निलय में गिरता है। दाहिना निलय इस रक्त को संकुचित नली द्वारा फेफड़े में शुद्ध होने के लिए भेजता है। फेफड़ा में CO2 का अधिकांश निकल जाता है। फिर उसी तरह O2 मिलकर रक्त को शुद्ध करता है। शुद्ध रक्त फेफड़े की शिरा द्वारा बाएँ आलिन्द में पहुँचाता है।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 6

बायाँ आलिन्द संकुचित होकर उस रक्त को बाएँ आलिन्द के नीचे द्विपत्रक कपाट के बाएँ निलय में पहुँचताता है। बायाँ निलय बड़ा कक्ष होता है। फिर यह स्वयं संकुचित होकर रक्त प्राप्त करने की क्षमता धारण करता है। बायाँ निलय में संकुचन होने पर शुद्ध रक्त महाधमनी द्वारा पूरे शरीर में फैल जाता है।

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प्रश्न 2.
हृदय में किस प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं?
उत्तर :

  • मनुष्य के हृदय में छेद हो जाता है।
  • हृदय का संकुचन बीच-बीच में बंद हो जाता है, इसलिए पेशमेकर लगाना पड़ता है।
  •  हुय की दीवारों की पेशियों में रक्त प्रवाह कम हो जाता है, इससे वह काम नहीं करता।

प्रश्न 3.
रक्त क्या है? इसके कार्य का उल्लेख करो ।
उत्तर :
रक्त एक प्रकार का तरल संयोजी उत्तक है जो क्षारीय प्रकृति का तरल होता है जिसका स्वाद नमकीन होता है। इसका रंग लाल वर्ण का होता है जिसे खुली आँखों से नहीं देखते हैं।

रक्त के निम्नलिखित उपादान हैं :-

  • जलीय अंश : रक्त का जलीय अंश प्लाज्मा कहलाता है। रक्त में प्लाज्मा नहीं होने पर रक्त मोटी पतली नलिकाओं से प्रवाहित नहीं हो पाएगा। प्लाज्मा में एक तत्व पाया जाता है जो विभिन्न रोग पैदा करने वाले पदार्थों को नष्ट करते हैं।
  • लाल रक्त कण : लाल रक्त कण मुख्यत: हिमोग्लोबीन से बना होता है। इसका उपादान लोहा होता है। कार्य : a) ऑक्सीजन का परिवहन करना

b) हार्मोन तथा एन्जाइमों का परिवहन करनां।
श्वेत रक्त कण : श्वेत रक्त कण लाल रक्त की तुलना में कम होते हैं तथा इनकी आयु भी अधिक होती है।
कार्य :- यह शरीर को विभिन्न रोगों से बचाता है।

अनुचक्रिका : रक्त में एक और छोटे-छोटे कण होते हैं जिसे अनुचक्रिका कहते हैं। इनका कार्य रक्त को कटे हुए स्थान पर जमने में सहायता करना है।

प्रश्न 4.
मनुष्य के फेफड़े की बनावट तथा कार्य विधि का वर्णन करें –
उत्तर :
फेफड़े की संरचना : श्वास नली जैसे-जैसे भीतर प्रवेश करती है वह वृक्ष की शाखा-प्रशाखाओं की तरह असंख्य भागों में बँट जाती है। सबसे अंत में सूक्ष्म श्वास तालिका (bronchiale) तथा आगे 10 करोड़ वायु थैलियाँ होती हैं। वायु थैलियों में रक्त नलिकाएँ होती हैं। बायें फेफड़े के दो हिस्से तथा दाहिने फेफड़े के तीन हिस्से होते हैं।

कार्य : बाहर की वायु को शरीर के भीतर खींच लेना तथा इस खींची हुई हवा से ऑक्सीजन को रक्त में पहुँचा देना और शरीर में तैयार कार्बन डाइ-ऑक्साइड को रक्त से खींचकर साँस के साथ बाहर निकाल देना।

हमारे पंजर के बीच दो पेशियाँ हैं जिन्हें पंजर पेशी कहते हैं। सीना और पेट के बीच अंदर की ओर एक पेशी होती है जिसे मध्यपट कहते हैं। इनकी सहायता से सीना फूल जाता है तब हवा भीतर प्रवेश करती है। इसे प्रश्वास कहते हैं। पुन: जब पेशियाँ ढीली हो सीने से पिचक जाती हैं तब इसे नि:श्वास कहते हैं।

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प्रश्न 5.
अस्थि संधि विचलन क्या है? उदाहरण सहित इसका विवरण दो ।
उत्तर :
मस्तिष्क का कोई निर्देश स्नायु पथ द्वारा मांसपेशियों तक पहुंचता है। इसके पहुँचने से माँसपेशियाँ संकुचित होकर छोटी होने पर अस्थि संधि आगे पीछे मुड़कर घूमती है। इसे अस्थि संधि विचलन कहते हैं।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 7

यह चार प्रकार की होती है :-

  • बॉल और सॉकेट संधि
  • हिंग संधि
  • पिष्ट संधि
  • सैडल संधि

बॉल और सॉकेट संधि : ऐसी संधि कन्धे या कमर में मिलती है। जैसे :- कमर की अस्थि संधि में पैरों के ऊपर की हड्डियाँ फीमर ऊपर की ओर एक गोलक या बॉल के दोनों ओर पेट के कटोरे की तरह के अंश में घुसा रहता है। इससे कमर से लेकर पैर तक का विचलन आगे-पीछे, दाएँ-बायें सब ओर होता है।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 8
हिंग संधि : दरवाजे के कब्जे की जैसी एक संधि होती है। यह हमारे घुटने और कोहनी में पैरों की फीगर के सापेक्ष घुटने के नीचे दो लम्बी हड्डियाँ केवल पीछे की ओर मुड़ती हैं। कोहनी केवल सामने की ओर मुड़ती है।

पिष्ट संधि : इस प्रकार की संधि बगल की हड्डी को आधार बनाकर घूमती है, यह गर्दन के भाग की दो नम्बर की रीढ़ की धुरी या कीलकदण्ड के चारों ओर आवर्तित होती है।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 9

सैडल संधि : हमारे हाथ में अंगूठे में इस प्रकार की दो संधियाँ होती हैं जिससे अंगूठे को सहज ढंग से आगेपीछे और अंदर-बाहर घुमाया जा सकता है।

प्रश्न 7.
हड्डियों के जोड़ों में कौन-सी समस्याएँ होती हैं ?
उत्तर :

  • पैर के घुटनों में सख्त हो जाते हैं। लाल होकर सूज जाते हैं।
  • कमर, हाथों की उंगलियों में असहनीय पीड़ा होती है।
  • पीठ में तेज दर्द होता है।
  • कन्धे की हड्डी अटक जाती है।

प्रश्न 8.
नीचे दी गई सारणी को पूरा करो –
उत्तर :
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 10

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प्रश्न 9.
नीचे दी गई तालिका को पूरा करो –
उत्तर :
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 11

प्रश्न 10.
पेशियों में कौन सी समस्या उत्पन्न होती है ?
उत्तर :

  • कमर के नीचे का भाग सुत्र हो जाता है। एकदम पतले-पतले हो जाते हैं ।
  • पीठ और गर्दन में दर्द होने लगता है ।
  • हाथ और पैर की पेशियाँ कमजोर हो जाने से चलने-फिरने में कष्ट होता है।
  • आँखों की पलक झपकने में कष्ट होता है।

प्रश्न 11.
नीचे की सारणी को भरो और बताओ नीचे का कार्य कौन-सी पेशी करती है ?
उत्तर :
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 12
प्रश्न 12.
हमारे शरीर में पाये जाने वाले अंगों का क्या कार्य है?
उत्तर :

अंगों के नाम कार्य
(i) हाथ लिखने, वजन उठाने, सामान पकड़ने, खाने
(ii) पैर चलने, खड़ा रहने, फुटबॉल खेलने, दौड़ने
(iii) दाँत खाना चबाने, काटने
(iv) कंधा हाथ को घुमाने, मोड़ने
(v) घुटना पैर को मोड़ने, घुमाने

प्रश्न 13.
किसी भी मनुष्य के शरीर का शारीरिक मात्रा का सूचकांक कैसे निर्धारित करेंगे।
उत्तर :
शरीर मात्रा सूचकांक को निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित आकलन करना होता है।

  • पहले मनुष्य के शरीर का वजन माप लेते हैं।
  • फिर उसकी लम्बाई को मापते हैं, लम्बाई की इकाई को मीटर में बदलेंगे

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 13

वजन शरीर मात्रा सूचकांक
(i) संदेहास्पाद रूप से कम वजन 15 से कम
(ii) कम वजन 6 – 18.4
(iii) स्वाभाविक वजन 18.5 – 25
(iv) अधिक वजन 25 – 30
(v) मोटा (स्थूलत्व) 30 – 40


बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
मनुष्य के शरीर में हदय कहाँ होता है?
(a) दायीं ओर
(b) बायी ओर
(c) कोई नहीं
उत्तर :
(b) बायीं ओर।

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प्रश्न 2.
सीने के बीच की कठोर हड्डी होती है –
(a) अस्थि
(b) उपास्थि
(c) उरोस्थि
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) उरोस्थि ।

प्रश्न 3.
पीठ के बीच में जो कठोर हड्डी है उसे कहते हैं –
(a) उरोस्थि
(b) रीढ़ की हड्डी
(c) मस्तिष्क
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) रीढ़ की हड़ी

प्रश्न 4.
हृदय मूलतः किसके बीच रहता है ?
(a) उरोस्थित तथा फेफड़ा
(b) उरोस्थि और रीढ़ की हड्डी
(c) उरोस्थित तथा रीढ़ की हड्डी
(d) सभी
उत्तर :
(b) उरोस्थि और रीढ़ की हड्डी

प्रश्न 5.
हुदय से रक्त बहने वाली नलिका है –
(a) शिरा
(b) धमनी
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) धमनी

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प्रश्न 6.
रक्त शरीर से पुन: जिन नलिकाओं में वापस आता है –
(a) धमनी
(b) शिरा
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) शिरा।

प्रश्न 7.
प्रसारण तथा संकुचन को कहते हैं –
(a) फैलना
(b) संकुचन
(c) धड़कन
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) धड़कन।

प्रश्न 8.
शुद्ध रक्त होता है –
(a) CO2 कम, O2 ज्यादा
(b) CO2 ज्यादा, O2 कम
(c) CO2ज्यादा, O2 ज्यादा
(d) CO2 ज्यादा, O2 नहीं
उत्तर :
(a) CO2 कम, O2 ज्यादा।

प्रश्न 9.
मनुष्य का हृदय प्रति मिनट धड़कता है-
(a) 60 से 70 बार
(b) 72 से 80 बार
(c) 70 से 75 बार
(d) सभी
उत्तर :
(b) 72 से 80 बार।

प्रश्न 10.
धड़कन को महसूस करते हैं –
(a) हुद से
(b) शिरा से
(c) नाड़ी से
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) नाड़ी से।

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प्रश्न 11.
हदय की दीवारों की पेशियां कब कम काम करती है ?
(a) रक्त प्रवाह कम होने पर
(b) रक्त प्रवाह अधिक होनेषर
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) रक्त प्रवाह कम होने पर।

प्रश्न 12.
लाल रक्त कण जो आँख से नहीं दिखता है –
(a) प्लाज्मा
(b) श्वेत रक्त कण
(c) सभी
(d) लाल रक्त कण
उत्तर :
(a) प्लाज्मा।

प्रश्न 13.
श्वेत रक्त कण का कार्य है?
(a) शरीर की रक्षा
(b) ऑक्सीजन का परिवहन
(c) CO2 का परिवहन
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) शरीर की रक्षा।

प्रश्न 14.
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दिया जाता है –
(a) दवा
(b) एंटीबायोटिक
(c) टीका
(d) नमक
उत्तर :
(c) टीका

प्रश्न 15.
रक्त में पहले से घुली रहती है?
(a) चीनी
(b) नमक
(c) चीनी तथा नमक
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) चौनी तथा नमक

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प्रश्न 16.
रक्त के कण खून जमने में सहायक होते हैं?
(a) लाल रक्त कण
(b) श्वेत रक्त कण
(c) अनुचक्रिका
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) अनुचक्रिका ।

प्रश्न 17.
पाक स्थली में जीवाणुओं को कौन नष्ट करता है?
(a) लाइसोजाईम
(b) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
(c) लार
(d) एन्जाइम
उत्तर :
(c) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ।

प्रश्न 18.
कौन सी गैस प्राण वायु है ?
(a) नाइट्रोजन
(b) कार्बन डाइ-ऑक्साइड
(c) ऑक्सीजन
(d) सभी
उत्तर :
(c) ऑक्सीजन

प्रश्न 19.
फेफड़ा का रंग होता है –
(a) काला
(b) गुलाबी
(c) कालापन लिए हुए गुलाबी
(d) सभी
उत्तर :
(c) कालापन लिए हुए गुलाबी।

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प्रश्न 20.
एक फेफड़े में कितनी वायु थैलियाँ होती हैं ?
(a) दस लाख
(b) दस करोड़
(c) 50 लाख
(d) 50 करोड़
उत्तर :
(b) दस करोड़।

प्रश्न 21.
पंजर के बीच की पेशियाँ कहलाती हैं –
(a) मध्यपूट
(b) पश्वास
(c) पंजरपेशी
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) पंजरपेशी ।

प्रश्न 22.
पेशियाँ ढीली होकर सीने से चिपक जाती हैं, इसे कहते हैं –
(a) प्रश्वास
(b) नि:श्वास
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) नि:श्वास ।

प्रश्न 23.
हड्डियाँ किस धागे जैसी आकृति से बंधी रहती हैं?
(a) टेनडन
(b) लिगामेंट
(c) पेशी
(d) सभी
उत्तर :
(b) लिगामेंट।

प्रश्न 24.
खोपड़ी के अंदर हड्डियों का जोड़ होता है –
(a) स्वल्प सचल संधि
(b) अचल अस्थि संधि
(c) सभी
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) अचल अस्थि संधि।

प्रश्न 25.
खोपड़ी के अंदर हिलती-डुलती संधि होती है ?
(a) स्वल्प सचल संधि
(b) अचल अस्थि संधि
(c) कोई नहीं
उत्तर :
(a) स्वल्प सचल संधि।

प्रश्न 26.
शिशु के शरीर में कितनी हड्डियाँ होती हैं –
(a) 206
(b) 220
(c) 300
(d) 306
उत्तर :
(c) 300

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प्रश्न 27.
कमर से लेकर पैर तक का विचलन संभव होता है –
(a) बॉल और साकेट संषि से
(b) हिंग संधि से
(c) विकट संध से
(d) कोई नहीं से
उत्तर :
(a) बॉल और साकेट संधि से।

प्रश्न 28.
दरवाजे के कब्जे के आकार की संथि होती है –
(a) विकट संधि
(b) बॉल और साकेट संधि
(c) हिंग संधि
(d) सभी
उत्तर :
(c) हिंग संधि ।

प्रश्न 29.
हाथ के अंगूठे में कौन सी संधि है?
(a) पिवत संधि
(b) सैडल संधि
(c) हिंग संधि
(d) बॉल एवं साकेट संधि
उत्तर :
(b) सैडल संधि।

प्रश्न 30.
हाथ की पेशी को कहते हैं –
(a) हृपेशी
(b) अन्तर यंत्रीय पेशी
(c) कंकाल पेशी
(d) सभी
उत्तर :
(c) कंकाल पेशी।

प्रश्न 31.
सीने और पेट के भीतर की पेशी है –
(a) अन्तर यत्रीय पंशी
(b) कंकाल पेशी
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) अन्तर यंत्रीय पेशी ।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. सीने के बीच में जो कठोर हड्डी होती है उसे ………………..कहते हैं
उत्तर : उरोंस्थि

2. हदय मूलत: वक्षस्थल के बीच स्थित ………………..तथा ………………..हड्डी के बीच रहता है।
उत्तर : उरोस्थि, रीढ़

3. पूरे शरीर में ………………..के द्वारा ………………..बहता है।
उत्तर : ऊर्ष्ध और निम्न महाशिरा, अशुद्ध रक्त

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4. ………………..में संकुचन होने पर शुद्ध रक्त ………………..द्वारा पूरे शरीर में फैल जाता है।
उत्तर : बायाँ निलय, महाधमनी।

5. हृदय की धड़कन को ………………..से पहचानते हैं।
उत्तर : नाड़ी।

6. हदय की धड़कन को सुनिश्चित करने के लिए ………………..लगाया जाता है।
उत्तर : पंसमेकर

7. रक्त का जलीय अंश ………………..है।
उत्तर : प्लाज्मा

8. लाल रक्त कण का रंग ………………..के करण होता है।
उत्तर : हेमोग्लोबिन ।

9. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा देने के लिए ……… दिया जाता है।
उत्तर : टीका ।

10. रक्त को जमाने में ……… सहायक होते हैं?
उत्तर : अनुचक्रिका ।

11. श्वास नली वृक्ष शाखाओं की तरह असंख्य भागों में भीतर की तरफ बंट जाती है उसे ……… कहते हैं।
उत्तर : सूक्ष्म श्वास तालिका।

12. सीने और पेट के बीच ……… पेशी होती है।
उत्तर : मध्यपट

13. जब हमारा सीना फूल जाता है तब उसे ……… कहते हैं।
उत्तर : प्रश्वास

14. हड्डियाँ, फेफड़ा ……… इत्यादि महत्वपूर्ण अंगों की रक्षा करती है।
उत्तर : सीने की पंजर, हृदय

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15. हड्डियाँ ……… धागे जैसी डोरी से बंधी होती हैं।
उत्तर : लिगामेंट

16. मनुष्य के शरीर में ……… हड्डियाँ होती हैं।
उत्तर : 206

17. ……… गर्दन में पाई जाती है।
उत्तर : पिवट्ट संधि

18. अंगुठे में ……… संधि होती है।
उत्तर : सैडल

19. पेशी को ……… हड्डी से जोड़ती है।
उत्तर : टेनडन

20. हाथ की पेशी को ……… कहते हैं।
उत्तर : कंकालपेशी

21. हदय की पेशी को ……… कहते हैं।
उत्तर : हृतपेशी

22. शरीर की मात्रा सूचकांक =
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 14
उत्तर : (लम्बाई)2

सही मिलान करो :

प्रश्न 1.

A B
(i) दाहिना आलिन्द (a) शुद्ध रक्त
(ii) दाहिना निलय (b) अशुद्ध रक्त
(iii) बायाँ आलिन्द (c) O2 कम C2 ज्यादा
(iv) बायाँ निलय (d) C2 कम O2 ज्यादा

उत्तर :

A B
(i) दाहिना आलिन्द (b) अशुद्ध रक्त
(ii) दाहिना निलय (a) शुद्ध रक्त
(iii) बायाँ आलिन्द (d) C2 कम O2 ज्यादा
(iv) बायाँ निलय (c) O2 कम C2 ज्यादा

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 8 मनुष्य का शरीर

प्रश्न 2.

A B
(i) हृदय (a) पीठ और गर्दन में दर्द
(ii) फेफड़ा (b) पेशमेकर
(iii) हड्डी (c) साँस की बीमारी
(iv) पेशी (d) रीढ़ की हड्डी में जोर का चोट लगना

उत्तर :

A B
(i) हृदय (b) पेशमेकर
(ii) फेफड़ा (c) साँस की बीमारी
(iii) हड्डी (d) रीढ़ की हड्डी में जोर का चोट लगना
(iv) पेशी (a) पीठ और गर्दन में दर्द

प्रश्न 3.

A B
(i) सर्कस का तम्बू (a) फ्रेम की तरह जकड़ हटाना, कारखाना
(ii) चीड़ययों का पिंजरा (b) खींचकर या धक्का लगाकर हटाना
(iii) गन्दगी हटाने वाला काँटा (c) चारों तरफ से ढँककर रक्षा करना

उत्तर :

A B
(i) सर्कस का तम्बू (c) चारों तरफ से ढँककर रक्षा करना
(ii) चीड़ययों का पिंजरा (a) फ्रेम की तरह जकड़ हटाना, कारखाना
(iii) गन्दगी हटाने वाला काँटा (b) खींचकर या धक्का लगाकर हटाना

 

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

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WBBSE Class 6 Science Chapter 7 Question Answer – तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
दबाव का सूत्र क्या है?
उत्तर :
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 1

प्रश्न 2.
दबाव की इकाई क्या है?
उत्तर :
पास्कल

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

प्रश्न 3.
बल और क्षेत्रफल में क्या संबंध है?
उत्तर :
बल के प्रयोग का क्षेत्रफल जितना कम होगा दबाव उतना ज्यादा होगा। इसका उल्टा क्षेत्रफल बढ़ने से बल का परिमाण घट जाता है।

प्रश्न 4.
गहराई बढ़ने या उच्चता से दबाव पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर :
दबाव बढ़ जाता है ।

प्रश्न 5.
दबाव तथा गति में क्या संबंध है?
उत्तर :
तरल किसी डब्बे में जितनी ऊँचाई तक भरा रहेगा उसके निकलने का वेग भी उतना ही ज्यादा होगा।

प्रश्न 6.
बारनौली के नियम का उल्लेख करो ।
उत्तर :
कोई भी गैस या द्रव जब गतिशील होता है तब जिस स्थान पर उसका वेग अधिक होता है उसी स्थान पर उस गैस या द्रव का दबाव कम होता है।

विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
एक प्रयोग द्वारा दिखाओ कि क्षेत्रफल बढ़ने से दबाव का परिमाण बढ़ता है और अधिक परिमाण में बल कार्य करता है।
उत्तर :
उपकरण : टेबुल, एक लकड़ी का स्केल, कागज
प्रयोग : एक टेबुल पर एक लकड़ी का स्केल रख देते हैं। स्केल का कुछ हिस्स टेबुल के बाहर रहता है और अधिकांश हिस्सा टेबुल पर । टेबुल के बाहर निकले स्केल के ऊपर ऊँगली से दबाव डालते हैं। तब स्केल झट से उठ जाता है. फिर उसी स्केल को उसी प्रकार रख देते हैं। अब उसके ऊपर मोटा कागज रख देते हैं जिससे टेबल के ऊपर स्केल का अंश ढंक जाए।

अब जो अंश टेबल के बाहर है उसके ऊपर ऊँगली से दबाव डालते हैं।
निरीक्षण :- दूसरी बार हम देखते हैं कि स्केल ऊपर आसानी से नहीं उठा। इसका कारण है कि वह कागज से दबा पड़ा था तथा कागज के ऊपर हवा दबाव बना रही है।
निष्कर्ष :- इससे प्रमाणित होता है कि बड़े क्षेत्रफल के ऊपर दबाव के प्रभाव से अधिक परिमाण में बल कार्य करता है।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

प्रश्न 2.
प्रयोग द्वारा दिखाओ कि दबाव गहराई पर निर्भर करता है।
उत्तर :
प्रयोग :- एक गोल आकृति का डब्बा लेते हैं। उसमें तीन विभिन्न ऊँचाई पर छिद्र कर देते हैं। पहले मुँह बंद कर उसमें पानी भर देते हैं। अब एक टेबुल के ऊपर ले जाकर इसे रख देते हैं। एक ही साथ तीनों छिद्रों का मुँह खोल देते हैं। तब हम पाते हैं कि जिस छिद्र का मुँह ऊपर है उससे निकलने वाला पानी नजदीक में गिरता है जबकि नीचे वाले छिद्र से दूर जाकर पानी गिरता है।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 4
परीक्षण :- नीचे वाले छिद्र की गहराई ऊपर वाले छिद्र की तुलना में अधिक है।
निष्कर्ष :- इससे प्रमाणित होता है कि गहराई बढ़ने से दबाव बढ़ता है।

प्रश्न 3.
एक प्रयोग द्वारा दिखाओ कि गैस या तरल का प्रवाह अधिक दबाव वाले स्थान से निम्न दबाव वाले स्थान की ओर होता है।
उत्तर :
आवश्यक उपकरण :- पानी का बोतल, गमला, पाइप

प्रयोग : एक 2 लीटर वाली प्लास्टिक की बोतल लें। अब एक चौड़े मुँह वाला गमला लें जिसमें चार बोतल पानी भरा हो। बोतल तथा गमला को समान ऊँचाई पर रखते हैं। एक रबर के पाइप द्वारा दो पात्रों को जोड़ देते हैं। उनके संयोग स्थल को अच्छी तरह सील कर देंगे।

निरीक्षण : हम देखते हैं कि पानी बोतल से गमले की ओर जा रहा है। यद्यपि गमले में पानी ज्यादा है।
इससे साबित होता है कि द्रव का प्रवाह उसके परिमाण के ऊपर नहीं बल्कि उसकी उच्चता से निश्चित होता है। बोतल से गमले में पानी उच्चता के कारण प्रवाहित होता है।
निष्कर्ष : इससे साबित होता है कि द्रव या गैस अधिक दबाव वाले स्थान से निम्न दबाव वाले स्थान की ओर प्रवाह करता है।

प्रश्न 4.
चादर को खींच-खींच कर बिछाते समय चादर पूरी तरह बिछौने के ऊपर से क्यों नहीं खिसकती है?
उत्तर :
चादर का आकार बड़ा होता है। बड़े क्षेत्रफल पर दबाव के प्रभाव से अधिक परिमाण में बल कार्य करता है। इसी कारण चादर के ऊपर हवा के दबाव से बल कार्य करता है जिससे चादर पूरी तरह बिछौने से नहीं खिसकती है।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

प्रश्न 5.
बाँध के नीचे का हिस्सा मोटा क्यों बनाया जाता है?
उत्तर :
नदी का जल बाँध के किनारों पर दबाव सृष्टि करता है। बाँध जितना ऊँचा है उतनी मात्रा में जल संग्रह कर सकता है। द्रव का दबाव गहराई बढ़ने के साथ बढ़ता है। नदी का पानी बाँध के नीचले हिस्से पर काफी दबाव बनाता है। इसलिए बाँध का निचला हिस्सा मोटा बनाया जाता है।

प्रश्न 6.
रबर का बना हुक आपस में कैसे चिपक जाता है?
उत्तर :
एक खास तरह का हुक होता है जिसके पीछे का हिस्सा रबर का बना होता है। दोनों हुक को पीछे की तरफ से एक साथ स्पर्श करते हुए दबाव देते समय रबर वाला अंश चिपक जाता है। उसके भीतर की हवा निकल आती है। बाहर की हवा उस रबर वाली अंश पर दबाव डालती है। इसी कारण दोनो हुक जोर से अटक जाते हैं।

प्रश्न 7.
किसी कागज को फूँक मारते हैं तब वह सीघा पड़ा होता है फिर जब फूँक मारना बन्द कर देते हैं तो झूल जाता है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर :
बारनौली के नियम के अनुसार जहाँ द्रव या गैस का वेग अधिक होता है उस स्थान पर दबाव कम होता है। जब कागज को फूँक मार रहे थे तब उस स्थान पर गतिशील वायु का स्थान कम हो गया था। कागज के नीचे का वायु का दबाव उस समय ऊपर के वायु दबाव से अधिक था। इसी कारण कागज सीधा खड़ा था । लेकिन फूँक बंद करते ही कागज के ऊपर वायु का बल अधिक था जिससे कागज नीचे की ओर मुड़ गया।

प्रश्न 8.
जब दो पत्रे के बीच फूँक मारते हैं तब वे आपस में सट जाते हैं क्यों?
उत्तर :
जब हम फूँक मारते हैं तब दो कागज के बीच से वायु तेजी से प्रवाहित होती है, और उस स्थान पर हवा का दबाव कम हो जाता है। फलस्वरूप दो कागज के नजदीक की हवा दोनों कागजों पर लम्बवत जो दबाव डालती है वह भीतर के फूँक की जगह वाली हवा के दबाव से अधिक होती है। इसलिए कागज आपस में चिपक जाते हैं।

प्रश्न 9.
बारनौली के नियम को एक प्रयोग द्वारा समझाओ।
उत्तर :
बारनौली का नियम : कोई भी गैस या द्रव जब गतिशील होता है तब जिस स्थान पर उसका वेग अधिक होता है उस स्थान पर उस गैस या द्रव का दबाव कम होता है।
व्याख्या :
उपकरण : एक कागज का पन्ना।
प्रयोग : एक पन्ना लेकर उसे दोनों तरफ एक समान रूप से मोड़ लेते हैं। इस पुल को टेबल के ऊपर रख देते हैं। अब जोर से फूँक मारते हैं जिससे पुल नीचे गिर जाए।
निरीक्षण : फूँक मारते समय पुल के नीचे के निचले हिस्से के अंश पर दबाव कम होता है और पुल के ऊपर की हवा द्वारा दिया गया दबाव नीचे की दबाव से अधिक होता है। परिमाणस्वरूप पुल भी छत्त के नीचे की ओर दबी रहती है और नहीं गिरती है।
निष्कर्षण : इससे साबित होता है कि गतिशील द्रव या गैस जिस स्थान पर अधिक वेग से चलता है उस स्थान पर दबाव कम होता है।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 3
(a) आयतन
(b) लम्बाई
(c) क्षेत्रफल
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) क्षेत्रफल ।

प्रश्न 2.
S.I. पद्धति में दबाव की इकाई है :-
(a) atm
(b) पास्कल
(c) N/m2
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) पास्कल ।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

प्रश्न 3.
गहराई बढ़ने से दबाव :-
(a) बढ़ता है
(b) घटता है
(c) एक समान रहता है
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) बढ़ता है

प्रश्न 4.
तरंग का प्रवाह किससे निश्चित होता है?
(a) चौड़ाई से
(b) मात्रा से
(c) क्षेत्रफल से
(d) उच्चता से
उत्तर :
(d) उच्चता से ।

प्रश्न 5.
तरल का प्रवाह होता है –
(a) अधिक दबाव से कम दबाव
(b) कम दबाव से अधिक दबाव
(c) समान दबाव
(d) सभी
उत्तर :
(a) अधिक दबाव से कम दबाव ।

प्रश्न 6.
क्षेत्रफल बढ़ने से बल :-
(a) बढ़ता है
(b) घटता है
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) बढ़ता है ।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

प्रश्न 7.
हवा कैसे कार्य करती है?
(a) दबाव बढ़ाती है
(b) दबाव घटाती है
(c) कुछ नहीं करती है
(d) सभी
उत्तर :
(a) दबाव बढ़ाती है ।

प्रश्न 8.
तरल का वेग अधिक होने से दबाव होता है:-
(a) अधिक
(b) कम
(c) कोई नहीं
(d) सभी
उत्तर :
(b) कम ।

प्रश्न 9.
वेग तथा दबाव का सिद्धांत किसने दिया ?
(a) न्यूटन ने
(b) गैलिलियो ने
(c) बारनौली ने
(d) कोई नहीं ने
उत्तर :
(c) बारनौली।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

प्रश्न 10.
रबड़ कैसे दीवार से चिपक जाता है?
(a) पानी द्वारा
(b) वायु दबाव द्वारा
(c) रबड़ की प्रकृति
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) वायु दबाव द्वारा ।

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो :

1. महीन नोक वाली कील की तुलना में भोथरी कील का ……………… अधिक होता है।
उत्तर : क्षेत्रफल

2.
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति 2
उत्तर : बल

3. बल का परिमाण बढ़ने से दबाव ………………
उत्तर : बढ़ेगा

4. 1 किलो पास्कल = ……………… पास्कल
उत्तर : 1000

5. क्षेत्रफल घटने से दबाव ……………… है।
उत्तर : बढ़ता

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 7 तरल एवं गैसीय पदार्थों की स्थिति और गति

6. तरल का दबाव ……………… पर निर्भर करता है।
उत्तर : उच्चता या गहराई

7. तरल या गैस का प्रवाह ……………… दबाव से ……………… दबाव वाले स्थान की तरफ होता है।
उत्तर : अधिक, कम

8. बड़े क्षेत्रफल के ऊपर दबाव के प्रभाव से अधिक परिमाण में ……………… कार्य करता है।
उत्तर : बल

9. जिस स्थान पर तरल का वेग अधिक होता है उसी स्थान पर गैस या द्रव का दबाव ……………… होता है।
उत्तर : कम

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 Science Book Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Science Chapter 6 Question Answer – बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
स्थिर वस्तु किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जो वस्तु समय के साथ अपना स्थान परिवर्तन नहीं करते हैं, उन्हें स्थिर वस्तु कहते हैं। जैसे – आलमारी, सोफा, पेड़, घर।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 2.
गतिमय वस्तु किसे कहते हैं?
उत्तर :
जो वस्तु समय के साथ अपना स्थान परिवर्तन करते हैं, उन्हें गतिमय वस्तु कहते हैं। जैसे :- मोटरगाड़ी, रेलगाड़ी।

प्रश्न 3.
बल किसे कहते हैं? इसकी C.G.S. तथा S.I. इकाई लिखें।
उत्तर :
बल वह बाह्य कारक है जिसके प्रभाव से वस्तु के आकार, स्थान, वेग आदि में परिवर्तन लाया जा सकता है।
बल की C.G.S. इकाई :- डाइन
बल की S.I. इकाई :- न्यूटन

प्रश्न 4.
बल का क्या प्रभाव है?
उत्तर :

  • बल वस्तु के आकार को बदल सकता है।
  • बल वस्तु की गति को बदल सकता है।
  • बल वस्तु के स्थान में परिवर्तन ला सकता है।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 5.
चुम्बकीय पदार्थ किसे कहते हैं ?
उत्तर :
चुम्बक द्वारा आकर्षित होने वाले कुछ पदार्थ हैं। जो पदार्थ चुम्बक द्वारा आकर्षित होते हैं उन्हें चुम्बकीय पदार्थ कहते हैं। जैसे :- लोहा, निकेल, कोबाल्ट आदि।

प्रश्न 6.
गुरुत्व बल किसे कहते हैं?
उत्तर :
पृथ्वी जिस बल द्वारा किसी वस्तु को अपनी ओर खींचती है उस बल को गुरुत्व बल कहते हैं। इस बल को वजन भी कहते हैं। वजन एक प्रकार का बल है इसलिए S.I. पद्धति में इसकी इकाई न्यूटन है।

प्रश्न 7.
ऊर्जा किसे कहते हैं ?
उत्तर :
कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।

प्रश्न 8.
गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं?
उत्तर :
गतिमय अवस्था में किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता को गतिज ऊर्जा कहते हैं।
गतिज ऊर्जा वस्तु की मात्रा तथा उसके वेग के वर्ग के गुणनफल के बराबर होता है।
गतिज ऊर्जा = \(\frac{1}{2}\) × मात्रा x (वेग)2 \(\frac{1}{2}\) (MV2)

प्रश्न 9.
स्थिर ऊर्जा किसे कहते हैं?
उत्तर :
किसी वस्तु को जमीन से ऊपर ऊंचाई पर ले जाने से वस्तु द्वारा किये गये कार्य की क्षमता को स्थिर ऊर्जा कहते हैं। स्थिर अवस्था में वस्तु द्वारा रखी गई ऊर्जा स्थिर ऊर्जा कहलाता है।
स्थिर ऊर्जा वस्तु की मात्रा, ऊँचाई तथा गुरुत्वीय त्वरण पर निर्भर करती है।
स्थिर ऊर्जा = मात्रा x गुरुत्वीय त्वरण x ऊँचाई (Mgh)

प्रश्न 10.
ऊर्जा का संरक्षण क्या है?
उत्तर :
ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न मिटाया जा सकता है। ऊर्जा को केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है। इसे ऊर्जा का संरक्षण कहते हैं।
जैसे : धनुष की रस्सी को खींचा तथा धनुष के आकार में परिवर्तन हुआ। फलस्वरूप स्थिर ऊर्जा उत्पन्न हुई किन्तु जब तीर छोड़ा गया तब तीर में गतिज ऊर्जा उत्पन्न हुई।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 11.
ऊर्जा के कितने रूप हैं ?
उत्तर :
ऊर्जा के निम्नलिखित रूप हैं :-

  • यांत्रिक ऊर्जा
  • ताप ऊर्जा
  • प्रकाश ऊर्जा
  • विद्युत ऊर्जा
  • ध्वनि ऊर्जा
  • रासायनिक ऊर्जा
  • पारमाणविक ऊर्जा
  • चुम्बकीय ऊर्जा ।

प्रश्न 12.
उत्पादक किसे कहते हैं?
उत्तर :
जो जीव अपना भोजन स्वयं बनाते हैं उन्हें उत्पादक कहते हैं।
जैसे : वनस्पति एक उत्पादक है।

प्रश्न 13.
प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता किसे कहते हैं?
उत्तर : जो जीव सीधे वनस्पति पर निर्भर होते है उन्हें प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता कहते हैं।
जैसे :- हिरण, ग्रास होपर।

प्रश्न 14.
सर्वभक्षी किसे कहते हैं?
उत्तर :
जो जीव शाकाहारी तथा माँसाहारी दोनों प्रकार का भोजन ग्रहण करते हैं उन्हें सर्वभक्षी कहते हैं।
जैसे – मनुष्य, भालू।

प्रश्न 15.
खाद्य श्रृंखला किसे कहते हैं?
उत्तर :
वनस्पति उत्पादक है। जो प्राणी उस वनस्पति को खाता है तथा वह उपभोक्ता कहलाता है। फिर बाद में वही प्राणी दूसरे प्राणी का भोजन बन जाता है। इस प्रकार उत्पादक, उपभोक्ता मिलकर एक शृंखला बनाते हैं। इसे खाद्य शृंखला कहते हैं।
जैसे – घास → टीड्डा → मेढ़क → साँप

प्रश्न 16.
खाद्य जाल किसे कहते हैं?
उत्तर :
किसी खाद्य तंत्र में बहुत सी श्रृंखलाएँ मिलकर खाद्य जाल बनाती है।
पेड़ → टिड्डा → मेढक → साँप → मोर
चूहा, – उल्लू, खरगोश, बाज, हिरण, बाघ

प्रश्न 17.
खाद्य पिरामिड क्या है?
उत्तर :
खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक जीव को अलग-अलग स्थान पर रखा गया है। एक श्रृंखला वनस्पतियों की है। दूसरी प्राणियों की । इसी तरह इन्हें सजाने पर पिरामिड आकार की रचना बनती है। इसे खाद्य पिरामिड कहते हैं।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा 1

प्रश्न 18.
लिण्डमैन के 10% का नियम क्या है? इसे समझाओ।
उत्तर :
प्रत्येक ट्रॉफिक लेवल पर ग्रहित शक्ति का 10% ही उस पुष्टिस्तर के जीवधारियों के शारीरिक गठन में काम आता है, जो परवर्ती Trophic level के जीवधारी ग्रहण कर पाते हैं। वनस्पतियाँ अपने खाद्य निर्माण के लिए सूर्य की शक्ति का प्रयोग करती है। उसका मात्र 10% हिस्सा ही ऊर्जा के रूप में संग्रह कर पाते हैं। उत्पादक के भीतर की जमा 10% ऊर्जा को ही परवर्ती Tropic Level के शाकाहारी प्राणी खाने के माध्यम से संग्रह कर पाते हैं।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

अर्थात् शाकाहारी प्राणी खाद्य से प्राप्त ऊर्जा का 10% ही शारीरिक संरचना में लगाते हैं। शाकाहारी प्राणी के अंदर जमा केवल 10% शक्ति ही दूसरे Trophic Level अर्थात् मांसाहारी प्राणी खाद्य के माध्यम से संग्रह कर पाते हैं। खाद्य पिरामिड से यह पता चलता है कि प्रत्येकTrophic Level पर केवल 10% ऊर्जा ही शारीरिक निर्माण के काम में आ पाती है।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा 2

प्रश्न 19.
अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत क्या है?
उत्तर :
वे ऊर्जा स्रोत जो एक निश्चित समय में खत्म हो जाएगा और उसे पुन: प्राप्त नहीं किया जा सकेगा, उसे अनवीकरणोय ऊर्जा रोत कहत हैं। जैसे :- कोयला. पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस :

प्रश्न 20.
नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत क्या है?
उत्तर :
वे ऊर्जा स्रोत जो कभी समाप्त नहीं होता है या जिसका कभी अंत नहीं होता है उसे नवीकरणीय ऊर्जा कहते हैं।
जैसे :- सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, वायु ऊर्जा, जैवीय गैस ऊर्जा आदि।

प्रश्न 21.
घर्षण बल किसे कहते हैं? यह किस पर निर्भर करता है?
उत्तर :
वह बल जो वस्तु की गात के विपरीत दिशा मे कार्य करता है और जिससे वस्तु की गति कम हो जाती है, उसे घर्षण बल कहते है।
यह बल की प्रकृति पर निर्भर करता है।

प्रश्न 22.
घर्षण के कुछ लाभ लिखें :-
उत्तर :

  • घर्षण के कारण हम चल पाते हैं।
  • घर्षण के कारण माचिस जलती है।
  • घर्षण के कारण हम लिख पाते हैं?

प्रश्न 23.
घर्षण से क्या हानियाँ हैं ? इसे कैसे दूर किया जा सकता है?
उत्तर :

  • घर्षण से वस्तुओं का क्षय होता है ।
  • घर्षण से गति कम हो जाती है ।
  • घर्षण से ऊर्जा का ह्वास होता है।
  • घर्षण से गाड़ी के बियरिंग, रबड़, इंजन धिस जाते है।
    घर्षण को कम करने के लिए ग्रीस, ग्रेफाइट लगाकर सतह को चिकना बनाया जाता है।

प्रश्न 24.
एक भाड़ पर एक पत्थर दूर से फेंकने पर क्यों दूट जाता है?
उत्तर :
एक भाड़ पर एक पत्थर को स्पर्श कराने पर भाड़ को कोई हानि नहीं होती है। लेकिन एक पत्थर को दूर से फेंकने पर भाड़ द्ट जाता है क्योंकि पत्थर में दूर से फेंकने पर गति शक्ति उत्पन्न हो जाती है और कार्य करने की क्षमता आ जाती है। अत: भाड़ पर गिरने से भाड़ टूट जाता है।

प्रश्न 25.
आँधी में घर का छप्पर क्यों उड़ जाता है?
उत्तर :
आँधी की प्रबण्ड गाति में गतिशक्ति उत्पन्न हो जाती है। फलस्वरूप काम करने की क्षमता आ जाती है। अत: आँधी में घर का छप्पर उड़ जाता है।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 26.
किसी बाल्टी को बालू के कुछ ऊपर उठाकर पानी डालने पर पानी गिरने की जगह परगछ्ठा क्यों बनता है ?
उत्तर :
पानी भरी बाल्टी उपर उठाने से बाल्टी में काम करने की ऊर्जा उत्पन्न हो जाती है। इस उर्जा को स्थिर ऊर्जा कहते हैं। वही स्थिर ऊर्जा गिरते हुए पानी को गति ऊर्जा में परिवर्तित करके पानी के कार्य करने की क्षमता को बढ़ा देती है। अत: पानी जिस स्थान पर गिरता है वहाँ गड्दा हो जाता है।

विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
नीचे दी गई तालिका को पूरा करो।
हमें कार्य पूरा करने के लिए किस बल की जरूरत पड़ती है।
उत्तर :
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा 3
प्रश्न 2.
नीचे दी गई सारणी को पूरा करें।
उत्तर :
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा 4

प्रश्न 3.
नीचे दी गई तालिका को पूरा करें।
उत्तर :

घटना कौन सी शक्ति किस शक्ति में बदल रही है
i) इलेक्ट्रिक आयरन विद्युत शक्ति – ताप शक्ति में बदल रही है
ii) मोमबत्ती का जलना रासायनिक शक्ति – प्रकाश शक्ति में
iii) बैटरी चालित रेडियो का चलना रासायनिक शक्ति – ध्वनि शक्ति में
iv) सौर कूकर का चलना प्रकाश शक्ति – रासायनिक शक्ति में
v) कोयले का सुलगना रासायनिक शक्ति – ताप शक्ति में
vi) माइक्रोफोन का व्यवहार किया जाना विद्युत शक्ति – ध्वनि शक्ति में
vii) स्टील के एक बर्तन पर गिरकर झनझन शब्द करना यांत्रिक शक्ति – ध्वनि शक्ति में
viii) फुलझड़ी को जलाना रासायनिक शक्ति – प्रकाश शक्ति में
ix) एक कैम्ब्रिज गेंद को ऊपर फेंकना स्थिर शक्ति – गतिज शक्ति में
x) एक कैम्ब्रिज गेंद को ऊपर से नीचे फेंकना स्थिर शक्ति – गतिज शक्ति में

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 4.
‘सूर्य’ पृथ्वी पर ऊर्जा का परम स्रोत है, कैसे ?
उत्तर :
हरी वनस्पतियाँ कार्बन डाइ-ऑक्साइड, जल तथा सूर्य के प्रकाश से प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन बनाती हैं। अर्थात् इन खाद्य पदार्थों का स्रोत सूर्य है। इस प्रकार देखा जाता है कि सूर्य की सौर शक्ति खाद्य वस्तुओं में रासायनिक तथा स्थिर ऊर्जा के रूप में संग्रहित रहती है। प्राणी जब वनस्पतियों को खाते हैं तब वही सौर शक्ति खाद्य के रूप में हमारे शरीर में पहुँचती है।

करोड़ों वर्षों पहले पेड़-पौधों के अवशेष पृथ्वी के भीतर दब गए थे, धीरे-धीरे गर्मी तथा दबाव के कारण वे जीवाश्म में परिवर्तित हो गए। इसके अलावा वनस्पतियों के देहावशेष पीली चट्टान के नीचे रहते-रहते पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के रूप में बदल गए। इस प्रकार कोयला तथा पेट्रोलियम से जमी ऊर्जा शक्ति का स्रोत सूर्य है।

सूर्य अपने ताप द्वारा पृथ्वी को गर्म करके रखता है जिससे वनस्पतियाँ अच्छी तरह उगती हैं। मनुष्य तथा प्राणी के रहने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है। अतः हम कह सकते हैं कि पृथ्वी पर ऊर्जा का परम स्रोत सूर्य है।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
जो वस्तु अपना स्थान नहीं बदलती है उसे कहते हैं –
(a) स्थिर वस्तु
(b) गतिमय वस्तु
(c) कोई नहीं
(d) दोनों
उत्तर :
(a) स्थिर वस्तु ।

प्रश्न 2.
जो वस्तु समय के साथ अपना स्थान बदलती है उसे कहते हैं –
(a) स्थिर वस्तु
(b) गतिमय वस्तु
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) गतिमय वस्तु ।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 3.
बल क्या है ?
(a) खींचना
(b) धकेलना
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) दोनों ।

प्रश्न 4.
दरवाजा बंद करने को क्या कहेंगे?
(a) धकेलना
(b) खींचना
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) धकेलना।

प्रश्न 5.
बल की SI इकाई क्या है?
(a) डाइन
(b) न्यूटन
(c) जूल
(d) अर्ग
उत्तर :
(b) न्यूटन ।

प्रश्न 6.
चुम्बक द्वारा आरोपित बल क्या है?
(a) गुरुत्व बल
(b) घर्षण बल
(c) चुम्बकीय बल
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) चुम्बकीय बल ।

प्रश्न 7.
कार्य करने की क्षमता को कहते हैं?
(a) कार्य
(b) उष्मा
(c) ऊर्जा
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) ऊर्जा।

प्रश्न 8.
गतिशील अवस्था में काम आने वाली ऊर्जा है-
(a) स्थितिज ऊर्जा
(b) गतिज ऊर्जा
(c) कार्य
(d) समय
उत्तर :
(b) गतिज ऊर्जा।

प्रश्न 9.
आँधी में कैसी ऊर्जा है ?
(a) स्थितिज ऊर्जा
(b) गतिज ऊर्जा
(c) समय
(d) कार्य
उत्तर :
(b) गतिज ऊर्जा।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 10.
छत पर चढ़ना कैसी ऊर्जा है?
(a) स्थितिज ऊर्जा
(b) गतिज ऊर्जा
(c) कार्य
(d) बल
उत्तर :
(b) स्थितिज ऊर्जा ।

प्रश्न 11.
तीर धनुष में कौन सी ऊर्जा है?
(a) स्थितिज ऊर्जा
(b) कार्य
(c) गतिज ऊर्जा
(d) बल
उत्तर :
(b) स्थितिज ऊर्जा ।

प्रश्न 12.
हथेली रगड़ने पर कैसी ऊर्जा परिवर्तित होती है?
(a) घर्षण से उष्मीय
(b) घर्षण से कार्य
(c) उष्मीय तथा ध्वनि
(d) ध्वनि से उष्मीय
उत्तर :
(a) घर्षण से उष्मीय ।

प्रश्न 13.
बल्ब में कौन सी ऊर्जा किस में रूपांतरित होती है?
(a) विद्युत से प्रकाश एवं उष्मीय ऊर्जा में
(b) प्रकाश से उष्मीय ऊर्जा में
(c) विद्युत से उष्मीय ऊर्जा में
(d) प्रकाश से विद्युत ऊर्जा में
उत्तर :
(a) विद्युत से प्रकाश एवं उष्मीय ऊर्जा में।

प्रश्न 14.
पंखा से कौन सी ऊर्जा रूपांतरित होती है?
(a) विद्युत से उष्मा
(b) विद्युत से यांत्रिक
(c) यांत्रिक से विद्युत
(d) विद्युत से उष्मीय
उत्तर :
(b) विद्युत से यांत्रिक

प्रश्न 15.
प्रति सेकेण्ड होने वाले कार्य को कहते हैं –
(a) बल
(b) कार्य
(c) शक्ति
(d) सभी
उत्तर :
(c) शक्ति ।

प्रश्न 16.
पृथ्वी पर ऊर्जा का स्रोत है –
(a) चाँद
(b) सूर्य
(c) घर्षण
(d) आग
उत्तर :
(a) सूर्य ।

प्रश्न 17.
पौधे क्या हैं?
(a) उत्पादक
(b) उपभोक्ता
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) उत्पादक

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 18.
प्रथम श्रेणी के उपभोक्ता खाने वाले कहलाते हैं?
(a) उत्पादक
(b) द्वितीय श्रेणी के उपभोक्ता
(c) शाकाहारी
(d) माँसाहारी
उत्तर :
(b) द्वितीय श्रेणी के उपभोक्ता ।

प्रश्न 19.
कई खाद्य श्रृंखलाएँ आपस में मिलकर बनाती हैं :-
(a) खाद्य श्रृंखला
(b) खाद्यजाल
(c) कोई नहीं
(d) दोनों
उत्तर :
(b) खाद्य जाल ।

प्रश्न 20.
सूर्य शक्ति का कितना % शरीर में जमा होता है?
(a) 12%
(b) 10%
(c) 15 %
(d) 20%
उत्तर :
(b) 10%।

प्रश्न 21.
कोयला किस प्रकार की ऊर्जा है?
(a) अनवीकरणीय ऊर्जा
(b) नवीकरणीय ऊर्जा
(c) कोई नहीं
(d) दोनों
उत्तर :
(a) अनवीकरणीय ऊर्जा ।

प्रश्न 22.
गति में बाधा उत्पत्र करने वाला बल क्या है ?
(a) घर्षण बल
(b) खींचना
(c) धकेलना
(d) सभी
उत्तर :
(a) घर्षण बल।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. ……….. वस्तु समय के साथ स्थान परिवर्तन नहीं करती है।
उत्तर : स्थिर

2. ………. वस्तु समय के साथ स्थान परिवर्तन करती है।
उत्तर : गतिज

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3. ट्रेन या बस में बैठने पर बाहर की वस्तु ………….दिखाई देती है।
उत्तर : गातिशील

4. वस्तु स्थिर या गतिशील है यह परखने वाले की ………….के ऊपर निर्भर करता है।
उत्तर : अवस्था

5. बल एक ………….कारक है।
उत्तर : बाहा

6. C.G.S. में बल की इकाई ………….है।
उत्तर : डाइन

7. चाकृ से फल काटने पर ………….पड़ता है।
उत्तर : धकेलना

8. लोहा चुम्बक से ………….बल द्वारा खिंचता है।
उत्तर : चुम्बकीय

9. पृथ्वी जो बल लगाती है उसे ………….बल कहते हैं।
उत्तर : गुरुत्व

10. कार्य करने की क्षमता को ………….कहते हैं।
उत्तर : ऊर्जा

11. गतिशील अवस्था में कार्य की क्षमता को ………….ऊर्जा कहते हैं।
उत्तर : गतिज

12. पानी भरी बाल्टी उठाने में ………….ऊर्जा उत्पत्र होती है।
उत्तर : स्थितिज

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

13. स्प्रिंग में ………… ऊर्जा होती है।
उत्तर : स्थिर

14. खाना का पकना ………….ऊर्जा से ………….ऊर्जा का रूपांतर है।
उत्तर : उष्मीय, रासायनिक

15. चुम्बक कील को दूर से खिंचता है। इसमें ………….ऊर्जा का ………….ऊर्जा में परिवर्तन हुआ।
उत्तर : वुम्बकीय, यांत्रिक

16. पृथ्वी पर ऊर्जा का स्रोत ………….है।
उत्तर : सूर्य

17. ज्वार भाटा में ………….ऊर्जा है।
उत्तर : यांत्रिक

18. हरी वनस्पतियों में ………….ऊर्जा है।
उत्तर : रासायनिक

19. कोयला तथा पेट्रोलियम ………….ऊर्जा के स्रोत हैं।
उत्तर : अनवीकरणीय

20. कौआ ………….श्रेणी का उपभोक्ता है।
उत्तर : द्वितीय

21. ………….एक सर्वभक्षी प्राणी है।
उत्तर : मनुष्य

22. वनस्पतियाँ प्राणियों को खाद्य श्रृंखला में सजाने पर ………….मिलता है।
उत्तर : खाद्य पिरामिड

23. सूर्य शक्ति का ……….. % शरीर के भीतर जमा होता है।
उत्तर : 10

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24. ………. ने 10% का सूत्र दिया ।
उत्तर : लिण्डमैन

25. ज्वारभाटा, वायु ……….. ऊर्जा के उदाहरण हैं।
उत्तर : नवीकरणीय

26. गति की उल्टी दिशा में लगने वाली बाधा …………. है।
उत्तर : घर्षण बल

सही मिलान करो :

प्रश्न 1.

A B
(i) तीर-धनुष (a) रासायनिक ऊर्जा
(ii) हाथ (b) यांत्रिक ऊर्जा
(iii) ढोलक को पीटना (c) चुम्बकीय ऊर्जा
(iv) भोजन (d) घर्षण
(v) चुम्बक (e) ध्वनि

उत्तर :

A B
(i) तीर-धनुष (b) यांत्रिक ऊर्जा
(ii) हाथ (d) घर्षण
(iii) ढोलक को पीटना (e) ध्वनि
(iv) भोजन (a) रासायनिक ऊर्जा
(v) चुम्बक (c) चुम्बकीय ऊर्जा

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 6 बल और ऊर्जा की प्राथमिक अवधारणा

प्रश्न 2.

A B
(i) टरबाइन (a) वायु प्रवाह
(ii) पवन चक्की (b) जल विद्युत
(iii) वनस्पति (c) यांत्रिक ऊर्जा
(iv) स्प्रिंग (d) यांत्रिक ऊर्जा
(v) ज्वार-भाटा (e) रासायनिक

उत्तर :

A B
(i) टरबाइन (b) जल विद्युत
(ii) पवन चक्की (a) वायु प्रवाह
(iii) वनस्पति (e) रासायनिक
(iv) स्प्रिंग (d) यांत्रिक ऊर्जा
(v) ज्वार-भाटा (c) यांत्रिक ऊर्जा

प्रश्न 3.

A B
(i) वनस्पति (a) सर्वभक्षी
(ii) मनुष्य (b) मांसाहारी
(iii) चूहा (c) उत्पादक
(iv) बाघ (d) शाकाहारी

उत्तर :

A B
(i) वनस्पति (c) उत्पादक
(ii) मनुष्य (a) सर्वभक्षी
(iii) चूहा (d) शाकाहारी
(iv) बाघ (b) मांसाहारी

 

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 Science Book Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Science Chapter 5 Question Answer – माप, तौल अथवा परिमाप

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
जिन वस्तुओं के मापन होते हैं उन्हें क्या कहते हैं ?
उत्तर :
भौतिक अंक या भौतिक राशि।

प्रश्न 2.
क्षेत्रफल का मापन होता है –
उत्तर :
लम्बाई तथा चौड़ाई के गुणनफल से।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 3.
आयतन में क्या रहता है?
उत्तर :
लम्बाई, चौड़ाई तथा ऊँचाई।

प्रश्न 4.
मात्रा तथा भार का C.G.S. एवं S.I इकाई क्या है ?
उत्तर :
मात्रा — भार
C.G.S. ग्राम — डाइन
S.I. किलोग्राम — न्यूटन

प्रश्न 5.
क्षेत्रफल की इकाई क्या है ?
उत्तर :
वर्ग मी०

प्रश्न 6.
आयतन की इकाई क्या है ?
उत्तर :
घन मी०

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 7.
मौलिक अंक का उदाहरण लिखो।
उत्तर :
लम्बाई, वजन, समय, केण्डला, सेल्सियस आदि।

प्रश्न 8.
लब्ध अंक का उदाहरण दो।
उत्तर :
आयतन, क्षेत्रफल, दबाव, वेग, बल, कार्य आदि।

प्रश्न 9.
लम्बाई को किससे मापते हैं ?
उत्तर :
मीटर स्केल

प्रश्न 10.
प्राचीन काल में ग्रीस तथा मिस्र में लम्बाई कैसे मापी जाती थी ?
उत्तर :
ग्रीस में लम्बाई की इकाई – बालिश्त
मिस्न में लम्बाई की इकाई – हाथ

प्रश्न 11.
किसी अंक को मापने के लिए सुविधाजनक अंश को क्या कहते हैं ?
उत्तर :
प्रमाण

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 12.
तरल का आयतन मापने वाला यंत्र क्या कहलाता है ?
उत्तर :
नपना बेलन

प्रश्न 13.
1 घन सें०मी० = …………. मिली लीटर
उत्तर :
1

प्रश्न 14.
दो घटना के बीच का अंतराल क्या है ?
उत्तर :
समय

प्रश्न 15.
पौधों में वृद्धि की माप कैसे होती है ?
उत्तर :
आर्क ऑक्सनोमीटर से ।

प्रश्न 16.
पत्ते कहाँ से निकलते हैं ?
उत्तर :
पर्ण से ।

प्रश्न 17.
आयतन की C.G.S. तथा S.I. इकाई क्या है ?
उत्तर :
C. G. S. इकाई – सें०मी०3
S. I. इकाई – मी०3

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 18.
आयतन = / घनत्व
उत्तर :
मात्रा

प्रश्न 19.
खेलकूद में समय का अंतराल कैसे मापा जाता है ?
उत्तर :
स्टॉप वाच द्वारा

प्रश्न 20.
शरीर का अंग, सिर, हाथ, पैर की वृद्धि का प्रतिशत कम से ज्यादा में लिखो –
उत्तर :
सिर, हाथ, पैर

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 21.
घर में गाय का बछड़ा, बकरी का बच्चा, बिल्ली का बच्चा, गिनिपिंग के बच्चे की वृद्धि को मापो, देखो कौन-सा हिस्सा ज्यादा बढ़ा है।
उत्तर :
गाय का बछड़ा :- शरीर का मध्य भाग
बकरी का बच्चा :- शरीर का मध्य भाग
बिल्ली का बच्चा :- शरीर का मध्य भाग
गिनिपिंग का बच्या :- शरीर का मध्य भाग

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
भौतिक अंक या प्राकृतिक अंक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
जिन राशियों या अंको का मापन किया जाता है उन्हें भौतिक अंक या भौतिक राशि कहते हैं। जैसे – मात्रा, समय, लम्बाई।

प्रश्न 2.
मौलिक अंक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
वे अंक जिनका खुद से मापन होता है तथा वे दूसरे अंक पर निर्भर नहीं करते हैं उन्हें मौलिक अंक कहते हैं। जैसे – मात्रा, समय तथा लम्बाई।

प्रश्न 3.
लब्ध या व्युत्पन्न अंक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
वे अंक जो दो या दो से अधिक मौलिक अंको से मिलकर बने होते हैं उन्हें लब्ध या व्युत्पत्न अंक कहते हैं। जैसे :- क्षेत्रफल, घनत्व, आयतन, वेग आदि।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 4.
प्रमाण किसे कहते हैं ?
उत्तर :
किसी अंक को मापने के लिए उसी अंक के सुविषाजनक अंश को अंतर्रांट्रीय प्रमाण कहते हैं। इसी प्रमाण को मानकर अंक की इकाई बनती है। जैसे – लम्बाई को मापने का प्रमाण मीटर है, इसलिए लम्बाई की इकाई मी० है।

प्रश्न 5.
गुणज तथा उपगुणज मात्रक इकाई किसे कहते हैं ?
उत्तर :
1 मौटर के 10 गुणा करने पर जो इकाई मिलती है उसे गुणज मात्रक इकाई कहते हैं। जैसे – किलोमीटर एक गुणज इकाई है।
1 मीटर के 10 वें हिस्से से 1 डेसीमीटर तथा 8 को 10 से भाग करने पर S.I. सिस्टम की छोटी-छोटी इकाई मिलती है इसे उपगुणज मात्रक इकाई कहते हैं।

प्रश्न 6.
1 मीटर को परिभाषित करो।
उत्तर :
0°C तापमान पर रखा प्लेटिनम (90%) तथा इरिडियम (10%) के मिश्रण से तैयार रोड के दो किनारों के बीच की दूरी को 1 मीटर माना जाता है।

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प्रश्न 7.
तराजू द्वारा वस्तु की मात्रा कैसे ज्ञात होती है ?
उत्तर :
वस्तु की मात्रा को मापने के लिए तराजू प्रयोग में लाया जाता है। तराजू के एक तरफ वाट, दूसरी तरफ वस्तु को रखा जाता है, माप सही होने पर सूचक बराबर होता है।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप 1

प्रश्न 8.
समय क्या है तथा इसकी इकाई को लिखें ।
उत्तर :
दो घटनाओं के बीच के अन्तराल को समय कहते हैं। इकाई –
60 सेकेण्ड = 1 मिनट
60 मिनट = 1 घण्टा
24 घण्टा = 1 दिन
365 दिन = 1 वर्ष

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प्रश्न 9.
हमारे जीवन में माप का क्या महत्व है?
उत्तर :
हमारे जीवन में माप का होना आवश्यक है। यदि माप सही नहीं हो तो संतुलन बिगड़ सकता है। यदि हमें बुखार है तो थर्मामीटर से इसका मापन आवश्यक होता है जिससे हम सही समय पर सही दवा ले सकें। एक दवाई बनाने में किस – किस उपादान की कितनी मात्रा जरूरी होगी इसके सूक्ष्म हिसाब की जरूरत पड़ती है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो दवाई तैयार करते समय उपादान थोड़ा सा भी ज्यादा होने पर बहुत नुकसान हो सकता है।

प्रश्न 10.
किसी ठोस का क्षेत्रफल कैसे मापा जाता है?
उत्तर :
मेज के ऊपर चॉक का दाग जितनी जगह लिए हुए था उतना ही जगह किताब का था। वही स्थान पुस्तक का क्षेत्रफल है। इससे क्षेत्रफल की लम्बाई तथा चौड़ाई स्केल की सहायता से माप लेते हैं।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप 2

क्षेत्रफल = लम्बाई × चौड़ाई
अपना हाथ फेरकर हम अनुभव करते हैं कि पूरी सतह गेंद की ऊपरी सतह, वह समग्र तल ही फुटबॉल की ऊपरी सतह है। एक समतल सतह के ऊपर गेंद रखकर गेंद के दोनों तरफ को स्पर्श करते हुए दो किताब रख देंगे। अब दोनों किताबों के बीच की दूरी स्केल से माप लेंगे। यह माप गेंद का डायमीटर है।
क्षेत्रफल = TT × डायमीटर x डायमीटर

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 11.
आयतन मापने की इकाई क्या है ?
उत्तर :
S.I. पद्धति से आयतन की इकाई घन मीटर है।
1000 घन सें०मी० = 1 घन डेसी॰ मी०
1 घन डेसी० मी० = 1 लीटर
1 लीटर =1000 मिली लीटर

प्रश्न 12.
किसी तरल का आयतन कैसे मापेंगे ?
उत्तर :
बनावट : तरल पदार्थ के आयतन को मापने के लिए एक विशेष बर्तन का प्रयोग होता है। यह बर्तन कांच की बनी होती है। बर्तन में स्केल होता है। उसी स्केल से तरल का आयतन मापा जाता है। इस पात्र को नापना बेलन कहते हैं।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप 3

विधि – एक सूखा नापना बेलन लेते हैं। इसे मेज पर सीधा रख देते हैं। जिस तरह का आयतन मापना है उसे सावधानी से नापना बेलन में डालते हैं। अब तरल स्थिर होने पर तरल की ऊपरी सतह नापना बेलन के जिस स्केल को स्पर्श करता है वही अंक तरल का आयतन है।

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प्रश्न 13.
स्टॉप वाच क्या है ? यह कैसे कार्य करता है ? डिजिटल घड़ी किसे कहते हैं ?
उत्तर :
स्टॉपवाच खेलकूद के मैदान में, प्रयोगशाला में प्रयोग में आने वाली घड़ी है।
कार्य : इस घड़ी का काँटा शून्य पर रहता है। काम शुरू होने के साथ स्विच ऑन करने पर सूई घूमने लगती है। काम खत्म होने के साथ सूई को दबाने से काँटा एक जगह रुक जाता है। इससे दो समय अंतराल का पता चलता है तथा काम पूरा होने का पता चलता है। सूई को दबाने पर वह शून्य पर टिक जाती है। डिजीटल घड़ियों में सूई नहीं होती है। इन घड़ियों में घंटा, मिनट, सेकेंड अंकों द्वारा सूचित होते हैं। इससे और भी सूक्ष्म समय का पता चलता है। यह घड़ी 0.01 सेकेण्ड तक समय का माप कर सकती है।

प्रश्न 14.
पौधे की वृद्धि को कैसे मापा जाता है ?
उत्तर :
पौधों की वृद्धि को मापने के लिए जिस यंत्र का प्रयोग किया जाता है उसे आर्क ऑक्सनोमीटर कहते हैं। ग्रीक शब्द Auxein का अर्थ है वृद्धि तथा Metroe का अर्थ है मापना।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप 5

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप 4
उद्भिज के तना के ऊपर जो गाँठ जैसा भाग दिखाई देता है उसे पर्ण कहते हैं। दो पर्णों के बीच का भाग पर्ण-मध्य कहलाता है। पर्ण से पत्ते निकलते हैं। पर्ण की संख्या, पर्ण मध्य की लम्बाई, पत्तों की संख्या तथा पत्तों के परिमाण से उद्भिज वृद्धि का पता चलता है।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
लम्बाई को किससे मापते हैं ?
(a) तराजू से
(b) बेलन से
(c) स्केल से
(d) सभी से
उत्तर :
(c) स्केल से।

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प्रश्न 2.
मात्रा को किससे मापते हैं ?
(a) स्प्रिंग तराजू से
(b) साधारण तराजू से
(c) स्केल से
(d) नपना बेलन से
उत्तर :
(b) साधारण तराजू से ।

प्रश्न 3.
ल०, चौ० तथा ऊँ० का गुणनफल क्या होता है ?
(a) क्षेत्रफल
(b) आयतन
(c) भार
(d) मात्रा
उत्तर :
(b) आयतन ।

प्रश्न 4.
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप 6
(a) क्षेत्रफल
(b) आयतन
(c) समय
(d) ऊँचाई
उत्तर :
(c) समय ।

प्रश्न 5.
घनत्व ÷ आयतन ?
(a) भार
(b) मात्रा
(c) लम्बाई
(d) बौड़ाई
उत्तर :
(b) मात्रा

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 6.
क्षेत्रफल = लम्बाई x ……………
(a) ऊँचाई
(b) क्षेत्रफल
(c) चौड़ाई
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) चौड़ाई।

प्रश्न 7.
लम्बाई, वजन, समय क्या है ?
(a) व्युत्पन्न अंक
(b) मौलिक अंक
(c) कोई नहीं
(d) दोनों
उत्तर :
(b) मौलिक अंक ।

प्रश्न 8.
प्रकाश की तीव्रता की इकाई क्या है ?
(a) मीटर
(b) प्रकाश वर्ष
(c) कैन्डला
(d) किलोग्राम
उत्तर :
(c) कैन्डला ।

प्रश्न 9.
अणु – परमाणु की माप है –
(a) सेकेण्ड
(b) मोल
(c) केन्डल
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) मोल।

प्रश्न 10.
1 मी० = qquad डेसीमीटर
(a) 50
(b) 100
(c) 80
(d) 10
उत्तर :
(d) 10

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 11.
1 मीटर Standard मापन रॉड किससे बना होता है?
(a) Pt (90 %) Ir (10 %)
(b) pt (70 %) ir (30 %)
(c) pt (80 %) Fr (20 %)
(d) कोई गहीं
उत्तर :
(a) Pt (90%) Ir (10%)

प्रश्न 12.
मिल कैसी इकाई है ?
(a) गुणन मात्रक इकाई
(b) उप-गुणन मात्रक इकाई
(c) कोई नहीं
(d) दोनों
उत्तर :
(a) गुणन मात्रक इकाई ।

प्रश्न 13.
तार का व्यास मापा जाता है –
(a) मी०
(b) से॰मी॰
(c) डेसी० मी०
(d) मिली० मी०
उत्तर :
(d) मिली० मी०

प्रश्न 14.
भार को मापा जाता है –
(a) साधारण तुला से
(b) स्पिंग तुला से
(c) दोनों से
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) स्पिंग तुला से ।

प्रश्न 15.
1π = ……………………….
(a) 3.15π
(b) 3.17 π
(c) 3.14 π
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) 3.14π

प्रश्न 16.
1 घन डेसी० मी० = ………………………. लीटर
(a) \(\frac{1}{2}\)
(b) 1
(c) 0.9
(d) 1.1
उत्तर :
(b) 1

प्रश्न 17.
समय मापने का यंत्र क्या है ?
(a) घड़ी
(b) तराजू
(c) स्केल
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) घड़ी

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प्रश्न 18.
स्पोट्स मैदान में किस घड़ी द्वारा समय मापा जाता है ?
(a) डिजिटर घड़ी
(b) यांत्रिक घड़ी
(c) स्टॉप वाच
(d) कोई नही
उत्तर :
(c) स्टॉप वाच ।

प्रश्न 19.
डिजिटल घड़ी कितने समय को माप सकती है ?
(a) 1 सेकेण्ड
(b) 0.1 सेकेण्ड
(c) 0.01 सेकेण्ड
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) 0.01 सेकेण्ड ।

प्रश्न 20.
शरीर का तापमान मापा जाता है ?
(a) थर्मामीटर से
(b) बौरोमीटर से
(c) हइग्रोमीटर से
(d) लेक्टोमीटर से
उत्तर :
(a) थर्मामीटर से ।

प्रश्न 21.
पौधे की वृद्धि को मापा जाता है –
(a) आर्क आवसनोमीटर से
(b) थर्मामीटर से
(c) स्केल से
(d) किसी से नहीं
उत्तर :
(a) आर्क आक्सनोमीटर ।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 22.
प्राणियों में वृद्धि को मापा जाता है –
(a) मीटर स्केल से
(b) आर्क आक्सनोमीटर से
(c) थर्मा मीटर से
(d) सभी से
उत्तर :
(a) मीटर स्केल से।

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो :

1. लम्बाई मापने के लिए ……………….. यंत्र का इस्तेमाल होता है।
उत्तर : स्केल

2. भार मापने में ……………….. तूला प्रयोग में आता है।
उत्तर : स्पिंग

3. आयतन = लम्बाई x ……………… x ………………..
उत्तर : चौड़ाई, ऊँचाई

4. घनत्व = मात्रा
उत्तर : आयतन

5. किसी भी वस्तु का मापन ………………………. अंक से होता है।
उत्तर : भौतिक

6. क्षेत्रफल = ……………………….
उत्तर : लम्बाई, चौड़ाई

7. मौलिक अंक से मिलकर बने अंक ………………. अंक कहलाते हैं।
उत्तर : लब्ध

8. प्राथमिक अंक इकाई ……………….. इकाई एवं लब्य अंक की इकाई …………………. इकाई है।
उत्तर : प्राथमक, लब्ब

9. मात्रा की इकाई …………………… अंक है।
उत्तर : मौलिक

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

10. क्षेत्रफल की इकाई …………………..अंक है।
उत्तर : लब्य

11. किसी अंक को मापने के लिए उसी अंक की एक सुविधा जनक अंश को ………………… माना जाता है।
उत्तर : प्रमाण

12. 1 कि० लो० ग्रा० = ………………………ग्रा०
उत्तर : 1000

13. 1 मील = ……………………… किलो मी०
उत्तर : 1.66

14. छोटे-छोटे अंकों की इकाई को ………………………. इकाई कहते हैं।
उत्तर : उप-गुणन, मात्रक

15. कोलकाता से दिल्ली की दूरी ………………………. इकाई में मापते हैं।
उत्तर : किलोमीटर

16. 1 किलोमीटर, 1 मी० का ………………………. इकाई है।
उत्तर : गुणज

17. फुटबॉल का क्षे० मापने के लिए ………………………. का माप किया जाता है।
उत्तर : डायमीटर

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18. फुटबॉल के क्षे० को मापने का सूत्र ………………………. है।
उत्तर : π × डायमीटर ×डायमीटर

19. 1 ली० = ………………………. घन डेसी मी०
उत्तर : 1

20. 1 घन सें०मी० = ………………………. मिली० लीटर
उत्तर : 1

21. तरल पदार्थ को ………………………. में मापा जाता है।
उत्तर : नपना बेलन

22. आयतन की S.I इकाई ………………………. है।
उत्तर : मी०

23. 1 वर्ष = ………………………. दिन
उत्तर : 365

24. 1 घंटा = सेकेण्ड
उत्तर : 3600

25. तापमान मापने में ……………… यंत्र का प्रयोग होता है ।
उत्तर : थर्मामीटर

26. वृद्धि का % = ……………… समय
उत्तर : वृद्धि

27. ……………… से पौधों की वृद्धि मापी जाती है।
उत्तर : आर्क ऑक्सनोमीटर

सही मिलान करो –

प्रश्न 1.

A B
(i) लम्बाई (a) मी०2
(ii) चौड़ाई (b) मी०3
(iii) तापमान (c) मी०
(iv) आयतन (d) मी०
(v) क्षेत्रफल (e) 0c

उत्तर :

A B
(i) लम्बाई (c) मी०
(ii) चौड़ाई (d) मी०
(iii) तापमान (e) 0c
(iv) आयतन (b) मी०3
(v) क्षेत्रफल (a) मी०2

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 2.

A B
(i) ठोस का क्षेत्रफल (a) आर्क ऑक्सनोमीटर
(ii) तरल का आयतन (b) प्रकाश वर्ष
(iii) पौधे की वृद्धि (c) ल० x चौ०
(iv) शरीर का तापमान (d) नापना बेलन
(v) दो शहरों के बीच की दूरी (e) डाक्टरी थर्मामीटर
(vi) दो ग्रहों के बीच की दूरी (f) किलोमीटर

उत्तर :

A B
(i) ठोस का क्षेत्रफल (c) ल० x चौ०
(ii) तरल का आयतन (d) नापना बेलन
(iii) पौधे की वृद्धि (a) आर्क ऑक्सनोमीटर
(iv) शरीर का तापमान (e) डाक्टरी थर्मामीटर
(v) दो शहरों के बीच की दूरी (f) किलोमीटर
(vi) दो ग्रहों के बीच की दूरी (b) प्रकाश वर्ष

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 5 माप, तौल अथवा परिमाप

प्रश्न 3.

A B
(i) आयतन (a) मीटर2
(ii) क्षेत्रफल (b) किलोमीटर
(iii) समय (c) न्यूटन
(iv) तापमान (d) एम्पीयर
(v) मात्रा (e) केन्डेला
(vi) भार (f) मी०
(vii) अणु-परमाणु की माप (g) केल्विन
(viii) विद्युत प्रवाह (h) सेकेण्ड
(ix) प्रकाश की तीव्रता (i) मी०3
(x) लम्बाई (j) मोल

उत्तर :

A B
(i) आयतन (i) मी०3
(ii) क्षेत्रफल (a) मीटर2
(iii) समय (h) सेकेण्ड
(iv) तापमान (g) केल्विन
(v) मात्रा (b) किलोमीटर
(vi) भार (c) न्यूटन
(vii) अणु-परमाणु की माप (j) मोल
(viii) विद्युत प्रवाह (d) एम्पीयर
(ix) प्रकाश की तीव्रता (e) केन्डेला
(x) लम्बाई ………….

 

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 9 भारत और समकालीन बहिर्विश्व (ईसा के बाद सप्तम् शताब्दी के प्रथम भाग तक)

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 History Book Solutions Chapter 9 भारत और समकालीन बहिर्विश्व (ईसा के बाद सप्तम् शताब्दी के प्रथम भाग तक) offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Geography Chapter 9 Question Answer – भारत और समकालीन बहिर्विश्व (ईसा के बाद सप्तम् शताब्दी के प्रथम भाग तक)

विस्तृत उत्तर वालें प्रश्न (Detailed Answer Questions) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
अलक्जेण्डर (सिकंदर) द्वारा भारतीय उपमहादेश के अभियान से मौर्य साप्राज्य के विस्तार में क्या प्रभाव पड़ा था?
उत्तर :
भारत उपमहादेश के कुछ भागों में ही पारसियों का शासन था। ग्रीक शासक अलक्जेण्डर पूरी दुनिया में एक विशाल साग्राज्य स्थापित करना चाहते थे। इसके लिए पारसियों के साथ उनका युद्ध हुआ। पारसिक को पराजित कर अलक्जेण्डर भारतीय उपमहादेश में पहुँचा। उपमहादेश में पारसिक का साम्राज्य अलक्जेण्डर के अभियन के कारण समाप्त हो गया। अलेक्जेण्डर अधिक दिनों तक इस उपमहादेश में नहीं था। फलस्वरूप इस अभियान का गंभीर प्रभाव भारतीय उपमहादेश में ज्यादा नहीं पड़ा। अलक्जेण्डर के अभियान के विरुद्ध कुछ शासकों ने लड़ाई की थी और कुछ शासकों ने उनकी मदद भी की। तक्षशिला का राजा आम्भीक ने उसकी मदद की थी। लेकिन अलक्जेण्डर के अभियान के फलस्वरूप छोटी-छोटी शक्तियाँ समाप्त हो गयी थी जिसके कारण मगध के लिए अपनी शक्ति का विस्तार करना सहज हो गया।

प्रश्न 2.
शक-कुषाण के आने के पहले भारतीय उपमहादेश के समाज और संस्कृति के किन विषयों की जानकारी को मिलती है?
उत्तर :
शक-कुषाण के आने के पहले भारतीय उपमहादेश के साथ बाहर के विभिन्न देशों का सांस्कृतिक विनिमय था। पारसिक साम्राज्य के अधीन क्षेत्रों में आशुमिरा भाषा एवं लिपि का प्रचलन था। पारसिक शासक ऊँचे पत्थर का स्तम्भ बनवाते थे। अलक्जेण्डर के भारत आगमुन से ग्रीक उपमहादेश की जीवनशैली और संस्कृति भारतीयों के साथ घुलमिल गई। वे बौद्ध धर्म की चर्चा करते थे, नये प्रकार की मुद्रा तैयार करते थे। विज्ञान विशेष्र कर गणित और ज्योतिष विज्ञान की चर्चा के क्षेत्र में ग्रीक और भारतीय सोच-विचार का विनिमय देखने को मिलता है। ग्रीक प्रभावित शिल्प की चर्चा भी शुरू हुआ था जिसका उदाहरण गांधार शिल्प है।

प्रश्न 3.
प्राचीन भारतीय उपमहादेश के साथ दूसरे क्षेत्र के सम्पर्क में पढ़ाई की क्या भूमिका थी?
उत्तर :
बौद्ध धर्म भारतीय उपमहादेश के साथ बाहर की दुनिया.से सम्पर्क का.एक माध्यम था। अनेक बौद्ध पण्डित एक साथ इस उपमहादेश से विभिन्न देशों में जाते थे और उन्हें शिक्षा देते थे। शिक्षा ग्रहण करने के लिए बाहर से भी विद्यार्थी आते थे। इन सभी देशों में से चीन देश में शिक्षा की चर्चा सबसे जनप्रिय थी। भारतीय उपमहादेश के कश्मीर क्षेत्र में शिक्षा पर चर्चा होती थी।

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 9 भारत और समकालीन बहिर्विश्व (ईसा के बाद सप्तम् शताब्दी के प्रथम भाग तक)

प्रश्न 4.
भारत और बहिर्विश्व के बीच सम्पर्क के साधनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
प्राचीन भारतीय उपमहादेश के उत्तर-पथ्विम की ओर कुछ गिरिपथ (पर्वत पथ) हैं। उत्तर- पथ्विम में इसी गिरिपथ के जरिए ही पश्चिम और मध्य एशिया के साथ इस उपमहादेश का सम्पर्क था। दूसरी ओर हिमालय पर्वव श्रेणी के गिरि पथ से चीन और तिल्बत के साथ सम्पर्क कायम था। विशेष करके उत्तर-पश्चिम गिरिपथ के जरिए ही विदेशी यहाँ आए। इस रास्ते के जरिए ही व्यापार-वाणिज्य होता था। सांस्कृतिक आदान-पदान भी होता था। इसके अलावा समुद्र पथ से राजनैतिक, अर्थनैतिक और सांस्कृतिक विनिमय होता था।

प्रश्न 5.
भारतीय उपमहादेश और पारस के सम्पर्क के बारे में तुम क्या जानते हो? संक्षेप में लिखो।
उत्तर :
भारतीय उपमहादेश के उत्तर-पश्चिम की ओर गांधार था। गांधार के जरिए ही पारसिक साम्माज्य के साथ इस उपमहादेश का सम्पर्क स्थापित हुआ था। ई० पू० छठीं शताब्दी के द्वितीय भाग में पारस इखामनीषी शासक गांधार अभियान चलाया था। उनमें श्रेष्ठ सम्राट दरायबौष अथवा दरायुष प्रमथ था। (ईसा पू॰ 522-486 तक) उनका शासन गांधार के अलावा उपमहादेश के कुछ अन्य भागों में फैल गया था। उनके एक लेख में ‘हिदुश’ शब्द का वर्णन मिलता है। सिन्धु नदी से ही यह शब्द बना था। ऐसा लगता है कि निम्न सिंधु इलाका दरायबौष के शासन के अन्तर्गत था।

ग्रीक इतिहासकार हेरोडोटस के लेख से जानकारी मिलती है कि इन्दूस अथवा इण्डिया पारसिक सामाज्य का एक प्रदेश अथवा साट्राँपी था। दरायबौष निम्न सिंधु इलाकों में सम्पर्क व्यवस्था के ऊपर शासन कायम करने के लिए ही इस क्षेत्र पर जीत हासिल किए । उत्तर-पश्चिम भारत और उपमहादेश के उत्तर – पश्चिम भाग में पारसिक साप्राज्य के साथ काफी दिनों से जुड़े हुए थे।

प्रश्न 6.
भारतीय उपमहादेश और मध्य एशिया के साथ सम्पर्क कैसे स्थापित हुआ?
उत्तर :
भारतीय उपमहादेश के इतिहास में मौर्य शासनकाल के अंतिम समय में कुछ बदलाव आया। पथिम एशिया और मध्य एंशिया के साथ उपमहादेश की राजनीति और शासन से जुड़े। उपमहादेश के उत्तर और उत्तर-पथ्चिम भाग में ग्रीक, शक-पल्लवों का शासन था। पुष्यमित्र शुंग के समय ही ग्रीक राजा कुछ क्षेत्रों पर अपना अधिकार जमाये थे। इन ग्रीक राजाओं में अधिकांश बैक्ट्रिया के निवासी थे। उपमहादेश का उत्तर-पश्चिम सीमांत ही बैक्ट्रिया था। यह हिन्दुकुश पर्वतमाला के उस्तर-पश्चिम अर्थात् आज के अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्व का क्षेत्र था। वह बैक्ट्रिया ईसा पू० के चौथी शताब्दी के अन्त तक ग्रीक शासक सेल्यूकस के अधीन था। बैक्ट्रिया ग्रीक राजा को ही पुराण साहित्य में यवन कहा जाता था। उत्तर-पथ्चिम सीमांत का क्षेत्र गांधार, तक्षशिला तक बैक्ट्रिया ग्रीक शासन था। उपमहादेश में इस ग्रीक शासक को बैक्ट्रिया ग्रीक अथवा इन्डोग्रीक शासक कहा जाता था।

प्रश्न 7.
मीनाण्डर के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
मीनाण्डर प्रारम्भ में बैक्ट्रिया के यवन शासक ड्रेमेटियस का सेनापति था। अपने स्वामी की मृत्यु के बाद वह राजा बना और उसने भारत पर आक्रमण करके इसके विस्तृत भू-भाग पर अपना अधिकार कर लिया। उसने बौद्ध धर्म स्वीकर कर लिया था। नागसेन ने उससे प्रभावित होकर उसी के नाम पर और उसी के बारे में ‘मिलिन्द पहावों नामक ग्रन्थ की रचना की। वह उच्च कोटि का विद्वान और कला प्रिय शासक था। उसकी राजधानी साकल (आधुनिक सियालकोट) थी। उसने 160 ई० पू० से 140 ई० पू० तक शासन किया। उसने अनेक बौद्ध स्तूपों तथा बौद्ध विहारों का निर्माण कराया था।

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प्रश्न 8.
हूण के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
हूण मूलतः मध्य एशिया के निवासी थे। ये मंगोल जाति की सीथियनों की एक शाखा के थे। ये लोग खानावदोश, बर्बर और लुटेरे थे। हूणों ने सर्वप्रथम 456 ई० में स्कन्दगुप्त के समय भारत पर आक्रमण किया पर पराजित होकर लौट गए। पाँचवीं सदी के अन्त में हूण नेता तोरमाण ने गुप्त सम्राट भानुगुप्त को पराजित कर गांधार तथा पश्चिमी भारत के विशाल क्षेत्र पर अधिकार करके हूण शासन की स्थापना की। उसकी राजधानी साकल (स्यालकोट) थी। तोरमाण की मृत्यु के बाद उसका पुत्र मिहिरकुल राजा हुआ। उसने गुप्त सम्राट भानुगुप्त पर आक्रमण किया परन्तु सम्राट ने उसे परास्त कर बंदी बना लिया। अन्तत: बर्बर हूणों की शक्ति का अंतिम उन्मूलन मालवा के यशोवर्द्धन ने किया। 542 ई० में मिहिरकुल की मृत्यु के पश्थात् हूणों का राजनीतिक प्रभुत्व समाप्त हो गया।

प्रश्न 9.
ताप्रलिप्त बन्दरगाह कहाँ पर अवस्थित था ? इस बन्दरगाह से कौन चीनी यात्री जहाज पर चढ़ा था।
उत्तर :
प्राचीन भारतीय उपमहादेश में ताम्मलिप्त एक प्रसिद्ध बन्दरगाह था। सुयान जांग ने कहा था, ताम्रलिप्त समुद्र एक खाड़ी के ऊपर है। वहाँ पर स्थल मार्ग और जलमार्ग आकर मिला है। संभवतः ताम्रलिप्त पूर्व मिदनापुर तमलुक के आस-पास था। बन्दरगाह से फाहियान जहाज पर चढ़े थे। स्थल मार्ग से ही ताम्रलिप्त यातायात करना सहज था। व्यापार के अलावा शिक्षा के लिए ताम्मलिप्त प्रसिद्ध था। लेकिन नदियों के सूखने के कारण बन्दरगाह नगर का महत्व कम होता गया जिससे नगर के रूप में भी उसकी ख्याति नष्ट हो गई।

प्रश्न 10.
शक शसाक की मुद्राओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
शक शासकों ने विभिन्न प्रकार की चाँदी की मुद्रा का प्रचलन शुरू किया था। कुछ मुद्रा ग्रीक और प्राकृत दोनों ही लिपियों में लिखी जाती थी। शक शासक स्वयं ही मुद्रा में राजाधिराज की उपाधि का प्रयोग करते थे।

प्रश्न 11.
शक-शासन के सामाजिक जीवन का वर्णन करें।
उत्तर :
शक-कुषाण के शासन काल में उपमहादेश में विभिन्न प्रकार की पोशाक प्रचलित हुई थी। जैसे – कुर्ता, पैजामा, लंबा, जोब्बा, बेल्ट, जूता इत्यादि। शक और कुषाण के शासन काल में नगरों की दीवारें पक्की ईंट से बनाया जाती थी। इसके अलावा एक प्रकार की लाल मिट्टी का बर्तन बनाने की पद्धति मध्य एशिया से उस उपमहादेश में आया। कुषाण शिव, विष्णु और गौतम बुद्ध की उपासना करते थे।

प्रश्न 12.
व्यापार एवं वाणिज्य के संपर्क सूत्र बनाने में किसकी भूमिका थी?
उत्तर :
ईसा पूर्व के सातवीं ईस्वी से लेकर उस उपमहादेश के साथ बाहर के देशों से वाणिज्यिक सम्पर्क था। ईसा पूर्व 200 से ईसा के बाद 300 साल के मध्य ही वह वाणिज्यिक सम्पर्क सबसे अधिक बढ़ा था। दक्षिण एशिया के साथ मध्य और पथ्चिम एशिया एवं भू-मध्य सागरीय अंचल में लेन-देन चलता था। जल मार्ग और स्थल मार्ग से यह सम्पर्क होता था।

रोमन साम्राज्य और भू-मध्य सागर के पूर्व की ओर चीन और भारत में विभिन्न वस्तुओं की माँग थी। इनमे सबसे अधिक चीनी रेशम का महत्व था। वहाँ से विभिन्न रास्तों का अतिक्रमण करके रेशम भू-मध्य सागर के पूर्व की ओर के इलाकों की ओर पहुँच जाता था। रेशम इस स्थल मार्ग का प्रधान वाणिज्य द्रव्य था। लेकिन इस समय रेशम मार्ग नामक कोई भी नाम नहीं था। कुछ समय के बाद अर्थात् ईसा के बाद उन्नीसवीं शताब्दी में इस मार्ग को रेशम पथ कहा जाता था।

इस विशाल अंचल का कुछ भाग एक समय पारसियों के कब्जे में था। बाद में कुषाण बैक्ट्रिया पर कब्जा किया जिसके कारण रेशम पत्थर की एक शाखा दक्षिण एशिया के साथ जुड़ गई। रेशम वाणिज्य से कुषाण शासक काफी शुल्क की अदायगी करते थे। उस व्यापार के साथ युक्त विभिन्न क्षेत्र के लोग इस उपमहादेश के उत्तर और उत्तर-पश्चिम प्रांत में इकट्ठा होते थे।

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प्रश्न 13.
शक शासक प्रथम आय के बारे में क्या जानते हो ?
उत्तर :
शक शासक प्रथम आय ने एक नया वर्ष का आरंभ किया था। वह साल विक्रमी के नाम से परिचित है। कान्धार से उत्तर-पध्थिम के सीमांत क्षेत्र में प्रथम अधिकार था। धीरे-धीरे शक शासन उत्तर भारत में एवं गंगा घाटी में फैल गया।

प्रश्न 14.
फाह्यान के बारे में तुम क्या जानते हो ?
उत्तर :
फाह्यायान (399-411 ई०) : तत्कालीन चीनी यात्री फाह्यान ने भारत की राजनीति, सामाजिक एवं आर्थिक दशा का वर्णन किया है।
चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में फाह्यान नामक प्रसिद्ध चीनी यात्री भारत आया था और लगभग छः वर्ष तक यहाँ रहा। वह 399 ई० में अपने देश से चला और 414 ई० में वापस वहाँ पहुँचा। उसकी यात्रा का उद्देश्य प्रामाणिक बौद्ध ग्रन्थों को एकत्रित करना था। उसे अपनी यात्रा के मार्ग में अनेक भयकर विपत्तियों का सामना करना पड़ा था। वह चीन से स्थल मार्ग से खोतान, यारकन्द, पेशावर, तक्षशिला होता हुआ कपिलवस्तु, कुशीनगर और फिर पाटलिपुत्र पहुँचा। वहाँ कुछ वर्ष रहने के बाद वह लुम्बिनी, वैशाली तथा नालन्दा गया। वापसी में वह लंका, जावा, सुमात्रा, आदि से होता हुआ 414 ई० में वापस चीन पहुँचा। उसने भारत के बारे में जो कुछ लिखा है वह आज भी उपलब्ध है। उससे हमें तत्कालीन भारत की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक स्थिति की जानकारी मिलती हैं।

प्रश्न 15.
कुषाण कौन थे ?
उत्तर :
कुषाण यू-ची जाति की एक शाखा था, जो चीन के पध्विमोत्तर प्रदेश कान्सू में रहते थे। यू-ची नये प्रदेश की खोज में पश्थिम की ओर बढ़े और आक्सस घाटी पर अधिकार कर रहने लगे।

प्रश्न 16.
गांधार कला क्या है ?
उत्तर :
भारतीय एवं यूनानी शिल्प कला के मेल से विकसित कला को गांधार कला कहा जाता है।

प्रश्न 17.
दूतों के आपसी सम्पर्क में क्या भूमिका होती थी ?
उत्तर :
उपमहादेश और बाहर की दुनिया के मध्य सम्पर्क का एक माध्यम दूत विनिमय भी था। मूलतः मौर्य सम्राट के समय से ही दूत विनिमय आरम्भ हुआ था। ये दूत अधिकांशत: अपनी जानकारी को लिखकर रखते थे।
ग्रीक शासक सेल्यूकस का दूत मेगास्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य की सभा में आया था। मौर्य सम्राट भी अपने दूत को विदेशी शासकों की सभा में भेजते थे। बिन्दुसार के साथ सीरिया का शासक एन्टीकास प्रथम का सम्पर्क था। पथ्चिम एशिया में ग्रीकों के साथ मौर्यों ने अच्छा सम्पर्क बरकरार रखने का प्रयास किया था। सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म का प्रचार दूतों के माध्यम से किया था। सीरिया, मिस्र, मासीडन, सिंहल इत्यादि जगहों पर अशोक ने दूत भेजे थे। राजगृह में पाये गये लेख से हर्षवर्धन के समय चीन के साथ दूत विनिमय के विषय में जानकारी मिलती है।

प्रश्न 18.
कुमारजीव के बारे में तुम क्या जानते हो?
उत्तर :
कुमारजीव के पिता बाबा कुमारायन कूची में चले गये थे। कूची के राजा ने उसे राजगुरु का पद दिए। कुमारजीव के जन्म के बाद उसकी माँ जीव बौद्ध हो गई। फलस्वरूप नौ वर्ष के कुमारजीव( 342 ईसा पूर्व 413 ईसा पूर्व) माँ के साथ कश्मीर चले गये। वहाँ पर अपने मित्रों से बौद्ध धर्म और साहित्य विषय पर पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी होने के बाद मध्य एशिया के विभिन्न क्षेत्रों में कुमारजीव घूमे। इतने दिनों में वे पण्डित के रूप में भी काफी प्रसिद्ध हो गए।

कुछ दिनों के बाद चीनी शासक ने कूची पर आक्रमण किया। कुमारजीव उस समय कूची में ही था 1385 ई० पूर्व में कुमारजीव को कूची से कानसु प्रदेश में ले जाया गया। चीनी सम्राट के अनुरोध से 401 ईसा पूर्व में वे चीन की राजधानी गए। बाद के ग्यारह वर्ष कुमारजीव चीन की राजधानी में ही था। बौद्ध धर्म विषयक पढ़ाई में ही उनका जीवन व्यतीत हुआ था। संस्कृत और चीनी दोनों भाषाओं में कुमारजीव दक्ष थे। फलस्वरूप अनुवाद का कार्य वे सहज ही कर सकते थे। चीन में बौद्ध धर्म दर्शन प्रचार के क्षेत्र में कुमारजीव की भूमिका विख्यात है।

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प्रश्न 19.
प्राचीन विश्र की विभिन्न सभ्यताओं का वर्णन संक्षेप में कीजिए।
उत्तर :
मेसोपोटामिया की सभ्यता : टाइग्रिस और युफेरिस नदी के मध्य भाग के क्षेत्र को मेसोपोटामिया कहा जाता था। इस शब्द का अर्थ है दो नदियों का मध्यवर्ती देश। प्राचीन काल में इस क्षेत्र का एक भाग सुमेरीय सभ्यता का था। सुमेर की लिपि को अंग्रेजी में किउनिफर्म कहा जाता था। सुमेर के लोग गणित; ज्योतिष विज्ञान और विभिन्न ज्ञानविज्ञान की चर्चा करते थे। सुमेर के लोगों ने ही सबसे पहले लकड़ी के चक्के का प्रयोग करना आरम्भ किया। सुमेर के अलावा मेसोपोटामिया की एक प्रसिद्ध सभ्यता वेबीलोन की सभ्यता है। वेबीलोन के राजा हामूरावी ने सबसे पहले लिखित कानून आरम्भ किया था।

मिस्र की सभ्यता : उत्तर-पूर्व अफ्रीका के नील नदी के किनारे पहले से ही प्राचीन मिस्न की सभ्यता थी। ग्रीक इतिहासकार हेरोडोटस ने मिस्र को नील नदी का दान कहा थां। मिस्र के शासक को फराओ भी कहा जाता था। उनके मृत शरीर को रखने के लिए पिरामिड बनाया जाता था। मिस्न में पापिरस पेड़ की छाल पर लिखना शुरू हुआ था। पापिरस से ही कागज का अंग्रेजी शब्द पेपर आया। वर्ण और चित्र को मिलाकर मिस्न में एक प्रकार के लेख का प्रयोग होता था। उसे मिस्र की हायरोग्लीफ लिपि कहा जाता था। मिस्न का लापिस लाजुली पत्थर भारतीय उपमहादेश में निर्यात किया जाता था।

चीन की सभ्यता : एशिया महादेश के पूर्व में ह्यागहो और ‘ईयांग-सिकियांग’ नदी की अवाहिका प्राचीन चीन की सभ्यता थी। प्रथम कागज बनाने एवं लकड़ी के अक्षर बनाकर छापे जाने का कौशल भी चीन में ही आरम्भ हुआ। बाहरी आक्रमण रोकने के लिए चीन के शासक ने दीवार से चीन को घेर कर रखा था। उस विशाल दीवार को एक साथ चीन का प्राचीर कहा जाता है। चीन में बारूद का प्रयोग होता था।

प्राचीन ग्रीक सभ्यता : पहाड़ से घिरे ग्रीक में अनेक छोटे-छोटे राष्ट्र बने। उन सभी राष्ट्रों को नगर राष्ट्र अथवा पलिस कहा जाता था। पलिसों में एथेंन और स्पार्टा प्रसिद्ध था। उसके साथ पारसी साम्राज्य का युद्ध हुआ था। उस युद्ध की बात ग्रीक इतिहासकार हेरोडोटस के लेख में मिलता है। एंथेन और स्पार्टा आपस में भी युद्ध किए थे। ग्रीक इतिहासकार धुकीडाइडीस ने उस युद्ध की बातों को लिखा है। प्राचीन ग्रीक सभ्यता में विज्ञान, इतिहास, गणित और विभिन्न ज्ञानविज्ञान की चर्चा होती थी। पारसिक और दूसरी सभ्यता की छाया ग्रीक सभ्यता पर भी पड़ी थी ।

रोमन सभ्यता : भू-मध्य सागर के इटली घाटी के केन्द्र पर प्राचीन रोमन सभ्यता थी। धीरे-धीरे रोमन विशाल साम्राज्य को बनाया। ग्रीस और दूसरे सभ्यता का प्रभाव रोम की सभ्यता पर पड़ा। रोम में राजनीति, कानूनी, शिल्पस्थाप्त्य इत्यादि विषयों में काफी उन्नति हुई थी। रोम के राजकर्मचारी के आदेश पर ही जेरूजालम में यीशु को ईसाई कुरा से बांधा गया था।

प्रश्न 20.
परिप्लास और मौसमी हवा के बारे में तुम क्या जानते हो ? संक्षेप में उत्तर दो।
उत्तर :
भारत महासागार, अरब सागर और पारस उपसागर को प्राचीन ग्रीक और रोमन भूगोल में इरिथियान सागर कहा जाता था। इसी इरिथ्रियान सागर में यातायात और वाणिज्य विषय पर एक पुस्तक लिखी गई थी। उसके नाम पर पेरिप्लास ऑफ द इरिथ्रियासी। पेरिप्लास का दो मतलब है- जलयान में घूमते रहना और जल मार्ग से यातायात करना । इस तरह से देखने पर पुस्तक का नाम हिन्दी के अनुसार इरिश्थियान सागर भ्रमण। पुस्तक के लेखक के बारे में जानकारी नहीं मिली है। पुस्तक ग्रीक भाषा मेंलिखी गई थी। पुस्तक का लेखक एक ग्रीक था जो मिस्र में रहता था।

पुस्तक को लेखक ने अपने अनुभव के आधार पर ही लिखा था। इसलिए पुस्तक में इरिथ्रियान सागर का बन्दरगाह और व्यापार-वाणिज्य के विभिन्न विषयों के बारे में वर्णन है। व्यापारियों की सुविधा के लिए पुस्तक को लिखा गया था। ईसा के बाद की प्रमथ शताब्दी के मध्य का समय इस पुस्तक में लिखा गया था। ऐसा प्रतीत होता है कि इसके साथ विभिन्न क्षेत्रों के मनुष्य, समाज, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी विषय की भी विभिन्न बातें भी हैं। यह पुस्तक ईसा के बाद प्रथम शताब्दी के लगभग का है जिसमें अर्थनीति; इतिहास जानना जरूरी साहित्यिक उपादान हैं। ईसा पू॰ की प्रथम शतबब्दी के अन्त में दक्षिणपथ्विम और उत्तर-पूर्व मौसमी हवा के बारे में और अधिक धारणाएँ ज्ञात हुई। इस हवा की सहायता से ही इरिथ्थियान सागर में यातायात और वाणिज्य सहज रूप से होता था।

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प्रश्न 21.
सांस्कृतिक विनिमय किस प्रकार भारतीय उपमहादेश के साथ बाहर के विभिन्न क्षेत्रों से सम्पर्क साधने का सूत्र बना?
उत्तर :
भारत उपमहादेश के साथ बाहर के विभिन्न क्षेत्रों के साथ एक और माध्यम सांस्कृतिक विनिमय था। विभिन्न जाति-उपजाति से घुलने-मिलने के माध्मय से सांस्कृतिक सम्पर्क स्थापित होता था। जिसके परिणामस्वरूप उपमहादेश की संस्कृति में विभिन्न वैचित्य तैयार हुआ था। साथ ही साथ यह जाति-उपजाति में अधिकांशतः उपमहादेश के समाज और संस्कृति में घूल-मिल गया था। ‘अलक्जेण्डर’ ने भारतीय उपमहादेश में कुछ नगर बनवाया था। मौर्य साम्राज्य के समय भी वह नगर था। धीरे-धीरे ग्रीक उपमहादेश की जीवन-यात्रा और संस्कृति के साथ घुल मिल गया।

वे बौद्ध धर्म की चर्चा भी करते थे। दूसरी ओर ग्रीक से नये प्रकार की मुद्रा तैयार करना उपमहादेश के लोग सीख चुके थे। इन्डो ग्रीक उपमहादेश में सोने की मुद्रा चालू की गई। विज्ञान, गणित और ज्योतिष विज्ञान की चर्चा के क्षेत्रों में भी ग्रीक और भारतीय सोच-विचार का विनिमय देखने को मिलता है। इसके अलावा ग्रीक प्रभावित शिल्प की चर्चा भी हुई थी, जिसका प्रमुख उदाहरण गांधार कला है। शक शासक विभिन्न प्रकार के चाँदी की मुद्रा का प्रचलन शुरू किये थे। कुछ मुद्रा ग्रीक और प्राकृत दोनों ही लिपि में राजाधिराज की उपाधि का प्रयोग करते थे। शक शासक रूद्रदामन का जूनागढ़ प्रशस्ति संस्कृत भाषा में रचित पहला बड़ा लेख है। इसके पहले के सभी लेख प्राकृत भाषा में ही रचित हैं।

प्रश्न 22.
किन विदेशियों से भारतीय उपमहादेश का संपर्क स्थापित हुआ था?
उत्तर :
पारसी – उत्तर-पश्विम भाग के गिरि-पथ स्थल मार्ग से ही अधिकांश विदेशी भारत में आये थे। इनमें से सबसे प्रमुख पारसियन थे। गांधार के जरिए ही पारसियनों का भारत से संपर्क स्थापित हुआ था।
ग्रीस : ग्रीक शासक अलकजेण्डर विश्व विजेता बनने के उद्देश्य से पारसियों के साथ युद्ध किया। पारसियों को परास्त कर अलक्जेण्डर भारत पहुँचा एवं ग्रीकों का भारत से संपर्क हुआ।
शक : ईसा पूर्व 130 वर्ष के लगभग मध्य एशिया में यायावर समूह के आक्रमण से बैक्ट्रियन ग्रीक शासन समाप्त हुआ। उपमहादेश में वे शक के नाम से परिचित थे।
हूण : 458 ई० के बाद संभवतः उत्तर पश्चिम की ओर से आकर हूण जाति ने उपमहादेश का अभियान किया था।
चीन : बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार से चीन के साथ भारत का संपर्क हुआ था। ईसा के बाद चतुर्थ शताब्दी से ही चीन में बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार बढ़ा।

प्रश्न 23.
गांधार शिल्पकला की विशेषताओं का उल्लेख करो।
उत्तर :
भारतीय कला पर विदेशी आक्रमणों के फलस्वरूप भी प्रभाव पड़ा। इनमें यूनानी कला ने भारत पर सबसे अधिक प्रभाव डाला। मौर्यकाल में यूनानी स्थापत्य शैली तथा भारतीय स्थापत्य शैली के मिश्रण से एक नई स्थापत्य शैली का विकास हुआ, जिसे गांधार कला कहते हैं। कुषाणों के समय में यह शैली अत्यधिक विकसित हुई। इस शैली का सूत्रपात सर्वप्रथम गांधार क्षेत्र में हुआ। इसलिए इसे गांधार कला भी कहते हैं।

गांधार अंचल में इस शैली के आधार पर अनेक भवनों का निर्माण हुआ। कनिष्क के समय में बुद्ध की मूर्तियों और बौद्ध मठों का इसी शैली के आधार पर निर्माण हुआ। यूनानी शिल्प कला पर रोमन शिल्पकला का प्रभाव था, अतः गांधार कला के द्वारा यूनानी, भारतीय तथा रोमन शिल्पकला का अभिनव रूप प्रस्तुत हुआ। कनिष्क के सिक्को, अभिलेखों और कलाकृतियों से पता चलता है कि कुषाणों ने भारतीय, यूनानी तथा ईरानी संस्कृतियों की मिली-जुली संस्कृति अपनायी। कुषाण काल में धर्म, साहित्य, कला, विज्ञान, व्यापार आदि की पर्याप्त प्रगति हुई। भारत के श्रेष्ठ सम्राटों में कनिष्क की भी गणना की जाती है।

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प्रश्न 24.
भारतीय उपमहादेश की संस्कृति को शक-कुषाणों ने किस प्रकार प्रभावित किया?
उत्तर :
भारतीय उपमहादेश में शक-पल्लव और कुषाणों के जीवनयापन के कौशल का व्यापक प्रभाव पड़ा। वे भी इस उपमहादेश के समाज-संस्कृति, धर्म से बहुत कुछ सीखे थे। शक-कुषाण उपमहादेश में विभिन्न प्रकार के पोशाक को चालू किये। जैसे – कुर्ता, पैजामा, लंबा जोल्बा, बेल्ट, जूता इत्यादि। शक और कुषाणों के शासनकाल में नगरों की दीवार ईंट से बनाई जाती थी। इसके अलावा एक प्रकार की लाल मिट्टी का बर्तन बनाने की पद्धति मध्य एशिया से उपमहादेश में आया।

मध्य एशिया से आये ये सारे शासक अधिकांशतः विष्णु के उपासक बन गये। कुछ ने बौद्ध धर्म को ग्रहण कर लिया। कुषाण शिव, विष्णु और गौतम बुद्ध की उपासना करते थे। कुषाणों की मुद्रा में ग्रीक, रोमन और भारतीय विभिन्न देवीदेवताओं की मूर्तियाँ खुदाई में मिली हैं। पहले गौतम बुद्ध का किसी भी प्रकार की मूर्ति की पूजा नहीं होती थी। बुद्ध के किसी प्रतीक और चिह्न को सामने रखकर पूजा की जाती थी।

साहित्य चर्चा के प्रति भी शक-कुषाण शासक काफी उत्साही थे। उपमहादेश के नाटक चर्चा पर भी ग्रीक का प्रभाव पड़ा है। नाटक का मंच बनाना, पर्दा का प्रयोग इत्यादि क्षेत्र में भी वही प्रभाव दिखाई पड़ता है। नाटक के पर्दा को संस्कृत में यवनिका कहा जाता था। उनके यवन नाम से ही यवनिका शब्द तैयार हुआ था।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
हेरोडोटस के अनुसार इन्दस पारसिक साग्राज्य का एक __________ था।
(क) प्रदेश
(ख) देश
(ग) जिला
उत्तर :
(क) प्रदेश

प्रश्न 2.
इन्दो-ग्रीक को __________ कहा जाता है।
(क) शकदेव
(ख) बैक्ट्रिया अधिवासी
(ग) कुषाण
उत्तर :
(ख) वाकट्रीया अधिवासा

प्रश्न 3.
सेन्ट थामस ईसाई धर्म के प्रचार के लिए भारतीय उपमहादेश में __________ के शासनकाल में आए।
(क) अलक्जेण्डर
(ख) मीनान्द
(ग) गन्डोफारनेस
उत्तर :
(ग) गन्डोफारनेस

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प्रश्न 4.
बैक्ट्रिया त्रीक राजा को ही पुराण साहित्य में __________
(क) यवन
(ख) इन्दोग्रीक कहा जाता था।
(ग) क्षत्रप
उत्तर :
(क) यवन

प्रश्न 5.
वेबीलोन के राजा हम्मूराबी ने सबसे पहले लिखित __________
(क) कहानी
(ख) कानून
(ग) समाचार
उत्तर :
(ख) कानून

प्रश्न 6.
उपमहादेश के बाहर बौद्ध धर्म का प्रचार सम्राट __________ ने किया था।
(क) सेल्युकस
(ख) चन्द्रगुप्त
(ग) अशोक
उत्तर :
(ग) अशोक

प्रश्न 7.
पोलिस सिद्धान्त __________ से आया था।
(क) ग्रीस
(ख) रोम
(ग) मिस्र
उत्तर :
(क) ग्रीस

प्रश्न 8.
प्रथम कागज बनाने एवं लकड़ी के अक्षर बनाकर छापने का कौशल __________ में ही आरम्भ हुआ था।
(क) भारत
(ख) चीन
(ग) फारस
उत्तर :
(ख) चीन

प्रश्न 9.
भारत में सबसे अधिक चीनी __________ का महत्व था।
(क) रेंशम
(ख) चाय
(ग) हथियार
उत्तर :
(क) रेशम नदी का दान कहा था।

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प्रश्न 10.
हेरोडोटस ने मिस्र को __________
(ख) नील
(ग) यूफ्रेटिस
(क) टाइग्रिस
उत्तर :
(ख) नील

प्रश्न 11.
वृहद्रथ एक _________ बौद्ध पण्डित थे।
(क) कश्मीरी
(ख) ग्रीस
(ग) रोमन
उत्तर :
(क) कश्मीरी

प्रश्न 12.
शक शासकों ने विभिन्न प्रकार की __________ मुद्रा का प्रचलन शुरू किया था।
(क) चाँदी
(ख) सोना
(ग) ताँबा
उत्तर :
(क) चाँदी

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. _______ को बैक्ट्रिया अधिवासी कहा जाता है।
उत्तर : इन्दो ग्रीक

2. पहाड़ से घिरे भू-भाग में अनेक छोटे-छोटे _______।
उत्तर : राष्ट्र बने।

3. भारत में सबसे अधिक __________ का महत्व था।
उत्तर : चीनी रेशम

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4. चीन में प्रथम __________ एवं __________ का कौशल आरंभ था।
उत्तर : कागज बनाने, लकड़ी के अक्षर बनाने

5. __________ शासकों में विभिन्न प्रकार की चाँदी की मुद्रा का प्रचलन था।
उत्तर : शक

6. __________ ने मिस्र को नील नदी का दान कहा था।
उत्तर : हेरोडोट्स

7. __________ के लोगों ने ही सर्वप्रथम लकड़ी के चक्के का प्रयोग प्रारंभ किया था।
उत्तर : सुमेर

8. __________ ग्रीस से आया था।
उत्तर : पोलिस सिद्धांत

9. __________ की चर्चा की एक प्रसिद्ध पुस्तक यवन जातक है।
उत्तर : ज्योतिष विज्ञान

बेमेल शब्दों को ढूंढकर लिखिए :-

  1. भृगुकच्छ, कल्याण, सोपारा, ताम्रलिप्त।
  2. वृद्धयश, कुमारजीव, परमार्थ, सुयान जांग।
  3. अलक्जेण्डर, सेल्यूकस, कनिष्क, मीनान्दर।
  4. युद्ध, संग्राम, लड़ाई, संधि।
  5. शहर, किरात, चाण्डाल, ब्राह्मण।
  6. ब्रीहि, शलि, कुमुद भन्डिया, गोलमरीच।
  7. लगाम, लम्बा, जोब्बा, वेल्ट।
  8. ताऊ-नाम, फाहियान, सुयान जांग, कुमारायन
  9. मेगास्थनीज, डायोनिसियास, विन्दुसार।
  10. भारत महासागार, अरब सागर, फारस सागर, कृष्ण सागर।

उत्तर :

  1. सोपारा
  2. सुयान जांग
  3. कनिष्क
  4. संधि
  5. ब्राह्मण
  6. गोलमरीच
  7. लगाम
  8. कुमारायन
  9. विन्दुसार
  10. कृष्ण सागर।

नीचे दिए गए वाक्यों में कौन सही एवं कौन गलत है उसे लिखिए :-

1. बैक्ट्रिया ग्रीक राजा को ही पुराण साहित्य में ‘यवन’ कहा जाता था।
उत्तर : सही

2. मिस्र के लोगों ने ही प्रथम लकड़ी के चक्के का प्रयोग प्रारंभ किया था।
उत्तर : गलत

3. वृहद्रथ एक कश्मीरी लेखक थे।
उत्तर : गलत

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4. पोलिस सिद्धांत ग्रीस से आया था।
उत्तर :सही

5. उपमहादेश के बाहर बौद्ध धर्म का प्रचार अशोक ने किया था।
उत्तर : सही

सही मिलान करो Match the following : (1 Mark)

प्रश्न 1.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) नक्स-ई-रूस्तम (a) सीरिया
(ii) भृगुकच्छ (b) प्रथम दरायवौष
(iii) प्रथम आन्टिकस (c) नर्मदा नदी

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) नक्स-ई-रूस्तम (b) प्रथम दरायवौष
(ii) भृगुकच्छ (c) नर्मदा नदी
(iii) प्रथम आन्टिकस (a) सीरिया

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प्रश्न 2.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) नाग सेन (a) ईसाई धर्म
(ii) पंचसिद्धांतिका (b) बौद्ध धर्म
(iii) सेंट थामस (c) वाराहमिहिर

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) नाग सेन (b) बौद्ध धर्म
(ii) पंचसिद्धांतिका (c) वाराहमिहिर
(iii) सेंट थामस (a) ईसाई धर्म

प्रश्न 3.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) गन्डोफारनेस (a) बन्दरगाह
(ii) तोरमार (b) पल्हव राजा
(iii) कल्याण (c) मिहिरकुल

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) गन्डोफारनेस (b) पल्हव राजा
(ii) तोरमार (c) मिहिरकुल
(iii) कल्याण (a) बन्दरगाह

प्रश्न 4.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) बैक्ट्रिया (a) मीनान्दार
(ii) नाग सेन (b) सेवका शक
(iii) स्काईथीयरा (c) यवन

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) बैक्ट्रिया (c) यवन
(ii) नाग सेन (a) मीनान्दार
(iii) स्काईथीयरा (b) सेवका शक

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प्रश्न 5.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) सेंट थॉमस (a) बंदरगाह
(ii) पोलिस सिद्धांत (b) गान्डोफरनेस
(iii) फराओ (c) बौद्ध धर्म
(iv) कश्मीरी बौद्ध पंडित (d) ग्रीस
(v) ज्योतिष विज्ञान की पुस्तक (e) वृहद्रथ
(vi) नील नदी का दान (f) यवन जातक
(vii) इन्दो ग्रीक (g) मिस्र के शासक
(viii) नागसेन (h) हेरोडोटस
(ix) पल्लव राजा (i) बैक्ट्रिया अधिवासी
(x) कल्याण (j) ईसाई धर्म

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) सेंट थॉमस (a) बंदरगाह
(ii) पोलिस सिद्धांत (b) गान्डोफरनेस
(iii) फराओ (c) बौद्ध धर्म
(iv) कश्मीरी बौद्ध पंडित (d) ग्रीस
(v) ज्योतिष विज्ञान की पुस्तक (e) वृहद्रथ
(vi) नील नदी का दान (f) यवन जातक
(vii) इन्दो ग्रीक (g) मिस्र के शासक
(viii) नागसेन (h) हेरोडोटस
(ix) पल्लव राजा (i) बैक्ट्रिया अधिवासी
(x) कल्याण (j) ईसाई धर्म

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 4 चट्टान और खनिज पदार्थ

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 Science Book Solutions Chapter 4 चट्टान और खनिज पदार्थ offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Science Chapter 4 Question Answer – चट्टान और खनिज पदार्थ

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
मैग्मा किसे कहते हैं ?
उत्तर :
धरती की गहराई का दबाव तथा ताप ज्यादा होने के कारण पत्थर तरल अवस्था में रहता है। इसे मैग्मा कहते हैं

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 4 चट्टान और खनिज पदार्थ

प्रश्न 2.
लावा किसे कहते हैं ?
उत्तर :
मैग्मा जब किसी पत्थर की दरार या पहाड़ के मुंह से बाहर आता है तब उसे लावा कहते हैं।

प्रश्न 3.
ज्वालागुखी क्या है ?
उत्तर :
जब लावा बाहर आकर जमकर सख्ज हो जाता है तब इस ठोस लावा को ज्वालामुखी कहते हैं।

प्रश्न 4.
ज्वालामुखी कितने प्रकार के हैं ?
उत्तर :
ज्वालामुखी तीन प्रकार के हैं –

  • बेसाल्ट
  • ग्रेनाइट और
  • पिडमिस

प्रश्न 5.
पिडमिस कैसे बनता है तथा इसमें छोटे-छोटे छिद्र क्यों होते हैं ?
उत्तर :
पिडमिस अधिक जला हुआ पत्थर है। गरम मैग्मा के ऊपर झाग की तरह तुरन्त जमकर पिडमिस बनता है। तरल मैग्मा में द्रवीभूत गैस के बाहर निकलने के कारण पिडमिस में छोटे-छोटे छिद्र बन जाते हैं।

प्रश्न 6.
पीली चट्टान क्या है ?
उत्तर :
जब झील, नदी, समुद्र के नीचे मिट्टी जमा होती है तब धीरे-धीरे यह मिट्टी की परत मिट्टी के नीचे चली जाती है। मिट्टी के नीचे गर्मी तथा दबाव से लाखों सालों में वही मिट्टी से पीली चट्टान बनती है।

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प्रश्न 7.
कुछ पीली चट्टान का नाम लिखो।
उत्तर :
ब्रेले पत्थर, शैल पत्थर, चूना पत्थर।

प्रश्न 8.
रूपान्तरित चट्टान किसे कहते हैं ? कुछ उदाहरण दो ।
उत्तर :
ज्वालामुखी तथा पीली चट्टानें मिट्टी के दबाव तथा ताप के कारण परिवर्तित हो जाती है। धरती का अधिकांश हिस्सा आग्नेय तथा रूपांतरित चट्टान से बना है।
चट्टान — रूपान्तरित रूप
चूना — पत्थर मार्बल
शैल — स्लेट
ग्रैनाइट — नीस

प्रश्न 9.
नीचे दी गई तालिका को पूरा करो
उत्तर :
चट्टान — रूपान्तरित रूप
चूना — पत्थर मार्बल
शैल — स्लेट
ग्रैनाइट — नीस

प्रश्न 9.
नीचे दी गई तालिका को पूरा करो
उत्तर :

धातुओं के नाम धातुओं से तैयार होने वाली वस्तुओं के नाम
(i) लोहा रेलगाड़ी, रेलगाड़ी की पटरी, गाड़ी, स्टील। कांसा, पीतल, तार, मूर्ति, बर्तन।
(ii) ताँबा कांसा, पीतल, तार, मूर्ति, बर्तन।
(iii) एल्युमीनियम बर्तन, तार, जहाज के सामान, निकेल धातु में।
(iv) जस्ता पेंट, ग्लेवनाइजिंक करने में, इलेक्ट्रोड में।
(v) चाँदी गहना बनाने में, फोटोग्राफी फिल्म को साफ करने में।
(vi) सोना गहना बनाने में।

प्रश्न 10.
खनिज क्या है ?
उत्तर :
जो धातु पृथ्वी के भीतर बालू, मिट्टी आदि के साथ एकत्रित अवस्था में मिलते हैं, उसे खनिज कहते हैं।

प्रश्न 11.
अयस्क क्या है ?
उत्तर :
जिस खनिज से धातुओं को सहजता से अलग किया जा सकता है उसे धातु का अयस्क कहते हैं। जैसे हेमाटाइट, लोहा का अयस्क।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 4 चट्टान और खनिज पदार्थ

प्रश्न 12.
धातु निष्कासन क्या है ?
उत्तर :
खनिज से धातुओं के अलग करने, अलग करने के तरीके को धातु का निष्कासन कहते हैं।

प्रश्न 13.
संकर धातु किसे कहते हैं ?
उत्तर :
किसी धातु को दूसरी धातु के साथ मिलाकर पिघलाया जाता है उसके बाद तरल मिश्रण को ठंडा करने पर संकर धातु बनता है। जैसे – कांसा, पीतल, स्टील आदि संकर धातु हैं।

प्रश्न 14.
संकर धातु के क्या गुण हैं ?
उत्तर :
संकर धातु के निम्नलिखित गुण होते हैं –

  • इसमें एक से अधिक धातु मिले होते हैं।
  • संकर धातु का गलनांक, उबलांक उसके उपादान से अलग होता है।
  • सकर धातु का भौतिक गठन उसके उपादान से भिन्न होता है।

प्रश्न 15.
फॉसिल्स किसे कहते हैं ?
उत्तर :
पृथ्वी के अंदर करोड़ों वर्षों में अनेक परिवर्तन हुए और एक समय में पत्थर या देह अवशेष पत्थर में परिवर्तित हो गया। इस मरे हुए पत्थर को शरीर की जीवाश्म या फोंसल्स कहते हैं। जीवाश्म में जीव का अर्थ प्राणी तथा अश्म का अर्थ पत्थर है।

प्रश्न 16.
कोयला का निर्माण कैसे हुआ ?
उत्तर :
पृथ्वी पर करोड़ों वर्ष पूर्व जो पेड़ उगते थे वे आज विलुप्त हो गए। कम गहरे जल में उगने वाले एक समय मिट्टी के नीचे हिलने-डुलने से विलुप्त हो गए। उनके ऊपर धीरे धीरे मिट्टी भी जमने लगी। करोड़ों साल मिट्टी के नीचे दबाव और गर्मी में रहते-रहते रातों में रासायनिक परिवर्तन हुआ जिससे कोयले का निर्माण हुआ। कोयले पर इन परतों के छाप रह गए।

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प्रश्न 17.
ईंधन क्या है? ये कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक का उदाहरण दो।
उत्तर :
जिन पदार्थों को जलाने से ताप पैदा होता है उसे ईधन कहते है। ये सभी पदार्थ प्राणियों के जीवाश्म हैं। प्राणियो के जीवाश्म बदलने में करोड़ों वर्ष लगे है। ये तीन प्रकार के होते हैं – ठोस, द्रव्य और गैस।

  • ठोस – लकड़ी, कोयला
  • तरल – पेट्रोल, डीजल, किरोसीन
  • गैस – CNG, LPG, वाटर गैस, कोल गैस।

प्रश्न 18.
कोयले का क्या उपयोग है ?
उत्तर :

  • कोयला को जलाकर ताप विद्युत का उत्पादन किया जाता है।
  • घर में रसोई बनाया जाता है।
  • धातु निष्कासन में कोयला का प्रयोग है।
  • अलकतरा से सड़क बनाया जाता है।
  • कोल गैस, गैस कार्बन, कोक बनाने में उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 19.
पेट्रोलियम क्या है? इसे कैसे शुद्ध किया जाता है ?
उत्तर :
पेट्रोलियम घटपटा एक तरल मिश्रण है। यह ईंधन में सीधे व्यवहार नहीं होता। इसमें से जल, मिट्टी तथा अभ्रयोजनीय पदार्थ को निकालने के बाद पेट्रोलियम का ईषन मिलता है। पेट्रोलियम को भंजक आसवन विधि द्वारा शुद्ध किया जाता है। पेट्रोलियम को एक भट्ठी में गर्म किया जाता है। भट्टी के हरेक स्तर पर मुँह बना होता है। जहाँ से पेट्रोलियम के उपादान बारी-बारी से बाहर आ जाते हैं।

प्रश्न 20.
पेट्रोलियम का क्या उपयोग है ?
उत्तर :

  • यह एक ज्वलन है।
  • ल्यूब्रिकेन्ट बनाने में इसका उपयोग किया जाता है।
  • प्लास्टिक बनाने में तथा रंग बनाने में भौ इसका उपयोग होता है।

प्रश्न 21.
प्राकृतिक गैस तथा LPG क्या है ? इसका मुख्य उपयोग क्या है ? इसका उपयोग लिखो।
उत्तर :
प्राकृतिक गैस : प्राकृतिक गैस पेट्रोलियम निकालने वाले कुएं से मिलती है। इसका मुख्य उपादान मिथेन है। उपयोग :

  • ज्यादा दबाव से प्राकृतिक गैस सिलिंडर में भरकर ईंधन के काम आता है।
  • CNG का इस्तेमाल गाड़ी के फ्यूल के रूप में होता है। इससे पदूषण कम होता है।

LPG :- LPG का पूरा नाम तरल प्राकृतिक गैस है। इसका मुख्य उपादान प्रोपेन है।
उपयोग : इसका उपयोग रसोईघर में ईंधन के रूप में होता है।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
पृथ्वी के भीतर जो पदार्थ तरल अवस्था में रहता है उसे कहते हैं –
(a) लावा
(b) मैग्मा
(c) चूना
(d) चट्टान
उत्तर :
(b) मैग्मा।

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प्रश्न 2.
मैग्मा के पत्थर की दरार से ऊपर आने को कहते हैं –
(a) चट्टान
(b) लावा
(c) चूना
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) लावा।

प्रश्न 3.
इनमें से कौन ज्वालामुखी का प्रकार नहीं है ?
(a) बेस्लाट
(b) मोड़दार
(c) ग्रेनाइट
(d) पिड़मिस
उत्तर :
(b) मोड़दार।

प्रश्न 4.
पीली चट्टान कहाँ बनती है ?
(a) काली चट्टान में
(b) पिडमिस में
(c) बेस्लाट में
(d) पानी के नीचे
उत्तर :
(d) पानी के नीचे।

प्रश्न 5.
परिवर्तित चट्टान को क्या कहते हैं?
(a) पीली चट्टान
(b) ग्रेनाइट
(c) रूपान्तरित चट्टान
(d) सभी
उत्तर :
(c) रूपान्तरित चट्टान।

प्रश्न 6.
पीली चट्टान का एक उदाहरण दो।
(a) बेस्लाट
(b) चूना पत्थर
(c) मार्बल
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) मार्बल।

प्रश्न 7.
शैल परिवर्तित होकर बनाता है –
(a) मार्बल
(b) नीस
(c) स्लेट
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) स्लेट।

प्रश्न 8.
धरती के नीचे यौगिक बालू, मिट्टी के साथ रहते हैं इसे कहते हैं –
(a) अयस्क
(b) खनिज
(c) चट्टान
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) खनिज।

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प्रश्न 9.
लोहा का एक अयस्क है –
(a) बावसाइट
(b) हेमाटाइट
(c) फेल्सपार
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) हेमाटाइट ।

प्रश्न 10.
ब्रॉन्ज के उपादान हैं –
(a) ताँबा तथा टिन
(b) ताँबा तथा जस्ता
(c) अल्युमीनियम तथा लोहा
(d) लोहा तथा ताँबा
उत्तर :
(a) ताँबा तथा टिन

प्रश्न 11.
पीतल का उपादान है ?
(a) Cu, Zn
(b) Cn, Sn
(c) Fe, Ce
(d) Fe, Zn
उत्तर :
(a) Cu, Zn

प्रश्न 12.
विलुप्त प्राणी के पैरों की छाप कहलाती है।
(a) चट्टान
(b) फॉंसिल्स
(c) धातु
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) फॉंसिल्स ।

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प्रश्न 13.
ज्वलनशील पदार्थ है –
(a) कोयला
(b) पत्थर
(c) प्राकृतिक गैस
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) कोयला तथा (c) प्राकृतिक गैस।

प्रश्न 14.
किसके जलने से प्रदूषण कम होता है ?
(a) कोयला के
(b) पेट्रोलियम के
(c) प्राकृतिक गैस के
(d) सभी के
उत्तर :
(c) प्राकृतिक गैस के।

प्रश्न 15.
प्राकृतिक गैस का मुख्य उपादान है-
(a) इथेन
(b) ब्युटेन
(c) मिथेन
(d) सभी
उत्तर :
(c) मिथेन

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो :

1. पत्थर का निर्माण ……………….. के लावा से होता है।
उत्तर : ज्वालामुखी

2. पृथ्वी के नीचे का भाग ……………….. अवस्था में है।
उत्तर : तरल

3. मिद्टी की गहराई में जाने से ……………….. तथा ……………….. बढ़ता है ।
उत्तर : दबाव, ताप

4. पृथ्वी के नीचे में तरल अवस्था में रहने वाले पत्थर ……………….. कहलाते हैं।
उत्तर : मैग्मा

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5. पहाड़ के मुँह से निकलकर ……………….. आता है।
उत्तर : लावा

6. लोस लावा ही ……………….. है।
उत्तर : ज्वालामुखी

7. अधिक जला पत्थर ……………….. है।
उत्तर : पिडमिस

8. ……………….. चट्टान में घोंघा, मछली का जीवाश्म होता है।
उत्तर : पौली

9. ग्रेनाइट के परिवर्तन से ……………….. बनता है ।
उत्तर : नीस

10. थरती पर ……………….. मौलिक अवस्था में पाया जाता है।
उत्तर : सोना

11. धातु का निष्कासन ……………….. से होता है।
उत्तर : अयस्क

12. धातु निष्कासन एक ……………….. परिवर्तन है ।
उत्तर : रासायनिक

13. ……………….. लोहा का एक अयस्क है।
उत्तर : हेमाटाइट

14. लोहा का तथा कार्बन से मिलकर ……………….. बनता है।
उत्तर : इस्पात

15. विलुप्त प्राणी के पैरों की छाप को ……………….. कहते हैं।
उत्तर : फॉसिल्स

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16. अश्म का अर्थ ……………….. है।
उत्तर : पत्थर

17. पेड़ गोंद के बीच अटका हुआ कीड़ा का शरीर ……………….. है।
उत्तर : जीवाश्म

18. जिनको जलाने से ताप मिलता है उसे ……………….. कहते हैं ।
उत्तर : ज्वलन

19. ज्वलन एक प्रकार ……………….. है।
उत्तर : जीवाश्म

20. कोयला एवं पेट्रोलियम को ……………….. हुआ जीवाश्म कहते हैं।
उत्तर : जला

21. पेट्रोलियम एक ……………….. मिश्रण है।
उत्तर : तरल

22. LPG गैस में मुख्यत: ……………….. रहता है।
उत्तर : प्रोपेन

23. मोटरसाइकिल में ……………….. ज्वलन के रूप में उपयोग होता है।
उत्तर : पेट्रोल

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 4 चट्टान और खनिज पदार्थ

24. घरेलू ज्वलन में ……………….. व्यवहार होता है।
उत्तर : LPG

सही मिलान करो –

प्रश्न 1.

A B
(i) लावा (a) छोटे छिद्र
(ii) मैग्मा (b) ज्वालामुखी
(iii) पिडमिस (c) ग्रेनाइट
(iv) बेसाल्ट (d) शैल
(v) स्लेट (e) काला पत्थर
(vi) नीस (f) तरल पत्थर

उत्तर :

A B
(i) लावा (b) ज्वालामुखी
(ii) मैग्मा (f) तरल पत्थर
(iii) पिडमिस (a) छोटे छिद्र
(iv) बेसाल्ट (e) काला पत्थर
(v) स्लेट (d) शैल
(vi) नीस (c) ग्रेनाइट

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 4 चट्टान और खनिज पदार्थ

प्रश्न 2.

A B
(i) लोहा (a) कॉपर ग्लान्स
(ii) एल्युमीनियम (b) हेमाटाइट
(iii) ताँबा (c) जिंक ब्लेन्ड
(iv) मरकरी (d) बाक्साइट
(v) जिंक (e) कैलामाइन

उत्तर :

A B
(i) लोहा (b) हेमाटाइट
(ii) एल्युमीनियम (d) बाक्साइट
(iii) ताँबा (a) कॉपर ग्लान्स
(iv) मरकरी (e) कैलामाइन
(v) जिंक (c) जिंक ब्लेन्ड

प्रश्न 3.

A B
(i) थर्मल पावर प्लांट (a) मोटर साइकिल
(ii) LPG (b) डीजल
(iii) पेट्रोल (c) किरोसिन
(iv) ट्रक (d) कोयला
(v) स्टोव (e) रसोइघर

उत्तर :

A B
(i) थर्मल पावर प्लांट (d) कोयला
(ii) LPG (e) रसोइघर
(iii) पेट्रोल (a) मोटर साइकिल
(iv) ट्रक (b) डीजल
(v) स्टोव (c) किरोसिन

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 8 प्राचीन भारतीय उपमहादेश की संस्कृति (चर्चा के विभिन्न पहलू : शिक्षा, साहित्य, विज्ञान और शिल्प)

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 History Book Solutions Chapter 8 प्राचीन भारतीय उपमहादेश की संस्कृति (चर्चा के विभिन्न पहलू : शिक्षा, साहित्य, विज्ञान और शिल्प) offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Geography Chapter 8 Question Answer – प्राचीन भारतीय उपमहादेश की संस्कृति (चर्चा के विभिन्न पहलू : शिक्षा, साहित्य, विज्ञान और शिल्प)

विस्तृत उत्तर वालें प्रश्न (Detailed Answer Questions) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
प्राचीन काल में बौद्ध शिक्षा व्यवस्था के साथ आज की शिक्षा व्यवस्था की समानता-असमानता को अपनी भाषा में लिखिए :-
उत्तर :
प्राचीन युग में बौद्ध शिक्षा व्यवस्था के अन्तर्गत बहुत विषयों को पढ़ाया जाता था। जैसे – काव्य, छन्द, व्याकरण, ज्योतिष विद्या, गणित, रसायन इत्यादि। आज भी कई विषयों के ऊपर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। जैसेहिन्दी, बंगला, गणित, अंग्रेजी, इतिहास, भुगोल, रसायन शास्त, जीव विज्ञान इत्यादि।
बौद्ध विहारों में दाखिला के लिए छात्रों की योग्यता और बुद्धिमता की जाँच की जाती थी। आज के दिनों में भी छात्र दाखिला के लिए बुद्धिमता, विद्वता की जाँच अधिकांश शिक्षण संस्थानों में की जाती है।

प्राचीन काल में शिक्षा व्यवस्था एवं वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में समानता और असमानता निम्नलिखित हैं :-
(i) प्राचीनकाल में गुरुकुल एवं बौद्ध विहार ही शिक्षा के प्रमुख केन्द्र थे जबकि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था के प्रमुख केन्द्र-विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्चविद्यालय आदि हैं।
(ii) प्राचीनकाल में बौद्ध विहारों में रहकर ही उच्च शिक्षा ग्रहण करनी पड़ता थी जबकि वर्तमान समय में शिक्षा संस्थान के बाहर अपने घर पर रहकर भी शिक्षा ग्रहण की जा सकती है ।

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प्रश्न 2.
विहार और स्तूप में क्या अन्तर है?
उत्तर :
विहार : यह शिक्षा का केन्द्र था जहाँ पर बौद्ध धर्म के अलावे विभिन्न विषयों की शिक्षा दी जाती थी, विहारों में रहकर छात्र शिक्षा ग्रहण किया करते थे।
स्तूप : स्तूप उपासना के केन्द्र थे। स्तूपों में लोग जाकर भगवान बुद्ध की उपासना किया करते थे। स्तूपों के आस-पास चैता बनाया जाता था। वहाँ उपासकों के रहने की व्यवस्था होती थी।

प्रश्न 3.
नालन्दा विश्वविद्यालय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।
उत्तर :
नालन्दा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त शासकों ने की। ््वेनसांग के विवरण से पता चलता है कि हर्ष के समय में नालन्दा विश्चविद्यालय शिक्षा का विश्व विख्यात केन्द्र था। इसमें चीन, जापान, कोरिया, तिब्बत, श्रीलंका, वर्मा आदि विभिन्न देशों से विद्यार्थी अध्ययन करने के लिए आते थे। इस विशविद्यालय में लगभग 10,000 छात्र तथा 1500 अध्यापक थे। हर्षवर्द्धन ने 100 गाँव दान में नालन्दा विश्चविद्यालय को दिया था। इसमें छात्रों को रहने के लिए भोजन, वस्त आदि नि:शुल्क था। यहाँ पर विद्यार्थियों को बौद्ध धर्म, वेद, ज्यातिष, आयुर्वेद के अतिरिक्त विज्ञान एवं चिकित्सा की भी शिक्षा दी जाती थी। इसमें प्रवेश पाने के लिए छात्रों को कठिन परिश्रम करना पड़ता था। नालन्दा विश्विव्यालय के आचार्य शीलभद्र थे।

प्रश्न 4.
तक्षशिला महाविहार पर टिप्पणी लिखिए :-
उत्तर :
गाधार महाजनपदं की राजधानी तक्षशिला था। ग्रीक, फ्रांस, कुषाण, शक इत्याद् विदेशी शक्तियों ने समयसमय पर तक्षशिला पर अपना अधिकार कायम किया। इसलिए वहाँ पर विभिन्न देशों के पण्डितों का आना-जाना लगा रहता था। बौद्ध धर्म तक्षाशिला में काफी लोकप्रिय हुआ। धीरे-धीरे शिक्षा केन्द्र के रूप में भी तक्षशिला प्रसिद्ध हो गया।

देश के विभिन्न क्षेत्रों से छात्र तक्षशिला में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाते थे। सोलह से लेकर बीस वर्ष की उम्र तक छात्र वहाँ पर भर्ती हो सकते थे। धर्म और वर्ण नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर ही छात्रों की भर्ती होती थी। लगभग आठ वर्ष तक वहाँ पर पढ़ाई-लिखाई किया करते थे। राजा और व्यापारी इस महाविहार को चलाने के लिए पैसे और जमीन का दान देते थे।
यहाँ की परीक्षा पद्धति बहुत ही सहज थी। ऐसा जाना जाता है कि वहाँ पर लिखित परीक्षा नहीं होती थी। लेकिन पढ़ाई का स्तर काफी उच्च स्तर का था। इस महाविहार के कुछ छात्र जैसे – जीवक, पाणिनी एवं चाणक्य काफी प्रसिद्ध थे।

प्रश्न 5.
विक्रमशिला विश्वविद्यालय पर टिप्पणी लिखिए ।
उत्तर :
विक्रमशिला विश्धविद्यालय की स्थापना पाल वंश के राजा धर्मपाल ने की थी। इस महाविहार में देश-विदेश के प्राय: तीन हजार से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण करते थे। यहाँ 144 अध्यापक मौजूद थे। इनमें अतिश दीपकर, श्रीज्ञान, कल्याण रक्षित, श्रीधर प्रमुख थे। यहाँ बौद्ध-शारत, न्याय-शारू, तर्कशारु, दर्शन-शास्त, व्याकरण, ज्योतिष-शास्त इत्यादि विषयों की शिक्षा दी जाती थी।

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प्रश्न 6.
प्राचीन भारतीय उपमहादेश की साहित्य चर्चा का विवरण दीजिए :-
उत्तर :
भाषा का प्रयोग बातचीत करने के लिए होता है। इतना ही नहीं, लिखने के लिए भी भाषा की जरूरत पड़ती है लेकिन मौखिक और लिखित भाषा में जमीन-आसमान का अंतर है। मौखिक भाषा में आंचलिक क्षेत्र का प्रभाव रहता है, लेकिन लिखित भाषा में इन सबका प्रयोग नहीं होता है। उस समय सभी पढ़कर समझ पाए ऐसी ही भाषा में लिखा जाता है। प्राचीन भारत में मौखिक भाषा और लिखित भाषा अलग-अलग थी।

ऋग्वेद की भाषा छन्द या छन्दस जैसा अनुमान लगाया जाता था। उसी भाषा में सभी बातचीत करते थे। लेकिन धीरे-धीरे भाषा में आंचलिकता का प्रयोग होना शुरू हो गया। जिससे विभिन्न अंचलों की भाषा बनने लगी। इसलिए भाषा और उसके प्रयोग के लिए नियम बनाने की जरूरत है। उसी नियम के कारण ही व्याकरण बना। प्रसिद्ध व्याकरण आचार्य पाणिनी ने ऐसा व्याकरण लिखा जिसका नाम अष्टथ्यायी है। इसमें पाणिनी ने भाषा के विभिन्न नियमोंको बनाया जिसके फलस्वरूप भाषा का संस्कार हुआ। संस्कार होकर जो भाषा बनी उसी का नाम संस्कृत रखा गया।

विभिन्न अंचलों (क्षेत्रो) में एक ही भाषा का विभिन्न प्रकार से उच्चारण होना आरम्भ हुआ। उस भाषा को प्राकृत कहा जाता था। प्राकृत अथवा वास्तव में प्राकृत शब्द कहाँ से आया। इसलिए तो पाणिनी द्वारा संस्कार की गई भाषा से प्राकृत भाषा अलग है। दूसरी ओर छन्दस से तोड़कर पाली भाषा बनी। प्राकृत और पाली भाषा ही साधारण लोगों की मौखिक भाषा बनी। लेकिन ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से पाली और प्राकृत भाषा में लिखना आरम्भ हुआ। जैन (प्राकृत) और बौद्ध (पाली) धर्म का साहित्य भी इसी भाषा में लिखा गया।

प्रश्न 7.
प्राचीन भारतीय उपमहादेश की लिपि के बारे में तुम क्या जानते हो ? संक्षेप में वर्णन करो।
उत्तर :
प्राचीन भारतीय उप्रमहादेश में दो प्रकार की लिपि का प्रचलन था। खरोष्ठी और ब्राह्मी लिपि ।
खरोष्ठी लिपि दायीं ओर से बाँयीं ओर लिखी जाती थी। जबकि ब्राही लिपि बाँयी ओर से दाँयीं ओर लिखी जाती थी। उत्तर भारत में ब्राही लिपि से ही धीरे-धीरे देवनागरी लिपि बनी। धार्मिक कार्यक्रम और देवता के कार्यों के लिए नगर के बाह्मण इस लिपि का प्रयोग करते थे। इसलिए इसका नाम देवनागरी पड़ा। ब्राह्मी लिपि का सबसे अधिक प्रयोग होता था। सम्राट अशोक के शिलालेखों में अधिकांशत: ब्राही लिपि का प्रयोग हुआ है। ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से पहले ही ब्राही लिपि का प्रयोग शुरू हुआ था। धीरे-धीरे ही इस लिपि का नाम बदला।

प्रश्न 8.
पुराण के बारे में संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर :
पुराण शब्द का अर्थ है पुराना। पुराण में बीते हुए दिनों की बातों का उल्लेख रहता है। पुराणों की संख्या अठारह है। लगभग ईसा पूर्व के पंचम अथवा चतुर्थ शताब्दी के पहले ही कुछ पुराणों की रचना हुई थी। बाकी पुराणों की रचना ईसा के द्वितीय से लेकर सप्तम शताब्दी के मध्य हुआ था। इसके अलावा कृषि, पशुपालन, व्यापार, भूगोल, ज्योतिषी इत्यादि बाते भी पुराण में हैं। पुराणों के साथ कहीं-कहीं इतिहास शब्द भी जुड़ा हुआ है। प्राचीन भारत में पुराण और इतिहास में अंतर निर्दिष्ट नहीं था। फलस्वरूप पुराण ऐसी कहानी है, जिसमें कुछ-कुछ इतिहास का उपादान भी मिला हुआ मिलता है।

प्रश्न 9.
चरक और अश्वघोष कौन थे ?
उत्तर :
चरक कनिष्क के दरबार में प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य और अश्वघोष राजकवि एवं नाटककार थे।

प्रश्न 10.
कालिदास कौन थे ?
उत्तर :
कालिदास, चन्द्रुग्त द्वितीय के दरबार के नवरल्नों में एक थे जिन्होंने संस्कृत में अनेक पुस्तकों की रचना की। कालिदास गुप्तकाल के सर्वश्रेष्ठ कवि थे। उनके द्वारा रचित पुस्तकों में मेघदूतम, रहुवंशम्, कुमारसंभवम्, विक्रमावेर्शीयम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम्, मालविकाग्निमित्रम् और ऋतुसंहार आदि हैं। कालिदास काव्य और नाटक दोनों लिखते थे। मेघदूतम्, कुमार सम्भवम् उनके द्वारा लिखित दो प्रसिद्ध काव्य हैं। अभिज्ञान शाकुंतलम, मालविका ग्निमित्रम् इत्यादि उनके प्रसिद्ध नाटक हैं।

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प्रश्न 11.
वाराहमिहिर कौन थे? उसके बारे में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर :
वाराहमिहिर चन्द्रगुप्त द्वितीय के नवरतों में से एक थे जो एक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य थे। उन्होंने वृहत संहिता और पंच सिद्धांतिक नामक पुस्तकों की रचना की। सूर्य सिद्धान्त और पंच सिद्धांतिका पुस्तक में वाराहमिहिर ने पुरानी अवधारणा को काफी बदल दिया था। वर्षा का परिमाण और उसके आगामी लक्षण क्या-क्या हैं.उसे लेकर वे आलोचना किए, वहीं भूकम्प के पहले विभिन्न प्राकृतिक लक्षण विषयक आलोचना भी ‘वाराहमिहिर’ के लेखों में पाया जाता है।

प्रश्न 12.
शुद्रक का मृच्छकटिकम के बारे में क्या जानते हो?
उत्तर :
शुद्रक का मृच्छकटिकम प्राचीन संस्कृत साहित्य का एक प्रसिद्ध नाटक है। मृच्छकटिकम का अर्थ है, मिट्टी से बनी छोटी गाड़ी। मृत मतलब मिट्टी और शकटिका का मतलब छोटा शकट अथवा गाड़ी, यह दोनों मिलकर ही मृच्छकटिकम है। इस नाटक का प्रधान चरित्र चारूदत्त था। उसका पुत्र छोटू रोहसेन के पड़ोसी व्यापारी के पुत्र ने सोने से बनी खिलौने गाड़ी को देखा। इसी प्रकार की खिलौने गाड़ी को लेने की जिद रोहसेन ने की। तब उस समय उसे शांत करने के लिए एक मिट्टी की गाड़ी दी गई, लेकिन इससे भी रोहसेन का जिद और रोना बन्द नहीं हुआ। इस नाटक का दूसरा चरित्र बसंत सेन है। रोहसेन को रोता हुआ देखकर उसे दु:ख हुआ। रोहसेन के खिलौने गाड़ी को बनाने के लिए बसंत सेना ने स्वयं के सोने के गहने को दे दिया। इस नाटक के चरित्र प्राय: साधारण लोग ही हैं।

प्रश्न 13.
हर्षवर्द्धन द्वारा रचित तीन नाटकों के नाम बताइए।
उत्तर :
हर्षवर्द्धन द्वारा रचित तीन नाटक – नागानन्द, रत्नावली और प्रियदर्शिका हैं।

प्रश्न 14.
जीवक एवं आनंद कौन थे?
उत्तर :
जीवक बुद्ध के समयकाल के एक प्रसिद्ध चिकित्सक थे। वे विम्बसार के राजवैद्य थे। उनका जन्म राजगृह में होने के बावजूद उन्होंने तक्षशिला जाकर गुरु आश्रम में शिक्षा प्राप्त की थी। आनंद भगवान बुद्ध के सबसे प्रिय शिष्य थे। भगवान बुद्ध बाद में अपने उपदेशों को आनंद को ही सबसे पहले दिया करते थे और उनसे सम्बन्धित तथ्यों पर विचार विमर्श किया करते थे। आंद के विशेष आग्रह पर ही स्तियों को बौद्ध संघ में शामिल करने पर भगवान बुद्ध राजी हुए।

प्रश्न 15.
लक्ष्मण की शक्ति सेल से क्या समझते हैं?
उत्तर :
रावण के साथ युद्ध में शक्ति सेल अस्त्र के आघात से लक्ष्मण अचेत हो गए थे। विशल्यकरणी (संजीवनी बूटी) एक औषधीय पौधा है। लंका नरेश रावण के मुख्य चिकित्सक सुखेन वैद्य द्वारा बताए गये इस औषधि को ढूँढने के लिए हनुमान गंधमादन पर्वत (द्रोण पर्वत) पर गए लेकिन विशल्यकरणी पौधा को न पहचान पाने के कारण हनुमानजी पूरा गंधमादन पर्वत को ही उठाकर ले आये। विशल्यकरणी (संज़ीवनी बूटी) का रसपान करने से लक्ष्मण होश में आए। विशल्यकरणी (संजीवनी बूटी) की बातों का मतलब है विशेष रूप से शल्यकरण के बाद जो औषधि लगायी जाती है।

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प्रश्न 16.
साहित्य की नीति शिक्षा क्या है?
उत्तर :
सही-गलत पर विचार करने के लिए प्राचीन काल में एक प्रकार की पुस्तक लिखी जाती थी। उन पुस्तकों में मनुष्य और विभिन्न पशु-पक्षियों का चरित्र-चित्रण रहता था। उनकी बातचीत के जरिए ही कहानी बनती थी। विभित्र घटनाओं में कैसा आचारण करना उचित है, वही कहानी की बातें होती थी। इसलिए इस प्रकार की कहानी पुस्तकों को नीतिशिक्षा का संकलन ही कहा जा सकता है।

प्रश्न 17.
सुश्रुत संहिता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर :
सुभ्रुत संहिता में कहा गया है कि दक्ष कारीगर के साथ चिकित्सकों को विचार-विमर्श करना होगा। प्रयोजनीय यंत्र कैसा होगा, उसे कारीगर को समझा देना होगा। उसी के अनुसार कारीगर यंत्र तैयार कर देंगे। धातु और कीमती पत्थर का विचार और परख करना भी विज्ञान का अंश समझा जाता था। खनिज और पत्थर विषय पर चर्चा भी विज्ञान के अन्तर्गत आता था। विभिन्न प्रकार के धातु को मिलाने एवं अलग करने पर चर्चा होती थी।

प्रश्न 18.
सुश्रुत संहिता में कारीगरों के विषय में क्या वर्णन है?
उत्तर :
सुश्रुत संहिता में कारीगरों एवं हाथ के कार्यों की प्रशंसा की गई है। कहा जाता है कि हाथ हीं प्रधान यंत्र है। लेकिन धर्मशास्त में कारीगरी के कार्य को छोटा दिखाया गया है जिसके फलस्वरूप धीरे-धीरे शिल्प चर्चा, विज्ञान चर्चा से अलग हो गया। लेकिन स्थापत्य बनाने का कारीगरी शिल्प भी नष्ट नहीं हुआ। धार्मिक आवश्यकता की पूर्ति के लिए अधिकांशतः स्थापत्य बनाया जाता था। फलस्वरूप वे मंदिर और मठ थे। उत्तर और दक्षिण भारत में इसी प्रकार के स्थापत्य का निर्माण हुआ था।

प्रश्न 19.
चंद्रकेतुगढ़ के बारे में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर :
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिला के बेड़ाचापा में प्राचीन बंगाल के प्राचीन स्थल चन्द्रकेतुगढ़ का ध्वंसावशेष पाया गया है। चन्द्रकेतुगढ़ विद्याधरी नदी के जरिए गंगा के साथ जुड़ा हुआ था। यह एक व्यापार का केन्द्र था, वहीं दूसरी ओर समृद्ध जनपद भी था। यहाँ पर मौर्य के समय के पहले से ही (अनुमानिक ईसा पूर्व600-700 ई० पूर्व ईसवीं तक) पाल सेन के समय तक (अनुमानिक 750-1250 ईसा के बाद तक) के विभिन्न पुरातत्व को उदाहरण पाया गया है। जैसे विभिन्न प्रकार की मिट्टी के बर्तन, सीलमोहर, मूर्ति इत्यादि। यहाँ पर टेराकोटा अथवा जली हुई मिट्टी से बनी मूर्ति पायी गयी जिनमें नारी मूर्ति की संख्या ज्यादा है।

प्रश्न 20.
गुप्त युग और पल्लव युग में मंदिरों के निर्माण का वर्णन कीजिए ।
उत्तर :
स्तूप और चैता बनाना गुप्त काल में ही आरम्भ हो गया था। सारनाथ का धामेक स्तूप पहले ईंट से बनाया गया था। इस काल में उसके ऊपर पत्थर का आस्तरण दिया गया है। गुप्त काल में प्रथम स्थापत्य के रूप में मंदिर बनाना आरम्भ हुआ। मंदिर कभी ईंट तो कभी पत्थर से बनाया जाता था। इस काल के मंदिरों में देवघर का दशावतार मंदिर प्रसिद्ध है साथ ही साथ पहाड़ और पत्थर काट कर मंदिर बनाने का प्रचलन था। पल्लव के शासन काल में महाबलीपुरम पत्थर को काट कर रथ जैसा दिखने वाला मंदिर बनाया गया था। गुप्त काल में कला के साथ धर्म का सम्बन्ध काफी स्पष्ट था।

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 8 प्राचीन भारतीय उपमहादेश की संस्कृति 1

गुप्त युग और पल्लव युग के मंदिरों की दीवारों पर विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्ति खुदाई की गई थी। जैसे कैलाश मंदिर में रामायण का पैनल, दशावतार मंदिर का भाष्कर्य। गुप्त युग में चित्र कला का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण मध्य भारत की अजंता गुफा के चित्र हैं। विभिन्न पेड़-पौधे और मनुष्य के चित्र वहाँ पर हैं। विभिन्न प्रकार के चित्र अजंता की गुफा में देखने को मिलते हैं। अजंता के अलावा एलोरा एवं बाघ गुफा में भी कुछ चित्र पाये गये हैं।

प्रश्न 21.
सुंग-कुषाण-सातवाहन युग की कला चर्चा के विषय में संक्षेप में उल्लेख करो।
उत्तर :
सुंग, कुषाण और सातवाहन के समय साधारण जीवन का प्रभाव कला के ऊपर पड़ा था। लेकिन धार्मिक ध्यान-सोच विचार के साथ भी कला का सम्पर्क था। इस समय धार्मिक स्थापत्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उदाहरण स्तूप, चैता और विहार था। प्रधानतः बौद्ध धर्म की चर्चा के साथ ही यह स्थापत्य शिल्प जुड़ा हुआ है। लेकिन जैन धर्म में स्तूप बनाने का उदाहरण है। ब्राह्मण धर्म के स्थापत्य का उदाहरण इस युग में काफी सामान्य था।

सुंग – कुषाण युग के अधिकांश क्षेत्र में भास्कर्य का विषय बुद्ध का जीवन और बौद्ध धर्म था। इस युग में शिल्पों का राज दरबार में प्रत्यक्ष प्रभाव देखने को नहीं मिला। इसलिए प्रकृति एवं रोज़मर्रा के जीवन के विभिन्न पहलू के रूप में भास्कर्य शिल्प बना था। तोरण के भास्कर्य में अधिकांश समय एक ही प्रकार की कहानी कही गयी है।
सुंग – कुषाण युग में गान्धार और मथुरा की शिल्प नीति का बहुत नाम था। बुद्ध का जीवन और बौद्ध-धर्म इन दोनों शिल्पकार का विषय था। गान्धार के भास्कर्य में प्रधानता ग्रीक और रोमन का प्रभाव देखा जाता था। मथुरा रीति भास्कर्य लाल चूना पत्थर का अधिक व्यवहार होता था।

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प्रश्न 22.
गांधार कला पर टिप्पणी लिखिए ।
उत्तर :
गांधार कला पर यूनानी कला का अत्यधिक प्रभाव है। इसलिए गांधार कला को इण्डो-यूनानी कला भी कहा जाता है। गांधार कला के विकास का काल 50 ईं० पू० से 500 ई० तक माना जाता है। मूर्ति कला की गांधार शैली का विकास कनिष्क के समय से प्रारम्भ हुआ था। मथुरा एवं सारनाथ में कनिष्क ने कई सुन्दर भवन तथा मूर्तियों का निर्माण करवाया था। राजधानी पुरुषपुर में स्तम्भ और कनिष्कपुर में एक नगर बसाया था। उसके समय में यूनानी एवं भारतीय शिल्प कला के मेल से उत्पन्न कला गांधार क्षेत्र में ही विकसित होने के कारण उसे गांधार कला कहा गया। भगवान बुद्ध तथा कई राज़ाओं की मूर्तियाँ बनाने में गांधार शैली का प्रयोग किया गया है।

प्रश्न 23.
रामायण और महाभारत पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। –
उत्तर :
रामायण : राम को लेकर प्राचीन महाकाव्य लिखा गया था। इसलिए उसका नाम रामायण पड़ा। इसकी रचना संस्कृत भाषा में महार्षि वाल्मीकि के आदर्श जीवन चरित्र का वृतांत् है। कुछ इतिहासकारों का विचार है कि यह पुस्तक 400 ई० पू० से 200 ई० पू० के बीच लिखी गई है। रामायण में कुल 24 हजार श्लोक हैं। पूरा महाकाव्य सात काण्ड (भाग) में बाँटा हुआ है। इनमें से प्रथम और सातवें काण्ड सम्भवतः वाल्मीकि द्वारा नहीं लिखा गया है। इन दोनों काण्डों को रामायण में बाद में जोड़ा गया था।
रामायण के प्रमुख चरित्र राम, सीता और रावण हैं। राम-रावण के युद्ध की घटना ही रामायण की मूल कहानी है।

महाभारत : महाभारत की रचना संस्कृत भाषा में महर्षि वेद व्यास ने की थी। इस महाकाव्य में 18 अध्याय हैं और 100,000 श्लोक हैं। सम्भव है आरम्भ में यह ग्रन्थ इतना बड़ा न हो और बहुत से श्लोक बाद में जोड़े गये हों। इतिहासकारों के अनुसार यह पुस्तक 400 ई० पू॰ से 400 ई० के बीच लिखी गई होगी। महाभारत की चर्चा करने से वेद चर्चा की भाँति ही सफलता मिलेगी ऐसा अनुमान लगाया जाता था। इसलिए महाभारत को पंचम्वेद भी कहा जाता है।

महाभारत का मूल विषय कौरव और पाण्डव का युद्ध है। उसके साथ ही साथ भूगोल, विज्ञान, राजनीति, अर्थनीति एवं समाज से सम्बन्धित अनेक विषयों के बारे में भी कहा गया है।

प्रश्न 24.
भास्कर्य किसे कहा जाता है ?
उत्तर :
मौर्यकाल में बने स्तम्भों को मूलत: भास्कर्य कहा जाता है। स्तम्भ के एकदम ऊपर एक प्राणी की मूर्ति बैठायी जाती थी। सिंह, हाथी, साँढ़ इत्यादि प्राणी की मूर्ति इन क्षेत्रों में प्रयोग होता था। इस प्रकार के पत्थर का स्तम्भ मौर्य युग के पहले नहीं देखा गंया। ऐसा ही एक प्रसिद्ध अशोक स्तम्भ सारानाथ में है, जो आज भारत सरकार का प्रतीक चिह्न है।

प्रश्न 25.
प्राचीन भारतीय उपमहादेश में विभिन्न भाषाओं की उत्पत्ति कैसे हुई ?
उत्तर :
बातचीत करने के लिए भाषा का प्रयोग होता है। इतना ही नहीं लिखने के लिए भाषा की जरूरत पड़ती है। लेकिन मौखिक और लिखित भाषा में जमीन आसमान का अंतर होता है। मौखिक भाषा में आंचलिक क्षेत्र का प्रभाव रहता है, लेकिन लिखित भाषा में सबका प्रयोग नहीं होता है। प्राचीन भारत में मौखिक भाषा और लिखित भाषा अलग थी। ॠग्वेद की भाषा छंद अथवा छंदस था। इसी भाषा में सभी बातचीत करते थे, लेकिन धीर-धीरे भाषा में आंचलिकता का प्रयोग बढ़ना शुरू हो गया, जिससे विभिन्न अंचलों की भाषा बनने लगी। इसलिए भाषा और उसके प्रयोग के लिए नियम बनाने की जरूरत पड़ी। उसी नियम के कारण ही व्याकरण बना। प्रसिद्ध व्याकरण आचार्य पाणिनि ने ऐसा ही व्याकरण लिखा, जिसका नाम अष्टध्यायी था। इसमें पाणिनि ने भाषा के विभिन्न नियम को बनाया, जिसके फलस्वरूप भाषा का परिमार्जन हुआ। परिमार्जन होकर जो भाषा बनी उसी का नाम संस्कृत रखा गया।

विभिन्न क्षेत्रों में एक भाषा का विभिन्न प्रकार से उच्चारण होना आरंभ हुआ। उस भाषा को प्राकृत कहा जाता था। प्राकृत शब्द कहाँ से आया? इसलिए तो पाणिनि द्वारा संस्कार की गई भाषा से प्राकृत भाषा अलग है। दूसरी ओर छंदस से तोड़कर-तोड़कर पाली भाषा बनी। प्रकृत और पाली भाषा ही साधारण लोगों की मौखिक भाषा बनी। लेकिन ईसा पूर्व षष्ठ शताब्दी से पालि और प्रकृत भाषा में लिखना आरंभ हुआ। जैन (प्राकृत) और बौद्ध (पाली) धर्म का साहित्य भी इसी भाषा में लिया गया है।

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प्रश्न 26.
प्राचीन भारतीय उपमहादेश में ज्ञान-विज्ञान की स्थिति का संक्षिप्त वर्णन करो।
उत्तर :
विज्ञान का तात्पर्य है किसी विशेष विषय के प्रति ज्ञान अर्जन करना। विज्ञान में विभिन्न प्रकार के कुछ ज्ञान रोजमर्रा के जीवन में प्रयोग करने की आवश्यकता होती है।

परवर्ती वैदिक और बौद्ध साहित्य में विभित्र औषधि और शल्य चिकित्सा की बातें हैं। चरक साहित्य में प्रायः सात सौ औषधि पेड़-पौधों के बारे में जानकारी मिलती है। इस पुस्तक में रोग के विभिन्न पहलू को लेकर आलोचना की गई है। एक आदर्श अस्पताल कैसा होना चाहिए, उसका विवरण भी चरक संहिता में मिलता है। हड्डी टूट जाने पर अथवा नाक, कान इत्यादि कट जाने पर उसे जोड़ने एवं ठीक करने के कार्य में शल्य चिकित्सक काफी निपुण थे। इस विद्या में शुश्रुत काफी प्रसिद्ध थे।

जाति भेद की प्रथा कठोर होने के कारण चिकित्सा-विज्ञान की चर्चा में समस्या उत्पन्न हुई थी। रोग को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के खाद्यों के बारे में कहा गया, लेकिन वे सारे खाद्यों में अधिकांशतः धर्मशास्त सैजा ही खाने पर प्रतिबंध था। फलस्वरूप धर्मशास़ के साथ चिकित्सा विज्ञान का विभिन्न समय पर विरोध होता रहता था। शुश्रुत संहिता के चिकित्सा विज्ञान का महत्वपूर्ण भाग शववाल्वच्छेद अथवा मरे हुए को काटना। धर्मशास्त के मतानुसार शव अथवा मृत शरीर को छूना निषेध था। फलस्वरूप मरे हुए को काटना निषेध होने के कारण शरीरविद्या और शल्य चिकित्सा की चर्चा धीरे-धीरे कम होती गई। वाणभट्ट के बाद से शल्यचिकित्सा के संबंध में वैसा उत्साह नहीं था। इसके अलावा चिकित्सक रोगियों में किसी प्रकार का भेद-भाव अर्थात् कौन ब्राह्मण हैं या शूद्र है वे इसे नहीं मानते थे। फलस्वरूप प्रचलित वर्णाश्रम प्रथा के साथ चिकित्सा विधा में विरोध शुरू हुआ।

प्राचीन भारत में ज्योतिष विज्ञान, गणित और ज्योतिष चर्चा काफी दिनों से एक साथ चल रहां था। जैन और बौद्ध भी गणित चर्चा करते थे। उनके धर्म ग्रंथ से इस विषय पर आलोचना मिलती हैं। अंक गणित, बीजगणित और ज्यामिति को मिलाकर बौद्ध ने गणित विज्ञान को बनाया था। जैन उसे संख्यायान कहते हैं। उस समय की शिक्षा में गणित का स्थान सबसे प्रमुख था। महांवीर और गौतम बुद्ध दोनों ही गणित की चर्चा की थी। ईसा के प्रथम शताब्दी में बौद्ध पण्डित नागार्जुन एक प्रसिद्ध गणितविद् थे।

गुप्त युग में ज्योतिष विज्ञान और गणित में काफी उन्नति हुई थी। लेकिन गुप्त युग में ज्योतिष विज्ञान में अधिकांशत: ज्योतिषचर्चा के कार्य में प्रयोग होता था। आर्यभट्ट ने गणित को एक अलग चर्चा का विषय बनाया था। आर्यभट्टीय पुस्तक में गणित समय और ग्रह-नक्षत्र विषय को लेकर आर्यभट्ट ने आलोचना की है। उस पुस्तक में सर्वप्रथम संख्या के हिसाब से शून्य का प्रयोग उन्होंने किया। उस चर्चा से ही दशमलव की धारणा का आरंभ हुआ था। आर्यभट्ट ने कहा था पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने के फलस्वरूप ही चंद्रग्रहण होता है।

आर्यभट्ट के बाद वाराहमिहिर ज्योतिष विज्ञान के प्रसिद्ध वैज्ञानिक हुए। सूर्य सिद्धांत और पंच सिद्धांति की पुस्तक में वराहममिहिर ने पुरानी अवधारपणा को काफी बदल दिया। वर्षा का परिमाण और उसके आगामी लक्षण क्या-क्या हैं, उसे लेकर वे आलोचना किए। भूकंप के पहले विभिन्न प्राकृतिक लक्षण विषयक आलोचना भी वाराहमिहिर के लेखों में पाया जाता है।

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प्रश्न 27.
मौर्य युग एवं गुप्त वंश की शिल्पकला के सम्बन्ध में क्या जानते हो?
उत्तर :
मौर्य काल में भारतीय शिल्प कला काफी उन्नत दशा में थी। प्रशासनिक सुधार के कारण शिल्पों में छोटे-छोटे उद्योगों का रूप ले लिया था। राज-शिल्पी राज्य के लिये धातुओं, लकड़ियों तथा पत्थरों से विविध वस्तुओं का निर्माण करते थे। जहाज बनाने, कवच तथा आयुधों का निर्माण करने, खेती के औजार बनाने जैसे शिल्पों की प्रमुखता थी तथा जंगलों से प्राप्त धातुओं और लकड़ियों से राज्य अनेक उद्योग संचालित करता था जिनमें शिल्पी अध्यक्षों के निरीक्षण में कार्य करते थे। मौर्य युग का प्रधान उद्योग वस्त उद्योग था। मेगास्थनीज ने सोना, चाँदी, ताँबा, लोहा आदि के प्रयोग द्वारा चलाये जाने वाले उद्योगों के अतिरिक्त हाथी दाँत, मिट्टी तथा चमड़े के शिल्पियों की चर्चा भी की है।

पत्थर तराशने का शिल्प तो अति विकसित अवस्था में था। अशोककाल में एक ही पत्थर के बने स्तंभ इसके प्रमाण हैं। सारनाथ का सिंह स्तंभ तथा बाबर की गुफाओं की चमक अपूर्व है। मौर्य काल के शिल्प की उत्कृष्टता उस काल में बने स्तूपों, विहारों, मठों, लाटों, स्तंभों तथा इमारतों को देखने से ही ज्ञात होती है। राज प्रासाद को सात सौ वर्ष बाद देखने वाले फाह्यान को विश्वास ही नहीं हुआ कि वह मानव द्वारा निर्मित है। साँची और भरहुत के स्तूप, साँची, प्रयाग, सारनाथ और नंदनगढ़ की लाटें, बराबर और नागार्जुनी पहाड़ियों के गुहागृह, अशोक द्वारा निर्मित पत्थर के स्तभ मौर्य-शिल्प के श्रेष्ठ नमूने हैं। शुंग राजाओं ने लकड़ी के स्थान पर पत्थर द्वारा भवन निर्माण आरंभ किया। भोज का मठ, काली का बौद्ध मंदिर, नासिक और खंडगिरि की गुफाएँ उस काल की श्रेष्ठ रचनाएँ हैं। अमरावती का बौद्ध विहार सातवाहन राजवंश की देन है।

गुप्तवंशीय शासनकाल को उसकी सांस्कृतिक उपलब्धियों के कारण स्वर्णयुग कहा गया। इस युग में कला-शिल्पियों ने अपनी प्रतिभा के चरम विकास का परिचय दिया। वास्तु शिल्प, चित्र शिल्प तथा मूर्ति शिल्प के उत्कृष्ट्ट उदाहरण आज भी हमें उस काल की रचनाओं तथा सारनाथ के स्तूपों, अजंता-एलोरा की गुफाओं, प्रयाग-स्तंभ, मेहरौली के लौहस्तंभ, देवगढ़ के दशावतार मंदिर तथा उस काल में निर्गित देवी-देवताओं की मूर्तियों में प्राप्त होते हैं। गुप्तोत्तर काल में शिल्प के अंतर्गत वस्र निर्माण से लेकर धातु, हाथी दाँत, लकड़ी, मिट्टी तथा चमड़े के विभिन्न उद्योग आदि सम्मिलित हैं।

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. ________ के रामायण में __________ को बड़ा दिखाया गया है।
उत्तर : कम्बन, राम

2. वाणभट्ट एक __________ थे।
उत्तर : चिकित्सक/वैद्य

3. कुषाण के समय __________ शिल्प का विकास हुआ था।
उत्तर : गांधार

4. पंचतंत्र के रचयिता __________ हैं।
उत्तर : विण्णु शर्मा

5. कालिदास __________ एवं __________ दोनों लिखते थे।
उत्तर : काव्य, नाट्य

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6. चरक शब्द का अर्थ __________ है।
उत्तर : घूमनेवाला

7. नागार्जुन एक __________ थे।
उत्तर : गणितविद्

8. वराहमिहिर __________ थे।
उत्तर : प्रसिद्ध ज्योतिष थे।

9. पुराण शब्द का अर्थ __________ है।
उत्तर : वेद

10. रामायण महाकाव्य __________ में बँटा हुआ है।
उत्तर : सात भाग

बेमेल शब्दों को ढूंढकर लिखिए :-

  1. नालन्दा, तक्षशिला, बल्लभी, पाटलिपुत्र।
  2. ब्राह्मी, संस्कृत, खरोष्टी, देवनागरी।
  3. रत्नावली, मृच्छकटिकम, अर्थशास्त, अभिज्ञान शाकुन्तलम।
  4. संस्कृत, अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति।
  5. काव्य, व्याकरण, ज्योतिष, व्यवसाय।
  6. भरहुत, मगध, साँची, अमरावती।
  7. मेघदूतम, कुमारसम्भवम, अभिज्ञान शांकुतलम, अर्थ शार्ब।
  8. नागान्द, रत्नावली, प्रियदर्शिका, दशकुमार चरित।
  9. महाभारत, जयकाव्य, पंचमवेद, सर्ग।
  10. पाटलिपुत्र, कब्नौज, मिथिला, मालदा।

उत्तर :

  1. बल्लभी
  2. संस्कृत
  3. अर्थशास्त
  4. संस्कृत
  5. व्यवसाय
  6. मगध
  7. अर्थशास्ब
  8. दशकुमार चरित
  9. सर्ग
  10. मालदा।

नीचे दिए गए वाक्यों में कौन सही एवं कौन गलत है उसे लिखिए :-

1. नालन्दा महाविहार में केवल ब्राह्मण छात्र ही पढ़ सकता था।
उत्तर : गलत

2. कम्बन के रामायमण में राम को बड़ा दिखाया गया है।
उत्तर : सही।

3. वाणभट्ट एक चिकित्सक थे।
उत्तर : सही।

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4. कुषाण के समय ही गांधार कला का विकास हुआ था।
उत्तर : सही।

5. ‘पुराण’ शब्द का अर्थ है ज्ञान।
उत्तर : गलत

6. जीवक ने गौतम बुद्ध का कई बार उपचार किया था।
उत्तर : गलत

7. महाभारत महाकाव्य अठारह सर्गों में बँटा हुआ है।
उत्तर : सही।

8. भाषा और उसके प्रयोग के लिए जो नियम थे उसे व्याकरण कहा जाता है।
उत्तर : सही।

9. रामायण महाकाव्य काण्ड छ: (भाग) में बँटा हुआ है।
उत्तर : गलत

10. अजंता को गुफा गुप्तकाल के शिल्प के उदाहरण नहीं है।
उत्तर : गलत

11. ‘चरक’ शब्द का अर्थ है जो घूमते रहते हैं।
उत्तर : सही।

12. वाराहमिहिर ज्योतिष विज्ञान के प्रसिद्ध ज्योतिष थे।
उत्तर : सही।

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13. पंचतंत्र एक रसिक परक कहानी है।.
उत्तर : गलत

14. स्तूप के चारों ओर के दरवाजे को ‘तोरण’ कहते हैं।
उत्तर : सही।

15. नागार्जुन एक प्रसिद्ध गणितज्ञ थे।
उत्तर : सही।

16. रामायण महाकाव्य को सोलह सर्गों में बाँटा गया है
उत्तर : गलत

17. वाराहमिहिर एक प्रसिद्ध शतरंज के खिलाड़ी थे।
उत्तर : गलत

18. भाषा प्रयोग के लिए जो नियम बनाए गए हैं वही व्याकरण है
उत्तर : सही।

19. वाणभट्ट एक प्रसिद्ध ज्योतिष थे।
उत्तर : गलत

20. कम्बन के रामायण में ‘सीता’ को बड़ा दिखाया गया है।
उत्तर : गलत

21. अजंता की गुफा शिल्पकाल के उदाहरण हैं।
उत्तर : सही।

22. कृषि कार्य एवं बस्ती के बढ़ाने हेतु जगल की कटाई होती है।
उत्तर : सही।

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23. नालंदा विश्वविद्यालय में केवल मात्र छात्र ही पढ़ सकते हैं।
उत्तर : गलत

24. ‘चरक संहिता’ में प्राचीन काल के औरधि एवं औषधीय पोधों आदि का विवरण मिलता है।
उत्तर : सही।

सही मिलान करो Match the following : (1 Mark)

प्रश्न 1.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) महाबलौपुरम (क) कुषाण युग
(ii) गांधार शिल्प कला (ख) नागार्जुन
(iii) गणितविद् (ग) तमिल महाकाव्य
(iv) मनिमेखलाई (घ) गुफा का चित्र
(v) अजंता (ङ) रथ जैसा मंदिर

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) महाबलौपुरम (ङ) रथ जैसा मंदिर
(ii) गांधार शिल्प कला (क) कुषाण युग
(iii) गणितविद् (ख) नागार्जुन
(iv) मनिमेखलाई (ग) तमिल महाकाव्य
(v) अजंता (घ) गुफा का चित्र

प्रश्न 2.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) मृच्छकटिकम (क) हर्षवर्द्धन
(ii) रत्नावली (ख) मिट्टी से बनी छोटी गाड़ी
(iii) तक्षशिला (ग) महिला उपाध्याय
(iv) वैश्य (घ) गांधार महाजनपद की राजधानी
(v) उपाध्यायी (ङ) व्यापार करने वाला

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) मृच्छकटिकम (ख) मिट्टी से बनी छोटी गाड़ी
(ii) रत्नावली (क) हर्षवर्द्धन
(iii) तक्षशिला (घ) गांधार महाजनपद की राजधानी
(iv) वैश्य (ङ) व्यापार करने वाला
(v) उपाध्यायी (ग) महिला उपाध्याय

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प्रश्न 3.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) रामायण (क) तोरण
(ii) महाभारत (ख) काव्य एवं नाटक दोनों के लेख
(iii) स्तूप एवं चैता निर्माण प्रारंभ (ग) विहार
(iv) नागार्जुन (घ) प्राचीनकाल के वैद्य
(v) चरक (ङ) पंचतंत्र
(vi) घूमनेवाला (च) चरक
(vii) नालंदा विश्वविद्यालय (छ) गणितविद्
(viii) नीति परक कहानी का संकलन (ज) गुप्तकाल
(ix) कालिदास (झ) अठारह सर्ग
(x) स्तूप के चारों ओर का दरवाजा (স) छः काण्ड

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) रामायण (স) छः काण्ड
(ii) महाभारत (झ) अठारह सर्ग
(iii) स्तूप एवं चैता निर्माण प्रारंभ (ज) गुप्तकाल
(iv) नागार्जुन (छ) गणितविद्
(v) चरक (घ) प्राचीनकाल के वैद्य
(vi) घूमनेवाला (च) चरक
(vii) नालंदा विश्वविद्यालय (ग) विहार
(viii) नीति परक कहानी का संकलन (ङ) पंचतंत्र
(ix) कालिदास (ख) काव्य एवं नाटक दोनों के लेख
(x) स्तूप के चारों ओर का दरवाजा (क) तोरण

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 3 मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 Science Book Solutions Chapter 3 मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Science Chapter 3 Question Answer – मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
पदार्थ की कितनी अवस्थाएँ हैं?
उत्तर :
तीन – ठोस, द्रव्य, गैस ।

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प्रश्न 2.
चोट करने पर धातु से कैसी आवाज आती है ?
उत्तर :
टंग।

प्रश्न 3.
कुछ धातुओं के नाम लिखें।
उत्तर :
लोहा, ताँबा, चाँदी, अल्युमीनियम ।

प्रश्न 4.
कुछ अधातुओं के नाम लिखें।
उत्तर :
क्लोरिन, फ्लोरिन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन ।

प्रश्न 5.
कौन अधातु के बावजूद ताप का सुपरिवाही है?
उत्तर :
हीरा

प्रश्न 6.
मिश्र पदार्थ के उदाहरण बताओ।
उत्तर :
दूध, पेंट, शहद ।

प्रश्न 7.
यौगिक पदार्थ का उदाहरण है-
उत्तर :
अमोनिया, नौसादर, कार्बन-डाई-ऑक्साइ।

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प्रश्न 8.
यौगिक के गुण उसके उपादान के समान कैसे होते हैं?
उत्तर :
भिन्न

प्रश्न 9.
परमाणु किसे कहते हैं?
उत्तर :
मूलक वे क्षुद्रतम कण जिसमें मौलिक के सारे गुण मौजूद हैं उसे परमाणु कहते हैं।

प्रश्न 10.
अणु किसे कहते हैं?
उत्तर :
दो या दो से अधिक परमाणु अपने सहयोग से अणु बनाते हैं। अणु में पदार्थ के सभी गुण होते हैं।

प्रश्न 11.
मौलिक पदार्थ किसे कहते हैं?
उत्तर :
एक तरह के पदार्थ आपस में मिलकर मौलिक पदार्थ कहलाते हैं। जैसे – लोहा, चाँदी

प्रश्न 12.
यौगिक या योग क्या है?
उत्तर :
दो या दो से अधिक पदार्थ के परमाणु से जो रासायनिक विकल्प तैयार होता है उसे यौगिक कहते हैं। जैसे CO2, NH3

प्रश्न 13.
सरल अणु किसे कहते हैं?
उत्तर :
एक पदार्थ के दो या अधिक परमाणु जोड़कर अणु बनाते हैं उसे सरल अणु कहते हैं।
(H)(H),(O)(O)

प्रश्न 14.
योग अणु किसे कहते हैं?
उत्तर :
जब दो पदार्थ के परमाणु संयोग कर यौगिक अणु बनाते हैं तो उसे योग अणु कहते हैं
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प्रश्न 15.
चिह्न किसे कहते हैं? इसका महत्व क्या है?
उत्तर :
मौलिकों के अंग्रेजी नाम के प्रथम अक्षर को लेकर मौलिक चिह्न बनाया जाता है। महत्व –

  • तत्व का नाम पता चलता है
  • परमाणु भार ज्ञात होता है
  • तत्व के परमाणु की संख्या ज्ञात होती है

प्रश्न 16.
संकेत किसे कहते हैं ? इसका क्या महत्व है?
उत्तर :
किसी भी पदार्थ के अणु या यौगिक अणुओं को जिस प्रकार लिखा जाता है उसे संकेत कहते हैं। जैसेहाइड्रोजन के अणु को H2 से लिखा जाता है। हाइड्रोजन के अणु में 2 हाइड्रोजन परमाणु हैं।

प्रश्न 17.
तालाब में मछलियाँ कैसे साँस लेती हैं?
उत्तर :
तरल पदार्थ में गैस घोलकर द्रवण तैयार किया जाता है। तालाब के पानी में ऑक्सीजन घुली रहती है, इसी कारण मछली और जल में रहने वाले अन्य प्राणी जिंदा रहते हैं।

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प्रश्न 18.
क्षरण, द्रावक तथा द्रवण क्या है?
उत्तर :
क्षरण :- द्रवण बनाने के लिए जिस पदार्थ को घोला जाता है उसे क्षरण कहते हैं।
द्रावक :- जिस तरल में क्षरण को घोला जाता है उसे द्रावक कहते हैं।
द्रावण :- क्षरण, जिस द्रावक में घुलकर मिश्रण तैयार करता है उसे द्रवण कहते हैं।
जैसे :- चीनी के शर्बत में चीनी क्षरण है, पानी द्रावक है तथा चीनी का शर्बत द्रवण है।

प्रश्न 19.
संपृक्त किसे कहते हैं?
उत्तर :
सम्पृक्त कागज का बना चलनी होता है जिससे ठोस पदार्थ के द्रव से अलग किया जाता है। सम्पृक्त में जमा होने वाला ठोस अवशेष कहलाता है तथा तरल नीचे बीकर में जमा होता है जिसे परिश्रुत कहते हैं। कीचड़युक्त जल से कीचड़ तथा जल को अलग संपृक्त द्वारा किया जाता है।

प्रश्न 20.
केलास तथा केलासन क्या है?
उत्तर :
केलास निर्दिष्ट ज्यामीतिय आकार वाले ठोस रासायनिक पदार्थ होते हैं। भिन्न-भिन्न रवेदारों की आकृति भिन्नभिन्न होती है। जैसे – तुतिया, फिटकरी, फेरस।

प्रश्न 21.
केलासन किसे कहते हैं?
उत्तर :
जिस पद्धति द्वारा केलास तैयार किया जाता है उसे विधिका केलासन कहते हैं। नमक के घोल से नमक को केलासन विधि द्वारा पृथक किया जाता है।

विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न (Descriptive Type) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
नीचे दी गयी तालिका को पूरा करो :
उत्तर :

कैसी चीजें उसका नाम
i) चोट करने पर टंग करके शब्द होता है या पतले पात में बदलती है धातु
ii) चोट करने पर किसी भी प्रकार का टंग शब्द नहीं होता, चूर्ण हो जाती है। अधातु

प्रश्न 2.
i) दो तांबें के तार के टुकड़े, दो छोटी कीलें, एक बैटरी और एक होल्डर-सह बल्ब लो। चित्र के अनुसार इनको आपस में जोड़ो। जो दिखलाई पड़ता है उसे लिखो।
ii) अब एक कील को निकाल लो और उस स्थान पर लम्बे काठ के कोयले के टुकड़े को लगाओ जैसे नीचे बने चित्र में दिखलाया गया है। पहले जो दिखलाई पड़ा और अब जो दिखलाई दे रहा है। इस विषय में जानकर तालिका को पूरा करो।
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उत्तर :
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 3 मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ 3

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प्रश्न 3.
एक स्टील के चम्मच को एक तरफ से जलती हुई मोमबत्ती के ऊपर कुछ समय तक रखने के बाद क्या अनुभूति हुई। नीचे की तालिका में लिखो।
इसी तरह हैंडल में लगी प्लास्टिक वाली एक स्टील के चम्मच को जलती हुई मोमबत्ती के ऊपर रखने से तुम्हें क्या एक जैसी ही अनुभूति होती है।
उत्तर :
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प्रश्न 4.
धातु का क्या गुण है?
उत्तर :
धातु के निम्नलिखित गुण होते हैं :

  • धातु पर प्रकाश पड़ने पर वे चमकते हैं।
  • धातु में विशेष प्रकार की टंग जैसी आवाज होती है।
  • इसमें उष्मा का गमन एक हिस्सा से दूसरे हिस्से में होता है।
  • इसे आसानी से टेढ़ा किया जा सकता है।
  • इसे पीटकर चपटा तथा लम्बा किया जा सकता है।

प्रश्न 5.
ऑक्सीजन का क्या उपयोग है?
उत्तर :

  • ऑक्सीजन श्वांस क्रिया में सहायक होती है।
  • किसी वस्तु को जलाने में सहायता करती है।
  • कृत्रिम ऑक्सीजन के रूप में व्यवहार होती है।
  • ऑक्सीजन एसिटिलिन फ्लेम वेल्डिंग में व्यवहार होता है।
  • पर्वतारोही ऊँचाई पर चढ़ने के लिए ऑक्सीजन सिलिन्डर का व्यवहार करते हैं।

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प्रश्न 6.
एक मोमबत्ती जलाओ और उसको काँच के बर्तन से ढंक दो –
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उत्तर :

क्या देखा ऐसा क्यों हुआ? सोचो
i) पहले ग्लास की
मोमबत्ती जलती है।
जब तक मोमबत्ती को ऑक्सिजन मिलती है तब तक वह जल रही थी।
ii) दूसरे ग्लास की
मोमबत्ती बुझ गयी।
जैसे ही ऑक्सीजम की कमी हुई मोमबत्ती का जलना बन्द हो गया, यानी बुझ गयी।

प्रश्न 7.
हाइड्रोजन, ऑक्सीजन तथा जल के गुण में क्या अन्तर है?
उत्तर :

हाइड्रोजन का गुण ऑक्सीजन का गुण जल का गुण
i) हाइड्रोजन वर्णहीन, गन्धहीन
गैसीय पदार्थ हवा से भी हल्का है
ऑक्सीजन वर्णहीन, गंधहीन
गैसीय पदार्थ हवा से भारी है
जल वर्णहीन, गन्धहीन साधारण अवस्था में तरल
ii) ऑक्सीजन की उपस्थिति में
आग जलाने पर हाइड्रोजन
स्वत: ही जलने लगती है।
ऑक्सीजन जलाने में सहायक
होती है पर स्वयं नहीं
जलती है।
किसी भी तरह कुछ भी जलाने में सहायता नहीं करती।

प्रश्न 8.
एक टुकड़ा मैग्निशियम धातु लो। हाथ से पकड़ कर आग के पास ले जाओ और स्वयं के विचार से लिखो।
WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 3 मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ 8
उत्तर :

क्या देखा क्यों ऐसा हुआ
i) मैग्नेशियम धातु आग में जलने के बाद सफेद चूर्ण तैयार करता है। मैग्नेशियम और हवा में उपस्थित ऑक्सीजन के मिलने से एक नया योग बनता है। इसे मैग्नेशियम आक्साइड कहते हैं।

प्रश्न 9.
कार्बन, ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइ-ऑक्साइड के गुणों की तुलना करो
उत्तर :

कार्बन का गुण ऑक्सीजन का गुण कार्बन डॉइ-ऑक्साइड का गुण
i) यह काला रंग का कठोर पदार्थ है i) यह रंगहीन, गंधहीन, गैसीय पदार्थ है। i) यह तीव्र गंध वाली गैसीय यौगिकहै।
ii) स्वत: जलता है। ii) जलने में मदद करता है ii) जलने में मदद नहीं करता
iii) तीव्र गंध वाला धुआँ देता है। iii) श्वास प्रक्रिया में मदद करता है। iii) श्वाँस लेने में परेशानी करता है, दम घुटने लगता है।

प्रश्न 10.
नीचे दी गई तालिका को पूरा करो –
उत्तर :

कौन सी घटना क्यों घटी
i) ऊँचे पहाड़ पर श्वास लेने में तकलीफ होती है। ऊँचाई बढ़ने के साथ वायु का दबाव कम हो जाता है।
फलस्वरूप वायु की मात्रा भी घटने लगती है। वायु में ऑक्सीजन की मात्रा घटने लगती है, इसलिए श्वाँस लेने में तकलीफ होती है।
ii) वर्षाकाल में भीगे हुए कपड़े को सुखाने में विलंब होता है। वर्षाकाल में वायु में नमी की मात्रा अधिक होती है, शुष्क हवा में वाष्पोत्सर्जन की क्रिया तेजी से होती है, वायु में नमी होने से वाष्पोत्सर्जन की क्रिया धीमी हो जाती है जिससे भींगे कपड़े को सुखाने में विलंब होता है।

प्रश्न 11.
नीचे दी गई तालिका को पूरा करो –
उत्तर :

यौगिक का नाम कौन-कौन से मौलिक परमाणु से बने हैं?
i) जल हाईड्रोडन, ऑक्सीजन
ii) कार्बन डाइ-ऑक्साइड कार्बन, ऑक्सीजन
iii) चीनी कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन
iv) नमक सोडियम, क्लोरिन
v) चूना कैल्शियम, ऑक्सीजन

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प्रश्न 12.
नीचे दी गई तालिका के आधार पर मूल चिह्नों को लिखो
उत्तर :
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प्रश्न 13.
कुछ ऐसे तत्वों के नाम तथा चिह्न लिखो जो उनके लैटिन भाषा के नाम के आधार पर अंकित किये जाते हैं।
उत्तर :

तत्व के नाम लैटिन नाम चिन्ह
पोटाशियम
सोडियम
ताँबा
लोहा
सोना
चाँदी
मरकरी
Kalium
Natrium
Cuprum
Ferum
Aurum
Argentem
Hydragirum
K
Na
Cu
Fe
Au
Ag
Hg

प्रश्न 14.
नीचे दी गई तालिका में मूल अणु संकेत को लिखो
उत्तर :

मूल नाम मूल अणु में उपस्थित
परमाणु संख्या
मूल अणु संकेत
ऑक्सीजन
नाइट्रोजन
क्लोरीन
सफेद फास्फोरस
आयोडिन
फ्लूरिन
2
2
2
4
2
2
O2
N2
Cl2
P2
I2
F2

प्रश्न 15.
नीचे दी गई तालिका में मौलिक का संकेत लिखो –
उत्तर :

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 3 मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ 10

प्रश्न 16.
नीचे दी गई तालिका में तत्वों की योग्यता का निर्णय करो।
उत्तर :

मौलिक चिह्न योग्यता
ऑक्सीजन
नाइट्रोजन
कार्बन
सल्फर
क्लोरिन
फ्लूरिन
आयोडिन
O
N
C
S
Cl
F
I
2
3
4
2
1
1
1

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 3 मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ

प्रश्न 17.
नीचे दी गई तालिका में दिया गया मिश्रण किस – किस को मिलाने से बना है?
उत्तर :

कौन सा मिश्रण क्या – क्या मिलने से तैयार हुआ
नमक का पानी नमक तथा जल
चीनी का शर्बत चीना तथा जल
कीचड़ का पानी कीचड तथा जल
चूने का पानी कैल्सियम ऑक्साइड, जल
वायु नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन, जल वाष्प, निष्क्रिय गैस


बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
लोहा कैसा पदार्थ है ?
(a) तरल
(b) ठोस
(c) गैस
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) ठोस

प्रश्न 2.
एक तरल पदार्थ का उदाहरण है :
(a) लोहा
(b) जल
(c) सरसों का तेल
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) तथा (c)

प्रश्न 3.
इनमें से कौन विद्युत का सुचालक है ?
(a) पेरेक
(b) काठ कोयला
(c) प्लास्टिक
(d) रेशम
उत्तर :
(a) पेरेक।

प्रश्न 4.
एक तरल धातु का उदाहरण है ?
(a) लोहा
(b) अल्युमीनियम
(c) मरकरी
(d) हीरा
उत्तर :
(c) मरकरी।

प्रश्न 5.
एक अधातु जो विद्युत का सुचालक है :-
(a) हीरा
(b) क्लोरिन
(c) ग्रेफाइट
(d) रेशम
उत्तर :
(c) ग्रेफाइट ।

WBBSE Class 6 Science Solutions Chapter 3 मौलिक, यौगिक और मिश्रित पदार्थ

प्रश्न 6.
दूध को उबालने पर वह गाढ़ा हो जाता है, उससे क्या बाहर आता है?
(a) दूध
(b) क्रीम
(c) घी
(d) पानी
उत्तर :
(d) पानी ।

प्रश्न 7.
दूघ कैसा पदार्थ है ?
(a) विशुद्ध पदार्थ
(b) मिश्र पदार्थ
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) मिश्र पदार्थ ।

प्रश्न 8.
एक विशुद्ध पदार्थ का उदाहरण है :-
(a) लोहा
(b) दूध
(c) चीनी का शर्बत
(d) शहद
उत्तर :
(c) लोहा ।

प्रश्न 9.
हाइड्रोजन का एक गुण है ?
(a) ज्वलनशीलता
(b) अज्वलनशील
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) ज्वलनशीलता।

प्रश्न 10.
जल कैसा पदार्थ है ?
(a) मौलिक
(b) यौगिक
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(b) यौगिक ।

प्रश्न 11.
कार्बन डाइऑक्साइड किन दो गैसों का योग है ?
(a) कार्बन, हाइड्रोजन
(b) कार्बन, ऑक्सीजन
(c) कार्बन, कार्बन
(d) ऑक्सीजन, हाइड्रोजन
उत्तर :
(b) कार्बन, ऑक्सीजन ।

प्रश्न 12.
एक मौलिक अणु है :-
(a) N2O
(b) NH3
(c) N2
(d) NO2
उत्तर :
(c) N2

प्रश्न 13.
एक यौगिक अणु है :-
(a) N2
(b) 12
(c) NH3
(d) N2
उत्तर :
(c) NH3

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प्रश्न 14.
जल का संकेत है ?
(a) N2
(b) H2O
(c) NO2
(d) NO
उत्तर :
(b) H2O

प्रश्न 15.
जो मूल पदार्थ घुलता है उसे कहते हैं।
(a) घोल
(b) द्रावक
(c) क्षरण
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) क्षरण ।

प्रश्न 16.
चीनी का शर्बत क्या है ?
(a) घोल
(b) द्रावक
(c) दोनों
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(a) घोल ।

प्रश्न 17.
फिल्टर के बाद नीचे वाले तरल को कहते हैं ?
(a) अवशेष
(b) घोल
(c) परिश्रुत
(d) सभी
उत्तर :
(c) परिश्रुत ।

प्रश्न 18.
कागज में जमा पदार्थ क्या है ?
(a) घोल
(b) परिश्रुत
(c) अवशेष
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) अवशेष

प्रश्न 19.
नमक पानी से नमक कैसे अलग होता है ?
(a) ऊर्ध्वा पातन द्वारा
(b) फिल्टर द्वारा
(c) कैलासन द्वारा
(d) कोई नहीं
उत्तर :
(c) कैलासन द्वारा।

प्रश्न 20.
चुम्बक द्वारा किन मिश्र पदार्थ को अलग किया जाता है ?
(a) बालू और लोहा
(b) बालू और चावल
(c) चावल और पानी
(d) पानी तथा बालू
उत्तर :
(a) बालू और लोहा ।

प्रश्न 21.
एक चुम्बकीय पदार्थ है?
(a) जस्ता
(b) अल्युमीनियम
(c) ताँबा
(d) लोहा
उत्तर :
(d) लोहा ।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. लोहा, प्लास्टिक ………………पदार्थ हैं।
उत्तर : कठिन

2. पदार्थ के तीन रूप ………………और ………………है।
उत्तर : ठोस, तरल, गैस

3. धातु उष्मा के ………………होते हैं।
उत्तर : सुचालक

4. प्लास्टिक विद्युत का ………………है।
उत्तर : कुचालक

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5. ग्रेफाइट अधातु होने के बावजूद ………………का परिवाही है।
उत्तर : विद्युत

6. ……………… तथा ……………… मिलकर जल बना है ।
उत्तर : हाइड्रोजन, ऑक्सीजन

7. लोहा एक ……………… पदार्थ है ।
उत्तर : मौलिक ।

8. हाइड्रोजन ……………… से हल्का है।
उत्तर : वायु ।

9. जल ……………… है।
उत्तर : यौगिक पदार्थ ।

10. मैग्नेशियम तथा ऑक्सीजन के मिलने से ……………… बनता है।
उत्तर : मैगेशियम ऑक्साइड ।

11. चीनी के उपादान ……………… तथा ……………… है।
उत्तर : कार्बन, हाइड्रोजन, ऑंक्सीजन

12. कैल्शियम तथा ऑक्सीजन मिलकर ……………… बनता है
उत्तर : चूना

13. कैल्शियम का चिह्न ……………… है।
उत्तर : ca

14. PCL5 में क्लोरिन के ……………… परमाणु हैं।
उत्तर : 5

15. फास्फोरस में उपस्थित परमाणु ……………… तथा ……………… है।
उत्तर : P, H

16. मिथेन का संकेत ……………… है।
उत्तर : CH4

17. गैस को तरल पदार्थ में घोलकर ……………… तैयार होता है।
उत्तर : द्रवण

18. फिल्टर करने के बाद नीचे वाले तरल को ……………… कहते हैं।
उत्तर : परिश्रुत

19. फिल्टर कागज के ऊपर जमा पदार्थ ……………… कहलाता है।
उत्तर : अवशेष

20. नमक पानी के घोल को ……………… से पृथक करते हैं।
उत्तर : कैलासन

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21. चुम्बक द्वारा ……………… पदार्थ को पृथक किया जाता है।
उत्तर : चुम्बकीय

सही मिलान करो :

प्रश्न 1.

A B
(i) लोहा a) अर्धचालक
(ii) कार्बन b) सुचालक
(iii) प्लास्टिक c) यौगिक
(iv) पानी d) कुचालक

उत्तर :

A B
(i) लोहा b) सुचालक
(ii) कार्बन a) अर्धचालक
(iii) प्लास्टिक d) कुचालक
(iv) पानी c) यौगिक

प्रश्न 2.

A B
(i) जल a) CH4
(ii) अमोनिया b) CO2
(iii) कार्बन-डाइ -ऑक्साइड c) H2O
(iv) मिथेन d) H2S
(v) हाइड्रोजन सल्फाइड e) NH3

उत्तर :

A B
(i) जल c) H2O
(ii) अमोनिया e) NH3
(iii) कार्बन-डाइ -ऑक्साइड b) CO2
(iv) मिथेन a) CH4
(v) हाइड्रोजन सल्फाइड d) NH3

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प्रश्न 3.

A B
(i) सल्फर a) N
(ii) बोरान b) F
(iii) आयोडिन c) S
(iv) फ्लोरीन d) B
(v) नाइट्रोजन e) I
(vi) फास्फोरस f) C
(vii) कार्बन g) P

उत्तर :

A B
(i) सल्फर c) S
(ii) बोरान d) B
(iii) आयोडिन e) I
(iv) फ्लोरीन b) F
(v) नाइट्रोजन a) N
(vi) फास्फोरस g) P
(vii) कार्बन f) C

 

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 7 अर्थनीति और जीवन यात्रा (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सप्तम शताब्दी का प्रथम भाग)

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 History Book Solutions Chapter 7 अर्थनीति और जीवन यात्रा (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सप्तम शताब्दी का प्रथम भाग) offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Geography Chapter 7 Question Answer – अर्थनीति और जीवन यात्रा (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सप्तम शताब्दी का प्रथम भाग)

विस्तृत उत्तर वालें प्रश्न (Detailed Answer Questions) : 5 MARKS

प्रश्न 1.
प्रथम नगरायण (हड़प्पा) एवं द्वितीय (महाजनपद) के मध्य किस प्रकार का अन्तर देखने को मिलता है ?
उत्तर :
प्राचीन भारत के इतिहास में पहला नगर हड़पा सभ्यता में देखा गया। उसे प्रथम नगरायण कहा जाता है। उसके प्राय: चार हजार वर्ष के बाद ही पुन: नगर बनते हुए देखा गया। यह नगरायण मूलत: उत्तर भारत में विशेषकर गंगा घाटी में बना था। ईसा पूर्व के 600 साल के लगभग बन यह नगरायण द्वितीय नगरायण के रूप में परिचित था। उस युग के लेख में ग्राम और नगर के मध्य अन्तर देखने को मिलता है। अधिकांश महाजनपदों की राजधानी ही प्रसिद्ध नगर था। वे नगर पत्थर और मिट्टी अथवा ईंट से बने और आकार में घिरे हुए होते थे।

नगर ग्रामीण बस्ती की तुलना में आकार में बड़े थे। शासन और व्यवसाय से जुड़े हुए लोग प्रधानतः नगर में रहते थे। इनमें से कोई भी स्वयं अपने लिए खाद्य उत्पादन नहीं करता था। फलस्वरूप इसके लिए नियमित खाद्य ग्राम से आता था। इसलिए तो नगर ग्रामीण इलाके के आस-पास बनता था।

प्रश्न 2.
प्राचीन भारत में जल सिंचाई व्यवस्था क्यों की गई थी? उस युग की जल सिंचाई व्यवस्था एवं आज की जल सिंचाई व्यवस्था में क्या अंतर है?
उत्तर :
प्राचीन भारतीय उपमहादेश की जल सिंचाई व्यवस्था कृषि कार्य की उत्नति के लिए जरूरी थी। प्राचीन भारतीय उपमहादेश के शासक इस ओर ध्यान देते थे। नदी का जल सिंचाई के जरिए खेतों में पहुँचाने के लिए विभिन्न प्रयास करते थे। जल सिंचाई योजना को सेतु कहा जाता था। यह सेतु दो प्रकार का होता था। एक प्रकार का सेतु प्राकृतिक जल के उत्स को आधार करके था, तो दूसरा कृत्रिम उपाय दूसरे क्षेत्र से आवश्यक जल को लाकर सेतु बनाया जाता था। सेतु जल का प्रयोग करने के लिए किसानों को जल कर भी देना पड़ता था। धनी व्यक्ति स्वयं के प्रयास से जल सिंचाई योजना तैयार करते थे।

प्राचीन काल में भारत में भी कृत्रिम जलधारा बनाकर कूप या जलाशय से सिंचाई की जाती थी। प्राचीन भारत में चाक की तरह यंत्रों की सहायता से कूप के पानी को बाहर लाकर सिंचाई की व्यवस्था की जाती थी। वर्तमान युग में आधुनिक यंत्रों एवं बिजली का प्रयोग कर सिंचाई के यंत्रों को और भी उन्नत बनाया गया है।

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प्रश्न 3.
सुदर्शन झील क्या था?
उत्तर :
प्राचीन भारतीय उपमहादेश में राजकीय प्रयास से जल सिंचाई व्यवस्था का एक प्रधान उदाहरण सदुर्शन झील था। मौर्य युग से लेकर गुप्त युग तक इस झील का प्रयोग होता रहा था। चन्द्रुप्त मौर्य के शासनकाल में काठियावाड़ क्षेत्र में यह बनाया गया था। बाड़ का मतलब शहर होता है। यह एक प्रकार से नदी आधारित बड़े पैमाने सिंचाई योजना (सेतु) है। अशोक के शासन काल में इस योज़ना में खाल (नहर) को भी जोड़ा गया। शक शासक रूद्रदमन इस झील का संस्कार (150 ईसवी) में किया। बाँध को बड़ा और शक्तिशाली बनाया गया। इस पूरे कार्य का वर्णन रूद्रदामन ने जूनागढ़ के एक शिलालेख में खुदाई करके किया है। गुप्त सम्राट स्कन्दगुप्त के शासन के प्रथम वर्ष में ही पुन: झील की संस्कार की आवश्यकता हुई। ईसा पूर्व के चतुर्थ शतक से लेकर ईसा के पंचम शतक तक सुदर्शन हद का लगातार प्रयोग होता था।

प्रश्न 4.
ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से लेकर ईसा पूर्व के चतुर्थ शताब्दी तक कृषि क्षेत्र में हुए परिवर्तन का उल्लेख करो।
उत्तर :
महाजनपद के समय भारतीय उपमहादेश की अर्थनीति और समाज भी बदल गया था। जनपद कहने से कृषि आधारित ग्रामीण क्षेत्र को समझा जाता था। फलस्वरूप जनपद और महाजनपद में कृषिजीवी लोगों की बस्तियाँ भी थी। महाजनपदों में राजकर्मचारी और योद्धाओं के भरण-पोषण की पूर्ति कृषि से ही होती थी। अधिकांश जनपद गंगा घाटी के किनारे थे।

कृषि ही उस समय की प्रधान जीविका थी। उस युग के विभिन्न लेखों में कृषि कार्य के बारे में विवरण मिलता है। उर्वरता के अनुसार जमीन को विभिन्न प्रकार से बाँटा जाता था। विभिन्न प्रकार के ॠतुओं में विभिन्न प्रकार की खेती होती थी। ॠतु अनुसार फसलों के अलग-अलग नाम भी थे। कृषि में धान ही प्रधान फसल. था। धानों में सबसे प्रमुख शालि धान था। मगध क्षेत्र में शालि धान की खेती सबसे ज्यादा होती थी। कृषि फसलों में गेहूँ, जौ और ईख की खेती भी होती थी।

प्रश्न 5.
मौर्य युग में महिलाओं की क्या स्थिति थी?
उत्तर :
महिलाओं की साधारण स्थिति मौर्य काल में भी पूर्व जैसी ही थी। लेकिन घर-गृहस्थी के कार्यों के अलावा महिलाएं कुछ पेशाओं में योगदान करने के लिए बाहर भी जाती थीं। सूत उत्पादन के कार्य में महिला श्रमिकों के बारे में जानकारी मिलती है। गुप्तचर और राज कर्मचारी के रूप में भी महिलाओं की नियुक्ति होती थी।

प्रश्न 6.
मौर्य युग में व्यापार और वाणिज्य की स्थिति कैसी थी?
उत्तर :
मौर्य युग में ग्रीस, रोम, सिंहल एवं चीन इत्यादि देशों के साथ भारत का विदेशी व्यापार होता था। मौर्य युग में अर्थनीति मूलतः कृषि के ऊपर ही निर्भर था। समाज के अधिकांश लोग कृषि कार्य के साथ जुड़े हुए थे। आबादी का क्षेत्र बढ़ाने की ओर भी उस काल में विशेष ध्यान दिया जाता था। कारीगर और व्यापांरियों के कार्यों की खोज-खबर राज्य लेता था। खादान और खनिज संपदा के ऊपर राज्य का एकाधिक अधिकार था। खदानों की देखभाल के लिए राज कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती थी।

नमक को भी खानिज द्रव्य के रूप में स्वीकार किया गया था। व्यापार के विभिन्न पहलुओं से संबंधित विषय की खोज-खबर रखने के लिए अलग से राज कर्मचारी रहते थे। मौर्य काल में राजधानी के साथ साग्राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात की व्यवस्था उन्नत थी। राजपथ की नियमित देखभाल करने के लिए राज कर्मचारी रहते थे। रास्ते के किनारे दूरी और दिशा को समझने के लिए संकेत (फलक) लगाया जाता था। उनमें से अधिकांशतः आज के किलोमीटर संकेत जैसा ही था।

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प्रश्न 7.
मौर्यकाल में पुरुषों एवं महिलाओं का पहनावा कैसा था?
उत्तर :
मौर्य काल में साधारण पुरुष लगभग आज की तरह धोती-चादर की तरह पोशाक पहनते थे। महिलाएँ पोशाक के ऊपर चादर और दुपट्टे का प्रयोग करती थी। धनी और राजपरिवार के सदस्य कीमती पोशाक पहनते थे। सूती कपड़ों की माँग साधारण लोगों में सबसे ज्यादा थी। पशम और रेशम के कपड़े का प्रयोग भी होता था। अधिकांश पुरुष सिर पर पगड़ी पहनते थे। धनी लोग कीमती पत्थर और सोने के बने गहने भी पहनते थे।

प्रश्न 8.
कुषाण युग में आर्थिक एवं सामाजिक जीवन कैसा था?
उत्तर :
आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से इन पाँच सौ वर्षों में काफी बदलाव देखा जाता है। विन्ध्यांचल पर्वत के दक्षिण में पहले की तरह कृषि ही प्रधान जीविका थी। धान, गेहूँ, जौ, ईख (गन्ना), कपास आदि प्रधान फसल थे। दक्षिणात्य में काली मिट्टी में रूई की अत्यधिक खेती होती थी। केरल में गोलमरीच की खेती काफी प्रसिद्ध थी।
कृषि कार्य में विभिन्न प्रकार के उपकरण का प्रयोग इस समय देखने को मिला। मिट्टी की खुदाई से लोहे की कुल्हाड़ी, कुदाल एवं दाँव इत्यादि मिला। इस समय समस्त जमीन के ऊपर सम्राट का मालिकाना हक नहीं था। बल्कि अधिकांश जमीन के मालिक निर्दिष्ट व्यक्ति हुआ करते थे।

प्रश्न 9.
मेगास्थनीज की दृष्टि में भारतीय उपमहादेश का समाज कितने भागों में बँटा हुआ था ?
उत्तर :
मेगास्थनीज भारतीय उपमहादेश के समाज के चार वर्ण की बातों के बारे में नहीं जानते थे। पेशादार और वृत्तजीवी विभिन्न जातियों को उन्होंने देखा था। उनके अनुसार भारत का जन-समाज सात जातियों में विभक्त था। जैसे ब्राह्याण अथवा पण्डित, किसान, पशुपालक और शिकारी, शिल्पी और व्यवसायी, योद्धा, गुप्तचर अथवा पर्यटक एवं सचिव अथवा मंत्री। मेगास्थनीज का कहना था कि भारत में दास प्रथा नहीं थी।

प्रश्न 10.
उपमहादेश के भीतर और बाहर वाणिज्य के विकास के क्या कारण थे?
उत्तर :
वाणिज्य की उन्नति में जल मार्ग और स्थल मार्ग की भूमिका महत्वपूर्ण थी। विदेशी बाजार में उपमहादेश के मसलीन और दूसरे कपड़े की माँग थी। इसके अलावा हीरा, वैदुर्य, मुक्ता और मशाला का विदेशी बाजार में विशेष महत्व था। चीन का रेशम आयात द्रव्यों में सबसे प्रधान था। काँच से बनी विभिन्न वस्तुओं का विदेशों से आयात किया जाता था। इस समय कारीगरी शिल्प और पेशा में विभिन्नता बढ़ी थी। वाराणसी और मथुरा कीमती कपड़ा बनाने के लिए प्रसिद्ध थे। प्राचीन बांग्ला का सूक्ष्म कपड़ा मसलीन का भी विशेष महत्व था।

प्रश्न 11.
मौर्य युग में लोग अपने अवकाश के दिनों को कैसे व्यतीत करते थे?
उत्तर :
मौर्य युग में लोग अवकाश के समय को बिताने के लिए विभित्र प्रकार के उपाय करते थे। जैसे : नृत्य, गीत, और अभिनय का भी प्रचलन था। साथ ही साथ जादू का खेल और विभिन्न प्रकार की रस्सी के कसरत से साधारण लोगों को खुशी मिलती थी। पाशा (शतरंज खेलना, शिकार, रथ का दौड़, कुश्ती इत्यादि का खेल) धनी लोगों के लिए समय बिताने का माध्यम था। बड़े-बड़े उत्सवों में समस्त लोगों के लिए बिना पैसे का भोजन और पेयजल का वितरण किया जाता था।

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 7 अर्थनीति और जीवन यात्रा (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सप्तम शताब्दी का प्रथम भाग)

प्रश्न 12.
सातवाहन शासनकाल में ग्राम्य जीवन कैसा था?
उत्तर :
ग्रामवासी मूलत: कृषिजीवी थे। धान, तेल का बीज, कपास और शन प्रमुख फसल थी। ग्राम के घर-द्वार बीचाली से बना था एवं दीवार देकर घिरा रहता था। तालाब, फूलों का बगीचा और बरगद के पेड़ सभी कुछ ग्राम में देखने को मिलता था। ग्राम में विभिन्न प्रकार के पालतू पशु-पक्षी थे। ग्राम में चौड़ा और पतला दोनों प्रकार के रास्ते थे। वर्षा के समय रास्ता कीचड़ से भर जाता था। ग्राम का शासन ग्रामीणों के हाथों में ही था। चोरी-डकैती से पैसा बचाने के लिए अधिकांश लोग मिट्टी की खुदाई करके मिट्टी के नीचे पैसे रखते थे। विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्र और चित्र बनाने की प्रथा ग्रामों में थी। उत्सव के समय ग्रामीण लोग नृत्य, गीत और वाद्य यंत्रों पर झूम उठते थे। सूर्य, अग्नि इत्यादि देवताओं की पूजा मंदिर में होती थी। ग्राम में बौद्ध धर्म का भी प्रचलन था।

प्रश्न 13.
ईसा पूर्व सातवीं शताब्दी से छठवीं शताब्दी तक के लोगों का खान-पान कैसा था?
उत्तर :
प्राचीन भारीय उपमहादेश में चावल, गेहूँ, जौ और शाक-सब्जी ही प्रधान भोजन था। धनी व्यक्तियों में मांस खाने का ज्यादा प्रचलन था। मध्य वर्गीय समाज में दूध और दूध से बने विभिन्न प्रकार के भोज्य पदार्थ का प्रयोग होता था। गरीब लोग घी के बदले तेल का प्रयोग करते थे। इसके अलावा मटर, तिल, मधु, गुड़, नमक इत्यादि भोज्य पदार्थों का उल्लेखभी मिलता है। कुछ क्षेत्रों में निरामिष भोज्य पादर्थ पर ज्यादा महत्व दिया जाता था। सभी प्रकार की मछलियों के खाने पर प्रतिबन्ध था। दूध एवं विभिन्न प्रकार के फलों के रस से बने पानीय जल का प्रयोग होता था।

प्रश्न 14.
गुप्त युग में किस प्रकार की मुद्राओं का प्रचलन था?
उत्तर :
गुप्त युग की अनेक सोना एवं चाँदी की मुद्राएँ पाई गई हैं। गुप्त राजाओं द्वारा आरंभ की गई सोने की मुद्रा को दीनार और सुवर्ण कहा जाता था। सम्राट चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में चाँदी की मुद्रा सर्वप्रथम चालू किया गया। उस मुद्रा का नाम रूपक था। सोना और चाँदी की मुद्रा व्यापार-वाणिज्य में प्रयोग होता था। रोजमर्रा के कार्यों के लिए ताँबे की मुद्राओं का प्रचलन गुप्त शासको ने आरम्भ किया था। लेकिन गुप्त शकों के समय में दक्षिण में वाकटक शासक किसी भी प्रकार के मुद्रा का प्रचलन नहीं किए। फलस्वरूप भारतीय उपमहादेश के सभी जगहों पर मुद्रा का लेन-देन एक समान नहीं था। इसके अलावा समाज में कृषि कार्य के बढ़ने से व्यापार-वाणिज्य का प्रतिशत कम हो गया था। इन सबके कारण नगर पहले की तुलना में कमजोर हो गए थे।

प्रश्न 15.
उत्तर भारत के काले चमकते हुए मिट्टी के बर्तन के बारे में तुम क्या जानते हो?
उत्तर :
गौतम बुद्ध के समय में एक प्रकार से मिट्टी का बर्तन बनाने का उद्योग काफी विकसित था। पुरातत्वकार उन सभी को उत्तर भारत के काले चमकते हुए मिट्टी का बर्तन कहते थे। इन बर्तनों में पहले के समय के धुल-धुसरित मिट्टी के बर्तनों से काफी उन्नत किस्म की मिट्टी से इन बर्तनों को बनाया जाता था। कुम्हारों के चक्के का व्यापक प्रयोग होने के कारण यह बर्तन बनाना काफी सहज था। बर्तनों को अच्छी किस्म के चूल्हे में जलाकर काला किया जाता था। जलाने के बाद बर्तनों को पालिश किया जाता था। इन मिट्टी के बर्तनों से विभिन्न प्रकार की थाली और कटोरे बनाये जाते थे।

प्रश्न 16.
ई० पूर्व षष्ठ शताब्दी में नये-नये नगरों के विकास के बारे में तुम क्या जानते हो?
उत्तर :
ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी में प्रधानत: उत्तर भारत में नगरायण हुआ था। दूसरी तरफ इस समय प्राय: पूरे उपमहादेश में नए नगर बने। तक्षशिला सिरकाय का पुरातत्वकारों ने मिट्टी खोद कर एक नगर की खोज की। इससे यह कहा जा सकता है कि ईसा पूर्व 200 से 300 ई० ईस्वी तक नगरों की काफी उन्नति हुई थी। कुषाण युग में गंगा-यमुना की कादा मिट्टी से बनी हुई ईंट और जली हुई ईंटों का प्रयोग होता था। इस समय मथुरा काफी महत्वपूर्ण राजनैतिक और वाणिज्यिक केन्द्र था। सधुरा का भास्कर्य और दूसरा उद्योग भी प्रसिद्ध था।

मौर्य युग में प्राचीन बंगाल में महास्थानगढ़ और वानगढ़ नगर होने का उल्लेख मिलता है। वहीं दूसरी तरफ इस समय ताग्रलिप्ति, चन्द्रकेतुगढ़ इत्यादि नगर भी बना था। प्राचीन ओडिशा के क्षेत्र में शिशुपालगढ़ नगर की खोज हुई। दक्षिणात्य और दक्षिण भारत में इस समय नये-नये नगर बने। कावेरी नदी एवं द्वीप पर कावेरीपट्टनम बन्दरगाह काफी प्रसिद्ध था।

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 7 अर्थनीति और जीवन यात्रा (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सप्तम शताब्दी का प्रथम भाग)

प्रश्न 17.
गुप्त युग की सामाजिक अवस्था कैसी थी?
उत्तर :
समाज में वर्णाश्रम व्यवस्था चालू थी। लेकिन सभी कठोर रूप से उसे नहीं मानते थे। निम्न वर्ग के लोगों के प्रति ब्राह्मणों के मनोभाव में विशेष बदलाव नहीं आया था। एक ही अपराध के लिए राजा द्वारा बाह्मण और शूद्रों को अलगअलग सजाएं मिलती थी। उधार लेने पर शूद्रों को काफी अधिक दर पर सूद देना पड़ता था, लेकिन इस युग में शूद्र कृषि, पशुपालन और व्यापार कर सकते थे। उस समय सबसे ज्यादा खराब स्थिति चांडालों की थी। वे ग्राम अथवा शहर में नहीं रह सकते थे। ऐसा था कि ब्वाह्मण उनके द्वारा छू न लिए जाएं इससे वे हमेशा बचा करते थे।

प्रश्न 18.
गुप्त युग में पारिवारिक व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर :
गुप्त युग में परिवार के प्रधान पिता हुआ करते थे। लड़कियों की कम उम्र में शादी करने की परंपरा थी। उस समय लड़कियों की शादी के समय कुछ सम्पत्ति मिलती थी। उस सम्पत्ति के ऊपर केवल लड़कियों का ही अधिकार होता था। इन्हें स्वीधन कहा जाता था I लड़कियाँ अपनी इच्छानुसार इस सम्पत्ति का प्रयोग करती थी लेकिन स्रीधन प्रथा समस्त वर्णों के मध्य प्रचलित नहीं था।

प्रश्न 19.
बंगाल में गुप्तकाल के ताप्रलेखों से क्या जानकारी प्राप्त हुई है?
उत्तर :
गुप्तकाल में बंगाल में पाये जाने वाले ताम्र लेखों में जमीन खरीदने-बेचने की बातों का उल्लेख मिलता है। कुछ क्षेत्रों में एक जमीन को पहले खरीदा जाता था। उसके बाद उस जमीन को बाह्मण अथवा बौद्ध-विहार को दान दे दिया जाता था। यह दान की गई जमीन साधारण कर के अन्तर्गत नहीं आती थी। गुप्त और गुप्त के पश्चात् युग में धार्मिक उद्देश्य के कारण इस जमीन दान को अग्रहार व्यवस्था कहा जाता था। इस व्यवस्था के फलस्वरूप जमीन का व्यक्तिग्त मालिकाना काफी बढ़ा था। दान में मिली हुई जमीन में कृषि श्रमिक की नियुक्ति की जाती थी। इस जमीन के उत्पादान से धार्मिक कार्यक्रम का खर्च ब्राह्मण और बौद्ध विहार वहन करते थे। कुछ खाली जमीन को दान के रूप में भी दिया जाता था। उस जमीन में भी कृषि श्रमिकों को नियुक्त किया जाता था जिसके फलस्वरूप वे जमीन भी आबादी वाली जमीन हो गई थी।

प्रश्न 20.
बौद्ध भिक्षु सुजान जांग (फाह्यान) ने अपने लेखों में भारतीय महादेश की तात्कालिक सामाजिक व्यवस्था पर क्या प्रकाश डाला है ? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
गुप्त सम्राट चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में फाह्यान चीन से भारतीय उपमहादेश में आया था। उनके लेख से उपमहादेश के मनुष्य और समाज के बारे में विभिन्न प्रकार की बातों की जानकारी मिलती हैं। लेकिन उनके लेख में कहीं भी चन्द्रगुप्त द्वितीय की बातों का उल्लेख नहीं है।

फाह्यान ने लिखा है कि उपमहादेश में बहुत सारे नगर थे। मध्य देश का नगर काफी उन्नत था। वहाँ की जनता सुख से निवास करती थी। लेकिन चाण्डाल नगर के बाहर रहता था। इसकी जानकारी उन्होंने ही दी। जो दुष्ट प्रवृत्ति के लोग थे उन्हें ही चण्डाल कहा जाता था। इस देश के लोग अतिथियों का सम्मान करते थे। विदेशियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इस ओर विशेष ध्यान देते थे। पाटलिपुत्र देश का श्रेष्ठ नगर था। वहाँ के लोग सुखी और सम्पदशाली थे। धनी विशिष्टनगरों के विभिन्न स्थानों पर दातव्य चिकित्सा की व्यवस्था करते थे। बिना मूल्य में वहाँ से दवाइयाँ दी जाती थी। गरीब के लिए रहने एवं खाने की भी व्यवस्था की गई थी।

सुयान जांग के लेख में भारतवर्ष-ईन-तु नाम से परिचित हुआ। उनके अनुसार ईन-तु-र के लोग अपने देश को विभिन्न नामों से पुकारते थे। देश के पाँच भाग – उत्तर, दक्षिण। पूर्व, पश्चिम और मध्य। ईन-तु-ते में अस्सी राज्य थे। प्रत्येक राज्य में निजी राजा होने के बावजूद वे बड़े सम्माट के अनुगत थे।

सुयान जांग ईन-तु-ते को मूलत: गर्म देश कहा गया है। वहाँ पर नियमित वर्षा होती थी। उत्तर और पूर्व के क्षेत्रों में मिट्टी काफी उर्वर है। दक्षिण क्षेत्र वन से ढंका है। पश्चिम क्षेत्र की मिट्टी पत्थर की ओर अनुर्वर है। धान और गेहूँ प्रधान फसल था। लोगों के बीच जातिगत भेद-भाव भी था।

शहर के घर ईंट और बालू से बनता था। घर का बरामदा लकड़ी से बनता था। ग्राम के घरों की दीवार और फर्श मिट्टी की थी। विभिन्न प्रकार के कीमती धातु और पत्थरों का व्यवसाय होता था। शासक वर्ग जनता की सुविधा की बातों को हमेशा ध्यान में रखते थे।

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प्रश्न 21.
भोगपटिका क्या है ? ‘ब्रहोदय’ एवं ‘देवदान’ सम्पत्ति से तुम क्या समझते हो?
उत्तर :
गुप्त युग की कृषि अर्थनीति में ‘भोगपटिका’ एवं ‘बह्मदोय’ तथा ‘देवदान सम्पत्ति’ की विशेष भूमिका थी-
(i) भोगपटिका : गुप्त युग में राज्य कर्मचारियों को वेतन के बदले जमीन दान की प्रथा का प्रचलन था। इस प्रथा के अनुसार वे तीन पुश्तों तक भूमि भोग करने की रीति थी। इसी प्रकार की भूमि को ग्रहण करने वाले कोभोगपटिका कहा जाता था।
(ii) ‘ब्रहोदय’ एवं ‘देवदान’ :- राजा द्वारा किसी भूमि को एक या एक से अधिक ब्राह्मण को दान करने की प्रथा को ‘ब्रह्योदय’ सम्पत्ति कहा गया है। दूसरी तरफ जिस जमीन की राजस्व स्वामित्व मंदिर की पूजा के लिए दान किया जाता था उसे ‘देवदान’ सम्पत्ति कहा गया है।

प्रश्न 22.
प्राचीन युग में जाति प्रथा के विषय में क्या जानते हो?
उत्तर :
प्राचीन युग में जाति प्रथा का अस्तित्व था :-
(i) मौर्य युग : मूलतः मौर्य युग से ही जातिभेद प्रथा की धारणा स्पष्ट होने लगी थी।
(ii) मौर्य परवर्ती युग : लोहा की खोज, नगरों का विकास, वाणिज्य वृद्धि होने के फलस्बरूप जातिभेद प्रथा के नियम शिथिल हो गये।
(iii) गुप्त युग :- गुप्त युग में मिस्न या शंकर जाति का अस्तित्व रहते हुए भी उन्हें समाज में असृश्य ही समझा जाता था। जैसे – चांडाल।

प्रश्न 23.
प्राचीन भारत के इतिहास में प्रथम नगर कहाँ देखा गया? संक्षेप में वर्णन करो।
उत्तर :
प्राचीन भारत के इतिहास में पहला नगर हड़प्पा सभ्यता में देखा गया। उसे प्रथम नगरायण कहा जाता है। उसके प्राय: चार हजार वर्ष के बाद ही पुन: नगर बनते हुए देखा गया। यह नगरायण मूलतः उत्तर भारत में विशेषकर गंगा घाटी में बना था। ईसा पूर्व के 600 साल के लगभग बने इस नगरायण को द्वितीय नगरायण के रूप में जानते हैं। उस युग के लेख में ग्राम और नगर के मध्य स्पष्ट पार्थक्य देखने को मिला। अधिकांश महजनपदों की राजधानी ही प्रसिद्ध नगर था। वे नगर पत्थर और मिट्टी अथवा ईंट से बनी दीवारों से घिरा हुआ था।

नगर ग्रामीण बस्ती की तुलना में आकार में बड़ा था। शासन और व्यवसाय से जुड़े हुए लोग प्रधानत: नगर में रहते थे। इनमें से कोई भी स्वय अपने लिए खाद्य उत्पादन नहीं करता था। फलस्वरूप कुछ नवीन जीविका के बारे में भी जानकारी मिली है। इस समय उत्तर भारत में धोबी, नाई और चिकित्सक की जीविका काफी परिचित थी।

परिवार और समाज में महिलाओं की स्थिति पुरुष के बाद ही थी। महिलाओं के लिए शिक्षा का अवसर क्रमश: कम हो गया था। छोटी सी उम्र में लड़कियों का विवाह करने की परपरा क्रमशः समाज में बढ़ गया लेकिन महिलाओं के प्रति बौद्ध धर्म का सोच-विचार ब्राह्मण धर्म की तुलना में कुछ उदार था।

प्रश्न 26.
कुषाण युग में कारीगर एवं व्यवसायियों के संघ की स्थिति का उल्लेख करो।
उत्तर :
ईसा पूर्व के षष्ठीं शताब्दी से ही व्यापार-वाणिज्य काफी बढ़ गया था। साथ ही साथ कारीगर और व्यवसायियों का संघ बना था। यह संघ कारीगरी और व्यापार से संबंधित विवादों को बात-चीत से निपटाते थे। इसके अलावा पेशागत सुरक्षा की और भी संघ ध्यान रखता था। वस्तुओं की गुणगत मान और कीमत ठीक रखने का दायित्व संघ के अंतर्गत आता था। यह संघ श्रेणी, गण इत्यादि नामों से परिचित था।

कुषाण युग में पेशा निजस्व के कानून के अनुसार चलते थे, लेकिन बड़ी गड़बड़ी होने पर राजा अथवा सम्राट व्यवस्था लेते थे। श्रेणी:अथवा संघ नियमित रूप से अर्थ का लेन-देन करता था। समाज के विभिन्न प्रकार के लोग वहाँ पर अपनी अमानत के धन को जमा रखते थे। नगर अर्थ के अलावा जमीन, पेड़ इत्यादि स्थायी अमानत के रूप में भी रखा जाता था। उस जमा अमानत पर सूद भी दिया जाता था। इस अमानत के धन को विभिन्न शिल्पों को मूलधन के रूप में दिया जाता था। इस तरह श्रेणी अथवा संघ एक प्रकार से बैंक जैसा ही कार्य करता था। नर्मदा नदी के उत्तर में हीरे की खान को लेकर कुषाण, सातवाहन एवं शक-क्षत्रप के बीच लड़ाई हुआ करती थी।

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प्रश्न 27.
प्राचीन भारतीय उपमहादेश के लोगों के भोज्य-पदार्थ क्या-क्या थे ?
उत्तर :
प्राचीन भारतीय उपमहादेश के लोगों के भोज्य पदार्थ चावल, गेहूँ, जौ और शाक-सब्जियाँ थे। धनी व्यक्तियों में माँस खाने का ज्यादा प्रचलन था। मध्य वर्गीय समाज में दूध और दूध से बने विभिन्न प्रकार के भोज्य पदार्थ का प्रयोग होता था। गरीब लोग घी के बदले तेल का प्रयोग करते थे। इसके अलावा मटर, तील, मधु, गुड़, नमक इत्यादि भोज्य पदार्थ का उल्लेख मिलता है। कुछ क्षेत्रों में निरामिष भोज्य-पदार्थ का ज्यादा महत्व दिया जाता था। ऐसा कि सभी प्रकार की मछली खाने पर भी निषेधाधिकार था। दूध एवं विभिन्न प्रकार के फलों के रस से बने पानीयजल का प्रयोग ही होता था।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
जनपद _________ ग्रामीण इलाका था।
(क) कृषि आधारित
(ख) शिल्प आधारित
(ग) श्रमिक आधरित
उत्तर :
(क) कृषि आधारित

प्रश्न 2.
मौर्य युग में अर्थनीति मूलत: _________ के ऊपर निर्भर करती थी।
(क) शिल्प
(ख) कृषि
(ग) वाणिज्य
उत्तर :
(ख) कृषि

प्रश्न 3.
गुप्त और गुप्त-पश्चात् युग में धार्मिक उद्देश्यों के लिए जमीन दान को _________ व्यवस्था कहा जाता था।
(क) सामंत
(ख) सामंत
(ग) अग्रहार
उत्तर :
(ग) अग्रहार

प्रश्न 4.
गुप्त एवं पश्चात् गुप्तकाल में _________ प्रमुख फसल होती थी।
(क) धान
(ख) गेहूँ
(ग) जूट
उत्तर :
(क) धान

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प्रश्न 5.
गाथा सप्तशती ग्रन्थ का संकलन _________ ने किया था।
(क) सप्तकणा
(ख) हॉल
(ग) नहपाहन
उत्तर :
(ख) हॉल

प्रश्न .
सोलह महाजनपद के समय वस्त्र उद्योग के रूप में _________
(क) वाराणसी
(ख) मगध प्रसिद्ध था।
उत्तर :
(क) वाराणसी

प्रश्न 7.
ई० पू० _________ सदी के बाद से ही पालतू पशुओं की बलि में कमी आयी थी।
(क) चौथा
(ख) पाँचवीं
(ग) छठवीं
उत्तर :
पाँचवीं।

प्रश्न 8.
ई० पू० _________ के समय के नगरायण को द्वितीय नगरायण कहा जाता है।
(क) 400
(ख) 600
(ग) 500
उत्तर :
(ख) 600

प्रश्न 9.
सोलह महाजनपद के समय कर्यापन बहुत ही प्रचलित एक प्रकार की _________ थी।
(क) मुद्रा
(ख) लिपि
(ग) कर
उत्तर :
(क) मुद्रा

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. प्राचीनकाल में वस्त्र उद्योग का केन्द्र _________ था।
उत्तर : वाराणसी

2. इतिहास के अनुसार प्रथम नगरायण का समय _________ है।
उत्तर : ई० पू० 1600

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3. धान _________ एवं _________ काल में मुख्य फसल थी।
उत्तर : गुप्त वंश परवर्ती गुप्त

4. प्राचीनकाल में चिकित्सक को _________ कहते थे।
उत्तर : वैद्य

5. गुप्त राजा के सोने की मुद्रा का नाम _________ था।
उत्तर : दीनार

6. इतिहास के अनुसार द्वितीय नगरायण का समय _________ माना जाता है।
उत्तर : ई० पू० 600

7. मौर्यकालीन अर्थनीति मूलत: _________ पर ही निर्भर था।
उत्तर : कृषि

8. हाल ने _________ ग्रंथ का संकलन किया था।
उत्तर : गाथा सप्तशती

9. सोलह महाजनपद काल में वाराणसी _________ के लिए प्रसिद्ध था।
उत्तर : वस्त शिल्प

10. इतिहासकारों के अनुसार सुदर्शन झील जीर्णोद्धार _________ माना गया है।
उत्तर : 150 ई०

11. ई० पू० छठवीं सदी के बाद ही _________ की बली में कमी आई।
उत्तर : पालतू पशुओं

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12. मथुरा _________ दोआब अंचल का नगर है।
उत्तर : गंगा-यमुना

13. मेगास्थनीज ने पेशा के आधार _________ जातियों का उल्लेख मिलता है।
उत्तर : सात

14. मौर्य युग का प्रधान हद _________ है।
उत्तर : सुदर्शन हद

15. गुप्त युग में _________ एवं _________ पाई गई हैं।
उत्तर : सोना एवं चाँदी

सही विकल्प को चुनकर चिह्न (✓) लगाओ :

1. मौर्य युग में उत्पादित फसल का \(\frac{1}{4}\) से \(\frac{1}{6}\) भाग राजस्व के रूप में देना पड़ता था।
उत्तर : सही।

2. मौर्य युग में धनी और राजपरिवार के लोग भी धोती-चादर ही पहनते थे।
उत्तर : गलत।

3. सोलह जनपद के लोगों का प्रधान जीविका कृषि एवं पशुपालन था।
उत्तर : गलत।

4. मौर्य युग के लोगों का प्रधान जीविका कृषि एवं पशुपालन था।
उत्तर : सही।

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5. मेगास्थनीज में पेशा के आधार पर हमेशा सात जातियों का उल्लेख मिलता है।
उत्तर : सही।

6. मौर्य युग में जाति भेद प्रथा का अस्तित्व बिल्कुल भी नहीं था।
उत्तर : गलत।

7. मौर्य युग में महिलाओं को सर्वाधिक अपमान सहना पड़ता था।
उत्तर : गलत।

8. मौर्य युग में स्रियों को सैनिक में भर्ती लिया गया था।
उत्तर : सही।

निम्नलिखित कथन के साथ नीचे के व्याख्याओं में कौन-सी व्याख्या उपयुक्त है ? उसे ढूढ़कर लिखो।

1. कथन : मौर्य परवर्ती युग में बहुत सारे गिल्ड बना था।
व्याख्या : 1 : राजा ने व्यापार वाणिज्य को बढ़ाने के लिए गिल्ड बनाया था।
व्याख्या : 2 : कारीगर और व्यापारी गिल्ड बनाये थे।
व्याख्या : 3 : साधारण लोगों ने पैसों के लेन-देन और एकत्रित रखने के लिए गिल्ड बनाया था।
उत्तर :
व्याख्या : 2 : कारीगर और व्यापारी गिल्ड बनाये थे।

2. कथन : दक्षिणात्य में अच्छी किस्म की रूई की खेती होती थी।
व्याख्या : 1 : दक्षिणात्य की काली मिट्टी रूई की खेती के लिये अच्छी थी।
व्याख्या : 2 : दाक्षिणात्य के सभी किसान केवल रूई की खेती करते थे।
व्याख्या : 3: दाक्षिणात्य की जमीन पर और कोई फसल नहीं होती थी।
उत्तर :
व्याख्या : 1 : दक्षिणात्य की काली मिट्टी रूई की खेती के लिये अच्छी थी।

सही मिलान करो Match the following : (1 Mark)

प्रश्न 1.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) कावेरीपट्टनम बन्दरगाह (क) प्राचीन ओंडिशा
(ii) गंगा यमुना दोआब अंचल के नगर (ख) बंगाल
(iii) शिशुपाल गढ़ (ग) मथुरा
(iv) ताप्रलिप्त बन्दरगाह (घ) तमिलनाडु

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) कावेरीपट्टनम बन्दरगाह (घ) तमिलनाडु
(ii) गंगा यमुना दोआब अंचल के नगर (ग) मथुरा
(iii) शिशुपाल गढ़ (क) प्राचीन ओंडिशा
(iv) ताप्रलिप्त बन्दरगाह (ख) बंगाल

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प्रश्न 2.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) व्यापारिक संगठन (क) वन
(ii) गुप्त राजा के सोने की मुद्रा का नाम (ख) दीनार
(iii) द्वितीय चंद्रगुप्त के समय की चाँदी की मुद्रा का नाम (ग) व्यापारिक गाँव
(iv) व्यापारिक संघ (घ) रूपक

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) व्यापारिक संगठन (ग) व्यापारिक गाँव
(ii) गुप्त राजा के सोने की मुद्रा का नाम (ख) दीनार
(iii) द्वितीय चंद्रगुप्त के समय की चाँदी की मुद्रा का नाम (घ) रूपक
(iv) व्यापारिक संघ (क) वन

प्रश्न 3.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) रूद्रदमन (क) सातवाहन शासक
(ii) स्कन्दगुप्त (ख) मौर्य शासक
(iii) अशोक (ग) गुप्त शासक
(iv) हाल (घ) शक शासक

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) रूद्रदमन (घ) शक शासक
(ii) स्कन्दगुप्त (ग) गुप्त शासक
(iii) अशोक (ख) मौर्य शासक
(iv) हाल (क) सातवाहन शासक

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प्रश्न 4.

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) सूदर्शन हद (क) उत्तर भारत
(ii) गंगा-यमुना दोआब का अंचल नगर (ख) वेतन के बदलने जमीन
(iii) चमकते मिट्टी के बरतन (ग) ई० पू० छठवीं सदी
(iv) पालतु पशुओं की बलि में कमी (घ) एक से अधिक ब्राह्मण को दान
(v) रेशम मार्ग (ङ) ब्राह्मणों की प्रधानता
(vi) भोग पटिका (च) मथुरा
(vii) देवदान (छ) चीन बैक्ट्रिया होते हुए रोमन
(viii) गुप्त युग (ज) मौर्य युग का प्रमुख हद
(ix) जाति भेदक अस्तित्व कायम (झ) मौर्य युग
(x) स्कन्दगुप्त (স) गुप्त शासक

उत्तर :

स्ताम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) सूदर्शन हद (ज) मौर्य युग का प्रमुख हद
(ii) गंगा-यमुना दोआब का अंचल नगर (च) मथुरा
(iii) चमकते मिट्टी के बरतन (क) उत्तर भारत
(iv) पालतु पशुओं की बलि में कमी (ग) ई० पू० छठवीं सदी
(v) रेशम मार्ग (घ) एक से अधिक ब्राह्मण को दान
(vi) भोग पटिका (ख) वेतन के बदलने जमीन
(vii) देवदान (घ) एक से अधिक ब्राह्मण को दान
(viii) गुप्त युग (স) गुप्त शासक
(ix) जाति भेदक अस्तित्व कायम (ङ) ब्राह्मणों की प्रधानता
(x) स्कन्दगुप्त (झ) मौर्य युग

WBBSE Class 6 History Solutions Chapter 6 साम्राज्य विस्तार और शासन (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सातवीं शताब्दी तक)

Detailed explanations in West Bengal Board Class 6 History Book Solutions Chapter 6 साम्राज्य विस्तार और शासन (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सातवीं शताब्दी तक) offer valuable context and analysis.

WBBSE Class 6 Geography Chapter 6 Question Answer – साम्राज्य विस्तार और शासन (अनुमानिक ईसा पूर्व के षष्ठ शताब्दी से ईसा के सातवीं शताब्दी तक)

अति लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type) : 1 MARK

प्रश्न 1.
बिम्बसार कौन था ?
उत्तर :
विम्बसार मगध में हर्यक वंश का संस्थापक था।

प्रश्न 2.
छठीं शताब्दी ई० पू॰ में उत्तर में कितने महाजनपद थे?
उत्तर :
सोलह महाजनपद थे।

प्रश्न 3.
बिम्बसार की राजधानी कहाँ थी?
उत्तर :
राजगृह ।

प्रश्न 4.
नन्दवंश का संस्थापक कौन था ?
उत्तर :
महापद्मनन्द।

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प्रश्न 5.
नन्दवंश का अंतिम राजा कौन था ?
उत्तर :
धनानन्द।

प्रश्न 6.
मौर्य वंश का संस्थापक कौन था ?
उत्तर :
चन्द्रगुप्त मौर्य।

प्रश्न 7.
अलेक्जेण्डर कौन था ?
उत्तर :
मेसीडोनिया के शासक फिलिप का द्वितीय पुत्र था।

प्रश्न 8.
मौर्य वंश का सबसे श्रेष्ठ शासक कौन था ?
उत्तर :
सम्राट अशोक।

प्रश्न 9.
चन्द्रगुप्त मौर्य का राजतिलक कब हुआ था?
उत्तर :
ईसा पूर्व 321 में।

प्रश्न 10.
चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आने वाले यूनानी दूत का नाम बताइए।
उत्तर :
मेगास्थनीज।

प्रश्न 11.
मेगास्थनीज कौन था ?
उत्तर :
मेगास्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आने वाला सेल्यूकस का यूनानी राजदूत था।

प्रश्न 12.
अशोक का राज्याभिषेक कब हुआ था?
उत्तर :
269 ईसा पूर्व में।

प्रश्न 13.
अशोक ने कलिंग पर कब आक्रमण किया था ?
उत्तर :
262-61 ईसा पूर्व में।

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प्रश्न 14.
अशोक का हृदय परिवर्तन करने वाले युद्ध का नाम बताइए।
उत्तर :
कलिंग का युद्ध।

प्रश्न 15.
अशोक को बौद्ध धर्म की दीक्षा किसने दी?
उत्तर :
आचार्य उपगुप्त।

प्रश्न 16.
अशोक ने कौन-सी उपाधियाँ धारण की?
उत्तर :
देवानाम् प्रिय और प्रियदर्शी।

प्रश्न 17.
सतवाहन वंश का संस्थापक कौन था ?
उत्तर :
सिमुक।

प्रश्न 18.
सतवाहन वंश का सबसे श्रेष्ठ शासक कौन था ?
उत्तर :
गौतमी शतकर्णी।

प्रश्न 19.
कुषाण वंश का संस्थापक कौन था ?
उत्तर :
कुजुल कदफिस प्रथम।

प्रश्न 20.
कनिष्क की राजधानी कहाँ थी ?
उत्तर :
पुरुषपुर (आधुनिक पेशावर)।

प्रश्न 21.
विक्रमादित्य की उपाधि किसने धारण की?
उत्तर :
स्कन्दगुप्त।

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प्रश्न 22.
अर्थशास्त्र के रचयिता कौन थे?
उत्तर :
कौटिल्य।

प्रश्न 23.
इण्डिया के रचयिता का नाम बताइए।
उत्तर :
मेगास्थनीज।

प्रश्न 24.
चरक संहिता की रचना किसने की?
उत्तर :
चरक ने।

प्रश्न 25.
गुप्त शासकों की राजधानी कहाँ थी?
उत्तर :
पाटलिपुत्र।

संक्षिप्त प्रश्नोत्तर (Brief Answer Type) : 3 MARKS

प्रश्न 1.
कलिंग युद्ध के परिणाम के साथ अशोक का धम्म से क्या सम्बंध था ? धम्म उसके शासन को कितना प्रभावित किया था ?
उत्तर :
कलिंग युद्ध एवं अशोक के धम्म का संपर्क : कलिंग युद्ध के भयंकर नर-संहार को देखकर अशोक का हृदय काँप गया था। इस दृश्य को देखकर अशोक ने कभी भी किसी दूसरे राज्य पर आक्रमण नहीं करने का निर्णय लिया। उसी समय अशोक उपगुप्त नामक बौद्धभिक्षु द्वारा अहिंसा मंत्र से दीक्षित हुआ।

अशोक के शासन पर धम्म का प्रभाव : शासक के रूप में अशोक अहिंसा नीति को मानकर मौर्य शासन का संचालन करने लगा। उन्होंने युद्ध नीति के स्थान पर लोक कल्याणकारी नीति को ग्रहण किया।

प्रश्न 2.
साप्राज्य से क्या समझते हो ?
उत्तर :
साम्राज्य एक विशाल अंचल (क्षेत्र) को कहा जाता है। अनेक राज्यों को जोड़कर एक बड़ा शासन क्षेत्र होता है। वह बड़ा शासन क्षेत्र ही साम्राज्य कहलाता है।

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प्रश्न 3.
सप्राट या शासक किसे कहते हैं ?
उत्तर :
साम्राज्य में जो शासन करते है उसे ही सम्राट कहते हैं।

प्रश्न 4.
भारतीय उपमहादेश में प्रथम साप्राज्य किस प्रकांर था ?
उत्तर :
जनपद से ही महाजनपद का निर्माण हुआ था। एक-एक महाजनपद ही एक-एक राज्य था। मगध महाजनपद में लगातार तीन राजवंशों ने शासन किया था। वे सब राजा ही दूसरे महाजनपदों को अधिकांशतः अपने-अपने दखल में |कया। अन्त में मगध को केन्द्र बिन्दु बनाकर ही भारत में प्रथम साम्राज्य बना और नाम मौर्य साम्राज्य पड़ा।

प्रश्न 5.
अलक्जेण्डर कौन था? वह भारत उपमहादेश में कब और किसलिए आया था?
उत्तर :
अलक्जेण्डर यूनानी शासक फिलिप का द्वितीय पुत्र था।
ईसा पूर्व 300 साल के लगभग हिन्दुकुश पर्वत को पार करके भारतीय उपमहादेश में अलक्जेण्डर ने प्रवेश किया। उपमहादेश के विभिन्न छोटे बड़े शासकों के साथ उसका युद्ध हुआ था। इन युद्धों में एंडरल पोरस के साथ हुई उसकी नड़ाई प्रसिद्ध है। पोरस की पराजय हुई लेकिन उसकी वीरता की भावना को ग्रीकों ने सम्मान दिया।
अलेक्जेण्डर प्राय: 3 साल बाद एशिया होते हुए जब ग्रीस लौट रहा था तभी रास्ते में बेवीलोन में उसकी मृत्यु हो गई।

प्रश्न 6.
चन्द्रगुप्त मौर्य के बारे में तुम क्या जानते हो?
उत्तर :
चन्द्रगुप्त मौर्य, मौर्य वश का संस्थापक था। उसके विषय में इतिहासकारों में मतभेद है। एक अनुश्रुति के भनुसार चन्द्रगुप्त का जन्म महापद्मनन्द की एक दासी मूरा के गर्भ से हुआ था। अनेक विद्वानों का अनुमान है कि मूरा के नाम पर ही चन्द्रगुप्त ने अपने वंश का नाम मौर्य रखा। अनेक इतिहासकारों का कहना है कि चन्द्रगुप्त अपना बाल्यकाल और किशोरावस्था अपनी माता के साथ मगध में बिताया। वह नन्द शासक धनानन्द की सेवा में था एवं अपनी योग्यता के आधार पर सेनापति के पद पर पहुँच गया था। परन्तु बाद में चन्द्रगुप्त से असंतुष्ट होकर नन्द राजा ने उसे मृत्यदण्ड दे ददया। चन्द्रगुप्त ने किसी प्रकार मगध से भागकर अपने प्राण की रक्षा की। इसी दौरान उसकी भेंट तक्षशिला के आचार्य विष्गुगुप्त या चाणक्य से हुई जो पहले से ही नन्द वंश का नाश चाहता था और दोनों ने मिलकर नन्द वंश का विनाश किया और 322 ई० पू॰ के आसपास मगध की गद्दी पर बैठा।

प्रश्न 7.
अर्थशास्त्र के बारे में तुम क्या जानते हो?
उत्तर :
कौटिल्य ने ‘अर्थशास्त’ की रचना की जो राजनैतिक दर्शन का एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। अर्थशास्त के अनुसार गक्ष्रीय शासन कार्य का प्रधान राजा होता था। उनकी बात ही अंतिम बात होती थी। जरूरत पड़ने पर राजा को छल और नालाकी भी करना पड़ता था। राज-काज के समस्त विषयों के बारे में गम्भीरता से अर्थशास्त में जिक्र है। पुस्तक मेंभी लिखा गया है – शासक को क्या-क्या करना चाहिए। लेकिन उसके सभी उपदेशों को मौर्य शासक मानते थे, ऐसी बात नहीं है।

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प्रश्न 8.
चन्द्रगुप्त मौर्य की उपलब्धियों के विषय में क्या जानते हो ?
उत्तर :
चन्द्रगुप्त मौर्य प्राचीन भारत का सर्वश्रेष्ठ राजा था।
मौर्य वंश की उपलब्धियाँ :-

  1. मौर्य वंश की स्थापना : चन्द्रगुप्त मौर्य ने धनानन्द को पराजित कर एवं उसे मारकर मौर्यवंश की स्थापना ई० पू० 324 में की।
  2. ग्रीक शासन को समाप्त करना : चन्द्रगुप्त मौर्य ने उत्तर-पश्चिम भारत में ग्रीक शासन को समाप्त किया।
  3. सुविशाल साप्राज्य का निर्माण : चन्द्रगुप्त मौर्य ने एक सुविशाल साम्माज्य की स्थापना की।

प्रश्न 9.
अशोक कौन था ?
उत्तर :
अशोक बिन्दुसार का पुत्र था। वह अपने पितामह चन्द्रगुप्त की भाँति वीर और पराक्रमी था। पिता की मृत्यु के पश्चात् अपने निन्याबे भाइयों की हत्या कर 268 ई० पू० गद्दी पर बैठा था।

प्रश्न 10.
कलिंग युद्ध का संक्षिप्त विवरण दीजिए :
उत्तर :
मगध के पड़ोस में ओडिशा क्षेत्र के अन्तर्गत कलिंग राज़्य था, जो स्वतंत्र एवं शक्तिशाली था। 262 ई० पू० उसने कलिंग पर आक्रमण कर दिया। इस युद्ध में लगभग सवा लाख व्यक्ति मारे गये और लगभग डेढ़ लाख बन्दी बनाए गए। भीषण नर संहार के कारण अशोक को युद्ध से घृणा हो गई। इस हिंसा के लिए अशोक को काफी दु:ख हुआ। कहा जाता है कि बौद्ध संन्यासी उपगुप्त ने अशोक को बौद्ध धर्म की दीक्षा दी थी। बौद्ध धर्म के प्रभाव के कारण अशोक ने हिंसा को बन्द किया। युंद्ध करना भी छोड़ दिया। पशुओं को मारना भी बन्द कर दिया।

प्रश्न 11.
अशोक के साप्राज्य की सीमा क्या थी?
उत्तर :
अभिलेखों द्वारा ज्ञात होता है कि अशोक का साम्राज्य सम्पूर्ण उत्तरी भारत, पथ्चिम में अफगानिस्तान तथा बलूचिस्तान, पूर्व में बंगाल एवं कलिंग और दक्षिण-पश्चिम में सौराष्ट्र तक विकसित था। कुछ इतिहासकारों के अनुसार नेपाल और कश्मीर भी अशोक के राज्य में सम्मिलित थे।

प्रश्न 12.
अशोक का धम्म क्या था ?
उत्तर :
अशोक का धम्म केवल एक धर्म न होकर आदर्श जीवन-यापन की एक रूपरेखा अथवा आचार संहिता था। उसके धम्म में सभी धर्मों का निचोड़ था। उसके धम्म का मूल आधार अहिंसा और सहिष्णुता थी।

अशोक के धम्म का उद्देश्य प्राणीमात्र का उद्धार करना था। उनके ‘धम्म’ में संसार के सभी अच्छे गुणों का समावेश है। अशोक के विचार में एक सच्चा धर्म वही होता है जिसमें बड़ों का आदर, आज्ञापालन, अहिंसा, धार्मिक सहनशीलता, सत्य, दान, सच्चे रीति-रिवाज, शुद्ध जीवन आदि सभी बातों का समावेश रहता है। भारतीय इतिहास में अशोक की महानता के मूल में उसकी विजय नहीं वरन् उनका ‘धम्म’ ही है।

प्रश्न 13.
मौर्य सम्राट गुप्तचर की नियुक्ति क्यों करते थे?
उत्तर :
साप्राज्य की खोज-खबर रखने के लिए मौर्य साम्राज्य में गुप्तचर की नियुक्ति की गई थी। विदेशी अथवा अपरिचित लोगों पर गुप्तचरों का ध्यान रहता था। राज्य कर्मचारी ऐसे थे कि राजकुमार भी इनकी दृष्टि से नहीं बच पाते। साम्राज्य की सारी खबरें सम्राट के पास पहुँच जाती थीं।

प्रश्न 14.
मेगास्थनीज की दृष्टि में पाटलिपुत्र नगर का संचालन किस तरह होता था?
उत्तर :
मेगास्थनीज के लेख से पाटलिपुत्र नगर के शासन संचालन के बारे में जानकारी मिलती है। नगर संचालन के लिए छ: दल मिलकर ही पूरे नगर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों की देख-भाल करते थे। वे मंदिर, मस्जिद, बन्दरगाह एवं वस्तुओं की कीमत को तय करते थे। नगर संचालन के कार्य के लिए सैनिक भी रहते थे।

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प्रश्न 15.
कलिंग युद्ध का क्या महत्व है?
उत्तर :
कलिंग युद्ध में हुए भीषण नरसहार को देखकर अशोक का हुदय करुणा से पसीज उठा और उसने भविष्य में कभी भी युद्ध न करने की प्रतिज्ञा की। उसने बौद्ध धर्म स्वीकार कर दिग्विजय के स्थान पर धर्म विजय की नीति को अपनाया।

प्रश्न 16.
मौर्य साग्राज्य के पतन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर :
मौर्य साम्राज्य के पतन के निम्नलिखित कारण थे :

  1. विशाल साम्राज्य और अयोग्य उत्तराधिकारी : मौर्य साम्राज्य इतना विशाल हो गया था कि अशोक के बाद उसके अयोग्य उत्तराधिकारी उसे सम्भाल नहीं सके जिसके कारण मौर्य साम्राज्य का पतन हो गया।
  2. अशोक की अहिंसात्मक नीति : अशोक की अहिंसा की नीति मौर्य वंश के पतन का सबसे बड़ा महत्वपूर्ण कारण थी।
  3. योग्य उत्तराधिकारी का अभाव : मौर्य वंश के पतन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारण योग्य उत्तराधिकारी का अभाव था। अशोक के बाद मौर्य वंश का कोई भी शासक योग्य नहीं हुआ जिसके कारण मौर्य साम्राज्य का पतन हो गया।

प्रश्न 17.
मौर्यकाल में जंगल के निवासियों की स्थिति कैसी थी?
उत्तर :
मौर्य शासन विभिन्न प्रकार के लोगों को एक ही स्थान के अन्तर्गत लाना चाहते थे। लेकिन जंगल के निवासियों के प्रति उनकी सोच अन्छी नहीं थी। जंगल में जो लोग रहते थे उन्हें नीच, असभ्य और बेकार समझा जाता था। अटवी का अर्थ है – जंगल/ जो जंगल में रहते हैं, वे आटवीक हैं। कहा जाता था कि वे विभिन्न प्रकार के झमेले का सूत्रपात मौर्य साग्राज्य में करते थे। वहीं दूसरा समूह जंगल के निवासी अरण्यचर था। वे बहुत ही शांत और अच्छे थे। लेकिन जंगल के निवासियों को जनपद में नहीं रखा जाता था। गुप्तचर ऋषि के रूप में उन पर नजर रखते थे। जंगल से बहुत कुछ मिलता था। इस जंगल के ऊपर अपना कब्जा जमाना जरूरी था। पेड़ काटने अथवा पशु-पक्षी को मारने पर उन्हें द्ण्ड भी मिलेगा। ऐसी घोषणा समाट अशोक ने की थी ।

प्रश्न 18.
गंगारिदाई राज्य के बारे में आप क्या जानते हैं ?
उत्तर :
ग्रीक और रोमन में मगध के पूर्व की ओर एक शक्तिशाली गंगारिदाई राज्य था। इस राज्य की राजधानी गंगा अथवा गांगे बन्दरगाह नगर था। राजा नन्द के शासनकाल में इस राज्य के साथ मगध के सम्पर्क की बाते ग्रीक लेखक तालमीर ने लिखा है। अलक्जेण्डर (सिकंदर) के आक्रमण के समय ही गंगारिदाई के सैनिक मगध सैनिकों के साथ जुड़े हुए थे। इस राज्य के हाथी वाहिनी और योद्धाओं की वीरता की कहानी को ग्रीक लेखको ने लिखा है। ऐसा लगता है कि गंगारिदाई राज्य को ही येरीप्लास के लेखक ने गंगादेश के रूप में उल्लेख किया है। इस राज्य के नाम से ही गंगा नदी के सम्बन्ध में उसकी स्थिति स्पष्ट होती है।

प्रश्न 19.
कौटिल्य (चाणक्य) ने अपनी पुस्तक अर्थशास्त्र में राजा की दिनचर्या के विषय में क्या लिखा है?
उत्तर :
कौटिल्य के अर्थशार्त के अनुसार आलसी राजा की प्रजा भी आलसी होती हैं। अगर राजा कार्य करते हैं तो प्रजा भी कार्य में व्यस्त रहेगी। इसलिए एक राजा को प्रत्येक दिन क्या-क्या करना चाहिए उसकी तालिका कौटिल्य ने नीचे दी है। 24 घण्टे को दो भागो में बाँटा गया है। प्रत्येक 12 घण्टे में आठ प्रकार के कार्य राजा को करनां चाहिए। सूर्य निकलने के बाद रात तक यह सारे कार्य संपत्न होने चाहिए।

तालिका निम्न प्रकार हैं :-

दिन रात
i) जमा एवं खर्च के हिसाब की जाँच तथा सुरक्षा व्यवस्था के बारे में खोज-खबर लेनी होगी। i) गुप्तचरों के साथ बातचीत करना।
ii) नगर और ग्राम के लोगों की सुविधा-असुविधा की बात सुनना। ii) स्नान, खाना और पढ़ाई-लिखाई करना।
iii) स्नान-खाना और पढ़ाई-लिखाई करना, आराम करना। iii) गीत सुनते-सुनते बिछावन पर सो जाना।
iv) नगद राजस्व लेना। विभित्र मंत्रियों के बीच कार्य का बंटवारा। iv) राज्य संचालन के प्रति नये-नये कार्य की रूपरेखा तैयार करना।
v) मंत्री परिषद् का परामर्श लेना, पत्र लिखना। v) सोएंगे (कुल मिलाकर 4 1/4 घण्टा सोने का समय राजा के लिए निश्चित किया गया।
vi) आराम करना अथवा अपनी इच्छानुसार कार्य करना। vi) संगीत के शब्द को सुनकर नींद से उठना। शासन की विभिन्न पद्धतियों को लेकर सोचना। क्या-क्या कार्य करना होगा, इसके बारे में भी सोच विचार करना।
vii) हाथी, घोड़ा, रथ सेना एवं सामंतों की स्थिति के बारे में जानकारी लेना। vii) मंत्रियों के साथ आलोचना करना। गुप्तचरों को विभिन्न कार्य के लिए भेजना।
viii) सेनापति के साथ युद्ध और सैनिक के बारे में आलोचना करना। viii) पुरोहितों का आशीर्वाद लेना। अपने चिकित्सक के साथ मुलाकात करना। प्रधान रसोइया एवं ज्योतिषी के साथ भी मुलाकात करना।

प्रश्न 20.
कुषाण कौन थे ?
उत्तर :
मध्य एशिया से एक यायावर समूह पश्चिम की और चले गए। वे वहाँ के अफगानिस्तान और भारतीय उपमहादेश के उत्तर-पश्चिम भाग में पहुँचे। इनमें से इडेयझी समूह सबसे महत्वपूर्ण था। इस समूह की एक शाखा कू एई सुयात थी। वे वाकट्रियार के ऊपर अधिकार कायम किए हुए थे। ये लोग ही भारतीय इतिहास में कुषाण के नाम से परिचित थे। धीरे-धीरे कुषाणों ने एक विशाल साप्राज्य का निर्माण किया।

प्रश्न 21.
कुषाण राजा कनिष्क के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
कुषाण वंश का सबसे महान शासक कनिष्क था, जो 78 ई० में शासक बना। लगभग तेईस वर्ष तक कनिष्क ने शासन किया। उसी साल से ही शताब्दी (शकाब्द) की गिनती शुरू हुई। कनिष्क के शासनकाल में कुषाण का शासन गंगा के पर्वतीय क्षेत्रों के विशाल भाग में फैल गया था। यहाँ के पाकिस्तान का प्रायः पूरा क्षेत्र ही कुषाण शासक के अन्तर्गत था। मथुरा तक भारतीय उपमहादेश में कुषाणों का शासन फैल गया था। कनिष्क की राजधानी पुरुषपुर अथवा पेशावर था। लेकिन कुषाणों का प्रधान शासन केन्द्र वाकट्रिया अथवा बलहिक प्रदेश था।

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प्रश्न 22.
कुषाण की शासन व्यवस्था के बारे में तुम क्या जानते हो?
उत्तर :
प्राचीन चीन के सम्राट स्वयं को देवता का पुत्र कहते थे। कुषाण वास्तव में चीन से आए थे। इसीलिए वे चीनी सम्राट की भाँति स्वयं को देवपुत्र अर्थात् देवता के पुत्र के रूप में घोषित करते थे। विम कदफिसेस विश्व बह्माण्डकर्ता की भी उपाधि लिए थे। कनिष्क ने महाराजाधिराज देवपुत्र शाही की उपाधि धारण की। कुषाणों की मुद्रा में सिर के पीछे एक प्रकार का ज्योतिर्वलय दिखाई देता था। वैसा ही ज्योतिर्वलय देवताओं के सिर के पीछे खुदाई किया जाता था।

सम्राट और देवता दोनों को एक ही समझने के लिए शासक वर्ग विभिन्न प्रकार के प्रयास करते थे। वैसा ही एक प्रयास देवकुल की प्रतिष्ठा थी। विशाल कुषाण साम्राज्य में विभिन्न प्रकार के लोग निवास करते थे। उन सभी को एकजुट करने के लिए ही शासक को देवता के रूप में प्रचार किया जाता था। देवकल मंदिर जैसा ही एक पूजा स्थान था। वहाँ पर कुषाण की मूर्ति रखी जाती थी। मथुरा में एक देवकुल था। वहाँ पर सम्राट विम की सिंहासन पर बैठी हुई मूर्ति पाई गई है। संभवतः प्रथम कनिष्क का सिर दूटा हुआ मूर्ति इसी देवकुल का था।

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कुषाण शासन में विशेष ध्यान देने की बात यह है कि यहाँ दो लोग मिलकर राजपाट चलाते थे। कुछ क्षेत्रों में यह देखा गया है कि पिता और पुत्र दोनों एक साथ शासन के कार्य करते थे। शासन व्यवस्था की सुविधा के लिए सामाज्य को कई प्रदेशों में बाँटा जाता था। इन प्रदेशों के शासक को क्षत्रप कहा जाता था।

प्रश्न 23.
सातवाहन कौन थे ?
उत्तर :
सातवाहन शासकों की जाति और कुल के विषय में निश्चित रूप से कुछ ज्ञात नहीं है। इन्हें आंध्र जाति का माना गया है जो गोदावरी तथा कृष्णा नदियों के बीच के क्षेत्र में निवास करते थे। सातवाहनों को आंध्र भृत्य भी कहा गया है क्योंकि ये मगध में नौकरी करते थे। आंध्र जाति का एक योग्य व्यक्ति सातवाहन ने दक्षिण भारत में अपना राज्य स्थापित कर गोदावरी तट पर स्थित नगर पैठन (प्रतिष्ठान) को अपनी राजधानी बनाया। उसी के नाम पर इस वश का नाम सातवाहन वंश पड़ा।

बाद में सातवाहनों ने आंध्र पर अधिकार कर अपने राज्य का विस्तार किया। प्रसिद्ध सातवाहन शासक सिंधउक या सिमुक ने मगध के कणव वंश के शासक सुशर्मा को मारकर मगध में सातवाहन शासन स्थापित किया। अधिकार करने के उपरांत उन्हें सातवाहन कहा गया। सातवाहन शासकों में गौतमी पुत्र शातकणीं सर्वश्रेष्ठ शासक था। उसने एक शासक को पराजित करने का गौरव प्राप्त किया। सातवाहनों ने 231 वर्षो तक शासन किया।

प्रश्न 24.
गौतमी पुत्र शातकर्णी पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर :
गौतमी पुत्र शातकर्णी सातवहान वंश का महान एवं प्रतापी राजा था। उसने 130-106 ई० पू० तक शासन किया। गौतमी पुत्र शातकर्णी महान विजेता, महान योद्धा होने के साथ-साथ महान सुधारक भी था। उसने क्षत्रियों के अहंकार को नष्ट कर ब्राह्मणों की मर्यादा बढ़ाई। नासिक अभिलेख में गौतमी पुत्र शातकर्णी की उपलब्धियों की चर्चा की गयी है। वह अपनी माता का आज्ञाकारी पुत्र था। वह एक महान विजेता के रूप में विख्यात हुआ है। उसने शक राजा नाझाम को भी बुरी तरह पराजित किया। उसने शक-यवन, पद्मव स्निरूदम की उपाधि धारण की। गौतमी पुत्र शातकर्णी को नासिक गुहा लेख में ‘त्रि समुद्रतटीय पीत वाहनस्थ’ कहा गया है जिसका अर्थ होता है उसकी सेना के वाहन तीनों समुद्रों का जल पीते थे। इससे स्पष्ट होता है कि उसके साप्राज्य की सीमाएँ अरब सागर, हिन्द महासागर और बंगाल की खाड़ी तक फैली थीं।

प्रश्न 25.
सातवाहन शासन-व्यवस्था के बारे में तुम क्या जानते हो?
उत्तर :
सातवाहन शासन व्यवस्था में राजा ही प्रधान होता था। इतना ही नहीं वे सेना के भी प्रधान होते थे। कुषाणों की भाँति सातवाहन के शासक भी शासन व्यवस्था की सुविधा के लिए बड़े क्षेत्रों को छोटे-छोटे प्रदेशों में विभाजित किए थे। सातवाहन शासन में प्रदेश का दायित्व अमारी नामक कर्मचारी पर रहता था। ‘भाग’ और ‘बलि’ दोनों प्रकार का वर लिया जाता था। उत्पन्न फसल का 7 / 6 भाग कर के रूप में लिया जाता था। वाणिज्यिक लेन-देन से भी कर की अदायगी किया करते थे। व्यापारियों से नकद कर सातवाहन के समय लिया जाता था। सातवाहन शासक धार्मिक प्रतिष्ठान को जमीन देने पर कर नहीं लेते थे। विशेष क्षेत्रों में कभी-कभी कर में रियायत भी दी जाती थी। मौर्य सामाज्य की भाँति सातवाहन ने भी नमक पर कर लगाया था।

राजतांत्रिक शासन के साथ-साथ अराजतांत्रिक समूह का भी शासन था। मध्य भारत और पथ्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में अराजतांत्रिक समूह टिका हुआ था। उन्होंने स्वयं ही ताँबे की मुद्रा का प्रचलन शुरू किया। राजशक्ति के साथ एवं समूहों के साथ लड़ाई भी हुआ करती थी।

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प्रश्न 26.
गुप्त कौन थे?
उत्तर :
गुप्त वंश की उत्पत्ति के विषय में निश्चित रूप से ज्ञात नहीं है। बीसवीं शताब्दी के मध्य में कुषाण साम्माज्य के पतन के पश्चात् भारत कई छोटे-छोटे राज्यों में बँट गया। यह राजनैतिक अव्यवस्था कई वर्षो तक चलती रही। तीसरी शताब्दी के अंत तथा चौथी शताब्दी के प्रारम्भ में श्रीगुप्त का पता चलता है जो इस वंश के संस्थापक माने जाते हैं। इस वंश के सम्राट के अन्त में गुप्त लगे होने के कारण इस वंश का नाम गुप्त वंश पड़ा।

प्रश्न 27.
गुप्त साप्राज्य के राजाओं का परिचय संक्षेप में दीजिए।
उत्तर :
अनुमानत: 262 ई० के लगभग में उत्तर भारत में कुषाण शासन का अन्त हो गया। उसके भी प्रायः पचास वर्ष से भी ज्यादा समय तक उत्तर भारत में गुप्त शक्तियाँ शक्तिशाली बन रही थी।

चन्द्रगुप्त प्रथम के समय से ही गुप्त शासन की क्षमता चारों तरफ फैल गई थी। 399-330 ईस्वी में चन्द्रगुप्त प्रथम शासक बने। इस समय से ही गुप्त काल का आरंभ माना जाता है। मध्य गंगा की घाटी के आधार पर ही गुप्त साम्राज्य का विस्तार हुआ। सम्भवत: 335 ई० तक चन्द्रगुप्त प्रथम का शासन काल था।

परवर्ती शासक समुद्रगुप्त के शासनकाल में गुप्त साम्राज्य का काफी विस्तार हुआ था। आर्यावर्त के नौ शसको को समुद्र गुप्त ने पराजित किया था। जंगल अथवा आटविक राज्य भी उनके अधीन हो गया था जिसके परिणामस्वरूप पूर्व राढ़ से पथ्चिम गंगा घाटी के ऊपर के भाग तक गुप्त शासन का विस्तार हुआ। दक्षिण भाग में बारह राजाओं को समुद्रगुप्त ने पराजित किया। सुदूर दक्षिण में तमिलनाडु के उत्तर-पूर्व भाग तक गुप्त साम्राज्य का अधिकार हुआ।

समुद्रगुप्त का पुत्र चन्द्रगुप्त द्वितीय 386 ई० के लगभग शासक बना। गुजरात क्षेत्र से शक-क्षत्रप शासको को हटाने का कार्य चन्द्रगुप्त द्वितीय ने ही किया। इसलिए उन्हें शकारि कहा गया। उनके शासनकाल में ही सबसे पहले चाँदी की मुद्रा का प्रचलन आरम्भ हुआ था। चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल में गुप्त साम्राज्य की परिधि का विस्तार हुआ था।

चन्द्रगुप्त द्वितीय के पश्चात् कुमार गुप्त प्रथम समाट बना। उसके शासनकाल में गुप्त साम्राज्य की परिधि और क्षमता पहले ही जैसी थी। उसने साम्राज्य में विभिन्न प्रकार की मुद्रा का प्रचलन किया। उसके समय में ही नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। कुमार गुप्त प्रथम का पुत्र स्कन्दगुप्त इसके बाद सम्राट बना। अनुमानतः 458 ईस्वी में उपमहादेश के उत्तरपश्चिम की ओर हूणों ने आक्रमण किया। स्कंदगुप्त इसके सफलतापूर्व इस आक्रमण का मुकाबला किया। वे ही सम्भवत: अंतिम गुप्त सम्राट थे।

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प्रश्न 28.
इलाहाबाद प्रशस्ति से तुम क्या समझते हो ?
उत्तर :
इलाहाबाद दुर्ग के भीतर एक शिलालेख है। उस लेख में गुप्त युग की बाह्मी लिपि और संस्कृत भाषा में खुदाई की गई थी। इलाहाबाद के कौशाम्बी ग्राम में वह लेख था। बाद में मुगल सम्राट अकबरने उसे वहाँ से लाकर दुर्ग में रखा। इस लेख में ही प्रशस्ति की खुदाई की गई। इस लेख में सम्राट समुद्रगुप्त के युद्ध, राज-काज इत्यादि बातों को लिखा गया था।

प्रश्न 29.
चंद राजा का स्तम्भ कहाँ अवस्थित है ? उसके बारे में लिखो।
उत्तर :
दिल्ली के कुतुबमीनार के पास एक ऊँचा लोहे का स्तम्भ है। उसके ऊपर एक लेख की खुदाई की गई थी। चंद नाम के एक शक्तिशाली विष्णुभक्त राजा के युद्ध का वर्णन किया गया था। उस लेख में साल, तारीख का उल्लेख नहीं है। यह चंद राजा कौन था, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी भी नहीं मिली है। यह लेख सम्भवतः ईसा के पाँचवीं शताब्दी में ही खुदाई की गई थी। इस चंद राजा को चंद्रगुप्त द्वितीय ही माना जाता है क्योंकि लेख में उन्हीं के समकालीन असंख्य मेल होने के बावजूद जो लेख में कहा गया था कि चंद्रगुप्त द्वितीय ने सभी क्षेत्रों पर जीत हासिल नहीं की थी। यह वर्णन काफी हद तक काल्पनिक है।

प्रश्न 30.
गुप्त वंश के पतन का कारण क्या था?
उत्तर :
गुप्त साम्राज्य के पतन के लिए राज परिवार को लेकर अन्तर्द्वन्द्व एवं राजवंश की दुर्बलता एक प्रमुख कारण था। सम्राट प्रथम कुमार गुप्त की मृत्यु के बाद सम्भवतः एक संघर्ष के द्वारा स्कन्दगुप्त गद्दी पर बैठा। सत्ता को लेकर गुप्त राज्य दुर्बल हो गया जिसका लाभ उठा कर शकों और हूणों ने बार-बार गुप्त साम्राज्य पर आक्रमण किया। स्कन्द गुप्त ने विदेशी आक्रमणकर्ता को पराजित अवश्य किया परन्तु उसके बाद कोई भी योग्य और शक्तिशाली शासक नहीं हुआ जो बाहरी आक्रमणों को रोक सके, जिसके फलस्वरूप गुप्त साप्राज्य का पतन हो गया।

प्रश्न 31.
हर्षवर्द्धन कौन था?
उत्तर :
हर्षवर्द्धन पुष्यभूति वंश के शासक प्रभाकर वर्द्धन का सबसे छोटा पुत्र था। अपने बड़े भाई राजवर्द्धन की मृत्यु के बाद 16 वर्ष की आयु में वह 606 ई० में सिंहासन पर बैठा एवं 647 ई० तक शासन किया था।

प्रश्न 32.
हर्षवर्द्धन की विजय के बारे में आप क्या जानते हो?
उत्तर :
हर्ष ने बहुत ही महत्वपूर्ण विजय प्राप्त की परन्तु वह बंगाल के गौड़ शासक शशांक को कभी पराजित नहीं कर पाया। शशांक की मृत्यु के बाद ही वह आसाम के शासक भास्कर बर्मन के साथ मिलकर बंगाल पर विजय प्राप्त कर सका जिसे सम्भवतः दोनों ने आपस में बाँट लिया। इसके पश्चात् उसने मालवा को पराजित किया और उसके राज्य के भागों को अपने राज्य में मिला लिया। उसके बाद बल्लवी शासक ध्रुवसेन द्वितीय को पराजित करके हर्ष ने सूरत तक अपने राज्य का विस्तार किया। बाद में ध्रुवसेन से हर्ष ने अपनी लड़की का विवाह करके सम्बन्ध स्थापित कर लिया था। परन्तु हर्ष को दक्षिण में चालुक्य राज्य पुल्केशिन द्वितीय के विरुद्ध पराजय का मुख देखना पड़ा।

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हर्ष का साम्राज्य विस्तार : सम्भवतः जिस समय हर्ष अपनी शक्ति एवं गौरव की चरम सीमा पर था उस समय उसका साम्राज्य पूर्व में आसाम, बंगाल, बिहार एवं ओडिशा से उत्तर में पंजाब एवं उत्तर प्रदेश तक तथा मध्य एवं पश्चिमी भारत में मालवा, सूरत एवं गंजम तक विस्तृत था। उसकी जीवनी में लेखक वाणभट्ट ने यद्यपि सिंध एवं नेपाल को भी उसके साम्राज्य के अन्तर्गत बताया है।

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प्रश्न 33.
हर्षवर्द्धन के शासन प्रबंध के बारे में लिखिए ।
उत्तर :
शासन व्यवस्था के प्रधान व्यक्ति हर्षवर्द्धन स्वयं थे। उन्हें मंत्री परिषद् सहायता करती थी। इसके अलावा अमात्यों के भी हाथों में राज-काज का दायित्व रहता था। लगातार युद्ध करने के कारण ही हर्षवर्द्धन की विशाल सेनाएँ थी। हर्षवर्द्धन की सेना में 6000 हाथी, 29000 घुड़सवार एवं 100000 पैदल सेना थे।
शासन व्यवस्था के लिए आवश्यक सम्पत्ति कर से ही आती थी। जमीन से उत्पादित फसल का 1 / 6 भाग कर के रूप में लिया जाता था। इसके अलावा व्यापारियों से भी कर की वसूली की जाती थी। धार्मिक प्रतिष्ठान में बिना कर के ही जमीन का दान दिया जाता था।

प्रादेशिक शासन के क्षेत्र में गुप्त शासन की तरह बुनियादी संरचना हर्षवर्द्धन के समय भी देखी जाती है। सम्भवतः शासन-व्यवस्था को चलाने के लिए ही मंत्रियों को लेकर गठित परिषद उनकी सहायता करते थे। दूर के प्रदेशों में सामंत राजा का कोई प्रतिनिधि शासन करता था। प्रत्येक प्रदेश जिला में विभक्त था। शासन-व्यवस्था में सबसे नीचे ग्राम था। हर्षवर्द्धन की मृत्यु के पश्चात् पुष्यभूति वंश का शासन समाप्त हो गया।

प्रश्न 34.
ह्वेनसांग पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर :
ट्वेनसांग हर्षवर्द्धन के शासनकाल में भारत आने वाला एक चीनी यात्री था। वह चीन के चिन-ल्यू नामक नगर का निवासी था। वह बौद्ध धर्म ग्रन्थों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए चीन के राजा से अनुमति लेकर 620 ई० में भारत के लिए चल पड़ा। मार्ग में अनेक मुश्किलों का सामाना करते हुए ताशकन्द, फरगना, चारकन्द, खोतान आदि राज्यों से होते हुए 630-631 ई० में वह भारत पहुँचा। ह्लेनसांग आठ वर्षो तक कन्नौज के राजा हर्षवर्द्धन के दरबार में रहा तथा उसने नालन्दा विश्धविद्यालय में बौद्ध ग्रन्थों का अध्ययन किया।

प्रश्न 35.
वाणभट्ट द्वारा रचित हर्षचरित के बारे में लिखिए ।
उत्तर :
वाणभट्ट हर्षवर्द्धन को लेकर हर्षचरित काव्य को लिखे थे। यह वास्तव में एक प्रशस्ति काव्य था। अर्थात् इस काव्य में केवल हर्ष का गुणगान ही किया गया था, साथ ही साथ पुष्यभूतियों के राजत्व और उसके इतिहास की आलोचना भी वाणभट्ट ने की। हर्ष का गुणगान करते हुए उनके विरोधियों को नीच दिखाया गया। जैसे राजा शशांक को छोटा करके दिखाने का प्रयास किया गया है। हर्षचरित वास्तव में हर्षवर्द्धन की संक्षिप्त जीवनी है। लेकिन केवल गुणगान करने के उद्देश्य से ही यह लिखा गया था।

प्रश्न 36.
हर्षवर्द्धन के बौद्ध सम्मेलन और प्रयाग दान के सम्बन्ध में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
हर्षवर्द्धन प्रत्येक वर्ष बौद्ध सम्मेलन का आयोजन करते थे, वहाँ पर वे 21 दिन तक विचार-विमर्श करते थे। जो अच्छे कार्य करते थे, उन्हें पुरस्कृत किया जाता था। गलत कार्य करने पर उन्हें राज्य से निकाल दिया जाता था।
प्रयाग में हर्ष के महादान क्षेत्र और उत्सव को लेकर सुयान जंग ने लिखा है कि महादान के क्षेत्र में बुद्ध और शिव की मूर्ति बैठाई जाती थी। आठ दिनों तक विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का दान किया जाता था जिसके फलवस्वरूप पाँच साल तक जमा की गई सम्पत्ति समाप्त हो जाती थी। सब कुछ दान करके हर्ष केवल एक पुरानी पोशाक ही पहनते थे। इसके बाद बुद्ध की पूजा करके उत्सव समाप्त होता था।

प्रश्न 37.
अशोक को सर्वश्रेष्ठ सम्राट कहा जाने का कारण क्या था?
उत्तर :
भारत तथा विश्व के इतिहास में अशोक सर्वश्रेष्ठ शासकों में से एक है :-

  1. धर्म विजेता के रूप में :- कलिंग युद्ध के बाद अशोक बौद्ध धर्म ग्रहण किया तथा उस धर्म को विश्व धर्म के रूप में स्थापित किया।
  2. लोक कल्याणकारी शासक के रूप में :- अशोक ही विश्व का पहला शासक था जो एक कल्याणकारी राष्ट्र व्यवस्था का निर्माण किया था।
  3. मानव के प्रति प्रेम : मानव जाति के प्रति अत्यधिक प्रेम तथा लगाव ने उन्हें विश्व इतिहास में स्थायी शासन दिया।
  4. कला-संस्कृति के पृष्ठपोषक :- अशोक के प्रयास से असंख्य स्तूप, स्तंभ का निर्माण हुआ एवं बाह्मी तथा खरोष्ठी लिपियों का प्रचलन हुआ।

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प्रश्न 38.
‘अशोक धम्म’ पर टिप्पणी लिखो।
उत्तर :
अशोक ने बौद्ध धर्म के साथ-साथ प्राणी मात्र के कल्याण हेतु कुछ विशेष धर्म सिद्धांतों का प्रचार किया। ये सिद्धांत सभी धर्मों के अनुकूल अर्थात् सर्व धर्म के सार रूप में थे। अशोक सभी धर्मों का आदार करता था। वह मानव के साथ-साथ समस्त-जीव-जंतुओं के सुख की कामना करता था। उसने पशुबलि पर रोक लगा दी थी। उसके राज्य में आखेट तथा मांसाहार की आज्ञा न थी। स्वयं बौद्ध होते हुए भी उसने अपनी प्रजा में सभी धर्मों के मूल तत्वों पर आधारित मानव-धर्म का प्रचार किया जिसे अशोक का धम्म कहा गया है। धम्म में नैतिक आचरण पर विशेष जोर दिया गया है।

उसमें कर्मकांड, पूजा-पाठ आदि के लिए कोई स्थान नहीं था। माता-पिता, गुरु और वृद्धों की सेवा-सुश्रुषा करना तथा उनके प्रति आदर का भाव रखना और दीन-दुखियों तथा समस्त जीव-जंतुओं के प्रति करुणा का भाव प्रदर्शित करना ही धम्म के विशेष अंग थे। परोपकार, सत्य, पवित्रता, संयम और साधुता के आचरण के साथ-साथ क्रोध, अभिमान, ईष्या, कठोरता जैसे अमानवीय कार्यों का त्याग करने के उपदेश दिये जाते थे। अशोक ने उन सभी उच्च आदर्शों एवं नैतिक मूल्यों का प्रचार किया जिनसे सामान्य जन-जीवन में शांति और सुख की स्थापना हो सकती थी। अशोक का धम्म विशुद्ध मानवतावादी आचार-विचार का धर्म था।

प्रश्न 39.
मौर्य सम्राट अपना साम्राज्य कैसे चलाते थे?
उत्तर :
विशाल साम्राज्य को चलाने के लिए सम्राट प्रजा से कर लेते थे। मौर्य ने ही सबसे पहले राजस्व अथवा कर व्यवस्था को लागू करवाया। राजस्व का सबसे ज्यादा आदायगी कृषि से ही होता था। किसान अपनी फसल के 1 / 6 भाग राजस्व के रूप में देते थे। बलि और भाग नाम की दो प्रकार की भूमि राजस्व मौर्य के शासन काल में आरंभ-हुआ लेकिन सम्माट अपनी इच्छानुसार कर में छूट भी देते थे। गौतम बुद्ध का जन्मस्थान लुंबनी ग्राम में वलि कर में सम्राट अशोक ने छूट दी थी। कारीगर, व्यवसायी, व्यापारी, सभी से मौर्य प्रशासन कर की अदायगी करता था। लेकिन पाटलिपुत्र में बैठकर विशाल साम्राज्य पर शासन करना संभव नहीं था।

उस साम्राज्य के विभिन्न प्रदेशों में शासन कार्य की देखभाल करने के संबंध में सम्राट को सोचना पड़ता था। प्रदेश के नीचे जिला प्रशासन था। जिला प्रशासन को आहार कहा जाता था। इस प्रकार से सम्राट और उसके नीचे राजकर्मचारियों के विभिन्न स्तर भाग शासन व्यवस्था में देखा गया है। साम्राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों की भाषा भी अलग थी। उसी बात को ध्यान में रखकर ही सम्राट के वक्तव्य को विभिन्न भाषाओं में प्रचारित किया जाता था। साम्राज्य के उत्तर भाग में पालि भाषा का प्रयोग होता था। वहीं दूसरी ओर दक्षिण भाग में संस्कृत भाषा में प्रचार होता था।

केवल कर्मचारी, सेना एवं गुप्तचर के ऊपर ही मौर्य साम्राज्य की नींव टिकी हुई नहीं थी। मौर्य सम्राट अशोक ने अपने धम्मनीति अथवा धर्म नीति से जनता को एकजुट करने का प्रयास किया। कलिंग युद्ध के बाद अशोक ने और कोई दूसरा युद्ध नहीं किया। हिंसा के बदले शांति की नीति को उन्होंने अपनाया। बौद्ध रीति-नीति का उन पर प्रभाव पड़ा था, मनुष्य और पशु-पक्षी के ऊपर हिंसा को रोकने के लिए अशोक ने प्रयास किए। साम्राज्य के सभी जगह उन्होंने धम्म की बातों को पहुँचाया था।

प्रश्न 40.
कुषाण सप्राट कनिष्क की उपलब्धियों का संक्षेप में वर्णन करो :-
उत्तर :
कनिष्क की उपलब्धियाँ :-
राज्य विजय : कनिष्क पाटलिपुत्र, गांधार, पुरुषपुर के अलावा मध्य एशिया के काशगर, यारकंद, खोतान इत्यादि देशों पर विजय अभियान चलाकर अधिकार स्थापित किया।
बौद्ध धर्म के प्रति लगाव :- बौद्ध धर्म के पृष्ठपोषक के रूप में कनिष्क ने पुराने बौद्ध मठ, विहार का जीर्णोद्धार किया तथा बहुत से नये बौद्ध मठ, स्तूप का निर्माण किया।
साहित्य एवं कला के पोषक :- कनिष्क महान साहित्य-प्रेमी था। उसके दरबार में बड़े-बड़े विद्वान रहते थे। इनमें चरक और कनिष्क के मंत्री माठर अधिक प्रसिद्ध हैं। महान कवि और नाटककार अश्वघोष भी कनिष्क के दरबार में रहते थे। कनिष्क कला का भी महान-प्रेमी था। कश्मीर में उसने एक नगर स्थापित किया। उसने अनेक बौद्ध मठों एवं स्तम्भों का निर्माण कराया। कनिष्क के शासनकाल में गांधार कला एवं मधुरा कला का भी विकास हुआ।
विदेशियों के साथ संपर्क : कनिष्क के शासनकाल में भारत-चीन, भारत-रोम संपर्क में उन्नति दिखाई पड़ी थी तथा जापान, मिस्र, ग्रीस के साथ भारत का सम्मर्क स्थापित हुआ था।

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प्रश्न 41.
मौर्यकालीन कला एवं साहित्य का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर :
कला :- मौर्यकालीन कला अभूतपूर्व थी। अशोक से पूर्व कला कृतियों में प्राय: ईंट एवं लकड़ी का प्रयोग होता था। चन्द्रगुप्त का राज प्रसाद भी प्रमुखतः लकड़ी का बना होता था। परन्तु अशोक ने पाषाण का प्रयोग प्रारम्भ किया। मौर्यकालीन कला पर ईरानी एवं यूनानी कला का प्रभाव अवश्य था। परन्तु वह केवल उनकी नकल मात्र नहीं थी।
वस्त्र निर्माण कला इस युग में समुन्रत थी। इस युग में हाथी दाँत की वस्तुएं व आभूषण के निर्माण की कला अत्यन्त विकसित थी। अशोक ने स्तूपों, विहारों, मठों एवं लाटों का निर्माण कराया। बौद्ध अनुश्रुतियों के अनुसार अशोक ने 84 हजार स्तूपों का निर्माण करवाया था जो भारत के विभिन्न भागों में विद्यमान थे। अशोक द्वारा निर्मित भरहुत तथा सांची के स्तूप, प्रयाग, सारनाथ तथा नन्दनगढ़ मौर्य कला के अनुपम उदाहरण हैं।

साहित्य :- मौर्यकाल में साहित्य का भी पर्याप्त विकास हुआ। कौटिल्य का अर्थशाख्त पाणिनी का व्याकरण मेगास्थनीज की इंडिका, त्रिपिटक आदि मौर्य युग के प्रसिद्ध ग्रन्थ हैं।

प्रश्न 42.
कनिष्क ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए क्या-क्या प्रयत्न किया?
उत्तर :
वास्तव में कनिष्क का महत्व एक शासक और विजेता की अपेक्षा अपने धर्म प्रचार, भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के प्रति प्रेम के कारण अधिक था। विद्वान ऐसा मानते हैं कि कनिष्क पहले यूनानी धर्म का अनुयायी था। उसकी मुद्राओं पर यूनानी देवता, सूर्य, चन्द्रमा, अग्नि और सर्वाधिक रूप में बुद्ध के चित्र मिलते हैं। बौद्ध दार्शनिक अश्चघोष के सम्पर्क में आकर वह बौद्ध धर्म चीन, तिब्बत, जापान और मध्य एशिया के अनेक देशों में फैल गया। बौद्ध धर्म के मतभेद को मिटाने के लिए कनिष्क ने कश्मीर में चौथी सभा का विराट आयोजन किया था। कनिष्क ने अशोक की भांति बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए अनेक प्रकार के उपाय और प्रयास किए। इसके समय में गांधार बौद्ध धर्म का प्रमुख केन्द्र बन गया था। ‘तक्षशिला’ विश्व विद्यालय शिक्षा और ज्ञान का केन्द्र बन गया था।

प्रश्न 43.
कलिंगराज खारबेल हाथी गुफा के शिलालेख के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर :
मौर्य सम्राट अशोक के शासनकाल में कलिंग मौर्य साम्राज्य के अन्तर्गत था। मौर्यों के पश्चात् कलिंग पुन: स्वाधीन हो गया। चेदी वंश के शासको ने कलिंग पर शासन करना आरम्भ किया। इस वंश के शासक खारबेल कलिंग का प्रथम शक्तिशाली राजा था। ईसा पू० की प्रथम शताब्दी के अन्त तक खारबेल का शासन था। हाथी गुफा के शिलालेख से खारबेल के बारे में जानकारी मिलती हैं। इस शिलालेख में ही ‘भारतवर्ष’ शब्द का प्रयोग किया गया। लेकिन वहाँ पर भारतवर्ष का मतलब सम्भवतः गंगा के पर्वतीय क्षेत्र का एक भाग समझा जाता था। लेकिन ईशा के प्रथम शताब्दी के प्रथम में ही चेदियों का शासन समाप्त हो गया था।

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प्रश्न 44.
नासिक लेख का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
महाराष्ट्र के नासिक से दो लेख मिला है। पहला गौतमी पुत्र सतकर्णी के शासनकाल के 18 वर्ष, दूसरा 24. वर्ष के शको को ध्वंस कर के गौतमीपुत्र सातवाहन के खोए हुए गौरव को वापस पाने का उल्लेख मिलता है। ऐसा लगता है कि वे पुन: नासिक क्षेत्र पर शासन किए थे। मुद्रा से भी इस बात का प्रमाण मिला है। पश्चिम की घाटी से पूर्व की घाटी तक पूरे दक्षिणात्य में अपना अधिकार कायम किए थे। शक क्षेत्र महपान के विरुद्ध सफल होने के बावजूद कादेमक वंश के शक राजा चष्टनेर से गौतमी पुत्र सतकर्णी पराजित हो गए थे।

प्रश्न 45.
मौर्य वंश की सामाजिक दशा का वर्णन कीजिए।
उत्तर :
कौटिल्य के अर्थशास्र एवं मेगास्थनीज के वर्णन से मौर्यकालकी सामाजिक दशा की जानकारी मिलती है।
वर्णाश्रम और वर्ण व्यवस्था :- इस काल में बाह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्र चार जातियाँ थी तथा बह्मचर्य गृहस्थ, वानप्रस्थ एवं संन्यास चार आश्रम थे। धीरे -धीरे वर्ण व्यवस्था कठोर तथा शूद्रों एवं दासों की स्थिति खराब होने लगी थी। मेगास्थनीज ने दार्शनिक, वणिक, शिल्पी, सैनिक, गोपालक, निरकक्षक तथा गुप्तचर नामक सात जातियों का उल्लेख किया है।
स्त्रियों की दशा :- इस काल में स्रियों के सम्मान तथा शिक्षा का कम प्रचार था। पर्दा प्रथा का प्रचलन था। खियों को पुनर्विवाह करने की स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी।
विवाह व्यवस्था :- कौटिल्य के अनुसार समाज में ब्राह्मण, शौल्क, प्रजापत्य, देव, गन्धर्व, असुर, राक्षस और पैशाच नामक आठ विवाह पद्धतियाँ प्रचलित थी।
खान-पान एवं वेश-भूषा :- लोगों का खान-पान और वस्त सादा था। सामान्त और कुलीन लोग सोने-चाँदी के तारों से जड़े रेशमी वस्र पहनते थे। माँस भक्षण तथा मदिरा सेवन आदि सीमित मात्रा में होता था।
आमोद-प्रमोद :- रथदौड़, घुड़दौड़, मल्लयुद्ध, उत्सव, मेला, जुआ आदि मनोरंजन के प्रमुख साधन थे। शतरंज और आखेट द्वारा भी मनोरंजन होता था।
जन-जीवन :- संयुक्त परिवार का प्रचलन था। लोगों का नैतिक जीवन उच्च था। दण्ड व्यवस्था बहुत कठोर थी।

प्रश्न 46.
राज्यश्री कौन थी ? आप इसके बारे में क्या जानते हैं ?
उत्तर :
राज्यश्री प्रकाकर वर्द्धन की पुत्री और राज्यवर्द्धन एवं हर्षवर्द्धन की बहन थी। राजश्री का विवाह मौरवी नरेश ग्रहवर्मन के साथ हुआ था। इस वैवाहिक सम्बन्ध ने दोनों राज्यों की स्थिति को मजबूत बना दिया। प्रभाकर-वर्द्धन की मृत्यु के बाद शशांक ने मालवा के राजा देवगुप्त की सहायता से कन्नौज पर आक्रमण कर दिया एवं ग्रह वर्द्धन की हत्या कर उसकी पत्नी राज्यश्री को कैद कर लिया। यह समाचार सुन कर राज्यवर्द्धन ने राज्यश्री को मुक्त कराने के लिए कन्नौज पहुंचा लेकिन शशांक ने धीखे से राज्यवर्द्धन की हत्या कर दी। राज्यवर्द्धन की मृत्यु के बाद हर्षवर्द्धन ने राज्यश्री को विन्ध्य के जंगलों में ढूँढने में सफल हो गया। तत्पश्चात वह राज्यश्री को लेकर कन्नौज गया तो शशांक कन्नौज छोड़ चुका था। यहाँ राज्यश्री तथा कन्नौज के मंत्रियों के विशेष अनुरोध पर हर्षवर्द्धन ने कन्नौज का शासन भार भी ग्रहण कर लिया तथा कन्नौज को ही अपनी राजधानी बनाया।

बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर (Multiple Choice Question & Answer) : (1 Mark)

प्रश्न 1.
छठीं सदी में ही __________ की शक्ति क्रमशः कमजोर होने लगी थी।
(क) मौर्य
(ख) कुषाण
(ग) गुप्त
उत्तर :
(ग) गुप्त।

प्रश्न 2.
कनिष्क __________ ई० में शासक हुए।
(क) 72
(ख) 75
(ग) 78
उत्तर :
(ग) 78

प्रश्न 3.
ग्रीक शासक सेल्यूकस के दूत के रूप में __________ कन्धार से पाटलीपुत्र के दरबार में गए।
(क) मेगास्थनीज
(ख) सुयाना
(ग) जांग
उत्तर :
(क) मेगास्थनीज।

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प्रश्न 4.
अर्थशास्त्र ग्रन्थ की रचना __________ ने की थी।
(क) कल्हण
(ख) कौटिल्य
(ग) तुलसी दास
उत्तर :
(ख) कौटिल्य।

प्रश्न 5.
शिलादित्य की उपाधि __________ ने ग्रहण किया था।
(क) हर्षवर्द्धन
(ख) अशोक
(ग) समुद्रगुप्त
उत्तर :
(क) हर्षवर्धन।

प्रश्न 6.
गुप्त शासक __________ के समय से ही गुप्तवंश की शक्ति कमजोर होने लगी।
(क) समुद्रगुप्त
(ख) प्रथम कुमार गुप्त
(ग) स्कंदगुप्त
उत्तर :
(ख) प्रथम कुमार गुप्त।

प्रश्न 7.
हर्षवर्द्धन के समय भूमि में उत्पादित फसल का __________ हिस्सा कर के रूपमें लिया करते थे।
(क) \(\frac{1}{2}\)
(ख) \(\frac{1}{4}\)
(ग) \(\frac{1}{6}\)
उत्तर :
\(\frac{1}{6}\)

प्रश्न 8.
__________ धर्म के प्रभाव के कारण अशोक ने हिंसा का त्याग किया था।
(क) शैव
(ख) बौद्ध
(ग) जैन
उत्तर :
(ख) बौद्ध

प्रश्न 9.
भारतीय उपमहादेश में पहली बार सोने की मुद्रा का प्रचलन __________ ने किया था।
(क) विम कदफिस
(ख) कनिष्क
(ग) स्कंदगुप्त
उत्तर :
(क) विम कदफिस

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प्रश्न 10.
__________ युग का इतिहास जानने का एकमात्र साधन अर्थशाख्त्र है।
(क) मौर्य
(ख) कुषाण
(ग) गुप्त
उत्तर :
(क) मौर्य

रिक्त स्थानों की पूर्ति करो (Fill in the blanks) : (1 Mark)

1. सप्राट __________ पर शासन करते हैं।
उत्तर : साप्राज्य

2. बौद्ध धर्म के प्रभाव से सम्राट अशोक ने __________ का त्याग दिया।
उत्तर : हिंसा

3. गुप्त की शक्ति __________ शदी से ही क्रमशः कमजोर होने लगी।
उत्तर : छठवीं।

4. हर्षवर्द्धन ने __________ की उपाधि ग्रहण की।
उत्तर : शिलादित्य

5. 605 ई० में __________ सिंहासन पर बैठे थे।
उत्तर : हर्षवर्द्धन

6. __________ के शासनकाल में नालन्दा महाविद्यालय स्थापित हुआ था।
उत्तर : गुप्त शासक प्रथम कुमार गुप्त

7. गुप्त सप्राट स्कंदगुप्त के समय से ही गुप्तवंश की शक्ति __________ होने लगी।
उत्तर : कमजोर।

8. मौर्य साप्राज्य ही __________ उपमहादेश में पहला साप्राज्य था।
उत्तर : भारत

9. 78 ई० में __________ शासक हुए।
उत्तर : कनिष्क

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10. अशोक के सिंहासनारोहण का समय __________ ई० है।
उत्तर : 273 ई०

11. कनिष्क के सिंहासनारोहण का समय __________ है।
उत्तर : 78 ई०

12. हर्षवर्द्धन की राजधानी __________ थी।
उत्तर : थानेश्वर

13. कनिष्क की राजधानी __________ थी।
उत्तर : पुरुषपुर

14. ________ की राजधानी पेशावर थी।
उत्तर : गौतमीपुत्र सतकर्णी

15. कुषाण साप्राज्य की स्थापना __________ ने की थी ।
उत्तर : कुजुल कदफिस

16. मौर्यवंश के श्रेष्ठ शासक __________ थे।
उत्तर : सम्राट अशोक

17. गुप्त वंश के श्रेष्ठ शासक __________ थे।
उत्तर : समुद्रगुप्त

18. हर्षवर्द्धन की मृत्यु के बाद __________ शासन समाप्त हो गया।
उत्तर : पुष्य भूति

इन वाक्यों में से सही वाक्य के सामने (सही) एवं गलत वाक्यों के सामने (गलत) लिखो :

1. सेल्यूकस और चन्द्रगुप्त मौर्य के बीच हमेशा शत्रुता थी।
उत्तर : सही।

2. मौर्य शासन काल में महिला को भी महामातेर का दायित्व मिलता था।
उत्तर : सही।

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3. कुषाण इस देश के ही नागरिक थे।
उत्तर : गलत।

असमानता वाले शब्द को ढूंढ़कर लिखिए :-

  1. गंगा, गोदावरी, कावेरी, काशी।
  2. वाराणसी, वैशाली, कृष्णा, उज्ज्यनी।
  3. चालुक्य, गुप्त, चोल, पल्लव।
  4. स्कंद गुप्त, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त मौर्य, प्रथम चन्द्रगुप्त।
  5. लड़ाई, संघर्ष, युद्ध, संधि।
  6. चंद्रगुप्त मौर्य, कुजुल कदफिस, सिमुक, समुद्रगुप्त।
  7. सम्राट, राजा, मंत्री, सुल्तान।

उत्तर :

  1. काशी
  2. कृष्णा
  3. गुप्त
  4. चन्द्रगुप्त मौर्य
  5. संधि
  6. सिमुक
  7. मंत्री।

नीचे दिए गई विवृति के साथ कौन सी व्याख्या सबसे ज्यादा सटीक है, उसे चुनकर लिखो :

1. विवृति : अशोक ने अपने साप्राज्य में पशु हत्या को बन्द किया था।
व्याख्या 1 : अपने राज्य में पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए।
व्याख्या 2 : धम्म का अनुसरण करने के लिए।
व्याख्या 3 : पशु व्यापार बढ़ाने के लिए।
उत्तर :
व्याख्या 2 : धम्म का अनुसरण करने के लिए।

2. विवृति : कुषाण सम्राट अपनी मूर्ति देवालयों में रखते थे।
व्याख्या 1 : वे देवता के वंशधर थे।
व्याख्या 2 : वे प्रजा के सामने स्वयं को देवता जैसा ही सम्मानीय के रूप में उपस्थित करते थे।
व्याख्या 3 : वे देवताओं की काफी भक्ति करते थे।
उत्तर :
व्याख्या 2 : वे प्रजा के सामने स्वयं को देवता जैसा ही सम्मानीय के रूप में उपस्थित करते थे।

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3. विवृति : गुप्त सम्राट बड़ी-बड़ी उपाधियाँ लेते थे।
व्याख्या 1 : उपाधि सुनने में अच्छा लगता था।
व्याख्या 2 : प्रजा देती थी।
व्याख्या 3 : सम्राट इसके जरिए अपनी विशाल क्षमता का प्रदर्शन करते थे।
उत्तर :
व्याख्या 3 : सम्राट इसके जरिए अपनी विशाल क्षमता का प्रदर्शन करते थे।

4. विवृति : सुयान जांग चीन से भारतीय उपमहादेश में आए थे।
व्याख्या 1 : भारतीय उपमहादेश घूमने के लिए।
व्याख्या 2 : हर्षवर्धन के शासन के विषय में पुस्तक लिखने के लिए।
व्याख्या 3 : बौद्ध धर्म के बारे में और अधिक पढ़ाई-लिखाई करने के लिए।
उत्तर :
व्याख्या 2 : हर्षवर्धन के शासन के विषय में पुस्तक लिखने के लिए।

सही मिलान करो Match the following : (1 Mark)

प्रश्न 1.

स्तम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) गौतमीपुत्र सतकर्णी की राजधानी (क) थानेश्वर
(ii) कनिष्क की राजधानी (ख) पेशावर
(iii) हर्षवर्द्धन की राजधानी (ग) पुरुषपुर
(iv) अशोक की राजधानी (घ) पाटलिपुत्र

उत्तर :

स्तम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) गौतमीपुत्र सतकर्णी की राजधानी (ख) पेशावर
(ii) कनिष्क की राजधानी (ग) पुरुषपुर
(iii) हर्षवर्द्धन की राजधानी (क) थानेश्वर
(iv) अशोक की राजधानी (घ) पाटलिपुत्र

प्रश्न 2.

स्तम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) सतवाहन साम्राज्य की स्थापना (क) सिमुक
(ii) मौर्य साम्राज्य की स्थापना (ख) श्रीगुप्त
(iii) गुप्त साम्माज्य की स्थापना (ग) चन्द्रगुप्त मौर्य
(iv) कुषाण सम्राज्य की स्थापना (घ) कुजुल कदफिस

उत्तर :

स्तम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) सतवाहन साम्राज्य की स्थापना (क) सिमुक
(ii) मौर्य साम्राज्य की स्थापना (ग) चन्द्रगुप्त मौर्य
(iii) गुप्त साम्माज्य की स्थापना (ख) श्रीगुप्त
(iv) कुषाण सम्राज्य की स्थापना (घ) कुजुल कदफिस

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प्रश्न 3.

स्तम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) साम्राज्य पर शासन करने वाला (क) अर्थशास्त
(ii) कौटिल्य की रचना (ख) गुप्त सम्माट
(iii) अशोक (ग) पाटलिपुत्र
(iv) समुद्रगुप्त (घ) सम्राट
(v) गुप्त सम्राज्य के स्थापक (ङ) हर्षवर्द्धन की राजधानी
(vi) सम्राट अशोक की राजधानी (च) हर्षवर्द्धन
(vii) शिलादित्य की उपाधि (छ) 606 ई०
(viii) थानेश्वर (ज)78 ई०
(ix) हर्षवर्द्धन का सिंहासनारोहण (झ) चन्द्रगुप्त मौर्य
(x) कनिष्क को सम्राट पद प्राप्ति (অ) मौर्य सम्राट

उत्तर :

स्तम्भ (क) स्तम्भ (ख)
(i) साम्राज्य पर शासन करने वाला (क) अर्थशास्त
(ii) कौटिल्य की रचना (ख) गुप्त सम्माट
(iii) अशोक (ग) पाटलिपुत्र
(iv) समुद्रगुप्त (घ) सम्राट
(v) गुप्त सम्राज्य के स्थापक (ङ) हर्षवर्द्धन की राजधानी
(vi) सम्राट अशोक की राजधानी (च) हर्षवर्द्धन
(vii) शिलादित्य की उपाधि (छ) 606 ई०
(viii) थानेश्वर (ज)78 ई०
(ix) हर्षवर्द्धन का सिंहासनारोहण (झ) चन्द्रगुप्त मौर्य
(x) कनिष्क को सम्राट पद प्राप्ति (অ) मौर्य सम्राट